मसाला छाछ रेसिपी: दोपहर के भोजन के बाद एक गिलास और मसाला छाछ मिल जाए, तो स्वाद और सेहत दोनों बन जाते हैं। आयुर्वेद में इसे ‘धरती का अमृत’ भी कहा गया है। यह सिर्फ आपके पाचन तंत्र को मापता नहीं है, बल्कि शरीर में गंभीर गर्मी को स्थिर करता है और पुनर्भरण भी करता है। आइए जानते हैं इसे बनाने की विधि के बारे में…
सामग्री
- ताज़ा और नारियल दही- 1 कप
- ठंडा पानी- 2 कप
- कुल मिलाकर जीरा पाउडर- 1 छोटा चम्मच
- काला- आधा छोटा छोटा
- हरी मिर्च और अदरक- एक छोटा टुकड़ा (बारीक पिसा हुआ)
- पुदीना और हरा धनिया- हीरा कटा हुआ
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सबसे पहले एक पेंगलिश पॉइन्ट या चैलेंज में 1 कप ताज़ा दही लें। अब इसमें जीरा पाउडर, काला नमक, थोड़ा सा सादा नमक, अदरक-मिर्च का पेस्ट और कटे पुदीने के पत्ते शामिल हैं।
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अब 2 कप एकदम ठंडा पानी डाला। अगर आप पारंपरिक स्वाद चाहते हैं, तो मथनी (हैंड ब्लेंडर) से इसे तब तक मथें जब तक कि ऊपर की ओर शानदार जहर न आ जाए। आप ड्राईवर तो पीसाईर का भी उपयोग कर सकते हैं।
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छछूंदर बनकर तैयार है! इसे कांच के गिलास या मिट्टी के कुल्हड़ में रखें। ऊपर से थोड़ा सा और जीरा पाउडर और नारियल कटे हरे धनिए से गार्निश करें। एक्स्ट्रा कूलिंग के लिए एक आइस क्यूब भी डाल सकते हैं।
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फ़ायदे
- काला नमक और जीरा पेट की गैस और एसिडिटी को शांत करते हैं।
- दोपहर की गंदी बात को भकर शरीर को तुरंत रीचार्ज करता है।
- यह शरीर से बाहर निकलने में मदद करता है।
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वैसे तो छाछ कभी भी पी जा सकता है, लेकिन दो के खाने के तुरंत बाद इसे सबसे ज्यादा खतरनाक माना जाता है। ध्यान रखें, रात के समय शराब पीने से बचना चाहिए।
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