देवास कलेक्टर की कल पीपरी गांव में रात्रि चौपाल:ग्रामीणजनों से रूबरू होकर खुद सुनेंगे समस्याएं

जनसेवा और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह कल (1 मई) तहसील उदयनगर की ग्राम पंचायत पीपरी में विकासखंड स्तरीय शिविर एवं रात्रि ग्राम चौपाल का आयोजन करेंगे। ग्राम पंचायत पीपरी में दोपहर को विकासखंड स्तरीय शिविर आयोजित होगा। इसमें सभी विभागों के जिला प्रमुख उपस्थित रहेंगे और आवेदकों से सीधे आवेदन प्राप्त करेंगे। मौके पर ही दस्तावेजों का परीक्षण कर समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाएगा। शिविर के बाद शाम 7 बजे से ग्राम चौपाल का आयोजन होगा। चौपाल में कलेक्टर ऋतुराज सिंह उपस्थित जनसमूह और आवेदकों से रूबरू होंगे। कलेक्टर सिंह व्यक्तिगत रूप से आवेदकों की बात सुनकर उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर को बता सकेंगे। शिविर एवं ग्राम चौपाल में समस्त जिला अधिकारी उपस्थित रहेंगे। शासन की मंशा के अनुरूप, प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाने के लिए सभी अधिकारी रात्रि भोजन के पश्चात ग्राम पीपरी में ही रात्रि विश्राम भी करेंगे।
पन्ना में तेज हवाओं से उखड़ गए पेड़:पन्ना-अमानगंज मार्ग हुआ बंद, कई गांवों में बिजली गुल

मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुरुवार 30 अप्रैल की शाम को तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और पन्ना-अमानगंज मार्ग मुख्य रूप से प्रभावित हुआ। पिपरवाह निवासी ध्रुव अवस्थी ने बताया कि द्वारी और पिपरवाह के बीच दर्जनों बिजली के खंभे और विशालकाय पेड़ गिर गए। इससे पन्ना-अमानगंज मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर लगभग 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यात्री फंसे रहे। ओम प्रकाश विश्वकर्मा के अनुसार, बिजली के खंभे गिरने से पिपरवाह सहित दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई ग्रामीणों के घरों की छतें (छप्पर और खपरैल) उड़ गईं। जगह-जगह गिरे पेड़ों ने रास्तों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है। तूफान के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने मलबे और बिजली के तारों को हटाने के काम को और भी मुश्किल बना दिया। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि जल्द से जल्द मार्ग से मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया जा सके और क्षतिग्रस्त खंभों को ठीक कर बिजली बहाल की जा सके।
Gujarat Metro Jobs | Bihar Hawaldar & IIT Bhilai Openings 2026

5 मिनट पहले कॉपी लिंक आज की सरकारी नौकरी में जानकारी गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में भर्ती की, महाराष्ट्र में सिविल जज के 286 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी होने की। साथ में दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन में 114 वैकेंसी की। इन जॉब्स के बारे में पूरी जानकारी के साथ आवेदन की प्रक्रिया यहां देखिए… 1. गुजरात मेट्रो में 383 भर्ती, 10वीं पास से लेकर इंजीनियर करें अप्लाई गुजरात मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन में 300 से ज्यादा पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए फीस जमा करने की आखिरी तारीख 31 मई तय की गई है। इस भर्ती की जॉब लोकेशन अहमदाबाद और सूरत है। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर 89 जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) 4 जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिॉनिक्स) 38 मेंटेनर (फिटर) 22 मेंटेनर (इलेक्ट्रिकल) 129 मेंटेनर (इलेक्ट्रिॉनिक्स) 101 टोटल 383 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर : संबंधित क्षेत्र में इंजीनियरिंग डिग्री या डिप्लोमा। मेंटेनर : 10वीं पास, 2 साल की आईटीआई डिग्री एज लिमिट : स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर : 18 – 28 साल मेंटेनर : 18–25 साल फीस : अनरिजर्व (पुरुष): 600 रुपए एससी, एसटी, एसईबीसी, ईडब्ल्यूएस, महिला, एक्स सर्विसमैन : 300 रुपए सिलेक्शन प्रोसेस : रिटन एग्जाम साइको एप्टीट्यूड टेस्ट डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जाम सैलरी : पद का नाम ट्रेनिंग स्टाइपेंड ट्रेनिंग के बाद सैलरी स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर 18,000 20,000 मेंटेनर 14,000 16,000 जरूरी डॉक्यूमेंट्स : शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र पहचान पत्र जाति प्रमाण पत्र निवास प्रमाण पत्र जन्म तिथि प्रमाण पत्र पासपोर्ट साइज फोटो रोजगार कार्यालय का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट एग्जाम पैटर्न : सेक्शन स्टेशन कंट्रोलर, ट्रेन ऑपरेटर, जूनियर इंजीनियर मेंटेनर टेक्निकल नॉलेज 40 40 गुजराती लैंग्वेज 20 20 लॉजिकल एबिलिटी एंड रीजनिंग 20 15 क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड 20 10 जनरल इंग्लिश 20 15 ड्यूरेशन 2 घंटे 2 घंटे निगेटिव मार्किंग 0.25 मार्क्स 0.25 मार्क्स ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट ojas.gujarat.gov.in पर जाएं। Career पर क्लिक करके Recruitment सेक्शन पर जाएं। ऑनलाइन आवेदन पोर्टल ढूंढें और रजिस्टर करें। मांगी गई सभी जानकारी भरें। संबंधित डॉक्यूमेंट्स को अपलोड करें। फीस का भुगतान करके फॉर्म सबमिट कर दें। आगे की जरूरत के लिए आवेदन का प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 2. महाराष्ट्र में सिविल जज के 286 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी, 1 मई से शुरू आवेदन महाराष्ट्र में सिविल जज के 286 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस भर्ती कके लिए आवेदन की शुरुआती तारीख 1 मई तय की गई है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। फीस जमा करने की लास्ट डेट भी 21 मई तय की गई है। महाराष्ट्र सिविल जज एग्जाम का आयोजन 2 अगस्त को किया जाएगा। एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : लॉ की डिग्री, बॉम्बे हाईकोर्ट या सबऑर्डिनेट कोर्ट्स में 3 साल का एक्सपीरियंस डिग्री पूरी के बाद 3 साल का एक्सपीरियंस मराठी लिखना, पढ़ना और अनुवाद आना चाहिए। एज लिमिट : न्यूनतम : 21 साल अधिकतम : 45 साल रिजर्व कैटेगरी के उम्मीदवारों को अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। फीस : अनरिजर्व, ईडब्ल्यूएस, अनाथ : 394 रुपए बैक्वर्ड क्लास,पीडब्ल्यूडी :29 ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट tshc.gov.in पर जाएं। होम पेज पर ‘ भर्ती’ मेनू टैब पर क्लिक करें। “ऑनलाइन अप्लाय” लिंक पर क्लिक करें। अपने ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर का उपयोग करके रजिस्ट्रेशन करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स, फोटो और सिग्नेचर स्कैन करके अपलोड करें । फीस का भुगतान करें। फॉर्म का प्रिंटआउट लेकर रखें। ऑनलाइन आवेदन लिंक ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक 3. दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन में 114 पदों पर भर्ती, सैलरी 85 हजार तक दिल्ली स्टेट हेल्थ मिशन में 114 पदों पर भर्ती निकली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट dshm.delhi.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या डेंटल सर्जन 25 फील्ड मॉनिटर 33 पब्लिश हेल्थ मैनेजर 33 लेडी हेल्थ विजिटर 33 डिस्ट्रिक्ट QA कोऑर्डिनेटर 4 डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर 2 डिस्ट्रिक्ट आईईसी, बीसीसी ऑफिसर 3 न्यूट्रीशनिस्ट 3 मेडिकल लेक्चरर 2 डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर 1 क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट 1 स्टेट IEC/BCC कंसल्टेंट 1 लीगल कंसल्टेंट 1 स्टेट IEC/BCC कंसल्टेंट 1 कुल पदों की संख्या 114 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : डेंटल सर्जन : बीडीएस, 1 साल का एक्सपीरियंस फील्ड मॉनिटर : ग्रेजुएट, 3 साल का एक्सपीरियंस पब्लिश हेल्थ मैनेजर : मेडिकल, नॉन मेडिकल, 2 साल का एक्सपीरियंस लेडी हेल्थ विजिटर : 12वीं पास, 3 साल का एक्सपीरियंस डिस्ट्रिक्ट QA कोऑर्डिनेटर : एमबीबीएस, 2 साल का एक्सपीरियंस डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम मैनेजर : एमबीए, 3 साल का एक्सपीरियंस डिस्ट्रिक्ट आईईसी, बीसीसी ऑफिसर : मास्टर डिग्री, एक्सपीरियंस न्यूट्रीशनिस्ट : पीजी डिप्लोमा, एक्सपीरियंस मेडिकल लेक्चर : एमडी, डीएनबी, एक्सपीरियंस डाटाबेस एडमिनिस्ट्रेटर : एमसीए, बीटेक, एक्सपीरियंस क्वालिटी एश्योरेंस कंसल्टेंट : एमबीबीएस, 5 साल का एक्सपीरियंस स्टेट IEC/BCC कंसल्टेंट : मास कम्युनिकेशन, एक्सपीरियंस स्टेट IEC/BCC कंसल्टेंट : एलएलबी, एक्सपीरियंस एज लिमिट : न्यूनतम : 18 साल अधिकतम : 45 साल सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम उम्र में छूट दी जाएगी। सिलेक्शन प्रोसेस : प्रीलिमिनरी एग्जाम मेन्स एग्जाम इंटरव्यू पर्सनालिटी टेस्ट सैलरी : पद के अनुसार, 28,853 – 85.050 रुपए प्रतिमाह ऐसे करें आवेदन : ऑफिशियल वेबसाइट dshm.delhi.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई सभी जानकारी दर्ज करें। जरूरी डॉक्यूमेंट्स की स्कैन कॉपी अपलोड करें। इसका एक प्रिंटआउट निकाल कर रखें। ऑफिशियल नोटिफिकेशन लिंक ऑनलाइन आवेदन लिंक 4. नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड में 577 भर्ती, लास्ट डेट 1 मई नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) ने 577 पदों पर भर्ती निकाली है। इसके तहत फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर और अन्य संबंधित पदों पर भर्ती की जाएगी। इस भर्ती के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 1 मई तय की गई है। उम्मीदवार एनसीएल की ऑफिशियल वेबसाइट nclcil.in पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं। वैकेंसी डिटेल्स : पद का नाम पदों की संख्या डम्पर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 308 ग्रेडर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 34 डोजर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 52 क्रेन ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 17 पे लोडर ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 18 माइनिंग ऑपरेटर (अप्रेंटिस) 43 स्टाफ नर्स (अप्रेंटिस) 47 फॉर्मासिस्ट (अप्रेंटिस) 4 टेक्नीशियन (रोग संबंधी) 2 टेक्नीशियन (डेंटिस्ट्री) 2 फिजियोथेरेपिस्ट (अप्रेंटिस) 4 टेक्नीशियन (ऑप्टोमेट्री) 1 टेक्नीशियन (रेडियोग्राफर) 2 जूनियर टेक्नीशियन (ईसीजी) 2 सुपरवाइजर (नागरिक) 30 कुल पदों की संख्या 577 एजुकेशनल क्वालिफिकेशन : ऑपरेटर (ट्रेनी): 10वीं/ SSC पास किया
मोटापे की ये कैसी आहट, 14 में से 1 बच्चे का भी वजन कर रहा लिमिट क्रॉस, क्या होगा इसका परिणाम

भारत में डायबिटीज, हाई बीपी और दिल की बीमारियों को लेकर चिंता पहले से बनी हुई है, लेकिन अब एक नई समस्या तेजी से सामने आ रही है. मोटापा अब सिर्फ बड़ों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बच्चों में भी तेजी से बढ़ रहा है. हाल ही में सामने आए आंकड़ों के अनुसार, स्कूल जाने वाले लगभग हर 14 में से 1 बच्चे का वजन सामान्य सीमा से ज्यादा है. यानी बड़ी संख्या में बच्चे कम उम्र में ही मोटापे की चपेट में आ रहे हैं. यह सिर्फ दिखने का मामला नहीं, बल्कि आने वाले समय में गंभीर स्वास्थ्य संकट बन सकता है. TOI में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों की जीवनशैली पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदली है. पहले बच्चे मैदान में खेलते थे, दौड़ते थे और ज्यादा एक्टिव रहते थे. अब उनका समय मोबाइल, टीवी, टैबलेट और वीडियो गेम में ज्यादा बीतता है. घंटों स्क्रीन के सामने बैठने से फिजिकल एक्टिविटी कम हो जाती है, जिससे कैलोरी बर्न नहीं होती और वजन बढ़ने लगता है. खानपान भी इस समस्या की बड़ी वजह बन चुका है. आजकल बच्चों को घर के ताजे खाने से ज्यादा पैकेट वाले स्नैक्स, चिप्स, बर्गर, पिज्जा, फ्रेंच फ्राइज और मीठे ड्रिंक्स पसंद आने लगे हैं. इनमें कैलोरी ज्यादा होती है, लेकिन जरूरी पोषण कम मिलता है. बार-बार कुछ न कुछ खाते रहना, मीठी चीजें ज्यादा लेना और समय पर भोजन न करना भी वजन बढ़ाने का कारण बनता है. कम नींद और पढ़ाई का दबाव भी बच्चों की सेहत पर असर डाल रहा है. कई बच्चे देर रात तक जागते हैं, सुबह जल्दी उठते हैं और पूरा आराम नहीं कर पाते. नींद पूरी न होने से हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिससे भूख ज्यादा लग सकती है और वजन बढ़ने की संभावना रहती है. पढ़ाई और कोचिंग के कारण खेलकूद का समय भी कम हो गया है. डॉक्टरों के अनुसार, बचपन का मोटापा आगे चलकर बड़ी बीमारियों की वजह बन सकता है. ज्यादा वजन वाले बच्चों में कम उम्र में ही ब्लड शुगर बढ़ना, इंसुलिन रेजिस्टेंस, फैटी लिवर, सांस फूलना, घुटनों पर दबाव और हार्मोनल गड़बड़ी जैसी समस्याएं देखने को मिल रही हैं. यही बच्चे बड़े होकर डायबिटीज, दिल की बीमारी और हाई कोलेस्ट्रॉल के शिकार हो सकते हैं. यह समस्या अब सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है. छोटे शहरों और कस्बों में भी बच्चों की जीवनशैली तेजी से बदल रही है. बाहर का खाना, कम खेलकूद और ज्यादा स्क्रीन टाइम हर जगह आम होता जा रहा है. इसलिए मोटापा अब देशभर में बढ़ती चुनौती बन गया है. इससे बचाव के लिए सबसे जरूरी है कि बच्चों की दिनचर्या सुधारी जाए. रोज कम से कम एक घंटा आउटडोर खेल या फिजिकल एक्टिविटी जरूरी है. घर का ताजा खाना, फल, सब्जियां, दाल, दूध और प्रोटीन वाली चीजें ज्यादा दें. मीठे ड्रिंक्स, पैकेज्ड स्नैक्स और जंक फूड सीमित करें. साथ ही बच्चों की नींद पूरी हो, यह भी ध्यान रखें. माता-पिता की भूमिका भी बहुत अहम है. अगर घर में सभी हेल्दी खानपान अपनाएंगे और एक्टिव रहेंगे, तो बच्चे भी वही सीखेंगे. उन्हें डांटने के बजाय प्यार से सही आदतें सिखाना जरूरी है.
पन्ना में अंधे हत्याकांड का खुलासा:दोस्त ने ही की की चाकू मारकर हत्या, पैसों को लेकर था विवाद

पन्ना पुलिस ने ग्राम बम्हौरी में हुए एक हत्याकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस ने पुराने पैसों के लेनदेन के विवाद में अपने दोस्त अनिल दहायत की चाकू मारकर हत्या करने वाले आरोपी आलोक सिंह राजपूत को गिरफ्तार किया है। यह घटना 28 अप्रैल की शाम को सामने आई थी, जब ग्राम बम्हौरी के पास ‘भटवा की तलैया’ में अनिल दहायत का खून से लथपथ शव मिला था। मृतक के पिता बैजू दहायत की शिकायत पर अमानगंज थाने में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ हत्या का मामला (धारा 103(1) BNS) दर्ज किया गया था। थाना प्रभारी अमानगंज रवि सिंह जादौन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 30 अप्रैल को जांच शुरू की। जांच के दौरान गांव के ही आलोक सिंह राजपूत पर संदेह गहराया। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला कि आलोक सिंह, जो पैर से लंगड़ाकर चलता है, घायल अवस्था में कुदरा मोड़ के पास भागने की फिराक में था। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे हिरासत में ले लिया। पूछताछ में आरोपी आलोक सिंह राजपूत ने बताया कि मृतक अनिल दहायत के साथ उसका पैसों को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। 28 अप्रैल की शाम इसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आलोक ने एक घरेलू चाकू से अनिल पर कई वार किए। इन वारों से अनिल की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त चाकू झरकुआ मोड़ पुलिया के पास से बरामद कर लिया है। इस अज्ञात कत्ल का पर्दाफाश करने में थाना प्रभारी रवि सिंह जादौन, सउनि राघवेन्द्र प्रधान, प्र.आर. शिवम शर्मा, गणेश सिंह, देवनारायण शुक्ला, आरक्षक तुलसी, मेहरवान सिंह, विश्वास शुक्ला, अखिलेश पाल और मुनेन्द्र सिंह का विशेष योगदान रहा।
AAP छोड़ना मेरी कभी योजना नहीं थी; महिला आरक्षण विवाद की वजह से बाहर निकलना पड़ा: स्वाति मालीवाल News18 से | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:30 अप्रैल, 2026, 19:43 IST 24 अप्रैल को, मालीवाल सहित AAP के सात राज्यसभा विधायकों का आधिकारिक तौर पर भाजपा में विलय हो गया अपनी भविष्य की योजनाओं पर मालीवाल ने कहा कि अब वह भाजपा की सदस्य हैं और इसका नेतृत्व पार्टी में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां तय करेगा। फ़ाइल चित्र/पीटीआई स्वाति मालीवाल के लिए आम आदमी पार्टी छोड़ना “कभी भी योजना नहीं थी”, उन्होंने जोर देकर कहा कि हाल के तनावों के बावजूद वह अपनी स्थापना के बाद से ही पार्टी के लिए प्रतिबद्ध हैं। हालाँकि, उन्होंने सीएनएन-न्यूज़18 को बताया कि “मील का पत्थर” तब आया जब, उनके अनुसार, पार्टी ने उनसे महिला आरक्षण विधेयक से जुड़े संवैधानिक संशोधनों का विरोध करने के लिए कहा। संविधान (131वां संशोधन) विधेयक, 2026, जिसके बारे में सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33% महिला आरक्षण के कार्यान्वयन में तेजी लाना था, दो-तिहाई बहुमत हासिल करने में विफल रहने के बाद 17 अप्रैल को लोकसभा में हार गया। परिसीमन विधेयक, 2026 के साथ प्रस्तावित प्रस्तावित कानून के पक्ष में 298 और विरोध में 230 सांसदों ने मतदान किया। अस्वीकृति के ठीक एक हफ्ते बाद, 24 अप्रैल को, मालीवाल सहित AAP के सात राज्यसभा विधायकों ने आधिकारिक तौर पर भाजपा में विलय कर लिया। समूह ने AAP के राज्यसभा संसदीय दल के आवश्यक दो-तिहाई सदस्यों का गठन किया, जिससे उन्हें दल-बदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता से बचने के लिए दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 4 को लागू करने में मदद मिली। जब उनसे पूछा गया कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल के आवास पर कथित तौर पर उनके साथ मारपीट के बाद आधिकारिक तौर पर आप से बाहर निकलने से पहले उन्होंने इतने महीनों तक इंतजार क्यों किया, तो उन्होंने सीएनएन-न्यूज18 से कहा, “यह कभी कोई योजना नहीं थी। मैंने कभी पार्टी छोड़ने के बारे में नहीं सोचा था। यह मेरी पार्टी थी। मैंने शुरू से ही पार्टी को आकार दिया है। जब मैंने (लोगों के लिए काम करना) शुरू किया था तब मैं सिर्फ 21 (वर्ष की) थी। मैंने हर चीज पर गहराई से विचार किया।” लेकिन, उन्होंने कहा, वह इस विचार को बर्दाश्त नहीं कर सकतीं कि AAP ने सांसदों को बिल के खिलाफ जाने का निर्देश दिया। “और वह मील का पत्थर बन गया,” उसने कहा। 2024 में, जब केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे, तब मालीवाल पर उनके आधिकारिक आवास पर कथित तौर पर हमला किया गया था। हालाँकि, उन्होंने कहा कि उनके साथ खड़े होने के बजाय, पार्टी उन पर शिकायत वापस लेने के लिए दबाव डालती रही, लेकिन फिर भी, पार्टी छोड़ना उनकी योजना नहीं थी। इस घटना के बाद, मालीवाल आप के राज्यसभा सदस्य बने रहने के दौरान पार्टी के खिलाफ तेजी से मुखर हो गईं। उन्होंने कहा, “मेरे मन में कई बार यह ख्याल आया कि मुझे भाजपा में शामिल होना चाहिए क्योंकि लोग मुझसे पूछ रहे थे और सुझाव दे रहे थे। लेकिन मेरा दिल उस पार्टी के साथ था जिसे मैंने शून्य से बनाया था। मैं पार्टी में भीतर से एक सकारात्मक बदलाव लाना चाहती थी…।” लगभग दो वर्षों के अपने संघर्षों और लड़ाई के बारे में बोलते हुए, उन्होंने बताया कि बार-बार चिंताएँ उठाने के बावजूद उन्हें अनसुना महसूस हुआ। उन्होंने कहा, “इसके बावजूद, मैं कभी भी पद छोड़ना नहीं चाहती थी। मैं इसके सदस्य के रूप में लड़ना जारी रखना चाहती थी…लेकिन उनका महिला विरोधी रुख हर दिन मेरे सामने स्पष्ट किया जाता था। मुझे सदन (राज्यसभा) में भी कभी बोलने का मौका नहीं दिया गया।” मालीवाल ने यह भी कहा कि हमले के बाद केवल केजरीवाल ही उनका समर्थन नहीं कर रहे थे; बाकी पार्टी उसके पक्ष में थी। उन्होंने केजरीवाल के महिला विरोधी कदम गिनाते हुए कहा कि पंजाब में चार मंत्री और विधायक महिलाओं के खिलाफ मामलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन वे नियंत्रण में हैं। उन्होंने कहा, “केजरीवाल को छोड़कर पार्टी में हर कोई मेरे समर्थन में था। पार्टी का हर सदस्य मुझे वर्षों से जानता है। न केवल पार्टी, बल्कि मुझे पूरे देश से समर्थन मिला। वे सभी जानते हैं कि मेरे साथ जो हुआ वह गलत था। अगर किसी महिला के साथ कोई घटना हुई है, तो उसे इसकी रिपोर्ट करने की जरूरत है और उसके आस-पास के लोगों को एक ऐसी प्रणाली बनानी चाहिए जहां वह स्वतंत्र रूप से अपनी बात रख सके, अन्यथा नहीं।” मालीवाल ने आगे कहा कि उन पर केस वापस लेने के लिए नेतृत्व द्वारा दबाव डाला जा रहा था; तभी उन्हें पार्टी का प्रतिनिधित्व करने और राज्यसभा में उसकी ओर से बोलने की अनुमति दी जाएगी। दिल्ली को अपना पहला प्यार बताते हुए उन्होंने कहा कि वह हमेशा शहर को बेहतर बनाना चाहती थीं और उन्होंने राज्यसभा में अपना समय राजधानी के पक्ष में बोलने में लगाया। “लेकिन मैं ज्यादा बदलाव नहीं ला सकी क्योंकि अरविंद केजरीवाल किसी की नहीं सुनते। आज पंजाब में इतना भ्रष्टाचार है, लेकिन इसके बजाय, केजरीवाल अपने आराम के लिए सरकारी धन का उपयोग कर रहे हैं – बड़ी सुरक्षा, बड़ा घर और हेलीकॉप्टर से यात्रा। मैं हमेशा इन आदतों के खिलाफ रही हूं और हमेशा इसके खिलाफ अपनी आवाज उठाई है,” मालीवाल ने साझा किया। अपनी भविष्य की योजनाओं पर उन्होंने कहा कि अब वह भाजपा की सदस्य हैं और इसका नेतृत्व पार्टी में उनकी भूमिका और जिम्मेदारियां तय करेगा। आम आदमी पार्टी छोड़ने वाले सात सांसदों में से नेताओं ने अपने बाहर निकलने के लिए अलग-अलग कारण बताए हैं। हालाँकि, मालीवाल ने उनके जाने को महिला आरक्षण मुद्दे पर मतभेद से जोड़ा, जिसे उन्होंने निर्णायक मोड़ बताया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: 30 अप्रैल, 2026, 19:43 IST समाचार राजनीति AAP छोड़ना मेरी कभी योजना नहीं थी; महिला आरक्षण विवाद ने निकाला निकास का कारण: स्वाति मालीवाल से News18 तक अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)आप(टी)स्वाति मालीवाल(टी)बीजेपी(टी)अरविंद केजरीवाल(टी)आप(टी)राज्यसभा(टी)महिला
पत्नी ने पति संग रहने से किया इनकार:हाईकोर्ट में अवैध बंधक आरोप खारिज, प्रेमी संग रहने पर बनी सहमति, पिता के पास रहेगा बेटा

ग्वालियर हाईकोर्ट में एक वैवाहिक विवाद से जुड़ा मामला सुनवाई के दौरान ही अप्रत्याशित मोड़ लेता नजर आया। पत्नी को अवैध रूप से बंधक बनाए जाने के गंभीर आरोपों के बीच जब महिला को कोर्ट में पेश किया गया तो पूरे मामले की दिशा ही बदल गई। दरअसल, पति लाखन कडेरे ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि उसकी पत्नी को प्रतिवादी पक्ष द्वारा जबरन अपने पास रखा गया है और उसे उससे मिलने नहीं दिया जा रहा। इस पर कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महिला को पेश करने के निर्देश दिए थे। निर्देश के पालन में जब महिला को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया और न्यायालय ने उसकी स्वतंत्र इच्छा जाननी चाही, तो महिला ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वह किसी भी प्रकार के दबाव में नहीं है। उसने बताया कि वह अपनी मर्जी से राकेश नामक व्यक्ति के साथ रह रही है और पति के साथ वापस नहीं जाना चाहती। अवैध बंधक बनाए जाने का आरोप कमजोर पड़ा महिला के इस बयान के बाद ‘अवैध बंधक’ बनाए जाने का आरोप स्वतः ही कमजोर पड़ गया और याचिका का मूल आधार खत्म हो गया। इसके बाद कोर्ट में ही दोनों पक्षों के बीच बातचीत शुरू हुई, जिसमें आपसी सहमति से विवाद को समाप्त करने का रास्ता निकाला गया। समझौते के तहत पति लाखन कडेरे ने पत्नी को तलाक देने पर सहमति जताई। हालांकि, उसने स्थायी गुजारा भत्ता (एलिमनी) न देने की शर्त रखी, जिसे महिला ने स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही, दोनों के चार वर्षीय बेटे की कस्टडी पिता के पास रखने पर भी सहमति बनी। इस निर्णय पर महिला के पिता ने भी अपनी मंजूरी दे दी। हाईकोर्ट ने कहा- सुनवाई का औचित्य नहीं दोनों पक्षों के बीच सभी मुद्दों पर सहमति बनने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि अब याचिका पर आगे सुनवाई का कोई औचित्य नहीं रह जाता। कोर्ट ने मामले को निष्फल मानते हुए निपटा दिया। इस मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि वैवाहिक विवादों में अदालत का प्रमुख उद्देश्य पक्षकारों की स्वतंत्र इच्छा और सहमति को महत्व देना होता है। साथ ही, यह भी दर्शाता है कि कई बार अदालत की प्रक्रिया के दौरान ही ऐसे मामलों का समाधान आपसी समझ और सहमति से निकल सकता है।
ट्रोलिंग के बाद राहुल रॉय के सपोर्ट में उतरा बॉलीवुड:फराह खान, सोनू सूद और अनुपम खेर बोले- हम आपके साथ

‘आशिकी’ फिल्म से फेमस हुए राहुल रॉय के मुश्किल वक्त में अब बॉलीवुड उनको सपोर्ट करता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी कुछ रील्स का मजाक उड़ाए जाने के बाद जब राहुल ने अपनी आर्थिक तंगी और काम न होने का दर्द साझा किया। अब इंडस्ट्री के कई बड़े एक्टर्स ने खुलकर उनका समर्थन किया है। फराह खान से लेकर सोनू सूद तक, कई हस्तियों ने राहुल के प्रति अपना सम्मान और सपोर्ट जताया है। फराह खान और सोनू सूद ने बढ़ाया हौसला राहुल रॉय के भावुक पोस्ट के बाद फिल्ममेकर फराह खान ने सबसे पहले कमेंट करते हुए उन्हें ‘गुड लक’ कहा। वहीं, सोनू सूद ने राहुल को भाई बताते हुए लिखा- ‘कीप रॉकिंग ब्रदर’। एक्टर अनुपम खेर ने भी राहुल का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें ‘बेस्ट’ बताया। ‘मजाक उड़ाने के बजाय काम दिलाने में मदद करें’ पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल रॉय कंटेंट क्रिएटर डॉ. वनिता घाडगे के साथ कुछ इंस्टाग्राम वीडियोज में नजर आए। कुछ लोगों ने इन वीडियोज को ‘अजीब’ बताते हुए राहुल को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस पर राहुल ने जवाब देते हुए कहा, “मैं फिलहाल आर्थिक तंगी और कुछ कानूनी मामलों से जूझ रहा हूं। मेरी सादगी का मजाक उड़ाने के बजाय अगर लोग मुझे काम दिलाने में मदद करें, तो वह ज्यादा बेहतर होगा।” इन सितारों ने भी किया सपोर्ट राहुल के समर्थन में सपोर्ट करने वालों की लिस्ट कई बॉलीवुड एक्टर्स शामिल हैं। मनीष पॉल ने उन्हें ‘सम्मान और पावर’ भेजा। वहीं, शिल्पा शिरोडकर ने कहा कि हमें वह करना चाहिए जो हमारे लिए जरूरी है, लोगों को बातें करने दें। इनके अलावा निकितिन धीर, टीना दत्ता, करणवीर बोहरा और माहिका शर्मा जैसे कलाकारों ने भी राहुल के लिए प्रार्थना की और उनके प्रति अपना प्यार जताया। 2020 के ब्रेन स्ट्रोक के बाद से जारी है संघर्ष राहुल रॉय का फिल्मी सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 1990 में ‘आशिकी’ से मिली बेपनाह कामयाबी के बाद उनका करियर धीरे-धीरे धीमा पड़ता गया। 2007 में उन्होंने ‘बिग बॉस’ का पहला सीजन जीता, जिससे वे दोबारा चर्चा में आए। हालांकि, 2020 में कारगिल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया था। लंबी रिकवरी के बाद राहुल अब ठीक हैं, लेकिन बॉलीवुड में दोबारा अपनी जगह बनाने के लिए वे अब भी संघर्ष कर रहे हैं।
Bollywood Support Rahul Roy | Farah Khan, Sonu Sood Stand With Actor

6 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘आशिकी’ फिल्म से फेमस हुए राहुल रॉय के मुश्किल वक्त में अब बॉलीवुड उनको सपोर्ट करता नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर उनकी कुछ रील्स का मजाक उड़ाए जाने के बाद जब राहुल ने अपनी आर्थिक तंगी और काम न होने का दर्द साझा किया। अब इंडस्ट्री के कई बड़े एक्टर्स ने खुलकर उनका समर्थन किया है। फराह खान से लेकर सोनू सूद तक, कई हस्तियों ने राहुल के प्रति अपना सम्मान और सपोर्ट जताया है। फराह खान और सोनू सूद ने बढ़ाया हौसला राहुल रॉय के भावुक पोस्ट के बाद फिल्ममेकर फराह खान ने सबसे पहले कमेंट करते हुए उन्हें ‘गुड लक’ कहा। वहीं, सोनू सूद ने राहुल को भाई बताते हुए लिखा- ‘कीप रॉकिंग ब्रदर’। एक्टर अनुपम खेर ने भी राहुल का हौसला बढ़ाते हुए उन्हें ‘बेस्ट’ बताया। ‘मजाक उड़ाने के बजाय काम दिलाने में मदद करें’ पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब राहुल रॉय कंटेंट क्रिएटर डॉ. वनिता घाडगे के साथ कुछ इंस्टाग्राम वीडियोज में नजर आए। कुछ लोगों ने इन वीडियोज को ‘अजीब’ बताते हुए राहुल को ट्रोल करना शुरू कर दिया। इस पर राहुल ने जवाब देते हुए कहा, “मैं फिलहाल आर्थिक तंगी और कुछ कानूनी मामलों से जूझ रहा हूं। मेरी सादगी का मजाक उड़ाने के बजाय अगर लोग मुझे काम दिलाने में मदद करें, तो वह ज्यादा बेहतर होगा।” इन सितारों ने भी किया सपोर्ट राहुल के समर्थन में सपोर्ट करने वालों की लिस्ट कई बॉलीवुड एक्टर्स शामिल हैं। मनीष पॉल ने उन्हें ‘सम्मान और पावर’ भेजा। वहीं, शिल्पा शिरोडकर ने कहा कि हमें वह करना चाहिए जो हमारे लिए जरूरी है, लोगों को बातें करने दें। इनके अलावा निकितिन धीर, टीना दत्ता, करणवीर बोहरा और माहिका शर्मा जैसे कलाकारों ने भी राहुल के लिए प्रार्थना की और उनके प्रति अपना प्यार जताया। 2020 के ब्रेन स्ट्रोक के बाद से जारी है संघर्ष राहुल रॉय का फिल्मी सफर काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 1990 में ‘आशिकी’ से मिली बेपनाह कामयाबी के बाद उनका करियर धीरे-धीरे धीमा पड़ता गया। 2007 में उन्होंने ‘बिग बॉस’ का पहला सीजन जीता, जिससे वे दोबारा चर्चा में आए। हालांकि, 2020 में कारगिल में एक फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्हें ब्रेन स्ट्रोक आया था। लंबी रिकवरी के बाद राहुल अब ठीक हैं, लेकिन बॉलीवुड में दोबारा अपनी जगह बनाने के लिए वे अब भी संघर्ष कर रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
भैंसों को छुड़ाने एमपी पुलिस ने राजस्थान तक किया पीछा:60 भैंस चुराकर चंबल नदी पार की, बीहड़ में घिरे तो छोड़कर भागे

मुरैना में चंबल किनारे बसे गांव नगर का पुरा में चोर 60 भैंस चोरी कर ले गए। बुधवार रात चोर चार चरवाहों की भैंसों को लेकर चम्बल नदी पार कर राजस्थान के धौलपुर इलाके में घुस गए। भैंस चोरी की सूचना जब सिविल लाइन पुलिस को लगी तो तीन थानों की पुलिस ने चम्बल के जंगल में सर्चिंग शुरू की और जा पहुंचे राजस्थान सीमा में चारों तरफ से पुलिस से घिरता देख चोर भैंसों को चंबल के बीहड़ में छोड़ भाग गए। पुलिस अब भैंसों को मुरैना वापस ला रही है। फरियादी भी पुलिस टीम के साथ है उसने अपनी भैंसों की पहचान कर ली है। तीन थानों की पुलिस ने किया पीछा सिविल लाइन थाना क्षेत्र के नगर का पुरा गांव में बुधवार रात करीब 1 बजे अज्ञात चोरों के द्वारा चार किसानों की 60 भैंसों को चोरी कर चंबल नदी पार डांग बसई और नगर गांव के बीहड़ों के रास्ते जा पहुंचे। भैंस चोरी की सूचना पर एसपी समीर सौरभ के निर्देश पर तीन थाने सिविल लाइन,देवगढ़,सराय छोला की पुलिस टीआई उदयभान यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम चंबल के बीहड़ में सर्चिंग करती हुई भैंसों की तलाश में जुट गई। 18 घंटे की मेहनत और जंगल में सर्चिंग के बाद पुलिस चंबल नदी पार कर राजस्थान के डांग बसई और नगर गांव के बीहड़ से लावारिस खड़ी भैंसों को बरामद कर लाई। इनकी थी भैंसे पहाड़गढ़ क्षेत्र में पानी और चारे की कमी के कारण चार किसान अपनी भैंसों को लेकर सिविल लाइन क्षेत्र के नगर का पुरा गांव में अपने रिश्तेदार के यहां आ गए। यह सभी दूध बेचकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। इनमें सिरमोद गुर्जर, सरनाम गुर्जर और जंडेल गुर्जर (सभी पिता नारायण गुर्जर) तथा ओतारी गुर्जर (पिता विशाल गुर्जर) शामिल हैं। सभी किसान गुर्जा ठाठीपुर, विकासखंड पहाड़गढ़ के निवासी हैं। बीहड़ में लावारिस खड़ी मिली भैंसें सिविल लाइन थान प्रभारी के अनुसार चोरी की सूचना पर एसपी महोदय के द्वारा दिये निर्देश पर पुलिस टीम के साथ रात से ही सर्चिंग बीहड़ में की गई। भैंसों के पैरों के निशान के साथ आगे बड़े और चम्बल नदी के उस पार राजस्थान के डांग बसई गांव और नगर गांव के बीच बीहड़ में भैंसे लावारिस खड़ी थी। फरियादी साथ में थे उन्होंने अपनी भैंसों को पहचान लिया तो सभी को वापस मुरैना लाया जा रहा है। संभवतः पुलिस दबाव के चलते बदमाश भाग गए। उनकी तलाश भी की जाएगी।







