Health Screening Tests Age Wise List & Guide

1 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक आमतौर पर लोग डॉक्टर के पास तब जाते हैं, जब किसी बीमारी के स्पष्ट लक्षण दिखते हैं। लेकिन हार्ट डिजीज, किडनी डिजीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के लक्षण शुरुआत में नजर नहीं आते। स्क्रीनिंग की मदद से स्पष्ट लक्षणों से पहले ही इन बीमारियों का पता लगाया जा सकता है। इसलिए हेल्थ स्क्रीनिंग को ‘साइलेंट लाइफसेवर’ कहा जाता है। इससे न सिर्फ बीमारी का जल्दी पता लगता है, बल्कि इलाज भी आसान हो जाता है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज समझेंगे कि हेल्थ स्क्रीनिंग क्या है। साथ ही जानेंगे कि- हेल्थ स्क्रीनिंग कराना क्यों जरूरी है? कौन सी जांचें आपकी जिंदगी बचा सकती हैं? एक्सपर्ट: डॉ. संचयन रॉय, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- हेल्थ स्क्रीनिंग क्या है और यह करवाना क्यों जरूरी है? जवाब- हेल्थ स्क्रीनिंग एक प्रिवेंटिव मेडिकल टेस्ट प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य बीमारियों का शुरुआती दिनों में पता लगाना है। इसमें ब्लड टेस्ट, BP, शुगर, कोलेस्ट्रॉल जैसी जांचें शामिल हैं। लक्षण न दिखने पर भी रिस्क पहचाना जा सकता है। इसकी मदद से समय पर इलाज शुरू किया जा सकता है। सवाल- हेल्थ स्क्रीनिंग में कौन से टेस्ट करवाने जरूरी हैं? जवाब- हेल्थ स्क्रीनिंग में जरूरी टेस्ट उम्र, जेंडर और रिस्क फैक्टर के अनुसार तय होते हैं। सामान्य गाइडलाइन इस तरह हैं- अब समझते हैं कि कॉमन बीमारियों का पता लगाने के लिए कौन से टेस्ट करवाने जरूरी हैं- डायबिटीज डायबिटीज की जांच के लिए फास्टिंग ब्लड शुगर, पोस्टप्रेंडियल शुगर और HbA1c टेस्ट जरूरी होते हैं। HbA1c पिछले 2-3 महीनों का एवरेज शुगर लेवल बताता है। इससे प्री-डायबिटीज पहचानने और ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मदद मिलती है। लिपिड प्रोफाइल टेस्ट इसमें टोटल कोलेस्ट्रॉल, LDL (खराब कोलेस्ट्रॉल), HDL (गुड कोलेस्ट्रॉल) और ट्राइग्लिसराइड्स की जांच होती है। इससे हार्ट डिजीज के रिस्क का आकलन होता है। LDL बढ़ने पर धमनियों में प्लाक जमा हो सकता है। नियमित स्क्रीनिंग से हार्ट डिजीज का समय से पहले पता चल सकता है। यूरिक एसिड इस ब्लड टेस्ट से शरीर में यूरिक एसिड का लेवल पता चलता है। इसका लेवल बढ़ने पर गाउट, जोड़ों के दर्द और किडनी स्टोन का रिस्क हो सकता है। हाई-प्रोटीन डाइट लेने वालों को और मेटाबॉलिक प्रॉब्लम्स होने पर रेगुलर चेकअप कराना चाहिए। विटामिन डेफिशिएंसी विटामिन D और B12 की जांच काफी कॉमन है। इनकी कमी से बोन वीकनेस, और नर्व प्रॉब्लम हो सकती है। ब्लड टेस्ट से कमी का पता लगाकर सही सप्लीमेंट और डाइट से सुधार किया जा सकता है। लिवर हेल्थ इसमें लिवर फंक्शन टेस्ट (LFT) में SGPT, SGOT, बिलीरुबिन और प्रोटीन लेवल चेक किए जाते हैं। इनसे लिवर की कार्यक्षमता, इंफ्लेमेशन और डैमेज का पता लगाया जाता है। फैटी लिवर, दवाओं के साइड इफेक्ट को मॉनिटर करने के लिए यह स्क्रीनिंग जरूरी है। किडनी हेल्थ किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) में क्रिएटिनिन, यूरिया और eGFR की जांच होती है। ये किडनी की फिल्टरिंग क्षमता बताते हैं। हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज या उम्र बढ़ने पर किडनी डैमेज का खतरा बढ़ता है। इसलिए रेगुलर चेकअप जरूरी है। थायरॉइड TSH, T3 और T4 टेस्ट थायरॉइड हाॅर्मोन का लेवल बताते हैं। असंतुलन से वजन बढ़ना/घटना, थकान, मूड स्विंग जासी समस्याएं हो सकती है। हार्ट रेट भी प्रभावित हो सकती है। 30+ उम्र वालों को और खासकर महिलाओं को यह जांच जरूर मानी करवानी चाहिए, ताकि हॉर्मोनल संतुलन बना रहे। ब्लड प्रेशर और हार्ट हेल्थ ब्लड प्रेशर, ECG और जरूरत होने पर इको टेस्ट से हार्ट हेल्थ का आकलन करते हैं। हाई BP ’साइलेंट किलर’ माना जाता है, जो हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ाता है। रेगुलर मॉनिटरिंग से समय रहते कंट्रोल संभव है। सवाल- कितने अंतराल पर हेल्थ स्क्रीनिंग करवानी चाहिए? जवाब- यह उम्र और रिस्क फैक्टर से तय होता है- 20-30 वर्ष: हर 2-3 साल में बेसिक जांच। 30-40 वर्ष: हर 1-2 साल में स्क्रीनिंग। 40+ वर्ष: हर साल फुल बॉडी चेकअप डायबिटीज/बीपी/थायरॉइड पेशेंट: 6-12 महीने में फैमिली हिस्ट्री या हाई रिस्क: डॉक्टर की सलाह के मुताबिक लाइफस्टाइल (स्मोकिंग, मोटापा) के अनुसार अंतराल घट-बढ़ सकता है। सवाल- अगर कोई लक्षण न हो, क्या तब भी हेल्थ स्क्रीनिंग करवानी चाहिए? जवाब- हां, लक्षणों के बिना भी स्क्रीनिंग जरूरी है, क्योंकि कई बीमारियों में लक्षण नहीं दिखते हैं। डायबिटीज, हाई BP, कोलेस्ट्रॉल के स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते हैं। स्क्रीनिंग से प्रीक्लिनिकल स्टेज में ही पहचान संभव है। समय पर इलाज से कॉम्प्लिकेशन रोके जा सकते हैं। सवाल- हेल्थ स्क्रीनिंग से शुरुआती स्टेज में ही किन बीमारियों का पता चल सकता है? जवाब- हेल्थ स्क्रीनिंग के जरिए कई बीमारियों का शुरुआती स्टेज में पता लगाया जा सकता है- सवाल- क्या मेंटल हेल्थ की जांच भी जरूरी है और यह कैसे की जाती है? जवाब- हां, मेंटल हेल्थ भी उतनी ही जरूरी है जितनी फिजिकल हेल्थ है। डिप्रेशन, एंग्जाइटी के शुरुआती फेज में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते हैं। स्क्रीनिंग में क्लिनिकल इंटरव्यू और क्वेश्चनायर (PHQ-9, GAD-7) शामिल होते हैं। जरूरत पर साइकोलॉजिकल टेस्ट/काउंसलिंग की जाती है। नींद, व्यवहार, मूड पैटर्न का आकलन किया जाता है। इससे लाइफ क्वालिटी सुधारने में मदद मिलती है। सवाल- आंखों की और सुनने की क्षमता की जांच कितने समय में करानी चाहिए? जवाब- ये रिस्क फैक्टर के हिसाब से बदल सकता है। 20-40 वर्ष: हर 2 साल में आंखों की जांच कराएं। 40+ वर्ष: साल में एक बार (ग्लूकोमा रिस्क बढ़ता है।) कराएं। डायबिटिक लोग: हर साल रेटिना जांच जरूरी है। कान की जांच: 50+ उम्र में हर 1-2 साल में जांच करवाएं। तेज आवाज वाले माहौल में काम करने वालों को रेगुलर जांच करवानी चाहिए। शुरुआती स्टेज में पहचान से आंखें और सुनने की क्षमता बचाई जा सकती है। सवाल- क्या डेंटल हेल्थ के लिए भी कोई एडवांस टेस्ट और स्क्रीनिंग होती है? जवाब- हां, डेंटल स्क्रीनिंग में बेसिक और एडवांस दोनों जांच होती हैं। ओरल एग्जाम: कैविटी, मसूड़ों की बीमारी की पहचान होती है। डेंटल एक्स-रे: अंदरूनी सड़न और इन्फेक्शन का पता चलता है। ओरल कैंसर स्क्रीनिंग (हाई रिस्क में) करवानी चाहिए। स्केलिंग और गम हेल्थ एसेसमेंट करवाना होता है। हर 6-12 महीने में जांच की सलाह दी जाती है। समय पर जांच से दांत बचाए जा सकते हैं। सवाल- हेल्थ स्क्रीनिंग का खर्च कितना आता है और क्या ये
Anita Advani on Rajesh Khanna Relation

48 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉम्बे हाई कोर्ट के राजेश खन्ना के साथ अनीता आडवाणी के रिश्ते को शादी मानने से इनकार करने के बाद अब अनीता ने अपनी नाराजगी जाहीर की है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कोर्ट के फैसले को ‘न्याय का घोर मजाक’ बताया है। अनीता ने साफ कर दिया है कि वह इस कानूनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगी और अपनी गरिमा के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों में से नहीं हैं जो डरकर घर बैठ जाएं। दरअसल अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह 10 साल से ज्यादा समय तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने इस रिश्ते को ‘वैध विवाह’ की मान्यता देने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की थी। हालांकि, 1 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। ‘बिना मुकदमे के फैसला कैसे हो सकता है’ अनीता आडवाणी ने कोर्ट के रुख पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, “मैं थकी नहीं हूं और कभी नहीं थकूंगी। मैं कायर या बिना रीढ़ वाले लोगों में से नहीं हूं जो अन्याय के खिलाफ चुप रहें।” उन्होंने सवाल उठाया कि 14 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपना पक्ष साबित करने का मौका क्यों नहीं मिला? अनीता के मुताबिक, बिना किसी प्रॉपर ट्रायल या गवाही के दीवानी मामले का फैसला सुना देना गलत है। घरेलू हिंसा कानून में पत्नी जैसा हक मांगा इंटरव्यू के दौरान अनीता ने अपनी कानूनी स्थिति को साफ किया। उन्होंने कहा, “मैंने एक शादीशुदा के रूप में पत्नी बनने का हक मांगा था, न कि शादी का अधिकार। दोनों में अंतर है।” उनके तर्क के मुताबिक, घरेलू हिंसा अधिनियम में लिव-इन रिलेशनशिप को पत्नी के बराबर मान्यता दी गई है। उन्होंने दावा किया कि अगर दो एडल्ट पति-पत्नी की तरह साथ रहते हैं, तो उन्हें विवाह के स्वरूप वाले संबंध में माना जाना चाहिए। ‘अस्पताल में मिलने नहीं दिया, वसीयत भी गायब हो गई’ अनीता ने राजेश खन्ना के आखिरी दिनों का दर्द भी साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुपरस्टार के परिवार ने उन्हें अस्पताल में उनसे मिलने तक नहीं दिया। परिवार की ओर से दावा किया गया था कि राजेश खन्ना खुद उनसे नहीं मिलना चाहते, जिसे अनीता ने सरासर झूठ बताया। उन्होंने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि राजेश खन्ना ने एक वसीयत बनाई थी, जिसमें उनका हक था, लेकिन वह गायब हो गई। प्राइवेट सेरेमनी में पहनाया था मंगलसूत्र अपने पुराने दावों को दोहराते हुए अनीता ने कहा कि सुपरस्टार के साथ उनका रिश्ता कोई छिपाने वाली बात नहीं थी। उन्होंने बताया कि घर के मंदिर में एक छोटी और निजी रस्म हुई थी, जिसमें राजेश खन्ना ने उन्हें सिंदूर लगाया और मंगलसूत्र पहनाया था। अनीता ने भावुक होते हुए कहा कि वह राजेश खन्ना के साथ उनके पैसे के लिए नहीं, बल्कि प्यार की वजह से थीं। उन्होंने कहा कि उनके साथ हुआ दुर्व्यवहार बहुत दर्दनाक था और वह सिर्फ अपना सम्मान वापस चाहती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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2 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉम्बे हाई कोर्ट के राजेश खन्ना के साथ अनीता आडवाणी के रिश्ते को शादी मानने से इनकार करने के बाद अब अनीता ने अपनी नाराजगी जाहीर की है। एक हालिया इंटरव्यू में उन्होंने कोर्ट के फैसले को ‘न्याय का घोर मजाक’ बताया है। अनीता ने साफ कर दिया है कि वह इस कानूनी लड़ाई से पीछे नहीं हटेंगी और अपनी गरिमा के लिए संघर्ष जारी रखेंगी। उन्होंने कहा कि वह उन लोगों में से नहीं हैं जो डरकर घर बैठ जाएं। दरअसल अनीता आडवाणी ने दावा किया था कि वह 10 साल से ज्यादा समय तक राजेश खन्ना के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में थीं। उन्होंने इस रिश्ते को ‘वैध विवाह’ की मान्यता देने के लिए बॉम्बे हाई कोर्ट में अपील की थी। हालांकि, 1 अप्रैल 2026 को कोर्ट ने उनकी अर्जी खारिज कर दी। ‘बिना मुकदमे के फैसला कैसे हो सकता है’ अनीता आडवाणी ने कोर्ट के रुख पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, “मैं थकी नहीं हूं और कभी नहीं थकूंगी। मैं कायर या बिना रीढ़ वाले लोगों में से नहीं हूं जो अन्याय के खिलाफ चुप रहें।” उन्होंने सवाल उठाया कि 14 साल बीत जाने के बाद भी उन्हें अपना पक्ष साबित करने का मौका क्यों नहीं मिला? अनीता के मुताबिक, बिना किसी प्रॉपर ट्रायल या गवाही के दीवानी मामले का फैसला सुना देना गलत है। घरेलू हिंसा कानून में पत्नी जैसा हक मांगा इंटरव्यू के दौरान अनीता ने अपनी कानूनी स्थिति को साफ किया। उन्होंने कहा, “मैंने एक शादीशुदा के रूप में पत्नी बनने का हक मांगा था, न कि शादी का अधिकार। दोनों में अंतर है।” उनके तर्क के मुताबिक, घरेलू हिंसा अधिनियम में लिव-इन रिलेशनशिप को पत्नी के बराबर मान्यता दी गई है। उन्होंने दावा किया कि अगर दो एडल्ट पति-पत्नी की तरह साथ रहते हैं, तो उन्हें विवाह के स्वरूप वाले संबंध में माना जाना चाहिए। ‘अस्पताल में मिलने नहीं दिया, वसीयत भी गायब हो गई’ अनीता ने राजेश खन्ना के आखिरी दिनों का दर्द भी साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुपरस्टार के परिवार ने उन्हें अस्पताल में उनसे मिलने तक नहीं दिया। परिवार की ओर से दावा किया गया था कि राजेश खन्ना खुद उनसे नहीं मिलना चाहते, जिसे अनीता ने सरासर झूठ बताया। उन्होंने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि राजेश खन्ना ने एक वसीयत बनाई थी, जिसमें उनका हक था, लेकिन वह गायब हो गई। प्राइवेट सेरेमनी में पहनाया था मंगलसूत्र अपने पुराने दावों को दोहराते हुए अनीता ने कहा कि सुपरस्टार के साथ उनका रिश्ता कोई छिपाने वाली बात नहीं थी। उन्होंने बताया कि घर के मंदिर में एक छोटी और निजी रस्म हुई थी, जिसमें राजेश खन्ना ने उन्हें सिंदूर लगाया और मंगलसूत्र पहनाया था। अनीता ने भावुक होते हुए कहा कि वह राजेश खन्ना के साथ उनके पैसे के लिए नहीं, बल्कि प्यार की वजह से थीं। उन्होंने कहा कि उनके साथ हुआ दुर्व्यवहार बहुत दर्दनाक था और वह सिर्फ अपना सम्मान वापस चाहती हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
सूर्यवंशी टी-20 में सबसे तेज 100-सिक्स लगाने की दहलीज पर:IPL में आज राजस्थान Vs दिल्ली; सीजन में पहली बार भिड़ंत

IPL 2026 का 43वां मैच राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच खेला जाएगा। मुकाबला जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से होगा। दोनों टीमों के बीच यह इस सीजन की पहली टक्कर होगी। राजस्थान के वैभव सूर्यवंशी टी-20 में सबसे तेज 100 सिक्स के करीब हैं। उन्होंने 27 पारियों में 511 गेंदों पर 99 सिक्स लगाए हैं। यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के कीरोन पोलॉर्ड के नाम है, जिन्होंने 843 गेंदों में 100 छक्के पूरे किए थे। इसके अलावा, सूर्यवंशी IPL 2026 में 167 गेंदों में सबसे तेज 400 रन का रिकॉर्ड बना चुके हैं। राजस्थान 9 मैच में 6 जीत और 3 हार के साथ पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर हैं। वहीं दिल्ली 8 मैच में 3 जीत और 5 हार के साथ 7वें पायदान पर हैं। राजस्थान ने 15 मैच जीते IPL में दोनों टीमों के बीच 30 मुकाबले खेले गए हैं। इनमें राजस्थान ने 15 मैच जीते, जबकि दिल्ली को 14 जीत मिली है। एक मुकाबला टाई रहा, जिसे सुपर ओवर में दिल्ली ने जीता था। वैभव 400 रन बना चुके राजस्थान के लिए इस सीजन में वैभव सूर्यवंशी ने 9 मैचों में 400 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 2 अर्धशतक शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट 238.09 टीम को तेज शुरुआत दिला रहा है। गेंदबाजी में जोफ्रा आर्चर अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने 9 मैचों में 14 विकेट लिए हैं, 3/20 उनका बेस्ट प्रदर्शन रहा है। राहुल पर टिकी दिल्ली की बैटिंग दिल्ली की बल्लेबाजी काफी हद तक केएल राहुल पर निर्भर है। राहुल ने 8 मैचों में 358 रन बनाए हैं, जिसमें 1 शतक और 2 फिफ्टी शामिल हैं। उनका स्ट्राइक रेट 185.49 है। ऑलराउंडर अक्षर पटेल गेंदबाजी में अहम साबित हो रहे हैं। उन्होंने 8 मैचों में 7 विकेट लिए हैं और 8.33 की इकोनॉमी से रन रोके हैं। एनगिडी RR के खिलाफ बाहर लुंगी एनगिडी राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में नहीं खेलेंगे। 25 अप्रैल को पंजाब किंग्स के खिलाफ मुकाबले में उन्हें सिर में गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। कंकशन के चलते डॉक्टरों ने उन्हें 7 दिन आराम की सलाह दी है। इसी वजह से वे RCB के बाद RR के खिलाफ भी बाहर रहेंगे। उनकी वापसी 5 मई को चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ मैच में संभव मानी जा रही है। जयपुर की पिच बैटिंग-फ्रेंडली सवाई मानसिंह की पिच पर नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआत में मूवमेंट मिलती है। एक बार बल्लेबाज सेट हो जाएं तो बाउंस और तेज आउटफील्ड के कारण शॉट खेलना आसान हो जाता है। इस मैदान पर IPL में पहली पारी का औसत स्कोर करीब 166 रन रहा है, जबकि दूसरी पारी में 150-160 के बीच है। जयपुर में गर्मी का असर, ओस बनेगी गेम चेंजर जयपुर में आज मौसम गर्म रहेगा। मैच की शुरुआत में तापमान 36 से 40 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा। ह्यूमिडिटी करीब 14% रहेगी और बारिश की कोई संभावना नहीं है। रात में ओस बड़ा फैक्टर बन सकती है। दूसरी पारी में गेंदबाजों के लिए ग्रिप करना मुश्किल होगा, जिससे बल्लेबाजों को फायदा मिल सकता है। दोनों टीमों की प्लेइंग-XI राजस्थान- यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), दासुन शनाका, डोनोवन फरेरा, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, बृजेश शर्मा, नांद्रे बर्गर और यश राज पुनिया। इम्पैक्ट प्लेयर: शुभम दुबे दिल्ली- अभिषेक पोरेल (विकेटकीपर), केएल राहुल, नितीश राणा, समीर रिज़वी, ट्रिस्टन स्टब्स, अक्षर पटेल (कप्तान), डेविड मिलर, विप्रज निगम, काइल जैमीसन, कुलदीप यादव और मुकेश कुमार इम्पैक्ट प्लेयर: टी नटराजन
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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 10 मिनट पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र दिवस के मौके पर राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी ऑटो, टैक्सी और ओला-उबर चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान जरूरी कर दिया गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच होने वाले भाषा विवाद को खत्म करना और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मराठी नहीं जानने पर किसी का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा। इसके बजाय चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह ट्रेनिंग कोंकण मराठी साहित्य परिषद के सहयोग से कराई जाएगी। ट्रेनिंग पूरी करने पर मिलने वाला प्रमाण पत्र भविष्य में लाइसेंस नवीनीकरण के लिए जरूरी होगा। राज्य के सभी 59 आरटीओ कार्यालयों में 15 अगस्त तक 100 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। आज की बाकी बड़ी खबरें… नीट यूजी को लेकर एनटीए की एडवाइजरी, बायोमेट्रिक फेल हुआ, तब भी उम्मीदवारों की होगी एंट्री नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने करीब 25 लाख आवेदकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसके अनुसार, यदि किसी कारण से बायोमेट्रिक सत्यापन फेल होता है, तो भी उम्मीदवार परीक्षा दे सकेंगे। इसके लिए उन्हें परीक्षा केंद्र पर निर्धारित फॉर्मेट में लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी। बायोमेट्रिक फेल होने के प्रमुख कारणों में सूखी या क्षतिग्रस्त अंगुलियांं, मशीन में खराबी, UIDAI सर्वर की कनेक्टिविटी समस्या या आधार डेटा में गड़बड़ी शामिल हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से पहले हाथ साफ और मॉइस्चराइज रखें, चोट से बचें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। आरएसएस मुख्यालय पर रेडियोएक्टिव खतरे का दावा, नागपुर में अलर्ट संघ मुख्यालय और भाजपा कार्यालय सहित कई अन्य अहम जगह रेडियोएक्टिव पदार्थ छिपाए जाने का दावा किया गया है। एक गुमनाम पत्र मिलने के बाद नागपुर में अलर्ट जारी किया गया है। यह पत्र 27 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर कार्यालय को मिला था। पुलिस ने एनडीआरएफ और ऊर्जा विशेषज्ञों की मदद से पत्र में बताई गई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अब तक उन्हें रेडियोएक्टिव पदार्थ का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस को शक है कि यह पत्र एक मजाक हो सकता है। फिर भी नागपुर में पुलिस अलर्ट मोड पर है। कविता की पार्टी ‘तेलंगाना रक्षणा सेना’ को मंजूरी मिली निर्वाचन आयोग ने तेलंगाना के पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता की नई पार्टी के लिए ‘तेलंगाना रक्षणा सेना (टीआरएस)’ नाम को मंजूरी दे दी है। कविता ने 25 अप्रैल को ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ नाम से नई पार्टी की घोषणा की थी। इसके बाद आयोग को नई पार्टी के लिए पांच नामों का प्रस्ताव भेजा था। आयोग ने उनके तीसरे विकल्प को हरी झंडी दी। इससे पहले, उनके पिता चंद्रशेखर राव ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) पार्टी बनाई थी। 2022 में इसका नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) कर दिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 5 घंटे पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र दिवस के मौके पर राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी ऑटो, टैक्सी और ओला-उबर चालकों के लिए मराठी भाषा का ज्ञान जरूरी कर दिया गया है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य यात्रियों और चालकों के बीच होने वाले भाषा विवाद को खत्म करना और स्थानीय संस्कृति को बढ़ावा देना है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि मराठी नहीं जानने पर किसी का लाइसेंस रद्द नहीं किया जाएगा। इसके बजाय चालकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह ट्रेनिंग कोंकण मराठी साहित्य परिषद के सहयोग से कराई जाएगी। ट्रेनिंग पूरी करने पर मिलने वाला प्रमाण पत्र भविष्य में लाइसेंस नवीनीकरण के लिए जरूरी होगा। राज्य के सभी 59 आरटीओ कार्यालयों में 15 अगस्त तक 100 दिन का विशेष अभियान चलाया जाएगा। आज की बाकी बड़ी खबरें… नीट यूजी को लेकर एनटीए की एडवाइजरी, बायोमेट्रिक फेल हुआ, तब भी उम्मीदवारों की होगी एंट्री नीट यूजी 2026 परीक्षा 3 मई को होगी। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) ने करीब 25 लाख आवेदकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। इसके अनुसार, यदि किसी कारण से बायोमेट्रिक सत्यापन फेल होता है, तो भी उम्मीदवार परीक्षा दे सकेंगे। इसके लिए उन्हें परीक्षा केंद्र पर निर्धारित फॉर्मेट में लिखित अंडरटेकिंग देनी होगी। बायोमेट्रिक फेल होने के प्रमुख कारणों में सूखी या क्षतिग्रस्त अंगुलियांं, मशीन में खराबी, UIDAI सर्वर की कनेक्टिविटी समस्या या आधार डेटा में गड़बड़ी शामिल हैं। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे परीक्षा से पहले हाथ साफ और मॉइस्चराइज रखें, चोट से बचें और समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। आरएसएस मुख्यालय पर रेडियोएक्टिव खतरे का दावा, नागपुर में अलर्ट संघ मुख्यालय और भाजपा कार्यालय सहित कई अन्य अहम जगह रेडियोएक्टिव पदार्थ छिपाए जाने का दावा किया गया है। एक गुमनाम पत्र मिलने के बाद नागपुर में अलर्ट जारी किया गया है। यह पत्र 27 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर कार्यालय को मिला था। पुलिस ने एनडीआरएफ और ऊर्जा विशेषज्ञों की मदद से पत्र में बताई गई जगहों पर तलाशी अभियान चलाया, लेकिन अब तक उन्हें रेडियोएक्टिव पदार्थ का कोई सुराग नहीं मिला है। पुलिस को शक है कि यह पत्र एक मजाक हो सकता है। फिर भी नागपुर में पुलिस अलर्ट मोड पर है। कविता की पार्टी ‘तेलंगाना रक्षणा सेना’ को मंजूरी मिली निर्वाचन आयोग ने तेलंगाना के पूर्व सीएम के. चंद्रशेखर राव की बेटी के. कविता की नई पार्टी के लिए ‘तेलंगाना रक्षणा सेना (टीआरएस)’ नाम को मंजूरी दे दी है। कविता ने 25 अप्रैल को ‘तेलंगाना राष्ट्र सेना’ नाम से नई पार्टी की घोषणा की थी। इसके बाद आयोग को नई पार्टी के लिए पांच नामों का प्रस्ताव भेजा था। आयोग ने उनके तीसरे विकल्प को हरी झंडी दी। इससे पहले, उनके पिता चंद्रशेखर राव ने तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) पार्टी बनाई थी। 2022 में इसका नाम बदलकर भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) कर दिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
May Calendar 2026 With Holidays; IPL Final

Hindi News National May Calendar 2026 With Holidays; IPL Final | Buddha Purnima Cannes Film Festival 6 घंटे पहले कॉपी लिंक मई की शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा से हो रही है, जबकि इसी महीने के आखिरी दिन IPL-2026 का फिनाले खेला जाएगा। इसी महीने बंगाल समेत 5 राज्यों-UT में नई सरकार बनेगी। कुर्बानी का पर्व बकरीद भी मनया जाएगा। जानिए इस महीने अपने काम की तारीखें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
May Calendar 2026 With Holidays; IPL Final

Hindi News National May Calendar 2026 With Holidays; IPL Final | Buddha Purnima Cannes Film Festival 16 मिनट पहले कॉपी लिंक मई की शुरुआत बुद्ध पूर्णिमा से हो रही है, जबकि इसी महीने के आखिरी दिन IPL-2026 का फिनाले खेला जाएगा। इसी महीने बंगाल समेत 5 राज्यों-UT में नई सरकार बनेगी। कुर्बानी का पर्व बकरीद भी मनया जाएगा। जानिए इस महीने अपने काम की तारीखें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
दान दिलाने के नाम पर बुजुर्ग से ठगी का खुलासा:CCTV की चेन बनाकर सतनवाड़ा से दो ठग गिरफ्तार, महाराष्ट्र से आकर शिवपुरी में बसे थे

ग्वालियर के सदर बाजार सौदागर संतर में बुजुर्ग महिला को दान दिलाने का झांसा देकर उससे गहने ठगकर फरार हुए दो ठगों को पुलिस ने सतनवाड़ा शिवपुरी से गिरफ्तार किया है। घटना के बाद बाजार से मिले CCTV फुटेज की चेन बनाकर पुलिस ठगों के पीछे-पीछे सतनवाड़ा के टेह गांव में पहुंच गई। यहां तिराहा पर खड़े दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ के बाद ठगे गए कान के बाले, मंगलसूत्र, पेंडल व 500 रुपए बरामद कर लिए हैं। पता लगा है कि यह गिरोह मूल रूप से नांदेड़ महाराष्ट्र का रहने वाला हैं और शिवपुरी में आकर बस गया है। यह वारदात के लिए ग्वालियर आता था। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मुरार में हुई ठगी की वारदात के बाद पुलिस ने तत्काल छानबीन शुरू कर दी थी। टीआई मुरार मैना पटेल के नेतृत्व में घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरे चेक किए। दो आरोपियों के फुटेज मिले, जिनको पुलिस ने अपने मुखबिरों के बीच चलाया तो इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि CCTV फुटेज में दिख रहे संदिग्धों की पहचान श्रीनिवास उर्फ कन्हैया एवं सैलानी आदिवासी निवासी टेह सतनवाड़ा शिवपुरी के रूप में हुई। ऐसे समझिए पूरी घटना शहर के मुरार थाना क्षेत्र के सांई नगर लाल टिपारा निवासी साठ वर्षीय रामवती पत्नी लख्खू कुशवाह ने थाने पहुंचकर शिकायत की थी कि बुधवार दोपहर वह सदर बाजार सौदागर संतर से पंखा खरीदकर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में दो अनजान युवक मिले। युवकों ने उन्हें रोका और बताया कि उनके सेठ के यहां पर सालों बाद लड़का हुआ है और वह गरीबों को दान बांट रहे है। साथ ही बताया कि वह उसे भी दान दिला देंगे। उनकी बातों में फंसकर बुजुर्ग महिला को लालच आ गया। दोनों युवक महिला को महेश्वरी इलेक्ट्रॉनिक्स के पास ले गए और कहा कि दान पाने के लिए गरीब दिखना पड़ेगा, इसलिए वह अपने पहने हुए जेवर उतार ले। उनकी बातों में आकर बुजुर्ग महिला ने मंगलसूत्र, कानों के बाले, एक ओम का पेंडल और पांच सौ रुपए पर्स में रख लिए। इसके बाद दोनों युवक अभी आने की कहकर पर्स लेकर गागयब हो गए थे।
कहानियों का टकराव: यूपी विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर बीजेपी और विपक्ष में खींचतान | भारत समाचार

आखरी अपडेट:01 मई, 2026, 00:54 IST यह चर्चा हालिया संविधान (एक सौ इकतीसवां संशोधन) विधेयक के संसद में पारित नहीं हो पाने की पृष्ठभूमि में आयोजित की गई थी। विपक्ष के नेता और सपा विधायक माता प्रसाद पांडे ने कहा कि यह दिलचस्प है कि संसद के लिए निर्धारित मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा क्यों की जा रही है। फ़ाइल चित्र/पीटीआई महिला सशक्तिकरण पर चर्चा के लिए उत्तर प्रदेश विधानसभा के विशेष एक दिवसीय सत्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने संसद में “महिला आरक्षण मुद्दे” के विरोध के लिए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस की निंदा की, जबकि प्रतिद्वंद्वी दलों ने राज्य विधानसभा में संसद के लिए एक विधेयक पर चर्चा करने के लिए भाजपा की आलोचना की। हाल ही में संसद के समक्ष रखे गए संविधान (एक सौ इकतीसवें संशोधन) विधेयक की पृष्ठभूमि में महिला सशक्तीकरण पर चर्चा के लिए गुरुवार को यूपी विधानसभा का एक दिवसीय विशेष सत्र बुलाया गया था। चुनावी राजनीति में महिलाओं के लिए आरक्षण का वादा करने वाली केंद्र की भाजपा नीत एनडीए सरकार द्वारा लाया गया विधेयक विपक्षी दलों द्वारा पराजित हो गया। बुधवार को विपक्ष के खिलाफ हमले का नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे थे. उन्होंने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने संसद और विधानसभा में धर्म परिवर्तन का मुद्दा उठाकर महिला सशक्तिकरण और उनके लिए आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे को भटकाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने हमेशा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण का समर्थन किया है लेकिन धर्म के आधार पर आरक्षण की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसी मानसिकता के कारण देश को 1947 में विभाजन का सामना करना पड़ा और सभी राजनीतिक दलों को इससे ऊपर उठकर राष्ट्रीय मुद्दों का समर्थन करना चाहिए। सीएम योगी ने कहा, “हम ओबीसी, एससी और एसटी के अधिकारों को सुनिश्चित करने का समर्थन करते हैं। लेकिन राजनीति में महिलाओं को भी अधिक प्रतिनिधित्व दिया जाना चाहिए। इस विधेयक का उद्देश्य यही था। विपक्ष इसे मुसलमानों के आरक्षण से जोड़कर लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहा है। इसका उद्देश्य देश को विभाजित करना है और हम ऐसा नहीं होने देंगे। मुस्लिम आरक्षण का मुद्दा उठाकर विपक्ष देश को विभाजित करने की कोशिश कर रहा है।” उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य और ब्रिजेश पाठक ने भी विधानसभा के भीतर और बाहर सपा और कांग्रेस पर हमला बोला। विपक्ष के नेता और सपा विधायक माता प्रसाद पांडे ने कहा कि यह दिलचस्प है कि संसद के लिए निर्धारित मुद्दे पर विधानसभा में चर्चा क्यों की जा रही है। पांडे ने कहा, “यह मुद्दा संसद में पेश किया गया था। विधेयक संसद में लाया गया और विपक्ष ने इसे हरा दिया। विधानसभा में इस पर चर्चा क्यों की जा रही है? इसका कोई तर्क नहीं है।” उन्होंने कहा कि महिला आरक्षण विधेयक 2023 में संसद द्वारा पारित किया गया था, फिर भी भाजपा इस पर आगे नहीं बढ़ रही है और लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से किसी भी मुद्दे पर चर्चा कर सकते हैं. चर्चा में कई विधायकों, जिनमें अधिकतर महिलाएं थीं, ने भाग लिया। कांग्रेस विधानमंडल दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर कुछ घंटों में चर्चा नहीं की जा सकती और विपक्ष को सारे तथ्य सामने लाने के लिए और समय दिया जाना चाहिए. बाद में करीब छह घंटे की चर्चा के बाद सदन अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कहानियों का टकराव: यूपी विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में महिला आरक्षण पर बीजेपी और विपक्ष में खींचतान अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें








