पंजाब भाजपा के 2 ऑफिसों पर हमला, VIDEO:लाठी-डंडे लेकर घुसे लोग, तोड़फोड़ की, पथराव किया; दीवारों-पोस्टरों पर इंक फेंकी

पंजाब में सोमवार को भाजपा के दो ऑफिसों में हंगामा और तोड़फोड़ हुई। मोहाली के जीरकपुर में 5 नकाबपोश युवक भाजपा ऑफिस में घुस गए और दीवारों व पोस्टरों पर इंक फेंककर हंगामा किया। आरोप है कि युवकों ने भाजपा नेता गुरदर्शन सैनी की तस्वीर पर भी इंक फेंकी। घटना के दौरान ऑफिस में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी कुछ देर बाद मौके से फरार हो गए। वहीं, तरनतारन में भी भाजपा ऑफिस पर हमला हुआ। 15 से 20 लोग अचानक ऑफिस में लाठी-डंडे लेकर दाखिल हुए और तोड़फोड़ की। कुर्सियां और अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया व नारेबाजी भी की। इस दौरान कुछ पत्थर फेंकते दिखे। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। यहां भाजपा जिला प्रधान हरजीत सिंह संधू ने बताया कि वह किसी प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे, तभी 15 से 20 लोग ऑफिस में घुस आए। उन्होंने कहा कि हमलावर लगातार नारेबाजी कर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। तरनतारन भाजपा ऑफिस पर हमले की 3 PHOTOS.. तरनतारन भाजपा ऑफिस पर हमला, 1 युवक पकड़ा तरनतारन में भाजपा के ऑफिस पर हमला हुआ। सोमवार दोपहर के वक्त करीब 15 से 20 लोग अचानक ऑफिस में घुस आए और जमकर हंगामा किया। हमलावरों ने कार्यालय में तोड़फोड़ की और नारेबाजी करने लगे। भाजपा नेताओं के अनुसार हमलावरों ने पंजाब एकता जिंदाबाद और भाजपा मुर्दाबाद के पोस्टर भी फेंके। घटना के दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक हमलावर को पकड़ लिया। लेकिन उसके अन्य साथी उसे छुड़ाकर वहां से ले जाने में सफल रहे। इसके बाद सभी हमलावर मौके से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही थाना सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। तरनतारन के SSP सुरेंद्र लांबा ने कहा कि मामले में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जल्द आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आसपास के लोगों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को सामने लाया जा सके। जीरकपुर भाजपा कार्यालय पर हमले की 3 PHOTOS… जीरकपुर भाजपा ऑफिस पर हमला, दीवारों पर इंक फेंकी जीरकपुर में नकाबपोश युवक अचानक भाजपा दफ्तर में दाखिल हुए और अंदर दीवारों पर इंक फेंकना शुरू कर दिया। युवकों ने भाजपा के वरिष्ठ नेता गुरदर्शन सैनी की फोटो पर भी इंक फेंकी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी कुछ मिनट तक कार्यालय में हंगामा करते रहे और बाद में मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में ले ली है, जिसमें पांच नकाबपोश युवक कार्यालय की ओर आते और जाते दिखाई दे रहे हैं। भाजपा नेताओं ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों को डराने का प्रयास किया जा रहा है और रोजाना गुंडागर्दी की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे आम लोगों में भी भय का माहौल बन रहा है।
‘नफ़रत के भाईजान’: समाजवादी पार्टी के सांसद ने पीएम मोदी को दी गाली, बीजेपी ने किया पलटवार | भारत समाचार

आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 17:05 IST भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने बार-बार पीएम मोदी पर व्यक्तिगत रूप से निशाना साधा है, जिसमें उनकी पृष्ठभूमि, जाति और परिवार के बारे में टिप्पणियां शामिल हैं। भाजपा नेता ने आगे दावा किया कि हालिया चुनावी असफलताओं से विपक्षी दलों में निराशा बढ़ गई है, जिसके कारण ऐसी टिप्पणियां की जा रही हैं। सपा सांसद ने पीएम मोदी को दी गाली: समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने और उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के बाद बड़े पैमाने पर विवाद खड़ा कर दिया। पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच ईंधन की खपत कम करने और मितव्ययिता उपाय अपनाने की पीएम मोदी की अपील पर पत्रकारों से बात करते हुए महोबा सांसद ने प्रधानमंत्री पर जमकर निशाना साधा और उन्हें देश का सबसे राष्ट्र-विरोधी व्यक्ति करार दिया। उन्होंने कहा, “वह बहुत दुष्ट और राष्ट्र-विरोधी व्यक्ति हैं। उनके जैसा कोई प्रधानमंत्री नहीं हुआ और आने वाली सरकारों में भी उनके जैसा कोई प्रधानमंत्री नहीं होगा।” समाजवादी पार्टी के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए समाजवादी पार्टी के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए हरामी,देशद्रोही शब्द का प्रयोग करना, लोकतंत्र की कामना करना है। इस समय में पूरी तरह से विनाश, निरश, पराजीत का भुगतान किया जा चुका है और उनका कोई भी आरोप जनता स्वीकार नहीं कर रही है। काम के पास अंत… pic.twitter.com/7FIh1TOG1e– तजिंदर बग्गा (@TajinderBagga) 11 मई 2026 बीजेपी का पलटवार भाजपा ने जल्द ही समाजवादी पार्टी नेता पर पलटवार किया, पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि इस तरह के बयान पार्टी की “राजनीतिक संस्कृति” को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा, “समाजवादी पार्टी ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि यह ‘मोहब्बत की दुकान’ के बारे में नहीं है, यह ‘नफ़रत के भाईजान’ और ‘संविधान का अपमान’ के बारे में है।” गाली गलौज की दुकान, नफ़रत के भाईजानसंविधान का एपीएमएन महोबा से न्यूनतम न्यूनतम अजितेंद्र सिंह रामदेव का सिद्धांत वायरलभारत के प्रधानमंत्री को जेल प्रदर्शन के दौरान कैबिनेट में दी गई टिपण्णी pic.twitter.com/LRJPcoI4kx – शहजाद जय हिंद (कांग्रेस पारिस्थितिकी तंत्र के अनुसार चौकीदार) (@Shehzad_Ind) 11 मई 2026 भाजपा नेता ने कहा कि विपक्षी नेताओं ने बार-बार पीएम मोदी पर व्यक्तिगत रूप से निशाना साधा है, जिसमें उनकी पृष्ठभूमि, जाति और परिवार के बारे में टिप्पणियां शामिल हैं। उन्होंने दावा किया कि ओबीसी समुदाय से आने और उनकी साधारण “चायवाला” पृष्ठभूमि के कारण प्रधानमंत्री का अपमान किया गया है। पूनावाला ने विपक्षी दलों पर सनातन धर्म और संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “वे सनातन को गाली देते हैं, वे संवैधानिक मूल्यों को गाली देते हैं और वे प्रधानमंत्री को बार-बार गाली देते हैं।” भाजपा प्रवक्ता ने आगे आरोप लगाया कि हाल की चुनावी हार से विपक्षी दलों में हताशा बढ़ गई है, जिसके कारण ऐसी टिप्पणियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा, “इस देश के लोग उचित जवाब देंगे।” भाजपा नेता तजिंदर बग्गा ने भी इसी तरह की भावना व्यक्त की और कहा कि प्रधानमंत्री के खिलाफ “कमीने” और “गद्दार” जैसे शब्दों का इस्तेमाल विपक्ष की “हताशा” को दर्शाता है। समाजवादी पार्टी के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए समाजवादी पार्टी के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के लिए हरामी,देशद्रोही शब्द का प्रयोग करना, लोकतंत्र की कामना करना है। इस समय में पूरी तरह से विनाश, निरश, पराजीत का भुगतान किया जा चुका है और उनका कोई भी आरोप जनता स्वीकार नहीं कर रही है। काम के पास अंत… pic.twitter.com/7FIh1TOG1e– तजिंदर बग्गा (@TajinderBagga) 11 मई 2026 बग्गा ने कहा, “विपक्ष पूरी तरह से हताश, निराश और पराजित है और जनता उनके किसी भी आरोप को स्वीकार नहीं कर रही है। इसलिए, विपक्ष के लिए अंत में केवल गाली और अपशब्द ही बचे हैं।” पीएम मोदी ने क्या कहा? हैदराबाद में तेलंगाना भाजपा द्वारा आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र नागरिकों को पश्चिम एशिया संघर्ष के प्रतिकूल प्रभाव से बचाने की कोशिश कर रहा है और लोगों से आर्थिक लचीलेपन के लिए सामूहिक प्रयास के रूप में भाग लेने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने कहा कि संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर बढ़ते दबाव ने स्थिति से निपटने के लिए सरकार के विभिन्न प्रयासों के बावजूद पेट्रोल और उर्वरक की कीमतों में वृद्धि की है। प्रधानमंत्री ने कहा, ”इसलिए वैश्विक संकट के दौरान, देश को सर्वोपरि रखते हुए, हमें संकल्प लेना होगा।” उन्होंने नागरिकों से जहां भी उपलब्ध हो मेट्रो रेल सेवाओं का उपयोग करने, कारपूलिंग अपनाने, इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग बढ़ाने, पार्सल परिवहन के लिए रेलवे सेवाओं का उपयोग करने और पेट्रोल और डीजल की खपत को कम करने का आग्रह किया। उन्होंने विदेश यात्रा और सोने की खरीदारी को एक साल के लिए स्थगित करने का आह्वान करते हुए कहा, ”हमें किसी भी तरह से विदेशी मुद्रा बचानी होगी।” पीएम मोदी ने आगे कहा कि जहां भी संभव हो, कोविड-19 महामारी के दौरान अपनाई गई घर से काम करने की प्रणाली को पुनर्जीवित किया जाना चाहिए। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : महोबा, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘नफरत के भाईजान’: समाजवादी पार्टी के सांसद ने पीएम मोदी को दी गाली, बीजेपी ने किया पलटवार अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)अजेंद्र सिंह लोधी ने पीएम मोदी को अपशब्द कहे(टी)अजेंद्र सिंह लोधी विवाद(टी)सपा सांसद की मोदी पर टिप्पणी(टी)समाजवादी पार्टी बनाम बीजेपी(टी)एसपी सांसद पर बीजेपी की प्रतिक्रिया(टी)पीएम मोदी की ईंधन खपत अपील(टी)पश्चिम एशिया संकट का भारत पर प्रभाव(टी)मोदी पर विपक्ष के हमले
पश्चिम बंगाल: बंगाल में 3 अपराधी और 13 दिन की तानाशाही.. शुभेंदु डुके में अब तक क्या-क्या हुआ?

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और अब उन्हें बंगाल पुलिस की सी डाटाबेस की कस्टडी में भेजा गया है। मयंक राज मिश्रा, विकी मौर्या और राज सिंह को कोर्ट ने 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है। अहम ये है कि बंगाल पुलिस के साथ-साथ बिहार पुलिस भी जांच में अभिषेक की बात कर रही थी. पुलिस ने अदालत को बताया कि चार के पास से रिजर्व बैंक की बाकी सीटें हैं। इसके साथ ही कुछ सहयोगी साथियों की भी तलाश चल रही है। पुलिस का कहना है कि उसने इस मार्किट केस की पूरी चेन का पता लगाने में कामयाबी हासिल की है, जिससे पता चला है कि हत्या के लिए कब रेकी की गई और कैसे की गई। पुलिस ने पूरे मामले की जांच की और खुलासा किया कि हत्याकांड को अंजाम दिया गया। इस ग्राउंड पर कोर्ट ने वेस्ट बंगाल पुलिस की सी डाटाबेस को 13 दिन की कस्टडी में रखा है। चार के खिलाफ किस धारा में केस दर्ज किया गया पुलिस ने रविवार को मयंक राज मिश्रा और मोनिका मौर्य को बिहार के मुक्केबाज से हिरासत में ले लिया था। तीसरा बच्चा राज सिंह उत्तर प्रदेश के बलिया से पकड़ा गया था। 10 मई को पूछताछ के आधार पर सोमवार (11 मई) को सुबह आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। इन पर धारा 103(1)/111(2)(a)/126(2)/ 3(5) एवं 61(1) BNS r/w 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है. चौथे को 13 दिन की पुलिस जज में भेजा गया है। चार तक कैसे जांच पुलिस प्रारंभिक जांच में पता चला है कि शुभेंदु अधिकारी के पीए रथ के वाहन मध्यमग्राम क्रॉसिंग के पास दोहाड़िया इलाके में एक कार में सवार थे और उसी समय एक मोटरसाइकिल भी खड़ी थी। जांच में यह भी पता चला है कि दंगों में इस्तेमाल की गई रिंदा कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। उस दौरान कार में सवार एक व्यक्ति ने यूपीआई के माध्यम से टोल का भुगतान किया था। दावा किया जा रहा है कि इसी यूपीआई के माध्यम से पुलिस पोस्ट तक की जानकारी दी जा रही है। यह भी पढ़ें : बीएसएफ को जमीन, मासूम का आदेश और ममता बनर्जी की…बंगाल में शुभेंदु कैबिनेट ने लिए ये 6 बड़े फैसले (टैग्सटूट्रांसलेट)इंडिया(टी)पश्चिम बंगाल(टी)सुवेंदु अधिकारी(टी)बंगाल सीएम(टी)सुवेंदु अधिकारी; सुवेंदु अधिकारी पीएम हत्याकांड; सुवेंदु अधिकारी पीएम हत्याकांड के आरोपी पुलिस हिरासत में; पीएम हत्याकांड के आरोपी सुवेंदु अधिकारी सीआईडी की हिरासत में.
बिना तेल के सब्जी कैसे बनाएं? कुकिंग ऑयल की खपत कम करने के 5 जबरदस्त तरीके, सुधर जाएगी सेहत

Tips To Make Oil-Free Vegetables: अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट में चल रही तनातनी का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. भारत समेत कई एशियाई देशों में क्रूड ऑयल की सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है. इससे पेट्रोल-डीजल, गैस और फर्टिलाइजर समेत कई जरूरी सामानों की किल्लत जैसे हालात हो गए हैं. इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल का इस्तेमाल कम करने, एक साल तक सोना न खरीदने और विदेश यात्रा पर न जाने की अपील की है. पीएम ने कुकिंग ऑयल की खपत कम करने की भी अपील की है. उन्होंने कहा कि अगर कुकिंग ऑयल कम उपयोग करेंगे, तो इससे देश के खजाने का स्वास्थ्य भी सुधरेगा और परिवार के लोगों का भी स्वास्थ्य सुधरेगा. खाने-पीने में कुकिंग ऑयल का इस्तेमाल बहुत जरूरी है. सब्जी बनाने के लिए सभी लोग तेल का उपयोग करते हैं. आजकल लोग हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने की कोशिश कर रहे हैं और इसी वजह से खाने में तेल की मात्रा कम करने पर भी काफी ध्यान दिया जा रहा है. ज्यादा तेल वाला भोजन वजन बढ़ाने, हाई कोलेस्ट्रॉल और दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ा सकता है. ऐसे में कई लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या बिना तेल के भी स्वादिष्ट सब्जी बनाई जा सकती है? अच्छी बात यह है कि थोड़ी-सी स्मार्ट कुकिंग अपनाकर आप कम या बिना तेल के भी स्वाद और सेहत दोनों का संतुलन बनाए रख सकते हैं. बिना तेल के सब्जी कैसे पकाएं | How To Cook Vegetables Without Oil पानी में सब्जियां पकाना सबसे आसान तरीका है. आमतौर पर लोग तड़का लगाने के लिए तेल का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन आप इसकी जगह थोड़ा पानी डालकर मसालों और प्याज-टमाटर को धीमी आंच पर पका सकते हैं. इससे मसाले अच्छी तरह गल जाते हैं और स्वाद भी बना रहता है. इसे वॉटर सॉटे तकनीक भी कहा जाता है, जो हेल्दी कुकिंग में लोकप्रिय हो रही है. नॉन-स्टिक पैन का इस्तेमाल भी तेल की खपत कम करने का शानदार तरीका माना जाता है. ऐसे बर्तनों में सब्जियां चिपकती नहीं हैं, इसलिए बहुत कम या बिल्कुल बिना तेल के भी खाना आसानी से बन जाता है. अगर आप सामान्य कड़ाही की जगह अच्छी क्वालिटी का नॉन-स्टिक या सिरेमिक पैन इस्तेमाल करते हैं, तो तेल की जरूरत काफी कम हो सकती है. तीसरा तरीका है स्टीमिंग और उबालकर पकाना. लौकी, तोरी, गाजर, बीन्स, पालक और मिक्स वेज जैसी कई सब्जियां भाप में पकाने के बाद हल्के मसालों के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती हैं. इससे सब्जियों के पोषक तत्व भी काफी हद तक सुरक्षित रहते हैं. चाहें तो बाद में नींबू, काली मिर्च और भुना जीरा डालकर स्वाद को और बेहतर बनाया जा सकता है. ग्रेवी वाली सब्जियों में दही, टमाटर प्यूरी या प्याज का पेस्ट इस्तेमाल करना भी अच्छा विकल्प हो सकता है. कई लोग ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए ज्यादा तेल डालते हैं, लेकिन इसकी जगह दही, बेसन, ओट्स पाउडर या नारियल दूध का इस्तेमाल किया जा सकता है. इससे सब्जी क्रीमी भी बनती है और अतिरिक्त तेल की जरूरत भी कम पड़ती है. अगर आप खाना बनाने में थोड़ा तेल इस्तेमाल भी करना चाहते हैं, तो स्प्रे बोतल या माप वाले चम्मच का उपयोग करें. अक्सर लोग अंदाजे से ज्यादा तेल डाल देते हैं, जबकि नियंत्रित मात्रा में तेल इस्तेमाल करने से उसकी खपत काफी कम की जा सकती है. साथ ही डीप फ्राई की जगह ग्रिलिंग, रोस्टिंग या एयर फ्राइंग जैसे विकल्प भी अपनाए जा सकते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी.
मसूढ़ों में दर्द हो या खून की कमी…गूलर का फल रामबाण, बुजुर्गों वाली ये ट्रिक लाखों में एक

Last Updated:May 11, 2026, 16:58 IST Gular fruit benefits : गांवों में लोग गूलर के पेड़ को बहुत उपयोगी मानते हैं. पुराने समय में जब दवाइयां आसानी से उपलब्ध नहीं थीं, तब लोग गूलर का उपयोग घरेलू उपचार में करते थे. आज भी कई बुजुर्गों को इसके फायदों पर अटूट भरोसा है. लोकल 18 ने इस बारे में गोंडा के वैद्य नंदू प्रसाद से बात की. वे बताते हैं कि गूलर का पका फल सीधे खाया जा सकता है. कुछ लोग इसका चूर्ण बनाकर दूध या पानी के साथ लेते हैं. लोग इसकी छाल का काढ़ा बनाकर कुल्ला करते हैं. इससे मुंह के छाले, मसूड़ों की सूजन और दांत दर्द में राहत मिलती है. वैद्य नंदू प्रसाद बताते हैं कि गूलर का पका फल सीधे खाया जा सकता है. कुछ लोग इसका चूर्ण बनाकर दूध या पानी के साथ लेते हैं. इसकी सब्जी भी बनाई जाती है. ग्रामीण लोग गूलर के दूध का सेवन भी करते हैं. इससे पेट से जुड़ी समस्या दूर होती है. इसकी छाल का काढ़ा भी बनाया जाता है, लेकिन किसी भी चीज का जरूरत से ज्यादा सेवन नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए सीमित मात्रा में ही इसका भी उपयोग करना चाहिए. यदि आप किसी बड़ी बीमारी की चपेट में हैं तो डॉक्टर से सलाह जरूर लें. गूलर का फल महिलाओं के लिए रामबाण है. आयुर्वेद में इसे शरीर को अंदर से मजबूत बनाने वाला प्राकृतिक फल बताया गया है. इसके सेवन से शरीर की कमजोरी कम करने में मदद मिलती है. गूलर में मौजूद प्राकृतिक गुण शरीर की ऊर्जा बनाए रखते हैं. गूलर की छाल मुंह से जुड़ी कई समस्याओं में फायदेमंद मानी जाती है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग इसकी छाल का काढ़ा बनाकर कुल्ला करते हैं. माना जाता है कि इससे मुंह के छाले, मसूड़ों की सूजन और दर्द में राहत मिलती है. गूलर की छाल के प्राकृतिक गुण मुंह को साफ रखने में मदद करते हैं और बैक्टीरिया को कम करने में सहायक हैं. कई लोग इसे मुंह की दुर्गंध दूर करने के लिए भी इस्तेमाल करते हैं. आयुर्वेद में भी गूलर की छाल को औषधीय गुणों से भरपूर बताया गया है. हालांकि, अगर समस्या लंबे समय तक बनी रहे या ज्यादा तकलीफ हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. घरेलू उपाय केवल सामान्य परेशानी में ही उपयोगी है. Add News18 as Preferred Source on Google गूलर का फल देखने में साधारण लगता है, लेकिन इसके अंदर कई औषधीय गुण छिपे होते हैं. इसका फल, छाल, पत्ते और दूध तक कई रोगों में काम आते हैं. गूलर का पेड़ ज्यादातर गांव और जंगल वाले इलाकों में आसानी से मिल जाता है. इसका फल छोटे आकार का होता है और पकने पर लाल या बैंगनी रंग का दिखाई देता है. ग्रामीण इलाकों में आज भी कई लोग गूलर को प्राकृतिक ताकत बढ़ाने वाला फल मानते हैं. आयुर्वेद में भी गूलर को स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद बताया गया है. नियमित और सीमित मात्रा में इसका सेवन शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद कर सकता है. हालांकि, किसी भी चीज का अधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही इसका उपयोग करें. गूलर का फल खून बढ़ाने में भी मददगार है. इसमें आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो कमजोरी और थकान को दूर करने में सहायक हैं. जिन लोगों को खून की कमी की समस्या रहती है, उनके लिए इसका सेवन लाभकारी है. नियमित और सीमित मात्रा में गूलर खाने से शरीर को ताकत मिलती है. आयुर्वेद में इसे सेहत के लिए उपयोगी फल बताया गया है. गूलर का फल डायबिटीज के मरीजों के लिए भी उपयोगी है. इसके सेवन शरीर में शुगर लेवल को नियंत्रित रखा जा सकता है. हालांकि, डायबिटीज एक गंभीर बीमारी है, इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. सही मात्रा और सही तरीके से इस्तेमाल करने पर गूलर स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है. वैद्य नंदू प्रसाद बताते हैं कि गूलर का फल पेट से जुड़ी कई समस्याओं में बेहद फायदेमंद है. जिन लोगों को कब्ज, अपच, गैस या कमजोर पाचन की परेशानी रहती है, उनके लिए इसका सेवन लाभकारी हो सकता है. यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करता है और पेट को साफ रखने में सहायक माना जाता है. ग्रामीण इलाकों में लोग पके हुए गूलर के फल को सुखाकर उसका चूर्ण तैयार करते हैं और नियमित रूप से इस्तेमाल करते हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
31 सीटों पर जीत का अंतर SIR–वोट कटौती से कम:बंगाल हार पर TMC का दावा; सुप्रीम कोर्ट बोला- नई याचिकाएं दाखिल करें

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और अन्य नेता बंगाल में हुए स्पेशल इंटेंसिव रिविजन के खिलाफ नई याचिका दाखिल कर सकते हैं। दावा है कि बंगाल चुनाव में कई सीटों पर जीत का अंतर, वोटर लिस्ट से हटाए गए वोटों से कम था। सोमवार को TMC सांसद और वकील कल्याण बनर्जी ने जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमल्या बागची की बेंच से कहा कि राज्य की 31 विधानसभा सीटों पर जीत का अंतर, SIR के दौरान हटाए गए वोटों से कम था। इससे पहले TMC ने कहा था कि एक मामले में उनके क्लाइंट की हार 862 वोटों से हुई, जबकि उस सीट पर 5000 से ज्यादा वोटर नाम लिस्ट से हटाए गए थे। TMC और भाजपा के बीच कुल वोटों का अंतर करीब 32 लाख था और वोट डिलीशन के खिलाफ 35 अपीलें अभी भी पेंडिंग हैं। वहीं, चुनाव आयोग ने इन दलीलों का विरोध करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सही उपाय चुनाव याचिका दाखिल करना है। आयोग का कहना है कि SIR और उससे जुड़े विवादों में इसी प्रक्रिया के तहत जवाबदेही तय की जा सकती है। अपीलों को निपटाने में 4 साल लगेंगे सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी ने कोर्ट को बताया कि मौजूदा रफ्तार से अपीलीय ट्रिब्यूनल्स को इन अपीलों को निपटाने में करीब 4 साल लग सकते हैं। हाल में हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतीं हैं, जबकि TMC को 80 सीटें मिली हैं। इन चुनावों में राज्य में 90% से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई। भाजपा को कुल 2 करोड़ 92 लाख 24 हजार 804 वोट मिले हैं। तृणमूल कांग्रेस को 2 करोड़ 60 लाख 13 हजार 377 वोट मिले हैं। BJP को TMC से 32 लाख 11 हजार 427 ज्यादा वोट मिले हैं। यानी 293 सीटों के हिसाब से भाजपा को हर सीट पर औसत 10,960 वोट ज्यादा मिले। राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से कुल 91 लाख वोट कटे। यानी हर सीट पर औसतन 30 हजार वोटरों के नाम काटे गए। कुल 293 सीटों में से 176 पर जीत का अंतर 30 हजार से कम और 117 सीटों पर 30 हजार से अधिक रहा। भाजपा ने 128 सीटें 30 हजार से कम मार्जिन पर जीतीं SC ने कहा था- वोटों की संख्या जीत के अंतर से कम पर दखल नहीं देंगे SIR को लेकर ममता सरकार की याचिका पर हाल में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर हटाए गए वोटों की संख्या जीत के अंतर से कम है, तो कोर्ट दखल नहीं देगा। क्योंकि उन वोटों के होने या न होने से रिजल्ट पर असर नहीं पड़ता।’ कोर्ट ने कहा कि दखल तब देंगे जब यह दिखाया जा सके कि हटाए गए वोट इतने अधिक थे कि वे जीत-हार के अंतर को बदल सकते थे। इस उदाहरण से आसानी से समझिए… मान लीजिए विजेता को 1 लाख वोट मिले और निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 95 हजार वोट तो मार्जिन हुआ 5 हजार वोट। अगर हटाए गए वोट 5 हजार से कम हैं तो असर नहीं। लेकिन ज्यादा हैं तो नतीजों पर असर संभव। भाजपा का वोट शेयर 7.50% बढ़ा, TMC का इतना ही घटा देश की 78% आबादी और 72% भूभाग पर अब भाजपा+ का राज गंगासागर से कन्याकुमारी तक पांच राज्यों के चुनावी नतीजों ने भाजपा विरोधी राजनीति के बड़े ‘पॉवर सेंटर्स’ को बड़ा झटका दिया है। ममता बनर्जी और एमके स्टालिन भाजपा को चुनौती देने वाले प्रमुख चेहरे थे। बंगाल (42) और तमिलनाडु (39) लोकसभा की 81 सीटें तय करते हैं। इनके ढहने से इंडिया गठबंधन पिछड़ गया। केरल में कांग्रेस की जीत उसे राहत देती है, लेकिन यह बढ़त विपक्ष में नई खींचतान शुरू करेगी। अब विपक्ष की लड़ाई सत्ता की नहीं, प्रासंगिकता बचाने की हो गई है। …………………… पश्चिम बंगाल चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… ममता बोलीं- मैं आजाद पंछी, शेर की तरह लड़ूंगी: इस्तीफा नहीं दूंगी, हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे; कोलकाता में BJP कार्यकर्ता की हत्या पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को कोलकाता में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा- मैं CM पद से इस्तीफा नहीं दूंगी। हम जनादेश से नहीं, साजिश से हारे हैं। इसलिए इस्तीफा देने राजभवन नहीं जाऊंगी।ममता ने आगे कहा- चुनाव आयोग असली विलेन है। उसने भाजपा के साथ मिलकर 100 सीटें लूटीं। अब मेरे पास कोई कुर्सी नहीं है, मैं आजाद पंछी हूं। कहीं से भी चुनाव लड़ सकती हूं, सड़कों पर रहूंगी। पूरी खबर पढ़ें…
टीएमसी का कहना है कि बंगाल एसआईआर ने 31 सीटों पर बीजेपी की जीत के अंतर से ज्यादा वोट डिलीट कर दिए; सुप्रीम कोर्ट ने नई याचिका मांगी | भारत समाचार

आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 16:23 IST टीएमसी नेता और वकील कल्याण बनर्जी ने कहा कि 31 निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर विलोपन भाजपा की जीत के अंतर से अधिक था। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी. (पीटीआई) ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने पश्चिम बंगाल चुनाव परिणामों को लेकर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसमें दावा किया गया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के परिणामस्वरूप मतदाता विलोपन ने कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में परिणामों को प्रभावित किया। भाजपा ने पश्चिम बंगाल में ऐतिहासिक जनादेश हासिल किया, 207 सीटों पर जीत हासिल की और टीएमसी के 15 साल के शासनकाल को समाप्त कर दिया, जो 80 सीटों पर सिमट गई थी। टीएमसी ने बड़े पैमाने पर चुनावी कदाचार और बीजेपी के पक्ष में वोटों से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है. भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान, टीएमसी नेता और वकील कल्याण बनर्जी ने प्रस्तुत किया कि 31 निर्वाचन क्षेत्रों में एसआईआर विलोपन भाजपा की जीत के अंतर से अधिक था। उन्होंने कहा, कई मामलों में, विलोपन और मार्जिन लगभग समान थे। कल्याण बनर्जी ने कहा कि एक निर्वाचन क्षेत्र में एक उम्मीदवार 862 वोटों से हार गया, जहां 5,432 से अधिक व्यक्तियों को निर्णय के लिए नामावली से हटा दिया गया था। अनुसरण करने के लिए और भी बहुत कुछ… चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया टीएमसी का कहना है कि बंगाल एसआईआर ने 31 सीटों पर बीजेपी की जीत के अंतर से ज्यादा वोट डिलीट कर दिए; SC ने नई याचिका मांगी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम(टी)ममता बनर्जी(टी)तृणमूल कांग्रेस(टी)टीएमसी सुप्रीम कोर्ट की याचिका(टी)भाजपा ऐतिहासिक जनादेश(टी)मतदाता विलोपन एसआईआर(टी)चुनावी कदाचार के आरोप(टी)भाजपा जीत का अंतर
Health Alert : वजन कम के चक्कर में आप भी कर रहे ये गलती? बॉडी स्टोर करने लगेगी फैट

Last Updated:May 11, 2026, 16:22 IST Weight loss mistakes : फरीदाबाद में बदलती लाइफस्टाइल और जंक फूड की आदत लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है. कई लोग मोटापा घटाने के लिए अपनी डाइट कम कर देते हैं. लोकल 18 से फरीदाबाद की चिकित्सक डॉ. रितिका शर्मा बताती हैं कि खाना छोड़ना वजन घटाने का सही तरीका नहीं है, बल्कि इससे शरीर कमजोर होता है. इससे बॉडी स्ट्रेस मोड में चली जाती है और फैट को स्टोर करने लगती है. सही डाइट, हाइड्रेशन और हेल्दी दिनचर्या अपनाकर मोटापा, डायबिटीज और थकान जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है. डॉ. रितिका बताती हैं कि कई बार लोग काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि खाना खाना भूल जाते हैं. ये गलती आगे चलकर घातक हो सकती है. फरीदाबाद. भागदौड़ भरी जिंदगी, बाहर का खाना, ठंडे ड्रिंक और देर रात तक खाने की आदत लोगों की सेहत पर भारी पड़ रही है. बड़े ही नहीं बल्कि बच्चे भी जंक फूड की वजह से मोटापा, कमजोरी और थकान जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं. कई लोग जल्दी वजन घटाने के चक्कर में खाना छोड़ देते हैं, लेकिन इससे शरीर को फायदा कम और नुकसान ज्यादा होता है. ऐसे में सही खानपान और अच्छी दिनचर्या अपनाना बेहद जरूरी हो गया है. लोकल 18 से फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल की सीनियर डाइटिशियन और न्यूट्रिशन कंसल्टेंट डॉ. रितिका शर्मा बताती हैं कि आजकल लोग अपने वजन को लेकर बहुत ज्यादा फोकस रहते हैं, लेकिन इसी दौरान कई गलतियां कर बैठते हैं. डॉ. रितिका कहती हैं कि सबसे बड़ी गलती लोग खाना छोड़कर करते हैं. लोगों को लगता है कि अगर खाना छोड़ देंगे तो वजन जल्दी कम हो जाएगा, जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है. जब हम लंबे समय तक खाना नहीं खाते तो शरीर स्ट्रेस मोड में चला जाता है और फैट को स्टोर करने लगता है. इससे वजन कम होने के बजाय शरीर कमजोर होने लगता है, एनर्जी भी घटती है. गर्मियों में इसका ध्यान जरूरी डॉ. रितिका बताती हैं कि कई बार लोग काम में इतने व्यस्त हो जाते हैं कि खाना खाना भूल जाते हैं. खासकर युवा सोचते हैं कि अभी शरीर में ताकत है तो खाना मिस करने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, लेकिन यही आदत आगे चलकर शरीर को नुकसान पहुंचाती है. शरीर को सही समय पर पोषण मिलना बहुत जरूरी है. गर्मियों में पानी पी लेना ही हाइड्रेशन नहीं बल्कि सही तरीके से पानी पीना जरूरी है. लोग इन्फ्यूज वॉटर का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसमें फल और सब्जियों को पानी में डालकर रखा जाता है, जिससे शरीर को विटामिन और मिनरल भी मिलते रहते हैं. तरबूज और खरबूजा जैसे फलों का सेवन भी गर्मियों में काफी फायदेमंद रहता है, क्योंकि इनमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है और शरीर को ठंडक मिलती है. बच्चों को कैसे रोकें डॉ. रितिका के मुताबिक, बच्चे आजकल जंग फूड ज्यादा खाते हैं. बच्चों को जबरदस्ती रोकना आसान नहीं होता लेकिन समझदारी से इसे कंट्रोल किया जा सकता है. अगर बच्चा बाहर की चीजें पसंद करता है तो वही चीज घर पर हेल्दी तरीके से बनाकर दें. बच्चे पैकेट देखकर आकर्षित होते हैं इसलिए घर की बनी चीजों को उसी तरह पैक करके दिया जा सकता है. बच्चों को बाहर ले जाने से पहले घर का खाना जरूर खिलाएं ताकि बाहर जाकर उनकी भूख ज्यादा न बढ़े और वे जंक फूड की तरफ कम आकर्षित हों. सुबह उठते ही पानी पीने के ये फायदे डॉ. रितिका बताती हैं कि डायबिटीज, बीपी और मोटापे जैसी बीमारियां काफी हद तक लाइफस्टाइल और खानपान से जुड़ी होती हैं. अगर लोग बैलेंस डाइट और सही दिनचर्या अपनाएं तो इन बीमारियों को कंट्रोल किया जा सकता है. सुबह उठते ही सबसे पहले पानी पीना चाहिए क्योंकि पूरी रात शरीर बिना पानी और खाने के रहता है. सुबह खाली पेट चाय या कॉफी पीना नहीं चाहिए. इसकी जगह एक या दो गिलास पानी, ग्रीन जूस या इन्फ्यूज वॉटर लेना शरीर के लिए ज्यादा फायदेमंद रहता है. इससे शरीर को विटामिन, मिनरल और अच्छी एनर्जी मिलती है. About the Author Priyanshu Gupta प्रियांशु गुप्ता बीते 10 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता में सक्रिय हैं. 2015 में भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), दिल्ली से जर्नलिज्म का ककहरा सीख अमर उजाला (प्रिंट, नोएडा ऑफिस) से अपने करियर की शुरुआत की. य…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Faridabad,Haryana
अचानक पेट दर्द होने लगे, तो क्या करें? डॉक्टर के पास कब जाएं, एक्सपर्ट ने बताई काम की बात

Last Updated:May 11, 2026, 16:10 IST Sudden Stomach Pain Medicine: कई बार लोगों के पेट में अचानक दर्द होने लगता है. दर्द से निजात पाने के लिए अक्सर लोग पेनकिलर का सहारा लेते हैं. डॉक्टर्स की मानें तो पेट में हल्का दर्द हो, तो आराम करें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्का खाना खाएं. इससे दर्द से धीरे-धीरे राहत मिलने लगेगी. अगर तेज दर्द के साथ बुखार, उल्टी या चक्कर जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. एक्सपर्ट की सलाह के बिना दर्द निवारक दवाएं लेना नुकसानदायक भी हो सकता है. पेट में अचानक दर्द होने लगे, तो हल्की सिकाई कर सकते हैं. Stomach Pain First Aid Tips: गर्मी के मौसम में पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं. कई बार लोगों को एसिडिटी का सामना करना पड़ता है, तो कभी पेट में अचानक दर्द होने लगता है. पेट दर्द एक कॉमन समस्या है, जो गैस या अपच का संकेत होता है. कई बार यह गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है. अचानक पेट दर्द होने पर लोग अक्सर घबरा जाते हैं और बिना समझे दवा खा लेते हैं. हालांकि ऐसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है. डॉक्टर्स का कहना है कि पेट दर्द की सही वजह समझे बिना पेनकिलर या घरेलू नुस्खों का ज्यादा इस्तेमाल कंडीशन बिगाड़ सकता है. ऐसे में सही समय पर इलाज जरूरी है. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया अगर किसी व्यक्ति को अचानक हल्का पेट दर्द शुरू हो, तो सबसे पहले आराम करना चाहिए और भारी या तला-भुना खाना खाने से बचना चाहिए. शरीर में पानी की कमी न हो, इसलिए थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहना जरूरी माना जाता है. अगर दर्द गैस, अपच या हल्की ऐंठन की वजह से हो, तो कुछ समय आराम करने और हल्का खाना खाने से राहत मिल सकती है. अगर पेट दर्द के साथ तेज बुखार, उल्टी, खून वाली उल्टी, मल में खून, पेट में सूजन, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ या बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी माना जाता है. ऐसे मामलों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. डॉक्टर ने बताया सीने में दर्द के साथ पेट दर्द होना भी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. पेट दर्द की जगह और उसका प्रकार कई बीमारियों का संकेत देता है. पेट के दाहिने निचले हिस्से में तेज दर्द अपेंडिक्स की समस्या का संकेत हो सकता है, जबकि ऊपरी हिस्से में दर्द एसिडिटी, अल्सर या गॉलब्लैडर से जुड़ा हो सकता है. महिलाओं में कई बार पीरियड्स, यूरिन इन्फेक्शन या यौन संबंधी समस्याओं के कारण भी अचानक पेट दर्द हो सकता है. इसलिए दर्द बार-बार हो रहा हो या लंबे समय तक बना रहे, तो जांच करवाना जरूरी माना जाता है. अगर पेट दर्द के फर्स्ट ऐड की बात करें, तो फर्स्ट एड के तौर पर डॉक्टर गर्म पानी की बोतल या हल्की गर्म सिकाई को मददगार मानते हैं, लेकिन अगर दर्द बहुत तेज हो, पेट सूजा हुआ लगे या छूने पर ज्यादा दर्द महसूस हो, तो गर्म सिकाई से बचना चाहिए. ऐसे समय में खुद इलाज करने के बजाय मेडिकल सलाह लेना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. पेट दर्द के साथ उल्टी या दस्त होने पर शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है. ऐसी कंडीशन में ORS का सेवन करना चाहिए. कई गंभीर बीमारियां जैसे अपेंडिसाइटिस, गॉलब्लैडर स्टोन, फूड पॉइजनिंग, अल्सर या संक्रमण की शुरुआत भी पेट दर्द से हो सकती है. सही समय पर पहचान और इलाज से बड़ी परेशानी से बचा जा सकता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
चूँकि कांग्रेस ने केरल के मुख्यमंत्री की घोषणा में देरी की, भाजपा ने एक नाम सुझाया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:11 मई, 2026, 16:04 IST पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए, पूर्व केंद्रीय मंत्री और केरल बीजेपी प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने जवाब दिया, “मैं न तो पुष्टि करूंगा और न ही इनकार करूंगा कि यह सच है।” तिरुवनंतपुरपुरम में एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान केरल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर। (पीटीआई फोटो) केरल मुख्यमंत्री गतिरोध: केरल का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा इस पर सस्पेंस जारी है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में कई दौर की चर्चा के बावजूद कांग्रेस नेतृत्व ने अभी तक अपने अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं की है। देरी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) के भीतर तीव्र राजनीतिक बहस छेड़ दी है, वरिष्ठ नेताओं वीडी सतीसन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला के समर्थकों ने केरल और दिल्ली में विरोध, पोस्टर और प्रदर्शनों के माध्यम से अपने पसंदीदा उम्मीदवारों का खुले तौर पर समर्थन किया है। सियासी रस्साकशी के बीच बीजेपी की केरल इकाई भी अपने पसंदीदा उम्मीदवार के संकेत देती नजर आई। एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस नेतृत्व के संघर्ष का मज़ाक उड़ाते हुए कहा गया, “केरल बीजेपी और राष्ट्रीय बीजेपी के बीच हास्यास्पद कड़ी लड़ाई। केरल बीजेपी केरल में केसी वेणुगोपाल को चाहती है, राष्ट्रीय बीजेपी दिल्ली में केसी वेणुगोपाल को चाहती है।” पोस्ट में सुझाव दिया गया कि भाजपा नेतृत्व शायद चाहता है कि वेणुगोपाल राष्ट्रीय राजधानी में ही रहें क्योंकि वहां उनके लिए बहुत कम राजनीतिक खतरा है, जबकि केरल भाजपा भी राज्य में इसी तरह के कारणों से उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में पसंद करेगी। पोस्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, पूर्व केंद्रीय मंत्री और केरल भाजपा प्रमुख राजीव चंद्रशेखर ने हंसते हुए और मुंह बंद करने वाले इमोजी के साथ जवाब दिया, “मैं न तो पुष्टि करूंगा और न ही इनकार करूंगा कि यह सच है।” उनकी प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर तुरंत ध्यान आकर्षित किया और केरल के मुख्यमंत्री पद पर चल रहे राजनीतिक नाटक में एक और मोड़ जोड़ दिया। केरल में क्या हो रहा है? कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ ने 140 विधानसभा सीटों में से 102 सीटों पर कब्जा कर लिया, जिससे एक दशक के बाद ऐतिहासिक वापसी हुई और वाम लोकतांत्रिक मोर्चा सिर्फ 35 सीटों पर सिमट गया। हालाँकि, जीत ने जल्द ही अंदरूनी कलह को जन्म दे दिया, क्योंकि प्रमुख राजनेताओं के समर्थकों ने शीर्ष पद के लिए अपना जोर तेज कर दिया। यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने केरल में एक दशक के बाद सत्ता में वापसी करते हुए निर्णायक वापसी की है। लेकिन जश्न थमने से पहले ही सारा ध्यान तेजी से मुख्यमंत्री के चयन के बड़े सवाल पर केंद्रित हो गया है. केरल के मुख्यमंत्री पद के लिए तीन प्रमुख नाम सबसे आगे चल रहे हैं, वे हैं वीडी सतीसन, केसी वेणुगोपाल और रमेश चेन्निथला। इस स्थिति में क्लासिक कांग्रेस सत्ता संघर्ष के सभी तत्व मौजूद हैं – संगठनात्मक प्रभुत्व बनाम विधायी नेतृत्व, पीढ़ीगत बदलाव बनाम अनुभव, और दिल्ली का प्रभाव बनाम राज्य इकाई की प्राथमिकता। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को एआईसीसी महासचिव (संगठन) केसी वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता रमेश चेन्निथला और वीडी सतीसन और केपीसीसी अध्यक्ष सनी जोसेफ के साथ अलग-अलग और संयुक्त बैठकें कीं। तीन घंटे से अधिक समय तक चली इस मंत्रणा में एआईसीसी पर्यवेक्षक अजय माकन और मुकुल वासनिक ने भाग लिया। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि कांग्रेस नेतृत्व जानबूझकर आम सहमति सुनिश्चित करने और केरल में पार्टी की जोरदार जीत के बाद और शर्मिंदगी को रोकने के लिए समय ले रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुवनंतपुरम, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया जैसे ही कांग्रेस ने केरल के मुख्यमंत्री की घोषणा में देरी की, भाजपा ने एक नाम सुझाया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल के मुख्यमंत्री गतिरोध(टी)केरल के सीएम की दौड़(टी)कांग्रेस नेतृत्व की खींचतान(टी)यूडीएफ सत्ता संघर्ष(टी)वीडी सतीसन(टी)केसी वेणुगोपाल(टी)रमेश चेन्निथला(टी)राजीव चन्द्रशेखर प्रतिक्रिया








