लापता डीजे संचालक का कुंए में मिला शव:4 दिन से था गायब, बच्चियों ने देखा था शव; सोने की बात कहकर निकला था

अनूपपुर जिले के करनपठार थाना क्षेत्र के पडरीखार गांव में मंगलवार को एक कुएं में मिले शव की पहचान हो गई है। यह शव पडरीखार निवासी हेमंत कुमार सिंह (19) का है, जो 25 अप्रैल से लापता था। पुलिस ने शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है। युवक के बड़े भाई लवकेश सिंह ने बताया कि हेमंत 25 अप्रैल को एक शादी समारोह में डीजे बजाने गया था। रात में वह सड़क किनारे बने अपने दूसरे घर में सोने की बात कहकर समारोह से निकला था। इसके बाद 26 अप्रैल की सुबह से वह दिखाई नहीं दिया। बच्चियों ने कुंए में देखा शव शुरुआत में परिजनों ने सोचा कि हेमंत डीजे के काम के सिलसिले में आसपास के गांव गया होगा। हालांकि, 28 अप्रैल को जिस घर में युवक ने डीजे बजाया था, उसी घर की कुछ किशोरियां सड़क से 100 मीटर दूर स्थित कुएं पर नहाने गईं। वहीं उन्होंने युवक का शव कुएं में देखा। थाना प्रभारी वीरेंद्र कुमार बड़करे ने बताया कि शव काफी सूज गया था, जिस कारण शरीर पर चोट के कोई निशान नहीं दिख रहे थे। परिजनों ने युवक के किसी से विवाद होने की जानकारी से अनभिज्ञता जताई है। पुलिस फिलहाल मौत के कारणों की जांच कर रही है। शव को कुएं से बाहर निकाला स्थानीय ग्रामीण बहादुर सिंह ने मंगलवार शाम 6:30 बजे करनपठार थाना पुलिस को कुएं में शव दिखने की सूचना दी थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस रात 10 बजे गांव पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकालकर बेनीबारी स्वास्थ्य केंद्र ले गई थी। ये खबर भी पढ़े… कुएं में मिला शख्स का शव:बच्चियों ने देखा, पुलिस ने रात में बाहर निकाला; पहचान नहीं हो पाई अनूपपुर जिले के करनपठार थाना क्षेत्र के पडरीखार गांव में मंगलवार दोपहर एक शख्स की लाश कुएं में मिली। गांव के बहादुर सिंह ने इसकी सूचना पुलिस को दी। थाना प्रभारी ने बताया कि गांव में एक शादी का कार्यक्रम था। दोपहर करीब 2-3 बजे कुछ लड़कियां नहाने के लिए गांव के सरकारी कुएं पर गई थीं। पढ़े पूरी खबर…
‘जॉय बांग्ला’ बनाम ‘जय श्री राम’: पोल बूथ के पास टीएमसी समर्थक, सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने | देखो | भारत समाचार

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 14:18 IST विपक्ष के नेता अधिकारी एक मतदान केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे, तभी टीएमसी समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और “जॉय बांग्ला” के नारे लगाने लगे। बीजेपी नेता ने टीएमसी समर्थकों को ‘बाहरी’ और ‘बांग्लादेशी मुसलमान’ कहा. (तस्वीरें: एएनआई) पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) समर्थक और भाजपा के सुवेंदु अधिकारी भबनीपुर में एक मतदान केंद्र के बाहर आमने-सामने आ गए, जबकि 2026 पश्चिम बंगाल चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान चल रहा था। विपक्ष के नेता अधिकारी एक मतदान केंद्र का निरीक्षण करने पहुंचे, तभी टीएमसी समर्थकों ने उन्हें घेर लिया और “जॉय बांग्ला” के नारे लगाने लगे। #घड़ी | पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 | कोलकाता: राज्य के विपक्ष के नेता और भबनीपुर और नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार सुवेंदु अधिकारी ने मतदान केंद्र से निकलते समय ‘जय श्री राम’ और ‘हिंदू हिंदू भाई भाई’ के नारे लगाए। बूथ पर, उन्हें टीएमसी समर्थकों ने घेर लिया और चारों ओर नारे लगाए… pic.twitter.com/rQJ0pQC3EW – एएनआई (@ANI) 29 अप्रैल 2026 बीजेपी नेता ने टीएमसी समर्थकों को “बाहरी” और “बांग्लादेशी मुसलमान” कहा। उन्होंने उनकी नारेबाजी के जवाब में “जय श्री राम” और “हिंदू हिंदू भाई भाई” के नारे भी लगाए। उन्होंने कहा, “वे सभी बांग्लादेशी मुसलमान हैं…वे डरे हुए हैं। ममता का सफाया हो जाएगा।” दक्षिण कोलकाता में बूथ से भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सीआरपीएफ और पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज भी किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : कोलकाता (कलकत्ता), भारत, भारत पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 14:16 IST न्यूज़ इंडिया ‘जॉय बांग्ला’ बनाम ‘जय श्री राम’: पोल बूथ के पास टीएमसी समर्थक, सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने | घड़ी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव(टी)भबानीपुर पोलिंग बूथ(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)तृणमूल कांग्रेस टीएमसी(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी(टी)चुनावी हिंसा भारत(टी)सीआरपीएफ लाठीचार्ज
नरसिंहपुर में अधेड़ का फंदे पर मिला शव:लिवर की बीमारी से परेशान थे, बेटा बोले-लगातार खराब रहती थी तबीयत

नरसिंहपुर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में 52 साल के व्यक्ति का शव फांसी के फंदे पर मिला। घटना बुधवार सुबह की है। मृतक की पहचान केवल सिंह विश्वकर्मा (52) के रुप में हुई है। दो सालों से लिवर की बीमारी से जूझ रहे थे जानकारी के अनुसार, केवल सिंह विश्वकर्मा (52) महारानी लक्ष्मी वार्ड भाटिया टोला के निवासी थे। वह पिछले लगभग दो सालों से लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। परिजनों ने बताया कि उनकी तबीयत लगातार खराब रहती थी और हाल ही में उनके पेट में सूजन भी बढ़ गई थी। बेटा बोला-बीमारी के कारण परेशान थे पिता मृतक के बेटे मनीष विश्वकर्मा ने बताया कि परिवार उनका इलाज करा रहा था। गुरुवार को उन्हें बेहतर इलाज के लिए भोपाल ले जाने की तैयारी भी की गई थी। हालांकि, बुधवार को ही उन्होंने अपने घर पर फांसी लगाकर यह कदम उठा लिया। परिजनों ने जब उन्हें देखा तो तत्काल मोहल्ले के लोगों को सूचना दी। इसके बाद कोतवाली पुलिस को जानकारी दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। परिजनों का कहना है कि केवल सिंह बीमारी के कारण मानसिक और शारीरिक रूप से अत्यधिक परेशान थे, जिसके चलते उन्होंने यह कदम उठाया होगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
राजपाल यादव को मिली सलमान खान की फिल्म:शूटिंग भी शुरू; चेक बाउंस केस का मजाक उड़ने पर भाईजान का मिला था सपोर्ट

राजपाल यादव ने सलमान खान और नयनतारा स्टारर फिल्म SVC63 की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म में राजपाल सलमान के राइट-हैंड मैन की अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसा दावा बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, राजपाल यादव का किरदार सिर्फ सपोर्टिंग नहीं, बल्कि कहानी के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक है। मेकर्स का मानना है कि राजपाल इस भूमिका के लिए बेस्ट हैं और सलमान खान भी उन्हें इस रोल के लिए सही पसंद मानते हैं। हालांकि, राजपाल की शूटिंग मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन उन्होंने तय समय से पहले ही फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी। उनके किरदार में कॉमिक एंगल भी होगा, जो फिल्म के सीरियस एक्शन टोन के बीच हल्का मनोरंजन जोड़ेगा। इस फिल्म से सलमान पहली बार एक्ट्रेस नयनतारा, डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम कर रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। राजपाल यादव हाल ही में अक्षय कुमार स्टारर और प्रियदर्शन डायरेक्टेड फिल्म भूत बांग्ला में नजर आए, जो 17 अप्रैल, 2026 को थिएटर में रिलीज हुई। गौरतलब है कि हाल ही में एक अवॉर्ड शो में राजपाल यादव का मजाक उड़ाए जाने के बाद सलमान खान उनके सपोर्ट में उतरे थे। दरअसल, अवॉर्ड सेरेमनी में राजपाल यादव ने डॉलर के रेट बढ़ने पर बात की थी, जिस समय अवॉर्ड होस्ट कर रहे जर्नलिस्ट सौरभ द्विवेदी ने राजपाल यादव के चेक बाउंस केस पर तंज कसा और कहा कि डॉलर के रेट बढ़ें या घटें, उन्हें उतनी उधार चुकानी ही पड़ेगी, जितनी ली है। वीडियो सामने आने के बाद सलमान ने ऑफिशियल X अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा था, “राजपाल भाई, आप 30 साल से काम कर रहे हो और हम सबने आपको बार-बार रिपीट किया है क्योंकि आप अपना काम जानते हो और एक वैल्यू लाते हो। हकीकत यह है कि काम तो आपको बहुत मिलेगा और इसी डॉलर रेट पर मिलता रहेगा।” वहीं, इससे पहले चेक बाउंस केस में सरेंडर के बाद जब एक्टर राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद थे, तब भी सलमान खान ने उनकी आर्थिक सहायता की थी।
राजपाल यादव को मिली सलमान खान की फिल्म:शूटिंग भी शुरू; चेक बाउंस केस का मजाक उड़ने पर भाईजान का मिला था सपोर्ट

राजपाल यादव ने सलमान खान और नयनतारा स्टारर फिल्म SVC63 की शूटिंग शुरू कर दी है। फिल्म में राजपाल सलमान के राइट-हैंड मैन की अहम भूमिका निभाएंगे। ऐसा दावा बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट में किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, राजपाल यादव का किरदार सिर्फ सपोर्टिंग नहीं, बल्कि कहानी के सबसे जरूरी हिस्सों में से एक है। मेकर्स का मानना है कि राजपाल इस भूमिका के लिए बेस्ट हैं और सलमान खान भी उन्हें इस रोल के लिए सही पसंद मानते हैं। हालांकि, राजपाल की शूटिंग मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन उन्होंने तय समय से पहले ही फिल्म की शूटिंग शुरू कर दी। उनके किरदार में कॉमिक एंगल भी होगा, जो फिल्म के सीरियस एक्शन टोन के बीच हल्का मनोरंजन जोड़ेगा। इस फिल्म से सलमान पहली बार एक्ट्रेस नयनतारा, डायरेक्टर वामशी पेडिपल्ली और प्रोड्यूसर दिल राजू के साथ काम कर रहे हैं। इस फिल्म को अस्थायी नाम SVC63 दिया गया है। यह एक एक्शन थ्रिलर फिल्म होगी। फिल्म ईद 2027 पर रिलीज होगी। राजपाल यादव हाल ही में अक्षय कुमार स्टारर और प्रियदर्शन डायरेक्टेड फिल्म भूत बांग्ला में नजर आए, जो 17 अप्रैल, 2026 को थिएटर में रिलीज हुई। गौरतलब है कि हाल ही में एक अवॉर्ड शो में राजपाल यादव का मजाक उड़ाए जाने के बाद सलमान खान उनके सपोर्ट में उतरे थे। दरअसल, अवॉर्ड सेरेमनी में राजपाल यादव ने डॉलर के रेट बढ़ने पर बात की थी, जिस समय अवॉर्ड होस्ट कर रहे जर्नलिस्ट सौरभ द्विवेदी ने राजपाल यादव के चेक बाउंस केस पर तंज कसा और कहा कि डॉलर के रेट बढ़ें या घटें, उन्हें उतनी उधार चुकानी ही पड़ेगी, जितनी ली है। वीडियो सामने आने के बाद सलमान ने ऑफिशियल X अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर लिखा था, “राजपाल भाई, आप 30 साल से काम कर रहे हो और हम सबने आपको बार-बार रिपीट किया है क्योंकि आप अपना काम जानते हो और एक वैल्यू लाते हो। हकीकत यह है कि काम तो आपको बहुत मिलेगा और इसी डॉलर रेट पर मिलता रहेगा।” वहीं, इससे पहले चेक बाउंस केस में सरेंडर के बाद जब एक्टर राजपाल यादव तिहाड़ जेल में बंद थे, तब भी सलमान खान ने उनकी आर्थिक सहायता की थी।
एग्ज़िट पोल में ग़लती की गुंजाइश: 5% का स्विंग फ़्लिप परिणाम क्यों | भारत समाचार

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 13:48 IST एग्ज़िट पोल एक विशिष्ट क्षण में मतदाता की भावना को दर्शाते हैं, लेकिन बहु-चरणीय चुनावों में, प्रचार, गठबंधन या स्थानीय मुद्दों के कारण चरणों के बीच राय बदल सकती है। एग्जिट पोल एक नमूने पर निर्भर करते हैं, पूरे मतदाताओं पर नहीं। (फोटो: पीटीआई फाइल) विधानसभा चुनाव 2026: चार राज्यों, तमिलनाडु, केरल, असम और पश्चिम बंगाल और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के लिए एग्जिट पोल के नतीजे आज शाम को घोषित किए जाएंगे, जहां इस महीने अपने नए विधायकों को चुनने के लिए चुनाव हुए थे। वोटों की गिनती 4 मई को होगी. भारतीय चुनावों के उच्च-दाव वाले क्षेत्र में, एक एग्ज़िट पोल विजेताओं और हारने वालों को दर्शाता है, लेकिन वोट शेयर में 3-5 प्रतिशत अंक की त्रुटि का एक मामूली अंतर 50-100 सीटों का नाटकीय उतार-चढ़ाव कर सकता है, जो अनुमानित भूस्खलन को त्रिशंकु घरों में बदल सकता है या आरामदायक बहुमत को कांटे की टक्कर में बदल सकता है। और पढ़ें | इसे सही कौन करता है? भारत के सबसे सटीक एग्ज़िट पोलस्टर्स पर एक नज़र एग्ज़िट पोल में ग़लती की गुंजाइश इसके मूल में, त्रुटि की संभावना एक सांख्यिकीय सहारा है। एग्जिट पोल एक नमूने पर निर्भर करते हैं, पूरे मतदाताओं पर नहीं। सावधानीपूर्वक डिज़ाइन के साथ भी, वह नमूना कभी भी लाखों मतदाताओं को पूरी तरह से प्रतिबिंबित नहीं कर सकता है। भारत में एक सामान्य एग्ज़िट पोल में त्रुटि की संभावना लगभग ±3% से ±5% तक हो सकती है। इसका मतलब है कि अगर किसी पार्टी को 45% वोट शेयर का अनुमान है, तो उसका वास्तविक समर्थन संभवतः 40% और 50% के बीच कहीं भी हो सकता है। कड़े मुकाबले वाले चुनावों में यह दायरा निर्णायक हो जाता है। एग्ज़िट पोल एक विशिष्ट क्षण में मतदाता की भावना को दर्शाते हैं, लेकिन बहु-चरणीय चुनावों में, प्रचार, गठबंधन या स्थानीय मुद्दों के कारण चरणों के बीच राय बदल सकती है। मौसम, मतदान में भिन्नता और अंतिम समय में लामबंदी के प्रयास तस्वीर को और जटिल बनाते हैं। यहां तक कि जब सैंपलिंग सही हो, तब भी वोट शेयर को सीटों में तब्दील करना एक और चुनौती है। मॉडल में क्षेत्रीय विविधताओं, पिछले मतदान पैटर्न और उम्मीदवार कारकों को ध्यान में रखना चाहिए। वोट शेयर में एक छोटी सी त्रुटि सीट अनुमानों में एक बड़ी त्रुटि का कारण बन सकती है। इसीलिए अनुभवी विश्लेषक एग्जिट पोल को फैसले नहीं, बल्कि संकेतक मानते हैं। वे एक स्नैपशॉट प्रदान करते हैं, पूरी तस्वीर नहीं। और पढ़ें | एग्ज़िट पोल कैसे काम करते हैं? कार्यप्रणाली, गणित और त्रुटि की संभावना पर संपूर्ण मार्गदर्शिका जब त्रुटि का मार्जिन फ़्लिप हो गया तो वास्तविक परिणाम 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान एग्जिट पोल की सीमाएं खुलकर सामने आईं। लगभग सभी प्रमुख सर्वेक्षणकर्ताओं ने भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को 350-400 सीटें मिलने का अनुमान लगाया है। हालाँकि, वास्तविक परिणाम कहीं अधिक मामूली था, गठबंधन ने केवल 300 का आंकड़ा पार किया और भाजपा ने अपने दम पर 240 सीटें हासिल कीं। यह मतभेद राष्ट्रीय तस्वीर तक ही सीमित नहीं था। यह उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र जैसे प्रमुख राज्यों में विशेष रूप से स्पष्ट था, जहां वोट शेयर में मामूली बदलाव भी सीट परिणामों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। यह कोई अलग मामला नहीं था. 2004 में, एग्जिट पोल ने अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाले एनडीए के लिए सत्ता में आरामदायक वापसी की भविष्यवाणी की थी। इसके बजाय, मतदाताओं ने एक आश्चर्यजनक फैसला सुनाया, जिससे यूपीए के लिए सरकार बनाने का मार्ग प्रशस्त हो गया, और एनडीए लगभग 181 सीटों पर सिमट गया। अभी हाल ही में, एग्जिट पोल ने 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी की व्यापक जीत को कम करके आंका था। इसी तरह की गलत गणनाएं 2023 के छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों और 2024 के हरियाणा चुनावों में देखी गईं, जहां अनुमानों में कांग्रेस की जीत की ओर इशारा किया गया था, लेकिन अंततः भाजपा ने सरकार बनाई। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 13:47 IST न्यूज़ इंडिया क्यों एग्ज़िट पोल आपको गुमराह कर सकते हैं और कैसे 5% का मार्जिन सब कुछ बदल देता है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एग्जिट पोल में त्रुटि का मार्जिन(टी)एग्जिट पोल में त्रुटि का मार्जिन(टी)एग्जिट पोल सटीकता(टी)एग्जिट पोल गलत क्यों होते हैं(टी)5 प्रतिशत स्विंग एग्जिट पोल(टी)एग्जिट पोल बनाम वास्तविक परिणाम(टी)सैंपलिंग त्रुटि एग्जिट पोल(टी)एग्जिट पोल समझाया(टी)एग्जिट पोल कैसे काम करते हैं(टी)एग्जिट पोल भविष्यवाणी त्रुटि(टी)मतदान में त्रुटि का मार्जिन भारत(टी)एग्जिट पोल सीट प्रक्षेपण त्रुटि
‘यह यूपी को गाली देने वाले लोगों के साथ खड़ा है’: पीएम मोदी ने कहा कि एसपी कभी भी ‘वंशवाद, जाति’ की राजनीति से ऊपर नहीं उठ सकती | भारत समाचार

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 13:41 IST पीएम मोदी ने कहा कि भारत उसी गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है. पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर आगे बढ़ रहा है. (फोटो: यूट्यूब/नरेंद्रमोदी) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को महिला आरक्षण विधेयक के खिलाफ वोट करने के लिए समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को ”महिला विरोधी” बताया। गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन करने के बाद हरदोई में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रधान मंत्री ने कहा कि सपा कभी भी “परिवारवाद” (वंशवाद) और “जातिवाद” (जातिवादी) राजनीति से ऊपर नहीं उठ सकती है। उन्होंने कहा, “सपा आपका वोट लेकर संसद में आती है, लेकिन संसद में यूपी के लोगों को गाली देने वालों के साथ खड़ी होती है। ये लोग हमेशा विकास विरोधी राजनीति में लगे रहेंगे। यूपी को समाजवादी पार्टी और उसके सहयोगियों से सावधान रहना चाहिए।” पीएम मोदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा, “मुझे बताइए, क्या पिछली सरकार ने हरदोई और उन्नाव जैसे जिलों में औद्योगिक गलियारा बनाने की कल्पना भी की थी? क्या किसी ने कल्पना की थी कि कोई एक्सप्रेसवे हमारे हरदोई से होकर गुजरेगा? यह काम केवल भाजपा सरकार में ही संभव है। पहले उत्तर प्रदेश को पिछड़ा और बीमारू राज्य कहा जाता था। आज उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने के लिए आगे बढ़ रहा है। यह एक बड़ा लक्ष्य है, लेकिन इसके पीछे की तैयारी भी उतनी ही बड़ी है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि जहां पूरी दुनिया युद्ध, अशांति और अस्थिरता में फंसी है, वहीं भारत उसी गति से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “भारत के दुश्मनों को यह पसंद नहीं आ रहा है। अंदर बैठे कुछ लोग सत्ता की भूख में भारत की छवि खराब करने की कोशिश में लगे हुए हैं। फिर भी, हम न केवल सुरक्षित हैं, बल्कि विकास में नए मील के पत्थर भी स्थापित कर रहे हैं। हम आत्मनिर्भर भारत के अभियान को आगे बढ़ा रहे हैं। हम सबसे आधुनिक बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं। गंगा एक्सप्रेसवे इस दिशा में एक बड़ा कदम है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : हरदोई, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 13:41 IST न्यूज़ इंडिया ‘यह उन लोगों के साथ खड़ा है जो यूपी को गाली देते हैं’: पीएम मोदी ने कहा कि एसपी कभी भी ‘वंशवाद, जाति’ की राजनीति से ऊपर नहीं उठ सकती अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नरेंद्र मोदी हरदोई भाषण(टी)महिला आरक्षण बिल(टी)समाजवादी पार्टी की आलोचना(टी)कांग्रेस की महिला विरोधी टिप्पणी(टी)गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन(टी)उत्तर प्रदेश 1 ट्रिलियन अर्थव्यवस्था(टी)बीजेपी विकास एजेंडा(टी)आत्मनिर्भर भारत अभियान
लॉकर रूम में बसती है टेनिस की अलग दुनिया:कभी आई कॉन्टैक्ट से बचते हैं, तो कभी साथ में हार का गम बांटते हैं प्रतिद्वंद्वी

खेल की दुनिया में टेनिस को सबसे ‘अकेला’ खेल माना जाता है। कोर्ट पर खिलाड़ी हर पॉइंट के बीच अपनी रणनीति और भावनाओं को संभालते हुए अक्सर खुद से बातें करते नजर आते हैं। लेकिन कोर्ट के बाहर लॉकर रूम का माहौल कहीं ज्यादा जटिल और दिलचस्प होता है। यहां वही खिलाड़ी एक साथ मौजूद होते हैं, जो कुछ देर में एक-दूसरे के खिलाफ मैदान पर उतरने वाले होते हैं और यही स्थिति कई बार खिलाड़ियों के लिए असहज हो जाती है। अमेरिकी स्टार कोको गॉफ लॉकर रूम का एक अनुभव साझा करते हुए बताती हैं कि ऑस्ट्रेलियन ओपन के दौरान उन्होंने एक खिलाड़ी को मैच के बाद मिठाई खाते देखा और मजाक में कह दिया कि शायद उसका मैच अच्छा गया होगा। लेकिन सामने से जवाब मिला, ‘यह डिप्रेशन कैंडी है।’ इस एक पल ने बता दिया कि लॉकर रूम में हर खिलाड़ी अलग भावनाओं से गुजर रहा होता है और किसी से भी बात करने से पहले सोचना पड़ता है। दरअसल, टेनिस में लॉकर रूम सिर्फ एक जगह नहीं, बल्कि भावनाओं का मिश्रण है। कोई खिलाड़ी जीत की खुशी में होता है, तो कोई हार के बाद निराशा में डूबा होता है। ऐसे में खिलाड़ी अक्सर आई कॉन्टैक्ट तक से बचते हैं। स्पेन की पाउला बाडोसा बताती हैं कि मैच के दिन वे दूसरे खिलाड़ियों को सिर्फ ‘हाय’ कहकर आगे बढ़ जाती हैं और बातचीत से बचती हैं। गॉफ कहती हैं, ‘समझ नहीं आता कि सामने वाले से बात करें या नहीं, और वह किस मूड में है।’ स्विट्जरलैंड की बेलिंडा बेनकिच के मुताबिक, कभी-कभी हालात और भी अजीब हो जाते हैं। जैसे कोर्ट तक जाने के लिए गोल्फ कार्ट शेयर करना या मैच से पहले तैयार होते समय प्रतिद्वंद्वी का पास में होना। तब समझ नहीं आता कि बातचीत करें या चुप रहें। इसी असहजता से बचने के लिए कई खिलाड़ी लॉकर रूम में कम से कम समय बिताने लगे हैं। इटली के स्टार यानिक सिनर कहते हैं कि अपने करियर की शुरुआत में वे ज्यादा समय वहीं बिताते थे, लेकिन अब वे जल्दी आते हैं और मैच खत्म होते ही निकल जाते हैं। हालांकि, इस माहौल का एक सकारात्मक पहलू भी है। अमेरिकी खिलाड़ी मैडिसन कीज कहती हैं कि यही जगह उन्हें मुश्किल समय में सहारा देती है। वे बताती हैं कि यहां ‘दोस्त’ भी होते हैं, जो हार के बाद आपको संभाल लेते हैं। डेनियल मेदवेदेव के अनुसार, पहले के मुकाबले अब लॉकर रूम का माहौल काफी शांत और बेहतर हो गया है। वहीं, ग्रीस के स्टीफानोस सितसिपास मानते हैं कि सफलता के साथ कुछ खिलाड़ियों का व्यवहार बदल जाता है, जो उन्हें पसंद नहीं है। वे कहते हैं, ‘मैं विनम्र लोगों को ज्यादा पसंद करता हूं।’ लॉकर रूम एक ऐसा साझा स्थान है, जहां जीत-हार, खुशी-गम सब एक साथ मौजूद होते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के लिए सबसे जरूरी चीज होती है, संवेदनशीलता, समझ और एक-दूसरे के प्रति सम्मान।
भोपाल में गड्ढे में मिली लापता कारोबारी की लाश:13 दिन से थे लापता, करीबी रिश्तेदार महिला सहित ताऊ के बेटों से हुई थी आखिरी बार बात

भोपाल के गुनगा इलाके में स्थित एक पानी के गड्ढे से पुलिस ने बुधवार को 13 दिन से लापता कारोबारी की बॉडी बरामद की है। मृतक की लास्ट लोकेशन उसके ताऊ के खेत में मिली थी। कॉल डिटेल में भी आखिरी तीन कॉल उसके करीबी रिश्तेदारों के हैं। जिसमें एक महिला व दो नंबर ताऊ के बेटों के हैं। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। बुधवार दोपहर पीएम के बाद बॉडी परिजनों को सौंप दी गई है। मृतक देवेंद्र मेहरा पिता देवेश मेहरा (40) हर्ष ट्रांसपोर्ट के पीछे लांबाखेड़ा में रहता था। उसकी लेडीज पर्स की शॉप ललवानी प्रेस रोड कोतवाली में थी। वे 17 अप्रैल की सुबह 8:30 बजे घर से निकले थे। बताया था कि गुटखा लेकर लौट रहा हूं। इसके बाद से ही उनका कोई सुराग नहीं मिला। उनकी गुमशुदगी ईंटखेड़ी थाने में दर्ज थी। पुलस की जांच में उनकी लास्ट लोकेशन धमर्रा बैरसिया रोड पर मिली थी। जिस खेत में लास्ट लोकेशन मिली, वह मृतक के ताऊ का खेत है। परिजनों ने आज सुबह खेत में देवेंद्र की तलाश की। तब गड्ढे में उसका शव मिला। बॉडी डी कंपोज्ड हो चुकी है। कपड़ों, मोबाइल और चप्पलों से उसकी पहचान की जा सकी है। भाई-भाभी पर हत्या का संदेह परिजनों का दावा है कि लास्ट कॉल पर मनोज मेहरा ( ताऊ का बेटा), कालूराम (रिश्ते का भाई) और मीराबाई (रिश्ते की भाभी) से बात हुई थी। तीनों पर हत्या का संदेह है। तीनों रिश्तेदारों ने बताया कि हमारी आखिरी बार कॉल पर बात नहीं हुई है। तीनों मौत की सूचना के बाद नहीं आए। बड़े पिता के खेत में मिली है लाश मृतक के बड़े भाई नारायण ने बताया कि जिस खेत में लाश मिली है, वह बड़े पिता का खेत है। उनका बेटा मनोज मेहरा है, इससे ही आखिरी बार कॉल पर देवेंद्र की बात हुई है। इसकी पुष्टि कॉल डिटेल से हो रही है। जब मनोज से इस संबंध में बात की तो उसने साफ इनकार कर दिया कि उसकी देवेंद्र से बात ही नहीं हुई। लिहाजा शंका है कि मनोज व दोनों अन्य रिश्तेदारों ने ही भाई को मारा और गड्ढे में फेंक दिया।
Health Tips: सिर्फ 5 दाना भिगोकर खायें ये चीज, बॉडी को मिलेगी फौलादी एनर्जी, दौड़ने पर नहीं फूलेगी सांस

Last Updated:April 29, 2026, 13:37 IST Munakka Khane Ke Fayde: लोग अपनी सेहत को लेकर काफी चिंतित रहते हैं. इसके लिए लोग दौड़ लगाते हैं, टहलते हैं और एक्सरसाइज करते हैं. हालांकि, ये सब करने में कई लोगों की सांस फूलने लगती है. ये हर उम्र के लोगों के साथ होता है. सांस फूलने की दिक्कत कई युवाओं को भी होती है. जो अलग-अलग भर्तियों की तैयारी के लिए ग्राउंड पर पसीना बहाते हैं. यदि आपको भी चलते या दौड़ते हुए सांस फूलने की दिक्कत होती है तो आज हम आपको इसका हल बताने जा रहे हैं. इसकी मदद से आपकी सांसे तेजी से नहीं फूलेंगी. इसके साथ ही आपकी बॉडी में पावर भी आ जाएगी. अगर शरीर सेहतमंद है तो आप कई बीमारियों से बचे रहते हैं. आयुर्वेद के पास औषधियों का खजाना है, जिनके सेवन से चुस्त-दुरुस्त रहा जा सकता है. कई फायदों से भरपूर मुनक्का भी ऐसी ही शक्तिशाली औषधि है. इसे प्राकृतिक टॉनिक माना जाता है. मुनक्का शरीर को ताकत देता है, खून बढ़ाता है, स्टैमिना सुधारता है और सांस फूलने की समस्या में राहत प्रदान करता है. रोजाना इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है. मुनक्का का रोजाना थोड़ी मात्रा में सेवन बेहद लाभदायी है. मुनक्का खाने से थकान, कमजोरी और एनीमिया जैसी समस्याएं दूर हो सकती हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, यह फेफड़ों को मजबूत बनाने और खून बढ़ाने में विशेष रूप से फायदेमंद है. आयुर्वेद में मुनक्का को शीतल, मधुर और रसायन गुणों वाला माना गया है. यह वात-पित्त दोष को शांत करता है तथा शरीर के सूखेपन को कम करता है. आचार्य चरक ने इसे बलवर्धक और रक्तवर्धक द्रव्य बताया है, जो शरीर के सभी ऊतकों को पोषण प्रदान करता है. एक्सपर्ट्स के अनुसार, प्रतिदिन 4 से 5 मुनक्का गुनगुने दूध या पानी में भिगोकर सुबह खाने से एनीमिया में अच्छा फायदा मिलता है. रात को मुनक्का को पानी में उबालकर पीने से नींद गहरी आती है और तनाव कम होता है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स याददाश्त और एकाग्रता बढ़ाने में मदद करते हैं, जो छात्रों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है. Add News18 as Preferred Source on Google बता दें कि सूखी खांसी, मुंह सूखना, थकान और गर्मी से जुड़ी समस्याओं में मुनक्का उपयोगी सिद्ध होता है. यह फेफड़ों को नरम बनाता है और राहत प्रदान करता है. साथ ही मुनक्का आयरन, कॉपर और प्राकृतिक शुगर से भरपूर होता है, जो हीमोग्लोबिन बनाने की प्रक्रिया को तेज करता है और एनीमिया दूर करने में मदद करता है. यह ब्लड प्यूरीफिकेशन का काम करता है, जिससे थकान और चक्कर आने की समस्या धीरे-धीरे कम होती है. इसके अलावा यह प्राकृतिक एनर्जी बूस्टर है जो तुरंत ग्लूकोज प्रदान कर ताकत बढ़ाता है. इसके अलावा मुनक्का शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करता है और कई बीमारियों से बचाव में सहायक है. मुनक्का पाचन तंत्र पर भी प्रभावी है. यह कब्ज और एसिडिटी में राहत देने में मदद करता है. वहीं, आयुर्वेद में मुनक्का को उसके गुणों के कारण महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है. हालांकि, कुछ सावधानियां जरूरी हैं. डायबिटीज के मरीजों को इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. इसके अधिक सेवन से दस्त लग सकते हैं. ठंडी प्रकृति वाले लोगों को संयम से सेवन करना चाहिए. किसी भी उपयोग से पहले आयुर्वेदिक डॉक्टर से सलाह अवश्य लें. First Published : April 29, 2026, 13:34 IST







