Wednesday, 08 Jul 2026 | 12:00 AM

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रेमो डिसूजा पत्नी के साथ नलखेड़ा पहुंचे:फिल्म डायरेक्टर ने किए मां बगलामुखी के किए दर्शन; यज्ञशाला में सपत्नीक हवन किया

रेमो डिसूजा पत्नी के साथ नलखेड़ा पहुंचे:फिल्म डायरेक्टर ने किए मां बगलामुखी के किए दर्शन; यज्ञशाला में सपत्नीक हवन किया

मशहूर कोरियोग्राफर और फिल्म निर्देशक रेमो डिसूजा शनिवार को अपनी पत्नी लिजेल डिसूजा के साथ आगर मालवा जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल नलखेड़ा पहुंचे। उन्होंने विश्व प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर में विधि-विधान से दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में सपत्नीक हवन अनुष्ठान भी संपन्न किया। दो घंटे तक चली विशेष पूजा और अनुष्ठान रेमो और लिज़ेल डिसूजा मंदिर परिसर में लगभग दो घंटे से अधिक समय तक रहे। उन्होंने धार्मिक परंपराओं के अनुसार आयोजित हवन में श्रद्धापूर्वक भाग लिया। इस दौरान मंदिर की अन्य धार्मिक गतिविधियों में भी दोनों शामिल हुए। लिज़ेल डिसूजा भारतीय फिल्म जगत में फिल्म निर्माता और कॉस्ट्यूम डिज़ाइनर के रूप में सक्रिय हैं। प्रशंसकों और श्रद्धालुओं में दिखी उत्सुकता फिल्म जगत की बड़ी हस्ती के मंदिर पहुंचने की जानकारी मिलते ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं और प्रशंसकों में उत्सुकता देखी गई। नलखेड़ा का मां बगलामुखी मंदिर देश भर में अपनी विशेष धार्मिक महत्ता के लिए जाना जाता है, जहां समय-समय पर राजनीति और फिल्म जगत की हस्तियां दर्शन के लिए पहुंचती हैं।

India to Get 100 Industrial Parks

India to Get 100 Industrial Parks

नई दिल्ली16 मिनट पहले कॉपी लिंक केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को ‘भव्य (भारत औद्योगिक विकास योजना) योजना’ के दिशा-निर्देश लॉन्च कर दिए हैं। जिसके तहत सरकार देश भर में 100 इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की तैयारी कर रही है। इस योजना के लिए ₹33,660 करोड़ का वित्तीय परिव्यय यानी फाइनेंशियल आउटले तय किया गया है, जो राज्य सरकारों के साथ साझेदारी में प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क के जरिए मैन्युफैक्चरिंग और इन्वेस्टमेंट हब बनाएगी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि केंद्रीय कैबिनेट ने करीब दो महीने पहले इस योजना को मंजूरी दी थी। केंद्र सरकार को उम्मीद है कि राज्य सरकारें औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए अनुकूल माहौल उपलब्ध कराएंगी। अगले 4 महीनों में राज्यों से मांगे आवेदन, पहले फेज में 20 पार्कों की अर्जी आएगी केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि पहले दो महीनों में 20 इंडस्ट्रियल पार्कों के लिए आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इसके बाद के दो महीनों में अन्य 30 पार्कों के लिए आवेदन लिए जाएंगे, जबकि बचे हुए 50 पार्कों को अगले फेज में शामिल किया जाएगा। सरकार अगले चार महीनों में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) से आवेदन आमंत्रित कर रही है। केंद्र सरकार की योजना शुरुआत में 50 इंडस्ट्रियल पार्कों के लिए आवेदन हासिल करने की है, ताकि देश भर में इस योजना को तेजी से लागू किया जा सके। नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम के तहत होगा विकास इस योजना का उद्देश्य पहले से स्वीकृत जमीन, तैयार इंफ्रास्ट्रक्चर और इंटीग्रेटेड सर्विसेज के साथ निवेश के लिए तैयार इंडस्ट्रियल इकोसिस्टम बनाना है। इससे उद्योगों को अपना कामकाज जल्दी शुरू करने में मदद मिलेगी। इन पार्कों का विकास नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट प्रोग्राम (NICDP) के स्ट्रक्चर के तहत राज्यों और प्राइवेट सेक्टर के प्लेयर्स के साथ मिलकर किया जाएगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक की वित्तीय सहायता सरकार द्वारा साझा की गई जानकारी के मुताबिक, इन इंडस्ट्रियल पार्कों का आकार 100 से 1,000 एकड़ के बीच होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए सरकार प्रति एकड़ ₹1 करोड़ तक की वित्तीय सहायता देगी। इस सहायता के तहत आंतरिक सड़कें, अंडरग्राउंड यूटिलिटीज, ड्रेनेज सिस्टम, कॉमन ट्रीटमेंट फैसिलिटीज, वेयरहाउसिंग, टेस्टिंग लैब्स और श्रमिकों के लिए आवास की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। पहाड़ी राज्यों के लिए 25 एकड़ जमीन पर भी इंडस्ट्रियल पार्क को मंजूरी दी जा सकती है। कनेक्टिविटी सुधारने के लिए बाहरी इंफ्रास्ट्रक्चर को भी सपोर्ट केंद्र सरकार ने मौजूदा ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क के साथ कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए प्रोजेक्ट कॉस्ट के 25 प्रतिशत तक बाहरी इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट का प्रस्ताव भी दिया है। इस योजना के तहत प्रोजेक्ट का चयन एक चैलेंज-बेस्ड प्रोसेस के जरिए किया जाएगा, जो निवेश के लिए तैयार और रिफॉर्म-ओरिएंटेड प्रस्तावों पर केंद्रित होगा। राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और हरियाणा ने जताई रुचि केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जो राज्य जमीन, पानी और बिजली जैसी बेहतर सुविधाएं देंगे, वे निवेशकों को ज्यादा आकर्षित कर सकते हैं। राजस्थान, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और हरियाणा ने इस योजना में रुचि दिखाई है। राज्यों के पास प्राइवेट सेक्टर के प्लेयर्स के साथ साझेदारी करके प्रस्ताव सौंपने का भी प्रावधान है, जिसके तहत केंद्र सरकार ₹50 लाख प्रति एकड़ की सहायता प्रदान करेगी। राज्यों को सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम बनाने के निर्देश जल्दी मंजूरी सुनिश्चित करने के लिए राज्यों को स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (SPVs) स्थापित करने, प्लानिंग अथॉरिटीज को नोटिफाई करने और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस सिस्टम बनाने के लिए कहा गया है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने उम्मीद जताई है कि अगले तीन सालों में ये 50 पार्क पूरी तरह चालू (ऑपरेशनलाइज्ड) हो जाएंगे। पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के तहत होगा काम ये इंडस्ट्रियल पार्क पीएम गतिशक्ति नेशनल मास्टर प्लान के अनुरूप तैयार किए जा रहे हैं। इनका फोकस मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी, कुशल लास्ट-माइल एक्सेस और इंटीग्रेटेड अंडरग्राउंड यूटिलिटी कॉरिडोर्स पर होगा, ताकि मेंटेनेंस से जुड़ी बाधाओं को कम किया जा सके। सरकार ने कहा कि इन पार्कों में ग्रीन एनर्जी और सस्टेनेबल रिसोर्स के उपयोग के प्रावधान भी शामिल होंगे। DPIIT के तहत NICDC संभालेगी जिम्मेदारी मार्च में जारी एक बयान के अनुसार, डिपार्टमेंट फॉर प्रमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड (DPIIT) के तहत नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NICDC) इस योजना के कार्यान्वयन की जिम्मेदारी संभालेगी। NICDC वर्तमान में 13 राज्यों में 20 इंडस्ट्रियल कॉरिडोर प्रोजेक्ट्स को लागू कर रही है और टेक्सटाइल मिनिस्ट्री के तहत सात पीएम मित्रा (PM MITRA) पार्कों के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट एजेंसी के रूप में भी काम कर रही है। क्लस्टर-बेस्ड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलेगा सरकार का कहना है कि इस योजना से क्लस्टर-बेस्ड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इससे मैन्युफैक्चरर्स, सप्लायर्स और सर्विस प्रोवाइडर्स को एक-दूसरे के करीब काम करने का मौका मिलेगा, जिससे घरेलू सप्लाई चेन मजबूत होगी और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। क्या है प्लग-एंड-प्ले मॉडल और NICDC प्लग-एंड-प्ले इंडस्ट्रियल पार्क: इसका मतलब है कि उद्योगों को जमीन, बिजली, पानी, सड़क और अन्य जरूरी मंजूरियों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। सरकार पहले से ही सारा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करके देगी, कंपनियों को बस अपनी मशीनें लगानी हैं और प्रोडक्शन शुरू करना है। इससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलता है। NICDC क्या है?: नेशनल इंडस्ट्रियल कॉरिडोर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन भारत में औद्योगिक गलियारों के विकास की देखरेख करने वाली नोडल एजेंसी है। यह देश के लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए काम करती है। ये खबर भी पढ़ें… पेट्रोल 87 पैसे, डीजल 91 पैसे और महंगा: 9 दिन में दो बार बढ़ोतरी हो चुकी; पाकिस्तान में पेट्रोल 6 और डीजल 6.80 रुपए सस्ता देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके दाम ₹92.49 पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमतें ₹1 किलो बढ़ गई हैं। इस बदलाव के बाद दिल्ली में CNG अब ₹81.09 प्रति किलो मिलेगी। पिछले 9 दिन में यह तीसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले सरकार ने 15 मई को CNG के दाम ₹2 और फिर 18 मई को ₹1 बढ़ाए थे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें

ICC Proposes Big Cricket Rules Change: T20 Inning Break, Test Pink Ball

ICC Proposes Big Cricket Rules Change: T20 Inning Break, Test Pink Ball

Hindi News Sports ICC Proposes Big Cricket Rules Change: T20 Inning Break, Test Pink Ball | Ahmedabad दुबई15 मिनट पहले कॉपी लिंक ICC क्रिकेट के तीनो फॉर्मेट में बदलाव पर विचार कर रहा है। ICC क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है। सबसे अहम प्रस्ताव टेस्ट क्रिकेट में मैच के दौरान लाल गेंद की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल करने को लेकर है। हालांकि गेंद बदलने से पहले दोनों टीमों से सहमति ली जाएगी। वहीं T20 में 20 मिनट के इनिंग ब्रेक को 15 मिनट करने का प्रस्ताव दिया गया है। 30 मई को अहमदाबाद में होने वाली ICC बोर्ड बैठक में इन बदलावों पर चर्चा होगी। मंजूरी मिलने के बाद नए नियम 1 अक्टूबर से लागू किए जा सकते हैं। बैड लाइट की वजह से कई बार दिन के 90 ओवर का खेल नहीं हो पाता। बारिश या खराब रोशनी में गुलाबी गेंद से खेल ICC के प्रस्ताव के मुताबिक अगर टेस्ट मैच के दौरान बारिश या खराब रोशनी की वजह से खेल प्रभावित होता है, तो दोनों टीम की सहमति से लाल की जगह गुलाबी गेंद इस्तेमाल की जा सकेगी। इसका मकसद डे-नाइट कंडीशन में मैच को बिना रुकावट के जारी रखना है। हालांकि, मैच के बीच गेंद बदलने की प्रक्रिया अभी साफ नहीं है। फिलहाल दिन के टेस्ट मैच लाल गेंद से और डे-नाइट टेस्ट गुलाबी गेंद से खेले जाते हैं। अंपायर के पास लाइट मीटर होता है, जिससे वे देखते हैं कि कंडीशन खेलने लायक है या नहीं। ड्रिंक्स ब्रेक में मैदान पर जा सकेंगे हेड कोच वनडे क्रिकेट में भी बदलाव के लिए प्रस्ताव दिए गए हैं। वनडे में हर पारी में दो ड्रिंक्स ब्रेक होते हैं। अभी ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान सिर्फ सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी ही मैदान पर जा सकते हैं। इसमें भी ड्रिंक्स लेकर जाने वाले खिलाड़ी क्रिकेट ड्रेस में होने अनिवार्य हैं। नए नियम में हेड कोच को भी खिलाड़ियों से बात करने के लिए मैदान पर आने की परमिशन मिलेगी। टी20 इंटरनेशनल में कोच को पहले से ही इसकी इजाजत दी जा चुकी है। वनडे में अभी सिर्फ सब्सिट्यूट खिलाड़ी ही ड्रिंक्स ब्रेक्स के दौरान मैदान पर जा सकते हैं। टी20 में ब्रेक 20 से घटकर 15 मिनट करने पर विचार टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच में दोनों पारी के बीच का ब्रेक 20 मिनट से घटाकर 15 मिनट करने का प्रस्ताव है। इससे मैच जल्दी खत्म होंगे और ब्रॉडकास्ट शेड्यूल भी आसान होगा। अवैध गेंदबाजी एक्शन पर हॉकआई नजर ICC ऑन-फील्ड अंपायरों को हॉकआई तकनीक उपलब्ध कराने पर भी विचार कर रहा है। इससे मैच के दौरान ही संदिग्ध गेंदबाजी एक्शन पर नजर रखी जा सकेगी। आईसीसी अवैध एक्शन वाले गेंदबाजों पर सख्ती बढ़ाना चाहता है। T20 वर्ल्ड कप 2026 में पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक के बॉलिंग एक्शन पर काफी चर्चा हुई थी। ये सभी प्रस्ताव गुरुवार को ICC चीफ एग्जीक्यूटिव कमिटी (CEC) की वर्चुअल बैठक में चर्चा में आए। ICC क्रिकेट कमिटी के प्रमुख सौरव गांगुली भी बैठक में शामिल रहे। ————————————————————- स्पोर्ट्स की ये खबर भी पढ़ें… विमेंस टीम इंडिया टी-20 वर्ल्ड कप खेलने इंग्लैंड रवाना:तिलक लगाकर विदाई दी गई; पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जीता था भारतीय महिला क्रिकेट टीम शनिवार को टी-20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने के लिए मुंबई से इंग्लैंड रवाना हो गई। फैंस ने ढोल-नगाड़ों के बीच प्लेयर्स को तिलक लगाकर खिलाड़ियों को विदाई दी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

लौकी की टिक्की रेसिपी: स्वाद और सेहत का असर है लौकी की टिक्की, हरी चटनी के साथ करें चमत्कार; नोट करें कम तेल में बनने वाली विधि

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 लोकी, 2 चम्मच आलू, 1/2 कप बेसन, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा मोटा अदरक, 1/2 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला, 1/2 छोटा चम्मच जीरा, थोड़ा सा हरा धनिया, नमक स्वाद मसाला, तेल छवि: सोशल मीडिया सबसे पहले कद्दू की हुई लौकी को चित्र सा चित्र लें ताकि उसका अतिरिक्त पानी निकल जाए। अब एक बड़ा बाउल लोकी, मैश किए हुए आलू और बेसन में रखा गया है। छवि: एआई इसके बाद इसमें हरी मिर्च, अदरक, जीरा, लाल मिर्च पाउडर, गर्म मसाला, नमक और हरा धनिया के मिश्रण अच्छी तरह मिला लें। छवि: एआई अब इस मिश्रण से छोटी-छोटी टिक्कियां तैयार करें। गैस पर तवा गर्म करें और प्रभाव सा तेल का कपड़ा। तैयार टिक्कियों को तवे पर रखें और दोनों तरफ से सुनहरा और कुरकुरा होने तक सेक लें। छवि: एआई गरमा-गरम लोकी की टिक्की को हरा धनिया-पुदीना या दही के साथ परोसें। फ़्लोरिडा तो ऊपर से थोड़ा सा चाट मसाला भी छिड़क सकते हैं। यह टिक्की बच्चों की टिफिन, शाम की चाय के लिए भी बिल्कुल सटीक प्रभाव डालती है। छवि: एआई लोकी में पानी की मात्रा काफी अधिक होती है, जिससे शरीर पाया जाता है। वहीं बेसन और आलू के साथ बनने वाली यह टिक्की स्वादिष्ट होने के साथ पेट को लंबे समय तक बनाए रखने में भी मदद करती है। छवि: फ्रीपिक कम तेल में बनने की वजह से यह वेस्टइंडीज़ का अच्छा विकल्प बन जाता है। छवि: एआई

मेंटल हेल्थ को लेकर चिंतित परिवार‎:अमेरिका में बच्चों की होम स्कूलिंग‎ पांच साल में दोगुनी से ज्यादा बढ़ी‎

मेंटल हेल्थ को लेकर चिंतित परिवार‎:अमेरिका में बच्चों की होम स्कूलिंग‎ पांच साल में दोगुनी से ज्यादा बढ़ी‎

अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे ‎‎देशों में बच्चों को घर में पढ़ाने यानी होम स्कूलिंग ‎का चलन तेजी से बढ़ रहा है। 2024 में अमेरिका ‎में स्कूल जाने की उम्र के करीब 32 लाख यानी ‎6% बच्चों ने घर में पढ़ाई की। यह संख्या 2019‎ के मुकाबले दोगुनी है। पहले होम स्कूलिंग मुख्य ‎रूप से परंपरावादी ईसाइयों से जुड़ी मानी जाती‎ थी। लेकिन अब दूसरे समुदायों में भी इसका‎ चलन बढ़ रहा है। कई पैरेंट्स स्कूलों में भेदभाव, ‎‎संवेदनहीन पाठ्यक्रम, सोशल मीडिया के दबाव‎ और बच्चों की मानसिक सेहत को लेकर चिंतित ‎हैं। डब्ल्यूएचओ के 44 देशों में हुए सर्वे के‎ मुताबिक स्कूल का दबाव महसूस करने वाली 15‎साल की लड़कियों की संख्या 2018 से 2022‎ के बीच 54% से बढ़कर 63% हो गई। इंग्लैंड के ‎एक सर्वे में घर में पढ़ने वाले छह में से एक बच्चे ‎की पढ़ाई पर मानसिक स्वास्थ्य का असर पाया‎ गया। हालांकि चीन, जर्मनी, ग्रीस, स्पेन औेर‎ तुर्की में इसकी अनुमति मुश्किल से मिलती है।‎ अमेरिका में सबसे ज्यादा‎ 2019-24 के बीच होम स्कूलिंग के मामले में‎ सबसे ज्यादा वृद्धि अमेरिका में हुई। यहां करीब ‎32 लाख बच्चों ने घर पर पढ़ाई की जो करीब‎ 120% की वृद्धि है। ऐसे ही ब्रिटेन में एक लाख‎12 हजार ( 105%) और ऑस्ट्रेलिया में 63‎हजार ( 95%) बच्चों ने होम स्कूलिंग की।‎

डायरेक्टर डेविड धवन हुए इमोशनल:बेटे वरुण धवन की तारीफ करते हुए छलके आंसू, बोले- हर माता-पिता को ऐसा बेटा मिलना चाहिए

डायरेक्टर डेविड धवन हुए इमोशनल:बेटे वरुण धवन की तारीफ करते हुए छलके आंसू, बोले- हर माता-पिता को ऐसा बेटा मिलना चाहिए

फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ के ट्रेलर लॉन्च इवेंट में डायरेक्टर डेविड धवन इमोशनल हो गए। बेटे वरुण धवन के बारे में बात करते हुए उनकी आंखें नम हो गईं। डेविड धवन ने कहा, ‘हर किसी को वरुण जैसा बेटा मिलना चाहिए। जब मैं अस्पताल में था, तब भी वह मेरे साथ वहीं सोता था। एक एक्टर के तौर पर भी उसमें लगातार सुधार हो रहा है। आप जो चाहोगे, वह आपको देगा, लेकिन एक पिता के तौर पर मैं कहूंगा कि हर किसी को ऐसा बेटा मिलना चाहिए।’ फिल्म में वरुण धवन के साथ मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े लीड रोल में नजर आएंगी। फिल्म में राजपाल यादव, जॉनी लीवर, चंकी पांडे और मनीष पॉल भी दिखाई देंगे। डेविड धवन और वरुण धवन की यह चौथी फिल्म है। इससे पहले दोनों की जोड़ी ‘मैं तेरा हीरो’, ‘जुड़वां 2’ और ‘कुली नंबर 1’ में नजर आ चुकी है। प्रेम में असफल युवक का किरदार फिल्म की कहानी एक ऐसे युवक के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी प्रेम कहानी हर बार असफल हो जाती है और फिर उसे किस्मत बदलने के लिए मदद मिलती है। दिलचस्प बात यह है कि वरुण इस फिल्म में डबल रोल में नजर आएंगे। एक तरफ बॉय-नेक्स्ट-डोर लुक, तो दूसरी ओर ज्यादा मैच्योर अवतार। वर्कफ्रंट की बात करें तो इससे पहले वरुण धवन फिल्म ‘बॉर्डर 2’ में नजर आए थे। फिल्म में उन्होंने ‘मेजर होशियार सिंह दहिया’ का किरदार निभाया था। इस सुपरहिट फिल्म ने दुनिया भर में ₹450 करोड़ का ग्रॉस कलेक्शन किया था।

बेसन बैंगन की सब्जी रेसिपी: बेसन में बेसन से बनी चटपटी बैंगन की करी सब्जी, पकते ही होंगे फैन; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 3 बैंगन, 2 कप बेसन, 2 प्याज, 2 टमाटर, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा जीरा, 1/2 छोटा मसाला हल्दी, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर, 1 छोटा धनिया पाउडर, 1/2 छोटा मसाला गरम मसाला, नमक, तेल, हरा धनिया छवि: फ्रीपिक सबसे पहले बैंगन को धोकर लॉन्ग या प्रोमोशनल में काटें लें। अब होने वाला है एक कड़ाही में लिटिल ऑयल स्टोलम बैंगन को पुष्पांजलि और नरभक्षण तक भून लें। उदाहरण के लिए एक प्लेट में श्रमिक अलग रख दें। छवि: फ्रीपिक अब उसी कड़ी में बेसन स्टैमिनास्टिक स्टाक पर सांत्वना आने तक सूखा भून लें। ध्यान रखें कि बेसन जले नहीं। बेसन को भी अलग हटा लें। छवि: एआई इसके बाद कड़ाही में तेल और जीरा चटकाएं। फिर प्याज़ और हरी मिर्च के टुकड़े टुकड़े टुकड़े होने तक। अब टमाटर और मसाले जैसे हल्दी, लाल मिर्च, धनिया पाउडर और नमक शामिल हैं। छवि: एआई सभी प्रकार के अच्छी तरह से पकाए गए तो इसमें बेसन डाल डेज शामिल हैं। अब छोटे पानी के कलाकारों को बनाए रखने के लिए बेसन गुठलीदार न। इसके बाद भुने हुए बैंगन डाला और 5 मिनट तक सीमेंट डेस्टिनेशन पर डंप किया। छवि: फ्रीपिक अंतिम में गरम मसाला और हरा धनिया स्टॉबिलिटी गैस बंद कर दें। बेसन बैंगन की यह सब्जी बाहर से हल्की और अंदर से नर्मी होती है। इसे और भी मजेदार बना देता है। छवि: एआई अगर आप कुछ नया और देसी स्वाद वाला खाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए काम करती है। गरमा-गरम रोटी या पराठे के साथ यह बेसन बैंगन की सब्जी खाने में बेहद स्वादिष्ट होती है. छवि: एआई बेसन को ही पोर्टफोलियो में शामिल किया गया ताकि उसका कच्चापन खत्म हो जाए। स्ट्राबेरी तो थोड़ा सा इसमें अमचूर पाउडर प्लास्टर का स्वाद भी दे सकते हैं। बैंगन को ज्यादा देर तक पानी में नहीं रखा जा सकता, बाकी का स्वाद बदला जा सकता है। छवि: फ्रीपिक (टैग्सटूट्रांसलेट)बेसन बैंगन सब्जी रेसिपी(टी)बेसन बैंगन सब्जी(टी)बेसन बैंगन सब्जी रेसिपी(टी)सब्जी रेसिपी(टी)बैंगन सब्जी(टी)बेसन बैंगन मसालेदार सब्जी रेसिपी

बंद फोन, लैपटॉप पर भी आपके काम करेगा एआई:गूगल-ओपन एआई के बीच प्रतिस्पर्धा, जेमिनाई के नए एजेंट लाॅन्च‎

बंद फोन, लैपटॉप पर भी आपके काम करेगा एआई:गूगल-ओपन एआई के बीच प्रतिस्पर्धा, जेमिनाई के नए एजेंट लाॅन्च‎

गूगल अब केवल सर्च इंजन कंपनी नहीं रहना चाहती। उसका अगला लक्ष्य कंज्यूमर एआई की दुनिया में वही दबदबा बनाना है, जो कभी इंटरनेट सर्च में था। और अब ऐसा लगने लगा है कि वह ओपनएआई से एआई की दौड़ में ताज छीन सकती है। 19 मई को गूगल ने नए जेमिनाई 3.5 फ्लैश मॉडल से चलने वाले एआई एजेंट्स की श्रृंखला पेश की। इनमें ऐसे एआई कोडर्स भी शामिल हैं जो ओपनएआई और एंथ्रोपिक के टूल्स को चुनौती देने के लिए बनाए गए हैं। गूगल का फोकस अब केवल चैटबॉट नहीं, बल्कि “काम करने वाले एआई’ पर है। कंपनी ऐसे एजेंट्स ला रही है जो यूजर के फोन या लैपटॉप बंद करने के बाद भी काम जारी रख सकेंगे। “जेमिनाई स्पार्क’ नाम का एजेंट ईमेल स्कैन करने, ग्रुप ट्रिप आयोजित करने जैसे कई डिजिटल काम अपने आप निपटा सकेगा। वहीं गूगल सर्च में जोड़े जा रहे “इंफॉर्मेशन एजेंट्स’ स्पोर्ट्स टूर्नामेंट्स, शॉपिंग सेल्स और शेयर बाजार पर नजर रखेंगे। उसके कुछ एजेंट सीधे जेमिनाई ऐप में होंगे, जिसे हर महीने करीब 90 करोड़ लोग इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ एआई फीचर्स गूगल सर्च में जुड़ेंगे। इससे ओपनएआई पर दबाव बढ़ सकता है। दरअसल, गूगल की तेजी ने ओपनएआई को पहले ही सतर्क कर दिया था। नवंबर में जेमिनाई- 3 मॉडल आने के बाद ओपनएआई के सीईओ सैम आल्टमैन ने कर्मचारियों के लिए “कोड रेड’ इमरजेंसी जारी की थी। इसके बाद कंपनी ने अपने कोडिंग एजेंट्स पर फोकस बढ़ाया। लेकिन जेमिनाई 3.5 फ्लैश और नए एआई एजेंट्स ने फिर चैटजीपीटी की बढ़त पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट इनकॉर्पोरेशन का बाजार मूल्य जनवरी के 382 लाख करोड़ रु. से बढ़कर अब लगभग 478 लाख करोड़ रु. तक पहुंच गया है। हालांकि इस सफलता के साथ चुनौतियां भी बढ़ रही हैं। सीईओ सुंदर पिचई के मुताबिक एआई उपयोग मापने वाले टोकन्स की संख्या एक साल पहले 480 खरब थी, जो अब बढ़कर हर महीने 3.2 क्वाड्रिलियन (3.2 के बाद 15 जीरो) हो गई है। इसका मतलब है कि कम्प्यूटिंग कॉस्ट तेजी से बढ़ रही है। खर्च घटाने के लिए गूगल एआई सेवाओं में विज्ञापन जोड़ सकती है। फिलहाल जेमिनाई एप में विज्ञापन नहीं हैं, लेकिन गूगल ने सर्च सेवाओं के एआई-जनरेटेड जवाबों में विज्ञापन दिखाने शुरू कर दिए हैं। यही संकेत है कि आने वाले समय में एआई केवल तकनीकी लड़ाई नहीं, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा विज्ञापन और डेटा कारोबार भी बनने जा रहा है। पूंजी खर्च छह गुना बढ़ेगा‎ एआई टोकन जनरेट करने के लिए कंप्यूटिंग‎पॉवर लगती है। इस कारण गूगल का पूंजी‎खर्च चार साल पहले से छह गुना बढ़कर ‎इस साल 18.18 लाख करोड़ रु. हो जाएगा। ‎चिप से लेकर बिजली के दाम बढ़ने से यह ‎खर्च और भी बढ़ सकता है।‎

हॉस्टल रूम में वॉर्डन के कथित चोरी का वीडियो वायरल:एग्जाम देने गए छात्र के कमरे में घुसकर की चोरी, छात्र बोले-'ऐसा पहले भी हुआ'

हॉस्टल रूम में वॉर्डन के कथित चोरी का वीडियो वायरल:एग्जाम देने गए छात्र के कमरे में घुसकर की चोरी, छात्र बोले-'ऐसा पहले भी हुआ'

वॉर्डन का हॉस्टल रूम में घुसकर कथित चोरी करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो गाजियाबाद के ABES इंजीनिरिंग कॉलेज का है। इसमें कॉलेज का वॉर्डन छात्र के रूम में घुसकर अलमारी और बाकी सामान खंगालता हुआ दिखाई दे रहा है। इस वीडियो में वॉर्डन स्टूडेंट के वॉलेट से कुछ रुपए निकालकर जेब में रखते दिखाई दे रहा है। वीडियो शेयर कर रहे यूजर्स के मुताबिक, ये घटना उस समय की है जब छात्र सेमेस्टर एग्जाम देने गए हुए थे। इसी दौरान हॉस्टल वॉर्डन सुनील कुमार, जिसे छात्र ‘मारियो’ के नाम से बुलाते हैं, कमरे में दाखिल हुआ। वीडियो में वह अलमारी, बैग और दराज खोलकर देखता नजर आता है। कुछ देर बाद वो अलमारी से छात्र का वॉलेट चेक करता है और उसमें से नकदी निकालकर जेब में रख लेता है। वीडियो में वो छात्रों के कमरे से लाइटर भी चेक करता दिखाई दे रहा है। ऑनलाइन छात्र ‘चोर वॉर्डन’ कह रहे लोग इस वीडियो को ऑनलाइन शेयर करते वॉर्डन को चोर कह रहे हैं। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, कई छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में पहले भी सामान गायब होने की शिकायतें होती रही हैं। लेकिन कभी गंभीर कार्रवाई नहीं हुई। कुछ छात्रों ने दावा किया कि परीक्षा के दौरान कमरों में चोरी की घटनाएं पहले भी हुईं। कुछ यूजर्स बोलें- ‘वीडियो भ्रामक दावे के साथ शेयर हो रहा’ हालांकि, कई यूजर्स कंमेंट में इसे भ्रामक बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘हमारे हॉस्टल के दिनों में भी ऐसा होता था। ये आमतौर पर हॉस्टल में बैन गैरकानूनी चीजें ढूंढने के लिए किया जाता था। वो (वॉर्डन) कुछ चोरी नहीं कर रहा। इसे ‘साइलेंट रेड’ कहते हैं।’ एक दूसरे यूजर ने लिखा, ‘ये थोड़ा मिसलीडिंग लग रहा है। वो बस लाइटर उठा रहा है। ज्यादा संभावना यही है कि वीडियो उसने खुद रिकॉर्ड किया हो, ताकि ये दिखा सके कि वो हॉस्टल में रहने वाले लोगों पर झूठा आरोप नहीं लगा रहा।’ कॉलेज प्रशासन की ओर से कोई बयान नहीं फिलहाल कॉलेज प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि, सोशल मीडिया पर लोग वॉर्डन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है और मामले ने कॉलेज कैंपस की सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छिड़ गई है। ——————- ये खबर भी पढ़ें… स्टूडेंट बोले-CBSE OSM में टीचर्स ने धुंधली कॉपी जांची:CBSE वेबसाइट क्रैश; री-इवैल्यूएशन फीस 100 की जगह 8000 मांग रहे सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE के ऑन स्क्रिन मार्किंग सिस्टम में कई गड़बड़ियां सामने आई हैं। स्कैन की हुई धुंधली कॉपी जांचने, फीस भरने के बावजूद स्टेटस पेंडिंग दिखाने से लेकर CBSE के पोस्ट-वेरिफिकेशन के सर्वर डाउन रहने और टेक्निकल ग्लिच जैसी कई खामियां सामने आई हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Rs 6 & Rs 6.80 Cheaper

Rs 6 & Rs 6.80 Cheaper

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक इस्लामाबाद के एक पंप पर पेट्रोल के लिए अपने नंबर का इंतजार करते लोग। पाकिस्तान सरकार ने पेट्रोल की कीमत में 6 रुपए और हाई स्पीड डीजल (HSD) के दाम में 6.80 रुपए की कटौती की है। इससे यहां एक लीटर पेट्रोल की कीमत 403.78 रुपए (पाकिस्तानी रुपया) और डीजल की कीमत 402.78 रुपए प्रति लीटर पर आ गई हैं। नई कीमतें आज यानी 23 मई से लागू हो गई हैं। पाकिस्तान सरकार ने लगातार दूसरे हफ्ते पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की है। इससे पहले पिछले हफ्ते दोनों के दाम 5-5 रुपए घटाए गए थे। आम आदमी और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को राहत हाल के दिनों में लगातार बढ़ती कीमतों के बाद इस कमी से मिडिल क्लास और लोअर-मिडल क्लास के बजट को थोड़ा सहारा मिलने की उम्मीद है, क्योंकि पेट्रोल का इस्तेमाल ज्यादातर प्राइवेट ट्रांसपोर्ट, छोटे वाहनों, रिक्शा और टू-व्हीलर्स में होता है। दूसरी तरफ, हाई-स्पीड डीजल का मुख्य उपयोग भारी ट्रांसपोर्ट सेक्टर और बड़े जनरेटर चलाने में किया जाता है। हर हफ्ते शुक्रवार रात को तय हो रहे दाम पाकिस्तान सरकार पिछले कुछ समय से हर हफ्ते शुक्रवार रात को पेट्रोलियम कीमतों की समीक्षा कर रही है। दरअसल, 28 फरवरी से अमेरिका और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध (जो फिलहाल थमा हुआ है) के बाद से ही पाकिस्तान में ईंधन संकट है। एक हफ्ते में पेट्रोल 11 डीजल 11.80 रुपए सस्ता हुआ पाक सरकार ने इससे पहले 16 मई को पेट्रोल-डीजल की कीमत में 5-5 रुपए की कटौती की थी। तब पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 409.78 रुपए प्रति लीटर और हाई-स्पीड डीजल (HSD) की कीमत 409.58 रुपए प्रति लीटर पर आ गई थीं। इससे एक हफ्ते पहले यानी 9 मई को पेट्रोल की कीमतों में 14.92 और डीजल में 15 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के तुरंत बाद, सरकार ने 6 मार्च को पेट्रोल-डीजल 55 रुपए लीटर महंगा कर दिया था। 2 अप्रैल को पेट्रोल में 43% और हाई-स्पीड डीजल की कीमतों में 55% की बढ़ोतरी की थी। भारत में 9 दिन में पेट्रोल ₹4.77 और डीजल ₹4.81 महंगा हुआ वहीं, भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में आज एक बार फिर बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में पेट्रोल 87 पैसे महंगा होकर ₹99.51 प्रति लीटर पहुंच गया है। डीजल 91 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है। इसके दाम ₹92.49 पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में CNG की कीमतें ₹1 किलो बढ़ गई हैं। इस बदलाव के बाद दिल्ली में CNG अब ₹81.09 प्रति किलो मिलेगी। पिछले 9 दिन में पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। 4 दिन पहले 19 मई को पेट्रोल और डीजल के दामों में एवरेज 90 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी। जबकि, 15 मई को भी कीमतों में ₹3 प्रति लीटर का इजाफा किया गया था। वहीं, CNG के दाम में 15 मई को ₹2 और फिर 18 मई को ₹1 बढ़ोतरी की गई थी। पूरी खबर पढ़ें… पेट्रोल-डीजल की कीमतों में क्यों हुई बढ़ोतरी? इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव है। ईरान और अमेरिका की जंग शुरू होने से पहले क्रूड ऑयल के दाम 70 डॉलर थे, जो अब बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गए हैं। क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से तेल कंपनियां दबाव में थीं। इसलिए कंपनियों ने घाटे की भरपाई के लिए यह कदम उठाया है। अगर कच्चे तेल की कीमतों में लंबे समय तक तेजी बनी रही है तो पेट्रोल-डीजल की कीमतें और भी बढ़ाई जा सकती हैं। ————————– भारत का तीसरा सबसे बड़ा तेल सप्लायर बना वेनेजुएला: सऊदी-US पीछे छूटे; होर्मुज बंद होने के बाद भारतीय कंपनियों ने खरीद बढ़ाई होर्मुज स्ट्रेट बंद होने के बाद वैश्विक तेल बाजार में उथल-पुथल मच गई है। ऐसे वक्त में जब मिडिल ईस्ट के देशों की तेल सप्लाई पर असर पड़ा, तब वेनेजुएला अचानक भारत का तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल सप्लायर बनकर उभरा है। एनर्जी ट्रैक करने वाली एजेंसी केप्लर के डेटा के मुताबिक, वेनेजुएला ने मई 2026 में सऊदी अरब और अमेरिका दोनों को पीछे छोड़ दिया है। अभी केवल रूस और UAE ने ही वेनेजुएला से ज्यादा तेल सप्लाई किया है। रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने भारत को वेनेजुएला से होने वाली तेल सप्लाई अप्रैल के मुकाबले करीब 50 फीसदी बढ़ गई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔