लंदन में दो यहूदियों पर चाकू से हमला:दोनों घायल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, आतंकी लिंक की जांच शुरू

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में दो यहूदी लोगों पर चाकू से हमला हुआ है। हमले में घायल दोनों लोगों को मौके पर प्राथमिक इलाज देने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों की हालत स्थिर है। हमला नॉर्थ लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुआ, जहां बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय के लोग रहते हैं। पुलिस ने घटना के कुछ समय बाद 45 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा है कि काउंटर टेरर यूनिट मामले की जांच कर रही है और आतंकी लिंक की भी पड़ताल हो रही है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर भी चाकू से हमला करने की कोशिश की। इसके बाद उसे टेजर मारकर काबू किया गया। BBC ने स्थानीय लोगों को हवाले स बताया कि पहला हमला गोल्डर्स ग्रीन रोड पर दुकानों के बाहर हुआ, जबकि दूसरा पास की साइड रोड पर सिनेगॉग (यहूदी धार्मिक स्थल) के बाहर हुआ। पुलिस के आरोपी को पकड़ने का वीडियो… PM स्टार्मर बोले- यहूदी समुदाय पर हमला, ब्रिटेन पर हमला ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यहूदी लोगों पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यहूदी समुदाय पर हमला, ब्रिटेन पर हमला है। स्टार्मर ने कहा कि हमला बेहद चिंताजनक है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना को यहूदी विरोधी बेहद भयावह हमला बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहूदी समुदाय को निशाना बनाना पूरे ब्रिटेन पर हमला है। लंदन मेयर सादिक खान ने कहा कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद इलाके को कुछ समय के लिए सील कर दिया गया। सड़कों पर सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और कई जगह बैरिकेड लगाए गए। यहूदी समुदाय के अंतरराष्ट्रीय संगठन ने कार्रवाई की मांग की हमले के बाद यहूदी समुदाय के अंतरराष्ट्रीय संगठन वर्ल्ड जियोनिस्ट ऑर्गनाइजेशन ने PM कीर स्टार्मर और लंदन के मेयर सादिक खान से कार्रवाई की मांग की। संगठन के चेयरमैन याकोव हागोएल ने यहूदियों के खिलाफ बढ़ती नफरत पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। यहूदियों के खिलाफ भड़काऊ माहौल खतरनाक साबित हो सकता है। संगठन ने यहूदी इलाकों, उपासना स्थलों और सामुदायिक संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की। इजराइल के अलियाह मंत्री ओफिर सोफर ने कहा कि ब्रिटेन में यहूदियों की सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उनके मुताबिक इजराइल यहूदियों को वहां से बसाने के लिए योजनाओं पर काम कर रहा है। यहूदियों पर हमले का CCTV वीडियो… लंदन के यहूदी इलाकों में लगातार हमले बढ़े लंदन के यहूदी बहुल इलाकों में हाल के हफ्तों में हमलों और आगजनी की घटनाएं बढ़ गई हैं। गोल्डर्स ग्रीन और आसपास के क्षेत्रों में लगातार वारदातों से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी है। 23 मार्च को गोल्डर्स ग्रीन में यहूदी समुदाय की आपात सेवा हत्जोला की चार एम्बुलेंस जला दी गई थीं। 15 अप्रैल को फिंचली रिफॉर्म सिनेगॉग के बाहर ज्वलनशील बोतलें रखकर आग लगाने की कोशिश की गई थी। उसी दिन ईरान इंटरनेशनल के दफ्तर के कार पार्क में जलता कंटेनर फेंका गया था, हालांकि आग खुद बुझ गई। पिछले शुक्रवार एक ऐसी इमारत को निशाना बनाया गया, जहां पहले एक यहूदी संगठन का दफ्तर था। इजराइली दूतावास के पास अज्ञात पदार्थ से भरे जार भी मिले थे। पुलिस ने बाद में सामग्री को हानिरहित बताया। पिछले रविवार केंटन यूनाइटेड सिनेगॉग पर फायरबॉम्ब फेंका गया था। इससे एक कमरे में हल्का धुआं नुकसान हुआ, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।
लंदन में दो यहूदियों पर चाकू से हमला:दोनों घायल, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया, आतंकी लिंक की जांच शुरू

ब्रिटेन की राजधानी लंदन में दो यहूदी लोगों पर चाकू से हमला हुआ है। हमले में घायल दोनों लोगों को मौके पर प्राथमिक इलाज देने के बाद अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस के मुताबिक दोनों की हालत स्थिर है। हमला नॉर्थ लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुआ, जहां बड़ी संख्या में यहूदी समुदाय के लोग रहते हैं। पुलिस ने घटना के कुछ समय बाद 45 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने कहा है कि काउंटर टेरर यूनिट मामले की जांच कर रही है और आतंकी लिंक की भी पड़ताल हो रही है। मेट्रोपॉलिटन पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पुलिसकर्मियों पर भी चाकू से हमला करने की कोशिश की। इसके बाद उसे टेजर मारकर काबू किया गया। BBC ने स्थानीय लोगों को हवाले स बताया कि पहला हमला गोल्डर्स ग्रीन रोड पर दुकानों के बाहर हुआ, जबकि दूसरा पास की साइड रोड पर सिनेगॉग (यहूदी धार्मिक स्थल) के बाहर हुआ। पुलिस के आरोपी को पकड़ने का वीडियो… PM स्टार्मर बोले- यहूदी समुदाय पर हमला, ब्रिटेन पर हमला ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने यहूदी लोगों पर हुए हमले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यहूदी समुदाय पर हमला, ब्रिटेन पर हमला है। स्टार्मर ने कहा कि हमला बेहद चिंताजनक है और इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया पर इस घटना को यहूदी विरोधी बेहद भयावह हमला बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि यहूदी समुदाय को निशाना बनाना पूरे ब्रिटेन पर हमला है। लंदन मेयर सादिक खान ने कहा कि इलाके में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद इलाके को कुछ समय के लिए सील कर दिया गया। सड़कों पर सशस्त्र पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई और कई जगह बैरिकेड लगाए गए। यहूदी समुदाय के अंतरराष्ट्रीय संगठन ने कार्रवाई की मांग की हमले के बाद यहूदी समुदाय के अंतरराष्ट्रीय संगठन वर्ल्ड जियोनिस्ट ऑर्गनाइजेशन ने PM कीर स्टार्मर और लंदन के मेयर सादिक खान से कार्रवाई की मांग की। संगठन के चेयरमैन याकोव हागोएल ने यहूदियों के खिलाफ बढ़ती नफरत पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। यहूदियों के खिलाफ भड़काऊ माहौल खतरनाक साबित हो सकता है। संगठन ने यहूदी इलाकों, उपासना स्थलों और सामुदायिक संस्थानों की सुरक्षा बढ़ाने की अपील की। इजराइल के अलियाह मंत्री ओफिर सोफर ने कहा कि ब्रिटेन में यहूदियों की सुरक्षा स्थिति लगातार बिगड़ रही है। उनके मुताबिक इजराइल यहूदियों को वहां से बसाने के लिए योजनाओं पर काम कर रहा है। यहूदियों पर हमले का CCTV वीडियो… लंदन के यहूदी इलाकों में लगातार हमले बढ़े लंदन के यहूदी बहुल इलाकों में हाल के हफ्तों में हमलों और आगजनी की घटनाएं बढ़ गई हैं। गोल्डर्स ग्रीन और आसपास के क्षेत्रों में लगातार वारदातों से सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ी है। 23 मार्च को गोल्डर्स ग्रीन में यहूदी समुदाय की आपात सेवा हत्जोला की चार एम्बुलेंस जला दी गई थीं। 15 अप्रैल को फिंचली रिफॉर्म सिनेगॉग के बाहर ज्वलनशील बोतलें रखकर आग लगाने की कोशिश की गई थी। उसी दिन ईरान इंटरनेशनल के दफ्तर के कार पार्क में जलता कंटेनर फेंका गया था, हालांकि आग खुद बुझ गई। पिछले शुक्रवार एक ऐसी इमारत को निशाना बनाया गया, जहां पहले एक यहूदी संगठन का दफ्तर था। इजराइली दूतावास के पास अज्ञात पदार्थ से भरे जार भी मिले थे। पुलिस ने बाद में सामग्री को हानिरहित बताया। पिछले रविवार केंटन यूनाइटेड सिनेगॉग पर फायरबॉम्ब फेंका गया था। इससे एक कमरे में हल्का धुआं नुकसान हुआ, लेकिन कोई घायल नहीं हुआ।
भारतीय गोल्फ दिग्गज विजय कुमार का निधन:57 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत; 2002 में इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचा था

भारतीय गोल्फ के मशहूर खिलाड़ी विजय कुमार का मंगलवार को लखनऊ में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 57 साल के थे। प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) ने उनके परिवार, दोस्तों, साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना जताई है। PGTI के CEO अमनदीप जोहल ने कहा- ‘विजय भारतीय गोल्फ के बेहतरीन प्रोफेशनल्स में से एक थे। 2002 इंडियन ओपन और चार ऑर्डर ऑफ मेरिट खिताब हमेशा हमारे खेल के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा रहेंगे।’ चार बार साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए विजय कुमार भारतीय गोल्फ के सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार थे। उन्होंने चार बार साल का सर्वेश्रष्ठ खिलाड़ी चुना गया, जिसके लिए उन्होंने ऑर्डर ऑफ मेरिट का खिताब मिला। 2002 में उन्होंने इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचा था। वे देश के केवल नौ गोल्फरों में शामिल थे, जिन्होंने इंडियन ओपन का खिताब अपने नाम किया। भारतीय डोमेस्टिक गोल्फ पर दबदबा बनाया विजय कुमार का जन्म 29 सितंबर 1968 को लखनऊ में हुआ था। उन्होंने 1988 में गोल्फ को अपना प्रोफेशन बनाया। 1990 के दशक के मध्य से अगले दशक की शुरुआत तक भारतीय घरेलू गोल्फ में उनका दबदबा था। उन्होंने 1999 में स्कॉटलैंड के सेंट एंड्र्यूज में अल्फ्रेड डनहिल कप में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था। ————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; देश में बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान वह ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए। इस मामले में भारतीय बोर्ड BCCI ने पराग से जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…
भारतीय गोल्फ दिग्गज विजय कुमार का निधन:57 साल की उम्र में दिल का दौरा पड़ने से मौत; 2002 में इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचा था

भारतीय गोल्फ के मशहूर खिलाड़ी विजय कुमार का मंगलवार को लखनऊ में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 57 साल के थे। प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया (PGTI) ने उनके परिवार, दोस्तों, साथी खिलाड़ियों और प्रशंसकों के प्रति हार्दिक संवेदना जताई है। PGTI के CEO अमनदीप जोहल ने कहा- ‘विजय भारतीय गोल्फ के बेहतरीन प्रोफेशनल्स में से एक थे। 2002 इंडियन ओपन और चार ऑर्डर ऑफ मेरिट खिताब हमेशा हमारे खेल के गौरवशाली इतिहास का हिस्सा रहेंगे।’ चार बार साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने गए विजय कुमार भारतीय गोल्फ के सबसे सफल खिलाड़ियों में शुमार थे। उन्होंने चार बार साल का सर्वेश्रष्ठ खिलाड़ी चुना गया, जिसके लिए उन्होंने ऑर्डर ऑफ मेरिट का खिताब मिला। 2002 में उन्होंने इंडियन ओपन जीतकर इतिहास रचा था। वे देश के केवल नौ गोल्फरों में शामिल थे, जिन्होंने इंडियन ओपन का खिताब अपने नाम किया। भारतीय डोमेस्टिक गोल्फ पर दबदबा बनाया विजय कुमार का जन्म 29 सितंबर 1968 को लखनऊ में हुआ था। उन्होंने 1988 में गोल्फ को अपना प्रोफेशन बनाया। 1990 के दशक के मध्य से अगले दशक की शुरुआत तक भारतीय घरेलू गोल्फ में उनका दबदबा था। उन्होंने 1999 में स्कॉटलैंड के सेंट एंड्र्यूज में अल्फ्रेड डनहिल कप में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था। ————————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… राजस्थान के कप्तान रियान पराग ई-सिगरेट पीते दिखे:ड्रेसिंग रूम का वीडियो वायरल; देश में बैन, BCCI कार्रवाई कर सकता है IPL 2026 में राजस्थान रॉयल्स (RR) के कप्तान रियान पराग विवाद में फंस गए हैं। मंगलवार को पंजाब किंग्स के खिलाफ खेले गए मैच के दौरान वह ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते कैमरे में कैद हुए। इस मामले में भारतीय बोर्ड BCCI ने पराग से जवाब मांगा है। पूरी खबर पढ़ें…
प्ले स्कूलों में परीक्षा पर रोक,उल्लंघन पर मान्यता होगी समाप्त:देवास कलेक्टर का आदेश, नर्सरी से केजी-2 तक परीक्षा, रैंकिंग-ग्रेडिंग प्रतिबंधित

देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने जिले में संचालित प्ले स्कूलों (शाला पूर्व शिक्षा केंद्रों) में नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 के विद्यार्थियों की किसी भी प्रकार की परीक्षा लेने, रैंकिंग और ग्रेडिंग करने पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई शाला पूर्व शिक्षा केंद्र परीक्षा आयोजित करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। शिकायतों के बाद लिया फैसला कलेक्टर कार्यालय को जिले के प्ले स्कूलों के संबंध में शिकायतें मिली थीं, जिनमें छोटे बच्चों की परीक्षा लेकर उनकी रैंकिंग और ग्रेडिंग जारी करने की बात सामने आई थी। प्रशासन ने इसे राष्ट्रीय प्रारंभिक बाल्यावस्था देखरेख एवं शिक्षा (ECCE) नीति 2013 और मध्यप्रदेश की शाला पूर्व शिक्षा नीति 2022 का उल्लंघन माना है। इन नीतियों के अनुसार 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों की किसी भी प्रकार की परीक्षा लेना प्रतिबंधित है।
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Last Updated:April 29, 2026, 18:58 IST Biryani Watermelon Side Effects Tips: मुंबई में एक ही परिवार के 4 सदस्यों की मौत ने पूरे देश को डरा दिया है. बिरयानी के बाद तरबूज खाने से हुई इस संदिग्ध फूड पॉइजनिंग पर विशेषज्ञों ने बड़ी चेतावनी दी है. डॉ.संजीव बगई के अनुसार गर्मी में बासी नॉन-वेज और इंजेक्शन वाले फलों का सेवन कैसे स्लो पॉइजन बन सकता है जानने के लिए पढ़ें पूरी रिपोर्ट. ख़बरें फटाफट नई दिल्ली: हाल ही में मुंबई से सामने आई एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर कर रख दिया है. जहां एक ही परिवार के चार सदस्यों की संदिग्ध फूड पॉइजनिंग से मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक परिवार ने पहले बिरयानी खाई और उसके बाद तरबूज का सेवन किया. कुछ ही समय में सभी की तबीयत बिगड़ने लगी और हालत इतनी गंभीर हो गई कि चारों की जान चली गई. इस घटना के बाद खाद्य सुरक्षा और गर्मी में खानपान को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. ऐसे में इस मामले को लेकर डॉक्टर ने क्या कुछ कहा आइए जानते हैं. क्या है मौत की बड़ी वजह?इस मामले पर बात करते हुए Dr. Sanjeev Bagai, जो कि एक जाने-माने पीडियाट्रिशियन और नेफ्रोलॉजिस्ट हैं. उन्होंने बताया कि गर्मियों में खासतौर पर नॉन-वेज भोजन अगर सही तरीके से पकाया या स्टोर नहीं किया गया हो, तो उसमें खतरनाक बैक्टीरिया पनप सकते हैं. उनके अनुसार बासी या अधपकी बिरयानी में E.coli जैसे ग्राम-नेगेटिव बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं. जो शरीर में जाकर गंभीर गैस्ट्रोएंटेराइटिस, उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन और कई मामलों में जानलेवा स्थिति पैदा कर सकते हैं. तरबूज भी बन सकता है खतराडॉ. बगई ने यह भी चेतावनी दी कि बाजार में बिकने वाले फलों, खासकर तरबूज को आकर्षक और मीठा दिखाने के लिए उसमें कृत्रिम रंग और केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है. कई मामलों में इन फलों में इंजेक्शन के जरिए रंग या मिठास बढ़ाने वाले तत्व मिलाए जाते हैं, जो शरीर के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं. ऐसे जहरीले तत्व शरीर में जाकर अचानक गंभीर रिएक्शन पैदा कर सकते हैं. जिससे स्थिति तेजी से बिगड़ती है. गर्मी में बरतें सावधानीविशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है. लोगों को सलाह दी गई है कि बासी खाना न खाएं, खुले में कटे फल खरीदने से बचें. खाने-पीने की चीजों की साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें. साथ ही पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी बेहद जरूरी है. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : East Delhi,Delhi First Published : April 29, 2026, 18:58 IST
भीषण गर्मी में बच्चों को नहीं आ रहा पसीना, लेकिन तप रहा शरीर…कानपुर में ये कैसी आफत, जानिए बचाव

Last Updated:April 29, 2026, 18:55 IST Dry heat health tips : ड्राई हीट सामान्य लू से ज्यादा खतरनाक है. इसमें बच्चे का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, लेकिन पसीना नहीं आता. लोकल 18 से कानपुर बाल रोग चिकित्सक डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि ऐसी हालत में बच्चे के शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है, जो अंदरूनी अंगों के लिए खतरनाक है. अगर बच्चा बहुत गर्म लगे, चेहरा लाल हो जाए, बार-बार पानी मांगे, उल्टी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या आंखें बंद करने लगे तो तुरंत ध्यान देने की जरूरत है. कानपुर. यूपी के कानपुर में पड़ रही भीषण गर्मी अब बच्चों की सेहत पर सीधा असर डाल रही है. डॉक्टरों ने माता-पिता को खास सावधानी बरतने की सलाह दी है. उनका कहना है कि इस मौसम में बच्चों में ‘ड्राई हीट’ का खतरा तेजी से बढ़ जाता है. यह सामान्य लू से ज्यादा खतरनाक स्थिति होती है. इसमें बच्चे का शरीर बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है, लेकिन पसीना नहीं आता. अगर समय पर ध्यान न दिया जाए तो हालत गंभीर हो सकती है. लोकल 18 से कानपुर के बाल रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एसके गौतम बताते हैं कि तेज गर्मी में अगर बच्चे के शरीर से पसीना निकल रहा है तो शरीर खुद को ठंडा करने की कोशिश कर रहा होता है. लेकिन अगर बच्चा तप रहा हो, उसकी स्किन बहुत गर्म लगे और पसीना बिल्कुल न आए तो यह खतरे की घंटी है. ऐसी हालत में बच्चे के शरीर का तापमान तेजी से बढ़ सकता है और अंदरूनी अंगों पर असर पड़ सकता है. बच्चे क्यों आते हैं जल्दी चपेट में डॉ. गौतम के मुताबिक, बच्चों का शरीर बड़ों के मुकाबले गर्मी को जल्दी पकड़ता है. छोटे बच्चे अपनी परेशानी ठीक से बता भी नहीं पाते. कई बार बच्चा खेलते-खेलते अचानक सुस्त हो जाता है, रोने लगता है, चिड़चिड़ा हो जाता है या गोद में चिपक जाता है. यह संकेत हो सकता है कि गर्मी उसे परेशान कर रही है. अगर बच्चा बहुत गर्म लगे, चेहरा लाल हो जाए, बार-बार पानी मांगे, उल्टी जैसा लगे, कमजोरी महसूस करे या आंखें बंद करने लगे तो तुरंत ध्यान देने की जरूरत है. अगर साथ में पसीना भी न आ रहा हो तो देर करना खतरनाक हो सकता है. ये सावधानियां जरूरी ऐसी स्थिति में बच्चे को तुरंत धूप या गर्म जगह से हटाकर ठंडी जगह ले जाएं. उसके कपड़े ढीले करें और शरीर को गीले कपड़े से पोछें. पंखा चलाएं या ठंडी हवा में रखें. अगर बच्चा होश में है तो थोड़ा-थोड़ा पानी पिलाएं, लेकिन अगर बच्चा सुस्त पड़ रहा हो, ठीक से बोल न रहा हो या बेहोशी जैसा लगे तो तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जाएं. डॉक्टर गौतम कहते हैं कि दोपहर की तेज धूप में बच्चों को बाहर न भेजें. उन्हें हल्के सूती कपड़े पहनाएं. बार-बार पानी, नींबू पानी, ORS या घर का तरल पदार्थ देते रहें. खेलने के लिए सुबह या शाम का समय बेहतर है. बंद गाड़ी या बिना हवा वाले कमरे में बच्चे को अकेला न छोड़ें. कानपुर में गर्मी लगातार बढ़ रही है. अगर बच्चा गर्म है लेकिन पसीना नहीं आ रहा, तो इसे नजरअंदाज न करें. यह ‘ड्राई हीट’ का संकेत हो सकता है. समय पर इलाज ही बच्चे को सुरक्षित रख सकता है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Kanpur Nagar,Uttar Pradesh First Published : April 29, 2026, 18:55 IST
एग्जिट पोल नतीजे केरल 2026: यूडीएफ को बहुमत का आंकड़ा पार करने का अनुमान, एलडीएफ पीछे | चुनाव समाचार

आखरी अपडेट:29 अप्रैल, 2026, 18:52 IST न्यूज18 एग्जिट पोल परिणाम केरल 2026: वोटवाइब के निष्कर्षों के अनुसार, यूडीएफ को 42.6% वोट शेयर हासिल करने का अनुमान है, जो एलडीएफ से 39.5% से थोड़ा आगे है। एलडीएफ बनाम यूडीएफ के लिए केरल न्यूज18 एग्जिट पोल ब्रेकआउट | केरल विधानसभा चुनाव 2026 परिणाम भविष्यवाणी News18 एग्जिट पोल रिजल्ट केरल 2026: 2026 के केरल विधानसभा चुनाव के लिए एग्जिट पोल अनुमान यहां हैं, और वे कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के लिए संभावित बढ़त के साथ एक करीबी मुकाबले की ओर इशारा करते हैं, जो सत्ता में संभावित बदलाव का संकेत देता है, हालांकि मार्जिन तंग और त्रुटि की सांख्यिकीय सीमा के भीतर अच्छी तरह से बना हुआ है। वोटवाइब द्वारा विशेष रूप से जारी एग्जिट पोल अनुमानों के अनुसार सीएनएन-न्यूज18कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) पर वोट शेयर में मामूली बढ़त बना ली है, हालांकि मुकाबला बेहद कड़ा बना हुआ है। अनुमान बताते हैं कि हालांकि यूडीएफ को बढ़त मिल सकती है, लेकिन मार्जिन त्रुटि की सांख्यिकीय सीमा के भीतर आता है, जिससे अंतिम परिणाम अनिश्चित रहता है। यह भी पढ़ें: केरल हिट एंड मिस: राज्य के लिए पिछले एग्जिट पोल के पूर्वानुमान कितने सटीक रहे हैं? यूडीएफ आगे, एलडीएफ पीछे सीट अनुमानों के संदर्भ में, यूडीएफ को 140 सदस्यीय विधानसभा में 71 के बहुमत के आंकड़े को पार करते हुए 70-80 सीटें (मध्यबिंदु 75) जीतने की उम्मीद है। एलडीएफ को 58-68 सीटें (मध्यबिंदु 63) मिलने का अनुमान है, जिससे पता चलता है कि वह सत्ता बरकरार रखने से पीछे रह सकती है। भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को 0-4 सीटें जीतने की उम्मीद है। वोटवाइब के निष्कर्षों के अनुसार, यूडीएफ को 42.6% वोट शेयर हासिल करने का अनुमान है, जो एलडीएफ से 39.5% से थोड़ा आगे है, जो लगभग 3 प्रतिशत अंकों के अंतर को दर्शाता है – त्रुटि के ±3% मार्जिन के भीतर। एनडीए को 14.3% और अन्य को 3.6% का अनुमान लगाया गया है। लिंग, जनसांख्यिकी के आधार पर वोट शेयर एग्जिट पोल मुकाबले को आकार देने वाले तीव्र जनसांख्यिकीय और क्षेत्रीय विभाजन को उजागर करता है। पुरुषों में, एलडीएफ के 37% की तुलना में यूडीएफ 44.8% समर्थन के साथ आराम से आगे है। हालाँकि, महिला मतदाता लगभग समान रूप से विभाजित हैं, एलडीएफ के लिए 41.8% की मामूली बढ़त बनाम यूडीएफ के 40.6% के साथ। आयु के हिसाब से, युवा मतदाता (18-24) 47% समर्थन के साथ यूडीएफ का दृढ़ता से समर्थन करते हैं, जबकि वृद्ध मतदाता एलडीएफ की ओर थोड़ा झुकाव के साथ अधिक संतुलित प्राथमिकता दिखाते हैं। समुदाय के लिहाज से, एससी और दलित मतदाता 52.8% पर एलडीएफ के लिए एक मजबूत आधार बने हुए हैं, जबकि ओबीसी मतदाता भी वामपंथ की ओर झुकते हैं। उच्च जाति के हिंदू मतदाता तीन राजनीतिक गुटों में लगभग समान रूप से विभाजित हैं, भाजपा ने इस क्षेत्र में 30% के साथ अपना सबसे मजबूत समर्थन दर्ज किया है। इसके विपरीत, मुस्लिम मतदाता 54.2% के साथ यूडीएफ का जोरदार समर्थन करते हैं, जबकि ईसाई 58.3% के साथ इसके सबसे ठोस समर्थन आधार के रूप में उभरे हैं। यह भी पढ़ें: केरल चुनाव: क्या बिना सीटें जीते बीजेपी ने बढ़ाया अपना प्रभाव? डेटा क्या दिखाता है क्षेत्रीय स्तर पर, उत्तरी केरल मुस्लिम मतदाताओं के बीच अपने मजबूत प्रदर्शन के कारण यूडीएफ की बढ़त (एलडीएफ के लिए 45.1% बनाम 39.1%) दिखाता है। मध्य केरल अत्यधिक प्रतिस्पर्धी (41.5% यूडीएफ बनाम 40.5% एलडीएफ) बना हुआ है, जबकि दक्षिण केरल सबसे कठिन युद्धक्षेत्र (39.8% यूडीएफ बनाम 39.3% एलडीएफ) के रूप में उभरा है, जिसमें एनडीए 17% पर अपनी सबसे मजबूत क्षेत्रीय उपस्थिति दिखा रहा है। सीएम वरीयता नेतृत्व वरीयता के मामले में, सत्ता विरोधी लहर के संकेतों के बावजूद, सीपीएम के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन 31.8% समर्थन के साथ व्यक्तिगत रूप से आगे हैं। कांग्रेस नेता वीडी सतीसन 27.9% के साथ यूडीएफ अभियान के प्रमुख चेहरे के रूप में उभर रहे हैं। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा 9.4% के साथ व्यक्तिगत लोकप्रियता का आनंद ले रही हैं, जबकि लगभग 9.7% उत्तरदाता अनिर्णीत हैं। एग्जिट पोल से पता चलता है कि पिनाराई विजयन की व्यक्तिगत अपील के बावजूद, मतदाताओं की भावना बदलाव की ओर झुक सकती है, यूडीएफ को बहुमत की सीमा पार करने का अनुमान है। हालाँकि, संकीर्ण अंतर और सांख्यिकीय त्रुटि से संकेत मिलता है कि एलडीएफ को खारिज नहीं किया जा सकता है, खासकर एक करीबी मुकाबले में जहां मध्य और दक्षिण केरल के निर्णायक होने की उम्मीद है। हमेशा की तरह, एग्ज़िट पोल निर्णायक के बजाय सांकेतिक बने हुए हैं, और 4 मई को अंतिम परिणाम यह निर्धारित करेंगे कि केरल सरकार बदलने की अपनी परंपरा को जारी रखता है या इस बार इस चक्र को तोड़ता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 29 अप्रैल, 2026, 18:39 IST समाचार चुनाव एग्जिट पोल नतीजे केरल 2026: यूडीएफ को बहुमत का आंकड़ा पार करने का अनुमान, एलडीएफ पीछे अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)न्यूज18 एग्जिट पोल केरल 2026(टी)केरल न्यूज18 एग्जिट पोल(टी)केरल विधानसभा चुनाव एग्जिट पोल(टी)केरल एग्जिट पोल 2026(टी)केरल चुनाव एग्जिट पोल न्यूज18(टी)केरल चुनाव 2026 सीट अनुमान(टी)केरल चुनाव परिणाम भविष्यवाणी 2026
अडाणी पावर का चौथी तिमाही में मुनाफा 64% बढ़ा:यह ₹4,271 करोड़ रहा, रेवेन्यू भी 10% बढ़ा; नतीजों के बाद शेयर 2.5% गिरा

अडाणी पावर ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं, जिसमें कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 64% बढ़कर ₹4,271 करोड़ पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को ₹2,599 करोड़ का मुनाफा हुआ था। हालांकि, मुनाफे में इस बड़ी बढ़त के बावजूद बुधवार को कंपनी का शेयर करीब 2.48% गिरकर ₹217.80 पर बंद हुआ। रेवेन्यू ₹15,989 करोड़ पहुंचा, टैक्स में भारी कमी से मुनाफा बढ़ा कंपनी का कुल रिपोर्टेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 10% बढ़कर ₹15,989 करोड़ हो गया है। अगर इसमें से पिछले पीरियड्स के एडजस्टमेंट हटा दें, तो कंटीन्यूइंग रेवेन्यू 3.7% की बढ़त के साथ ₹15,059 करोड़ रहा। मुनाफे में आए इस तेज उछाल की मुख्य वजह टैक्स खर्च में आई भारी कमी है। इस तिमाही में कंपनी का टैक्स भुगतान पिछले साल के मुकाबले 83% कम रहा है। कंपनी के ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस और EBITDA में सुधार मार्केट में डिमांड के उतार-चढ़ाव के बावजूद कंपनी का ऑपरेटिंग प्रदर्शन मजबूत रहा है। कंपनी का रिपोर्टेड EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और एमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 27% बढ़कर ₹6,498 करोड़ रहा। वहीं कंटीन्यूइंग EBITDA में भी 9.3% की ग्रोथ देखी गई है, जो ₹5,573 करोड़ रही। यह दर्शाता है कि कंपनी की अंडरलाइंग अर्निंग में स्थिरता बनी हुई है। डिमांड में उतार-चढ़ाव और मर्चेंट मार्केट का दबाव 95% कैपेसिटी लॉन्ग टर्म एग्रीमेंट से सुरक्षित अडाणी पावर ने अपनी कमाई को स्थिर रखने के लिए लॉन्ग टर्म पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) पर फोकस बढ़ाया है। इस तिमाही में कंपनी ने महाराष्ट्र के साथ 1,600 MW और तमिलनाडु के साथ 558 MW के नए PPA साइन किए हैं। इसके साथ ही कंपनी की कुल ऑपरेटिंग कैपेसिटी का करीब 95% हिस्सा लॉन्ग और मीडियम टर्म एग्रीमेंट के तहत सुरक्षित हो गया है। कुल पावर सेल्स वॉल्यूम भी पिछले साल के 26.4 बिलियन यूनिट से बढ़कर 27.2 बिलियन यूनिट रहा। ये खबर भी पढ़ें… बजाज फाइनेंस का मुनाफा 22% बढ़कर ₹5,465 करोड़: निवेशकों को हर शेयर पर ₹6 डिविडेंड देगी कंपनी; राजीव बजाज बोर्ड से इस्तीफा देंगे बजाज फाइनेंस ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही (Q4) में ₹5,465 करोड़ का शुद्ध मुनाफा यानी नेट प्रॉफिट कमाया है। पिछले साल की इसी तिमाही के ₹4,480 करोड़ के मुकाबले इसमें 22% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कंपनी ने नतीजों के साथ ही यह भी जानकारी दी है कि राजीव बजाज बोर्ड से इस्तीफा दे रहे हैं। कंपनी के मुनाफे में इस उछाल की बड़ी वजह बैड लोन (फंसे हुए कर्ज) के लिए किए जाने वाले प्रोविजन में कमी आना है। पूरी खबर पढ़ें…
“बड़े घर की माताएं भी पी रही हैं”:नागपुर में पंडित धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर बवाल, कांग्रेस बोली- माफी मांगे

छतरपुर: नागपुर में देश के चर्चित कथावाचक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। नागपुर में आयोजित कथा के दौरान उन्होंने महिलाओं में बढ़ती शराब पीने की आदत पर टिप्पणी करते हुए कहा, “आजकल पुरुष तो छोड़िए, बड़े घरानों की माताएं भी पी रही हैं… बजरंग बली बचाएं।” उनके इस बयान के बाद सामाजिक और राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है। कथा के दौरान शास्त्री ने कहा कि जब माताएं ही “विचित्र संस्कार” अपनाने लगेंगी तो बच्चों पर उसका असर पड़ेगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भविष्य में ऐसे हालात हो सकते हैं कि बच्चे के रोने पर उसे भी शराब पिलाकर सुला दिया जाए। उन्होंने पुराने समय के संस्कारों और मर्यादाओं का जिक्र करते हुए कहा कि पहले लोग गलत काम करने से डरते थे, लेकिन अब स्थितियां बदल रही हैं। पहले भी बयानों पर हुआ है विवाद यह पहला मौका नहीं है जब शास्त्री के बयान चर्चा में आए हों। इससे पहले नागपुर में ही एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने चार बच्चे पैदा करने और उनमें से एक को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ या देश सेवा के लिए समर्पित करने की अपील की थी। इस बयान पर भी देशभर में विवाद हुआ था, जिसके बाद उन्होंने सफाई देते हुए कहा था कि बच्चे को सेना या डॉक्टर बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। महिला कांग्रेस का विरोध शास्त्री के ताजा बयान के बाद छतरपुर में विरोध तेज हो गया है। महिला कांग्रेस नेत्री दीप्ति पांडे ने बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि व्यासपीठ से इस तरह की टिप्पणी करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा, “पूरा देश उन्हें सुनता है, ऐसे में माताओं के लिए इस तरह के शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।” उन्होंने शास्त्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बच्चों की प्रथम गुरु मां होती है। और व्यास पीठ से इस तरह के बयान देना उचित नहीं है। शास्त्री से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की है, वरना वे सड़क पर उतरने को मजबूर होंगीं। लगातार बयानों से बढ़ रही सियासी गर्मी.. धार्मिक मंच से दिए जा रहे ऐसे बयानों ने एक बार फिर समाज और राजनीति के बीच बहस को तेज कर दिया है। समर्थक जहां इसे सामाजिक चेतावनी बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे महिलाओं के सम्मान के खिलाफ बता रहे हैं। नागपुर में शिवाजी महाराज पर दिया था बयान नागपुर के एक कार्यक्रम में धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शिवाजी महाराज को लेकर एक दावा किया था। उन्होंने कहा था कि शिवाजी महाराज युद्धों से थक गए थे। उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को त्यागने की इच्छा जताई थी। शास्त्री के अनुसार, महाराज अपना मुकुट लेकर गुरु समर्थ रामदास के पास पहुंचे थे। शिवाजी महाराज ने अपना मुकुट उनके चरणों में रख दिया था। शास्त्री ने यह भी कहा था कि तब गुरु रामदास ने मुकुट वापस शिवाजी के सिर पर रखा और उन्हें सिखाया कि थकान के बावजूद अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना ही सच्ची सेवा है। विवाद बढ़ा तो धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांगी विवाद बढ़ने पर धीरेंद्र शास्त्री ने माफी मांग ली थी। उन्होंने कहा था कि कुछ लोगों ने मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर पेश किया। हम उन लोगों की आलोचना कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे, जिनके स्वराज्य ने हमें ‘हिंदू राष्ट्र’ स्थापित करने के लिए प्रेरित किया। मैंने अपने शब्दों में महाराज और संतों के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करने का प्रयास किया था। उन्होंने कहा- छत्रपति शिवाजी महाराज में आस्था रखने वाले सभी लोग हमारे अपने हैं। अगर हम ऐसे मुद्दों पर आपस में बहस करेंगे, तो इससे केवल दूसरों को ही फायदा होगा। मेरा किसी के प्रति कोई गलत इरादा नहीं था, लेकिन अगर मैंने किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है, तो मैं माफी मांगता हूं।








