उत्तराखंड के स्पोर्ट्स कॉलेजों में दाखिले शुरू:महाराणा प्रताप में 60 सीटें, खेल का कोटा फिक्स नहीं; 5 कड़े टेस्ट पास करने वालों को मिलेगी एंट्री

उत्तराखंड में खेलों में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे 10 से 13 साल के बच्चों के लिए प्रदेश के प्रतिष्ठित ‘राज्य वित्तपोषित’ स्पोर्ट्स कॉलेजों (कक्षा 6) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 14 मई तय की गई है। एडमिशन की स्थिति, चयन प्रक्रिया और सीटों को लेकर महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून के प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं से खास जानकारी दी। 120 सीटों पर मुकाबला, किसी खेल का कोई फिक्स कोटा नहीं प्रिंसिपल राजेश ममगाईं ने बताया कि इस साल तीनों स्पोर्ट्स कॉलेजों (महाराणा प्रताप कॉलेज देहरादून, हरि सिंह थापा पिथौरागढ़ और बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत) में कुल मिलाकर लगभग 120 सीटों पर प्रवेश होना है। इसमें महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के पास 60 सीटें हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या क्रिकेट, बॉक्सिंग या एथलेटिक्स जैसे खेलों के लिए सीटें पहले से तय होती हैं। इस पर प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि, “किसी भी खेल के लिए कोई कोटा तय नहीं होता। यह पूरी तरह से बच्चों की मेरिट पर निर्भर करता है कि किस खेल के कितने बच्चे सेलेक्ट होकर आते हैं। 5 कड़े टेस्ट से गुजरेंगे बच्चे स्पोर्ट्स कॉलेज में एंट्री के लिए बच्चों को कड़े परीक्षण से गुजरना होगा। प्रधानाचार्य ने बताया कि चयन के लिए मुख्य रूप से 5 चरण निर्धारित हैं। सबसे पहले शारीरिक दक्षता (बैटरी टेस्ट), खेल कौशल (गेम टेस्ट), लिखित परीक्षा, इंटरव्यू, मेडिकल टेस्ट हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी टेस्ट 10 से 13 साल के बच्चों की शारीरिक क्षमता और उम्र को ध्यान में रखकर ही वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किए गए हैं। इन सभी मानकों पर खरा उतरने वाले बच्चों की ही एक फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। हर खेल का खर्च अलग, इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार चयनित बच्चों की पढ़ाई, डाइट और ट्रेनिंग के खर्च पर ममगाईं ने बताया कि कॉलेज में सभी खेलों के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। हालांकि, एक बच्चे पर सरकार का कितना खर्च आता है, यह खेल दर खेल अलग-अलग होता है। एक निशानेबाज और एक एथलीट के उपकरणों और ट्रेनिंग के खर्च को जनरलाइज नहीं किया जा सकता। सरकार की ओर से राज्य के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। यहां के छात्र सेना और रेलवे में दिखा रहे दम स्पोर्ट्स कॉलेज के ट्रैक रिकॉर्ड पर बात करते हुए प्रिंसिपल ममगाईं ने बताया कि यहां से निकले बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां से पेशेवर ट्रेनिंग लेने वाले खिलाड़ी न सिर्फ मेडल जीत रहे हैं, बल्कि स्पोर्ट्स कोटे के तहत भारतीय सेना, वायु सेना, पैरामिलिट्री फोर्सेज और रेलवे सहित कई सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों में शानदार करियर बना रहे हैं। एक नजर में जरूरी जानकारी
कौन हैं कूच बिहार के ताकतवर नेता निसिथ प्रमाणिक, जो सुवेंदु अधिकारी की नई कैबिनेट में शामिल हुए हैं? | भारत समाचार

आखरी अपडेट:09 मई, 2026, 12:34 IST कूच बिहार जिले के दिनहाटा में जन्मे प्रमाणिक ने 2019 में भाजपा में जाने से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। निसिथ प्रमाणिक ने पश्चिम बंगाल की नई कैबिनेट में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। (पीटीआई) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता निसिथ प्रमाणिक ने शनिवार को राज्य में भगवा पार्टी के सत्ता में आने के कुछ दिनों बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ ली। प्रमाणिक, जो उत्तर बंगाल में सबसे प्रभावशाली राजनीतिक शख्सियतों में से एक के रूप में उभरे हैं, उन्हें जमीनी स्तर की राजनीति से केंद्रीय मंत्रिमंडल तक तेजी से बढ़ने और अब नवगठित पश्चिम बंगाल सरकार में राज्य स्तर की कार्यकारी शक्ति में वापसी के लिए जाना जाता है। कूच बिहार जिले के दिनहाटा में जन्मे प्रमाणिक ने 2019 में भाजपा में जाने से पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। उनके इस कदम ने उनके करियर में एक बड़ा मोड़ ला दिया, जिससे वह उत्तर बंगाल में पार्टी की विस्तार रणनीति में एक प्रमुख चेहरे के रूप में स्थापित हो गए। द इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, भाजपा में शामिल होने के बाद, प्रमाणिक ने 2019 में कूच बिहार लोकसभा सीट जीती, जिससे तीव्र पार्टी प्रतिद्वंद्विता और पहचान-आधारित राजनीति द्वारा चिह्नित राजनीतिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में एक प्रमुख नेता के रूप में उनकी छवि मजबूत हुई। द प्रिंट ने उन्हें “कूच बिहार के ताकतवर” के रूप में वर्णित किया, जो क्षेत्र में उनके गहरे स्थानीय प्रभाव को उजागर करता है। वह उत्तर बंगाल में, विशेषकर राजबंशी बेल्ट में, भाजपा के लिए एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक स्तंभ बने रहे। 2021 में, प्रमाणिक को गृह मामलों और युवा मामलों और खेल राज्य मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया, जो नरेंद्र मोदी सरकार में सबसे कम उम्र के मंत्रियों में से एक बन गए। उन्होंने 2024 तक इस भूमिका में काम किया और पश्चिम बंगाल में मजबूत राजनीतिक गतिविधि बनाए रखते हुए आंतरिक सुरक्षा और युवा-संबंधी विभागों को संभाला। केंद्र सरकार से हटने के बाद, प्रमाणिक राज्य की अग्रणी राजनीति में लौट आए। 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में, उन्होंने कूच बिहार जिले के माथाभांगा (एससी) निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की और एक विधायक के रूप में मजबूत वापसी की। अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के साथ, प्रमाणिक को अब नई राज्य सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में शामिल किया गया है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कौन हैं कूच बिहार के ताकतवर नेता निसिथ प्रमाणिक, जो सुवेंदु अधिकारी की नई कैबिनेट में शामिल हुए हैं? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) निसिथ प्रमाणिक (टी) पश्चिम बंगाल के कैबिनेट मंत्री (टी) बीजेपी सरकार पश्चिम बंगाल (टी) सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री (टी) कूच बिहार की राजनीति (टी) उत्तर बंगाल बीजेपी नेता (टी) राजबंशी बेल्ट प्रभाव (टी) माथाभांगा एससी निर्वाचन क्षेत्र
अमीषा पटेल ने बॉलीवुड के ‘फेक PR’ पर तंज कसा:कहा- 2 फिल्में करने से कोई स्टार नहीं बनता; फिल्म गदर 3 भी कन्फर्म की

एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने बॉलीवुड में बढ़ते PR कल्चर और नई पीढ़ी के स्टार्स पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर कई पोस्ट शेयर किए। शनिवार को X पर अमीषा ने सबसे पहले नेगेटिव कंटेंट बनाने वाले यूट्यूबर्स को लेकर लिखा, ‘कभी भी उन कुछ नेगेटिव यूट्यूबर्स की बातों से दुखी या परेशान मत होइए, जो हर सुबह स्टार्स की आलोचना और नेगेटिव बातें करने के लिए उठते हैं। हम स्टार्स को उनसे परेशान होने के बजाय उनके लिए खुश होना चाहिए। आखिर हमारी बुराई करके ही उनका घर चल रहा है। हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।’ इसके बाद अमीषा ने दूसरे ट्वीट में लिखा, ‘खुद को सुपरस्टार तभी कहिए, जब आपने ऐसा काम किया हो, जिसने इतिहास बनाया हो और बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया हो। उससे पहले खुद को सुपरस्टार कहलवाने के लिए PR गेम खेलना बंद कीजिए। सॉरी, लेकिन यही कड़वी सच्चाई है।’ दो एवरेज फिल्मों से स्टार नहीं बनते: अमीषा अगले ट्वीट में अमीषा ने लिखा, ‘कई ऐसी एक्ट्रेसेस हैं, जिन्होंने आज तक अपने करियर में एक भी सोलो ब्लॉकबस्टर नहीं दी, फिर भी खुद को स्टार कहती हैं। साल में 2 एवरेज फिल्में करने और कुछ शूटिंग सेट्स पर मौजूद रहने से कोई स्टार नहीं बन जाता। उससे आप सिर्फ एक एक्टर बनते हैं, जो किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा होता है।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘ज्यादातर ऐसी एक्ट्रेसेस, जिनकी आज तक एक भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ₹200 करोड़ तक नहीं पहुंची, वो अपनी PR टीम से खुद को नंबर 1 और नंबर 2 कहलवा रही हैं। सच में? ये 2026 है, 2000 नहीं। आज के समय में ₹100 करोड़ कोई बड़ी बात नहीं है।’ अमीषा पटेल ने PR मशीनरी पर साधा निशाना PR मशीनरी को लेकर एक्ट्रेस ने लिखा, ‘कोई स्टार तभी ग्लोबल सुपरस्टार बनता है, जब वह दुनिया भर में बड़ी हिट फिल्में दे। किसी भी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना हर एक्टर के लिए अच्छी बात होती है, चाहे वह दुनिया में कहीं भी हो, लेकिन सुपरस्टार वही बनता है, जिसने बड़े हिट दिए हों। इसलिए PR मशीनरी बंद कीजिए।’ अपनी फिल्मों का जिक्र करते हुए अमीषा ने लिखा, ‘कहो ना… प्यार है, गदर: एक प्रेम कथा और गदर 2… एक नहीं, बल्कि बतौर हीरोइन मैंने 3 सबसे बड़ी सोलो ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। इन तीनों फिल्मों की फुटफॉल भी सबसे ज्यादा रही। आज तक ये मेरे को-स्टार्स के करियर की भी सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी जाती हैं, लेकिन बाकी एक्ट्रेसेस की तरह मेरी फेक PR मशीनरी इतनी मजबूत नहीं है।’ अमीषा ने पोस्ट में गदर 3 को लेकर भी संकेत दिए। उन्होंने लिखा, ‘गदर 3 जरूर आएगी और जब आएगी, तो थिएटर्स में जबरदस्त हंगामा मच जाएगा। ऑडियंस के प्यार और भगवान के आशीर्वाद से गदर 3 जैसी फ्रेंचाइजी के लिए ₹500 करोड़ तो सिर्फ शुरुआत है। इस बार फिल्म का स्केल और कहानी पहले से भी ज्यादा बड़ी और धमाकेदार होगी। तैयार रहिए।’ वर्कफ्रंट की बात करें तो ‘भैयाजी सुपरहिट’ के बाद फिल्मों में 5 साल बाद वापसी करते हुए अमीषा गदर 2 में नजर आई थीं। ‘गदर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी।
अमीषा पटेल ने बॉलीवुड के ‘फेक PR’ पर तंज कसा:कहा- 2 फिल्में करने से कोई स्टार नहीं बनता; फिल्म गदर 3 भी कन्फर्म की

एक्ट्रेस अमीषा पटेल ने बॉलीवुड में बढ़ते PR कल्चर और नई पीढ़ी के स्टार्स पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया पर कई पोस्ट शेयर किए। शनिवार को X पर अमीषा ने सबसे पहले नेगेटिव कंटेंट बनाने वाले यूट्यूबर्स को लेकर लिखा, ‘कभी भी उन कुछ नेगेटिव यूट्यूबर्स की बातों से दुखी या परेशान मत होइए, जो हर सुबह स्टार्स की आलोचना और नेगेटिव बातें करने के लिए उठते हैं। हम स्टार्स को उनसे परेशान होने के बजाय उनके लिए खुश होना चाहिए। आखिर हमारी बुराई करके ही उनका घर चल रहा है। हम उन्हें शुभकामनाएं देते हैं।’ इसके बाद अमीषा ने दूसरे ट्वीट में लिखा, ‘खुद को सुपरस्टार तभी कहिए, जब आपने ऐसा काम किया हो, जिसने इतिहास बनाया हो और बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचाया हो। उससे पहले खुद को सुपरस्टार कहलवाने के लिए PR गेम खेलना बंद कीजिए। सॉरी, लेकिन यही कड़वी सच्चाई है।’ दो एवरेज फिल्मों से स्टार नहीं बनते: अमीषा अगले ट्वीट में अमीषा ने लिखा, ‘कई ऐसी एक्ट्रेसेस हैं, जिन्होंने आज तक अपने करियर में एक भी सोलो ब्लॉकबस्टर नहीं दी, फिर भी खुद को स्टार कहती हैं। साल में 2 एवरेज फिल्में करने और कुछ शूटिंग सेट्स पर मौजूद रहने से कोई स्टार नहीं बन जाता। उससे आप सिर्फ एक एक्टर बनते हैं, जो किसी प्रोजेक्ट का हिस्सा होता है।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘ज्यादातर ऐसी एक्ट्रेसेस, जिनकी आज तक एक भी फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ₹200 करोड़ तक नहीं पहुंची, वो अपनी PR टीम से खुद को नंबर 1 और नंबर 2 कहलवा रही हैं। सच में? ये 2026 है, 2000 नहीं। आज के समय में ₹100 करोड़ कोई बड़ी बात नहीं है।’ अमीषा पटेल ने PR मशीनरी पर साधा निशाना PR मशीनरी को लेकर एक्ट्रेस ने लिखा, ‘कोई स्टार तभी ग्लोबल सुपरस्टार बनता है, जब वह दुनिया भर में बड़ी हिट फिल्में दे। किसी भी प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना हर एक्टर के लिए अच्छी बात होती है, चाहे वह दुनिया में कहीं भी हो, लेकिन सुपरस्टार वही बनता है, जिसने बड़े हिट दिए हों। इसलिए PR मशीनरी बंद कीजिए।’ अपनी फिल्मों का जिक्र करते हुए अमीषा ने लिखा, ‘कहो ना… प्यार है, गदर: एक प्रेम कथा और गदर 2… एक नहीं, बल्कि बतौर हीरोइन मैंने 3 सबसे बड़ी सोलो ब्लॉकबस्टर फिल्में दी हैं। इन तीनों फिल्मों की फुटफॉल भी सबसे ज्यादा रही। आज तक ये मेरे को-स्टार्स के करियर की भी सबसे बड़ी हिट फिल्मों में गिनी जाती हैं, लेकिन बाकी एक्ट्रेसेस की तरह मेरी फेक PR मशीनरी इतनी मजबूत नहीं है।’ अमीषा ने पोस्ट में गदर 3 को लेकर भी संकेत दिए। उन्होंने लिखा, ‘गदर 3 जरूर आएगी और जब आएगी, तो थिएटर्स में जबरदस्त हंगामा मच जाएगा। ऑडियंस के प्यार और भगवान के आशीर्वाद से गदर 3 जैसी फ्रेंचाइजी के लिए ₹500 करोड़ तो सिर्फ शुरुआत है। इस बार फिल्म का स्केल और कहानी पहले से भी ज्यादा बड़ी और धमाकेदार होगी। तैयार रहिए।’ वर्कफ्रंट की बात करें तो ‘भैयाजी सुपरहिट’ के बाद फिल्मों में 5 साल बाद वापसी करते हुए अमीषा गदर 2 में नजर आई थीं। ‘गदर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर 500 करोड़ से ज्यादा की कमाई की थी।
8,826 Qualify for SSB Interview

Hindi News Career UPSC NDA I, CDS I 2026 Result Out: 8,826 Qualify For SSB Interview 4 मिनट पहले कॉपी लिंक यूपीएससी ने एनडीए-एन (I) और सीडीएस (I) 2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। लिखित परीक्षा में सफल उम्मीदवारों की मेरिट लिस्ट ऑफिशियल वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। सीडीएस में 8,826 उम्मीदवार सफल NDA और NA 1 और CDS परीक्षा 12 अप्रैल, 2026 को आयोजित की गई थी। ये परीक्षा दो शिफ्ट में हुई थी। NDA और CDS दोनों में नेगेटिव मार्किंग भी हुई। सीडीएस की परीक्षा के आधार पर भर्ती प्रक्रिया के अगले स्टेप के लिए 8,826 उम्मीदवारों को क्वालिफाई किया गया। यूपीएससी एनडीए और सीडीएस की मेरिट लिस्ट मेरिट लिस्ट में परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों के रोल नंबर दिए गए हैं, जो एसएसबी इंटरव्यू देंगे। फाइनल सिलेक्शन लिखित परीक्षा और एसएसबी इंटरव्यू में किए गए प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा। रिजल्ट जारी होने के बाद की प्रोसेस क्या होगी : लिखित परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को एसएसबी इंटरव्यू प्रोसेस से गुजरना होगा। यह प्रोसेस 5 दिन तक जारी रहेगी। उम्म्मीदवारों को रिजल्ट जारी होने के 2 सप्ताह के अंदर एसएसबी रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा। इसके बाद इंटरव्यू डेट और सेंटर की जानकारी ईमेल के जरिये भेजी जाएगी। UPSC NDA, NA I 2026 मेरिट लिस्ट पीडीएफ UPSC CDS I 2026 मेरिट लिस्ट पीडीएफ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
IPL REEL Video Ban Rules 2026 Update; BCCI

10 मिनट पहले कॉपी लिंक खिलाड़ी, उनके परिवार के सदस्य और ब्रॉडकास्टर के लिए काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर IPL मैच के दौरान रील नहीं बना सकेंगे और न ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पाएंगे। नियम तोड़ने पर BCCI जुर्माना और कानूनी कार्रवाई कर सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने IPL में एंटी-करप्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खिलाड़ियों, कमेंटेटर्स, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया कंटेंट पर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने कहा है कि संवेदनशील इलाकों में रील या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगां। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने इस सीजन में नियम उल्लंघन के कई मामले पकड़े हैं। इनमें खिलाड़ी और ब्रॉडकास्टर के तौर पर काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर भी शामिल हैं। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं मानने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अर्शदीप सिंह IPL के रील बनाकर सोशल मीडिया पर अक्सर पोस्ट करते हैं। डगआउट में वीडियो बना रहे पूर्व क्रिकेटर को फटकार रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीजन में कुछ कमेंटेटर्स ने नियम तोड़े हैं। एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मैच के अहम पलों में डगआउट के पास फोन से वीडियो बनाते पाए गए। BCCI टीम ने तुरंत रिकॉर्डिंग रुकवाई। बोर्ड अब एक पूर्व क्रिकेटर को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में है, जो मैदान पर अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो शूट कर रहा था। नियम के मुताबिक, IPL की आधिकारिक ड्रेस पहनकर मैदान पर निजी कंटेंट की शूटिंग नहीं की जा सकती। खिलाड़ियों की ‘रील संस्कृति’ पर बोर्ड की नजर BCCI को चिंता है कि नई पीढ़ी के क्रिकेटर सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट करने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। एक भारतीय खिलाड़ी को टीम की यात्रा और ठहरने की जानकारी साझा करने से रोका गया है। बोर्ड ने पाया कि कुछ खिलाड़ी मैच से पहले या खत्म होते ही वीडियो पोस्ट कर देते हैं। इससे टीम की प्राइवेसी और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कई बार रील के जरिए प्लेइंग-11 का संकेत भी मिल जाता हैं। परिवार के सदस्यों और इन्फ्लुएंसर्स पर भी पाबंदी बोर्ड ने खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों को IPL के दौरान फोटो और वीडियो पोस्ट करने से बचने को कहा है। पहले एक भारतीय तेज गेंदबाज को पत्नी के बनाए टीम होटल के वीडियो को प्रमोट करने पर चेतावनी दी गई थी। बोर्ड ने उन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी नाराजगी जताई है, जिन्हें फ्रेंचाइजी ने टीम के साथ अनफिल्टर्ड एक्सेस दे रखा है। बोर्ड का मानना है कि इससे एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल का उल्लंघन होता है। टीम बस में बाहरी लोगों की एंट्री बैन एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने आपत्ति जताई है कि कुछ वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी परिवार या दोस्तों को टीम बस में सफर करने दे रहे हैं। BCCI ने कहा कि टीम बस और होटल के प्रतिबंधित क्षेत्रों में केवल अधिकृत लोगों को ही अनुमति होगी। बोर्ड ने कहा कि यही नियम राज्यों की टी-20 लीगों में भी लागू होंगे, क्योंकि वहां भी IPL के कई खिलाड़ी खेलते हैं और युवाओं के लिए गलत उदाहरण पेश करते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
IPL REEL Video Ban Rules 2026 Update; BCCI

49 मिनट पहले कॉपी लिंक खिलाड़ी, उनके परिवार के सदस्य और ब्रॉडकास्टर के लिए काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर IPL मैच के दौरान रील नहीं बना सकेंगे और न ही सोशल मीडिया पर पोस्ट कर पाएंगे। नियम तोड़ने पर BCCI जुर्माना और कानूनी कार्रवाई कर सकता है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने IPL में एंटी-करप्शन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खिलाड़ियों, कमेंटेटर्स, उनके परिवार और ब्रॉडकास्टर्स के लिए सोशल मीडिया कंटेंट पर सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। बोर्ड ने कहा है कि संवेदनशील इलाकों में रील या वीडियो बनाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगां। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने इस सीजन में नियम उल्लंघन के कई मामले पकड़े हैं। इनमें खिलाड़ी और ब्रॉडकास्टर के तौर पर काम कर रहे पूर्व क्रिकेटर भी शामिल हैं। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि सुरक्षा प्रोटोकॉल नहीं मानने वालों पर भारी जुर्माना और कानूनी कार्रवाई हो सकती है। अर्शदीप सिंह IPL के रील बनाकर सोशल मीडिया पर अक्सर पोस्ट करते हैं। डगआउट में वीडियो बना रहे पूर्व क्रिकेटर को फटकार रिपोर्ट के मुताबिक, इस सीजन में कुछ कमेंटेटर्स ने नियम तोड़े हैं। एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर मैच के अहम पलों में डगआउट के पास फोन से वीडियो बनाते पाए गए। BCCI टीम ने तुरंत रिकॉर्डिंग रुकवाई। बोर्ड अब एक पूर्व क्रिकेटर को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में है, जो मैदान पर अपने यूट्यूब चैनल के लिए वीडियो शूट कर रहा था। नियम के मुताबिक, IPL की आधिकारिक ड्रेस पहनकर मैदान पर निजी कंटेंट की शूटिंग नहीं की जा सकती। खिलाड़ियों की ‘रील संस्कृति’ पर बोर्ड की नजर BCCI को चिंता है कि नई पीढ़ी के क्रिकेटर सोशल मीडिया पर कंटेंट पोस्ट करने में ज्यादा रुचि दिखा रहे हैं। एक भारतीय खिलाड़ी को टीम की यात्रा और ठहरने की जानकारी साझा करने से रोका गया है। बोर्ड ने पाया कि कुछ खिलाड़ी मैच से पहले या खत्म होते ही वीडियो पोस्ट कर देते हैं। इससे टीम की प्राइवेसी और सुरक्षा को खतरा हो सकता है। कई बार रील के जरिए प्लेइंग-11 का संकेत भी मिल जाता हैं। परिवार के सदस्यों और इन्फ्लुएंसर्स पर भी पाबंदी बोर्ड ने खिलाड़ियों के परिवार के सदस्यों को IPL के दौरान फोटो और वीडियो पोस्ट करने से बचने को कहा है। पहले एक भारतीय तेज गेंदबाज को पत्नी के बनाए टीम होटल के वीडियो को प्रमोट करने पर चेतावनी दी गई थी। बोर्ड ने उन सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी नाराजगी जताई है, जिन्हें फ्रेंचाइजी ने टीम के साथ अनफिल्टर्ड एक्सेस दे रखा है। बोर्ड का मानना है कि इससे एंटी-करप्शन प्रोटोकॉल का उल्लंघन होता है। टीम बस में बाहरी लोगों की एंट्री बैन एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने आपत्ति जताई है कि कुछ वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी परिवार या दोस्तों को टीम बस में सफर करने दे रहे हैं। BCCI ने कहा कि टीम बस और होटल के प्रतिबंधित क्षेत्रों में केवल अधिकृत लोगों को ही अनुमति होगी। बोर्ड ने कहा कि यही नियम राज्यों की टी-20 लीगों में भी लागू होंगे, क्योंकि वहां भी IPL के कई खिलाड़ी खेलते हैं और युवाओं के लिए गलत उदाहरण पेश करते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
तरनतारन में अफ्रीकी महिला हेरोइन समेत गिरफ्तार:अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत 15 करोड़, नौकरी के लिए आई थी भारत; ड्रग तस्करी में फंसी

तरनतारन पुलिस के सीआईए स्टाफ ने एक अफ्रीकी महिला को 3 किलोग्राम हेरोइन और वैगन आर कार के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक विदेशी अफ्रीकी महिला सीमावर्ती क्षेत्र में हेरोइन की खेप लेने आई है। इस जानकारी के आधार पर एसएसपी सुरिंदर लांबा ने जिले में हाई अलर्ट जारी कर दिया था। इस दौरान, बाईपास के पास नाकाबंदी के दौरान सीआईए स्टाफ पुलिस ने उत्तर प्रदेश नंबर की एक वैगन आर कार को रुकने का इशारा किया। तलाशी लेने पर कार से 3 किलोग्राम हेरोइन बरामद कार को एक महिला चला रही थी। तलाशी लेने पर कार से 3 किलोग्राम हेरोइन बरामद हुई। गिरफ्तार महिला की पहचान बेला के रूप में हुई है, जो नाइजीरिया (अफ्रीका) के डेल्टा स्टेट, जोम्बा की रहने वाली है। वर्तमान में दिल्ली के संडे बाजार में रह रही थी। ड्रग तस्करी के जाल में फंसी महिला पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार महिला नौकरी के लिए भारत आई थी, लेकिन बाद में वह ड्रग तस्करी के जाल में फंस गई। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसने तरनतारन जिले के सीमावर्ती इलाकों से पहले हेरोइन की कितनी खेप ली है। दोपहर में जिले के एसएसपी सुरिंदर लांबा इस मामले में और जानकारी साझा करने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सकते हैं।
China Engineer Admits Pakistan Ops Sindoor Tech Aid

बीजिंग9 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर माना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने पाकिस्तान को मदद दी थी। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सरकारी मीडिया CCTV पर प्रसारित इंटरव्यू में चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने कहा कि उनकी टीम पाकिस्तान में तकनीकी सहायता दे रही थी। उन्होंने बताया कि उनका काम लड़ाकू विमानों और उनसे जुड़े सिस्टम को पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार रखना था। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान एयरफोर्स चीन में बने J-10CE लड़ाकू विमान इस्तेमाल करती है। ये विमान AVIC की सहायक कंपनी बनाती है। भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह जुलाई 2025 में दावा कर चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को महत्वपूर्ण सहायता दी थी। पाकिस्तान ने चीन के बनाए फाइटर जेट इस्तेमाल किए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने चीन में बने फाइटर जेट इस्तेमाल किए थे। इंजीनियर झांग हेंग ने बताया कि पाकिस्तान एयर फोर्स चीन के बनाए J-10CE फाइटर जेट इस्तेमाल करती है। यह विमान चीन के J-10C मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का एक्सपोर्ट वर्जन है। इन विमानों को AVIC की सहायक कंपनी बनाती है। झांग हेंग ने इंटरव्यू में कहा कि सपोर्ट बेस पर लगातार फाइटर जेट्स की आवाज और एयर रेड सायरन सुनाई देते थे। उन्होंने कहा, “मई की सुबह में ही तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता था। यह मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कठिन स्थिति थी।” भारत ने 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। उस समय भारत ने आरोप लगाया था कि चीन पाकिस्तान को समर्थन दे रहा है। हालांकि उस वक्त चीन के विदेश मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज या कमतर करके दिखाया था। चीन ने ऑपरेशन सिंदूर को लाइव लैब की तरह इस्तेमाल किया भारत के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने जुलाई 2025 में FICCI के एक सेमिनार में कहा था कि चीन ने ऑपरेशन सिंदूर को ‘लाइव लैब’ की तरह इस्तेमाल किया। उनके मुताबिक, चीन ने अपने सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए भारतीय सैन्य गतिविधियों की निगरानी की और पाकिस्तान को रियल टाइम इनपुट दिए। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने चीन की रणनीति की तुलना प्राचीन चीनी सैन्य सिद्धांत ‘36 रणनीतियां’ से की थी। उन्होंने कहा था कि चीन ने उधार के चाकू से हत्या वाली रणनीति अपनाई और पाकिस्तान को भारत पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया। संघर्ष के दौरान चीन से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स और अधिकारियों ने पाकिस्तान के उन दावों को बढ़ावा दिया था, जिनमें भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने की बात कही गई थी। हालांकि पाकिस्तान ने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया था। वहीं, पाकिस्तान को हुए नुकसान पर चीन के सरकारी मीडिया में ज्यादा चर्चा नहीं हुई। भारतीय सेना ने बताया था कि उसने पाकिस्तान के आतंकी मुख्यालयों, एयरबेस और चीनी मूल के रडार सिस्टम को निशाना बनाया था। इससे उसे हवाई बढ़त हासिल करने में मदद मिली। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर जयपुर में 7 मई को तीनों सेनाओं की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी। पाकिस्तान को फाइटर जेट बेचने की तैयारी में चीन हाल के दिनों में चीनी मीडिया में यह भी रिपोर्ट सामने आई है कि बीजिंग पाकिस्तान को अपना पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट J-35 बेचने पर विचार कर रहा है। एक्सपर्ट्स इसे चीन की रक्षा तकनीक के वैश्विक प्रचार अभियान से जोड़कर देख रहे हैं। पाकिस्तान में मौजूद एक अन्य इंजीनियर शू दा ने J-10CE को बच्चे जैसा बताया। उन्होंने कहा, “हमने इसे तैयार किया, इसकी देखभाल की और फिर यूजर को सौंप दिया। इसके बाद इसने बड़ा परीक्षण झेला।” शू दा ने कहा, “J-10CE के प्रदर्शन ने हमें चौंकाया नहीं। यह अचानक नहीं हुआ। सही मौके का इंतजार था और मौका मिलते ही इसने वैसा ही प्रदर्शन किया जैसा हमने उम्मीद की थी।” J-10CE चीन के J-10C फाइटर जेट का एक्सपोर्ट वर्जन है। इसमें AESA रडार और एडवांस एयर-टू-एयर मिसाइल सिस्टम लगे हैं। पाकिस्तान इस सीरीज का एकमात्र विदेशी ऑपरेटर माना जाता है। पाकिस्तान ने 2020 में 36 J-10CE फाइटर जेट और 250 PL-15 मिसाइल खरीदने का समझौता किया था। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच पाकिस्तान के करीब 80% हथियार आयात चीन से आए। पाकिस्तान एयर फोर्स JF-17 फाइटर जेट पर भी काफी निर्भर है। यह लड़ाकू विमान चीन और पाकिस्तान ने मिलकर विकसित किया है और इसे पाकिस्तान की प्रमुख कॉम्बैट क्षमता में गिना जाता है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा:भ्रष्टाचार मामले में वेई फेंगहे और ली शांगफू दोषी करार, पूरी प्रॉपर्टी भी जब्त चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में दो पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, दोनों को पहले 2 साल जेल में रखा जाएगा। अगर वह दो साल तक कोई नया अपराध नहीं करता तो सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। ली शांगफू को पिछले साल अचानक पद से हटाया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। जिसके बाद दोनों को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित किया गया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
China Engineer Admits Pakistan Ops Sindoor Tech Aid

बीजिंग47 मिनट पहले कॉपी लिंक चीन ने पहली बार सार्वजनिक तौर पर माना है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उसने पाकिस्तान को मदद दी थी। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी सरकारी मीडिया CCTV पर प्रसारित इंटरव्यू में चेंगदू एयरक्राफ्ट डिजाइन एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंजीनियर झांग हेंग ने कहा कि उनकी टीम पाकिस्तान में तकनीकी सहायता दे रही थी। उन्होंने बताया कि उनका काम लड़ाकू विमानों और उनसे जुड़े सिस्टम को पूरी तरह युद्ध के लिए तैयार रखना था। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान एयरफोर्स चीन में बने J-10CE लड़ाकू विमान इस्तेमाल करती है। ये विमान AVIC की सहायक कंपनी बनाती है। भारतीय सेना के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह जुलाई 2025 में दावा कर चुके हैं कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान चीन ने पाकिस्तान को महत्वपूर्ण सहायता दी थी। पाकिस्तान ने चीन के बनाए फाइटर जेट इस्तेमाल किए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने चीन में बने फाइटर जेट इस्तेमाल किए थे। इंजीनियर झांग हेंग ने बताया कि पाकिस्तान एयर फोर्स चीन के बनाए J-10CE फाइटर जेट इस्तेमाल करती है। यह विमान चीन के J-10C मल्टीरोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का एक्सपोर्ट वर्जन है। इन विमानों को AVIC की सहायक कंपनी बनाती है। झांग हेंग ने इंटरव्यू में कहा कि सपोर्ट बेस पर लगातार फाइटर जेट्स की आवाज और एयर रेड सायरन सुनाई देते थे। उन्होंने कहा, “मई की सुबह में ही तापमान 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता था। यह मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद कठिन स्थिति थी।” भारत ने 7 मई 2025 को पहलगाम आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। उस समय भारत ने आरोप लगाया था कि चीन पाकिस्तान को समर्थन दे रहा है। हालांकि उस वक्त चीन के विदेश मंत्रालय और सैन्य अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज या कमतर करके दिखाया था। चीन ने ऑपरेशन सिंदूर को लाइव लैब की तरह इस्तेमाल किया भारत के डिप्टी चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल राहुल सिंह ने जुलाई 2025 में FICCI के एक सेमिनार में कहा था कि चीन ने ऑपरेशन सिंदूर को ‘लाइव लैब’ की तरह इस्तेमाल किया। उनके मुताबिक, चीन ने अपने सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए भारतीय सैन्य गतिविधियों की निगरानी की और पाकिस्तान को रियल टाइम इनपुट दिए। लेफ्टिनेंट जनरल सिंह ने चीन की रणनीति की तुलना प्राचीन चीनी सैन्य सिद्धांत ‘36 रणनीतियां’ से की थी। उन्होंने कहा था कि चीन ने उधार के चाकू से हत्या वाली रणनीति अपनाई और पाकिस्तान को भारत पर दबाव बनाने के लिए इस्तेमाल किया। संघर्ष के दौरान चीन से जुड़े सोशल मीडिया अकाउंट्स और अधिकारियों ने पाकिस्तान के उन दावों को बढ़ावा दिया था, जिनमें भारतीय लड़ाकू विमानों को मार गिराने की बात कही गई थी। हालांकि पाकिस्तान ने इन दावों के समर्थन में कोई सबूत सार्वजनिक नहीं किया था। वहीं, पाकिस्तान को हुए नुकसान पर चीन के सरकारी मीडिया में ज्यादा चर्चा नहीं हुई। भारतीय सेना ने बताया था कि उसने पाकिस्तान के आतंकी मुख्यालयों, एयरबेस और चीनी मूल के रडार सिस्टम को निशाना बनाया था। इससे उसे हवाई बढ़त हासिल करने में मदद मिली। ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ पर जयपुर में 7 मई को तीनों सेनाओं की जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी। पाकिस्तान को फाइटर जेट बेचने की तैयारी में चीन हाल के दिनों में चीनी मीडिया में यह भी रिपोर्ट सामने आई है कि बीजिंग पाकिस्तान को अपना पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट J-35 बेचने पर विचार कर रहा है। एक्सपर्ट्स इसे चीन की रक्षा तकनीक के वैश्विक प्रचार अभियान से जोड़कर देख रहे हैं। पाकिस्तान में मौजूद एक अन्य इंजीनियर शू दा ने J-10CE को बच्चे जैसा बताया। उन्होंने कहा, “हमने इसे तैयार किया, इसकी देखभाल की और फिर यूजर को सौंप दिया। इसके बाद इसने बड़ा परीक्षण झेला।” शू दा ने कहा, “J-10CE के प्रदर्शन ने हमें चौंकाया नहीं। यह अचानक नहीं हुआ। सही मौके का इंतजार था और मौका मिलते ही इसने वैसा ही प्रदर्शन किया जैसा हमने उम्मीद की थी।” J-10CE चीन के J-10C फाइटर जेट का एक्सपोर्ट वर्जन है। इसमें AESA रडार और एडवांस एयर-टू-एयर मिसाइल सिस्टम लगे हैं। पाकिस्तान इस सीरीज का एकमात्र विदेशी ऑपरेटर माना जाता है। पाकिस्तान ने 2020 में 36 J-10CE फाइटर जेट और 250 PL-15 मिसाइल खरीदने का समझौता किया था। स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच पाकिस्तान के करीब 80% हथियार आयात चीन से आए। पाकिस्तान एयर फोर्स JF-17 फाइटर जेट पर भी काफी निर्भर है। यह लड़ाकू विमान चीन और पाकिस्तान ने मिलकर विकसित किया है और इसे पाकिस्तान की प्रमुख कॉम्बैट क्षमता में गिना जाता है। ———————– ये खबर भी पढ़ें… चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मौत की सजा:भ्रष्टाचार मामले में वेई फेंगहे और ली शांगफू दोषी करार, पूरी प्रॉपर्टी भी जब्त चीन ने भ्रष्टाचार के मामलों में दो पूर्व रक्षा मंत्री ली शांगफू और वेई फेंगहे को मौत की सजा सुनाई है। सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, दोनों को पहले 2 साल जेल में रखा जाएगा। अगर वह दो साल तक कोई नया अपराध नहीं करता तो सजा को आजीवन कारावास में बदला जा सकता है। ली शांगफू को पिछले साल अचानक पद से हटाया गया था, जबकि वेई फेंगहे भी सैन्य भ्रष्टाचार जांच के दायरे में आए थे। जिसके बाद दोनों को 2024 में चीन की सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से निष्कासित किया गया था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…








