South Africa Wins T20 Series vs India 4-1; Captain Wolvaardt Sets World Record

Hindi News Sports South Africa Wins T20 Series Vs India 4 1; Captain Wolvaardt Sets World Record 15 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय महिला टीम का साउथ अफ्रीका दौरा हार के साथ खत्म हुआ है। बेनोनी में सीरीज के पांचवें और आखिरी टी-20 में साउथ अफ्रीका ने भारत को 23 रन से हराया। इस जीत से मेजबान टीम ने सीरीज 4-1 से अपने नाम कर ली। ‘फ्रीडम डे’ पर साउथ अफ्रीका की जीत की स्टार कप्तान लॉरा वोल्वार्ट रहीं, जिन्होंने नाबाद 92 रन बनाए। भारत को 156 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन टीम 20 ओवर में 132 रन ही बना सकी। लॉरा वोल्वार्ड्ट ने एक सीरीज में सबसे ज्यादा 330 रन बनाए साउथ अफ्रीका की कप्तान लॉरा वोल्वार्ट के लिए यह सीरीज ऐतिहासिक रही। उन्होंने 5 मैचों में 330 रन बनाए, जो किसी भी बाइलेटरल टी-20 सीरीज में सबसे ज्यादा हैं। उन्होंने न्यूजीलैंड की अमेलिया केर (276 रन) का रिकॉर्ड तोड़ा। वोल्वार्ड्ट ने चार बार 50+ स्कोर बनाए। आखिरी मैच में उन्होंने 30 गेंदों में फिफ्टी और 56 गेंदों में 92* रन बनाकर टीम को 155 तक पहुंचाया। वोल्वार्ट के अलावा कोई नहीं चला एक समय साउथ अफ्रीका का स्कोर 14 ओवर में 97/3 था और टीम बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही थी। लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने आखिरी ओवरों में कसी गेंदबाजी की। दीप्ति शर्मा और रेणुका सिंह ने 2-2 विकेट लेकर मिडिल ऑर्डर को झकझोरा। मेजबान टीम ने 49 रन में 6 विकेट गंवाए। दीप्ति ने एनेरी डर्कसन और एनेके बॉश को आउट किया, जबकि रेणुका ने क्लो ट्रायोन और नादिन डी क्लार्क के विकेट लिए। फ्लॉप रही भारतीय बल्लेबाजी: भारती फुलमाली की कोशिश बेकार 156 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम की शुरुआत खराब रही। स्मृति मंधाना को आराम दिए जाने के बाद शेफाली वर्मा के साथ अनुष्का शर्मा ओपनिंग करने उतरीं, लेकिन टीम ने 38 रन पर 3 विकेट गंवाए। शेफाली (10), जेमिमा (7) और अनुष्का (15) जल्दी आउट हो गईं। भारती फुलमाली ने 40 रन बनाकर उम्मीद जगाई, लेकिन साथ नहीं मिला। ऋचा घोष 25 रन बनाकर नाबाद रहीं, पर टीम लक्ष्य से दूर रही। हरमनप्रीत कौर और भारती फुलमाली ने चौथे विकेट के लिए 38 रन जोड़े। वर्ल्ड कप से पहले भारत की चिंताएं: पावरप्ले में विकेट न मिलना बड़ी समस्या टी-20 वर्ल्ड कप से पहले यह सीरीज भारत के लिए ‘वेक-अप कॉल’ रही। पूरी सीरीज में भारतीय गेंदबाज पावरप्ले में विकेट लेने के लिए संघर्ष करते दिखे। फील्डिंग भी चिंता रही, जहां भारत ने 12 कैच छोड़े। हालांकि, दीप्ति शर्मा का फॉर्म में लौटना और अनुष्का शर्मा का आत्मविश्वास सकारात्मक पहलू हैं। अब भारतीय टीम इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज खेलेगी, जो वर्ल्ड कप की तैयारी का आखिरी पड़ाव होगा। स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… कोहली IPL में 9 हजार रन बनाने वाले पहले बैटर:दिल्ली का पावरप्ले में सबसे कम स्कोर; बेंगलुरु ने 81 बॉल रहते मैच जीता; मोमेंट्स-रिकॉर्डस रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने IPL 2026 के 39वें मैच में दिल्ली कैपिटल्स को 9 विकेट से हरा दिया। सोमवार को अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की बल्लेबाजी फ्लॉप रही। टीम ने पावरप्ले का सबसे कम स्कोर बनाया। दिल्ली की पारी 75 रन पर ढेर हो गई। जवाब ने बेंगलुरु ने 81 गेंद रहते टारगेट हासिल कर लिया। 23 रन बनाकर नाबाद रहने वाले विराट कोहली IPL इतिहास में 9 हजार रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी- 2मिनट में ओला-उबर, एंबुलेंस क्यों नहीं?:रोड सेफ्टी पर सुनवाई; हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स का मुद्दा उठा, एनएचएआई से भी जवाब तलब

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने रोड सेफ्टी को लेकर दायर जनहित याचिका पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान सवाल उठाया कि जब ओला-उबर जैसी सेवाएं कुछ मिनट में उपलब्ध हो जाती हैं, तो आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर क्यों नहीं पहुंचती? कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ एनएचएआई को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की डिविजन बेंच ने कहा कि यह मामला सीधे लोगों की जान से जुड़ा है। कोर्ट ने पूछा जब कैब सर्विस मिनटों में उपलब्ध हो सकती है, तो एंबुलेंस क्यों नहीं? डिंडोरी निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी महावीर सिंह ने जनहित याचिका दायर कर मांग की है कि सड़कों पर भी ओला-उबर की तरह रियल टाइम एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाए। याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों पर बने अवैध कट-प्वाइंट्स को भी हादसों की बड़ी वजह बताया गया है। हाईवे पर 300 अवैध कट-प्वाइंट्स याचिकाकर्ता ने भोपाल-जबलपुर हाईवे का उदाहरण देते हुए बताया कि यहां डिवाइडर तोड़कर करीब 300 अवैध कट-प्वाइंट्स बना दिए गए हैं। इससे न केवल ट्रैफिक प्रभावित होता है, बल्कि सड़क हादसों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। याचिका में कहा गया है कि इन अवैध कट-प्वाइंट्स के कारण एंबुलेंस की समय पर आवाजाही बाधित होती है, जिससे गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ती है। अब आगे क्या हाईकोर्ट ने सभी संबंधित पक्षों से जवाब तलब कर अगली सुनवाई में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। इस मामले को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर भी सख्ती की उम्मीद जताई जा रही है।
भाजपा मंत्री नितेश राणे को 1 महीने जेल की सजा:मुंबई-गोवा हाइवे पर NHAI इंजीनियर पर कीचड़ फेंका था; 29 आरोपी बरी

महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को सिंधुदुर्ग कोर्ट ने इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते। हालांकि, बाद में सजा पर रोक लगाते हुए उन्हें हाईकोर्ट में अपील करने का समय दिया गया है। इस मामले में बाकी 29 आरोपियों को बरी कर दिया गया। दरअसल, मामला 4 जुलाई 2019 का है। उन्होंने NHAI के सब-डिविजनल इंजीनियर प्रकाश शेडेकर को मुंबई-गोवा हाईवे चौड़ीकरण के काम का निरीक्षण करने के लिए बुलाया था। सड़क की खराब हालत और जलभराव को लेकर वे नाराज हो गए। राणे और उनके समर्थकों ने इंजीनियर पर कीचड़ डाल दिया। उन्हें कीचड़ भरे पानी में चलने के लिए मजबूर किया। उस समय नितेश राणे कांग्रेस में थे। कोर्ट ने सत्ता का दुरुपयोग बताया अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी.एस. देशमुख ने कहा कि काम की खराब गुणवत्ता और लोगों की परेशानी के खिलाफ आवाज उठाना गलत नहीं है, लेकिन किसी सरकारी कर्मचारी का सार्वजनिक रूप से अपमान नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसे मामले जारी रहे तो सरकारी कर्मचारी गरिमा के साथ काम नहीं कर पाएंगे। ये सत्ता का दुरुपयोग है। इसलिए ऐसी प्रवृत्ति पर रोक जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि पीड़ित NHAI में उच्च पद पर थे, इसके बावजूद उनके साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जो साफ तौर पर अपमानजनक था। शेडेकर को कीचड़ में चलने के लिए मजबूर करना जानबूझकर किया गया अपमान था। इससे सार्वजनिक शांति भंग हो सकती थी। 30 पर केस था, 29 लोग बरी इस केस में नितेश राणे समेत 30 लोगों पर दंगा, सरकारी कर्मचारी को काम से रोकने और आपराधिक साजिश जैसे आरोप लगे थे। उनके साथ कांकावली के तत्कालीन महापौर समीर नलावडे, उपमहापौर बाबू गायकवाड़, संजय कामटेकर, पं. स. सदस्य मिलिंद मेहते, नरेशकर, अभि मुसले, मेधा गांगण, स्वाभिमान शहर अध्यक्ष राकेश राणे, संदीप नलावडे, निखिल आचरेकर, राजन परब, वागड़े के पूर्व सरपंच संदीप सावंत, पूर्व उपसरपंच लक्ष्मण घाडीगांवकर, बबन हडवे, विठ्ठल देसाई, किशोर राणे, शिवसुंदर देसाई, सचिन पारधीये पर केस हुआ था। कोर्ट ने सबूतों के अभाव में इन ज्यादातर आरोपों से सभी को बरी कर दिया। हालांकि नितेश राणे को IPC की धारा 504 (शांति भंग करने के इरादे से जानबूझकर अपमान) के तहत दोषी ठहराते हुए एक महीने की सजा दी गई। ———- ये खबर भी पढ़ें… भाजपा नेता की हत्या में कर्नाटक कांग्रेस MLA को उम्रकैद:2016 के केस में विनय कुलकर्णी समेत 17 को सजा; CBI ने जांच की थी कर्नाटक के भाजपा नेता योगेश गौड़ा गौदार हत्याकांड में बेंगलुरु के स्पेशल कोर्ट ने कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री विनय कुलकर्णी समेत 17 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 30-30 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…
फ्लैट फ़्लोर कूलिंग टिप्स: टॉप फ्लोर की गर्मी ने जीना मुहाल कर दिया? बिना बिजली बिल बढ़ाया इन 8 मिनिस्ट्री से ठंडा रखा अपना कमरा

सबसे ज्यादा गर्मी छत के रास्ते आती है। अपनी छत पर ‘सोलर रिफ्लैक्ट व्हाइट पेंट’ या चूने की पुताई करवाएं। सफेद रंग सूरज की किरण को सोखने के बजाय रिफ्लेक्ट कर देता है। छवि: मेटा एआई छत पर गमले और छोटे उपकरण। मिट्टी और हरितसंरचना का काम करती है। कारखाने में डाला गया पानी वाष्पित हो जाता है, जिससे छत की सतह ठंडी हो जाती है। छवि: मेटा एआई पुराने जमाने के मसालों या मोटे जूट के टुकड़ों पर आधारित। अंतिम संस्कार से बाहर के गर्म हवा वाले कमरे में प्रवेश करने का समय निश्चित हो जाता है। यह एक प्राकृतिक वायु अनादि की तरह काम करता है। छवि: मेटा एआई शाम के समय जब बाहर का तापमान गिरता है, तब घर का दरवाजा खुलता है और दरवाज़ा खुलता है। इससे ‘क्रॉस वॉशिंगटन’ और कमरे के अंदर फंसी हुई हवा गर्म बाहर निकलेगी। छवि: मेटा एआई किचन में ही नहीं, बल्कि सिर्फ कमरे के ऊपरी हिस्से में भी इकोवेस्ट पंखे लगाए गए हैं। विस्तारित गर्म हवा का खिलौना ऊपर उठती है, एकलौस्ट प्रशंसक उसे बाहर घर और कमरे में मुकेश कम होगी। छवि: मेटा एआई अगर आपके कमरे में कांच की दुकानें हैं, तो वहां ‘हिट रिडस्टिंग फिल्म’ लगाएं। यह सूरज की रोशनी वाले कमरे के अंदर एक से रुकती है, जिससे बिजली के कमरों में बिना कमरे के ठंडा रहता है। छवि: मेटा एआई साधारण पीली बल्ब और हैलोजन लाइट्स काफी गर्म पैदा होती हैं। जगह-जगह एलईडी बल्बों का प्रयोग करें। ये न केवल बिजली बचाते हैं, बल्कि कमरे के तापमान को बढ़ाने में भी योगदान नहीं देते। छवि: मेटा एआई सोने से पहले किश्त पर ठंडा पानी से पोछा। अगर मॅनिकाज़ हो, तो शाम को छत पर पानी का साज़िश करो। इससे संबंधित गर्मी शांत हो जाती है और रात में कमरा जल्दी ठंडा हो जाता है। छवि: मेटा एआई यदि आपके पास टेबल का पंखा है, तो ठीक है आगे एक बड़े टुकड़े में बर्फ के टुकड़े या जमा हुआ ठंडा पानी रख दें। यूरोप की हवा-बर्फ से ज्वालामुखी पूरे कमरे में यूक्रेनी फ़ुहार के रूप में पिशाच। छवि: मेटा एआई दर्शन के बाहर की तरफ गहरे रंग के शेड्स या बांस की चिक सजावट। यह सूरज की रोशनी को सीधे खिड़की के कांच तक पहुंचने से पहले ही रोक देता है, जिससे कमरा लंबे समय तक ठंडा बना रहता है। छवि: मेटा एआई (टैग्सटूट्रांसलेट) बिना एसी के गर्मियों में कमरे को ठंडा कैसे रखें(टी)टॉप फ्लोर कूलिंग हैक्स(टी) दिल्ली नोएडा हीटवेव टिप्स(टी)फ्लैट्स के लिए प्राकृतिक कूलिंग तरीके(टी)क्रॉस वेंटिलेशन लाभ(टी)घर के लिए रिफ्लेक्टिव विंडो फिल्म(टी)DIY एयर कंडीशनर हैक्स(टी)टॉप फ्लोर अपार्टमेंट के लिए हीट मैनेजमेंट(टी)ग्रीष्म जीवन हैक्स इंडिया(टी)बिना एसी रूम कूल कैसे बनाएं
सागर में भीषण गर्मी के बीच हुई बारिश:गढ़ाकोटा मंडी में भीगा किसानों का गेहूं और चना, आज भी बादल छाने का अनुमान

सागर में इस समय मौसम के दो रंग देखने को मिल रहे हैं। सुबह से झुलसाने वाली धूप से लोग हलाकान है। लेकिन दोपहर के बाद मौसम बदलने से आसमान बादल छा रहे हैं। बादलों के बीच बारिश का दौर भी जारी है। पिछले दो दिनों से जिले के अलग-अलग हिस्सों में शाम के समय बारिश हो रही है। सोमवार को भी दिनभर तल्ख धूप रही। लेकिन शाम को मौसम बदला। आसमान में बादल छा गए। हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। इस दौरान शहर में बूंदाबांदी हुई। लेकिन ग्रामीण इलाकों में झमाझम बारिश देखने को मिली। गढ़ाकोटा में अचानक हुई बारिश से मंडी में रखा किसानों की गेहूं और चना की उपज भीग गई। इसके अलावा बड़ा क्षेत्र में भी बारिश हुई। बारिश से शाम के समय मौसम खुशनुमा रहा। बाजार में हवाओं में ठंडक रही। लेकिन घरों के अंदर उमस से लोग परेशान रहे। सोमवार को सागर का अधिकतम तापमान 43.7 डिग्री और न्यूनतम पारा 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया है। दिन का पारा सामान्य से 3 डिग्री और रात का तापमान सामान्य से 2 डिग्री ज्यादा बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव आया है। मंगलवार को भी सागर जिले समेत संभाग के जिलों में बादल छाने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। तीन दिनों से पारा 43-44 डिग्री के बीच सागर में अप्रैल के आखिरी सप्ताह में झुलसाने वाली गर्मी पड़ रही है। दिन का तापमान पिछले तीन दिनों से 43-44 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ है। सुबह 9 बजे से ही तल्ख धूप का असर शुरू हो रहा है। दिन चढ़ने के साथ ही गर्मी के तेवर बढ़ रहे हैं। दोपहर के समय गर्म हवाओं के थपेड़ों से लोग परेशान हैं। गर्मी से बचने लोग आम दिनों की अपेक्षा घरों से कम निकल रहे हैं। दोपहर के समय बाजार में सन्नाटा पसरा रहता है।
5000 Indians Get Working Visa; Magnus Neo Electric Scooter Launch

Hindi News Business India NZ FTA: 5000 Indians Get Working Visa; Magnus Neo Electric Scooter Launch नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से जुड़ी रही। भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार (27 अप्रैल) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। वहीं, शेयर बाजार में बढ़त रही। सेंसेक्स 639 अंक की तेजी के साथ 77,304 पर बंद हुआ। निफ्टी में 195 अंक की बढ़त रही, ये 24,093 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज ऑटो, IT, मेटल, मीडिया और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ: देश में अब न्यूजीलैंड की वाइन-कीवीफ्रूट जैसे सामान सस्ते होंगे; 5000 भारतीयों को वर्किंग वीजा मिलेगा भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार (27 अप्रैल) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता बताया। वहीं मिनिस्टर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पीयूष गोयल ने इसे भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत बताया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. कोल इंडिया का मुनाफा 11% बढ़कर ₹10,839 करोड़ रहा: चौथी तिमाही में रेवेन्यू भी 5.75% बढ़ा; कंपनी अपने निवेशकों को ₹5.25 का लाभांश देगी कोल इंडिया का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में मुनाफा सालाना आधार (YoY) पर 11% बढ़कर ₹10,839 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹9,751 करोड़ रहा था। कोल इंडिया ने आज यानी 27 अप्रैल को चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के ऑपरेशन से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू यानी आय में सालाना आधार पर 5.75% की बढ़ोतरी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सेंसेक्स 639 अंक बढ़कर 77,304 पर बंद: निफ्टी में 195 अंक की तेजी रही, ऑटो और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी शेयर बाजार में सोमवार 27 अप्रैल को बढ़त रही। सेंसेक्स 639 अंक की तेजी के साथ 77,304 पर बंद हुआ। निफ्टी में 195 अंक की बढ़त रही, ये 24,093 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज ऑटो, IT, मेटल, मीडिया और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही। सन फार्मा के शेयर में आज 6.83% की तेजी रही। कंपनी ने जानकारी दी है कि वह अमेरिका की ऑर्गेनॉन एंड कंपनी को खरीदने जा रही है। यह पूरी डील 11.75 बिलियन डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा) की वैल्यू पर पूरी तरह कैश में होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. एम्पियर मैग्नस नियो इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, कीमत ₹86,999: फुल चार्ज पर 118km की रेंज और 65kmph की टॉप स्पीड; बजाज चेतक और एथर रिज्टा से मुकाबला ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने भारत में अपना अपडेटेड इलेक्ट्रिक स्कूटर एम्पियर मैग्नस नियो लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने नए मॉडल में बड़े बदलाव करने के बजाय रोजमर्रा के इस्तेमाल को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया है। कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज पर ई-स्कूटर 118km की रेंज देगा और इसकी टॉप स्पीड 65kmph है। दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 86,999 रुपए रखी गई है। भारत में इसका मुकाबला बजाज चेतक और एथर रिज्टा से रहेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
5000 Indians Get Working Visa; Magnus Neo Electric Scooter Launch

Hindi News Business India NZ FTA: 5000 Indians Get Working Visa; Magnus Neo Electric Scooter Launch नई दिल्ली27 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से जुड़ी रही। भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार (27 अप्रैल) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। वहीं, शेयर बाजार में बढ़त रही। सेंसेक्स 639 अंक की तेजी के साथ 77,304 पर बंद हुआ। निफ्टी में 195 अंक की बढ़त रही, ये 24,093 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज ऑटो, IT, मेटल, मीडिया और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज तेजी देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन हुआ: देश में अब न्यूजीलैंड की वाइन-कीवीफ्रूट जैसे सामान सस्ते होंगे; 5000 भारतीयों को वर्किंग वीजा मिलेगा भारत-न्यूजीलैंड के बीच सोमवार (27 अप्रैल) को फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हो गया है। अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर कोई एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी। जिससे इन श्रम-प्रधान क्षेत्रों यानी लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ होगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक पीढ़ी में एक बार होने वाला समझौता बताया। वहीं मिनिस्टर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पीयूष गोयल ने इसे भारत-न्यूजीलैंड आर्थिक संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत बताया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. कोल इंडिया का मुनाफा 11% बढ़कर ₹10,839 करोड़ रहा: चौथी तिमाही में रेवेन्यू भी 5.75% बढ़ा; कंपनी अपने निवेशकों को ₹5.25 का लाभांश देगी कोल इंडिया का वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में मुनाफा सालाना आधार (YoY) पर 11% बढ़कर ₹10,839 करोड़ रहा। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹9,751 करोड़ रहा था। कोल इंडिया ने आज यानी 27 अप्रैल को चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के ऑपरेशन से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू यानी आय में सालाना आधार पर 5.75% की बढ़ोतरी है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. सेंसेक्स 639 अंक बढ़कर 77,304 पर बंद: निफ्टी में 195 अंक की तेजी रही, ऑटो और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी शेयर बाजार में सोमवार 27 अप्रैल को बढ़त रही। सेंसेक्स 639 अंक की तेजी के साथ 77,304 पर बंद हुआ। निफ्टी में 195 अंक की बढ़त रही, ये 24,093 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। आज ऑटो, IT, मेटल, मीडिया और फार्मा शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही। सन फार्मा के शेयर में आज 6.83% की तेजी रही। कंपनी ने जानकारी दी है कि वह अमेरिका की ऑर्गेनॉन एंड कंपनी को खरीदने जा रही है। यह पूरी डील 11.75 बिलियन डॉलर (करीब 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा) की वैल्यू पर पूरी तरह कैश में होगी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. एम्पियर मैग्नस नियो इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, कीमत ₹86,999: फुल चार्ज पर 118km की रेंज और 65kmph की टॉप स्पीड; बजाज चेतक और एथर रिज्टा से मुकाबला ग्रीव्स इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने भारत में अपना अपडेटेड इलेक्ट्रिक स्कूटर एम्पियर मैग्नस नियो लॉन्च कर दिया है। कंपनी ने नए मॉडल में बड़े बदलाव करने के बजाय रोजमर्रा के इस्तेमाल को बेहतर बनाने के लिए तैयार किया है। कंपनी का दावा है कि फुल चार्ज पर ई-स्कूटर 118km की रेंज देगा और इसकी टॉप स्पीड 65kmph है। दिल्ली में इसकी एक्स-शोरूम कीमत 86,999 रुपए रखी गई है। भारत में इसका मुकाबला बजाज चेतक और एथर रिज्टा से रहेगा। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
छिंदवाड़ा नगर निगम के कर्मचारी नहीं मानते SDM का ऑर्डर:कई जगहों से अतिक्रमण हटाया पर चिकन दुकान पर कार्रवाई नहीं होने से उठे सवाल

छिंदवाड़ा नगर निगम द्वारा शहर में अतिक्रमण हटाने को लेकर व्यापक अभियान चलाया गया। निगम आयुक्त सीपी राय के निर्देश पर टीम ने एमएलबी स्कूल के बाजू वाली गली से लेकर गुलाबरा मेन रोड तक सड़क किनारे किए गए अतिक्रमण को हटाया। इसके बाद कार्रवाई परासिया रोड तक पहुंची, जहां बीएसएनएल कार्यालय के सामने, सत्कार तिराहा, पंकज टॉकीज के पास, सीओ साहब के बंगले के सामने, पूजा लॉज के पास नाले किनारे और परासिया चौक स्थित एमपीईवी कार्यालय के आसपास से अस्थाई अतिक्रमण हटाए गए। नगर निगम ने परासिया रोड से बस स्टैंड (इंदिरा तिराहा) तक स्थायी रूप से बनी गुमटियों को 24 घंटे के भीतर स्वयं हटाने का अल्टीमेटम दिया है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि समयसीमा के बाद सख्त कार्रवाई करते हुए गुमटियां हटाई जाएंगी। नागपुर रोड पर कार्रवाई पर उठे सवाल इधर, नागपुर रोड पर पिछले दो महीनों में करीब 10 बार कार्रवाई किए जाने के बावजूद एक चिकन बेचने वाले दुकानदार पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। बताया जा रहा है कि संबंधित दुकानदार मुख्य मार्ग किनारे दुकान लगाकर चिकन के पीस और डिश बेच रहा है, लेकिन हर बार निगम टीम केवल समझाइश देकर लौट जाती है। स्थानीय दुकानदारों ने निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते इस दुकान पर कार्रवाई नहीं हो रही, जबकि अन्य अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त किया जा रहा है। एसडीएम के निर्देश के बाद भी नहीं बदली स्थिति जानकारी के मुताबिक, सड़क किनारे चिकन बिक्री की शिकायत पर एसडीएम सुधीर जैन ने स्वयं नगर निगम आयुक्त को निर्देश देकर दो बार कार्रवाई भी करवाई थी। इसके बावजूद संबंधित दुकान अब भी रोज संचालित हो रही है।
सतना के वन स्टॉप सेंटर से 3 नाबालिग फरार:9 माह पहले हुआ था सिक्योरिटी ऑडिट, फिर भी हुई सुरक्षा में चूक

सतना के वन स्टॉप सेंटर से रविवार रात तीन नाबालिग लड़कियां फरार हो गईं। लड़कियां खिड़की की ग्रिल निकालकर और तार की साढ़े पांच फीट ऊंची बाड़ी फांदकर भागी हैं। इस घटना ने सेंटर की सुरक्षा व्यवस्था और लोक निर्माण विभाग (PIU) द्वारा किए गए भवन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि 9 महीने पहले ही इस सेंटर का सिक्योरिटी ऑडिट किया गया था। नाबालिग लड़कियों ने भागने के लिए सेंटर की सुरक्षा खामियों का सीधा फायदा उठाया। वन स्टॉप सेंटर और जिला कल्याण समिति (CWC) के बीच कंक्रीट की दीवार के बजाय सिर्फ साढ़े पांच फीट ऊंची तार की बाड़ी लगी हुई है। इसी बाड़ी के पास एक पुराना पेड़ गिरा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि लड़कियों ने इसी गिरे हुए पेड़ का इस्तेमाल कर बाड़ी को पार किया और भागने में सफल रहीं। 9 महीने पहले ही हुआ था सिक्योरिटी ऑडिट महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने जुलाई में सतना का कार्यभार संभालने के बाद सेंटर का सिक्योरिटी ऑडिट कराया था। सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से उन्होंने वन स्टॉप सेंटर की चहारदीवारी के ऊपर कंटीले तारों की फेंसिंग भी करवाई थी, लेकिन सुरक्षा के ये सभी उपाय नाकाफी साबित हुए। भवन निर्माण की गुणवत्ता की खुली पोल वन स्टॉप सेंटर का निर्माण लोक निर्माण विभाग की प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन यूनिट (PIU) ने कराया था। चार साल पहले यह भवन महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंपा गया था। लड़कियों ने भागने के लिए जिस खिड़की की ग्रिल को दीवार से अलग किया, उसका हुक दीवार में ठीक से फिक्स ही नहीं किया गया था। इस खुलासे ने भवन निर्माण की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। तीन साल पहले भी भागी थी एक लड़की सेंटर से लड़कियों के भागने का यह पहला मामला नहीं है। करीब तीन साल पहले भी यहां से एक लड़की फरार हुई थी। उस घटना के बाद सुरक्षा के लिहाज से खिड़कियों में जाली लगवाई गई थी, लेकिन 27 अप्रैल की घटना में यह उपाय भी काम नहीं आया। सूत्रों के मुताबिक, मैहर की ‘पिपरा सेवा दल बिरादरी संस्थान’ वन स्टॉप सेंटर को मानव संसाधन (स्टाफ) उपलब्ध कराने का काम करती है।
ED के आने से पहले, I-PAC का राजस्व 35% कम हो गया: भारत का चुनाव विघ्नकर्ता कैसे अलग हुआ | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:28 अप्रैल, 2026, 08:00 IST अपने स्वयं के वित्तीय रिकॉर्ड के अनुसार, I-PAC ने एक तीव्र वित्तीय उलटफेर देखा क्योंकि इसकी पिछली वृद्धि 2025 में इसके कोलकाता कार्यालय में छापे से पहले ही गिरावट में आ गई थी। I-PAC की कहानी इस क्षण में किसी अभियान के साथ नहीं, बल्कि संख्याओं के एक समूह के साथ प्रवेश करती है जो कठिन प्रश्न खड़े करते हैं। (छवि: न्यूज18/फ़ाइल) पश्चिम बंगाल में शोर और दृश्यमान चुनावी मुकाबले से परे, पृष्ठभूमि में एक और महत्वपूर्ण कथा सामने आ रही है – वह जो उम्मीदवारों के बारे में कम और उस मशीनरी के बारे में अधिक बोलती है जिसने एक बार दावा किया था कि वह चुनावी नतीजों की पटकथा लिख सकती है। I-PAC की कहानी इस क्षण में किसी अभियान के साथ नहीं, बल्कि संख्याओं के एक समूह के साथ प्रवेश करती है जो कठिन प्रश्न खड़े करते हैं। चूंकि प्रवर्तन निदेशालय ने I-PAC – या इंडियन PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड की जांच जारी रखी है, क्योंकि यह 2015 में कंपनी रजिस्ट्रार, कोलकाता के साथ पंजीकृत है। न्यूज18 विशेष पहुंच प्राप्त की और कंपनी की नवीनतम वित्तीय स्थिति का विश्लेषण किया। रिकॉर्ड के अनुसार, इसमें तीव्र वित्तीय उलटफेर देखा गया क्योंकि इसके पहले विकास में 2025 में गिरावट आई थी, यहां तक कि इसके कोलकाता कार्यालय में छापे से पहले भी। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के साथ दायर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए I-PAC के ऑडिटेड लाभ और हानि विवरण के अनुसार, इसने 31 मार्च, 2025 को समाप्त वर्ष के लिए एक नाटकीय वित्तीय उलटफेर की सूचना दी है, जो 18.32 करोड़ रुपये के लाभ से 2.42 करोड़ रुपये के शुद्ध घाटे तक पहुंच गया है। इसके संचालन से राजस्व में 35 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखी गई, जो वित्त वर्ष 2014 में 206.59 करोड़ रुपये से तेजी से गिरकर वित्त वर्ष 2015 में केवल 133.48 करोड़ रुपये रह गई – एक वित्तीय वर्ष के भीतर शीर्ष-पंक्ति आय में लगभग 73 करोड़ रुपये की गिरावट। टॉपलाइन ढह गई, लागत स्थिर रही कॉर्पोरेट मामलों के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि गिरावट का पैमाना I-PAC के मुख्य व्यवसाय संचालन में गंभीर व्यवधान की ओर इशारा करता है। तनाव शीर्ष रेखा से अधिक गहरा होता है। अकेले वित्त लागत 62.28 करोड़ रुपये है, जो कुल राजस्व का लगभग 46 प्रतिशत है। भले ही आय में तेजी से गिरावट आई हो, खर्चों में केवल 27.5 प्रतिशत की कमी आई है, जिससे लागत संरचना उजागर हो गई है जो संचालन के सिकुड़ते पैमाने के साथ तालमेल बिठाने में विफल रही है। जो कंपनी कभी अपनी कार्यकुशलता पर गर्व करती थी, अब वह अपनी ही वास्तुकला के कारण दब गई है। वित्त वर्ष 2015 में कर्मचारी लाभ व्यय बढ़कर 13.65 करोड़ रुपये हो गया, जबकि पिछले वर्ष यह 4.61 करोड़ रुपये का नकारात्मक आंकड़ा था – यह पूर्व-वर्ष के महत्वपूर्ण उलटफेर को दर्शाता है जिसने वित्त वर्ष 2014 की पुस्तकों को कृत्रिम रूप से प्रभावित किया था। प्रति शेयर आय नकारात्मक (0.02) होने, शून्य कर देयता के कारण कोई वसूली योग्य लाभ नहीं होने और 5 सितंबर, 2025 को लेखा परीक्षकों के हस्ताक्षर करने के साथ, I-PAC को अब अपने ऋण का पुनर्गठन करने, राजस्व में गिरावट को रोकने और निवेशकों का विश्वास बहाल करने के लिए बढ़ते दबाव का सामना करना पड़ रहा है। 31 मार्च, 2025 को समाप्त अवधि के लिए कंपनी के ऑडिट किए गए नकदी प्रवाह विवरण के अनुसार, कंपनी ने 2.21 करोड़ रुपये का शुद्ध परिचालन नकदी प्रवाह उत्पन्न किया – जो वित्त वर्ष 24 में 8.95 करोड़ रुपये से तेज गिरावट है। ऑपरेटिंग इंजन अभी भी चल रहा है, लेकिन मुश्किल से। निवेश के मोर्चे पर, कंपनी ने 1.03 करोड़ रुपये का शुद्ध बहिर्वाह दर्ज किया, जो मुख्य रूप से मौजूदा व्यापार निवेश में लगाए गए 2.05 करोड़ रुपये और लंबी अवधि के ऋण और अग्रिमों से प्राप्त 1.05 करोड़ रुपये की आंशिक भरपाई थी। अचल संपत्ति की खरीदारी न्यूनतम 0.04 करोड़ रुपये थी – जो पूंजीगत व्यय पर लगभग पूर्ण रोक का संकेत है, जो संकट में एक क्लासिक रक्षात्मक मुद्रा है। जांच के अधीन, फिर भी ज़मीन पर यह वित्तीय तनाव गहन जांच के साथ है। ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत आईपीएसी से जुड़ी संस्थाओं में अपनी जांच जारी रखी है। कंपनी के तीन निदेशकों में से एक को एक अलग मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया है, जबकि दूसरे पर प्रवर्तन छापे मारे गए हैं – ऐसे घटनाक्रम ने परिचालन में गिरावट के समय कानूनी और प्रतिष्ठित दबाव बढ़ा दिया है। और फिर भी, बैलेंस शीट कमजोर होने और निगरानी सख्त होने के बावजूद, I-PAC की छाप जमीन से पूरी तरह से फीकी नहीं हुई है, खासकर पश्चिम बंगाल में। आधिकारिक तौर पर, बंगाल में आईपीएसी से जुड़े ऑपरेशन रोक दिए गए हैं। अनौपचारिक रूप से, राजनीतिक हलकों के कई खातों से पता चलता है कि डेटा टीमें कम, कम दिखाई देने वाली क्षमता में सक्रिय रहती हैं। बूथ स्तर के इनपुट को ट्रैक किया जाना जारी है। मैसेजिंग को अभी भी परिष्कृत किया जा रहा है. जैसे-जैसे राज्य पहले चरण से इस निर्णायक चरण में आगे बढ़ता है, पिछले दशक में निर्मित बुनियादी ढांचा बिना किसी आरोप के, बिना दृश्यता के काम करता हुआ प्रतीत होता है, लेकिन प्रभाव के बिना भी नहीं। इस क्षण को समझने के लिए, इसे I-PAC के स्वयं के विकास के आर्क के सामने रखना आवश्यक है। व्यवधान से तनाव तक: I-PAC ARC 2014 में, प्रशांत किशोर के नेतृत्व में, I-PAC ने डेटा, स्केल और परिशुद्धता पर आधारित चुनाव प्रचार का एक नया व्याकरण पेश करके खुद को एक विघटनकारी के रूप में स्थापित किया। यह सिर्फ एक अभियान परामर्श नहीं था, यह एक दावा था कि राजनीति को व्यवस्थित किया जा सकता है। लेकिन उस दावे को विरोध का सामना करना पड़ा। राष्ट्रीय मंच से लेकर बिहार तक शुरुआती सफलताओं के बाद अन्य जगहों पर असमान नतीजे आए। पारंपरिक राजनीतिक संरचनाएँ बाहरी रणनीतिकारों को नियंत्रण देने में अनिच्छुक साबित हुईं। सत्ता तक पहुंचने के लिए एक मानकीकृत, डेटा-संचालित मार्ग का विचार क्षेत्रीय राजनीति, नेतृत्व अहंकार और मजबूत नेटवर्क की जटिलताओं के खिलाफ चला। हालाँकि,








