Monday, 08 Jun 2026 | 09:40 AM

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MS Dhoni Rohit Sharma; CSK Vs MI IPL 2026 LIVE Score Update

MS Dhoni Rohit Sharma; CSK Vs MI IPL 2026 LIVE Score Update

स्पोर्ट्स डेस्क1 घंटे पहले कॉपी लिंक IPL में आज एल-क्लासिको मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) का सामना चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) से मुंबई में होगा। मैच MI के होम ग्राउंड वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से शुरू होगा। जबकि टॉस शाम 7:00 बजे होगा। इस मुकाबले में CSK के पूर्व कप्तान एमएस धोनी की वापसी की संभावना है, जो इस सीजन अब तक खेले गए 6 मैचों में नहीं उतरे हैं। वहीं, रोहित शर्मा भी चोट से उबरकर इस मैच में वापसी कर सकते हैं, उन्होंने पिछले दो मुकाबले मिस किए थे। इस सीजन दोनों टीमों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। दोनों ने 6 में से सिर्फ 2 मैच जीते हैं, जबकि 4 में हार का सामना करना पड़ा है। बेहतर नेट रनरेट के कारण मुंबई इंडियंस 7वें स्थान पर है, जबकि चेन्नई सुपर किंग्स 8वें नंबर पर काबिज है। CSK के खिलाफ MI 3 मैच से आगे IPL की दो सबसे सफल टीमों के बीच अब तक 41 मुकाबले हुए हैं, जिसमें MI को 22, जबकि CSK को 19 में जीत मिली है। वानखेड़े में हुए 13 मैचों में भी MI की टीम 8 और CSK ने 5 मैच जीते हैं। लेकिन 2023 से दोनों टीमों के बीच हुए पांच मुकाबलों में MI सिर्फ एक ही मैच जीत पाई है। तिलक वर्मा ने पिछले मैच में शतक लगाया तिलक वर्मा इस सीजन मुंबई इंडियंस के लिए शानदार फॉर्म में नजर आए हैं। उन्होंने 6 मैचों में 144 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक शामिल है। यह शतक पिछले मैच में मुंबई के खिलाफ आया था। उनका स्ट्राइक रेट 187.01 का है। गेंदबाजी में शार्दूल ठाकुर ने जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने 5 मैचों में 6 विकेट लिए हैं, जिसमें 3/39 उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा। हालांकि उनकी इकोनॉमी 13.57 रही है, लेकिन विकेट लेने की क्षमता से उन्होंने टीम को अहम मौकों पर सफलता दिलाई है। संजू CSK के टॉप प्लेयर्स संजू सैमसन इस सीजन चेन्नई सुपर किंग्स के लिए शानदार लय में दिखे हैं। उन्होंने 6 मैचों में 192 रन बनाए हैं, जिसमें एक शतक शामिल है। 174.54 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी करते हुए सैमसन ने टीम को तेज शुरुआत दी है। वहीं गेंदबाजी में अंशुल कंबोज ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है। उन्होंने 6 मैचों में 13 विकेट झटके हैं, जिसमें 3/22 उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा। 9.73 की इकोनॉमी के साथ कंबोज ने लगातार विकेट निकालकर CSK की गेंदबाजी को मजबूती दी है। इस सीजन वानखेड़े में चौथा मैच वानखेड़े स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों के लिए काफी मददगार मानी जाती है, जहां अक्सर हाई-स्कोरिंग मुकाबले देखने को मिलते हैं। हालांकि, नई गेंद से तेज गेंदबाजों को थोड़ी बहुत सहायता भी मिलती है। इस मैदान पर अब तक IPL के 126 मैच खेले जा चुके हैं, जिनमें से 58 मुकाबले पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं, जबकि 68 मैचों में चेज करने वाली टीम सफल रही है। इस सीजन यहां खेले गए 3 मैचों में से 2 में 200 से ज्यादा स्कोर बने हैं। वहीं, होम टीम मुंबई को एक मैच में जीत मिली है, जबकि उसे दो मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। मुंबई में आज गर्मी रहेगी मुंबई में गुरुवार को दिनभर तेज गर्मी के साथ तेज धूप रहेगी, जिससे मौसम और भी झुलसाने वाला महसूस होगा। दोपहर के समय हवा चलने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन गर्मी का असर खतरनाक रहेगा।। बारिश की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं है। तापमान 39 से 27 डिग्री सेल्सियस तक रह सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 मुंबई इंडियंस: रोहित शर्मा, क्विंटन डी कॉक, नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पंड्या (कप्तान), तिलक वर्मा, शेरफन रदरफोर्ड, मिचेल सैंटनर, क्रिष भगत, जसप्रीत बुमराह, अल्लाह गजनफर और अश्विनी कुमार। चेन्नई सुपर किंग्स: संजू सैमसन (विकेटकीपर), ऋतुराज गायकवाड (कप्तान), सरफराज खान, शिवम दुबे, महेंद्र सिंह धोनी, डेवाल्ड ब्रेविस, जेमी ओवरटन, मैथ्यू शॉर्ट, अंशुल कंबोज, नूर अहमद, मुकेश चौधरी और गुरजपनीत सिंह। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today

West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today

Hindi News National West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today | 152 Seats Bengal First Phase कोलकाता/चेन्नईकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज वोटिंग है। बंगाल में फर्स्ट फेज के 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव होंगे। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। बंगाल में TMC और BJP के बीच मुख्य मुकाबला है। यहां के सभी बूथों पर वेबकास्टिंग (लाइव मॉनीटरिंग) होगी। राज्य की बाकी 142 सीटों पर दूसरे फेज में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। तमिलनाडु में DMK+ कांग्रेस और AIADMK+ BJP के बीच मुकाबला है। तमिल एक्टर थलापति विजय की नई पार्टी TVK इस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है। महाराष्ट्र की बारामती सीट पर भी उपचुनाव है। यह सीट महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद से खाली है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ विपक्षी ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA) की ओर से कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं है। चुनाव तैयारी से जुड़ी 2 तस्वीरें… पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में महिला कर्मचारी ईवीएम लेकिन पोलिंग बूथ पहुंची है। पश्चिम बंगाल के बालुरघाट में चुनाव कर्मचारी ने धूप से बचने के लिए अपना सिर ढंक लिया। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की वोटिंग से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे के ब्लॉग से गुजर जाएं… अपडेट्स 5 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल: कुल 6.80 करोड़ वोटर्स, 5.23 लाख पहली बार मतदान करेंगे पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटे हैं। जिसमें 210 जनरल सीटें हैं। वहीं 68 सीटें एससी और 10 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। राज्य में कुल 6.8 करोड़ वोटर्स हैं। पांच लाख से ज्यादा लोग पहली बार वोट डालेंगे। वहीं 3.79 लाख वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं। फर्स्ट फेज में 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग होगी। 44,376 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। 5 मिनट पहले कॉपी लिंक 29 अप्रैल को दूसरे फेज में 142 सीटों पर मतदान होगा 6 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल: पिछले 2 चुनाव से 80% से ज्यादा वोटिंग 7 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल: 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री बंगाल में 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। 8 मिनट पहले कॉपी लिंक पहले फेज में पश्चिम बंगाल की 4 हॉट सीटें 9 मिनट पहले कॉपी लिंक ममता ने 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म किया, 15 साल से सत्ता में आजादी के बाद शुरुआती दौर (1947–1967) में कांग्रेस का वर्चस्व रहा और राज्य में स्थिर सरकारें रहीं। 1967 के बाद कांग्रेस कमजोर हुई और राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ, कई गठबंधन सरकारें बनीं। 1977 में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) सत्ता में आया और ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने। 1977 से 2011 तक करीब 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का लगातार शासन रहा। 2000 के दशक में औद्योगीकरण (सिंगूर, नंदीग्राम) को लेकर विवाद हुआ, जिससे लेफ्ट की पकड़ कमजोर हुई। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने किसान आंदोलनों के जरिए बड़ा जनसमर्थन हासिल किया। 2011 में TMC ने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की, 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म हुआ। 2016 और 2021 में TMC ने दोबारा जीत दर्ज की और ममता बनर्जी का दबदबा कायम रहा। वर्तमान में राजनीति TMC vs BJP के बीच मुख्य मुकाबले में बदल गई है, जबकि कांग्रेस-लेफ्ट सीमित भूमिका में हैं। 10 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु- 12.51 लाख वोटर्स पहली बार वोटिंग करेंगे 10 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु में पिछले 2 चुनाव से 75% से कम वोटिंग 12 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु- कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। 12 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु की 4 हॉट सीटें: सीएम स्टालिन और उनके बेटे उदयनिधि भी मैदान में 14 मिनट पहले कॉपी लिंक 1967 में पहली बार DMK ने कांग्रेस को हराया, द्रविड़ विचारधारा पर राजनीति आजादी के बाद (1947–1967) तक राज्य में कांग्रेस का वर्चस्व रहा, के. कामराज प्रमुख नेता थे। इसी दौर में पेरियार के नेतृत्व में द्रविड़ आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें सामाजिक न्याय और हिंदी विरोध मुख्य मुद्दे थे। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार क्षेत्रीय राजनीति को सत्ता में स्थापित किया। सी.एन. अन्नादुरई पहले द्रविड़ मुख्यमंत्री बने, यहीं से द्रविड़ राजनीति का दौर शुरू हुआ। उनके बाद एम. करुणानिधि ने DMK को मजबूत किया और संस्कृति-भाषा आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया। 1972 में एम.जी. रामचंद्रन (MGR) ने AIADMK बनाई, जिससे दो-दलीय राजनीति (DMK vs AIADMK) स्थापित हुई। 1970 के दशक से 2010 तक DMK और AIADMK बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं। जयललिता के दौर में AIADMK ने ‘अम्मा स्कीम्स’ के जरिए वेलफेयर पॉलिटिक्स को मजबूत किया। 2016 के बाद जयललिता और करुणानिधि के निधन से नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हुआ। 2021 के बाद एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK सत्ता में है, और आज भी राज्य की राजनीति द्रविड़ विचारधारा पर आधारित है। दैनिक भास्कर को Google पर 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ग्वालियर स्मार्ट सिटी बस सेवा फेल:11 करोड़ खर्च के बाद भी सड़कों से बसें गायब, सुनसान इलाकों में खड़ी कबाड़ बनीं

ग्वालियर स्मार्ट सिटी बस सेवा फेल:11 करोड़ खर्च के बाद भी सड़कों से बसें गायब, सुनसान इलाकों में खड़ी कबाड़ बनीं

ग्वालियर को स्मार्ट बनाने का सपना अब खुद सवालों के घेरे में है। शहरवासियों को सस्ती और बेहतर यात्रा सुविधा देने के लिए शुरू की गई स्मार्ट सिटी बसें आज खुद बदहाल हालत में खड़ी हैं। जिन बसों को शहर की लाइफलाइन बनना था, वो अब सुनसान इलाकों में कबाड़ बनकर खड़ी-खड़ी जंग खा रही हैं। साल 2023 में बड़े शोर-शराबे के साथ शुरू हुई इस योजना के तहत ग्वालियर स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने इंट्रा सिटी बस सेवा लॉन्च की थी। बसों में जीपीएस ट्रैकिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं भी लगाई गई थीं, ताकि यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित सफर मिल सके। लेकिन यह ‘स्मार्ट’ प्लान कुछ ही महीनों में दम तोड़ गया। निजी कंपनी को मिला 11 करोड़ का ठेका इस प्रोजेक्ट के लिए करीब 11 करोड़ रुपए का बजट तय किया गया था। एक निजी कंपनी को 16 इंट्रा सिटी और कुल 32 बसें (इंटरसिटी सहित) चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही निकली। ऑटो-विक्रम के आगे फेल हुई बस सेवा सूत्रों के मुताबिक, कंपनी के प्रतिनिधि शहर में पहले से चल रहे ऑटो और विक्रम के दबदबे का हवाला देकर बसों के संचालन में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे थे। नतीजा बसें धीरे-धीरे सड़कों से गायब हो गईं और साल 2023 के बाद से अब शहर के रेस कोर्स रोड, गार्डर वाली पुलिया, रेलवे ओवर ब्रिज के नीचे खंडो में खड़ी नजर आ रही हैं। GPS लगा, लेकिन सिस्टम ही ‘लॉस्ट’ बसों में जीपीएस ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए थे, ताकि हर मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। लेकिन जब बसें ही नहीं चलीं, तो ये हाईटेक सिस्टम भी बेकार साबित हुआ। सवालों के घेरे में ‘स्मार्ट’ प्लानिंग – करोड़ों रुपए खर्च करने के बाद भी जमीन पर टिकाऊ योजना क्यों नहीं बन पाई? – जिम्मेदारों की लापरवाही ने ‘स्मार्ट सिटी’ को मजाक बना दिया? जनता का आरोप- पैसा सरकारी कर्मचारी और अधिकारी डकार गए बस को लेकर हजीरा निवासी मूलचंद ने कहा कि शहर में कोई भी सरकारी बस नहीं चल रही है, सड़कों पर चलने के बजाय कबाड़ में करोड़ों रुपए की बस खड़ी हुई है। सरकार ने शहर में बस चलाने के लिए पैसा लगाया था, वह पैसा जनता का था जो फंस गया है। सरकारी दफ्तर में बैठे अधिकारी और कर्मचारी शहर में होने वाले विकास कार्यों का पैसा मिलकर खा रहे हैं। शहर में स्मार्ट सिटी सौंदर्यीकरण के कार्य भी दिखावा है। स्मार्ट सिटी सिर्फ जनता का पैसा खराब कर रही है।

West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today

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Hindi News National West Bengal & Tamil Nadu Elections Voting Today | 152 Seats Bengal First Phase कोलकाता/चेन्नई13 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में आज वोटिंग है। बंगाल में फर्स्ट फेज के 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। तमिलनाडु में सभी 234 सीटों पर चुनाव होंगे। वोटिंग सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। बंगाल में TMC और BJP के बीच मुख्य मुकाबला है। यहां के सभी बूथों पर वेबकास्टिंग (लाइव मॉनीटरिंग) होगी। राज्य की बाकी 142 सीटों पर दूसरे फेज में 29 अप्रैल को वोटिंग होगी। रिजल्ट 4 मई को आएंगे। तमिलनाडु में DMK+ कांग्रेस और AIADMK+ BJP के बीच मुकाबला है। तमिल एक्टर थलापति विजय की नई पार्टी TVK इस लड़ाई को त्रिकोणीय बना रही है। महाराष्ट्र की बारामती सीट पर भी उपचुनाव है। यह सीट महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के विमान हादसे में निधन के बाद से खाली है। अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार के खिलाफ विपक्षी ‘महा विकास अघाड़ी’ (MVA) की ओर से कोई भी उम्मीदवार मैदान में नहीं है। चुनाव तैयारी से जुड़ी 2 तस्वीरें… पश्चिम बंगाल के झाड़ग्राम में महिला कर्मचारी ईवीएम लेकिन पोलिंग बूथ पहुंची है। पश्चिम बंगाल के बालुरघाट में चुनाव कर्मचारी ने धूप से बचने के लिए अपना सिर ढंक लिया। पश्चिम बंगाल: कुल 6.80 करोड़ वोटर्स, 5.23 लाख पहली बार मतदान करेंगे पश्चिम बंगाल में कुल 294 सीटे हैं। जिसमें 210 जनरल सीटें हैं। वहीं 68 सीटें एससी और 10 सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। राज्य में कुल 6.8 करोड़ वोटर्स हैं। पांच लाख से ज्यादा लोग पहली बार वोट डालेंगे। वहीं 3.79 लाख वोटर्स 85 से ज्यादा उम्र के हैं। फर्स्ट फेज में 16 जिलों की 152 सीटों पर वोटिंग होगी। 44,376 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। पश्चिम बंगाल: 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री बंगाल में 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। ममता ने 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म किया, 15 साल से सत्ता में आजादी के बाद शुरुआती दौर (1947–1967) में कांग्रेस का वर्चस्व रहा और राज्य में स्थिर सरकारें रहीं। 1967 के बाद कांग्रेस कमजोर हुई और राजनीतिक अस्थिरता का दौर शुरू हुआ, कई गठबंधन सरकारें बनीं। 1977 में वाम मोर्चा (लेफ्ट फ्रंट) सत्ता में आया और ज्योति बसु मुख्यमंत्री बने। 1977 से 2011 तक करीब 34 साल तक लेफ्ट फ्रंट का लगातार शासन रहा। 2000 के दशक में औद्योगीकरण (सिंगूर, नंदीग्राम) को लेकर विवाद हुआ, जिससे लेफ्ट की पकड़ कमजोर हुई। ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने किसान आंदोलनों के जरिए बड़ा जनसमर्थन हासिल किया। 2011 में TMC ने लेफ्ट को हराकर सत्ता हासिल की, 34 साल का लेफ्ट शासन खत्म हुआ। 2016 और 2021 में TMC ने दोबारा जीत दर्ज की और ममता बनर्जी का दबदबा कायम रहा। वर्तमान में राजनीति TMC vs BJP के बीच मुख्य मुकाबले में बदल गई है, जबकि कांग्रेस-लेफ्ट सीमित भूमिका में हैं। तमिलनाडु- 12.51 लाख वोटर्स पहली बार वोटिंग करेंगे तमिलनाडु- कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकी आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। 1967 में पहली बार DMK ने कांग्रेस को हराया, द्रविड़ विचारधारा पर राजनीति आजादी के बाद (1947–1967) तक राज्य में कांग्रेस का वर्चस्व रहा, के. कामराज प्रमुख नेता थे। इसी दौर में पेरियार के नेतृत्व में द्रविड़ आंदोलन शुरू हुआ, जिसमें सामाजिक न्याय और हिंदी विरोध मुख्य मुद्दे थे। 1967 में DMK ने कांग्रेस को हराकर पहली बार क्षेत्रीय राजनीति को सत्ता में स्थापित किया। सी.एन. अन्नादुरई पहले द्रविड़ मुख्यमंत्री बने, यहीं से द्रविड़ राजनीति का दौर शुरू हुआ। उनके बाद एम. करुणानिधि ने DMK को मजबूत किया और संस्कृति-भाषा आधारित राजनीति को आगे बढ़ाया। 1972 में एम.जी. रामचंद्रन (MGR) ने AIADMK बनाई, जिससे दो-दलीय राजनीति (DMK vs AIADMK) स्थापित हुई। 1970 के दशक से 2010 तक DMK और AIADMK बारी-बारी से सत्ता में आती रहीं। जयललिता के दौर में AIADMK ने ‘अम्मा स्कीम्स’ के जरिए वेलफेयर पॉलिटिक्स को मजबूत किया। 2016 के बाद जयललिता और करुणानिधि के निधन से नेतृत्व परिवर्तन का दौर शुरू हुआ। 2021 के बाद एम.के. स्टालिन के नेतृत्व में DMK सत्ता में है, और आज भी राज्य की राजनीति द्रविड़ विचारधारा पर आधारित है। ————————– राज्यों में चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… इलेक्शन एक्सप्लेनर: मुस्लिम बहुल 6 जिले ममता को बनाते हैं अजेय, TMC की आधी सीटें यहीं से; क्या ममता के ‘चिकन नेक’ पर शिकंजा कसेगी बीजेपी हवा का रुख: तमिलनाडु में BJP का खाता खुलना मुश्किल, 120-140 सीटों के साथ स्टालिन की वापसी के आसार, थलापति विजय को 5 से 15 सीटें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

India Heatwave | UP Roads Water Spray, Delhi Schools Water Bell, Odisha Census Halt

India Heatwave | UP Roads Water Spray, Delhi Schools Water Bell, Odisha Census Halt

Hindi News National India Heatwave | UP Roads Water Spray, Delhi Schools Water Bell, Odisha Census Halt नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ53 मिनट पहले कॉपी लिंक देश के आधे से ज्यादा राज्यों में हीटवेव जारी है। बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, ओडिशा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कई शहरों में पारा 40°C से 45°C के बीच बना हुआ है। ओडिशा का झारसुगुड़ा बुधवार को 44.6°C तापमान के साथ देश का सबसे गर्म शहर रहा। हीटवेव को देखते हुए ओडिशा सरकार ने दोपहर के समय जनगणना प्रक्रिया पर रोक लगा दी है। यानी फील्ड स्टाफ अब जनगणना का काम सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे के दौरान नहीं करेंगे। बौध और मयूरभंज जिले में 23 अप्रैल तक सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। इधर, दिल्ली के स्कूलों में वॉटर बेल सिस्टम लागू किया जाएगा। हर 45 से 60 मिनट में घंटी बजाई जाएगी, ताकि छात्रों को पानी पीने की याद दिलाई जा सके और डिहाइड्रेशन से बचाया जा सके। देशभर से गर्मी की 5 तस्वीरें नागपुर में भीषण गर्मी के बीच लोग खुद को बचाने के लिए दुपट्टों से चेहरा ढकते नजर आए। प्रयागराज में तेज गर्मी के बीच नारियल से भरे ट्रक में एक मजदूर आराम करता दिखा। पटना में महिलाएं तपती गर्मी से बचने के लिए स्कार्फ से खुद को ढकती नजर आईं। यूपी के प्रयागराज में बुधवार को तेज गर्म हवाओं के साथ धूल से लोग परेशान रहे। पर्यटकों को गर्मी से राहत देने के लिए आगरा फोर्ट के पास पानी का छिड़काव किया गया। इस हफ्ते हीटवेव से राहत के आसार नहीं भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बुधवार को कहा कि अगले 4 से 5 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में हीटवेव की स्थिति बनी रह सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली के कुछ इलाकों में 24 और 25 अप्रैल को हीटवेव चलने की संभावना है। उत्तर प्रदेश में 25 अप्रैल और मध्य प्रदेश में 26 अप्रैल के बीच हीटवेव की स्थिति रहेगी। महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में 24 से 27 अप्रैल, जबकि बंगाल, बिहार और झारखंड में 23 अप्रैल को हीटवेव की आशंका है। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, ओडिशा और गोवा में रातें भी गर्म रह सकती हैं। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 24 अप्रैल: गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम होगा। तेलंगाना, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बिजली गिरने की संभावना है। 25 अप्रैल: छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र के कुछ इलाकों में हीटवेव चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, गुजरात, ओडिशा और तमिलनाडु में गर्म और उमस भरा मौसम रह सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Sends 2 Ton Life Support Medicine to Tanzania

India Sends 2 Ton Life Support Medicine to Tanzania

Hindi News Career India Sends 2 Ton Life Support Medicine To Tanzania | April 23 Current Affairs 28 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. रक्षा मंत्रालय ने 975 करोड़ रुपए के MoU साइन किए 21 अप्रैल को रक्षा मंत्रालय ने भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) और इलेक्ट्रो न्यूमेटिक्स एंड हाइड्रोलिक्स (इंडिया) प्राइवेट लिमिटेड के साथ लगभग 975 करोड़ रुपए का MoU साइन किया। इस MoU के तहत T-72 और T-90 टैंकों के लिए TRAWL असेंबली इक्विपमेंट खरीदे जाएंगे। ये MoU नई दिल्ली में रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में साइन हुआ। TRAWL असेंबली T-72 और T-90 टैंकों में लगाए जाने वाले इक्विपमेंट हैं, जो इंडियन आर्मी की बारूदी सुरंग भेदने की क्षमता को बढ़ाएगी। ये एंटी-टैंक बारूदी सुरंगों के जरिए गाड़ियों को निकालने के लिए एक सुरक्षित लेन बनाने के भी काम आएगी। TRAWL असेंबली एक स्वदेशी माइनफील्ड ब्रीचिंग सिस्टम है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने विकसित किया है। TRAWL असेंबली टैंकरों में आगे लगाए जाते हैं। निधन (DEATH) 2. आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम नादेंदला भास्कर राव का निधन 22 अप्रैल को आंध्र प्रदेश के पूर्व सीएम एन भास्कर राव का निधन हो गया। वे 91 साल के थे। भास्कर राव पहली बार 1978 में विधायक चुने गए थे और चेन्ना रेड्डी के मंत्रिमंडल में मंत्री के तौर पर काम किया था। 1978 में, भास्कर राव ने विजयवाड़ा से चुनाव लड़ा और कांग्रेस विधायक के तौर पर जीत हासिल की। भास्कर राव बाद में तेलुगु देशम पार्टी (TDP) में शामिल हो गए, TDP की स्थापना टी एन रामाराव ने की थी। 1983 में भास्कर राव तेलुगु देशम पार्टी (TDP) से गुंटूर जिले के वेमुरु निर्वाचन क्षेत्र से विधायक चुने गए। 1984 में उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक कदम उठाते हुए तेलुगु देशम पार्टी के संस्थापक टी एन रामाराव के खिलाफ बगावत कर सरकार गिरा दी। 1984 में भास्कर आंध्र प्रदेश के सीएम बने थे। हालांकि, उनका कार्यकाल बहुत छोटा रहा और वे एक महीने ही इस पद पर रह पाए थे। भास्कर ने NTR, मैरी चेन्ना रेड्डी और अंजैया कैबिनेट में मंत्री रहे। 1998 में खम्मम लोकसभा क्षेत्र से सांसद चुने गए। भास्कर राव ने TDP में अपने समर्थकों के साथ और कांग्रेस के समर्थन से NTR सरकार का तख्तापलट कर दिया, जब NTR उस समय हेल्थ इमरजेंसी की वजह से अमेरिका में थे। राजनीतिक तख्तापलट के बाद, भास्कर राव 16 अगस्त, 1984 को आंध्र प्रदेश के सीएम बने। हालांकि, सिर्फ 31 दिनों के लिए मुख्यमंत्री बने और 17 सितंबर 1984 तक इस पद पर रहे। मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भास्कर राव ने 1985 में प्रजास्वामी तेलुगु देशम पार्टी की बनाई। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. भारत ने तंजानिया को लाइफ सपोर्ट मेडिसिन भेजीं 21 अप्रैल को भारत ने पूर्वी अफ्रीकी देश के तंजानिया को 2 टन लाइफ सेविंग मेडिसिन भेजी हैं। ये दवाएं तंजानिया के दार ए सलाम के श्री हिंदू मंडल हॉस्पिटल में भेजी गई हैं। ये दवाएं बेहतर स्वास्थ्य और आपसी सहयोग का हिस्सा हैं। भारत के हाई कमिश्नर बिश्वदीप डे ने हॉस्पिटल ट्रस्टी कौशिक एल. रमैया को दवाओं की खेप सौंपी है। दवाओं की इस खेप में जरूरी इक्विपमेंट जैसे ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, सक्शन यूनिट, ऑक्सीमीटर, माइक्रोस्कोप और स्टेथोस्कोप के साथ-साथ इनहेलर, सीरिंज, गलब्स, पट्टियां और व्हीलचेयर जैसी जरूरी चीजें शामिल हैं। इस मेडिकल खेप से हॉस्पिटल में डायग्नोस्टिक कैपिसिटी, ट्रीटमेंट कैपविलिटी और पेशेंट केयर बेहतर होगी। ये मदद भारत- तंजानिया के आपसी सहयोग और स्वास्थ्य को बेहतर करने के लिए है। साथ ही ये डिप्लोमेटिक रिलेशन और डेवलपमेंट को बढ़ाने के लिए है। ये दवाएं भारत के इनिशिएटिव वैक्सीन मैत्री का हिस्सा हैं। जिसे 2021 में भारत ने शुरू किया था। भारत का तंजनियां को दवाएं भेजना भारत-अफ्रीका फोरम समिट फ्रेमवर्क का हिस्सा है। अफ्रीका भारत का एनर्जी, ट्रेड और मेरीटाइम पार्टनर है। भारत का ये कदम भारत और साउथ अफ्रीका के बीच साउथ कॉर्पोरेशन को बढ़ावा देगा। मिसलीनियस (Miscellaneous) 4. शेखा झील बर्ड सेंचुरी रामसर साइट बनी 22 अप्रैल को केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने यूपी की शेखा झील बर्ड सेंचुरी को रामसर साइट बनाने का ऐलान किया। एक सोशल मीडिया पोस्ट में यादव ने कहा कि ये राज्य की 12वीं और देश की 99वीं रामसर साइट है, जो भारत को एक ऐतिहासिक सदी के करीब लाती है। रामसर साइट ऐसी आर्द्रभूमि यानी Wetlands होती है, जहां पक्षियों को संरक्षित करने के लिए बेहतर माहौल दिया जाता है। ये कन्वेंशन 1971 में भारत और ईरान के बीच हुआ था। रामसर साइट बनने से लोकल लोगों को रोजगार मिलेगा और क्लाइमेट सिक्योरिटी को भी बढ़ावा मिलेगा। इस समावेशन से स्थानीय आजीविका और वैश्विक जैव विविधता के साथ-साथ जल और जलवायु सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा। सेंचुरी में सेंट्रल एशियाई फ्लाईवे हैं, जहां ठंड के मौसम में बार-हेडेड गूज, पेंटेड स्टॉर्क और कई बत्तखों जैसे प्रवासी पक्षियों का घर है। रामसर साइट ऐसी आर्द्रभूमि यानी Wetlands है जिसे इंटरनेशनल महत्व का दर्जा दिया गया है। वेटलैंड्स यानी नम जमीनों पर रामसर कन्वेंशन, सूखी जमीनों को टिकाऊ बनाने के लिए किया गया एक इंटरनेशनल एग्रीमेंट है। ये एग्रीमेंट 1971 में ईरान के रामसर में हुआ था। भारत 1 फरवरी 1982 को इस कन्वेंशन का हिस्सा बना। रामसर में शामिल होने वाले देश वेटलैंड्स को नॉमिनेट कर सकते हैं, जिन्हें रामसर साइटों के रूप में जाना जाता है, जैसे जैव विविधता, प्रवासी पक्षी, दुर्लभ प्रजातियां और हाइड्रोलॉजिकल एनवायरमेंट। रामसर नाम ईरान के रामसर शहर से आया है, यहीं ये संधि हुई थी। रामसर के तहत सभी रामसर साइटें इंटरनेशनल लेवल पर दुर्लभ प्रजातियों को संरक्षित करने के लिए काम करती हैं। 5. INS सुनयना अपने क्रू के साथ जकार्ता पहुंचा 21 अप्रैल को इंडियन नेवी का ऑफशोर पेट्रोल वेसल INS सुनयना इंडोनेशिया के जकार्ता पहुंचा है और ये INS सुनयना का तीसरा पोर्ट कॉल है। INS सुनयना हिंद महासागर में इंडियन ओशियन शिप (IOS) SAGAR इनशियेटिव के तहत इंडोनेशिया पहुंचा है। IOS- SAGAR का पूरा नाम इंडियन ओशियन शिप – सिक्योरिटी एंड ग्रोथ फॉर ऑल इन द रीजन है। INS सुनयना मलक्का और सिंगापुर जलडमरूमध्य जैसे प्रमुख ग्लोबल

Single Mother Challenges; Father Absence Impact On Child Emotions

Single Mother Challenges; Father Absence Impact On Child Emotions

Hindi News Lifestyle Single Mother Challenges; Father Absence Impact On Child Emotions | Parenting Tips 1 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं दिल्ली से हूं। मेरा बेटा 7 साल का है और मैं सिंगल मदर हूं। मैंने तलाक इसलिए लिया क्योंकि मैं एक अब्यूसिव शादी में थी। पांच साल से मैं अपने बेटे के साथ अलग रहती हूं। इन सालों में मेरे एक्स ने कभी अपने बेटे से मिलने या उससे बात करने की कोशिश नहीं की। कुछ वक्त से नोटिस कर रही हूं कि बेटा चुप रहने लगा है, जबकि पहले वह बहुत बातें करता था। अब वह अक्सर अपने पिता के बारे में मुझसे सवाल करता है। मैं उसे हर खुशी देने की कोशिश करती हूं। लेकिन समझ नहीं आता कि उसके सवालों का जवाब कैसे दूं? क्या मुझे उससे खुलकर बात करनी चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। आपने कठिन परिस्थिति में अपने और बच्चे के लिए सुरक्षित जीवन चुना, यह साहस की बात है। किसी भी अब्यूसिव रिश्ते से बाहर निकलना आसान नहीं होता। इसलिए अपने फैसले के लिए खुद को दोषी न मानें। आपने बच्चे के लिए सुरक्षित माहौल बनाने का निर्णय लिया, जो किसी भी पेरेंट की जिम्मेदारी है। आपके बेटे का पिता के बारे में सवाल पूछना स्वाभाविक है। दरअसल 6-10 साल की उम्र में बच्चों में परिवार, रिश्तों और पहचान की समझ विकसित होती है। वे दोस्तों के परिवार देखकर तुलना करते हैं और सवाल पूछते हैं। इसका मतलब यह नहीं कि बच्चा दुखी है या परवरिश में कमी है। यह संकेत है कि वह अपने जीवन और रिश्तों को समझने की कोशिश कर रहा है। आपके सवाल से लगता है कि आपकी चिंता तीन मुख्य बातों को लेकर है। पिता की अनुपस्थिति बच्चे को कैसे प्रभावित कर सकती है? बच्चे की भावनात्मक स्थिति को हेल्दी तरीके से कैसे संभाला जाए? सिंगल पेरेंटिंग का सही और हेल्दी तरीका क्या है? अब इन बातों को एक-एक करके समझते हैं। पिता की अनुपस्थिति बच्चे को कैसे प्रभावित करती है? जरूरी नहीं है कि इसका असर हमेशा नकारात्मक ही हो। बच्चे के लिए सबसे जरूरी सुरक्षित और शांत माहौल है। अगर पिता का व्यवहार हिंसक था, जिसके सामने बच्चा डरकर चुप हो जाता था तो इसका बच्चे की मेंटल ग्रोथ पर बुरा ही असर पड़ता। ऐसे माहौल में बच्चे डर के कारण अपने आप में सिमट जाते हैं। इसलिए केवल ‘पिता का होना’ जरूरी नहीं, बल्कि पॉजिटिव रोल मॉडल होना जरूरी है। अगर पिता का व्यवहार हिंसक या अपमानजनक है तो उससे दूरी बच्चे को नकारात्मक अनुभवों से बचा सकती है। बच्चे को पिता का अभाव महसूस होना स्वाभाविक है। लेकिन इसे हेल्दी तरीके से संभाला जाए तो बच्चा इमोशनली मजबूत होगा। हालांकि पिता की अनुपस्थिति से बच्चे के मन में कुछ भावनात्मक उलझनें पैदा हो सकती हैं। जैसेकि- बच्चे की भावनात्मक स्थिति को कैसे संभालें? इस स्थिति में ओपन बातचीत सबसे जरूरी है। जब बच्चा अपने पिता के बारे में सवाल पूछे तो उससे बचने या विषय बदलने की बजाय उसकी जिज्ञासा को समझें। बच्चे को यह महसूस होना चाहिए कि वह अपनी भावनाओं को खुलकर व्यक्त कर सकता है। बातचीत करते समय कुछ बातों का ध्यान रखें बच्चे को पूरी कहानी बताने की जरूरत नहीं होती। उसकी उम्र के हिसाब से सरल और संतुलित जवाब दें। उदाहरण के लिए, बच्चे से कह सकते हैं, ‘’कभी-कभी बड़े लोगों के बीच सामंजस्य नहीं बनता। इसलिए वे अलग रहने का फैसला करते हैं। इससे बच्चे के प्रति दोनों का प्यार कम नहीं होता।’’ इस स्थिति को कैसे संभालें, ग्राफिक में देखिए- जब बच्चा यह महसूस करता है कि उसकी मां उसकी बात समझती है और उसे जज नहीं करती, तो वह अपने मन की बातें शेयर करता है। सिंगल पेरेंटिंग का सही और हेल्दी तरीका क्या है? सिंगल पेरेंटिंग अपने आप में चुनौतीपूर्ण है। इसलिए कुछ बुनियादी बातों का ख्याल रखें- बच्चे को यह महसूस कराएं कि उसका परिवार भले छोटा है, लेकिन वह सुरक्षित और प्यार से भरा हुआ है। उसके साथ क्वालिटी टाइम बिताएं। जैसे साथ में कहानी पढ़ना, पार्क जाना, खेलना या दिन भर की बातें शेयर करना। दादा-दादी, मामा-मामी, चाचा-चाची या परिवार के करीबी सदस्यों के साथ बच्चे को समय बिताने का मौका दें। इससे बच्चे को अलग-अलग रिश्तों का अनुभव मिलता है और इमोशनल सपोर्ट मिलता है। हेल्दी पेरेंटिंग के लिए कुछ बातों का ध्यान रखें- बच्चे से सिंगल पेरेंटिंग पर बात करना सही? पेरेंट्स सोचते हैं कि इस विषय पर बातचीत से बच्चा दुखी हो सकता है। साइकोलॉजी के मुताबिक, बच्चों की भावनाओं को दबाने या नजरअंदाज करने से वे खत्म नहीं होतीं, बल्कि अंदर जमा हो जाती हैं। इसलिए बेहतर है कि बच्चे को खुलकर अपनी भावनाएं व्यक्त करने का स्पेस दें। जब बच्चा कहे कि ‘उसे पापा की कमी महसूस होती है’ तो उसकी भावनाओं को सुनें और समझें। उसे ये फील कराएं कि उसकी भावनाएं स्वाभाविक हैं। खुद को इमोशनली स्ट्रॉन्ग रखें बच्चे की भावनात्मक स्थिति काफी हद तक उसके पेरेंट की मानसिक स्थिति से प्रभावित होती है। अगर आप बार-बार यह महसूस करती हैं कि “मैं अकेली हूं,’’ ‘’मुझे सब कुछ अकेले ही संभालना पड़ रहा है” तो यह भाव धीरे-धीरे बच्चे तक भी पहुंच सकता है। बच्चे बहुत संवेदनशील होते हैं। वे पेरेंट्स की भावनाओं को जल्दी महसूस करते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप भावनात्मक रूप से संतुलित, खुश और स्वस्थ रहें। बच्चा मां के आत्मविश्वास को देखकर सीखता है कि वह सुरक्षित और मजबूत है। आपकी पॉजिटिव एनर्जी ही बच्चे को यह भरोसा देगी कि परिस्थितियां भले अलग हों, लेकिन हम साथ मिलकर बेहतर जीवन जी सकते हैं। पेरेंट्स को किन गलतियों से बचना चाहिए? पेरेंट्स भावनात्मक तनाव में कुछ ऐसी प्रतिक्रियाएं देते हैं, जो बच्चे के मन में भ्रम पैदा कर सकती हैं। इसलिए इन बातों से बचना जरूरी है- बच्चे के सवालों को नजरअंदाज न करें। हर बार विषय न बदलें। पिता के बारे में नकारात्मक बातें न कहें। अपनी झुंझलाहट बच्चे पर न निकालें। बच्चे की जिज्ञासा को झूठ से शांत करने की कोशिश न करें। बच्चे को लंबे समय तक अकेला न छोड़ें। अंत में

Oscar Speech on Deathbed, Refused Nehru Docu; First Film Loan

Oscar Speech on Deathbed, Refused Nehru Docu; First Film Loan

मुंबई1 घंटे पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक सत्यजीत रे को 1992 में भारत के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया गया था। एक फिल्ममेकर ने एक फिल्म बनाने की सोची, चूंकि उसमें न एक्शन था, न रोमांस, न गाने, इसलिए कोई भी प्रोड्यूसर पैसा लगाने के लिए राजी नहीं हुआ। तब उन्होंने फिल्म के लिए अपनी सेविंग, LIC पॉलिसी और यहां तक कि बीवी के जेवर भी गिरवी रख दिए और किसी तरह शूटिंग शुरू की। लेकिन बीच में ही पैसे खत्म होने के चलते शूटिंग रुक गई, तब सरकार ने लोन समझकर फिल्म बनाने के लिए पैसा दिया। जिसके चलते फिल्म किसी तरह पूरी हुई। जब फिल्म रिलीज हुई, तो पहले दो हफ्तों में रिस्पॉन्स ठंडा रहा, लेकिन तीसरे हफ्ते से हर रोज फिल्म हाउसफुल होने लगी और तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भी इस फिल्म से बेहद प्रभावित हुए। फिल्म ने नेशनल अवॉर्ड समेत इंटरनेशनल लेवल पर भी कई अवॉर्ड जीते और इंडियन सिनेमा को नई पहचान दी। यह फिल्म थी पाथेर पांचाली और फिल्ममेकर थे सत्यजीत रे। सत्यजीत रे की आज 34वीं डेथ एनिवर्सरी है। आइए, उनकी जिंदगी से जुड़े कुछ किस्से जानते हैं। किस्सा-1 इटैलियन फिल्म देखकर फिल्ममेकिंग का फैसला किया सत्यजीत रे का जन्म 2 मई 1921 को कलकत्ता (अब कोलकाता) में हुआ। उनका परिवार साहित्य और कला से जुड़ा था। पिता सुकुमार रे फेमस लेखक और चित्रकार थे। रे जब वे बहुत छोटे थे, उनके पिता का निधन हो गया। इससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। पिता के निधन के बाद घर की सारी जिम्मेदारी मां पर आ गई। मां ने पूरे घर को संभाला, खर्च चलाया और साथ ही नौकरी भी की। रे ने कलकत्ता के प्रेसीडेंसी कॉलेज से पढ़ाई पूरी करने के बाद शांतिनिकेतन में कला का अध्ययन किया था। सत्यजीत रे के पिता और माता की तस्वीर। सत्यजीत रे ने अपने करियर की शुरुआत एडवरटाइजिंग एजेंसी डी.जे. कीमर में ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर की थी। उन्होंने बुक कवर डिजाइनर के तौर पर भी काम किया। उन्होंने नेहरू की डिस्कवरी ऑफ इंडिया समेत कई किताबों के कवर बनाए थे। डी.जे. कीमर के लिए सत्यजीत रे द्वारा डिजाइन किया गया एक एड। (सोर्स: सत्यराज रे की किताब ‘माई इयर्स विद अपू’) इसी दौरान उन्हें फिल्मों में दिलचस्पी बढ़ने लगी। 1947 में उन्होंने साथियों के साथ मिलकर एक फिल्म सोसाइटी बनाई, जहां विदेशी फिल्में दिखाई जाती थीं। 1949 में उनकी मुलाकात फ्रेंच डायरेक्टर ज्यां रेनॉए से हुई, जिन्होंने उन्हें फिल्में बनाने के लिए प्रेरित किया। 1950 में वे एक काम के लिए लंदन गए। वहां उन्होंने कई फिल्में देखीं, लेकिन इटैलियन फिल्म बाइसिकल थीव्स का उन पर सबसे गहरा असर हुआ। इस फिल्म को देखने के बाद उन्होंने तय किया कि वे फिल्म डायरेक्टर बनेंगे। ‘पाथेर पांचाली’ में बंगाल के एक गरीब ग्रामीण परिवार की कहानी थी, जिसे मुख्य रूप से दो बच्चों अपू और उसकी बड़ी बहन दुर्गा की नजरों से दिखाया गया है। किस्सा-2 पहली फिल्म के लिए पत्नी के गहने गिरवी रखे सत्यजीत रे के फिल्मी करियर की पहली फिल्म पाथेर पांचाली (1955) थी। यह फिल्म बंगाली लेखक विभूतिभूषण बंद्योपाध्याय के उपन्यास पर आधारित थी। रे इस उपन्यास से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने इस पर अपनी पहली फिल्म बनाने का फैसला किया। हालांकि, फिल्म बनाना आसान नहीं था। रे ने फिल्म के लिए नई और अनुभवहीन टीम बनाई। फिल्म में बड़े स्टार, गाने और एक्शन नहीं था, इसलिए कोई प्रोड्यूसर पैसा लगाने को तैयार नहीं था। उन्होंने पैसे जुटाने के लिए नौकरी जारी रखी, बीमा पॉलिसी गिरवी रखी। यहां तक अपनी पत्नी ने भी गहने गिरवी रखे। इस तरह लगभग 17,000 रुपए जुटाकर उन्होंने 1952 में फिल्म की शूटिंग शुरू की। शूटिंग के दौरान उन्हें कई तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उन्होंने शुरुआत में 16mm कैमरे से शूट कर उसे 35mm में बदलने का प्रयोग किया, ताकि खर्च कम हो, लेकिन प्रयोग असफल रहा। फुटेज सही नहीं आया और उन्हें फिर से शुरुआत करनी पड़ी। एक और बड़ी लोकेशन समस्या थी। एक बार तो उन्होंने एक गांव चुना था, जहां फूलों के बीच ट्रेन का सीन शूट करना था, लेकिन दोबारा पहुंचने पर गाय-भैंसों ने सारे फूल खा लिए थे। पूरा सीन खराब हो गया। फिर शूटिंग के बीच में पैसे खत्म हो गए और शूटिंग लगभग एक साल के लिए रुक गई। सत्यजीत रे की फिल्म ‘पाथेर पांचाली’ का शाब्दिक अर्थ ‘छोटे रास्ते का गीत’ होता है। किस्सा-3 घर में बैठ गया उल्लू; सरकार से लोन मिल गया सत्यजीत रे के पाथेर पंचाली बनाने के संघर्ष के दौरान एक बहुत ही दिलचस्प और रहस्यमयी घटना हुई, जिसका जिक्र उनकी किताब ‘माई इयर्स विद अपू’ में है। जैसा आपको बताया पैसे खत्म हो चुके थे और फिल्म की शूटिंग रुक चुकी थी। एक दिन सुबह जब रे जागे, तो उन्होंने अपने कमरे की खिड़की के बाहर एक सफेद-भूरा उल्लू बैठा था और लगातार उनकी तरफ देख रहा था। यह कोई सामान्य बात नहीं थी क्योंकि शहर में इस तरह का सीन बहुत कम देखने को मिलता है। धीरे-धीरे यह खबर आसपास के लोगों तक पहुंच गई। पड़ोसी अपने-अपने घरों से झांककर उस उल्लू को देखने लगे। कुछ लोग उसे भगाने की कोशिश कर रहे थे, कुछ उसे बुलाने के लिए आवाजें निकाल रहे थे, लेकिन सबसे आश्चर्यजनक बात यह थी कि उल्लू बिल्कुल भी नहीं हिला, वह लगातार वहीं बैठा रहा और उसकी नजरें रे पर टिकी रहीं। भारतीय मान्यता के अनुसार, उल्लू को देवी लक्ष्मी का वाहन माना जाता है। इसलिए लोग मानते हैं कि यदि उल्लू घर के पास दिखाई दे, तो यह धन और सौभाग्य का संकेत होता है। यही कारण था कि पड़ोसियों में उत्सुकता और थोड़ी ईर्ष्या भी थी। रे ने इस घटना को बड़े ध्यान से देखा। सबसे हैरानी की बात यह थी कि वह उल्लू लगातार दो हफ्तों तक वहीं बैठा रहा। हर सुबह जब रे उठते, तो वह उसी जगह, उसी तरह बैठा मिलता जैसे वह खास तौर पर उनके लिए ही आया हो। फिर एक दिन अचानक वह उल्लू गायब हो गया। कोई नहीं जानता कि वह कब और कैसे चला गया, लेकिन उसके जाने के कुछ समय बाद ही रे को एक बहुत

Jadejas 17th POTM & Archers Record

Jadejas 17th POTM & Archers Record

लखनऊ17 मिनट पहले कॉपी लिंक राजस्थान रॉयल्स ने IPL 2026 के 32वें मैच में लखनऊ सुपर जायंट्स को 40 रन से हरा दिया। इकाना स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में वैभव सूर्यवंशी ने सबसे तेज 500 IPL रन पूरे करने का कारनामा किया। रवींद्र जडेजा ने 17वीं बार प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीत लिया। वहीं गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर राजस्थान के लिए IPL में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए। RR Vs LSG मैच के टॉप रिकॉर्ड्स-मोमेंट्स… 1. वैभव के 227 बॉल पर 500 IPL रन वैभव सूर्यवंशी ने अपने IPL करियर में 500 रन पूरे कर लिए हैं। वे लीग में सबसे कम गेंदों में यह मुकाम हासिल करने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने लखनऊ के खिलाफ मैच में पहली ही गेंद पर चौका लगाकर यह उपलब्धि हासिल की। वैभव ने सिर्फ 227 गेंदों पर 500 रन बनाए हैं। उन्होंने ग्लेन मैक्सवेल का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 260 गेंदों में अपने पहले 500 रन पूरे किए थे। हालांकि, इस मैच में वैभव 11 गेंदों पर सिर्फ 8 रन ही बना सके। 2. जडेजा ने 17वीं बार जीता प्लेयर ऑफ द मैच रवींद्र जडेजा ने IPL में 17वीं बार प्लेयर ऑफ द मैच (POTM) अवॉर्ड अपने नाम किया। खास बात यह है कि 75 मैचों के बाद पहली बार उन्होंने CSK के अलावा किसी दूसरी टीम के लिए यह अवॉर्ड जीता। इससे पहले उनके 16 POTM अवॉर्ड चेन्नई के लिए आए थे। भारतीय खिलाड़ियों में उनसे आगे सिर्फ रोहित शर्मा (21), विराट कोहली (19) और एमएस धोनी (18) हैं। 3. घर में लखनऊ की लगातार 7वीं हार लखनऊ सुपर जायंट्स को अपने होम ग्राउंड पर लगातार 7वीं हार का सामना करना पड़ा। यह IPL इतिहास में घर पर सबसे ज्यादा लगातार हार के रिकॉर्ड्स में शामिल हो गया है, जहां दिल्ली (9 हार) और डेक्कन चार्जर्स (8 हार) जैसे टीम्स इससे ऊपर हैं। 4. आर्चर बने RR के सबसे सफल गेंदबाज जोफ्रा आर्चर अब राजस्थान रॉयल्स के लिए IPL में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बन गए हैं। उनके नाम 68 विकेट हो गए हैं। उन्होंने युजवेंद्र चहल (66) और सिद्धार्थ त्रिवेदी (65) को पीछे छोड़ दिया। यहां से टॉप-9 मोमेंट्स… 1. ऋषभ पंत ने एक हाथ से लपका शानदार कैच मोहम्मद शमी के दूसरे ओवर में लगातार एक्शन देखने को मिला, लेकिन सबसे बड़ा मोमेंट रहा ऋषभ पंत का कमाल का कैच। तीसरे ओवर की पांचवीं गेंद पर शमी ने तेज बाउंसर डाली, जिस पर यशस्वी जायसवाल ने हुक शॉट खेलने की कोशिश की। गेंद ग्लव लगकर विकेट के पीछे ऊंची गई, जहां पंत ने हवा में उछलते हुए एक हाथ से शानदार कैच लपक लिया। उनकी टाइमिंग और फुर्ती ने सभी को हैरान कर दिया। इसके बाद अगली ही गेंद पर शमी ने ध्रुव जुरेल को भी आउट कर दिया। पंत ने छलांग लगाकर जायसवाल का कैच 22 रन पर पकड़ा। 2. मोहसिन ने वैभव को मेडन डाला, आउट भी किया मोहसिन खान ने अपने पहले ही ओवर में विकेट-मेडेन ओवर डाला। चौथे ओवर की आखिरी गेंद पर वैभव सूर्यवंशी बड़ा शॉट खेलने के चक्कर में अपना विकेट गंवा बैठे। ऑफ स्टंप पर लेंथ बॉल पर उन्होंने लेग साइड में बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन संतुलन खो बैठे और गेंद ठीक से टाइम नहीं कर पाए। कवर की दिशा में गई गेंद को दिग्वेश सिंह राठी ने पीछे दौड़ते हुए शानदार कैच में बदल दिया। मोहसिन खान ने वैभव सूर्यवंशी को 8 रन पर पवेलियन भेजा। 3. वैभव के आउट होने पर गोयनका ने भगवान की तस्वीर को माथे पर लगाई मोहसिन खान की गेंद पर वैभव सूर्यवंशी के आउट होते ही LSG के मालिक संजीव गोयनका ने भगवान की तस्वीर जेब से निकालकर माथे पर लगाई। संजीव गोयनका भगवान की तस्वीर माथे से लगाते हुए। 4. पंत रनआउट करने से चूके 15वें ओवर में मयंक यादव की धीमी गेंद पर जडेजा ने स्क्वेयर लेग की ओर खेलकर एक रन लिया। इसके बाद दूसरे रन के लिए बड़ी गलतफहमी देखने को मिली। जडेजा ने पहले रन के लिए कॉल किया, फिर अपने साथी डोनोवन फरेरा को वापस भेज दिया, जो आधे रास्ते तक पहुंच चुके थे। डीप से निकोलस पूरन का थ्रो काफी खराब रहा, जिसके बाद ऋषभ पंत ने गेंद पकड़कर बेल्स उड़ाईं, लेकिन वह भी संतुलन खो बैठे। इस बीच फरेरा ने डाइव लगाकर क्रीज में वापसी कर ली। पंत रनआउट करने का मौका गंवा दिया। 5. जडेजा ने इनिंग की आखिरी बॉल पर सिक्स लगाया रवींद्र जडेजा ने राजस्थान की पारी के अंतिम ओवर में 3 बाउंड्री लगाई। मयंक यादव के ओवर में जडेजा ने 4, 2, 4, 2, 2 और आखिरी गेंद पर छक्का लगाकर कुल 20 रन बटोर लिए। आखिरी गेंद पर जडेजा ने फाइन लेग के ऊपर पुल शॉट खेलकर छक्का जड़ा और टीम का स्कोर 159/6 तक पहुंचा दिया। रवींद्र जडेजा ने 29 बॉल पर नाबाद 43 रन बनाए। 6. आयुष शून्य पर रनआउट लखनऊ की पारी के पहले ओवर की आखिरी बॉल पर आयुष रनआउट हो गए। आर्चर की तेज गेंद पर आयुष बड़ा शॉट खेलने से चूक गए और गेंद पैड से लगकर स्क्वेयर लेग की ओर चली गई। यहां कोई रन नहीं था, लेकिन दोनों बल्लेबाज दौड़ पड़े। फील्डर रवि सिंह ने तेजी दिखाते हुए सटीक थ्रो किया और बडोनी को रनआउट कर दिया। बडोनी बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। 7. पूरन के आउट होने पर जडेजा ने जेब में हाथ डालकर सेलिब्रेट किया 10वें ओवर में रवींद्र जडेजा ने निकोलस पूरन को आउट करने के बाद दिलचस्प अंदाज में जश्न मनाया। विकेट लेने के बाद जडेजा मुस्कुराते नजर आए और इशारे से बताया कि पूरन उनकी जेब में हैं। उन्होंने हाथ को अपनी पैंट की जेब में डालकर यह सेलिब्रेशन किया। गेंद ऑफ स्टंप के बाहर थी, जिस पर पूरन ने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन टाइमिंग सही नहीं रही और गेंद हवा में चली गई। लॉन्ग-ऑन पर डोनोवन फरेरा ने आसान कैच लपक लिया। पूरन 22 रन बनाकर आउट हुए। पूरन के आउट होने के बाद जडेजा ने कुछ ऐसे सेलिब्रेट किया। 8. हिम्मत का पहला IPL सिक्स, बिश्नोई का ‘नोटबुक’ सेलिब्रेशन 14वें ओवर

Khabar Hatke- Fan Jacket for Traffic Police; Pakistan Refugee Denied Entry; Parrot Rescue

Khabar Hatke- Fan Jacket for Traffic Police; Pakistan Refugee Denied Entry; Parrot Rescue

छत्तीसगढ़ में तोते को बचाने के लिए फायर ब्रिगेड का सहारा लेना पड़ा। वहीं, गुजरात में ट्रैफिक पुलिस की जैकेट में पंखा लगाया गया है, इसे कूलिंग जैकेट नाम दिया गया है। उधर, कनाडा में एक महिला को शरणार्थी का दर्जा दे दिया गया, लेकिन उसके पति और बेटे को द . उत्तर प्रदेश में एक नाबालिग को जेल भेज दिया गया, जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाई और ₹5 लाख मुआवजा देने का एलान किया। वहीं, जापान की एक महिला को गोलगप्पे इतने पसंद आए कि वह अब टोक्यो में इसकी दुकान खोलेंगी। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…