Sunday, 08 Nov 2026 | 05:26 AM

Trending :

उत्तराखंड के स्पोर्ट्स कॉलेजों में दाखिले शुरू:महाराणा प्रताप में 60 सीटें, खेल का कोटा फिक्स नहीं; 5 कड़े टेस्ट पास करने वालों को मिलेगी एंट्री

उत्तराखंड के स्पोर्ट्स कॉलेजों में दाखिले शुरू:महाराणा प्रताप में 60 सीटें, खेल का कोटा फिक्स नहीं; 5 कड़े टेस्ट पास करने वालों को मिलेगी एंट्री

उत्तराखंड में खेलों में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे 10 से 13 साल के बच्चों के लिए प्रदेश के प्रतिष्ठित ‘राज्य वित्तपोषित’ स्पोर्ट्स कॉलेजों (कक्षा 6) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 14 मई तय की गई है। एडमिशन की स्थिति, चयन प्रक्रिया और सीटों को लेकर महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून के प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं से खास जानकारी दी। 120 सीटों पर मुकाबला, किसी खेल का कोई फिक्स कोटा नहीं प्रिंसिपल राजेश ममगाईं ने बताया कि इस साल तीनों स्पोर्ट्स कॉलेजों (महाराणा प्रताप कॉलेज देहरादून, हरि सिंह थापा पिथौरागढ़ और बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत) में कुल मिलाकर लगभग 120 सीटों पर प्रवेश होना है। इसमें महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के पास 60 सीटें हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या क्रिकेट, बॉक्सिंग या एथलेटिक्स जैसे खेलों के लिए सीटें पहले से तय होती हैं। इस पर प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि, “किसी भी खेल के लिए कोई कोटा तय नहीं होता। यह पूरी तरह से बच्चों की मेरिट पर निर्भर करता है कि किस खेल के कितने बच्चे सेलेक्ट होकर आते हैं। 5 कड़े टेस्ट से गुजरेंगे बच्चे स्पोर्ट्स कॉलेज में एंट्री के लिए बच्चों को कड़े परीक्षण से गुजरना होगा। प्रधानाचार्य ने बताया कि चयन के लिए मुख्य रूप से 5 चरण निर्धारित हैं। सबसे पहले शारीरिक दक्षता (बैटरी टेस्ट), खेल कौशल (गेम टेस्ट), लिखित परीक्षा, इंटरव्यू, मेडिकल टेस्ट हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी टेस्ट 10 से 13 साल के बच्चों की शारीरिक क्षमता और उम्र को ध्यान में रखकर ही वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किए गए हैं। इन सभी मानकों पर खरा उतरने वाले बच्चों की ही एक फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। हर खेल का खर्च अलग, इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार चयनित बच्चों की पढ़ाई, डाइट और ट्रेनिंग के खर्च पर ममगाईं ने बताया कि कॉलेज में सभी खेलों के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। हालांकि, एक बच्चे पर सरकार का कितना खर्च आता है, यह खेल दर खेल अलग-अलग होता है। एक निशानेबाज और एक एथलीट के उपकरणों और ट्रेनिंग के खर्च को जनरलाइज नहीं किया जा सकता। सरकार की ओर से राज्य के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। यहां के छात्र सेना और रेलवे में दिखा रहे दम स्पोर्ट्स कॉलेज के ट्रैक रिकॉर्ड पर बात करते हुए प्रिंसिपल ममगाईं ने बताया कि यहां से निकले बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां से पेशेवर ट्रेनिंग लेने वाले खिलाड़ी न सिर्फ मेडल जीत रहे हैं, बल्कि स्पोर्ट्स कोटे के तहत भारतीय सेना, वायु सेना, पैरामिलिट्री फोर्सेज और रेलवे सहित कई सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों में शानदार करियर बना रहे हैं। एक नजर में जरूरी जानकारी

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
ईरान का दावा- अमेरिकी F-16 जेट को निशाना बनाया:UAE पर 20 बैलिस्टिक मिसाइल से हमला; ईरान में 93 हजार रिहायशी इलाके क्षतिग्रस्त

March 29, 2026/
6:57 am

ईरान ने शनिवार को दावा किया है कि उसने एक अमेरिकी F-16 लड़ाकू विमान को निशाना बनाया है। यह घटना...

Vinesh Phogat Returns to Wrestling

April 28, 2026/
7:01 pm

Hindi News Sports Vinesh Phogat Returns To Wrestling | Gonda Open Ranking Tournament स्पोर्ट्स डेस्क9 मिनट पहले कॉपी लिंक विनेश...

बंद फोन, लैपटॉप पर भी आपके काम करेगा एआई:गूगल-ओपन एआई के बीच प्रतिस्पर्धा, जेमिनाई के नए एजेंट लाॅन्च‎

May 23, 2026/
4:10 pm

गूगल अब केवल सर्च इंजन कंपनी नहीं रहना चाहती। उसका अगला लक्ष्य कंज्यूमर एआई की दुनिया में वही दबदबा बनाना...

Follow Pakistan vs Australia live. (AFP Photo)

June 4, 2026/
10:48 pm

आखरी अपडेट:04 जून, 2026, 22:51 IST कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को कर्नाटक से राज्यसभा के लिए फिर से नामित किया...

IPL 2026 DC Vipraj Nigam; State League

April 17, 2026/
2:42 pm

स्पोर्ट्स डेस्क17 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL जैसी दुनिया की सबसे तेज और हाई-प्रेशर लीग में खेलने के लिए यंग...

76 साल के नाना पाटेकर ट्राइसेप डिप्स करते दिखे:जिम में गमछे में दिखे एक्टर, शिल्पा शेट्टी ने की फिटनेस की तारीफ

April 30, 2026/
11:05 am

76 साल के एक्टर नाना पाटेकर का जिम में ट्राइसेप डिप्स करते वीडियो सामने आया है, जिसे फोटोग्राफर-प्रोड्यूसर अतुल कासबेकर...

टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में 5 राउंड फायरिंग, एक्टर सुरक्षित:लॉरेंस गैंग ने कहा- जो सलमान के साथ काम करेगा, उसका यही अंजाम होगा

October 18, 2026/
7:53 pm

एक्टर टाइगर श्रॉफ पर मुंबई में फायरिंग हुई है। जुहू में बाइक सवारों ने उन पर 5 राउंड फायरिंग की।...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

उत्तराखंड के स्पोर्ट्स कॉलेजों में दाखिले शुरू:महाराणा प्रताप में 60 सीटें, खेल का कोटा फिक्स नहीं; 5 कड़े टेस्ट पास करने वालों को मिलेगी एंट्री

उत्तराखंड के स्पोर्ट्स कॉलेजों में दाखिले शुरू:महाराणा प्रताप में 60 सीटें, खेल का कोटा फिक्स नहीं; 5 कड़े टेस्ट पास करने वालों को मिलेगी एंट्री

उत्तराखंड में खेलों में अपना भविष्य बनाने का सपना देख रहे 10 से 13 साल के बच्चों के लिए प्रदेश के प्रतिष्ठित ‘राज्य वित्तपोषित’ स्पोर्ट्स कॉलेजों (कक्षा 6) में प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। आवेदन की अंतिम तिथि 14 मई तय की गई है। एडमिशन की स्थिति, चयन प्रक्रिया और सीटों को लेकर महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून के प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं से खास जानकारी दी। 120 सीटों पर मुकाबला, किसी खेल का कोई फिक्स कोटा नहीं प्रिंसिपल राजेश ममगाईं ने बताया कि इस साल तीनों स्पोर्ट्स कॉलेजों (महाराणा प्रताप कॉलेज देहरादून, हरि सिंह थापा पिथौरागढ़ और बालिका स्पोर्ट्स कॉलेज चंपावत) में कुल मिलाकर लगभग 120 सीटों पर प्रवेश होना है। इसमें महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के पास 60 सीटें हैं। अक्सर यह सवाल उठता है कि क्या क्रिकेट, बॉक्सिंग या एथलेटिक्स जैसे खेलों के लिए सीटें पहले से तय होती हैं। इस पर प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया कि, “किसी भी खेल के लिए कोई कोटा तय नहीं होता। यह पूरी तरह से बच्चों की मेरिट पर निर्भर करता है कि किस खेल के कितने बच्चे सेलेक्ट होकर आते हैं। 5 कड़े टेस्ट से गुजरेंगे बच्चे स्पोर्ट्स कॉलेज में एंट्री के लिए बच्चों को कड़े परीक्षण से गुजरना होगा। प्रधानाचार्य ने बताया कि चयन के लिए मुख्य रूप से 5 चरण निर्धारित हैं। सबसे पहले शारीरिक दक्षता (बैटरी टेस्ट), खेल कौशल (गेम टेस्ट), लिखित परीक्षा, इंटरव्यू, मेडिकल टेस्ट हैं। उन्होंने बताया कि ये सभी टेस्ट 10 से 13 साल के बच्चों की शारीरिक क्षमता और उम्र को ध्यान में रखकर ही वैज्ञानिक तरीके से डिजाइन किए गए हैं। इन सभी मानकों पर खरा उतरने वाले बच्चों की ही एक फाइनल मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है। हर खेल का खर्च अलग, इंफ्रास्ट्रक्चर पूरी तरह तैयार चयनित बच्चों की पढ़ाई, डाइट और ट्रेनिंग के खर्च पर ममगाईं ने बताया कि कॉलेज में सभी खेलों के लिए बेहतरीन इंफ्रास्ट्रक्चर मौजूद है। हालांकि, एक बच्चे पर सरकार का कितना खर्च आता है, यह खेल दर खेल अलग-अलग होता है। एक निशानेबाज और एक एथलीट के उपकरणों और ट्रेनिंग के खर्च को जनरलाइज नहीं किया जा सकता। सरकार की ओर से राज्य के बच्चों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। यहां के छात्र सेना और रेलवे में दिखा रहे दम स्पोर्ट्स कॉलेज के ट्रैक रिकॉर्ड पर बात करते हुए प्रिंसिपल ममगाईं ने बताया कि यहां से निकले बच्चे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यहां से पेशेवर ट्रेनिंग लेने वाले खिलाड़ी न सिर्फ मेडल जीत रहे हैं, बल्कि स्पोर्ट्स कोटे के तहत भारतीय सेना, वायु सेना, पैरामिलिट्री फोर्सेज और रेलवे सहित कई सरकारी व गैर-सरकारी संस्थानों में शानदार करियर बना रहे हैं। एक नजर में जरूरी जानकारी

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.