Swarnaprashan: 16 संस्कारों में से जरूरी है स्वर्ण बिंदु प्रसन्न संस्कार, एक घुट्टी पिलाने से बच्चे बनते हैं तेजस्वी

Last Updated:April 27, 2026, 12:27 IST Swarnaprashan Benefits: स्वर्ण प्राशन का एक बड़ा लाभ यह भी है कि इससे बच्चों की इम्यूनिटी मजबूत होती है, जिससे वे अन्य बच्चों की तुलना में कम बीमार पड़ते हैं.साथ ही यह उनके संपूर्ण व्यक्तित्व विकास में भी सहायक होता है, जिससे बच्चे अधिक सक्रिय, स्वस्थ और तेजस्वी बनते हैं. कोरबा. छत्तीसगढ़ के कोरबा में बदलती जीवनशैली के बीच पारंपरिक संस्कारों का महत्व धीरे-धीरे कम होता जा रहा है. बच्चे के जन्म के बाद जहां परिवार विभिन्न संस्कारों को धूमधाम से निभाता है, वहीं स्वास्थ्य से जुड़ा एक महत्वपूर्ण संस्कार स्वर्ण बिंदु प्राशन अब लोगों की नजरों से ओझल होता जा रहा है. आयुर्वेद विशेषज्ञ इसे आज भी जीवित रखने का प्रयास कर रहे हैं. इस विषय पर आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. नागेंद्र शर्मा ने बताया कि स्वर्ण बिंदु प्राशन संस्कार सनातन परंपरा के 16 प्रमुख संस्कारों में से एक है. यह संस्कार जन्म से लेकर 18 साल तक के बच्चों को कराया जा सकता है और इसे बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. प्राचीन ऋषि-मुनियों द्वारा तैयार किए गए स्वर्ण प्राशन के फायदेडॉ. शर्मा के अनुसार, प्राचीन ऋषि-मुनियों ने हजारों साल पहले ही वायरस और बैक्टीरिया से होने वाली बीमारियों से बचाव के लिए एक विशेष रसायन तैयार किया था, जिसे स्वर्ण प्राशन कहा जाता है. यह रसायन सोने (स्वर्ण) के सूक्ष्म अंश के साथ शहद, ब्राह्मी, अश्वगंधा, गिलोय और शंखपुष्पी जैसी औषधीय जड़ी-बूटियों से तैयार किया जाता है. आयुर्वेद में इसे बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने का प्रभावी उपाय माना गया है. इसके सेवन से बच्चों की बुद्धि, स्मरण शक्ति, पाचन क्षमता और शारीरिक बल में वृद्धि होती है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि लगातार छह माह तक इसका सेवन कराया जाए, तो बच्चों की सोचने-समझने की क्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलता है. वे सुनी हुई बातों को बेहतर तरीके से याद रख पाते हैं और उनका मानसिक विकास भी तेज होता है. प्राचीन संस्कार को अपनाने की जरूरतइस संस्कार को कराने का भी एक विशेष समय निर्धारित है. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हर माह के पुष्य नक्षत्र के दिन बच्चों को यह रसायन पिलाया जाता है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है. विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक चिकित्सा के साथ-साथ यदि पारंपरिक आयुर्वेदिक ज्ञान को भी अपनाया जाए, तो बच्चों का समग्र विकास बेहतर तरीके से संभव है. इसलिए इस प्राचीन संस्कार को फिर से अपनाने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ी स्वस्थ और सशक्त बन सके. About the Author Mohd Majid with more than more than 5 years of experience in journalism. It has been two and half year to associated with Network 18 Since 2023. Currently Working as a Senior content Editor at Network 18. Here, I am cover…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Korba,Chhattisgarh First Published : April 27, 2026, 12:13 IST
शाजापुर जिला अस्पताल में पेयजल संकट:मरीजों-परिजनों को पानी के लिए जूझना पड़ रहा; नगर पालिका से टैंकर की मांग

शाजापुर जिला अस्पताल में इन दिनों पेयजल का गंभीर संकट गहरा गया है। सोमवार सुबह मातृ और शिशु बिल्डिंग में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायत के बाद ही वहां पानी की व्यवस्था हो सकी। अस्पताल के आपातकालीन गेट के पास बने पानी के स्टैंड पर नल लगे हैं, लेकिन उनमें पानी नहीं आ रहा है, जिससे अस्पताल आने-जाने वाले लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, जिले में गिरते जलस्तर का असर अब अस्पताल पर भी दिखने लगा है। कुएं और ट्यूबवेल सूखने की कगार पर हैं परिसर में स्थित कुएं और ट्यूबवेल सूखने की कगार पर हैं, जिससे नियमित जल आपूर्ति बाधित हो रही है। सिविल सर्जन डॉ. बी.एस. मेना ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए नगर पालिका को पत्र लिखकर टैंकरों के माध्यम से पानी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। पत्र में फायर टैंक में भी पानी भरवाने का उल्लेख किया गया है, ताकि किसी आपात स्थिति में परेशानी न हो। अस्पताल प्रबंधन ने नगर पालिका से प्रतिदिन कम से कम दो टैंकर पेयजल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। साथ ही, प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया है कि अस्पताल परिसर में वाटर कूलर के नीचे बर्तन धोने या पानी बर्बाद करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Gold Silver Rates Today | 27 April Price Hike

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक सोने-चांदी के दाम में आज यानी 27 अप्रैल को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार एक किलो चांदी 278 रुपए महंगी होकर 2,44,103 रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले इसकी कीमत 2,43,825 रुपए प्रति किलो थी। वहीं 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 16 रुपए महंगा होकर 1,51,495 रुपए पर बंद हुआ। इससे पहले 23 अप्रैल को इसकी कीमत 1,51,479 रुपए प्रति 10 ग्राम थी। सोना इस साल 18 हजार और चांदी 14 हजार रुपए महंगी 2026 में सोना अब तक 18 हजार रुपए महंगा हुआ है। 31 दिसंबर 2025 को 10 ग्राम सोना 1.33 लाख रुपए पर था, जो अब 1.51 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इस साल चांदी 10 हजार रुपए महंगी हुई है। 31 दिसंबर 2025 को चांदी 2.30 लाख रुपए किलो थी, जो अब बढ़कर 2.44 लाख रुपए पर पहुंच गई है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ तेजी से पिघलती है। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
AAP के 7 सांसद औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल, एनडीए की सीटें बढ़कर 148, दो-तिहाई बहुमत के करीब | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:27 अप्रैल, 2026, 11:55 IST रिजिजू ने कहा कि राघव चड्ढा और स्वाति मालीवाल सहित 7 सांसदों ने “अपमानजनक भाषा का सहारा नहीं लिया और कभी भी कोई अनुशासनहीनता और असंसदीय आचरण नहीं किया”। पिछले सप्ताह आप छोड़ने वाले राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप कुमार पाठक, डॉ. विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता अब भाजपा के 113 राज्यसभा सांसदों में शामिल हैं। (फ़ाइल छवि/एक्स) उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी दे दी है, जिससे राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ताकत 148 हो गई है, जिसमें सात नामांकित सांसद भी शामिल हैं। विलय के बाद, राघव चड्ढा, अशोक कुमार मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप कुमार पाठक, डॉ विक्रमजीत सिंह साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता, जिन्होंने पिछले हफ्ते AAP छोड़ दी थी, अब भाजपा के 113 राज्यसभा सांसदों में सूचीबद्ध हैं। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि इन सात सांसदों ने “अपमानजनक भाषा का सहारा नहीं लिया और कभी भी कोई अनुशासनहीनता और असंसदीय आचरण नहीं किया”। उन्होंने आप सांसदों का एनडीए में स्वागत किया और लिखा, “टुकड़े-टुकड़े भारत गठबंधन को अलविदा।” माननीय राज्यसभा सभापति श्री सीपी राधाकृष्णन जी ने आप के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को स्वीकार कर लिया है। अब, राघव चड्ढा जी, संदीप पाठक जी, अशोक मित्तल जी, हरभजन सिंह जी, स्वाति मालीवाल जी, राजिंदर गुप्ता जी और विक्रमजीत सिंह साहनी जी भाजपा संसदीय सदस्य हैं…- किरण रिजिजू (@KirenRijiju) 27 अप्रैल 2026 बीजेपी की सीटें बढ़ीं, एनडीए दो-तिहाई बहुमत के करीब पहुंचा भाजपा भी अपनी संख्या बढ़ाने की कोशिश कर रही है, क्योंकि इस साल के अंत में 30 से अधिक सीटें खाली होने वाली हैं। सत्तारूढ़ पार्टी को कम से कम पांच अतिरिक्त सीटें जोड़ने की संभावना है, एक ऐसा लाभ जो एनडीए की ताकत को 163 के महत्वपूर्ण दो-तिहाई बहुमत के निशान के करीब पहुंचा सकता है। उपार्जन चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 27 अप्रैल, 2026, 11:42 IST समाचार राजनीति आप के 7 सांसद औपचारिक रूप से भाजपा में शामिल, एनडीए की सीटें बढ़कर 148, दो-तिहाई बहुमत के करीब अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आप सांसदों का बीजेपी में विलय(टी)आम आदमी पार्टी(टी)बीजेपी की राज्यसभा ताकत(टी)एनडीए की ताकत 148(टी)सीपी राधाकृष्णन(टी)राघव चड्ढा बीजेपी(टी)आप नेता बीजेपी में शामिल हुए(टी)किरेन रिजिजू का बयान
फुटबॉल क्लब नशे से उबारकर बना रहा चैम्पियन:बाप-बेटे ने शुरू किया था सिरुकलाथुर क्लब; यहां के बच्चे विदेशी टीमों से भी जुड़े

स्पेनिश फुटबॉल क्लब बार्सिलोना का एक मशहूर नारा है- ‘मेस क्यू अन क्लब’ (एक क्लब से बढ़कर)। तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले के एक छोटे से गांव सिरुकलाथुर में यह बात बिल्कुल सच साबित हो रही है। करीब 2,000 की आबादी वाले इस गांव में फुटबॉल सिर्फ 90 मिनट का खेल नहीं है, बल्कि यह युवाओं को नशे और भटकाव से दूर कर एक नई जिंदगी दे रहा है। ‘सिरुकलाथुर गालटीपेट फुटबॉल क्लब’ की शुरुआत 2014 के फीफा वर्ल्ड कप के दौरान डी. हरिकृष्णन ने की थी। जिस मैदान पर कभी कचरा फेंका जाता था, आज वहां हर हफ्ते 150 से ज्यादा बच्चे ट्रेनिंग लेते हैं। इस क्लब को ‘ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन’ से टू-स्टार मान्यता मिल चुकी है। क्लब के संस्थापक हरिकृष्णन का अपना सफर भी आसान नहीं था। 10वीं में फेल होने और आर्थिक तंगी के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। कोरोना काल में जब स्कूल बंद थे, तब उनके बेटे शिवारमन ने देखा कि गांव के बच्चे शराब, सिगरेट और नशे की लत का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में बाप-बेटे की इस जोड़ी ने बच्चों को वापस मैदान पर लाने की ठानी। क्लब ने महसूस किया कि दिहाड़ी मजदूरों और गरीब परिवारों के इन बच्चों को सही पोषण नहीं मिल पा रहा है। इसलिए क्लब ने ट्रेनिंग करने वाले बच्चों को नाश्ता और रात का खाना (हफ्ते में तीन दिन नॉन-वेज सहित) देना शुरू किया। एक बार हरिकृष्णन ने एक होनहार खिलाड़ी से नशे के इंजेक्शन तक छीने थे। उनका मकसद सिर्फ बेहतरीन खिलाड़ी बनाना नहीं है, बल्कि खेल के जरिए बच्चों को शिक्षा और रोजगार दिलाना है। आज इस क्लब के कई बच्चे बड़े कॉलेजों में पढ़ रहे हैं। इस छोटे से क्लब की उपलब्धियां किसी बड़े शहर की अकादमी से कम नहीं हैं। यहां के सात खिलाड़ी चेन्नईयिन एफसी की यूथ टीम में, एक बेंगलुरु एफसी और दो एफसी मद्रास में अपनी जगह बना चुके हैं। 2016 में क्लब का एक खिलाड़ी रिशिश ट्रेनिंग के लिए स्पेन गया और फिर स्वीडिश क्लब ‘IK Sirius’ तक पहुंचा। यहां से संतोष ट्रॉफी, जूनियर नेशनल और यूनिवर्सिटी स्तर के 20 से ज्यादा खिलाड़ी निकले हैं। सिरुकलाथुर गांव में अब सुबह की शुरुआत फुटबॉल से होती है। संकरी गलियों और कच्चे रास्तों से निकलकर ये बच्चे अब बड़े मैदानों पर अपना नाम रोशन कर रहे हैं। यहां फुटबॉल सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि गरीबी और भटकाव से बाहर निकलने का सबसे मजबूत रास्ता बन चुका है।
सबसे घातक कैंसर, 10 में से 9 की हो जाती है मौत, क्या नई वैक्सीन रोक पाएगी इसे

Last Updated:April 27, 2026, 11:56 IST India’s Most Dangerous Cancer: पैनक्रिएटिक कैंसर दुनिया में सबसे खतरनाक कैंसर है क्योंकि इसमें बहुत बाद में पता चलता है जिसके कारण लगभग 10 में से 9 मरीज की मौत हो जाती है. अमेरिका के ओलयन सेंटर फॉर कैंसर वैक्सीन्स द्वारा मैसेंजर आरएनए पर आधारित नई वैक्सीन तैयार की है जिसके परिणाम सकारात्मक आए हैं. पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस वैक्सीन से भारत के इस सबसे घातक कैंसर पर रोक लग पाएगी. अग्नाशय कैंसर के लिए नई वैक्सीन कितनी कारगर. India’s Most Dangerous Cancer: वैसे तो कैंसर आज भी सबसे खतरनाक बीमारी है जिनमें अधिकांश का इलाज कर पाना मुश्किल होता है लेकिन पैंक्रिएटिक कैंसर या अग्नाशय का कैंसर सबसे खतरनाक है. यह इतना खतरनाक है कि 10 में से लगभग 9 मरीजों की मौत हो जाती है. इसका सबसे बड़ा कारण है कि इस कैंसर का पता बहुत एडवांस स्टेज में चलता है तब तक यह शरीर के अधिकांश हिस्सों में फैल चुका होता है. अब इस कैंसर के लिए नई वैक्सीन की काफी चर्चा हो रही है. न्यूयॉर्क के मेमोरियल स्लोन केटेरिंग कैंसर सेंटर ने जर्मन बायोटेक्नोलॉजी कंपनी बायोटेक के साथ मिलकर पैंक्रिएटिक कैंसर के लिए मैसेंजर RNA पर आधारित जो वैक्सीन तैयार की थी, उसका 18 महीने का ट्रायल पूरा हो गया है. दावा किया जा रहा है कि वैक्सीन का परिणाम बेहद सकारात्मक रहा है. ट्रायल में 90 फीसदी सफलता मेमोरियल स्लोन केटरिंग कैंसर सेंटर के प्रमुख साइंसटिस्ट और इस अध्ययन के प्रमुख डॉ. विनोद बालचंद्रन का कहना है कि mRNA वैक्सीन का परिणाम बेहद सकारात्मक रहा है. यह वैक्सीन शरीर में उस प्रतिरक्षा प्रणाली को सक्रिय कर देता है जो पैंक्रियाज में कैंसर कोशिकाओं की पहचान कर उनपर हमला करता है. डॉ. बालचंद्रन ने कहा कि पैंक्रियाज में जब ट्यूमर होता है और अगर उसकी शुरुआत में पहचान भी हो जाती है तो सर्जरी के बाद इसके दोबारा पनपने की बहुत ज्यादा आशंका रहती है. लेकिन इस वैक्सीन को देने के बाद दोबारा सर्जरी की शायद जरूरत न पड़े. एडवांस स्टेज वाले 16 मरीजों पर इस वैक्सीन का पहला परीक्षण किया गया है जिनमें 8 में यह वैक्सीन 90 प्रतिशत तक सफल रही है. डॉ. विनोद बालचंद्रन ने बताया कि शुरुआती रिजल्ट इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में यह वैक्सीन सबसे घातक कैंसरों में से एक के लिए महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है. भारत में सरवाइवल रेट बहुत कम टीओआई की खबर में टाटा कैंसर केयर फाउंडेशन के चीफ एग्जक्यूटिव और पैंक्रिएटक गैस्ट्रोइंटेस्टिनल कैंसर सर्जन डॉ. शैलेष श्रीखंडे बताते हैं कि दो दशक पहले तक भारत में प्रति एक लाख में 2.5 से 3 लोगों को अग्नाश्य का कैंसर होता था लेकिन अब यह संख्या 6 से 7 हो गई है. ग्लोबकैन GLOBOCAN 2022 के मुताबिक भारत में हर साल करीब 15 से 17 हजार पैंक्रिएटिक कैंसर के मामले सामने आते हैं. इनमें से 12 से 13 हजार मरीजों की मौत जल्दी हो जाती है. हालांकि वास्तविक आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा है क्योंकि भारत का कैंसर रजिस्ट्री सिस्टम इस तरह का नहीं है जिसमें कैंसर मरीजों का डेटा सही से दर्ज हो सके. वैसे तो पैंक्रिएटिक कैंसर इतना घातक है कि विकसित देशों में भी इसमें सरवाइवल रेट बहुत कम है लेकिन भारत की स्थिति और भी खराब है. भारत में पैनक्रिएटिक कैंसर का सरवाइवल रेट लगभग 7 से 9 फीसदी है. 80-90 फीसदी मामलों में इसका पता एडवांस स्टेज पर चलता है. वैक्सीन कितना कारगर डॉ. शैलेष श्रीखंडे बताते हैं कि वैश्विक रूप से जो डेटा उपलब्ध है उसके अनुसार आज भी अग्नाशय कैंसर से पीड़ित मरीजों में सरवाइवल रेट बहुत कम है. इसके लिए जो परंपरागत इलाज है वह तीसरे स्टेज तक सर्जरी बेहतर विकल्प है. इसके लिए कीमोथेरेपी चलती है. मेडिकल साइंस में इतने एडवांसमेंट आने पर इसका इलाज पहले से जरूर बेहतर हुआ हुआ है पर वैक्सीन से कैंसर का इलाज भी अब भी चुनौतीपूर्ण है. डॉ. शैलेष श्रीखंडे ने बताया कि पिछले साल से इस वैक्सीन की चर्चा काफी जोर-शोर से चल रही है. इस वैक्सीन का इस्तेमाल कैंसर कोशिकाओं को मारने के लिए की जाती है लेकिन वास्तव में वैक्सीन सीधे कैंसर कोशिकाओं को नहीं मारती बल्कि यह शरीर को उकसाती है उस कैंसर को खत्म करने के लिए जो फैल रही है. मैसेंजर आरएनए वैक्सीन सर्जरी और कीमोथेरेपी की जगह नहीं ले सकती है. वैक्सीन का यह पहला ट्रायल है. अगर दूसरा और तीसरा ट्रायल भी सफल हो जाता है तो यह सर्जरी और कीमोथेरेपी के साथ-साथ एक एडीशनल इलाज हो सकता है लेकिन यह वर्तमान सर्जरी या कीमोथेरेपी की जगह नहीं ले सकती. About the Author Lakshmi Narayan 18 साल से ज्यादा के लंबे करियर में लक्ष्मी नारायण ने डीडी न्यूज, आउटलुक, नई दुनिया, दैनिक जागरण, हिन्दुस्तान जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, राजनीति, समाज, …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें First Published : April 27, 2026, 11:56 IST
टेली प्रॉम्पटर में डायलॉग पढ़ ट्रोल हुए थे अक्षय कुमार:अब बचाव में उतरीं अमीषा पटेल, कहा- मेरे साथ 2 फिल्में कीं, मैंने उन्हें कभी ऐसा करते नहीं देखा

बॉलीवुड के खिलाड़ी कुमार अक्षय, हाल ही में टेली प्रॉम्पटर में डायलॉग पढ़कर जमकर ट्रोल हुए थे। दरअसल, एक्टर फिल्म भूत बंगला प्रमोट करने के लिए एकता कपूर के टीवी शो नागिन 7 का हिस्सा बने थे। एपिसोड के क्लिप जमकर वायरल हुए, जिसमें अक्षय बार-बार पढ़कर डायलॉग बोलते दिखे। अब इस पर अमीषा पटेल एक्टर के सपोर्ट में उतरी हैं। हाल ही में बॉलीवुड बबल को दिए इंटरव्यू में अमीषा पटेल से पूछा गया था कि क्या अक्षय सेट पर टेली प्रॉम्पटर इस्तेमाल करते हैं और पढ़कर डायलॉग बोलते हैं। इस पर एक्ट्रेस ने कहा, ‘मेरे दो एक्सपीरियंस रहे हैं अक्षय कुमार के साथ। भूल भुलैया और मेरे जीवन साथी। सुनील दर्शन जी की फिल्म थी मेरे जीवन साथी, बहुत ही खूबसूरत फिल्म थी। तब तो मैंने कभी टेली प्रॉम्पटर नहीं देखा। हो सकता है कि कुछ फिल्मों में किया हो, लेकिन मैंने तो उन्हें कभी ऐसे इस्तेमाल करते नहीं देखा।’ क्यों एक्टर पर उठे सवाल अक्षय कुमार की फिल्म भूत बंगला 17 अप्रैल को सिनेमाघरों में रिलीज हुई है। इसे एकता कपूर ने को-प्रोड्यूस किया है। ऐसे में फिल्म का प्रमोशन के लिए अक्षय कुमार, एकता कपूर के टीवी शो नागिन 7 में नाग गुरू के रोल में कैमियो करते नजर आए थे। एपिसोड ऑन-एयर होने के बाद अक्षय कुमार के कई वीडियो वायरल हो गए, जिसमें वो साफ तौर पर पढ़कर डायलॉग बोलते नजर आ रहे थे। वीडियो वायरल होने के बाद एक्टर की जमकर आलोचना की जाने लगी। एक यूजर ने लिखा, ’30 साल के करियर के बाद भी अगर 60 साल का एक्टर डायलॉग याद न रखे, तो कुछ लोगों को यह अजीब या शर्मनाक लग सकता है। हालांकि, कई कलाकार काम की स्पीड और प्रैक्टिकल कारणों की वजह से टेलीप्रॉम्प्टर का इस्तेमाल करते हैं।’ वहीं एक यूजर ने लिखा है, ‘इस तरह आप एक साल में 4 फिल्में करते हैं।’
समर कूलिंग टिप्स: घर में क्या बन गया है गरम मसाला से तंदूर? पोचे के पानी में पकी ये 2 चीजें; फ्लोर कूलिंग के लिए बेस्ट है ये ट्रिक

27 अप्रैल 2026 को 11:49 IST पर अपडेट किया गया समर कूलिंग टिप्स: चिलचिलाती गर्मी में न सिर्फ हवा है, बल्कि घर का सामान भी तपने लगता है। अगर आप भी मुद्रा और इलेक्ट्रॉनिक्स की गर्म हवा से परेशान हैं, तो उद्यमों को ठंडा रखने का सबसे अच्छा तरीका है। आइए जानते हैं कैसे और कौन-कौन से तरीके हैं फ्लोर को कूल बनाने के। अनुसरण करना : पोखा सॉलिड समय बाल्टी में 2 माइक्रो सेंधा नमक और थोड़ी सी पिसी हुई फिटकरी मिला लें। मछलीघर को भिगोता है और फिटकरी पानी के वैराग्यीकरण की प्रक्रिया को तेजी से करता है, जिससे मछलीघर का नमक ठंडा रहता है। छवि: फ्रीपिक अगर आप ताजगी चाहते हैं तो पानी में पुदीने का अर्क या कपूर की गोलियां पिसकर डालें। कपूर की तासीर में निवेश होता है और यह कमरे के तापमान को तुरंत कम करने में मदद करता है। इस घर में मॅक तेजी से चलती है। छवि: फ्रीपिक सफेद सिरका न सिर्फ समुद्र को चमकाता है, बल्कि यह गर्मी को समुद्र की सतह पर चमक नहीं देता है। पोछे के पानी में आधा कप सिरका देखें, फर्क खुद महसूस होता है। छवि: फ्रीपिक दिन के बजाय सूरज ढलने के बाद ठंडे पानी से साफ़ करें। रात भर सोते हुए कमरे की दीवारों की गर्मी भी शांत हो जाती है, जिससे रात की नींद सार्वभौम हो जाती है। छवि: फ्रीपिक आसान घरेलू नुस्खों से आप बिजली का बिल भी बचा सकते हैं और अपने घर को बिना एसी के भी प्राकृतिक रूप से ठंडा रख सकते हैं। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 27 अप्रैल 2026 11:49 IST (टैग्सटूट्रांसलेट) गर्मियों में कूलिंग टिप्स (टी) फर्श को ठंडा करने के घरेलू उपाय (टी) गर्मियों में घर को प्राकृतिक रूप से ठंडा कैसे रखें (टी) बिना एसी के कमरे को ठंडा करने के टिप्स (टी) हिंदी में घर को ठंडा करने के टिप्स (टी) गर्मियों में घर के रखरखाव के टिप्स (टी) फर्श को ठंडा करने के सरल तरीके (टी) फर्श को ठंडा करने के घरेलू उपाय (टी) गर्मियों में कमरे के तापमान को कम करने के टिप्स (टी) गर्मियों के लिए फर्श की सफाई के टिप्स
गर्मी में चेहरे पर कपड़ा बांधना पड़ सकता है भारी, स्किन को हो सकते हैं ये नुकसान, जानिए एक्सपर्ट की राय – News18 हिंदी

X गर्मी में चेहरे पर कपड़ा बांधना पड़ सकता है भारी, हो सकते हैं ये नुकसान Summer Health Tips: रीवा सुपर स्पेशलिस्टी हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉक्टर अक्षय श्रीवास्तव कहते हैं कि गर्मियों के दिनों में पुरुष और महिलाएं दोनों ही अपने चेहरे पर कपड़ा बांधकर बाहर निकलते हैं, ताकि टैनिंग से बचा जा सके. लेकिन एक कपड़ा बांधने से आपकी स्किन टैन नहीं होगी या फिर धूप और धूल-मिट्टी आपकी त्वचा तक नहीं पहुंच पाएगी. मुंह पर सिर्फ कपड़ा बांधना, गर्मी में स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं को पैदा कर सकता है. अक्सर ऐसा देखा जाता है कि कई लोग एक ही कपड़े को हफ्तेभर मुंह में बांधकर घूमते हैं. ऐसे में इतने दिनों की जमी गंदगी आपके चेहरे को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकती है, जिससे एक्ने, पिम्पल्स, तेलीय त्वचा, चेहरा फीका पड़ने और कई तरह की स्किन एलर्जी हो सकती है और धूप का असर भी होने लगता है. लेकिन क्या ऐसा करना सही है. गर्मी में मुंह पर कपड़ा बांधने के कई फायदे हैं, तो कई नुकसान भी हैं. गर्मी में हमेशा ही सूती और हल्के रंग के कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए.
हज यात्रियों को छोड़कर लौट रही कार पेड़ से टकराई:छिंदवाड़ा हादसे में 3 लोगों की मौत, 3 घायल; नागपुर से सिंगोड़ी जा रहे थे

छिंदवाड़ा जिले के उमरानाला क्षेत्र में सोमवार तड़के करीब 4 से 5 बजे के बीच एक भीषण सड़क हादसा हो गया। नागपुर में हज यात्रियों को छोड़कर सिंगोड़ी लौट रही कार (MP13AJ 4859) अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गई। इस हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। सभी घायलों का इलाज छिंदवाड़ा के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां से एक महिला की हालत बेहद गंभीर होने पर उसे नागपुर रेफर किया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, वाहन चालक और एक अन्य व्यक्ति ने छिंदवाड़ा के अस्पताल में दम तोड़ दिया। तीन घायलों की हालत गंभीर, निजी अस्पताल में भर्ती कार में सवार तीन अन्य लोग भी हादसे में बुरी तरह घायल हुए हैं। जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छिंदवाड़ा शहर के एक निजी अस्पताल में शिफ्ट किया गया है, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। उनकी हालत अभी गंभीर बताई जा रही है। नींद का झोंका आने से अनियंत्रित हुई कार हादसे में कार के पेड़ से टकराने की रफ्तार इतनी तेज थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, सुबह का समय होने के कारण चालक को नींद का झोंका आने या फिर वाहन पर से अचानक नियंत्रण खोने के चलते यह हादसा हुआ है। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।







