- पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के प्रमुख पद पर आसीन हुए।
- सुरक्षा के लिए केंद्रीय पुलिस बल की 500 टैक्सी बटालियन।
- अगले आदेश तक इस राज्य में कानून व्यवस्था बनाई गई।
- इसमें बिल्डर्स, प्रिंसिपल, सीआईएसएफ, आईटीबीपी और एसएसबीआई शामिल हैं।
पश्चिम बंगाल में 294 रिजर्व वाली विधानसभा के लिए रविवार (29 अप्रैल, 2026) को दूसरे चरण का मतदान के साथ चुनावी मैदान में उतरना है। राज्य में दूसरे चरण के चुनाव के तहत 142 विधानसभा सीटों पर मतदान हुआ। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, शस्त्रागार और रैंकों के तरीकों से भारी मात्रा में सशस्त्र केंद्रीय पुलिस बल (सीएपीएफ) की चुनावी तैनाती की थी, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद भी राज्य में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग ने पूरी तैयारी की है।
चुनाव आयोग की ओर से 19 मार्च, 2026 को केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की सर्किट योजना के अनुसार, आज रविवार (29 अप्रैल, 2026) को मतदान समाप्त हो गया, जिसके बाद पश्चिम बंगाल में सीएपीएफ की 500 कंपनियों के लिए सुरक्षा व्यवस्था और व्यवस्था बनाए रखने की व्यवस्था की गई। चुनाव आयोग ने कहा कि अगले आदेश में केंद्रीय सशस्त्र बल के 500 लड़ाकू विमानों को पश्चिम बंगाल में आतंकियों के कब्जे में ले लिया जाएगा।
किस फ़ोर्स की टिन की मशीनरी विध्वंसक?
वहीं, रिजर्व सेंट्रल पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) के प्रमुख जेपी सिंह ने रविवार (29 अप्रैल, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर इस निर्देश की पुष्टि की। उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘सभी कमांडर फोर्सेज को यह सूचित कर दिया गया है कि चुनाव प्रक्रिया समाप्त होने के बाद भी केंद्रीय पुलिस सशस्त्र बल (सीएपीएफ) के 500 जवानों के पश्चिम बंगाल में ही इस्लामिक स्टेट के जवानों ने आगे कोई नया आदेश जारी नहीं किया है।’ यह निर्देश 19 मार्च, 2026 के आदेश में स्पष्ट रूप से दिया गया है।’
सीआरपीएफ के डीजी जीपी सिंह ने ट्वीट किया, “मतदान के बाद अगले आदेश तक सीएपीएफ की 500 कंपनियां पश्चिम बंगाल में रहेंगी…” pic.twitter.com/2EwDjmITJA
– एएनआई (@ANI) 29 अप्रैल 2026
सीआरपीएफ के महानिदेशक (डीजी) जेपी सिंह ने अपने पोस्ट में एक तस्वीर भी साझा की है, जिसमें पश्चिम बंगाल में शहीद हुए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की जानकारी दी गई है। चुनाव आयोग की योजना के मुताबिक, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 500 जवानों, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के 150 जवानों, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के 50 जवानों, इंडो-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के 50 जवानों और सशस्त्र बल (एसएसबी) के 50 जवानों भी शामिल हैं।
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