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कर्नाटक में जल्द सत्ता परिवर्तन? सिद्धारमैया, शिवकुमार से खड़गे की मुलाकात से हलचल बढ़ी | भारत समाचार

BAN Vs PAK Live Score: Follow latest updates from Day 5 of the contest. (AFP Photo)

आखरी अपडेट:20 मई, 2026, 12:00 IST पार्टी के सूत्रों ने कहा कि सभा के दौरान चर्चा राज्य में राजनीतिक घटनाक्रम और मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अटकलों पर केंद्रित रही। पिछले साल नवंबर में कांग्रेस सरकार द्वारा अपना आधा कार्यकाल पूरा करने के बाद सत्ता-बंटवारे का मुद्दा तेज हो गया। (फाइल फोटो) कर्नाटक पावर शिफ्ट बज़: समाचार एजेंसी पीटीआई ने पार्टी सूत्रों के हवाले से बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के साथ बंद कमरे में चर्चा करने के बाद कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन की ताजा अटकलें फिर से शुरू हो गईं। सूत्रों के अनुसार, केरल में नई कांग्रेस सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने के बाद खड़गे, सिद्धारमैया और शिवकुमार ने सोमवार को तिरुवनंतपुरम से बेंगलुरु तक एक साथ यात्रा की। उतरने के तुरंत बाद, नेताओं ने कथित तौर पर अनौपचारिक दोपहर के भोजन के लिए कर्नाटक के ऊर्जा मंत्री केजे जॉर्ज के आवास पर मुलाकात की, जो लगभग 45 मिनट तक चली। खाद्य और नागरिक आपूर्ति मंत्री केएच मुनियप्पा, मुख्य सचेतक अशोक एम पट्टन, सीएम के कानूनी सलाहकार और विधायक एएस पोन्नन्ना और शांतिनगर विधायक एनए हारिस भी उपस्थित थे। बैठक के बाद शिवकुमार तिरूपति के लिए रवाना हो गए. 2023 में कर्नाटक में कांग्रेस की सत्ता में वापसी के बाद से सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच सत्ता-साझाकरण व्यवस्था पर लंबे समय से चल रही अटकलों के बीच इस बैठक ने नई राजनीतिक चर्चा शुरू कर दी है। पार्टी के सूत्रों ने कहा कि सभा के दौरान चर्चा राज्य में हालिया राजनीतिक घटनाक्रम और मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी अटकलों पर केंद्रित रही। बैठक का समय राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है, सिद्धारमैया सरकार अपने पांच साल के कार्यकाल के आधे पड़ाव के करीब पहुंच रही है, एक ऐसा चरण जिसने बार-बार इस चर्चा को हवा दी है कि क्या कांग्रेस आलाकमान अंततः नेतृत्व समीकरणों पर फिर से विचार कर सकता है या कैबिनेट फेरबदल पर विचार कर सकता है। मधुगिरी के कांग्रेस विधायक केएन राजन्ना ने संकेत दिया कि नेतृत्व पर चर्चा अनौपचारिक रूप से हुई होगी। उन्होंने कहा, “खड़गे, राहुल गांधी, सिद्धारमैया और शिवकुमार केरल में थे। चर्चा वहीं क्यों नहीं हुई होगी।” जबकि कांग्रेस नेताओं ने सार्वजनिक रूप से आसन्न नेतृत्व परिवर्तन की रिपोर्टों को खारिज कर दिया है, शिवकुमार के समर्थकों ने हाल के महीनों में “अगला सीएम” अभियान को आगे बढ़ाना जारी रखा है। हालाँकि, शिवकुमार ने कहा है कि वह और सिद्धारमैया दोनों पार्टी आलाकमान के फैसले का पालन करेंगे। मंगलवार सुबह राजनीतिक गतिविधि तब और तेज हो गई जब सिद्धारमैया के करीबी माने जाने वाले नेताओं ने तुमकुरु में कांग्रेस सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले लोक निर्माण मंत्री सतीश जारकीहोली के आवास पर नाश्ते पर बैठक की। सूत्रों ने कहा कि यदि पार्टी नेतृत्व अंततः बदलाव का फैसला करता है तो गृह मंत्री जी परमेश्वर के सर्वसम्मत उम्मीदवार के रूप में उभरने की संभावना पर भी चर्चा हुई। हालाँकि, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना ​​है कि लंबे समय से लंबित कैबिनेट फेरबदल के लिए आलाकमान पर दबाव बनाते हुए शिवकुमार की महत्वाकांक्षाओं का मुकाबला करने के लिए सिद्धारमैया खेमे द्वारा परमेश्वर का नाम आगे बढ़ाना एक रणनीतिक कदम भी हो सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया कर्नाटक में जल्द सत्ता परिवर्तन? सिद्धारमैया, शिवकुमार से खड़गे की मुलाकात ने चर्चा को हवा दी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

क्या गर्मियों में बढ़ जाती है बवासीर की समस्या? इसे कंट्रोल करने के लिए क्या करें, जानें डॉक्टर की राय

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Last Updated:May 20, 2026, 11:58 IST Hemorrhoids in Hot Weather: गर्मी में बवासीर की समस्या बढ़ जाती है और इसके पीछे कई वजह होती हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो गर्मियों में डिहाइड्रेशन, कब्ज और गलत खानपान के कारण यह परेशानी बढ़ती है. अगर आप गर्मी में पर्याप्त पानी पिएं, फाइबर से भरपूर डाइट लें और हल्की एक्सरसाइज करें, तो इस समस्या को कंट्रोल किया जा सकता है. गर्मी में कब्ज की समस्या बढ़ने से बवासीर ट्रिगर हो सकती है. Summer and Piles Problem: गर्मी का मौसम हमारे शरीर पर गहरा असर डालता है. तेज धूप, गर्म हवा और पसीने से लोगों का बुरा हाल हो जाता है. गर्मियों में पाचन से जुड़ी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं. इन्हीं में से एक समस्या बवासीर है. इसे पाइल्स भी कहा जाता है. यह एक दर्दनाक परेशानी है, जिसकी वजह से कई लोगों को उठने-बैठने में भी काफी दिक्कत होती है. अक्सर लोगों का सवाल होता है कि गर्मियों में बवासीर की समस्या क्यों बढ़ जाती है और इससे राहत के लिए क्या करना चाहिए? नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के गैस्ट्रो डिपार्टमेंट के चेयरमैन डॉ. अनिल अरोड़ा ने News18 को बताया गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन की समस्या बढ़ जाती है. जब व्यक्ति पर्याप्त पानी नहीं पीता, तो कब्ज की समस्या हो सकती है और यही बवासीर को ट्रिगर करने वाला सबसे बड़ा कारण बनता है. गर्मियों में ज्यादा मसालेदार खाना, बाहर का जंक फूड और बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल पाचन तंत्र को प्रभावित करते हैं. जब मल त्याग के दौरान जोर लगाना पड़ता है, तो गुदा क्षेत्र की नसों पर दबाव बढ़ता है, जिससे बवासीर की स्थिति बिगड़ सकती है. डॉक्टर के अनुसार बवासीर का सबसे मुख्य कारण कब्ज है. गर्मियों में पसीना ज्यादा निकलने से शरीर में पानी की कमी हो जाती है, जिससे मल सख्त हो सकता है. सख्त मल त्याग के दौरान दर्द और खून आने की समस्या बढ़ जाती है. गर्मियों में बवासीर को कंट्रोल रखने के लिए कम से कम 8 से 10 गिलास पानी रोजाना पीना चाहिए. हरी सब्जियां, फल, सलाद और साबुत अनाज जैसे फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल करना चाहिए. फाइबर मल को नरम करता है और उसे आसानी से बाहर निकलने में मदद करता है. इससे बवासीर के लक्षणों में काफी राहत मिल सकती है. एक्सपर्ट की मानें तो जो लोग लंबे समय तक एक ही जगह बैठकर काम करते हैं, उनमें बवासीर की समस्या ज्यादा देखने को मिलती है. गर्मियों में यह स्थिति और खराब हो सकती है क्योंकि शरीर में सूजन और असहजता बढ़ जाती है. इसलिए हर 30 से 40 मिनट में थोड़ा चलना-फिरना जरूरी है. हल्की एक्सरसाइज या वॉक करने से ब्लड फ्लो बेहतर होता है और दबाव कम होता है. गर्मी में शराब और कैफीन का अधिक सेवन भी बवासीर की समस्या को बढ़ा सकता है. अगर लक्षण गंभीर हों जैसे लगातार दर्द या ज्यादा ब्लीडिंग, तो डॉक्टर से तुरंत सलाह लेना जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

Ronaldos 6th World Cup | Portugal Squad Announced for FIFA 2026

Ronaldos 6th World Cup | Portugal Squad Announced for FIFA 2026

6 मिनट पहले कॉपी लिंक फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए पुर्तगाल ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो की कप्तानी में टीम का ऐलान किया है। 41 साल के अल नासर फॉरवर्ड रोनाल्डो टूर्नामेंट में उतरते ही रिकॉर्ड छठा फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाले पहले फुटबॉलर बन जाएंगे। पुर्तगाल को ग्रुप-के में डीआर कांगो, कोलंबिया और उज्बेकिस्तान के साथ रखा गया है। टीम में ब्रूनो फर्नांडिस और बर्नार्डो सिल्वा जैसे स्टार खिलाड़ियों को भी जगह मिली है। मेसी और ओचोआ भी रचेंगे इतिहास, रोनाल्डो के क्लब में शामिल होंगे इस साल फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और मैक्सिको के गोलकीपर गुइलेर्मो ओचोआ भी इतिहास रच सकते हैं। दोनों खिलाड़ी रोनाल्डो के साथ 6 वर्ल्ड कप खेलने वाले एलीट क्लब में शामिल हो जाएंगे। वर्ल्ड कप से पहले चिली और नाइजीरिया से खेलेंगे वॉर्म-अप मैच पुर्तगाल की टीम अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटी है। ग्रुप स्टेज से पहले टीम चिली और नाइजीरिया के खिलाफ दो इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच खेलेगी। इन मैचों में टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों के कॉम्बिनेशन और बेंच स्ट्रेंथ को परखेगा। पुर्तगाल फुटबॉल एसोसिएशन की घोषित टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है। टीम इस प्रकार है: गोलकीपर: डिएगो कोस्टा, जोस सा, रुई सिल्वा, रिकार्डो वेल्हो। डिफेंडर्स: डिएगो डालोट, मैथियस नुनेस, नेल्सन सेमेडो, जोआओ केंसैलो, नूनो मेंडेस, गोंसालो इनासियो, रेनाटो वेइगा, रूबेन डियास, टॉमस अराउजो। मिडफील्डर: रूबेन नेवेस, जोआओ नेवेस, विटिन्हा, ब्रूनो फर्नांडिस, बर्नार्डो सिल्वा, जोआओ फेलिक्स, फ्रांसिस्को ट्रिनकाओ, फ्रांसिस्को कॉन्सिसिओ, सामू कोस्टा। फॉरवर्ड: पेड्रो नेटो, राफेल लियो, गोंसालो गुएडेस, गोंसालो रामोस, क्रिस्टियानो रोनाल्डो। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Ronaldos 6th World Cup | Portugal Squad Announced for FIFA 2026

Ronaldos 6th World Cup | Portugal Squad Announced for FIFA 2026

27 मिनट पहले कॉपी लिंक फीफा वर्ल्ड कप 2026 के लिए पुर्तगाल ने क्रिस्टियानो रोनाल्डो की कप्तानी में टीम का ऐलान किया है। 41 साल के अल नासर फॉरवर्ड रोनाल्डो टूर्नामेंट में उतरते ही रिकॉर्ड छठा फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाले पहले फुटबॉलर बन जाएंगे। पुर्तगाल को ग्रुप-के में डीआर कांगो, कोलंबिया और उज्बेकिस्तान के साथ रखा गया है। टीम में ब्रूनो फर्नांडिस और बर्नार्डो सिल्वा जैसे स्टार खिलाड़ियों को भी जगह मिली है। मेसी और ओचोआ भी रचेंगे इतिहास, रोनाल्डो के क्लब में शामिल होंगे इस साल फीफा वर्ल्ड कप में अर्जेंटीना के लियोनेल मेसी और मैक्सिको के गोलकीपर गुइलेर्मो ओचोआ भी इतिहास रच सकते हैं। दोनों खिलाड़ी रोनाल्डो के साथ 6 वर्ल्ड कप खेलने वाले एलीट क्लब में शामिल हो जाएंगे। वर्ल्ड कप से पहले चिली और नाइजीरिया से खेलेंगे वॉर्म-अप मैच पुर्तगाल की टीम अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की मेजबानी में होने वाले वर्ल्ड कप की तैयारी में जुटी है। ग्रुप स्टेज से पहले टीम चिली और नाइजीरिया के खिलाफ दो इंटरनेशनल फ्रेंडली मैच खेलेगी। इन मैचों में टीम मैनेजमेंट खिलाड़ियों के कॉम्बिनेशन और बेंच स्ट्रेंथ को परखेगा। पुर्तगाल फुटबॉल एसोसिएशन की घोषित टीम में युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का मिश्रण है। टीम इस प्रकार है: गोलकीपर: डिएगो कोस्टा, जोस सा, रुई सिल्वा, रिकार्डो वेल्हो। डिफेंडर्स: डिएगो डालोट, मैथियस नुनेस, नेल्सन सेमेडो, जोआओ केंसैलो, नूनो मेंडेस, गोंसालो इनासियो, रेनाटो वेइगा, रूबेन डियास, टॉमस अराउजो। मिडफील्डर: रूबेन नेवेस, जोआओ नेवेस, विटिन्हा, ब्रूनो फर्नांडिस, बर्नार्डो सिल्वा, जोआओ फेलिक्स, फ्रांसिस्को ट्रिनकाओ, फ्रांसिस्को कॉन्सिसिओ, सामू कोस्टा। फॉरवर्ड: पेड्रो नेटो, राफेल लियो, गोंसालो गुएडेस, गोंसालो रामोस, क्रिस्टियानो रोनाल्डो। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

गर्मियों में खरबूजा खाने से पहले जान लें ये जरूरी बातें, वरना बिगड़ सकती है सेहत.. जानिए सही तरीका

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अंबाला: गर्मियों के मौसम में बाजारों में फलों की बहार देखने को मिलती है और इनमें खरबूजा व तरबूज सबसे अधिक पसंद किए जाने वाले फलों में शामिल हैं. दरअसल, रसदार, मीठा और पानी से भरपूर खरबूजा शरीर को ठंडक पहुंचाने, डिहाइड्रेशन से बचाने और दिनभर ताजगी बनाए रखने में मदद करता है. यही वजह है कि तेज गर्मी के दिनों में लोग इसे बड़े चाव से खाते हैं. हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि यह फल जितना लाभकारी है, उतना ही कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकता है. बता दें कि खरबूजे का ज्यादा सेवन व्यक्ति को नुकसान पहुंचा सकता है. इसके अलावा कई ऐसी परिस्थितियां भी हैं, जिनमें खरबूजा खाने से व्यक्ति बीमार पड़ सकता है. खरबूजा किसे नहीं खाना चाहिए  इस बारे में लोकल 18 को जानकारी देते हुए डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने बताया कि खरबूजा प्राकृतिक रूप से शीतल और पौष्टिक फल है, लेकिन हर व्यक्ति की शारीरिक प्रकृति और स्वास्थ्य स्थिति अलग होती है. ऐसे में कुछ लोगों को इसका सेवन सोच-समझकर करना चाहिए. विशेष रूप से जिन लोगों को डायबिटीज, पाचन संबंधी समस्याएं, एलर्जी या किडनी की बीमारी है, उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत होती है. उन्होंने कहा कि डायबिटीज के मरीजों के लिए खरबूजे का अधिक सेवन उचित नहीं माना जाता. इसमें प्राकृतिक शर्करा की मात्रा पाई जाती है, जो रक्त शर्करा के स्तर को प्रभावित कर सकती है. डॉ. मीनाक्षी शर्मा सलाह देती हैं कि मधुमेह के रोगी खरबूजा सीमित मात्रा में ही खाएं और डॉक्टर या डाइटीशियन की सलाह के अनुसार इसे अपने आहार में शामिल करें. उन्होंने बताया कि जिन लोगों का पाचन तंत्र कमजोर होता है, उन्हें खरबूजा खाने के बाद गैस, पेट फूलना या अपच जैसी समस्याएं हो सकती हैं. खासकर खाली पेट या अत्यधिक मात्रा में इसका सेवन करने से असुविधा बढ़ सकती है. ऐसे लोगों को कम मात्रा से शुरुआत करनी चाहिए और यदि परेशानी हो तो सेवन कम कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तियों में खरबूजे से एलर्जी की समस्या भी देखी जाती है. इसे खाने के बाद गले में खुजली, होंठों में सूजन या त्वचा पर चकत्ते पड़ सकते हैं. ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत इसका सेवन बंद कर देना चाहिए और चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए. उन्होंने बताया कि किडनी या लिवर संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों को भी खरबूजा सीमित मात्रा में खाना चाहिए. इसमें पानी और पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है, जो कुछ गंभीर मरीजों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है. इसलिए ऐसे मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए. क्या सर्दी-खांसी में नहीं खाना चाहिए खरबूजा उन्होंने कहा कि आम धारणा है कि सर्दी-खांसी में खरबूजा नुकसान करता है, लेकिन इसका कोई ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. फिर भी यदि किसी व्यक्ति को इसे खाने के बाद गले में तकलीफ महसूस होती है, तो कुछ समय के लिए इससे परहेज करना बेहतर रहता है. खरबूजा गर्मियों का एक बेहतरीन और पौष्टिक फल आयुर्वेदिक विशेषज्ञ डॉ. मीनाक्षी शर्मा का कहना है कि स्वस्थ लोगों के लिए खरबूजा गर्मियों का एक बेहतरीन और पौष्टिक फल है. लेकिन यदि किसी को पहले से कोई बीमारी है, तो अपनी स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए. सही मात्रा और उचित सावधानी के साथ खाया गया खरबूजा गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक और ऊर्जा दोनों प्रदान करता है. भोजन करने के तुरंत बाद न खाएं खरबूजा  उन्होंने बताया कि हाल ही में एक मामला सामने आया था, जहां परिवार के सदस्यों ने पहले कुछ ऐसा भोजन किया था, जिसके बाद खरबूजे का सेवन करने पर उनकी सेहत पर बुरा प्रभाव पड़ा. उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में साफ तौर पर बताया गया है कि शरीर की पाचन क्षमता के अनुसार ही भोजन करना चाहिए. इसलिए भोजन करने के तुरंत बाद खरबूजा खाने के बजाय कुछ समय बाद उसका सेवन करना बेहतर माना जाता है.

कनाडा में फिरौती मांगने वाला पंजाबी युवक अरेस्ट:गोलियां चलाने-आगजनी के 12 केस, पुलिस ने किए चार्ज फ्रेम; कोर्ट 22 को सुनाएगा सजा

कनाडा में फिरौती मांगने वाला पंजाबी युवक अरेस्ट:गोलियां चलाने-आगजनी के 12 केस, पुलिस ने किए चार्ज फ्रेम; कोर्ट 22 को सुनाएगा सजा

कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया में स्थानीय व्यापारियों को डराकर वसूली करने वाले गिरोह के खिलाफ एबॉट्सफोर्ड पुलिस डिपार्टमेंट की एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स ने कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में पंजाबी मूल के युवक 22 वर्षीय गुरसेवक को अरेस्ट कर चार्ज तय कर दिए हैं। अदालत युवक को 22 मई को सजा सुनाएगी। पुलिस ने रिलीज जारी कर कहा कि गिरफ्तार गुरसेवक सिंह जनता की सुरक्षा के लिए खतरा है। उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक धाराएं दर्ज की गई हैं। इस पूरे मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एबॉट्सफोर्ड पुलिस ने आरोपी की तस्वीर भी सार्वजनिक की है ताकि उसकी आपराधिक गतिविधियों से जुडे अन्य पीडितों या गवाहों का पता लगाया जा सके। पुलिस प्रशासन ने साफ किया है कि समुदाय को हिंसा और डराने धमकाने वाले अपराधियों से बचाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और वे इस तरह के अपराधों को जड से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जानें पुलिस ने गुरसेव को कैसे काबू किया व्यापारिक प्रतिष्ठान पर की गोलीबारी- 17 दिसंबर की रात 10:43 बजे एबॉट्सफोर्ड पुलिस को किंग रोड (31000 ब्लॉक) पर स्थित एक बिजनेस (व्यापारिक प्रतिष्ठान) पर गोलीबारी होने की सूचना मिली। जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो वहां फायरिंग की पुष्टि हुई। इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। हाईवे पर नाकाबंदी करके घेरा: पुलिस ने तुरंत संदिग्ध हमलावर की कार का हुलिया नोट किया और सभी ऑन-ड्यूटी यूनिट्स को अलर्ट भेजा। कुछ ही देर बाद, ‘लोअर मेनलैंड इंटीग्रेटेड पुलिस डॉग सर्विस’ के एक अधिकारी ने संदिग्ध कार को हाईवे 1 (व्हाटकम रोड के पास) पर पूर्व की ओर जाते हुए देखा और घेर लिया। घिरा देख गुरसेवक ने किया सरेंडर: गैंग क्राइम यूनिट (GCU) ने बिना कोई मौका गंवाए कार को चारों तरफ से घेर लिया। कार में सिर्फ ड्राइवर मौजूद था, जिसकी पहचान गुरसेवक सिंह के रूप में हुई। पुलिस ने उसे बिना किसी विरोध के मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। गुरसेवक ने भी खुद को घिरा हुआ देख पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया।

Bangladesh Sweeps Pakistan 2-0 | Sylhet Test: Taijul Islam 6 Wickets

Bangladesh Sweeps Pakistan 2-0 | Sylhet Test: Taijul Islam 6 Wickets

Hindi News Sports Bangladesh Sweeps Pakistan 2 0 | Sylhet Test: Taijul Islam 6 Wickets सिलहट7 मिनट पहले कॉपी लिंक तैजुल इस्लाम को पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 6 विकेट मिले। पाकिस्तान को बांग्लादेश दौरे में 2-0 की हार झेलनी पड़ी। बांग्लादेश ने बुधवार को सिलहट टेस्ट में उसे 78 रन से हराया। पाकिस्तानी टीम बांग्लादेश के खिलाफ लगातार दूसरी सीरीज में क्लीन स्वीप हुई। इससे पहले 2024 में बांग्लादेश ने PAK को उसके घर में क्लीन स्वीप किया था। सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 437 रन का टारगेट चेज कर रही पाकिस्तानी टीम 5वें दिन दूसरी पारी में 358 रन पर ऑलआउट हो गई। उसने 316/7 से खेलना शुरू किया और पहले घंटे में 42 रन के भीतर आखिरी 3 विकेट गंवा दिए। मैच के पहले दिन पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। बांग्लादेश ने पहली पारी में 278 रन बनाए थे, जबकि पाकिस्तान 232 रन ही बना सका था। इससे बांग्लादेश को 46 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में बांग्लादेश ने 390 रन बनाकर 437 रन का टारगेट दिया। मुशफिकुर ने 137 रन की शतकीय पारी खेली। महमूदुल हसन जॉय (52 रन) और लिटन दास (69 रन) ने हाफ सेंचुरी लगाई। रिजवान शतक बनाने से चूके एक दिन पहले फिफ्टी बनाकर नाबाद लौटे मोहम्मद रिजवान 94 रन बनाकर आउट हुए। जबकि साजिद खान ने 28 रन बनाए। इन दोनों के आउट होने के बाद टीम ऑलआउट होने में टाइम नहीं लगा। एक समय पाकिस्तान 162 रन पर 5 विकेट गंवाकर मुश्किल में थी। यहां से रिजवान ने सलमान आगा के साथ छठे विकेट के लिए 134 रन की साझेदारी करके टीम को चौथे दिन ऑलआउट होने से बचाया, लेकिन हार नहीं टाल सके। तैजुल ने 6 विकेट लिए लेफ्ट आर्म स्पिनर तैजुल इस्लाम ने 6 विकेट झटके। उन्होंने बाबर आजम, शान मसूद, सलमान आगा, हसन अली, साजिद खान और खुर्रम शहजाद को पवेलियन भेजा। पेसर नाहिद राणा ने 2 विकेट झटके। शोरिफुल इस्लाम और मेहदी हसन मिराज को एक-एक विकेट मिला। कप्तान शान मसूद को 2 जीवनदान, फिफ्टी भी लगाई पहले सेशन में पाकिस्तान के कप्तान शान मसूद को 2 जीवनदान मिले। वे लंच तक 41 रन बनाकर नाबाद लौटे। इसका फायदा उठाकर उन्होंने फिफ्टी पूरी की। दूसरे स्लिप पर कैच होने से बचे13वें ओवर की 5वीं बॉल पर शान मसूद कैच होने से बच गए। नाहिद राणा की गेंद को वे मिड ऑन पर खेलना चाहते थे, लेकिन गेंद स्लिप कॉर्डन की ओर गई, लेकिन तंजीत कैच नहीं पकड़ सके। लिटन दास स्टंपिंग चूके22वें ओवर की दूसरी गेंद में मेहदी हसन मिराज ने ऑफ ब्रेक बॉल पर शान मसूद पूरी तरह चूक गए। यहां पर विकेटकीपर लिटन दास उन्हें स्टंपिंग करने से चूक गए। ———————————- पाकिस्तान के बांग्लादेश दौरे की यह खबर भी पढ़िए… बांग्लादेश ने पहली बार घर में पाकिस्तान को टेस्ट में हराया बांग्लादेश ने पहली बार घर में पाकिस्तान को हरा दिया है। टीम ने मीरपुर टेस्ट में 104 रन से जीत हासिल की। बांग्लादेश ने अपने घर में पाकिस्तान को पहली बार टेस्ट क्रिकेट में हराया है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Bangladesh Sweeps Pakistan 2-0 | Sylhet Test: Taijul Islam 6 Wickets

Bangladesh Sweeps Pakistan 2-0 | Sylhet Test: Taijul Islam 6 Wickets

Hindi News Sports Bangladesh Sweeps Pakistan 2 0 | Sylhet Test: Taijul Islam 6 Wickets सिलहट25 मिनट पहले कॉपी लिंक तैजुल इस्लाम को पहली पारी में 3 और दूसरी पारी में 6 विकेट मिले। पाकिस्तान को बांग्लादेश दौरे में 2-0 की हार झेलनी पड़ी। बांग्लादेश ने बुधवार को सिलहट टेस्ट में उसे 78 रन से हराया। पाकिस्तानी टीम बांग्लादेश के खिलाफ लगातार दूसरी सीरीज में क्लीन स्वीप हुई। इससे पहले 2024 में बांग्लादेश ने PAK को उसके घर में क्लीन स्वीप किया था। सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में 437 रन का टारगेट चेज कर रही पाकिस्तानी टीम 5वें दिन दूसरी पारी में 358 रन पर ऑलआउट हो गई। उसने 316/7 से खेलना शुरू किया और पहले घंटे में 42 रन के भीतर आखिरी 3 विकेट गंवा दिए। मैच के पहले दिन पाकिस्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी चुनी। बांग्लादेश ने पहली पारी में 278 रन बनाए थे, जबकि पाकिस्तान 232 रन ही बना सका था। इससे बांग्लादेश को 46 रन की बढ़त मिली। दूसरी पारी में बांग्लादेश ने 390 रन बनाकर 437 रन का टारगेट दिया। मुशफिकुर ने 137 रन की शतकीय पारी खेली। महमूदुल हसन जॉय (52 रन) और लिटन दास (69 रन) ने हाफ सेंचुरी लगाई। रिजवान शतक बनाने से चूके एक दिन पहले फिफ्टी बनाकर नाबाद लौटे मोहम्मद रिजवान 94 रन बनाकर आउट हुए। जबकि साजिद खान ने 28 रन बनाए। इन दोनों के आउट होने के बाद टीम ऑलआउट होने में टाइम नहीं लगा। एक समय पाकिस्तान 162 रन पर 5 विकेट गंवाकर मुश्किल में थी। यहां से रिजवान ने सलमान आगा के साथ छठे विकेट के लिए 134 रन की साझेदारी करके टीम को चौथे दिन ऑलआउट होने से बचाया, लेकिन हार नहीं टाल सके। तैजुल ने 6 विकेट लिए लेफ्ट आर्म स्पिनर तैजुल इस्लाम ने 6 विकेट झटके। उन्होंने बाबर आजम, शान मसूद, सलमान आगा, हसन अली, साजिद खान और खुर्रम शहजाद को पवेलियन भेजा। पेसर नाहिद राणा ने 2 विकेट झटके। शोरिफुल इस्लाम और मेहदी हसन मिराज को एक-एक विकेट मिला। कप्तान शान मसूद को 2 जीवनदान, फिफ्टी भी लगाई पहले सेशन में पाकिस्तान के कप्तान शान मसूद को 2 जीवनदान मिले। वे लंच तक 41 रन बनाकर नाबाद लौटे। इसका फायदा उठाकर उन्होंने फिफ्टी पूरी की। दूसरे स्लिप पर कैच होने से बचे13वें ओवर की 5वीं बॉल पर शान मसूद कैच होने से बच गए। नाहिद राणा की गेंद को वे मिड ऑन पर खेलना चाहते थे, लेकिन गेंद स्लिप कॉर्डन की ओर गई, लेकिन तंजीत कैच नहीं पकड़ सके। लिटन दास स्टंपिंग चूके22वें ओवर की दूसरी गेंद में मेहदी हसन मिराज ने ऑफ ब्रेक बॉल पर शान मसूद पूरी तरह चूक गए। यहां पर विकेटकीपर लिटन दास उन्हें स्टंपिंग करने से चूक गए। ———————————- पाकिस्तान के बांग्लादेश दौरे की यह खबर भी पढ़िए… बांग्लादेश ने पहली बार घर में पाकिस्तान को टेस्ट में हराया बांग्लादेश ने पहली बार घर में पाकिस्तान को हरा दिया है। टीम ने मीरपुर टेस्ट में 104 रन से जीत हासिल की। बांग्लादेश ने अपने घर में पाकिस्तान को पहली बार टेस्ट क्रिकेट में हराया है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘केवल अटकलें’: तमिलनाडु के मंत्री ने अन्नाद्रमुक के विद्रोही मंत्रिमंडल की चर्चा से इनकार किया क्योंकि सीपीएम ने समर्थन वापसी की धमकी दी है | भारत समाचार

BAN Vs PAK Live Score: Follow latest updates from Day 5 of the contest. (AFP Photo)

आखरी अपडेट:20 मई, 2026, 11:14 IST तमिलनाडु के मंत्री आधव अर्जुन ने इस बात से इनकार किया कि एआईएडीएमके का बागी गुट कैबिनेट में शामिल होगा, सीपीएम की चेतावनी के बाद वह ऐसे परिदृश्यों में समर्थन पर पुनर्विचार कर सकता है तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय, अन्नाद्रमुक के विद्रोही गुट के नेता सी वे शनमुगम और सीपीआई (एम) प्रमुख एमए बेबी की फ़ाइल छवियां। (स्रोत: पीटीआई) तमिलनाडु के खेल विकास मंत्री आधव अर्जुन ने बुधवार को सीपीएम द्वारा ऐसी परिस्थितियों में समर्थन वापस लेने की धमकी के बाद एआईएडीएमके के विद्रोही गुट के राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होने की खबरों का खंडन किया। सीपीएम की चेतावनी पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा, “हमने उनसे बात की और इसे साफ कर दिया। एआईएडीएमके के बागी गुट का कैबिनेट में शामिल होना केवल अटकलें हैं।” शेष कैबिनेट का शपथ ग्रहण कब होगा, इस पर मंत्री ने कहा कि तारीखों की घोषणा मुख्यमंत्री करेंगे. मंत्री ने कहा कि मंत्रियों के पूरे विभाग की सूची राज्यपाल को दे दी गयी है. उन्होंने कहा कि इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन आज ही आ जाएगा। मंत्री अर्जुन ने कहा कि शपथ ग्रहण के बाद मंत्रियों ने कार्यभार संभाल लिया है; हालाँकि, पोर्टफोलियो को अभी तक अंतिम रूप नहीं दिया गया है। ‘समर्थन पर पुनर्विचार करेंगे’: सीपीएम ने एआईएडीएमके विद्रोही कैबिनेट चर्चा पर टीवीके को चेतावनी दी तमिलनाडु में अभिनेता-राजनेता विजय की सरकार को अपने गठबंधन में संघर्ष की एक और लहर का सामना करना पड़ रहा है क्योंकि उसके सहयोगियों में से एक सीपीआई (एम) ने चेतावनी दी है कि अगर एआईएडीएमके के सहयोगी गठबंधन या मंत्रिमंडल में शामिल होते हैं तो वे सरकार को “समर्थन पर पुनर्विचार” करेंगे। एआईएडीएमके के बागी विधायकों के गठबंधन में शामिल होने के बारे में पूछे जाने पर सीपीएम ने कहा कि टीवीके सरकार में एआईएडीएमके के किसी भी गुट को शामिल करना लोगों के जनादेश के खिलाफ होगा, जिन्होंने स्पष्ट रूप से डीएमके और एआईएडीएमके के खिलाफ मतदान किया है। यह भी पढ़ें: सीपीएम ने विजय को दी चेतावनी, अगर टीवीके ने एआईएडीएमके के साथ गठबंधन किया तो वह समर्थन पर पुनर्विचार कर सकती है पार्टी ने कहा कि गठबंधन में एआईएडीएमके की मौजूदगी स्वच्छ शासन बनाए रखने के टीवीके के वादे के भी खिलाफ होगी. सीपीएम ने कहा, “हम टीवीके का समर्थन कर रहे हैं क्योंकि तमिलनाडु एक और चुनाव के लिए तैयार नहीं है और हम नहीं चाहते कि भाजपा राज्यपाल शासन के माध्यम से दोबारा प्रवेश करे।” टीवीके को एआईएडीएमके का समर्थन विजय की टीवीके ने 4 मई के विधानसभा चुनाव में तमिलनाडु के राजनीतिक प्रतिष्ठान को चौंका दिया, राज्य के लंबे समय से चले आ रहे दो-पक्षीय प्रभुत्व को खत्म कर दिया और 234 सदस्यीय सदन में 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी ताकत बनकर उभरी। हालाँकि, पार्टी बहुमत के निशान से 10 सीटें पीछे रह गई, जिससे चुनाव के बाद गहन बातचीत और गठबंधन बनाने के प्रयास शुरू हो गए। कई दिनों की राजनीतिक पैंतरेबाजी के बाद, टीवीके ने कांग्रेस का समर्थन हासिल किया, जिसने पांच सीटें जीतीं, साथ ही वाम दलों, वीसीके और आईयूएमएल के समर्थन से, विजय को 13 मई को महत्वपूर्ण विश्वास मत से पहले अपनी संख्या मजबूत करने में मदद मिली। विश्वास प्रस्ताव ने अंततः अन्नाद्रमुक के भीतर गहरी दरारें उजागर कर दीं। जबकि पार्टी प्रमुख एडप्पादी के पलानीस्वामी ने विजय को समर्थन देने का विरोध किया था, अन्नाद्रमुक विधायकों के एक वर्ग ने खुले तौर पर नेतृत्व की अवहेलना की। चौबीस विधायकों ने पार्टी तोड़ दी, पार्टी व्हिप की अनदेखी की और टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया, जिससे विजय के विधायकों की संख्या 144 हो गई। विद्रोह के बाद से अन्नाद्रमुक के भीतर अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू हो गई है, जिसमें दलबदल विरोधी कानून के तहत कार्रवाई भी शामिल है। बागी विधायकों का समर्थन भी सत्तारूढ़ गठबंधन के लिए बेचैनी का कारण बन गया है, खासकर फ्लोर टेस्ट से पहले असंतुष्ट अन्नाद्रमुक विधायकों के साथ विजय की मुलाकात के बाद सीपीएम जैसे गठबंधन सहयोगियों की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘केवल अटकलें’: तमिलनाडु के मंत्री ने अन्नाद्रमुक के विद्रोही मंत्रिमंडल की चर्चा से इनकार किया क्योंकि सीपीएम ने समर्थन वापस लेने की धमकी दी है अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)तमिलनाडु की राजनीति(टी)तमिलनाडु कैबिनेट(टी)एआईएडीएमके विद्रोही गुट(टी)सीपीएम समर्थन धमकी(टी)टीवीके सरकार(टी)विजय राजनीतिक दल(टी)गठबंधन सरकार तमिलनाडु(टी)विश्वास प्रस्ताव तमिलनाडु

फोन की घंटी से चिढ़ होने लगी है? हर वक्त फोन साइलेंट पर रखते हैं? आपकी मेंटल हेल्थ से जुड़ी हो सकती है ये आदत

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Mental Health Tips: आज के दौर में स्मार्टफोन सिर्फ एक गैजेट नहीं, बल्कि हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है. सुबह आंख खुलते ही नोटिफिकेशन चेक करना और रात को सोने से पहले सोशल मीडिया स्क्रॉल करना अब आम बात है. लेकिन इसी बीच एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो अपने फोन को लगभग पूरे दिन साइलेंट मोड पर रखना पसंद करता है. कई लोगों के लिए यह सिर्फ सुविधा होती है, लेकिन साइकोलॉजी और बिहेवियर एक्सपर्ट्स मानते हैं कि यह आदत हमारी मानसिक स्थिति, तनाव और निजी शांति से भी गहराई से जुड़ी हो सकती है. लगातार बजती रिंगटोन, मैसेज अलर्ट और अचानक आने वाली कॉल्स कई बार दिमाग को इतना थका देती हैं कि लोग अनजाने में खुद को डिजिटल शोर से दूर करने लगते हैं. यही वजह है कि अब फोन को साइलेंट में रखना सिर्फ आदत नहीं, बल्कि “मेंटल स्पेस” बचाने का तरीका बनता जा रहा है. खास बात यह है कि इस छोटी सी आदत के पीछे कई भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक कारण छिपे हो सकते हैं, जिन पर लोग अक्सर ध्यान ही नहीं देते. हर नोटिफिकेशन दिमाग को क्यों थका देता है?स्मार्टफोन ने जिंदगी आसान जरूर बनाई है, लेकिन इसके साथ नोटिफिकेशन का दबाव भी तेजी से बढ़ा है. इंस्टाग्राम रील्स, ऑफिस ग्रुप, ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स और लगातार आने वाले मैसेज दिमाग को हर समय एक्टिव रखते हैं. कई लोग बताते हैं कि फोन की छोटी सी बीप भी उनका ध्यान भटका देती है. मनोवैज्ञानिकों के मुताबिक, बार-बार नोटिफिकेशन आने से दिमाग को लगातार प्रतिक्रिया देनी पड़ती है. इससे मानसिक थकान बढ़ती है और इंसान अनजाने में चिड़चिड़ा महसूस करने लगता है. ऐसे में फोन को साइलेंट पर रखना कई लोगों के लिए खुद को शांत रखने का आसान तरीका बन जाता है. अचानक बजती कॉल्स से बढ़ सकती है बेचैनीकुछ लोगों को अचानक फोन बजने पर घबराहट महसूस होती है. खासकर तब, जब वे पहले से तनाव में हों. अचानक आने वाली कॉल कई बार दिमाग में यह डर पैदा कर देती है कि कहीं कोई बुरी खबर या जरूरी समस्या तो नहीं. जवाब देने का दबाव भी बनता है वजहआज की डिजिटल लाइफ में तुरंत रिप्लाई देने का दबाव भी काफी बढ़ गया है. अगर किसी मैसेज का जवाब देर से दिया जाए तो लोग सवाल करने लगते हैं. यही कारण है कि कुछ लोग फोन साइलेंट में रखकर अपने हिसाब से कॉल्स और मैसेज देखते हैं. इससे उन्हें मानसिक राहत महसूस होती है और वे खुद को कम दबाव में पाते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. फोकस और प्रोडक्टिविटी बढ़ाने का आसान तरीकास्टूडेंट्स और वर्किंग प्रोफेशनल्स में फोन साइलेंट रखने की आदत सबसे ज्यादा देखी जाती है. पढ़ाई करते समय या ऑफिस के किसी जरूरी काम के दौरान एक छोटा सा नोटिफिकेशन भी ध्यान तोड़ सकता है. अक्सर लोग सिर्फ एक मैसेज देखने के लिए फोन उठाते हैं, लेकिन फिर सोशल मीडिया स्क्रॉलिंग में कई मिनट या घंटे निकल जाते हैं. यही वजह है कि अब कई लोग “डिजिटल डिस्ट्रैक्शन” से बचने के लिए फोन को साइलेंट पर रखना बेहतर मानते हैं. इससे उनका फोकस बना रहता है और काम तेजी से पूरा होता है. क्या यह मेंटल पीस की जरूरत का संकेत है?कई बार फोन साइलेंट पर रखना सिर्फ सुविधा नहीं बल्कि मानसिक थकान का संकेत भी हो सकता है. जब कोई व्यक्ति ज्यादा तनाव, भावनात्मक दबाव या निजी परेशानियों से गुजर रहा होता है, तो वह लोगों से थोड़ी दूरी बनाना चाहता है. फोन को साइलेंट में डालकर लोग खुद के साथ समय बिताने की कोशिश करते हैं. कुछ समय तक बिना कॉल्स और मैसेज के रहना उन्हें मानसिक रूप से हल्का महसूस कराता है. यही वजह है कि अब “डिजिटल डिटॉक्स” जैसे शब्द तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं. कब यह आदत चिंता का कारण बन सकती है?अगर कोई व्यक्ति जरूरी कॉल्स से भी बचने लगे, लोगों से बातचीत कम कर दे या हर नोटिफिकेशन से परेशान होने लगे, तो यह मानसिक तनाव या अकेलेपन का संकेत हो सकता है. एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लगातार खुद को सोशल इंटरैक्शन से दूर करना लंबे समय में रिश्तों और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर असर डाल सकता है. सही बैलेंस बनाना क्यों जरूरी है?हर समय फोन रिंगर पर रखना भी सही नहीं और हर वक्त साइलेंट में रखना भी नुकसानदायक हो सकता है. बेहतर तरीका यही है कि जरूरत के हिसाब से फोन सेटिंग्स का इस्तेमाल किया जाए. काम के समय फोन साइलेंट रखें, लेकिन जरूरी लोगों के नंबर “फेवरेट” या “इमरजेंसी कॉन्टैक्ट” में सेव रखें ताकि अहम कॉल मिस न हो. इसके अलावा दिन का कुछ समय बिना स्मार्टफोन के बिताना भी मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है. छोटी-छोटी डिजिटल आदतें ही लंबे समय में आपकी मानसिक शांति तय करती हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)