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Gold ₹1,057, Silver ₹8,086 Cheaper; Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away

Gold ₹1,057, Silver ₹8,086 Cheaper; Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away

Hindi News Business Gold ₹1,057, Silver ₹8,086 Cheaper; Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away नई दिल्ली20 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर पेट्रोल-डीजल से जुड़ी रही। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹25-28 प्रति लीटर बढ़ोतरी की खबरों को सरकार ने गलत बताया है। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने कहा कि दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,057 रुपए गिरकर 1.51 लाख रुपए पर आ गया है। एक किलो चांदी 8,086 रुपए गिरकर 2.40 लाख रुपए पर आ गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। रिलायंस के चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए जाएंगे। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. पेट्रोल-डीजल ₹28 महंगा होने की खबरें गलत: सरकार बोली- दाम बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं; कोटक की रिपोर्ट में चुनाव बाद बढ़ोतरी का दावा था पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹25-28 प्रति लीटर बढ़ोतरी की खबरों को सरकार ने गलत बताया है। 23 अप्रैल को पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने कहा कि दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ये खबरें भ्रामक हैं और डर फैलाने के लिए फैलाई जा रही हैं। एक दिन पहले कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। यह अनुमान क्रूड ऑयल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल पर आधारित था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सोना ₹1,057 गिरकर ₹1.51 लाख पर आया: चांदी ₹8,086 सस्ती, ₹2.40 लाख पर आई; इस साल सोना ₹18 हजार महंगा हुआ सोना-चांदी के दाम में 23 अप्रैल को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,057 रुपए गिरकर 1.51 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 22 अप्रैल को इसकी कीमत 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 8,086 रुपए गिरकर 2.40 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.48 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. इंफोसिस का मुनाफा चौथी तिमाही में 21% बढ़ा: यह ₹8,501 करोड़ रहा, रेवेन्यू 13% बढ़ा; निवेशकों को 25 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी आईटी कंपनी इंफोसिस ने 23 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21% बढ़कर ₹8,501 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में ₹7,033 करोड़ का मुनाफा हुआ था। ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू करीब 13.38% बढ़ा। यह ₹46,402 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹40,925 करोड़ था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाला पैसा रेवेन्यू होता है। अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए इंफोसिस ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस के अनुमान को 1.5%-3.5% किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन: चेन्नई में ली अंतिम सांस, पत्नी के ऑपरेशन के लिए परिवार के साथ गए थे बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में चेन्नई में थे। गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी का हाल ही में हार्ट बायपास का ऑपरेशन हुआ था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. बजाज पल्सर NS400Z अब 350cc इंजन के साथ लॉन्च: एक्स-शोरूम कीमत ₹1.93 लाख, नए GST नियमों से सस्ती हुई बाइक बजाज ऑटो ने नई पल्सर NS400Z को 349cc इंजन के साथ लॉन्च किया है। सरकार के नए GST 2.0 नियमों का फायदा उठाने के लिए कंपनी ने इंजन की क्षमता कम की है। इससे बाइक की कुल कीमत में काफी कमी आई है। 2026 बजाज पल्सर NS400Z में सबसे बड़ा अपडेट इसके पावरट्रेन में किया गया है। पहले इसमें 373cc का इंजन मिलता था, लेकिन अब इसे घटाकर 349cc कर दिया गया है। बजाज ने बोर साइज 89mm ही रखा है, लेकिन स्ट्रोक लेंथ में बदलाव किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Gold ₹1,057, Silver ₹8,086 Cheaper; Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away

Gold ₹1,057, Silver ₹8,086 Cheaper; Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away

Hindi News Business Gold ₹1,057, Silver ₹8,086 Cheaper; Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर पेट्रोल-डीजल से जुड़ी रही। पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹25-28 प्रति लीटर बढ़ोतरी की खबरों को सरकार ने गलत बताया है। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने कहा कि दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,057 रुपए गिरकर 1.51 लाख रुपए पर आ गया है। एक किलो चांदी 8,086 रुपए गिरकर 2.40 लाख रुपए पर आ गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। रिलायंस के चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए जाएंगे। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. पेट्रोल-डीजल ₹28 महंगा होने की खबरें गलत: सरकार बोली- दाम बढ़ाने का प्रस्ताव नहीं; कोटक की रिपोर्ट में चुनाव बाद बढ़ोतरी का दावा था पेट्रोल-डीजल की कीमतों में ₹25-28 प्रति लीटर बढ़ोतरी की खबरों को सरकार ने गलत बताया है। 23 अप्रैल को पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने कहा कि दाम बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। ये खबरें भ्रामक हैं और डर फैलाने के लिए फैलाई जा रही हैं। एक दिन पहले कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने रिपोर्ट में अनुमान लगाया था कि बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के खत्म होने के बाद पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है। यह अनुमान क्रूड ऑयल की कीमत करीब 120 डॉलर प्रति बैरल पर आधारित था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. सोना ₹1,057 गिरकर ₹1.51 लाख पर आया: चांदी ₹8,086 सस्ती, ₹2.40 लाख पर आई; इस साल सोना ₹18 हजार महंगा हुआ सोना-चांदी के दाम में 23 अप्रैल को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,057 रुपए गिरकर 1.51 लाख रुपए पर आ गया है। इससे पहले 22 अप्रैल को इसकी कीमत 1.52 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं एक किलो चांदी 8,086 रुपए गिरकर 2.40 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले मंगलवार को इसकी कीमत 2.48 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. इंफोसिस का मुनाफा चौथी तिमाही में 21% बढ़ा: यह ₹8,501 करोड़ रहा, रेवेन्यू 13% बढ़ा; निवेशकों को 25 रुपए डिविडेंड देगी कंपनी आईटी कंपनी इंफोसिस ने 23 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। कंपनी का कॉन्सोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 21% बढ़कर ₹8,501 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में ₹7,033 करोड़ का मुनाफा हुआ था। ऑपरेशन्स से होने वाला रेवेन्यू करीब 13.38% बढ़ा। यह ₹46,402 करोड़ पर पहुंच गया है, जो पिछले साल ₹40,925 करोड़ था। वस्तुओं और सेवाओं को बेचने से मिलने वाला पैसा रेवेन्यू होता है। अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए इंफोसिस ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू गाइडेंस के अनुमान को 1.5%-3.5% किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का हार्ट अटैक से निधन: चेन्नई में ली अंतिम सांस, पत्नी के ऑपरेशन के लिए परिवार के साथ गए थे बीकाजी के सीएमडी शिवरतन अग्रवाल (74) का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया। वे अपनी पत्नी के ऑपरेशन के सिलसिले में चेन्नई में थे। गुरुवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। जानकारी के अनुसार, उनकी पत्नी का हाल ही में हार्ट बायपास का ऑपरेशन हुआ था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. बजाज पल्सर NS400Z अब 350cc इंजन के साथ लॉन्च: एक्स-शोरूम कीमत ₹1.93 लाख, नए GST नियमों से सस्ती हुई बाइक बजाज ऑटो ने नई पल्सर NS400Z को 349cc इंजन के साथ लॉन्च किया है। सरकार के नए GST 2.0 नियमों का फायदा उठाने के लिए कंपनी ने इंजन की क्षमता कम की है। इससे बाइक की कुल कीमत में काफी कमी आई है। 2026 बजाज पल्सर NS400Z में सबसे बड़ा अपडेट इसके पावरट्रेन में किया गया है। पहले इसमें 373cc का इंजन मिलता था, लेकिन अब इसे घटाकर 349cc कर दिया गया है। बजाज ने बोर साइज 89mm ही रखा है, लेकिन स्ट्रोक लेंथ में बदलाव किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Bengal & TN Election Voting: Violence, BJP MLA Attack

Bengal & TN Election Voting: Violence, BJP MLA Attack

कोलकाता/चेन्नई1 घंटे पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को रिकॉर्ड वोटिंग हुई। बंगाल की 294 में से 152 सीटों पर पहले फेज में 92.72% मतदान हुआ। दो भाजपा कैंडिडेट पर हमला हुआ। एक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। वहीं, मुर्शिदाबाद के नौदा में बुधवार देर रात देसी बम से हमले में कई लोग घायल हो गए। नादौ में हुमायूं कबीर और उनके समर्थकों की टीएमसी के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हुई। वे नौदा के बाद जहां-जहां भी गए, वहां झड़प और हिंसा की घटनाएं हुईं। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 85.14% वोटिंग हुई। दोनों राज्यों में आजादी के बाद अब तक सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। इससे पहले तमिलनाडु में सबसे ज्यादा मतदान 2011 में 78.29% था, जबकि बंगाल में 2011 में 84.72% मतदान दर्ज किया गया था। ममता ने वोटिंग के बाद कहा कि बंगाल की जनता ने SIR के खिलाफ बंपर वोटिंग की है। गृह मंत्री शाह ने कहा कि TMC का सूरज ढल चुका है। इससे पहले असम, केरलम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को एकसाथ आएंगे। पूरी खबर पढ़ें… SIR के बाद वोटिंग बढ़ने का ट्रेंड बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग की वजह स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) भी मानी जा रही है। इसी साल 9 अप्रैल को केरल, असम, पुडुचेरी और नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव में भी रिकॉर्ड मतदान हुआ था। केरलम में 78.27% वोटिंग के साथ 39 साल का रिकॉर्ड टूटा था। असम में 85.91%, बिहार में 66.90% और पुडुचेरी 89.87% में इतिहास की सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। बंगाल-तमिलनाडु की तरह इन राज्यों-केंद्र शासित प्रदेश में SIR हुई है। पश्चिम बंगाल में पहली बार 90% से ज्यादा वोटिंग बंगाल में वोट प्रतिशत बढ़ने की 4 वजह SIR: राज्य में 91 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाता संख्या घट गई है। आंकड़े बताते हैं कि 2024 लोकसभा चुनाव में इन्हीं 152 सीटों पर वोटिंग करीब 80% और 2021 विधानसभा चुनाव में करीब 82.17% रही थी। यानी कुल मतदाता घटे, लेकिन वोट डालने वालों की संख्या लगभग बराबर या ज्यादा रही। एंटी इनकंबेंसी: राज्य में 15 साल से तृणमूल सरकार है। नेताओं से असंतोष, रोजगार, भ्रष्टाचार, सिंडिकेट जैसे मुद्दे भी ज्यादा मतदान की वजह हो सकते हैं। वहीं, मुस्लिम बहुल जिलों और सीमावर्ती इलाकों में यह SIR और NRC के डर से उपजी प्रतिक्रिया भी मानी जा रही है। इस बार ध्रुवीकरण भी जबरदस्त है। इसलिए माना जा रहा है कि हिंदू मतदाताओं का भी वोट प्रतिशत ज्यादा रहा होगा। प्रवासी कामगार: यह भी बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ है। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से केवल वोट डालने बंगाल लौटे हैं। उन्हें लगा कि इस बार वोट नहीं दिया, तो हमेशा के लिए अधिकार छिन सकता है। TMC ने आरोप लगाया कि भाजपा ट्रेन भर कर वोट डालने के लिए लोगों को ला रही है। आयोग की सख्ती: निर्वाचन आयोग की अभूतपूर्व निगरानी और 2.40 लाख केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण मतदाताओं ने बिना किसी डर के मतदान किया। तमिलनाडु में अब तक 14 बार चुनाव, इस बार रिकॉर्ड वोटिंग तमिलनाडु के 5.73 करोड़ वोटर्स ने नया इतिहास रचा। 1967 से अब तक राज्य में कभी इतनी वोटिंग नहीं हुई। इससे पहले सबसे ज्यादा 78.12% वोटिंग 2011 में हुई थी, तब एआईएडीएमके की मुखिया रहीं जयललिता डीएमके को हराकर सत्ता में आई थीं और 10 साल राज्य किया था। SIR में करीब 74 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे। 2021 में कुल 6.29 करोड़ वोटर थे। तब इन 234 सीटों पर 72.81% मतदान हुआ था, जो 2016 की तुलना में करीब 2% कम था। तब इसे कोविड के असर से जोड़ा गया था। वैसे राज्य में औसत मतदान प्रतिशत आमतौर पर 70 से 75% के बीच रहता था, लेकिन इस बार यह करीब 12% बढ़ा है। बंगाल में MLA की कार तोड़ी; तमिलनाडु में पुलिस को चाकू मारा, 5 घटनाएं बंगाल के दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार को भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उनका सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ था। इसके बावजूद भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया। भीड़ ने भाजपा कैंडिडेट को खदेड़ा और दौड़ा-दौड़ाकर थप्पड़-मुक्कों से पीटा। पश्चिम बर्धमान जिले के बर्नपुर में आसनसोल साउथ सीट से भाजपा की मौजूदा विधायक और उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ। इससे गाड़ी के पीछे का शीशा टूट गया। अग्निमित्रा ने बताया कि उनकी कार पर पत्थर फेंके गए। घटना के समय अग्निमित्रा पॉल कार में मौजूद थीं। तमिलनाडु के पोरैयार स्थित जमालिया मिडिल स्कूल में वोटिंग के दौरान हेड कांस्टेबल पर एक व्यक्ति ने चाकू से हमला कर दिया। हमलावर एक रिटायर्ड सेना कर्मीचारी है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घायल कांस्टेबल को पोरैयार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमलावर ने धारदार चाकू पर कई ब्लेड भी चिपकाए हुए थे। बंगाल की बेरहामपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके पार्टी एजेंट पर TMC कार्यकर्ताओं ने हमला किया। सुरक्षाबल और अन्य लोग पोलिंग बूथ से घायलों को गोद में उठाकर ले गए। एक युवक के सिर पर भी चोटें आईं। पोलिंग बूथ पर घायल एक शख्स को अस्पताल ले जाते जवान। मुर्शिदाबाद के नौदा में बुधवार देर रात देसी बम से हमले में कई लोग घायल हो गए। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) चीफ हुमायूं कबीर सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हुमायूं की कार पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया। मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ताओं के बीच लाठी-डंडे चले। मुर्शिदाबाद : भास्कर रिपोर्टर के सामने महज 50 सेकेंड में हिंसा भड़की बंगाल के नौदा में हिंसा के दौरान भास्कर की टीम वहीं मौजूद थी। उनके सामने महज 50 सेकेंड के भीतर हिंसा भड़क उठी। हुमायूं कबीर दैनिक भास्कर के पत्रकार से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘TMC के कार्यकर्ता गुंडागर्दी कर रहे हैं। उनके कार्यकर्ता हमें बूथ के पास नहीं जाने दे रहे हैं। उनके कहने पर पुलिस ने भी हमें रोक लिया।’ हुमायूं इसके विरोध में धरने पर बैठे थे। आसपास भारी

Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away | Nepal Minister Resigns

Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away | Nepal Minister Resigns

Hindi News Career Bikaji CMD Shivratan Agrawal Passes Away | Nepal Minister Resigns | Current Affairs 2026 3 मिनट पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 1. नेपाल के गृहमंत्री सुदन गुरुंग ने इस्तीफा दिया 22 अप्रैल को नेपाल के गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। गुरुंग पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपी और कारोबारी दीपक भट्ट से संबंध का आरोप है। इसके साथ ही गुरुंग पर निवेश और वित्तीय लेनदेन को लेकर भी सवाल उठे रहे थे। नेपाल के अखबार की रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुरुंग ने निष्पक्ष जांच और आपसी टकराव से बचने के लिए पद छोड़ने की बात कही। गुरुंग 27 मार्च को बालेंद्र शाह के नेतृत्व में बनी राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी की सरकार में गृहमंत्री बने थे। गृहमंत्री बनने के अगले ही दिन उन्होंने पूर्व पीएम केपी शर्मा ओली और पूर्व गृहमंत्री रमेश लेखक की गिरफ्तारी के आदेश दिए थे। गुरुंग सितंबर 2025 में हुए Gen Z आंदोलन के प्रमुख चेहरों में रहे। हालांकि, उनकी उम्र 36 साल है। सुदन गुरुंग जेन Z प्रोटेस्ट में आक्रामक तरीके से भाषण देने की वजह से जल्द ही युवाओं में लोकप्रिय हो गए थे। गुरुंग नई सरकार बनने के बाद पद छोड़ने वाले दूसरे मंत्री हैं। इससे पहले 9 अप्रैल को श्रम, रोजगार और सामाजिक सुरक्षा मंत्री दीपक कुमार को अनुशासनहीनता के आरोप में हटाया गया था। नेशनल (NATIONAL) 2. केंद्र सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग के लिए नोटिफिकेशन जारी किया 22 अप्रैल को केंद्र सरकार ने देश में ऑनलाइन गेमिंग को रेगुलेट करने के लिए ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) के बनने का नोटिफिकेशन जारी कर दिया। 1 मई 2026 से ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू हो जाएगा। ये नोटिफिकेशन ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन एक्ट-2025 के तहत लागू किया गया है। नए नियमों के मुताबिक अब सर्टिफिकेट की वैलिडिटी 5 से बढ़कर 10 साल होगी। ऐसे गेम्स जिनमें पैसे का लेनदेन शामिल नहीं है, उन्हें रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य नहीं होगा। नए नियम के मुताबिक, जो गेम्स बड़े लेवल पर खेले जाते हैं या जिनमें फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन होते हैं, उन्हें नोटिफाई होने पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। IT सचिव एस.कृष्णन के मुताबिक, सरकार ने गेमिंग इंडस्ट्री के लिए लाइट-टच रेगुलेटरी अप्रोच अपनाई है, ताकि स्टार्टअप्स और डेवलपर्स पर बेवजह बोझ न पड़े। नए नोटिफिकेशन के मुताबिक गेम्स को किस कैटेगरी में रखा गया है- सुओ मोटो: अथॉरिटी खुद किसी गेम का रिव्यू कर उसे क्लासिफाई कर सकती है। ई-स्पोर्ट्स बॉडीज: ई-स्पोर्ट्स से जुड़े इंस्टीट्यूशंस खुद आवेदन कर सकते हैं। केंद्र सरकार: सरकार स्पेसिफिक सोशल गेम्स को नोटिफाई कर सकती है। किसी भी गेम के क्लासिफिकेशन की प्रोसेस को पूरा करने के लिए 90 दिनों की समय सीमा तय की गई है। सरकार ने गेम खेलने वालों की सुरक्षा और उनकी शिकायतों के निपटारे के लिए टू-टियर ग्रीवांस रिड्रेसल सिस्टम अनिवार्य कर दिया है। इसके अलावा गेमिंग प्लेटफॉर्म्स को डेटा रिटेंशन (डेटा संभाल कर रखना) और समय-समय पर कंप्लायंस रिपोर्ट जमा करनी होगी। गृह मंत्रालय भी अब IT अथॉरिटी का हिस्सा होगा, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वाले गेम्स को ब्लॉक करने जैसी कार्रवाई की जा सके। नए नियम में रिफंड से जुड़े नियमों को भी हटाया गया है, क्योंकि सरकार का मानना है कि इस समस्या को पहले ही शामिल किया जा चुका है। ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी: ऑनलाइन गेमिंग अथॉरिटी ऑफ इंडिया (OGAI) एक छह सदस्यीय टीम होगी। टीम में IT मंत्रालय के अलावा गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। ये टीम देश में चल रहे गेम्स की निगरानी करेगी और उनके क्लासिफिकेशन को तय करके यूजर्स की प्राइवेसी और सिक्योरिटी सुनिश्चित करेगी। निधन (DEATH) 3. बीकाजी के CMD शिवरतन अग्रवाल का निधन 23 अप्रैल को बीकाजी के चेयरमेन और मैनेजिंग डायरेक्टर (CMD) शिवरतन अग्रवाल का निधन हो गया। वे 74 साल के थे। शिवरतन अग्रवाल ने साल 1987 में बीकानेर में बीकाजी ब्रांड की स्थापना की थी। बीकाजी को शिवरतन ने बहुत छोटे लेवल से शुरू किया था, जो आज एक बड़े फूड ब्रांड के रूप में स्थापित है। शिवरतन अग्रवाल ने सिर्फ 8वीं तक पढ़ाई की थी, उन्होंने अपने क्रिएटिव विजन से बीकाजी को एक ब्रांड बनाया। शिव रतन ने अपना बिजनेस शुरू करने से पहले कई देशों की यात्रा की और प्रोडक्शन स्ट्रेटजी को समझा। भुजिया पहले सिर्फ हाथों से ही बनाई जाती थी मगर शिवरतन ने मशीन से भुजिया बनाने का सेट-अप बनाया। बीकाजी भारत का पहला ऐसा ब्रांड बना जिसने मशीन से भुजिया बनाई। इससे बीकाजी की प्रोडक्टिविटी और क्वालिटी दोनों बढ़ी। 2022 में IPO के बाद इंडियन स्टॉक एक्सचेंज में बिकाजी को लिस्टेड कराया, जो आज एक इंटरनेशनल ब्रांड है। शिवरतन एक पारंपरिक अग्रवाल व्यवसायी परिवार से हैं, जिसकी जड़ें बीकानेर के मिठाई और नमकीन व्यापार में गहराई से जुड़ी हुई हैं। बीकाजी के 250 से ज्यादा प्रोडक्ट्स हैं। ये भारत के अलावा अमेरिका, UAE, ऑस्ट्रेलिया, रूड, फ्रांस, जर्मनी, स्पेन, नीदरलैंड समेत 32 देशों में मिलते हैं। शिवरतन के बेटे दीपक अग्रवाल कंपनी के MD हैं। शिवरतन अग्रवाल ने अपने खानदानी बिजनेस ‘हल्दीराम’ के बंटवारे के बाद बीकाजी शुरू किया था। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. ट्रम्प ने नौसेना प्रमुख जॉन फेलन को पद से हटाया 22 अप्रैल को अमेरिकी रक्षा विभाग ने अमेरिकी नेवी प्रमुख जॉन फेलन को पद से बर्खास्त कर दिया गया। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने बयान जारी कर कहा कि फेलन तत्काल प्रभाव से अपना पद छोड़ रहे हैं। फेलन ने एक दिन पहले ही वाशिंगटन डीसी में नौसेना के वार्षिक सम्मेलन में बड़ी संख्या में नाविकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को संबोधित किया था और पत्रकारों से अपने एजेंडे पर चर्चा की थी। हालांकि सूत्रों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से फेलन और पेंटागन के शीर्ष नेतृत्व के बीच लगातार मतभेद चल रहे थे। फेलन ट्रंप के चुनाव अभियान के प्रमुख दानदाताओं में से एक थे और उन्होंने निजी निवेश फर्म रगर मैनेजमेंट एलएलसी की स्थापना की थी। फेलन ने 24 मार्च 2025 को नौसेना सचिव के पद की शपथ ली थी। फेलन की जगह पर नौसेना के वर्तमान अवर सचिव हंग काओ को कार्यवाहक नौसेना सचिव नियुक्त किया गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग ने इसके साथ ही परमाणु

Workplace Perfectionism Impact; Career Performance Reviews

Workplace Perfectionism Impact; Career Performance Reviews

Hindi News Lifestyle Workplace Perfectionism Impact; Career Performance Reviews | Healthy Striving 19 मिनट पहले कॉपी लिंक सवाल- मैं 29 साल का हूं और एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करता हूं। मैं बचपन से ही बिल्कुल परफेक्शनिस्ट रहा हूं। हर छोटी-छोटी चीज की एकदम डिटेल में चला जाता हूं। टीम के लोग कहते हैं कि मैं अनावश्यक रूप से काम को खींचता हूं। लेकिन प्रॉब्लम ये है कि अगर काम 100% परफेक्ट न हो तो मैं सबमिट ही नहीं कर पाता। इस चक्कर में डेडलाइन मिस हो जाती है। परफेक्ट न कर पाने और डेडलाइन मिस करने के डर से मैं नए प्रोजेक्ट नहीं लेता। अब इसका असर मेरे परफॉर्मेंस रिव्यू और करियर पर पड़ रहा है। अच्छा करने की कोशिश में मेरे करियर को नुकसान हो रहा है। मैं बैलेंस कैसे बनाऊं? एक्सपर्ट– डॉ. द्रोण शर्मा, कंसल्टेंट साइकेट्रिस्ट, आयरलैंड, यूके। यूके, आयरिश और जिब्राल्टर मेडिकल काउंसिल के मेंबर। सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। आप जो बता रहे हैं, वह सिर्फ ‘ज्यादा मेहनती’ या ‘डिटेल पर ध्यान देने वाला’ होने की बात नहीं है। शुरू में परफेक्शन की आदत आपको आगे बढ़ाती है, लेकिन जब यही आदत काम पूरा करने से रोकने लगे, डेडलाइन मिस होने लगे और नए मौके लेने से डर लगने लगे—तो हमें इसे थोड़ा अलग तरीके से समझने की जरूरत है। हेल्दी परफेक्शनिज्म अपने लिए हाई स्टैंडर्ड रखना अपने आप में कोई समस्या नहीं है। परफेक्शनिज्म एक अच्छी बात हो सकती है, अगर वो हेल्दी परफेक्शनिज्म हो। जैसेकि यह आपको- अनुशासित बनाता है। अपने काम में गर्व महसूस कराता है। एक जिम्मेदार व्यक्ति बनाता है। डिटेलिंग पर ध्यान देना सिखाता है। अच्छा काम करने की प्रेरणा देता है। ये सभी बहुत अच्छे गुण हैं, जो आपकी ग्रोथ में मदद करते हैं। अनहेल्दी परफेक्शनिज्म लेकिन अब सवाल ये है कि हेल्दी परफेक्शनिज्म कब अनहेल्दी यानी नुकसानदायक परफेक्शनिज्म में बदल जाता है। समस्या तब शुरू होती है, जब आपके हाई स्टैंडर्ड्स के साथ एक तरह का डर जुड़ जाता है। तब व्यक्ति अच्छा और परफेक्ट काम सिर्फ अच्छा करने के लिए नहीं करता। वो ये काम किसी डर से करता है। जैसेकि- गलती होने का डर लोगों की आलोचना का डर शर्मिंदगी का डर ये डर कि “मैं अच्छा नहीं हूं।” आपके भीतर क्या चल रहा है? इसके पीछे अक्सर कुछ छिपे हुए विश्वास काम कर रहे होते हैं। जैसेकि- “अगर मैं परफेक्ट काम करूंगा, तभी लोग मुझे स्वीकार करेंगे।” “तभी मुझे सम्मान मिलेगा।” “तभी मैं सुरक्षित या कंट्रोल में रहूंगा।” और इसके उलट ये डर सताता है- “अगर गलती हुई तो लोग मुझे जज करेंगे।” “मुझे शर्मिंदगी होगी।” “लोग मुझे कमतर समझेंगे।” ऐसा सोचने पर व्यक्ति सच को बहुत सीमित फ्रेम में देखने लगता है। जैसकि– परफेक्ट या फेल तारीफ या शर्मिंदगी मंजूरी या रिजेक्शन आसमान या गर्त इसका असर काम पर कैसे दिखता है? इन मानसिकता का असर काम पर भी पड़ता है और धीरे-धीरे कुछ पैटर्न बनने लगते हैं। सभी पैटर्न नीचे ग्राफिक में देखें– बाहर से देखकर लगता है कि यह “बहुत मेहनत” का काम है, लेकिन अगर भीतर उतरकर देखें तो यहां एंग्जाइटी और सेल्फ डाउट का एक खेल चल रहा होता होता है। नीचे ग्राफिक में हेल्दी और अनहेल्दी परफेक्शनिज्म का फर्क देखें। इस केस में साफ है— परफेक्शनिज्म अब आपकी मदद नहीं कर रहा, बल्कि आपके परफॉर्मेंस को नुकसान पहुंचा रहा है। डेडलाइन मिस होना, नए काम से बचना और डिटेल में फंस जाना—ये संकेत हैं कि स्टैंडर्ड्स अब काम की जरूरत के अनुसार नहीं हैं। समस्या क्षमता की नहीं है, बल्कि ‘गलती का डर’ इतना बढ़ गया है कि काम पूरा करने की क्षमता दब गई है। अच्छा काम, परफेक्ट काम के पीछे कुर्बान हो रहा है। आपका परफेक्शनिज्म अच्छा है या नुकसानदायक करें सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट यहां मैं आपको एक सेल्फ एसेसमेंट टेस्ट दे रहा हूं। नीचे ग्राफिक में कुल 16 सवाल हैं। इन सवालों को 0 से 4 के स्केल पर रेट करें और अंत में अपने स्कोर की एनालिसिस करें। अगर आपका टोटल स्कोर 49 से ज्यादा है तो आपको प्रोफेशनल हेल्प लेनी चाहिए। CBT आधारित मैनेजमेंट प्लान 1. परफेक्शनिस्ट सोच को पहचानना और बदलना काम करते समय रुककर देखें- आपके दिमाग में क्या चल रहा है? “परफेक्ट नहीं है तो मैं सबमिट नहीं कर सकता।” “अगर गलती हुई तो मेरी इमेज खराब हो जाएगी।” नोट: ये विचार अक्सर अपने-आप आते हैं, लेकिन इन्हें नोटिस करना जरूरी है। खुद से सवाल पूछें (रियलिटी चेक) हर विचार को तुरंत सच मानने के बजाय सवाल करें— क्या सच में ऐसा पहले हुआ है? क्या हर छोटी गलती पर लोग मुझे जज करते हैं? क्या कोई ऐसा उदाहरण है, जब ‘परफेक्ट’ न होने पर भी काम ठीक चला? नोट: इससे आपको दिखेगा कि आपका डर अक्सर चीजों को बढ़ा-चढ़ाकर दिखा रहा होता है। बैलेंस्ड सोच बनाएं अब उसी सोच को थोड़ा संतुलित तरीके से बदलें— “काम उपयोगी और समझ में आने वाला होना चाहिए, हर बार परफेक्ट होना जरूरी नहीं।” “समय पर अच्छा काम देना, देर से परफेक्ट काम देने से बेहतर है।” नोट: यह सोच आपको आगे बढ़ने में मदद करती है, रोकती नहीं है। 100% की जगह ‘काफी अच्छा’ सोचें खुद से सवाल पूछें— “क्या ये काम अपने मकसद को पूरा कर रहा है?” “क्या इससे सामने वाले को जरूरी जानकारी मिल रही है?” नोट: अगर जवाब ‘हां’ है, तो इसका मतलब है कि काम तैयार है। डेली यूज के लिए छोटा सा अभ्यास जब भी अटकें तो ये 3 स्टेप फॉलो करें: मैं अभी क्या सोच रहा हूं? क्या यह पूरी तरह सच है या मेरा डर है? इसका एक ज्यादा संतुलित जवाब क्या हो सकता है? याद रखने वाली जरूरी बात “आपका लक्ष्य परफेक्ट बनना नहीं, बल्कि काम को समय पर और प्रभावी तरीके से पूरा करना है।” 2. ब्लैक-एंड-व्हाइट सोच छोड़ें आप जीवन को ब्लैक-एंड-व्हाइट तरीके से देखते और सोचते हैं। जैसे- ये बेस्ट है या वर्स्ट है। छोटी सी गलती मतलब पूरा काम खराब। काम पूरा होने पर भी संतुष्टि नहीं। इस सोच को बदलने के लिए ये स्टेप फॉलो करें। 1. सवाल बदलें गलत सवाल- “क्या ये परफेक्ट है?” सही सवाल– “क्या ये सही और उपयोगी है?” नोट: इससे फोकस क्वालिटी से

Arthritis Joint Pain Relief Home Remedies; Giloy Turmeric Ginger

Arthritis Joint Pain Relief Home Remedies; Giloy Turmeric Ginger

Hindi News Lifestyle Arthritis Joint Pain Relief Home Remedies; Giloy Turmeric Ginger | Diabetes BP Precautions 46 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, दुनिया में 50 करोड़ से ज्यादा लोगों को आर्थराइटिस है। किसी की समस्या मॉडरेट है तो किसी की गंभीर। आर्थराइटिस के कारण शुरू हुआ जॉइंट पेन लगभग पूरी जिंदगी बना रहता है। कुछ लोग इससे राहत के लिए पेन किलर खाते हैं। ये खतरनाक साबित हो सकता है। इससे किडनी तक डैमेज हो सकती है। ऐसे में सवाल है कि क्या पेन किलर के बिना भी इस दर्द से राहत मिल सकती है? जवाब है– ‘हां’। जॉइंट पेन में घरेलू नुस्खों से राहत मिलती है। ‘जरूरत की खबर’ में आज आर्थराइटिस पेन से राहत के घरेलू नुस्खों की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- आर्थराइटिस क्यों होता है? क्या डायबिटिक और बीपी पेशेंट भी ये घरेलू नुस्खे ले सकते हैं? एक्सपर्ट: डॉ. पी.के. श्रीवास्तव, पूर्व सीनियर कंसल्टेंट, राजकीय आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, लखनऊ सवाल- आर्थराइटिस क्या है? जवाब- आर्थराइटिस में जॉइंट्स में क्रॉनिक इंफ्लेमेशन हो जाता है। इसके कारण अकड़न बनी रहती है और दर्द होता है। हमारे शरीर में जहां भी दो हड्डियां मिलती हैं, उसे जॉइंट कहते हैं। इन जॉइंट्स में दोनों हड्डियों के बीच एक मुलायम लेयर होती है, जिसे ‘कार्टिलेज’ कहते हैं। जब ये लेयर खराब होने लगती है या इम्यून सिस्टम खुद जॉइंट्स पर हमला करने लगता है (ऑटोइम्यून डिजीज) तो आर्थराइटिस होता है। सवाल- आर्थराइटिस क्यों होता है? जवाब- आर्थराइटिस में कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगता है या उनमें सूजन आ जाती है। इसकी सबसे कॉमन वजह उम्र बढ़ना है, क्योंकि समय के साथ जोड़ों की फ्लैक्सिबिलिटी कम हो जाती है। मोटापा यानी ज्यादा वजन भी जोड़ों पर अतिरिक्त दबाव डालता है, जिससे कार्टिलेज डैमेज होता है। पुरानी चोट, गलत तरीके से बैठने-उठने की आदतें, ज्यादा मेहनत वाले काम और विटामिन D या कैल्शियम की कमी भी आर्थराइटिस का कारण बन सकती है। कुछ मामलों में ऑटोइम्यून कंडीशन के कारण भी आर्थराइटिस हो सकता है। इसे रूमेटॉइड आर्थराइटिस कहते हैं। सवाल- आर्थराइटिस के दर्द से राहत के लिए लोग अक्सर पेनकिलर ले लेते हैं? इसमें रोज पेन किलर खाना क्यों खतरनाक है? जवाब- आर्थराइटिस के दर्द में पेनकिलर तुरंत राहत तो देते हैं, लेकिन इन्हें रोज खाने से बहुत नुकसान हो सकता है। सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या पेन किलर के बिना भी आर्थराइटिस के दर्द से राहत मिल सकती है? जवाब- हां, कई मामलों में पेन किलर के बिना भी आर्थराइटिस के दर्द को कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- नियमित हल्की एक्सरसाइज करें। फिजियोथेरेपी लें। वजन कंट्रोल में रखें। पौष्टिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट लें। योग और स्ट्रेचिंग करें। जोड़ों की सिंकाई करें। इसके अलावा कुछ हर्ब्स में प्राकृतिक एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो सूजन कम कर सकते हैं। सवाल- आर्थराइटिस पेन का घरेलू इलाज क्या है? जवाब- घरेलू इलाज का मकसद जोड़ों की सूजन को कम करना और जोड़ों को पोषण देना है। कुछ प्रभावी घरेलू नुस्खे ग्राफिक में देखिए- ऊपर ग्राफिक में दिए घरेलू नुस्खों के अलावा हल्का योग, गुनगुने पानी से स्नान, पर्याप्त नींद और संतुलित डाइट भी घरेलू इलाज का अहम हिस्सा हैं। आइए, अब इन सभी नुस्खे के बारे में विस्तार से समझिए- 1. गिलोय और हल्दी दोनों में एंटी-इंफ्लेमेटरी कंपाउंड्स (जैसे करक्यूमिन) सूजन को कम करते हैं। इम्यून सिस्टम को मॉड्यूलेट करके इंफ्लेमेशन कंट्रोल करते हैं। जोड़ों के दर्द और स्टिफनेस को कम करने में मदद करते हैं। इसके एंटीऑक्सिडेंट गुण सेल डैमेज को कम करते हैं। 2. गिलोय और अदरक अदरक के जिंजरोल्स दर्द और सूजन को कम करते हैं। ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाकर जकड़न घटाते हैं। गिलोय इम्यून बैलेंस और टॉक्सिन क्लियरेंस में मदद करता है। दोनों मिलकर इंफ्लेमेशन और पेन सिग्नल्स को कम करते हैं। 3. गिलोय और अश्वगंधा अश्वगंधा का एडाप्टोजेनिक प्रभाव स्ट्रेस-इंफ्लेमेशन को घटाता है। मसल्स और जॉइंट स्ट्रेंथ को सपोर्ट करता है। गिलोय इम्यून-रिलेटेड सूजन को कंट्रोल करता है। दर्द और जॉइंट स्टिफनेस में राहत मिलती है। 4. गिलोय और गुग्गुल गुग्गुल इंफ्लेमेटरी मार्कर्स (जैसे साइटोकाइन्स) को कम करता है। क्रॉनिक जॉइंट पेन और सूजन को कम करता है। गिलोय डिटॉक्स और इम्यून रेगुलेशन में मदद करता है। आर्थराइटिस में सूजन और अकड़न कम करने में सहायक है। 5. गिलोय और निर्गुंडी निर्गुंडी में एनाल्जेसिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। नसों और मांसपेशियों के दर्द को कम करने में मदद मिलती है। गिलोय इम्यून रिस्पॉन्स और सूजन को कंट्रोल करता है। दोनों मिलकर जॉइंट पेन, सूजन और स्टिफनेस घटाते हैं। सवाल- इन दर्द निवारक घरेलू नुस्खों को कैसे तैयार करें? जवाब- ये दर्द निवारक घरेलू नुस्खे ऐसे तैयार करें- गिलोय+हल्दी/अदरक: आधा चम्मच गिलोय पाउडर में चुटकी भर हल्दी या अदरक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लें। गिलोय+अश्वगंधा: दोनों का चूर्ण बराबर मात्रा में मिलाकर लें। गिलोय+गुग्गुल: यह आमतौर पर टैबलेट या पाउडर के रूप में लिया जाता है। गिलोय+निर्गुंडी: काढ़े के रूप में या तेल से मालिश के लिए इस्तेमाल करें। सभी नुस्खे साफ-सफाई का ध्यान रखकर और सीमित मात्रा में ही तैयार करें। गिलोय को काढ़े या पाउडर के रूप में लिया जा सकता है। सवाल- ये नुस्खे दिन में कितनी बार और कितने दिन तक लेने चाहिए? जवाब- आमतौर पर दिन में 1-2 बार लिया जा सकता है। गिलोय वाले नुस्खे सुबह या शाम लेना बेहतर माना जाता है। इन्हें 4-8 हफ्ते तक लगातार लिया जा सकता है। आयुर्वेदिक उपाय धीरे असर करते हैं, इसलिए धैर्य बनाए रखें। लंबे समय तक या ज्यादा मात्रा में लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। सवाल- इन्हें खाली पेट लेना सही है या खाने के बाद लेना ठीक है? जवाब- इसका सही समय आपकी पाचन क्षमता और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। गिलोय और हल्दी जैसे नुस्खे खाली पेट लेने से बेहतर अवशोषित होते हैं। अगर गैस, एसिडिटी या कमजोर पाचन है, तो खाने के बाद लें। अश्वगंधा और गुग्गुल भोजन के बाद लेना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। कोई परेशानी हो तो डॉक्टर की सलाह लें। सवाल- क्या इन दर्द-निवारक घरेलू नुस्खों का कोई साइड इफेक्ट भी हो सकता है? जवाब- ज्यादा मात्रा या लंबे समय तक लेने पर कुछ साइड

IPL में आज बेंगलुरु के सामने गुजरात:पाटीदार इस सीजन 22 सिक्स लगा चुके; दोनों का हेड टु हेड बराबरी पर

IPL में आज बेंगलुरु के सामने गुजरात:पाटीदार इस सीजन 22 सिक्स लगा चुके; दोनों का हेड टु हेड बराबरी पर

IPL-2026 के 34वें मैच में आज रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) का सामना गुजरात टाइटंस (GT) से होगा। मुकाबला बेंगलुरु के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा, जबकि टॉस 7:00 बजे होगा। RCB की कप्तानी रजत पाटीदार कर रहे हैं, वहीं GT की कमान शुभमन गिल के हाथों में है। पाटीदार इस सीजन सबसे ज्यादा सिक्स लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर हैं। उनके 22 सिक्स हैं। पहले नंबर पर 27 सिक्स के साथ हैदराबाद के अभिषेक शर्मा हैं। इस सीजन RCB 6 मैचों में 4 जीत और 2 हार के साथ पॉइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर है। वहीं GT 6 मैचों में 3 जीत और 3 हार के साथ 6 पॉइंट्स जुटाए हैं और छठे स्थान पर है। दोनों ने 3-3 मैच जीते टूर्नामेंट में दोनों टीमों के बीच अब तक कांटे की टक्कर देखने को मिली है। IPL में RCB और GT के बीच 6 मुकाबले खेले गए हैं। दोनों टीमों ने 3-3 मैच जीते हैं। कोहली के सबसे ज्यादा रन RCB के लिए इस सीजन विराट कोहली शानदार फॉर्म में नजर आए हैं। उन्होंने 6 मैचों में 247 रन बनाए हैं, जिसमें 2 अर्धशतक शामिल हैं। 157.32 के स्ट्राइक रेट से कोहली टीम को तेज शुरुआत दे रहे हैं। गेंदबाजी में भुवनेश्वर कुमार ने जिम्मेदारी संभाली है। उन्होंने 6 मैचों में 10 विकेट झटके हैं, जिसमें 3/28 उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा है। 8.33 की इकोनॉमी के साथ वह पावरप्ले और डेथ ओवर्स में अहम भूमिका निभा रहे हैं। गिल-प्रसिद्ध GT के मैच विनर गुजरात के कप्तान शुभमन गिल इस सीजन शानदार लय में हैं। उन्होंने 5 मैचों में 265 रन बनाए हैं, जिसमें 3 अर्धशतक शामिल हैं। 151.42 के स्ट्राइक रेट से गिल शानदार शुरुआत दे रहे हैं। वहीं गेंदबाजी में प्रसिद्ध कृष्णा ने कमाल दिखाया है। उन्होंने 6 मैचों में 12 विकेट लिए हैं, जिसमें 4/28 उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा है। हालांकि उनकी इकोनॉमी 9.91 रही है। चिन्नास्वामी की पिच हाई-स्कोरिंग और चेज फेवरेट एम चिन्नास्वामी स्टेडियम की पिच बल्लेबाजों के लिए अनुकूल मानी जाती है। फ्लैट ट्रैक, छोटी बाउंड्री और तेज आउटफील्ड के कारण बड़े शॉट खेलना आसान होता है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को नई गेंद से हल्की मूवमेंट मिलती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, पिच और बेहतर बैटिंग ट्रैक बन जाती है। दूसरी पारी में ओस भी अहम भूमिका निभाती है, जिससे स्पिनर्स को ग्रिप में दिक्कत होती है और चेज करना आसान हो जाता है, यही कारण है कि यहां टॉस जीतकर टीमें पहले गेंदबाजी चुनती हैं। आंकड़ों की बात करें तो इस मैदान पर 106 IPL मैच खेले गए हैं, जिनमें 41% मैच पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने और 54% मैच पहले गेंदबाजी करने वाली टीम ने जीते हैं। औसत पहली पारी का स्कोर 170 और दूसरी पारी का 152 रहा है। सबसे बड़ा स्कोर 287/3 (SRH vs RCB), सबसे बड़ा सफल रन चेज 213/9 और सबसे छोटा डिफेंडेड स्कोर 106/2 है। बारिश की कोई संभावना नहीं बेंगलुरु में RCB vs GT मुकाबले के दौरान मौसम गर्म रहेगा। बारिश की कोई संभावना नहीं है। रात बढ़ने के साथ ह्यूमिडिटी थोड़ी बढ़ सकती है, जिससे दूसरी पारी में ओस का असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम चेज करना पसंद कर सकती है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB): रजत पाटीदार (कप्तान), विराट कोहली, फिल सॉल्ट, देवदत्त पडिक्कल, टिम डेविड, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), क्रुणाल पंड्या, रोमारियो शेपर्ड भुवनेश्वर कुमार, जोश हेजलवुड, रसिख सलाम और सुयश शर्मा। गुजरात टाइटंस (GT): शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), ग्लेन फिलिप्स, शाहरुख खान, राहुल तेवतिया, वॉशिंगटन सुंदर, राशिद खान, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और अशोक शर्मा। ————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… मुंबई की IPL में सबसे बड़ी हार:चेन्नई ने 103 रन से हराया; संजू सैमसन की इस सीजन दूसरी सेंचुरी; अकील हुसैन को 4 विकेट पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस को IPL में सबसे बड़ी हार झेलनी पड़ी है। चेन्नई सुपर किंग्स ने गुरुवार को मुंबई के होमग्राउंड पर उसे 103 रन से हराया। इससे पहले मुंबई की सबसे बड़ी हार 87 रन की थी, जो उसे 2013 में राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मिली थी। पूरी खबर

Deepika Padukone Success Story Explained; Om Shanti Om | Movies List

Deepika Padukone Success Story Explained; Om Shanti Om | Movies List

सादगी, स्टाइल और स्टारडम की असली मिसाल दीपिका पादुकोण। दीपिका पादुकोण ने 2007 में फिल्म ‘ओम शांति ओम’ से डेब्यू कर स्टारडम हासिल किया, लेकिन उन्हें आलोचना और तानों का सामना करना पड़ा। उनकी डायलॉग डिलीवरी और एक्सेंट का मजाक उड़ाया गया, जिससे वह मानसिक रूप से टूटने लगीं। करियर के पीक पर होने के बावजूद 2014 . उन्होंने थैरेपी और आत्मविश्वास के सहारे खुद को संभाला। इस दौर के बाद ‘कॉकटेल’, ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘पद्मावत’ और ‘पठान’ से उन्होंने टॉप एक्ट्रेसेस में जगह बनाई। आज दीपिका की नेटवर्थ ₹500 करोड़ से ज्यादा ज्यादा है। आज की सक्सेस स्टोरी में दीपिका पादुकोण के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें जानते हैं। मॉडलिंग करियर के चलते पढ़ाई बीच में छोड़ दी दीपिका पादुकोण का जन्म 5 जनवरी 1986 को डेनमार्क की राजधानी कोपेनहेगन में हुआ था। उनके पिता प्रकाश पादुकोण मशहूर बैडमिंटन खिलाड़ी हैं। बचपन में उनका परिवार बेंगलुरु शिफ्ट हो गया। उन्होंने स्कूली पढ़ाई सोफिया हाई स्कूल से की और आगे माउंट कार्मेल कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन मॉडलिंग करियर के चलते पढ़ाई छोड़ दी। दीपिका के माता-पिता काम के सिलसिले में कोपेनहेगन में थे, इसलिए उनका जन्म वहीं हुआ। मॉडलिंग में एंट्री और पहला ब्रेक दीपिका शुरुआत में अपने पिता की तरह बैडमिंटन खिलाड़ी बनना चाहती थीं, लेकिन टीनेज में उनका झुकाव मॉडलिंग की ओर हो गया। उन्होंने छोटे प्रोजेक्ट्स से शुरुआत की और पहचान बनाई। उन्हें बड़ा ब्रेक तब मिला जब उन्होंने ज्वेलरी ब्रांड तनिष्क के लिए मॉडलिंग की। इसके बाद लैक्मे फैशन वीक में रैंप वॉक किया, जिससे वह इंडस्ट्री में नोटिस हुईं। सूटकेस साथ कैब में ही सो जाती थीं मॉडलिंग के दौरान मुंबई आने पर दीपिका को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। दीपिका कहती हैं- मैं एक नए शहर में अकेले आई थी। मेरे पास सिर्फ मेरा बैग था, और मैं उसे लेकर इधर-उधर भटकती रहती थी। मैं देर रात तक काम करती थी और सूटकेस लेकर कैब में हर जगह जाती थी। कई बार मैं उसी कैब में सो जाती थी। कन्नड़ फिल्म ऐश्वर्या में दीपिका पादुकोण ने उपेंद्र के ओपॉजित काम किया था। कन्नड़ फिल्म से एक्टिंग डेब्यू मॉडलिंग में सफलता के बाद दीपिका को फिल्म का ऑफर मिला। उन्होंने 2006 में कन्नड़ फिल्म ‘ऐश्वर्या’ से एक्टिंग करियर शुरू किया। यह फिल्म बड़ी हिट नहीं रही, लेकिन उनकी स्क्रीन प्रेजेंस ने फिल्ममेकर्स का ध्यान खींचा। बॉलीवुड में एंट्री और चुनौतियां मॉडलिंग के दौरान दीपिका पादुकोण ने हिमेश रेशमिया के म्यूजिक वीडियो ‘नाम है तेरा’ में काम किया था। इसी से उनकी स्क्रीन प्रेजेंस और कॉन्फिडेंस ने डायरेक्टर फराह खान का ध्यान खींचा। फराह खान नई और फ्रेश फेस की तलाश में थीं। उन्हें लगा कि 70 के दशक की अभिनेत्री शांति प्रिया के किरदार के लिए दीपिका फिट हैं। इसके बाद उनका ऑडिशन हुआ और उन्हें फिल्म के लिए फाइनल किया गया। डायलॉग डिलीवरी और एक्टिंग स्किल्स पर सवाल उठे शाहरुख खान के साथ उनकी बॉलीवुड डेब्यू फिल्म ‘ओम शांति ओम’ बनी, जो 2007 की बड़ी हिट फिल्मों में रही और दीपिका स्टार बन गईं। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा। उनके एक्सेंट और डायलॉग डिलीवरी का मजाक उड़ाया गया, एक्टिंग स्किल्स पर सवाल उठे और आउटसाइडर होने का दबाव बना रहा। दीपिका पादुकोण ने इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में बताया था- जब मेरी फिल्म ‘ओम शांति ओम’ रिलीज हुई, तो मेरे एक्सेंट और डिक्शन को लेकर लोगों ने काफी मजाक उड़ाया। यह मेरे लिए बहुत हर्टफुल था, और उस वक्त ऐसी बातें सुनना आसान नहीं था। कई रिव्यूज में मेरी एक्टिंग, एक्सेंट और टैलेंट तक पर सवाल उठाए गए। मुझे ट्रोल भी किया गया, और इससे मैं मानसिक रूप से काफी परेशान हो गई थी। निगेटिविटी को खुद पर हावी नहीं होने दिया दीपिका बताती हैं- उस समय मुझे लगा था कि लोग मेरी परफॉर्मेंस से खुश नहीं हैं या मुझे राइट ऑफ कर दिया गया था। मैं टूट सकती थी, निराश हो सकती थी, या कह सकती थी कि अब मैं यह नहीं कर सकती। लेकिन मैंने उस निगेटिविटी को खुद पर हावी नहीं होने दिया। एक खराब रिव्यू ने मुझे खुद पर काम करने के लिए प्रेरित किया। मैं मानती हूं कि निगेटिविटी भी अच्छी हो सकती है- यह इस पर निर्भर करता है कि आप उसे कैसे लेते हैं। मुश्किल दौर से निकलकर इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाई ‘ओम शांति ओम’ के बाद दीपिका पादुकोण ने ‘बचना ऐ हसीनों’, ‘चांदनी चौक टू चाइना’, ‘लव आजकल’, ‘कार्तिक कॉलिंग कार्तिक’, ‘हाउसफुल’, ‘लफंगे परिंदे’, ‘ब्रेक के बाद’, ‘खेले हम जी जान से’, ‘आरक्षण’ और ‘देसी बॉयज’ जैसी फिल्में कीं। इनमें ‘लव आजकल’, ‘हाउसफुल’ और ‘बचना ऐ हसीनों ’हिट रहीं, बाकी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं रहीं। 2012 में रिलीज फिल्म ‘कॉकटेल’ को उनके करियर का बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जाता है। इसमें उनके वेरोनिका डी’कोस्टा किरदार को सराहा गया था और उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए नामांकन मिला था। इसके बाद ‘ये जवानी है दीवानी’, ‘चेन्नई एक्सप्रेस’ और ‘गोलियों की रासलीला- रामलीला’ जैसी हिट फिल्में देकर उन्होंने खुद को टॉप एक्ट्रेस के रूप में स्थापित किया। करियर के पीक पर टूटीं, डिप्रेशन ने घेरा करियर के पीक समय पर दीपिका पादुकोण 2014 के आसपास डिप्रेशन से जूझ रही थीं। वो अंदर से टूट चुकी थीं। केबीसी में दीपिका ने कहा था- मैं अपने करियर के पीक पर थी, सब कुछ बाहर से बिल्कुल परफेक्ट लग रहा था, तब एक सुबह मुझे अचानक बहुत अजीब सा एहसास हुआ। कुछ दिनों में मुझे समझ आया कि मैं डिप्रेशन में हूं। अकेलेपन में जंग, किसी से नहीं कही बात मैंने किसी को नहीं बताया। मैं अकेली मुंबई में रहती थी और अंदर ही अंदर टूट रही थी। कई दिनों तक मैं रोती रहती थी, मुझे जीने का मन नहीं करता था और सब कुछ खाली लगने लगा था। मैं किसी से बात नहीं करती थी। मां के सामने टूटा सब्र, शुरू हुई पहचान जब मेरी मां मुंबई आईं और वापस जाने लगीं, तो मैं खुद को रोक नहीं पाई और उनके सामने रो पड़ी। तब उन्हें समझ आया कि कुछ गलत हो रहा है। इसके बाद मुझे पता चला कि यह डिप्रेशन है और मैंने

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Hindi News National Breaking News Live Updates Headlines 24 April Delhi Rajasthan Mp Cg Uttar Pradesh Maharashtra Mumbai 24 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने पोस्ट-पोल के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें मतदान के बाद निगरानी कैमरों और वीडियो डेटा को संभालने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। इन नियमों का मकसद मतदान प्रक्रिया से जुड़े सभी रिकॉर्ड को सुरक्षित और पारदर्शी रखना है। नई गाइडलाइंस के अनुसार, पोलिंग बूथ पर लगे कैमरों के SD कार्ड मतदान खत्म होते ही नहीं निकाले जाएंगे। कैमरे को हटाने के बाद भी उसे सेक्टर ऑफिसर की निगरानी में रखा जाएगा। SD कार्ड केवल निर्धारित डेटा कलेक्शन और रिसीविंग सेंटर पर ही निकाले जा सकेंगे। यह प्रक्रिया असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की मौजूदगी में पूरी की जाएगी। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि मतदान के दौरान रिकॉर्ड किया गया पूरा वीडियो डेटा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित किया जाए। इसके अलावा, किसी भी पोलिंग पार्टी या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को तब तक पोलिंग स्टेशन छोड़ने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कैमरा उपकरण पूरी तरह हट नहीं जाते। आज की अन्य बड़ी खबरें… सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में डकैती की साजिश कर रहीं 9 महिलाएं गिरफ्तार महाराष्ट्र में सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में डकैती की साजिश को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने नाकाम कर दिया है। इस मामले में 9 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो ट्रेन में लूट की योजना बना रही थीं। कुर्डुवाडी रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात RPF की टीम ने तीन महिलाओं को प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हालत में देखा। पूछताछ के बाद उन्हें स्टेशन से बाहर जाने को कहा गया, लेकिन वे लातूर एक्सप्रेस में सवार हो गईं। इसके बाद RPF ने अन्य स्टेशनों को अलर्ट किया। ये महिलाएं जेऊर स्टेशन पर उतरकर मुंबई-सोलापुर सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में चढ़ गईं, जहां RPF टीम ने उन्हें लगातार निगरानी में रखा। आखिरकार सोलापुर स्टेशन पर इन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं एक ऐसे गिरोह का हिस्सा हैं, जो सोलापुर और पुणे रेलवे डिवीजन में सक्रिय है। आरोपियों की उम्र 18 से 40 साल के बीच है और वे धाराशिव जिले की रहने वाली हैं। विवेक त्रिपाठी को RBI से मिली हरी झंडी, बनेंगे एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने विवेक त्रिपाठी को बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति 24 अप्रैल, 2026 से शुरू होकर अगले तीन साल के लिए होगी। विवेक त्रिपाठी वर्तमान में बैंक के चीफ क्रेडिट ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और 2014 से AU Small Finance Bank के साथ जुड़े हुए हैं। उनका क्रेडिट और रिस्क मैनेजमेंट के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। दिल्ली में 7 साल के बच्चे को पुलिस ने किडनैपर से बचाया, आरोपी टेलर बिहार ले जा रहा था दिल्ली में अगवा किए गए 7 साल के बच्चे को पुलिस ने 5 घंटे के अंदर सुरक्षित बचा लिया। दिल्ली पुलिस ने न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन से आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह बच्चे को बिहार ले जाने की कोशिश में था। आरोपी की पहचान मोहम्मद आदिल अंसारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला है। आरोपी ने डाबरी इलाके से बच्चे का किडनैप किया था। सूचना मिलते ही डाबरी थाना पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी में नजर आने के बाद आरोपी की लोकेशन का पता लगाकर उसे अरेस्ट कर लिया। आरोपी मोहम्मद आदिल अंसारी डाबरी इलाके में ही टेलर का काम करता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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Hindi News National Breaking News Live Updates Headlines 24 April Delhi Rajasthan Mp Cg Uttar Pradesh Maharashtra Mumbai 7 मिनट पहले कॉपी लिंक श्रीनगर में एक होटल की लिफ्ट गिरने से शुक्रवार को छह पर्यटक घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि यह हादसा शहर के हैदरपोरा इलाके में बने एक नए होटल में हुआ। घायल पर्यटकों को बारजुल्ला स्थित बोन एंड जॉइंट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, सभी की हालत स्थिर बताई जा रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… बंगाल चुनाव के लिए EC की नई गाइडलाइंस, कैमरों के SD कार्ड तुरंत नहीं हटेंगे पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने पोस्ट-पोल के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। इसमें मतदान के बाद निगरानी कैमरों और वीडियो डेटा को संभालने के लिए सख्त नियम तय किए गए हैं। इन नियमों का मकसद मतदान प्रक्रिया से जुड़े सभी रिकॉर्ड को सुरक्षित और पारदर्शी रखना है। नई गाइडलाइंस के अनुसार, पोलिंग बूथ पर लगे कैमरों के SD कार्ड मतदान खत्म होते ही नहीं निकाले जाएंगे। कैमरे को हटाने के बाद भी उसे सेक्टर ऑफिसर की निगरानी में रखा जाएगा। SD कार्ड केवल निर्धारित डेटा कलेक्शन और रिसीविंग सेंटर पर ही निकाले जा सकेंगे। यह प्रक्रिया असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर की मौजूदगी में पूरी की जाएगी। चुनाव आयोग ने यह भी कहा है कि मतदान के दौरान रिकॉर्ड किया गया पूरा वीडियो डेटा सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित किया जाए। इसके अलावा, किसी भी पोलिंग पार्टी या बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को तब तक पोलिंग स्टेशन छोड़ने की अनुमति नहीं होगी, जब तक कैमरा उपकरण पूरी तरह हट नहीं जाते। सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में डकैती की साजिश कर रहीं 9 महिलाएं गिरफ्तार महाराष्ट्र में सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में डकैती की साजिश को रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने नाकाम कर दिया है। इस मामले में 9 महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है, जो ट्रेन में लूट की योजना बना रही थीं। कुर्डुवाडी रेलवे स्टेशन पर बुधवार रात RPF की टीम ने तीन महिलाओं को प्लेटफॉर्म पर संदिग्ध हालत में देखा। पूछताछ के बाद उन्हें स्टेशन से बाहर जाने को कहा गया, लेकिन वे लातूर एक्सप्रेस में सवार हो गईं। इसके बाद RPF ने अन्य स्टेशनों को अलर्ट किया। ये महिलाएं जेऊर स्टेशन पर उतरकर मुंबई-सोलापुर सिद्धेश्वर एक्सप्रेस में चढ़ गईं, जहां RPF टीम ने उन्हें लगातार निगरानी में रखा। आखिरकार सोलापुर स्टेशन पर इन्हें हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सामने आया कि ये महिलाएं एक ऐसे गिरोह का हिस्सा हैं, जो सोलापुर और पुणे रेलवे डिवीजन में सक्रिय है। आरोपियों की उम्र 18 से 40 साल के बीच है और वे धाराशिव जिले की रहने वाली हैं। विवेक त्रिपाठी को RBI से मिली हरी झंडी, बनेंगे एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने विवेक त्रिपाठी को बैंक के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने की औपचारिक मंजूरी दे दी है। यह नियुक्ति 24 अप्रैल, 2026 से शुरू होकर अगले तीन साल के लिए होगी। विवेक त्रिपाठी वर्तमान में बैंक के चीफ क्रेडिट ऑफिसर की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं और 2014 से AU Small Finance Bank के साथ जुड़े हुए हैं। उनका क्रेडिट और रिस्क मैनेजमेंट के क्षेत्र में लंबा अनुभव है। दिल्ली में 7 साल के बच्चे को पुलिस ने किडनैपर से बचाया, आरोपी टेलर बिहार ले जा रहा था दिल्ली में अगवा किए गए 7 साल के बच्चे को पुलिस ने 5 घंटे के अंदर सुरक्षित बचा लिया। दिल्ली पुलिस ने न्यू दिल्ली रेलवे स्टेशन से आरोपी को उस समय गिरफ्तार किया, जब वह बच्चे को बिहार ले जाने की कोशिश में था। आरोपी की पहचान मोहम्मद आदिल अंसारी के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार के मधुबनी का रहने वाला है। आरोपी ने डाबरी इलाके से बच्चे का किडनैप किया था। सूचना मिलते ही डाबरी थाना पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी में नजर आने के बाद आरोपी की लोकेशन का पता लगाकर उसे अरेस्ट कर लिया। आरोपी मोहम्मद आदिल अंसारी डाबरी इलाके में ही टेलर का काम करता था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔