Kunno Cheetah KGP-1 Moves to Ghatigaon; Tracking Continues

ग्वालियर3 मिनट पहले कॉपी लिंक ग्वालियर के ऊआ खेड़ा गांव के खेतों में आराम करता चीता KGP-1 ग्वालियर अंचल में इन दिनों एक खास मेहमान ने हलचल मचा रखी है। कूनो नेशनल पार्क से निकला चर्चित चीता KGP-1 एक बार फिर घाटीगांव क्षेत्र में नजर आया है। इस बार उसे ऊआ खेड़ा गांव के खेतों के बीच आराम करते हुए देखा गया, जिसका वीडियो ग्रामीणों ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। बताया जा रहा है कि यह वही चीता है, जो करीब 25 दिन पहले कूनो से निकलकर आरोन और सिमरिया होते हुए ग्वालियर के जंगलों तक पहुंचा था। पिछले कुछ दिनों से इसका मूवमेंट लगातार बदल रहा है, जिससे वन विभाग भी सतर्क मोड में है। तिघरा से घाटीगांव तक लंबा सफर, खेतों में आराम करता दिखा मेहमान पिछले 5 दिनों से चीता KGP-1 तिघरा डैम क्षेत्र के लखनपुरा जंगलों में घूमता रहा। माना जा रहा है कि वह पानी की तलाश में इस इलाके तक पहुंचा था। इसके बाद अब वह फिर से घाटीगांव के ऊआ खेड़ा गांव के खेतों में बैठा नजर आया। इससे पहले भी उसका मूवमेंट सोनचिरैया अभयारण्य और आसपास के ग्रामीण इलाकों में देखा गया था। यह साफ संकेत है कि चीता इस पूरे इलाके को अपना अस्थायी मूवमेंट ज़ोन बना चुका है। ग्रामीणों ने जब खेतों के बीच चीते को आराम करते देखा, तो पहले तो डर और हैरानी दोनों का माहौल बन गया। लेकिन जल्द ही कई लोगों ने मोबाइल निकालकर उसका वीडियो बना लिया। वीडियो में चीता पूरी तरह शांत दिखाई दे रहा है, जिससे यह भी संकेत मिलता है कि वह फिलहाल आक्रामक मूड में नहीं है। वन विभाग की कड़ी निगरानी ग्वालियर वन विभाग और कूनो नेशनल पार्क की टीम लगातार इस चीते की निगरानी कर रही है। उसके गले में लगे ट्रैकिंग कॉलर आईडी के जरिए उसकी लोकेशन पर नजर रखी जा रही है। टीम हर मूवमेंट को ट्रैक कर रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। अब तक हमला नहीं पर ग्रामीणों के लिए एडवाइजरी अब तक राहत की बात यह है कि चीते ने किसी भी ग्रामीण या मवेशी पर हमला नहीं किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि घाटीगांव के जंगलों में पर्याप्त शिकार मौजूद है, जिसकी वजह से उसे गांवों की ओर रुख करने की जरूरत नहीं पड़ रही। वन विभाग ने पहले ही आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अकेले जंगल या खेतों की ओर न जाएं, और चीते को देखने या उसके पास जाने की कोशिश बिल्कुल न करें। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्वालियर और आसपास के इलाकों में एक अलग ही रोमांच पैदा कर दिया है, जहां एक तरफ लोग इस दुर्लभ वन्यजीव को देखने के लिए उत्साहित हैं, वहीं दूसरी तरफ सुरक्षा को लेकर सावधानी भी बरती जा रही है। फिलहाल सबकी नजरें इसी ‘घुमक्कड़’ चीते KGP-1 की अगली लोकेशन पर टिकी हुई हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भीषण गर्मी में जरा सी लापरवाही पड़ सकती है भारी, जानिए डिहाइड्रेशन के लक्षण और बचाव के आसान तरीके

अंबाला: हरियाणा में इन दिनों लगातार बढ़ती गर्मी और उच्च तापमान ने आम जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है. चिलचिलाती धूप और लू के कारण लोगों की सेहत पर भी गंभीर असर पड़ रहा है और ऐसे मौसम में जरा-सी लापरवाही भारी पड़ सकती है. स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि अंबाला समेत हरियाणा के कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है. दोपहर के समय अंबाला के बाजार और मुख्य मार्ग भी सूने नजर आते हैं, क्योंकि बढ़ती गर्मी से लोगों में डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ रहा है. शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी इस बारे में जानकारी देते हुए अंबाला नागरिक अस्पताल की आरएमओ डॉ. अदिति गौतम ने बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर से पसीने के रूप में पानी तेजी से निकलता है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए दिन की शुरुआत सुबह उठते ही एक से दो गिलास पानी पीकर करनी चाहिए और पूरे दिन नियमित अंतराल पर पानी का सेवन करते रहना चाहिए.उन्होंने बताया कि दोपहर के समय तापमान काफी अधिक रहता है, इसलिए घर से बाहर निकलते समय आंखों पर चश्मा (गॉगल्स) लगाएं और छाता साथ रखें. केवल पानी ही नहीं, बल्कि पानी से भरपूर खाद्य पदार्थों का सेवन भी जरूरी है. क्या खाएं और क्या न खाएं गर्मियों में तरबूज, खरबूजा, खीरा और नारियल पानी जैसे प्राकृतिक खाद्य पदार्थ शरीर को ठंडक देते हैं और जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति करते हैं. इसके अलावा नींबू पानी और छाछ जैसे पेय पदार्थ भी शरीर को तरोताजा बनाए रखते हैं. डॉ. गौतम ने सलाह दी कि घर का ताजा भोजन ही करें और रात का बचा हुआ खाना बिल्कुल न खाएं. उन्होंने चेतावनी दी कि कोल्ड ड्रिंक्स, अधिक चाय और कॉफी का सेवन सीमित करें, क्योंकि इनमें मौजूद शुगर और कैफीन शरीर को और अधिक डिहाइड्रेट कर सकते हैं. साथ ही बाहर का अस्वच्छ और बासी भोजन खाने से बचें, क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग और अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. डिहाइड्रेशन के लक्षण पहचानें उन्होंने बताया कि त्वचा में रूखापन, आंखों के नीचे कालापन, अत्यधिक थकान या पेशाब का गहरा पीला रंग ये सभी शरीर में पानी की कमी के संकेत हो सकते हैं. ऐसे में तुरंत तरल पदार्थों का सेवन बढ़ाना चाहिए.यदि किसी व्यक्ति को चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी या बेहोशी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय गर्मी से बचाव के लिए दोपहर के समय सिर ढककर ही बाहर निकलें. हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें और अनावश्यक रूप से बाहर जाने से बचें. घर लौटने के तुरंत बाद ठंडा पानी न पिएं, बल्कि पहले शरीर का तापमान सामान्य होने दें, फिर सामान्य पानी का सेवन करें. अस्पताल में विशेष व्यवस्था डॉ. गौतम ने बताया कि अंबाला नागरिक अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध हैं. यहां हीट स्ट्रोक के मरीजों के लिए विशेष कक्ष भी बनाया गया है. इमरजेंसी वार्ड में ORS पैकेट के लिए अलग काउंटर है, जहां से लोग निशुल्क ORS ले सकते हैं.मरीजों की सुविधा के लिए अस्पताल में एसी, कूलर और पंखों की व्यवस्था भी की गई है, ताकि बढ़ती गर्मी में उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो.
गर्मियों में सत्तू रेसिपी: चिलचिलाती धूप और लू का काल है सत्तू शरबत, 2 मिनट में तैयार करें देसी एनर्जी ड्रिंक; ठंडा रहेगा पेट

1 मई 2026 को 11:09 IST पर अपडेट किया गया गर्मियों में सत्तू रेसिपी: चिलचिलाती गर्मी के दिन शुरू होते ही धूप में निकलना मुश्किल हो जाता है। इसके साथ-साथ लू ली का डर भी सताता रहता है। इस टेप सीज़न में भी सत्तू शरबत का देसी पेय ऐसा होता है, जो पेट को ठंडा और शरीर को मजबूत बनाए रख सकता है। आइए आपको बताते हैं कि इस ड्रिंक को आप घर पर कैसे तैयार कर सकते हैं। अनुसरण करना : गर्मियों में देसी ड्रिंक बनाने के लिए सबसे पहले भुने हुए चने जरूर बनाएं। सत्तू को भूने जाते हैं चानों को पीसकर बनाया जाता है। छवि: एआई सत्तू पीने का तरीका: 2 सत्तू को ठंडा पानी में पियें। इसमें काला नमक, जीरा और लेप तैयार किया गया। बस इन सभी अच्छे तरह से मिक्स कर लें और आपका एनर्जी ड्रिंक तैयार है। छवि: एआई सत्तू में प्रचुर मात्रा में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन पाया जाता है। ये बेकार का अच्छा स्रोत होता है, जो शरीर में जैविक ऊर्जा बनाए रखता है। इसके साथ ही बॉडी बनाने के लिए सबसे अच्छा माना जाता है। छवि: एआई अगर पेट से जुड़ी कोई भी समस्या है तो सत्तू की ये देसी ड्रिंक राहत दिलाती है। सत्तू की तासीर सार्वभौमिक है, जो मेटाबोलिज्म को सही करता है। इसके साथ ही खराब होने वाली समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है। छवि: एआई सत्तू से बनी ड्रिंक पीने के बाद पेट लंबे समय तक भरा रहता है। इससे आप फालतू नेचुरल फूड से बच सकते हैं। साथ ही ये वेट लॉस का सबसे बेहतरीन नुस्खा माना जाता है। छवि: एआई सत्तू पीने से शरीर का तापमान नियंत्रित होता है और आपको डायरिया से मुक्ति मिलती है। चिलचिलाती धूप में गर्मी और लू का ये है पक्का इलाज। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित : कीर्ति सोनी प्रकाशित 1 मई 2026 11:09 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)सत्तू शरबत के फायदे(टी)देसी एनर्जी ड्रिंक(टी)हाई प्रोटीन समर ड्रिंक्स(टी)वजन घटाने के लिए सत्तू के फायदे(टी)गर्मियों के लिए प्राकृतिक ठंडक देने वाले ड्रिंक्स(टी)सत्तू ड्रिंक कैसे बनाएं
रायसेन में आंधी-तूफान से बिजली गुल, पोल गिरे:दिन के तापमान में 3 और रात में 8 डिग्री की गिरावट से राहत, किसानों की उपज पर संकट

रायसेन में गुरुवार रात 11 बजे तेज आंधी तूफान से बिजली गुल हो गई और ग्रामीण इलाकों में बिजली के खंभे तथा पेड़ गिर गए। इससे दिन और रात के तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली, लेकिन किसानों की चिंताएं बढ़ गईं। गुरुवार दोपहर के बाद आसमान में बादल छा गए और बूंदाबांदी शुरू हो गई थी जो देर रात तक जारी रही। रात को 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज आंधी ने शहर को ब्लैकआउट कर दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में कई बिजली के पोल धराशाई हो गए और पेड़ों की टहनियां टूट गईं। लगभग 15 मिनट तक चली इस आंधी से कई घरों के छप्पर भी उड़ गए, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बदले मौसम के कारण तापमान में गिरावट आई। दिन का तापमान 43 डिग्री से घटकर 40 डिग्री पर आ गया है। और रात के तापमान 29 डिग्री से घटकर 21 डिग्री पर दर्ज किया गया। भीषण गर्मी के बीच इस बदलाव से लोगों को काफी राहत मिली। हालांकि, मौसम के इस बदलाव ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कृषि उपज मंडी और सरकारी गेहूं खरीदी केंद्रों पर रखा हजारों क्विंटल अनाज बारिश के पानी से खराब होने के खतरे में आ गया। किसान अपनी उपज को बचाने के लिए मशक्कत करते दिखे। कृषि उपज मंडी में व्यापारियों ने भी खुले में रखे अपने अनाज को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। आंधी के कारण उदयपुरा ब्लॉक में एक स्कूल परिसर में कई साल पुराना एक पेड़ गिर गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त पेड़ के आसपास कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी का अलर्ट जारी किया है।
धर्मेंद्र को याद कर भावुक हुईं हेमा मालिनी:कहा– मुझे उनकी याद आती है, उनके बिना जिंदगी कैसे जीऊंगी नहीं जानती

एक्ट्रेस हेमा मालिनी गुरुवार को अपने पति और एक्टर धर्मेंद्र को याद करते हुए भावुक हो गईं। मुंबई में एक इवेंट का वीडियो सामने आया, जिसमें हेमा मालिनी ने कहा, ‘उनका सफर पैशन, डेडिकेशन और ऑडियंस के लिए बहुत ज्यादा प्यार से भरा था। वो हमेशा यही कहते थे कि फिल्म दिल से जुड़ने का जरिया है। वह फिल्मों और कैमरे को लेकर पैशनेट थे। उनके लाइफ पार्टनर के तौर पर, मैंने देखा कि वह कितने पैशनेट थे और उन्होंने लाखों लोगों के दिलों को छुआ है और सबके साथ उनका व्यवहार ऐसा था।’ एक्ट्रेस ने आगे कहा, ‘उन्होंने एक एक्टर, एक दोस्त, एक पिता के तौर पर बहुत से लोगों को, यहां तक कि यंगस्टर्स को भी इंस्पायर किया है। वह एक महान इंसान थे और मैं बहुत खुशकिस्मत थी कि उनके साथ रही। मुझे उनकी याद आती है। मुझे नहीं पता कि मैं उनके बिना जिंदगी कैसे जीऊंगी, लेकिन वह दूसरी बात है।’ धर्मेंद्र का निधन पिछले साल हुआ था धर्मेंद्र का 24 नवंबर 2025 को 89 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। धर्मेंद्र के निधन के 3 दिन बाद हेमा मालिनी ने उनके लिए भावुक पोस्ट शेयर की थीं। उन्होंने कहा था कि धर्मेंद्र उनके लिए सब कुछ थे और उनके जाने से जो खालीपन पैदा हुआ, वो जिंदगीभर रहेगा। हेमा ने धर्मेंद्र के साथ तस्वीर शेयर कर भावुक होकर लिखा था- धर्म जी। वो मेरे लिए बहुत कुछ थे, एक प्यार करने वाले पति, हमारी दो बेटियों ईशा और अहाना के स्नेही पिता, एक मित्र, दार्शनिक, मार्गदर्शक, कवि, जरूरत के हर समय मेरे ‘गो-टू’ इंसान। सच कहूं तो, वे मेरे लिए सब कुछ थे। अच्छे और बुरे हर दौर में वे हमेशा मेरे साथ रहे। उन्होंने अपने सहज, दोस्ताना स्वभाव से मेरे परिवार के हर सदस्य का दिल जीत लिया था, हमेशा सभी को स्नेह और अपनापन देते हुए। आगे उन्होंने लिखा था, एक सार्वजनिक हस्ती के रूप में, उनकी प्रतिभा, उनकी लोकप्रियता के बावजूद उनका विनम्र स्वभाव, और उनका सार्वभौमिक आकर्षण, इन सब ने उन्हें एक ऐसा अनोखा और अतुलनीय आइकन बना दिया, जिसकी मिसाल शायद ही किसी दिग्गज में मिलती है। फिल्म इंडस्ट्री में उनकी कीर्ति और उपलब्धियां हमेशा याद रखी जाएंगी। मेरी निजी हानि शब्दों से परे है, और जो खालीपन पैदा हुआ है, वह मेरी पूरी जिंदगी के साथ रहेगा। सालों के साथ-सफर के बाद अब मैं सिर्फ अनगिनत यादों के सहारे उन खास पलों को फिर-फिर जिऊंगी। इसके अलावा हेमा मालिनी ने धर्मेंद्र के साथ बिताए कुछ यादगार पलों की तस्वीरें शेयर कर लिखा था, सालों की साथ-संगत, हमेशा हमारे लिए मौजूद रहे। कुछ खास पल।
गर्मियों में सिर्फ पानी पीना पर्याप्त नहीं, किस तरह पी रहे हैं यह भी है अहम; भूलकर भी न करें पानी पीने से जुड़ी ये गलतियां

Last Updated:May 01, 2026, 10:47 IST Mistakes While Drinking Water: गर्मी के मौसम में सिर्फ पानी पीना ही काफी नहीं है, बल्कि आपका तरीका भी मायने रखता है. जानें पानी पीने से जुड़ी उन 5 बड़ी गलतियों के बारे में, जो आपकी सेहत और पाचन बिगाड़ सकती हैं. Common water drinking mistakes : पानी तो सभी पीते हैं, लेकिन इसे पीने का तरीका आपके शरीर के कामकाज में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अक्सर लोग केवल पानी की “सही मात्रा” पर ध्यान देते हैं, लेकिन समय, पानी पीने की गति और आपका पोश्चर जैसे अन्य कारकों को नजरअंदाज कर देते हैं। पानी बहुत तेजी से पीना, इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी और प्यास लगने तक इंतजार करना जैसी गलतियां हाइड्रेशन की प्रभावशीलता को कम कर सकती हैं. क्यों जरूरी है सही तरीका? दरअसल, आपका हाइड्रेशन लेवल सीधे तौर पर आपकी एनर्जी, डाइजेशन और ओवरऑल कम्फर्ट से जुड़ा है. जब शरीर सही तरह से हाइड्रेटेड नहीं होता, तो थकान और सुस्ती महसूस होना आम है. अपनी डेली रूटीन में थोड़े से ‘स्मार्ट’ बदलाव करके आप न केवल अपनी आदतों को सुधार सकते हैं, बल्कि खुद को पहले से कहीं ज्यादा एक्टिव और हेल्दी महसूस करा सकते हैं. ‘सिपिंग’ शुरू करें- ज्यादातर लोगों को लगता है कि एक साथ ढेर सारा पानी पीने से वे जल्दी हाइड्रेट हो जाएंगे, लेकिन यह एक मिथ है. हकीकत यह है कि शरीर एक बार में बहुत ज्यादा पानी एब्जॉर्ब नहीं कर पाता और वह बिना किसी फायदे के सिस्टम से बाहर निकल जाता है. इसका सही और ‘प्रो’ तरीका यह है कि पूरे दिन छोटे-छोटे घूँट (sips) लेकर पानी पिएं ताकि शरीर उसे ढंग से इस्तेमाल कर सके. Add News18 as Preferred Source on Google कब पीना है सबसे जरूरी? इर्रेगुलर तरीके से पानी पीने से शरीर ‘डिहाइड्रेशन मोड’ में चला जाता है, जिससे फोकस की कमी और थकान होती है. हाइड्रेशन में टाइमिंग बहुत बड़ा रोल प्ले करती है. सुबह उठने के बाद, मील (meal) से पहले और बाद में, और वर्कआउट के बाद पानी पीना आपके एनर्जी लेवल को कंसिस्टेंट रखता है और शरीर का बैलेंस बनाए रखता है. खाने के साथ ‘नो वॉटर’ जोन- भोजन के दौरान बहुत अधिक पानी पीना आपके पेट के एसिड्स और एंजाइम्स को ‘डाइल्यूट’ कर सकता है, जो डाइजेशन के लिए सही नहीं है. इससे अक्सर ब्लोटिंग या भारीपन महसूस होता है. एक्सपर्ट्स की मानें तो खाने के दौरान सिर्फ एक-दो घूँट ही पिएं और पानी की असली मात्रा को मील से पहले या करीब 30 मिनट बाद के लिए बचाकर रखें. सिर्फ पानी काफी नहीं, इलेक्ट्रोलाइट्स भी हैं मस्ट- खासकर गर्मियों में या इंटेंस वर्कआउट के दौरान, पसीने के जरिए शरीर से सोडियम जैसे मिनरल्स बाहर निकल जाते हैं. ऐसे में सिर्फ सादा पानी पीने से शरीर का बैलेंस वापस नहीं आता और आप थका हुआ महसूस करते हैं. इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए नींबू-पानी या नारियल पानी जैसे नेचुरल ड्रिंक्स को अपनी डाइट का हिस्सा बनाएं. चिल्ड वॉटर सेहत के लिए खतरा? टीओटी की खबर के मुताबिक, बर्फ जैसा ठंडा पानी पीने में तो रिफ्रेशिंग लगता है, लेकिन यह डाइजेशन को स्लो कर सकता है. खाली पेट या खाने के साथ ‘आइस-कोल्ड’ वॉटर पीना बेस्ट ऑप्शन नहीं है. इसके बजाय रूम टेम्परेचर या हल्का ठंडा पानी पिएं, क्योंकि हमारा शरीर इसे ज्यादा आसानी से एब्जॉर्ब करता है और यह पेट के लिए भी आरामदायक होता है. प्यास का इंतजार करना है आपकी सबसे बड़ी भूल- जब आपको प्यास लगती है, तो असल में वह इस बात का सिग्नल है कि आपका शरीर पहले ही डिहाइड्रेटेड हो चुका है. प्यास लगने पर पानी पीने से आपकी हाइड्रेशन साइकिल अनइवेन हो जाती है. इसलिए प्यास का वेट न करें, बल्कि एक कंसिस्टेंट रूटीन बनाएं ताकि शरीर में पानी का लेवल हमेशा स्टेबल रहे. बोतल को बनाएं अपना बेस्ट फ्रेंड- अक्सर बिजी शेड्यूल के चक्कर में हम पानी पीना ही भूल जाते हैं. इसका सबसे आसान सॉल्यूशन यह है कि पानी की बोतल को हमेशा अपनी नजरों के सामने रखें. चाहे ऑफिस हो, ट्रैवलिंग या जिम, पास में बोतल होने से आपको बार-बार याद दिलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और आप बिना ज्यादा सोचे हाइड्रेटेड रहेंगे. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.) न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
इस गर्मी घर में लगाएं ये 5 खास पौधे, शरबत-चटनी से लेकर स्किन केयर तक देंगे पूरा सुरक्षा कवच

Last Updated:May 01, 2026, 10:43 IST Sidhi News: गर्मियों में लेमन ग्रास बेहद उपयोगी पौधा है. इसकी खुशबू तनाव को कम करती है. यह घास मच्छरों को दूर रखने में मदद करती है. इसकी चाय पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर को ठंडक मिलती है. सीधी. गर्मी का मौसम शुरू होते ही सेहत से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ने लगती हैं. तेज धूप, लू और बढ़ते तापमान के बीच शरीर को ठंडा और स्वस्थ बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन जाता है. ऐसे में आयुर्वेदिक विशेषज्ञ घर में औषधीय पौधे लगाने की सलाह दे रहे हैं, जो न केवल वातावरण को शुद्ध करते हैं बल्कि कई बीमारियों से बचाव में भी मददगार साबित होते हैं. सीधी के आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ आरपी परौहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि गर्मी के मौसम में शरीर को अंदर से ठंडा रखने और लू से बचने के लिए हर्बल पौधे सबसे कारगर और प्राकृतिक उपाय हैं. आयुर्वेद में इन पौधों का उपयोग सदियों से होता आ रहा है और इनका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव भी नहीं पड़ता. खास बात यह है कि इन्हें आप अपने घर के गमलों या छोटे बगीचे में आसानी से उगा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर तुरंत इस्तेमाल कर सकते हैं. तुलसी को प्रकृति की औषधि कहा जाता है. यह न केवल हवा को शुद्ध करती है बल्कि मानसिक शांति देने में भी सहायक है. वहीं एलोवेरा त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसकी ठंडी तासीर त्वचा को राहत देती है और यह घर में नमी बनाए रखने में भी मदद करता है. पुदीना गर्मी में किसी वरदान से कम नहीं है. इसकी ठंडी तासीर शरीर को तुरंत राहत देती है. पुदीने का शर्बत या चटनी पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और गर्मी के असर को कम करती है. कड़ी पत्ता (करी पत्ता) भी केवल स्वाद बढ़ाने तक सीमित नहीं है बल्कि यह हवा को शुद्ध करने और शरीर को ठंडक देने में सहायक होता है. लेमन ग्रास भी फायदेमंदलेमन ग्रास भी गर्मियों में बेहद उपयोगी पौधा है. इसकी खुशबू तनाव को कम करती है और मच्छरों को दूर रखने में मदद करती है. इसकी चाय पीने से पाचन तंत्र मजबूत होता है और शरीर को ठंडक मिलती है. इसके अलावा दूर्वा घास और रोजमेरी जैसे पौधे भी काफी फायदेमंद माने जाते हैं. दूर्वा शरीर के पित्त दोष को कम करती है जबकि रोजमेरी याददाश्त बढ़ाने और मानसिक ताजगी बनाए रखने में मदद करती है. स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में अहम भूमिकाडॉ आरपी परौहा का मानना है कि ये सभी पौधे न केवल घर के वातावरण को ठंडा रखते हैं बल्कि प्राकृतिक रूप से स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. ऐसे में अगर आप भी स्वस्थ रहना चाहते हैं, तो इस गर्मी अपने घर में इन आयुर्वेदिक पौधों को जरूर लगाएं और प्राकृतिक तरीके से खुद को फिट रखें. About the Author Rahul Singh राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं. News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh
वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने भारत-पाक संघर्ष को टैरिफ की धमकी से सुलझाने का दावा दोहराया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को टैरिफ की धमकी देकर खत्म कराया। गुरुवार को व्हाइट हाउस में एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइनिंग के दौरान मीडिया से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि दोनों देशों को चेतावनी दी गई थी कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका 200% तक टैरिफ लगाएगा। ट्रम्प के मुताबिक, इस आर्थिक दबाव के चलते दोनों परमाणु संपन्न देश पीछे हटे और संभावित बड़े युद्ध को टाला गया। उन्होंने कहा कि इस कदम से 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बची। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कुल 8 युद्ध सुलझाए हैं और कई देशों ने उन्हें इसके लिए धन्यवाद पत्र भेजे। हालांकि, भारत सरकार ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज किया है। भारत के अनुसार, सीजफायर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ, जब पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया। गौरतलब है कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम हुआ। अंतरराष्ट्रीय मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… आंग सान सू ची को हाउस अरेस्ट में शिफ्ट किया गया, सजा में भी कटौती म्यांमार की पूर्व नेता आंग सान सू ची को जेल से हटाकर हाउस अरेस्ट में भेज दिया गया है। यह फैसला सैन्य सरकार द्वारा सजा में कटौती और आम माफी के तहत लिया गया है। गुरुवार को जारी बयान में राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि सू ची अपनी बाकी सजा अब निर्धारित निवास पर पूरी करेंगी। राज्य मीडिया ने उनकी एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें वे लकड़ी की बेंच पर बैठी नजर आ रही हैं। यह कई सालों बाद उनकी पहली सार्वजनिक तस्वीर है। सू ची को 2022 में विभिन्न मामलों में कुल 33 साल की सजा सुनाई गई थी। हालिया राहत के बाद उनकी सजा घटकर करीब 18 साल रह गई है, जिसमें अभी 13 साल से ज्यादा सजा बाकी है। यह फैसला बौद्ध धार्मिक पर्व के मौके पर घोषित आम माफी का हिस्सा है, जिसमें 1519 कैदियों को रिहा किया गया और अन्य कैदियों की सजा में कटौती की गई। संयुक्त राष्ट्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक बताया है। हालांकि, सू ची की कानूनी टीम ने कहा कि उन्हें इस फैसले की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। गौरतलब है कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद आंग सान सू ची को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद से म्यांमार में लगातार हिंसा और अस्थिरता बनी हुई है, जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है।
वर्ल्ड अपडेट्स:ट्रम्प ने भारत-पाक संघर्ष को टैरिफ की धमकी से सुलझाने का दावा दोहराया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि उन्होंने 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को टैरिफ की धमकी देकर खत्म कराया। गुरुवार को व्हाइट हाउस में एग्जीक्यूटिव ऑर्डर साइनिंग के दौरान मीडिया से बातचीत में ट्रम्प ने कहा कि दोनों देशों को चेतावनी दी गई थी कि अगर लड़ाई जारी रही तो अमेरिका 200% तक टैरिफ लगाएगा। ट्रम्प के मुताबिक, इस आर्थिक दबाव के चलते दोनों परमाणु संपन्न देश पीछे हटे और संभावित बड़े युद्ध को टाला गया। उन्होंने कहा कि इस कदम से 30 से 50 मिलियन लोगों की जान बची। ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में कुल 8 युद्ध सुलझाए हैं और कई देशों ने उन्हें इसके लिए धन्यवाद पत्र भेजे। हालांकि, भारत सरकार ने ट्रम्प के इस दावे को खारिज किया है। भारत के अनुसार, सीजफायर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ, जब पाकिस्तान के DGMO ने भारतीय DGMO से संपर्क किया। गौरतलब है कि भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकी ठिकानों पर ऑपरेशन सिंदूर चलाया था, जिसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव कम हुआ। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… आंग सान सू ची को हाउस अरेस्ट में शिफ्ट किया गया, सजा में भी कटौती म्यांमार की पूर्व नेता आंग सान सू ची को जेल से हटाकर हाउस अरेस्ट में भेज दिया गया है। यह फैसला सैन्य सरकार द्वारा सजा में कटौती और आम माफी के तहत लिया गया है। गुरुवार को जारी बयान में राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने कहा कि सू ची अपनी बाकी सजा अब निर्धारित निवास पर पूरी करेंगी। राज्य मीडिया ने उनकी एक तस्वीर भी जारी की है, जिसमें वे लकड़ी की बेंच पर बैठी नजर आ रही हैं। यह कई सालों बाद उनकी पहली सार्वजनिक तस्वीर है। सू ची को 2022 में विभिन्न मामलों में कुल 33 साल की सजा सुनाई गई थी। हालिया राहत के बाद उनकी सजा घटकर करीब 18 साल रह गई है, जिसमें अभी 13 साल से ज्यादा सजा बाकी है। यह फैसला बौद्ध धार्मिक पर्व के मौके पर घोषित आम माफी का हिस्सा है, जिसमें 1519 कैदियों को रिहा किया गया और अन्य कैदियों की सजा में कटौती की गई। संयुक्त राष्ट्र ने इस कदम का स्वागत करते हुए इसे राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में सकारात्मक बताया है। हालांकि, सू ची की कानूनी टीम ने कहा कि उन्हें इस फैसले की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। गौरतलब है कि 2021 में सैन्य तख्तापलट के बाद आंग सान सू ची को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसके बाद से म्यांमार में लगातार हिंसा और अस्थिरता बनी हुई है, जिसमें हजारों लोगों की जान जा चुकी है। लंदन में हमले के बाद UK में आतंकी खतरे का स्तर ‘सीवियर’ तक बढ़ाया गया ब्रिटेन में आतंकवादी खतरे का स्तर बढ़ाकर ‘सीवियर’ कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अगले छह महीनों में आतंकी हमले की संभावना बेहद अधिक मानी जा रही है। गुरुवार को लिया गया यह फैसला लंदन में दो यहूदी नागरिकों पर चाकू से हुए हमले के बाद आया है। उत्तर लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में हुए इस हमले को मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने आतंकी घटना घोषित किया है। इसके बाद जॉइंट टेररिज्म एनालिसिस सेंटर (JTAC) की सिफारिश पर खतरे का स्तर बढ़ाया गया। सिक्योरिटी मंत्री डैन जार्विस ने कहा कि जनता को सतर्क रहने की जरूरत है, लेकिन घबराने की नहीं। उन्होंने बताया कि खतरे का स्तर बढ़ाने का कारण केवल यह हमला नहीं, बल्कि इस्लामिस्ट और अतिवादी दक्षिणपंथी गतिविधियों में बढ़ोतरी भी है। हाल के महीनों में UK में यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाली घटनाएं बढ़ी हैं। सरकार ने इन घटनाओं को देखते हुए 25 मिलियन पाउंड की अतिरिक्त फंडिंग और सुरक्षा बढ़ाने का ऐलान किया है। पुलिस ने हमले के आरोपी एसा सुलेमान को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में यह भी सामने आया है कि वह पहले भी सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में रह चुका है। प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने कहा कि सरकार लोगों की चिंता को समझती है और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, नफरत फैलाने वाले संगठनों पर सख्त कार्रवाई के लिए नए कानूनों पर विचार किया जा रहा है।
Childrens Bodies Kept 24 Days; Grandfather Demands Justice

Hindi News National Manipur Bomb Attack: Childrens Bodies Kept 24 Days; Grandfather Demands Justice इंफाल1 मिनट पहलेलेखक: डी. कुमार कॉपी लिंक तस्वीर उस घर की उस खिड़की की है, जहां 7 अप्रैल को बम फटा था। बच्चे कमरे में सो रहे थे। स्थानीय लोगों ने खिड़की की मरम्मत करवा दी है। मणिपुर के ट्रोंगलाओबी गांव में 7 अप्रैल को बम धमाके में 5 साल के बच्चे और उसकी 6 महीने की बहन की मौत हो गई थी। दो भाई-बहनों का शव 24 दिन बाद भी इंफाल के रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के मुर्दाघर में रखे हैं। इस हमले का आरोप संदिग्ध कुकी उग्रवादियों पर लगाया गया। इन मासूम मौतों ने मणिपुर हिंसा के दर्द को कई गुना बढ़ा दिया है। भास्कर टीम गुरुवार को बच्चों के घर ट्रोंगलाओबी गांव पहुंची। खुले खेतों के पास बने घर में घुसते ही दीवार और आसपास मौजूद टिन की चादरों पर बम के छर्रों से हुए छेद दिल दहला देंगे। जिस खिड़की पर बम फोड़ा गया था, उसकी मरम्मत करा दी गई है। लेकिन पूरा परिवार सदमे में है। बच्चों के 71 साल के दादा, बाबुटन ओइनाम कहते हैं- सरकार 10-10 लाख रुपए लेकर बच्चों का अंतिम संस्कार करने को कह रही है, लेकिन हमें पैसा नहीं चहिए। हमें हत्यारे चाहिए। हमले के समय दोनों भाई-बहन अपनी मां के साथ सो रहे थे। जिन्हें गिरफ्तार किया, वो तो पहले से ही जेल में थे… मणिपुर की भाजपा सरकार ने इस घटना की जांच एनआईए को सौंपी है। हैरानी वाली बात ये है कि शुरुआत में कुछ संदिग्ध कुकी उग्रवादियों को गिरफ्तार करने की खबरें आईं, लेकिन आरोपी कौन हैं, कहां के हैं, ऐसे कई सवालों पर सरकार और पुलिस चुप्पी साधे हुए है। बाबुटन ने बताया कि सरकार जिन तीन लोगों को पकड़ने का दावा कर रही है, उनके बारे में लोग कह रहे हैं कि ये उग्रवादी पहले से जेल में बंद हैं। फिर पुलिस ने उन्हीं को दोबारा क्यों गिरफ्तार किया? इन्हीं झूठे दावों के चलते हम अपने बच्चों के शव अब तक घर नहीं लाए। परिवार का आरोप- सरकार हमसे कुछ छिपा रही बाबुटन ओइनाम ने आगे कहा- हम तब तक अपने बच्चों का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे, जब तक उन्हें मारने वालों को सरकार गिरफ्तार कर सजा नहीं दे देती है। पुलिस ने किसे गिरफ्तार किया, हमें नहीं पता। उन निर्दयी लोगों ने एक ऐसी नन्हीं बच्ची को मार डाला, जिसने जन्म के बाद अन्न का एक दाना भी नहीं चखा था। बाबुटन कहते हैं कि गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम सिंह घटना के बाद हमारे घर पर आए थे। हमने उनसे दो टूक कहा था- हत्यारों को हमारे सामने सजा दो। सरकार हमसे कुछ छिपा रही है लेकिन हमें नहीं पता कि क्या? 24 दिन से 24 घंटे प्रदर्शन, महिलाएं बोलीं- सरकार झूठी बच्चों की मौत के खिलाउ नेशनल हाईवे 202 पर मोइरांग में मैतेई महिलाएं 24 दिन से प्रदर्शन कर रही हैं। यहां बैठीं प्रेमिता कहती हैं, ‘हम 24 घंटे धरने पर हैं। सरकार से कोई मिलने नहीं आया। सरकार झूठ बोल रही है। उन्होंने किसी को गिरफ्तार नहीं किया। दूसरी ओर, कुकी संगठन ने भी गिरफ्तारी पर अनभिज्ञता जाहिर की।’ मणिपुर में एक साल राष्ट्रपति शासन रहा, 4 फरवरी को नई सरकार बनी मणिपुर में मई 2023 में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय हिंसा शुरू हुई थी। यह 2025 के शुरुआती महीनों तक जारी रही। हिंसा के दौरान कई इलाकों में आगजनी, लूट और हत्याओं की घटनाएं हुईं। हजारों लोग विस्थापित हुए और राहत शिविरों में रहने को मजबूर हुए। मणिपुर के तत्कालीन मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने 9 फरवरी, 2025 को इस्तीफा दे दिया था। दो साल से ज्यादा समय तक जारी हिंसा न रोक पाने के कारण उनपर लगातार राजनीतिक दबाव बन रहा था। बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी 2025 को मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगा था। करीब एक साल बाद 4 फरवरी 2026 को मणिपुर में नई सरकार का गठन हुआ। भाजपा के युमनाम खेमचंद सिंह ने मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मणिपुर की यह खबर भी पढ़ें… मणिपुर के उखरुल में फायरिंग से 3 की मौत:मिलिटेंट्स ने कई घर जलाए, नगा-कुकी समुदाय में तनाव; 7 अप्रैल से अब तक 10 मौतें मणिपुर के उखरुल जिले में 24 अप्रैल को दो अलग-अलग फायरिंग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई। सिनाकेइथेई गांव में हमलावरों ने फायरिंग के साथ कई घरों में आग भी लगा दी। राज्य में अप्रैल में हिंसा की अलग-अलग घटनाओं में 10 मौतें हुईं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









