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अगर गाय खा रही है प्लास्टिक या कागज, तो हो सकती है ये गंभीर बीमारी

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Last Updated:April 29, 2026, 23:29 IST Cow Pica Disease: अक्सर पशुपालक यह समझ नहीं पाते कि गायों का जूता, चप्पल या प्लास्टिक जैसी चीजें खाना कोई सामान्य आदत नहीं, बल्कि एक गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार इसे पाइका रोग कहा जाता है, जो कुपोषण और शरीर में पोषक तत्वों की कमी के कारण होता है. समय पर पहचान न होने पर यह समस्या पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन दोनों को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसके लक्षणों को समझना और सही देखभाल करना बेहद जरूरी है. अक्सर पशुपालक इस बात से परेशान रहते हैं कि उनकी गायें जूता, चप्पल, प्लास्टिक, कागज या चमड़ा जैसी चीजें खाने लगती हैं. पहली नजर में यह एक साधारण आदत लग सकती है, लेकिन एक्सपर्ट इसे गंभीर बीमारी मानते हैं. ऐसे में बोकारो के चास पेट क्लीनिक के पशु चिकित्सक और एक्सपर्ट डॉ. अनिल कुमार ने पाइका रोग के गंभीरता को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है. आइये जानते हैं इसके बारे में. डॉ. अनिल कुमार के अनुसार पाइका पशुओं में होने वाली एक गंभीर बीमारी है. जो मुख्य रूप से कुपोषण और फास्फोरस की कमी से होती है, जिस कारण पशुओं का खान-पान और व्यवहार बदलने लगता है और वे असामान्य चीजों को चबाने या खाने लगते हैं और कई बार गौशाला में बंधे होने के बावजूद गाय रस्सी, लकड़ी के खूटे या आसपास पड़ी अनुपयोगी वस्तुओं को चबाने लगते हैं, जिससे उनका पाचन बुरी तरह से प्रभावित होता है. Add News18 as Preferred Source on Google वहीं, पाइका बीमारी के बढ़ने पर इसका सीधा असर पशुओं के स्वास्थ्य और दूध उत्पादन दोनों पर दिखाई देता है, जिससे पशु के शरीर की चमक कम होने लगती है, बाल झड़ने लगते हैं और हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. इसकी वजह से गायें कमजोर दिखने लगती हैं. वहीं, कई बार गाय गलती से प्लास्टिक या लकड़ी खाने से पाचन संबंधित समस्या उत्पन्न होता है, जिससे पशुओं का पेट बुरी तरह से फूल जाता है और कई बार गंभीर स्थिति में सर्जरी तक की जरूरत पड़ जाती है. वही, लंबे समय तक असंतुलित आहार देने से यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है. ऐसे में लक्षण दिखने पर पशुपालकों को तुरंत पशु चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए. वहीं, डॉ, अनिल कि मानें तो पाइका रोग से बचाव के लिए संतुलित आहार सबसे अहम उपाय है. इसलिए पशुओं को नियमित रूप से हरा चारा, सूखा चारा और दाना मिश्रण देना चाहिए. साथ ही पशु चिकित्सक की सलाह से विटामिन और मिनरल सप्लीमेंट भी देना चाहिए. इसके अलावा गाय की डी-वॉर्मिंग कराना बेहद जरूरी है. First Published : April 29, 2026, 23:29 IST

रोज सुबह नींबू और एप्पल साइडर विनेगर पीने से शरीर में दिखेंगे ये 8 चौंकाने वाले फायदे, जानकर रह जाएंगे हैरान

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Last Updated:April 29, 2026, 23:20 IST नींबू और एप्पल साइडर विनेगर दो ऐसी चीजें हैं, जिन्हें हेल्दी लाइफस्टाइल में काफी पसंद किया जाता है. कई लोग सुबह खाली पेट इन्हें पानी में मिलाकर पीते हैं, तो कुछ लोग डिटॉक्स ड्रिंक के रूप में इस्तेमाल करते हैं. नींबू में विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं, जबकि एप्पल साइडर विनेगर में एसिटिक एसिड और कुछ लाभकारी तत्व मौजूद होते हैं. जब इन दोनों का सही मात्रा में इस्तेमाल किया जाए, तो शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं. हालांकि इसका सेवन सीमित मात्रा में और सही तरीके से करना जरूरी है. नींबू और एप्पल साइडर विनेगर का हल्का मिश्रण पाचन तंत्र को सपोर्ट कर सकता है. कुछ लोगों को इसे खाने से पहले लेने पर भारीपन कम महसूस होता है. यह पेट में एसिड बैलेंस बनाए रखने में मदद कर सकता है, जिससे खाना पचाने में आसानी होती है. अगर इसे संतुलित डाइट के साथ लिया जाए, तो यह भूख को थोड़ा कंट्रोल करने में मदद कर सकता है. एप्पल साइडर विनेगर कुछ लोगों में पेट भरा महसूस कराने में मदद करता है, जिससे ओवरईटिंग कम हो सकती है. हालांकि वजन घटाने के लिए सिर्फ इसी पर निर्भर रहना सही नहीं है. नींबू विटामिन C का अच्छा स्रोत है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है. बदलते मौसम में इसे सीमित मात्रा में लेना फायदेमंद माना जाता है. एंटीऑक्सीडेंट तत्व शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कुछ रिसर्च में पाया गया है कि एप्पल साइडर विनेगर ब्लड शुगर लेवल को बेहतर तरीके से मैनेज करने में सहायक हो सकता है, खासकर खाने के बाद. हालांकि डायबिटीज के मरीज डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन शुरू न करें. नींबू में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C त्वचा के लिए अच्छे माने जाते हैं. जब शरीर अंदर से हाइड्रेट और हेल्दी रहता है, तो त्वचा पर भी असर दिखता है. हालांकि इसे सीधे चेहरे पर लगाने से पहले सावधानी जरूरी है. अगर सादा पानी पीना पसंद नहीं है, तो हल्के नींबू और पानी का मिश्रण पानी पीने की आदत बढ़ा सकता है. शरीर में पानी की सही मात्रा बनी रहना ऊर्जा, स्किन और पाचन तीनों के लिए जरूरी है. सुबह गुनगुने पानी में नींबू और थोड़ा एप्पल साइडर विनेगर मिलाकर पीने से कई लोग ताजगी महसूस करते हैं. इससे दिन की शुरुआत फ्रेश अंदाज में हो सकती है. हालांकि हर व्यक्ति पर असर अलग हो सकता है. एप्पल साइडर विनेगर हमेशा पानी में मिलाकर ही लें, क्योंकि यह तेज होता है और सीधे पीने से दांतों या गले को नुकसान पहुंचा सकता है. जिन लोगों को एसिडिटी, अल्सर या पेट की परेशानी है, वे डॉक्टर से सलाह लें. First Published : April 29, 2026, 23:20 IST

बंगाल चुनाव में कांग्रेस की हार का ज़िम्मेदार कौन? अधीर रंजन चौधरी ने खोला राज

बंगाल चुनाव में कांग्रेस की हार का ज़िम्मेदार कौन? अधीर रंजन चौधरी ने खोला राज

पश्चिम बंगाल एग्जिट पोल 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दोनों चरण में रिकॉर्ड वोटिंग के बाद आए एक्जिट पोल ने पॉडकास्ट को और दिलचस्प बना दिया है। 29 मार्च को जारी एलेक्टिट पोल में लोक कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच कांटे की टक्कर का अनुमान लगाया गया है। छह में से चार सर्वेक्षणों में बीजेपी की सत्ता में वापसी की संभावना जताई गई है, जबकि दो सर्वेक्षणों में संसदीय क्षेत्र में वापसी का अनुमान लगाया गया है। बिज़नेस के पोर्टफोलियो का लाभ बहरामपुर से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि राज्य में सत्ता विरोधी लहर है, लेकिन वह अलग-अलग ऑर्केस्ट्रा में बंट गए हैं। उनका कहना है, यह वोट कहीं बीजेपी, कहीं कांग्रेस, कहीं सीपीआई (एम), आईएसएफ या अन्य ऑर्किट्स में तो नहीं चल रहा है, जहां से संगीत का अध्ययन करना मुश्किल हो गया है। एक्जालिट पोल की विस्तृत जानकारी पर प्रश्न एआईयूडीएफ नेता रफीकुल इस्लाम ने एलेक्टिट पोल में पूरी तरह से वंचितों से इनकार करते हुए कहा कि रियल स्टडी के लिए 4 तारीख तक इंतजार करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि बंगाल में उनकी राय में “दीदी” यानी ममता बनर्जी की वापसी संभव है। सिलीगुड़ी से बीजेपी उम्मीदवार शंकर घोष ने सोलामी से संयम बनाए रखने और सोमनाथ का इंतजार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभी जश्न मनाने का समय नहीं है, बल्कि त्याग का समय है। वहीं, मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री विश्वास सारंग और बीजेपी के सांसद दिनेश शर्मा ने दावा किया है कि डिजिटल पोल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पार्टी को बढ़त मिल रही है और वास्तविक नतीजे नतीजे पोल से भी बेहतर हो सकते हैं. एक्जिट पोल ने पॉडकास्ट को बेहद उत्साहित कर दिया है, लेकिन सभी राजनीतिक दलों के अंतिम सदस्यों का इंतजार कर रहे हैं, जो 4 मई को पूरी तरह से साक्षा करेंगे। ये भी पढ़ें: बंगाल में दाराक देवता, तमिलनाडु में विजय की ‘जय’…पढ़ें असम-केरल से पुडुचेरी तक का एकांत पोल

सीधी में बस-पिकअप में टक्कर, युवक का हाथ कटकर अलग:रीवा रेफर; चश्मदीद बोले- बस ड्राइवर नशे में था, वाहन छोड़कर भागा

सीधी में बस-पिकअप में टक्कर, युवक का हाथ कटकर अलग:रीवा रेफर; चश्मदीद बोले- बस ड्राइवर नशे में था, वाहन छोड़कर भागा

सीधी जिले के रामपुर नैकिन में बुधवार रात 10 बजे यूनियन बैंक के पास एक बस और पिकअप की भिड़ंत हो गई। हादसे में एक युवक का दायां हाथ कटकर शरीर से अलग हो गया। बताया जा रहा है कि महामाया ट्रैवलर्स की एक बस बेलकसरी से रीवा की तरफ बारात लेकर जा रही थी। चश्मदीद रवि केवट का आरोप है कि बस ड्राइवर नशे में था और गाड़ी को बेहद लापरवाही से चला रहा था। यूनियन बैंक के पास बस अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रही एक तेज रफ्तार पिकअप से जा भिड़ी। खिड़की के पास बैठे युवक के साथ हुआ हादसा टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस की खिड़की के पास बैठे सित्तू केवट नाम के युवक का दायां हाथ कटकर गिर गया। हादसे के बाद वहां हड़कंप मच गया। मौके का फायदा उठाकर बस ड्राइवर गाड़ी छोड़कर अंधेरे में फरार हो गया। रीवा रेफर किया गया घायल रामपुर नैकिन थाना प्रभारी सुधांशु तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और बस को कब्जे में लिया। घायल सित्तू को तुरंत पास के अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत ज्यादा खराब होने की वजह से उसे संजय गांधी अस्पताल रीवा रेफर कर दिया गया है। पुलिस अब फरार ड्राइवर की तलाश कर रही है।

बंगाल में चुनाव ख़त्म होने के बाद भी सीएपीएफ़ के 500 ब्लास्टर्स, सीआरपीएफ़ के डीजी ने दी जानकारी

बंगाल में चुनाव ख़त्म होने के बाद भी सीएपीएफ़ के 500 ब्लास्टर्स, सीआरपीएफ़ के डीजी ने दी जानकारी

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के प्रमुख पद पर आसीन हुए। सुरक्षा के लिए केंद्रीय पुलिस बल की 500 टैक्सी बटालियन। अगले आदेश तक इस राज्य में कानून व्यवस्था बनाई गई। इसमें बिल्डर्स, प्रिंसिपल, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबीआई शामिल हैं। पश्चिम बंगाल में 294 रिजर्व वाली विधानसभा के लिए रविवार (29 अप्रैल, 2026) को दूसरे चरण का मतदान के साथ चुनावी मैदान में उतरना है। राज्य में दूसरे चरण के चुनाव के तहत 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, शस्त्रागार और रैंकों के तरीकों से भारी मात्रा में सशस्त्र केंद्रीय पुलिस बल (सीएपीएफ) की चुनावी तैनाती की थी, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद भी राज्य में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी की है। चुनाव आयोग की ओर से 19 मार्च, 2026 को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की सर्किट योजना के अनुसार, आज रविवार (29 अप्रैल, 2026) को मतदान समाप्त हो गया, जिसके बाद पश्चिम बंगाल में सीएपीएफ की 500 कंपनियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्था बनाए रखने की व्यवस्था की गई। चुनाव आयोग ने कहा कि अगले आदेश में केंद्रीय सशस्त्र बल के 500 लड़ाकू विमानों को पश्चिम बंगाल में आतंकियों के कब्जे में ले लिया जाएगा। किस फ़ोर्स की टिन की मशीनरी विध्वंसक? वहीं, रिजर्व सेंट्रल पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के प्रमुख जेपी सिंह ने रविवार (29 अप्रैल, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर इस निर्देश की पुष्टि की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘सभी कमांडर फोर्सेज को यह सूचित कर दिया गया है कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद भी केंद्रीय पुलिस सशस्त्र बल (सीएपीएफ) के 500 जवानों के पश्चिम बंगाल में ही इस्लामिक स्टेट के जवानों ने आगे कोई नया आदेश जारी नहीं किया है।’ यह निर्देश 19 मार्च, 2026 के आदेश में स्पष्ट रूप से दिया गया है।’ सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने ट्वीट किया, “मतदान के बाद अगले आदेश तक सीएपीएफ की 500 कंपनियां पश्चिम बंगाल में रहेंगी…” pic.twitter.com/2EwDjmITJA – एएनआई (@ANI) 29 अप्रैल 2026 सीआरपीएफ के महानिदेशक (डीजी) जेपी सिंह ने अपने पोस्ट में एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें पश्चिम बंगाल में शहीद हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की जानकारी दी गई है। चुनाव आयोग की योजना के मुताबिक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 500 जवानों, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 150 जवानों, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 50 जवानों, इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 50 जवानों और सशस्त्र बल (एसएसबी) के 50 जवानों भी शामिल हैं। यह भी पढ़ें: एग्जिट पोल 2026: बंगाल में दाराक डेड, तेलंगाना में विजय की ‘जय’…पढ़ें असम-केरल से पुडुचेरी तक का एग्जिट पोल

वजन घटाने के लिए खाना छोड़ रहे हैं? एक्सपर्ट्स ने बताया ये गलती बना सकती है आपको और मोटा

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आजकल बढ़ता वजन बहुत से लोगों की चिंता बना हुआ है. ज्यादा वजन सिर्फ दिखने का मामला नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकता है. मोटापा बढ़ने से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, दिल की बीमारी और जोड़ों में दर्द जैसी दिक्कतों का खतरा बढ़ जाता है. यही वजह है कि लोग वजन घटाने के लिए तरह-तरह के तरीके अपनाते हैं. कोई घंटों जिम में पसीना बहाता है, तो कोई डाइटिंग शुरू कर देता है. वहीं कई लोग जल्दी वजन कम करने के चक्कर में खाना छोड़ने जैसी गलती भी कर बैठते हैं. बहुत से लोगों को लगता है कि अगर वे एक समय का खाना छोड़ देंगे या दिनभर कम खाएंगे, तो वजन तेजी से घट जाएगा. लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह सोच पूरी तरह सही नहीं है. विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने भी खाने और वजन घटाने से जुड़े कई भ्रमों पर जानकारी दी है. संगठन का कहना है कि मील स्किप करना यानी खाना छोड़ना वजन कम करने का सही तरीका नहीं है. इससे थोड़े समय के लिए वजन कम लगता जरूर है, लेकिन लंबे समय में यह तरीका नुकसान पहुंचा सकता है. जब कोई व्यक्ति खाना छोड़ता है, तो शरीर को जरूरी ऊर्जा नहीं मिल पाती. इससे शरीर कमजोर महसूस करने लगता है और दिनभर थकान बनी रहती है. कई लोगों को काम में मन नहीं लगता, चिड़चिड़ापन होने लगता है और शरीर सुस्त महसूस करता है. अगर यह आदत लंबे समय तक बनी रहे, तो शरीर का संतुलन भी बिगड़ सकता है. इसलिए वजन घटाने के लिए भूखे रहना समझदारी नहीं माना जाता. खाना छोड़ने का एक और बड़ा नुकसान यह है कि बाद में बहुत तेज भूख लगती है. जब लंबे समय तक पेट खाली रहता है, तो अगली बार व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खा लेता है. ऐसे में जितनी कैलोरी बचाने की कोशिश की गई थी, उससे ज्यादा कैलोरी शरीर में चली जाती है. यही वजह है कि कई लोग खाना छोड़ने के बाद भी वजन कम नहीं कर पाते. कुछ मामलों में वजन बढ़ भी सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे गैप के बाद खाना खाने से ब्लड शुगर का स्तर भी प्रभावित हो सकता है. कुछ लोगों को कमजोरी, चक्कर आना, हाथ कांपना या ध्यान लगाने में परेशानी महसूस हो सकती है. खासतौर पर जिन लोगों को पहले से शुगर या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उनके लिए यह आदत और ज्यादा नुकसानदायक हो सकती है. स्वस्थ तरीके से वजन कम करने के लिए जरूरी है कि नियमित समय पर संतुलित भोजन किया जाए. दिनभर में छोटे-छोटे हिस्सों में हेल्दी खाना लेना बेहतर माना जाता है. इसमें फल, सब्जियां, दालें, प्रोटीन, साबुत अनाज और पर्याप्त पानी शामिल होना चाहिए. इससे शरीर को जरूरी पोषण मिलता है, भूख कंट्रोल रहती है और एनर्जी भी बनी रहती है. इसके साथ ही शारीरिक गतिविधि भी बहुत जरूरी है. रोजाना वॉक करना, योग करना, जिम जाना या हल्की एक्सरसाइज करना वजन घटाने में मदद करता है. सिर्फ डाइट या सिर्फ एक्सरसाइज से नहीं, बल्कि दोनों के सही संतुलन से बेहतर रिजल्ट मिलता है.

युवती का आरोप- इस्लाम धर्म अपनाने दबाव बनाया, रेप किया:क्लर्क पर FIR, इधर, युवक बोला- हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई, अब फंसा रहे

युवती का आरोप- इस्लाम धर्म अपनाने दबाव बनाया, रेप किया:क्लर्क पर FIR, इधर, युवक बोला- हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई, अब फंसा रहे

बड़वानी में धर्मांतरण और दुष्कर्म के आरोपों को लेकर एक पेचीदा मामला सामने आया है, जिसमें दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने युवती की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन ने बताया कि एक युवती ने अमन खान नाम के युवक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पीड़िता का कहना है कि सितंबर 2023 से अमन ने उसे शादी का झांसा देकर दोस्ती की और शारीरिक संबंध बनाए। आरोपी ने एक छोटा वैवाहिक कार्यक्रम कर उसे भरोसे में लिया, लेकिन बाद में शादी से मुकर गया। युवती का आरोप है कि अमन के परिवार (मां, बुआ और चाचा) ने उस पर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए दबाव डाला। पुलिस ने इस मामले में BNS की विभिन्न धाराओं और धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि आरोपी अमन खान आगर मालवा कलेक्टर ऑफिस में क्लर्क है। अमन खान का पक्ष: “साजिश के तहत फंसाया गया” दूसरी ओर, आरोपी अमन खान ने इन सभी आरोपों को झूठा बताया है। उनका कहना है कि युवती के परिवार ने उनके साथ मारपीट की और उन्हें जबरन हिंदू धर्म अपनाने पर मजबूर किया। उनसे हिंदू रीति-रिवाज से शादी कराई गई और अब “लव जिहाद” के नाम पर फंसाने की धमकी दी जा रही है। अमन का दावा है कि उन्होंने इस बारे में 8-9 दिन पहले पुलिस को आवेदन दिया था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। हिंदू संगठनों की चेतावनी हिंदू संगठन के कार्यकर्ता कृष्णा गोले ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल बड़वानी पुलिस दोनों तरफ के दावों और सबूतों की बारीकी से जांच कर रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि सच सामने आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

लौकी पुदीना की चटनी रेसिपी: गर्मी में पेट को ठंडक देने वाली लौकी पुदीना की चटनी, चावल-रोटी के साथ बच्चे भी लेंगे मजा; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

आवश्यक सामग्री: लोकी, पुदीना स्वाद, हरा धनिया, 1-2 हरी मिर्च, 2-3 कलियां लहसुन, 2-3 देशी घी, नमक स्वाद, 1/2 छोटा मसाला, 1-2 चम्मच जीरा, 1 मसाले का रस छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले लोकी को चुटकी बजाते हुए छोटी सी दुकान में काट लें। अब इसे सा फ्रेम लें या स्टीम कर लें, ताकि रॉपन खत्म हो जाए। छवि: सोशल मीडिया मसाले में मसाले वाली लौकी, पुदीना, हरा धनिया, हरी मिर्च और लहसुन शामिल हैं। अब इसमें दही, नमक, जीरा और नींबू का रस शामिल है। सभी बच्चों को अच्छी तरह से पीस लें, जब तक नियुक्ति तैयार न हो जाए। छवि: एआई अगर आपको तीखा पसंद है तो हरी मिर्च बढ़ा सकते हैं। ठंडक के लिए इसमें छोटा सा दही जरूर डालें। फ़्लोरिडा तो ऊपर से थोड़ा सा जीरा पाउडर छिड़क सकते हैं। छवि: मेटा एआई लौकी के शरीर को ठंडी रचना है। पुदीना पाचन को बेहतर बनाता है। हीट डायहाइड्रेशन से बचाव में मदद मिलती है। उपकरण और उपकरण होने के कारण वजन नियंत्रण में भी सहायक होता है। छवि: फ्रीपिक लौकी और पुदीने की चटपटी चटनी को आप गरम-गरम रोटी या पराठे के साथ, दाल-चावल के साथ या फिर मसाले के साथ डिप के रूप में सर्व कर सकते हैं. छवि: फ्रीपिक अगर आप गर्मी में कुछ ताकतवर, ताकतवर और स्वादिष्ट खाना चाहते हैं, तो लोकी-पुदीना की ये चटनी आपके लिए असर करती है। इसे बनाना आसान है और स्वाद इतना मजेदार कि बच्चा भी बार-बार मांगेगा। छवि: एआई अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

दो दुकानों से बेटे का कब्जा हटाया, पिता को सौंपी:बुजुर्ग पैसे की तंगी परेशान थे, जनसुनवाई में कलेक्टर से की थी शिकायत

दो दुकानों से बेटे का कब्जा हटाया, पिता को सौंपी:बुजुर्ग पैसे की तंगी परेशान थे, जनसुनवाई में कलेक्टर से की थी शिकायत

निवाड़ी जिला प्रशासन ने एक बुजुर्ग पिता की शिकायत पर उनके बेटे के कब्जे से दो दुकानें खाली कराईं। कलेक्टर जमुना भिड़े के आदेश पर पुलिस और राजस्व की टीम ने मौके पर पहुंचकर बुजुर्ग को उनकी संपत्ति वापस दिलाई। जेरोन खालसा के रहने वाले रामचरण सोनी और प्यारेलाल सोनी मंगलवार को जनसुनवाई में कलेक्टर के पास पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके बड़े बेटे मुकेश सोनी ने उनकी खुद की दो दुकानों पर अवैध कब्जा कर ताला लगा दिया है। इससे उन्हें पैसे की तंगी हो रही थी और वे काफी परेशान थे। कलेक्टर ने वीसी के जरिए दिए तुरंत आदेश कलेक्टर जमुना भिड़े ने बुजुर्गों की पीड़ा सुनकर तुरंत एक्शन लिया। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए नायब तहसीलदार वंदना सिंह को निर्देश दिए कि दुकानों का ताला तोड़कर पिता को कब्जा दिलाया जाए। कलेक्टर ने सख्त लहजे में कहा कि माता-पिता के जीवित रहते बच्चा उनकी संपत्ति पर इस तरह कब्जा नहीं कर सकता। मौके पर पहुंची टीम, दिलाया कब्जा बुधवार शाम को कलेक्टर का आदेश मिलते ही नायब तहसीलदार, थाना प्रभारी और नगर परिषद की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दुकानों के ताले खुलवाए और अवैध कब्जा हटाकर रामचरण सोनी को उनकी दुकानें सौंप दीं। इतनी जल्दी न्याय मिलने पर बुजुर्ग पिता ने प्रशासन का शुक्रिया अदा किया। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि बुजुर्गों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लोगों की समस्याओं का तुरंत हल निकालना ही उनकी प्राथमिकता है।

उज्जैन गैंगवार: बुंदेला गैंग के 3 आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने निकाला जुलूस, फरार साथियों से सरेंडर की अपील

उज्जैन गैंगवार: बुंदेला गैंग के 3 आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने निकाला जुलूस, फरार साथियों से सरेंडर की अपील

उज्जैन में चल रहे गुर्जर-बुंदेला गैंग विवाद में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। चिमनगंज मंडी पुलिस ने बुंदेला गैंग के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए इन आरोपियों का जुलूस निकाला, जिसमें उन्होंने अपने फरार साथियों से सरेंडर करने की अपील की। चिमनगंज मंडी थाना पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान निखिल पवार (22), राहुल गोहर (20) (दोनों निवासी भैरव नाला वाल्मिकी कॉलोनी) और राहुल सूर्यवंशी (30) (निवासी पटेल नगर गणेश टेकरी) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये तीनों बुंदेला गैंग से जुड़े हैं और हाल ही में हुई आगजनी तथा गैंगवार की घटनाओं में सक्रिय थे। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने तीनों आरोपियों का इलाके में जुलूस निकाला। इस दौरान आरोपियों ने “अपराध करना पाप है, पुलिस हमारी बाप है” का नारा लगाया। उन्होंने अपने फरार साथियों से नाम लेकर सरेंडर करने की अपील करते हुए कहा कि पुलिस की सख्ती के आगे बचना मुश्किल है। जुलूस के दौरान आरोपियों ने अपने किए पर माफी मांगी और कान पकड़कर भविष्य में अपराध न करने की बात कही। पुलिस ने उन्हें घटनास्थल पर ले जाकर उठक-बैठक भी लगवाई। इस कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में अपराधियों के प्रति भय कम करना और आम जनता में सुरक्षा का भरोसा बढ़ाना है। इस पूरे विवाद की शुरुआत 10 अप्रैल को ढांचा भवन क्षेत्र में हुई थी। उस दिन 12वीं के छात्र अतीक माहोरकर को गोली लगने का मामला सामने आया था। इसके अगले ही दिन, 11 अप्रैल को चिमनगंज मंडी क्षेत्र में रौनक गुर्जर के मकान पर पेट्रोल डालकर आगजनी की घटना हुई। इस घटना में लगभग 13 बदमाश शामिल थे। इस मामले में पहले ही 13 आरोपियों को नामजद किया जा चुका है, जिनमें संतोष परमार और कमल उर्फ आकाश की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। बुंदेला गैंग के तीन और आरोपियों के पकड़े जाने के बाद, पुलिस अब फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।