Sunday, 20 Sep 2026 | 08:14 PM

Trending :

weather up rajasthan bihar rain Maharashtra heatwave himachal jammu Kashmir snowfall

weather up rajasthan bihar rain Maharashtra heatwave himachal jammu Kashmir snowfall

Hindi News National Weather Up Rajasthan Bihar Rain Maharashtra Heatwave Himachal Jammu Kashmir Snowfall भोपाल/लखनऊ/जयपुर/देहरादून6 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में बुधवार को बारिश हुई। वहीं बिहार, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में ओले भी गिरे। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गोदाम में रखा 100 क्विंटल गेहूं भीग गया। राज्य में अधिकतम तापमान 40°C से नीचे आ गया है। आज 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। बिहार में पटना के इलाकों में ओले भी गिरे। यहां दोपहर में ही अंधेरा छा गया। पूर्णिया में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम समेत ऊंची चोटियों पर लगातार चौथे दिन बर्फबारी हुई। गुजरात का राजकोट देश में सबसे गर्म रहा। यहां का तापमान 42.9°C दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के वाशिम में तापमान 42.6°C रहा। राजस्थान के फलोदी में सबसे ज्यादा तापमान 42.8°C दर्ज किया गया। जयपुर सहित कई जिलों में बुधवार को तेज धूप रही। जयपुर में सड़कों पर पानी का भी छिड़काव किया गया। मौसम विभाग ने आज और कल 7 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 8 मई से हीटवेव की भी चेतावनी दी है। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 8 मई: असम, मेघालय और अरुणाचल में बिजली गिरने और कुछ जगह भारी बारिश का अलर्ट है। यूपी, बिहार, झारखंड और ओडिशा में बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के हिस्सों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 9 मई: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा है। देशभर से मौसम से जुड़ी 3 तस्वीरें… तस्वीर गाजीपुर की है। यहां बारिश में क्रय केंद्रों पर रखी गेहूं की फसल भीग गई। छत्तीसगढ़ के गौरेला ओवरब्रिज के पास कई पेड़ उखड़कर बीच सड़क पर गिरे। बिहार में पटना के गांधी मैदान में शपथ समारोह से पहले बारिश के बाद पानी भर गया। टेंट में रखे सोफा भीग गए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

weather up rajasthan bihar rain Maharashtra heatwave himachal jammu Kashmir snowfall

weather up rajasthan bihar rain Maharashtra heatwave himachal jammu Kashmir snowfall

Hindi News National Weather Up Rajasthan Bihar Rain Maharashtra Heatwave Himachal Jammu Kashmir Snowfall भोपाल/लखनऊ/जयपुर/देहरादून2 घंटे पहले कॉपी लिंक उत्तर, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश का दौर जारी है। उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश में बुधवार को बारिश हुई। वहीं बिहार, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में ओले भी गिरे। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में गोदाम में रखा 100 क्विंटल गेहूं भीग गया। राज्य में अधिकतम तापमान 40°C से नीचे आ गया है। आज 44 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है। बिहार में पटना के इलाकों में ओले भी गिरे। यहां दोपहर में ही अंधेरा छा गया। पूर्णिया में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई। उत्तराखंड के केदारनाथ धाम समेत ऊंची चोटियों पर लगातार चौथे दिन बर्फबारी हुई। गुजरात का राजकोट देश में सबसे गर्म रहा। यहां का तापमान 42.9°C दर्ज किया गया। वहीं महाराष्ट्र के वाशिम में तापमान 42.6°C रहा। राजस्थान के फलोदी में सबसे ज्यादा तापमान 42.8°C दर्ज किया गया। जयपुर सहित कई जिलों में बुधवार को तेज धूप रही। जयपुर में सड़कों पर पानी का भी छिड़काव किया गया। मौसम विभाग ने आज और कल 7 जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 8 मई से हीटवेव की भी चेतावनी दी है। अगले 2 दिन के मौसम का हाल 8 मई: असम, मेघालय और अरुणाचल में बिजली गिरने और कुछ जगह भारी बारिश का अलर्ट है। यूपी, बिहार, झारखंड और ओडिशा में बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और दक्षिण भारत के हिस्सों में तेज हवा के साथ हल्की बारिश हो सकती है। 9 मई: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश के साथ 30-50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चल सकती है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और राजस्थान में तेज आंधी-बारिश का अलर्ट है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा है। देशभर से मौसम से जुड़ी 3 तस्वीरें… तस्वीर गाजीपुर की है। यहां बारिश में क्रय केंद्रों पर रखी गेहूं की फसल भीग गई। छत्तीसगढ़ के गौरेला ओवरब्रिज के पास कई पेड़ उखड़कर बीच सड़क पर गिरे। बिहार में पटना के गांधी मैदान में शपथ समारोह से पहले बारिश के बाद पानी भर गया। टेंट में रखे सोफा भीग गए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

खबर हटके- इंस्टाग्राम पर जिसे प्रपोज किया वो पत्नी निकली:पेशाब करने से रोकने के लिए सड़क किनारे लगाए शीशे; वायरल हुआ पेंटर चूहा

खबर हटके- इंस्टाग्राम पर जिसे प्रपोज किया वो पत्नी निकली:पेशाब करने से रोकने के लिए सड़क किनारे लगाए शीशे; वायरल हुआ पेंटर चूहा

उत्तर प्रदेश में एक शख्स ने इंस्टाग्राम पर जिस लड़की को प्रपोज किया, वो असल में उसकी ही पत्नी निकली। वहीं, कर्नाटक में सड़क किनारे पेशाब करने से रोकने के लिए शीशे लगा दिए गए। उधर, इंस्टाग्राम पर पेंटिंग करने वाला चूहा तेजी से वायरल हो रहा है। एक दूल्हे ने दहेज में स्कॉर्पियो मांगी तो लड़की के परिवार ने उसे खिलौने वाली कार गिफ्ट कर दी। वहीं, यूपी में ही एक कांग्रेस नेता के घर के बाहर सफाई कर्मियों ने 3 ट्रॉली कूड़ा डाल दिया। आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

Child Speech Disorder Impact; How To Help Kids With Stammering

Child Speech Disorder Impact; How To Help Kids With Stammering

Hindi News Lifestyle Child Speech Disorder Impact; How To Help Kids With Stammering | Parenting Tips 12 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक सवाल- मैं इंदौर से हूं। मेरी 13 साल की बेटी हकलाती है। हमने इसे सुधारने की बहुत कोशिश की। डॉक्टरों को दिखाया, स्पीच थेरेपिस्ट के पास गए, लेकिन कोई खास सुधार नहीं हुआ। वो जैसे-जैसे बड़ी हो रही है, अपने बोलने को लेकर बहुत कॉन्शस होती जा रही है। बचपन से ही बच्चे स्कूल में उसका मजाक उड़ाते रहे हैं। इसलिए वह क्लास में भी कुछ नहीं बोलती। अब तो सबसे अलग-थलग और चुपचाप रहने लगी है। हमें समझ नहीं आता कि हम क्या करें। उसे कैसे समझाएं, कैसे सपोर्ट करें। एक्सपर्ट: डॉ. अमिता श्रृंगी, साइकोलॉजिस्ट, फैमिली एंड चाइल्ड काउंसलर, जयपुर जवाब- सवाल पूछने के लिए शुक्रिया। सबसे पहले तो मैं यह बताना चाहूंगी कि आप अकेली नहीं हैं। आपकी तरह बहुत से माता-पिता इस स्थिति से गुजरते हैं। हकलाना (Stuttering) कोई ’कमजोरी’ नहीं है, बल्कि यह एक स्पीच फ्लुएंसी डिसऑर्डर है, जो अक्सर भावनात्मक दबाव, आत्मविश्वास की कमी या न्यूरोलॉजिकल कारणों से जुड़ा होता है। ‘द स्टटरिंग फाउंडेशन’ के मुताबिक, दुनियाभर में लगभग 1% यानी 8 करोड़ से ज्यादा लोग हकलाते हैं। महिलाओं की तुलना में पुरुषों में यह समस्या लगभग चार गुना ज्यादा होती है। करीब 5% बच्चे उम्र के किसी-न-किसी दौर में हकलाहट का सामना करते हैं। इनमें से लगभग 75% बच्चे बड़े होते-होते ठीक हो जाते हैं, जबकि करीब 1% में यह समस्या लंबे समय तक बनी रहती है। आपकी बेटी अभी टीनएजर है। ये उम्र वैसे भी थोड़ी वलनरेबल होती है। ऐसे में उसका कॉन्शस होना और क्लास में बोलने से बचना बिल्कुल स्वाभाविक प्रतिक्रिया है। लेकिन अच्छी बात यह है कि सही सपोर्ट और समझदारी से आप इसमें सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। बच्चा रुक-रुककर क्यों बोलता है? बच्चे का रुक-रुककर बोलना सिर्फ एक साधारण बोलने का तरीका भर नहीं है। इसके पीछे कई कारण होते हैं। हर बच्चे में इसकी वजह अलग हो सकती है। कुछ बच्चों में यह डर या झिझक से जुड़ा होता है, तो कुछ में सोचने और बोलने की गति में तालमेल न होने से होता है। कई बार घर का माहौल, पेरेंट्स का व्यवहार और बच्चे के अपने अनुभव भी इस पर असर डालते हैं। इसलिए इस समस्या को समझने के लिए इसके असली कारण तक पहुंचना और उसे समझना जरूरी है। बच्चे पर इसका क्या असर पड़ता है? जिन बच्चों को बोलने में समस्या होती है, वे सोचते हैं- “मैं ठीक से बोल नहीं पाता/पाती।” “लोग मुझे जज करेंगे।” “सब मेरा मजाक उड़ाएंगे।” “मेरा चुप रहना ही बेहतर है।” यही सोच धीरे-धीरे बच्चे पर हावी हो जाती है। लंबे समय में उसके मनोविज्ञान पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। पेरेंट्स को क्या करना चाहिए? जो बच्चे हकलाकर बोलते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा जरूरत इस बात की होती है कि उन्हें समझा जाए, उन्हें जज न किया जाए और उन्हें सपोर्ट किया जाए। ऐसे में पेरेंट्स का पहला कदम बच्चे को तुरंत सुधारने की कोशिश करना नहीं, बल्कि उसे सुरक्षित और सहज महसूस कराना होना चाहिए। जब बच्चा बिना डर और झिझक के अपनी बात कह पाएगा, तभी उसकी बोलने की फ्लुएंसी धीरे-धीरे अपने आप बेहतर होने लगेगी। इसलिए जरूरी है कि पेरेंट्स धैर्य रखें और सही तरीके से उसका साथ दें। नीचे ग्राफिक में ऐसे ही आसान और एक्शन लेने योग्य टिप्स दिए गए हैं। आइए अब इन पॉइंट्स को विस्तार से समझते हैं- 1. बच्चे की बात ध्यान से सुनें बच्चे की बात पूरी होने दें। बीच में उसकी बात खुद पूरी न करें। क्यों जरूरी? जब बच्चे को बिना जज किए सुना जाता है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है। फायदा बच्चा खुलकर बोलता है। झिझक कम होती है। 2. इमोशनल सेफ्टी दें बच्चे से रोज 10–15 मिनट बिना किसी जजमेंट के बात करें। जब वह बोले तो बीच में टोकने या सुधारने से बचें। उसकी बात पर रिएक्ट करने की बजाय पहले उसे ध्यान से सुनें। “मैं तुम्हारे साथ हूं,” जैसे भरोसा देने वाले शब्द कहें। उसके डर या शर्म को हल्के में न लें। घर में ऐसा माहौल बनाएं, जहां वह खुलकर बोल सके। क्यों जरूरी? जब बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करता है, तब उसकी झिझक दूर होती है। हकलाने की वजह अक्सर डर और एंग्जाइटी होती है। इमोशनल सेफ्टी मिलने पर धीरे-धीरे सबकुछ सामान्य हो जाता है। फायदा बच्चा खुलकर अपनी बात रखने लगता है। आत्मविश्वास बढ़ता है। बोलने का डर कम होता है। पेरेंट्स और बच्चे के बीच बॉन्ड मजबूत होता है। हकलाहट धीरे-धीरे कम हो जाती है। 3. कोशिश की तारीफ करें रिजल्ट की नहीं, कोशिश की तारीफ करें। छोटे-छोटे सुधार को नोटिस करें। पॉजिटिव शब्दों का इस्तेमाल करें। क्यों जरूरी? तारीफ बच्चे को आगे बढ़ने के लिए मोटिवेट करती है। फायदा आत्मविश्वास बढ़ता है। बच्चा प्रयास करना जारी रखता है। 4. बुलीइंग को इग्नोर न करें स्कूल में बुलीइंग होने पर टीचर से बात करें। बच्चे को जवाब देने के तरीके सिखाएं। क्यों जरूरी? बुलीइंग बच्चे के आत्मसम्मान को गहराई से प्रभावित करती है। फायदा बच्चा खुद को सुरक्षित महसूस करता है। डर और शर्म कम होती है। 5. बच्चे की ताकत पहचानें उसकी रुचियों और टैलेंट पर ध्यान दें। उसे उन एक्टिविटीज में प्रोत्साहित करें, जो उसे पसंद हो। उसकी उपलब्धियों को नोटिस करें। क्यों जरूरी? जब बच्चा अपनी स्ट्रेंथ पहचानता है, तो वह अपनी कमजोरी से ऊपर उठ पाता है। फायदा आत्मसम्मान बढ़ता है। पॉजिटिव सोच विकसित होती है। 6. बच्चे को जज न करें “तुम सही से क्यों नहीं बोलते?” जैसे सवाल न पूछें। दूसरे बच्चों से तुलना न करें। उसके बोलने की स्पीड को एक्सेप्ट करें। क्यों जरूरी? जजमेंट बच्चे में शर्म और डर पैदा करता है। फायदा बच्चा सहज महसूस करता है। खुद को स्वीकार करना सीखता है। 7. पॉजिटिव स्टोरीज सुनाएं ऐसे लोगों की कहानियां सुनाएं, जिन्होंने हकलाहट के बावजूद सफलता पाई। मोटिवेशनल उदाहरण दें। स्टोरी के जरिए आत्मविश्वास बढ़ाएं। क्यों जरूरी? रोल मॉडल बच्चे को उम्मीद और प्रेरणा देते हैं। फायदा बच्चा खुद को सीमित नहीं समझता है। उसे आगे बढ़ने का हौसला मिलता है। 8. धैर्य बनाए रखें बच्चे को समय दें। बहुत जल्दी सुधार की उम्मीद

Khud Se Jhooth To Mat Bolo Book Review; Self Honesty | Mental Health

Khud Se Jhooth To Mat Bolo Book Review; Self Honesty | Mental Health

Hindi News Lifestyle Khud Se Jhooth To Mat Bolo Book Review; Self Honesty | Mental Health Joyful Life 28 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक किताब का नाम: ‘खुद से झूठ तो मत बोलो’ (101 कड़वे सच, जो आपकी जिंदगी बदलने में मदद करेंगे) (‘स्टॉप लाइंग टू योरसेल्फ: 101 हार्ड ट्रुथ्स टू हेल्प यू चेंज योर लाइफ’ का हिंदी अनुवाद) लेखक: साइमन गिलहम प्रकाशक: पेंगुइन अनुवाद: विजय कुमार झा मूल्य: 299 रुपए जीवन कभी-कभी इतना भारी लगता है कि दूर-दूर तक बदलाव की कोई उम्मीद नजर नहीं आती है। हम खुद से कहते हैं “मैं ठीक हूं”, लेकिन अंदर ही अंदर एक संघर्ष चल रहा होता है। रिश्तों में गलत व्यवहार सहना, दोस्तों की गलतियों को इग्नोर करना या खुद को कम आंकना, ये सब छोटे-छोटे झूठ हैं जो हमें बांध लेते हैं। लेकिन अगर हम सच्चाई को स्वीकार कर लें तो बदलाव की शुरुआत हो सकती है। ब्रिटिश लेखक और स्पीकर साइमन गिलहम की किताब ‘खुद से झूठ तो मत बोलो’ हमें सिखाती है कि कठोर सच्चाइयों को अपनाकर ही असली ग्रोथ, ऑथेंटिसिटी और फुलफिलमेंट मिल सकता है। साइमन गिलहम एक सफल सीईओ हैं, जिनके पास 25 साल से ज्यादा का कॉर्पोरेट एक्सपीरियंस है। 2020 की महामारी ने उन्हें झकझोर दिया। उन्होंने महसूस किया कि बाहरी सफलता के बावजूद अंदर की जिंदगी खोखली थी। इसी ने उन्हें इंस्टाग्राम हैंडल शुरू करने के लिए प्रेरित किया, जहां उन्होंने कड़वी सच्चाई, ईमानदारी और पर्सनल ग्रोथ पर वीडियोज शेयर किए। साइमन कहते हैं, “झूठ बोलना आसान है, लेकिन सच्चाई ही असली फ्रीडम देती है।” 196 पेज की इस किताब में 101 हार्ड ट्रुथ्स हैं। किताब का मकसद और अहमियत साइमन का मैसेज साफ है कि हम अक्सर खुद से झूठ बोलते हैं क्योंकि समाज, डर या असुरक्षा हमें ऐसा करने पर मजबूर करती है। किताब बताती है कि ये झूठ रिश्तों को तोड़ते हैं, करियर में बाधा बनते हैं और खुशी छीन लेते हैं। सेल्फ-ऑनेस्टी से रिश्ते मजबूत होते हैं, मेंटल हेल्थ बेहतर और लाइफ जॉयफुल होती है। लेखक पाठकों को अपने अंदर की सच्चाई को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करते हैं, जिसे वे असली शक्ति मानते हैं। इस किताब का मकसद पाठकों को मिरर दिखाना है, जहां वे अपनी सच्चाई देख सकें। ये न सिर्फ प्रेरणा देती है, बल्कि डेली जर्नलिंग व सेल्फ-रिफ्लेक्शन एक्सरसाइज जैसे व्यावहारिक स्टेप्स भी। किताब में बताया गया है कि, “सच्चाई दर्द देती है, लेकिन झूठ जहर।” नीचे दिए ग्राफिक में 9 मुख्य सबक बताए गए हैं। आइए किताब की मुख्य बाताें को समझते हैं- ईमानदारी की शुरुआत करें किताब की शुरुआत ही एक चैलेंज है कि “खुद से झूठ मत बोलो।” साइमन बताते हैं कि हम रोज छोटे-छोटे झूठ बोलते हैं, जैसे “मैं बिजी हूं” कहकर फीलिंग्स छिपाते हैं। इससे बचें। मान लीजिए, अगर जॉब में असंतुष्टि है तो खुद से कहें, “ये मुझे खुश नहीं देती।” यही बदलाव का पहला स्टेप है। डर और असुरक्षा: झूठ की जड़ें उखाड़ें साइमन लिखते हैं, “हमारे भीतर डर छिपा होता है, जो हमें झूठ बोलने पर मजबूर करता है।” किताब में एक दोस्त का उदाहरण है, जो ब्रेकअप के बाद खुद से कहता रहा, “मैं ठीक हूं,” लेकिन अंदर-ही-अंदर टूट रहा था। इसलिए अपने डर को स्वीकार करें। रिश्ते में सच्चाई जरूरी किताब का एक चैप्टर रिश्तों पर है, जिसमें बताया गया है कि “अगर आपका पार्टनर गलत व्यवहार करता है तो खुद से झूठ मत बोलो कि ये नॉर्मल है।” करियर और सेल्फ-वर्थ: अपनी वैल्यू समझें साइमन एक सीईओ होने के नाते कहते हैं, “वर्कप्लेस पर खुद को कम न आंकें।” किताब में एक एम्प्लॉई की स्टोरी है, जो प्रमोशन मिस करने पर खुद को ब्लेम करती रही। हमेशा अपनी वैल्यू समझें। साइमन कहते हैं, ‘’खुद को साबित करने में नहीं, बेहतर करने पर ध्यान दीजिए।’’ डेली ग्रेटीट्यूड जर्नलिंग करें किताब में रोजाना ग्रेटीट्यूड जर्नलिंग का सुझाव है कि रोज तीन सच्ची चीजें लिखें, जिनके लिए आप शुक्रगुजार हैं। साइमन कहते हैं, “झूठ छोड़ने से चेंज आता है।” यह किताब किसे पढ़नी चाहिए? ये किताब इंट्रोस्पेक्शन और ईमानदारी की शक्ति पर आधारित है। सामाजिक दबावों और डर से खुद को धोखा देने की बजाय सच्चाई को अपनाने की प्रेरणा देती है। नीचे ग्राफिक में देखिए इस किताब को किन लोगों को पढ़नी चाहिए- किताब से क्या सीख मिलती है? ये किताब सिखाती है कि असली ग्रोथ झूठ छोड़ने से शुरू होती है। इसमें बताया गया है कि कैसे हम सामाजिक अपेक्षाओं, डर और असुरक्षा के चलते एक नकली जीवन जीने लगते हैं। लेखक ईमानदारी, सेल्फ-अवेयरनेस और बदलाव के महत्त्व पर जोर देते हैं। वे सरल उदाहरणों और व्यावहारिक सलाह के जरिए पाठकों को खुद के प्रति सच्चे रहने की प्रेरणा देते हैं। लेखक हमें यह सिखाते हैं कि अपने अंदर की सच्चाई को स्वीकार करना ही असली शक्ति है। किताब के बारे में मेरी राय मुझे ये किताब इसलिए पसंद आई, क्योंकि ये थ्योरी से ज्यादा रियल-लाइफ पर बेस्ड है। साइमन की राइटिंग स्टाइल प्रेरक है। हालांकि कुछ लोगों को ये कठोर लग सकती है, लेकिन असरदार है। कुछ जगह रिपिटिशन है, लेकिन अगर आप सेल्फ-डाउट से परेशान हैं तो पढ़ें। ये लाइफ-लॉन्ग गाइड है। साइमन हमें याद दिलाते हैं कि चेंज पॉसिबल है। बस सच्चाई से शुरू करें। ……………… ये बुक रिव्यू भी पढ़िए दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… बुक रिव्यू- मोसाड की रोमांचक कहानियां: इजराइल की खुफिया एजेंसी ने कैसे दिया दुनिया के खतरनाक मिशन को अंजाम, पढ़ें इस किताब में 1:42Play video Play video कॉपी लिंक शेयर बुक रिव्यू: ताकत बाहर नहीं, भीतर है: हर दिन एक नया मौका है, कुछ सीखने, जीतने, विनम्र होने का, अपने मन की शक्ति को अनलॉक करें 1:31Play video Play video कॉपी लिंक शेयर बुक रिव्यू- भावनाओं से कंट्रोल मत हो, उन्हें कंट्रोल करो: चिंता को खाद-पानी मत दो, सुख हो या दुख, शांत रहो, तभी मिलेगी सफलता 1:15Play video Play video कॉपी लिंक शेयर बुक रिव्यू- जिंदगी सिर्फ 4000 हफ्तों की कहानी है: जिस चीज पर वश नहीं, उसे नियति पर छोड़ दो, सब जाने दो, बस खुशी और सुकून रख लो Play video कॉपी लिंक शेयर

Summer Digestive Diet; What To Eat & Avoid

Summer Digestive Diet; What To Eat & Avoid

46 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक क्या आपने भी नोटिस किया है कि गर्मियों में डाइजेशन अक्सर खराब हो जाता है? यह सिर्फ खानपान की गलती नहीं, बल्कि शरीर के अंदर होने वाले बदलावों का असर होता है। ज्यादा तापमान, डिहाइड्रेशन और लाइफस्टाइल की छोटी-छोटी गलतियां पाचन तंत्र की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। ऐसे में सही फूड चॉइस और खाने का टाइम समझना बेहद जरूरी है। इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज समझेंगे कि गर्मियों में डाइजेशन क्यों कमजोर हो जाता है। साथ ही जानेंगे कि- किन फूड्स-ड्रिंक्स को अवॉइड करना चाहिए? कौन-सी चीजें डाइजेस्टिव सिस्टम को कूल और एक्टिव रखती हैं? एक्सपर्ट: डॉ. नरेंद्र कुमार सिंगला, प्रिंसिपल कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- क्या ये फैक्ट है कि गर्मियों में पाचन तंत्र की खाना पचाने की क्षमता कम हो जाती है? जवाब- हां, गर्मियों में पाचन क्षमता प्रभावित हो सकती है। इसके पीछे वैज्ञानिक कारण हैं- गर्मी में शरीर का तापमान बढ़ता है, जिससे ब्लड फ्लो स्किन की तरफ शिफ्ट हो जाता है। इसके कारण डाइजेस्टिव ऑर्गन्स को थोड़ा कम ब्लड मिलता है। इसलिए वे पूरी क्षमता से काम नहीं कर पाते हैं। ज्यादा पसीने से डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे पाचन एंजाइम्स की काम करने की क्षमता घट सकती है। सवाल- गर्मियों में डाइजेशन सिस्टम कमजोर क्यों होता है? जवाब- गर्मियों में तापमान बढ़ने पर शरीर का कामकाज प्रभावित होता है, इसके सभी कारण ग्राफिक में देखिए- सवाल- तापमान का बढ़ना डाइजेस्टिव सिस्टम और मेटाबॉलिज्म पर क्या असर डालता है? जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए- डाइजेस्टिव सिस्टम ज्यादा गर्मी में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल ट्रैक्ट में ब्लड सप्लाई कम होने से पाचन क्षमता घटती है। डिहाइड्रेशन के कारण गैस्ट्रिक जूस और डाइजेस्टिव एंजाइम्स का सिक्रेशन कम होने से फूड ब्रेकडाउन प्रभावित होता है। हीट स्ट्रेस गट माइक्रोब्स के बैलेंस को बिगाड़ सकता है, जिससे डायरिया या गट इंफेक्शन का रिस्क बढ़ता है। मेटाबॉलिज्म शरीर का बेसल मेटाबॉलिक रेट (BMR) गर्मी में थोड़ा कम हो सकता है क्योंकि शरीर को हीट प्रोडक्शन कम रखना होता है। ज्यादा तापमान में थायरॉइड हाॅर्मोन एक्टिविटी पर हल्का असर पड़ सकता है, जिससे मेटाबॉलिक प्रोसेस धीमे हो सकते हैं। हीट के कारण इलेक्ट्रोलाइट इंबैलेंस (जैसे सोडियम-पोटेशियम) होता है, जो सेलुलर मेटाबॉलिज्म और एनर्जी प्रोडक्शन को प्रभावित करता है। सवाल- आमतौर पर गर्मियों में कौन-सी डाइजेस्टिव समस्याएं हो सकती हैं? जवाब- ज्यादा तापमान से शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट कम हो जाते हैं। डिहाइड्रेशन से पाचन एंजाइम और गट मूवमेंट प्रभावित होते हैं। गर्मी में बैक्टीरिया तेजी से बढ़ते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ता है। भूख कम लगने से खाने का पैटर्न बिगड़ सकता है। ऑयली और स्पाइसी खाने से पाचन पर ज्यादा दबाव पड़ता है। सभी हेल्थ रिस्क ग्राफिक में देखिए- सवाल- गर्मियों में किन लोगों को डाइजेस्टिव समस्याओं का रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- किसी भी हेल्थ प्रॉब्लम का रिस्क सबसे ज्यादा उन लोगों को होता है, जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है। ग्राफिक में देखिए, किन्हें ज्यादा रिस्क होता है- सवाल- हाई टेम्परेचर और एनवायर्नमेंटल कारणों के अलावा क्या लाइफस्टाइल और फूड हैबिट्स भी गर्मियों में डाइजेशन बिगाड़ सकती हैं? जवाब- बहुत तला-भुना भोजन पेट में ज्यादा समय तक रहता है, जिससे अपच और एसिडिटी का रिस्क होता है। पर्याप्त पानी न पीने से शरीर में डिहाइड्रेशन होता है, जो डाइजेस्टिव एंजाइम्स के सीक्रेशन और गट मूवमेंट को प्रभावित करता है। देर रात भोजन करने से सर्केडियन रिद्म बाधित होती है और एंजाइम्स असंतुलित हो सकते हैं। शुगरी और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स लेने से गैस और ब्लोटिंग की समस्या हो सकती है। लंबे समय तक बैठे रहने से मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे फूड-ब्रेकडाउन प्रभावित होता है। जल्दी-जल्दी या जरूरत से ज्यादा खाना पेट पर अतिरिक्त दबाव डालता है। ज्यादा तनाव गट-ब्रेन एक्सिस को प्रभावित कर पाचन समस्याएं बढ़ा सकता है। सवाल- गर्मियों में डाइजेशन को अच्छा रखने के लिए रोजमर्रा की लाइफस्टाइल में कौन-से बदलाव करने चाहिए? जवाब- हल्का, ताजा और सुपाच्य भोजन लेने से पाचन तंत्र संतुलित रहता है। इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखें- डाइट में फाइबर रिच फूड्स शामिल करें। रोज नियमित समय पर सोएं और जागें। 8 घंटे की अच्छी नींद लें। रेगुलर वॉक या स्ट्रेचिंग करें। बहुत गर्म भोजन या ड्रिंक से बचें। प्रोबायोटिक फूड्स जैसे दही और छाछ लें। लाइफस्टाइल में रिलैक्सेशन टेक्नीक जैसे मेडिटेशन और डीप ब्रीदिंग करें। सवाल- इस मौसम में कौन-से फूड्स और ड्रिंक्स अवॉइड करने चाहिए, जो पाचन बिगाड़ते हैं? जवाब- डीप फ्राइड फूड्स जैसे पकौड़े, समोसे और चिप्स देर से पचते हैं और हीट प्रोडक्शन बढ़ाते हैं। अवाॅइड फूड की पूरी लिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- कौन-से फूड्स, फल और ड्रिंक्स डाइजेस्टिव सिस्टम को ठंडा और एक्टिव रखते हैं? जवाब- गर्मियों में पानी से भरपूर और सुपाच्य फूड पेट पर कम दबाव डालते हैं और डाइजेस्टिव प्रोसेस को आसान बनाते हैं। पूरी फूड लिस्ट ग्राफिक में देखिए- सवाल- गर्मियों में खाने का सही टाइम और पोर्शन साइज क्या होना चाहिए, ताकि पेट पर दबाव न पड़े? जवाब- सुबह उठने के 1 घंटे के भीतर हल्का नाश्ता लेने से मेटाबॉलिक प्रोसेस समय पर शुरू होता है। दिन में हर 3-4 घंटे पर छोटे मील्स लेने से गैस्ट्रिक ओवरलोड और एसिडिटी का रिस्क कम होता है। लंच को दिन का मुख्य भोजन बनाएं। इस समय डाइजेस्टिव एंजाइम्स की एक्टिविटी अपेक्षाकृत बेहतर होती है। एक बार में बहुत ज्यादा खाने की बजाय 60-70% पेट भरने का तरीका अपनाएं। सवाल- अगर गर्मियों में बार-बार अपच, उल्टी और दस्त हो तो क्या डॉक्टर को दिखाना जरूरी है? जवाब- हां, 2–3 दिनों से ज्यादा समय तक लक्षण बने रहने पर इन्फेक्शन या फूड पॉइजनिंग का रिस्क होता है। तेज बुखार, पूप में ब्लड या बहुत ज्यादा कमजोरी जैसे संकेत का मतलब मेडिकल अटेंशन की जरूरत है। बच्चों, बुजुर्गों और प्रेग्नेंट महिलाओं को जल्दी सलाह लेनी चाहिए। बार-बार अपच गैस्ट्राइटिस या इरिटेबल बाउल जैसी समस्याओं से भी जुड़ी हो सकती है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ओरल रिहाइड्रेशन, दवाएं या टेस्ट सलाह दे सकते हैं। समय पर इलाज से बड़ी परेशानी से बच सकते हैं। ……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- गर्मी, उमस और पसीने से होती घमौरियां: डर्मेटोलॉजिस्ट से जानें घरेलू उपचार, बचाव के 8 टिप्स, कब

Tamil Nadu Vijay Oath Ceremony Delayed

Tamil Nadu Vijay Oath Ceremony Delayed

कोलकाता5 मिनट पहले कॉपी लिंक चंद्रनाथ रथ पिछले 5 साल से सुवेंदु अधिकारी के साथ थे। वे पहले एयरफोर्स में थे। पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात 10.30 बजे गोली मारकर हत्या कर दी गई। घटना के वक्त रथ स्कॉर्पियो गाड़ी से अपने घर जा रहे थे। गाड़ी ड्राइवर चला रहा था। एक और व्यक्ति गाड़ी में मौजूद था। रथ के सीने में दो गोलियां लगीं, जो दिल के आर-पार हो गईं, एक गोली पेट में लगी। हमले में रथ के ड्राइवर और एक अन्य को भी दाहिने हाथ, पेट और छाती में गोली लगी हैं। भाजपा ने टीएमसी पर रथ की हत्या का आरोप लगया है। टीएमसी ने आरोपों का खंडन करते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। इस घटना के करीब 1 घंटे बाद रात करीब 12.30 बजे के करीब बशीरहाट जिले में रोहित रॉय नाम के भाजपा कार्यकर्ता को भी गोली मारी गई। उसकी हालत गंभीर है। राज्य में बीते 2 दिन में पीए रथ के अलावा भाजपा के 2 और टीएमसी के कार्यकर्ताओं की हत्या हो चुकी है। वारदात को सिलसिलेवार समझिए स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार चंद्रनाथ रथ नॉर्थ 24 परगना में मध्यमग्राम के डोलतला इलाके से होते हुए रात करीब 10.30 बजे घर जा रहे थे। बाइक और कार सवार हमलावर पीछे से आए और रथ की गाड़ी को जबरन रुकवाया और फ्रंट पैसेंजर सीट पर बैठे रथ पर पॉइंट ब्लैंक से अंधाधुंध फायरिंग की। गाड़ी के गेट के ग्लास को भेदती हुई गोलियां रथ और उसके ड्राइवर को लगीं। हमलावरों ने घटना को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। रथ को सिर, छाती और पेट में गोली लगीं। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल (विवासिटी) से जाया गया। डॉक्टरों ने रथ की जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ताओं ने NH 12 पर जाम लगाया। हमलावरों के एनकाउंटर की मांग की गई। भाजपा के कई नेता विवासिटी अस्पताल पहुंचे, जिनमें सुवेंदु अधिकारी, सुकांत मजूमदार भी शामिल हैं। TMC ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की रथ की हत्या के पीछे टीएमसी कार्यकर्ताओं का हाथ होने के आरोप लगने पर पार्टी ने बुधवार देर रात स्टेटमेंट जारी किया। इसमें कहा… हम मध्यमग्राम में चंद्रनाथ रथ की निर्मम हत्या की निंदा करते हैं। हम इस मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग करते हैं, जिसमें कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच कराई जाए। अन्य भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या की भी जांच कराई जाए। देखें इस वारदात से जुड़ी 10 तस्वीरें चंद्रनाथ रथ की कार पर करीब से गोलियां चलाई गईं। कार के ग्लास पर 4 राउंड गोलियां चलने के निशान हैं। चंद्रनाथ रथ को नॉर्थ 24 परगना के मध्यमग्राम इलाके में गोली मारी गई। उन्हें तुरंत ही पास के अस्पताल में एडमिट कराय गया था। घटना की जानकारी मिलते ही बीजेपी के कई नेता और कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। रथ की कार को देखते बीजेपी कार्यकर्ता और अन्य लोग। अस्पताल में बीजेपी कार्यकर्ता की भीड़ पहुंची। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी विवासिटी अस्पताल पहुंचे। भाजपा नेता सुकांत मजूमदार विवासिटी अस्पताल पहुंचे। मध्यमग्राम में विवासिटी अस्पताल के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं की भीड़। पश्चिम बंगाल से जुड़ी पल-पल की अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाएं… लाइव अपडेट्स 17 मिनट पहले कॉपी लिंक भाजपा नेता बोले- रथ को 3 दिन से निशाना बनाया जा रहा था भाजपा नेता सुजय कुमार डे ने कहा- जो कुछ हुआ वह पूरी तरह से गैरकानूनी था। इसके लिए जिम्मेदार कौन है? बोंगांव से लेकर राजारहाट और गोपालपुर जैसे क्षेत्रों में भाजपा जीती है, लेकिन माध्यमग्राम में भाजपा क्यों नहीं जीती और टीएमसी क्यों जीती? क्योंकि वे माध्यमग्राम को एक ‘ब्रिडिंग ग्राउंड’ बनाना चाहते हैं, यह बिल्कुल भी उचित नहीं था। जहां तक मुझे जानकारी है आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार थे और उन्होंने ही रथ को गोली मारी। हमारी जानकारी के मुताबिक, एक बाइक पर 4 से 5 लोग सवार थे और यह हमला पूरी तरह प्लान्ड था। इसके अलावा, इस घटना में 4 से 5 मोटरसाइकिलें शामिल थीं। आने वाले दिनों में हम प्रशासन से मांग करेंगे कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और इस मामले में पूरा सहयोग दिया जाए। सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट और ड्राइवर दोनों कार में मौजूद थे, लेकिन हमलावरों ने केवल उनके पर्सनल असिस्टेंट को निशाना बनाकर हत्या की। हमें किसी अन्य हमले की जानकारी अभी तक नहीं मिली है। उन्होंने अंधाधुंध हमला नहीं किया, बल्कि जिस व्यक्ति को निशाना बनाना था, उसी की हत्या की और उसके बाद वहां से चले गए। इस घटना के जरिए वे माध्यमग्राम में डर का माहौल बनाना चाहते हैं। वे यह दिखाना चाहते हैं कि सत्ता अभी भी टीएमसी के हाथ में है और वे इसी तरह लोगों की हत्या करते रहेंगें। 18 मिनट पहले कॉपी लिंक रथ के ड्राइवर को हाथ, पेट और सीने में गोली लगी भाजपा नेता सुजय कुमार डे ने कहा- जो कुछ हुआ वह पूरी तरह से गैरकानूनी था। इसके लिए जिम्मेदार कौन है? बोंगांव से लेकर राजारहाट और गोपालपुर जैसे क्षेत्रों में भाजपा जीती है, लेकिन माध्यमग्राम में भाजपा क्यों नहीं जीती और टीएमसी क्यों जीती? क्योंकि वे माध्यमग्राम को एक ‘ब्रिडिंग ग्राउंड’ बनाना चाहते हैं, यह बिल्कुल भी उचित नहीं था। जहां तक मुझे जानकारी है आरोपी मोटरसाइकिल पर सवार थे और उन्होंने ही रथ को गोली मारी। हमारी जानकारी के मुताबिक, एक बाइक पर 4 से 5 लोग सवार थे और यह हमला पूरी तरह प्लान्ड था। इसके अलावा, इस घटना में 4 से 5 मोटरसाइकिलें शामिल थीं। आने वाले दिनों में हम प्रशासन से मांग करेंगे कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों और इस मामले में पूरा सहयोग दिया जाए। सुवेंदु अधिकारी के पर्सनल असिस्टेंट और ड्राइवर दोनों कार में मौजूद थे, लेकिन हमलावरों ने केवल उनके पर्सनल असिस्टेंट को निशाना बनाकर हत्या की। हमें किसी अन्य हमले की जानकारी अभी तक नहीं मिली है। उन्होंने अंधाधुंध हमला नहीं किया, बल्कि जिस व्यक्ति को निशाना बनाना था, उसी की हत्या की और उसके बाद वहां से चले गए। इस घटना के जरिए वे माध्यमग्राम में डर का माहौल बनाना चाहते हैं। वे यह दिखाना

शांति का आह्वान करने से लेकर गोली मार दिए जाने तक: सुवेंदु के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या की समयरेखा | भारत समाचार

Cooper Connolly and Suryansh Shedge are trying to rescue PBKS (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 03:01 IST रथ ने बुधवार को अपने गृहनगर में भाजपा कार्यकर्ताओं से चुनाव के बाद की हिंसा से बचने का आग्रह किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद मध्यमग्राम में उन पर हमला कर दिया गया। भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ को अज्ञात हमलावरों द्वारा करीब से गोली मारने के बाद एक वाहन की क्षतिग्रस्त कांच की खिड़की। (छवि: पीटीआई) पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी चंद्रनाथ रथ का बुधवार का दिन उनके पैतृक गांव में व्यस्त रहा। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पहली शानदार जीत के बाद, पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा अक्सर सुवेंदु की छाया के रूप में वर्णित व्यक्ति ने चुनाव के बाद हिंसा की छिटपुट घटनाओं के बीच कार्यकर्ताओं से शांत रहने का आग्रह करते हुए दिन का अधिकांश समय बिताया। 4 मई को विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में हिंसा भड़क उठी थी, भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ने एक-दूसरे पर अशांति फैलाने का आरोप लगाया था। राज्य पार्टी प्रमुख शमिक भट्टाचार्य सहित कई भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से हिंसा में शामिल न होने की अपील की और पार्टी के निर्देशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी। रथ पूर्वी मिदनापुर में अपने गृहनगर चांदीपुर में भी ऐसा ही कर रहे थे। “बापू उन्होंने आप सभी से शांत रहने और किसी भी हिंसा में शामिल न होने या उसका सहारा न लेने का अनुरोध किया है,” उन्होंने अपने बॉस अधिकारी का जिक्र करते हुए दिन में स्थानीय पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा, डाडा. कुछ घंटों बाद, रथ खुद हिंसा का शिकार बन जाएगा। कैसे हुआ हमला सीएनएन-न्यूज18 को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, चंद्रनाथ रथ बुधवार देर रात मध्यमग्राम स्थित अपने आवास लौट रहे थे, जब हमला हुआ। सूत्रों ने कहा कि रथ की स्कॉर्पियो उनके आवास की ओर आ रही थी और घटनास्थल से लगभग 200 मीटर की दूरी पर थी जब एक अन्य कार ने कथित तौर पर वाहन को रोका। जैसे ही स्कॉर्पियो धीमी हुई, मोटरसाइकिल पर आए कई हमलावरों ने कथित तौर पर घटनास्थल से भागने से पहले करीब से गोलियां चलाईं। पुलिस सूत्रों ने न्यूज18 को बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि हमले की सावधानीपूर्वक योजना बनाई गई थी. जांचकर्ताओं को संदेह है कि गोलीबारी में चार मोटरसाइकिलों पर सवार कम से कम आठ हमलावर शामिल थे। ये सभी कथित तौर पर हेलमेट पहने हुए थे. जांचकर्ता सिलीगुड़ी पंजीकरण कोड (डब्ल्यूबी 74) वाली कार की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं, जिसने कथित तौर पर गोलीबारी से कुछ क्षण पहले रथ के वाहन को रोका था। बाद में, पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता ने कहा कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि कार में फर्जी नंबर प्लेट थी। गोलीबारी के तुरंत बाद, रथ और उनके ड्राइवर, बुद्धदेव बेरा को मध्यमग्राम के एक अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल के प्रमुख प्रतीम सेनगुप्ता ने कहा कि रथ को सीने के बाईं ओर दो गोलियां लगीं और उन्हें मृत लाया गया। सेनगुप्ता ने कहा, ”सीपीआर से भी उन्हें पुनर्जीवित नहीं किया जा सका।” हमले के समय वाहन चला रहे बेरा को तीन गोलियां लगीं – एक उनके सीने के दाहिनी ओर, दूसरी पेट में और एक उनके दाहिने हाथ में। अस्पताल के सूत्रों ने बताया कि बाद में उन्हें सर्जरी के लिए कोलकाता के अपोलो मल्टीस्पेशलिटी अस्पताल में स्थानांतरित कर दिया गया और वह होश में हैं। भाजपा नेता अस्पताल पहुंचे हत्या की खबर से इलाके में दहशत और तनाव फैल गया और देर रात मध्यमग्राम में अस्पताल के बाहर बड़ी भीड़ जमा हो गई। गोलीबारी की जानकारी मिलने के बाद सुकांत मजूमदार, अर्जुन सिंह, शंकर घोष, पीयूष कनोरिया, कौस्तव बागची और राज्य भाजपा उपाध्यक्ष राजू बनर्जी सहित कई भाजपा नेता और विधायक अस्पताल पहुंचे। आधी रात के कुछ देर बाद सुवेंदु अधिकारी भी अस्पताल पहुंचे। हत्या को ”नृशंस हत्या” बताते हुए अधिकारी ने आरोप लगाया कि रथ को जानबूझकर निशाना बनाया गया और उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने कहा कि इलाके के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और हत्या की जांच चल रही है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया शांत रहने के आह्वान से लेकर गोली मार दिए जाने तक: सुवेंदु के सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या की समयरेखा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)चंद्रनाथ रथ की हत्या(टी)सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी नेता(टी)चुनाव के बाद हिंसा(टी)मध्यमग्राम शूटिंग(टी)बीजेपी की भारी जीत(टी)राजनीतिक हिंसा पश्चिम बंगाल(टी)चांदीपुर पूर्वी मिदनापुर

‘यह एक नृशंस हत्या है’: सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या पर सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया | भारत समाचार

Cooper Connolly and Suryansh Shedge are trying to rescue PBKS (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 02:34 IST अधिकारी ने हत्या को “नृशंस हत्या” करार दिया क्योंकि पुलिस ने बाइक सवार हमलावरों और एक संदिग्ध कार की भूमिका की जांच शुरू कर दी। उनके करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली लगने से मौत हो जाने के तुरंत बाद सुवेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे। (छवि: पीटीआई) पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को अपने करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या को “नृशंस हत्या” करार दिया, जिसके कुछ घंटे बाद उत्तर 24 परगना जिले के मध्यमग्राम में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। अस्पताल के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए जहां रथ का शव रखा गया था, अधिकारी ने आरोप लगाया कि हमला पूर्व नियोजित था और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। भाजपा नेता ने अपने लंबे समय के सहयोगी की हत्या पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “यह एक निर्मम हत्या है, जो पिछले दशक में उनकी अधिकांश राजनीतिक यात्रा में उनके साथ था।” अधिकारी के निजी सहायक के रूप में कार्यरत रथ पर बुधवार देर रात अज्ञात बाइक और कार सवार हमलावरों ने हमला किया। सूत्रों के मुताबिक, चार मोटरसाइकिलों पर आए कम से कम आठ हमलावर गोलीबारी में शामिल थे। ये सभी कथित तौर पर हेलमेट पहने हुए थे. जांचकर्ता सिलीगुड़ी पंजीकरण कोड (डब्ल्यूबी 74) वाली कार की भूमिका की भी जांच कर रहे हैं, जिसने कथित तौर पर गोलीबारी से कुछ क्षण पहले रथ की स्कॉर्पियो को रोका था। वाहन धीमा होने के तुरंत बाद, हमलावरों ने कथित तौर पर मौके से भागने से पहले करीब से गोलियां चलाईं। पुलिस ने कहा कि रथ को सीने और पेट में गोली लगी है। उन्हें मध्यमग्राम के एक अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जिस अस्पताल में रथ को ले जाया गया था, उसके प्रमुख प्रतीम सेनगुप्ता ने कहा कि उसे मृत लाया गया था और सीपीआर प्रयासों के बावजूद उसे पुनर्जीवित नहीं किया जा सका। रथ के साथ यात्रा कर रहे एक अन्य व्यक्ति, जिसकी पहचान बुद्धदेब के रूप में की गई, को भी कई गोलियां लगीं और बाद में उसे सर्जरी के लिए कोलकाता के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि वह होश में हैं। पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता ने बाद में कहा कि जांचकर्ताओं को संदेह है कि हमले में इस्तेमाल की गई कार में फर्जी पंजीकरण नंबर प्लेट थी। पुलिस जांच के तहत सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है और वाहन की गतिविधियों का पता लगा रही है। हत्या की खबर सामने आने के बाद सुकांत मजूमदार और अर्जुन सिंह समेत वरिष्ठ भाजपा नेता भी अस्पताल पहुंचे। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘यह एक नृशंस हत्या है’: सहयोगी चंद्रनाथ रथ की हत्या पर सुवेंदु अधिकारी की प्रतिक्रिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी की हत्या(टी)चंद्रनाथ रथ की हत्या(टी)पश्चिम बंगाल भाजपा नेता(टी)मध्यमग्राम गोलीबारी(टी)उत्तर 24 परगना अपराध(टी)राजनीतिक सहयोगी की गोली मारकर हत्या(टी)नृशंस हत्या का आरोप(टी)अज्ञात बाइक हमलावर

सुवेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे जहां मारे गए सहयोगी चंद्रनाथ रथ को ले जाया गया था | देखो | भारत समाचार

Cooper Connolly and Suryansh Shedge are trying to rescue PBKS (Picture credit: AP)

आखरी अपडेट:07 मई, 2026, 01:37 IST अधिकारी के सबसे करीबी सहयोगियों में से एक चंद्रनाथ रथ को बुधवार देर रात मध्यमग्राम में अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी। मध्यमग्राम अस्पताल में अपने लंबे समय के सहयोगी चंद्रनाथ रथ को मृत घोषित किए जाने के बाद अधिकारी भारी सुरक्षा के बीच पहुंचे। (छवि: स्रोत) पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी गुरुवार आधी रात के बाद अपने मारे गए सहयोगी चंद्रनाथ रथ से मिलने के लिए मध्यमग्राम के एक अस्पताल पहुंचे, जिनकी शाम को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। राठ पर बुधवार देर रात अज्ञात बाइक और कार सवार हमलावरों ने हमला किया और कुछ ही देर बाद उनकी मौत हो गई। उन्हें मध्यमग्राम के अस्पताल ले जाया गया, जहां अधिकारी बाद में भारी सुरक्षा के बीच पहुंचे। अस्पताल के अधिकारियों के अनुसार, एक करीबी सहयोगी, जो पिछले दशक में अधिकारी की अधिकांश राजनीतिक यात्रा में उनके साथ रहा था, रथ को उसकी छाती के बाईं ओर गोली लगने से चोटें आईं। जिस अस्पताल में रथ को ले जाया गया था, उसके प्रमुख प्रतीम सेनगुप्ता ने कहा कि उसे मृत लाया गया था और सीपीआर प्रयासों के बावजूद उसे पुनर्जीवित नहीं किया जा सका। रथ के सहयोगी, जिसकी पहचान बुद्धदेब के रूप में की गई है, को भी कई गोलियां लगीं – एक उसकी छाती के दाईं ओर, एक पेट में, और दूसरी उसके दाहिने हाथ में। अस्पताल के अधिकारियों ने कहा कि वह होश में रहे और बाद में उन्हें सर्जरी के लिए कोलकाता के एक अस्पताल में रेफर किया गया। हत्या की खबर सामने आने के बाद सुकांत मजूमदार और अर्जुन सिंह समेत वरिष्ठ भाजपा नेता भी अस्पताल पहुंचे। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : मध्यमग्राम, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया सुवेंदु अधिकारी अस्पताल पहुंचे जहां मारे गए सहयोगी चंद्रनाथ रथ को ले जाया गया था | घड़ी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुवेंदु अधिकारी के सहयोगी की हत्या(टी)पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता(टी)चंद्रनाथ रथ को गोली मारी(टी)मध्यमग्राम अस्पताल की घटना(टी)राजनीतिक सहयोगी की हत्या(टी)बाइक सवार हमलावरों(टी)कोलकाता अस्पताल की सर्जरी(टी)बीजेपी नेताओं की प्रतिक्रिया