पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा:74.82 मीटर दूर भाला फेंका; दो बार पैरालंपिक में गोल्ड जीत चुके

पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया। बुधवार को बेंगलुरु में उन्होंने 74.82 मीटर का भाला फेंका। सुमित ने यह कारनामा 8वीं इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुषों की जैवलिन थ्रो F64 स्पर्धा में किया।उन्होंने पांचवें प्रयास में यह उपलब्धि हासिल की। एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था सुमित ने अपना ही पुराना वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। इससे पहले उन्होंने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियन पैरा गेम्स में 73.29 मीटर का थ्रो किया था। इस बार उन्होंने अपने पिछले बेस्ट प्रदर्शन से 1.53 मीटर ज्यादा दूरी हासिल की। एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे- सुमित रिकॉर्ड बनाने के बाद सुमित ने कहा, सोच रहा था कि वर्ल्ड रिकॉर्ड क्यों नहीं तोड़ पा रहा हूं। काफी समय हो गया था, लेकिन आज मैं यहां सिर्फ अपना पर्सनल बेस्ट करने आया था। उन्होंने आगे कहा, मुझे खुशी है कि मैंने अपना रिकॉर्ड 1.5 मीटर बेहतर किया। उम्मीद है कि मैं और मेरी टीम आने वाले पैरा एशियन गेम्स में भी इससे बेहतर प्रदर्शन करेंगे। 7 बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके सुमित अब तक सात बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ चुके हैं। उन्होंने जून 2019 में इटली में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स में 60.45 मीटर का भाला फेंककर पहला वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। उस मुकाबले में उन्होंने सिल्वर मेडल भी जीता था। इसके बाद नवंबर 2019 में दुबई में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में उन्होंने 62.88 मीटर का थ्रो किया। मार्च 2021 में बेंगलुरु में हुई नेशनल पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने 66.90 मीटर का थ्रो कर फिर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अगस्त 2021 में टोक्यो पैरालंपिक के फाइनल में सुमित ने एक ही मुकाबले में तीन बार वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने 66.95 मीटर, 68.08 मीटर और आखिर में 68.55 मीटर का थ्रो किया। इसी प्रदर्शन के साथ उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद जुलाई 2023 में पेरिस में हुए वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सुमित ने पहली बार 70 मीटर का आंकड़ा पार किया। उन्होंने 70.83 मीटर का थ्रो कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। फिर 2023 में ही चीन के हांगझोउ में एशियन पैरा गेम्स में सुमित ने 73.29 मीटर का थ्रो किया। नीरज चोपड़ा से प्रेरणा मिली- सुमित सुमित को 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न और 2022 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया। सुमित हरियाणा के सोनीपत से हैं और ओलिंपिक मेडलिस्ट पहलवान योगेश्वर दत्त को अपना आदर्श मानते हैं। वहीं, जैवलिन स्टार नीरज चोपड़ा से भी उन्हें काफी प्रेरणा मिली है। पैरा जैवलिन क्या है? पैरा जैवलिन दिव्यांग एथलीटों की भाला फेंक स्पर्धा है। इसमें खिलाड़ी दौड़कर भाले को ज्यादा से ज्यादा दूरी तक फेंकते हैं। F64 पैरा एथलेटिक्स में वे खिलाड़ी शामिल होते हैं जिनका पैर घुटने के नीचे से कटा होता है। इस वर्ग के खिलाड़ी कार्बन-फाइबर से बने कृत्रिम पैर का उपयोग करते हैं। इसी की मदद से वे दौड़ते और थ्रो करते हैं।
जौ सत्तू का शरबत रेसिपी: पेट की गर्मी और सिरदर्द से राहत देता है जौ का सत्तू का शरबत, जानें बनाने का सही तरीका और किस समय का पेय

27 मई 2026 को 18:54 IST पर अपडेट किया गया भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में शरीर को अंदर से ठंडा करके रखने के लिए ‘जौ के सत्तू का शरबत’ एक बेहतरीन और पारंपरिक देसी सुपरफूड है। मेडिकल रिसर्च और आयुर्वेद दोनों ही मानते हैं कि जौ की तासीर बेहद वांछनीय है, जो गर्मियों में पेट की गर्मी को शांत करती है और लू से आराम में मददगार है। अनुसरण करना : जौ के सत्तू का शरबत गर्मी के कारण होने वाले विकार और तनाव को दूर करता है। इसमें मौजूद आयरन और सुपरमार्केट स्फूर्ति का निर्माण होता है। भयंकर धूप में यह शरीर का सुरक्षा कवच है। छवि: मेटा एआई सामग्री – जौ का शुद्ध सत्तू, ठंडे मटके का पानी, नींबू का रस और काला नमक, साथ ही जीरा और ताज़ा पुदीना आदि। छवि: मेटा एआई एक जग या पेस्टिल पोटीन में सत्तू पाउडर लें और थोड़ा सा पानी डालें। ताकि कोई पेट न रहे। छवि: मेटा एआई अब बाकी बचा हुआ ठंडा पानी और मिश्रण को नमकीन बना लें। ऊपर से जीरा, काला नमक, नींबू का रस और बर्फ के टुकड़े के टुकड़े। छवि: मेटा एआई जौ का सत्तू का शर्बत सुबह खाली पेट का शरबत सबसे ज्यादा माना जाता है। दोपहर के भोजन से 1 घंटा पहले भोजन से पाचन उत्तम होता है। छवि: मेटा एआई द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 27 मई 2026 18:54 IST पर (टैग्सटूट्रांसलेट)जौ पानी रेसिपी(टी)गर्मियों में ठंडक देने वाला पेय(टी)जौ शरबत के फायदे(टी)वजन घटाने वाला पेय(टी)घर का बना जौ का रस(टी)गर्मियों के लिए स्वास्थ्यवर्धक पेय पदार्थ(टी)किडनी के लिए जौ का पानी(टी)त्वरित जौ पेय(टी)शीतल पेय का विकल्प(टी)गर्मियों के लिए हाइड्रेशन पेय
ग्रीष्मकालीन छत शीतलन युक्तियाँ: गर्मी से छत बन गई है आग का गोला? ये 5 देसी जुगाड़ घर को ठंडा-ठंडा; कोई ए.सी. या लैपटॉप की जरूरत नहीं

पेंट या चूने का लेप करें: सफेद रंग के सूरज की किरण को ज्यादातर सोखने की बजाय वापस लौटा दिया जाता है, जिससे छत कम गर्म होती है। इससे घर का तापमान काफी कम महसूस होगा। छवि: एआई पानी का विवरण: शाम के समय छत पर पानी के जहाज़ से जमा हुई गर्मी धीरे-धीरे बाहर निकलती है। अगर रोजाना 10-15 मिनट तक पानी का सेवन किया जाए तो रात में कमरे में ज्यादा ठंडक महसूस होती है। छवि: एआई गमले और घास के टुकड़े: अगर आपके घर की छत खाली पड़ी है तो वहां छोटे-छोटे उपाय या गमले रखें। आसपास के उपचार गर्मी को कम करने में मदद करते हैं। छवि: एआई आप ग्रेड तो ग्रीन नेट या कृत्रिम घास भी बेकार हो सकते हैं। इससे छत सीधी धूप से बची रहती है और घर ठंडा बना रहता है। छवि: एआई प्लास्टिक पर निर्मित रेशम के टुकड़े: दोपहर की गर्म हवा को रोकने के लिए तीन साल पहले ज़ीले ज़ायकेदार पदार्थ निकालना भी काफी चमत्कारी होता है। छवि: मेटा एआई जब हवा इन पर्दों से आती है तो उसे कुछ अनवेशन महसूस होता है। पुराने समय में लोग इसी देसी तरीके से घर को ठंडे रखते थे। छवि: एआई छत पर तात या बांस की चटाइयाँ: छत पर टाट, बांस की चटाई या जूट की बोरी, धूप से सीधी छत पर नहीं। छवि: एआई अगर इन पर प्रभाव पानी डाला जाए तो ठंडक और बढ़ जाती है। कश्मीर में आज भी लोग इस देसी जुगाड़ का इस्तेमाल करते हैं। छवि: एआई दिन में दर्शन और दरवाज़ा बंद। रात में घर की हवा रिज़ॉर्ट से बाहर। अवांछित रंग के पर्दों का उपयोग करें। अधिकांश गर्मी पैदा करने वाले उपकरण कम लागत। छवि: मेटा एआई अगर आप भी बिना ज्यादा बिजली खर्च किए घर को ठंडा रखना चाहते हैं तो ये आसान देसी उपाय जरूर अपनाएं। इससे गर्मी में भी आपका घर काफी हद तक कूल-कूल बना रहेगा। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)घर के ठंडे भंडार के टिप्स(टी)गर्मी में घर को ठंडा करने के टिप्स(टी)कूलिंग टिप्स(टी)ग्रीष्मकालीन टिप्स(टी)ग्रीष्मकालीन छत को ठंडा करने के टिप्स(टी)ग्रीष्मकालीन कूलिंग टिप्स(टी)गर्मी में घर को ठंडा कैसे रखें
Alia Bhatt Dazzles at 79th Cannes Festival

Hindi News Business Alia Bhatt Dazzles At 79th Cannes Festival | Malabar Gold Diamonds Jewellery मुंबई5 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म अभिनेत्री आलिया भट्ट ने 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी शानदार मौजूदगी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की विशेष रूप से तैयार की गई सैफायर और डायमंड ज्वेलरी पहनकर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित रेड कार्पेट्स में से एक पर आधुनिक सुंदरता और बेहतरीन कारीगरी का शानदार संगम पेश किया। रिया कपूर द्वारा डिजाइन किए गए खास आउटफिट के साथ आलिया भट्ट ने मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की हाई ज्वेलरी कलेक्शन के चुनिंदा पीस पहने, जिनमें सीलोन सैफायर और डायमंड की शानदार कारीगरी देखने को मिली। इस खास ज्वेलरी कलेक्शन में स्टेटमेंट ईयररिंग्स, सैफायर रिंग्स और आधुनिक डिजाइन वाला डायमंड पेंडेंट शामिल था। इन सभी ज्वेलरी पीसेज़ में बेहतरीन डिजाइन, नफासत और हल्की लेकिन शानदार लग्जरी का खूबसूरत संतुलन दिखाई दिया। इस कलेक्शन की खास झलकियों में व्हाइट क्वार्ट्ज ब्रियोलेट ईयररिंग्स शामिल थे, जिनमें 3 कैरेट के पियर-शेप्ड के ईयररिंग्स को व्हाइट क्वार्ट्ज ब्रियोलेट्स के साथ तैयार किया गया था। इसकी फ्लूइड कटिंग और रोशनी के साथ सहज मूवमेंट इसकी खासियत रही। आलिया के लुक को और आकर्षक बनाने के लिए सीलोन सैफायर ओवल रिंग शामिल की गई, जिसमें 8 कैरेट का ओवल आकार का सीलोन सैफायर समुद्र जैसी गहराई वाले नीले रंग के साथ जड़ा गया था। इसके चारों ओर लगे राउंड डायमंड्स उसकी चमक और रंग को और निखार रहे थे। इसके अलावा पियर-शेप्ड सीलोन सैफायर रिंग भी लुक का हिस्सा रही, जिसमें 8.8 कैरेट का सीलोन सैफायर लगा था, जो गिरती हुई बारिश की बूंद जैसा आकर्षक दिखाई देता है और अपनी गहराई व पारदर्शिता के लिए खास रहा। लुक को पूरा करने के लिए 4 कैरेट का पियर-शेप्ड डायमंड पेंडेंट पहना गया, जिसका लंबा और संतुलित डिजाइन रोशनी की खूबसूरत चमक पैदा कर रहा था। कान्स फिल्म फेस्टिवल में यह प्रस्तुति मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की बेहतरीन कारीगरी, उच्च गुणवत्ता वाले रत्नों और आधुनिक डिजाइन पर फोकस को दर्शाती है। साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय फैशन और सांस्कृतिक मंचों पर भारतीय ज्वेलरी कला की बढ़ती वैश्विक पहचान को भी सामने लाती है। इस सहयोग पर टिप्पणी करते हुए मलाबार ग्रुप के चेयरमैन एम.पी. अहमद ने कहा, “कान्स फिल्म फेस्टिवल एक ऐसा वैश्विक मंच है जहां फैशन, कला और कारीगरी का संगम देखने को मिलता है। आलिया भट्ट के साथ इस सहयोग के जरिए हम ऐसी ज्वेलरी पेश करना चाहते थे जो कालातीत खूबसूरती को दर्शाने के साथ-साथ मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की उत्कृष्ट डिजाइन और बारीक कारीगरी को भी प्रदर्शित करे।” यह प्रस्तुति वैश्विक फैशन और लग्जरी प्लेटफॉर्म्स पर मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की लगातार बढ़ती मौजूदगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड की मजबूत पहचान को भी दर्शाती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Alia Bhatt Dazzles at 79th Cannes Festival

Hindi News Business Alia Bhatt Dazzles At 79th Cannes Festival | Malabar Gold Diamonds Jewellery मुंबई23 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म अभिनेत्री आलिया भट्ट ने 79वें कान्स फिल्म फेस्टिवल में अपनी शानदार मौजूदगी से सभी का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की विशेष रूप से तैयार की गई सैफायर और डायमंड ज्वेलरी पहनकर दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित रेड कार्पेट्स में से एक पर आधुनिक सुंदरता और बेहतरीन कारीगरी का शानदार संगम पेश किया। रिया कपूर द्वारा डिजाइन किए गए खास आउटफिट के साथ आलिया भट्ट ने मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की हाई ज्वेलरी कलेक्शन के चुनिंदा पीस पहने, जिनमें सीलोन सैफायर और डायमंड की शानदार कारीगरी देखने को मिली। इस खास ज्वेलरी कलेक्शन में स्टेटमेंट ईयररिंग्स, सैफायर रिंग्स और आधुनिक डिजाइन वाला डायमंड पेंडेंट शामिल था। इन सभी ज्वेलरी पीसेज़ में बेहतरीन डिजाइन, नफासत और हल्की लेकिन शानदार लग्जरी का खूबसूरत संतुलन दिखाई दिया। इस कलेक्शन की खास झलकियों में व्हाइट क्वार्ट्ज ब्रियोलेट ईयररिंग्स शामिल थे, जिनमें 3 कैरेट के पियर-शेप्ड के ईयररिंग्स को व्हाइट क्वार्ट्ज ब्रियोलेट्स के साथ तैयार किया गया था। इसकी फ्लूइड कटिंग और रोशनी के साथ सहज मूवमेंट इसकी खासियत रही। आलिया के लुक को और आकर्षक बनाने के लिए सीलोन सैफायर ओवल रिंग शामिल की गई, जिसमें 8 कैरेट का ओवल आकार का सीलोन सैफायर समुद्र जैसी गहराई वाले नीले रंग के साथ जड़ा गया था। इसके चारों ओर लगे राउंड डायमंड्स उसकी चमक और रंग को और निखार रहे थे। इसके अलावा पियर-शेप्ड सीलोन सैफायर रिंग भी लुक का हिस्सा रही, जिसमें 8.8 कैरेट का सीलोन सैफायर लगा था, जो गिरती हुई बारिश की बूंद जैसा आकर्षक दिखाई देता है और अपनी गहराई व पारदर्शिता के लिए खास रहा। लुक को पूरा करने के लिए 4 कैरेट का पियर-शेप्ड डायमंड पेंडेंट पहना गया, जिसका लंबा और संतुलित डिजाइन रोशनी की खूबसूरत चमक पैदा कर रहा था। कान्स फिल्म फेस्टिवल में यह प्रस्तुति मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की बेहतरीन कारीगरी, उच्च गुणवत्ता वाले रत्नों और आधुनिक डिजाइन पर फोकस को दर्शाती है। साथ ही यह अंतरराष्ट्रीय फैशन और सांस्कृतिक मंचों पर भारतीय ज्वेलरी कला की बढ़ती वैश्विक पहचान को भी सामने लाती है। इस सहयोग पर टिप्पणी करते हुए मलाबार ग्रुप के चेयरमैन एम.पी. अहमद ने कहा, “कान्स फिल्म फेस्टिवल एक ऐसा वैश्विक मंच है जहां फैशन, कला और कारीगरी का संगम देखने को मिलता है। आलिया भट्ट के साथ इस सहयोग के जरिए हम ऐसी ज्वेलरी पेश करना चाहते थे जो कालातीत खूबसूरती को दर्शाने के साथ-साथ मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की उत्कृष्ट डिजाइन और बारीक कारीगरी को भी प्रदर्शित करे।” यह प्रस्तुति वैश्विक फैशन और लग्जरी प्लेटफॉर्म्स पर मलाबार गोल्ड एंड डायमंड्स की लगातार बढ़ती मौजूदगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ब्रांड की मजबूत पहचान को भी दर्शाती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिसों को पूरी तरह से वैध ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली कुल राशि (फुल वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% टैक्स वसूलना संवैधानिक रूप से सही है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने डेल्टा कॉर्प और अन्य गेमिंग कंपनियों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें पिछली तारीख से (रिट्रोस्पेक्टिव) 28% GST लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी एक्टिविटीज GST एक्ट के तहत एक्शन एबल क्लेम्स के दायरे में आती हैं, इसलिए इन पर टैक्स वसूलना बिल्कुल सही है। राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारों को ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का पूरा अधिकार है। भले ही उन खेलों में स्किल की जरूरत क्यों न होती हो, राज्य सरकारें उन्हें पूरी तरह बैन या रेगुलेट कर सकती हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार की अपीलों को स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट के उन पुराने फैसलों को रद्द कर दिया है, जिन्होंने ऑनलाइन गेमिंग पर दांव लगाने (स्टेक्स) को बैन या रेगुलेट करने वाले राज्य के कानूनों को असंवैधानिक बताकर खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा गेमिंग कंपनियों को दी गई अंतरिम राहत को भी पूरी तरह से हटा दिया है। कंपनियां टैक्स नोटिस पर दे सकती हैं जवाब सुप्रीम कोर्ट ने अब GST अथॉरिटीज को निर्देश दिया है कि वे कानून के मुताबिक इन कारण बताओ नोटिसों पर आगे की प्रोसेसिंग शुरू करें। हालांकि, इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि प्रभावित ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां GST अथॉरिटीज द्वारा जारी किए गए इन शो-कॉज नोटिसों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। 2.5 लाख करोड़ के टैक्स नोटिस पर था विवाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त 2025 में रियल-मनी गेमिंग (RMG) प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जारी किए गए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स नोटिस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पूरे विवाद की मुख्य वजह टैक्स कैलकुलेशन के तरीके को लेकर अलग-अलग व्याख्या होना था। फुल डिपॉजिट बनाम ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू का गणित टैक्स विभाग की मांग थी कि कंपनियों को यूजर्स द्वारा प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली पूरी रकम (फुल फेस वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% की दर से टैक्स चुकाना होगा। दूसरी तरफ, गेमिंग कंपनियों का तर्क था कि उन्हें केवल टूर्नामेंट होस्ट करने के बदले ली जाने वाली कमीशन राशि पर ही टैक्स देना चाहिए, जिसे ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) कहा जाता है। कंपनियों के मुताबिक, यह कमीशन कुल जमा राशि का केवल 5% से 15% ही होता है। कंपनियों के बंद होने और नौकरियों पर संकट गेमिंग कंपनियों ने कोर्ट के सामने यह दलील भी दी थी कि टैक्स विभाग द्वारा मांगी गई GST की कुल रकम इन कंपनियों की कुल कमाई से भी कई गुना ज्यादा है। अगर यह टैक्स वसूला गया, तो कंपनियों को आखिरकार अपना पूरा कामकाज बंद करना पड़ेगा। नया ऑनलाइन गेमिंग कानून और संकट अगस्त 2025 में जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, उसके करीब दो हफ्ते बाद ही भारत सरकार ने एक नया ऑनलाइन गेमिंग कानून बनाया था, जिसे ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ (PROGA) नाम दिया गया। यह कानून उन सभी ऑनलाइन मनी गेम्स को प्रतिबंधित करता है जहां कोई यूजर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उम्मीद के साथ पैसे जमा करता है कि उसे उस डिपॉजिट पर जीत की रकम (विनिंग्स) मिलेगी। 3.5 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री को नुकसान इस नए कानून के लागू होने से देश की करीब 3.5 बिलियन डॉलर की रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री अचानक संकट में आ गई। कमाई पूरी तरह रुक जाने के कारण कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने बड़े पैमाने पर खर्चों में कटौती शुरू कर दी। इस वजह से गेमिंग कंपनियों को 3,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा। गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े ये नए नियम आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 से प्रभावी हो चुके हैं। क्या होता है रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स और एक्शनएबल क्लेम? ये खबर भी पढ़ें… हुंडई की कारें ₹12,800 तक महंगी होंगी: नई कीमतें 1 जून 2026 से लागू की जाएंगी, कंपनी ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने के चलते फैसला किया हुंडई मोटर इंडिया की कारें 1 जून 2026 से महंगी होने जा रही हैं। कंपनी ने अपनी कारों की कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय की जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…
SC ने कहा- ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों पर 28% GST सही:राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला, गेमिंग कंपनियों की याचिकाएं खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को जारी किए गए गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) के कारण बताओ (शो-कॉज) नोटिसों को पूरी तरह से वैध ठहराया है। कोर्ट ने कहा कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली कुल राशि (फुल वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% टैक्स वसूलना संवैधानिक रूप से सही है। देश की सबसे बड़ी अदालत ने डेल्टा कॉर्प और अन्य गेमिंग कंपनियों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें पिछली तारीख से (रिट्रोस्पेक्टिव) 28% GST लगाने के फैसले को चुनौती दी गई थी। कोर्ट ने साफ किया कि ऑनलाइन गेमिंग से जुड़ी एक्टिविटीज GST एक्ट के तहत एक्शन एबल क्लेम्स के दायरे में आती हैं, इसलिए इन पर टैक्स वसूलना बिल्कुल सही है। राज्यों को मनी गेम्स पर बैन लगाने का हक मिला सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकारों को ऑनलाइन मनी गेम्स पर प्रतिबंध लगाने का पूरा अधिकार है। भले ही उन खेलों में स्किल की जरूरत क्यों न होती हो, राज्य सरकारें उन्हें पूरी तरह बैन या रेगुलेट कर सकती हैं। इसके साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु और कर्नाटक सरकार की अपीलों को स्वीकार कर लिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मद्रास हाई कोर्ट और कर्नाटक हाई कोर्ट के उन पुराने फैसलों को रद्द कर दिया है, जिन्होंने ऑनलाइन गेमिंग पर दांव लगाने (स्टेक्स) को बैन या रेगुलेट करने वाले राज्य के कानूनों को असंवैधानिक बताकर खारिज कर दिया था। कोर्ट ने कर्नाटक हाई कोर्ट द्वारा गेमिंग कंपनियों को दी गई अंतरिम राहत को भी पूरी तरह से हटा दिया है। कंपनियां टैक्स नोटिस पर दे सकती हैं जवाब सुप्रीम कोर्ट ने अब GST अथॉरिटीज को निर्देश दिया है कि वे कानून के मुताबिक इन कारण बताओ नोटिसों पर आगे की प्रोसेसिंग शुरू करें। हालांकि, इसके साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा है कि प्रभावित ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां GST अथॉरिटीज द्वारा जारी किए गए इन शो-कॉज नोटिसों पर अपना जवाब दाखिल करने के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र हैं। 2.5 लाख करोड़ के टैक्स नोटिस पर था विवाद सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल अगस्त 2025 में रियल-मनी गेमिंग (RMG) प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ जारी किए गए करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए के रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स नोटिस मामले में अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस पूरे विवाद की मुख्य वजह टैक्स कैलकुलेशन के तरीके को लेकर अलग-अलग व्याख्या होना था। फुल डिपॉजिट बनाम ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू का गणित टैक्स विभाग की मांग थी कि कंपनियों को यूजर्स द्वारा प्लेटफॉर्म पर जमा की जाने वाली पूरी रकम (फुल फेस वैल्यू ऑफ डिपॉजिट) पर 28% की दर से टैक्स चुकाना होगा। दूसरी तरफ, गेमिंग कंपनियों का तर्क था कि उन्हें केवल टूर्नामेंट होस्ट करने के बदले ली जाने वाली कमीशन राशि पर ही टैक्स देना चाहिए, जिसे ग्रॉस गेमिंग रेवेन्यू (GGR) कहा जाता है। कंपनियों के मुताबिक, यह कमीशन कुल जमा राशि का केवल 5% से 15% ही होता है। कंपनियों के बंद होने और नौकरियों पर संकट गेमिंग कंपनियों ने कोर्ट के सामने यह दलील भी दी थी कि टैक्स विभाग द्वारा मांगी गई GST की कुल रकम इन कंपनियों की कुल कमाई से भी कई गुना ज्यादा है। अगर यह टैक्स वसूला गया, तो कंपनियों को आखिरकार अपना पूरा कामकाज बंद करना पड़ेगा। नया ऑनलाइन गेमिंग कानून और संकट अगस्त 2025 में जब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था, उसके करीब दो हफ्ते बाद ही भारत सरकार ने एक नया ऑनलाइन गेमिंग कानून बनाया था, जिसे ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग एक्ट’ (PROGA) नाम दिया गया। यह कानून उन सभी ऑनलाइन मनी गेम्स को प्रतिबंधित करता है जहां कोई यूजर प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस उम्मीद के साथ पैसे जमा करता है कि उसे उस डिपॉजिट पर जीत की रकम (विनिंग्स) मिलेगी। 3.5 बिलियन डॉलर की इंडस्ट्री को नुकसान इस नए कानून के लागू होने से देश की करीब 3.5 बिलियन डॉलर की रियल-मनी गेमिंग इंडस्ट्री अचानक संकट में आ गई। कमाई पूरी तरह रुक जाने के कारण कंपनियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और उन्होंने बड़े पैमाने पर खर्चों में कटौती शुरू कर दी। इस वजह से गेमिंग कंपनियों को 3,000 से अधिक कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ा। गेमिंग इंडस्ट्री से जुड़े ये नए नियम आधिकारिक तौर पर 1 मई 2026 से प्रभावी हो चुके हैं। क्या होता है रिट्रोस्पेक्टिव टैक्स और एक्शनएबल क्लेम? ये खबर भी पढ़ें… हुंडई की कारें ₹12,800 तक महंगी होंगी: नई कीमतें 1 जून 2026 से लागू की जाएंगी, कंपनी ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने के चलते फैसला किया हुंडई मोटर इंडिया की कारें 1 जून 2026 से महंगी होने जा रही हैं। कंपनी ने अपनी कारों की कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय की जाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…
Bengali Director Anik Dutta Dies After Fall in South Kolkata

5 मिनट पहले कॉपी लिंक बंगाली फिल्म निर्माता अनिक दत्ता का बुधवार को कोलकाता में निधन हो गया। पुलिस के मुताबिक, वे दक्षिण कोलकाता में अपने बहुमंजिला घर की छत से नीचे गिर गए थे। उन्हें तुरंत ढाकुरिया के पास एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद कोलकाता पुलिस की एक टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डायरेक्टर के निधन की खबर मिलने के बाद श्रीलेखा मित्रा और रुद्रनील घोष सहित बंगाली सिनेमा के कई कलाकार अस्पताल पहुंचे। छत से गिरने के बाद अस्पताल ले जाया गया न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि अनिक दत्ता अपने घर की छत से संदिग्ध परिस्थितियों में गिर गए थे। हालांकि, अभी तक उनके परिवार की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच कर रही है। उनके इस तरह अचानक चले जाने से बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के लोग हैरान हैं। एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा, रुद्रनील घोष और अरिंदम सिल अस्पताल के बाहर नजर आए, जो डायरेक्टर को अपनी आखिरी विदाई देने पहुंचे थे। ‘भूतेर भविष्यत’ से मिली थी पहचान अनिक दत्ता को साल 2012 में रिलीज हुई हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूतेर भविष्यत’ से सिनेमा जगत में बड़ी पहचान मिली थी। इस फिल्म में हॉरर कहानी के साथ राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था पर कड़ा कटाक्ष किया गया था। बंगाली सिनेमा में इस फिल्म को एक मील का पत्थर माना जाता है। इस फिल्म में स्वास्तिका मुखर्जी, पराश बंदोपाध्याय, सब्यसाची चक्रवर्ती, परमब्रत चटर्जी और शाश्वत चटर्जी जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इसके बाद उन्होंने ‘आश्चर्य प्रदीप’ और ‘मेघनाद बध रहस्य’ जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया था। सत्यजीत रे पर बनी फिल्म को मिले दो नेशनल अवॉर्ड अनिक दत्ता ने मशहूर फिल्ममेकर सत्यजीत रे की ऐतिहासिक फिल्म ‘पथेर पांचाली’ के बनने की कहानी पर आधारित एक फिल्म ‘अपराजितो’ बनाई थी। इस बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म को साल 2024 में दो नेशनल अवॉर्ड मिले थे। फिल्म को बेस्ट मेकअप (सोमनाथ कुंडू) और बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन (आनंद आध्या) का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर अनिक दत्ता ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा था कि वे खुद जूरी में रह चुके हैं और जानते हैं कि फैसले कैसे लिए जाते हैं। उन्होंने अपने क्रू मेंबर्स सोमनाथ और आनंद की कड़ी मेहनत की तारीफ की थी। पिछले साल रिलीज हुई थी आखिरी फिल्म डायरेक्टर अनिक दत्ता की आखिरी निर्देशित फिल्म ‘जतो कांडो कोलकातातेई’ साल 2025 में दुर्गा पूजा के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यह एक जासूसी मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म थी। इस फिल्म में अबीर चटर्जी, काजी नौशाबा अहमद और दुलाल लाहिड़ी ने मुख्य किरदार निभाए थे। अनिक दत्ता अपनी फिल्मों में सामाजिक संदेश, सस्पेंस और सटायर (व्यंग्य) के सटीक इस्तेमाल के लिए जाने जाते थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Bengali Director Anik Dutta Dies After Fall in South Kolkata

22 मिनट पहले कॉपी लिंक बंगाली फिल्म निर्माता अनिक दत्ता का बुधवार को कोलकाता में निधन हो गया। पुलिस के मुताबिक, वे दक्षिण कोलकाता में अपने बहुमंजिला घर की छत से नीचे गिर गए थे। उन्हें तुरंत ढाकुरिया के पास एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद कोलकाता पुलिस की एक टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी है। डायरेक्टर के निधन की खबर मिलने के बाद श्रीलेखा मित्रा और रुद्रनील घोष सहित बंगाली सिनेमा के कई कलाकार अस्पताल पहुंचे। छत से गिरने के बाद अस्पताल ले जाया गया न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने बताया कि अनिक दत्ता अपने घर की छत से संदिग्ध परिस्थितियों में गिर गए थे। हालांकि, अभी तक उनके परिवार की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंचकर बारीकी से जांच कर रही है। उनके इस तरह अचानक चले जाने से बंगाली फिल्म इंडस्ट्री के लोग हैरान हैं। एक्ट्रेस श्रीलेखा मित्रा, रुद्रनील घोष और अरिंदम सिल अस्पताल के बाहर नजर आए, जो डायरेक्टर को अपनी आखिरी विदाई देने पहुंचे थे। ‘भूतेर भविष्यत’ से मिली थी पहचान अनिक दत्ता को साल 2012 में रिलीज हुई हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘भूतेर भविष्यत’ से सिनेमा जगत में बड़ी पहचान मिली थी। इस फिल्म में हॉरर कहानी के साथ राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था पर कड़ा कटाक्ष किया गया था। बंगाली सिनेमा में इस फिल्म को एक मील का पत्थर माना जाता है। इस फिल्म में स्वास्तिका मुखर्जी, पराश बंदोपाध्याय, सब्यसाची चक्रवर्ती, परमब्रत चटर्जी और शाश्वत चटर्जी जैसे कलाकारों ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। इसके बाद उन्होंने ‘आश्चर्य प्रदीप’ और ‘मेघनाद बध रहस्य’ जैसी फिल्मों का निर्देशन भी किया था। सत्यजीत रे पर बनी फिल्म को मिले दो नेशनल अवॉर्ड अनिक दत्ता ने मशहूर फिल्ममेकर सत्यजीत रे की ऐतिहासिक फिल्म ‘पथेर पांचाली’ के बनने की कहानी पर आधारित एक फिल्म बनाई थी। इस बायोग्राफिकल ड्रामा फिल्म को साल 2024 में दो नेशनल अवॉर्ड मिले थे। फिल्म को बेस्ट मेकअप (सोमनाथ कुंडू) और बेस्ट प्रोडक्शन डिजाइन (आनंद आध्या) का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। राष्ट्रीय पुरस्कार मिलने पर अनिक दत्ता ने हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में कहा था कि वे खुद जूरी में रह चुके हैं और जानते हैं कि फैसले कैसे लिए जाते हैं। उन्होंने अपने क्रू मेंबर्स सोमनाथ और आनंद की कड़ी मेहनत की तारीफ की थी। पिछले साल रिलीज हुई थी आखिरी फिल्म डायरेक्टर अनिक दत्ता की आखिरी निर्देशित फिल्म ‘जतो कांडो कोलकातातेई’ साल 2025 में दुर्गा पूजा के मौके पर सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। यह एक जासूसी मिस्ट्री थ्रिलर फिल्म थी। इस फिल्म में अबीर चटर्जी, काजी नौशाबा अहमद और दुलाल लाहिड़ी ने मुख्य किरदार निभाए थे। अनिक दत्ता अपनी फिल्मों में सामाजिक संदेश, सस्पेंस और सटायर (व्यंग्य) के सटीक इस्तेमाल के लिए जाने जाते थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
‘राहुल गांधी को संतुष्टि देंगे’: केरल आवासों पर ईडी की छापेमारी पर पिनाराई विजयन | भारत समाचार

आखरी अपडेट:27 मई, 2026, 16:49 IST विजयन ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का समर्थन करती है। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन। (एएनआई) विजयन के घर पर ईडी की छापेमारी: केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बुधवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर प्रवर्तन निदेशालय के माध्यम से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया, जब एजेंसी ने कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) मामले के सिलसिले में उनके आवासों पर तलाशी ली थी। तलाशी के बाद पत्रकारों से बात करते हुए, केरल के विपक्ष के नेता ने दावा किया कि कांग्रेस विपक्षी दलों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का समर्थन कर रही है, उन्होंने कहा कि उनके आवास पर ईडी की छापेमारी से कांग्रेस नेता को “बहुत संतुष्टि” मिली होगी। विजयन ने कहा, “लंबे समय से ईडी मेरे घर पर तलाशी लेना चाहती थी। मुझे लगता है कि इस तलाशी से कुछ लोगों को, खासकर राहुल गांधी जैसे किसी व्यक्ति को बहुत संतुष्टि मिलेगी।” तिरुवनंतपुरम: केरल के पूर्व सीएम और वर्तमान एलओपी पिनाराई विजयन ने अपने आवासों पर ईडी की तलाशी पर कहा, “लंबे समय से, ईडी मेरे घर पर तलाशी लेना चाहती थी। मुझे लगता है कि इस तलाशी से कुछ लोगों को बहुत संतुष्टि मिलेगी, खासकर ऐसे लोगों को… pic.twitter.com/Bh9iuwvrWv– एएनआई (@ANI) 27 मई 2026 विजयन ने कांग्रेस की भी आलोचना की और आरोप लगाया कि पार्टी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के खिलाफ ईडी की कार्रवाई का समर्थन करती है। उन्होंने दावा किया, ”कांग्रेस का रुख यह है कि ईडी की अपनी पार्टियों के अलावा अन्य पार्टियों के खिलाफ घुसपैठ जारी रहनी चाहिए।” उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने सार्वजनिक रूप से पूछा था कि उनके घर पर छापा क्यों नहीं मारा गया और उन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया. वरिष्ठ सीपीआई (एम) नेता ने भाजपा सरकार पर देश भर में विपक्षी दलों को जानबूझकर निशाना बनाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का उपयोग करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “भाजपा सरकार देश में विपक्षी नेताओं के खिलाफ हमेशा जानबूझकर हमले करती रही है। इसके खिलाफ पूरे देश में जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ है।” ईडी ने विजयन के घर पर छापा मारा प्रवर्तन निदेशालय ने आज पहले केरल भर में कई स्थानों पर तलाशी ली, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन का किराए का आवास भी शामिल था। यह छापेमारी राजनीतिक रूप से संवेदनशील कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड (सीएमआरएल) मामले में की गई थी, जो उनकी बेटी वीणा थाइक्कंडियिल की फर्म एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े वित्तीय लेनदेन से जुड़ा था। लिमिटेड केंद्रीय एजेंसी ने तिरुवनंतपुरम में विजयन के किराए के आवास पर भी जांच की, जहां वह हाल ही में स्थानांतरित हुए थे। समझा जाता है कि वीना थाइक्कंडियिल भी वहीं रहती हैं। ये खोजें वीना के स्वामित्व वाली आईटी फर्म एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस से जुड़ी जांच से जुड़ी थीं। यह छापेमारी केरल उच्च न्यायालय द्वारा सीएमआरएल में ईडी की जांच को रद्द करने से इनकार करने के ठीक एक दिन बाद हुई है, जिससे कंपनी और उसके अधिकारियों को बड़ा झटका लगा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : तिरुवनंतपुरम, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया ‘राहुल गांधी को संतुष्टि देंगे’: केरल आवासों पर ईडी की छापेमारी पर पिनाराई विजयन अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें







