Thursday, 21 May 2026 | 09:16 AM

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सिस्टोलिक और डायस्टोलिक बीपी क्या होता है? इसकी नार्मल रेंज क्या है, एक्सपर्ट से समझिए एस्टन विला 30 साल बाद बनी यूरोपा लीग चैंपियन:फाइनल में जर्मनी के फ्रीबर्ग को 3-0 से हराया; मैनेजर उनाई एमेरी ने पांचवीं बार जीता खिताब एस्टन विला 30 साल बाद बनी यूरोपा लीग चैंपियन:फाइनल में जर्मनी के फ्रीबर्ग को 3-0 से हराया; मैनेजर उनाई एमेरी ने पांचवीं बार जीता खिताब सनस्क्रीन में SPF का क्या मतलब होता है? आपके लिए क्या बेहतर, किससे मिलेगा ज्यादा प्रोटेक्शन सीएम नायब सैनी से मिले एक्टर रणदीप हुड्डा:हरियाणवी संस्कृति, युवाओं को लेकर चर्चा; सीएम बोले- माटी की खुशबू को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया Alwar Khairthal Sattu Benefit| अलवर-खैरथल में बढ़ा सत्तू और धाणी का क्रेज
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सिस्टोलिक और डायस्टोलिक बीपी क्या होता है? इसकी नार्मल रेंज क्या है, एक्सपर्ट से समझिए

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Last Updated:May 21, 2026, 08:52 IST Systolic and Diastolic BP: जब भी आप ब्लड प्रेशर चेक करते हैं, तो उसमें 2 नंबर दिखाई देते हैं. ब्लड प्रेशर रीडिंग में ऊपर वाला नंबर सिस्टोलिक और नीचे वाला नंबर डायस्टोलिक बीपी कहलाता है. सामान्य बीपी 120/80 mmHg माना जाता है. अगर इससे ज्यादा रीडिंग आती है, तो यह हाई ब्लड प्रेशर माना जाता है. बीपी रीडिंग में ऊपर वाला नंबर सिस्टोलिक बीपी कहलाता है और नीचे वाला डायस्टोलिक बीपी. Systolic vs Diastolic BP: आजकल हाई ब्लड प्रेशर की समस्या तेजी से बढ़ रही है. बड़ी संख्या में लोग इसका शिकार हो रहे हैं. जब भी आप डिजिटल मशीन से ब्लड प्रेशर चेक करते हैं, तब रीडिंग में दो नंबर जैसे 120 80 दिखाई देते हैं. बहुत से लोग यह तो जानते हैं कि यह बीपी की रीडिंग है, लेकिन सिस्टोलिक और डायस्टोलिक बीपी का असली मतलब नहीं जानते हैं. कुछ लोग सिर्फ ऊपर की रीडिंग को महत्वपूर्ण समझते हैं, तो कई लोग नीचे की रीडिंग को ज्यादा गंभीरता से लेते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार ब्लड प्रेशर की सही जानकारी होना जरूरी है, ताकि हार्ट को ठीक रखा जा सके. क्या होता है सिस्टोलिक बीपी? नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया ब्लड प्रेशर रीडिंग में ऊपर वाला नंबर सिस्टोलिक बीपी कहलाता है. यह उस प्रेशर को दर्शाता है, जब दिल शरीर में खून पंप करता है. जब हार्ट धड़कता है और ब्लड धमनियों में भेजता है, तब उस समय धमनियों पर पड़ने वाले दबाव को सिस्टोलिक प्रेशर कहा जाता है. उदाहरण के लिए 120/80 में 120 सिस्टोलिक बीपी होता है. अगर सिस्टोलिक प्रेशर लगातार ज्यादा रहता है, तो इससे दिल और ब्लड वेसल्स पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है. डायस्टोलिक बीपी क्या होता है? डॉक्टर के मुताबिक ब्लड प्रेशर रीडिंग में नीचे वाला नंबर डायस्टोलिक बीपी कहलाता है. यह उस समय का दबाव बताता है, जब दिल धड़कनों के बीच आराम की स्थिति में होता है. जब हार्ट अगली धड़कन से पहले रिलैक्स करता है, तब धमनियों में जो दबाव रहता है, उसे डायस्टोलिक प्रेशर कहा जाता है. 120/80 की रीडिंग में 80 डायस्टोलिक बीपी होता है. अगर यह लगातार ज्यादा रहे, तो यह भी गंभीर बीमारियां पैदा कर सकता है. इसे कंट्रोल रखना भी बेहद जरूरी है. बीपी की नॉर्मल रेंज क्या होती है? एक्सपर्ट की मानें तो सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg माना जाता है. अगर सिस्टोलिक बीपी 120 से कम और डायस्टोलिक 80 से कम हो, तो इसे सामान्य माना जाता है. वहीं 130/80 या उससे अधिक की रीडिंग हाई ब्लड प्रेशर की तरफ इशारा कर सकती है. लंबे समय तक हाई बीपी रहने पर दिल की बीमारी, स्ट्रोक, किडनी की समस्या और आंखों से जुड़ी परेशानियों का खतरा बढ़ सकता है. कई बार हाई बीपी के शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते, इसलिए इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है. कब डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए? अगर आपको बार-बार सिरदर्द, चक्कर, सांस फूलना या सीने में दर्द जैसी समस्याएं महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए. अगर आपकी बीपी रीडिंग लगातार सामान्य सीमा से ऊपर या नीचे आ रही हो, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय रहते सही इलाज और लाइफस्टाइल बदलाव से ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखा जा सकता है. बीपी को सामान्य रखने के लिए संतुलित आहार, कम नमक, नियमित व्यायाम और तनाव कम करना बेहद जरूरी है. बीपी कंट्रोल रखने के लिए स्मोकिंग और शराब से बचना भी जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

एस्टन विला 30 साल बाद बनी यूरोपा लीग चैंपियन:फाइनल में जर्मनी के फ्रीबर्ग को 3-0 से हराया; मैनेजर उनाई एमेरी ने पांचवीं बार जीता खिताब

एस्टन विला 30 साल बाद बनी यूरोपा लीग चैंपियन:फाइनल में जर्मनी के फ्रीबर्ग को 3-0 से हराया; मैनेजर उनाई एमेरी ने पांचवीं बार जीता खिताब

इंग्लैंड के फुटबॉल क्लब एस्टन विला ने इस्तांबुल में खेले गए यूरोपा लीग फाइनल में जर्मनी के एससी फ्रीबर्ग को 3-0 से हराया। इस जीत के साथ क्लब ने ट्रॉफी जीतकर फैंस का 30 साल का इंतजार खत्म किया। एस्टन विला ने 1996 के बाद पहली बड़ी घरेलू ट्रॉफी और 1982 के बाद पहली बड़ी यूरोपीय ट्रॉफी जीती। टीम की सफलता में मैनेजर उनाई एमेरी की बड़ी भूमिका रही, जिन्होंने रिकॉर्ड पांचवीं बार यूरोपा लीग का खिताब जीता। दोहराव हटाया, वाक्य छोटे किए फाइनल की शुरुआत से ही एस्टन विला ने खेल पर कंट्रोल बनाए रखा। शुरुआती मिनटों में मॉर्गन रोजर्स ने फ्रीबर्ग के गोलकीपर नूह अतुबोलू को शानदार शॉट से सतर्क कर दिया था। इसके बाद विला ने लगातार हमले किए और हाफ-टाइम से पहले पहला गोल दागकर बढ़त बना ली। टाईलेमैंस और बुएंडिया ने पहले हाफ में दागे दो बैक-टू-बैक गोल पहले हाफ में दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर थीं, तभी एस्टन विला ने फ्रीबर्ग के डिफेंस को भेद दिया। कॉर्नर पर मॉर्गन रोजर्स ने पेनल्टी एरिया में सटीक क्रॉस दिया, जिसे यूरी टाईलेमैंस ने गोल में बदल दिया। यह टाईलेमैंस का पूरे सीजन में दूसरा गोल था। उन्होंने दिसंबर के बाद पहला गोल फाइनल में दागा। फ्रीबर्ग पहले गोल से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ मिनट बाद एस्टन विला ने दूसरा गोल कर दिया। एमिलियानो बुएंडिया ने डी-एरिया के बाहर से शॉट खेला, जो गोल पोस्ट के कोने में गया। लगातार दो गोल की बदौलत एस्टन विला हाफ-टाइम तक 2-0 से आगे हो गया। दूसरे हाफ में रोजर्स ने किया तीसरा गोल, फ्रीबर्ग को वापसी का मौका नहीं मिला हाफ-टाइम के बाद एस्टन विला ने फ्रीबर्ग को वापसी का मौका नहीं दिया। मॉर्गन रोजर्स ने 58वें मिनट में टीम के लिए तीसरा और निर्णायक गोल दागा। रोजर्स ने एमिलियानो बुएंडिया के क्रॉस पर स्लाइड करते हुए गेंद को नेट में पहुंचाया। इसके साथ विला की 3-0 की बढ़त पक्की हो गई और मैच फ्रीबर्ग के हाथ से निकल गया। उसी जर्सी में उतरी टीम, प्रिंस विलियम और टॉम हैंक्स ने मनाया जश्न बर्मिंघम के इस क्लब के लिए यह जीत भावुक और ऐतिहासिक रही। एस्टन विला ने आखिरी बार 1996 में लीग कप जीता था, जबकि यूरोप में उसकी पिछली बड़ी सफलता 1982 के यूरोपियन कप फाइनल में आई थी, जब टीम ने बायर्न म्यूनिख को हराया था। एस्टन विला इस्तांबुल में सफेद जर्सी पहनकर उतरी, जैसी उसने 1982 में रॉटरडैम में पहनी थी। 1982 की विजेता टीम के हीरो पीटर विथ और डेनिस मॉर्टिमर भी स्टैंड्स में मौजूद थे। ब्रिटिश शाही परिवार के प्रिंस विलियम और हॉलीवुड एक्टर टॉम हैंक्स ने भी जीत का जश्न मनाया। टॉम हैंक्स ने मैच से पहले टीम के लिए खास सपोर्ट मैसेज भेजा था।

एस्टन विला 30 साल बाद बनी यूरोपा लीग चैंपियन:फाइनल में जर्मनी के फ्रीबर्ग को 3-0 से हराया; मैनेजर उनाई एमेरी ने पांचवीं बार जीता खिताब

एस्टन विला 30 साल बाद बनी यूरोपा लीग चैंपियन:फाइनल में जर्मनी के फ्रीबर्ग को 3-0 से हराया; मैनेजर उनाई एमेरी ने पांचवीं बार जीता खिताब

इंग्लैंड के फुटबॉल क्लब एस्टन विला ने इस्तांबुल में खेले गए यूरोपा लीग फाइनल में जर्मनी के एससी फ्रीबर्ग को 3-0 से हराया। इस जीत के साथ क्लब ने ट्रॉफी जीतकर फैंस का 30 साल का इंतजार खत्म किया। एस्टन विला ने 1996 के बाद पहली बड़ी घरेलू ट्रॉफी और 1982 के बाद पहली बड़ी यूरोपीय ट्रॉफी जीती। टीम की सफलता में मैनेजर उनाई एमेरी की बड़ी भूमिका रही, जिन्होंने रिकॉर्ड पांचवीं बार यूरोपा लीग का खिताब जीता। फाइनल की शुरुआत से ही एस्टन विला ने खेल पर कंट्रोल बनाए रखा। शुरुआती मिनटों में मॉर्गन रोजर्स ने फ्रीबर्ग के गोलकीपर नूह अतुबोलू को शानदार शॉट से सतर्क कर दिया था। इसके बाद विला ने लगातार हमले किए और हाफ-टाइम से पहले पहला गोल दागकर बढ़त बना ली। टाईलेमैंस और बुएंडिया ने पहले हाफ में दागे दो बैक-टू-बैक गोल पहले हाफ में दोनों टीमें गोलरहित बराबरी पर थीं, तभी एस्टन विला ने फ्रीबर्ग के डिफेंस को भेद दिया। कॉर्नर पर मॉर्गन रोजर्स ने पेनल्टी एरिया में सटीक क्रॉस दिया, जिसे यूरी टाईलेमैंस ने गोल में बदल दिया। यह टाईलेमैंस का पूरे सीजन में दूसरा गोल था। उन्होंने दिसंबर के बाद पहला गोल फाइनल में दागा। फ्रीबर्ग पहले गोल से उबर भी नहीं पाया था कि कुछ मिनट बाद एस्टन विला ने दूसरा गोल कर दिया। एमिलियानो बुएंडिया ने डी-एरिया के बाहर से शॉट खेला, जो गोल पोस्ट के कोने में गया। लगातार दो गोल की बदौलत एस्टन विला हाफ-टाइम तक 2-0 से आगे हो गया। दूसरे हाफ में रोजर्स ने किया तीसरा गोल, फ्रीबर्ग को वापसी का मौका नहीं मिला हाफ-टाइम के बाद एस्टन विला ने फ्रीबर्ग को वापसी का मौका नहीं दिया। मॉर्गन रोजर्स ने 58वें मिनट में टीम के लिए तीसरा और निर्णायक गोल दागा। रोजर्स ने एमिलियानो बुएंडिया के क्रॉस पर स्लाइड करते हुए गेंद को नेट में पहुंचाया। इसके साथ विला की 3-0 की बढ़त पक्की हो गई और मैच फ्रीबर्ग के हाथ से निकल गया। उसी जर्सी में उतरी टीम, प्रिंस विलियम और टॉम हैंक्स ने मनाया जश्न बर्मिंघम के इस क्लब के लिए यह जीत भावुक और ऐतिहासिक रही। एस्टन विला ने आखिरी बार 1996 में लीग कप जीता था, जबकि यूरोप में उसकी पिछली बड़ी सफलता 1982 के यूरोपियन कप फाइनल में आई थी, जब टीम ने बायर्न म्यूनिख को हराया था। एस्टन विला इस्तांबुल में सफेद जर्सी पहनकर उतरी, जैसी उसने 1982 में रॉटरडैम में पहनी थी। 1982 की विजेता टीम के हीरो पीटर विथ और डेनिस मॉर्टिमर भी स्टैंड्स में मौजूद थे। ब्रिटिश शाही परिवार के प्रिंस विलियम और हॉलीवुड एक्टर टॉम हैंक्स ने भी जीत का जश्न मनाया। टॉम हैंक्स ने मैच से पहले टीम के लिए खास सपोर्ट मैसेज भेजा था।

सनस्क्रीन में SPF का क्या मतलब होता है? आपके लिए क्या बेहतर, किससे मिलेगा ज्यादा प्रोटेक्शन

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Last Updated:May 21, 2026, 08:05 IST Sunscreen SPF Importance: गर्मियों में अधिकतर लोग सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं. सनस्क्रीन के ऊपर अक्सर SPF 30 या SPF 50 लिखा होता है. ज्यादातर लोग सनस्क्रीन पर लिखे SPF का मतलब नहीं जानते हैं. डॉक्टर के अनुसार सन प्रोटेक्शन फैक्टर को SPF कहा जाता है. यह स्किन को अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाने की क्षमता को दर्शाता है. सनस्क्रीन में सन प्रोटेक्शन फैक्टर को SPF कहा जाता है. How Much SPF Do You Need: गर्मियों के मौसम में स्किन को तेज धूप से बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है. सनस्क्रीन हमारी स्किन को प्रोटेक्ट करने का काम करती है. अधिकतर जब लोग सनस्क्रीन खरीदने जाते हैं, तो सबसे ज्यादा कंफ्यूजन SPF को लेकर होता है. कोई SPF 15 इस्तेमाल करता है, तो कोई SPF 50 को बेहतर मानता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी लोगों को स्किन के हिसाब से सही सनस्क्रीन यूज करने की सलाह देते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर SPF का मतलब क्या होता है और आपकी स्किन के लिए कौन सा SPF सही रहता है? यूपी के कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया सन प्रोटेक्शन फैक्टर को शॉर्ट में SPF कहा जाता है. यह बताता है कि सनस्क्रीन आपकी स्किन को सूरज की अल्ट्रावॉयलेट किरणों से कितनी सुरक्षा दे सकती है. UV किरणें सनबर्न, टैनिंग और स्किन को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार मानी जाती हैं. गर्मी में धूप तेज होती है और अल्ट्रावॉयलेट किरणों का कहर भी बढ़ जाता है. ऐसे में स्किन को हेल्दी रखने के लिए दिन के वक्त सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है. लोगों की स्किन टाइप और धूप में बिताए जाने वाले समय के आधार पर SPF तय होता है. SPF 30 और SPF 50 का क्या मतलब है? डॉक्टर के मुताबिक अगर बिना सनस्क्रीन लगाए आपकी स्किन 10 मिनट में जलने लगती है, तो SPF 30 वाली सनस्क्रीन आपको लगभग 30 गुना ज्यादा सुरक्षा दे सकती है. SPF नंबर बढ़ने के साथ सुरक्षा थोड़ी बढ़ती जरूर है, लेकिन बहुत बड़ा अंतर नहीं होता हे. SPF 15 लगभग 93% UVB किरणों को ब्लॉक कर सकता है, जबकि SPF 30 करीब 97% और SPF 50 लगभग 98% तक सुरक्षा देने में मदद करता है. इसलिए केवल ज्यादा SPF वाला प्रोडक्ट खरीदना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही तरीका और सही मात्रा में लगाना भी बेहद जरूरी होता है. आपके लिए कौन सा SPF बेहतर है? एक्सपर्ट की मानें तो अगर आप रोज घर से बाहर निकलते हैं या धूप में ज्यादा समय बिताते हैं, तो कम से कम SPF 30 वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन इस्तेमाल करनी चाहिए. वहीं बहुत तेज धूप, बीच ट्रिप या आउटडोर एक्टिविटीज के दौरान SPF 50 बेहतर विकल्प माना जाता है. जिन लोगों की स्किन बहुत सेंसिटिव होती है या जिन्हें जल्दी सनबर्न हो जाता है, उन्हें भी हाई SPF सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है, ताकि स्किन को बेहतर प्रोटेक्शन मिल सके. सनस्क्रीन खरीदते वक्त यह भी देखें डॉक्टर का साफ कहना है कि सनस्क्रीन खरीदते समय सिर्फ SPF नंबर पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है. यह भी जरूरी है कि सनस्क्रीन ब्रॉड स्पेक्ट्रम हो यानी वह UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से सुरक्षा दे. UVA किरणें त्वचा की समय से पहले उम्र बढ़ने, झुर्रियों और पिगमेंटेशन से जुड़ी मानी जाती हैं. इसके अलावा वाटर-रेसिस्टेंट सनस्क्रीन पसीने और पानी के दौरान ज्यादा उपयोगी हो सकती है. ऐसे में सोच समझकर और एक्सपर्ट की सलाह लेकर ही सनस्क्रीन खरीदनी चाहिए. सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका डॉक्टर का कहना है कि सनस्क्रीन घर से बाहर निकलने से लगभग 15-20 मिनट पहले लगानी चाहिए, ताकि वह त्वचा में अच्छी तरह सेट हो सके. चेहरे, गर्दन, हाथ और शरीर के खुले हिस्सों पर पर्याप्त मात्रा में सनस्क्रीन लगाना जरूरी होता है. अगर आप लंबे समय तक धूप में हैं या ज्यादा पसीना आ रहा है, तो हर 2 से 3 घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगानी चाहिए. सनस्क्रीन सिर्फ ब्यूटी प्रोडक्ट नहीं, बल्कि त्वचा की सुरक्षा का जरूरी हिस्सा है. SPF यह बताता है कि आपकी सनस्क्रीन धूप से कितनी सुरक्षा दे सकती है, लेकिन सही रिजल्ट के लिए सही SPF चुनना और उसे सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें

सीएम नायब सैनी से मिले एक्टर रणदीप हुड्डा:हरियाणवी संस्कृति, युवाओं को लेकर चर्चा; सीएम बोले- माटी की खुशबू को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया

सीएम नायब सैनी से मिले एक्टर रणदीप हुड्डा:हरियाणवी संस्कृति, युवाओं को लेकर चर्चा; सीएम बोले- माटी की खुशबू को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया

हरियाणा की राजनीति, संस्कृति और फिल्म जगत से जुड़ी दो बड़ी हस्तियों की मुलाकात ने बुधवार को संत कबीर कुटीर का माहौल खास बना दिया। हरियाणा के सीएम नायब सैनी से प्रदेश की माटी से जुड़े सुप्रसिद्ध बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा ने मुलाकात की । इस दौरान सीएम ने राधा-कृष्ण की तस्वीर भी भेंट की। इस दौरान हरियाणा की संस्कृति, युवाओं की प्रतिभा, फिल्म उद्योग में प्रदेश की बढ़ती पहचान और हरियाणवी बोली को देश-दुनिया तक पहुंचाने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। एक्टर रणदीप हुड्डा की सादगी, अभिनय क्षमता और अपनी मिट्टी से जुड़ाव को लेकर मुख्यमंत्री ने भी उनकी सराहना की। इस बारे में सीएम के सोशल मीडिया अकाउंट से एक पोस्ट भी शेयर भी की गई है। हरियाणवी संस्कृति को देश-दुनिया तक पहुंचाने में अहम योगदान सीएम नायब सैनी ने कहा कि रणदीप हुड्डा ने बॉलीवुड में अपनी दमदार अभिनय शैली से अलग पहचान बनाई है। उन्होंने फिल्मों के माध्यम से हरियाणवी बोली, संस्कृति और प्रदेश की मिट्टी की खुशबू को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि रणदीप हुड्डा जैसे कलाकार प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा हैं। अभिनय और सादगी से जीता लोगों का दिल मुख्यमंत्री ने अभिनेता रणदीप हुड्डा के सादगीपूर्ण व्यक्तित्व की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि फिल्मी दुनिया में ऊंचा मुकाम हासिल करने के बावजूद रणदीप हुड्डा अपनी जड़ों से जुड़े हुए हैं। यही कारण है कि हरियाणा ही नहीं बल्कि पूरे देश में लोग उन्हें बेहद पसंद करते हैं। प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने रणदीप हुड्डा इस दौरान युवाओं को खेल, कला और फिल्म क्षेत्र में आगे बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा के युवा हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं और रणदीप हुड्डा जैसे व्यक्तित्व युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देते हैं। संत कबीर कुटीर में हुई मुलाकात संत कबीर कुटीर में हुई इस मुलाकात का माहौल बेहद आत्मीय रहा। दोनों हस्तियों ने प्रदेश की संस्कृति, कला और सामाजिक विषयों पर भी विचार साझा किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अभिनेता रणदीप हुड्डा के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उनके योगदान को हरियाणा के गौरव से जोड़ा।

Alwar Khairthal Sattu Benefit| अलवर-खैरथल में बढ़ा सत्तू और धाणी का क्रेज

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Last Updated:May 21, 2026, 06:33 IST Sattu Benefits in Summer: अलवर और खैरथल-तिजारा में 45 डिग्री की गर्मी से बचने के लिए लोग पारंपरिक देसी व्यंजनों- सत्तू, भुना जौ (धाणी) और भुना चना (भूघड़ा) की तरफ लौट रहे हैं. शहरों में भी इनकी मांग तेजी से बढ़ी है. बाजार में धाणी 60-80 रुपये और भूघड़ा 100-120 रुपये प्रति किलो बिक रहा है. आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, फाइबर, आयरन और कैल्शियम से भरपूर ये प्राकृतिक उत्पाद शरीर को ठंडक देने, डिहाइड्रेशन से बचाने, कब्ज दूर करने और डायबिटीज को नियंत्रित करने में बेहद फायदेमंद हैं. ख़बरें फटाफट Alwar News: राजस्थान के अलवर सहित खैरथल-तिजारा जिले में मई की चिलचिलाती धूप और रिकॉर्डतोड़ गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. बढ़ते तापमान और किलर लू से बचने के लिए अब लोगों ने महंगे और केमिकल वाले प्रोडक्ट्स को छोड़कर अपने पुराने पारंपरिक देसी खानपान की तरफ रुख कर लिया है. इस चिलचिलाती गर्मी में शरीर को अंदरूनी ठंडक और तुरंत ऊर्जा (Energy) देने के लिए इन दिनों भुना जौ (धाणी) और भुना चना (भूघड़ा) का सेवन अचानक बहुत तेज़ी से बढ़ गया है. इसके साथ ही शरीर को डिहाइड्रेशन से बचाने के लिए लोग सत्तू के शरबत का जमकर इस्तेमाल कर रहे हैं. खैरथल और किशनगढ़ बास सहित जिले के तमाम प्रमुख बाजारों में इन पारंपरिक देसी व्यंजनों की मांग में भारी उछाल आया है, जिससे किराना और पारंपरिक स्नैक्स की दुकानों पर ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है. चौंकाने वाली बात यह है कि जो सत्तू, धाणी और भूघड़ा पहले केवल ग्रामीण इलाकों की पसंद माने जाते थे, उन्हें अब शहरी परिवार भी एक बेहतरीन, हेल्दी और सुपाच्य (आसानी से पचने वाले) विकल्प के रूप में अपना रहे हैं. खैरथल के स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि लोग इस तपती गर्मी में कोल्ड ड्रिंक्स के बजाय बाजार से सत्तू खरीदकर उसका ठंडा पानी (शरबत) बनाकर पीना ज्यादा पसंद कर रहे हैं. भाड़ पर भुनवाने का झंझट खत्म, बाजार में इस भाव पर बिक रहे हैं देसी व्यंजनदुकानदारों ने बताया कि पहले के समय में लोग अपने घरों से जौ और चना लेकर जाते थे और भाड़ (पारंपरिक भट्टी) पर ले जाकर उसे खुद भुनाते थे. लेकिन अब भागदौड़ भरी जिंदगी में बाजार में ही तैयार भुना हुआ माल आसानी से मिलने लगा है. कीमतों की बात करें तो इस समय खैरथल के बाजारों में बेहतरीन क्वालिटी का भुना जौ यानी धाणी 60 से 80 रुपए प्रति किलोग्राम के भाव पर बिक रही है. वहीं, बेहतरीन भुना चना (भूघड़ा) 100 से 120 रुपए प्रति किलोग्राम के दाम पर ग्राहकों को मिल रहा है. आयुर्वेद डॉक्टरों की मुहर: डिहाइड्रेशन और डायबिटीज के लिए वरदान है यह सत्तूआयुर्वेद विशेषज्ञों का भी मानना है कि बुजुर्गों का यह नुस्खा वैज्ञानिक रूप से पूरी तरह सही है. इस भीषण गर्मी में यदि लोग प्राकृतिक और पारंपरिक व्यंजनों का उपयोग करेंगे, तो लू उनके आसपास भी नहीं फटकेगी. विशेषज्ञों के अनुसार, भुना जौ और चना न केवल पेट के लिए हल्के होते हैं, बल्कि इनमें फाइबर, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और मैंगनीज जैसे जरूरी पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. सबसे खास बात यह है कि सत्तू और धाणी का सेवन करने से शरीर में प्राकृतिक रूप से पानी की मांग (प्यास) बढ़ती है. जब व्यक्ति ज्यादा पानी पिएगा, तो वह डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) के खतरे से पूरी तरह सुरक्षित रहेगा. इसके अलावा, यह देसी डाइट कब्ज की समस्या को जड़ से खत्म करने और मधुमेह (डायबिटीज) को कंट्रोल करने में भी अचूक रामबाण साबित होती है. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Alwar,Alwar,Rajasthan

रिपोर्ट- ईरान जंग में अमेरिका के 42 एयरक्राफ्ट-ड्रोन तबाह:इसमें एक F-35 भी शामिल, जंग पर कुल ₹2.81 लाख करोड़ खर्च हुए

रिपोर्ट- ईरान जंग में अमेरिका के 42 एयरक्राफ्ट-ड्रोन तबाह:इसमें एक F-35 भी शामिल, जंग पर कुल ₹2.81 लाख करोड़ खर्च हुए

ईरान के खिलाफ चले ऑपरेशन एपिक फ्यूरी में अमेरिका को बड़ा हवाई नुकसान हुआ है। यूएस कांग्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, इस ऑपरेशन में अमेरिकी सेना के 42 एयरक्राफ्ट-ड्रोन तबाह या गंभीर रूप से डैमेज हुए हैं। इनमें 6 फाइटर और अटैक जेट हैं। तबाह हुए जेट में 1 एफ-35, 4 F-15E स्ट्राइक ईगल और 1 A-10 थंडरबोल्ट-II शामिल है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पहले ही बता चुका है कि जंग पर उसके कुल 2.81 लाख करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। सबसे बड़ा नुकसान ड्रोन कैटेगरी में हुआ है। कुल 25 ड्रोन तबाह हुए हैं। इनमें 24 MQ-9 रीपर और 1 MQ-4C ट्राइटन है। इसके अलावा 11 अन्य विमान भी तबाह या क्षतिग्रस्त हुए हैं। वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका और इजराइल ने युद्ध सिर्फ ईरान की परमाणु व मिसाइल क्षमता को कमजोर करने के लिए नहीं किया था, बल्कि तख्तापलट की भी योजना थी। नए लीडर के रूप में पूर्व ईरानी राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद को चुना गया था। पहले दिन इजराइल ने तेहरान में अहमदीनेजाद के घर के पास हमला किया था। मकसद उन्हें नजरबंदी से छुड़ाना था, लेकिन वे बच गए। इसके बाद इजराइल-अमेरिका अपने तख्तापलट वाले प्लान से पीछे हट गए। 3 चरणों का था तख्तापलट प्लान पहला: ताबड़तोड़ हवाई हमले, ईरान के सर्वोच्च नेताओं को निशाना और कुर्द लड़ाकों को सक्रिय करना। दूसरा: इजराइल अराजकता व युद्ध जैसा माहौल बनाना चाहता था, ताकि लगे कि ईरानी शासन नियंत्रण खो रहा है। तीसरा: बुनियादी सुविधाओं को नुकसान, गैस व बिजली सप्लाई रोककर राजनीतिक दबाव बढ़ाना था। इसके बाद अहमदीनेजाद को लाना था। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. अमेरिकी संसद में ईरान जंग रोकने वाला प्रस्ताव पास: अमेरिकी सीनेट में ट्रम्प की सैन्य शक्तियों को सीमित करने वाला प्रस्ताव 50-47 से पास हुआ। 4 रिपब्लिकन सांसदों ने भी ट्रम्प के खिलाफ वोट दिया। अगर कानून बना तो ईरान के खिलाफ जंग जारी रखने के लिए ट्रम्प को कांग्रेस की मंजूरी लेनी होगी। 2. ट्रम्प बोले- ईरान की नेवी और एयरफोर्स खत्म: US कोस्ट गार्ड अकादमी में ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि अब सवाल सिर्फ यह है कि अमेरिका आगे पूरी कार्रवाई करेगा या ईरान समझौता करेगा। 3. ईरान की मंजूरी से 26 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे: IRGC ने दावा किया कि पिछले 24 घंटे में 26 जहाज ईरानी मंजूरी के बाद होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे। इनमें तेल टैंकर और कॉमर्शियल जहाज शामिल थे। 4. UAE होर्मुज बायपास करने के लिए नई पाइपलाइन बना रहा: ADNOC ने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने वाली नई तेल पाइपलाइन का 50% काम पूरा हो चुका है। युद्ध के बाद फुजैराह तेल हब पर ड्रोन हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं। 5. UN ने चेतावनी दी- होर्मुज संकट से फूड क्राइसिस का खतरा: UN की फूड एंड एग्रीकल्चर ऑर्गेनाइजेशन ने कहा कि होर्मुज में रुकावट बढ़ी तो दुनिया में खाद्य संकट और महंगाई बढ़ सकती है। एजेंसी ने देशों से वैकल्पिक सप्लाई रूट तैयार करने की अपील की। ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Parle Share Surge & Gold Silver Price Drop

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Hindi News Business Parle Share Surge & Gold Silver Price Drop | PM Modi Gift Confusion India नई दिल्ली18 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर महंगाई से जुड़ी रही। सोने-चांदी के दाम में 20 मई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 1,411 रुपए कम होकर 2.67 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 522 रुपए गिरकर 1.59 लाख रुपए हो गया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को पारले कंपनी की मेलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया। इसका वीडियो वायरल होते ही निवेशकों ने नाम के कन्फ्यूजन में पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद डाले, जिससे मंगलवार को इसमें 5% का अपर सर्किट लग गया। खास बात यह है कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स है, जो शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. चांदी ₹1411 गिरकर ₹2.67 लाख किलो पर आई: ऑलटाइम हाई से ₹1.19 लाख नीचे आ चुकी, सोना आज ₹522 सस्ता हुआ सोने-चांदी के दाम में 20 मई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 1,411 रुपए कम होकर 2.67 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 522 रुपए गिरकर 1.59 लाख रुपए हो गया है। 29 जनवरी को सोना 1.76 लाख और चांदी 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. मोदी की मेलोडी डिप्लोमेसी का फायदा हमनाम कंपनी को मिला: टॉफी बनाने वाली पारले शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं, रियल एस्टेट पारले इंडस्ट्री के शेयर 5% बढ़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को पारले कंपनी की मेलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया। इसका वीडियो वायरल होते ही निवेशकों ने नाम के कन्फ्यूजन में पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद डाले, जिससे मंगलवार को इसमें 5% का अपर सर्किट लग गया। खास बात यह है कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स है, जो शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। निवेशकों ने गलती से रियल एस्टेट कंपनी पारले इंडस्ट्रीज को मेलोडी बनाने वाली कंपनी समझकर उसमें निवेश कर दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. ऑनलाइन फूड और क्विक कॉमर्स डिलीवरी महंगी हो सकती है: पेट्रोल-डीजल महंगा होने से डिलीवरी चार्ज बढ़ाएंगी कंपनियां, मार्जिन 10-12% तक घटा ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म (जैसे ब्लिंकिट, जेप्टो) से सामान मंगाना महंगा हो सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब ₹4 प्रति लीटर यानी 4% तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे स्विगी और इटर्नल (जोमैटो की पैरेंट कंपनी) जैसी कंपनियों पर डिलीवरी कॉस्ट का दबाव बढ़ गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. भारत का टॉफी एक्सपोर्ट 12 साल में 166% बढ़ा: वित्त वर्ष 2025-26 में ₹132 करोड़ पर पहुंचा, मंत्री पीयूष गोयल ने जारी किया डेटा भारत से टॉफी का एक्सपोर्ट पिछले 12 वर्षों में 166% बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में ₹132 करोड़ पर पहुंच गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज यानी 20 मई को सोशल मीडिया पर यह जानकारी शेयर की है। वित्त वर्ष 2013-14 में देश से टॉफी का कुल एक्सपोर्ट ₹49.68 करोड़ का था। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर लिखा “भारत की ‘टॉफी टेल’ (टॉफी की कहानी) निश्चित रूप से कानों को सुरीली लगेगी! 2013-14 के बाद से टॉफी एक्सपोर्ट में करीब 166% की ग्रोथ दर्ज की गई है।” पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. ओला को मार्च तिमाही में ₹500 करोड़ का घाटा: FY26 में ₹1,833 करोड़ का नुकसान, एक साल में कंपनी का शेयर 29% गिरा ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को मार्च तिमाही (जनवरी-मार्च) में ₹500 करोड़ का घाटा हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹870 करोड़ का घाटा हुआ था, यानी सालाना आधार पर कंपनी ने अपने घाटे को 42.5% कम किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… बुधवार को दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Business Parle Share Surge & Gold Silver Price Drop | PM Modi Gift Confusion India नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर महंगाई से जुड़ी रही। सोने-चांदी के दाम में 20 मई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 1,411 रुपए कम होकर 2.67 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 522 रुपए गिरकर 1.59 लाख रुपए हो गया है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को पारले कंपनी की मेलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया। इसका वीडियो वायरल होते ही निवेशकों ने नाम के कन्फ्यूजन में पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद डाले, जिससे मंगलवार को इसमें 5% का अपर सर्किट लग गया। खास बात यह है कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स है, जो शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार में आज गिरावट देखने को मिल सकती है। पेट्रोल-डीजल की कीमत में आज कोई बदलाव नहीं हुआ। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. चांदी ₹1411 गिरकर ₹2.67 लाख किलो पर आई: ऑलटाइम हाई से ₹1.19 लाख नीचे आ चुकी, सोना आज ₹522 सस्ता हुआ सोने-चांदी के दाम में 20 मई को गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 1 किलो चांदी की कीमत 1,411 रुपए कम होकर 2.67 लाख रुपए पर आ गई है। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 522 रुपए गिरकर 1.59 लाख रुपए हो गया है। 29 जनवरी को सोना 1.76 लाख और चांदी 3.86 लाख रुपए के ऑलटाइम हाई पर पहुंच गई थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. मोदी की मेलोडी डिप्लोमेसी का फायदा हमनाम कंपनी को मिला: टॉफी बनाने वाली पारले शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं, रियल एस्टेट पारले इंडस्ट्री के शेयर 5% बढ़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी को पारले कंपनी की मेलोडी टॉफी का पैकेट गिफ्ट किया। इसका वीडियो वायरल होते ही निवेशकों ने नाम के कन्फ्यूजन में पारले इंडस्ट्रीज के शेयर खरीद डाले, जिससे मंगलवार को इसमें 5% का अपर सर्किट लग गया। खास बात यह है कि मेलोडी टॉफी बनाने वाली कंपनी पारले प्रोडक्ट्स है, जो शेयर बाजार में लिस्टेड ही नहीं है। निवेशकों ने गलती से रियल एस्टेट कंपनी पारले इंडस्ट्रीज को मेलोडी बनाने वाली कंपनी समझकर उसमें निवेश कर दिया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. ऑनलाइन फूड और क्विक कॉमर्स डिलीवरी महंगी हो सकती है: पेट्रोल-डीजल महंगा होने से डिलीवरी चार्ज बढ़ाएंगी कंपनियां, मार्जिन 10-12% तक घटा ऑनलाइन फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म (जैसे ब्लिंकिट, जेप्टो) से सामान मंगाना महंगा हो सकता है। अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब ₹4 प्रति लीटर यानी 4% तक की बढ़ोतरी हुई है। इससे स्विगी और इटर्नल (जोमैटो की पैरेंट कंपनी) जैसी कंपनियों पर डिलीवरी कॉस्ट का दबाव बढ़ गया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. भारत का टॉफी एक्सपोर्ट 12 साल में 166% बढ़ा: वित्त वर्ष 2025-26 में ₹132 करोड़ पर पहुंचा, मंत्री पीयूष गोयल ने जारी किया डेटा भारत से टॉफी का एक्सपोर्ट पिछले 12 वर्षों में 166% बढ़कर वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) में ₹132 करोड़ पर पहुंच गया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज यानी 20 मई को सोशल मीडिया पर यह जानकारी शेयर की है। वित्त वर्ष 2013-14 में देश से टॉफी का कुल एक्सपोर्ट ₹49.68 करोड़ का था। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर लिखा “भारत की ‘टॉफी टेल’ (टॉफी की कहानी) निश्चित रूप से कानों को सुरीली लगेगी! 2013-14 के बाद से टॉफी एक्सपोर्ट में करीब 166% की ग्रोथ दर्ज की गई है।” पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. ओला को मार्च तिमाही में ₹500 करोड़ का घाटा: FY26 में ₹1,833 करोड़ का नुकसान, एक साल में कंपनी का शेयर 29% गिरा ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने 31 मार्च, 2026 को समाप्त हुई चौथी तिमाही और पूरे वित्त वर्ष 2025-26 (FY26) के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी को मार्च तिमाही (जनवरी-मार्च) में ₹500 करोड़ का घाटा हुआ है। पिछले साल की इसी तिमाही में कंपनी को ₹870 करोड़ का घाटा हुआ था, यानी सालाना आधार पर कंपनी ने अपने घाटे को 42.5% कम किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… बुधवार को दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर बाजार और सोना-चांदी का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Khairthal Tijara Weather | खैरथल-तिजारा में लू का रेड अलर्ट

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Last Updated:May 21, 2026, 05:50 IST Heatwave Alert: खैरथल-तिजारा जिले में पारा 45 डिग्री सेल्सियस पहुंचने से भीषण गर्मी का प्रकोप है. जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को सुबह 10 से शाम 6 बजे तक धूप से बचने की सलाह दी है. अस्पतालों में कूलर, ओआरएस और बेड आरक्षित करने के निर्देश दिए गए हैं. सीएमएचओ डॉ. अरविंद गेट ने सिरदर्द, चक्कर आना और पसीना बंद होने जैसे लू के लक्षणों के प्रति सचेत किया है. बचाव के लिए नींबू पानी, ओआरएस का उपयोग करने और पीड़ित को तुरंत प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल ले जाने की अपील की गई है. ख़बरें फटाफट खैरथल-तिजारा में लू का रेड अलर्ट, कलेक्टर की सख्त एडवायजरी Khairthal Tijara: राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप का कहर जारी है. दोपहर के समय तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है. लोग इस झुलसाने वाली गर्मी से बचने के लिए तरह-तरह के जतन कर रहे हैं. बढ़ते तापमान और गंभीर होती स्थिति को देखते हुए जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने आमजन से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है. उन्होंने साफ कहा है कि इस मौसम में थोड़ी सी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और बीमार व्यक्तियों को सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है. जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने सभी सरकारी अस्पतालों में लू और तापघात (Heatstroke) के मरीजों के लिए गाइडलाइन के अनुसार बेड आरक्षित रखने को कहा है. इसके साथ ही मरीजों की सहूलियत के लिए वार्डों में कूलर और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. अस्पतालों के आपातकालीन किट में ओआरएस (ORS), ड्रिपसेट, जीवनरक्षक फ्लूड और सभी आवश्यक दवाइयां चौबीसों घंटे उपलब्ध रखने की हिदायत दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके. सुबह 10 से शाम 6 बजे तक रहें सावधान, स्वास्थ्य विभाग की एडवायजरीखैरथल-तिजारा के सीएमएचओ डॉ. अरविंद गेट के अनुसार, कुपोषित बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और खुले में काम करने वाले श्रमिक लू की चपेट में सबसे जल्दी आते हैं. प्रशासन ने अपील की है कि दोपहर के समय जहां तक संभव हो, धूप में निकलने से बचें. यदि बाहर जाना बेहद जरूरी हो, तो सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक तेज धूप से बचते हुए छायादार या ठंडे स्थानों पर रहने का प्रयास करें. बाहर निकलते समय शरीर पूरी तरह सूती कपड़े से ढका होना चाहिए. इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज, बढ़ सकता है खतराचिकित्सकीय दृष्टि से जब शरीर में लवण (साल्ट) और पानी की भारी कमी हो जाती है, तो इंसान लू का शिकार होता है. डॉ. अरविंद गेट ने इसके मुख्य लक्षण बताए हैं: सिर में भारीपन और तेज दर्द होना. अत्यधिक प्यास लगना, चक्कर आना, जी मिचलाना और शरीर का तापमान 105 डिग्री फारेनहाइट या उससे ऊपर पहुंच जाना. अचानक पसीना आना बंद हो जाना, चेहरा लाल पड़ना और त्वचा का पूरी तरह सूख जाना. गंभीर स्थिति में मरीज का बेहोश हो जाना. वैज्ञानिक रूप से, अत्यधिक गर्मी के कारण मस्तिष्क का वो हिस्सा काम करना बंद कर देता है जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखता है. इससे लाल रक्त कोशिकाएं टूटने लगती हैं और पोटेशियम लवण सीधे ब्लड सर्कुलेशन में आ जाता है, जो दिल की धड़कन को प्रभावित कर मरीज को मौत के मुंह में धकेल सकता है. लू और तापघात से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी टिप्स क्या खाएं-पीएं: खाली पेट घर से बाहर बिल्कुल न निकलें. हमेशा भोजन करके और पानी पीकर ही बाहर जाएं. शरीर में पानी की कमी न होने दें. नींबू पानी, नारियल पानी, जूस और कच्चे आम का पना (कैरी का पना) लगातार पीते रहें. बासी भोजन और सड़े-गले फलों के सेवन से पूरी तरह दूर रहें. कैसे निकलें बाहर: धूप में निकलते समय गर्दन के पिछले हिस्से, कान और सिर को गमछे या तौलिये से अच्छी तरह ढक लें. धूप के चश्मे और छतरी का उपयोग जरूर करें. हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें. कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक (कोल्ड ड्रिंक्स) पीने से बचें. श्रमिकों के लिए व्यवस्था: अकाल राहत कार्यों या निर्माण स्थलों पर श्रमिकों के लिए पर्याप्त छाया और ठंडे पानी का प्रबंध किया जाए, ताकि वे थोड़ी-थोड़ी देर में विश्राम कर सकें. अगर किसी को लू लग जाए, तो तुरंत करें ये प्राथमिक उपचारयदि आपके आसपास कोई व्यक्ति लू की चपेट में आता है, तो बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत किसी ठंडी और छायादार जगह पर ले जाएं. उसके कपड़े ढीले कर दें और हवा करें. मरीज को तुरंत ठंडा पानी, ओआरएस घोल या नींबू पानी पिलाएं. पानी या बर्फ की पट्टियों से उसके शरीर को ठंडा करने का प्रयास करें और इसके तुरंत बाद मरीज को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र लेकर जाएं. About the Author vicky Rathore Vicky Rathore (born July 25, 1994) is a multimedia journalist and digital content specialist currently working with News18 Rajasthan. I have over 8 years of experience in digital media, where I specialize in cr…और पढ़ें News18 न्यूजलेटर अब ईमेल पर इनसाइड स्‍टोर‍ीज खबरों के पीछे की खबर अब आपके इनबॉक्‍स में सबमिट करें Location : Alwar,Alwar,Rajasthan