Sunday, 14 Jun 2026 | 06:55 PM

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जबलपुर में बरगी डैम में क्रूज डूबा:30 से ज्यादा पयर्टक थे सवार; 15 तैरकर निकले, 4 शव मिले, 4 लापता

जबलपुर में बरगी डैम में क्रूज डूबा:30 से ज्यादा पयर्टक थे सवार; 15 तैरकर निकले, 4 शव मिले, 4 लापता

मध्यप्रदेश के जबलपुर में बरगी डैम में गुरुवार शाम तेज हवा और तूफान के बीच पर्यटकों से भरा एक क्रूज डूब गया। हादसा खमरिया टापू के पास हुआ। शुरुआती जानकारी के मुताबिक क्रूज में 30 से अधिक लोग सवार थे। इनमें से करीब 15 लोग तैरकर बाहर निकल आए हैं। घटना की सूचना मिलते ही बरगी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए रवाना हो गई है और लापता लोगों की तलाश जारी है। अब तक 4 शव मिलने की पुष्टि हुई है, जबकि 4 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आ रही है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार अचानक आए तेज तूफान के कारण क्रूज संतुलन खो बैठा और डूब गया। खबर लगातार अपडेट हो रही है।

आज का चाणक्य एग्जिट पोल 2026: तमिलनाडु में DMK की सरकार, TVK का दबदबा; केरल में लेफ्ट की हार, असम में बीजेपी की वापसी

आज का चाणक्य एग्जिट पोल 2026: तमिलनाडु में DMK की सरकार, TVK का दबदबा; केरल में लेफ्ट की हार, असम में बीजेपी की वापसी

देश के पांच राज्यों में मतदान समाप्ति के बाद सभी को 4 मई का इंतजार है। इसी दिन पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आएंगे। ऐसे में सभी के एलोकैटिक पोल पर टिकी हुई हैं। इंडिया टुडे ने भी टुडेज चाणक्य ने एकालिट पोल जारी किया है। इससे पहले बंगाल में अंतिम चरण की वोटिंग की समाप्ति के बाद कई एजेंसियों ने अपने आंकड़े जारी किए थे। ऐसे में हम आपको केरल, असम, तमिल और पुडुचेरी से जुड़े ज़ोलोसाइट आंकड़े बता रहे हैं। असम में रिटर्न बिजनेस क्या है? असममित पोल को लेकर चाणक्य ने आंकड़े जारी किए हैं। ऐसे में जो अनुमान सामने आया है, उसमें शामिल स्मारकों की झलक दिख रही है। सर्वे में करीब 50 फीसदी वोट शेयर मीटिंग का अनुमान लगाया गया है. हालाँकि, इस बार असम में चुनाव बेहद की टक्कर का माना जा रहा था। लेकिन एक्जिट पोल के आंकड़े अलग-अलग बयान दे रहे हैं। टुडेज चाणक के अनुसार, असम विधानसभा चुनाव 2026 के डिजिटल पोल में विधायकों को बड़ी जीत के संकेत मिल रहे हैं। इन सभी में 102 यूनिट शामिल हो सकते हैं। यह स्पष्ट बहुमत का दावा कर रहे हैं। इसके अलावा कांग्रेस गठबंधन को 23 सीटें और अन्य को एक सीट मिल सकती है। केरल में यू.एस. को बढ़त, लेकिन टक्कर का मुकाबला केरल विधानसभा चुनाव की बात करें तो इस बार यहां चुनाव पर सबसे ज्यादा नजर बनी हुई है. फोस्टज चाणक के अनुसार, यू.एफ.एफ.एफ.सी. को 40, एल.एफ.एफ.एफ.सी. को 98 प्रतिशत वोट देखने को मिल रहे हैं। वहीं, बीजेपी को 20 फीसदी वोट मीटिंग का आकलन दिया गया है. वहीं, अन्य हिस्सों में 2 फीसदी वोट गिर सकते हैं. पसंदीदा की बात करें तो यू एफ एफ सी 140 में से 69 सीट पर, एल एफ एफ सी में 64 सीट पर, बीजेपी में 7 पर और अन्य के मुकाबले 0-1 पर नजर आ रही है। तमिल में टीवीके का शानदार, शिक्षकों का बहुमत तमिल की बात करें तो यहां विधानसभा चुनाव 2026 के लिए टॉचज चाणक के एलेक्टिट पोल में शिक्षक गठबंधन को स्पष्ट बहुमत दिख रहा है। शिक्षकों को 125 ग्रेड मिल सकते हैं। टीवीके एक बड़ी ताकत बनकर उभरी है। टीवीके को इस चुनाव में 63 प्रतिशत मिल सकता है. वहीं, एआईडीएमके 45 पार्टी की पार्टियां नजर आ रही हैं। साथ ही अन्य के बारे में 1 सीट मीटिंग का अनुमान है। यह भी पढ़ें एग्जिट पोल 2026: टुडेज चाणका के एग्जिट पोल में बीजेपी का तूफान, सर्वे में ममता बनर्जी के साथ हो गया ‘खेला’

छतरपुर में आंधी-बारिश से भीगा खुले में रखा अनाज:किसानों को नुकसान; अगले दो दिन और बारिश की चेतावनी

छतरपुर में आंधी-बारिश से भीगा खुले में रखा अनाज:किसानों को नुकसान; अगले दो दिन और बारिश की चेतावनी

छतरपुर जिले में गुरुवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज आंधी और झमाझम बारिश के चलते जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है। दूसरी ओर खेतों और खलिहानों, मंडियों, सोसायटी, खरीदी केंद्रों में खुले में रखा अनाज भीगने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई गांवों में गेहूं सहित अन्य फसलें खुले में पड़ी थीं, जो बारिश की चपेट में आ गईं। बताया जा रहा है कि कई किसानों ने अपनी उपज मंडियों या सुरक्षित स्थानों तक नहीं पहुंचाई थी, जिसके चलते बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश उनके लिए किसी सजा से कम नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के कारण हुआ है। इसके प्रभाव से क्षेत्र में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है, जो अगले एक-दो दिन और जारी रह सकता है। तापमान गिरने से गर्मा से राहत मिली बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात में तापमान गिरकर करीब 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि एआज गुरुवार दिन का तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले जिले में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका था, जिससे भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। मौसम में आई इस अचानक तब्दीली से जहां आमजन को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।

दादाजी धाम मंदिर में नरसिंह भगवान की संध्या पूजा:कल मनाया जाएगा बुद्ध जन्मोत्सव, हवन व महाआरती में उमड़े श्रद्धालु

दादाजी धाम मंदिर में नरसिंह भगवान की संध्या पूजा:कल मनाया जाएगा बुद्ध जन्मोत्सव, हवन व महाआरती में उमड़े श्रद्धालु

पटेल नगर, रायसेन रोड स्थित जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में गुरुवार को भगवान विष्णु के उग्र एवं करुणामय अवतार भगवान नरसिंह का संध्या काल में विशेष पूजन वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। यह पूजन उस पवित्र संधि-क्षण में किया गया, जिसे शास्त्रों में न दिन और न ही रात्रि का समय माना गया है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पुरुष सूक्त और नरसिंह स्तोत्र का पाठ किया। इसके बाद हवन एवं महाआरती आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर भगवान की आराधना की। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा तिथियां अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती हैं, जिन्हें ‘पुष्करिणी’ कहा जाता है। मान्यता है कि इन तिथियों में अमृत प्रकट हुआ था। द्वादशी को भगवान विष्णु ने उसकी रक्षा की, त्रयोदशी को देवताओं को अमृत पान कराया, चतुर्दशी को दैत्यों का संहार किया और पूर्णिमा को देवताओं को पुनः उनका साम्राज्य प्राप्त हुआ। इसी क्रम में मंदिर के गर्भगृह परिक्रमा में विराजमान भगवान बुद्ध का जन्मोत्सव शुक्रवार को सुबह 10 बजे से पूजन, हवन और आरती के साथ मनाया जाएगा। आयोजन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।

नागपुर में रेडियोएक्टिव खतरे की धमकी वाली चिट्‌ठी मिली,अलर्ट:RSS मुख्यालय, मेट्रो और BJP ऑफिस में मटेरियल रखे जाने का जिक्र, जांच में कुछ नहीं मिला

नागपुर में रेडियोएक्टिव खतरे की धमकी वाली चिट्‌ठी मिली,अलर्ट:RSS मुख्यालय, मेट्रो और BJP ऑफिस में मटेरियल रखे जाने का जिक्र, जांच में कुछ नहीं मिला

नागपुर में एक अनजान चिट्ठी के बाद हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस चिट्ठी में दावा किया गया कि RSS मुख्यालय,BJP ऑफिस और मेट्रो ट्रेनों में रेडियोएक्टिव मटेरियल रखा गया है। पुलिस के मुताबिक यह चिट्ठी 27 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर डॉ. रविंदर सिंगल के ऑफिस में मिली थी। इसके बाद तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया। NDRF और परमाणु ऊर्जा विशेषज्ञों की मदद से सभी बताए गए स्थानों पर जांच की गई, लेकिन अब तक कोई रेडियोएक्टिव मटेरियल नहीं मिला है। इन स्थानों में रेडियोएक्टिव मटेरियल की धमकी मिली: चिट्ठी में खतरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थ का जिक्र पुलिस को शक है कि यह चिट्ठी फर्जी हो सकती है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है। यह चिट्ठी अंग्रेजी में लिखी गई थी और खुद को DSS नाम के संगठन की बताती है। इसमें सीज़ियम-137 जैसे खतरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थ का जिक्र किया गया था। चिट्ठी में खास तौर पर RSS मुख्यालय, स्मृति मंदिर और गणेशपेठ स्थित BJP ऑफिस का नाम लिया गया है। साथ ही दावा किया गया कि मेट्रो की ऑरेंज और एक्वा लाइन की ट्रेनों की सीटों के नीचे और इन इलाकों में चलने वाली बसों में भी यह मटेरियल रखा गया है। इसी में यह भी कहा गया कि यह रेडियोएक्टिव पदार्थ किसी कैंसर अस्पताल से लिया गया है और इससे पूरे शहर में रेडिएशन का खतरा हो सकता है। इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चिट्ठी मिलते ही सभी इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए। ATS, NDRF और एक्सपर्ट टीमों ने सभी जगहों की गहन जांच की। ATS के एक अधिकारी ने कहा कि पहली नजर में यह मामला फर्जी लगता है, लेकिन जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। चिट्ठी में हाल ही में दोसर भवन मेट्रो स्टेशन के पास मिले डेटोनेटर और जिलेटिन स्टिक का भी जिक्र किया गया है। इसमें उस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए इसे एक “चेतावनी” बताया गया है। इस मामले में ATS की शिकायत पर सदर थाने में केस दर्ज किया गया है। RSS मुख्यालय के आसपास पहले से ही CISF और नागपुर पुलिस की सुरक्षा रहती है, जिसे अब और बढ़ा दिया गया है। एक अन्य ATS अधिकारी ने कहा कि किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा है। निगरानी बढ़ा दी गई है और चिट्ठी भेजने वाले और DSS नाम के संगठन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।

Nagpur Radioactive Threat Scare | RSS HQ, BJP Office, Metro Probed

नागपुर में रेडियोएक्टिव खतरे की धमकी वाली चिट्‌ठी मिली,अलर्ट:RSS मुख्यालय, मेट्रो और BJP ऑफिस में मटेरियल रखे जाने का जिक्र, जांच में कुछ नहीं मिला

नागपुर2 मिनट पहले कॉपी लिंक चिट्‌ठी में नागपुर स्थित आरएसएस मुख्यालय, हेडगेवार स्मृति मंदिर, मेट्रो की ऑरेंज लाइन का जिक्र है। नागपुर में धमकीभरी चिट्ठी मिलने के बाद हाई सिक्योरिटी अलर्ट जारी कर दिया गया है। इस चिट्ठी में दावा किया गया कि RSS मुख्यालय,BJP ऑफिस और मेट्रो ट्रेनों में रेडियोएक्टिव मटेरियल रखा गया है। पुलिस के मुताबिक यह चिट्ठी 27 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर डॉ. रविंदर सिंगल के ऑफिस में मिली थी। इसके बाद तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट किया गया। NDRF और परमाणु ऊर्जा विशेषज्ञों की मदद से सभी बताए गए स्थानों पर जांच की गई, लेकिन अब तक कोई रेडियोएक्टिव मटेरियल नहीं मिला है। इन स्थानों में रेडियोएक्टिव मटेरियल की धमकी मिली: नागपुर स्थित RSS मुख्यालय। नागपुर स्थित डॉ हेडगेवार स्मृति मंदिर। मेट्रो की ऑरेंज लाइन नागपुर। चिट्ठी में खतरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थ का जिक्र पुलिस को शक है कि यह चिट्ठी फर्जी हो सकती है, लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच जारी है। यह चिट्ठी अंग्रेजी में लिखी गई है। लिखने वाले ने खुद को DSS नाम के संगठन का बताया है। चिट्ठी में सीजियम-137 जैसे खतरनाक रेडियोएक्टिव पदार्थ का जिक्र किया गया था। चिट्ठी में खास तौर पर RSS मुख्यालय, स्मृति मंदिर और गणेशपेठ स्थित BJP ऑफिस का नाम लिया गया है। साथ ही दावा किया गया कि मेट्रो की ऑरेंज और एक्वा लाइन की ट्रेनों की सीटों के नीचे और इन इलाकों में चलने वाली बसों में भी यह मटेरियल रखा गया है। इसी में यह भी कहा गया कि यह रेडियोएक्टिव पदार्थ किसी कैंसर अस्पताल से लिया गया है और इससे पूरे शहर में रेडिएशन का खतरा हो सकता है। इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू पुलिस बताया कि चिट्ठी मिलते ही सभी इमरजेंसी प्रोटोकॉल लागू कर दिए गए। ATS, NDRF और एक्सपर्ट टीमों ने सभी जगहों की गहन जांच की। ATS के एक अधिकारी ने कहा कि पहली नजर में यह मामला फर्जी लगता है, लेकिन जांच पूरी गंभीरता से की जा रही है। डेटोनेटर और जिलेटिन स्टिक की जिम्मेदारी ली चिट्ठी में हाल ही में दोसर भवन मेट्रो स्टेशन के पास मिले डेटोनेटर और जिलेटिन स्टिक का भी जिक्र किया गया है। इसमें उस घटना की जिम्मेदारी लेते हुए इसे एक “चेतावनी” बताया गया है। इस मामले में ATS की शिकायत पर सदर थाने में केस दर्ज किया गया है। RSS मुख्यालय के आसपास पहले से ही CISF और नागपुर पुलिस की सुरक्षा रहती है, जिसे अब और बढ़ा दिया गया है। एक अन्य ATS अधिकारी ने कहा कि किसी भी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा है। निगरानी बढ़ा दी गई है और चिट्ठी भेजने वाले और DSS नाम के संगठन की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। ———————————- ये खबर भी पढ़ें: रेवाड़ी स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी:डॉग व बम स्क्वॉड के प्लेटफार्म में चला सर्च ऑपरेशन, छह टीम ने ट्रैक व ट्रेनों की गहन जांच हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से मिल रही बम की धमकियों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुग्राम के स्कूलों को मिली धमकी के बाद अब अंबाला और रेवाड़ी रेलवे जंक्शन को बम से उड़ाने का धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ है। इस सूचना के बाद रेवाड़ी जंक्शन पर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पूरे स्टेशन को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Adani Enterprises Revenue Jumps 20% to ₹32,439 Cr; ₹1.30 Dividend Payout

Adani Enterprises Revenue Jumps 20% to ₹32,439 Cr; ₹1.30 Dividend Payout

Hindi News Business Adani Enterprises Revenue Jumps 20% To ₹32,439 Cr; ₹1.30 Dividend Payout नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक अडाणी एंटरप्राइजेज ने 30 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में कंपनी को ₹221 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,845 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था। हालांकि, कंपनी के रेवेन्यू में 20% की सालाना बढ़त देखी गई है और यह ₹32,439 करोड़ पर पहुंच गया है जो पिछले साल की तिमाही में ₹26,965 करोड़ था। नतीजों के साथ ही अडाणी एंटरप्राइजेज के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.30 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। FY26 की चौथी तिमाही में अडाणी एंटरप्राइजेज का प्रदर्शन सालाना आधार पर अडाणी एंटरप्राइजेज FY26 (जनवरी-मार्च) FY25 (जनवरी-मार्च) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹32,439 ₹26,965 20% ↗ टोटल इनकम ₹33,187 ₹27,601 20% ↗ टोटल खर्च ₹32,458 ₹26,288 23% ↗ नेट प्रॉफिट/लॉस (₹221) ₹3,845 लॉस ↘ तिमाही आधार पर अडाणी एंटरप्राइजेज FY26 (जनवरी-मार्च) FY26 (अक्टूबर-दिसंबर) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹32,439 ₹24,820 31% ↗ टोटल इनकम ₹33,187 ₹25,475 30% ↗ टोटल खर्च ₹32,458 ₹24,176 34% ↗ नेट प्रॉफिट/लॉस (₹221) ₹5,627 लॉस ↘ नोट: सभी आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। पूरे साल का मुनाफा 31% बढ़ा, रेवेन्यू ₹1.02 लाख करोड़ पार पूरे वित्त वर्ष (FY26) में अडाणी एंटरप्राइजेज का नेट प्रॉफिट 31% बढ़कर ₹9,339 करोड़ रहा है। इस दौरान कंपनी की कुल आय में 3% की मामूली बढ़त हुई और यह ₹1.02 लाख करोड़ के पार पहुंच गई। पूरे साल के लिए कंपनी का EBITDA ₹16,464 करोड़ दर्ज किया गया है। पूरे साल (FY26) में अडाणी एंटरप्राइजेज का प्रदर्शन अडाणी एंटरप्राइजेज FY26 (अप्रैल-मार्च) FY25 (अप्रैल-मार्च) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹1,00,468 ₹97,895 3% ↗ टोटल इनकम ₹1,02,943 ₹1,00,365 3% ↗ टोटल खर्च ₹98,634 ₹93,832 5% ↗ नेट प्रॉफिट ₹9,339 ₹7,099 31% ↗ नए प्रोजेक्ट्स में निवेश के कारण मुनाफे पर असर पड़ा कंपनी ने बताया कि मुनाफे (PAT) में कमी आने की मुख्य वजह हाल ही में शुरू हुए नवी मुंबई एयरपोर्ट और कॉपर प्लांट जैसे प्रोजेक्ट्स हैं। इन नए कमीशन किए गए एसेट्स पर डेप्रिसिएशन बढ़ने के कारण बॉटमलाइन प्रभावित हुई है। हालांकि, ऑपरेशनल परफॉर्मेंस स्थिर बनी हुई है। कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 3% बढ़कर ₹4,479 करोड़ रहा है, जो पिछले साल ₹4,346 करोड़ था। इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटी बिजनेस से हो रही 80% कमाई कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अब उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा कोर इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटी पोर्टफोलियो से आ रहा है। कुल EBITDA में इस सेगमेंट का योगदान करीब 80% हो गया है। इससे कंपनी के कैश फ्लो में मजबूती और स्थिरता आई है। कुछ सेगमेंट्स में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस ने कंपनी की स्थिति को मजबूत बनाए रखा है। मैच्योर बिजनेस मॉडल की ओर बढ़ रही कंपनी: गौतम अडाणी अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने नतीजों पर कहा, “कंपनी अब एक अधिक स्थिर और इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित मॉडल की ओर बढ़ चुकी है। हमारी कमाई (EBITDA) का बड़ा हिस्सा अब उन बिजनेस से आ रहा है जो मैच्योर हो चुके हैं और जिनके पास लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स हैं। यह स्थिति ग्रुप को भविष्य में बेहतर वैल्यू क्रिएशन और लगातार कैश जनरेशन के लिए तैयार करती है।” नॉलेज पार्ट: क्या होता है डेप्रिसिएशन? जब कोई कंपनी बड़ी मशीनरी, बिल्डिंग या एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स शुरू करती है, तो समय के साथ उनकी वैल्यू कम होती जाती है। इसे ही ‘डेप्रिसिएशन’ कहते हैं। अकाउंटिंग में इसे खर्च के रूप में दिखाया जाता है, जिससे उस तिमाही या साल के शुद्ध मुनाफे (PAT) में कमी दिखती है, भले ही कंपनी का बिजनेस अच्छा चल रहा हो। 1988 में अडाणी एंटरप्राइजेज की स्थापना हुई थी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड अडाणी ग्रुप की कंपनियों का एक हिस्सा है। 1988 में गौतम अडाणी ने एंटरप्राइजेज की स्थापना की थी। कंपनी के चेयरमैन गौतम अडाणी, मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अडाणी और CEO विनय प्रकाश हैं। कंपनी एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। अडाणी एंटरप्राइजेज देश का सबसे बड़ बिजनेस इनक्यूबेटर है। यह कंपनी एनर्जी एंड यूटिलिटी, ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स, कंज्यूमर गुड्स और प्राइमरी इंडस्ट्री के क्षेत्र में काम करती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Adani Enterprises Revenue Jumps 20% to ₹32,439 Cr; ₹1.30 Dividend Payout

Adani Enterprises Revenue Jumps 20% to ₹32,439 Cr; ₹1.30 Dividend Payout

Hindi News Business Adani Enterprises Revenue Jumps 20% To ₹32,439 Cr; ₹1.30 Dividend Payout नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक अडाणी एंटरप्राइजेज ने 30 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए। इस तिमाही में कंपनी को ₹221 करोड़ का नेट लॉस हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹3,845 करोड़ का नेट प्रॉफिट हुआ था। हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू 20% बढ़ा है और यह ₹32,439 करोड़ पर पहुंच गया है जो पिछले साल की तिमाही में ₹26,965 करोड़ था। नतीजों के साथ ही अडाणी एंटरप्राइजेज के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.30 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है। FY26 की चौथी तिमाही में अडाणी एंटरप्राइजेज का प्रदर्शन सालाना आधार पर अडाणी एंटरप्राइजेज FY26 (जनवरी-मार्च) FY25 (जनवरी-मार्च) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹32,439 ₹26,965 20% ↗ टोटल इनकम ₹33,187 ₹27,601 20% ↗ टोटल खर्च ₹32,458 ₹26,288 23% ↗ नेट प्रॉफिट/लॉस (₹221) ₹3,845 लॉस ↘ तिमाही आधार पर अडाणी एंटरप्राइजेज FY26 (जनवरी-मार्च) FY26 (अक्टूबर-दिसंबर) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹32,439 ₹24,820 31% ↗ टोटल इनकम ₹33,187 ₹25,475 30% ↗ टोटल खर्च ₹32,458 ₹24,176 34% ↗ नेट प्रॉफिट/लॉस (₹221) ₹5,627 लॉस ↘ नोट: सभी आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। पूरे साल का मुनाफा 31% बढ़ा, रेवेन्यू ₹1.02 लाख करोड़ पार पूरे वित्त वर्ष (FY26) में अडाणी एंटरप्राइजेज का नेट प्रॉफिट 31% बढ़कर ₹9,339 करोड़ रहा है। इस दौरान कंपनी की कुल आय में 3% की मामूली बढ़त हुई और यह ₹1.02 लाख करोड़ के पार पहुंच गई। पूरे साल के लिए कंपनी का EBITDA ₹16,464 करोड़ दर्ज किया गया है। पूरे साल (FY26) में अडाणी एंटरप्राइजेज का प्रदर्शन अडाणी एंटरप्राइजेज FY26 (अप्रैल-मार्च) FY25 (अप्रैल-मार्च) चेंज (%) ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹1,00,468 ₹97,895 3% ↗ टोटल इनकम ₹1,02,943 ₹1,00,365 3% ↗ टोटल खर्च ₹98,634 ₹93,832 5% ↗ नेट प्रॉफिट ₹9,339 ₹7,099 31% ↗ नए प्रोजेक्ट्स में निवेश के कारण मुनाफे पर असर पड़ा कंपनी ने बताया कि मुनाफे (PAT) में कमी आने की मुख्य वजह हाल ही में शुरू हुए नवी मुंबई एयरपोर्ट और कॉपर प्लांट जैसे प्रोजेक्ट्स हैं। इन नए कमीशन किए गए एसेट्स पर डेप्रिसिएशन बढ़ने के कारण बॉटमलाइन प्रभावित हुई है। हालांकि, ऑपरेशनल परफॉर्मेंस स्थिर बनी हुई है। कंपनी का EBITDA सालाना आधार पर 3% बढ़कर ₹4,479 करोड़ रहा है, जो पिछले साल ₹4,346 करोड़ था। इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटी बिजनेस से हो रही 80% कमाई कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अब उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा कोर इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटी पोर्टफोलियो से आ रहा है। कुल EBITDA में इस सेगमेंट का योगदान करीब 80% हो गया है। इससे कंपनी के कैश फ्लो में मजबूती और स्थिरता आई है। कुछ सेगमेंट्स में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस ने कंपनी की स्थिति को मजबूत बनाए रखा है। मैच्योर बिजनेस मॉडल की ओर बढ़ रही कंपनी: गौतम अडाणी अडाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अडाणी ने नतीजों पर कहा, “कंपनी अब एक अधिक स्थिर और इंफ्रास्ट्रक्चर-आधारित मॉडल की ओर बढ़ चुकी है। हमारी कमाई (EBITDA) का बड़ा हिस्सा अब उन बिजनेस से आ रहा है जो मैच्योर हो चुके हैं और जिनके पास लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स हैं। यह स्थिति ग्रुप को भविष्य में बेहतर वैल्यू क्रिएशन और लगातार कैश जनरेशन के लिए तैयार करती है।” नॉलेज पार्ट: क्या होता है डेप्रिसिएशन? जब कोई कंपनी बड़ी मशीनरी, बिल्डिंग या एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स शुरू करती है, तो समय के साथ उनकी वैल्यू कम होती जाती है। इसे ही ‘डेप्रिसिएशन’ कहते हैं। अकाउंटिंग में इसे खर्च के रूप में दिखाया जाता है, जिससे उस तिमाही या साल के शुद्ध मुनाफे (PAT) में कमी दिखती है, भले ही कंपनी का बिजनेस अच्छा चल रहा हो। 1988 में अडाणी एंटरप्राइजेज की स्थापना हुई थी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड अडाणी ग्रुप की कंपनियों का एक हिस्सा है। 1988 में गौतम अडाणी ने एंटरप्राइजेज की स्थापना की थी। कंपनी के चेयरमैन गौतम अडाणी, मैनेजिंग डायरेक्टर राजेश अडाणी और CEO विनय प्रकाश हैं। कंपनी एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर काम करती है। अडाणी एंटरप्राइजेज देश का सबसे बड़ बिजनेस इनक्यूबेटर है। यह कंपनी एनर्जी एंड यूटिलिटी, ट्रांसपोर्टेशन एंड लॉजिस्टिक्स, कंज्यूमर गुड्स और प्राइमरी इंडस्ट्री के क्षेत्र में काम करती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

नल सूखे तो सड़क पर उतरीं महिलाएं:नर्मदापुरम में नगरपालिका में फोड़े मटके, गंदगी, अधूरे निर्माण और शुद्ध पेयजल की मांग

नल सूखे तो सड़क पर उतरीं महिलाएं:नर्मदापुरम में नगरपालिका में फोड़े मटके, गंदगी, अधूरे निर्माण और शुद्ध पेयजल की मांग

भीषण गर्मी में नर्मदापुरम जिला मुख्यालय पर पीने का पानी लोगों को नहीं मिल रहा। जिसके चलते नर्मदापुरम के वार्ड नम्बर 13,14 आदर्श नगर ओर छोटी पहाड़िया क्षेत्र के लोगों ने पार्षद के साथ पहुंचकर जमकर हंगामा किया। महिलाएं मिट्टी का मटके लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए नगरपालिका पहुंची। बीजेपी पार्षद प्रेमा पांडे और वर्षा भंडारी और पूर्व पार्षद पंकज पांडे, अतुल भंडारी ने लोगों के साथ ऑफिस के गेट पर ही धरने पर बैठ गए। महिलाओं की यह मांग नगर पालिका और सीएमओ के विरोध में नारे लगाए। महिलाओं ने ढोलक मंजीरा लेकर भजन भी गए। महिलाओं का कहना है कि भारी गर्मी में क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पा रहा है। इसके अलावा अधूरे सड़क, नाली निर्माण, नाली, नालों की सफाई, कचरा गाड़ी नहीं आने समेत अन्य समस्याओं को लेकर महिलाओं ने प्रदर्शन किया। कई इलाकों में नहीं हो रही जल सप्लाई महिलाओं ने कहा थोड़ा बहुत जो नल से पानी आ रहा, वह पीने योग्य नहीं है। नगरपालिका क्षेत्र के आदर्श नगर ओर छोटी पहाड़िया के निवासियों को इन दिनों पानी नहीं मिल पा रहा जिसके चलते आज क्षेत्र के लोगों ने नर्मदापुरम नगरपालिका पहुंचकर जम कर हंगामा किया और महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन के लिए घर से खाली मिट्टी के मटके नगर पालिका में फोड़े। लोगों का कहना है कि पानी के साथ क्षेत्र में बहुत सी समस्याएं हैं जिन्हें लेकर नगरपालिका में पहले भी शिकायतें दर्ज कराई है, वर्तमान में क्षेत्र के लोगों को पीने का पानी भी नसीब नहीं हो रहा, जिसके चलते आज नगर पालिका में विरोध प्रदर्शन किया गया है। नगर पालिका की उपयंत्री आयुषी रिछारिया का कहना है कि क्षेत्र के पाइप लाइन बाधित हुई है जिसे लेकर कार्य कराया गया है और पानी सप्लाई शुरू कर दी गई है।

नो शुगर ड्रिंक में जब नहीं होती चीनी तो मीठा करने के लिए क्या डाला जाता है? क्या यह फायदेमंद!

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Last Updated:April 30, 2026, 18:16 IST नो शुगर ड्रिंक्स में चीनी की जगह अलग-अलग तरह के स्वीटनर, प्राकृतिक मिठास देने वाले तत्व या फ्लेवर टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जाता है. ये सामान्य चीनी का विकल्प हो सकते हैं, लेकिन इन्हें भी समझदारी से लेना चाहिए. सबसे अच्छा विकल्प हमेशा सादा पानी, नारियल पानी या घर के हेल्दी ड्रिंक्स ही माने जाते हैं. आर्टिफिशियल स्वीटनर सेहत के लिए फायदेमंद या नुकसानदायक. आजकल बाजार में नो शुगर, जीरो शुगर और शुगर फ्री ड्रिंक्स तेजी से लोकप्रिय हो रही हैं. कई लोग वजन कम करने, डायबिटीज कंट्रोल करने या कम कैलोरी लेने के लिए इन्हें चुनते हैं. लेकिन जब बोतल पर साफ लिखा होता है कि इसमें चीनी नहीं है, तब सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि फिर इसका स्वाद मीठा कैसे होता है? आखिर बिना चीनी के कोई ड्रिंक मीठी कैसे लग सकती है. इसका जवाब स्वाद बढ़ाने वाले खास तत्वों में छिपा होता है, जिन्हें कम मात्रा में मिलाकर मीठापन दिया जाता है. असल में इन ड्रिंक्स में साधारण चीनी की जगह ऐसे पदार्थ डाले जाते हैं, जो जीभ के स्वाद रिसेप्टर्स को मीठा महसूस कराते हैं. यानी शरीर को मीठा स्वाद मिलता है, लेकिन उसमें सामान्य चीनी जैसी कैलोरी या ब्लड शुगर बढ़ाने वाला असर कम या बिल्कुल नहीं होता. यही वजह है कि ये ड्रिंक्स उन लोगों के बीच लोकप्रिय हैं जो मीठा स्वाद चाहते हैं, लेकिन चीनी से बचना चाहते हैं. आर्टिफिशियल स्वीटनर क्या होते हैंकई नो शुगर ड्रिंक्स में आर्टिफिशियल स्वीटनर देने वाले तत्व मिलाए जाते हैं. इनमें एस्पार्टेम, सुक्रालोज और एसेसल्फेम पोटैशियम जैसे नाम शामिल हैं. ये सामान्य चीनी से कई गुना ज्यादा मीठे होते हैं, इसलिए बहुत कम मात्रा में ही इस्तेमाल किए जाते हैं. थोड़ी सी मात्रा में भी ये ड्रिंक को मीठा स्वाद दे देते हैं. इसी वजह से कैलोरी भी काफी कम रहती है. नेचुरल विकल्प भी होते हैंकुछ कंपनियां प्राकृतिक स्रोतों से मिलने वाली मिठास का इस्तेमाल करती हैं. जैसे स्टीविया और मोंक फ्रूट एक्सट्रैक्ट. स्टीविया एक पौधे की पत्तियों से मिलता है और यह बिना चीनी के मीठा स्वाद देता है. इसी तरह मोंक फ्रूट भी प्राकृतिक विकल्प माना जाता है. ये दोनों आमतौर पर उन लोगों को पसंद आते हैं जो आर्टिफिशियल चीजों से बचना चाहते हैं. शुगर अल्कोहल क्या हैकई जीरो शुगर या लो कार्ब ड्रिंक्स और प्रोडक्ट्स में एरिथ्रिटॉल, जाइलिटॉल जैसे तत्व मिलाए जाते हैं. इन्हें शुगर अल्कोहल कहा जाता है. ये स्वाद में मीठे होते हैं, लेकिन सामान्य चीनी की तुलना में कम कैलोरी देते हैं. हालांकि कुछ लोगों को ज्यादा मात्रा में लेने पर पेट फूलना या गैस जैसी परेशानी हो सकती है. बिना मीठा डाले भी मीठा स्वाद कैसे बढ़ता हैकुछ ड्रिंक्स में फ्लेवर एन्हांसर, एसिड्स और खुशबू वाले तत्व भी डाले जाते हैं. ये दिमाग को मीठा स्वाद ज्यादा महसूस कराने में मदद करते हैं. यानी कभी-कभी वास्तविक मिठास कम होने पर भी स्वाद मीठा लग सकता है. यह स्वाद विज्ञान का हिस्सा है. क्या ये फायदेमंद हैंअगर कोई व्यक्ति बहुत ज्यादा चीनी वाले ड्रिंक्स पीता है और उसकी जगह सीमित मात्रा में नो शुगर ड्रिंक चुनता है, तो यह बेहतर विकल्प हो सकता है. इससे कैलोरी कम हो सकती है और शुगर इनटेक भी घट सकता है. खासकर वजन कंट्रोल या डायबिटीज मैनेजमेंट में कुछ लोगों को फायदा मिल सकता है. नो शुगर का मतलब यह नहीं कि आप इसे जितना चाहें उतना पी सकते हैं. ज्यादा मात्रा में लेने से मीठे स्वाद की आदत बनी रह सकती है. कुछ लोगों को कुछ स्वीटनर सूट नहीं करते. इसलिए लेबल पढ़ना जरूरी है और सीमित मात्रा में सेवन करना बेहतर है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : April 30, 2026, 18:16 IST