Thursday, 09 Jul 2026 | 07:51 AM

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क्या हाई ब्लड प्रेशर में एक्सरसाइज करना सेफ है? जानें एक्सपर्ट्स की राय – News18 हिंदी

क्या हाई ब्लड प्रेशर में एक्सरसाइज करना सेफ है? जानें एक्सपर्ट्स की राय – News18 हिंदी

X क्या हाई ब्लड प्रेशर में एक्सरसाइज करना सेफ है? जानें एक्सपर्ट्स की राय   Health Tips: फिट और हेल्दी रहने के लिए रोजाना कम से कम 40 मिनट एक्सरसाइज करने की सलाह हर डॉक्टर देता है, लेकिन हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट पेशेंट्स के लिए ये सवाल और भी बड़ा बन जाता है. क्या एक्सरसाइज करना उनके लिए सुरक्षित है या खतरनाक? इस वीडियो में हम आसान भाषा में समझेंगे कि हाई BP वाले लोगों को जिम या घर पर वर्कआउट करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, कौन-सी एक्सरसाइज़ से बचना चाहिए और कौन-सी उनके लिए फायदेमंद हो सकती है. साथ ही हम यह भी जानेंगे कि डाइट में क्या शामिल करें, और क्या प्रोटीन सप्लीमेंट्स लेना उनके लिए सुरक्षित है या नहीं? न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा-उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने कहा-उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाले अपने पिछले फैसले पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने सोमवार को यह बयान सैयद इफ्तिखार अंद्राबी से जुड़े नार्को-टेररिज्म मामले पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने माना कि किसी आरोपी को बेल देना एक नियम है, जबकि उसे जेल भेजना अपवाद होना चाहिए। जस्टिस उज्जल भुयान और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने केए नजीब मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में माना था कि मौलिक अधिकार का उल्लंघन होने पर अदालतें यूएपीए (UAPA) मामलों में जमानत दे सकती हैं। लेकिन उमर खालिद की जमानत याचिका खारिज करते समय कोर्ट ने इस फैसले पर ध्यान नहीं दिया था। कोर्ट बोला- छोटी बेंच को बड़ी बेंच के फैसले मानने पड़ेंगे सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब कोई बड़ी बेंच फैसला सुना देती है, तो छोटी बेंच को उसे मानना ही पड़ेगा। आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि छोटी बेंच सीधे-सीधे मना तो नहीं करतीं, लेकिन घुमा-फिराकर बड़े फैसले के असर को कमजोर कर देती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक साल तक अपील करने पर रोक लगाई इस साल 4 जनवरी को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने फैसले को रिव्यू करने से भी मना कर दिया था। कहा था कि दोनों आरोपी एक साल तक दिल्ली दंगे मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते हैं। दरअसल, उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद दिल्ली दंगों के आरोप में 5 साल 3 महीने से तिहाड़ में हैं। इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उन्हें गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत जमानत देने से इनकार किया गया था। खालिद ने अब तक 6 बार जमानत याचिकाएं लगाईं, किसी में राहत नहीं उमर जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगा चुका है। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं। ट्रायल कोर्ट हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट: ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों:एक एयरलाइन ₹8000 चार्ज करती है, दूसरी ₹18000; सरकार से कहा- लोगों को थोड़ी राहत दें सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही दिन, एक ही सेक्टर में उड़ान भरने वाली एक एयरलाइन कुछ अलग हवाई किराया लेती है, जबकि दूसरी एयरलाइनल अलग किराया लेती है। इसे सही किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार यात्रियों को राहत दे। पूरी खबर पढ़ें…

सुप्रीम कोर्ट बोला- उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट बोला- उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाले अपने पिछले फैसले पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने सोमवार को यह बयान सैयद इफ्तिखार अंद्राबी से जुड़े नार्को-टेररिज्म मामले पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने माना कि किसी आरोपी को बेल देना एक नियम है, उसे जेल भेजना अपवाद होना चाहिए। जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने केए नजीब मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में माना था कि मौलिक अधिकार का उल्लंघन होने पर अदालतें गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) मामलों में जमानत दे सकती हैं। लेकिन खालिद की जमानत याचिका खारिज करते समय कोर्ट ने इस फैसले पर ध्यान नहीं दिया था। कोर्ट बोला- छोटी बेंच को बड़ी बेंच के फैसले मानने पड़ेंगे सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब कोई बड़ी बेंच फैसला सुना देती है तो छोटी बेंच को उसे मानना ही पड़ेगा। आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि छोटी बेंच सीधे-सीधे मना तो नहीं करतीं, लेकिन घुमा-फिराकर बड़े फैसले के असर को कमजोर कर देती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक साल तक अपील करने पर रोक लगाई थी इस साल 4 जनवरी को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने फैसले को रीव्यू करने से भी मना कर दिया था। कहा था कि दोनों आरोपी एक साल तक दिल्ली दंगे मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते। दरअसल, उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद दिल्ली दंगों के आरोप में 5 साल 3 महीने से तिहाड़ में हैं। इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उन्हें UAPA के तहत जमानत देने से इनकार किया गया था। खालिद ने अब तक 6 बार जमानत याचिकाएं लगाईं, किसी में राहत नहीं उमर जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगा चुका है। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं। खालिद ने ऐसे लगाईं याचिकाएं… ट्रायल कोर्ट हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट: ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों:एक एयरलाइन ₹8000 चार्ज करती है, दूसरी ₹18000; सरकार से कहा- लोगों को थोड़ी राहत दें सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही दिन, एक ही सेक्टर में उड़ान भरने वाली एक एयरलाइन कुछ अलग हवाई किराया लेती है, जबकि दूसरी एयरलाइनल अलग किराया लेती है। इसे सही किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार यात्रियों को राहत दे। पूरी खबर पढ़ें…

गैस और एसिडिटी होने पर गटक लेते हैं कोल्ड ड्रिंक, सावधान हो जाइए, डॉक्टर ने दी वॉर्निंग

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Last Updated:May 18, 2026, 12:57 IST Cold Drinks for Acidity Relief: कई लोग गैस और एसिडिटी होने पर तुरंत कोल्ड ड्रिंक पी लेते हैं. उन्हें लगता है इससे गैस और एसिडिटी से छुटकारा मिल जाएगा, लेकिन यह सिर्फ गलतफहमी है. हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह आदत समस्या को कम करने के बजाय बढ़ा भी सकती है. सही खानपान से गैस-एसिडिटी की समस्या को नेचुरली कम किया जा सकता है. कोल्ड ड्रिंक पीने से गैस और एसिडिटी की समस्या खत्म नहीं होती है. Does Soda Help With Gas Problems: खाना खाने के बाद कई लोगों को गैस बनने लगती है और एसिडिटी की समस्या हो जाती है. गर्मी के मौसम में पेट की परेशानियां ज्यादा होती हैं. कई लोग गैस और एसिडिटी होने पर कोल्ड ड्रिंक पी लेते हैं. अक्सर यह माना जाता है कि कोल्ड ड्रिंक पीने से डकार आती है और पेट की गैस निकल जाती है. कोल्ड ड्रिंक की तुलना एसिडिटी से रिलीफ देने वाली कई चीजों से भी की जाती है. अब सवाल है कि क्या वाकई कोल्ड ड्रिंक गैस और एसिडिटी से राहत दिलाने में कारगर होती है? एक्सपर्ट से इसका जवाब जानने की कोशिश करते हैं. दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एंड पैंक्रियाटिको बिलियरी साइंसेज के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने News18 को बताया कोल्ड ड्रिंक में कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है, जिसकी वजह से इसे पीने पर डकार आती है. कई लोगों को डकार आने के बाद पेट हल्का महसूस होता है, जिससे उन्हें लगता है कि गैस खत्म हो गई है. हालांकि यह राहत कुछ देर की होती है और असल समस्या पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ता है. कोल्ड ड्रिंक गैस और एसिडिटी को ठीक नहीं करती, बल्कि कई मामलों में समस्या बढ़ा सकती है. कोल्ड ड्रिंक में मौजूद कार्बोनेशन, ज्यादा चीनी और एसिडिक तत्व पेट में एसिड की मात्रा बढ़ा सकते हैं. इससे एसिडिटी, पेट में जलन और ब्लोटिंग बढ़ सकती है. एक्सपर्ट ने बताया कि कोल्ड ड्रिंक में फॉस्फोरिक एसिड और कार्बोनिक एसिड जैसे तत्व मौजूद होते हैं. ये पेट की अंदरूनी परत को प्रभावित कर सकते हैं और एसिड रिफ्लक्स की समस्या बढ़ा सकते हैं. खासकर खाली पेट या बहुत ज्यादा मात्रा में कोल्ड ड्रिंक पीना नुकसानदायक हो सकता है. इसके अलावा कोल्ड ड्रिंक कुछ लोगों में पाचन प्रक्रिया भी प्रभावित कर सकती है. कार्बोनेटेड ड्रिंक्स में गैस होने के कारण कुछ समय के लिए डकार जरूर आ सकती है, लेकिन इससे पेट में और ज्यादा गैस बनने की संभावना भी रहती है. यही वजह है कि कई लोगों को कोल्ड ड्रिंक पीने के बाद पेट फूलना या भारीपन महसूस होता है. डॉक्टर के मुताबिक गैस और एसिडिटी से बचने के लिए खानपान और लाइफस्टाइल पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है. ज्यादा तला-भुना और मसालेदार खाना कम खाएं, खाना धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाएं, पर्याप्त पानी पिएं, खाने के तुरंत बाद लेटने से बचें, छाछ, सौंफ, अदरक और जीरा जैसे घरेलू उपाय अपनाएं और ज्यादा चाय, कॉफी, कोल्ड ड्रिंक से दूरी बनाएं. जिन लोगों को पहले से एसिड रिफ्लक्स, गैस्ट्राइटिस, अल्सर या पाचन संबंधी समस्या है, उन्हें कोल्ड ड्रिंक अवॉइड करनी चाहिए. बार-बार एसिडिटी होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. डॉक्टर की मानें तो गैस और एसिडिटी का ट्रीटमेंट उसके कारण और गंभीरता पर निर्भर करता है. सामान्य मामलों में डॉक्टर खानपान और लाइफस्टाइल में बदलाव की सलाह देते हैं. कुछ मरीजों को एंटासिड और गैस कम करने वाली दवाएं दी जा सकती हैं. अगर समस्या बार-बार हो रही हो, पेट में तेज दर्द, उल्टी, वजन कम होना या निगलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो डॉक्टर एंडोस्कोपी या अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं, ताकि अल्सर, GERD या किसी दूसरी पाचन संबंधी बीमारी का पता लगाया जा सके. सटीक कारण जानने के बाद उसकी प्रॉपर ट्रीटमेंट किया जाता है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

चरवाहे ने देख लिया था इजराइल का सीक्रेट सैन्य ठिकाना:हेलिकॉप्टर से पीछा कर मारा, तब खुला इराक में इजराइली कैंप का राज

चरवाहे ने देख लिया था इजराइल का सीक्रेट सैन्य ठिकाना:हेलिकॉप्टर से पीछा कर मारा, तब खुला इराक में इजराइली कैंप का राज

तारीख- 3 मार्च जगह- अल-नुखैब कस्बा, पश्चिमी इराक 29 साल का चरवाहा अवाद अल-शम्मारी अपनी पिकअप गाड़ी लेकर जरूरी सामान लेने निकला था। सऊदी अरब और जॉर्डन की सीमाओं के पास बसे इस रेगिस्तानी इलाके में गाड़ियों का गुजरना आम बात थी। कुछ घंटों बाद वही गाड़ी आग की लपटों में घिरी और गोलियों से छलनी हालत में वापस दिखाई दी। लोगों ने बताया कि एक हेलिकॉप्टर ट्रक का पीछा कर रहा था और लगातार उस पर गोलियां चला रहा था, जब तक कि ट्रक रेत में रुक नहीं गया। परिजनों का कहना है कि अवाद गलती से इजराइल के एक सीक्रेट सैन्य ठिकाने तक पहुंच गया था। वहां उसे एक अस्थायी हवाई पट्टी के आसपास सैनिक, हेलिकॉप्टर और तंबू दिखाई दिए। उसने तुरंत इराकी सेना के रिजनल कमांड को फोन कर इसकी सूचना दी। परिवार का मानना है कि इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई। इजराइली सेना ने इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। रिपोर्ट में शामिल गवाहों और अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से नाम छिपाने की शर्त पर न्यूयॉर्क टाइम्स से बात की है। ईराक में इजराइल के 2 सीक्रेट सैन्य ठिकाने इजराइल पिछले एक साल से ज्यादा समय तक इराक के पश्चिमी रेगिस्तान में दो सीक्रेट मिलिट्री बेस चला रहा था। क्षेत्रीय और इराकी अधिकारियों के अनुसार इजराइल उस जगह का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में सहायता के लिए कर रहा था। इनमें से एक वही अड्डा था जिसे अवाद ने देख लिया था। इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी इराक में एक इजराइली ठिकाने की खबर दी थी, लेकिन इराकी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि दूसरा सीक्रेट ठिकाना भी मौजूद था। अधिकारियों ने कहा कि यह ठिकाना अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जून 2025 में हुई 12 दिन की लड़ाई से पहले ही बनाया जा चुका था। एक क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक इजराइल ने 2024 के आखिर में ही ऐसे सीक्रेट ठिकानों की तैयारी शुरू कर दी थी ताकि भविष्य के युद्धों में उनका इस्तेमाल किया जा सके। अमेरिका को थी इजराइली सीक्रेट ठिकाने की जानकारी कम से कम एक सीक्रेट अड्डे की जानकारी अमेरिका को जून 2025 या उससे पहले से थी। इससे माना जा रहा है कि अमेरिका ने इराक से यह बात छिपाई कि उसकी जमीन पर एक दुश्मन देश की सेना काम कर रही थी। इराकी सांसद वाद अल-कदू ने कहा कि इजराइल का इराक की जमीन पर सीक्रेट ठिकाने बनाना देश की संप्रभुता और इराकी लोगों के सम्मान का खुला उल्लंघन है। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक इजराइल को भरोसा था कि वह इराक में सीक्रेट ठिकाना चला सकता है, क्योंकि वहां अमेरिका की मजबूत सैन्य मौजूदगी है। अधिकारियों ने कहा कि 2025 की लड़ाई और मौजूदा तनाव के दौरान अमेरिका ने इराक से अपने रडार बंद करवाए थे, ताकि अमेरिकी विमानों की जानकारी बाहर न जाए। इसकी वजह से इराक अपने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए काफी हद तक अमेरिका पर निर्भर हो गया। इस खुलासे ने इराक के लिए असहज सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला ये कि क्या इराकी सुरक्षा बलों को विदेशी सैन्य मौजूदगी की जानकारी नहीं थी? या फिर उन्हें पता था लेकिन उन्होंने नजरअंदाज किया? दोनों ही हालात से पता चलता है कि इराक अभी भी अपनी जमीन पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं रख पा रहा है। इराकी सेना के कमांडर बोले- मुझे पहले से शक था इराकी सेना के यूफ्रेट्स यूनिट के कमांडर मेजर जनरल अली अल-हमदानी ने कहा कि सेना को एक महीने पहले से रेगिस्तान में इजराइली मौजूदगी का शक था। वहां रहने वाले बेदुइन समुदाय के लोग कई हफ्तों से सेना को बता रहे थे कि रेगिस्तान में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। लोगों ने हेलिकॉप्टरों की आवाजाही, सैनिकों की मौजूदगी और रेगिस्तान में बने अस्थायी ढांचे देखे थे। अली अल-हमदानी ने कहा कि सेना को शक था कि वहां इजराइली बल मौजूद हो सकते हैं, लेकिन सेना ने सीधे वहां जाने की बजाय दूर से निगरानी करना चुना। उन्होंने बताया कि इराकी सेना ने अमेरिकी अधिकारियों से भी जानकारी मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके कुछ समय बाद जब चरवाहे अवाद ने खुद फोन कर बताया कि उसने एक हवाई पट्टी के आसपास सैनिक, हेलिकॉप्टर और तंबू देखे हैं, तब मामला और गंभीर हो गया। लेकिन कुछ ही समय बाद उसका संपर्क टूट गया। सेना जांच के लिए पहुंची, इजराइल ने हमला कर भगाया अवाद के परिवार ने दो दिन तक उसकी तलाश की। बाद में उन्हें उन बेदुइन लोगों के बारे में पता चला जिन्होंने उसकी हत्या देखी थी। अवाद के चचेरे भाई आमिर अल-शम्मारी ने कहा कि लोगों ने उन्हें बताया कि रेगिस्तान में अवाद जैसी एक जली हुई पिकअप गाड़ी पड़ी है, लेकिन डर के कारण कोई वहां जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था। जब परिवार वहां पहुंचा तो उन्हें जली हुई गाड़ी और अवाद का शव मिला। परिवार ने उसकी खून से लथपथ तस्वीरें साझा कीं। उसका सिर और उंगलियां बुरी तरह जली हुई थीं। परिवार ने उसी जगह गाड़ी के पास एक साधारण कब्र बनाकर उसे दफना दिया। अली अल-हमदानी के मुताबिक अवाद की सूचना के अगले दिन इराकी सेना ने इलाके में जांच के लिए टुकड़ी भेजी। लेकिन जैसे ही सैनिक उस इलाके के करीब पहुंचे, उन पर हमला हो गया। एक सैनिक मारा गया, दो घायल हुए और सेना की गाड़ियों पर बमबारी की गई। इसके बाद सैनिकों को पीछे हटना पड़ा। सीनियर अधिकारियों ने जांच को धीमा करने की कोशिश की बगदाद में सीनियर अफसर समझ नहीं पा रहे थे कि हमला किसने किया। कुछ बड़े सैन्य अधिकारियों ने घटना को कम महत्व देकर जांच को धीमा कर दिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इराकी सेना ने सिर्फ इतना कहा कि ‘विदेशी फोर्स’ ने हमला किया और UNSC में शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि अंदरूनी स्तर पर इराकी आर्मी चीफ जनरल अब्दुल-अमीर यारल्लाह ने अमेरिकी सेना से संपर्क किया। मेजर जनरल हमदानी और दो सीनियर अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी पक्ष ने कहा कि हमला अमेरिका ने नहीं किया। इसके बाद इराकी अधिकारियों को समझ आया कि यह इजराइल था। अली अल-हमदानी ने न्यूयॉर्क टाइम्स

Israel Iraq Military Base Exposed; Iran War Attack

Israel Iraq Military Base Exposed; Iran War Attack

काबुल/वॉशिंगटन डीसीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक तारीख- 3 मार्च जगह- अल-नुखैब कस्बा, पश्चिमी इराक 29 साल का चरवाहा अवाद अल-शम्मारी अपनी पिकअप गाड़ी लेकर जरूरी सामान लेने निकला था। सऊदी अरब और जॉर्डन की सीमाओं के पास बसे इस रेगिस्तानी इलाके में गाड़ियों का गुजरना आम बात थी। कुछ घंटों बाद वही गाड़ी आग की लपटों में घिरी और गोलियों से छलनी हालत में वापस दिखाई दी। लोगों ने बताया कि एक हेलिकॉप्टर ट्रक का पीछा कर रहा था और लगातार उस पर गोलियां चला रहा था, जब तक कि ट्रक रेत में रुक नहीं गया। परिजनों का कहना है कि अवाद गलती से इजराइल के एक सीक्रेट सैन्य ठिकाने तक पहुंच गया था। वहां उसे एक अस्थायी हवाई पट्टी के आसपास सैनिक, हेलिकॉप्टर और तंबू दिखाई दिए। उसने तुरंत इराकी सेना के रीजनल कमांड को फोन कर इसकी सूचना दी। परिवार का मानना है कि इसी वजह से उसकी हत्या कर दी गई। इजराइली सेना ने इन आरोपों पर कोई टिप्पणी नहीं की है। रिपोर्ट में शामिल गवाहों और अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से नाम छिपाने की शर्त पर न्यूयॉर्क टाइम्स से बात की है। ईराक में इजराइल के 2 सीक्रेट सैन्य ठिकाने इजराइल पिछले एक साल से ज्यादा समय तक इराक के पश्चिमी रेगिस्तान में दो सीक्रेट मिलिट्री बेस चला रहा था। क्षेत्रीय और इराकी अधिकारियों के अनुसार इजराइल उस जगह का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में सहायता के लिए कर रहा था। इनमें से एक वही अड्डा था जिसे अवाद ने देख लिया था। इससे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी इराक में एक इजराइली ठिकाने की खबर दी थी, लेकिन इराकी अधिकारियों ने न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि दूसरा सीक्रेट ठिकाना भी मौजूद था। अधिकारियों ने कहा कि यह ठिकाना अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जून 2025 में हुई 12 दिन की लड़ाई से पहले ही बनाया जा चुका था। एक क्षेत्रीय अधिकारी के मुताबिक इजराइल ने 2024 के आखिर में ही ऐसे सीक्रेट ठिकानों की तैयारी शुरू कर दी थी ताकि भविष्य के युद्धों में उनका इस्तेमाल किया जा सके। अमेरिका को थी इजराइली सीक्रेट ठिकाने की जानकारी कम से कम एक सीक्रेट अड्डे की जानकारी अमेरिका को जून 2025 या उससे पहले से थी। इससे माना जा रहा है कि अमेरिका ने इराक से यह बात छिपाई कि उसकी जमीन पर एक दुश्मन देश की सेना काम कर रही थी। इराकी सांसद वाद अल-कदू ने कहा कि इजराइल का इराक की जमीन पर सीक्रेट ठिकाने बनाना देश की संप्रभुता और इराकी लोगों के सम्मान का खुला उल्लंघन है। क्षेत्रीय अधिकारियों के मुताबिक इजराइल को भरोसा था कि वह इराक में सीक्रेट ठिकाना चला सकता है, क्योंकि वहां अमेरिका की मजबूत सैन्य मौजूदगी है। अधिकारियों ने कहा कि 2025 की लड़ाई और मौजूदा तनाव के दौरान अमेरिका ने इराक से अपने रडार बंद करवाए थे, ताकि अमेरिकी विमानों की जानकारी बाहर न जाए। इसकी वजह से इराक अपने इलाके में संदिग्ध गतिविधियों का पता लगाने के लिए काफी हद तक अमेरिका पर निर्भर हो गया। इस खुलासे ने इराक के लिए असहज सवाल खड़े कर दिए हैं। पहला ये कि क्या इराकी सुरक्षा बलों को विदेशी सैन्य मौजूदगी की जानकारी नहीं थी? या फिर उन्हें पता था लेकिन उन्होंने नजरअंदाज किया? दोनों ही हालात से पता चलता है कि इराक अभी भी अपनी जमीन पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं रख पा रहा है। इराकी सेना के कमांडर बोले- मुझे पहले से शक था इराकी सेना के यूफ्रेट्स यूनिट के कमांडर मेजर जनरल अली अल-हमदानी ने कहा कि सेना को एक महीने पहले से रेगिस्तान में इजराइली मौजूदगी का शक था। वहां रहने वाले बेदुइन समुदाय के लोग कई हफ्तों से सेना को बता रहे थे कि रेगिस्तान में संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दे रही हैं। लोगों ने हेलिकॉप्टरों की आवाजाही, सैनिकों की मौजूदगी और रेगिस्तान में बने अस्थायी ढांचे देखे थे। अली अल-हमदानी ने कहा कि सेना को शक था कि वहां इजराइली बल मौजूद हो सकते हैं, लेकिन सेना ने सीधे वहां जाने की बजाय दूर से निगरानी करना चुना। उन्होंने बताया कि इराकी सेना ने अमेरिकी अधिकारियों से भी जानकारी मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। इसके कुछ समय बाद जब चरवाहे अवाद ने खुद फोन कर बताया कि उसने एक हवाई पट्टी के आसपास सैनिक, हेलिकॉप्टर और तंबू देखे हैं, तब मामला और गंभीर हो गया। लेकिन कुछ ही समय बाद उसका संपर्क टूट गया। सेना जांच के लिए पहुंची, इजराइल ने हमला कर भगाया अवाद के परिवार ने दो दिन तक उसकी तलाश की। बाद में उन्हें उन बेदुइन लोगों के बारे में पता चला जिन्होंने उसकी हत्या देखी थी। अवाद के चचेरे भाई आमिर अल-शम्मारी ने कहा कि लोगों ने उन्हें बताया कि रेगिस्तान में अवाद जैसी एक जली हुई पिकअप गाड़ी पड़ी है, लेकिन डर के कारण कोई वहां जाने की हिम्मत नहीं कर रहा था। जब परिवार वहां पहुंचा तो उन्हें जली हुई गाड़ी और अवाद का शव मिला। परिवार ने उसकी खून से लथपथ तस्वीरें साझा कीं। उसका सिर और उंगलियां बुरी तरह जली हुई थीं। परिवार ने उसी जगह गाड़ी के पास एक साधारण कब्र बनाकर उसे दफना दिया। अली अल-हमदानी के मुताबिक अवाद की सूचना के अगले दिन इराकी सेना ने इलाके में जांच के लिए टुकड़ी भेजी। लेकिन जैसे ही सैनिक उस इलाके के करीब पहुंचे, उन पर हमला हो गया। एक सैनिक मारा गया, दो घायल हुए और सेना की गाड़ियों पर बमबारी की गई। इसके बाद सैनिकों को पीछे हटना पड़ा। चरवाहे की गाड़ी पर इजराइली सैनिकों ने हमला किया, जिसके बाद वह जलकर तबाह हो गई। सीनियर अधिकारियों ने जांच को धीमा करने की कोशिश की बगदाद में सीनियर अफसर समझ नहीं पा रहे थे कि हमला किसने किया। कुछ बड़े सैन्य अधिकारियों ने घटना को कम महत्व देकर जांच को धीमा कर दिया। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इराकी सेना ने सिर्फ इतना कहा कि ‘विदेशी फोर्स’ ने हमला किया और UNSC में शिकायत दर्ज कराई गई है। हालांकि अंदरूनी स्तर पर इराकी आर्मी चीफ जनरल अब्दुल-अमीर यारल्लाह ने अमेरिकी सेना से संपर्क किया। मेजर जनरल हमदानी और दो सीनियर अधिकारियों के मुताबिक अमेरिकी पक्ष ने

Vijay & Trisha Chepauk Stadium AI Fake Video Viral

Vijay & Trisha Chepauk Stadium AI Fake Video Viral

15 मिनट पहले कॉपी लिंक एक्टर और तमिलनाडु के नए सीएम विजय और एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें दोनों स्टेडियम में साथ में बैठकर आईपीएल का मैच देखते दिख रहे हैं। हालांकि, यह वीडियो सही नहीं, बल्कि पूरी तरह से फेक और AI-जनरेटेड है। बता दें कि सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने यह फेक वीडियो शेयर किया है। फेक वीडियो शेयर कर एक यूजर ने विजय पर सवाल उठाए। वीडियो शेयर कर एक यूजर ने दावा किया कि विजय चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के फैन हैं। वहीं, इंस्टाग्राम अकाउंट dileeps_edit ने यह वीडियो शेयर करते हुए खुद बताया कि यह वीडियो AI-जनरेटेड है और इसे टूल ‘oiioii_ai’ का इस्तेमाल करके बनाया गया है। dileeps_edit की पोस्ट। तृषा और विजय की डेटिंग चर्चा गौरतलब है कि पिछले कुछ समय से तृषा को एक्टर और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय के साथ लिंक किया जा रहा है। हालांकि, विजय और तृषा ने अब तक अपने रिश्ते को लेकर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है। शुक्रवार को तृषा चेन्नई में अपनी नई रिलीज फिल्म ‘करुप्पु’ की स्क्रीनिंग में पहुंचीं। इस दौरान डायरेक्टर आरजे बालाजी और एक्टर कार्थी भी मौजूद थे। थिएटर से बाहर निकलते समय तृषा अपनी कार में बैठी थीं। इसी दौरान एक फैन ने कहा, ‘थलापति से कहना कि मैंने उनका हालचाल पूछा है।’ इस पर तृषा ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘कंदीपा (जरूर)’। फिर उन्होंने सिर नीचे कर लिया। इसके बाद वह फोन चलाती नजर आती हैं। बाद में तृषा वहां मौजूद फैंस की तरफ हाथ हिलाकर उनका अभिवादन भी करती दिखीं। तृषा की फिल्म ‘करुप्पु’ सिनेमाघरों में 15 मई को रिलीज हुई। हाल ही में सीएम विजय के एक फैसले की भी काफी चर्चा हुई, जिसमें उन्होंने तृषा की फिल्म ‘करुप्पु’ के लिए सुबह 9 बजे के मॉर्निंग शो (स्पेशल स्क्रीनिंग) की विशेष अनुमति दी। बता दें कि मॉर्निंग शो पर राज्य में पिछले 3 सालों से प्रतिबंध लगा हुआ था। पूरी खबर यहां पढ़ें… इससे पहले 10 मई को तृषा तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के रूप में विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुईं। शपथ ग्रहण समारोह में तृषा ने विजय के परिवार से मुलाकात की और उनकी मां से गले मिलीं। वहीं, 4 मई को चुनाव परिणाम के दिन तृषा विजय के नीलांकरई स्थित घर भी पहुंची थीं। खास बात यह रही कि उसी दिन तृषा का 43वां जन्मदिन भी था। तृषा मंदिर के बाद विजय के घर पहुंची थीं। विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगा पर्सनल लाइफ की बात करें तो तृषा की 2015 में बिजनेसमैन वरुण मनियन से सगाई हुई थी, लेकिन बाद में दोनों अलग हो गए थे। वहीं, विजय ने 1999 में संगीता सोरनालिंगम से शादी की थी। इस शादी से दोनों के दो बच्चे जेसन संजय और दिव्या साशा हुए। वहीं, विजय और संगीता के तलाक का मामला अदालत में चल रहा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, संगीता ने अपनी तलाक याचिका में पति विजय पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का आरोप लगाया था। हालांकि, उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कीड़े-मकौड़े की तरह रेंगते हुए मंत्री आवास पहुंचे प्रदर्शनकारी:लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन

कीड़े-मकौड़े की तरह रेंगते हुए मंत्री आवास पहुंचे प्रदर्शनकारी:लखनऊ में 69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों का अनोखा प्रदर्शन

69000 शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों आज, सोमवार को शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी सड़क पर लेटते हुए मंत्री के आवास तक पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि हम लोग सरकार की नजर में कीड़े-मकौड़े हो चुके हैं। हमारी कहीं कोई सुनवाई नहीं है, इसलिए आज हम लोग कीड़ों की तरह रेंगते हुए मंत्री के आवास पर पहुंचे हैं। भीषण गर्मी की वजह से कई अभ्यर्थी बदहवास हो गए। पुलिस ने उन्हें पानी पिलाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सपा प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस प्रदर्शन को लेकर एक्स पर पोस्ट किया है। उन्होंने प्रदर्शनकारियों का वीडियो पोस्ट करके लिखा। अखिलेश यादव का पोस्ट हूबहू पढ़िए- संविधान द्वारा दिये गये आरक्षण के अधिकार को मारनेवाली भाजपा का अंहकार आज अंदर-ही-अंदर बहुत खुश होगा कि सदियों से वंचित, शोषित, पीड़ित समाज आज भी उनके वर्चस्व के आगे दंडवत होकर याचना कर रहा है लेकिन अपने प्रभुत्व के घमंड में चूर भाजपाई और उनके संगी-साथी ये भी याद रखें कि जब आग्रह हार जाता है, तब इंसान सीमाएं लांघ जाता है। देखिए 3 तस्वीरें… अब हमारे अंदर सहन शक्ति नहीं बची बनारस से आए कैलाश नाथ मौर्या ने कहा कि हम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से बस यही कहना चाहते हैं कि हम अब अपना धैर्य खो चुके हैं। हमारे अंदर बिल्कुल भी सहन शक्ति नहीं बची है। हम लोग घर से हार चुके हैं और अब सरकार से भी उम्मीद नहीं रही है। यह अंतिम फरियाद है। सुनवाई नहीं हुई तो हम सभी अभ्यर्थी सामूहिक तौर पर आत्मदाह करेंगे। एक छोटी सी खेती है उसी से घर का खर्च चलता है। हम लोग अपने बच्चों को अच्छे शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं। सिस्टम की वजह से बेरोजगार घूम रहे हैं। हाईकोर्ट में जीतने के बाद भी हमें नौकरी नहीं मिली है। हमारी बात कोई सुनने को तैयार नहीं है। हर कोई हमारे बारे में उल्टा बोलता है। ओम प्रकाश राजभर हमारे मंत्री हैं, जिन्होंने कभी न्याय की बात नहीं की। राजभर कहते हैं कि यह 69000 शिक्षक भर्ती वाले जूता खाने के लायक हैं, यह कितना शर्मनाक बयान है। अगर नौकरी नहीं मिली तो हम लोग चंदा इकट्‌ठा करके ओमप्रकाश राजभर के खिलाफ प्रचार करेंगे और उन्हें चुनाव हरवायेंगे। दिल्ली तक भटकर रहे हैं, लेकिन न्याय नहीं मिल रहा है भीषण गर्मी में रोते गिड़गिड़ाते हुए नवलेश ने बताया कि जौनपुर से आए हैं। हम मुख्यमंत्री और पिछड़ों के मंत्री अनुप्रिया पटेल से कहना चाहते हैं कि हमें न्याय दिलाइए। हम उन्हीं के बच्चे हैं। पिछले कई सालों से लखनऊ और जौनपुर के चक्कर काट रहे हैं। अब मामला सुप्रीम कोर्ट चला गया है तो दिल्ली में भी भटकना पड़ रहा है। हम हाथ जोड़कर सरकार से यह कहना चाहते हैं कि कल सुप्रीम कोर्ट में हमारी तारीख लगी है। अपना वकील जरूर भेजें। अगर हमारी सुनवाई नहीं हुई तो जान दे देंगे। इस भर्ती के अभ्यर्थियों में किसी ने अपनी मां खोई है तो किसी ने अपना बाप खोया है। ‘पिछड़ों-दलितों की हालत कीड़े-मकौड़े की तरह हो गई’ देवरिया से आए धनंजय गुप्ता ने कहा कि हम लोग आज मंत्री संदीप सिंह के आवास पर कीड़ों की तरह रेंगते हुए आए हैं। उनको बताने आए हैं कि आपकी सरकार में पिछड़ा और दलितों की हालत कीड़े-मकौड़े की तरह हो गई है। हम इतना चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट में सरकारी अधिवक्ता पेश हो जाए। 30 से ज्यादा डेट लगी और किसी में भी सरकारी अधिवक्ता करना पहुंचना बेहद शर्मनाक है। फैसला क्या होगा यह तो कोर्ट तय करेगा मगर कम से कम सरकार अपना वकील भेजे और केस आगे बढ़े। नौकरी न मिलने से हम लोग कीड़े-मकौड़े की जिंदगी जी रहे हैं। कहीं कोई सम्मान नहीं है। कल 19 में को सुप्रीम कोर्ट में हमारी तारीख लगी है। अगर सरकार का नुमाइंदा उपस्थित हो जाए तो बहुत मेहरबानी होगी। तपती हुई धूप में हम सड़क पर लेटे हैं, तो यह हमारी मजबूरी है। कोई खुशी से नहीं लेटा है। शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप से मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन सौंपा। अभ्यर्थियों का कहना है कि मंत्री संदीप सिंह की तरफ से आश्वासन मिला है कि सरकारी अधिवक्ता कल सुप्रीम में मौजूद रहेगा। —————- यह खबर भी पढ़िए… लखनऊ में ढाबा संचालक की हत्या:झगड़े का वीडियो बनाने पर दबंगों ने सिर में मारी गोली, 3 संदिग्ध हिरासत में लखनऊ में दबंगों ने एक ढाबा संचालक के सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। उसने ढाबे के सामने रोड पर लड़ाई कर रहे युवकों का वीडियो बनाया था। इससे नाराज होकर दबंग युवकों ने घटना को अंजाम दिया। ढाबा संचालक को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी ऑपेरशन के दौरान मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें

पेट रहेगा साफ, त्वचा करेगी ग्लो… गर्मी में रोज खाएं ये फल, डॉक्टर ने बताए चौंकाने वाले लाभ

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Last Updated:May 18, 2026, 12:36 IST गर्मी का मौसम आते ही शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखना सबसे जरूरी हो जाता है. ऐसे में खरबूजा एक ऐसा फल है, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है बल्कि पाचन, त्वचा, दिल और आंखों की सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. डॉक्टरों के मुताबिक इसमें मौजूद पानी, फाइबर और विटामिन शरीर को दिनभर ऊर्जा देने में मदद करते हैं. गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक और दिनभर तरोताजा रखने के लिए खरबूजा खाना बेहद फायदेमंद माना जाता है. खासतौर पर सुबह के समय इसका सेवन शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. वहीं अगर आप इसे दोपहर में खाते हैं, तो यह शरीर को ज्यादा ऊर्जा देने का काम करता है और तेज गर्मी से राहत दिलाने में भी मददगार साबित होता है. गांवों में पुराने समय से ही खेतों में काम करने वाले लोग खरबूजा खाते रहे हैं. माना जाता है कि यह शरीर में पानी की कमी नहीं होने देता और लंबे समय तक ठंडक बनाए रखता है. गर्म हवाओं और तेज धूप के बीच खरबूजा शरीर को तरोताजा रखने वाला प्राकृतिक फल माना जाता है. मेडिकल कॉलेज सुल्तानपुर में कार्यरत आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि खरबूजा एक प्राकृतिक फल है, जो गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम करता है. तेज धूप और ज्यादा पसीना निकलने की वजह से इस मौसम में शरीर में जल्दी थकावट महसूस होने लगती है और लू लगने का खतरा भी बढ़ जाता है. ऐसे में खरबूजा शरीर को हाइड्रेट रखने और गर्मी से राहत दिलाने के लिए एक बेहतर उपाय माना जाता है. डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव आगे बताते हैं कि खरबूजा पाचन के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है, क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में फाइबर पाया जाता है. फाइबर पेट को साफ रखने और पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. गर्मियों में लोग अक्सर भारी और तला-भुना भोजन खा लेते हैं, जिससे कब्ज और गैस जैसी समस्याएं होने लगती हैं. ऐसे समय में खरबूजा पेट को हल्का और ठंडा बनाए रखने में मदद करता है, जिससे शरीर को आराम महसूस होता है. Add News18 as Preferred Source on Google खरबूजा खाने से भोजन जल्दी पचने में मदद मिलती है और पेट में होने वाली जलन भी कम होती है. अगर इसे सुबह खाली पेट सीमित मात्रा में खाया जाए, तो पेट साफ रहता है और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. हालांकि, खरबूजा खाने के तुरंत बाद पानी पीने से बचना चाहिए. ऐसा करने से पेट खराब हो सकता है और लूज मोशन जैसी समस्या भी हो सकती है. इसलिए इसे खाने के कुछ समय बाद ही पानी पीना बेहतर माना जाता है. आज के समय में बढ़ता वजन लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुका है. ऐसे में खरबूजा उन लोगों के लिए बेहतर विकल्प माना जाता है, जो वजन कम करना चाहते हैं. इसमें कैलोरी की मात्रा कम होती है, जिससे यह वजन घटाने में मददगार साबित होता है. गर्मियों में भारी स्नैक्स खाने की बजाय खरबूजा खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिलता है और अतिरिक्त चर्बी बढ़ने का खतरा भी कम रहता है. सुबह नाश्ते में या फिर शाम को हल्की भूख लगने पर खरबूजा खाना फायदेमंद माना जाता है. इसमें मौजूद फाइबर लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करता है और भूख को कंट्रोल करता है. खरबूजा केवल शरीर को ठंडक पहुंचाने का काम ही नहीं करता, बल्कि त्वचा के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. इसमें विटामिन-ए और विटामिन-सी भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो त्वचा को स्वस्थ, मुलायम और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं. गर्मियों में तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण त्वचा अक्सर रूखी और बेजान हो जाती है. ऐसे में नियमित रूप से खरबूजा खाने से शरीर में पानी की कमी नहीं होती और त्वचा में नमी बनी रहती है, जिससे चेहरा ताजा और ग्लोइंग नजर आता है. खरबूजा एक ऐसा फल है, जो दिल और आंखों की सेहत के लिए भी बेहद लाभकारी माना जाता है. इसमें पोटैशियम पाया जाता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करता है और हृदय को स्वस्थ बनाए रखने में सहायक होता है. इसके साथ ही खरबूजे में मौजूद विटामिन-ए आंखों की रोशनी के लिए जरूरी माना जाता है. गर्मियों में शरीर जल्दी थक जाता है और कमजोरी महसूस होने लगती है, लेकिन खरबूजा शरीर को ऊर्जा देने और ताजगी बनाए रखने में मदद करता है. गर्मी के मौसम में शरीर से लगातार पसीना निकलता रहता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या होने लगती है. खरबूजा लगभग 90 प्रतिशत पानी से भरपूर होता है, इसलिए यह शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखने में मदद करता है. जो लोग दिनभर बाहर काम करते हैं, उनके लिए यह फल बेहद फायदेमंद माना जाता है. खरबूजा खाने से शरीर में ताजगी बनी रहती है और बार-बार प्यास भी नहीं लगती. यही वजह है कि डॉक्टर गर्मियों में पानी से भरपूर फलों का सेवन करने की सलाह देते हैं. खरबूजा खाने का सबसे अच्छा तरीका यह माना जाता है कि इसे ताजा काटकर तुरंत खाया जाए, ताकि इसके सभी पोषक तत्व शरीर को पूरी तरह मिल सकें. न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।

आज CSK-SRH की भिड़ंत, प्लेऑफ का टिकट लेने उतरेगी ईशान:शाम 7:30 बजे खेला जाएगा मुकाबला, चेन्नई के लिए प्लेऑफ की उम्मीद बरकरार

आज CSK-SRH की भिड़ंत, प्लेऑफ का टिकट लेने उतरेगी ईशान:शाम 7:30 बजे खेला जाएगा मुकाबला, चेन्नई के लिए प्लेऑफ की उम्मीद बरकरार

आज IPL में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के बीच चेन्नई के एमए चिदंबरम (चेपॉक) स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। आज ईशान किशन की टीम SRH, मैच जीतने के साथ प्लेऑफ में अपनी जगह लगभग पक्की करना चाहेगी। पिछले मैच में गुजरात टाइटंस के खिलाफ हैदराबाद ने सबसे छोटा स्कोर बनाया था। हैदराबाद की टीम 14.5 ओवर में सिर्फ 86 रन पर सिमट गई थी। ईशान किशन 11 रन बनाकर आउट हो गए थे। ईशान अपनी टीम के तीसरे टॉप स्कोरर हैदराबाद के लिए इस सीजन में ईशान ने 12 मैचों में 420 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 185.84 टीम को तेज शुरुआत दिला रहा है। इस सीजन में अबतक उन्होंने 42 चौके और 23 छक्के मारे हैं। ईशान अपनी टीम के तीसरे टॉप स्कोरर हैं। वहीं, पंजाब के खिलाफ मैच में ईशान किशन ने लगातार तीन छक्के लगाकर फिफ्टी पूरी की थी। 14वें ओवर में ईशान किशन ने विजयकुमार वैशाख की बॉल पर लगातार तीन छक्के जड़े थे। ईशान ने लगातार 3 छक्कों से पूरी की फिफ्टी पंजाब के खिलाफ मैच के तीसरी बॉल पर ईशान ने सफल करके पुल शॉट खेला और गेंद को डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। वैशाख ने स्टंप्स पर धीमी शॉर्ट गेंद थी, जिसे किशन ने आसानी से पढ़ लिया। चौथी बॉल पर ईशान ने एक और छक्का लगाया। ऑफ स्टंप के बाहर फुल लेंथ बॉल को किशन ने आगे बढ़कर खेला। इस बार बॉल सीधी लॉन्ग-ऑन के ऊपर से साइटस्क्रीन के पास से बाउंड्री पार चली गई। वैशाख ने 5वीं बॉल ऑफ स्टंप के बाद फुल लेंथ पर डाली। इसे किशन ने आगे बढ़कर लॉन्ग-ऑन के ऊपर से स्टैंड में पहुंचा दिया। करीब 92 मीटर के छक्के के साथ उन्होंने फिफ्टी भी पूरी कर ली। ईशान को ओवर में 2 जीवनदान, कैच ड्राप और स्टंपिंग छूटी 11वें ओवर में ईशान किशन को 2 बार जीवनदान मिले। यह ओवर युजवेंद्र चहल डाल रहे थे। चौथी बॉल पर लॉकी फर्ग्यूसन ने कैच ड्रॉप किया। ईशान ने लेंथ बॉल को स्वाइप किया। लेकिन, गेंद फर्ग्यूसन के हाथ से निकल गई। अतिरिक्त उछाल के कारण वे बॉल पकड़ नहीं सके और कैच का मौका गंवाया। चहल की आखिरी बॉल पर विकेटकीपर प्रभसिमरन सिंह ने ईशान को स्टंपिंग करने का आसान मौका गंवाया। चहल की फ्लाइटेड लेग ब्रेक पर ईशान आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने गए, लेकिन गेंद को पढ़ नहीं पाए। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में बनाए 80 रन ईशान किशन ने पैट कमिंस की जगह शुरुआती कुछ मैचों में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) की कप्तानी की थी। ईशान ने बतौर कप्तान डेब्यू मैच में अच्छा प्रदर्शन किया था और 80 रन बनाए थे। RCB के खिलाफ मैच में ईशान ने धमाकेदार पारी खेली और 5 चौके और 6 छक्कों की मदद से 80 रन बनाए थे। वह IPL में कप्तानी डेब्यू पर सबसे ज्यादा रन बनाने वाले संजू सैमसन और श्रेयस अय्यर जैसे प्लेयर्स की लिस्ट शामिल हो गए हैं। ईशान को बिहार सरकार ने दिया था 1 करोड़ का इनाम भारतीय क्रिकेट टीम की टी-20 विश्व कप 2026 में ऐतिहासिक जीत में बिहार के स्टार क्रिकेटर ईशान किशन की शानदार भूमिका रही है। ईशान किशन के पटना पहुंचने पर चीफ मिनिस्टर सेक्रेट्रिएट में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ईशान किशन का भव्य स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने ईशान को 1 करोड़ रुपये का चेक सौंपा, उन्हें एक खास मेमेंटो भी दिया।