‘बैलेट बॉक्स चाकू की कोशिश’, टीएमसी का बड़ा आरोप, कोलकाता में धरना, जारी किया सीसीटीवी वीडियो

पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद एक बार फिर से राजनीति गरमा गई है। कट्टरपंथियों के नेता शशि पांजा और कम्युनिस्ट घोषाल इंटरमीडिएट इंदौर स्टेडियम के बाहर स्ट्रॉन्ग रूम के सामने चित्र पर बैठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी और ईसीआई अधिकारी पार्टी के संबंधित सहयोगियों से संपर्क किए बिना बैलेट बॉक्स पर हमला करने की कोशिश कर रहे हैं। टीएमसी ने बैलेट बॉक्स बैलेट का आरोप लगाया सांसद घोष ने कहा, ‘आप चुनाव आयोग की लाइवस्ट्रीमिंग और सीसीटीवी कैमरों में देख सकते हैं कि अंदर कुछ लोग काम कर रहे हैं। हमारा कोई भी प्रतिनिधि अंदर नहीं है…वे हमें अंदर नहीं जाने दे रहे हैं। वे हमसे अन्य नामों से बात करने के लिए कह रहे हैं। हम दूसरे बिश्नोई की जिम्मेदारी क्यों लें?’ शशि पांजा ने कहा, ‘हमें चिंता है. कोई बदलाव नहीं होना चाहिए. हमें यह सब क्यों नहीं दिखाया जा रहा है?’ राहुल ने जारी किया सीसीटीवी वीडियो टीएमसी नेता ने दावा किया है कि उन्हें शक है कि स्ट्रैंग-रूम के अंदर से आतंकियों की कोई नापाक साजिश रची जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) को इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि स्ट्रांग-रूम के अंदर अंतिम चरण क्या चल रहा है। ❗️चिंताजनक❗️ यह दिनदहाड़े लोकतंत्र की हत्या है. सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा @बीजेपी4इंडियाके साथ सक्रिय मिलीभगत में @ECISVEEPकिसी भी संबंधित पार्टी हितधारकों की उपस्थिति के बिना मतपेटियाँ खोल रहा है। यह घोर चुनावी धोखाधड़ी है जो खुलेआम की जा रही है… pic.twitter.com/aSe36kGKPI – अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (@AITCofficial) 30 अप्रैल 2026 ममता बनर्जी ने ईवीएम से उम्मीदवारों की आपदा की संभावना जताई पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का एक वीडियो संदेश जारी करने के कुछ ही घंटे बाद शुरू हुआ। उस संदेश में ममता बनर्जी ने मोस्ट से स्ट्रॉंग-रूम की शिपरी करने की पोस्टिंग की थी। उन्होंने यह भी कहा कि वह 4 मई की सुबह से शुरू होकर दोपहर के भोजन के बाद सैंडविच पर उतरकर स्ट्रैंग-रूम की दीवार पर चढ़ गए। उत्तरी कोलकाता की बेलियाघाटा विधानसभा सीट से इस बार ऑर्थोडॉक्स कांग्रेस के उम्मीदवार घोष के, खुदीराम अनुशीलन केंद्र स्ट्रांग-रूम के सामने स्थित ओल्ड कांग्रेस के कार्यकर्ता दोपहर 3:30 बजे तक मौजूद थे। टीएमसी के चुनाव आयोग पर बड़ा आरोप घोष ने आगे कहा, ‘दोपहर में सेंट्रल सेन्ट्रल ने उन्हें वहां से हटा दिया।’ इसी बीच, अचानक मुझे एक ईमेल भेजा गया जिसमें बताया गया कि स्ट्रैंग-रूम शाम 4.00 बजे फिर से खोला गया। टैब हमने पार्टी वैयक्तिकता से संपर्क पर फोन किया। हमने अनुरोध किया कि वे अभी भी कहीं भी मौजूद हैं। उन्होंने बताया कि वे वहां से जा चुके हैं. तब हम दोनों तत्काल उस स्थान के लिए प्रस्थान हो गए। अब वे हमें अंदर नहीं जाने दे रहे हैं, जबकि बीजेपी के लोग अंदर बुला रहे हैं।’ शशि पांजा ने कहा कि इस चुनाव में स्ट्रांग-रूम की पहरेदारी का मित्र अत्यंत प्रिय है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर स्ट्रांग-रूम खोला गया था, तो हर राजनीतिक दल को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गयी? (टैग्सटूट्रांसलेट)ब्रेकिंग न्यूज(टी)एबीपी न्यूज(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता(टी)ममता बनर्जी(टी)कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)कोलकाता(टी)कोलकाता
भारत में मिलने वाले ये 10 गर्मियों के फल, जिन्हें आप भुला चुके हैं, फायदे और स्वाद में जबरदस्त, आपके फलों की लिस्ट में हैं शामिल?

Forgotten summer fruits from india: खानपान में मौसमी चीजों को जरूर शामिल करना चाहिए. सर्दियों में जो फल-सब्जियां मिलती हैं, उसे जरूर खाना चाहिए. उसी तरह गर्मियों में मिलने वाले फलों, हरी सब्जियों को भी अपनी डाइट में हर दिन शामिल करना जरूरी है. गर्मी के मौसम में कई ऐसे फल होते हैं, जो पानी से भरपूर होते हैं. जैसे खरबूजा, तरबूज, ककड़ी, खीरा, लीची, आम आदि. इन फलों का सेवन तो आप हर दिन करते हैं, लेकिन गर्मियों में मिलने वाली फलों की लिस्ट यहीं समाप्त नहीं होती है. कई ऐसे फल भी हैं, जिनको लोग भूल चुके हैं. इनमें से कुछ तो मार्केट में मिलते भी हैं, लेकिन लोग इन्हें कम ही खरीदते हैं. आपको यहां कुछ ऐसे फलों के बारे में बता रहे हैं, जो गर्मियों के लिए बेस्ट और बेहद ही फायदेमंद साबित होते हैं, लेकिन लोग इनका सेवन न के बराबर करते हैं. फालसा- डार्क बैंगनी रंग का फालसा फल गर्मियों में खाए जाने वाला फल है, लेकिन काफी लोग इसके बारे में नहीं जानते या इसे बेकार समझ कर खरीदते नहीं हैं. फालसा शरीर को ठंडक देता है. स्वाद में खट्टा-मीठा फालसा खाने से पाचन दुरुस्त रहता है. शरीर को कई फायदे मिलते हैं. लसोड़ा- शायद आपने इस फल का नाम ना सुना हो, लेकिन ये गर्मियों में खाया जाने वाला फल है. इसे इंग्लिश में ग्लू बेरी (Glue berry) कहते हैं. लसोड़ा की तासीर ठंडी होती है. ऐसे में गर्मियों में ये शरीर को ठंडक प्रदान करता है. गैस दूर करता है, पेट को हेल्दी रखता है. पेट की गर्मी, कब्ज आदि को दूर करता है. ये देखने में हरे रंग का गोल और छोटा सा एक जंगली फल है. इससे अचार और सब्जी बनती है. हालांकि, यह सिर्फ दो महीने मई और जून में ही मिलता है. भोजन में इसके कम उपयोग के कारण शहरों में ये बहुत अधिक नजर नहीं आता है. लसोड़ा फल सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. जंगली जलेबी- जलेबी की तरह टेढ़ी-मेढ़ी दिखने वाली जंगली जलेबी एक जंगली फल है. इसके अंदर काला बीज होता है. इसके अंदर मीठा, सफेद रंग का गूदा होता है. ये एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन सी, प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस आदि से भरपूर होती है. इसे खाने से पाचन सही रहता है. इम्यूनिटी बूस्ट होती है. हड्डियां मजबूत होती हैं. हालांकि, अब जंगली जलेबी की खेती बहुत कम होती है, जिससे ये नॉर्मल मार्केट में नहीं मिलती है. जंगली जलेबी करोंदा- यह छोटा सा अंडाकार और रंग में सफेद-गुलाबी होता है, जिसका अचार भी बनता है. स्वाद में खट्टे करोंदे को भारत की जंगली क्रैनबेरी भी कहते हैं. हालांकि, इसका सेवन अब अचार तक ही सीमित हो गया है. वैसे आपको ठेले पर करोंदा दिखे तो जरूर खरीद कर इसे खाएं. सेहत के लिए बेहद फायदेमंद है ये फल. गर्मियों में आप सब्जी, चटनी बनाकर सेवन कर सकते हैं. विटामिन सी, आयरन से भरपूर करोंदा, पाचन तंत्र, इम्यूनिटी, ब्लड प्रेशर को सही रखता है. शहतूत- इस फल का रंग डार्क बैंगनी होता है. इसका स्वाद मीठा होता है. ये फल जल्दी खराब हो जाता है, इसलिए मार्केट में ये जल्दी नहीं दिखाई देता है. गर्मियों में ये पाचन सही रखता है. इम्यूनिटी बूस्ट करता है. खून की कमी दूर करता है. कोलेस्ट्रॉल को नॉर्मल करता है. हार्ट डिजीज, कैंसर, शुगर लेवल हाई होने से बचाता है. आपको कहीं भी इस मौसम में शहतूत दिखे तो इसे जरूर खाएं. शहतूत फल कमरख- काटने पर सितारे जैसी बनावट में दिखने वाला कमरख यानी स्टार फ्रूट स्वाद में खट्टा-मीठा होता है. गर्मियों में इसे खाने से शरीर डिहाइड्रेशन से बचा रहता है. हालांकि, कमरख का सेवन लोग बहुत ही कम करते हैं. यह विटामिन सी, फाइबर से भरपूर होता है. पाचन तंत्र के लिए हेल्दी है. रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. रामफल- ये फल सीताफल (custard apple) का ही एक रिश्तेदार. यह फल तब अधिक पकता है, जब गर्मी अपने चरम पर होती है. इसकी बनावट सीताफल जैसी होती है, लेकिन यह कम मीठा और अधिक मिट्टी जैसा स्वाद वाला होता है. ऐसा माना जाता है कि यह शरीर को भीषण गर्मी और धूप से होने वाली एलर्जी से निपटने में मदद करता है. रामफल खिरनी- ये फल भी गर्मियों का है, जो पौष्टिक तत्वों से भरपूर होता है. यह भारतीय जंगलों में पाया जाता है. पीले-नारंगी रंग का ये छोटा सा फल स्वाद में मीठा होता है. फाइबर, प्रोटीन, एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर ये फल गर्मियों में मई के महीने में कुछ ही दिनों के लिए मिलता है. संभवत: इसलिए भी अधिकतर लोग इस फल के बारे में नहीं जानते होंगे. यह फल जल्दी खराब हो जाता है, इसलिए व्यावसायिक रूप से ये फल बहुत कम दिखाई देता है. कोकम – यह चमकीला लाल फल गर्मियों में मिलने वाला एक दुर्लभ फ्रूट है. स्वाद में ये बेहद खट्टा होता है. यह कुछ ही दिनों में खराब हो जाता है. गर्मियों में इससे एनर्जी ड्रिंक, शरबत बनाकर पी सकते हैं. कोकम (Garcinia indica) एक प्राकृतिक शीतलक है, जो गर्मियों में शरीर को ठंडक, हाइड्रेशन प्रदान करता है. लू से बचाता है. पाचन दुरुस्त रखता है. वजन घटाता है. इसकी तासीर ठंडी होती है. कोकम फल चलता – पूर्वी भारत के दलदलों और जंगलों में पाया जाने वाला यह फल कठोर, कुरकुरे कवर से सुरक्षित रहता है. इसका स्वाद खट्टा-कड़वा होता है. चटनी और दाल में इसका उपयोग अभी भी होता है, लेकिन आजकल गर्मियों में कच्चे फल के रूप में इसकी खपत तेजी से घट रही है.
सीएम के संभावित निरीक्षण की सुगबुगाहट, प्रशासन अलर्ट:कलेक्टर समेत एसडीएम अलग-अलग गेहूं उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे; एक केंद्र प्रभारी को नोटिस

सीएम डॉ. मोहन यादव प्रदेश के प्रदेश में उपार्जन केंद्रों का औचक निरीक्षण की सुगबुगाहट के चलते रतलाम प्रशासनिक अमला अलर्ट हो गया है। गुरुवार को रतलाम कलेक्टर समेत सभी एसडीएम ने अपने क्षेत्रों में जाकर गेहूं उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था देखी। कलेक्टर मिशा सिंह ने जावरा अनुविभाग के रोजना में एसएस वेयरहाउस का आकस्मिक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने तौल कांटों का सत्यापन करवाया। कंप्यूटर के माध्यम से संचालित ऑनलाइन प्रक्रिया को देखा। मॉइश्चर मशीन से गेहूं की नमी की जांच समक्ष में करवाई। टैगिंग व्यवस्था देखी। टैगिंग कार्य निर्देशानुसार नहीं किए जाने पर केंद्र प्रभारी को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने किसानो से संवाद कर उपार्जन प्रक्रिया, उपलब्ध सुविधाओं एवं केंद्रों पर की जा रही व्यवस्थाओं के जानकारी प्राप्त की। समस्याओं का समाधान करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। गर्मी की स्थिति को देखते हुए खरीदी केंद्र पर ठंडा पेयजल, ओआरएस के पैकेट आदि व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। धूप से बचने के लिए छाया की व्यवस्था करने को कहा। किसानों की संख्या को देखते हुए तुलाई कार्य के लिए तौल कांटो एवं हम्मालों की संख्या बढ़ाने को भी कहा। शहर एसडीएम मां उमिया वेयर हाउस पहुंची रतलाम शहर एसडीएम आर्ची हरित ने मां उमिया वेयर हाउस का निरीक्षण किया। वर्तमान में 4 तौल मशीनों के माध्यम से कार्य किया जा रहा है, जिन्हें बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही 21 हम्माल कार्यरत पाए गए। जिनकी संख्या बढ़ाने के लिए मंडी सचिव से समन्वय करने को कहा। सैलाना एसडीएम ने सरवन केंद्र देखा सैलाना एसडीएम सैलाना तरूण जैन ने सरवन स्थित केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण। केंद्र पर कुल 153 स्लॉट बुक किए गए थे, जिनमें से 93 किसानों से खरीदी की जाना पाया। एसडीएम द्वारा बोरों का वजन समक्ष में तुलवाकर सत्यापन किया। एसडीएम ने केंद्रों पर अतिरिक्त हम्माल एवं तौल कांटे लगाने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
Anil Ambani 40,000 Cr Fraud Case

Hindi News Business Anil Ambani 40,000 Cr Fraud Case | Supreme Court ED Debate, Arrest Question नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक अनिल अंबानी की कंपनियों से जुड़े 40,000 करोड़ रुपए के लोन फ्रॉड मामले में सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस हुई। याचिकाकर्ता वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट में पूछा कि जब सेबी (SEBI) खुद अनिल अंबानी को इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बता चुकी है, तो फिर उन्हें अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? इस सवाल पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच एजेंसियां इस बात का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं कि उन्होंने किसी ‘X’ या ‘Y’ व्यक्ति को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया। एजेंसियों ने दर्ज कीं दो नई FIR सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को जानकारी दी कि जांच के दौरान कुछ नए सबूत मिलने के बाद एजेंसियों ने 2 नई FIR दर्ज की हैं। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और वे व्यक्तिगत गिरफ्तारी के सवालों पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकते। इससे पहले प्रशांत भूषण ने तर्क दिया था कि ED ने इस मामले में कुछ छोटे कर्मचारियों को तो गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य आरोपी अनिल अंबानी पर अब तक वैसी कार्रवाई नहीं हुई है। रिलायंस कम्युनिकेशंस के फाउंडर हैं अनिल अंबानी। (फाइल फोटो) 40,000 करोड़ के फ्रॉड की जांच, 8 मई को अगली सुनवाई CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने अब इस मामले को 8 मई के लिए टाल दिया है। उस दिन ED और CBI द्वारा दाखिल की गई नई ‘स्टेटस रिपोर्ट’ पर विचार किया जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह आगे कोई भी निर्देश जारी करने से पहले इन जांच एजेंसियों की विस्तृत रिपोर्ट देखना चाहता है। 2,983 करोड़ का कर्ज सिर्फ 26 करोड़ में सेटल हुआ पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ED की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए हैरानी जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल अंबानी ग्रुप की कुछ कंपनियों का 2,983 करोड़ रुपए का कर्ज इन्सॉल्वेंसी (दिवाला) प्रक्रिया के दौरान महज 26 करोड़ रुपए में सेटल कर दिया गया था। कोर्ट ने यह भी पाया कि इन अधिग्रहणों को 8 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) ने “प्रोजेक्ट हेल्प” के जरिए सुगम बनाया था। IBC प्रक्रिया के दुरुपयोग पर CJI की चिंता सीजेआई सूर्यकांत ने दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC) प्रक्रिया के बढ़ते दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं जहां दिवालिया कंपनियां अपनी संपत्तियों को अपने ही परिवार के सदस्यों या दोस्तों को बहुत कम कीमतों पर नीलाम कर देती हैं। उन्होंने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए एजेंसियों को तेजी से जांच करने के निर्देश दिए। ₹584 करोड़ का कर्ज ₹85 करोड़ में निपटाया सुनवाई के दौरान एक लेनदार के वकील ने एक चौंकाने वाला उदाहरण पेश किया। उन्होंने बताया कि एक पूरी तरह सक्षम कंपनी जो हर महीने 8.5 करोड़ रुपए का टोल वसूल रही थी, उसने खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन किया। बाद में उस कंपनी का 584 करोड़ रुपए का कर्ज महज 85 करोड़ रुपए में निपटा दिया गया। इस तरह कंपनी कर्जमुक्त होकर बाहर आ गई और कर्ज देने वालों को भारी नुकसान हुआ। कोर्ट ने कहा कि अगर जांच से जुड़ा कोई भी ऐसा सबूत है, तो एजेंसियां उसे संज्ञान में लें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Anil Ambani 40,000 Cr Fraud Case

Hindi News Business Anil Ambani 40,000 Cr Fraud Case | Supreme Court ED Debate, Arrest Question नई दिल्ली24 मिनट पहले कॉपी लिंक अनिल अंबानी की कंपनियों से जुड़े 40,000 करोड़ रुपए के लोन फ्रॉड मामले में सुप्रीम कोर्ट में तीखी बहस हुई। याचिकाकर्ता वकील प्रशांत भूषण ने कोर्ट में पूछा कि जब सेबी (SEBI) खुद अनिल अंबानी को इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड बता चुकी है, तो फिर उन्हें अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? इस सवाल पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जांच एजेंसियां इस बात का जवाब देने के लिए बाध्य नहीं हैं कि उन्होंने किसी ‘X’ या ‘Y’ व्यक्ति को अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया। एजेंसियों ने दर्ज कीं दो नई FIR सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को जानकारी दी कि जांच के दौरान कुछ नए सबूत मिलने के बाद एजेंसियों ने 2 नई FIR दर्ज की हैं। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और वे व्यक्तिगत गिरफ्तारी के सवालों पर प्रतिक्रिया नहीं दे सकते। इससे पहले प्रशांत भूषण ने तर्क दिया था कि ED ने इस मामले में कुछ छोटे कर्मचारियों को तो गिरफ्तार किया है, लेकिन मुख्य आरोपी अनिल अंबानी पर अब तक वैसी कार्रवाई नहीं हुई है। रिलायंस कम्युनिकेशंस के फाउंडर हैं अनिल अंबानी। (फाइल फोटो) 40,000 करोड़ के फ्रॉड की जांच, 8 मई को अगली सुनवाई CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस मामले की सुनवाई की। कोर्ट ने अब इस मामले को 8 मई के लिए टाल दिया है। उस दिन ED और CBI द्वारा दाखिल की गई नई ‘स्टेटस रिपोर्ट’ पर विचार किया जाएगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि वह आगे कोई भी निर्देश जारी करने से पहले इन जांच एजेंसियों की विस्तृत रिपोर्ट देखना चाहता है। 2,983 करोड़ का कर्ज सिर्फ 26 करोड़ में सेटल हुआ पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने ED की एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए हैरानी जताई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अनिल अंबानी ग्रुप की कुछ कंपनियों का 2,983 करोड़ रुपए का कर्ज इन्सॉल्वेंसी (दिवाला) प्रक्रिया के दौरान महज 26 करोड़ रुपए में सेटल कर दिया गया था। कोर्ट ने यह भी पाया कि इन अधिग्रहणों को 8 गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) ने “प्रोजेक्ट हेल्प” के जरिए सुगम बनाया था। IBC प्रक्रिया के दुरुपयोग पर CJI की चिंता सीजेआई सूर्यकांत ने दिवाला और दिवालियापन संहिता (IBC) प्रक्रिया के बढ़ते दुरुपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं जहां दिवालिया कंपनियां अपनी संपत्तियों को अपने ही परिवार के सदस्यों या दोस्तों को बहुत कम कीमतों पर नीलाम कर देती हैं। उन्होंने इसे एक गंभीर मुद्दा बताते हुए एजेंसियों को तेजी से जांच करने के निर्देश दिए। ₹584 करोड़ का कर्ज ₹85 करोड़ में निपटाया सुनवाई के दौरान एक लेनदार के वकील ने एक चौंकाने वाला उदाहरण पेश किया। उन्होंने बताया कि एक पूरी तरह सक्षम कंपनी जो हर महीने 8.5 करोड़ रुपए का टोल वसूल रही थी, उसने खुद को दिवालिया घोषित करने के लिए आवेदन किया। बाद में उस कंपनी का 584 करोड़ रुपए का कर्ज महज 85 करोड़ रुपए में निपटा दिया गया। इस तरह कंपनी कर्जमुक्त होकर बाहर आ गई और कर्ज देने वालों को भारी नुकसान हुआ। कोर्ट ने कहा कि अगर जांच से जुड़ा कोई भी ऐसा सबूत है, तो एजेंसियां उसे संज्ञान में लें। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
श्रीलंका विमेंस ने बांग्लादेश से टी20 सीरीज जीती:दूसरे टी-20 में 21 रन से हराया; तीन मैच की सीरीज में 2-0 से आगे

श्रीलंका महिला टीम ने सिलहट में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में बांग्लादेश को 21 रन से हराकर 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 154 रन बनाए, जवाब में बांग्लादेश निर्धारित ओवर में 5 विकेट पर रन ही बना सकी। हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंद पर 49 रन बनाए श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने 22 रन पर ही हसीनी परेरा का विकेट गंवा दिया। वह 11 गेंद पर 9 रन बनाकर आउट हुई। दूसरे विकेट के लिए कप्तान चमारी अटापट्टू और इमेशा दुलानी के बीच 44 रन की साझेदारी हुई। इमेशा ने 25 गेंद पर 27 रन, जबकि अटापट्टू ने 37 गेंद पर 42 रन बनाए। श्रीलंका ने आखिरी 4 ओवर में 60 रन बनाए। इस दौरान हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंदों पर 49 रन की पारी खेली। उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के लगाए। नीलाक्षिका सिल्वा ने नाबाद 22 रन बनाए। बांग्लादेश की ओर से फारिहा, सुल्ताना, नाहिदा और रितु ने 1-1 विकेट लिए। श्रीलंकाई स्पिनर्स के सामने बांग्लादेश ने घुटने टेके बांग्लादेश के लिए दिलारा अख्तर और जुएरिया फर्दोस की ओपनिंग जोड़ी ने 46 रन जोड़े। पावरप्ले के बाद श्रीलंका के स्पिनर्स ने रन गति को धीमा रखा। 7 से 14 ओवर तक बांग्लादेश सिर्फ 39 रन ही जोड़ सकी और 4 विकेट गवां दिए। इसके बाद जरुरी रन रेट बढ़ता ही गया और बांग्लादेश मैच हार गई। शर्मीन अख्तर ने 47 गेंद पर नाबाद 44 रन की धीमी पारी खेली और बांग्लादेश की टॉप स्कोरर रही। श्रीलंकाई स्पिनर कविशा दिल्हारी ने 4 ओवर में 15 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। स्पिनर्स के 12 ओवर में सिर्फ 50 रन ही बने। पहले मैच में श्रीलंका ने 25 रन से जीत दर्ज की थी। 2 मई को सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच खेला जाएगा। स्पोर्ट्स यह खबर भी पढ़ें… रियान पराग पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगा:ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते दिखे थे, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मैच रेफरी ने उन पर कड़ा एक्शन लेते हुए जुर्माना और पेनल्टी पॉइंट लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…
श्रीलंका विमेंस ने बांग्लादेश से टी20 सीरीज जीती:दूसरे टी-20 में 21 रन से हराया; तीन मैच की सीरीज में 2-0 से आगे

श्रीलंका महिला टीम ने सिलहट में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में बांग्लादेश को 21 रन से हराकर 2-0 से अजेय बढ़त बना ली। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी श्रीलंका ने 20 ओवर में 4 विकेट खोकर 154 रन बनाए, जवाब में बांग्लादेश निर्धारित ओवर में 5 विकेट पर रन ही बना सकी। हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंद पर 49 रन बनाए श्रीलंका की शुरुआत खराब रही। टीम ने 22 रन पर ही हसीनी परेरा का विकेट गंवा दिया। वह 11 गेंद पर 9 रन बनाकर आउट हुई। दूसरे विकेट के लिए कप्तान चमारी अटापट्टू और इमेशा दुलानी के बीच 44 रन की साझेदारी हुई। इमेशा ने 25 गेंद पर 27 रन, जबकि अटापट्टू ने 37 गेंद पर 42 रन बनाए। श्रीलंका ने आखिरी 4 ओवर में 60 रन बनाए। इस दौरान हर्षिता समराविक्रमा ने 29 गेंदों पर 49 रन की पारी खेली। उन्होंने 4 चौके और 2 छक्के लगाए। नीलाक्षिका सिल्वा ने नाबाद 22 रन बनाए। बांग्लादेश की ओर से फारिहा, सुल्ताना, नाहिदा और रितु ने 1-1 विकेट लिए। श्रीलंकाई स्पिनर्स के सामने बांग्लादेश ने घुटने टेके बांग्लादेश के लिए दिलारा अख्तर और जुएरिया फर्दोस की ओपनिंग जोड़ी ने 46 रन जोड़े। पावरप्ले के बाद श्रीलंका के स्पिनर्स ने रन गति को धीमा रखा। 7 से 14 ओवर तक बांग्लादेश सिर्फ 39 रन ही जोड़ सकी और 4 विकेट गवां दिए। इसके बाद जरुरी रन रेट बढ़ता ही गया और बांग्लादेश मैच हार गई। शर्मीन अख्तर ने 47 गेंद पर नाबाद 44 रन की धीमी पारी खेली और बांग्लादेश की टॉप स्कोरर रही। श्रीलंकाई स्पिनर कविशा दिल्हारी ने 4 ओवर में 15 रन देकर 2 विकेट लिए। उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। स्पिनर्स के 12 ओवर में सिर्फ 50 रन ही बने। पहले मैच में श्रीलंका ने 25 रन से जीत दर्ज की थी। 2 मई को सीरीज का तीसरा और आखिरी मैच खेला जाएगा। स्पोर्ट्स यह खबर भी पढ़ें… रियान पराग पर मैच फीस का 25% जुर्माना लगा:ड्रेसिंग रूम में ई-सिगरेट पीते दिखे थे, एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला पंजाब किंग्स के खिलाफ मैच के दौरान राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग को IPL के कोड ऑफ कंडक्ट के उल्लंघन का दोषी पाया गया है। मैच रेफरी ने उन पर कड़ा एक्शन लेते हुए जुर्माना और पेनल्टी पॉइंट लगाया है। पूरी खबर पढ़ें…
टॉफ़ज चाणका- ममता को 71 प्रतिशत पीडियातों का वोट, पिज्जाओं और बीडों ने किसका दिया साथ

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 छिटपुत हिंसा की खबरें के साथ हुआ। राज्य में पहले चरण में 93.13 प्रतिशत और दूसरे चरण में 91.66 प्रतिशत मतदान हुआ, जो आजादी के बाद अब तक का सर्वोच्च मतदान है। इस रिकॉर्ड वोटिंग को बीजेपी और आउटडोर दोनों ही गियर अपने पक्ष में बता रही है। इस बीच गुरुवार (30 अप्रैल 2026) कोज टैगा की ओर से जारी एलेक्टिट पोल में बंगाल में बीजेपी को प्रचंड के बहुमत मिलने की संभावना है। बंगाल में बीजेपी को बहुमत: नवीनतम चाणक जेएस चाना एलेक्टिट पोल में बीजेपी को 192, लोकप्रियता को 100 और अन्य को 2 सीटें मिलने की संभावना है। वोट शेयर की बात करें तो बीजेपी को सबसे ज्यादा 48 प्रतिशत, आंध्र प्रदेश को 38 प्रतिशत और अन्य को 14 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं। सर्वे में दावा किया गया है कि ओबीसी और दलितों का वोट बीजेपी के पक्ष में है तो वहीं मुसलमानों का ज्यादातर वोट ममता बनर्जी के पक्ष में है. ममता को 71 फीसदी पराठे का वोट टुडेज चानाचा एलेक्टिट पोल के मुताबिक पश्चिम बंगाल में 71 फीसदी मुसलमानों ने ममता बनर्जी की पार्टी गठबंधन के गठबंधन को वोट दिया है। वहीं सिर्फ 8 फीसदी मुसलमानों ने बीजेपी को वोट दिया है. हालाँकि बीजेपी को एकजुटता और SC/ST का साथ मिला है। सर्वे के नतीजे तो 61 फीसदी वोटर्स ने बीजेपी को वोट दिए और 27 फीसदी ने बीजेपी को वोट दिए. इसके अलावा 67 फीसदी एसटी और 53 फीसदी एसटी ने बीजेपी को वोट दिया है. इसके अलावा 22 फीसदी एसटी और 40 फीसदी एसटी को वोट दिया गया। पश्चिम बंगाल चुनाव में बीजेपी ने घुसपैठियों और महिला सुरक्षा को सबसे बड़ा झटका दिया था. अगर एकांकीत पोल के ये आंकड़े सही साबित होते हैं तो रोजगार के लिए ये बड़ा झटका साबित होगा। क्योंकि लगातार चौथी जीत के साथ ममता बनर्जी 2029 लोकसभा चुनाव से पहले खुद को बीजेपी के खिलाफ सबसे मजबूत चेहरा स्थापित कर सकती हैं। ममता बनर्जी का अमित शाह पर बड़ा आरोप आतंकी संगठन प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के सीधे निर्देश पर केंद्रीय बल भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एक्जिट पोल के अध्ययन से बीजेपी के निर्देशों पर प्रसारित किए गए सोंकेल कांग्रेस के तत्वों का एडवांटेज जा सके। ये भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: बीजेपी की जीत के अनुमान से उड़ी सीएम ममता की नींद, चुनावी पोल के बाद आया पहला बयान, बोली- मैं दो रात से…
जालंधर की युवती की ओमान में संदिग्ध मौत:मां ने एजेंट पर शारीरिक शोषण-उत्पीड़न का लगाया आरोप; आरोपी दफ्तर बंद कर फरार

जालंधर के आबादपुरा की रहने वाली एक मां ने अपनी बेटी अंकिता की ओमान में हुई संदिग्ध मौत के लिए एक ट्रैवल एजेंट पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मां का दावा है कि एजेंट ने उसे धोखे से विदेश भेजा, जहां उसका शारीरिक शोषण और मानसिक उत्पीड़न किया गया। 24 अप्रैल को अंकिता की मौत की खबर मिलने के बाद आरोपी एजेंट दफ्तर बंद कर फरार है। पीड़ित परिवार ने पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी की गिरफ्तारी और बेटी के शव को वापस लाने की मांग की है। सुनहरे भविष्य का झांसा देकर बुना मौत का जाल आबादपुरा की निवासी मोनिका ने अपनी बेटी अंकिता के बेहतर भविष्य के लिए एक विज्ञापन देखकर एजेंट जसकरण सिंह से संपर्क किया था। अंबिका टावर स्थित ‘जे.आर. एंटरप्राइजेज’ के मालिक जसकरण ने भरोसा दिलाया था कि अंकिता को ओमान में घरेलू काम के लिए 30,000 रुपये प्रति माह वेतन मिलेगा। इस झांसे में आकर परिवार ने 71,000 रुपये और पासपोर्ट सौंप दिए, जिसके बाद 2 अक्टूबर 2025 को अंकिता को दिल्ली से ओमान भेज दिया गया। फोन पर रो-रोकर सुनाती थी प्रताड़ना ओमान पहुंचने के कुछ समय बाद ही अंकिता के साथ दुर्व्यवहार शुरू हो गया। वह 22 अप्रैल तक अपनी मां के संपर्क में रही। फोन पर वह अकसर रोते हुए बताती थी कि वहां उसका शारीरिक शोषण किया जा रहा है और उसे बुरी तरह पीटा जाता है। मां ने जब एजेंट जसकरण से अपनी बेटी को वापस बुलाने की गुहार लगाई, तो वह हर बार झूठे दिलासे देकर उन्हें टालता रहा। 24 अप्रैल को आई मौत की खबर अंकिता का संपर्क 22 अप्रैल के बाद अचानक टूट गया। इसके बाद ओमान में काम करने वाली एक अन्य महिला ने फोन कर परिवार को झकझोर देने वाली खबर दी। उसने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को अंकिता की मौत हो गई है। उस महिला ने भी पुष्टि की कि अंकिता को भारी शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा था। जैसे ही अंकिता की मौत की खबर फैली, आरोपी एजेंट जसकरण अपना दफ्तर बंद कर फरार हो गया। पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग बेटी को खो चुकी लाचार मां ने अब पुलिस कमिश्नर के पास इंसाफ की अपील की है। उन्होंने मांग की है कि एजेंट को विदेश भागने से पहले गिरफ्तार किया जाए और अंकिता के शव को भारत लाने की व्यवस्था की जाए। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। यह घटना एक बार फिर उन फर्जी एजेंटों के काले सच को उजागर करती है जो मासूमों को सुनहरे सपनों के नाम पर मौत के कुएं में धकेल देते हैं।
गर्मियों में फ्रूट कस्टर्ड रेसिपी: गर्मी में बिना चीनी के घर में बनी क्रीमी पसंद कस्टर्ड, बच्चे भी हो जाएंगे दीवाने; नोट करें आसान रेसिपी

सामग्री: 2 कप दूध, 1 बड़ा चम्मच कस्टर्ड पाउडर, 1 कप कटे हुए फल, 5-6 खजूर या 2 नारियल शहद, 4-5 बादाम, 4-5 काजू, 2-3 इलायची। आप क्रूड तो केवल एक नमूना का उपयोग करके भी कस्टर्ड तैयार कर सकते हैं। छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: एक पैन में दूध को मध्यम आंच पर गर्म करें। छोटे सा दूध के अलग-अलग हिस्सों में कस्टर्ड पाउडर नासा लें ताकि गुठलियां न रहें। छवि: फ्रीपिक जब दूध के मसाले लगें, तो इसमें कस्टर्ड वाला मिक्स और लगातार मसाले शामिल रहते हैं। 3-4 मिनट में दूध की उछाल होना। अब कटे हुए खजूर या रखे हुए नारियल। छवि: एआई गैस बंद करके कस्टर्ड को ठंडा होने दें। फिर इसे फ़र्ज़ी में 1-2 घंटे के लिए रख लें। सर्व करने से पहले इसमें कटे हुए चित्र शामिल करें और अच्छे से मिक्स करें। छवि: फ्रीपिक कूल-ठंडा डॉयलेक कस्टर्ड बाउल में शुरुआती और ऊपर से कुछ डॉक्युमेंट्री सहायक उपकरण सर्व कर सकते हैं। आप इसे कोचिंग के साथ भी खरीद सकते हैं। छवि: एआई अनानास या कीवी कास्ट जैसे बहुत से आद्योपांत फल को गोद में लेने से इसका स्वाद प्रभावित हो सकता है। हमेशा फल ठंडा होने के बाद ही, अन्य कस्टर्ड वसा प्राप्त की जा सकती है। छवि: फ्रीपिक यदि अधिक मात्रा में क्रीमी टेक्सचर चाहिए तो थोड़ी सी क्रीम भी मिल सकती है। गर्मी में यह बिना चीनी वाला लाइका कस्टर्ड न केवल स्वादिष्ट होता है, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी मज़ेदार है। छवि: फ्रीपिक इससे कस्टर्ड में शामिल हो जाएंगे और चीनी की जरूरत नहीं होगी। इलायची पाउडर और बैलेस्टिक्स स्टैमिना से स्टॉल। एक बार इसे घर पर जरूर बताएं, बच्चा ही नहीं बड़ा भी हो जाएगा। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)फ्रूट कस्टर्ड रेसिपी(टी)फ्रूट कस्टर्ड रेसिपी(टी)गर्मियों के लिए कस्टर्ड रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन कस्टर्ड रेसिपी(टी)फ्रूट कस्टर्ड(टी)ग्रीष्मकालीन विशेष रेसिपी(टी)स्वस्थ फल रेसिपी(टी)फ्रूट रेसिपी(टी)गर्मियों के लिए मीठी डिश(टी)ठंडी रेसिपी







