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Delhi IRS Officer Daughter Murder

Delhi IRS Officer Daughter Murder

नई दिल्ली18 मिनट पहले कॉपी लिंक पुलिस के अनुसार, 22 साल की पीड़ित घटना के समय घर में अकेली थी। दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में एक सीनियर IRS अफसर के घर में उनकी 22 साल की बेटी की हत्या कर दी गई। पुलिस ने बुधवार को घटना की जानकारी दी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि युवती के साथ पहले यौन उत्पीड़न किया गया और फिर मोबाइल फोन के चार्जिंग केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या की गई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। परिवार ने घर के एक पुराने नौकर पर शक जताया है, जिसे करीब डेढ़ महीने पहले काम से निकाला गया था। संदिग्ध आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यौन उत्पीड़न की पुष्टि के लिए फॉरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें IRS अफसर के घर पर मौजूद हैं। परिजनों को घर के अंदर संदिग्ध हालत में मिली युवती अधिकारियों के अनुसार, युवती घटना के समय घर में अकेली थी। परिवार के अन्य लोग कहां थे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। पुलिस के मुताबिक, युवती को उसके परिजनों ने घर के अंदर संदिग्ध हालत में पाया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर लिया गया है और आरोपी की तलाश के लिए कई टीमें बनाई गई हैं। आगे की जांच जारी है। IRS अफसर के घर बड़ी संख्या में पुलिसबल मौजूद हैं। घटना को लेकर अभी और जानकारी नहीं आई है। 2 दिन पहले कार पार्किंग को लेकर बिजनेसमैन की हत्या हुई थी दिल्ली में दो दिन पहले सोमवार को कार पार्किंग विवाद में 34 साल के कपड़ा व्यापारी पंकज नैयर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी गौरव शर्मा (42) का सौतेला बेटा भी शामिल है। गौरव और मृतक दोनों के बीच प्रीत विहार इलाके में अपने घर के बाहर टोयोटा फॉर्च्यूनर और BMW कार पार्क करने को लेकर विवाद हुआ था। विवाद में एक तरफ पंकज और उनके भाई पारस नैयर और दूसरी तरफ गौरव, उसके साथी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, गौरव शर्मा ने फायरिंग की। उसे घटना के तुरंत बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद पुलिस टीम ने मंगलवार सुबह उसके सहयोगियों सुनील शर्मा (41) और उसके सौतेले बेटे सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया। ————————— क्राइम से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… लेडीज संगीत में डांस करने पर महिला की हत्या: पड़ोसियों के घर देखकर भड़का जेठ, दरात से मुंह-छाती और हाथ काटे हरियाणा के रोहतक में जेठ ने दरात से काटकर अपने छोटे भाई की पत्नी की हत्या कर दी। महिला पड़ोसियों के यहां लेडीज संगीत पर गई थी। वहां उसे डांस करता देख जेठ भड़क गया। जैसे ही वह घर आई तो उसने दरात से हमला किया। उसने सिर, मुंह, छाती, हाथ समेत शरीर के कई हिस्सों पर वार किए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कोई व्यक्ति बेहोश हो जाए तो उसे नहीं पिलाना चाहिए पानी, डॉक्टर बोले- ऐसा करना बेहद खतरनाक

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Last Updated:April 22, 2026, 13:44 IST Unconscious Patient Care Tips: जब भी कोई व्यक्ति बेहोश हो जाता है, तब वहां मौजूद लोग उसे पानी पिलाने की कोशिश करते हैं. हालांकि यह गलती जानलेवा साबित हो सकती है. इमरजेंसी के डॉक्टर लोकेंद्र गुप्ता के अनुसार बेहोश व्यक्ति को पानी पिलाना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे सांस नली में रुकावट हो सकती है और व्यक्ति की मौत हो सकती है. ऐसी स्थिति में सही फर्स्ट एड देना और तुरंत चिकित्सा सहायता देना जरूरी होता है. बेहोश होने पर व्यक्ति को सीपीआर देना चाहिए, ताकि हार्ट अटैक की कंडीशन में जान बच सके. What To Avoid in Emergency Situations: कई बार लोग अचानक बेहोश हो जाते हैं, जिसकी कई वजह हो सकती हैं. जब भी कोई व्यक्ति बेहोश होकर गिरता है, तब आसपास मौजूद लोग आमतौर पर उसके चेहरे पर पानी छिड़कते हैं और उसे पानी पिलाने की कोशिश करते हैं. डॉक्टर्स के अनुसार बेहोश व्यक्ति को पानी पिलाने की आदत खतरनाक होती है. कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है. मरीज की जान बचाने के लिए उठाया गया यह कदम हालत को और बिगाड़ सकता है. ऐसे में सभी के लिए जानना जरूरी है कि अगर कोई व्यक्ति बेहोश हो जाए, तो उसे फर्स्ट ऐड कैसे देनी चाहिए. लखनऊ के मेदांता हॉस्पिटल के इमरजेंसी डिपार्टमेंट के हेड डॉ. लोकेंद्र गुप्ता ने News18 को बताया जब कोई व्यक्ति बेहोश होता है, तो उसका शरीर सामान्य तरीके से काम नहीं कर रहा होता है. इस दौरान उसकी निगलने की क्षमता प्रभावित हो जाती है. ऐसे में अगर उसे पानी पिलाया जाए, तो पानी सांस की नली में रुक सकता है. इससे फेफड़ों में पानी जा सकता है और सांस रुक सकती है. कई बार यह गलती जानलेवा भी साबित होती है. बिना कारण जाने बेहोश व्यक्ति को पानी पिलाना समस्या को ठीक नहीं करता, बल्कि कई बार स्थिति को और जटिल बना सकता है. उदाहरण के लिए अगर व्यक्ति को हाइपोग्लाइसीमिया के कारण बेहोशी आई है, तो उसे सही इलाज और ग्लूकोज की जरूरत होती है. पानी पिलाने से कुछ फायदा नहीं होगा. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. डॉक्टर के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति बेहोश हो जाए, तो सबसे पहले उसे सुरक्षित स्थिति में लिटाएं. उसे करवट की पोजीशन में रखें, ताकि अगर उल्टी हो तो वह सांस की नली में न जाए. उसके आसपास भीड़ न लगाएं और ताजा हवा मिलने दें. उसके कपड़े ढीले कर दें और यह जांचें कि वह सांस ले रहा है या नहीं. अगर सांस महसूस न हो, तो तुरंत एंबुलेंस बुलाना जरूरी है. अगर व्यक्ति कुछ देर बाद होश में आ भी जाए, तब भी उसे तुरंत पानी पिलाने की बजाय पहले उसकी स्थिति को समझें. धीरे-धीरे उसे बैठाएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही कुछ पिलाएं या खिलाएं. अगर बार-बार बेहोशी आ रही है या व्यक्ति पूरी तरह से होश में नहीं आ रहा, तो बिना देरी किए अस्पताल ले जाना चाहिए. एक्सपर्ट की मानें तो अगर बेहोश होने के बाद व्यक्ति सांस नहीं ले रहा है या नाड़ी महसूस नहीं हो रही, तो तुरंत CPR शुरू करना चाहिए. अगर आपको इसकी ट्रेनिंग हो तो और भी बेहतर है. साथ ही आसपास मौजूद लोगों को तुरंत एंबुलेंस बुलाने के लिए कहना चाहिए. कई बार बेहोशी का कारण हार्ट अटैक, स्ट्रोक या हीट स्ट्रोक भी हो सकता है, जिनमें हर सेकंड कीमती होता है. ऐसे में घबराने के बजाय सतर्क रहकर सही प्राथमिक उपचार देना ही सबसे जरूरी कदम है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें First Published : April 22, 2026, 13:44 IST

युक्तियाँ ठंडे पानी के टैंक के लिए: गर्मियों में छत पर रेकी प्लाजा से आता है घोलता पानी? अपनाएं ये आसान जुगाड़, मिलेगा ठंडा पानी

पानी की टंकी को ठंडा करने की युक्तियाँ

22 अप्रैल 2026 को 13:41 IST पर अपडेट किया गया वॉटर टैंक कूलिंग टिप्स: गर्मियों के मौसम में सबसे आम परेशानी है पानी की जरूरत सबसे ज्यादा गर्म होना। दोपहर के समय यह समस्या और बढ़ती जा रही है, जिससे संस्थान से लेकर रसोई तक का काम मुश्किल हो गया है। हालाँकि, कुछ आसान टिप्स अपनाकर इस परेशानी को काफी हद तक कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं फोटो गैलरी के बारे में आसान उपाय के जरिए। अनुसरण करना : पानी की मंज़िल छत पर रखी जाती है, उस पर औसत धूप बनी हुई है। प्लास्टिक की टंकियां जल्दी गर्म हो जाती हैं और अगर प्लास्टिक की टंकियां जल्दी गर्म हो जाती हैं तो वह सबसे ज्यादा हिट होती हैं। इसी वजह से पानी गर्म होता है। छवि: फ्रीपिक सुपरमार्केट के अंदर या ऊपर थर्माकोल के उपयोग से गर्मी को अंदर जाने से रोका जा सकता है। थर्माकोल एक अच्छा इंसुलेटर होता है, जो पानी के तापमान को कम रखने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक मछली के उपले, जूट की बोरी या किसी भी कवर्ड से भी पानी का तापमान कम किया जा सकता है। यह साधन धूप की सीधी गर्मी को रोकने में मदद करता है। छवि: फ्रीपिक अगर आपके खिलौने का रंग काला है तो उसे सफेद रंग से पेंट कर लें। सफेद रंग की धूप को रिफ्लेक्ट करता है, मच्छरदानी का पानी जल्दी गर्म नहीं होता है। छवि: फ्रीपिक टिन या प्लास्टिक की छत के ऊपर टिन या प्लास्टिक की छत का निर्माण कर उसे सीधे सूर्य की रोशनी से मोड़ा जा सकता है। इससे पानी का तापमान काफी हद तक कम रहता है। छवि: फ्रीपिक सुबह या शाम के समय प्लेटफार्म में पानी की कमी की कोशिश करें। इससे पानी अधिक गर्म नहीं होता है और इसका उपयोग बेहतर जीवन के लिए किया जाता है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 22 अप्रैल 2026 13:41 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)पानी की टंकी को ठंडा करने के टिप्स(टी)गर्मियों में पानी की टंकी को ठंडा कैसे रखें(टी)गर्मी में पानी की समस्या का समाधान(टी)टैंक के पानी को गर्म करने का समाधान(टी)घर को ठंडा करने के तरीके(टी)छत पर पानी की टंकी के टिप्स(टी)पानी के तापमान को कम करने के लिए टैंक(टी)ग्रीष्मकालीन घरेलू टिप्स भारत

Gold Silver Rates Fall | India Bullion Prices April 24 2026

Gold Silver Rates Fall | India Bullion Prices April 24 2026

नई दिल्ली35 मिनट पहले कॉपी लिंक सोना-चांदी के दाम में आज यानी 22 अप्रैल को गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 105 रुपए गिरकर 1,52,250 रुपए पर आ गया है। इससे पहले 21 अप्रैल को इसकी कीमत 1,52,355 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 836 रुपए गिरकर 2,49,677 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2,50,513 रुपए प्रति किलो थी। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: एक शहर से दूसरे शहर सोना ले जाने में ईंधन और सुरक्षा खर्च जुड़ता है, जिससे दूरी बढ़ने पर दाम बढ़ते हैं। खरीदारी की मात्रा: दक्षिण भारत में ज्यादा खपत (करीब 40%) के कारण ज्वेलर्स बड़ी खरीद करते हैं, लेकिन छूट का फायदा सीमित रहता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: राज्य और शहर के ज्वेलरी एसोसिएशन स्थानीय मांग-सप्लाई के आधार पर रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स का खरीदी रेट तय करता है कि वे ग्राहकों को कितनी कीमत में बेचेंगे। सोना इस साल 19 हजार और चांदी 20 हजार रुपए महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 19 हजार रुपए और चांदी 20 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को 10g सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.52 लाख रुपए पर पहुंच गया है। वहीं, चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑलटाइम हाई भी बनाया था। विदेशी जेवर मंगाने के लिए लाइसेंस लेना होगा सरकार ने सोने-चांदी और प्लेटिनम के गहनों को ‘फ्री’ कैटेगरी से हटाकर ‘रिस्ट्रिक्टेड’ कैटेगरी में डाल दिया है। इसका सीधा असर बाजार की सप्लाई पर दिख रहा है, जिससे सोना-चांदी की कीमतें बढ़ रही हैं। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, अब इन कीमती धातुओं से बनी ज्वेलरी किसी भी देश से मंगाने के लिए सरकार से विशेष लाइसेंस या परमिशन लेना होगा। सरकार ने यह कदम फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए उठाया है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का निधन:यूपी में घर पर हार्ट अटैक आया; मासूम शर्मा के साथ भी काम कर चुकीं

हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही का निधन:यूपी में घर पर हार्ट अटैक आया; मासूम शर्मा के साथ भी काम कर चुकीं

हरियाणवी एक्ट्रेस दिव्यांका सिरोही (30) का निधन हो गया। बताया गया है कि मंगलवार देर रात घर पर ही इन्हें हार्ट अटैक आया। परिवार के लोग उन्हें अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। हरियाणवी इंडस्ट्री से जुड़े कलाकारों ने दिव्यांका के निधन पर शोक व्यक्त किया है। हालांकि, दिव्यांका के परिवार की तरफ से अभी कोई बयान सामने नहीं आया। दिव्यांका मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली थीं। फिलहाल वह गुरुग्राम में रह रही थीं। उन्होंने सिंगर मासूम शर्मा के साथ भी कई गानों में काम किया है। उनके इंस्टाग्राम पर एक 1.3 मिलियन फॉलोअर्स हैं। गाजियाबाद में रह रहा परिवार दिव्यांका सिरोही का जन्म 19 नवंबर 1996 को बुलंदशहर में हुआ था। उन्होंने मेरठ स्थित चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से बीसीए की। इसके बाद सिक्किम से MBA की। दिव्यांका का एक भाई हिमांशु, बहनें दिपांशु और जसमीत हैं। वे अपने माता-पिता और दादी के साथ फिलहाल गाजियाबाद में रह रहे हैं। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं

dry bitter gourd benefits | natural ways to control diabetes | सूखे करेले के फायदे |

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Last Updated:April 22, 2026, 13:35 IST Natural Ways to control Diabetes: उत्तराखंड के बागेश्वर और अन्य पहाड़ी इलाकों में सूखा करेला केवल एक सब्जी नहीं, बल्कि सदियों पुराना एक घरेलू नुस्खा है. आयुर्वेद के गुणों से भरपूर यह सूखा करेला डायबिटीज के मरीजों के लिए किसी वरदान से कम नहीं माना जाता. इसमें मौजूद प्राकृतिक इंसुलिन और फाइबर न केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित करते हैं, बल्कि लिवर को डिटॉक्स करने और वजन घटाने में भी जादू की तरह काम करते हैं. पहाड़ों में आज भी लोग इसे धूप में सुखाकर साल भर के लिए सुरक्षित रखते हैं और खाली पेट इसके पानी का सेवन करते हैं. जानिए कैसे ये हार्ट हेल्थ से लेकर चमकती त्वचा तक, शरीर को अंदर से फौलाद बना सकता है. उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में सूखा करेला खासतौर पर डायबिटीज मरीजों के लिए किसी औषधि से कम नहीं माना जाता है. इसमें चारेंटिन और इंसुलिन जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. नियमित रूप से सूखे करेले का सेवन करने से शरीर की ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म प्रक्रिया बेहतर होती है. पहाड़ों में लोग इसे रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट पीते हैं, जिससे शुगर लेवल संतुलित रहता है. यह प्राकृतिक उपाय लंबे समय तक सुरक्षित तरीके से शुगर कंट्रोल करने में सहायक हो सकता है, लेकिन दवा लेने वाले मरीजों को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. सूखा करेला पाचन से जुड़ी समस्याओं को दूर करने में भी बेहद उपयोगी है. इसमें मौजूद फाइबर और कड़वे तत्व पेट की सफाई करते हैं, कब्ज, गैस, अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाते हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में इसे चूर्ण बनाकर गुनगुने पानी के साथ लिया जाता है, जिससे पाचन क्रिया तेज होती है. यह आंतों को साफ रखता है, शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है. नियमित सेवन से भूख भी बढ़ती है, पेट हल्का महसूस होता है. जिन लोगों को लंबे समय से पाचन संबंधी समस्याएं हैं, उनके लिए सूखा करेला एक सरल और घरेलू उपाय के रूप में काम करता है. सूखा करेला खून को साफ करने में मदद करता है, जिससे त्वचा से जुड़ी कई समस्याएं दूर हो सकती हैं. पहाड़ों में लोग इसे त्वचा रोगों और मुंहासों से बचाव के लिए इस्तेमाल करते हैं. खून में मौजूद विषैले तत्वों को बाहर निकालने से त्वचा साफ और चमकदार बनती है. इसके नियमित सेवन से फोड़े-फुंसी, एलर्जी और दाग-धब्बों में भी कमी देखी जाती है. प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण होने के कारण यह त्वचा को अंदर से स्वस्थ बनाता है. यह उन लोगों के लिए खासतौर पर फायदेमंद है, जिन्हें बार-बार स्किन प्रॉब्लम होती है, जो बिना दवाओं के प्राकृतिक तरीके अपनाना चाहते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google सूखे करेले में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं. पहाड़ी क्षेत्रों में बदलते मौसम और संक्रमण से बचने के लिए लोग इसका सेवन करते हैं. यह शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से लड़ने की ताकत देता है. नियमित सेवन से सर्दी-खांसी और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. यह शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाता है, उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में भी मदद करता है. इसलिए इसे प्राकृतिक इम्युनिटी बूस्टर के रूप में भी जाना जाता है. सूखा करेला लीवर की सफाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसमें मौजूद तत्व लीवर को डिटॉक्स करते हैं, उसकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाते हैं. पहाड़ों में लोग इसे शरीर से गंदगी और विषैले पदार्थों को निकालने के लिए इस्तेमाल करते हैं. लीवर स्वस्थ रहने से पाचन क्रिया सही रहती है और शरीर में ऊर्जा बनी रहती है. यह फैटी लीवर जैसी समस्याओं में भी मददगार माना जाता है. नियमित सेवन से लीवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है. प्राकृतिक तरीके से शरीर को साफ रखने के लिए सूखा करेला एक बेहतरीन विकल्प है. पहाड़ों में लोग इसे आज भी इस्तेमाल करते है. डॉ. ऐजल पटेल ने लोकल 18 को बताया कि जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए सूखा करेला एक अच्छा विकल्प हो सकता है. यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, शरीर में जमा अतिरिक्त चर्बी को कम करने में मदद करता है. पहाड़ी इलाकों में लोग इसे सुबह खाली पेट लेते हैं, जिससे शरीर में फैट बर्निंग प्रक्रिया तेज होती है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है, जिससे लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है. यह भूख को नियंत्रित करता है, ओवरईटिंग से बचाता है. सूखा करेला हार्ट हेल्थ के लिए भी लाभकारी माना जाता है. यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता है, अच्छे कोलेस्ट्रल को बढ़ाता है. इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम हो जाता है. पहाड़ी क्षेत्रों में इसे प्राकृतिक रूप से हृदय को मजबूत बनाने के लिए उपयोग किया जाता है. यह रक्त संचार को बेहतर करता है, ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी मदद करता है. नियमित सेवन से हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव संभव हो सकता है. इसलिए इसे दिल के लिए एक नेचुरल टॉनिक भी माना जाता है. पहाड़ों में सूखे करेले का उपयोग बेहद सरल और पारंपरिक तरीके से किया जाता है. लोग इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर धूप में सुखा लेते हैं, जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल करते हैं. इसका सबसे आम तरीका है, रातभर पानी में भिगोकर सुबह उस पानी को खाली पेट पीना है. इसके अलावा, सूखे करेले का पाउडर बनाकर एक चम्मच गुनगुने पानी के साथ लेना भी फायदेमंद माना जाता है. कुछ लोग इसे सब्जी या काढ़े के रूप में भी उपयोग करते हैं. यह सस्ता, आसानी से उपलब्ध और लंबे समय तक सुरक्षित रहने वाला घरेलू उपाय है, जिसे पहाड़ों में आज भी अपनाया जा रहा है. First Published : April 22, 2026, 13:34 IST

भागीरथपुरा की गलियों में घूमे निगम कमिश्नर:लोगों से पूछा-पानी समय पर मिल रहा है या नहीं, अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने को कहा

भागीरथपुरा की गलियों में घूमे निगम कमिश्नर:लोगों से पूछा-पानी समय पर मिल रहा है या नहीं, अधिकारियों को मॉनिटरिंग करने को कहा

भागीरथपुरा में हुए जलकांड के बाद यहां की स्थिति बेहतर करने के लिए लगातार नगर निगम काम कर रहा है। यहां नई पाइप लाइन बिछाने के साथ ही ड्रेनेज और सड़कों का काम किया जा रहा है। इस काम की जमीनी हकीकत जानने के लिए बुधवार को नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल अधिकारियों के साथ मैदान में उतरे और भागीरथपुरा की गलियों में घूमकर मौके की स्थिति देखी। इस दौरान उन्होंने रहवासियों से भी बात की और काम की जानकारी ली। उन्होंने यहां चल रहे कामों को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी गाइडेंस दिया, ताकि काम और बेहतर हो सके। इन कामों की जानी जमीनी हकीकत नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने अपनी टीम के साथ नर्मदा वाटर सप्लाई, सीवरेज लाइन और रोड निर्माण के कामों की स्थिति देखी। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि सभी कामों को क्वालिटी के साथ समय पर पूरा किया जाए। बता दें कि भागीरथपुरा के 95% से ज्यादा इलाके में पाइप लाइन से पानी सप्लाई करने का काम पूरा हो गया है और सप्लाई की जा रही है। जबकि बाकी जगह टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही है। अधिकारियों से कहा नियमित मॉनिटरिंग करें निगम कमिश्नर ने कामों को देखने के दौरान अधिकारियों को यहां चल रहे रोड निर्माण, रेस्टोरेशन के काम की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा है। उन्होंने कहा कि इन कामों की नियमित रूप से मॉनटिरिंग की जाए, ताकि काम समय पर पूरा हो सकें। लोगों से पूछा समय पर पानी आ रहा है ना नहीं निगम कमिश्नर भागीरथपुरा की गलियों में घूम रहे थे, इस दौरान उन्होंने यहां पानी की सप्लाई को लेकर भी अधिकारियों से जानकारी ली। इसके साथ ही यहां रहवासियों से भी बातचीत की और पानी की सप्लाई के बारे में जाना। उन्होंने लोगों से पूछा कि उन्हें पानी समय पर मिल रहा है या नहीं। लोगों ने भी कहा कि पानी की सप्लाई नियमित रूप से हो रही है। बताया जा रहा है कि पानी की सप्लाई के समय को लेकर भी लोगों ने अपनी बात रखी। निगम कमिश्नर ने अधिकारियों को पानी की सप्लाई के दौरान नियमित सैंपलिंग करने और क्लोरिनेशन प्रोसेस को लगातार सुनिश्चित करने को कहा, ताकि लोगों को साफ और सुरक्षित पानी मिल सके।

Uttar Pradesh Prayagraj Up board Exam 10th & 12th Result Breaking News Video

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यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा का रिजल्ट कल यानी 23 अप्रैल को जारी होगा। छात्र ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि गुरुवार शाम 4 बजे रिजल्ट जारी किया जाएगा। पिछले साल 25 अप्रैल को परीक्षा पर . उन्होंने बताया- यूपी बोर्ड के रिजल्ट जारी होने के साथ ही 10वीं और 12वीं के टॉपर्स स्टूडेंट्स की लिस्ट भी जारी की जाएगी। जो छात्र-छात्राएं राज्य भर में टॉप पोजिशन हासिल करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से सम्मानित किया जाएगा। ऐसे चेक करें रिजल्ट> क्लिक करें 50 लाख से ज्यादा बच्चों ने दी थी परीक्षा यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद के मुताबिक, 2026 में 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा के लिए कुल 52 लाख 30 हजार 297 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। हाईस्कूल में 27 लाख 50 हजार 945 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हुए थे, जिनमें 14 लाख 38 हजार 682 छात्र और 13 लाख 12 हजार 263 छात्राएं रहीं। वहीं, इंटरमीडिएट में 24 लाख 79 हजार 352 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया था। परीक्षाएं सभी 75 जिलों में 8033 केंद्रों पर 18 फरवरी से शुरू हुईं। दो पालियों में परीक्षा हुई। 12 मार्च को परीक्षा समाप्त हुई। 2.87 लाख छात्र-छात्राओं ने परीक्षा छोड़ दी। इनमें हाईस्कूल के परीक्षार्थियों की संख्या 1.61 लाख और इंटरमीडिएट के छात्र-छात्राओं की संख्या 1.26 लाख है। 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे, 4 अप्रैल तक मूल्यांकन चला प्रदेश में कुल 254 मूल्यांकन केंद्र बनाए गए थे। कॉपी चेक करने के लिए कुल 1 लाख 52 हजार 780 शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी, जिनमें हाईस्कूल के लिए 96 हजार 804 और इंटरमीडिएट के लिए 55 हजार 976 परीक्षक शामिल थे। 18 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक मूल्यांकन चला। इस साल 2 करोड़ 80 लाख उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन किया गया। इसमें हाईस्कूल की करीब 1 करोड़ 57 लाख और इंटरमीडिएट की 1 करोड़ 23 लाख कॉपियां शामिल थीं। फेल स्टूडेंट्स भी हो सकेंगे पास यूपी बोर्ड रिजल्ट-2026 जारी होने के बाद जो एक या दो विषयों में फेल हो जाएंगे, ऐसे स्टूडेंट्स को भी पास होने का एक मौका रहेगा। नतीजे जारी होने के बाद UPMSP (उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद) की ओर से कंपार्टमेंट के लिए आवेदन लिए जाएंगे। छात्र तय डेट में फॉर्म भरकर दोबारा फेल होने वाले विषय की परीक्षा दे सकेंगे। इससे उनका साल खराब होने से बच जाएगा। इसके अलावा कोई छात्र किसी विषय में प्राप्त नंबर से संतुष्ट नहीं होगा तो वे स्क्रूटिनी के लिए भी आवेदन कर सकेगा। इसके बाद कॉपी की दोबारा जांच की जाएगी। सभी छात्रों को स्क्रूटिनी और कंपार्टमेंट एग्जाम में प्राप्त अंक ही अंतिम माने जाएंगे। डिजिलॉकर पर मिलेगी मार्कशीट यह दूसरी बार होगा कि रिजल्ट जारी किए जाने के बाद मार्कशीट डिजिलॉकर पर उपलब्ध करा दी जाएगी। इसके बाद पहले की तरह स्कूलों के जरिए हार्ड कॉपी उपलब्ध कराई जाएगी। कैसा था 2025 का रिजल्ट? 10वीं में जालौन के यश ने टॉप किया था 2025 के रिजल्ट में 10वीं में जालौन के यश ने टॉप किया था। उन्हें 97.83% अंक मिले थे। 97.67% अंकों के साथ इटावा की अंशी और बाराबंकी के अभिषेक दूसरे स्थान पर रहे। तीसरे स्थान पर मुरादाबाद की रितू गर्ग, सीतापुर के अर्पित वर्मा और जालौन की सिमरन गुप्ता रहीं। सभी को 97.50% अंक मिले। अव्वल जिलों की बात करें तो आगरा सबसे आगे रहा। यहां के 94.99% अभ्यर्थी पास हुए हैं। 94.67% के साथ बस्ती दूसरे नंबर पर, जबकि 94.60% के साथ मथुरा तीसरे स्थान पर रहा। वहीं, फिसड्डी जिलों में सोनभद्र सबसे आगे रहा। यहां सिर्फ 74.72% अभ्यर्थी पास हुए हैं। 12वीं में टॉप-3 में 5 छात्राएं और एक छात्र था 12वीं में लड़कियों ने बाजी मारी थी। प्रयागराज की महक जायसवाल ने 97.20% के साथ प्रदेश में टॉप किया था। महक के पिता दिहाड़ी मजदूर हैं। दूसरे नंबर पर अमरोहा की साक्षी, सुल्तानपुर के आदर्श यादव, प्रयागराज की शिवानी सिंह और कौशांबी की अनुष्का सिंह रहीं। इन सभी को 96.80% अंक मिले। इटावा की मोहिनी 96.40% अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। इस तरह टॉप-3 में 5 छात्राएं और एक छात्र है। लड़कियां, लड़कों से 10% ज्यादा पास हुई हैं। अमेठी जिले का पासिंग प्रतिशत सबसे ज्यादा 92.65, जबकि चंदौली का सबसे कम 65.70% रहा। ———————- ये खबर भी पढ़िए- यूपी में पारा@44.4°C, सड़कों पर पानी डाला जा रहा: 30 जिलों में लू चलेगी, भालू को 8 किलो की फ्रूट आइसक्रीम खिलाई यूपी में भीषण गर्मी पड़ रही है। आज यानी बुधवार को 30 जिलों में हीट वेव (लू) का अलर्ट है। सुबह से तेज धूप निकली है। आगरा और अयोध्या में इतनी भीषण गर्मी है कि प्रशासन सड़कों पर पानी की बौछारें डलवा रहा है। वहीं गोरखपुर जू में गर्मी से बचाने के लिए भालुओं को 8-8 किलोग्राम की फ्रूट आइसक्रीम खिलाई जा रही है। पूरी खबर पढ़िए

सिर्फ काटना ही नहीं, कुत्ते का ‘चाटना’ भी दे सकता है खौफनाक मौत! जानें डॉक्टर की चेतावनी – News18 हिंदी

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X काटना ही नहीं, कुत्ते का ‘चाटना’ भी दे सकता है खौफनाक मौत! जानें चेतावनी   Rabies Prevention Tips: अक्सर हम सड़क चलते कुत्तों के चाटने या उनके नाखून से आई हल्की खरोंच को मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है. चिकित्सा विशेषज्ञ डॉ.देवेश चटर्जी ने चेतावनी दी है कि रेबीज एक लाइलाज बीमारी है. जिसमें संक्रमण के बाद मरीज का बचना लगभग असंभव होता है. डॉ.चटर्जी ने रेबीज के खतरे को तीन श्रेणियों में बांटा है. पहली श्रेणी में केवल चाटना आता है जहां त्वचा सुरक्षित हो. दूसरी श्रेणी में त्वचा का छिलना या हल्की खरोंच शामिल है. जबकि तीसरी श्रेणी में गहरा घाव और खून निकलना आता है. डॉक्टर के अनुसार यदि कुत्ता आवारा है और उसकी लार आपकी कटी हुई त्वचा, आंख या मुंह के संपर्क में आती है तो रेबीज का खतरा शत-प्रतिशत बढ़ जाता है. भले ही आपके पालतू कुत्ते को बूस्टर डोज लगा हो, फिर भी उसके काटने या खरोंचने पर डॉक्टर की सलाह और इंजेक्शन लेना अनिवार्य है. डॉ.देवेश बताते हैं कि रेबीज से होने वाली मौत बेहद दर्दनाक होती है. इसलिए किसी भी संदेह की स्थिति में तुरंत टीकाकरण करवाएं. सुरक्षा ही इसका एकमात्र उपचार है.

ब्रिटेन- 2008 के बाद जन्मे बच्चे तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे:दोनों सदनों में पास हुआ जनरेशन बैन कानून, 1 जनवरी 2027 से लागू

ब्रिटेन- 2008 के बाद जन्मे बच्चे तंबाकू नहीं खरीद पाएंगे:दोनों सदनों में पास हुआ जनरेशन बैन कानून, 1 जनवरी 2027 से लागू

ब्रिटेन ने धूम्रपान को रोकने के लिए बहुत सख्त कदम उठाया है। अब वहां नई पीढ़ी के लोगों के लिए सिगरेट खरीदना हमेशा के लिए बंद करने की तैयारी हो गई है। सरकार ने टोबैको एंड वेप्स बिल पास कर दिया है। इसके तहत 2008 के बाद पैदा हुए लोग जिंदगी भर तंबाकू से जुड़ी चीजें नहीं खरीद पाएंगे। यह बिल संसद के दोनों सदनों हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स से पास हो चुका है। अब सिर्फ किंग चार्ल्स III की औपचारिक मंजूरी बाकी है, जो आमतौर पर सिर्फ एक प्रक्रिया होती है। सरकार ने यह बिल 2024 में पेश किया था और इसे अपनी बड़ी प्राथमिकताओं में रखा था। नए नियम के अनुसार, 1 जनवरी 2027 से तंबाकू खरीदने की न्यूनतम उम्र हर साल एक साल बढ़ती जाएगी। यानी जो लोग 2009 या उसके बाद पैदा हुए हैं, वे कभी भी सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे। ई-सिगरेट पर भी सख्ती वेपिंग (ई-सिगरेट) पर भी सख्ती की गई है। स्कूल, अस्पताल और बच्चों के खेलने की जगहों पर स्मोकिंग पूरी तरह बंद होगी। कई इनडोर जगहों पर वेपिंग भी नहीं कर सकेंगे। अगर कोई 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति के साथ कार में वेपिंग करता है, तो वह भी गैरकानूनी होगा। अगर दुकानदार नियम तोड़ते हैं, तो उन पर जुर्माना लगेगा। तंबाकू और वेपिंग के विज्ञापनों पर भी रोक होगी। सरकार इन चीजों की बिक्री और आयात पर नजर रखने के लिए नया रजिस्ट्रेशन सिस्टम भी लाएगी। सरकार का कहना है कि इससे आने वाले समय में स्मोक-फ्री जनरेशन”ट तैयार होगी और धूम्रपान से होने वाली बीमारियां और मौतें कम होंगी। हालांकि कुछ लोग और कारोबारी इसे बहुत सख्त बता रहे हैं और कह रहे हैं कि लोगों को जागरूक करना ज्यादा जरूरी है। ब्रिटेन में हर साल तंबाकू से 76 हजार मौतें ब्रिटिश सरकार ने यह सख्त कदम इसलिए उठाया है क्योंकि धूम्रपान वहां लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक यहां हर साल 76,000 से ज्यादा लोग सिगरेट से जुड़ी बीमारियों जैसे कैंसर, दिल की बीमारी और फेफड़ों की समस्या से जान गंवा देते हैं। सरकार का कहना है कि ज्यादातर लोग कम उम्र में ही सिगरेट पीना शुरू कर देते हैं। बाद में यह आदत छोड़ना मुश्किल हो जाता है, इसलिए शुरू से ही नई पीढ़ी को इससे दूर रखना जरूरी है। धूम्रपान की वजह से इलाज पर काफी पैसा खर्च होता है, जिससे ब्रिटेन की स्वास्थ्य सेवा (NHS) पर दबाव बढ़ता है। अगर लोग कम धूम्रपान करेंगे, तो यह बोझ भी कम होगा। इसके अलावा, बीमार होने की वजह से लोगों का काम भी प्रभावित होता है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ता है। सरकार पहले भी चेतावनी और टैक्स जैसे उपाय कर चुकी है, लेकिन उससे पूरी तरह फर्क नहीं पड़ा। इसलिए अब सख्त कानून बनाकर नई पीढ़ी को तंबाकू से दूर रखने की कोशिश की जा रही है। न्यूजीलैंड यह कानून लागू करने वाला पहला देश न्यूजीलैंड पहला देश था जिसने यह आइडिया दिया कि एक तय साल के बाद पैदा हुए लोग कभी सिगरेट नहीं खरीद पाएंगे। न्यूजीलैंड सरकार देश को सिगरेट-तम्बाकू से मुक्त करना चाहती थी इसलिए यह कानून बनाया गया था। दिसंबर 2022 में न्यूजीलैंड संसद में तम्बाकू-सिगरेट को बैन करने वाला स्मोक फ्री एनवायरनमेंट कानून पास हो गया था। इसके तहत ऐसे लोग जिनका जन्म 2008 के बाद हुआ है, वो किसी भी तरह के स्मोकिंग प्रोडक्ट्स नहीं खरीद सकते थे। बाद में 2024 में सरकार बदलने पर यह कानून वापस ले लिया गया। सरकार ने तर्क दिया कि इससे टैक्स कटौती के लिए राजस्व जुटाने में मदद मिलेगी। 70 से ज्यादा देशों में स्मोक-फ्री पॉलिसी विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार: 2004 में आयरलैंड पहला देश बना जिसने कार्यस्थलों, रेस्टोरेंट और बार में स्मोकिंग बैन लागू किया। 2007 तक सिर्फ 10 देशों में इनडोर स्मोकिंग बैन था। 2023 तक दुनिया की 71% आबादी (करीब 5.6 अरब लोग) किसी न किसी स्मोक-फ्री नीति के दायरे में आ चुकी है।