श्रीकृष्ण को प्रिय इस पेड़ के फूल और फल हैं बड़े काम के, पेट से गले तक कई समस्याओं में देता है राहत

Last Updated:May 18, 2026, 23:40 IST कदम वृक्ष को भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय वृक्ष माना जाता है, जो अपनी सुंदरता, सुगंधित फूलों और आध्यात्मिक महत्व के लिए विशेष पहचान रखता है. यह पेड़ न केवल प्रकृति की शोभा बढ़ाता है, बल्कि इसके कई हिस्से सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी माने जाते हैं. ख़बरें फटाफट प्रकृति में कई ऐसे पेड़-पौधे मौजूद हैं, जिन्हें सिर्फ धार्मिक महत्व ही नहीं बल्कि औषधीय गुणों के लिए भी जाना जाता है. ऐसा ही एक पेड़ है कदम, जिसे भगवान श्रीकृष्ण का प्रिय वृक्ष माना जाता है. पुराने समय से ही इस पेड़ का जिक्र धार्मिक कथाओं, लोकगीतों और आयुर्वेद में मिलता रहा है. कदम का पेड़ अपनी खूबसूरत बनावट, घने पत्तों और गोल पीले फूलों की वजह से आसानी से पहचाना जाता है. इसके फूलों की हल्की मीठी खुशबू आसपास के माहौल को भी सुगंधित बना देती है. यही वजह है कि इसे सुंदरता और प्राकृतिक शांति का प्रतीक भी माना जाता है. कदम का वृक्ष सिर्फ देखने में आकर्षक नहीं होता, बल्कि इसके कई हिस्से सेहत के लिए भी उपयोगी माने जाते हैं. इसके फूल, फल, पत्तियां और छाल अलग-अलग तरीकों से इस्तेमाल की जाती हैं. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग इसके फूलों और फलों से पारंपरिक व्यंजन और चटनी बनाते हैं. इसका स्वाद हल्का अलग जरूर होता है, लेकिन इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को कई फायदे पहुंचा सकते हैं. माना जाता है कि कदम में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद करते हैं. आयुर्वेद के अनुसार जानें फायदे आयुर्वेद में कदम का उपयोग कई घरेलू उपचारों में किया जाता रहा है. इसके फूलों का काढ़ा गले की खराश और खांसी में राहत देने वाला माना जाता है. वहीं इसकी छाल का इस्तेमाल मसूड़ों की समस्या और मुंह की बदबू कम करने के लिए भी किया जाता है. कई लोग इसकी छाल को पानी में उबालकर उससे कुल्ला करते हैं. माना जाता है कि इससे मुंह साफ रहता है और मसूड़ों को आराम मिल सकता है. इसके अलावा कदम के कुछ गुण पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में भी मददगार माने जाते हैं. अपच, पेट भारी लगना और दस्त जैसी समस्याओं में भी इसका पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता रहा है. प्राकृतिक ठंडक देने वाला भी माना जाता हैकदम का पेड़ मानसिक शांति और प्राकृतिक ठंडक देने वाला भी माना जाता है. इसकी घनी छांव गर्मियों में राहत देती है और गांवों में लोग अक्सर इसके नीचे बैठकर समय बिताना पसंद करते हैं. यही कारण है कि इसे सिर्फ औषधीय नहीं बल्कि पर्यावरण के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण पेड़ माना जाता है. इसकी खुशबूदार फूलों की वजह से आसपास का वातावरण भी काफी ताजा महसूस होता है. बिहार सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने भी लोगों को स्थानीय पेड़ों के महत्व के बारे में जागरूक करते हुए कदम वृक्ष के गुणों की जानकारी साझा की है. विभाग के अनुसार, यह पेड़ सौंदर्य, स्वास्थ्य और आध्यात्मिक महत्व का अनोखा संगम माना जाता है. आज के समय में जब लोग फिर से प्राकृतिक चीजों और आयुर्वेद की तरफ लौट रहे हैं, तब कदम जैसे पारंपरिक पेड़ों की अहमियत और भी बढ़ जाती है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
रसोई में रखे ये 5 मसाले मिनटों में दिलाएंगे पेट में जलन, एसिडिटी से छुटकारा, जानें सेवन का तरीका

Last Updated:May 18, 2026, 23:39 IST कई बार उल्टा-सीधा, अधिक तेल और मसालेदार चीजें खाने से काफी लोगों को पेट, सीने में जलन, अपच, गैस आदि की समस्याएं हो जाती हैं. ये बहुत ही अनकंफर्टेबल महसूस कराते हैं. ऐसे में समझ नहीं आता एसिडिटी, अपच, पेट में जलन से तुरंत छुटकारा कैसे पाएं. विशेषज्ञों के अनुसार, जब पेट का एसिड भोजन नली की ओर वापस आने लगता है, तो उसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है. इससे सीने और पेट में जलन महसूस हो सकती है. आप घर में ही मौजूद इन 5 हर्ब्स और मसालों का सेवन करें, देखें आपको कैसे आराम मिलता है. पेट में जलन और एसिडिटी दूर करने वाले मसाले. आजकल की तेज़ रफ्तार जिंदगी में पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. अनियमित खानपान, देर रात तक जागना और लंबे समय तक बैठे रहकर काम करना लोगों की रोजमर्रा की आदत बन गई है. इसके कारण एसिडिटी, पेट में जलन, गैस, अपच और खट्टी डकार जैसी दिक्कतें आम हो चुकी हैं. विशेषज्ञों के अनुसार, जब पेट का एसिड भोजन नली की ओर वापस आने लगता है, तो उसे एसिड रिफ्लक्स कहा जाता है. इससे सीने और पेट में जलन महसूस हो सकती है. राहत की बात यह है कि भारतीय रसोई में मौजूद कुछ मसाले पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं. सौंफ दिला सकती है पाचन में आराम सौंफ को पाचन के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है. इसमें एनेथोल नामक प्राकृतिक तत्व पाया जाता है, जो पेट की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है. यह गैस और पेट फूलने की समस्या को कम करने में सहायक माना जाता है. भोजन के बाद सौंफ चबाने या सौंफ का पानी पीने से पेट हल्का महसूस हो सकता है और जलन में राहत मिल सकती है. जीरा पाचन प्रक्रिया को बनाता है बेहतर भारतीय रसोई का अहम हिस्सा जीरा लंबे समय से आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाता रहा है. इसमें मौजूद क्यूमिनाल्डिहाइड पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करने में मदद करता है, जिससे भोजन आसानी से पचता है. सही पाचन होने पर पेट पर दबाव कम पड़ता है और एसिडिटी की समस्या घट सकती है. जीरा पानी गैस और भारीपन से राहत पाने का लोकप्रिय घरेलू उपाय माना जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. अदरक कम कर सकता है एसिडिटी की परेशानी अदरक में जिंजरोल और शोआगोल जैसे तत्व पाए जाते हैं, जिनमें सूजन कम करने वाले गुण मौजूद होते हैं. यह पेट को जल्दी खाली करने में मदद करता है, जिससे खाना लंबे समय तक पेट में नहीं ठहरता. धीमा पाचन अक्सर एसिडिटी और जलन का कारण बनता है. हल्के गर्म पानी, हर्बल चाय या खाने में सीमित मात्रा में अदरक शामिल करना फायदेमंद हो सकता है. इलायची से मिल सकता है पेट को सुकून आयुर्वेद में इलायची को पाचन के लिए उपयोगी माना गया है. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट तत्व पेट की सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं. खाने के बाद इलायची चबाने से पाचन बेहतर हो सकता है और मुंह की बदबू से भी राहत मिलती है. चाय या दूध में इलायची मिलाकर सेवन करने से स्वाद के साथ पेट को भी आराम मिल सकता है. तुलसी के पत्ते भी हैं फायदेमंद तुलसी को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है. इसमें यूजेनॉल जैसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो पेट को शांत रखने और सूजन कम करने में मदद कर सकते हैं. नियमित रूप से तुलसी के पत्तों का सेवन पाचन तंत्र को बेहतर बनाए रखने में सहायक माना जाता है. About the Author Anshumala अंशुमाला हिंदी पत्रकारिता में डिप्लोमा होल्डर हैं. इन्होंने YMCA दिल्ली से हिंदी जर्नलिज्म की पढ़ाई की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में पिछले 15 वर्षों से काम कर रही हैं. न्यूज 18 हिंदी में फरवरी 2022 से लाइफस्टाइ…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें
घंटों बैठे-बैठे काम करते हैं? पैरों को सुन्न होने से बचाएंगी ये आसान डेस्क एक्सरसाइज

Last Updated:May 18, 2026, 23:26 IST आजकल ऑफिस हो या वर्क फ्रॉम होम, घंटों कुर्सी पर बैठे रहना लोगों की मजबूरी बन गया है. लेकिन लगातार बैठे रहने से पैरों में जकड़न, भारीपन और दर्द जैसी समस्याएं शुरू हो सकती हैं. ऐसे में कुछ आसान Desk Exercises आपके पैरों को एक्टिव रखने और शरीर को हल्का महसूस कराने में मदद कर सकती हैं. ख़बरें फटाफट आजकल ज्यादातर लोगों का दिन कुर्सी पर बैठकर ही निकल जाता है. सुबह लैपटॉप खोलते हैं और फिर पता ही नहीं चलता कि कब कई घंटे बीत गए. लंबे समय तक बैठे रहने से सबसे ज्यादा असर पैरों पर पड़ता है. कई लोगों को पैरों में भारीपन, झनझनाहट, अकड़न या हल्का दर्द महसूस होने लगता है. कुछ लोगों के पैर तो इतने stiff हो जाते हैं कि उठते समय अजीब सा खिंचाव महसूस होता है. अच्छी बात ये है कि इसके लिए आपको जिम जाने या अलग से घंटों निकालने की जरूरत नहीं है. ऑफिस डेस्क पर बैठे-बैठे भी कुछ आसान एक्सरसाइज करके पैरों को एक्टिव रखा जा सकता है. अगर काफी देर से एक ही पोजिशन में बैठे हैं तो सबसे पहले अपने टखनों को मूव करिए. कुर्सी पर आराम से बैठें और एक पैर को थोड़ा ऊपर उठाकर धीरे-धीरे गोल घुमाएं. पहले दाईं दिशा में और फिर उल्टी दिशा में. इसके बाद दूसरे पैर से भी यही करें. सुनने में ये बहुत छोटी एक्सरसाइज लग सकती है, लेकिन इससे पैरों में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और stiffness कम महसूस होती है. जिन लोगों के पैर जल्दी सुन्न हो जाते हैं, उनके लिए ये काफी मददगार हो सकती है. Leg Extension से पैरों को दीजिए हल्का स्ट्रेचकई बार लंबे समय तक बैठे रहने से घुटनों और जांघों में जकड़न होने लगती है. ऐसे में लेग एक्सटेंशन काफी आराम दे सकता है. कुर्सी पर बैठकर एक पैर को सामने की तरफ सीधा करें और कुछ सेकंड तक रोककर रखें. फिर धीरे से नीचे ले आएं. अब यही दूसरे पैर से करें. इससे पैरों की muscles एक्टिव रहती हैं और लंबे समय तक बैठने का असर थोड़ा कम हो सकता है. अगर दिन में 8-9 घंटे बैठकर काम करते हैं तो इसे बीच-बीच में जरूर करें. Heel Raise और Toe Raise भी हैं फायदेमंदकई लोगों को लंबे समय तक बैठने के बाद पैरों में अजीब सा भारीपन महसूस होता है. इसके लिए Heel Raise और Toe Raise काफी आसान और असरदार एक्सरसाइज मानी जाती हैं. इसमें आपको सिर्फ एड़ियों और पंजों को ऊपर-नीचे करना होता है. पहले पंजे जमीन पर रखें और एड़ियों को ऊपर उठाएं, फिर एड़ियां नीचे रखकर पंजों को ऊपर करें. यह मूवमेंट पैरों की muscles को एक्टिव रखता है और ब्लड फ्लो बेहतर करने में मदद कर सकता है. सबसे अच्छी बात ये है कि इसे करते समय आपको काम रोकने की भी जरूरत नहीं पड़ती. Knee Lift से पैरों को रखें एक्टिवअगर बैठे-बैठे शरीर बिल्कुल सुस्त लगने लगे तो नी लिफ्ट ट्राय कर सकते हैं. इसमें कुर्सी पर सीधे बैठकर एक घुटने को ऊपर उठाना होता है और फिर धीरे से नीचे लाना होता है. इसके बाद दूसरे पैर से यही दोहराएं. इससे पैरों के साथ-साथ हिप्स भी थोड़ा एक्टिव महसूस करते हैं. लगातार बैठे रहने से शरीर का निचला हिस्सा कम मूव करता है, इसलिए ऐसी छोटी एक्सरसाइज दिनभर शरीर को हल्का और एक्टिव बनाए रखने में मदद करती हैं. सिर्फ 2 मिनट चलना भी जरूरी हैकई लोग सोचते हैं कि सिर्फ एक्सरसाइज कर लेना काफी है, लेकिन लंबे समय तक लगातार बैठे रहना भी ठीक नहीं माना जाता. कोशिश करें कि हर एक घंटे बाद कुर्सी से उठें और थोड़ा टहल लें. ऑफिस में हैं तो पानी लेने चले जाएं या थोड़ा वॉक कर लें. इससे शरीर को मूवमेंट मिलता है और पैरों में जमी हुई जकड़न कम हो सकती है. छोटी-छोटी आदतें ही लंबे समय में शरीर को ज्यादा आरामदायक महसूस कराती हैं. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
अडाणी एंटरप्राइजेस ट्रंप प्रशासन को ₹2,300 करोड़ चुकाएगी:ईरान से गैस खरीदने के मामले में सेटलमेंट हुआ; अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करेंगे

भारतीय कारोबारी गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला सुलझा लिया है। इसके लिए कंपनी अमेरिकी ट्रेजरी को सेटलमेंट राशि के रूप में 275 मिलियन डॉलर (करीब 2,300 करोड़ रुपए) का भुगतान करेगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सोमवार को इस समझौते की आधिकारिक घोषणा की। यह मामला ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के 32 संभावित नागरिक दायित्व उल्लंघनों से जुड़ा हुआ है। ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने एक बयान में बताया कि दोनों पक्षों के बीच इस बड़ी राशि के भुगतान को लेकर सहमति बन गई है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने इस साल फरवरी में ही साफ कर दिया था कि वह अमेरिकी जांच में पूरा सहयोग कर रही है। दुबई के सप्लायर से खरीदा था ओमान-इराक के नाम पर ईरानी गैस OFAC के मुताबिक, पूरा मामला नवंबर 2023 से जून 2025 के बीच लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात से जुड़ा हुआ है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने दुबई के एक ट्रेडर से LPG की खेप खरीदी थी। उस सप्लायर ने दावा किया था कि यह गैस ओमान और इराक से आ रही है। हालांकि, जांच में सामने आया कि यह एलपीजी वास्तव में ईरान से मंगवाई गई थी। ईरान के ऊर्जा व्यापार को सीमित करने वाले अमेरिकी नियमों (ITSR) के तहत इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। मुंद्रा पोर्ट पर आई थी खेप, नियमों की अनदेखी पड़ी भारी अमेरिकी एजेंसी का कहना है कि अडाणी एंटरप्राइजेज ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के जरिए भारत में इस एलपीजी का आयात किया था। इसके भुगतान के लिए अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के जरिए डॉलर में 32 ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 192 मिलियन डॉलर थी। OFAC ने कहा कि कंपनी को ऐसे कई संकेत मिले थे (रेड फ्लैग्स) जिनसे उन्हें सतर्क हो जाना चाहिए था कि यह एलपीजी ईरान से ही आ रही है। कंपनी ने खुद से इन संभावित उल्लंघनों की जानकारी नहीं दी थी, इसलिए उन्हें इस गंभीर मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं दी गई। इस वजह से कंपनी पर शुरुआती सिविल पेनल्टी 384.2 मिलियन डॉलर की बन रही थी, लेकिन आपसी बातचीत और सहयोग के बाद फाइनल सेटलमेंट 275 मिलियन डॉलर पर तय हुआ। अडाणी के अन्य अमेरिकी मामलों में भी राहत के संकेत यह सेटलमेंट ऐसे समय में आया है जब गौतम अडाणी को अमेरिका में चल रहे कुछ अन्य कानूनी मामलों में भी बड़ी राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। पिछले सप्ताह के कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की कथित योजना से जुड़े एक सिविल मुकदमे को अलग से सेटल कर लिया है, हालांकि इसे अभी कोर्ट की मंजूरी मिलना बाकी है। इसके साथ ही, दो सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) अडाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक फ्रॉड के आरोपों को हटाने के बेहद करीब है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब गौतम अडाणी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 10 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया है। इसके अलावा कुछ ही दिन पहले अडाणी की एक अन्य कंपनी ने बिना दोष स्वीकार किए भ्रष्टाचार से जुड़े एक सिविल कोर्ट मामले को सुलझाने के लिए 18 मिलियन डॉलर के भुगतान पर सहमति जताई थी।
अडाणी एंटरप्राइजेस ट्रंप प्रशासन को ₹2,300 करोड़ चुकाएगी:ईरान से गैस खरीदने के मामले में सेटलमेंट हुआ; अमेरिका में $10 बिलियन का निवेश करेंगे

भारतीय कारोबारी गौतम अडाणी की कंपनी अडाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने अमेरिकी प्रतिबंधों के उल्लंघन का मामला सुलझा लिया है। इसके लिए कंपनी अमेरिकी ट्रेजरी को सेटलमेंट राशि के रूप में 275 मिलियन डॉलर (करीब 2,300 करोड़ रुपए) का भुगतान करेगी। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने सोमवार को इस समझौते की आधिकारिक घोषणा की। यह मामला ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंधों के 32 संभावित नागरिक दायित्व उल्लंघनों से जुड़ा हुआ है। ट्रेजरी विभाग के ऑफिस ऑफ फॉरेन एसेट्स कंट्रोल (OFAC) ने एक बयान में बताया कि दोनों पक्षों के बीच इस बड़ी राशि के भुगतान को लेकर सहमति बन गई है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने इस साल फरवरी में ही साफ कर दिया था कि वह अमेरिकी जांच में पूरा सहयोग कर रही है। दुबई के सप्लायर से खरीदा था ओमान-इराक के नाम पर ईरानी गैस OFAC के मुताबिक, पूरा मामला नवंबर 2023 से जून 2025 के बीच लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) के आयात से जुड़ा हुआ है। अडाणी एंटरप्राइजेज ने दुबई के एक ट्रेडर से LPG की खेप खरीदी थी। उस सप्लायर ने दावा किया था कि यह गैस ओमान और इराक से आ रही है। हालांकि, जांच में सामने आया कि यह एलपीजी वास्तव में ईरान से मंगवाई गई थी। ईरान के ऊर्जा व्यापार को सीमित करने वाले अमेरिकी नियमों (ITSR) के तहत इस पर प्रतिबंध लगा हुआ है। मुंद्रा पोर्ट पर आई थी खेप, नियमों की अनदेखी पड़ी भारी अमेरिकी एजेंसी का कहना है कि अडाणी एंटरप्राइजेज ने गुजरात के मुंद्रा पोर्ट के जरिए भारत में इस एलपीजी का आयात किया था। इसके भुगतान के लिए अमेरिकी वित्तीय संस्थानों के जरिए डॉलर में 32 ट्रांजैक्शन किए गए, जिनकी कुल कीमत लगभग 192 मिलियन डॉलर थी। OFAC ने कहा कि कंपनी को ऐसे कई संकेत मिले थे (रेड फ्लैग्स) जिनसे उन्हें सतर्क हो जाना चाहिए था कि यह एलपीजी ईरान से ही आ रही है। कंपनी ने खुद से इन संभावित उल्लंघनों की जानकारी नहीं दी थी, इसलिए उन्हें इस गंभीर मामले में किसी भी तरह की ढील नहीं दी गई। इस वजह से कंपनी पर शुरुआती सिविल पेनल्टी 384.2 मिलियन डॉलर की बन रही थी, लेकिन आपसी बातचीत और सहयोग के बाद फाइनल सेटलमेंट 275 मिलियन डॉलर पर तय हुआ। अडाणी के अन्य अमेरिकी मामलों में भी राहत के संकेत यह सेटलमेंट ऐसे समय में आया है जब गौतम अडाणी को अमेरिका में चल रहे कुछ अन्य कानूनी मामलों में भी बड़ी राहत मिलने के संकेत मिल रहे हैं। पिछले सप्ताह के कोर्ट रिकॉर्ड्स के मुताबिक, अमेरिकी सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन (SEC) ने भारतीय सरकारी अधिकारियों को रिश्वत देने की कथित योजना से जुड़े एक सिविल मुकदमे को अलग से सेटल कर लिया है, हालांकि इसे अभी कोर्ट की मंजूरी मिलना बाकी है। इसके साथ ही, दो सूत्रों के हवाले से यह भी सामने आया है कि अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) अडाणी के खिलाफ चल रहे आपराधिक फ्रॉड के आरोपों को हटाने के बेहद करीब है। यह कदम तब उठाया जा रहा है जब गौतम अडाणी ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 10 बिलियन डॉलर के निवेश का वादा किया है। इसके अलावा कुछ ही दिन पहले अडाणी की एक अन्य कंपनी ने बिना दोष स्वीकार किए भ्रष्टाचार से जुड़े एक सिविल कोर्ट मामले को सुलझाने के लिए 18 मिलियन डॉलर के भुगतान पर सहमति जताई थी।
देर रात तक जागने की आदत शरीर को कैसे बदल देती है? धीरे-धीरे दिखने लगते हैं ये संकेत

Last Updated:May 18, 2026, 22:16 IST आजकल देर रात तक जागना कई लोगों की रोजमर्रा की आदत बन गया है, लेकिन इसका असर धीरे-धीरे शरीर और दिमाग दोनों पर पड़ने लगता है. लगातार कम नींद लेने से थकान, चिड़चिड़ापन, कमजोर इम्यूनिटी और फोकस की समस्या बढ़ सकती है. समय रहते इस आदत को न बदला जाए तो यह कई हेल्थ प्रॉब्लम्स की वजह बन सकती है. ख़बरें फटाफट देर रात तक जागने के नुकसान. आजकल देर रात तक मोबाइल चलाना, वेब सीरीज देखना या काम करना कई लोगों की आदत बन चुका है. शुरुआत में यह सिर्फ एक छोटी सी लाइफस्टाइल चॉइस लगती है, लेकिन लगातार रात में देर तक जागने का असर शरीर और दिमाग दोनों पर पड़ने लगता है. कई लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं, क्योंकि बदलाव धीरे-धीरे दिखाई देते हैं. लेकिन समय के साथ यही आदत थकान, मूड स्विंग, कमजोर इम्यूनिटी और कई दूसरी समस्याओं की वजह बन सकती है. हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार, हमारे शरीर में एक नैचुरल बॉडी क्लॉक होती है, जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है. यह तय करती है कि कब शरीर को आराम चाहिए और कब एक्टिव रहना है. जब कोई व्यक्ति लगातार देर रात तक जागता है, तो यह बॉडी क्लॉक बिगड़ने लगती है. इसका असर नींद की क्वालिटी पर पड़ता है और सुबह उठने के बाद भी शरीर फ्रेश महसूस नहीं करता. कई लोगों को दिनभर सुस्ती, सिर भारी लगना और काम में फोकस न कर पाने जैसी परेशानियां होने लगती हैं. धीरे-धीरे यह आदत पूरे रूटीन को असंतुलित कर देती है. दिमाग और मूड पर भी पड़ता है असरदेर रात तक जागने का असर सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी दिखाई देता है. कम नींद लेने वाले लोगों में चिड़चिड़ापन, तनाव और मूड स्विंग ज्यादा देखे जाते हैं. कई बार छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा आने लगता है और दिमाग शांत नहीं रहता. रात में देर तक स्क्रीन देखने से दिमाग लगातार एक्टिव बना रहता है, जिससे उसे ठीक से आराम नहीं मिल पाता. कुछ लोगों को याददाश्त कमजोर होने या चीजें भूलने जैसी दिक्कतें भी महसूस होने लगती हैं. इम्यूनिटी और पाचन पर पड़ सकता है बुरा असरजब शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता, तो इम्यून सिस्टम भी कमजोर होने लगता है. ऐसे लोग जल्दी सर्दी-जुकाम, खांसी या वायरल संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं. इसके अलावा देर रात तक जागने वाले लोग अक्सर अनहेल्दी स्नैकिंग भी करते हैं, जिससे पाचन पर असर पड़ता है. एसिडिटी, पेट भारी रहना और भूख का सही समय बिगड़ना आम समस्या बन सकती है. कुछ लोगों का वजन तेजी से बढ़ने लगता है, क्योंकि देर रात जागने से हार्मोन बैलेंस भी प्रभावित होता है. त्वचा और आंखों में दिखने लगते हैं बदलावनींद पूरी न होने का असर चेहरे पर भी साफ नजर आने लगता है. आंखों के नीचे डार्क सर्कल, त्वचा का बेजान दिखना और चेहरे पर थकान नजर आना आम बात है. रात के समय शरीर खुद को रिपेयर करता है, लेकिन अगर नींद पूरी न हो तो यह प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. लगातार देर रात तक जागने से आंखों में जलन, सूखापन और सिरदर्द जैसी समस्याएं भी बढ़ सकती हैं, खासकर उन लोगों में जो रातभर मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल करते हैं. कैसे सुधार सकते हैं अपनी आदतअगर आप रोज देर रात तक जागते हैं, तो धीरे-धीरे अपनी स्लीप टाइमिंग सुधारने की कोशिश करें. सोने से एक घंटा पहले स्क्रीन टाइम कम करें और रात में कैफीन वाली चीजों से दूरी बनाएं. हर दिन एक तय समय पर सोना और उठना शरीर की बॉडी क्लॉक को दोबारा संतुलित करने में मदद कर सकता है. अच्छी नींद सिर्फ आराम नहीं देती, बल्कि शरीर को स्वस्थ रखने के लिए भी बेहद जरूरी मानी जाती है. About the Author Vividha SinghSub Editor विविधा सिंह इस समय News18 हिंदी के डिजिटल मीडिया में सब एडिटर के तौर पर काम कर रही हैं. वह लाइफस्टाइल बीट में हेल्थ, फूड, ट्रैवल, फैशन और टिप्स एंड ट्रिक्स जैसी स्टोरीज कवर करती हैं. कंटेंट लिखने और उसे आसान व …और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्टोरीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्स में सबमिट करें Location : Delhi,Delhi,Delhi
फ्रिज कूलिंग फिक्सर: फ्रिज में पानी नहीं हो रहा ठंडा और बर्फ भी नहीं जम रही? बिना पैसे खर्च किए अपनाएं ये 5 आसान टिप्स

18 मई 2026 को 22:11 IST पर अद्यतन किया गया फ्रिज कूलिंग फिक्सर: गर्मी का मौसम आता है ही फ्रिज की कूलिंग कम होने की समस्या कई घरों में देखने को मिलती है। फ़्रिज़वे तो रहता है लेकिन पानी ठीक से ठंडा नहीं होता और बर्फ भी सही तरीके से जमती नहीं। ऐसे में लोग इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक को बुला लेते हैं, जबकि कई बार छोटे-छोटे बच्चों की वजह से ही ये परेशानी होती है। कुछ आसान घरेलू टिप्स जिन्हें अपनाकर बिना एक भी रुपये खर्च किए फ़्रिज़ की कूलिंग को बेहतर बनाया जा सकता है। अनुसरण करना : फ़्रिज़ के पीछे लगे कॉइल्स-ग्रिल्स पर कूड़ा जमने से गर्म हवा नहीं निकले। चुनौती पर दबाव बढ़ता जा रहा है, ठंडक कम होती जा रही है। सबसे पहले फ़र्ज़ी का उल्लेख – फ़ायरफ़ायर की मदद से पीछे की ओर ग्रिल साफ़ करें। छवि: एआई फ़्रिज़ को दीवार से बिल्कुल सटाकर रख दें, जिससे हवा पास न हो, मसाले और मशीन जल्दी गर्म होने लगती है। बेहतर कूलिंग के लिए फ़ेरी और दीवार के बीच कम से कम 5 से 6 इंच की दूरी अवश्य रखें। छवि: एआई गर्मी में फ़्रैंचाइज़ी कोचिंग से अंदर की हवा बाहर निकल जाती है। बाद में फ़िरोज़ कोफ़िल्म कूल होने में ज़्यादातर मेहनती कलाकारी की गई। इसलिए ज़रूरत होने पर ही फ़्राइज़ का दरवाजा खुला और ज्यादातर उसे देर तक खुला नहीं रखा। छवि: एआई फ़र्ज़ी में ज़्यादातर सामान भर दिया जाए तो अंदर हवा से सही जगह पर नहीं घूमें। भाग अधिकतर ठंडे और कुछ भाग कम ठंडे रह जाते हैं। सामान के बीच थोड़ी सी जगह जरूर छोड़ें और गर्म खाना सीधे फ्रिज में रखने की सलाह दें। छवि: एआई समर में भी फ़िरोज़ का फ़्लोरिंग सही तरीके से सेट नहीं किया जाता है जिससे कूलिंग धीमी जैसी लगती है। सही टेंपरेचर सेट करने से बेहतर तरीक़ों से काम होता है और खाने का सामान लंबे समय तक ताज़ा रहता है। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: कीर्ति सोनी प्रकाशित 18 मई 2026 22:11 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)फ्रिज कूलिंग टिप्स(टी)रेफ्रिजरेटर कूलिंग प्रॉब्लम(टी)ग्रीष्मकालीन घरेलू हैक्स(टी)रेफ्रिजरेटर रखरखाव(टी)फ्रिज कूलिंग फिक्स(टी)घरेलू उपकरण टिप्स(टी)रसोई हैक्स(टी)रेफ्रिजरेटर तापमान सेटिंग(टी)फ्रिज सफाई टिप्स(टी)ग्रीष्मकालीन देखभाल युक्तियाँ
Mumbai Airport | Air India Staff Protest Salary Hike

मुंबई9 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई एयरपोर्ट पर सोमवार को एअर इंडिया एयरपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AIASL) कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। वे सैलरी बढ़ाने और दूसरी मांगों को लेकर विरोध कर रहे थे। इसका असर एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट्स पर पड़ा। कई उड़ानें देरी से चलीं। हालांकि कंपनी ने प्रभावित फ्लाइट्स की संख्या नहीं बताई। AIASL एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग का काम करती है। कंपनी यात्रियों की मदद, सामान लोडिंग और विमान तैयार करने जैसी सेवाएं देती है। यह सेवाएं एअर इंडिया समेत कई विदेशी एयरलाइंस को भी दी जाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर इंडिया की एक फ्लाइट टेकऑफ से पहले काफी देर तक खड़ी रही। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें समय पर सही जानकारी भी नहीं दी गई। एयरक्राफ्ट के अंदर बैठे लोगों ने गर्मी और असुविधा की शिकायत की। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने गुस्सा जाहिर किया सोशल मीडिया X पर अभय वलसंगकर नाम के एक यूजर ने नाराजगी जताई सोशल मीडिया X पर प्रवेंदु झा नाम के एक यूजर ने नाराजगी जताई AIASL के CEO ने कहा- कर्मचारी काम पर लौटे एअर इंडिया ने कहा कि मुंबई एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ के विरोध का असर उड़ानों पर पड़ा। एयरलाइन ने बताया कि स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी है। यात्रियों को कम परेशानी हो, इसके लिए एयरपोर्ट टीम काम कर रही है। AIASL के CEO रामबाबू ने कहा कि कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। प्रबंधन ने कर्मचारियों से उनकी मांगें लिखित में मांगीं। इसके बाद कर्मचारी वापस काम पर लौट गए। कर्मचारियों का पत्र कंपनी को मिल गया है। प्रबंधन सभी मांगों पर नियमों के अनुसार विचार करेगा। AIASL देश के 84 एयरपोर्ट्स पर सेवाएं देती है। कंपनी में करीब 20 हजार कर्मचारी काम करते हैं। AIASL रोज लगभग 650 उड़ानों को संभालती है। इनमें 35% अंतरराष्ट्रीय और 65% घरेलू उड़ानें शामिल हैं। कंपनी एअर इंडिया समूह के साथ कई विदेशी एयरलाइंस को भी सेवाएं देती है। इनमें फ्लायदुबई, सऊदिया, ओमान एअर और सलाम एअर शामिल हैं। ——————————- ये खबर भी पढ़े… वडोदरा से दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट में लाइट गुल, अंधेरे और गर्मी में बेहाल हुए पैसेंजर्स गुजरात के वडोदरा में रविवार रात इंडिगो की फ्लाइट (6E 657) में बिजली गुल हो गई। विमान का ग्राउंड पावर यूनिट (GPU) अचानक बंद हो जाने से ये हालात बने। इसके चलते पैसेंजर्स को अंधेरे और भारी उमस में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Mumbai Airport | Air India Staff Protest Salary Hike

मुंबई25 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई एयरपोर्ट पर सोमवार को एअर इंडिया एयरपोर्ट सर्विस लिमिटेड (AIASL) कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। वे सैलरी बढ़ाने और दूसरी मांगों को लेकर विरोध कर रहे थे। इसका असर एअर इंडिया और एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट्स पर पड़ा। कई उड़ानें देरी से चलीं। हालांकि कंपनी ने प्रभावित फ्लाइट्स की संख्या नहीं बताई। AIASL एयरपोर्ट पर ग्राउंड हैंडलिंग का काम करती है। कंपनी यात्रियों की मदद, सामान लोडिंग और विमान तैयार करने जैसी सेवाएं देती है। यह सेवाएं एअर इंडिया समेत कई विदेशी एयरलाइंस को भी दी जाती हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एयर इंडिया की एक फ्लाइट टेकऑफ से पहले काफी देर तक खड़ी रही। यात्रियों का आरोप है कि उन्हें समय पर सही जानकारी भी नहीं दी गई। एयरक्राफ्ट के अंदर बैठे लोगों ने गर्मी और असुविधा की शिकायत की। सोशल मीडिया पर यात्रियों ने गुस्सा जाहिर किया सोशल मीडिया X पर अभय वलसंगकर नाम के एक यूजर ने नाराजगी जताई सोशल मीडिया X पर प्रवेंदु झा नाम के एक यूजर ने नाराजगी जताई AIASL के CEO ने कहा- कर्मचारी काम पर लौटे एअर इंडिया ने कहा कि मुंबई एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ के विरोध का असर उड़ानों पर पड़ा। एयरलाइन ने बताया कि स्थिति सामान्य करने की कोशिश जारी है। यात्रियों को कम परेशानी हो, इसके लिए एयरपोर्ट टीम काम कर रही है। AIASL के CEO रामबाबू ने कहा कि कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। प्रबंधन ने कर्मचारियों से उनकी मांगें लिखित में मांगीं। इसके बाद कर्मचारी वापस काम पर लौट गए। कर्मचारियों का पत्र कंपनी को मिल गया है। प्रबंधन सभी मांगों पर नियमों के अनुसार विचार करेगा। AIASL देश के 84 एयरपोर्ट्स पर सेवाएं देती है। कंपनी में करीब 20 हजार कर्मचारी काम करते हैं। AIASL रोज लगभग 650 उड़ानों को संभालती है। इनमें 35% अंतरराष्ट्रीय और 65% घरेलू उड़ानें शामिल हैं। कंपनी एअर इंडिया समूह के साथ कई विदेशी एयरलाइंस को भी सेवाएं देती है। इनमें फ्लायदुबई, सऊदिया, ओमान एअर और सलाम एअर शामिल हैं। ——————————- ये खबर भी पढ़े… वडोदरा से दिल्ली जा रही इंडिगो फ्लाइट में लाइट गुल, अंधेरे और गर्मी में बेहाल हुए पैसेंजर्स गुजरात के वडोदरा में रविवार रात इंडिगो की फ्लाइट (6E 657) में बिजली गुल हो गई। विमान का ग्राउंड पावर यूनिट (GPU) अचानक बंद हो जाने से ये हालात बने। इसके चलते पैसेंजर्स को अंधेरे और भारी उमस में परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों की तबीयत बिगड़ने लगी थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
इसके लिए कोई ‘ममता’ नहीं है: ‘सड़क पर नमाज़ न पढ़ें’ | सार्वजनिक स्थान = प्रार्थना मैट? | न्यूज18

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