हमले की आशंका में खामेनेई का अंतिम संस्कार रोका:भोपाल में ईरान के प्रतिनिधि का दावा; यह ट्रंप-नेतन्याहू की निजी जंग, बातचीत से पीछे हटने का आरोप

ईरान के सुप्रीम लीडर के अंतिम संस्कार में देरी को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने रविवार को भोपाल में कहा कि सुरक्षा खतरे के कारण अंतिम संस्कार अभी तक नहीं किया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि अगर लाखों लोग जुटते हैं तो उन पर हमला हो सकता है। मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि सुप्रीम लीडर का अंतिम संस्कार इसलिए टाला गया है क्योंकि हालात पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। यदि अंतिम संस्कार आयोजित होता है तो ईरान के शहर मशहद में 2 करोड़ से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। इतनी बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होते हैं, तो उन पर हमला किया जा सकता है। लेबनान में एक दिन में दो हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। वैसी स्थिति दोबारा बन सकती है। इसलिए हम हालात पूरी तरह शांत और सुरक्षित होने का इंतजार कर रहे हैं। मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही भोपाल में कोहेफिजा स्थित एमआईजी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में रविवार को आयोजित ‘इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन जलसा’ कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। यह ट्रंप-नेतन्याहू की निजी जंग मौलाना इलाही ने कहा कि यह युद्ध ईरान ने नहीं छेड़ा, बल्कि यह डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू की निजी जंग है। इससे न अमेरिका को फायदा है, न इजराइल को। ईरान ने कभी युद्ध नहीं चाहा। हमने पहले ही चेतावनी दी थी कि अगर युद्ध हुआ तो इसका असर कई देशों पर पड़ेगा। हमने बातचीत की कोशिश की, लेकिन उन्होंने ही हमला किया। ईरान के पास 5,000 साल से अधिक की सभ्यता है, बहुत अच्छे लोग हैं, कारखाने हैं और सब कुछ है। लेकिन दुर्भाग्य से 147 साल पहले से कुछ दूसरे देशों ने ईरान के खिलाफ बहुत सारे प्रतिबंध, आर्थिक प्रतिबंध बनाए। 3 दिन में ईरान गिराने की योजना थी, अमेरिकी भी इस युद्ध के खिलाफ मौलाना इलाही ने दावा किया कि अमेरिका को भरोसा था कि वह तीन दिनों में ईरान की सरकार गिरा सकता है। युद्ध के बाद ईरान का नक्शा बदलने की बात कही गई थी। ईरान को पांच हिस्सों में बांटने की योजना थी। युद्ध में ईरान को भारी नुकसान हुआ है। 1 लाख से अधिक घर तबाह, कई अस्पताल, विश्वविद्यालय और प्रयोगशालाएं नष्ट, कई कारखाने क्षतिग्रस्त, बड़ी संख्या में नागरिकों की मौत हुई है। अब ईरान अपने घायलों के इलाज के लिए भारत से दवाइयां खरीद रहा है। अमेरिकियों को इस युद्ध से कोई लाभ नहीं है, अमेरिकी सीनेटरों ने इस युद्ध की निंदा की है। आप न्यूयॉर्क के मेयर के बयान पर जाइए, जो मूल रूप से भारतीय हैं। अमेरिकी थोंपने लगे थे अपनी शर्तें, इसलिए विफल हुई वार्ता मौलाना इलाही ने बताया कि ईरान ने कभी भी किसी देश से यह नहीं कहा कि वह ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ बने। कोई ईरान नहीं गया, कोई ईरान से नहीं आया। बल्कि, कुछ देश अपनी मर्जी से आगे आए और उन्होंने हमारे और अमेरिका के बीच बातचीत की पहल कर दी। ओमान और जिनेवा में बातचीत शुरू हुई थी और शुरुआती संकेत सकारात्मक थे। पहले अमेरिका ने 15-सूत्रीय प्रस्ताव दिया, जिसे ईरान ने खारिज किया। इसके बाद ईरान ने 10-सूत्रीय प्रस्ताव रखा, जिसे अमेरिका ने स्वीकार कर लिया। लेकिन अंतिम दौर में अमेरिका ने नई और असामान्य शर्तें रख दीं। उन्होंने कहा, जब यह साफ हो गया कि वे अपनी बात से पीछे हट रहे हैं, तो बातचीत विफल हो गई। होर्मुज अस्थायी रूप से बंद, लेकिन जल्द ही खुल जाएगा भारतीय जहाजों को लेकर उठ रहे सवालों के बीच मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद किए जाने के पीछे सुरक्षा ही सबसे बड़ा कारण है। जब कुछ अन्य देश इस जलडमरूमध्य के रास्ते अपने युद्धपोत भेजना चाहते थे, तब ईरान को यह कदम उठाना पड़ा। यह कदम किसी एक देश के खिलाफ नहीं, बल्कि समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया था। उन्होंने विश्वास जताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य पहले की तरह सभी देशों के लिए खुल जाएगा, जैसा कि 28 फरवरी से पहले था। यह रोक अस्थायी है और जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी। तीन साल की मासूम ने रोते हुए उतार दी अपनी बाली मौलाना इलाही ने युद्ध के असर को लेकर एक भावुक घटना भी साझा की। उन्होंने बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान तीन साल की बच्ची रोते हुए उनके पास आई और अपनी सोने की बाली उतारकर दे दी। बच्ची ने कहा, मैंने सुना है लड़कियों के स्कूल पर बमबारी हुई, कृपया यह ले लो। वह बच्ची यह नहीं जानती थी कि वे बच्चियां अब इस दुनिया में नहीं हैं। मैं भावुक हो गया। बाली वापस करते हुए कहा, यह तुम्हारे लिए उपहार है, और उसकी कीमत का दोगुना देने की बात कही। ईरान-भारत संबंध 5,000 साल पुराने, भारतीय दयालु भारत-ईरान संबंधों पर कहा, ईरान और भारत के बीच संबंध बहुत अच्छे हैं, बहुत मजबूत हैं। मुझे यकीन है कि ईरान और भारत के बीच संबंध बेहतर हो जाएंगे और विभिन्न पहलुओं शिक्षा, संस्कृति, अर्थव्यवस्था और अन्य क्षेत्रों में विस्तारित होंगे। हमारा और अधिक संबंध और मित्रता होनी चाहिए। वास्तव में यहां आने से पहले मैंने भारत के बारे में बहुत कुछ सुना और पढ़ा था कि भारतीय बहुत दयालु, वफादार, बुद्धिमान, ईमानदार और उदार होते हैं। लेकिन वह सब केवल किताबी जानकारी थी। जब भारत को अपनी आंखों से देखा तो महसूस किया कि भारत के लोग दूसरों से अलग हैं। उन्होंने अपनी अंतरराष्ट्रीय यात्राओं का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने 75 से अधिक देशों की यात्रा की है। वे विश्वविद्यालयों में व्याख्याता और प्रोफेसर रहे हैं। उन्हें संयुक्त राष्ट्र के सेमिनारों और सम्मेलनों में व्याख्यान देने के लिए दुनिया भर से आमंत्रित किया गया। उनके अनुसार, इतना बड़ा अनुभव होने के बावजूद उन्होंने जैसी दयालुता, ईमानदारी और मानसिकता भारत में देखी, वैसी किसी और देश में नहीं देखी। यह खबर भी पढ़ें… मौलाना इलाही ने पंडित नेहरू की किताब ‘डिस्कवरी ऑफ इंडिया’ को बताया अद्भुत, छात्रों को पढ़ने की दी सलाह ईरान के सुप्रीम लीडर के प्रतिनिधि मौलाना डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई भारत
पन्ना में महिला के गले से चेन झपटी:रघुलीला पैलेस के पास सैर पर निकली महिला से हुई वारदात

पन्ना में 26 अप्रैल की देर शाम एक महिला के गले से सोने की चेन झपटने की घटना सामने आई। कोतवाली थाना क्षेत्र के रघुलीला पैलेस के पास बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया और फरार हो गए। पीड़िता की पहचान स्वामी जगन्नाथ कॉलोनी निवासी स्वाति तिवारी (32) के रूप में हुई है। वह प्रतिदिन की तरह शाम की सैर पर निकली थीं। स्वाति ने बताया कि पुरुषोत्तमपुर-जनकपुर रोड स्थित रघुलीला पैलेस के पास पहुंचने पर पीछे से एक काले रंग की मोटरसाइकिल पर दो अज्ञात युवक आए। बदमाशों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए हेलमेट और सफेद तौलिये का इस्तेमाल किया था। बाइक चला रहे युवक ने हेलमेट पहना था, जबकि पीछे बैठे युवक ने अपने चेहरे को सफेद तौलिये से ढका हुआ था। स्वाति ने बताया कि बदमाशों ने बाइक को उनके करीब लाकर गर्दन पर हाथ डाला और झपट्टा मारकर गले से सोने की चेन खींच ली। करीब 13 ग्राम वजनी सोने की चेन लूटने के बाद बदमाश तेज रफ्तार से पन्ना की ओर भाग गए। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग जमा हुए, लेकिन तब तक लुटेरे फरार हो चुके थे। पीड़िता ने तत्काल 112 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पीड़िता के साथ मिलकर आसपास की दुकानों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। छीना-झपटी के दौरान महिला को कोई गंभीर चोट नहीं आई। महिला की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर के व्यस्त मार्ग पर हुई इस घटना से स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
विधानसभा चुनाव 2026 लाइव: टीएमसी नेताओं का बड़ा बयान, बंगाल चुनाव में शामिल होंगी ममता बनर्जी की पार्टी, कर दी भविष्यवाणी

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए पहले चरण की वोटिंग हो गई है। अब दूसरे चरण के लिए 29 अप्रैल को मतदान होगा। दूसरे चरण में 8 मूर्तिकला की 142 विधानसभाओं पर वोट होगी। 4 मई को पश्चिम बंगाल सहित, केरल, कर्नाटक, असम और पुडुचेरी के नतीजे। इस बीच नामांकन-विजेता का दावा और आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अमित शाह ने कहा-भाजपा बनाएगी सरकार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को बारासात में एक रैली की, जहां उन्होंने राज्य में बीजेपी सरकार बनने का भरोसा दिलाते हुए बातचीत की. गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों में ममता सरकार पूरी तरह से विफल रही है। केंद्र में रहने वाली ममता सरकार के खिलाफ जनता में जबरदस्त गुस्सा है। जनता को आशा है कि सारी पार्टियां और सहयोगी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ही ठीक हो सकती है।” पहले चरण में अमित शाह ने भाजपा के 152 से अधिक प्रवेश द्वारों का दावा किया था। उन्होंने दूसरे चरण में कहा, “अभी कुछ नहीं कहा जा सकता, लेकिन हम पूर्ण बहुमत से सरकार बना रहे हैं।” उन्होंने रैली में कृष्णा भारी भीड़ की ओर इशारा करते हुए कहा कि यह भीड़ देखकर पता चलता है कि यह ममता का गढ़ है या नहीं। अमित शाह कैसी भाषा का प्रयोग कर रहे- ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में पहले राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। इस बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार (25 अप्रैल, 2026) को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के डेरे पर तूफान मचाने वाली धमकी लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह कैसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं. चुनाव के बाद लोगों को समुद्र तट पर फाँसी देने की बात पूरी तरह से ठीक है। उन्होंने कहा कि वह अमित शाह के खिलाफ हिंसक टिपण्णियों के खिलाफ कानूनी मुकदमा चला रहे हैं। बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को सबक सिखाने का मन बना लिया है- जनर्जी पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में रोड शो के दौरान केंद्रीय मंत्री जापान के पत्रकारों ने कहा कि आप जो उत्साह और जोश देख रहे हैं, मैं कई जगहों का दौरा कर रहा हूं, और लोग ऊर्जा से जुड़े हुए हैं। पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को सबक सिखाने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि यहां जनता के खिलाफ तोलाबाजी, कटमनी, सिंडिकेट और खिलाड़ी के गुंडे, बालू माफिया, कोल माफिया और महिला उत्पीड़न के खिलाफ मतदान करने की तैयारी है। जनता ने मन बना लिया है कि भाजपा की सरकार को लाया गया है और मित्रता को घर में रखा गया है। उन्होंने कहा कि हम तो पहले चरण में अच्छे तरह से जीत रहे हैं। दूसरे चरण में भी लोग निडर मतदान के लिए तैयार हैं। मैं जनता से अपील करता हूं कि निडर वोटिंग करें। चुनाव आयोग ने बंगाल में कच्चे बम बनाने वालों पर सख्त कार्रवाई का आदेश दिया चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के दूसरे चरण के वोटों से पहले राज्यभर में कच्चे बम बनाने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिये हैं। आयोग ने रविवार को दूसरे चरण की सैन्य टुकड़ी में सैन्य बलों पर यह कार्रवाई करने को कहा। आयोग ने सेंट्रल सेंट्रल को यह भी निर्देश दिया है कि वे बम निष्क्रिय करने की कार्रवाई तुरंत करें और यह सुनिश्चित करें कि मतदान के दिन कहीं भी बम विस्फोट न हो। चुनाव आयोग की ओर से यह निर्देश ऐसे समय में आया है, जब रविवार को ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के विजयगंज बाजार विस्फोट मामले की मुख्य संस्था को गिरफ्तार किया है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल पुलिस को भी कच्चे बम बनाने वालों की पहचान कर उनके सहयोगियों के लिए विशेष अभियान चलाने की बात कही है.
ट्रम्प बोले- ईरान के पास बहुत कम वक्त बचा है:3 दिन में सीजफायर की शर्त नहीं मानी तो तेल पाइपलाइन ब्लास्ट हो जाएंगी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रविवार को ईरान को चेतावनी दी कि उसके पास सिर्फ तीन दिन हैं कि वह युद्ध खत्म करने के लिए सीजफायर पर सहमत हो जाए, नहीं तो उसकी तेल पाइपलाइन भीतर से फट जाएगी। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान तेल का निर्यात नहीं कर पाता, तो पाइपलाइन में दबाव बढ़ेगा। ऐसा इसलिए होगा क्योंकि तेल को जहाजों या स्टोरेज टैंकों में भेजने का रास्ता बंद है और उस पर नाकेबंदी लगी हुई है। उन्होंने दावा किया कि जब तेल का बहाव अचानक रोकना पड़ता है, तो पाइपलाइन के अंदर दबाव बनता है और तकनीकी व प्राकृतिक कारणों से वह फट सकती है। ट्रम्प के मुताबिक, अगर ऐसा हुआ तो पाइपलाइन को पहले जैसी हालत में दोबारा बनाना लगभग नामुमकिन होगा और उसकी क्षमता भी काफी घट जाएगी। ईरान का न्यूक्लियर और होर्मुज पर समझौते से इनकार ईरान ने अमेरिका के साथ समझौते को लेकर सख्त रुख अपनाया है। उसने कहा है कि न्यूक्लियर कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट के मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ईरान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, यह संदेश पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। ईरान ने इन दोनों मुद्दों को अपनी ‘रेड लाइन’ बताया है और कहा है कि इन पर किसी भी तरह का समझौता संभव नहीं है। साथ ही, यह भी साफ किया कि यह कोई औपचारिक बातचीत नहीं है, बल्कि अपनी स्थिति साफ करने की एक कूटनीतिक पहल है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस पूरे मामले में तय सीमाओं के भीतर रहकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रहे हैं। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लेखन प्रेमियों को 700 कॉपियों का वितरण; पक्षियों के लिए सकोरे बांधे

सागर| श्री सीताराम नाम लेखन समिति के पदाधिकारियों की बैठक सनराइज मेगा सिटी में सहव्यवस्थापक पं. बृजेश द्विवेदी के संयोजन में हुई। बैठक की अध्यक्षता जगदीश प्रसाद रावत ने की। पं. द्विवेदी ने बताया कि समिति द्वारा पांच माह पूर्व भक्तों को निशुल्क कॉपियां वितरित करने का निर्णय लिया गया था। इस अवधि में 700 कॉपियों का वितरण किया जा चुका है, जिनमें से 575 कॉपियां पूर्ण होकर जमा हो चुकी हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 14 वर्षों से हनुमान, दुर्गा, भैरवधाम स्थित श्री सीताराम नाम बैंक से यह सेवा निरंतर जारी है। वहीं पिछले पांच माह से प्रत्येक रविवार सुबह 10 से शाम 4 बजे तक सनराइज मेगा सिटी से भी कॉपियों का वितरण हो रहा है।बैठक के बाद सदस्यों ने भीषण गर्मी को देखते हुए पक्षियों के लिए वृक्षों पर सकोरे बांधे और उन्हें नियमित रूप से पानी से भरने का संकल्प लिया। बैठक में अजय खरे, अखिलेश्वर नाथ शुक्ला, मुकेश श्रीवास्तव, सुदेश भटेले, रामरतन तिवारी, मोहित उपाध्याय, नमन द्विवेदी सहित समिति के सदस्य उपस्थित थे।
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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures And Videos And More From Dainik Bhaskar 13 मिनट पहले कॉपी लिंक केरल के त्रिशूर जिले के मुंडाथिकोडे पटाखा विस्फोट मामले में मृतकों की संख्या बढ़कर 16 हो गई है। अस्पताल में भर्ती एक और घायल ने रविवार को दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान एडप्पल निवासी उन्नीकृष्णन के रूप में हुई है। घटना में घायल दो अन्य लोगों की हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है। पुलिस के मुताबिक, हादसे के समय कुल 38 लोग फैक्ट्री में मौजूद थे, जिनमें से 16 की मौत हो चुकी है, जबकि 4 लोग अब भी लापता हैं। यह पटाखे त्रिशूर पूरम उत्सव के लिए थिरुवंबाडी देवस्वम के लिए बनाए जा रहे थे। फैक्ट्री के लाइसेंसी की भी झुलसने से मौत हो चुकी है। आज की अन्य बड़ी खबरें… महाराष्ट्र में कल्याण के डंपिंग ग्राउंड में लगी भीषण आग, फायर की कई गाड़ियां मौके पर महाराष्ट्र के ठाणे जिले के कल्याण में रविवार देर रात को डंपिंग ग्राउंड में भीषण आग लग गई। फायर की कई गाड़ियां आग पर काबू पाने की कोशिशों में लगी हैं ।फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है और किसी नुकसान या हताहत की जानकारी सामने नहीं आई है फायर ऑफिसर नामदेव चौधरी ने बताया कि रविवार सुबह भी डंपिंग ग्राउंड में आग लगी थी, जिसे बुझा दिया गया था। देर रात शाम को फिर से आग भड़क उठी। दमकल की टीमें मौके पर मौजूद हैं और आग पर काबू पाने की कोशिश कर रही हैं। पुणे लॉ कॉलेज में रैगिंग मामले में 5 स्टूडेंट्स पर केस दर्ज, जूनियर की शिकायत पर कार्रवाई पुणे के एक प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में जूनियर छात्र के साथ रैगिंग के आरोप में पांच छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने महाराष्ट्र एंटी-रैगिंग कानून के तहत FIR दर्ज की है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता छात्र ने सबसे पहले कॉलेज प्रशासन से इस मामले की शिकायत की थी, लेकिन कार्रवाई से संतुष्ट नहीं होने पर उसने मामला आगे बढ़ाया। इसके बाद छात्र ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के एंटी-रैगिंग मैकेनिज्म के जरिए शिकायत दर्ज कराई और लगातार फॉलोअप किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में पेश किए सबूतों के आधार पर FIR दर्ज की गई है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। भारत ने सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन्स के लिए श्रीलंका को 2 पर्सनल वॉटरक्राफ्ट और सेफ्टी गियर गिफ्ट किए श्रीलंका कोस्ट गार्ड मुख्यालय में रविवार को आयोजित एक समारोह में भारत ने श्रीलंका को दो पर्सनल वॉटरक्राफ्ट (पीडब्ल्यूसी) और सेफ्टी गियर सौंपे। कोलंबो स्थित भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट कर बताया- भारत, श्रीलंका को तट के पास होने वाले सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन्स में उसकी क्षमता बढ़ाने में मदद कर रहा है। भारतीय उच्चायोग के डिफेंस एडवाइजर ने यह उपकरण मिरिस्सा में श्रीलंका कोस्ट गार्ड मुख्यालय में आयोजित एक समारोह में डायरेक्टर ऑफ ऑपरेशन्स को सौंपे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
अवैध खनन का काला कारोबार:बिना रॉयल्टी लाखों का खेल – जेसीबी से रोज निकाल रहे 70 ट्रॉली से ज्यादा मिट्टी

जिले की पंचायतों में जल संवर्धन एवं मप्र गौण खनिज नियम 1996 की आड़ में अवैध खनन बिना रोक-टोक तेजी से चल रहा है। किसानों के खेतों में मिट्टी डालने के नाम पर जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों ने ही तालाबों में जेसीबी लगाकर 500 से 650 रुपए में मिट्टी की ट्रॉली बेचना शुरू कर दी है। तालाब में 2 जेसीबी व 5 से 7 ट्रैक्टर की मदद से दिनभर में 70 से 80 ट्रॉली मिट्टी निकाली जा रही है। भास्कर के पास लोगों की कॉल रिकॉर्डिंग व सबूत उपलब्ध हैं। मामले में अधिकारी कार्रवाई की बात कह रहे हैं। रामपुरा के पास ग्राम पंचायत भगोरी, कुंडालिया व अन्य गांवों के तालाबों से मिट्टी निकाली जा रही है। भास्कर टीम जब मौके पर पहुंची तो यहां अंधाधुंध खनन जारी था। टीम ने किसान बनकर ट्रैक्टर ड्राइवरों से बात की तो पता चला कि सरपंच पति ने एक पार्टनर के साथ अपनी जेसीबी लगा रखी थी। ‘जितनी कहोगे उतने ट्रॉली मिट्टी डाल देंगे’ भास्कर टीम ने खनन में लगे ड्राइवर से पूछा कि हमारे खेत में भी मिट्टी डलवाना है। उसने बताया कि गणेशपुरा में 650 रुपए में डाल रहे हैं। इसमें 550 ट्रैक्टर वाले के रहेंगे व 100 रुपए जेसीबी वाले के रहेंगे। हमने पूछा कि आप कितने ट्रैक्टर डाल देंगे तो उन्होंने कहा कि जितने कहोगे उतने ट्रैक्टर-ट्रॉली मिट्टी डाल देंगे। हमने उनसे बाद में बताने को कहा। रोज 40 से 50 हजार का अवैध खनन जारी भगौरी में 2 से 3 लोगों के 20 से अधिक ट्रैक्टर चल रहे है। एक ट्रैक्टर एक दिन में 4 से 6 राउंड लगा रहा है। कम से कम 500 रुपए ट्रॉली भी मानें तो हर दिन 40 से 50 हजार का अवैध खनन कार्य किया जा रहा है। इसमें 20 से 22 हजार खर्चा निकालकर माफिया हर दिन 25 से 30 हजार का कारोबार कर रहे हैं। जिम्मेदार जल संवर्धन की बात कह रहे हैं। गांव में हादसे की आशंका- शुक्रवार को जब टीम मौके पर गई, इस दौरान तालाब से मिट्टी भरकर बाहर निकालते समय ही ट्रॉली पलट गई थी। वहीं मिट्टी की ट्रॉलियां गांव की गलियों से गुजर रही हैं। जहां बच्चे खेलते दिखाई दिए। ट्रैक्टर निकलने के दौरान बच्चे साइड हो जाते हैं लेकिन ऐसे में कभी भी हादसे की आशंका है। रामपुरा तहसीलदार मृगेंद्र सिसौदिया ने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है। जांच करवाता हूं। हमारे पास तो खनिज विभाग की परमिशन है सरपंच पति दशरथ गुर्जर ने कहा हमारे पास खनिज विभाग की परमिशन है। खनिज अधिकारी गजेंद्र डाबर द्वारा हमें परमिशन दी गई है कि हम तालाब की खुदाई कर मिट्टी खेतों में डाल सकते हैं। मिट्टी का विक्रय करना रॉयल्टी नियम में आता है तालाब से मिट्टी निकालकर खेतों में डालने के लिए रॉयल्टी देने की आवश्यकता नहीं होती है। हमारे पास जल संवर्धन अभियान में पंचायतों के आवेदन जनपद व जिला पंचायत के माध्यम से आए थे। हमने इसके लिए अनुमति दी है लेकिन यदि कोई इस कार्य में मिट्टी का विक्रय करता है या किसी तरह की राशि लेता है तो वह रॉयल्टी नियम में आता है। मामले को दिखवाएंगे। उचित कार्रवाई की जाएगी। – गजेंद्र डाबर, खनिज निरीक्षक
Heatwave Alert: Akola 46.9°C | Bihar School Staff Death, Dehradun Schools Closed

Hindi News National Heatwave Alert: Akola 46.9°C | Bihar School Staff Death, Dehradun Schools Closed नई दिल्ली/भोपाल/जयपुर/लखनऊ1 घंटे पहले कॉपी लिंक देश में भीषण गर्मी और हीटवेव बढ़ता जा रहा है। पूर्वोत्तर को छोड़कर भारत के अधिकतर राज्यों में अधिकतम तापमान 40 से 46 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। यूपी, राजस्थान और महाराष्ट्र के के 7 शहरों में रविवार को तापमान 46°C के ऊपर चला गया। महाराष्ट्र के अकोला में तापमान सबसे ज्यादा 46.9°C रहा। इसके बाद अमरावती (महाराष्ट्र) में 46.8°C, बांदा (यूपी) में 46.6°C, वर्धा (महाराष्ट्र) और बाड़मेर (राजस्थान) में 46.4°C, जैसलमेर (राजस्थान) और यवतमाल (महाराष्ट्र) में 46°C तापमान रहा। बिहार के 11 जिलों में रविवार को पारा 40°C के पार चला गया। आरा में भीषण गर्मी के कारण एक प्राइवेट स्कूल की महिला कर्मी की मौत हो गई। पटना के जू में जानवरों के लिए 17 कूलर और 11 AC लगाए गए हैं। इधर, उत्तराखंड के देहरादून में हीटवेव के चलते 27 अप्रैल को 1 से 12वीं तक के सभी स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद रखने के निर्देश हैं। MP के इंदौर, भोपाल, ग्वालियर और उज्जैन में 8वीं तक स्कूल 30 अप्रैल तक बंद कर दिए गए हैं। 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12 बजे तक चलेंगी। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 28 अप्रैल: बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पंजाब, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में हीटवेव चलेगी। हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, ओडिशा और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में गर्म रातें रहने की भी आशंका है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल, गुजरात, गोवा, ओडिशा और तमिलनाडु में बहुत ज्यादा गर्म और उमस भरा मौसम हो सकता है। 29 अप्रैल: मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, उत्तर प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र में हीटवेव का अलर्ट है। असम और मेघालय में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में ओलावृष्टि, बिजली और तेज हवाओं के साथ गरज-चमक वाले तूफान की आशंका है। देशभर से गर्मी की तस्वीरें दिल्ली में एक मां अपने बच्चे को तेज धूप से बचाने के लिए ढकती दिखी। प्रयागराज में एक मजदूर तेज धूप के बीच गाड़ी से मिट्टी के घड़े उतारता नजर आया। ताज महल के पास एक कर्मचारी कूलर साफ करता नजर आया। दिल्ली में लोग सड़कों पर चेहरे ढककर निकलते नजर आए। भोपाल में लोग गर्मी से राहत पाने के लिए अपर लेक में नहाते दिखे। MP-राजस्थान और बिहार के कुछ हिस्सों में बारिश भी हुई राजस्थान में रविवार को दिनभर तेज धूप, गर्मी के बाद शाम करीब 4 बजे बाद जैसलमेर, बीकानेर, अजमेर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़, भोपालगढ़ (जोधपुर) के आसपास बादल छाए। कुछ जगहों पर हल्की बारिश भी हुई। मौसम विभाग ने 27 अप्रैल को 5 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है बिहार के कई जिलों में रविवार को मौसम ने करवट ली। सुपौल, रक्सौल और मधुबनी समेत 10 जिलों में जोरदार बारिश हुई। दरभंगा में काले बादल से दिन में अंधेरा छा गया। किशनगंज में तेज आंधी और बारिश की वजह कई जगह पेड़ उखड़ गए। कटिहार में तेज आंधी-बारिश से आम के फसलों को नुकसान पहुंचा। मध्य प्रदेश के महू, भोपाल, सीहोर और रतलाम समेत कई इलाकों में बारिश हुई। महू में शाम करीब 4 बजे तेज बारिश हुई। भोपाल के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। सीहोर और रतलाम में भी अच्छी बारिश हुई, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली। राजस्थान के उदयपुर में रविवार दोपहर अचानक बारिश ने गर्मी से राहत दिलाई। बिहार के रक्सौल में रविवार को बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Raghav Chadha Video; AAP Corruption | Arvind Kejriwal Bhagwant Mann

BJP जॉइन करने के बाद राघव चड्ढा का ये पहला वीडियो है, जिसमें उन्होंने AAP छोड़ने और भाजपा जॉइन करने के बारे में बताया। आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़ BJP जॉइन करने के बाद राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने पहला वीडियो जारी किया। राघव चड्ढा ने कहा कि AAP में टॉक्सिक वर्क एन्वॉयरमेंट हो गया था। काम करने-बोलने से रोका जा रहा था। यह पार्टी अब चंद करप्ट और कॉम्प्रोमाइज लोगों के हाथ . राघव ने कहा कि मैं गलत हो सकता हूं लेकिन कुल 7 सांसदों ने पार्टी छोड़ी तो क्या सारे गलत हो गए। इससे पहले भी जिन लोगों ने पार्टी छोड़ी, क्या वह भी गलत हो गए। मैं पार्टी का फाउंडर मेंबर रहा। जिस मकसद से यह पार्टी बनी थी, अब ये वह पार्टी नहीं रही। मेरे पास 3 ऑप्शन थे, मैंने पार्टी छोड़ना ही उचित समझा। इसी बीच राज्यसभा ने AAP के 7 सांसदों और BJP के मर्जर को मंजूरी दे दी है। अब राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, हरभजन सिंह भज्जी, डॉ. संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता को ऑफिशियल तौर पर BJP के सांसद बन गए हैं। अब राज्यसभा में भाजपा के 113 सांसद हो गए हैं। AAP छोड़कर BJP जॉइन करने के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के साथ राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा, डॉ. संदीप पाठक और अशोक मित्तल। राघव चड्ढा की 6 अहम बातें लोग BJP में जाने का कारण जानना चाह रहे: BJP जॉइन करने के बाद दोस्तों, आप लोगों के बहुत से मैसेज आ रहे हैं। कुछ लोग मुझे शुभकामनाएं दे रहे हैं, जबकि कुछ लोग मेरे इस फैसले के पीछे का रीजन जानने की कोशिश कर रहे हैं। इसलिए यह वीडियो बनाया है। यह उन लोगों के लिए भी है, जिन्होंने मेरी प्रेस कॉन्फ्रेंस नहीं देखी, उन्हें भी इससे जवाब मिल जाएगा। 15 साल AAP को दिए, लेकिन ये वह पार्टी नहीं: राजनीति में आने से पहले मैं प्रैक्टिसिंग चार्टर्ड अकाउंटेंट था। मेरे सामने एक बेहतरीन करियर था, लेकिन मैं उस करियर को छोड़कर राजनीति में आया। अपने करियर बनाने के लिए यहां नहीं आया। एक राजनीतिक पार्टी का फाउंडिंग मेंबर बना। उस पार्टी को अपने प्राइम यूथ के 15 साल दिए। अपने खून-पसीने से इस पार्टी को सींचा, लेकिन आज यह पार्टी वह पुरानी वाली पार्टी नहीं रही है। टॉक्सिक वर्क एनवायरनमेंट हो गया था: इस पार्टी में आज टॉक्सिक (जहरीला) वर्क एनवायर्नमेंट है। आपको काम करने से रोका जाता है, संसद में बोलने से रोका जाता है। यह राजनीतिक पार्टी चंद करप्ट और कॉम्प्रोमाइज लोगों के हाथ में फंसकर रह गई है, जो अब देश के लिए नहीं, अपने पर्सनल फायदे के लिए काम करते हैं। पिछले कुछ सालों से मैं यह फील कर रहा था। शायद मैं सही आदमी गलत पार्टी में था। इसी के चलते मेरे सामने तीन ऑप्शन थे। 7 आदमी गलत नहीं हो सकते: पहला ऑप्शन था कि मैं राजनीति छोड़ दूं। दूसरा, मैं इसी पार्टी में रहूं और चीजें ठीक करने की कोशिश करूं, जो कि हुआ नहीं। तीसरा, मैं अपनी एनर्जी और एक्सपीरियंस लेकर पॉजिटिव राजनीति करूं। एक अन्य राजनीतिक पार्टी के साथ जुड़कर सकारात्मक राजनीति करूं। इसलिए मैं अकेला नहीं हूं। मेरे साथ एक नहीं, दो नहीं, बल्कि चार नहीं, बल्कि 7 सांसदों ने यह फैसला लिया है कि हम इस राजनीतिक पार्टी से रिश्ता तोड़ते हैं। एक आदमी गलत हो सकता है, दो आदमी गलत हो सकते हैं, लेकिन सात आदमी गलत नहीं हो सकते। ऑफिस का माहौल टॉक्सिक हो तो कितना काम कर पाएंगे: वे अनगिनत लोग और जो एजुकेटेड लोग इस पार्टी के साथ जुड़े थे, लेकिन पार्टी को छोड़कर चले गए । क्या वह सारे गलत हो सकते हैं? आप ऐसे समझिए, जितने ऑफिस जाने वाले लोग हैं, यदि आपका वर्कप्लेस टॉक्सिक बन जाए तो आप कितना काम कर पाएंगे? आपको काम करने से रोका जाए, आपकी मेहनत को दबाया जाए, आपको चुप करवाया जाए, तो क्या करेंगे? उस स्थिति में सही फैसला यही है कि आप उस वर्कप्लेस को छोड़ दें। शायद हमने भी वही किया। पूरे जोश से लोगों के मुद्दे उठाता रहूंगा: राघव ने कहा- आप लोगों में कुछ ने यह भी पूछा कि क्या मैं पहले की तरह आपके मुद्दे उठाता रहूंगा या बंद कर दूंगा। मैं विश्वास दिलाता हूं कि आपकी प्रॉब्लम को एनर्जी और जोश के साथ उठाऊंगा। अब उन समस्याओं के सॉल्यूशन को भी तलाश पाएंगे। AAP सरकार ने हटाई तो केंद्र ने 3 सांसदों को दी सिक्योरिटी आम आदमी पार्टी (AAP) के 7 सांसदों के पार्टी छोड़ने वाले तीसरे सांसद अशोक मित्तल को केंद्र सरकार ने Y सिक्योरिटी दी है। इससे पहले 26 अप्रैल को पंजाब की AAP सरकार ने पूर्व क्रिकेटर और पार्टी छोड़ने वाले राज्यसभा सांसद हरभजन सिंह की Y कैटेगरी सिक्योरिटी हटा ली थी। उनके जालंधर स्थित घर पर तैनात पंजाब पुलिस के जवानों को तुरंत वापस बुला लिया गया। इसके तुरंत बाद ही केंद्र सरकार ने हरभजन को CRPF की सिक्योरिटी दे दी। उनके घर के बाहर ये जवान तैनात कर दिए गए हैं। हालांकि, भज्जी ने अभी AAP छोड़ने या BJP जॉइन करने को लेकर कुछ नहीं कहा, लेकिन राघव चड्ढा ने उनके भी साथ में होने का दावा किया था। हरभजन से पहले AAP सरकार ने राघव चड्ढा की भी Z+ सिक्योरिटी वापस ली थी। इसके बाद उन्हें केंद्र की तरफ से यही सिक्योरिटी मिल गई। जानिए, 7 सांसदों के AAP छोड़ने के मामले में अब तक हुआ.. राघव चड्ढा ने 24 अप्रैल को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर AAP छोड़ने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि AAP के 10 में से 7 सांसद पार्टी छोड़ रहे हैं। इसी दिन शाम को राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल ने भाजपा जॉइन कर ली। इसके अगले दिन पंजाब के CM भगवंत मान ने 7 AAP सांसदों के पार्टी छोड़ने को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात का टाइम मांगा। सीएम भगवंत मान राष्ट्रपति के आगे विधायकों के साथ जाकर राइट टू रिकॉल की मांग करने वाले हैं। हालांकि अभी टाइम नहीं मिला। इसके बाद AAP सांसद संजय सिंह ने कहा कि राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर इनकी सदस्यता खारिज करने की मांग करेंगे क्योंकि सिर्फ 3
Punjab AAP MPs Defection to BJP

पंजाब से आम आदमी पार्टी (AAP) के 6 राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी। इनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, विक्रम साहनी, हरभजन सिंह भज्जी, डॉ. संदीप पाठक और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। इनमें से 3 राघव, मित्तल और पाठक BJP में शामिल हो चुके हैं। राज्यसभा का स . सांसदों की दलबदली से AAP में बैचेनी साफ नजर आ रही है। डैमेज कंट्रोल के लिए 2 दिन से पंजाब में उनके घरों पर प्रदर्शन किए जा रहे हैं। उन्हें पंजाब का गद्दार कहा जा रहा है। वहीं AAP सरकार ने पहले राघव चड्ढा की Z+ सिक्योरिटी और फिर हरभजन भज्जी की Y सिक्योरिटी वापस ले ली। इन्हें पंजाब पुलिस की सुरक्षा दी गई थी। पंजाब में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं। इन 6 सांसदों में सिर्फ राघव चड्ढा डायरेक्ट ग्राउंड पॉलिटिक्स में इनवॉल्व रहे हैं। ऐसे में इस सब घमासान के बीच सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर इन सांसदों का चुनाव में कितना ग्राउंड इंपैक्ट है?, क्या ये 2027 में वोट बैंक के लिहाज से AAP को नुकसान और BJP को फायदा दिला सकते हैं। AAP इतनी चिंता में क्यों है?… इन सब सवालों के जवाब के लिए हमने 3 पॉलिटिकल एक्सपर्ट से बातचीत की, जिनका कहना था कि डायरेक्ट पॉलिटिक्स से ज्यादा इन सांसदों का पर्सनल रसूख वोटरों को प्रभावित करेगा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 1. राघव चड्ढा: मीडिया मैनेजमेंट, कैंपेन से नैरेटिव के काम आएंगे राघव चड्ढा ग्राउंड पॉलिटिक्स में जरूर हैं लेकिन उन्होंने दिल्ली में चुनाव लड़ा, पंजाब में नहीं। हालांकि 2022 में ग्राउंड पर उतरकर उन्होंने AAP के लिए एग्रेसिव कैंपेन की। इस दौरान उन्होंने हर जिले में जाकर AAP के नेताओं से कॉन्टैक्ट किया। कई लोगों को टिकट दिलाया तो कई नेताओं को चेयरमैनी की कुर्सी दिलाने में भी भूमिका निभाई। पॉलिटिकल साइंस के पूर्व प्रोफेसर डॉ. केके रत्तू कहते हैं- चड्ढा भाजपा के लिए बैकएंड और ऑन ग्राउंड दोनों जगह काम आ सकते हैं। चड्ढा पॉलिटिकल मशीनरी और मैनेजमेंट के अच्छे रणनीतिकार हैं। चुनाव के वक्त पार्टी के पक्ष में नैरेटिव कैसे सेट करना है, ये वह बाखूबी जानते हैं। 2022 में ‘बदलाव’ और ‘एक मौका’ के जरिए AAP के पक्ष में लहर खड़ी करने में उनका योगदान रहा। इसी चुनाव से उनकी पंजाब की पॉलिटिकल समझ भी बन चुकी है। वह पूरे पंजाब में भाजपा के लिए एग्रेसिव स्ट्रेटजी बनाने और उसे लागू करने में काम आ सकते हैं। 2. अशोक मित्तल: कारोबारी नेटवर्क, 3 जिलों में रसूख अशोक मित्तल लवली ग्रुप के संस्थापक हैं। लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के चांसलर हैं। मित्तल ग्राउंड पॉलिटिशियन नहीं हैं लेकिन उनका पर्सनल रसूख 3 जिलों में माना जाता है। इनमें जालंधर, कपूरथला और होशियारपुर शामिल हैं। यहां विधानसभा की 20 सीटें हैं। पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉक्टर कृष्ण कुमार रत्तू कहते हैं- मित्तल भले ही डायरेक्ट पॉलिटिक्स में नहीं लेकिन उनकी छवि सफल कारोबारी की है। शहरी हिंदू वर्ग के साथ व्यापारियों व मिडिल क्लास में उनका अच्छा असर है। बड़े एजुकेशन और कारोबारी नेटवर्क के जरिए वह BJP के काम आएंगे। खासकर, AAP का गद्दार कहना मित्तल की छवि के बिल्कुल उलट है, ऐसे में वह अपने सर्किल में सहानुभूति को भी वोट बैंक में मोड़ने की कोशिश करेंगे। 3. हरभजन सिंह भज्जी: ग्राउंड नेटवर्क नहीं, सेलिब्रिटी स्टाइल इंडियन क्रिकेटर रहे हरभजन सिंह भज्जी पॉलिटिकल ग्राउंड में कभी नजर नहीं आए। उनकी इमेज सेलिब्रिटी क्रिकेटर की है। क्रिकेट छोड़ने के बाद वह कमेंट्री में बिजी हो गए। पॉलिटिकल एक्सपर्ट विंकलजीत सिंह सरां कहते हैं- भज्जी का कोई पॉलिटिकल ग्रुप नहीं है। न ही वह कहीं ग्राउंड पर कभी नजर आए। हालांकि इतना जरूर है कि वह पंजाब में भाजपा के लिए स्टार कैंपेनर और मजबूत सिख चेहरे के तौर पर काम आ सकते हैं। भज्जी भले ही ट्रेडिशनल पॉलिटिशियन नहीं लेकिन सिख के तौर पर ग्लोबल आइकन हैं। ऐसे में अपनी अचीवमेंट्स से पंजाबियों को प्राउड फील कराने वाले भज्जी चुनाव के दौरान भीड़ जुटाने के काम जरूर आएंगे। 4. विक्रमजीत साहनी: पॉलिटिकल नेटवर्क नहीं, नरमख्याली सिख चेहरे की छवि विक्रमजीत साहनी बहुत सुलझे हुए इंसान माने जाते हैं। फर्टिलाइजर फर्म सन ग्रुप के मालिक साहनी का भी ग्राउंड पर कोई पॉलिटिकल नेटवर्क नहीं है। वह अपनी NGO कौशल विकास के जरिए लोगों के बीच समाज सेवी के तौर पर एक्टिव हैं। कोविड के दौरान उन्होंने पंजाबी युवाओं को रोजगार देने का काम किया था। पॉलिटिकल एक्सपर्ट विंकलजीत सरां कहते हैं– साहनी नरमख्याली सिख चेहरा हैं। उनकी टोन एग्रेसिव नहीं है, ऐसे में भाजपा सिखों के बीच अपनी दूरी कम करने का नैरेटिव सेट करने के लिए उनका यूज कर सकती है। हालांकि इससे आप के लिए कोई बड़ा संकट नहीं आने वाला। आप ने ग्राउंड पर कुछ काम ऐसे किए हैं जिनका सीधा असर लोगों के दिलो दीमाग पर है। 5. राजिंदर गुप्ता: एक्टिव पॉलिटिशियन नहीं, मालवा-लुधियाना में रसूख 5 हजार करोड़ की प्रॉपर्टी वाले ट्राइडेंट ग्रुप के फाउंडर राजिंदर गुप्ता एक्टिव पॉलिटिशियन नहीं रहे हैं। मगर, उनका पर्सनल सामाजिक रसूख काफी अच्छा है। खासकर, लुधियाना के कार्पोरेट्स के बीच उनकी अच्छी ट्यूनिंग है। वह अपने ग्रुप में पंजाबी युवकों को रोजगार भी दे चुके हैं। पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉक्टर रत्तू कहते हैं कि मालवा इलाके के युवाओं को उन्होंने अपनी इंडस्ट्री में नौकरी दी। होमटाउन बरनाला में भी उनका अच्छा रसूख है। एक कामयाब उद्योगपति होने की वजह से बड़े उद्योगपतियों के साथ उनका उठना-बैठना है। ऐसे में BJP उनके जरिए इंडस्ट्री कम्युनिटी के डायरेक्ट डोमिनेंस वाली लुधियाना की 6 सीटों और 117 में से 69 सीटों वाले मालवा क्षेत्र की 20 से 25 सेमी अर्बन सीटों पर प्रभाव डालने की कोशिश करेगी। 6. संदीप पाठक: वोट नहीं दिलाएंगे, उसे पाने के तरीके बताएंगे डॉ. संदीप पाठक मूल रूप से छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। वह दिल्ली में प्रोफेसर रहे हैं। हालांकि AAP के वह मेन रणनीतिकार माने जाते थे, जो पर्दे के पीछे से माइक्रो मैनेजमेंट करते हैं। उनका पंजाब में बहुत आधार भी नहीं है, यहां तक कि उन्हें राज्यसभा भेजने पर भी बाहरी का ठप्पा लगा था। पॉलिटिकल एक्सपर्ट प्रमोद बातिश कहते हैं– पाठक के पास भले ही वोट बैंक नहीं है लेकिन वह उसे पाने में भाजपा की बड़ी मदद कर सकते हैं। उनके पास 2022 का पंजाब







