Saturday, 11 Jul 2026 | 12:54 PM

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पुदीना तड़का छाछ रेसिपी: 2 मिनट में गर्म होकर तैयार हो जाएगी पुदीना वाला तड़का छाछ, आप ही हो जाएं कूल-कूल; विधि नोट करें

गर्मियों के लिए घर पर पुदीना तड़का छाछ रेसिपी, पुदीना मसाला छाछ कूलिंग ड्रिंक

27 मई 2026 को 16:27 IST पर अद्यतन किया गया पुदीना मसाला तड़का छाछ रेसिपी: गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और तरोताजा रखने के लिए छाछ से बेहतर शायद ही कुछ हो। अगर साधारण छाछ से बोर हो गए हैं, तो इस बार घर में जरूर पुदीना तड़का छाछ। पुदीने की ठंडक और मसालों का तड़का इसका स्वाद कई गुना बढ़ा देता है। यह ड्रिंक सिर्फ 2 मिनट में तैयार हो जाती है और पेट को भी प्रभावित करती है। अनुसरण करना : सामग्री: 2 कप अनमोल छाछ, 8-10 पुदीने की पत्तियां, 1 हरी मिर्च, 1/2 छोटी चम्मच जीरा पाउडर, स्वादानुसार काला नमक, नमक, 1/2 छोटी चम्मच घी, 1/2 छोटी चम्मच राई, छोटी चम्मच भर हींग, छोटी सी करी पत्ती छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले पुदीना-हरी मिर्ची प्लास्टर पीस लें। अब एक बड़े पैमाने पर समुद्री नमक और पुदीने का पेस्ट, काला नमक, सामान्य नमक और इसी तरह जीरा पाउडर का पेस्ट डाला जाता है। यह अच्छी तरह से फ़ेंट लें। छवि: फ्रीपिक अब तड़का तैयार करें। इसके लिए एक छोटे पैन में घी गर्म करें। फिर इसमें राई, हींग और करी पत्ता शामिल है। जब राई चटकने लगे तो ये तड़का छाछ में डाल दो। छवि: एआई बस तैयार है अन्वेषक-ठंडी पुदीना तड़का छाछ। इसे ऊपर से थोड़ा सा जीरा और पुदीना आर्किटेक्चर सर्व करें। छवि: एआई पुदीना शरीर को ठंडक देता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है। वहीं छाछ पेट को प्रभाव दिखाता है और गर्मी में आहार से बचने में मदद करता है। पाउडर का तड़का स्वाद और भी मजेदार बना देता है। छवि: फ्रीपिक आप इसे दोपहर के भोजन के साथ या शाम की भूख में सर्व कर सकते हैं। गर्मी में बाहर से आने के बाद एक गिलास पुदीना तड़का खाने से ही शरीर को तुरंत राहत महसूस होगी। छवि: एआई द्वारा प्रकाशित: समृद्धि ब्रेजा प्रकाशित 27 मई 2026, 16:27 IST

FWICE gets angry at director sanjay gupta for supporting ranveer singh after ban

FWICE gets angry at director sanjay gupta for supporting ranveer singh after ban

10 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह पर लगाए गए बैन के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। हालांकि डायरेक्टर संजय गुप्ता को रणवीर का पक्ष लेना महंगा पड़ता नजर आ रहा है। अब FWICE ने उन्हें 2021 की वो शिकायत याद दिलाई है, जो उन्होंने जैकी श्रॉफ द्वारा अचानक फिल्म मुंबई सागा छोड़ने पर दर्ज करवाई थी और उनके खिलाफ एक्शन लिया गया था। दरअसल, 25 मई को जब FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न ऑफ सिने एप्लॉय्ज) ने डॉन 3 अचानक छोड़ने पर रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन कॉर्पोरेशन डिक्लेयरेशन जारी किया है। यानी अब फेडरेशन से जुड़े लोग विवाद खत्म होने तक रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे। इस पर विरोध जताते हुए संजय गुप्ता ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, जब एक ए-लिस्टर हीरो शूट करता है, तो उसके साथ 300 से ज्यादा वर्कर्स सेट पर काम करते हैं। किसी को बैन करने से उसका नुकसान नहीं होता, बल्कि उन मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जाती है, जो उस काम पर ही निर्भर हैं। आखिर में इसका मतलब क्या है। रणवीर का समर्थन करने पर फेडरेशन के सेक्रेटरी अशोक दुबे ने भड़कते हुए हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में मुंबई सागा की याद दिलाते हुए कहा, “मैं संजय गुप्ता जी से पूछना चाहता हूं कि कुछ साल पहले जब उनकी फिल्म मुंबई सागा की शूटिंग चल रही थी और जैकी श्रॉफ ने आने से मना कर दिया था, तब यही समस्या IFTDA और फेडरेशन ने मिलकर सुलझाई थी। तब यह आपत्ति कहां थी?” आगे उन्हों स्ट्रिक्ट एक्शन लेने पर कहा, “अगर यह ट्रेंड चलता रहा तो कई फिल्ममेकर्स और प्रोड्यूसर्स को नुकसान उठाना पड़ेगा। हमने किसी को बैन नहीं किया है, हमने सिर्फ नॉन-कोऑपरेशन की बात कही है। यह फेडरेशन के सदस्यों का फैसला है, फिल्म बॉडी का आंतरिक निर्णय है।” जानिए क्या है पूरा मामला? फरहान अख्तर ने साल 2023 में फिल्म डॉन-3 की घोषणा एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 2006 में आई शाहरुख स्टारर डॉन और 2011 में आई डॉन-2 के बाद ये इस फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म होने वाली थी। अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था। लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं। ये फिल्म फरहान अख्तर, होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे थे। डॉन-3 को जारी रखने लिए फरहान ने अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पोस्टपोन कर दी। फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए। मिडडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे, जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे। इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 45 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है। तब आमिर खान ने भी बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला। बाद में ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखने के बाद फेडरेशन ने रणवीर को बैन करने का ऐलान कर दिया। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। ‘डॉन 3’ को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज

FWICE gets angry at director sanjay gupta for supporting ranveer singh after ban

FWICE gets angry at director sanjay gupta for supporting ranveer singh after ban

11 मिनट पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह पर लगाए गए बैन के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कई लोग उनके सपोर्ट में उतरे हैं। हालांकि डायरेक्टर संजय गुप्ता को रणवीर का पक्ष लेना महंगा पड़ता नजर आ रहा है। अब FWICE ने उन्हें 2021 की वो शिकायत याद दिलाई है, जो उन्होंने जैकी श्रॉफ द्वारा अचानक फिल्म मुंबई सागा छोड़ने पर दर्ज करवाई थी और उनके खिलाफ एक्शन लिया गया था। दरअसल, 25 मई को जब FWICE (फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न ऑफ सिने एप्लॉय्ज) ने डॉन 3 अचानक छोड़ने पर रणवीर सिंह के खिलाफ नॉन कॉर्पोरेशन डिक्लेयरेशन जारी किया है। यानी अब फेडरेशन से जुड़े लोग विवाद खत्म होने तक रणवीर के साथ काम नहीं करेंगे। इस पर विरोध जताते हुए संजय गुप्ता ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा, जब एक ए-लिस्टर हीरो शूट करता है, तो उसके साथ 300 से ज्यादा वर्कर्स सेट पर काम करते हैं। किसी को बैन करने से उसका नुकसान नहीं होता, बल्कि उन मजदूरों की रोजी-रोटी छिन जाती है, जो उस काम पर ही निर्भर हैं। आखिर में इसका मतलब क्या है। रणवीर का समर्थन करने पर फेडरेशन के सेक्रेटरी अशोक दुबे ने भड़कते हुए हिंदुस्तान टाइम्स से बातचीत में मुंबई सागा की याद दिलाते हुए कहा, “मैं संजय गुप्ता जी से पूछना चाहता हूं कि कुछ साल पहले जब उनकी फिल्म मुंबई सागा की शूटिंग चल रही थी और जैकी श्रॉफ ने आने से मना कर दिया था, तब यही समस्या IFTDA और फेडरेशन ने मिलकर सुलझाई थी। तब यह आपत्ति कहां थी?” आगे उन्हों स्ट्रिक्ट एक्शन लेने पर कहा, “अगर यह ट्रेंड चलता रहा तो कई फिल्ममेकर्स और प्रोड्यूसर्स को नुकसान उठाना पड़ेगा। हमने किसी को बैन नहीं किया है, हमने सिर्फ नॉन-कोऑपरेशन की बात कही है। यह फेडरेशन के सदस्यों का फैसला है, फिल्म बॉडी का आंतरिक निर्णय है।” जानिए क्या है पूरा मामला? फरहान अख्तर ने साल 2023 में फिल्म डॉन-3 की घोषणा एक्टर रणवीर सिंह के साथ की थी। 2006 में आई शाहरुख स्टारर डॉन और 2011 में आई डॉन-2 के बाद ये इस फ्रेंचाइजी की यह तीसरी फिल्म होने वाली थी। अनाउंसमेंट के समय कियारा आडवाणी को फिल्म में कास्ट किया गया था। लेकिन प्रेग्नेंसी और मेटरनिटी ब्रेक के चलते कियारा ने फिल्म छोड़ दी, जिसके बाद कृति सेनन को कास्ट करने की खबरें रहीं। ये फिल्म फरहान अख्तर, होम प्रोडक्शन एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले बना रहे थे। डॉन-3 को जारी रखने लिए फरहान ने अपनी दूसरी फिल्म जी ले जरा पोस्टपोन कर दी। फिल्म डिले होने पर रणवीर सिंह धुरंधर में व्यस्त हो गए। रिपोर्ट्स थीं कि 2025 में डॉन 3 की शूटिंग शुरू होगी, लेकिन फिर अचानक रणवीर सिंह ने फिल्म छोड़ दी। मेकर्स का आरोप है कि रणवीर स्क्रिप्ट में हस्तक्षेप कर रहे थे। वो गाली-गलौज और हिंसक सीन की मांग कर रहे थे, लेकिन मेकर्स इस पर राजी नहीं हुए। मिडडे की रिपोर्ट में दावा किया गया कि रणवीर ने फिल्म छोड़ दी है और वो जल्द ही फिल्म का साइनिंग अमाउंट भी लौटा देंगे, जबकि मेकर्स पहले ही प्री-प्रोडक्शन, डिले और री-वर्क के चलते फिल्म पर खर्च कर चुके थे। इस पर फरहान अख्तर ने प्रोड्यूसर्स गिल्ड में शिकायत कर 45 करोड़ हर्जाने की मांग की। उनका कहना था कि प्री-प्रोडक्शन, शूटिंग शेड्यूल में बदलाव के चलते उनका भारी नुकसान हुआ है। तब आमिर खान ने भी बीचबचाव की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। प्रोड्यूसर गिल्ड ने दोनों पक्षों को सुलह का समय भी दिया, लेकिन हल तब भी नहीं निकला। बाद में ये मामला FWICE के पास पहुंचा। मामले को गंभीरता से लेते हुए फेडरेशन ने रणवीर सिंह को अलग-अलग मौकों पर 3 नोटिस भेजे, लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ये लीगल मामला है, जो फेडरेशन द्वारा नहीं बल्कि कोर्ट के जरिए सुलझाना चाहिए। आखिरकार 25 मई को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस रखने के बाद फेडरेशन ने रणवीर को बैन करने का ऐलान कर दिया। रणवीर सिंह की टीम बोली- वे सोच-समझकर चुप रणवीर सिंह के स्पोक पर्सन ने कहा- रणवीर सिंह फिल्म इंडस्ट्री और ‘डॉन’ फ्रैंचाइजी से जुड़े हर इंसान का दिल से सम्मान करते हैं। ‘डॉन 3’ को लेकर हाल ही में जो कुछ भी हुआ है, उस पर उन्होंने सोच-समझकर चुप रहना ही सही समझा। उनका मानना है कि काम से जुड़ी बातें और आपसी रिश्ते हमेशा गरिमा, समझदारी और आपसी सम्मान के साथ ही संभाले जाने चाहिए। इस बीच कई तरह की बातें और अफवाहें सामने आई हैं, लेकिन रणवीर ने कभी भी सरेआम इस पर कोई सफाई देना या इन अटकलों को बढ़ावा देना जरूरी नहीं समझा। उनका पूरा ध्यान पूरी तरह से उनके काम और आने वाले प्रोजेक्ट्स पर है। वे इस फिल्म से जुड़े सभी लोगों के लिए अपने दिल में सम्मान रखते हैं और चाहते हैं कि यह फ्रैंचाइजी आगे भी खूब कामयाब हो। ऐसे मुश्किल मौकों पर संयम और शालीनता बनाए रखना हमेशा से उनका अपना फैसला रहा है, और वे आगे भी इसी रुख पर कायम रहेंगे। अब समझिए FWICE क्या है? रणवीर पर बैन का क्या असर होगा फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) फिल्म इंडस्ट्री के वर्कर्स और कलाकारों के हितों की रक्षा करने वाली सबसे बड़ी संस्था है। इसकी शुरुआत साल 1956 में हुई थी और 1958 में इसका रजिस्ट्रेशन कराया गया था। मदर बॉडी: यह फेडरेशन मुख्य रूप से एक मदर बॉडी (शीर्ष संस्था) की तरह काम करती है। इसके अंतर्गत कुल 34 अलग-अलग एसोसिएशंस आती हैं। सदस्यों की संख्या: इसमें एक्टर्स, डायरेक्टर्स, प्रोड्यूसर्स, कैमरामैन, टेक्नीशियंस, जूनियर आर्टिस्ट और स्पॉटबॉय जैसी 34 एसोसिएशंस के लगभग 4 से 5 लाख मेंबर्स जुड़े हुए हैं। दायरा: यह एशिया की सबसे बड़ी फिल्म फेडरेशन है। वर्तमान में फिल्म इंडस्ट्री में काम करने वाले करीब 90 प्रतिशत लोग इसी फेडरेशन से जुड़ी एसोसिएशंस के सदस्य हैं। इसका अपना एक संविधान है, जिसे मानना सभी सदस्यों के लिए जरूरी है। फेडरेशन काम बंद कर दे तो शूटिंग कैंसिल FWICE के पास फिल्म इंडस्ट्री के कामकाजी माहौल को नियंत्रित करने की बड़ी ताकत है। काम रोकना: अगर फेडरेशन अपने 4 से 5 लाख सदस्यों को किसी प्रोजेक्ट पर काम करने से रोक दे, तो अगले ही दिन से फिल्मों और टीवी शोज

Hyundai Cars To Get Expensive From June 1, 2026

Hyundai Cars To Get Expensive From June 1, 2026

नई दिल्ली9 मिनट पहले कॉपी लिंक हुंडई मोटर इंडिया की कारें 1 जून 2026 से महंगी होने जा रही हैं। कंपनी ने अपनी कारों की कीमतों में 12,800 रुपए तक की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। नई कीमतें अलग-अलग मॉडल और वेरिएंट के आधार पर तय की जाएंगी। इससे पहले कंपनी ने 8 अप्रैल 2026 को कीमतों को बढ़ाने के संबंध में एक लेटर जारी किया था, लेकिन अब मौजूदा मार्केट की स्थिति को देखते हुए इसे 1 जून से लागू करने का फैसला लिया गया है। कंपनी ने यह कदम बाजार की मौजूदा परिस्थितियों और ग्राहकों के हितों के बीच एक संतुलित तालमेल बनाने के उद्देश्य से उठाया है। कारें महंगी होने की 3 बड़ी वजहें हुंडई ने अपनी कारों की कीमतों को बढ़ाने के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण बताए हैं। कंपनी के मुताबिक, बिजनेस ऑपरेशन में आ रहे बदलावों की वजह से यह फैसला जरूरी हो गया था… इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी: ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी इनपुट कॉस्ट (लागत) में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। कमोडिटी की कीमतों में उछाल: कारों को बनाने में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कमोडिटी सामानों की कीमतें काफी ज्यादा हो गई हैं। ऑपरेशनल खर्च: कंपनी को चलाने और कारों के प्रोडक्शन से जुड़े ऑपरेशनल खर्चों में बढ़ोतरी हुई है। इन सभी कारणों से कंपनी पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। कंपनी का फ्यूचर प्लान क्या है? कंपनी का कहना है कि वह लगातार अपनी लागत को कंट्रोल और बेहतर करने का प्रयास करती है। हुंडई का उद्देश्य हमेशा यही रहता है कि बढ़ती लागत का असर उसके ग्राहकों पर कम से कम पड़े। इसके बावजूद, मौजूदा परिस्थितियों में कंपनी के पास बढ़ती हुई लागत का कुछ हिस्सा बाजार में ट्रांसफर करने के अलावा कोई दूसरा ऑप्शन नहीं बचा था। क्या होती है इनपुट कॉस्ट और ऑपरेशनल खर्च? इनपुट कॉस्ट: किसी भी प्रोडक्ट (जैसे कार) को बनाने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, लेबर और अन्य शुरुआती चीजों पर आने वाले कुल खर्च को इनपुट कॉस्ट कहते हैं। जब लोहा, स्टील या प्लास्टिक महंगे होते हैं, तो इनपुट कॉस्ट बढ़ जाती है। ऑपरेशनल खर्च: कंपनी को रोजाना चलाने, फैक्ट्रियों के रखरखाव, बिजली, ट्रांसपोर्टेशन और बिजनेस के एडमिनिस्ट्रेशन में होने वाले खर्चों को ऑपरेशनल एक्सपेंसेस या ऑपरेटिंग कॉस्ट कहा जाता है। ये खबर भी पढ़ें… मारुति की कारें ₹30,000 तक महंगी होंगी: नई कीमतें जून 2026 से लागू की जाएंगी, कंपनी ने इनपुट कॉस्ट बढ़ने के चलते फैसला किया देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया ने अपने पैसेंजर व्हीकल्स (PV) की कीमतों में ₹30,000 तक की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। कंपनी की ओर से बढ़ाई गई ये नई कीमतें जून 2026 से प्रभावी होंगी। लगातार बढ़ रही इनपुट कॉस्ट यानी लागत के कारण कंपनी ने यह फैसला किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ईशान-वैभव के बीच आज फाइनल की जंग:IPL एलिमिनेटर में आज SRH-RR का मैच, वैभव तोड़ सकते हैं क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड

ईशान-वैभव के बीच आज फाइनल की जंग:IPL एलिमिनेटर में आज SRH-RR का मैच, वैभव तोड़ सकते हैं क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा। न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से मैच शुरू होगा। ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी की टीम फाइनल में पहुंचने के लिए आज भिड़ेगी। इस मुकाबले को हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। वहीं, जीतने वाले को फाइनल में पहुंचने का एक और मौका मिलेगा। राजस्थान के ओपनर वैभव सूर्यवंशी के पास एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है। यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है। उन्होंने बेंगलुरु की ओर से 2012 सीजन में 59 छक्के लगाए थे। वैभव इस सीजन 53 सिक्स लगा चुके हैं। अगर आज वैभव सात छक्के लगाते हैं, तो वो क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ देंगे। दूसरी ओर वैभव सूर्यवंशी राजस्थान के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ इसी सीजन में शतक लगाया था। वे 14 मैच में 232.27 के स्ट्राइक रेट से 583 रन बना चुके हैं। इनमें एक शतक के साथ 3 फिफ्टी शामिल हैं। दो मैचों में ईशान लगातार बना रहे अर्धशतक दूसरी ओर ईशान किशन भी फॉर्म में नजर आ रहे हैं। पिछले दो मैचों में लगातार उन्होंने अर्धशतक बनाया है। RCB के खिलाफ पिछले मैच में ईशान ने 79 रन और CSK के खिलाफ 70 रन बनाए थे।ईशान इस सीजन में 500 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं। उन्होंने 179.48 की स्ट्राइक रेट से खेलते 569 रन बनाए है। ईशान किशन भी ऑरेंज कैप की रेस में शामिल हैं। अगर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलते हुए ईशान 83 रनों से अधिक की पारी खेलते हुए ईशान किशन ऑरेंज कैप अपने नाम कर लेंगे। ईशान किशन ने अपने 10 साल लंबे आईपीएल करियर में अब तक प्लेऑफ में 9 मुकाबले खेले हैं। ईशान ने बेंगलुरु के खिलाफ लगातार चौथी फिफ्टी लगाई ईशान किशन ने बेंगलुरु के खिलाफ 2024 से 2026 तक लगातार चौथी फिफ्टी लगाई। उन्होंने शुक्रवार को 79 रन की पारी खेली। वे बेंगलुरु के खिलाफ यह कारनामा करने वाले न्यूजीलैंड के केन विलियमसन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 2014 से 2016 के बीच लगातार 7 फिफ्टी लगाई। दूसरी ओर 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी टी-20 में डबल सेंचुरी बनाना चाहते हैं। उनका लक्ष्य IPL में वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के 175 रन के रिकॉर्ड को तोड़ना है। वैभव ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर ये बातें कही है। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ अर्धशतक बनाने में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वे T20 क्रिकेट का पहला दोहरा शतक बनाना चाहते हैं।

ईशान-वैभव के बीच आज फाइनल की जंग:IPL एलिमिनेटर में आज SRH-RR का मैच, वैभव तोड़ सकते हैं क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड

ईशान-वैभव के बीच आज फाइनल की जंग:IPL एलिमिनेटर में आज SRH-RR का मैच, वैभव तोड़ सकते हैं क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड

IPL में आज सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) और राजस्थान रॉयल्स (RR) के बीच एलिमिनेटर मुकाबला खेला जाएगा। न्यू चंडीगढ़ के महाराजा यादवेंद्र सिंह क्रिकेट स्टेडियम में शाम 7:30 बजे से मैच शुरू होगा। ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी की टीम फाइनल में पहुंचने के लिए आज भिड़ेगी। इस मुकाबले को हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी। वहीं, जीतने वाले को फाइनल में पहुंचने का एक और मौका मिलेगा। राजस्थान के ओपनर वैभव सूर्यवंशी के पास एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड तोड़ने का मौका है। यह रिकॉर्ड क्रिस गेल के नाम है। उन्होंने बेंगलुरु की ओर से 2012 सीजन में 59 छक्के लगाए थे। वैभव इस सीजन 53 सिक्स लगा चुके हैं। अगर आज वैभव सात छक्के लगाते हैं, तो वो क्रिस गेल का 14 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ देंगे। दूसरी ओर वैभव सूर्यवंशी राजस्थान के टॉप स्कोरर हैं। उन्होंने हैदराबाद के खिलाफ इसी सीजन में शतक लगाया था। वे 14 मैच में 232.27 के स्ट्राइक रेट से 583 रन बना चुके हैं। इनमें एक शतक के साथ 3 फिफ्टी शामिल हैं। दो मैचों में ईशान लगातार बना रहे अर्धशतक दूसरी ओर ईशान किशन भी फॉर्म में नजर आ रहे हैं। पिछले दो मैचों में लगातार उन्होंने अर्धशतक बनाया है। RCB के खिलाफ पिछले मैच में ईशान ने 79 रन और CSK के खिलाफ 70 रन बनाए थे।ईशान इस सीजन में 500 रन का आंकड़ा पार कर चुके हैं। उन्होंने 179.48 की स्ट्राइक रेट से खेलते 569 रन बनाए है। ईशान किशन भी ऑरेंज कैप की रेस में शामिल हैं। अगर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ खेलते हुए ईशान 83 रनों से अधिक की पारी खेलते हुए ईशान किशन ऑरेंज कैप अपने नाम कर लेंगे। ईशान किशन ने अपने 10 साल लंबे आईपीएल करियर में अब तक प्लेऑफ में 9 मुकाबले खेले हैं। ईशान ने बेंगलुरु के खिलाफ लगातार चौथी फिफ्टी लगाई ईशान किशन ने बेंगलुरु के खिलाफ 2024 से 2026 तक लगातार चौथी फिफ्टी लगाई। उन्होंने शुक्रवार को 79 रन की पारी खेली। वे बेंगलुरु के खिलाफ यह कारनामा करने वाले न्यूजीलैंड के केन विलियमसन के साथ दूसरे नंबर पर हैं। ऑस्ट्रेलिया के डेविड वॉर्नर पहले नंबर पर हैं, जिन्होंने 2014 से 2016 के बीच लगातार 7 फिफ्टी लगाई। दूसरी ओर 15 साल के क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी टी-20 में डबल सेंचुरी बनाना चाहते हैं। उनका लक्ष्य IPL में वेस्टइंडीज के दिग्गज बल्लेबाज क्रिस गेल के 175 रन के रिकॉर्ड को तोड़ना है। वैभव ने इंग्लैंड के पूर्व क्रिकेटर केविन पीटरसन के यूट्यूब चैनल पर ये बातें कही है। उन्होंने कहा कि उन्हें सिर्फ अर्धशतक बनाने में दिलचस्पी नहीं है, बल्कि वे T20 क्रिकेट का पहला दोहरा शतक बनाना चाहते हैं।

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7 मिनट पहले कॉपी लिंक गायक और रैपर यो यो हनी सिंह ने अपनी सेहत और निजी जिंदगी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बाइपोलर डिसऑर्डर और नशे की लत से लड़ाई के दौरान भारी दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण वे पूरी तरह गंजे हो चुके हैं और अब विग लगाते हैं। हनी सिंह ने अपने मानसिक तनाव के दिनों को याद करते हुए बताया कि वे सात साल तक घर के अंदर ही रहे, जिसमें से तीन साल उन्होंने सिर्फ अपने बेडरूम में बिताए। अब वे इस बीमारी से ठीक होकर इंडस्ट्री में कमबैक कर चुके हैं। रैपर यो यो हनी सिंह। दवाइयों के साइड इफेक्ट से झड़ गए सारे बाल दिल्ली में पैदा हुए 43 वर्षीय हृदेश सिंह उर्फ यो यो हनी सिंह हाल ही में ‘एबीटॉक्स’ पॉडकास्ट में शामिल हुए। इस बातचीत में उन्होंने अपनी बीमारी और उसके इलाज के असर पर खुलकर बात की। हनी सिंह ने बताया कि लंबे समय तक चली भारी दवाइयों के कारण उनका वजन 105 किलो तक पहुंच गया था। इसी इलाज के साइड इफेक्ट की वजह से उनके सिर के सारे बाल झड़ गए। सिंगर ने साफ तौर पर स्वीकार किया कि सिर पर दिखने वाले बाल असली नहीं हैं, बल्कि वे एक विग का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने माना कि 2014 में ड्रग्स छोड़ देने के बाद भी ठीक होने का सफर काफी लंबा और तकलीफ भरा था। मानसिक बीमारी के दौर में लगता था कि मैं मर चुका हूं हनी सिंह ने साल 2018 और 2019 के मुश्किल समय को याद करते हुए बताया कि उन्हें हर वक्त यह वहम रहता था कि वे मर चुके हैं और स्वर्ग-नरक के बीच कहीं फंसे हैं। जब उनकी मां उन्हें खाना देती थीं, तो उन्हें लगता था कि यह उनका आखिरी खाना है। उन्होंने बताया कि वे सात साल तक एक ही दवा ले रहे थे, जिससे कोई सुधार नहीं हो रहा था। इसके बाद उन्होंने घर से बाहर निकलने और डॉक्टर बदलने का फैसला किया। नए डॉक्टर ने दवाओं की डोज ठीक की और कुछ नई दवाएं शुरू कीं, जिसके बाद महज चार हफ्ते में उनकी हालत सुधरने लगी और उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना शुरू किया। शाह रुख खान के अमेरिकी टूर के दौरान आया था पहला अटैक सिंगर ने बताया कि इस बीमारी की शुरुआत तब हुई जब वे करियर के टॉप पर थे। वे मुंबई में एक म्यूजिक रियलिटी शो कर रहे थे और अभिनेता शाह रुख खान के साथ अमेरिका टूर पर थे। शिकागो में रहने के दौरान उन्हें पहली बार मौत के वहम वाले ख्याल आने लगे। डर के कारण उन्होंने अपना आधा सिर मुंडवा लिया था, जिसके बाद मेकर्स ने उन्हें टोपी पहनने की सलाह दी थी। शाह रुख खान के फोन करने पर उन्होंने कहा था कि वे सीधे स्टेज पर मिलेंगे। लेकिन घबराहट इतनी ज्यादा थी कि वे सिर्फ दो गाने गाकर बीच में ही शो छोड़कर चले आए। सात साल रहे घर में बंद, डर से खुला रखते थे बाथरूम का दरवाजा अमेरिका टूर से लौटने के बाद हनी सिंह करीब सात साल तक अपने घर के अंदर ही बंद रहे। उन्होंने बताया कि वे नहीं चाहते थे कि उनके फैंस उन्हें उस हालत में देखें। उन्होंने अपने दोस्तों से मिलना और फोन पर बात करना बंद कर दिया था। टीवी और इंटरनेट से भी वे पूरी तरह दूर हो गए थे। बाइपोलर डिसऑर्डर के डर और बुरे ख्यालों के कारण वे तीन साल तक अपने बेडरूम से बाहर नहीं निकले। डर का आलम यह था कि नहाते समय भी वे बाथरूम का दरवाजा खुला रखते थे। गानों और म्यूजिक एल्बम से किया शानदार कमबैक 2010 के दशक में भारतीय पॉप म्यूजिक इंडस्ट्री पर राज करने वाले हनी सिंह अब पूरी तरह ठीक होकर वापसी कर चुके हैं। दो साल पहले 2024 में आई उनकी नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री ‘फेमस’ में भी उन्होंने इन मुश्किल दिनों की कहानी बताई थी। अब वे ‘मखना’ और ‘मिलेनियर’ जैसे गानों और ‘Honey 3.0’ व ‘Glory’ जैसे म्यूजिक एल्बम के जरिए दोबारा म्यूजिक चार्ट्स और फैंस के बीच अपनी पहचान बना रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

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17 मिनट पहले कॉपी लिंक गायक और रैपर यो यो हनी सिंह ने अपनी सेहत और निजी जिंदगी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि बाइपोलर डिसऑर्डर और नशे की लत से लड़ाई के दौरान भारी दवाइयों के साइड इफेक्ट के कारण वे पूरी तरह गंजे हो चुके हैं और अब विग लगाते हैं। हनी सिंह ने अपने मानसिक तनाव के दिनों को याद करते हुए बताया कि वे सात साल तक घर के अंदर ही रहे, जिसमें से तीन साल उन्होंने सिर्फ अपने बेडरूम में बिताए। अब वे इस बीमारी से ठीक होकर इंडस्ट्री में कमबैक कर चुके हैं। रैपर यो यो हनी सिंह। दवाइयों के साइड इफेक्ट से झड़ गए सारे बाल दिल्ली में पैदा हुए 43 वर्षीय हृदेश सिंह उर्फ यो यो हनी सिंह हाल ही में ‘एबीटॉक्स’ पॉडकास्ट में शामिल हुए। इस बातचीत में उन्होंने अपनी बीमारी और उसके इलाज के असर पर खुलकर बात की। हनी सिंह ने बताया कि लंबे समय तक चली भारी दवाइयों के कारण उनका वजन 105 किलो तक पहुंच गया था। इसी इलाज के साइड इफेक्ट की वजह से उनके सिर के सारे बाल झड़ गए। सिंगर ने साफ तौर पर स्वीकार किया कि सिर पर दिखने वाले बाल असली नहीं हैं, बल्कि वे एक विग का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने माना कि 2014 में ड्रग्स छोड़ देने के बाद भी ठीक होने का सफर काफी लंबा और तकलीफ भरा था। मानसिक बीमारी के दौर में लगता था कि मैं मर चुका हूं हनी सिंह ने साल 2018 और 2019 के मुश्किल समय को याद करते हुए बताया कि उन्हें हर वक्त यह वहम रहता था कि वे मर चुके हैं और स्वर्ग-नरक के बीच कहीं फंसे हैं। जब उनकी मां उन्हें खाना देती थीं, तो उन्हें लगता था कि यह उनका आखिरी खाना है। उन्होंने बताया कि वे सात साल तक एक ही दवा ले रहे थे, जिससे कोई सुधार नहीं हो रहा था। इसके बाद उन्होंने घर से बाहर निकलने और डॉक्टर बदलने का फैसला किया। नए डॉक्टर ने दवाओं की डोज ठीक की और कुछ नई दवाएं शुरू कीं, जिसके बाद महज चार हफ्ते में उनकी हालत सुधरने लगी और उन्होंने लोगों से मिलना-जुलना शुरू किया। शाह रुख खान के अमेरिकी टूर के दौरान आया था पहला अटैक सिंगर ने बताया कि इस बीमारी की शुरुआत तब हुई जब वे करियर के टॉप पर थे। वे मुंबई में एक म्यूजिक रियलिटी शो कर रहे थे और अभिनेता शाह रुख खान के साथ अमेरिका टूर पर थे। शिकागो में रहने के दौरान उन्हें पहली बार मौत के वहम वाले ख्याल आने लगे। डर के कारण उन्होंने अपना आधा सिर मुंडवा लिया था, जिसके बाद मेकर्स ने उन्हें टोपी पहनने की सलाह दी थी। शाह रुख खान के फोन करने पर उन्होंने कहा था कि वे सीधे स्टेज पर मिलेंगे। लेकिन घबराहट इतनी ज्यादा थी कि वे सिर्फ दो गाने गाकर बीच में ही शो छोड़कर चले आए। सात साल रहे घर में बंद, डर से खुला रखते थे बाथरूम का दरवाजा अमेरिका टूर से लौटने के बाद हनी सिंह करीब सात साल तक अपने घर के अंदर ही बंद रहे। उन्होंने बताया कि वे नहीं चाहते थे कि उनके फैंस उन्हें उस हालत में देखें। उन्होंने अपने दोस्तों से मिलना और फोन पर बात करना बंद कर दिया था। टीवी और इंटरनेट से भी वे पूरी तरह दूर हो गए थे। बाइपोलर डिसऑर्डर के डर और बुरे ख्यालों के कारण वे तीन साल तक अपने बेडरूम से बाहर नहीं निकले। डर का आलम यह था कि नहाते समय भी वे बाथरूम का दरवाजा खुला रखते थे। गानों और म्यूजिक एल्बम से किया शानदार कमबैक 2010 के दशक में भारतीय पॉप म्यूजिक इंडस्ट्री पर राज करने वाले हनी सिंह अब पूरी तरह ठीक होकर वापसी कर चुके हैं। दो साल पहले 2024 में आई उनकी नेटफ्लिक्स डॉक्यूमेंट्री ‘फेमस’ में भी उन्होंने इन मुश्किल दिनों की कहानी बताई थी। अब वे ‘मखना’ और ‘मिलेनियर’ जैसे गानों और ‘Honey 3.0’ व ‘Glory’ जैसे म्यूजिक एल्बम के जरिए दोबारा म्यूजिक चार्ट्स और फैंस के बीच अपनी पहचान बना रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

विजय की टीवीके को समर्थन देने के कुछ दिनों बाद बागी एआईएडीएमके विधायक ईपीएस के साथ फिर से एकजुट हुए | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:27 मई, 2026, 15:01 IST अन्नाद्रमुक को सुलह की उम्मीद है क्योंकि वेलुमणि के नेतृत्व वाले बागी विधायक जिन्होंने विजय और टीवीके का समर्थन किया था, पार्टी महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी के साथ फिर से जुड़ गए हैं, जिससे तमिलनाडु की राजनीति में दरार की आशंका कम हो गई है। वेलुमणि के नेतृत्व वाले विद्रोही खेमे के विधायकों की पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से मुलाकात के बाद अन्नाद्रमुक गुटों में सुलह हो गई। हाल ही में विजय और उनकी पार्टी टीवीके का समर्थन करने वाले बागी विधायकों के पार्टी महासचिव एडप्पादी के पलानीस्वामी के साथ फिर से एकजुट होने के बाद अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के अंदर एक राजनीतिक सुलह हुई है। वेलुमणि के नेतृत्व वाले विद्रोही खेमे के विधायकों ने पार्टी प्रमुख पलानीस्वामी से मुलाकात की। यह घटनाक्रम विधायकों द्वारा सार्वजनिक रूप से विजय के राजनीतिक उत्थान के लिए समर्थन व्यक्त करने के कुछ ही दिनों बाद आया है, जिससे तमिलनाडु में बदलते राजनीतिक परिदृश्य से पहले अन्नाद्रमुक के अंदर संभावित दरार की अटकलें तेज हो गई हैं। मंगलवार को सी वे शनमुगम और एसपी वेलुमणि ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था और बाद में सत्तारूढ़ तमिलगा वेट्री कज़गम में शामिल हो गए। इससे पहले, अन्नाद्रमुक के तीन बागी विधायक – मरागथम कुमारवेल, पी सत्यबामा और एस जयकुमार – ने विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था और औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की टीवीके में शामिल हो गए थे। विद्रोही गुट ने पहले अन्नाद्रमुक के व्हिप का उल्लंघन किया था और टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था, जिससे विपक्षी दल के अंदर गंभीर उथल-पुथल मच गई थी। अन्नाद्रमुक ने सत्तारूढ़ टीवीके पर दलबदल को प्रोत्साहित करने और विधानसभा में अपनी संख्या मजबूत करने के लिए “खरीद-फरोख्त” में शामिल होने का आरोप लगाया। अन्नाद्रमुक के वरिष्ठ नेता और पार्टी सचेतक एग्री एसएस कृष्णमूर्ति ने कहा कि स्पीकर को इस्तीफे स्वीकार नहीं करना चाहिए था क्योंकि दलबदल विरोधी कानून के तहत 25 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की मांग करने वाली पार्टी की याचिका अभी भी लंबित है। ताजा राजनीतिक घटनाक्रम ने तमिलनाडु में टीवीके सरकार का समर्थन करने वाले कुछ दलों के बीच भी बेचैनी पैदा कर दी है। एस जोथिमनी ने सार्वजनिक रूप से कथित “घोड़े-व्यापार” पर चिंता व्यक्त की और अन्य राज्यों की तुलना में तमिलनाडु में विभिन्न राजनीतिक मानकों को लागू करने के खिलाफ चेतावनी दी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : चेन्नई (मद्रास), भारत, भारत न्यूज़ इंडिया विजय की टीवीके को समर्थन देने के कुछ दिनों बाद बागी एआईएडीएमके विधायक ईपीएस के साथ फिर से एकजुट हो गए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट) एआईएडीएमके राजनीतिक सुलह (टी) ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (टी) एडप्पादी के पलानीस्वामी (टी) वेलुमणि विद्रोही शिविर (टी) विजय टीवीके पार्टी (टी) तमिलनाडु की राजनीति (टी) विद्रोही विधायक फिर से एकजुट हुए (टी) एआईएडीएमके गुट

‘राजनीतिक, नैतिक और संवैधानिक हार’: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ने विपक्ष पर साधा निशाना | भारत समाचार

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आखरी अपडेट:27 मई, 2026, 14:55 IST भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि फैसले ने चुनाव निकाय द्वारा शुरू की गई मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष की कहानी को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। बीजेपी नेता सुधांशु त्रिवेदी. SC महोदय का फैसला: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट द्वारा चुनाव आयोग के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखने के बाद कांग्रेस और विपक्ष के भारत गुट पर तीखा हमला किया और आरोप लगाया कि कांग्रेस ने इस अभ्यास का विरोध किया था क्योंकि वह “अवैध मतदाताओं” के साथ खड़ी थी। एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि फैसले ने चुनाव निकाय द्वारा शुरू की गई मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के खिलाफ विपक्ष की कहानी को पूरी तरह से उजागर कर दिया है। त्रिवेदी ने कहा, “बिहार और पश्चिम बंगाल में निर्णायक और भारी हार के बाद और देश में अराजकता फैलाने की उनकी नापाक साजिश विफल होने के बाद, यह अब कांग्रेस के लिए एक संवैधानिक हार है।” #घड़ी | दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट द्वारा बिहार में शुरू होने वाली मतदाता सूची की एसआईआर करने के ईसीआई के फैसले को बरकरार रखने पर, भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी कहते हैं, “बिहार और पश्चिम बंगाल में निर्णायक और भारी हार के बाद और उनके (कांग्रेस) अराजकता भड़काने के नापाक इरादे के बाद… pic.twitter.com/gAsa8qOSoF– एएनआई (@ANI) 27 मई 2026 उन्होंने फैसले को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्षी गठबंधन के लिए “राजनीतिक, नैतिक और संवैधानिक हार” करार दिया। त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनावी असफलताओं के बाद चुनाव आयोग को दोषी ठहराने का प्रयास किया और पार्टी पर लोकतांत्रिक संस्थानों को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “सर्वोच्च न्यायालय ने इस अभ्यास को संवैधानिक रूप से वैध ठहराया है, इसे चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत आने की पुष्टि की है, और इसे स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव के संचालन के लिए अपरिहार्य माना है।” #घड़ी | दिल्ली: बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी कहते हैं, “…न्यायालय ने आगे स्पष्ट किया है कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए, यह अभ्यास बिल्कुल आवश्यक था… हाल के वर्षों में, बड़े पैमाने पर मतदाता सूची में नाम जोड़े और हटाए गए हैं… pic.twitter.com/Hm7lsG123f– एएनआई (@ANI) 27 मई 2026 भाजपा नेता ने आगे दावा किया कि विपक्ष ने एसआईआर अभ्यास का विरोध किया क्योंकि यह वास्तविक मतदाताओं के बजाय “घुसपैठियों” की रक्षा कर रहा था। कांग्रेस पर एक अन्य हमले में, त्रिवेदी ने कहा, “विपक्षी दलों, विशेष रूप से कांग्रेस के समझौते चीन में निहित हैं, उनके पारिवारिक संबंध इटली में हैं, उनका वैचारिक केंद्र इंग्लैंड में है, अमेरिकी संस्थानों के भीतर दुर्भावनापूर्ण प्रचार का केंद्र है, और उनका मतदाता आधार बांग्लादेश से जुड़ा हुआ है।” इसी तरह की टिप्पणी करते हुए भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी को बेनकाब कर दिया है। भंडारी ने एक्स पर लिखा, “यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने इसका विरोध किया क्योंकि वे अवैध घुसपैठियों के साथ खड़े थे, न कि भारतीय मतदाताओं के साथ।” उन्होंने विपक्ष के रुख को “राष्ट्र-विरोधी कृत्य” बताया। राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी बेनकाब हो गई है! सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया को कानूनी और संवैधानिक घोषित किया! यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने पूरे समय विरोध किया क्योंकि वे अवैध घुसपैठियों के साथ खड़े थे, भारतीय मतदाताओं के साथ नहीं। यह सही मायनों में एक “राष्ट्रविरोधी कृत्य” था!… — प्रदीप भंडारी(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) 27 मई 2026 वरिष्ठ भाजपा नेता नलिन कोहली ने भी फैसले का स्वागत किया और विपक्षी दलों से चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक संस्थानों पर सवाल उठाना बंद करने का आग्रह किया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े सभी कानूनी मुद्दों को स्पष्ट कर दिया है और कहा है कि चुनावी सुधारों के तहत मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया भविष्य में भी जारी रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को एक बड़ा बढ़ावा देते हुए, सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की संवैधानिक वैधता को बरकरार रखा, विपक्षी दलों के आरोपों को खारिज कर दिया कि यह अभ्यास मनमाना या असंवैधानिक था। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली न्यायमूर्ति जॉयमाला बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ ने फैसला सुनाया कि एसआईआर अभ्यास का उद्देश्य स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करना और मतदाता सूची की अखंडता को मजबूत करना था। यह फैसला पहले बिहार में शुरू की गई और बाद में अन्य राज्यों में विस्तारित संशोधन प्रक्रिया को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आया। विपक्षी दलों और याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि यह प्रक्रिया एनआरसी जैसी नागरिकता सत्यापन अभियान के समान है और इससे मतदाताओं को गलत तरीके से हटाया जा सकता है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया ‘राजनीतिक, नैतिक और संवैधानिक हार’: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बीजेपी ने विपक्ष पर साधा निशाना अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)सुप्रीम कोर्ट एसआईआर फैसला(टी)चुनाव आयोग एसआईआर(टी)चुनावी सूची संशोधन(टी)कांग्रेस पर बीजेपी का हमला(टी)राहुल गांधी उजागर(टी)अवैध मतदाता विवाद(टी)स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव(टी)बिहार पश्चिम बंगाल की राजनीति