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Nifty 24,500 Level? Foreign Investors Return; US-Iran Talks Watch

Nifty 24,500 Level? Foreign Investors Return; US-Iran Talks Watch

मुंबई14 मिनट पहले

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कल 22 जून से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। 26 तारीख को मुहर्रम के चलते बाजार में केवल 4 दिन कारोबार होगा। अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की खरीदारी-बिकवाली से लेकर टेक्निकल फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे।

चलिए समझते हैं अगले हफ्ते बाजार में क्या हो सकता है…

सपोर्ट और रेजिस्टेंस

सपोर्ट जोन: 23,936 | 23,870 | 23,820 | 23,466 | 23,345 | 23,320

सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है।

रेजिस्टेंस जोन: 24,140 | 24,382 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646

रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है।

नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है।

5 फैक्टर्स जो तय करेंगे बाजार की दिशा…

1. अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद भी बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए 60 दिनों के सीजफायर पर सहमति बनी थी, लेकिन तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने एक बार फिर शनिवार को ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ बंद करने की घोषणा की है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इस दावे का गलत बताया।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर ईरान के साथ 60 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट में टोल लगाने पर विचार कर सकता है। यह शुल्क मिडिल-ईस्ट में सुरक्षा पर हुए खर्च की भरपाई के लिए होगा।

आज रविवार को अमेरिका और ईरान शांति वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड भी पहुंच चुके हैं। अमेरिकी डेलिगेशन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर हैं। वहीं, ईरानी डेलिगेशन का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघच कर रहे हैं।

2. IT शेयरों में जारी रह सकती है बिकवाली

शुक्रवार को बाजार की गिरावट में सबसे बड़ा हाथ आईटी सेक्टर का रहा। इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर 7% तक टूट गए। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी कंसल्टिंग कंपनी एक्सेंचर का रेवेन्यू ग्रोथ अनुमाना है।

एक्सेंचर ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को 3-5% से घटाकर 3-4% कर दिया है। इसके शेयरों में आई 11% की गिरावट आई। ऐसे में आने वाली तमीहियों में भारतीय आईटी कंपनियों के रेवेन्यू में भी गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे आईटी शेयर और गिर सकते हैं।

इसके अलावा टेक्निकल चार्ट पर आईटी इंडेक्स अपने शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है, जिससे कमजोरी और बढ़ने के संकेत हैं। इसके लिए 27,050–27,000 का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि 28,250–28,300 का जोन रेजिस्टेंस बना हुआ है।

3. विदेशी निवेशकों की बाजार में वापसी

लंबे समय तक बिकवाली करने के बाद विदेशी संस्थागत निवेशक एक बार फिर भारतीय बाजार में नेट बायर्स बन गए हैं। इस हफ्ते विदेशी निवेशकों ने बाजार में करीब 3,400 करोड़ रुपए का निवेश किया है। इसके साथ ही घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 7,100 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे।

कैटेगरी लेटेस्ट बीते 7 दिन बीते 30 दिन
DII -1,160 7,108 90,859
FII/FPI 4,859 3,386 -66,779

4. रुपए में स्थिरता से थोड़ी राहत

मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 94.32 के स्तर पर लगभग फ्लैट बंद हुआ। डी-रिस्क फॉरेक्स कंसलटेंसी के एमडी धवल शाह के मुताबिक, रिजर्व बैंकके कदमों और मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से रुपए को सपोर्ट मिला है।

5. एक्सपर्ट्स की राय और टेक्निकल सेटअप

SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी का ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है क्योंकि यह अपने 20-दिन और 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

बाजार में गिरावट आने पर 23,850-23,800 का जोन मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी 23,800 के नीचे फिसलता है, तो यह 23,500 के स्तर तक जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 24,150-24,200 का स्तर पहला रेजिस्टेंस है, जिसे पार करने पर निफ्टी 24,500 तक पहुंच सकता है।

नॉलेज पार्ट: क्या है ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’?

यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरा और बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है। दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देश अपने तेल निर्यात के लिए इसी रूट पर निर्भर हैं।

खबरें और भी हैं…
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कल 22 जून से शुरू होने वाले हफ्ते में शेयर बाजार में काफी हलचल रहने वाली है। 26 तारीख को मुहर्रम के चलते बाजार में केवल 4 दिन कारोबार होगा। अमेरिका-ईरान तनाव और विदेशी निवेशकों की खरीदारी-बिकवाली से लेकर टेक्निकल फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे।

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सपोर्ट जोन: 23,936 | 23,870 | 23,820 | 23,466 | 23,345 | 23,320

सपोर्ट यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को नीचे गिरने से सहारा मिलता है। यहां खरीदारी बढ़ने से कीमत आसानी से नीचे नहीं जाती। यहां खरीदारी का मौका हो सकता है।

रेजिस्टेंस जोन: 24,140 | 24,382 | 24,450 | 24,480 | 24,535 | 24,646

रेजिस्टेंस यानी, वह स्तर जहां शेयर या इंडेक्स को ऊपर जाने में रुकावट आती है। ऐसा बिकवाली बढ़ने से होता है। रजिस्टेंस जोन पार करने पर तेजी की उम्मीद रहती है।

नोट: सपोर्ट और रेजिस्टेंस के लेवल्स वेल्थ व्यू एनालिटिक्स की रिपोर्ट के अनुसार है।

5 फैक्टर्स जो तय करेंगे बाजार की दिशा…

1. अमेरिका-ईरान शांति समझौते के बाद भी बढ़ा तनाव

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए 60 दिनों के सीजफायर पर सहमति बनी थी, लेकिन तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने एक बार फिर शनिवार को ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’ बंद करने की घोषणा की है। हालांकि, अमेरिकी सेना ने इस दावे का गलत बताया।

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि अगर ईरान के साथ 60 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका भविष्य में होर्मुज स्ट्रेट में टोल लगाने पर विचार कर सकता है। यह शुल्क मिडिल-ईस्ट में सुरक्षा पर हुए खर्च की भरपाई के लिए होगा।

आज रविवार को अमेरिका और ईरान शांति वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड भी पहुंच चुके हैं। अमेरिकी डेलिगेशन में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर हैं। वहीं, ईरानी डेलिगेशन का नेतृत्व विदेश मंत्री अब्बास अराघच कर रहे हैं।

2. IT शेयरों में जारी रह सकती है बिकवाली

शुक्रवार को बाजार की गिरावट में सबसे बड़ा हाथ आईटी सेक्टर का रहा। इंफोसिस, टीसीएस, टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयर 7% तक टूट गए। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिकी कंसल्टिंग कंपनी एक्सेंचर का रेवेन्यू ग्रोथ अनुमाना है।

एक्सेंचर ने वित्त वर्ष 2026 के लिए अपने रेवेन्यू ग्रोथ के अनुमान को 3-5% से घटाकर 3-4% कर दिया है। इसके शेयरों में आई 11% की गिरावट आई। ऐसे में आने वाली तमीहियों में भारतीय आईटी कंपनियों के रेवेन्यू में भी गिरावट का अनुमान लगाया जा रहा है। इससे आईटी शेयर और गिर सकते हैं।

इसके अलावा टेक्निकल चार्ट पर आईटी इंडेक्स अपने शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे आ गया है, जिससे कमजोरी और बढ़ने के संकेत हैं। इसके लिए 27,050–27,000 का स्तर अहम सपोर्ट है, जबकि 28,250–28,300 का जोन रेजिस्टेंस बना हुआ है।

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मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच शुक्रवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 94.32 के स्तर पर लगभग फ्लैट बंद हुआ। डी-रिस्क फॉरेक्स कंसलटेंसी के एमडी धवल शाह के मुताबिक, रिजर्व बैंकके कदमों और मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने से रुपए को सपोर्ट मिला है।

5. एक्सपर्ट्स की राय और टेक्निकल सेटअप

SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह के मुताबिक, निफ्टी का ब्रॉडर ट्रेंड अभी भी पॉजिटिव है क्योंकि यह अपने 20-दिन और 50-दिन के एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज (EMA) से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

बाजार में गिरावट आने पर 23,850-23,800 का जोन मजबूत सपोर्ट का काम करेगा। अगर निफ्टी 23,800 के नीचे फिसलता है, तो यह 23,500 के स्तर तक जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ 24,150-24,200 का स्तर पहला रेजिस्टेंस है, जिसे पार करने पर निफ्टी 24,500 तक पहुंच सकता है।

नॉलेज पार्ट: क्या है ‘स्ट्रैट ऑफ होर्मुज’?

यह फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच स्थित एक संकरा और बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग है। दुनिया का करीब 20% कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, यूएई और कुवैत जैसे खाड़ी देश अपने तेल निर्यात के लिए इसी रूट पर निर्भर हैं।

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