छतरपुर जिले में गुरुवार को अचानक बदले मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज आंधी और झमाझम बारिश के चलते जहां एक ओर गर्मी से राहत मिली है। दूसरी ओर खेतों और खलिहानों, मंडियों, सोसायटी, खरीदी केंद्रों में खुले में रखा अनाज भीगने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई गांवों में गेहूं सहित अन्य फसलें खुले में पड़ी थीं, जो बारिश की चपेट में आ गईं। बताया जा रहा है कि कई किसानों ने अपनी उपज मंडियों या सुरक्षित स्थानों तक नहीं पहुंचाई थी, जिसके चलते बारिश ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश उनके लिए किसी सजा से कम नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव वेस्टर्न डिस्टरबेंस के सक्रिय होने के कारण हुआ है। इसके प्रभाव से क्षेत्र में आंधी, गरज-चमक और बारिश का दौर जारी है, जो अगले एक-दो दिन और जारी रह सकता है। तापमान गिरने से गर्मा से राहत मिली
बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात में तापमान गिरकर करीब 23 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि एआज गुरुवार दिन का तापमान 35.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इससे पहले जिले में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका था, जिससे भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। मौसम में आई इस अचानक तब्दीली से जहां आमजन को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों के लिए यह चिंता का कारण बन गई है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी उपज को सुरक्षित स्थानों पर रखें और मौसम को देखते हुए आवश्यक सावधानियां बरतें, ताकि नुकसान को कम किया जा सके।















































