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Sunscreen SPF Importance: गर्मियों में अधिकतर लोग सनस्क्रीन का इस्तेमाल करते हैं. सनस्क्रीन के ऊपर अक्सर SPF 30 या SPF 50 लिखा होता है. ज्यादातर लोग सनस्क्रीन पर लिखे SPF का मतलब नहीं जानते हैं. डॉक्टर के अनुसार सन प्रोटेक्शन फैक्टर को SPF कहा जाता है. यह स्किन को अल्ट्रावॉयलेट किरणों से बचाने की क्षमता को दर्शाता है.
सनस्क्रीन में सन प्रोटेक्शन फैक्टर को SPF कहा जाता है.
How Much SPF Do You Need: गर्मियों के मौसम में स्किन को तेज धूप से बचाने के लिए सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है. सनस्क्रीन हमारी स्किन को प्रोटेक्ट करने का काम करती है. अधिकतर जब लोग सनस्क्रीन खरीदने जाते हैं, तो सबसे ज्यादा कंफ्यूजन SPF को लेकर होता है. कोई SPF 15 इस्तेमाल करता है, तो कोई SPF 50 को बेहतर मानता है. हेल्थ एक्सपर्ट्स भी लोगों को स्किन के हिसाब से सही सनस्क्रीन यूज करने की सलाह देते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर SPF का मतलब क्या होता है और आपकी स्किन के लिए कौन सा SPF सही रहता है?
यूपी के कानपुर में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. युगल राजपूत ने News18 को बताया सन प्रोटेक्शन फैक्टर को शॉर्ट में SPF कहा जाता है. यह बताता है कि सनस्क्रीन आपकी स्किन को सूरज की अल्ट्रावॉयलेट किरणों से कितनी सुरक्षा दे सकती है. UV किरणें सनबर्न, टैनिंग और स्किन को नुकसान पहुंचाने के लिए जिम्मेदार मानी जाती हैं. गर्मी में धूप तेज होती है और अल्ट्रावॉयलेट किरणों का कहर भी बढ़ जाता है. ऐसे में स्किन को हेल्दी रखने के लिए दिन के वक्त सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है. लोगों की स्किन टाइप और धूप में बिताए जाने वाले समय के आधार पर SPF तय होता है.
SPF 30 और SPF 50 का क्या मतलब है?
डॉक्टर के मुताबिक अगर बिना सनस्क्रीन लगाए आपकी स्किन 10 मिनट में जलने लगती है, तो SPF 30 वाली सनस्क्रीन आपको लगभग 30 गुना ज्यादा सुरक्षा दे सकती है. SPF नंबर बढ़ने के साथ सुरक्षा थोड़ी बढ़ती जरूर है, लेकिन बहुत बड़ा अंतर नहीं होता हे. SPF 15 लगभग 93% UVB किरणों को ब्लॉक कर सकता है, जबकि SPF 30 करीब 97% और SPF 50 लगभग 98% तक सुरक्षा देने में मदद करता है. इसलिए केवल ज्यादा SPF वाला प्रोडक्ट खरीदना ही काफी नहीं है, बल्कि उसे सही तरीका और सही मात्रा में लगाना भी बेहद जरूरी होता है.
आपके लिए कौन सा SPF बेहतर है?
एक्सपर्ट की मानें तो अगर आप रोज घर से बाहर निकलते हैं या धूप में ज्यादा समय बिताते हैं, तो कम से कम SPF 30 वाली ब्रॉड-स्पेक्ट्रम सनस्क्रीन इस्तेमाल करनी चाहिए. वहीं बहुत तेज धूप, बीच ट्रिप या आउटडोर एक्टिविटीज के दौरान SPF 50 बेहतर विकल्प माना जाता है. जिन लोगों की स्किन बहुत सेंसिटिव होती है या जिन्हें जल्दी सनबर्न हो जाता है, उन्हें भी हाई SPF सनस्क्रीन लगाने की सलाह दी जाती है, ताकि स्किन को बेहतर प्रोटेक्शन मिल सके.
सनस्क्रीन खरीदते वक्त यह भी देखें
डॉक्टर का साफ कहना है कि सनस्क्रीन खरीदते समय सिर्फ SPF नंबर पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं है. यह भी जरूरी है कि सनस्क्रीन ब्रॉड स्पेक्ट्रम हो यानी वह UVA और UVB दोनों तरह की किरणों से सुरक्षा दे. UVA किरणें त्वचा की समय से पहले उम्र बढ़ने, झुर्रियों और पिगमेंटेशन से जुड़ी मानी जाती हैं. इसके अलावा वाटर-रेसिस्टेंट सनस्क्रीन पसीने और पानी के दौरान ज्यादा उपयोगी हो सकती है. ऐसे में सोच समझकर और एक्सपर्ट की सलाह लेकर ही सनस्क्रीन खरीदनी चाहिए.
सनस्क्रीन लगाने का सही तरीका
डॉक्टर का कहना है कि सनस्क्रीन घर से बाहर निकलने से लगभग 15-20 मिनट पहले लगानी चाहिए, ताकि वह त्वचा में अच्छी तरह सेट हो सके. चेहरे, गर्दन, हाथ और शरीर के खुले हिस्सों पर पर्याप्त मात्रा में सनस्क्रीन लगाना जरूरी होता है. अगर आप लंबे समय तक धूप में हैं या ज्यादा पसीना आ रहा है, तो हर 2 से 3 घंटे में सनस्क्रीन दोबारा लगानी चाहिए. सनस्क्रीन सिर्फ ब्यूटी प्रोडक्ट नहीं, बल्कि त्वचा की सुरक्षा का जरूरी हिस्सा है. SPF यह बताता है कि आपकी सनस्क्रीन धूप से कितनी सुरक्षा दे सकती है, लेकिन सही रिजल्ट के लिए सही SPF चुनना और उसे सही तरीके से इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है.
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अमित उपाध्याय News18 हिंदी की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें












































