Mamata Banerjee Changes Profile to Chief Minister of West Bengal

कोलकाता2 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आखिर शनिवार को सोशल मीडिया प्रोफाइल में बदलाव किया। ममता बनर्जी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक पर शनिवार को बायो में दिख रहा है- फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, चीफ मिनिस्टर ऑफ वेस्ट बंगाल (15वीं,16वीं,17वीं विधानसभा)। शुक्रवार तक ममता के प्रोफाइल में दिख रहा था फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, ऑनरेबल चीफ मिनिस्टर,वेस्ट बंगाल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद ममता ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के इनकार कर दिया।ममता ने इस्तीफा नहीं दिया। 7 मई को पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो गया है। इसके बाद राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी थी ममता का फेसबुक प्रोफाइल अब: ममता का फेसबुक प्रोफाइल पहले: टीएमसी 15 साल सत्ता में रही 2021 में 17वीं विधानसभा का चुनाव जीतकर ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं थीं। वे 2011 से लगातार सत्ता में रहीं। हालांकि, अप्रैल 2026 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा है। ममता बनर्जी को भी भवानीपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा। भाजपा को मिली है बड़ी जीत 2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा ने कुल 293 विधानसभा सीटों में से 207 सीटें जीतीं। जबकि तृणमूल 80 सीटों तक ही सिमट गई। बंगाल में भाजपा ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% का स्ट्राइक रेट हासिल किया। वहीं, TMC 81 सीटों पर सिमट गई और उसका स्ट्राइक रेट करीब 27.6% रहा। ममता समेत 22 मंत्री हारे चुनाव में सीएम ममता समेत 35 मंत्रियों में से 22 चुनाव हार गए। ममता के पास होम मिनिस्ट्री समेत 7 महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी। महिला और बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा, उदयन गुहा, ब्रत्य बसु, चंद्रिमा भट्टाचार्य, सुजीत बसु, सिद्दीकुल्लाह चौधरी, रथिन घोष, बेचाराम मन्ना, बिरबाहा हंसदा, मोलय घटक को हार का सामना करना पड़ा है। 1972 के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में अब ऐसी पार्टी की सरकार होगी, जो केंद्र में भी सत्ता में है। 1972 में राज्य में कांग्रेस ने 216 सीटें जीतीं थीं और उस वक्त केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी। साउथ बंगाल पहले TMC का मजबूत गढ़ था, यहां BJP ने सबसे ज्यादा 33 सीटें जीतीं। नॉर्थ 24 परगना में BJP ने 18 सीटें जीत लीं। TMC को यहां 15 सीटें मिलीं। पूर्वी मेदिनीपुर में BJP ने 16 और हुगली में 15 सीटें जीतीं। नॉर्थ बंगाल की 54 सीटों में BJP ने 27 सीटें जीतीं। मालदा में BJP को 8 और TMC को 4 सीटें मिलीं। जंगलमहल में भाजपा ने पुरुलिया की 9, बांकुरा की 11, पश्चिम मेदिनीपुर की 12 सीटें जीतीं। टीएमसी ने सबसे अधिक सीटें दक्षिणी बंगाल में जीतीं। ——————————– ये खबर भी पढ़ें: सुवेंदु बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री:दिलीप घोष समेत 5 मंत्री बने; PM मोदी का घुटनों के बल बैठकर जनता को प्रणाम सुवेंदु अधिकारी शनिवार को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद सुवेंदु, पीएम के पास गए और उन्हें झुककर प्रणाम किया। बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने सुवेंदु के अलावा 5 और विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदीराम टूडू और निषिथ प्रमाणिक शामिल रहे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Mamata Banerjee Changes Profile to Chief Minister of West Bengal

कोलकाता23 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आखिर शनिवार को सोशल मीडिया प्रोफाइल में बदलाव किया। ममता बनर्जी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल फेसबुक पर शनिवार को बायो में दिख रहा है- फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, चीफ मिनिस्टर ऑफ वेस्ट बंगाल (15वीं,16वीं,17वीं विधानसभा)। शुक्रवार तक ममता के प्रोफाइल में दिख रहा था फाउंडर चेयरपर्सन ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस, ऑनरेबल चीफ मिनिस्टर,वेस्ट बंगाल। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बावजूद ममता ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने के इनकार कर दिया।ममता ने इस्तीफा नहीं दिया। 7 मई को पश्चिम बंगाल की 17वीं विधानसभा का कार्यकाल खत्म हो गया है। इसके बाद राज्यपाल आरएन रवि ने विधानसभा भंग कर दी थी ममता का फेसबुक प्रोफाइल अब: ममता का फेसबुक प्रोफाइल पहले: टीएमसी 15 साल सत्ता में रही 2021 में 17वीं विधानसभा का चुनाव जीतकर ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनीं थीं। वे 2011 से लगातार सत्ता में रहीं। हालांकि, अप्रैल 2026 में हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा है। ममता बनर्जी को भी भवानीपुर सीट पर हार का सामना करना पड़ा। भाजपा को मिली है बड़ी जीत 2026 विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा ने कुल 293 विधानसभा सीटों में से 207 सीटें जीतीं। जबकि तृणमूल 80 सीटों तक ही सिमट गई। बंगाल में भाजपा ने 293 में से 206 सीटें जीतकर करीब 70% का स्ट्राइक रेट हासिल किया। वहीं, TMC 81 सीटों पर सिमट गई और उसका स्ट्राइक रेट करीब 27.6% रहा। ममता समेत 22 मंत्री हारे चुनाव में सीएम ममता समेत 35 मंत्रियों में से 22 चुनाव हार गए। ममता के पास होम मिनिस्ट्री समेत 7 महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी थी। महिला और बाल कल्याण मंत्री शशि पांजा, उदयन गुहा, ब्रत्य बसु, चंद्रिमा भट्टाचार्य, सुजीत बसु, सिद्दीकुल्लाह चौधरी, रथिन घोष, बेचाराम मन्ना, बिरबाहा हंसदा, मोलय घटक को हार का सामना करना पड़ा है। 1972 के बाद पहली बार पश्चिम बंगाल में अब ऐसी पार्टी की सरकार होगी, जो केंद्र में भी सत्ता में है। 1972 में राज्य में कांग्रेस ने 216 सीटें जीतीं थीं और उस वक्त केंद्र में इंदिरा गांधी की सरकार थी। साउथ बंगाल पहले TMC का मजबूत गढ़ था, यहां BJP ने सबसे ज्यादा 33 सीटें जीतीं। नॉर्थ 24 परगना में BJP ने 18 सीटें जीत लीं। TMC को यहां 15 सीटें मिलीं। पूर्वी मेदिनीपुर में BJP ने 16 और हुगली में 15 सीटें जीतीं। नॉर्थ बंगाल की 54 सीटों में BJP ने 27 सीटें जीतीं। मालदा में BJP को 8 और TMC को 4 सीटें मिलीं। जंगलमहल में भाजपा ने पुरुलिया की 9, बांकुरा की 11, पश्चिम मेदिनीपुर की 12 सीटें जीतीं। टीएमसी ने सबसे अधिक सीटें दक्षिणी बंगाल में जीतीं। ——————————– ये खबर भी पढ़ें: सुवेंदु बंगाल में भाजपा के पहले मुख्यमंत्री:दिलीप घोष समेत 5 मंत्री बने; PM मोदी का घुटनों के बल बैठकर जनता को प्रणाम सुवेंदु अधिकारी शनिवार को पश्चिम बंगाल में BJP के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। सुवेंदु ने बांग्ला में ईश्वर के नाम की शपथ ली। शपथ के बाद सुवेंदु, पीएम के पास गए और उन्हें झुककर प्रणाम किया। बंगाल के गवर्नर आरएन रवि ने सुवेंदु के अलावा 5 और विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलाई। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, क्षुदीराम टूडू और निषिथ प्रमाणिक शामिल रहे। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
विजय-वीसीके डील पक्की? ईपीएस ने ‘हार्दिक बधाई’ ट्वीट के साथ प्रमुख संकेत दिया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:09 मई, 2026, 13:55 IST ट्वीट के समय ने राजनीतिक हलकों में अटकलें शुरू कर दी हैं, कई लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या अन्नाद्रमुक प्रमुख ने परोक्ष रूप से स्वीकार किया है कि विजय का खेमा संख्या बल पार कर गया है। एआईएडीएमके सुप्रीमो एडप्पादी के पलानीस्वामी। (पीटीआई/फ़ाइल) तमिलनाडु में सत्ता संघर्ष शनिवार को और भी दिलचस्प हो गया जब अन्नाद्रमुक महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी के बधाई संदेश ने विजय की टीवीके और वीसीके के बीच संभावित समझ पर ताजा राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी। ईपीएस ने एक्स पर पोस्ट किया, “हाल ही में संपन्न 17वें तमिलनाडु विधान सभा चुनाव में, विभिन्न राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा और विजयी हुए। मैं तमिलनाडु में सरकार बनाने वाली पार्टी को हार्दिक बधाई देता हूं।” ट्वीट के समय और शब्दों ने राजनीतिक हलकों में अटकलें शुरू कर दी हैं, प्रतिद्वंद्वियों ने सवाल उठाया है कि क्या अन्नाद्रमुक प्रमुख ने परोक्ष रूप से स्वीकार किया है कि विजय का खेमा वीसीके के समर्थन से संख्या के निशान को पार कर गया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया विजय-वीसीके डील पक्की? ईपीएस ने ‘हार्दिक बधाई’ ट्वीट के साथ प्रमुख संकेत दिया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु सत्ता संघर्ष(टी)एआईएडीएमके राजनीति(टी)एडप्पादी के पलानीस्वामी(टी)विजय टीवीके गठबंधन(टी)वीसीके समर्थन(टी)तमिलनाडु चुनाव(टी)राजनीतिक अटकलें तमिलनाडु(टी)विधानसभा राजनीति
चाय का नया हेल्दी अंदाज! बुंदेली हर्बल टी से पाएं तुरंत ताजगी और दिनभर की थकान गायब

Last Updated:May 09, 2026, 13:31 IST Sidhi News: शहर के वन उत्पादन केंद्र में मिलने वाली बुंदेली हर्बल चाय गर्मियों में लोगों को ठंडक और ताजगी दे रही है. प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से तैयार यह चाय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी मानी जा रही है. गर्मी से बचाव में मदद मिलती है और इसलिए लोग इसे अपने रूटीन में शामिल कर रहे हैं. मध्य प्रदेश के सीधी जिले में इन दिनों वन उत्पादन केंद्र की बुंदेली हर्बल चाय लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. गर्मी के मौसम में लोग अब पारंपरिक चाय और ठंडे पेय पदार्थों की जगह प्राकृतिक और स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं. ऐसे में तुलसी, अदरक, दालचीनी, लौंग, काली मिर्च, अर्जुन छाल और सौंफ जैसी औषधीय जड़ी-बूटियों से तैयार यह हर्बल चाय लोगों को स्वाद के साथ सेहत का लाभ भी दे रही है. वन उत्पादन केंद्र में तैयार की जा रही इस चाय में पेपरमिंट, कैमोमाइल और लेमनग्रास जैसी जड़ी-बूटियों का भी उपयोग किया जा रहा है. इन प्राकृतिक तत्वों की वजह से यह चाय शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ पेट संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में भी सहायक मानी जा रही है. गर्मी के मौसम में यह चाय ताजगी देने के साथ शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करती है. हर्बल कैफे कैसे बनती है?हर्बल कैफे की कर्मचारी अनुप्रिया कुशवाहा ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि बुंदेली हर्बल चाय बघेलखंड क्षेत्र की पारंपरिक औषधीय जड़ी-बूटियों से बनाई जाती है. इसमें अर्जुन छाल, तुलसी, दालचीनी और सौंफ जैसे तत्व शामिल होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. यह चाय पाचन तंत्र को मजबूत करने, हृदय स्वास्थ्य बेहतर बनाने और वजन नियंत्रित रखने में भी सहायक मानी जाती है. इस हर्बल चाय का निर्माण ग्राम तिलवानी की राज लक्ष्मी बंधन स्व-सहायता समूह की महिलाएं कर रही हैं. इस पहल से गांव की महिलाओं को रोजगार मिलने के साथ आत्मनिर्भर बनने का अवसर भी मिल रहा है. महिलाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जड़ी-बूटियों को एकत्र कर पारंपरिक विधि से चाय तैयार कर रही हैं. इससे स्थानीय उत्पादों को पहचान मिलने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है. आयुर्वेदिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. आरपी परौहा के अनुसार हर्बल चाय शरीर में बढ़े कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने, एसिडिटी कम करने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करती है. विशेष रूप से अर्जुन छाल से बनी चाय हृदय को मजबूत करने के लिए उपयोगी मानी जाती है. उन्होंने बताया कि इसे बनाने के लिए एक कप पानी में लगभग एक ग्राम हर्बल मिश्रण डालकर उबालना चाहिए. इसके बाद छानकर इसमें गुड़ या देसी खांड मिलाकर सेवन किया जा सकता है. प्राकृतिक स्वाद और सुगंध से भरपूर यह चाय गर्मियों में लोगों को ताजगी और स्वास्थ्य दोनों प्रदान कर रही है. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh
शाहिद कपूर एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े थे:बुजुर्ग ने आगे जाने को कहा; एक्टर हो गए हैरान

बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे शाहिद से एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उनसे आगे बढ़ने के लिए कहा, ताकि उनके आसपास भीड़ न लग जाए। सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में शाहिद एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े नजर आते हैं। इसी दौरान उनके आगे खड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति उनसे कहते हैं, ‘सर, प्लीज आगे बढ़िए, लोग आपके पास भीड़ लगा देंगे।’ इस पर शाहिद उनसे पूछते हैं, ‘आर यू श्योर?’ जवाब में बुजुर्ग व्यक्ति कहते हैं, ‘हां, 100 परसेंट।’ इसके बाद शाहिद आगे बढ़ जाते हैं। वीडियो पर यूजर्स ने शाहिद कपूर और बुजुर्ग व्यक्ति दोनों की तारीफ की। कुछ फैंस ने शाहिद की सादगी और विनम्रता को लेकर कमेंट किए। कॉकटेल 2 में शाहिद दिखाई देंगे वर्कफ्रंट की बात करें तो शाहिद जल्द फिल्म कॉकटेल 2 में नजर आएंगे। यह 2012 में रिलीज हुई फिल्म कॉकटेल का सीक्वल है। पहले पार्ट में सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी नजर आए थे। फिल्म के दूसरे पार्ट में शाहिद के साथ कृति सेनन और रश्मिका मंदाना दिखाई देंगी। फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। शाहिद आखिरी बार फरवरी में रिलीज हुई फिल्म ओ रोमियो में नजर आए थे। इस फिल्म में तृप्ति डिमरी, दिशा पाटनी और तमन्ना भाटिया भी नजर आई थीं। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। लगभग ₹125–150 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग ₹92.86 करोड़ का कलेक्शन किया था।
शाहिद कपूर एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े थे:बुजुर्ग ने आगे जाने को कहा; एक्टर हो गए हैरान

बॉलीवुड एक्टर शाहिद कपूर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। मुंबई एयरपोर्ट पर पहुंचे शाहिद से एक बुजुर्ग व्यक्ति ने उनसे आगे बढ़ने के लिए कहा, ताकि उनके आसपास भीड़ न लग जाए। सोशल मीडिया पर सामने आए इस वीडियो में शाहिद एयरपोर्ट पर लाइन में खड़े नजर आते हैं। इसी दौरान उनके आगे खड़े एक बुजुर्ग व्यक्ति उनसे कहते हैं, ‘सर, प्लीज आगे बढ़िए, लोग आपके पास भीड़ लगा देंगे।’ इस पर शाहिद उनसे पूछते हैं, ‘आर यू श्योर?’ जवाब में बुजुर्ग व्यक्ति कहते हैं, ‘हां, 100 परसेंट।’ इसके बाद शाहिद आगे बढ़ जाते हैं। वीडियो पर यूजर्स ने शाहिद कपूर और बुजुर्ग व्यक्ति दोनों की तारीफ की। कुछ फैंस ने शाहिद की सादगी और विनम्रता को लेकर कमेंट किए। कॉकटेल 2 में शाहिद दिखाई देंगे वर्कफ्रंट की बात करें तो शाहिद जल्द फिल्म कॉकटेल 2 में नजर आएंगे। यह 2012 में रिलीज हुई फिल्म कॉकटेल का सीक्वल है। पहले पार्ट में सैफ अली खान, दीपिका पादुकोण और डायना पेंटी नजर आए थे। फिल्म के दूसरे पार्ट में शाहिद के साथ कृति सेनन और रश्मिका मंदाना दिखाई देंगी। फिल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। शाहिद आखिरी बार फरवरी में रिलीज हुई फिल्म ओ रोमियो में नजर आए थे। इस फिल्म में तृप्ति डिमरी, दिशा पाटनी और तमन्ना भाटिया भी नजर आई थीं। हालांकि, फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। लगभग ₹125–150 करोड़ के बजट में बनी इस फिल्म ने दुनिया भर में लगभग ₹92.86 करोड़ का कलेक्शन किया था।
क्या ममता बनर्जी चुपचाप मान गईं? सुवेंदु के पदभार संभालते ही अपडेटेड एक्स बायो में हलचल मच गई | भारत समाचार

आखरी अपडेट:09 मई, 2026, 13:16 IST यह अपडेट उस दिन आया है जब बनर्जी के पूर्व विश्वासपात्र सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में भाजपा की पहली सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। ममता बनर्जी विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से मिली चौंकाने वाली हार के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ने से इनकार करने के कुछ दिनों बाद, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) बायो को “संस्थापक अध्यक्ष अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री (15वीं, 16वीं और 17वीं विधानसभा)” में अपडेट किया है। बायो में अपडेट, जिसमें पहले लिखा था: “संस्थापक अध्यक्ष अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस। माननीय मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल”, उस दिन आया है जब बनर्जी के पूर्व विश्वासपात्र सुवेंदु अधिकारी ने राज्य में भाजपा की पहली सरकार के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया क्या ममता बनर्जी चुपचाप मान गईं? सुवेंदु के पदभार संभालते ही अपडेटेड एक्स बायो में हलचल मच गई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)ममता बनर्जी की मुख्यमंत्री हार(टी)ममता बनर्जी बायो अपडेट(टी)तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक अध्यक्ष(टी)पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री(टी)बीजेपी विधानसभा चुनाव(टी)सुवेंदु अधिकारी ने शपथ ली(टी)बीजेपी की पहली सरकार पश्चिम बंगाल(टी)एक्स पूर्व में ट्विटर
Suvendu Adhikari PM Modi; West Bengal CM Oath Ceremony Photos | Amit Shah Dilip Ghosh Agnimitra Paul

Hindi News National Suvendu Adhikari PM Modi; West Bengal CM Oath Ceremony Photos | Amit Shah Dilip Ghosh Agnimitra Paul BJP MLA कोलकाताकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में BJP की पहली सरकार बन गई। सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को CM पद की शपथ ली। शपथग्रहण से पहले PM नरेंद्र मोदी और सुवेंदु ने रोड शो किया। समारोह में मोदी ने पार्टी के कार्यकर्ता के पैर छुए। वहीं, योगी आदित्यनाथ ने सुवेंदु को गेरुआ गमछा ओढ़ाया। शपथग्रहण के टॉप 6 मोमेंट्स… जनता को नमन शपथग्रहण समारोह के आखिर में PM मोदी ने मंच से परेड ग्राउंड में मौजूद लोगों को धन्यवाद किया। इस दौरान वे घुटनों के बल बैठे और जनता को प्रणाम किया। झुककर प्रणाम सुवेंदु अधिकारी ने बांग्ला में ईश्वर के नाम पर शपथ ली। शपथ के बाद वे PM मोदी के पास गए और झुककर प्रणाम किया। पीएम मोदी ने उनकी पीठ थपथपाकर शुभकामनाएं दीं। गमछा ओढ़ाया सुवेंदु अधिकारी ने शपथ लेने के बाद मंच पर मौजूद सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का अभिवादन किया। इस दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने उन्हें गेरुआ गमछा ओढ़ाया। आदिवासी पोशाक में शपथ ली पहली बार विधायक बने क्षुदीराम टुडू आदिवासी पोशाक में शपथ लेने पहुंचे। उन्होंने गले में BJP का गमछा और सिर पर पीला गमछा बांध रखा था। पेशे से शिक्षक क्षुदीराम रानीबांध सीट से पहली बार विधायक बने हैं। कार्यकर्ता के पैर छुए शपथ ग्रहण से पहले मंच पर PM मोदी ने पश्चिम बंगाल BJP के सबसे बुजुर्ग कार्यकर्ताओं में से एक माखनलाल सरकार के पैर छुए। 98 साल के माखनलाल सरकार 1952 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कश्मीर में तिरंगा फहराने गए थे, जहां आंदोलन के दौरान उन्हें गिरफ्तार किया गया था। मंच तक रोड शो पीएम मोदी परेड ग्राउंड में रोड शो किया। वे ग्राउंड की एंट्री से मंच तक एक खास रूप से बनाए गए रथ में गए। इस दौरान भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष समिक और सुवेंदु अधिकारी भी मौजूद थे। उस वक्त ग्राउंड पर करीब 1 लाख लोग मौजूद थे। ———– ये खबर भी पढ़ें… बंगाली पोशाक में PM, BJP ऑफिस में मछली भोज:हिमंता जश्न में झूमे, विजय की गाड़ी समर्थकों ने घेरी; 5 राज्यों में विधानसभा रिजल्ट, 29 मोमेंट्स पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरलम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव के रिजल्ट आ चुके हैं। बंगाल में भाजपा की जीत का जश्न दिल्ली तक मनाया गया। दिल्ली में PM मोदी बंगाली पोशाक में BJP हेडक्वार्टर पहुंचे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
हर घंटे पानी पीना पड़ सकता है भारी! डॉक्टर ने बताया वजन के हिसाब से आपके लिए कितना पानी जरूरी

पटना: गर्मी में शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए ज्यादा पानी पीने की सलाह आम बात है, लेकिन हर समय पानी पीते रहना भी सेहत के लिए सही नहीं माना जाता. कई लोग बिना प्यास लगे भी बार-बार पानी पीते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, अगर किसी व्यक्ति को लगातार पानी पीने की तीव्र इच्छा होती है, तो यह केवल आदत नहीं बल्कि एक मानसिक समस्या भी हो सकती है. जिसे साइकोजेनिक पॉलीडिप्सिया कहा जाता है. कई मामलों में यह स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि मरीज की तबीयत बिगड़ने लगती है. इस विषय को आसान भाषा में समझने के लिए लोकल 18 ने पटना के जय प्रभा मेदांता अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. नीरज भारती से खास बातचीत की. उन्होंने बताया कि शरीर को वास्तव में कितने पानी की जरूरत होती है और जरूरत से ज्यादा पानी पीने के क्या नुकसान हो सकते हैं. जीवन में पानी बेहद जरूरी पटना के जय प्रभा मेदांता अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. नीरज भारती बताते हैं कि पानी को जीवन कहा जाता है और यह बात पूरी तरह सही भी है. शरीर को सही तरीके से काम करने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी की जरूरत होती है. भोजन पचाने, शरीर का तापमान नियंत्रित रखने और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में पानी अहम भूमिका निभाता है. उन्होंने बताया कि हर व्यक्ति के लिए पानी की जरूरत अलग हो सकती है. मौसम, शारीरिक गतिविधि और किसी बीमारी की स्थिति में डॉक्टर की सलाह के अनुसार पानी की मात्रा तय की जाती है. सामान्य तौर पर एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना अपने वजन के हिसाब से करीब 30 से 35 एमएल प्रति किलो पानी लेना चाहिए. औसतन यह मात्रा 7 से 8 गिलास या करीब 1.5 से 2 लीटर तक हो सकती है. इसमें सिर्फ सादा पानी ही नहीं, बल्कि जूस, छाछ, दूध, चाय, लस्सी जैसे दूसरे पेय पदार्थ भी शामिल होते हैं. इन मामलों में अधिक पानी पीना चाहिए डॉक्टर के मुताबिक कुछ परिस्थितियों में सामान्य से अधिक पानी पीना जरूरी भी हो जाता है. खासतौर पर किडनी स्टोन, डिहाइड्रेशन और कब्ज जैसी समस्याओं में मरीजों को ज्यादा पानी लेने की सलाह दी जाती है. इसके अलावा जो लोग लंबे समय तक धूप में काम करते हैं या स्पोर्ट्स और दूसरी शारीरिक गतिविधियों में ज्यादा सक्रिय रहते हैं, उनके शरीर से पसीने के जरिए पानी तेजी से निकलता है. ऐसे में शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए जरूरत के अनुसार पानी की मात्रा बढ़ानी चाहिए. ज्यादा पाने भी सेहत के लिए नुकसानदायक डॉक्टरों के अनुसार कई लोग यह मान लेते हैं कि जितना ज्यादा पानी पिएंगे, शरीर को उतना ही फायदा होगा. इसी सोच में कुछ लोग जरूरत से कहीं अधिक पानी पीने लगते हैं. मेडिकल भाषा में इस स्थिति कोसाइकोजेनिक पॉलीडिप्सिया कहा जाता है. कई बार लोग दिनभर में 8 से 10 लीटर तक पानी पी लेते हैं. यह शरीर के लिए खतरनाक साबित हो सकता है. डॉ. भारती का कहना है कि एक सीमा के बाद किडनी अतिरिक्त पानी को सही तरीके से बाहर नहीं निकाल पाती. इससे शरीर में पानी का संतुलन बिगड़ने लगता है और सोडियम का स्तर तेजी से कम हो सकता है. इस स्थिति में पैरों समेत शरीर के कई हिस्सों में सूजन आने लगती है. गंभीर मामलों में मरीज की हालत बेहद खराब हो सकती है और समय पर इलाज न मिले तो जान का खतरा भी पैदा हो सकता है. अक्सर अस्पताल पहुंचते हैं ऐसे मरीज डॉ. नीरज भारती ने बताया कि मेदांता पटना में भी ऐसे कई मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जिनके शरीर में सोडियम का स्तर काफी कम हो जाता है. जांच और बातचीत के दौरान पता चलता है कि कई लोग दिनभर में 6 से 7 लीटर तक पानी पी रहे होते हैं. डॉक्टरों के अनुसार कई मामलों में सिर्फ पानी की मात्रा नियंत्रित करने से ही सोडियम का स्तर सामान्य होने लगता है. उन्होंने कहा कि शरीर के लिए पानी बेहद जरूरी है, लेकिन जरूरत से ज्यादा पानी पीना नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए सही मात्रा में पानी लेना ही सबसे बेहतर तरीका है. इन मामलों में कम पानी लेंहर व्यक्ति के लिए ज्यादा पानी पीना सही नहीं होता. कुछ बीमारियों में डॉक्टर मरीजों को पानी की मात्रा सीमित करने की सलाह भी देते हैं. खासतौर पर हार्ट डिजीज, लीवर की बीमारी और एडवांस स्टेज की किडनी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को नियंत्रित मात्रा में ही पानी लेने को कहा जाता है. कई बार मरीज की स्थिति को देखते हुए डॉक्टर रोजाना सिर्फ 800 एमएल से 1 लीटर तक ही तरल पदार्थ लेने की सलाह देते हैं. उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति को कोई गंभीर बीमारी है, तो उसे अपनी मर्जी से पानी की मात्रा तय नहीं करनी चाहिए. डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
7 साल में तैयार होगा यह पेड़, फिर शुरू होगी तगड़ी कमाई! आयुर्वेद से फर्नीचर तक डिमांड

Last Updated:May 09, 2026, 12:52 IST किसान अब पारंपरिक खेती के साथ ऐसे पेड़ों की ओर भी रुख कर रहे हैं, जिनसे लंबे समय तक अच्छी कमाई की जा सके. गूलर का पेड़ भी उन्हीं में से एक है, जिसकी बाजार में काफी डिमांड है. इसकी पत्तियां, फल और छाल आयुर्वेदिक दवाओं में इस्तेमाल किए जाते हैं, वहीं इसकी लकड़ी से महंगे फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. कम देखरेख में तैयार होने वाला यह पेड़ किसानों के लिए अतिरिक्त आय का बेहतर जरिया बन सकता है. इस पेड़ की छाल, पत्तियों और फल का इस्तेमाल औषधि के रूप में किया जाता है. इसके अलावा बाजार में भी इसका उपयोग कई आयुर्वेदिक दवाएं बनाने में किया जाता है. वहीं इसकी लकड़ी की डिमांड भी मार्केट में काफी अधिक रहती है. इस लकड़ी से महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. ऐसे में किसान खाली पड़ी जमीन का सही उपयोग करते हुए इस पेड़ की खेती कर अतिरिक्त मुनाफा कमा सकते हैं. हम बात कर रहे हैं गूलर के पेड़ की. इस पेड़ को अच्छी तरह विकसित होने में करीब 7 से 8 साल का समय लगता है. अपने औषधीय गुणों की वजह से इसकी बाजार में काफी ज्यादा डिमांड रहती है. गूलर की छाल, पत्तियों और फल का इस्तेमाल कई आयुर्वेदिक औषधियां बनाने में किया जाता है. इसके अलावा गूलर की लकड़ी का उपयोग महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार करने में भी किया जाता है. इसके पौधे को लगाने से पहले गमले में मौजूद मिट्टी को इसके अनुकूल तैयार करना जरूरी होता है. इसके लिए सबसे पहले मिट्टी में गोबर की खाद अच्छी तरह मिला लें. इसके बाद तैयार मिट्टी को गमले में भर दें और फिर कलम किए हुए पौधे को लगा दें. ध्यान रहे कि गमले को ऐसी जगह रखें, जहां रोजाना करीब 5 से 6 घंटे तक अच्छी धूप आती हो. Add News18 as Preferred Source on Google गमले में लगी कलम जब पौधे का रूप ले ले, तो उसे खेत या बगीचे में लगा सकते हैं. इसके अलावा चाहें तो इसे किसी नर्सरी से खरीदकर भी खेत की खाली जगह पर लगाया जा सकता है. मामूली देखरेख और सही रखरखाव के बाद यह पौधा करीब 7 से 8 साल में अच्छी तरह विकसित हो जाता है. यही कारण है कि किसान अब धीरे-धीरे बड़े स्तर पर गूलर के पेड़ की खेती करने लगे हैं. गूलर की पत्तियां, जड़ और फल औषधीय रूप से बेहद उपयोगी माने जाते हैं. यह सूजन और दर्द जैसी कई स्वास्थ्य समस्याओं में कारगर साबित होते हैं. वहीं गूलर की पत्तियों का लेप पुराने घावों को भरने में भी मददगार माना जाता है. ऐसे में गूलर की खेती किसानों के लिए जबरदस्त मुनाफे का सौदा साबित हो सकती है. किसान खाली पड़ी जमीन में कुछ खास पौधे लगाकर अपनी कमाई बढ़ा सकते हैं. कई ऐसे पेड़ होते हैं, जिनकी बाजार में काफी ज्यादा डिमांड रहती है. इनके फल, पत्तियां और लकड़ी तक अच्छी कीमत पर बिकती हैं. आज हम आपको ऐसे ही एक पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसके फल और पत्तियां औषधि के रूप में इस्तेमाल किए जाते हैं, जबकि इसकी लकड़ी से महंगे और आकर्षक फर्नीचर तैयार किए जाते हैं. कृषि एक्सपर्ट राकेश पांडेय बताते हैं कि गूलर एक ऐसा पेड़ है, जिसे लगाना और इसका रखरखाव करना काफी आसान होता है. इस पेड़ के सही विकास के लिए अच्छी धूप जरूरी होती है. ऐसे में इसे खेत की ऐसी जगह पर लगाना चाहिए, जहां दिन में करीब 5 से 6 घंटे तक सीधी धूप मिलती हो. गूलर एक ऐसा पेड़ है, जिसे बीज के साथ-साथ कलम के जरिए भी तैयार किया जा सकता है. अगर आप चाहें तो किसी पुराने पेड़ से कलम लेकर नया पौधा तैयार कर सकते हैं. इसे लगाने के लिए सबसे पहले गूलर के पेड़ से कलम काट लें और उसकी सभी पत्तियों को हटा दें. इसके बाद कलम के निचले हिस्से को हल्का तिरछा और शार्प कट दें, फिर इसे तैयार गमले में लगा दें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।








