एक पौधा, कई फायदे! सहजन क्यों बनता जा रहा है हर घर की जरूरत, जानिए सही तरीका

Last Updated:April 24, 2026, 23:46 IST आयुर्वेद में कई ऐसे पौधों का जिक्र मिलता है, जो सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इन्हीं में से एक है सहजन, जिसे मोरिंगा के नाम से भी जाना जाता है. इसकी पत्तियों से लेकर फूल और बीज तक हर हिस्सा पोषक तत्वों से भरपूर होता है. यही वजह है कि आज के समय में मोरिंगा को सुपरफूड के रूप में देखा जा रहा है, जो शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने में मदद करता है. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में कई ऐसे पेड़ पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. आयुर्वेद में हर पेड़ का अपना अलग महत्व बताया गया है. इन्हीं में से एक सहजन का पेड़ है, जो हर जगह आसानी से नहीं मिलता, लेकिन इसके गुण बेहद खास होते हैं. सहजन की सब्जी से लेकर इसका अचार तक लोगों को खूब पसंद आता है और यह स्वाद के साथ सेहत के लिए भी लाभकारी माना जाता है. मोरिंगा (सहजन) की पत्तियां, फलियां और बीजों की बाजार में भारी मांग रहती है, क्योंकि इसमें भरपूर औषधीय गुण पाए जाते हैं. इसके फूल, पत्तियां और छाल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो खासतौर पर विटामिन और प्रोटीन की कमी से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इसी वजह से इसकी डिमांड लगातार बनी रहती है. सहजन को सुखाकर उसका पाउडर बनाकर भी सेवन किया जाता है. वहीं बाजार में सहजन का अचार करीब 200 रुपये प्रति किलो तक बिकता है. सहजन के फूलों में प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये तत्व शरीर की मांसपेशियों और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. साथ ही एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से बचाने में सहायक होते हैं. सहजन के फूलों से बना सूप स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. Add News18 as Preferred Source on Google अगर आप डायबिटीज जैसी समस्या से परेशान हैं, तो सहजन का पौधा आपके लिए फायदेमंद हो सकता है. इसकी पत्तियों में मौजूद एस्कॉर्बिक एसिड शरीर में इंसुलिन के स्राव को बढ़ाने में मदद करता है, जिससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है. इसी कारण सहजन की पत्तियों का सेवन डायबिटीज के मरीजों के लिए लाभकारी माना जाता है. कोलेस्ट्रॉल और वजन जैसी समस्याओं से राहत पाने के लिए सहजन (मोरिंगा) की पत्तियों का सेवन फायदेमंद माना जाता है. यह शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करती हैं और पेट की जिद्दी चर्बी घटाने में भी सहायक होती हैं, क्योंकि ये फैट को ऊर्जा में बदलने का काम करती हैं. साथ ही, इनमें मौजूद पोषक तत्व पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं और भोजन को तेजी से ऊर्जा में परिवर्तित करने में मदद करते हैं. राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय की डॉक्टर ऋचा श्रीवास्तव ने बताया कि मोरिंगा की तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका सेवन संतुलित मात्रा में ही करना चाहिए. रोजाना करीब 10-15 ग्राम पत्तियां या 1-2 चम्मच पाउडर पर्याप्त माना जाता है. हालांकि सहजन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है, इसी वजह से इसकी बाजार में लगातार मांग बनी रहती है. मोरिंगा में विटामिन A, विटामिन B1, विटामिन B2, विटामिन B3, विटामिन C, कैल्शियम, पोटैशियम, आयरन, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. इसकी पौष्टिकता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें संतरे की तुलना में कई गुना अधिक विटामिन C होता है. अगर आपको कब्ज, गैस या अपच की समस्या रहती है, तो मोरिंगा पाउडर काफी मददगार हो सकता है, क्योंकि इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर मौजूद होता है. मोरिंगा पाउडर में मौजूद प्रोटीन, आयरन और जिंक बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देते हैं और हेयर फॉलिकल्स को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. नियमित सेवन या मोरिंगा ऑयल के साथ बाहरी उपयोग से डैंड्रफ और रूखापन कम हो सकता है, जिससे स्किन और स्कैल्प से जुड़ी समस्याओं में भी राहत मिलती है. इसके अलावा, मोरिंगा पाउडर में विटामिन A, E और एंटीऑक्सिडेंट्स पाए जाते हैं, जो फाइन लाइन्स, झुर्रियों और मुहांसों को कम करने में सहायक होते हैं और त्वचा को स्वस्थ व निखरा हुआ बनाए रखते हैं. First Published : April 24, 2026, 23:46 IST
ज्यादा तेल खाने से कौन-सी बीमारियां होती हैं? ये छोटी सी आदत बदल देगी सेहत का ग्राफ

Last Updated:April 24, 2026, 23:04 IST खाने में ज्यादा तेल को इसके स्वाद से जोड़ा जाने लगा है. ज्यादा तेल मतलब ज्यादा स्वाद लेकिन ऐसा नहीं होता है. बल्कि ज्यादा तेल आपको कई बीमारियों का शिकार बना सकती है. ख़बरें फटाफट आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी और अनियमित दिनचर्या के कारण लोगों की खानपान की आदतें बिगड़ती जा रही हैं, जिसका सीधा असर सेहत पर पड़ रहा है. खासतौर पर खाने में जरूरत से ज्यादा तेल का इस्तेमाल शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, अधिक तेल का सेवन मोटापा बढ़ाने के साथ-साथ कई गंभीर बीमारियों जैसे दिल की बीमारी और डायबिटीज का खतरा भी बढ़ा देता है. इसलिए जरूरी है कि हम अपने रोजाना के खाने में तेल की मात्रा को नियंत्रित करें. नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) भी संतुलित मात्रा में तेल के उपयोग पर जोर देता है. उनका मानना है कि अगर हम अपनी डाइट में थोड़े बदलाव करें और कुछ आसान आदतें अपनाएं, तो हम कई बीमारियों से बच सकते हैं और स्वस्थ जीवन जी सकते हैं. तेल कम करने का एक आसान तरीकातेल सीधे बोतल से डालने के बजाय चम्मच से मापकर इस्तेमाल करें. इससे जरूरत से ज्यादा तेल डालने से बचा जा सकता है. इसके अलावा, तली हुई चीजों का सेवन कम करना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि इनमें कैलोरी ज्यादा होती है और ये वजन बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं. भाप में पका खाना सेहतमंदविशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि खाने में भाप में पकी हुई, भुनी हुई या ग्रिल्ड चीजों को शामिल किया जाए. ऐसे भोजन में तेल कम लगता है और पोषक तत्व भी बेहतर तरीके से बने रहते हैं. घर पर खाना बनाते समय हल्के तेल का इस्तेमाल करना और मात्रा पर ध्यान देना भी जरूरी है. मोटापा कई बीमारियों की जड़स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मोटापा कई बीमारियों की जड़ है और इसका मुख्य कारण असंतुलित आहार है. ऐसे में अगर समय रहते तेल के सेवन को सीमित कर लिया जाए, तो हम बेहतर स्वास्थ्य की दिशा में एक बड़ा कदम उठा सकते हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi First Published : April 24, 2026, 23:03 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
भोपाल में रात 12 बजे तक पब-बार बंद होंगे:आदेश का उल्लंघन करने पर लाइसेंस निरस्त होंगे; पुलिस कमिश्नर ने दिए निर्देश

भोपाल में पब और बार संचालन को लेकर पुलिस ने सख्ती बढ़ा दी है। शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने कमिश्नर कार्यालय सभागार में सभी पब और बार संचालकों व मैनेजरों की बैठक लेकर स्पष्ट निर्देश जारी किए। शराब परोसने का समय रात 11:30 बजे तक निर्धारित किया गया है, जबकि रात 12:00 बजे तक सभी पब और बार पूरी तरह बंद करना अनिवार्य होगा। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि इंदौर की तर्ज पर जूम एप के माध्यम से एक मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है। इसमें एक ग्रुप बनाकर सभी पब और बार संचालकों को जोड़ा जाएगा, जहां उन्हें रोज रात 12 बजे तक बंद होने की फोटो पुलिस को भेजनी होगी। इससे समय-समय पर निर्देश दिए जा सकेंगे और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। पूरे सिस्टम की मॉनिटरिंग कंट्रोल रूम से की जाएगी। बैठक में कमिश्नर ने शासन के नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए। निर्धारित समय के बाद पब और बार खुले पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अलावा सभी पब और बार में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है। साथ ही पर्याप्त रोशनी और सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश भी दिए गए, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Civil Defence Appeal; Police Line Bahodapur

आपात स्थिति में बिल्डिंग में घायल व्यक्ति को देखते SDERF के कर्मचारी ग्वालियर जिला प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार रात 8 बजे बहोड़ापुर स्थित पुलिस लाइन में सिविल डिफेंस के तहत ब्लैकआउट मॉकड्रिल का आयोजन किया। इस दौरान हवाई हमले की चेतावनी प्रणाली, ब्लैकआउट प्रक्रिया, आपातकालीन निकासी और सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑपरेशन का व्यावह . आपात स्थिति में लगी आग को फायर सिस्टम से बुझते हुए फायर ब्रिगेड कर्मचारी। खिड़की-दरवाजे बंद करने की अपील मॉकड्रिल में अपर जिला दंडाधिकारी सीबी प्रसाद, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनु बेनीवाल सहित प्रशासन, पुलिस, एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही। ड्रिल के दौरान बहोड़ापुर और पुलिस लाइन क्षेत्र में बिजली बंद कराई गई। इससे पहले उद्घोषणा कर नागरिकों से रात 8 से 8:30 बजे के बीच घरों की लाइट बंद रखने और खिड़की-दरवाजे बंद करने की अपील की गई थी। शुरुआत में कुछ लोग असमंजस में रहे, लेकिन आसपास अंधेरा होने पर सभी ने सहयोग किया। प्रशासन ने लगातार लोगों को समझाया कि यह केवल अभ्यास है, कोई वास्तविक खतरा नहीं। बिल्डिंग में हमले के दौरान घायल व्यक्ति को स्ट्रेचर पर ले जाते हुए SDERF के कर्मचारी। अचानक जारी हुई सूचना से हलचल शाम को अचानक जारी सूचना के बाद क्षेत्र में हलचल रही और कुछ लोगों में ईरान-अमेरिका तनाव को लेकर आशंका भी बनी, जिसे अधिकारियों ने स्पष्ट करते हुए दूर किया। मॉकड्रिल के दौरान अंधेरे में घायलों को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाने और आग लगने की स्थिति में उसे नियंत्रित करने का भी अभ्यास किया है। प्रशासन का उद्देश्य था कि किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
सिंगर अदनान सामी को ग्वालियर ADJ कोर्ट का नोटिस:एडवांस 17.62 लाख रुपए लेने के बाद भी नहीं किया लाइव शो

ग्वालियर की एडीजे कोर्ट ने शुक्रवार को बॉलीवुड सिंगर अदनान सामी और उनकी मैनेजमेंट टीम को नोटिस जारी किया है, जिसमें शो बुक करने के बाद उसे नहीं करने पर जवाब मांगा है। साथ ही ट्रायल कोर्ट द्वारा धारा 175(3) बीएनएसएस के तहत एफआईआर दर्ज कराने संबंधी आवेदन को खारिज किए जाने को चुनौती दी है। दरअसल, नवंबर 2022 में लाइव शो ‘मधोश अदनान सामी’ होना था, लेकिन वह रद्द हो गया था। पूरे शो की डील 33 लाख रुपए में हुई थी। इस मामले में आयोजक की ओर से कोर्ट में परिवाद दायर किया था, जिसमें कहा है कि सिंगर ने 17.62 लाख रुपए एडवांस लेने के बाद भी शो नहीं किया। 33 लाख रुपए में हुई थी डील कोर्ट में पेश किए गए रिकॉर्ड और दस्तावेजों के अनुसार 27 सितंबर 2022 को सिंगर अदनान सामी का एक लाइव शो होना था। सिंगर की फीस 40 लाख रुपए बताई गई थी। बातचीत के बाद 33 लाख रुपए में सौदा तय हुआ था। लाइव शो के आयोजकों ने बतौर एडवांस 17.62 लाख रुपए सिंगर के मैनेजर को दिए थे। बाद में आयोजकों के कहने पर लाइव शो की तारीख 27 सितंबर 2022 के स्थान पर 13 नवंबर 2022 कर दी गई थी, फिर भी शो नहीं हुआ। एडवांस वापस करने के लिए सूचना दी गई, लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके चलते पुलिस थाने में धोखाधड़ी का केस दर्ज कराने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। इसके बाद फरियादी को कोर्ट का विकल्प चुनना पड़ा। याचिकाकर्ता की ओर से यह दिया तर्क याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अवधेश सिंह तोमर ने कोर्ट में पक्ष रखते हुए तर्क दिया कि कई बार एडवांस लौटाने का आश्वासन देने के बाद भी भुगतान नहीं किया जा रहा है। अब स्थिति यह हो गई है कि आवेदनकर्ता के फोन और ई-मेल का जवाब भी देना बंद कर दिया है। इसके बाद पुलिस थाने से लेकर एसपी और आईजी स्तर तक शिकायतें की गईं, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया गया। आवेदनकर्ता ने इसे धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात का मामला बताते हुए कोर्ट से निचली अदालत का आदेश निरस्त कर FIR दर्ज कराने के निर्देश देने की मांग की है।
‘मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूं’: नाविक गौरंगा बिस्वास ने पीएम मोदी के साथ अपनी 40 मिनट की हुगली यात्रा के बारे में बताया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:24 अप्रैल, 2026, 22:21 IST प्रधानमंत्री की सुबह-सुबह नाव की सवारी ने राजनीतिक हलकों में भी ध्यान आकर्षित किया है, जो हाल के सार्वजनिक आउटरीच क्षणों में शामिल है बिस्वास ने आगे कहा कि घाट पर काम करने के लगभग दो दशकों में, उन्होंने कभी किसी राजनीतिक व्यक्ति को इस तरह से आते नहीं देखा। छवि/न्यूज़18 शुक्रवार सुबह लगभग 6.30 बजे, जब कोलकाता के प्रिंसेप घाट पर नाविकों ने दिन के लिए अपनी नियमित तैयारी शुरू की, तो हुगली नदी के तट पर एक अप्रत्याशित क्षण सामने आया। स्थानीय नाविक गौरंगा बिस्वास और उनके साथियों ने अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घाट की ओर आते देखा। पिछले 17 वर्षों से घाट पर माझी (नाविक) के रूप में काम कर रहे गौरंगा ने कहा कि वह क्षण भर के लिए स्तब्ध रह गए। उन्होंने News18 को बताया, “मैंने प्रधानमंत्री को अपनी ओर आते देखा। एक पल के लिए मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूं।” घाट के आसपास भीड़ बढ़ने के कारण उन्हें संभलने में कुछ समय लगा। गौरंगा के अनुसार, प्रधानमंत्री एक नाव पर सवार हुए और नदी पर 40 मिनट से अधिक समय बिताया। यात्रा के दौरान, उन्हें हावड़ा ब्रिज और विद्यासागर सेतु सहित प्रमुख स्थलों की तस्वीरें लेते देखा गया। बातचीत को याद करते हुए, गौरंगा ने कहा, “सवारी के बाद, उन्होंने मुझे बुलाया, मेरा नाम पूछा और मेरे साथ एक तस्वीर ली। मुझे अब भी विश्वास नहीं हो रहा है कि मैं आज प्रधान मंत्री से मिला।” उन्होंने आगे कहा कि घाट पर काम करने के लगभग दो दशकों में, उन्होंने कभी किसी राजनीतिक व्यक्ति को इस तरह से आते नहीं देखा। यह घटना तब से स्थानीय नाव ऑपरेटरों के बीच एक प्रमुख चर्चा का विषय बन गई है, जिनमें से कई ने गौरंगा को “भाग्यशाली” बताया है। न्यूज18 से बात करते हुए उन्होंने कहा, “हर कोई मुझसे कह रहा है कि यह कोई बड़ी बात है. मैं अभी भी यह समझने की कोशिश कर रहा हूं कि क्या सच में ऐसा हुआ था.” प्रधानमंत्री की सुबह-सुबह नाव की सवारी ने राजनीतिक हलकों में भी ध्यान आकर्षित किया है, जो हाल के सार्वजनिक आउटरीच क्षणों में शामिल है। हालाँकि, गौरंगा बिस्वास के लिए, यह अनुभव बेहद व्यक्तिगत है – एक अप्रत्याशित मुठभेड़ जिसने उन्हें स्पष्ट रूप से अभिभूत कर दिया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 24 अप्रैल, 2026, 22:20 IST न्यूज़ इंडिया ‘मुझे लगा कि मैं सपना देख रहा हूं’: नाविक गौरंगा बिस्वास ने पीएम मोदी के साथ अपनी 40 मिनट की हुगली यात्रा के बारे में बताया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)टीएमसी(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)बीजेपी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)नरेंद्र मोदी
बंगाल चुनाव 2026: ‘जब तक एक भी बीजेपी कार्यकर्ता जिंदा है, बंगाल में नहीं बनेगा बाबरी मस्जिद’, अमित शाह का बड़ा बयान

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार (24 अप्रैल) को पश्चिम बंगाल के अयोध्या में आयोजित पार्टी के एक कार्यक्रम में बाबरी मस्जिद की एक मस्जिद बनाने के लिए पार्टी के एक निलंबित नेता पर आरोप लगाया और जोर देकर कहा कि जब तक राज्य में पार्टी का एक भी कार्यकर्ता जीवित है, भाजपा का निर्माण नहीं हो रहा है। एक के बाद एक चुनावी रैली में शाह ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी के सत्ता में आने के बाद के नारे और राजनीतिक हिंसा में शामिल लोगों से इतने जुड़ेंगे कि उनकी अगली तीन पीढ़ियां भी ऐसी नहीं होंगी। उन्होंने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमले में ढहे शासन, कानून व्यवस्था और रोजगार के मोर्चों पर विफलता का आरोप लगाया और कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में बंगाल को आतंकवादियों, आतंकवादियों और आतंकवादियों से मुक्त कराना महत्वपूर्ण है। शाह ने उत्तर प्रदेश के हुगली जिले में कहा, ‘ममता दीदी, याद रखें कि जब तक बंगाल में एक भी भाजपा कार्यकर्ता जीवित है, हम यहां बाबरी मस्जिद का निर्माण नहीं कराएंगे।’ हुमायूँ कबीर को क्या लेकर बोले अमित शाह उन्होंने कैथोलिक सुप्रीमो ममता बनर्जी पर भी न्यूनतम आधार और उन पर निलंबित पार्टी के नेता हुमायूं कबीर के मुर्शिदाबाद जिले में अयोध्या की बाबरी मस्जिद की वकालत पर एक मस्जिद का निर्माण शुरू करने की अंतिम सहमति का आरोप लगाया। कैथोलिक कांग्रेस से सस्पेंड के बाद कबीर ने एक नई पार्टी बनाई, आम जनता पार्टी का गठन हुआ, जो चुनावी मैदान में कई सीटों पर चुनाव लड़ रही है। उन्होंने कहा, ‘घुसपैठिए गरीबों की रोटी और राशन छीन रहे हैं। पांच मई के बाद उनकी पहचान कर उन्हें जेल भेज दिया गया।’ उन्होंने अपनी पार्टी की जीत का पूरा भरोसा जताया। रोजगार को लेकर क्या बोले केंद्रीय अमित शाह विधानसभा चुनाव के नतीजे चार मई को घोषित किये जायेंगे। उन्होंने दावा किया कि सत्य सज्जा के बाद महिलाएं रात के दो बजे भी बिना किसी डॉक्टर के स्वतंत्र रूप से घुमक्कड़ी करेंगी। शाह ने कहा कि भाजपा की सत्ता में आने के बाद राज्य के सभी विपक्षी दल फिर से अलग हो जाएंगे, जिससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। यह भी पढ़ें: ग्राउंड रिपोर्ट: 17 का गढ़ नादिया जिला, बीजेपी-टीएमसी में कांटा की टक्कर, मतुआ कम्यूनिटी बाहुल बंगाल की राजनीति तय करती है (टैग्सटूट्रांसलेट)अमित शाह(टी)बीजेपी(टी)अमित शाह बीजेपी पश्चिम बंगाल(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)अमित शाह बाबरी मस्जिद(टी)अमित शाह बाबरी मस्जिद पश्चिम बंगाल
सोनकच्छ की स्वास्थ्य व्यवस्था पर देवास कलेक्टर नाराज:ऋतुराज सिंह ने कहा-5 साल से अधिक समय से जमें स्टाफ को बदला जाए

देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें शिशु स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। बैठक कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में हुई। बैठक के दौरान कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं की प्रगति पर विस्तार से समीक्षा की और कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एंटीनेटल केयर (एएनसी) पंजीयन का शत-प्रतिशत लक्ष्य पहली तिमाही में ही अभियान चलाकर पूरा किया जाए। उन्होंने इसकी नियमित समीक्षा करने और मातृ मृत्यु दर में सुधार के लिए लगातार प्रयास करने पर जोर दिया। साथ ही कहा कि पिछले वर्ष की उपलब्धि को 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा जाए। कलेक्टर ने सोनकच्छ विकासखंड में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि वहां पांच साल से अधिक समय से कार्यरत सभी स्टाफ को हटाया जाए, ताकि व्यवस्था में सुधार हो सके। शहरी क्षेत्रों में कमजोर स्थिति पर सख्ती बैठक में सामने आया कि देवास और सोनकच्छ के शहरी क्षेत्रों में एएनसी पंजीयन की स्थिति कमजोर है। इस पर कलेक्टर ने निर्देश दिए कि जहां स्टाफ की कमी है, वहां अतिरिक्त प्रभार देकर घर-घर सर्वे कराया जाए और कार्य की स्पष्ट जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने मॉडरेट एनीमिक गर्भवती महिलाओं के प्रबंधन में सुधार लाने के भी निर्देश दिए। डॉक्टरों के प्रदर्शन पर भी सवाल कलेक्टर सिंह ने डॉ. लक्ष्मी जायसवाल के अधिक रेफरल मामलों पर चिंता जताते हुए उनके प्रशिक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। वहीं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मनोज पाटीदार को बागली में पूर्ण समय निवास करने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट कहा गया कि यदि वे निर्देशों का पालन नहीं करते हैं तो बीएमओ इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत करें। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि सभी मुख्य खंड चिकित्सा अधिकारी और खंड चिकित्सा अधिकारी 108 एंबुलेंस सेवा का समय पर ऑडिट कर भोपाल को रिपोर्ट भेजना सुनिश्चित करें।
शिवपुरी में गुटखा की दो अवैध फैक्ट्री और गोदाम सील:छह घंटे की कार्रवाई में 11 मशीनें और वाहन जब्त; केमिकल ड्रम और कच्चा माल भी मिला

शिवपुरी। जिले के करैरा क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध गुटखा निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग जगह संचालित फैक्ट्री यूनिटों को सील कर दिया। एसडीएम अनुराग निंगवाल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में बड़ी मात्रा में मशीनें, वाहन और केमिकल सामग्री जब्त की गई है। शुक्रवार को एसडीएम अनुराग निंगवाल पुलिस और प्रशासनिक टीम के साथ ग्राम टीला और अमोला कॉलोनी पहुंचे, जहां अवैध रूप से गुटखा प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और भंडारण का काम चल रहा था। टीम के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि फैक्ट्री संचालक मौके से फरार हो गए, जबकि वहां काम कर रहे मजदूर मौजूद मिले। दो यूनिट सील, गोदाम भी बंद प्रशासन ने सबसे पहले टीला स्थित फैक्ट्री को सील किया और पास के एक गोदाम को भी बंद कराया। इसके बाद अमोला कॉलोनी में चल रही दूसरी यूनिट पर कार्रवाई करते हुए उसे भी सील कर दिया गया। 11 से ज्यादा मशीनें और वाहन जब्त करीब छह घंटे चली इस कार्रवाई में टीम ने 11 से अधिक मशीनें, दो लोडिंग वाहन, एक आयशर ट्रक और केमिकल से भरे कई ड्रम जब्त किए हैं। मौके से बड़ी मात्रा में गुटखा निर्माण सामग्री भी बरामद हुई है। बताया जा रहा है कि यहां अलग-अलग ब्रांड के नाम से गुटखा तैयार किया जा रहा था। खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई इस संयुक्त कार्रवाई में एसडीएम अनुराग निंगवाल के साथ एसडीओपी आयुष जाखड़, तहसीलदार ललित शर्मा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष मिश्रा शामिल रहे। सभी गोदामों और यूनिटों को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सील कर दिया गया है। एसडीएम अनुराग निंगवाल ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से अवैध गुटखा निर्माण की शिकायतें मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रिलायंस का मुनाफा 13% गिरकर ₹16,971 करोड़ रहा:चौथी तिमाही में रेवेन्यू 13% बढ़कर ₹2.98 लाख करोड़ पहुंचा; ₹6 का डिविडेंड मिलेगा

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13% घटकर 16,971 करोड़ रुपए रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में प्रॉफिट ₹19,407 करोड़ था। हालांकि, इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 13% बढ़कर 2.98 लाख करोड़ रुपए पहुंच गया है। एक साल पहले की समान तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2025 में 2.64 लाख करोड़ रुपए रहा था। रिलायंस के बोर्ड ने निवेशकों के लिए ₹6 प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश भी की है। अंबानी बोले- ग्लोबल चुनौतियों के बीच रिलायंस का प्रदर्शन स्थिर रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने नतीजों पर कहा कि पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान हमें भू-राजनीतिक बाधाओं, ऊर्जा की अस्थिर कीमतों और बदलते ग्लोबल ट्रेड पैटर्न का सामना करना पड़ा। इन चुनौतियों का असर दुनिया भर के बिजनेस पर पड़ा है। हालांकि, हमारे मजबूत पोर्टफोलियो और घरेलू बाजार पर पकड़ की वजह से हम अस्थिरता से निपटने में सफल रहे। अंबनी बोले- जियो प्लेटफॉर्म के IPO की दिशा में तेजी से बढ़ रहे मुकेश अंबानी ने जियो के आईपीओ को लेकर कहा कि “मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हम जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग (IPO) की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं।” अंबानी ने आगे कहा कि जैसे-जैसे कंपनी अपना विस्तार करेगी, यह लिस्टिंग एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। ऑयल एंड गैस बिजनेस पर दबाव से घटा रिलायंस का मुनाफा चौथी तिमाही में रिलायंस के मुनाफे में 13% की गिरावट की वजह कंपनी के ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस बिजनेस पर पड़ा दबाव है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, माल ढुलाई और इंश्योरेंस खर्चों में बढ़ोतरी ने मार्जिन कम कर दिया। विंडफॉल टैक्स का भी असर पड़ा। कंपनी के पांच मेन सेगमेंट हैं- रिलायंस जियो (जियो प्लेटफॉर्म), रिटेल, डिजिटल, ऑयल टू केमिकल्स (O2C) और ऑयल एंड गैस। यहां हम एक-एक कर सभी का तीसरी तिमाही का परफॉर्मेंस बता रहे हैं… 1. जियो के नतीजे चौथी तिमाही में जियो का मुनाफा 13% बढ़कर ₹7,935 करोड़ हो गया। कंपनी का ऑपरेटिंग रेवेन्यू 13% बढ़कर 44,928 करोड़ रुपए रहा। कंपनी का प्रति यूजर औसत रेवेन्यू (ARPU) बढ़कर ₹214 पर पहुंच गया है। एक साल पहले की तिमाही में यह ₹206 था। 2. ऑयल एंड गैस सेगमेंट यह सेगमेंट थोड़ा कमजोर दिखा। इसका रेवेन्यू 9% गिरकर ₹5,867 करोड़ रहा। केजी-डी6 (KG-D6) बेसिन से गैस प्रोडक्शन में थोड़ी कमी और गैस की कीमतों में आई गिरावट (जो $10.09 से घटकर $9.63 रह गई) की वजह से मुनाफे में 18% की कमी आई। भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है रिलायंस रिलायंस भारत की सबसे बड़ी प्राइवेट सेक्टर कंपनी है। ये अभी हाइड्रोकार्बन एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन, पेट्रोलियम रिफाइनिंग और मार्केटिंग, पेट्रोकेमिकल्स, एडवांस मटेरियल और कंपोजिट, रिन्यूएबल एनर्जी, डिजिटल सर्विस और रिटेल सेक्टर में काम करती है।







