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कृति सेनन बोलीं- बॉलीवुड में अब भी पुरुषों का दबदबा:महिला कलाकार बराबर मेहनत करती हैं , फिर भी फीस में बड़ा अंतर

कृति सेनन बोलीं- बॉलीवुड में अब भी पुरुषों का दबदबा:महिला कलाकार बराबर मेहनत करती हैं , फिर भी फीस में बड़ा अंतर

बॉलीवुड में एक्टर्स की फीस और बढ़ते प्रोडक्शन कॉस्ट को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। अब एक्ट्रेस और प्रोड्यूसर कृति सेनन ने भी इंडस्ट्री में मौजूद जेंडर पे गैप और पैट्रिआर्की पर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि आज भी फिल्मों में बजट कम पड़ने पर सबसे पहले एक्ट्रेस की फीस कम की जाती है, जबकि मेल स्टार्स की फीस पर ज्यादा असर नहीं पड़ता। कृति ने GQ India से बातचीत में कहा कि बॉलीवुड में पैट्रिआर्की अब भी गहराई से मौजूद है। उनके मुताबिक, फीमेल-लीड फिल्मों को लेकर मेकर्स आज भी रिस्क लेने से डरते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि ऐसी फिल्में मेल-लीड फिल्मों जितना बिजनेस नहीं कर पाएंगी। कृति ने सवाल उठाया कि जब मेहनत दोनों कलाकार बराबर करते हैं तो फीस में इतना बड़ा फर्क क्यों होता है। एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि कई बार फिल्म का बजट कंट्रोल करने के नाम पर एक्ट्रेसेस से फीस कम करने को कहा जाता है। वहीं बड़े मेल स्टार्स की फीस और उनकी डिमांड्स पर कम सवाल उठते हैं। इंडस्ट्री में बढ़ती स्टार फीस और एंटूराज कॉस्ट को लेकर पहले भी कई फिल्ममेकर चिंता जता चुके हैं। कृति ने पहले भी कहा था कि सितारों के साथ चलने वाले लोगों और दूसरी गैरजरूरी चीजों पर बहुत खर्च होता है, जबकि ध्यान फिल्म की कहानी पर होना चाहिए। उन्होंने कहा था कि किसी किरदार की जरूरत के हिसाब से खर्च समझ आता है, लेकिन कई बार लग्जरी और गैरजरूरी खर्च भी प्रोड्यूसर्स पर डाल दिए जाते हैं। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा था कि एक स्टार के लिए दो कुक और एक शेफ रखना जरूरत से ज्यादा है। अब प्रोड्यूसर बनने के बाद कृति इंडस्ट्री के आर्थिक दबाव को और करीब से समझ रही हैं। उनका कहना है कि वे ऐसी फिल्में बनाना चाहती हैं जहां कंटेंट और टैलेंट को प्राथमिकता मिले, न कि सिर्फ स्टार सिस्टम को। सोशल मीडिया पर भी कृति के बयान को लेकर बहस छिड़ गई है। कई यूजर्स ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि इंडस्ट्री में बदलाव की शुरुआत बड़े कलाकारों को खुद करनी चाहिए।

गर्मी में पालक खाना चाहिए या नहीं? इन दो तरह के लोगों के लिए ‘टॉक्सिन’ से कम नहीं

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Last Updated:May 09, 2026, 17:23 IST Spinach Side Effects: वैसे तो पालक ठंड के मौसम की सब्जी है, लेकिन इसे गर्मी के मौसम में भी डाइट में शामिल किया जा सकता है. लेकिन सभी लोगों के लिए पोषक तत्वों से भरी ये हरी सब्जी फायदेमंद नहीं होती. आपको पालक खाना चाहिए या नहीं, इस लेख में जानिए. ख़बरें फटाफट पालक में बहुत कम कैलोरी होती है और यह कई प्रकार के विटामिन और खनिज से भरा होता है. इसमें विशेष रूप से विटामिन K, फोलेट, आयरन और मैग्नीशियम होता है, जो हेल्दी रक्त और मजबूत हड्डियों से लेकर एनर्जी बूस्ट करने तक हर चीज के लिए आवश्यक है. पालक को दाल, सब्जी, सूप और सलाद के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है. लेकिन क्या इसे गर्मी में खाना सेफ होता है? पालक पत्तेदार हरी सब्जी है, जो कि मुख्य रूप से ठंड में उगायी जाती है. इसकी असली ताजगी का लुत्फ उठाना है, तो इसे आप अक्टूबर से फरवरी तक खा सकते हैं. हालांकि ये गर्मी में भी खाने के लिए सेफ होता है. लेकिन यदि आपको किडनी संबंधित समस्या है, तो इसके सेवन से खास परहेज करें. किन लोगों को गर्मी में नहीं खाना चाहिए पालक किडनी के मरीज गर्मी के मौसम में किडनी संबंधित समस्या बहुत ज्यादा कॉमन हो जाती है. ऐसे में यदि आप किडनी से जुड़ी किसी भी तरह की बीमारी से जूझ रहे हैं या इसका इलाज करवा रहे हैं, तो डाइट में बिना डॉक्टर की सलाह के पालक का सेवन न करें. दरअसल, पालक में ऑक्सलेट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है, जो कैल्शियम के साथ रिएक्शन करके कैल्शियम क्रिस्टल बना सकते हैं. ये गुर्दे में पथरी का एक प्रमुख कारण भी है. गठिया के मरीज गर्मी के मौसम में वैसे भी लोग खट्टे चीजों को सेवन बहुत ज्यादा करते हैं, जो कि गठिया की समस्या को ट्रिगर करने का काम करता है. ऐसे में यदि आप डाइट में पालक भी शामिल करते हैं, तो इससे जोड़ों में तेज दर्द बढ़ सकता है. इस बात का भी रखें ध्यानवैसे तो पालक सेहतमंद गुणों से भरपूर होता है, लेकिन यदि आप इसे सही तरह से धोकर और पकाकर नहीं खाया जाए तो इससे फायदों से ज्यादा नुकासन हो सकता है. कुछ लोग कच्चे पालक का जूस भी पीते हैं, लेकिन ये सही तरीका नहीं माना जाता है. यदि आप इसे जूस के रूप में इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो पहले इसे अच्छी तरह से धोएं और कुछ देर पानी में उबालने के बाद इसका जूस या सलाद बनाकर खाएं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं. उन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपना सफर शुरू किया. उनके पास डिजिटल मीडिया और लाइफस्टाइल पत्रक…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : New Delhi,Delhi Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

Hantavirus Scare? AIIMS Prof Says No Need to Fear; Rare Disease

Hantavirus Scare? AIIMS Prof Says No Need to Fear; Rare Disease

34 मिनट पहले कॉपी लिंक AIIMS दिल्ली के मेडिसिन विभाग में प्रोफेसर डॉक्टर नीरज निश्चल ने शनिवार को कहा कि हंतावायरस से डरने की जरूरत नहीं है, हमारे देश में अब तक कोई केस सामने नहीं आया है। उन्होंने कहा कि हंतावायरस कोविड की तरह नहीं फैल सकता है। ये बीमारी पहले से थी, लेकिन गुरुवार को शिप MV होंडियस में मिले वायरस की वजह से अब ये चर्चा में है। 7 मई: जिस जहाज पर हंतावायरस फैला, उस पर 2 भारतीय, 3 की मौत MV होंडियस मार्च में दक्षिण अमेरिका के आखिरी पॉइंट उशुआइया से रवाना हुआ था। इसमें 200 से ज्यादा लोग हैं। MV होंडियस एक डच एक्सपेडिशन क्रूज शिप है, जो अंटार्कटिका और दक्षिण अटलांटिक इलाकों में यात्राएं कराता है, लेकिन मई 2026 में यह जहाज एक गंभीर स्वास्थ्य संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय चर्चा में आ गया। जहाज पर हंता वायरस संक्रमण के कई मामले सामने आए। इस दौरान 3 यात्रियों की मौत हो गई। कई अन्य यात्री और क्रू सदस्य बीमार पड़ गए। कुछ लोगों को ICU में भर्ती करना पड़ा। जहाज को समुद्र में रोकना पड़ा, क्योंकि कई देशों ने तुरंत डॉकिंग की अनुमति नहीं दी। यह शिप 10 मई तक स्पेन के कैनरी आइलैंड तक पहुंच सकता है, जहां जहाज पर मौजूद सभी यात्रियों की जांच होगी। WHO ने कहा कि घटना गंभीर है, लेकिन फिलहाल आम लोगों के लिए खतरा कम माना जा रहा है। ——————————————– पूरी खबर पढ़ें… एआई चैटबॉट का झूठा दावा:ब्रिटेन से मेडिकल की पढ़ाई, 7 साल का अनुभव; फर्जी लाइसेंस नंबर भी दिया, पहली बार AI कंपनी पर मुकदमा क्या आप अपनी बीमारी के लक्षण गूगल पर सर्च करते हैं या इलाज के लिए किसी एआई चैटबॉट से सलाह ले रहे हैं? अगर हां, तो संभल जाइए। आप जिसे अपना हमदर्द डॉक्टर समझकर दिल की बात बता रहे हैं, दरअसल वह महज एक कोड और डेटा का पुलिंदा हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

तमिलनाडु में टीवीके सरकार लोड हो रही है: वीसीके, आईयूएमएल समर्थन के साथ, यहां बताया गया है कि विजय की संख्या कैसे बढ़ती है | भारत समाचार

RR vs GT Live Score: Follow scorecard and match updates from Sawai Mansingh Stadium in Jaipur. (Picture Credit: Sportzpics)

आखरी अपडेट:09 मई, 2026, 17:10 IST वीसीके ने औपचारिक रूप से विजय के टीवीके को समर्थन दिया, जिससे तमिलनाडु में सरकार गठन पर अनिश्चितता और गहन बातचीत के दिन समाप्त हो गए। टीवीके प्रमुख विजय. (फ़ाइल) तमिलनाडु सरकार का गठन: विदुथलाई चिरुथिगल काची (वीसीके) द्वारा पार्टी को “बिना शर्त समर्थन” देने के बाद शनिवार को तमिलागा वेट्री कज़गम (टीवीके) प्रमुख विजय को तमिलनाडु में सरकार बनाने के उनके प्रयासों को बढ़ावा मिला। वीसीके ने कथित तौर पर राज्य में राजनीतिक गतिरोध के बीच उपमुख्यमंत्री पद की मांग की थी क्योंकि विजय तीन दिनों में तीन बार राज्यपाल आरवी अर्लेकर से मिलने के बाद भी सरकार बनाने के लिए 118 के जादुई आंकड़े तक पहुंचने में विफल रहे। हालाँकि, वीसीके ने औपचारिक रूप से विजय को समर्थन दिया, जिससे अनिश्चितता और गहन बातचीत के दिन समाप्त हो गए। टीवीके महासचिव अधव अर्जुन ने सरकार गठन पर पार्टी को ‘समर्थन देने’ वाला वीसीके का एक पत्र दिखाया। लाइव अपडेट का पालन करें यहां बताया गया है कि विजय के नंबर कैसे बढ़ते हैं टीवीके ने कुल 234 में से 108 सीटें जीती थीं, लेकिन विजय के दो सीटों से जीतने के बाद, उन्हें उनमें से एक सीट खाली करनी होगी – प्रभावी रूप से टीवीके की संख्या घटकर 107 हो गई। कांग्रेस ने पार्टी को पांच विधायकों का समर्थन देने के लिए डीएमके के साथ लंबे समय से चले आ रहे गठबंधन को तोड़ दिया। सीपीआई और सीपीआई (एम), जिन्होंने दो-दो सीटें जीतीं, ने शुक्रवार को टीवीके को अपना “बिना शर्त समर्थन” दिया, जिससे उनकी संख्या 116 हो गई, जो सरकार बनाने के लिए आवश्यक बहुमत के निशान से कुछ ही कम है। वीसीके द्वारा टीवीके को समर्थन देने के बाद अब विधायकों की संख्या 118 हो गई है, जो बहुमत साबित करने के लिए पर्याप्त है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) ने भी विजय की पार्टी को समर्थन दिया, जिससे पार्टी की कुल संख्या 120 हो गई। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया तमिलनाडु में टीवीके सरकार लोड हो रही है: वीसीके, आईयूएमएल समर्थन के साथ, यहां बताया गया है कि विजय की संख्या कैसे बढ़ती है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु सरकार गठन लाइव अपडेट(टी)तमिलनाडु सीएम शपथ समारोह 2026(टी)तमिलनाडु नए मुख्यमंत्री 2026(टी)तमिलनाडु चुनाव परिणाम 2026 लाइव(टी)विजय टीवीके सरकार गठन(टी)डीएमके सरकार गठन लाइव(टी)एआईएडीएमके नवीनतम अपडेट तमिलनाडु(टी)तमिलनाडु राजनीतिक समाचार लाइव(टी)तमिलनाडु सीएम घोषणा लाइव

स्कूलों में पढ़ाया जा रहा गणित असल जिंदगी में फेल:गणना के बजाय डेटा-रीजनिंग पर फोकस बढ़ाएं, सेहत से लेकर निवेश तक में होंगे सफल

स्कूलों में पढ़ाया जा रहा गणित असल जिंदगी में फेल:गणना के बजाय डेटा-रीजनिंग पर फोकस बढ़ाएं, सेहत से लेकर निवेश तक में होंगे सफल

गणित का नाम सुनते ही अक्सर लोगों के जेहन में स्कूल के दिनों की वे डरावनी यादें ताजा हो जाती हैं- अलजेब्रा, ज्योमेट्री, ट्रिगोनोमेट्री और कैलकुलस का एक अंतहीन चक्रवात… लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस गणित के लिए हमने हजारों घंटे बर्बाद किए, वह हमारे वास्तविक जीवन में कितना काम आता है? आधुनिक शोध और विशेषज्ञों का मानना है कि हम न सिर्फ गलत गणित पढ़ रहे हैं, बल्कि उसे आंकने का हमारा तरीका भी पूरी तरह गलत है। चौंकाने वाला तथ्य यह है कि अमेरिका समेत दुनिया के कई हिस्सों में गणित का वर्तमान पाठ्यक्रम 1893 की ‘कमेटी ऑफ टेन’ द्वारा निर्धारित किया गया था। उस दौर में रटकर गणना करना (रोट मैथ) आर्किटेक्ट, खगोलविदों और सिविल इंजीनियरों के लिए जरूरी था। पर आज, जब हमारे हाथ में सुपरकंप्यूटर जैसे स्मार्टफोन हैं, तब भी हम बच्चों को हाथ से जटिल समीकरण हल करना सिखा रहे हैं। ‘आफ्टरमैथ: द लाइफ-चेंजिंग मैथ दैट स्कूल्स वॉन्ट टीच यू’ के लेखक टेड डिनर्टस्मिथ कहते हैं, आज की दुनिया डेटा, एल्गोरिदम, सांख्यिकी व एआई से चलती है। पर हमारी शिक्षा नीति अब भी 19वीं सदी के रटने वाले गणित व मल्टीपल चॉइस टेस्ट स्कोर के पीछे भाग रही है।’ एक्सपर्ट मानते हैं अगर कंप्यूटर कोई काम बेहतर व तेज कर सकता है, तो बच्चों को उसी काम में उलझाए रखना गुणवत्ता का पैमाना नहीं हो सकता। गणित की अज्ञानता से जोखिम ओईसीडी के एजुकेशन डायरेक्टर एंड्रियास श्लीचर के मुताबिक गणित की व्यावहारिक समझ न होना सिर्फ अकादमिक कमी नहीं, बल्कि जिंदगी व स्वास्थ्य के लिए भी बड़ा जोखिम है। डेटा की समझ न होने से लोग मेडिकल टेस्ट की रिपोर्ट व डॉक्टरों द्वारा डेटा की गलत व्याख्या से जीवन-मरण से जुड़े गलत फैसले ले लेते हैं। वहीं, ‘मैथ एंग्जायटी’ के शिकार 93% लोग वित्तीय जाल में फंस रहे हैं; वे महंगाई व ब्याज के गणित को न समझ पाने से निवेश व भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। यही अज्ञानता जनता को नीति-निर्धारकों के आंकड़ों के मायाजाल में भी उलझाती है। कई देशों में बेरोजगारी के आधिकारिक आंकड़े हकीकत छुपाते हैं, जबकि असली दर ज्यादा है। पर गणित से दूरी, यह गफलत समझा नहीं पाती। जनगणना जैसी प्रक्रियाओं में भी डेटा की गलतियों से संसाधनों का गलत आवंटन होता है। जब तक हम आंकड़ों में छिपा सच नहीं समझेंगे, तब तक गुमराह होते रहेंगे। एक्सपर्ट कहते हैं,‘गणित का सही ज्ञान न सिर्फ व्यक्तिगत सफलता के लिए जरूरी है, बल्कि यह लोकतंत्र को भी मजबूत करता है। जब नागरिक डेटा व आंकड़ों को समझना शुरू करेंगे, तभी सही सवाल पूछ सकेंगे। वक्त आ गया है कि हम रटने वाले गणित से बाहर निकलें और उस गणित को अपनाएं जो हमारा कल संवार सके। 80% वक्त गणना पर खर्च हो रहा, इसे एआई-कंप्यूटर को करने दें अमेरिकी शिक्षाविद् कॉनराड वोल्फ्राम का तर्क है कि हमें ‘डेटा एनालिटिक्स’ व ‘फाइनेंशियल लिटरेसी’ को महत्व देना चाहिए। वर्तमान शिक्षा 80% समय ‘गणना’ पर खर्च करती है, जबकि यह काम कंप्यूटर व एआई कहीं बेहतर कर सकते हैं। छात्रों को गणना के बोझ से मुक्त कर समस्या सुलझाने पर ध्यान देना चाहिए। छात्र सांख्यिकीय तर्क व वित्तीय फैसले सीखें जो जीवन को प्रभावित करते हैं। यदि छात्र स्कूल से निकलने के बाद टैक्स, निवेश या ब्याज दर नहीं समझ सकते, तो उनकी गणित की शिक्षा अधूरी है। इन व्यावहारिक आंकड़ों में दक्षता ही शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य होना चाहिए।

Yashasvi, Shefali Get NADA Notice for Doping Test Failure

Yashasvi, Shefali Get NADA Notice for Doping Test Failure

नई दिल्ली31 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय ओपनर यशस्वी जायसवाल और शेफाली वर्मा को नेशनल डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने पिछले साल डोप टेस्ट के लिए उपलब्ध न रहने पर नोटिस जारी किया है। प्लेयर्स ने नाडा को अपनी लोकेशन की जानकारी नहीं दी थी। यह इन प्लेयर्स का पहला वेयरअबाउट्स फेलियर है। यशस्वी-शेफाली नाडा के ‘रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल’ (RTP) का हिस्सा हैं। नियम के मुताबिक इस पूल में शामिल खिलाड़ियों को हर दिन एक निश्चित समय और स्थान की जानकारी साझा करनी होती है, ताकि उनका औचक परीक्षण किया जा सके। इन दोनों खिलाड़ियों ने टेस्ट मिस होने का कोई ठोस कारण नहीं बताया, जिसके बाद नाडा ने BCCI और ICC को इस बारे में सूचित कर दिया है। BCCI के एक सूत्र ने इसकी पुष्टि की है। उसने कहा-बोर्ड खिलाड़ियों से इस चूक की वजह पूछेगा। यशस्वी जायसवाल आज जयपुर में हैं। उनकी टीम को गुजरात के खिलाफ IPL मैच खेलना है। सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा BCCI के सूत्र ने कहा, ‘क्रिकेट अब ओलिंपिक (LA 2028) का हिस्सा है, इसलिए हमें सभी प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा। ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।’ फिलहाल यशस्वी IPL में राजस्थान रॉयल्स के लिए खेल रहे हैं, जबकि शेफाली हाल ही में दक्षिण अफ्रीका दौरे से लौटी हैं। 3 बार डोप टेस्ट मिस करने पर बैन संभव नाडा के नियमों के अनुसार, अगर कोई एथलीट 12 महीने के भीतर तीन बार टेस्ट मिस करता है या अपनी लोकेशन की सही जानकारी नहीं देता है, तो इसे एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाता है। तीन बार की विफलता पर खिलाड़ी पर प्रतिबंध (सस्पेंशन) भी लग सकता है। यशस्वी और शेफाली के लिए यह पहली विफलता है, लेकिन भविष्य के लिए यह एक गंभीर चेतावनी है। अगर खिलाड़ी संतोषजनक जवाब देते हैं तो मामला चेतावनी तक सीमित रह सकता है। नाडा के टेस्टिंग पूल में 13 क्रिकेटर शामिल वर्तमान तिमाही के लिए नाडा के रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल (RTP) में कुल 348 एथलीट हैं, जिनमें 13 भारतीय क्रिकेटर शामिल हैं। हाल ही में टी-20 वर्ल्ड कप के स्टार अभिषेक शर्मा और अक्षर पटेल को इस लिस्ट में जोड़ा गया है। साथ ही शुभमन गिल, हार्दिक पांड्या, ऋषभ पंत, जसप्रीत बुमराह, केएल राहुल, अर्शदीप सिंह और तिलक वर्मा भी इस निगरानी सूची में हैं। महिला टीम से दीप्ति शर्मा और रेणुका सिंह ठाकुर भी इसका हिस्सा हैं। —————————————- डोपिंग से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… रेसलर विनेश 26 जून तक घरेलू मुकाबले नहीं खेल पाएंगी, डोपिंग नियमों के उल्लंघन पर बैन शनिवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) ने ओलिंपियन रेसलर विनेश फोगाट पर 26 जून तक डोमेस्टिक कॉम्पिटिशन में हिस्सा लेने के लिए अयोग्य घोषित किया। WFI ने शनिवार को फोगाट को अनुशासनहीनता और एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

गर्मियों में पेड़े वाली लस्सी रेसिपी: गर्मी में घर पर तैयार करें पंजाबी स्टाइल पेड़े वाली लस्सी, भूल जाएंगे पेड़े वाली लस्सी का स्वाद; आप रहें कूल-कूल

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 2 कप ताजा और स्ट्रॉबेरी दही, 3 से 4 पेड़े, 2 बड़े चीनी चीनी, 1/2 कप ठंडा दूध, 5-6 बर्फ के टुकड़े, 1/4 छोटा चम्मच इलायची पाउडर, सीधे से कटे हुए पिस्ता और बादाम, केसर के कुछ टुकड़े छवि: फ्रीपिक बनाने की आसान विधि: सबसे पहले एक प्लास्टिक जार में दही, लकड़ी और चीनी मिला। अब इसमें ठंडा दूध और बर्फ के टुकड़े अच्छी तरह से ब्लेंड करें। छवि: फ्रीपिक जब लस्सी ईसा मसीह और झगड़ादार हो जाएं, तब इसमें प्लास्टर सा मिक्स कर लें। अब तैयार है लस्सी को बड़े ग्लास में डालकर ऊपर से कटे हुये बादाम, पिस्ता और केसर से सजाइये. छवि: एआई आपकी स्वादिष्ट पंजाबी स्टाइल पेड़े वाली लस्सी तैयार है। अधिक मलाईदार स्वाद के लिए फुल फैट दही का उपयोग करें। अगर पेड़े ज्यादा बिकते हैं, तो चीनी कम लगते हैं। छवि: एआई अवैद्य लस्सी का मज़ा बढ़ाने के लिए इसे कुछ देर से फ़्रिज़ में रख सकते हैं। यह शरीर को तुरंत ठंडक पहुंचाता है। हीट डिहाइड्रेशन से बचने में मदद मिलती है। इसका रिच और क्रीमी स्वाद हर किसी को पसंद आएगा। छवि: एआई यह पेट को ठंडा लिखा है। साथ ही, सबसे अच्छा टैरोताजा महसूस कराती है। अगर इस गर्मी में आप कुछ खस्ता और स्वादिष्ट मसाला चाहते हैं, तो घर पर पंजाबी स्टाइल वाली पेड़े वाली लस्सी जरूर खाएं। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)पंजाबी पेड़े वाली लस्सी(टी)पेड़ा लस्सी रेसिपी(टी)पंजाबी लस्सी(टी)ग्रीष्मकालीन रेसिपी(टी)ग्रीष्मकालीन लस्सी रेसिपी

भाजपा ने बंगाल को ‘पश्चिमी बांग्लादेश’ बनने से बचाया, नवनियुक्त मंत्री अग्निमित्रा पॉल का कहना है | भारत समाचार

RR vs GT Live Score: Follow scorecard and match updates from Sawai Mansingh Stadium in Jaipur. (Picture Credit: Sportzpics)

आखरी अपडेट:09 मई, 2026, 16:56 IST बंगाल की नवनियुक्त मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने ममता बनर्जी और उनकी टीएमसी पर “जमात और मुस्लिम समुदाय” के लिए तुष्टिकरण की राजनीति में शामिल होने का आरोप लगाया। भाजपा विधायक अग्निमित्र पॉल ने पश्चिम बंगाल कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। (पीटीआई छवि) भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल, जिन्होंने शनिवार को पश्चिम बंगाल की नई कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ली, ने कहा कि पार्टी ने ऐतिहासिक जीत के साथ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के दृष्टिकोण को पूरा किया और राज्य को “पश्चिमी बांग्लादेश” में बदलने से रोका। उनकी यह टिप्पणी सुवेंदु अधिकारी के पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के तुरंत बाद आई पश्चिम बंगाल में बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकारराज्य मंत्रिपरिषद के पांच सदस्यों के साथ – जिनमें दिलीप घोष, पॉल और निसिथ प्रमाणिक शामिल हैं। से बात हो रही है आईएएनएसपार्टी के संघर्ष और ममता बनर्जी के शासन में बीजेपी कार्यकर्ताओं को हुई राजनीतिक हिंसा का वर्णन करते हुए पॉल भावुक हो गए. “मुझे अभी भी उस संघर्ष पर विश्वास नहीं हो रहा है जो हमने झेला है, 23 पुलिस मामले, अपमान, उत्पीड़न, हमें काम नहीं करने देना, हमारे कार्यकर्ताओं को पीटना, उनके साथ बलात्कार करना, उन्हें जलाना… मुझे अभी भी इस पर विश्वास नहीं हो रहा है; क्या हमारे पास वास्तव में कोई सरकार है?” उसने कहा। उन्होंने कहा, “श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपने पूरे हो गए हैं। हम उस बंगाल को बचाने में सक्षम हैं जो पश्चिमी बांग्लादेश बनने जा रहा था। हम इसे बचाने में सक्षम हैं। यह एक अवास्तविक भावना है।” यह भी पढ़ें: जीत से परे: सुवेंदु अधिकारी शीर्ष पर, भाजपा की बंगाल लिटमस परीक्षा शुरू पॉल ने ममता बनर्जी और उनकी टीएमसी पर “जमात और मुस्लिम समुदाय” के लिए तुष्टिकरण की राजनीति में शामिल होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “यह सौभाग्य है कि ऐसा नहीं हुआ और बंगाल बांग्लादेश नहीं बना, वरना हमारी भाषा से लेकर संस्कृति तक सब कुछ इस्लामीकृत हो गया होता। आज श्यामा प्रसाद मुखर्जी की आत्मा बहुत खुश होगी। 321 से अधिक भाजपा कार्यकर्ता जिन्हें बेरहमी से पीटा गया, बलात्कार किया गया और मार दिया गया, उनकी आत्मा को भी शांति मिली होगी।” हाई-प्रोफाइल शपथ ग्रहण समारोह कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुआ। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए। शपथ ग्रहण समारोह नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के साथ हुआ। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को पार्टी कार्यकर्ताओं और विधायकों के सामने अधिकारी के नाम की घोषणा की और कहा कि भाजपा विधायक दल ने सर्वसम्मति से उन्हें बंगाल में नई सरकार का नेतृत्व करने के लिए चुना है। शपथ ग्रहण के बाद बीजेपी को 207 सीटों पर जीत मिली, जबकि टीएमसी 80 सीटों पर सिमट गई। (एजेंसियों से इनपुट के साथ) चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया नवनियुक्त मंत्री अग्निमित्र पॉल का कहना है कि बीजेपी ने बंगाल को ‘पश्चिमी बांग्लादेश’ बनने से बचाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अग्निमित्र पॉल(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बीजेपी बंगाल जीत(टी)पश्चिम बंगाल बीजेपी सरकार(टी)बीजेपी बंगाल कैबिनेट(टी)अग्निमित्र पॉल बयान(टी)पश्चिमी बांग्लादेश टिप्पणी(टी)ममता बनर्जी(टी)अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस(टी)बंगाल राजनीतिक हिंसा(टी)बंगाल शासन परिवर्तन(टी)बीजेपी बनाम टीएमसी

वीसीके के बाद आईयूएमएल ने भी टीवीके को दिया समर्थन, तमिल में 120 ऑर्केस्ट्रा के साथ विजय चिलचिलाती सरकार

वीसीके के बाद आईयूएमएल ने भी टीवीके को दिया समर्थन, तमिल में 120 ऑर्केस्ट्रा के साथ विजय चिलचिलाती सरकार

तमिल की विजय सरकार का सत्य असेंबल का रास्ता साफ हो गया है। वीसीके ने शनिवार को टीवीके को समर्थन देने का निर्णय लिया है। विजय के पास 116 बजरे का समर्थन था। इधर, टीवीके को इंडियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएलएस) उन्होंने भी समर्थन दिया है. अब पात्र 120 हो गया है. शनिवार की शाम को वसीके की अहम मुलाकात थी. इसमें टीवीके को समर्थन प्रस्ताव पर निर्णय लिया गया था. उदाहरण में विजय को समर्थन देने पर सहमति बनी। अब राज्य के अगले मुख्यमंत्री विजय बन सकते हैं। वीसीके ने बिना किसी शर्त के टीवीके को सपोर्ट दिया है। 4 मई को आये नतीजों ने तमिल में सभी को चौंका दिया था. यहां टीवीके ने टीचर्स और मैथ्यूज को पछाड़ा, राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनी। हालाँकि, 108 के आँकड़े ही शिखर तक पहुँचे, और बहुमत से 10 सीट पीछे रह गए। इसके बाद कांग्रेस के पांच बेंचमार्क का समर्थन टीवी को मिला, वहीं, सी स्टूडियो और सीपीआईएम के दो दो बैच ने भी समर्थन किया। इस तरह का प्रदर्शन 116 पर पहुंच गया। अब वीसीके ने टीवीके को सपोर्ट दिया है। टीवीके ने सभी सपोर्ट करने वाली व्रिवेच्योर का डंका बजा दिया है, साथ ही पार्टी के नेता अर्जुन ने कहा है कि अब विजय सरकार बनाने की तैयारी है. एआईएडीएमके प्रमुख का बयान, पहले ही बढ़ाया दी थी हलचलइधर, कुछ देर पहले एआईएडीएमके के प्रमुख एडप्पादी के. पलानीस्वामी की एक पोस्ट ने राजनीतिक हलचल बढ़ा दी थी। उन्होंने एक पोस्ट में सरकार बनाने वाली पार्टी को बधाई दी थी. ऐसे में टीवीके के सपोर्ट को लेकर रेस्टॉरेंट तेजी से हो गया। पलानीस्वामी ने एक पोस्ट करते हुए कहा था कि हाल ही में 17वें तमिलनाडु विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न राजनीतिक दलों ने चुनावी लड़ाई लड़ी है। जीत दर्ज करें. मैं तमिलनाडु में सरकार बनाने वाली पार्टी को अपनी हार्दिक बधाई देता हूं। यह भी पढ़ेंः एकनाथ शिंदे ऑन बीजेपी: बंगाल की जीत पर एकनाथ शिंदे का बयान, कहा- ‘मोदी-शाह रणनीति की जीत’ (टैग्सटूट्रांसलेट)टीवीके(टी)एआईएडीएमके(टी)तमिलनाडु(टी)ताजा समाचार(टी)हिंदी समाचार(टी)तमिलनाडु सरकार गठन(टी)एआईएडीएमके(टी)डीएमके(टी)विजय थलापति(टी)चुनाव समाचार(टी)दक्षिण समाचार(टी)टीवीके(टी)समेतो शोमाके(टी)तमिलनाडु(टी)नवीनतम समाचार(टी)हिंदी समाचार(टी)तमिलनाडु सरकार गठन(टी) धर्मशालाए डॉक्यूमेंट्री(टी) क्रोमाके(टी)विजय थलपति(टी)चुनाव समाचार(टी)दक्षिणी समाचार

हीटवेब से कैस बचें? डॉक्टर ने बताए देसी उपाय, काम करने वालों के लिए बेहद जरूरी सलाह

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X हीटवेब से कैस बचें? डॉक्टर ने बताए देसी उपाय, काम करने वालों के लिए बेहद जरूरी   Health Tips: Bhiwadi के औद्योगिक क्षेत्रों में गर्मी अब खतरनाक रूप लेने लगी है. खासकर भट्टी आधारित फैक्ट्रियों में काम करने वाले हजारों श्रमिकों के लिए मई-जून की तपती दोपहर किसी चुनौती से कम नहीं है. बढ़ते तापमान और लू के बीच डॉक्टरों ने ऐसे घरेलू उपाय बताए हैं, जो हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन से बचाने में काफी मददगार साबित हो सकते हैं. भिवाड़ी के चिकित्सक Dr. Roop Singh के अनुसार, गर्मी में खाली पेट काम पर जाना शरीर के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है. उन्होंने सलाह दी कि घर से निकलने से पहले छाछ, सत्तू, नींबू पानी, जलजीरा और आम का पना जैसी चीजों का सेवन जरूर करना चाहिए. ये शरीर में पानी और ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने में मदद करते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि अगर काम करते समय अचानक चक्कर आए, चेहरा लाल हो जाए, शरीर सूखने लगे या घबराहट महसूस हो तो यह हीट स्ट्रोक के शुरुआती संकेत हो सकते हैं. ऐसी स्थिति में तुरंत व्यक्ति को ठंडी जगह पर ले जाना चाहिए और ORS का घोल देना चाहिए. विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि बेहोश व्यक्ति को जबरदस्ती कुछ खिलाना-पिलाना खतरनाक हो सकता है. गर्मी से राहत के लिए योग और प्राणायाम को भी काफी असरदार माना जा रहा है. अनुलोम-विलोम, शीतली और चंद्रभेदी प्राणायाम शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में मदद करते हैं. सोशल मीडिया पर भी अब लोग इन देसी उपायों को तेजी से शेयर कर रहे हैं, क्योंकि बिना महंगे साधनों के भी गर्मी से बचाव संभव है. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।