Tuesday, 30 Jun 2026 | 01:07 AM

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कार, बस में आने लगती है उल्टी, डॉक्टर सुनीता ने बताई असली वजह, बस ये आसान ट्रिक अपनाएं, तुरंत मिलेगी राहत

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दिल्ली: बस, कार या नाव में सफर करते समय कई लोगों को चक्कर आना, उल्टी जैसा महसूस होना, घबराहट या बेचैनी होने लगती है. इसे ही मोशन सिकनेस कहा जाता है. यह समस्या खासतौर पर लंबी यात्रा के दौरान लोगों को परेशान करती है. इस बारे में दिल्ली की फेमस डॉक्टर सुनीता चौधरी के मुताबिक यह दिक्कत शरीर और दिमाग के बीच बनने वाले सिग्नल मिसमैच की वजह से होती है. आइये जानते हैं इसकी सबसे बड़ी वजह क्या है? शरीर और दिमाग के बीच कैसे होता है कन्फ्यूजन डॉ. सुनीता चौधरी ने बताया कि जब हम सफर में होते हैं तो हमारा शरीर लगातार मूव करता है, लेकिन अगर हम फोन देखने लगें या किताब पढ़ें, तो आंखों को लगता है कि शरीर स्थिर है. वहीं, कान और शरीर दिमाग को मूवमेंट का संकेत देते रहते हैं. इसी कारण दिमाग भ्रमित हो जाता है और उल्टी या चक्कर जैसी परेशानी शुरू हो जाती है. महिलाओं में ज्यादा होती है यह समस्या डॉक्टर सुनीता के अनुसार महिलाओं में मोशन सिकनेस ज्यादा देखने को मिलती है. इसकी एक वजह हार्मोनल बदलाव भी हो सकता है. उन्होंने बताया कि एक रिसर्च में पाया गया कि नाव में सफर करने वाले करीब 32 प्रतिशत लोगों को मोशन सिकनेस और 6 से 8 प्रतिशत लोगों को एंग्जायटी महसूस हुई थी. सफर के दौरान यहां बैठना है बेहतर डॉ. चौधरी ने बताया कि सही सीट चुनने से भी काफी राहत मिलती है. कार में आगे की सीट, नाव में बीच का हिस्सा और हवाई जहाज में विंग्स के पास बैठना बेहतर माना जाता है. इसके अलावा खिड़की के पास बैठने और खुली हवा मिलने से भी परेशानी कम होती है. फोन और किताबें बढ़ा सकती हैं परेशानी उन्होंने सलाह दी कि यात्रा के दौरान बाहर के दृश्य देखते रहना चाहिए. लगातार फोन देखने या किताब पढ़ने से मोशन सिकनेस बढ़ सकती है. अगर नजर बाहर के स्थिर दृश्यों पर रहे तो दिमाग को कम भ्रम होता है. खाने-पीने में रखें सावधानी डॉक्टर ने बताया कि सफर से पहले भारी खाना नहीं खाना चाहिए, लेकिन खाली पेट यात्रा करना भी सही नहीं है. हल्का भोजन करना सबसे बेहतर रहता है. नींबू और अदरक जैसे घरेलू उपाय भी काफी फायदेमंद साबित हो सकते हैं. दवा लेने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी कुछ लोग सफर से पहले उल्टी रोकने वाली दवाइयां लेते हैं. डॉ. चौधरी का कहना है कि जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से दवा ली जा सकती है. बिना सलाह के दवा लेने से ज्यादा नींद या सुस्ती जैसी समस्या हो सकती है. ट्रेन में कम होती है मोशन सिकनेस डॉ. सुनीता चौधरी के मुताबिक ट्रेन में लोगों को यह परेशानी कम होती है. क्योंकि ट्रेन की गति एक समान रहती है और उसमें हवा का अच्छा इंतजाम होता है. सड़क की तरह लगातार झटके नहीं लगते हैं. इसलिए शरीर को ज्यादा परेशानी महसूस नहीं होती है.

शेफाली जरीवाला की क्या इंजेक्शन लगवाने से हुई मौत:पति पराग बोले- इंसान को जवान रखने वाला इंजेक्शन होता, तो रतन टाटा जिंदा होते

शेफाली जरीवाला की क्या इंजेक्शन लगवाने से हुई मौत:पति पराग बोले- इंसान को जवान रखने वाला इंजेक्शन होता, तो रतन टाटा जिंदा होते

एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए इंजेक्शन संबंधी दावों पर उनके पति पराग त्यागी ने प्रतिक्रिया देते हुए इन अफवाहों को खारिज किया और लोगों से गलत जानकारी फैलाना बंद करने की अपील की। ‘कांटा लगा गर्ल’ के नाम से मशहूर एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का मुंबई में 27 जून 2025 को निधन हुआ था।उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। इनमें कहा गया था कि किसी इंजेक्शन की वजह से उनकी मौत हुई। हम लोग बिल्कुल नॉर्मल खाना खाते थे: पराग फिल्मीज्ञान से बातचीत में पराग ने कहा, ‘हम लोग बिल्कुल नॉर्मल खाना खाते थे। नूडल्स से लेकर आइसक्रीम तक सब कुछ खाते थे। शेफाली भी हफ्ते में एक-दो बार आइसक्रीम खाती थीं। घर में दाल, सब्जी, रोटी और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें सब बनती थीं। बस प्रोटीन थोड़ा ज्यादा रहता था।’ पराग ने कहा, ‘वो अपनी पूरी लाइफ में इस पॉइंट पर सबसे ज्यादा फिट थीं।’ उन्होंने इंजेक्शन संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मुझे नहीं पता कौन हमारे घर में आकर देख के गया है या किसने ये सब बता दिया।’ शेफाली नेचुरल ब्यूटी थीं: पराग त्यागी गोरा होने वाले इंजेक्शन की अफवाहों पर पराग ने कहा, ‘उनको ( शेफाली) और गोरे होने की क्या जरूरत थी? वो नेचुरल ब्यूटी थीं।’ वहीं, यंग दिखने वाले इंजेक्शन की बात पर उन्होंने कहा, ‘अगर यंग होने के इंजेक्शन आते हैं तो मुझे भी बता दो। आप भी ले लेना, अपने पैरेंट्स को भी लगवा देना।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर ऐसा कोई इंजेक्शन होता जो इंसान को हमेशा जवान रखता, तो शायद रतन टाटा जी आज जिंदा होते।’ अफवाहों पर नाराजगी जताते हुए पराग ने कहा, ‘दोस्तों प्लीज दिखावे पर मत जाओ, अपनी अकल लगाओ। आज व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी और सोशल मीडिया पर लोग कुछ भी पढ़ लेते हैं, लेकिन उसके बारे में रिसर्च नहीं करते। नेगेटिव चीजें लोगों को बहुत जल्दी बिकती हैं।’ उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, ‘बस मैं सबसे रिक्वेस्ट करना चाहूंगा, ऐसा मत करो।’

शेफाली जरीवाला की क्या इंजेक्शन लगवाने से हुई मौत:पति पराग बोले- इंसान को जवान रखने वाला इंजेक्शन होता, तो रतन टाटा जिंदा होते

शेफाली जरीवाला की क्या इंजेक्शन लगवाने से हुई मौत:पति पराग बोले- इंसान को जवान रखने वाला इंजेक्शन होता, तो रतन टाटा जिंदा होते

एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला की मौत को लेकर सोशल मीडिया पर किए गए इंजेक्शन संबंधी दावों पर उनके पति पराग त्यागी ने प्रतिक्रिया देते हुए इन अफवाहों को खारिज किया और लोगों से गलत जानकारी फैलाना बंद करने की अपील की। ‘कांटा लगा गर्ल’ के नाम से मशहूर एक्ट्रेस शेफाली जरीवाला का मुंबई में 27 जून 2025 को निधन हुआ था।उनके निधन के बाद सोशल मीडिया पर उनकी मौत को लेकर कई तरह के दावे किए जा रहे थे। इनमें कहा गया था कि किसी इंजेक्शन की वजह से उनकी मौत हुई। हम लोग बिल्कुल नॉर्मल खाना खाते थे: पराग फिल्मीज्ञान से बातचीत में पराग ने कहा, ‘हम लोग बिल्कुल नॉर्मल खाना खाते थे। नूडल्स से लेकर आइसक्रीम तक सब कुछ खाते थे। शेफाली भी हफ्ते में एक-दो बार आइसक्रीम खाती थीं। घर में दाल, सब्जी, रोटी और कार्बोहाइड्रेट वाली चीजें सब बनती थीं। बस प्रोटीन थोड़ा ज्यादा रहता था।’ पराग ने कहा, ‘वो अपनी पूरी लाइफ में इस पॉइंट पर सबसे ज्यादा फिट थीं।’ उन्होंने इंजेक्शन संबंधी दावों पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘मुझे नहीं पता कौन हमारे घर में आकर देख के गया है या किसने ये सब बता दिया।’ शेफाली नेचुरल ब्यूटी थीं: पराग त्यागी गोरा होने वाले इंजेक्शन की अफवाहों पर पराग ने कहा, ‘उनको ( शेफाली) और गोरे होने की क्या जरूरत थी? वो नेचुरल ब्यूटी थीं।’ वहीं, यंग दिखने वाले इंजेक्शन की बात पर उन्होंने कहा, ‘अगर यंग होने के इंजेक्शन आते हैं तो मुझे भी बता दो। आप भी ले लेना, अपने पैरेंट्स को भी लगवा देना।’ उन्होंने आगे कहा, ‘अगर ऐसा कोई इंजेक्शन होता जो इंसान को हमेशा जवान रखता, तो शायद रतन टाटा जी आज जिंदा होते।’ अफवाहों पर नाराजगी जताते हुए पराग ने कहा, ‘दोस्तों प्लीज दिखावे पर मत जाओ, अपनी अकल लगाओ। आज व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी और सोशल मीडिया पर लोग कुछ भी पढ़ लेते हैं, लेकिन उसके बारे में रिसर्च नहीं करते। नेगेटिव चीजें लोगों को बहुत जल्दी बिकती हैं।’ उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा, ‘बस मैं सबसे रिक्वेस्ट करना चाहूंगा, ऐसा मत करो।’

Raw Mango Benefits: गर्मी में कच्चा आम खाने के फायदे, सेवन का सही तरीका

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आम का सीजन है. मार्केट में पके आम आने से पहले छोटे-छोटे आम के टिकोले यानी कच्चे आम खूब मिलने लगते हैं. ये पूरी तरह बढ़े और पके बिना ही पेड़ से टूट कर गिर जाते हैं, जिसे आम के टिकोले कहते हैं. स्वाद में बेहद खट्टा कच्चा आम हरा, सख्त होता है. मुख्य रूप से इससे आम की खट्टी-मिठी, तीखी चटनी बनाई जाती है. आम पन्ना बनाकर पिया जाता है. कच्चे आम से बना अचार तो खाकर मजा ही जाता है. गर्मियों के मौसम में सिर्फ पके ही नहीं कच्चे आम भी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद होता है. कच्चे आम (Mango) में पोषक तत्व कच्चे आम में मुख्य रूप से विटामिन C, विटामिन A (बीटा-कैरोटीन), विटामिन B ग्रुप जैसे बी1, बी2, बी3, फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम, एंटीऑक्सीडेंट्स आदि होते हैं. कच्चे आम में कैलोरी कम होता है, लेकिन पोषण और स्वाद दोनों में समृद्ध होता है. खासकर गर्मियों में यह शरीर को ठंडक और ताजगी देता है. कच्चे आम खाने के फायदे – गर्मियों में हीट स्ट्रोक, लू, सिरदर्द से बचना है तो आप कच्चे आम का सेवन जरूर करें. यह शरीर को हाइड्रेट रखता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. -नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के अनुसार, कच्चे आम के नियमित सेवन से शरीर हाइड्रेटे रहता है. इसमें इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर में पानी का लेवल बनाए रखता है. गर्मी के मौसम में हर समय होने वाली सुस्ती, थकान को दूर करता है. – गर्मी के मौसम में काफी लोगों का पाचन तंत्र खराब रहता है. अपच, कम भूख लगना, गैस, डायरिया आदि बेहद कॉमन हैं. ऐसे में कच्चा आम खाने से पाचन एंजाइम्स एक्टिव होते हैं. इससे खाना जल्दी और आसानी से पच जाता है. आंतें भी हेल्दी रहती हैं. – इसमें मौजूद फाइबर और कुछ प्राकृतिक एसिड पाचन को बेहतर बनाते हैं और कब्ज की समस्या कम करते हैं. -कच्चे आम में विटामिन सी भरपूर होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है. इससे आप सीजनल बीमारियों से बचे रह सकते हैं. शरीर इंफेक्शन से लड़ता है. -इसमें मौजूद फाइबर और कुछ प्राकृतिक एसिड पाचन को बेहतर बनाते हैं और कब्ज की समस्या कम करते हैं. इससे पेट साफ रहता है. – कच्चा आम धीरे-धीरे पचता है, जिससे शरीर में अचानक ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से रोकता है. ऐसे में डायबिटीज होने पर इसका सेवन तो करें, लेकिन मात्रा का ख्याल भी जरूर रखें. – हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल होना आपके हार्ट के लिए सही नहीं है. इससे हार्ट डिजीज होने का जोखिम बढ़ जाता है. कच्चे आम में मौजूद फाइबर कोलेस्ट्रॉल के लेवल को कंट्रोल करने में सहायक है. इससे आपका हार्ट हेल्दी रहता है. -आंतों को स्वस्थ रखने में कारगर है, क्योंकि इसमें प्रीबायोटिक्स गुड बैक्टीरिया होते हैं. इससे आंतें हेल्दी रहती हैं इम्युनिटी भी मजबूत होती है. नोट- अधिक मात्रा में एक दिन में सेवन न करें. खासकर, वे लोग, जिन्हें गैस की समस्या रहती हो. प्रेग्नेंट लेडी और किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्ति डॉक्टर या न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह जरूर लें, उसके बाद ही इसका सेवन करें.

बंगाल सरकार में शामिल बीजेपी के मंत्री अग्निमित्रा पॉल का बड़ा बयान, कहा- ‘अब महिलाएं हर समय…’

बंगाल सरकार में शामिल बीजेपी के मंत्री अग्निमित्रा पॉल का बड़ा बयान, कहा- 'अब महिलाएं हर समय...'

पश्चिम बंगाल की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करती है कि महिलाएं कहीं भी समय-समय पर बेखौफ रहें और उनके द्वारा दर्ज की गई महिलाओं पर पुलिस से अनिवार्य कार्रवाई करें। पॉल ने विधानसभा में शपथ लेने के बाद रविवार को रविवार को कहा कि सुरक्षा सुनिश्चित करने और तख्तापलट पर कब्जा करने के मकसद से जल्द ही सभी नगर में सबसे पहले निगरानी शुरू की जाएगी। उन्होंने दुर्गापुर मेडिकल कॉलेज लाइसेंस मामले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कथित शिकायत का स्पष्ट संदर्भ देते हुए कहा, ”किसी (पिछली सरकार) द्वारा दी गई सिफारिशों के विपरीत, हर महिला को किसी भी समय बाहर रहने का अधिकार होना चाहिए।” उन्हें अपनी इच्छानुसार कहीं भी जाने से नहीं रोका जा सकता। अगर महिलाएं पूछें कि वे रात आठ बजे के बाद बाहर क्यों जाएं, तो यह सराहना है”। महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा, “महिलाओं को जब तन्हाई, जहां तहां रहने की आजादी मिलनी चाहिए। सरकार इसे सुनिश्चित करती है। महिलाओं को ‘जीरो’ जारी करने के लिए पंजीकरण कराया जा सकता है और उनकी याचिका को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकार किया जाना चाहिए और उस पर कार्रवाई की जानी चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि हावड़ा और दुर्गापुर नगर निगमों का चुनाव जल्द ही होगा। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल राजनीति: बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने पहले दिन ही लिया ये बड़ा फैसला, ममता बनर्जी ने लगाई थी रोक यह दावा करते हुए कि अवैध ‘टोल प्लाजा’ की अनुमति नहीं दी जाएगी, पॉल ने आरोप लगाया कि ”तृणमूल कांग्रेस के कैथोलिक” ने बांस के अवरोधों को रोककर ऐसे ‘टोल पॉइंट’ स्थापित किए थे, जिन्हें अब हटा दिया गया है। उन्होंने कहा, “नदियों के अपराधियों से अवैध रूप से कोयला खनन और कोयला उत्पादक क्षेत्रों में अवैध रूप से कोयला खनन आदि के उपकरण भी बंद किए गए हैं। इस तरह के अतिक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं और कदम उठाए गए हैं।” और पढ़ें: पश्चिम बंगाल: बंगाल में महिलाओं के लिए मिलेंगे 3000 रुपये, बस यात्रा भी होगी फ्री, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला

Delhi Bus Gang Rape | Bihar Woman Brutally Assaulted for 2 Hours; Driver-Conductor Arrested

Delhi Bus Gang Rape | Bihar Woman Brutally Assaulted for 2 Hours; Driver-Conductor Arrested

दिल्ली में फिर निर्भया जैसा कांड हुआ है, जहां एक चलती स्लीपर बस में महिला से दो घंटे दरिंदगी हुई। फिर सड़क पर फेंक कर भाग गए। जिस प्राइवेट बस में वारदात हुई वो बिहार की है। जो दिल्ली से बिहार के रूट पर चलती है। . पीड़ित महिला ने घटना की सूचना पुलिस को दी तब पुलिस ने मामले में एक्शन लिया और घटना से जुड़े दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। सिलसिलेवार तरीके से जानिए कैसे हुई पूरी वारदात… चलती बस में महिला को खींचा 11 मई की रात को महिला रोज़ की तरह काम करके अपने घर लौट रही थी, तभी सरस्वती विहार के बस स्टॉप पर एक स्लीपर बस आकर रुकी। बताया जाता है कि महिला ने बस के दरवाजे पर खड़े एक व्यक्ति से समय पूछा, उसने समय बताने की बजाए महिला को जबरन अंदर खींच लिया। जिसके बाद आरोपी फिर बस को नांगलोई की ओर ले गए, जहां कथित तौर पर यौन उत्पीड़न हुआ। चलती बस में दो लोगों ने बारी-बारी से महिला के साथ दुष्कर्म किया। जिस चलती बस में महिला से गैंगरेप हुआ वो बिहार की है। बस का ड्राइवर-कंडक्टर गिरफ्तार पुलिस की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता को रानी बाग इलाके से बस में जबरन बैठाया गया था। फिर आरोपी उसे नांगलोई के इलाके में ले गए और वहां जाकर उसके साथ रेप किया। घटना को लेकर दिल्ली पुलिस ने रानी बाग पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला के साथ गैंगरेप की ये वारदात 2 दिन पहले हुई है। पीड़िता महिला शादीशुदा है और उसके 3 बच्चे हैं। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल करवाने के बाद FIR दर्ज की है। पुलिस ने महिला की शिकायत पर मामला दर्ज किया है और उसके बाद फौरन एक्शन लेते हुए बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई बस को भी जब्त किया है। दिल्ली पुलिस ने रानी बाग पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया है। बस जब्त कर ली गई है। गोपालगंज RTO में रजिस्टर्ड है बस वारदात में इस्तेमाल बस का नंबर BR-28P 3949 है, जो बिहार के गोपालगंज RTO में रजिस्टर्ड है। और रॉयल ट्रैवल्स एंड कारगो कंपनी द्वारा संचालित की जाती है। यह बस दिल्ली-बिहार रूट पर चलती है। दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर बस को जब्त कर लिया है। पुलिस ने बस के ड्राइवर (उमेश) और हेल्पर (रामेंद्र) को गिरफ्तार कर लिया है। 14 साल बाद फिर निर्भया जैैसा कांड यह घटना 2012 के दिल्ली बस गैंगरेप मामले की याद दिलाती है, जिसमें 23 साल की पैरामेडिक छात्रा, जिसे बाद में निर्भया के नाम से जाना गया, के साथ 16-17 दिसंबर की रात को दक्षिण दिल्ली में चलती बस के अंदर छह लोगों ने बेरहमी से बलात्कार किया था। उसे बाद में सड़क पर फेंक दिया गया था। बाद में 29 दिसंबर को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में चोटों के कारण उसकी मृत्यु हो गई। ———- इसे भी पढ़ेंः प्राइवेट पार्ट में खून, 3 उंगलियां काटीं; पसलियां तोड़ीं:मुजफ्फरपुर में 2 बच्चियों की रेप के बाद मर्डर की आशंका; पुलिस की थ्योरी-डूबने से मौत मुजफ्फरपुर में 11 मई को लापता बहनों की लाश बुधवार(13 मई) को ईंट भट्ठे के पास मिली थी। मौत कैसे हुई इसको लेकर अभी जांच चल रही है। लेकिन परिवार वालों का दावा है कि बच्चियों के साथ रेप करने के बाद उनकी बेरहमी से हत्या की गई है। मृतकों की उम्र 7 और 12 साल है। वहीं, पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टर्स के मुताबिक हत्या 11 मई को ही की गई है। पूरी खबर पढ़ें।

पश्चिम बंगाल राजनीति: बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही कर दिया ये बड़ा फैसला, ममता बनर्जी ने रखी थी रोक

पश्चिम बंगाल राजनीति: बंगाल के नए सीएम सुवेंदु अधिकारी ने पहले ही कर दिया ये बड़ा फैसला, ममता बनर्जी ने रखी थी रोक

पश्चिम बंगाल में सेना को जमीन पर उतारने के मामले में भाजपा ने अर्थव्यवस्था पर आधारित आधार तैयार किया है। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने बताया कि सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बोर्डिंग को मंजूरी दे दी है, जबकि ममता सरकार ने इस पर रोक लगा रखी थी। पश्चिम बंगाल सरकार में मंत्री दिलीप घोष ने कहा, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बार-बार सरकार से जमीन लेने की अपील की। अमित शाह ने 500-600 किलोमीटर पाइपलाइन लगवाने का प्रयास किया था, अब भी 300-400 किलोमीटर जमीन है। हमारी सरकार ने पहले दिन ही अपना लाइसेंस दे दिया। 45 दिन में जमीन उपलब्ध करायी जायेगी. सिद्धांत से बातचीत चल रही है। जहां बाड़े का काम बंद था, कल से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने एलएलसी को जमीन नहीं दी थी, जिसकी वजह से सीमा की स्थिति बहुत खराब है। सुवेंदु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बने सबसे पहले ही दिन में भुगतान बंद के लिए मंजूरी दे दी है। अब बंदी बनने के बाद पड़ोसी देश के लिए छिपकर बंगाल नहीं आएगा और पश्चिम बंगाल में शांति बनी रहेगी। और पढ़ें: पश्चिम बंगाल: बंगाल में महिलाओं के लिए मिलेंगे 3000 रुपये, बस यात्रा भी होगी फ्री, शुभेंदु सरकार का बड़ा फैसला निरोधात्मक कार्रवाई की तैयारी दिलीप घोष ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के साथ जमीन को लेकर कई बैठकें कीं और समर्थन पहले ही दिन दे दिया था, उसके बाद भी सरकार ने कुछ नहीं किया। पश्चिम बंगाल सरकार उन सभी राज्यों को बंद कर देगी जो पड़ोसी देश के लोग गलत तरीके से भारत में प्रवेश कर रहे हैं। गुणवत्ता विश्लेषण सख्त करने की मांग देश में लगातार खाने-पीने के उत्पाद सामान के मंत्री दिलीप घोष ने कहा, “कीमतें समय-समय पर दी जाती हैं, लेकिन गुणवत्ता की भी जांच होनी चाहिए। दूध की गुणवत्ता को लेकर कई पिज्जा मिल रही हैं और इसकी ठीक से जांच नहीं की जा रही है। इसमें कई तरह के रसायन मिलाए जा रहे हैं। यह स्वास्थ्य से जुड़ा है, गुणवत्ता और मात्रा दोनों को ही ठीक से रखा जाना चाहिए। सरकार को भी इस मामले पर ध्यान देना चाहिए।” और पढ़ें: दिलीप घोष को ग्रामीण विकास, अग्निमित्रा को महिला कल्याण… शुभेंदु गर्भ में जानें किसे कौन सा मंत्रालय (टैग्सटूट्रांसलेट)सुवेंदु अधिकारी(टी)पश्चिम बंगाल(टी)दिलीप घोष

CM Vijay Supporters Sacked; Chennai Police Deployed AIADMK headquarter

CM Vijay Supporters Sacked; Chennai Police Deployed AIADMK headquarter

Hindi News National Tamil Nadu AIADMK Rift: CM Vijay Supporters Sacked; Chennai Police Deployed AIADMK Headquarter चेन्नई22 मिनट पहले कॉपी लिंक तमिलनाडु की तीसरी सबसे बड़ी पार्टी AIADMK की अंदरूनी फूट खुलकर सामने आ गई है। एक गुट पार्टी के महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी का है, जबकि दूसरा बागी गुट षणमुगम और वेलुमणि में बंट गया है। तमिलनाडु विधानसभा में विजय सरकार के फ्लोर टेस्ट में TVK की सीटों की संख्या बढ़कर 144 हो गई। बागी खेमे से जुड़े AIADMK के 25 विधायकों ने CM विजय के पक्ष में क्रॉस-वोट किया। इसके बाद पलानीस्वामी ने षणमुगम और वेलुमणि को पार्टी में उनके पदों से हटा दिया। पलानीस्वामी ने दलबदल विरोधी कानून के तहत विधायकों को अयोग्य घोषित करने के लिए आवेदन किया है। AIADMK के कार्यकर्ता आज सुबह से ही पलानीस्वामी के घर समर्थन देने के लिए जुटने लगे हैं। इस पूरे घटनाक्रम को देखते हुए चेन्नई में पार्टी हेडक्वॉर्टर के बाहर बड़ी तादाद में पुलिस तैनात कर दी गई। इसे एहतियात के तौर पर देखा जा रहा है। दरअसल, 2022 में विरोधी गुटों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। तब पन्नीरसेल्व और पलानीस्वामी के समर्थकों ने दौरान पार्टी परिसर में तोड़फोड़ की थी। विधायकों की अयोग्यता के लिए विधानसभा अध्यक्ष को आवेदन देंगे AIADMK सूत्रों के अनुसार पलानीस्वामी अपने पार्टी विधायकों और वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक करेंगे। इसमें भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। AIADMK के एक सीनियर नेता के मुताबिक पार्टी के वकील आईएस इनबादुराई भी विधानसभा अध्यक्ष JCD प्रभाकर से मुलाकात कर सकते हैं, ताकि बागी विधायकों को अयोग्य घोषित करने की मांग करते हुए एक औपचारिक शिकायत दर्ज कराई जा सके। दलबदल विरोधी कानून लागू होता है तो बागी विधायकों को विधायक पद से भी अयोग्य घोषित किया जा सकता है, जिसके चलते सभी 24 सीटों पर उपचुनाव कराना पड़ सकता है। षणमुगम बोले- महासचिव सीधे व्हिप की नियुक्ति नहीं कर सकते इधर, षणमुगम गुट ने विद्रोही समूह ने अपना रुख कड़ा कर लिया है और उनका तर्क है कि नव निर्वाचित विधायकों से व्हिप की नियुक्ति को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई थी। इसलिए नियुक्ति अवैध थी और व्हिप का पालन करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। षणमुगम ने कहा कि महासचिव सीधे तौर पर व्हिप नियुक्त नहीं कर सकते। विधायकों की बैठक में विधानसभा नेता, उप विधानसभा नेता और व्हिप का चुनाव होगा। यही कानून है। लेकिन ईपीएस का कहना है कि उन्होंने व्हिप नियुक्त किया है। वे व्हिप नियुक्त नहीं कर सकते। पलानीस्वामी ने एग्री कृष्णमूर्ति को व्हिप नियुक्त किया है, जिन्हें नए स्पीकर से भी मान्यता मिलनी चाहिए। 2022 में लीडरशिप को लेकर झगड़े थे पन्नीरसेल्वम और पलानीस्वामी गुट AIADMK की अंदरूनी लड़ाई के दौरान चेन्नई में पार्टी मुख्यालय पर हिंसक झड़प, पत्थरबाजी, तोड़फोड़ और पुलिस कार्रवाई तक की नौबत आ गई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 11 जुलाई 2022 को पार्टी में सिंगल लीडरशिप हो या नहीं, इसे लेकर ही पूरा विवाद हुआ था। EPS को पार्टी का मुख्य नेता बनाया जाए या OPS को बराबर भूमिका मिले। आखिरकार EPS गुट मजबूत होकर उभरा और OPS को पार्टी से बाहर कर दिया गया। हिंसा और तोड़फोड़ के बाद तमिलनाडु प्रशासन ने AIADMK मुख्यालय को सील कर दिया था। साथ ही पुलिस तैनात की थी। EPS गुट ने आरोप लगाया कि OPS समर्थकों ने जयललिता के कमरे का ताला तोड़ा और कुछ दस्तावेज ले गए। इसे लेकर दोनों गुटों के समर्थकों ने पत्थरबाजी की, एक-दूसरे पर डंडों और लोहे की रॉड से हमला किया। वाहनों में तोड़फोड़ की। इन झड़पों में कई लोग घायल हुए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

खेत में सांप काट ले तो सबसे पहले क्या करें? यहां जानिए वो तरीका जो बचा सकता है आपकी जान

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फरीदाबाद: खेत में रात का समय… चारों तरफ अंधेरा… किसान फसल की सिंचाई कर रहा होता है. तभी अचानक पैर के पास कुछ हलचल होती है और पता चलता है कि सांप ने काट लिया. ऐसे समय में अक्सर लोग घबरा जाते हैं. कोई रस्सी बांध देता है कोई जहर चूसने लगता है तो कोई झाड़-फूंक करवाने के लिए दौड़ पड़ता है. लेकिन यही घबराहट कई बार मरीज की हालत और बिगाड़ देती है. फरीदाबाद जैसे इलाकों में जहां गांवों और खेतों के आसपास कोबरा और करैत जैसे जहरीले सांप पाए जाते हैं वहां सही जानकारी होना बेहद जरूरी है. लोकल18 से बातचीत में फरीदाबाद के सर्वोदय हॉस्पिटल के डॉक्टर सुमित आपातकालीन एवं ट्रॉमा प्रबंधन विभाग के प्रभारी बताते हैं सांप काटने के बाद सबसे जरूरी चीज घबराना नहीं बल्कि मरीज को तुरंत अस्पताल पहुंचाना है. हर बार सांप काटने पर जहर शरीर में जाए ऐसा जरूरी नहीं होता. कई बार ड्राई बाइट होती है यानी सांप काटता है लेकिन जहर नहीं छोड़ता. वहीं कई बार सांप जहर भी इंजेक्ट कर देता है. ऐसी स्थिति में मरीज खुद यह तय नहीं कर सकता कि जहर गया है या नहीं इसलिए तुरंत डॉक्टर के पास जाना जरूरी है. सांप के काटने पर क्या न करें डॉक्टर सुमित बताते हैं गांवों में लोग अक्सर कई गलतियां कर बैठते हैं. कोई काटी हुई जगह पर कपड़ा या रस्सी कसकर बांध देता है तो कोई मुंह से खून चूसकर जहर निकालने की कोशिश करता है. कुछ लोग ब्लेड से काटकर खून निकालने लगते हैं. यह सब बिल्कुल गलत है और जानलेवा भी हो सकता है. डॉक्टर सुमित बताते हैं जहां सांप ने काटा है वहां मुंह से खून चूसने या ब्लेड से काटने से कोई फायदा नहीं होता. यह सिर्फ फिल्मों और पुराने मिथकों में दिखाया जाता है. कई बार लोग सोचते हैं कि रस्सी या कपड़ा कसकर बांध देंगे तो जहर ऊपर नहीं चढ़ेगा जबकि हकीकत इसके उलट है. ज्यादा टाइट बांधने से खून का संचार रुक जाता है और अस्पताल में खोलने के बाद शरीर को और नुकसान पहुंच सकता है. झाड़-फूंक से कभी सांप का जहर नहीं उतरता डॉक्टर सुमित बताते हैं झाड़-फूंक से कभी सांप का जहर नहीं उतरता. गांवों में आज भी कई लोग मरीज को अस्पताल ले जाने की बजाय झाड़-फूंक कराने ले जाते हैं जिससे इलाज में देरी हो जाती है. जितनी जल्दी मरीज अस्पताल पहुंचेगा उतनी जल्दी एंटी-वेनम देकर उसकी जान बचाई जा सकती है. कोबरा और करैत जैसे सांप जहरीले डॉक्टर सुमित बताते हैं बरसात के मौसम में फरीदाबाद में सांप काटने के मामले ज्यादा आते हैं. उस समय सांप अपने बिलों से बाहर निकल आते हैं. यहां सबसे ज्यादा कोबरा और करैत जैसे जहरीले सांप पाए जाते हैं. अगर इन सांपों ने जहर छोड़ दिया, तो कुछ घंटों के भीतर मरीज की जान भी जा सकती है अगर समय पर इलाज न मिले. कब दिया जाता है एंटी-वेनम डॉक्टर सुमित बताते हैं अस्पताल पहुंचने के बाद सबसे पहले हम मरीज की जांच करते हैं. कई बार शरीर पर सांप काटने के निशान होते हैं, लेकिन जहर के कोई लक्षण नहीं दिखते. ऐसी स्थिति को ड्राई बाइट कहा जाता है और उसमें एंटी-वेनम की जरूरत नहीं पड़ती, लेकिन अगर मरीज में जहर के लक्षण दिखने लगें तो तुरंत एंटी-वेनम दिया जाता है. इलाज में देरी से ज्यादा नुकसान ज्यादातर मरीज दो से चार दिनों में ठीक हो जाते हैं. लेकिन अगर इलाज में देरी हो जाए तो जहर शरीर के दूसरे अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है. कई बार मरीज को वेंटिलेटर तक की जरूरत पड़ जाती है. किडनी खराब होना ब्लीडिंग होना या शरीर के अन्य अंग प्रभावित होना जैसी दिक्कतें भी हो सकती हैं. डॉक्टर सुमित बताते हैं कई बार सांप काटने के तुरंत बाद लक्षण नहीं आते. कुछ मरीजों में दो से तीन दिन बाद भी असर दिखाई देता है. इसी वजह से ऐसे मरीजों को अस्पताल में निगरानी में रखा जाता है. गांवों में एक और अंधविश्वास देखने को मिलता है. कई लोग मानते हैं कि अगर सांप काटने से किसी की मौत हो जाए तो शव को जलाने की बजाय गंगा में बहा देने से वह जिंदा हो सकता है. इस पर डॉक्टर सुमित बताते हैं यह पूरी तरह मिथक है. अगर किसी व्यक्ति की मौत हो चुकी है तो पानी में डालने से वह जिंदा नहीं होगा. क्या सांप को मार देने से जहर नहीं चढ़ता डॉक्टर सुमित बताते हैं कई लोग सांप काटने के बाद मरीज को अस्पताल ले जाने की बजाय पहले सांप को मारने में लग जाते हैं. लोगों को लगता है कि सांप को मार देंगे तो जहर नहीं चढ़ेगा. यह बिल्कुल गलत सोच है. मरीज को छोड़कर सांप के पीछे भागने में समय बर्बाद होता है और यही देरी जानलेवा साबित हो सकती है. मरीज के लक्षण देखकर शुरू होता है इलाज डॉक्टर सुमित बताते हैं सांप को देखकर यह समझने में मदद मिल सकती है कि वह जहरीला था या नहीं लेकिन इसके लिए अपनी जान जोखिम में डालने की जरूरत नहीं है. डॉक्टर मरीज के लक्षण देखकर भी इलाज शुरू कर देते हैं. सांप काटने पर सबसे पहले मरीज को शांत रखें और बिना समय गंवाए तुरंत अस्पताल पहुंचाएं.

देवास की पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट:8 से 10 लोगों की मौत की सूचना, चश्मदीद बोले- मकान हिल गए, पतंग की तरह उड़ रहे थे लोग

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देवास जिले के टोंक कलां क्षेत्र स्थित एक पटाखा फैक्ट्री में गुरुवार सुबह 11.30 बजे अचानक धमाका हो गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, हादसे में आठ से 10 लोगों की मौत और कई लोगों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद कंपनी परिसर में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और राहत टीम मौके के लिए रवाना हुई। बताया जा रहा है कि धमाके में घायल हुए सभी लोगों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा जा रहा है। मौतों, घायलों की स्थिति और धमाके के कारणों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। देखिए हादसे की 4 तस्वीरें… खबर के मिनट टु मिनट अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…