Sunday, 21 Jun 2026 | 06:14 PM

Trending :

EXCLUSIVE

तमिलनाडु एग्जिट पोल 2026 लाइव | एग्जिट पोल परिणाम तमिलनाडु चुनाव नवीनतम समाचार अपडेट: सीवोटर, एक्सिस माई इंडिया, चाणक्य एग्जिट पोल, डीएमके बनाम एआईएडीएमके बनाम

तमिलनाडु एग्जिट पोल 2026 लाइव | एग्जिट पोल परिणाम तमिलनाडु चुनाव नवीनतम समाचार अपडेट: सीवोटर, एक्सिस माई इंडिया, चाणक्य एग्जिट पोल, डीएमके बनाम एआईएडीएमके बनाम

एग्जिट पोल तमिलनाडु 2026 लाइव अपडेट: तमिलनाडु में 2026 के विधानसभा चुनावों में 84% से अधिक का ऐतिहासिक मतदान दर्ज किया गया, जो आजादी के बाद सबसे अधिक है। सभी 234 सीटों के लिए 23 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान हुआ, जिसमें शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मजबूत भागीदारी देखी गई। अब मतदान पूरा होने के साथ, ध्यान एग्जिट पोल पर केंद्रित हो गया है, जो शाम 6 बजे के बाद मीडिया आउटलेट्स द्वारा जारी किए जाएंगे। चुनाव बाद के शुरुआती सर्वेक्षणों में राज्य में करीबी त्रिकोणीय मुकाबले का सुझाव दिया गया था। सीवोटर और वक्कुचेक सहित अधिकांश एजेंसियां, एमके स्टालिन के नेतृत्व वाले ब्लॉक को थोड़ी बढ़त देती हैं, लगभग 138-142 सीटें और लगभग 62 प्रतिशत की जीत की संभावना का अनुमान लगाती हैं। हालाँकि, एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले मोर्चे को उत्तरी और कोंगु क्षेत्रों में बढ़त दिख रही है। वहीं, अभिनेता विजय की टीवीके को 5 से 8% वोट शेयर हासिल करने की उम्मीद है, खासकर पहली बार मतदाताओं के बीच। हालाँकि ये शुरुआती रुझान कुछ संकेत देते हैं, अंतिम परिणाम तभी स्पष्ट होगा जब 4 मई को वोटों की गिनती होगी। अस्वीकरण: एग्ज़िट पोल मतदान के बाद किए गए मतदाता सर्वेक्षणों पर आधारित होते हैं और हमेशा वास्तविक परिणामों के सटीक पूर्वानुमानकर्ता नहीं होते हैं. एग्जिट पोल पर लाइव अपडेट देखें:

saanp| saanp dasne ke lakshan| snake bite symptoms| सांप ने डसा है ये कैसे पता चलेगा, कोबरा, करैत, वाइपर के जहर के लक्षण क्या होते हैं? ऐसे पहचानें

ask search icon

Last Updated:April 29, 2026, 15:06 IST Cobra-krait-viper snake bite symptoms: कई बार सांप काट लेता है लेक‍िन पीड़ि‍त को पता नहीं चलता क‍ि जहरीले सांप ने काटा है, क‍िसी अन्‍य कीड़े ने काटा है या गैर-जहरीले सांप ने काटा है. ऐसे में सांप के काटने के बाद शरीर में द‍िखाई देने वाले लक्षण बहुत महत्‍वपूर्ण होते हैं, ताक‍ि यह पता चल सके क‍ि कोबरा, करैत या अन्‍य क‍िस सांप ने डसा है. आइए जानते हैं यहां सांप के काटने पर शरीर द‍िखने वाले अलग-अलग लक्षणों के बारे में.. सांप के काटने की घटना इतनी जल्दी में होती है कि कई बार पीड़ित को पता ही नहीं चल पाता है कि उसे सांप ने काटा है. हालांकि अगर जहरीले सांप ने काटा है तो कुछ ही मिनटों के बाद उसका असर दिखाई देने लगता है और उसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं. आज हम आपको बताते हैं कि जहरीले सांप कोबरा, करैत, वाइपर आदि के काटने पर कौन से लक्षण दिखाई देते हैं और कैसे पहचानें… सांप के काटने पर सबसे पहले घाव को ध्यान से देखें. जहरीले सांप के काटने में अक्सर दो गहरे फंग मार्क्स (दांत के निशान) दिखते हैं. जबकि गैर-जहरीले सांप के काटने में छोटे-छोटे कई दांतों के निशान U आकार में होते हैं. लिहाजा दो गहरे गोल बिंदी जैसे निशानों पर गौर करें. साथ ही अगर घाव में तेज दर्द, सूजन या खून निकल रहा है तो समझ लें कि जहरीले सांप ने काटा है. जहरीले और गैर-जहरीले सांप को काटने के बाद दिखाई देने वाले लक्षणों से पहचाना जा सकता है. गैर-जहरीले सर्प के काटने में हल्का दर्द और बहुत कम सूजन होती है और मरीज को कोई खास फर्क नहीं पड़ता जबकि जहरीले सांप के काटने में उस विशेष जगह या पूरे शरीर पर गंभीर लक्षण जल्दी दिखने लगते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google कोबरा सांप का काटना न्यूरोटॉक्सिक होता है. इसकी वजह से कुछ ही देर में काटने की जगह पर तेज दर्द, सूजन और फफोले (blisters) बन सकते हैं. कुछ घंटों में मकी रीज आंखों की पलकें झुकने लगती हैं. दोहरी दृष्टि हो जाती है और एक के दो लोग दिखाई देते हैं. बोलने में दिक्कत शुरू हो जाती है. सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर सांस की मांसपेशियां प्रभावित होती हैं. वहीं अगर करैत (Common Krait) सांप काटता है तो अक्सर बिना दर्द और सूजन के होता है. इस सांप के काटने पर निशान भी हल्का होता है या कई बार दिखाई नहीं देता, लेकिन यह भी जहरीला सांप है. अक्सर इसके रात में सोते समय काटने की संभावना ज्यादा होती है. इसके काटने के 6 से 24 घंटे बाद नींद जैसी सुस्ती आती है, पलकें झुकने लगती हैं, मुंह से लार टपकती है और शरीर में कमजोरी आती है. वाइपर (Russell’s Viper या Saw-scaled Viper) का काटना मुख्य रूप से वैस्कुलोटॉक्सिक या हीमोटॉक्सिक होता है. ये सांप जहां काटता है वहां पर तेज दर्द, सूजन, खून बहना और नीले निशान (ecchymosis) बनते जाते हैं. शरीर से खून निकलना, अगर जहर शरीर में पहुंच रहा है तो मसूड़ों से खून आने लगता है. इसका जहर सबसे खराब होता है और जानलेवा होता है. इसके काटने के 20 मिनट तक ब्लड क्लॉटिंग टेस्ट फेल होना आम लक्षण हैं. वाइपर के काटने में सूजन बहुत तेजी से बढ़ती है और घाव में ब्लिस्टरिंग या टिश्यू की मृत्यु (necrosis) हो सकती है. इस सांप के काटने के बाद कुछ मामलों में किडनी फेलियर और शॉक भी आ सकता है. करैत और कोबरा की तरह इसमें नींद या पलक झुकने जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षण कम होते हैं, लेकिन खून संबंधी समस्या ज्यादा और गंभीर होती है. सभी जहरीले सांपों के काटने में सामान्य लक्षणों में पलकें झुकना (ptosis), बोलने-निगलने में दिक्कत, सांस फूलना और शरीर की कमजोरी शामिल हैं लेकिन वाइपर में सूजन और खून बहना प्रमुख है, जबकि कोबरा-करैत में न्यूरोपैरालिसिस (लकवा) ज्यादा दिखता है. आमतौर पर जहरीले सांपों के काटने के बाद 30 मिनट से 6 घंटे में लक्षण शुरू हो सकते हैं. First Published : April 29, 2026, 15:06 IST

हरदा पॉलिटेक्निक में राल्सन टायर्स का कैंपस ड्राइव:डिप्लोमा, आईटीआई पास युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर

हरदा पॉलिटेक्निक में राल्सन टायर्स का कैंपस ड्राइव:डिप्लोमा, आईटीआई पास युवाओं को मिलेगा रोजगार का अवसर

हरदा में युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में राल्सन टायर्स लिमिटेड कंपनी द्वारा कैंपस ड्राइव का आयोजन किया जा रहा है। यह ड्राइव 30 अप्रैल को सुबह 10 बजे से शुरू होगी। कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि यह कैंपस ड्राइव ‘डिप्लोमा अप्रेंटिस ट्रेनी’ और ‘स्टूडेंट ट्रेनी’ पदों के लिए आयोजित की जा रही है। इसमें डिप्लोमा और आईटीआई पास युवा भाग ले सकते हैं। डिप्लोमा अप्रेंटिस के लिए पात्रता ‘डिप्लोमा अप्रेंटिस ट्रेनी’ पद के लिए मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, टूल एंड डाई, ऑटोमोबाइल जैसी शाखाओं से वर्ष 2023, 2024 और 2025 में पासआउट हुए विद्यार्थी पात्र होंगे। इसके अलावा वर्ष 2026 के अंतिम वर्ष के छात्र भी इसमें शामिल हो सकते हैं। ‘स्टूडेंट ट्रेनी’ पद के लिए मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, टूल एंड डाई, ऑटोमोबाइल, फिटर, वेल्डर और डीजल शाखाओं से वर्ष 2024, 2025 और 2026 में पासआउट हुए विद्यार्थी आवेदन कर सकते हैं। ये जरूरी दस्तावेज साथ लाएं इच्छुक विद्यार्थियों को अपने साथ अपडेटेड बायोडाटा, पासपोर्ट साइज फोटो, सभी शैक्षणिक मार्कशीट और सर्टिफिकेट (मूल एवं फोटोकॉपी) तथा आधार कार्ड लेकर उपस्थित होना होगा।

Sri Lanka Cricket President Shami Silva Resigns; Full Committee Steps Down

Sri Lanka Cricket President Shami Silva Resigns; Full Committee Steps Down

Hindi News Sports Sri Lanka Cricket President Shami Silva Resigns; Full Committee Steps Down 7 मिनट पहले कॉपी लिंक श्रीलंका क्रिकेट (SLC) में लंबे विवाद और राजनीतिक खींचतान के बीच बुधवार को अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने इस्तीफा दिया। उनके साथ पूरी कार्यकारी समिति ने भी सामूहिक इस्तीफा सौंपा। यह फैसला अनुरा कुमारा दिसानायके से बातचीत के बाद लिया गया। बोर्ड पर वित्तीय अनियमितताओं और मिसमैनेजमेंट के आरोप थे, जिससे उन पर पद छोड़ने का दबाव था। पूर्व सांसद संभाल सकते हैं कमान; महानमा और सिदथ वेट्टिमुनी को भी जिम्मेदारी संभव रिपोर्ट के मुताबिक सरकार बोर्ड के कामकाज के लिए अंतरिम कमेटी बनाने की तैयारी में है। इसकी अध्यक्षता पूर्व सांसद एरन विक्रमरत्ने कर सकते हैं। रोशन महानमा और सिदथ वेट्टिमुनी को भी बड़ी भूमिका मिल सकती है। सरकार का उद्देश्य क्रिकेट प्रशासन में तेजी से सुधार करना है, हालांकि आधिकारिक घोषणा बाकी है। 7 साल का कार्यकाल और विवाद शम्मी सिल्वा फरवरी 2019 में पहली बार अध्यक्ष बने थे। 7 साल में वे चार बार चुने गए, तीन बार निर्विरोध। उनके कार्यकाल में महिला और पुरुष टीमों ने एशिया कप जीता, लेकिन पुरुष टीम की रैंकिंग गिरी। टीम 2023 वनडे वर्ल्ड कप में 9वें नंबर पर रही और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप में भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इसी महीने गैरी कर्स्टन को हेड कोच बनाने के बावजूद नेतृत्व बदलने की मांग जारी रही ICC के बैन का खतरा: सरकारी दखल पर कड़ा रुख इस बदलाव में सबसे बड़ी बाधा इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी है। आर्टिकल 2.4 (D) के मुताबिक, बोर्ड में सरकारी हस्तक्षेप प्रतिबंधित है। नवंबर 2023 में खेल मंत्री द्वारा बोर्ड बर्खास्त करने पर ICC ने श्रीलंका की सदस्यता निलंबित कर दी थी और अंडर-19 वर्ल्ड कप की मेजबानी भी छीन ली थी। 2015 में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने श्रीलंका क्रिकेट में बनाए गए सिदथ वेट्टिमुनी की अगुवाई वाले कमेटी को मान्यता देने से इनकार कर दिया था। सरकार की नई चाल: ‘बर्खास्तगी’ नहीं, ‘स्वैच्छिक इस्तीफा ICC की पाबंदी से बचने के लिए अनुरा कुमारा दिसानायके सरकार ने अलग रास्ता चुना। बोर्ड को ‘बर्खास्त’ करने के बजाय ‘सामूहिक स्वैच्छिक इस्तीफे’ का विकल्प अपनाया गया। इसे ICC के सामने प्रशासनिक संकट के रूप में पेश किया जाएगा, न कि राजनीतिक हस्तक्षेप के रूप में। हालांकि, दबाव साबित होने पर श्रीलंका पर दोबारा प्रतिबंध लग सकता है। सबसे अमीर खेल संस्था, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप शम्मी सिल्वा बोर्ड को देश की सबसे अमीर खेल संस्था बताते थे, जिसने आर्थिक संकट में भी रिकॉर्ड कमाई की। इसके बावजूद बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। 2023 के अंत में ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्त करने की कोशिश हुई, लेकिन वे कोर्ट से स्टे ले आए थे। अब देखना होगा कि नई अंतरिम कमेटी ICC के नियमों और जनता की उम्मीदों में कैसे तालमेल बिठाती है। —————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; देश में बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान वह ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Sri Lanka Cricket President Shami Silva Resigns; Full Committee Steps Down

Sri Lanka Cricket President Shami Silva Resigns; Full Committee Steps Down

Hindi News Sports Sri Lanka Cricket President Shami Silva Resigns; Full Committee Steps Down 37 मिनट पहले कॉपी लिंक श्रीलंका क्रिकेट (SLC) में लंबे विवाद और राजनीतिक खींचतान के बीच बुधवार को अध्यक्ष शम्मी सिल्वा ने इस्तीफा दिया। उनके साथ पूरी कार्यकारी समिति ने भी सामूहिक इस्तीफा सौंपा। यह फैसला अनुरा कुमारा दिसानायके से बातचीत के बाद लिया गया। बोर्ड पर वित्तीय अनियमितताओं और मिसमैनेजमेंट के आरोप थे, जिससे उन पर पद छोड़ने का दबाव था। पूर्व सांसद संभाल सकते हैं कमान; महानमा और सिदथ वेट्टिमुनी को भी जिम्मेदारी संभव रिपोर्ट के मुताबिक सरकार बोर्ड के कामकाज के लिए अंतरिम कमेटी बनाने की तैयारी में है। इसकी अध्यक्षता पूर्व सांसद एरन विक्रमरत्ने कर सकते हैं। रोशन महानमा और सिदथ वेट्टिमुनी को भी बड़ी भूमिका मिल सकती है। सरकार का उद्देश्य क्रिकेट प्रशासन में तेजी से सुधार करना है, हालांकि आधिकारिक घोषणा बाकी है। 7 साल का कार्यकाल और विवाद शम्मी सिल्वा फरवरी 2019 में पहली बार अध्यक्ष बने थे। 7 साल में वे चार बार चुने गए, तीन बार निर्विरोध। उनके कार्यकाल में महिला और पुरुष टीमों ने एशिया कप जीता, लेकिन पुरुष टीम की रैंकिंग गिरी। टीम 2023 वनडे वर्ल्ड कप में 9वें नंबर पर रही और 2026 टी-20 वर्ल्ड कप में भी प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इसी महीने गैरी कर्स्टन को हेड कोच बनाने के बावजूद नेतृत्व बदलने की मांग जारी रही ICC के बैन का खतरा: सरकारी दखल पर कड़ा रुख इस बदलाव में सबसे बड़ी बाधा इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की ‘जीरो टॉलरेंस’ पॉलिसी है। आर्टिकल 2.4 (D) के मुताबिक, बोर्ड में सरकारी हस्तक्षेप प्रतिबंधित है। नवंबर 2023 में खेल मंत्री द्वारा बोर्ड बर्खास्त करने पर ICC ने श्रीलंका की सदस्यता निलंबित कर दी थी और अंडर-19 वर्ल्ड कप की मेजबानी भी छीन ली थी। 2015 में इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने श्रीलंका क्रिकेट में बनाए गए सिदथ वेट्टिमुनी की अगुवाई वाले कमेटी को मान्यता देने से इनकार कर दिया था। सरकार की नई चाल: ‘बर्खास्तगी’ नहीं, ‘स्वैच्छिक इस्तीफा ICC की पाबंदी से बचने के लिए अनुरा कुमारा दिसानायके सरकार ने अलग रास्ता चुना। बोर्ड को ‘बर्खास्त’ करने के बजाय ‘सामूहिक स्वैच्छिक इस्तीफे’ का विकल्प अपनाया गया। इसे ICC के सामने प्रशासनिक संकट के रूप में पेश किया जाएगा, न कि राजनीतिक हस्तक्षेप के रूप में। हालांकि, दबाव साबित होने पर श्रीलंका पर दोबारा प्रतिबंध लग सकता है। सबसे अमीर खेल संस्था, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोप शम्मी सिल्वा बोर्ड को देश की सबसे अमीर खेल संस्था बताते थे, जिसने आर्थिक संकट में भी रिकॉर्ड कमाई की। इसके बावजूद बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे। 2023 के अंत में ऑडिट रिपोर्ट के आधार पर बर्खास्त करने की कोशिश हुई, लेकिन वे कोर्ट से स्टे ले आए थे। अब देखना होगा कि नई अंतरिम कमेटी ICC के नियमों और जनता की उम्मीदों में कैसे तालमेल बिठाती है। —————————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; देश में बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान वह ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

तरबूज खाने के टिप्स: तरबूज खाने का समय भूलकर भी न करें ये 5 गलतियां, स्वास्थ्य से धो बैठेंगे हाथ; तीस वर्ष बीमार

तरबूज़ खाने के टिप्स

29 अप्रैल 2026 को 14:50 IST पर अद्यतन किया गया तरबूज खाने के टिप्स: गर्मियों के मौसम में बाजार में तरबूज़ की भरमार लग जाती है और लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ डायहाइड्रेशन से राहत दिलाने में मदद करता है और इसमें प्रचुर मात्रा में पानी, विटामिन और आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इसे गलत तरीके से खाने से आपकी सेहत को भी नुकसान हो सकता है। आइए जानते हैं कि तरबूज़ खरीदने के समय किन बातों का ध्यान रखना ज़रूरी है। अनुसरण करना : तरबूज को दूध के साथ नहीं खाना चाहिए। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जबकि दूध की मात्रा भारी होती है। भोजन के साथ पाचन तंत्र पर असर पड़ता है और गैस, पेट दर्द या उल्टी की समस्या हो सकती है। छवि: फ्रीपिक दही तरबूज के साथ खाना ठीक नहीं होता है। दोनों को खाने से पेट में भारीपन, अपच और ठंडा-गर्म का असर हो सकता है। विशेष रूप से जिन लोगों का पाचन ख़राब होता है, उन्हें यह संयोजन बिल्कुल नहीं लेना चाहिए। छवि: फ्रीपिक समोसा, पकौड़े या पराठे जैसे तली-भुनी नीबू के साथ तरबूज खाना भी नुकसानदायक हो सकता है। तली-भुनी की चीजें धीरे-धीरे पचती हैं, जबकि तरबूज जल्दी पचती हैं। इसके कारण पेट में गड़बड़ी और गैस की समस्या हो सकती है। छवि: फ्रीपिक तरबूज़ ठंडक देने वाला फल है। इसे कोल्ड ड्रिंक, कोल्ड ड्रिंक या आइस्ड ड्रिंक के साथ लेने से शरीर पर अधिक ठंडा प्रभाव पड़ सकता है। इससे गला खराब, ठंड लगना और पेट में दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं। छवि: फ्रीपिक तरबूज़ को सेंट्रा, मुसब्बर, अनानास या नींबू जैसे आर्चुअल फलों के सेवन से बचना चाहिए। इसके संयोजन से पाचन संबंधी समस्याएं पैदा हो सकती हैं और पेट में जलन, गैस या अपच की समस्या हो सकती है। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 29 अप्रैल 2026 14:50 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)तरबूज खाने के टिप्स(टी)गर्मी के फल स्वास्थ्य(टी)तरबूज आहार की गलतियाँ(टी)तरबूज के साथ न खाने वाले खाद्य पदार्थ(टी)गर्मियों में स्वस्थ भोजन(टी)पाचन संबंधी टिप्स(टी)से बचने के लिए फलों का संयोजन(टी)तरबूज के लाभ और दुष्प्रभाव

Ranveer Singhs Operation Dhurandhar Releases in Japan July 10

Ranveer Singhs Operation Dhurandhar Releases in Japan July 10

कुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 10 जुलाई 2026 को जापान में रिलीज की जाएगी। जापान में इस फिल्म को ‘ऑपरेशन धुरंधर’ के नाम से रिलीज किया जाएगा। धुरंधर से पहले जापान में रणवीर सिंह की गली बॉय, गोलियों की रासलीला राम-लीला और पद्मावत फिल्में रिलीज हो चुकी हैं। मेकर्स ने फिल्म का एक जापानी पोस्टर भी जारी किया है। जापान में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म RRR है, जिसने लगभग 143.69 करोड़ रुपए (¥ 2.42 बिलियन) का कलेक्शन किया था। वहीं, दूसरे नंबर पर रजनीकांत स्टारर फिल्म मूथु है, जिसकी कमाई करीब 24.04 करोड़ रुपए (¥ 405 मिलियन) रही। इसके अलावा बाहुबली 2 और 3 इडियट्स ने भी यहां अच्छी कमाई की थी। धुरंधर ने 1,307 करोड़ रुपए कमाए धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को ग्लोबली रिलीज हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन नजर आए हैं। यह फिल्म आदित्य धर ने लिखी है। सैकनिल्क के अनुसार, धुरंधर ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। धुरंधर फ्रेंचाइजी में रणवीर सिंह ने एक भारतीय जासूस का रोल प्ले किया है। जबकि दोनों ही पार्ट का डायरेक्शन आदित्य धर ने किया है। वहीं, ‘धुरंधर’ का दूसरा पार्ट ग्लोबली 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म की अब तक की कुल दुनिया भर में कमाई 1,780.76 करोड़ रुपए हो चुकी है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 1,132.94 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 1,356.01 करोड़ रुपए तक हो गया है। फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अब तक 424.75 करोड़ रुपए की कमाई की है। ——————— धुरंधर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर 2 रिव्यू; रणवीर की फिर दमदार परफॉर्मेंस: नोटबंदी और राजनीतिक कड़ियों से जुड़ी कहानी, जानिए कैसी है फिल्म रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 पहले पार्ट की ब्लॉकबस्टर सफलता के बाद बड़े स्केल पर लौटी है। इस बार फिल्म सिर्फ गैंगवार या बदले की कहानी नहीं रहती, बल्कि नोटबंदी से लेकर देश की कई बड़ी घटनाओं को जोड़ते हुए एक बड़ा नैरेटिव पेश करती है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष बनाने पर विवाद:अमेरिकी अधिकारी बोले- यह संगठन का अपमान, ईरान बोला- अमेरिका हमें न सिखाए

ईरान को परमाणु अप्रसार संधि का उपाध्यक्ष बनाने पर विवाद:अमेरिकी अधिकारी बोले- यह संगठन का अपमान, ईरान बोला- अमेरिका हमें न सिखाए

ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। इसी बीच एक दिलचस्प खबर सामने आई है। ईरान को परमाणु अप्रसार संधि (NPT) का उपाध्यक्ष चुना गया है। यह फैसला न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में चल रहे NPT के 11वें रिव्यू कॉन्फ्रेंस में लिया गया। यह कॉन्फ्रेंस 5 साल में एक बार होती है। सम्मेलन के अध्यक्ष और वियतनाम के राजदूत दो हुंग वियेत ने बताया कि ईरान का नाम ‘गुटनिरपेक्ष देशों के ग्रुप’ की तरफ से आया था। इस ग्रुप में भारत समेत 100 से भी ज्यादा देश हैं। अमेरिका के एक अधिकारी क्रिस्टोफर येओ ने इसे NPT के लिए अपमान बताया। उनका कहना है कि ईरान लंबे समय से परमाणु हथियार बनाने की कोशिश कर रहा है। ऐसे में उसे इस संगठन का अहम पद देना सही नहीं है। वही ईरान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया। ईरान ने कहा कि अमेरिका, जो खुद परमाणु हथियार इस्तेमाल कर चुका है और लगातार अपने हथियार बढ़ा रहा है, उसे दूसरों को सीख देने का हक नहीं है। NPT कैसे काम करता है परमाणु अप्रसार संधि 1970 में लागू हुई थी। यह दुनिया में परमाणु हथियारों को फैलने से रोकने की सबसे अहम व्यवस्था मानी जाती है। इस संधि का एक सीधा सौदा है, जिन देशों के पास परमाणु हथियार नहीं हैं, वे इन्हें नहीं बनाएंगे और जिनके पास हैं, वे धीरे-धीरे उन्हें खत्म करेंगे। इसके बदले सभी देशों को शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक इस्तेमाल करने का अधिकार मिलता है। यह संधि 1968 में शुरू हुई और 1970 से लागू हुई। आज संयुक्त राष्ट्र के 195 में से 191 देश इस संधि का हिस्सा हैं। भारत, पाकिस्तान, इजराइल और दक्षिण सूडान इसमें शामिल नहीं हैं। 5 देशों को आधिकारिक परमाणु ताकत माना गया है। अमेरिका, रूस, चीन, ब्रिटेन और फ्रांस। बाकी सभी देशों को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं है। यह संधि तीन चीजों पर टिकी है- 1. परमाणु हथियार न फैलें 2. हथियार कम किए जाएं 3. शांतिपूर्ण उपयोग हो इन सब चीजों की निगरानी परमाणु ऊर्जा निगरानी संगठन (IAEA) करता है। NPT का दूसरा मकसद नाकाम हो रहा समस्या यह है कि संधि का शांतिपूर्ण उपयोग वाला हिस्सा तो ठीक चल रहा है लेकिन हथियार कम करने वाला हिस्सा लगभग फेल माना जा रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक बड़े देश अपने परमाणु हथियार घटाने के बजाय उन्हें और आधुनिक बना रहे हैं, खासकर चीन। साथ ही, कुछ का कहना है कि नियम सभी देशों पर बराबर लागू नहीं होते, जिससे छोटे देशों में नाराजगी बढ़ रही है। वहीं चार देश (भारत, पाकिस्तान, इजराइल और दक्षिण सूडान) शुरू से ही इस संधि का हिस्सा नहीं बने। उत्तर कोरिया पहले इसमें शामिल था, लेकिन 2003 में बाहर निकल गया और बाद में परमाणु परीक्षण भी किए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इजराइल NPT में नहीं है, फिर भी उसके पास परमाणु हथियार हैं और वह एक ऐसे देश (ईरान) पर हमला कर रहा है जो NPT का मेंबर है। भारत और पाकिस्तान ने 1998 में परमाणु परीक्षण किया था। इजराइल के पास भी परमाणु हथियार माने जाते हैं, लेकिन वह खुलकर स्वीकार नहीं करता और NPT में भी शामिल नहीं है। ईरान NPT का शुरुआती मेंबर, अब परमाणु हथियार बनाने के आरोप ईरान ने 1968 में ही इस संधि पर हस्ताक्षर कर दिए थे, लेकिन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद उसका परमाणु कार्यक्रम विवादों में आ गया। हालांकि ईरान अभी भी NPT का हिस्सा है, लेकिन उस पर लगातार आरोप लगते रहे हैं कि वह इसके नियमों की भावना का उल्लंघन कर रहा है। ईरान ने यूरेनियम को 60% तक समृद्ध किया है, जबकि सामान्य ऊर्जा के लिए 3 से 5% ही काफी होता है। ईरान हमेशा यह कहता रहा है कि वह परमाणु हथियार नहीं बना रहा, लेकिन पहले की रिपोर्ट्स में अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने संकेत दिए थे कि 2003 तक उसने हथियार कार्यक्रम पर काम किया था। इसी वजह से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया और हालात युद्ध तक पहुंच गए।

Ranveer Singhs Operation Dhurandhar Releases in Japan July 10

Ranveer Singhs Operation Dhurandhar Releases in Japan July 10

1 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह की फिल्म धुरंधर 10 जुलाई 2026 को जापान में रिलीज की जाएगी। जापान में इस फिल्म को ‘ऑपरेशन धुरंधर’ के नाम से रिलीज किया जाएगा। धुरंधर से पहले जापान में रणवीर सिंह की गली बॉय, गोलियों की रासलीला राम-लीला और पद्मावत फिल्में रिलीज हो चुकी हैं। मेकर्स ने फिल्म का एक जापानी पोस्टर भी जारी किया है। जापान में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म RRR है, जिसने लगभग 143.69 करोड़ रुपए (¥ 2.42 बिलियन) का कलेक्शन किया था। वहीं, दूसरे नंबर पर रजनीकांत स्टारर फिल्म मूथु है, जिसकी कमाई करीब 24.04 करोड़ रुपए (¥ 405 मिलियन) रही। इसके अलावा बाहुबली 2 और 3 इडियट्स ने भी यहां अच्छी कमाई की थी। धुरंधर ने 1,307 करोड़ रुपए कमाए धुरंधर 5 दिसंबर 2025 को ग्लोबली रिलीज हुई थी। फिल्म में रणवीर सिंह के साथ संजय दत्त, अक्षय खन्ना, आर. माधवन, अर्जुन रामपाल और सारा अर्जुन नजर आए हैं। यह फिल्म आदित्य धर ने लिखी है। सैकनिल्क के अनुसार, धुरंधर ने भारत और अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया और दुनियाभर में करीब 1,307 करोड़ रुपए कमाए। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 1,005.85 करोड़ रुपए रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग 840 करोड़ रुपए हुआ। विदेशी बाजारों में भी फिल्म को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब 299.5 करोड़ रुपए कमाए। अमेरिका और कनाडा में 193.06 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई कर बाहुबली 2 का रिकॉर्ड भी तोड़ा। धुरंधर फ्रेंचाइजी में रणवीर सिंह ने एक भारतीय जासूस का रोल प्ले किया है। जबकि दोनों ही पार्ट का डायरेक्शन आदित्य धर ने किया है। दूसरा पार्ट 19 मार्च को रिलीज हुआ था धुरंधर का दूसरा पार्ट ग्लोबली 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुआ था। फिल्म की अब तक की कुल दुनिया भर में कमाई 1,780.76 करोड़ रुपए हो चुकी है। भारत में फिल्म का कुल नेट कलेक्शन 1,132.94 करोड़ रुपए और कुल ग्रॉस कलेक्शन 1,356.01 करोड़ रुपए तक हो गया है। फिल्म ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों से अब तक 424.75 करोड़ रुपए की कमाई की है। ——————— धुरंधर से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… धुरंधर-2 ने पुष्पा-2 का रिकॉर्ड तोड़ा:तीसरी सबसे ज्यादा कमाई वाली भारतीय फिल्म बनी, ₹1748.91 करोड़ कलेक्शन; अब दंगल और बाहुबली-2 ही आगे रणवीर सिंह की धुरंधर 2 दुनियाभर में तीसरी सबसे ज्यादा कमाई करने वाली भारतीय फिल्म बन गई। धुरंधर 2 ने अल्लू अर्जुन की फिल्म पुष्पा 2 को पीछे छोड़ दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

गैस से तुरंत राहत देगा नींबू का ये देसी नुस्खा, दवा की नहीं पड़ेगी जरूरत, 2 घंटे में दिखेगा असर

ask search icon

Last Updated:April 29, 2026, 14:42 IST Home Remedies for Gas: झारखंड की राजधानी रांची में खासतौर पर लोकल लोगों को जब गैस हो जाता है तो बाजार जाकर दवाइयां नहीं खरीदते हैं. साथ ही न दौड़ते हुए डॉक्टर के पास जाते हैं. वह अपने घर में ही 1-2 टोटके को अपनाते हैं, जिससे उनको जबरदस्त राहत मिलती है. इनमें से एक विकल्प नींबू वाला पानी है. जिसको आजमाते ही आपको दो से तीन घंटे में काफी राहत मिलना शुरू हो जाएगी. आयुर्वेदिक डॉक्टर भी इसे लोहा मानते हैं. आइये जानते हैं और भी घरेलू इलाज के बारे में. रांची के आयुर्वेदिक डॉक्टर वीके पांडे ( विनोबा भावे यूनिवर्सिटी से बीएएमएस, 20 सालों से अधिक का अनुभव) बताते हैं कि अगर पेट में गैस हो जाए तो सबसे पहले एक नींबू ले लें. उसको बीच से काट लें. वह जो आधा नींबू है, उसको चिमटे की मदद से सीधा गैस की बर्नर में रख दें और गर्म कर लें. मतलब अच्छा खासा गरम हो जाना चाहिए. जब ऐसा हो जाए तो उसको नीचे उतार लें और बस दो चीज और मिला लें. इसी नींबू में आपको ऊपर काला नमक और जीरा पाउडर थोड़ा सा डालकर इन दोनों को मिला लेना है. बस बहुत अधिक नहीं डालना है. एकदम एक-एक चुटकी और उसको मिलाना भी नहीं है और ना कहीं रगड़ना है. Add News18 as Preferred Source on Google अब आपको इसको सीधे अपने जीभ में इसका रस बढ़िया से गार लेना है और ऐसा करने के बाद ऐसा नहीं की तुरंत पी भी लेना है, अब इसे 2-3 मिनट तक जीभ में छोड़ दें. दो से तीन मिनट जब आप छोड़ेंगे तो यह आपके मुंह में अपने आप ही घुल जाएगा, थोड़ा सा अधिक खट्टा लगेगा, पर थोड़ा सब्र रखिये. इसके बाद आप देखेंगे आपके मुंह में पूरी तरह घुल चुका है और फिर थोड़ा गुनगुना पानी भी पी सकते हैं और आप देखेंगे दो-तीन घंटे में ही आपका पेट काफी हल्का लगने लगेगा व गैस प्राकृतिक रूप से खत्म हो जाएगी. आयुर्वैदिक डॉक्टर वीके पांडे बताते हैं कि जीरा पाउडर, नींबू और काला नमक जब भी तीनों मिलता है तो एक तो आपका मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है और आपके डाइजेस्टिव सिस्टम और गट हेल्थ को एक्टिव करता है व अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाता है. इससे आपका पेट काफी हल्का और काफी रिलैक्स महसूस होगा. First Published : April 29, 2026, 14:42 IST