Mumbai Fake Registry Scam | Actor Javed Jaffris Wife 16 Cr Cheated, BMC Officer Arrested

16 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से हुई 16.24 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में बीएमसी (BMC) के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। आरोपियों ने टैक्स सेटलमेंट और इन्वेस्टमेंट के नाम पर जाफरी परिवार को अपनी साजिश में फंसाया। बीएमसी नोटिस से हुई ठगी की शुरुआत ठगी की शुरुआत अप्रैल 2024 में हुई। हबीबा जाफरी को उनके अंधेरी स्थित बंगले का प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए बीएमसी से एक नोटिस मिला। इसी दौरान एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात बीएमसी जी-साउथ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल से हुई। पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिया और फिर उन्हें बांद्रा (पश्चिम) के ‘न्यू कमलकुंज’ कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश करने का लालच दिया। जावेद के तीन बच्चे हैं। बेटी अलाविया के अलावा उनके दो बेटे मीजान और अब्बास जाफरी हैं। भरोसा जीतने के लिए दिखाईं फर्जी रिपोर्ट्स असिस्टेंट कमिश्नर ने हबीबा की मुलाकात कारोबारी निशित पटेल से कराई। निशित ने खुद को बड़े बिल्डरों का पार्टनर बताया और दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में पहले से 150 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। जाफरी परिवार का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने घर जाकर नक्शे, फर्जी लेटरहेड और विदेशी बैंकों के साथ प्री-लीज एग्रीमेंट के कागजात दिखाए। उन्होंने वादा किया कि दिसंबर 2025 तक उन्हें कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा। घर पर की फर्जी रजिस्ट्री साजिश को असली दिखाने के लिए आरोपी रूपेश, देवेंद्र पडवल और उनके साथी सरकारी मशीनों जैसी डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने घर पर ही हबीबा के फोटो, फिंगरप्रिंट और हस्ताक्षर लिए और दावा किया कि सरकारी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बाद में उन्हें दस्तावेजों की फोटोकॉपी थमा दी गई। जब असली कागजात मांगे गए, तो बिल्डर के पास होने का बहाना बनाया गया। फ्लैट और बंगला बेचकर जुटाए 16.24 करोड़ आरोपियों के झांसे में आकर जावेद जाफरी, उनकी पत्नी हबीबा और भाई नावेद जाफरी ने अपनी संपत्तियां बेचकर पैसा जुटाया। पुलिस के मुताबिक, यह रकम पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स और एशियन फूड जैसी शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई। कुल 16.24 करोड़ की ठगी में कैश के अलावा विदेशी करेंसी और एक लग्जरी घड़ी भी शामिल है। निशित 19 मई तक पुलिस रिमांड पर धोखाधड़ी का अहसास होने पर हबीबा जाफरी ने खार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने निशित पटेल को पकड़ लिया। निशित ने पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात कबूल ली है। कोर्ट ने उसे 19 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब फरार चल रहे असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Mumbai Fake Registry Scam | Actor Javed Jaffris Wife 16 Cr Cheated, BMC Officer Arrested

32 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई क्राइम ब्रांच की प्रॉपर्टी सेल ने बॉलीवुड एक्टर जावेद जाफरी की पत्नी हबीबा जाफरी से हुई 16.24 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल केस में बीएमसी (BMC) के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल समेत 6 लोगों के खिलाफ केस दर्ज हुआ है। आरोपियों ने टैक्स सेटलमेंट और इन्वेस्टमेंट के नाम पर जाफरी परिवार को अपनी साजिश में फंसाया। बीएमसी नोटिस से हुई ठगी की शुरुआत ठगी की शुरुआत अप्रैल 2024 में हुई। हबीबा जाफरी को उनके अंधेरी स्थित बंगले का प्रॉपर्टी टैक्स भरने के लिए बीएमसी से एक नोटिस मिला। इसी दौरान एक परिचित के जरिए उनकी मुलाकात बीएमसी जी-साउथ वार्ड के असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल से हुई। पाटिल ने पहले टैक्स सेटलमेंट का भरोसा दिया और फिर उन्हें बांद्रा (पश्चिम) के ‘न्यू कमलकुंज’ कमर्शियल प्रोजेक्ट में निवेश करने का लालच दिया। जावेद के तीन बच्चे हैं। बेटी अलाविया के अलावा उनके दो बेटे मीजान और अब्बास जाफरी हैं। भरोसा जीतने के लिए दिखाईं फर्जी रिपोर्ट्स असिस्टेंट कमिश्नर ने हबीबा की मुलाकात कारोबारी निशित पटेल से कराई। निशित ने खुद को बड़े बिल्डरों का पार्टनर बताया और दावा किया कि इस प्रोजेक्ट में पहले से 150 करोड़ रुपए का निवेश हो चुका है। जाफरी परिवार का भरोसा जीतने के लिए आरोपियों ने घर जाकर नक्शे, फर्जी लेटरहेड और विदेशी बैंकों के साथ प्री-लीज एग्रीमेंट के कागजात दिखाए। उन्होंने वादा किया कि दिसंबर 2025 तक उन्हें कमर्शियल स्पेस का कब्जा मिल जाएगा। घर पर की फर्जी रजिस्ट्री साजिश को असली दिखाने के लिए आरोपी रूपेश, देवेंद्र पडवल और उनके साथी सरकारी मशीनों जैसी डिवाइस लेकर जाफरी परिवार के घर पहुंचे। उन्होंने घर पर ही हबीबा के फोटो, फिंगरप्रिंट और हस्ताक्षर लिए और दावा किया कि सरकारी रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हो गई है। बाद में उन्हें दस्तावेजों की फोटोकॉपी थमा दी गई। जब असली कागजात मांगे गए, तो बिल्डर के पास होने का बहाना बनाया गया। फ्लैट और बंगला बेचकर जुटाए 16.24 करोड़ आरोपियों के झांसे में आकर जावेद जाफरी, उनकी पत्नी हबीबा और भाई नावेद जाफरी ने अपनी संपत्तियां बेचकर पैसा जुटाया। पुलिस के मुताबिक, यह रकम पूजन टेक्नोलॉजीज, उदित ट्रेडर्स और एशियन फूड जैसी शेल कंपनियों के खातों में ट्रांसफर की गई। कुल 16.24 करोड़ की ठगी में कैश के अलावा विदेशी करेंसी और एक लग्जरी घड़ी भी शामिल है। निशित 19 मई तक पुलिस रिमांड पर धोखाधड़ी का अहसास होने पर हबीबा जाफरी ने खार पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। जांच के बाद क्राइम ब्रांच ने निशित पटेल को पकड़ लिया। निशित ने पूछताछ में फर्जी दस्तावेज तैयार करने की बात कबूल ली है। कोर्ट ने उसे 19 मई तक पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस अब फरार चल रहे असिस्टेंट कमिश्नर महेश पाटिल और अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Airfare Hike Case; Supreme Court Vs Airlines Ticket Price Regulations

Hindi News National Airfare Hike Case; Supreme Court Vs Airlines Ticket Price Regulations | Tushar Mehta 2 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही दिन, एक ही सेक्टर में उड़ान भरने वाली एक एयरलाइन कुछ अलग हवाई किराया लेती है जबकि दूसरी एयरलाइनल अलग किराया लेती है। इसे सही किया जाना चाहिए। जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने केंद्र सरकार से यात्रियों को राहत देने को कहा। इस पर केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सरकार इस समस्या पर बहस नहीं कर रही है। इस मुद्दे को बिना किसी विरोध के मान रही है। 2024 का एक नया कानून लागू हो गया है और उससे जुड़े नियमों पर सलाह-मशविरा चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन की दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। उन्होंने मांग की कि देश में एक मजबूत और स्वतंत्र रेगुलेटर बनाया जाए, जो एयरलाइनों के किराए और एक्स्ट्रा चार्जेस पर निगरानी रखे। बेंच ने मामले की सुनवाई 13 जुलाई को तय की। याचिकाकर्ता का दावा- नियम पहले, पालन नहीं हो रहा लक्ष्मीनारायणन के वकील रवींद्र श्रीवास्तव ने कहा कि एयरक्राफ्ट एक्ट 1937 के तहत नियम पहले से ही हैं लेकिन समस्या यह है कि पालन नहीं किया गया। जब तक नए नियम नहीं बन जाते, पुराने नियम जारी रहेंगे। साथ ही कहा गया है कि अगर DGCA को लगता है कि किसी खास स्थिति में, एयरलाइंस बहुत ज्यादा किराया वसूल रही हैं, तो वह निर्देश जारी करेगा। बेंच ने श्रीवास्तव से केंद्र के फाइल किए गए काउंटर-एफिडेविट का जवाब देने को कहा और सॉलिसिटर जनरल की यह बात रिकॉर्ड की कि नई व्यवस्था के तहत नियम बनाने के लिए कंसल्टेशन प्रोसेस चल रहा है। 30 अप्रैल की सुनवाई में सरकार को फटकार लगाई थी इससे पहले 30 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एक पिटीशन पर एफिडेविट फाइल न करने के लिए केंद्र की खिंचाई की थी, जिसमें भारत में प्राइवेट एयरलाइन्स के हवाई किराए और सहायक चार्ज में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने के लिए रेगुलेटरी गाइडलाइंस की मांग की गई थी। कोर्ट ने केंद्र से एक एफिडेविट के साथ एक एप्लिकेशन फाइल करने को कहा था, जिसमें यह बताने के निर्देश दिए गए थे कि एफिडेविट फाइल क्यों नहीं किया गया है। इसके लिए और समय क्यों मांगा गया है। अनियमित हवाई किराए पर पहले भी फटकार लगा चुका सुप्रीम कोर्ट 23 फरवरी 2026: त्योहारों में हवाई किराया बढ़ाने पर जवाब मांगा था- सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में त्योहारों और इमरजेंसी हालातों में प्राइवेट एयरलाइंस के हवाई किराए बढ़ाने को लेकर चिंता जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि यह एक बहुत गंभीर चिंता का विषय है। वरना, हम 32 पिटीशन पर विचार नहीं करते। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री इस मुद्दे पर विचार कर रही है। पढ़ें पूरी खबर… 17 नवंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, DGCA और AERA से हवाई किराए की मनमानी पर जवाब मांगा- सुप्रीम कोर्ट ने देश में हवाई जहाज के किराए और एक्स्ट्रा टैक्स में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन की जनहित याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार, DGCA और एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
गर्मी में 20 दिन का मेहमान… स्वाद ऐसा कि महिलाएं देखते ही खरीद ले, ठंडक में बड़े फल भी फेल

Last Updated:May 15, 2026, 15:54 IST Falsa Health Benefits: भीषण गर्मी के बीच करौली के बाजारों में इन दिनों फालसा लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. खट्टे-मीठे स्वाद और शरीर को तुरंत ठंडक देने वाला यह फल केवल 15 से 25 दिन के लिए बाजार में आता है. बेहद नाजुक होने के कारण इसे कपड़े से ढंककर बेचा जाता है और यह जल्दी खराब भी हो जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सकों के अनुसार फालसा शरीर में पानी की कमी दूर करने, लू से बचाने और ब्लड शुगर नियंत्रित रखने में मददगार है. सीमित उपलब्धता के कारण इसकी कीमत 240 रुपए किलो तक पहुंच गई है. गर्मी में कुछ दिनों के लिए आने वाला छोटा सा फल फालसा इन दिनों करौली के बाजारों में लोगों को स्वाद के साथ ठंडक का एहसास भी करा रहा है. फालसा बेहद नाजुक फल होता है, इसलिए इसे धूप से बचाने के लिए कपड़े से ढंककर बेचा जाता है. ज्यादा गर्मी सहन नहीं कर पाने के कारण यह एक-दो दिन में ही खराब हो जाता है. यही वजह है कि बाजार में इसकी कीमत भी अधिक रहती है. करौली में ठेले पर फालसा बेच रहे शाहिद खान बताते हैं कि यह फल मुख्य रूप से मई में आता है और केवल 20 से 25 दिन तक ही बाजार में मिलता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. उमेश शर्मा के अनुसार फालसा सिर्फ स्वाद में ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है. इसमें विटामिन-सी, पोटेशियम, आयरन, मैग्नीशियम और कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. यह शरीर में पानी की कमी दूर करने के साथ गर्मी और लू से बचाने में भी मदद करता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए भी इसे लाभकारी माना जाता है, क्योंकि यह ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में सहायक होता है. ज्यादा गर्मी सहन नहीं करने के कारण फालसा एक-दो दिन में ही खराब हो जाता है. यही वजह है कि बाजार में इसकी कीमत काफी ज्यादा रहती है. इसके बावजूद लोग इसे खरीदने के लिए ठेलों पर उमड़ रहे हैं. गर्मी में राहत देने वाला यह फल स्वाद और ठंडक दोनों के लिए पसंद किया जाता है. खासतौर पर महिलाएं इसे बड़े चाव से खरीद रही हैं. फालसा शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ पानी की कमी दूर करने में भी मददगार माना जाता है. सीमित समय के लिए बाजार में आने वाला यह फल इन दिनों करौली में लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मी में राहत देने वाला फालसा खासतौर पर महिलाओं को बेहद पसंद आता है. बाजार में फालसा खरीदने पहुंचे अमित कुमार बताते हैं कि इसका स्वाद खट्टा-मीठा होता है और इसे खाते ही शरीर में तुरंत ठंडक महसूस होती है. उनका कहना है कि गर्मी के दिनों में यह फल किसी प्राकृतिक शरबत से कम नहीं लगता. फालसा शरीर को तरोताजा रखने के साथ गर्मी और लू से राहत देने में भी मदद करता है. यही वजह है कि सीमित समय के लिए बाजार में आने वाला यह फल लोगों की खास पसंद बना हुआ है और इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. भीषण गर्मी के बीच इन दिनों बाजारों में फालसा लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. पूरे साल इंतजार के बाद आने वाला यह छोटा सा फल देखने में बैर जैसा लगता है, लेकिन स्वाद और गुणों में बड़े फलों को भी पीछे छोड़ देता है. खट्टे-मीठे स्वाद वाला फालसा गर्मी में शरीर को ठंडक पहुंचाने के लिए जाना जाता है. खास बात यह है कि यह फल बाजार में केवल 15 से 20 दिन के लिए ही मिलता है, इसलिए लोग इसे खरीदने के लिए उत्साहित नजर आते हैं. सीमित समय के लिए आने वाला यह फल गर्मी में राहत देने वाला प्राकृतिक विकल्प माना जाता है. खट्टे-मीठे स्वाद और शरीर को तुरंत ठंडक देने की वजह से फालसा इन दिनों करौली के लोगों की पहली पसंद बना हुआ है. गर्मी में राहत देने वाला यह फल स्वाद के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. फालसा बेहद नाजुक होता है, इसलिए इसे धूप से बचाने के लिए कपड़े से ढंककर बेचा जाता है. ज्यादा गर्मी पड़ने पर यह जल्दी खराब हो जाता है, जिसके कारण इसकी कीमत भी अधिक रहती है. सीमित समय के लिए बाजार में मिलने वाला यह फल लोगों को खूब आकर्षित कर रहा है और इसकी मांग लगातार बढ़ती जा रही है. करौली में इन दिनों फालसा 60 रुपए पाव यानी करीब 240 रुपए किलो बिक रहा है. व्यापारियों का कहना है कि हर साल इसकी मांग ज्यादा और उपलब्धता कम रहती है, इसलिए इसकी कीमत काफी ऊंची बनी रहती है. यही वजह है कि यह कई बार सेब और अनार जैसे फलों से भी महंगा बिकता है. गर्मी में राहत देने वाले इस फल को लोग स्वाद और ठंडक के लिए पसंद करते हैं. सीमित समय के लिए बाजार में आने के कारण इसकी मांग लगातार बढ़ रही है. इसके बावजूद लोग फालसा खरीदने के लिए बाजारों और ठेलों पर पहुंच रहे हैं. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
IPL 2026 Viewership Record | 1.1 Billion TV Digital Viewers India

मुंबई4 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर IPL का वॉच-टाइम 7% बढ़ा है। जबकि, टीवी पर व्यूअरशिप 500 मिलियन (50 करोड़) के करीब पहुंच गई है। भारतीय लीग के ब्रॉडकास्टर जियोस्टार ने शुक्रवार को TV के 51 और डिजिटल के 57 मैचों के आंकड़े जारी किए। इनमें IPL की डिजिटल ओवरऑल रीच में 15% की ग्रोथ दर्ज की गई है। IPL का 57वां मैच कोलकाता-बेंगलुरु के बीच 13 मैच को रायपुर में खेला गया। इस मैच में कोहली ने शतक लगाया। कनेक्टेड डिवाइसेज पर 25% व्यूअर्स बढ़े स्मार्ट TV और कनेक्टेड डिवाइसेज (इंटरनेट से जुड़े उपकरण) की रीच में 25% की वृद्धि हुई है और ‘वाच टाइम’ (देखने का समय) 20% प्रतिशत बढ़ गया है। इस बार रीजनल लैंग्वेज में मैच देखने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। रीजनल लैंग्वेज वॉच-टाइम में 42% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्मार्ट TV और कनेक्टेड डिवाइसेज पर रीच में 25% का उछाल आया है। (प्रतीकात्मक फोटो।) 125 एडवर्टाइजर्स के जुड़ने से बढ़ोतरी हुई पॉइंट्स टेबल की रोमांचक रेस के बीच कई ब्रांड्स ने IPL में जमकर निवेश किया है। प्रसारक ने दावा किया कि पिछले सत्र की तुलना में 125 नए एडवर्टाइजर्स के जुड़ने से यह वृद्धि हुई है। ————————————————————- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL में आज चेन्नई vs लखनऊ; CSK ने पिछले तीनों मैच जीते IPL 2026 का 59वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला जाएगा। मुकाबला लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
IPL 2026 Viewership Record | 1.1 Billion TV Digital Viewers India

मुंबई20 मिनट पहले कॉपी लिंक IPL 2026 का डिजिटल प्लेटफॉर्म पर IPL का वॉच-टाइम 7% बढ़ा है। जबकि, टीवी पर व्यूअरशिप 500 मिलियन (50 करोड़) के करीब पहुंच गई है। भारतीय लीग के ब्रॉडकास्टर जियोस्टार ने शुक्रवार को TV के 51 और डिजिटल के 57 मैचों के आंकड़े जारी किए। इनमें IPL की डिजिटल ओवरऑल रीच में 15% की ग्रोथ दर्ज की गई है। IPL का 57वां मैच कोलकाता-बेंगलुरु के बीच 13 मैच को रायपुर में खेला गया। इस मैच में कोहली ने शतक लगाया। कनेक्टेड डिवाइसेज पर 25% व्यूअर्स बढ़े स्मार्ट TV और कनेक्टेड डिवाइसेज (इंटरनेट से जुड़े उपकरण) की रीच में 25% की वृद्धि हुई है और ‘वाच टाइम’ (देखने का समय) 20% प्रतिशत बढ़ गया है। इस बार रीजनल लैंग्वेज में मैच देखने का ट्रेंड तेजी से बढ़ा है। रीजनल लैंग्वेज वॉच-टाइम में 42% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। स्मार्ट TV और कनेक्टेड डिवाइसेज पर रीच में 25% का उछाल आया है। (प्रतीकात्मक फोटो।) 125 एडवर्टाइजर्स के जुड़ने से बढ़ोतरी हुई पॉइंट्स टेबल की रोमांचक रेस के बीच कई ब्रांड्स ने IPL में जमकर निवेश किया है। प्रसारक ने दावा किया कि पिछले सत्र की तुलना में 125 नए एडवर्टाइजर्स के जुड़ने से यह वृद्धि हुई है। ————————————————————- IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… IPL में आज चेन्नई vs लखनऊ; CSK ने पिछले तीनों मैच जीते IPL 2026 का 59वां मैच चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) और लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के बीच खेला जाएगा। मुकाबला लखनऊ के अटल बिहारी वाजपेयी इकाना स्टेडियम में शाम 7.30 बजे खेला जाएगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सिर्फ आम नहीं, उसकी गुठली भी है सुपरफूड! डैंड्रफ से लेकर पेट की बीमारी तक में फायदेमंद

Last Updated:May 15, 2026, 15:43 IST Benefits of mango kernel: गर्मियों में पसंद किया जाने वाला आम सिर्फ स्वाद ही नहीं, सेहत का भी खजाना है। डॉ. शैलेंद्र गौतम के मुताबिक आम की गुठली में कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसका सीमित सेवन दस्त, पित्त, भूख न लगना और त्वचा संबंधी समस्याओं में लाभकारी माना जाता है। वहीं इसका उपयोग डैंड्रफ, बाल झड़ने और मुंहासों की समस्या में भी फायदेमंद बताया गया है। Benefits of mango kernel: गर्मियों का मौसम आते ही फलों के राजा आम की मिठास हर किसी को लुभाने लगती है। लोग बड़े चाव से आम खाते हैं, लेकिन उसके बाद गुठली को बेकार समझकर कूड़े में फेंक देते हैं। हालांकि, बहुत कम लोग जानते हैं कि यही गुठली कई औषधीय गुणों से भरपूर होती है और शरीर की कई समस्याओं में फायदेमंद मानी जाती है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र गौतम ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि आम की गुठली को सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह पेट, त्वचा और बालों से जुड़ी कई परेशानियों में राहत दे सकती है। डॉक्टर ने बताया कि आम खाने के बाद उसकी गुठलियों को इकट्ठा कर धूप में अच्छी तरह सुखा लेना चाहिए, जब ऊपर की परत सड़ जाए या सूख जाए तो अंदर मौजूद बीज को निकालकर उसका चूर्ण तैयार किया जा सकता है। डॉ. गौतम के अनुसार, इस चूर्ण का दिन में दो बार करीब 5-5 ग्राम सीमित मात्रा में सेवन करने से पित्त, भूख न लगना, पतला दस्त, खूनी दस्त, शरीर में पोषक तत्वों की कमी, त्वचा संबंधी समस्याएं और ल्यूकोरिया जैसी दिक्कतों में लाभ मिल सकता है। आम की गुठली के फायदेडॉ. गौतम ने बताया कि आम की गुठली ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी सहायक मानी जाती है। इसके अलावा वजन संतुलित रखने, हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने और पीरियड्स के दर्द में राहत पहुंचाने में भी इसका उपयोग किया जाता है। हालांकि उन्होंने साफ कहा कि किसी भी चीज का अधिक सेवन नुकसान पहुंचा सकता है. इसलिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ज्यादा मात्रा में इसका उपयोग नहीं करना चाहिए, सिर्फ स्वास्थ्य ही नहीं, आम की गुठली त्वचा और बालों के लिए भी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. डॉ. गौतम ने बताया कि आम के बीज को पीसकर उसमें टमाटर मिलाकर स्क्रब तैयार किया जा सकता है. यह स्क्रब चेहरे की मृत त्वचा हटाने, ब्लैकहेड्स, मुंहासों और दाग-धब्बों को कम करने में मदद करता है. इसके साथ ही त्वचा की रेडनेस कम करने और रोमछिद्रों को साफ करने में भी उपयोगी माना जाता है. बालों की समस्या से परेशान लोगों के लिए भी आम की गुठली किसी घरेलू नुस्खे से कम नहीं है. मैंगो सीड बटर को सरसों के तेल में मिलाकर कुछ दिनों तक धूप में रखने के बाद बालों में लगाने से रूसी, बाल झड़ना, समय से पहले सफेद बाल और गंजापन जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Sidhi,Madhya Pradesh
समुद्र की लहरों पर क्रूज कंपनियां बेच रहीं सेहत:योग, ध्यान और लॉन्जेविटी को अब नया बिजनेस मॉडल बना रहीं लग्जरी क्रूज इंडस्ट्री

समुद्री यात्राएं अब बदल रही हैं। कभी जुआघर, आलीशान खान-पान और नाच-गाने के लिए मशहूर यह सेक्टर ‘वेलनेस टूरिज्म’ की ओर मुड़ चुका है। 2026 के रुझान बताते हैं कि अब यात्रियों को सिर्फ छुट्टियां नहीं, बल्कि मानसिक शांति और शरीर को ऊर्जावान बनाने का अनुभव बेचा जा रहा है। इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण है ओरिएंट एक्सप्रेस और सौंदर्य जगत के बड़े नाम गुर्लेन की ‘ओशन रीबर्थ’ स्कीम। अक्टूबर 2026 में पुर्तगाल से बारबाडोस तक चलने वाली यह 14 दिनों की समुद्री यात्रा दुनिया के सबसे बड़े पाल वाले जहाज ओरिएंट एक्सप्रेस कोरिंथियन पर शुरू होगी। इस विशेष अनुभव के लिए शुरुआती किराया 67 लाख रुपए तय किया गया है। कंपनी के अनुसार, यह केवल एक आलीशान जहाज की यात्रा नहीं है, बल्कि ‘पूर्ण स्वास्थ्य यात्रा’ है। इसमें हर यात्री की सेहत की जांच कर उनके लिए खान-पान, शारीरिक गतिविधियों और उपचार की व्यक्तिगत स्कीम तैयार की जाएगी। गुर्लेन ने आधिकारिक बयान में कहा, ‘इस यात्रा का उद्देश्य यात्रियों को स्वास्थ्य का गहरा अनुभव देना है। बीमारियों से बचाव और मानसिक मजबूती को यात्रा का अभिन्न हिस्सा बनाया गया है।’ जहाज पर ध्यान, योगासन और सांस संबंधी वर्कशॉप के साथ-साथ उच्च तकनीक वाले उपचार भी मिलेंगे। गुर्लेन का दावा है कि उनका विशेष उपकरण पहली बार 7 उन्नत सौंदर्य तकनीकों को एक साथ पेश करता है, जो त्वचा और स्वास्थ्य को बेहतर बनाते हैं। इस यात्रा में मार्गदर्शन के लिए कई विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। इनमें प्रख्यात सौंदर्य विशेषज्ञ अमेली डेमांजे, श्वसन क्रिया विशेषज्ञ आर्थर गुएरिन और आहार एवं पोषण विशेषज्ञ डेबोरा पासुती होंगे। 5,380 वर्ग फुट का गुर्लेन केंद्र इस यात्रा का मुख्य आकर्षण है, जहां भाप स्नान, विश्राम कक्ष और खुले आसमान के नीचे तैरने के लिए खास पूल जैसी सुविधाएं हैं। संपन्न यात्री अब दिखावे वाली सुविधाओं के बजाय ‘परिवर्तनकारी अनुभव’ चाहते हैं, जहां लग्जरी के साथ बेहतर स्वास्थ्य का मेल हो। सालाना 14% की रफ्तार से बढ़ रहा लग्जरी क्रूज बाजार, 2035 में 273 अरब डॉलर का होगा यह बदलाव सिर्फ एक कंपनी तक सीमित नहीं है। वर्जिन वॉयेज और एक्सप्लोरा जर्नीज जैसी बड़ी कंपनियां भी अब मानसिक शांति और ध्वनि उपचार जैसे कार्यक्रमों पर जोर दे रही हैं। बिजनेस रिसर्च इनसाइट की रिपोर्ट के अनुसार यह लग्जरी क्रूज बाजार 13.9% की सालाना रफ्तार से बढ़ रहा है। 2026 में 9.9 अरब डॉलर (करीब 94.7 हजार करोड़ रुपए) और 2035 तक 31 अरब डॉलर के पार जा सकता है। स्वास्थ्य पर्यटन बाजार के 2026 तक 273 अरब डॉलर (करीब 26 लाख करोड़ रुपए) तक पहुंचने का अनुमान है।
Bhuvneshwar is the most successful bowler of this IPL with 21 wickets.

Hindi News Sports Bhuvneshwar Is The Most Successful Bowler Of This IPL With 21 Wickets. बेंगलुरू12 मिनट पहले कॉपी लिंक आईपीएल में 200 विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड भी भुवी ने इसी साल बनाया। आईपीएल 2026 में जब भी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को मुश्किल वक्त में विकेट की जरूरत पड़ी, कप्तान रजत पाटीदार की नजर सबसे पहले एक ही खिलाड़ी पर गई- भुवनेश्वर कुमार। उम्र 36 साल, शरीर पहले जैसा तेज नहीं, लेकिन अनुभव और दिमाग पहले से कहीं ज्यादा मजबूत। मुंबई के खिलाफ रायपुर में आखिरी ओवर का रोमांच खत्म हुए मुश्किल से एक दिन हुआ था, पर चार विकेट लेने और बल्ले से आखिरी ओवर में अहम रन बनाने वाले भुवी के चेहरे पर न कोई अतिरिक्त उत्साह था और न ही कोई दिखावा। वह शांति से बैठे थे, जैसे यह सब उनके लिए सामान्य हो। हाल ही में आर. अश्विन ने मजाक में कहा था कि भुवनेश्वर को फिर से भारत की टी20 टीम में होना चाहिए। जब यह बात उनसे पूछी गई तो वे मुस्कुराए और बोले, ‘अश्विन को ही सलेक्टर बना दो।’ यही सहजता भुवनेश्वर की सबसे बड़ी पहचान है। इस सीजन उनके नाम 21 विकेट हैं और वह पर्पल कैप होल्डर हैं। आईपीएल में 200 विकेट लेने वाले पहले तेज गेंदबाज बनने का रिकॉर्ड भी उन्होंने इसी साल बनाया। लेकिन भुवनेश्वर के लिए आंकड़ों से ज्यादा अहम है मानसिक संतुलन। वे कहते हैं, ‘जिस दिन मुझे भारतीय टीम से बाहर किया गया, उसी दिन मैंने उसे स्वीकार कर लिया था। 10 साल तक सब कुछ देखा था। इसलिए अलग होना आसान था।’ कभी सिर्फ स्विंग गेंदबाज माने जाने वाले भुवनेश्वर ने अब खुद को टी20 के हिसाब से बदल लिया है। उनकी नकल बॉल और डेथ ओवर गेंदबाजी बल्लेबाजों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। वे मानते हैं कि टी20 क्रिकेट पूरी तरह बदल चुका है। पहले 200 रन बनते थे तो लगता था मैच खत्म। अब 200 भी छोटा स्कोर लगता है। बल्लेबाज बदल रहे हैं, इसलिए गेंदबाजों को भी बदलना पड़ता है। हालांकि, इतने बदलाव के बावजूद भुवनेश्वर खुद को बदला हुआ खिलाड़ी नहीं मानते। उनका कहना है कि उन्होंने कुछ नया नहीं किया। वे कहते हैं, ‘लोग सोचते हैं मैं कुछ अलग कर रहा हूं। लेकिन मैं वही पुरानी चीजें कर रहा हूं। फर्क सिर्फ इतना है कि विकेट मिल रहे हैं। विकेट से आत्मविश्वास आता है और आत्मविश्वास से गेंद सही जगह पड़ती है।’ यही भुवनेश्वर की असली कहानी है। तेज रफ्तार नहीं, आक्रामक बयान नहीं, सिर्फ अनुशासन, धैर्य, लगातार मेहनत। शायद इसी वजह से बढ़ती उम्र में भी वे आईपीएल के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज बने हुए हैं। खेल से ज्यादा फिटनेस को समय दे रहे हैं भुवी भुवनेश्वर अब सालभर बहुत ज्यादा क्रिकेट नहीं खेलते। आईपीएल, यूपी टी20 लीग और सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी तक ही वे सीमित रहते हैं। बाकी समय ट्रेनिंग, जिम और फिटनेस पर ध्यान देते हैं। वे मानते हैं कि 36 की उम्र में रिकवरी आसान नहीं रहती। भुवनेश्वर बताते हैं, ‘अब शरीर को ज्यादा समय चाहिए। लेकिन मेरे पास ट्रेनिंग के लिए ज्यादा वक्त है। इसलिए पहले से ज्यादा मेहनत कर पा रहा हूं।’ दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
बीजेपी शासित राज्यों में पेट्रोल-डीजल सस्ता? दिल्ली से तेलंगाना तक, ये है हकीकत | New-delhi-news News

आखरी अपडेट:15 मई, 2026, 15:02 IST ताजा बढ़ोतरी के बाद पूरे भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तेजी से बदलाव जारी है। भाजपा और विपक्ष शासित राज्यों की तुलना से एक जटिल तस्वीर सामने आती है भाजपा शासित राज्यों और विपक्ष शासित राज्यों में ईंधन की कीमतों की तुलना से पता चलता है कि कोई एक राष्ट्रव्यापी पैटर्न नहीं है। शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई, लेकिन ईंधन स्टेशनों पर आप जो भुगतान कर रहे हैं वह अभी भी काफी हद तक इस बात पर निर्भर करता है कि आप कहां रहते हैं – और, कई मामलों में, आपके राज्य पर शासन कौन करता है। भाजपा शासित राज्यों और विपक्ष शासित राज्यों में ईंधन की कीमतों की तुलना से पता चलता है कि कोई एक राष्ट्रव्यापी पैटर्न नहीं है। कुछ भाजपा शासित राज्यों में पेट्रोल और डीजल देश में सबसे सस्ता है, जबकि अन्य सबसे महंगे राज्यों में हैं। विपक्ष शासित राज्यों में भी यही प्रवृत्ति दिखाई देती है। यह भिन्नता मुख्यतः राज्य-स्तरीय वैट और केंद्र के उत्पाद शुल्क के ऊपर जोड़े गए स्थानीय लेवी से आती है। भाजपा शासित राज्यों में ईंधन की कीमतों में व्यापक अंतर है उन राज्यों में जहां सीधे तौर पर भाजपा शासित है या जहां गठबंधन में शासन करने के बावजूद पार्टी का अपना मुख्यमंत्री है, ईंधन की कीमतें काफी भिन्न हैं। नवीनतम बढ़ोतरी के बाद भी दिल्ली, गोवा और उत्तराखंड देश के सस्ते ईंधन बाजारों में बने हुए हैं। दिल्ली में पेट्रोल की कीमतें 100 रुपये प्रति लीटर से नीचे बनी हुई हैं, जबकि गोवा और उत्तराखंड भी कई अन्य राज्यों की तुलना में अपेक्षाकृत कम हैं। लेकिन कई भाजपा शासित राज्य भी भारत के सबसे महंगे ईंधन बाजारों में से हैं। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र पेट्रोल की कीमत (रुपये/लीटर) डीजल की कीमत (रुपये/लीटर) अरुणाचल प्रदेश 95.66 84.30 असम 101.18 89.43 बिहार 108.55 94.79 छत्तीसगढ 100.39 93.33 दिल्ली 97.77 90.67 गोवा 96.43 88.11 गुजरात 97.55 93.21 हरयाणा 98.47 90.94 मध्य प्रदेश 110.62 94.83 महाराष्ट्र 106.68 93.29 मणिपुर 99.10 85.24 ओडिशा 104.57 96.11 राजस्थान 107.97 93.43 त्रिपुरा 98.56 87.44 उत्तराखंड 96.66 89.82 उतार प्रदेश। 97.55 90.68 पश्चिम बंगाल 108.74 95.13 मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में पेट्रोल की कीमतें 107-110 रुपये प्रति लीटर से ऊपर दर्ज की जा रही हैं। महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल भी महंगे बने हुए हैं, जबकि ओडिशा और छत्तीसगढ़ उत्तरी भाजपा शासित राज्यों की तुलना में ऊंचे स्तर पर हैं। कई भाजपा शासित राज्यों की तुलना में बिहार में भी पेट्रोल की ऊंची कीमतें दर्ज की जा रही हैं। भिन्नता से पता चलता है कि भाजपा शासित राज्य स्वयं कम-कर और उच्च-कर ईंधन शासन के बीच विभाजित हैं। भाजपा गठबंधन द्वारा संचालित राज्य सबसे महंगे राज्यों में से एक देश में ईंधन की सबसे अधिक कीमतें वर्तमान में भाजपा सहयोगियों द्वारा शासित राज्यों में हैं। टीडीपी के नेतृत्व वाले एनडीए गठबंधन द्वारा शासित आंध्र प्रदेश, पेट्रोल और डीजल दोनों के लिए सबसे महंगे राज्यों में से एक बना हुआ है, राज्य के कुछ हिस्सों में पेट्रोल की कीमतें 111 रुपये प्रति लीटर को पार कर गई हैं। राज्य/संघ राज्य क्षेत्र पेट्रोल की कीमत (रुपये/लीटर) डीजल की कीमत (रुपये/लीटर) आंध्र प्रदेश 111.33 99.14 मेघालय 97.82 86.20 नगालैंड 98.91 87.39 सिक्किम 101.94 89.18 पुदुचेरी 100.13 91.72 पूर्वोत्तर एनडीए के नेतृत्व वाले राज्य जैसे मेघालय, नागालैंड और सिक्किम मध्य से उच्च श्रेणी में आते हैं, जबकि पुडुचेरी तुलनात्मक रूप से मध्यम श्रेणी में रहता है। विपक्षी शासित राज्यों में ईंधन की ऊंची दरें दर्ज की जा रही हैं नवीनतम बढ़ोतरी के बाद विपक्ष शासित कई राज्य भी महंगे ईंधन बाजारों में बने हुए हैं। कांग्रेस शासित तेलंगाना और केरल, जहां 2026 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ सत्ता में आया, वर्तमान में देश में सबसे अधिक पेट्रोल और डीजल की कीमतों वाले राज्यों में से हैं। राज्य पेट्रोल की कीमत (रुपये/लीटर) डीजल की कीमत (रुपये/लीटर) हिमाचल प्रदेश 96.12 88.54 झारखंड 100.44 94.66 कर्नाटक 106.17 94.10 केरल 110.58 99.46 मिजोरम 100.87 89.11 पंजाब 97.27 85.71 तमिलनाडु 103.67 95.47 तेलंगाना 110.89 98.96 कांग्रेस शासित कर्नाटक और तमिलनाडु (जहां विजय का टीवीके के नेतृत्व वाला गठबंधन पिछले सप्ताह सत्ता में आया) भी महंगे स्तर पर बने हुए हैं, जहां प्रमुख शहरों में ईंधन की कीमतें राष्ट्रीय औसत से काफी ऊपर हैं। आप शासित पंजाब और हिमाचल प्रदेश, जहां कांग्रेस सत्ता में है, दक्षिणी विपक्षी शासित राज्यों की तुलना में अपेक्षाकृत कम महंगे हैं, हालांकि नवीनतम संशोधन के बाद वहां भी कीमतें बढ़ी हैं। किस राज्य में सबसे सस्ता ईंधन है? कीमतों में नवीनतम वृद्धि के बावजूद दिल्ली भारत के सबसे सस्ते ईंधन बाजारों में से एक बनी हुई है। गोवा, उत्तराखंड और चंडीगढ़ में भी कई अन्य राज्यों की तुलना में पेट्रोल और डीजल की कीमतें तुलनात्मक रूप से कम दर्ज की जा रही हैं। कम वैट दरें और कम स्थानीय शुल्क उन प्रमुख कारणों में से हैं जिनकी वजह से ये राज्य राष्ट्रीय औसत से सस्ते बने हुए हैं। भारत के सबसे महंगे ईंधन वाले राज्यों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, एमपी दूसरी ओर, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश पेट्रोल और डीजल के मामले में सबसे महंगे राज्यों में से बने हुए हैं। 15 मई के संशोधन के बाद महंगे ईंधन बाजारों में महाराष्ट्र, राजस्थान और पश्चिम बंगाल भी शामिल हैं। इनमें से कई राज्यों में, उच्च वैट दरें, अतिरिक्त उपकर और स्थानीय अधिभार उपभोक्ताओं द्वारा ईंधन स्टेशनों पर भुगतान की जाने वाली अंतिम खुदरा कीमत में उल्लेखनीय वृद्धि करते हैं। विभिन्न राज्यों में ईंधन की कीमतें अलग-अलग क्यों हैं? हालांकि केंद्र उत्पाद शुल्क में समान रूप से संशोधन करता है, राज्य पेट्रोल और डीजल पर अपना वैट लगाते हैं। वे कर पूरे भारत में व्यापक रूप से भिन्न हैं। कुछ राज्य वैट की गणना ईंधन की कीमतों के प्रतिशत के रूप में करते हैं, जिसका अर्थ है कि प्रत्येक वृद्धि के बाद दरें स्वचालित रूप से बढ़ जाती हैं। अन्य लोग राजस्व बढ़ाने के लिए अतिरिक्त उपकर और अधिभार लगाते हैं। परिवहन लागत, डीलर कमीशन और स्थानीय कर राज्यों के बीच अंतर को और बढ़ा देते हैं। यही कारण है कि राष्ट्रव्यापी ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी के बाद








