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सुप्रीम कोर्ट बोला- उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट बोला- उमर खालिद को बेल मिल सकती थी:दिल्ली दंगा मामले के अपने फैसले पर आपत्ति जताई, कहा- जमानत अधिकार है, जेल अपवाद

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगा साजिश मामले में जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को जमानत देने से इनकार करने वाले अपने पिछले फैसले पर आपत्ति जताई। कोर्ट ने सोमवार को यह बयान सैयद इफ्तिखार अंद्राबी से जुड़े नार्को-टेररिज्म मामले पर सुनवाई के दौरान दिया। कोर्ट ने माना कि किसी आरोपी को बेल देना एक नियम है, उसे जेल भेजना अपवाद होना चाहिए। जस्टिस उज्जल भुइयां और जस्टिस बीवी नागरत्ना की बेंच ने केए नजीब मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का जिक्र किया। बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2021 में माना था कि मौलिक अधिकार का उल्लंघन होने पर अदालतें गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) मामलों में जमानत दे सकती हैं। लेकिन खालिद की जमानत याचिका खारिज करते समय कोर्ट ने इस फैसले पर ध्यान नहीं दिया था। कोर्ट बोला- छोटी बेंच को बड़ी बेंच के फैसले मानने पड़ेंगे सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि जब कोई बड़ी बेंच फैसला सुना देती है तो छोटी बेंच को उसे मानना ही पड़ेगा। आजकल ऐसा देखा जा रहा है कि छोटी बेंच सीधे-सीधे मना तो नहीं करतीं, लेकिन घुमा-फिराकर बड़े फैसले के असर को कमजोर कर देती हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक साल तक अपील करने पर रोक लगाई थी इस साल 4 जनवरी को जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एनवी अंजारिया की बेंच ने उमर खालिद और शरजील इमाम की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। कोर्ट ने फैसले को रीव्यू करने से भी मना कर दिया था। कहा था कि दोनों आरोपी एक साल तक दिल्ली दंगे मामले में जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकते। दरअसल, उमर खालिद, शरजील इमाम, गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा उर रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद दिल्ली दंगों के आरोप में 5 साल 3 महीने से तिहाड़ में हैं। इन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें 2020 के दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में उन्हें UAPA के तहत जमानत देने से इनकार किया गया था। खालिद ने अब तक 6 बार जमानत याचिकाएं लगाईं, किसी में राहत नहीं उमर जमानत के लिए निचली अदालत से सुप्रीम कोर्ट तक 6 बार याचिका लगा चुका है। दिल्ली में फरवरी, 2020 में हिंसा भड़की थी। इसमें 53 लोगों की मौत हुई थी। 250 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 750 से ज्यादा FIR दर्ज की गईं। खालिद ने ऐसे लगाईं याचिकाएं… ट्रायल कोर्ट हाईकोर्ट सुप्रीम कोर्ट: ——————————————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों:एक एयरलाइन ₹8000 चार्ज करती है, दूसरी ₹18000; सरकार से कहा- लोगों को थोड़ी राहत दें
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि एक ही दिन, एक ही सेक्टर में उड़ान भरने वाली एक एयरलाइन कुछ अलग हवाई किराया लेती है, जबकि दूसरी एयरलाइनल अलग किराया लेती है। इसे सही किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार यात्रियों को राहत दे। पूरी खबर पढ़ें…

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