पटेल नगर, रायसेन रोड स्थित जागृत एवं दर्शनीय तीर्थ स्थल दादाजी धाम मंदिर में गुरुवार को भगवान विष्णु के उग्र एवं करुणामय अवतार भगवान नरसिंह का संध्या काल में विशेष पूजन वैदिक विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। यह पूजन उस पवित्र संधि-क्षण में किया गया, जिसे शास्त्रों में न दिन और न ही रात्रि का समय माना गया है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में धार्मिक वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से पुरुष सूक्त और नरसिंह स्तोत्र का पाठ किया। इसके बाद हवन एवं महाआरती आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लेकर भगवान की आराधना की। कार्यक्रम के अंत में प्रसाद वितरण किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी, चतुर्दशी और पूर्णिमा तिथियां अत्यंत पुण्यदायी मानी जाती हैं, जिन्हें ‘पुष्करिणी’ कहा जाता है। मान्यता है कि इन तिथियों में अमृत प्रकट हुआ था। द्वादशी को भगवान विष्णु ने उसकी रक्षा की, त्रयोदशी को देवताओं को अमृत पान कराया, चतुर्दशी को दैत्यों का संहार किया और पूर्णिमा को देवताओं को पुनः उनका साम्राज्य प्राप्त हुआ। इसी क्रम में मंदिर के गर्भगृह परिक्रमा में विराजमान भगवान बुद्ध का जन्मोत्सव शुक्रवार को सुबह 10 बजे से पूजन, हवन और आरती के साथ मनाया जाएगा। आयोजन के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया जाएगा।















































