Wednesday, 15 Jul 2026 | 06:45 AM

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हिंदू लड़की से शादी के बाद ट्रोल हुए थे मुदस्सर:कोरियोग्राफर बोले- मुझे अक्सर कमेंट्स में जिहादी कहा जाता है

हिंदू लड़की से शादी के बाद ट्रोल हुए थे मुदस्सर:कोरियोग्राफर बोले- मुझे अक्सर कमेंट्स में जिहादी कहा जाता है

कोरियोग्राफर मुदस्सर खान ने हाल ही में इंटरफेथ मैरिज और ट्रोलिंग को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि हिंदू लड़की रिया किशनचंदानी से शादी के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों को वह ज्यादा महत्व नहीं देते। फिल्मीज्ञान को दिए इंटरव्यू में मुदस्सर खान ने कहा, ‘अगर कोई गाली देता है या खराब बातें करता है, तो मैं उसे सीधे ब्लॉक कर देता हूं। ऐसे लोगों को भाव देने का कोई मतलब नहीं है।’ उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई लोग सिर्फ दूसरों को परेशान करने के लिए आते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोग फेक अकाउंट बनाकर गालियां देते हैं और दूसरों का मूड खराब करने की कोशिश करते हैं। रिया को ट्रोल्स को नजरअंदाज करना सिखाया मुदस्सर ने बताया कि शुरुआत में उनकी पत्नी रिया भी इन कमेंट्स से परेशान हो जाती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने उन्हें समझाया कि ऐसे लोगों को नजरअंदाज करना ही सबसे सही तरीका है। इसके बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर लोगों को फिल्टर करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ‘जब शादी हो जाती है, तो धीरे-धीरे लोगों की बातें अपने आप कम होने लगती हैं। पहले लोग लगातार कमेंट करते हैं, लेकिन बाद में खुद ही शांत हो जाते हैं।’ ‘मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं’- मुदस्सर कोरियोग्राफर ने कहा, ‘मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं। हमेशा, अगर मैं पोस्ट कर रहा हूं तो मुझे भी आमतौर पर मिलते हैं, तो मुझे लगता है कि ये लोग वो हैं, जो छोटी बिल्डिंगों में, चार माले की बिल्डिंगों में दीवार के कोने में पान थूकते हैं, वो लाल हो जाता है न, तो ये वो लोग हैं जिनकी कोई वैल्यू नहीं है। एक दिन साफ होने वाले हैं। मुदस्सर ने यह भी कहा कि वह इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे लोगों को बिल्कुल महत्व नहीं देता। मेरी जिंदगी में इससे कहीं ज्यादा बड़े काम हैं। मैं अपने परिवार, दोस्तों और देश के लिए अच्छा काम करना चाहता हूं। मैं जिंदगी में कुछ बड़ा बनाना और क्रिएट करना चाहता हूं। इसलिए छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देता।’ साल 2023 में मुदस्सर की शादी हुई थी मुदस्सर खान और रिया किशनचंदानी ने साल 2023 में शादी की थी। उनकी शादी में सलमान खान भी शामिल हुए थे। मुदस्सर लंबे समय से सलमान के साथ काम कर रहे हैं और उन्होंने ‘दबंग’, ‘बॉडीगार्ड’ और ‘रेडी’ जैसी सलमान की कई फिल्मों के गानों को कोरियोग्राफ किया है।

Ram Charan Success Story Facts; RRR Star Hit Flop Movies List

Ram Charan Success Story Facts; RRR Star Hit Flop Movies List

8 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी/वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक राम चरण ने पिता चिरंजीवी की फिल्मों को एक स्टूडेंट की तरह देखना शुरू किया था। मेगास्टार पिता चिरंजीवी की विरासत के बीच अपनी अलग पहचान बनाना राम चरण के लिए आसान नहीं था। करियर की शुरुआती ब्लॉकबस्टर सफलता ने उन्हें स्टार बनाया, लेकिन फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें गहरे अवसाद और आत्म-संदेह में धकेल दिया। एक समय वह खुद को कमरे में बंद कर लेते थे और फैंस से माफी तक मांगनी पड़ी। बॉलीवुड डेब्यू की नाकामी और कोविड के दौरान मानसिक संघर्ष ने उनकी राह और कठिन बना दी। हालांकि, हर झटके से उबरते हुए राम चरण ने वापसी की और ‘आरआरआर’ के साथ ग्लोबल स्टार बन गए। अब उनकी फिल्म ‘पेद्दी’ रिलीज होने वाली है। आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं राम चरण के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें… सुपरस्टार परिवार में जन्म, लेकिन सामान्य माहौल में हुई परवरिश राम चरण का जन्म 27 मार्च 1985 को चेन्नई (तब मद्रास) में हुआ था। वह तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी और सुरेखा के बेटे हैं। उनका परिवार आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले से जुड़ा है। उनकी दो बहनें सुष्मिता और श्रीजा हैं। राम चरण का जन्म भले ही फिल्मी परिवार में हुआ, लेकिन बचपन में उन्हें कभी यह एहसास नहीं होने दिया गया कि उनके पिता देश के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं। सैम फ्रैगोसो के टॉक ईजी पॉडकास्ट में राम चरण ने बताया था कि चिरंजीवी घर में कभी स्टारडम की चमक नहीं लाते थे। राम चरण ने कहा था कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि बच्चे यह सोचें कि जिंदगी में उन्हें सब कुछ आसानी से मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि एक मशहूर पेंटर ने चिरंजीवी की बड़ी पेंटिंग बनाई थी, लेकिन उन्होंने उसे घर में लगाने से मना कर दिया था, ताकि बच्चों पर स्टार इमेज का असर न पड़े। राम चरण के मुताबिक, घर में फिल्मों और स्टारडम की चर्चा कम होती थी। इसी वजह से वह और उनके भाई-बहन सामान्य माहौल में बड़े हुए। स्कूल में छुपानी पड़ती थी पहचान राम चरण ने कई बातचीत में बताया है कि स्कूल के दिनों में वह ज्यादा ध्यान आकर्षित नहीं करना चाहते थे। जब लोग उन्हें चिरंजीवी का बेटा कहकर पहचान लेते थे, तो उन्हें असहज महसूस होता था। वह बाकी बच्चों की तरह सामान्य जिंदगी जीना चाहते थे। उन्होंने कहा था कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें जमीन से जुड़े संस्कार दिए और मेहनत की अहमियत समझाई। यही वजह थी कि स्टार किड होने के बावजूद वह खुद को साबित करने का दबाव महसूस करते थे। पढ़ाई, बिजनेस में दिलचस्पी और एक्टिंग की तरफ झुकाव राम चरण ने चेन्नई के पद्म शेषाद्रि बाला भवन स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने ऊटी के लॉरेंस स्कूल, हैदराबाद पब्लिक स्कूल और सेंट मैरी कॉलेज, हैदराबाद में पढ़ाई की। शुरुआत में उनका फिल्मों में आने का कोई तय सपना नहीं था। उन्हें बिजनेस, स्पोर्ट्स और ऑटोमोबाइल्स में ज्यादा दिलचस्पी थी। कारों और स्पोर्ट्स के प्रति उनका लगाव पुराना है। मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने बताया था कि घर में कभी फिल्मों में आने का दबाव नहीं था। कॉलेज के दिनों में धीरे-धीरे उनका झुकाव अभिनय की तरफ बढ़ा। इसके बाद उन्होंने मुंबई के किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग लेने का फैसला किया। राम चरण ने बताया था कि एक्टिंग सीखने के दौरान उन्होंने अपने पिता की फिल्मों को एक स्टूडेंट की तरह देखना शुरू किया। वह चिरंजीवी की डांसिंग, स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी को बारीकी से समझते थे। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि अभिनय सिर्फ स्टारडम नहीं, बल्कि एक कला भी है। अप्रैल 2024 में उन्हें चेन्नई की वेल्स यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली। पहली फिल्म कैसे मिली? राम चरण को पहली फिल्म ‘चिरुथा’ (2007) पिता चिरंजीवी की वजह से मिली, लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ी तैयारी और स्क्रीन टेस्ट से गुजरना पड़ा था। निर्देशक पुरी जगन्नाथ ने उन्हें लॉन्च किया। फिल्म को निर्माता सी अश्विनी दत्त ने प्रोड्यूस किया था। ABN तेलुगु के शो ‘ओपन हार्ट विद आरके’ में राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के दौरान वह बेहद नर्वस रहते थे। कैमरे के सामने सहज महसूस नहीं करते थे और अभिनय, डांस तथा कैमरा फेसिंग पर लगातार मेहनत करनी पड़ती थी। फिल्म रिलीज से पहले ही राम चरण को लेकर जबरदस्त चर्चा शुरू हो चुकी थी, क्योंकि वह चिरंजीवी के बेटे थे। फिल्म के पोस्टर्स और गानों ने रिलीज से पहले माहौल बना दिया था। बाद में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई और राम चरण को बेस्ट मेल डेब्यू – साउथ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। चिरंजीवी ने राम चरण को सलाह दी- “तुम्हें अपनी पहचान खुद बनानी पड़ेगी।” पिता से मिली सबसे बड़ी सीख राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के बाद जब वह सलाह लेने अपने पिता चिरंजीवी के पास पहुंचे, तब उन्होंने साफ कहा- “तुम्हें अपनी अलग पहचान खुद बनानी होगी।” राम चरण मानते हैं कि उनकी सफलता में पिता की परवरिश, अनुशासन और सिखाए गए मूल्यों का बड़ा योगदान है। ‘मगधीरा’ ने रातोंरात बनाया सुपरस्टार 2009 में रिलीज हुई ‘मगधीरा’ राम चरण के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। फिल्म का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था। फिल्म में राम चरण के डबल रोल, एक्शन और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने जबरदस्त प्यार दिया। यह उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्मों में शामिल हुई और राम चरण रातोंरात सुपरस्टार बन गए। घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली ‘मगधीरा’ के लिए उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली थी। फिल्म के कई स्टंट उन्होंने खुद किए। शूटिंग के दौरान वह कई बार घायल हुए, लेकिन शूटिंग नहीं रोकी। राम चरण कई बार कह चुके हैं कि राजामौली ने उनके करियर को नई दिशा दी। उनके मुताबिक, राजामौली ने उन्हें सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि अनुशासन और डिटेलिंग भी सिखाई। सफलता के बाद आया मुश्किल दौर ‘मगधीरा’ के बाद राम चरण ने ‘ऑरेंज’, ‘राचा’, ‘नायक’, ‘येवडू’ और ‘गोविंदुडू अंदरीवाडेले’ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें कुछ फिल्में सफल रहीं, लेकिन कुछ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं।

Indias First Super Pressure Balloon Launched for Disaster Management

Indias First Super Pressure Balloon Launched for Disaster Management

Hindi News Career Indias First Super Pressure Balloon Launched For Disaster Management | May 29 Current Affairs 10 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं- नेशनल (NATIONAL) 1. कर्नाटक सीएम सिद्धारमैया का इस्तीफा 28 मई को कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने अपने पद से इस्तीफा दिया। उन्होंने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसकी जानकारी दी। सिद्धारमैया ने एक दिन पहले बेंगलुरु में अपने घर पर मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग भी बुलाई थी। इसी मीटिंग में उन्होंने सभी मंत्रियों को अपने फैसले के बारे में बताया था। कर्नाटक सरकार में मंत्री एच.के. पाटिल के मुताबिक, मीटिंग में अगले सीएम के लिए डी.के. शिवकुमार का नाम चुना गया है, वही अगले सीएम होंगे। सिद्धारमैया ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात के लिए समय भी मांगा था, हालांकि राज्यपाल बेंगलुरु से बाहर हैं। नियमानुसार राज्यपाल राज्य में मौजूद न हों, तब भी मुख्यमंत्री लिखित इस्तीफा राजभवन के अधिकारियों को ई-मेल से या खुद जाकर सौंप सकते हैं। राज्यपाल बाद में उसे स्वीकार करते हैं। इस्तीफा मंजूर होने तक मौजूदा सीएम ही पद पर रहेंगे। पहली बार सिद्धारमैया 2013 में सीएम बने थे और इसके बाद 2023 में वे दोबारा सीएम बनाए गए थे। बुधवार को सिद्धारमैया ने बेंगलुरु में अपने घर पर मंत्रियों के साथ ब्रेकफास्ट मीटिंग बुलाई। 2. राष्ट्रपति मुर्मू ने सिक्किम पुलिस को ‘प्रेसिडेंट कलर्स’ से सम्मानित किया 28 मई को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सिक्किम पुलिस को ‘प्रेसिडेंट कलर्स’ से सम्मानित किया। ये सम्मान समारोह गंगटोक के पालजोर स्टेडियम में आयोजित किया गया था। सिक्किम ‘प्रेसिडेंट कलर्स’ पुरस्कार पाने वाला उत्तर-पूर्वी क्षेत्र का तीसरा और देश का 15वां राज्य है। प्रेसिडेंट कलर्स पुरस्कार किसी भी सैन्य या पुलिस इकाई को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है। इस सम्मान के प्रतीक के रूप में एक ऑफिशियल फ्लैग और एक विशेष प्रतीक (इंसिग्निया) दिया जाता है। इस प्रतीक को पुलिस ऑफिसर्स अपनी यूनिफॉर्म की बाईं आस्तीन पर पहनते हैं और ये विशिष्ट सेवा और समर्पण के लिए दिया जाता है। प्रेसिडेंट कलर्स सम्मान सेना, नौसेना, वायु सेना की रेजिमेंटों के अलावा अर्धसैनिक बलों और राज्य की पुलिस को भी उनके अदम्य साहस और अनुशासन के लिए दिया जाता है। भारतीय नौसेना पहली भारतीय सशस्त्र बल शाखा थी, जिसे भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने प्रेसिडेंट कलर्स से सम्मानित किया था। भारत में प्रेसिडेंट कलर्स सैन्य इकाई (सशस्त्र बल) या राज्य/केंद्रीय पुलिस बल को देने वाला सर्वोच्च सम्मान है। निधन (DEATH) 3. उर्दू शायर डॉ. बशीर बद्र का निधन 28 मई को उर्दू गजल के मशहूर शायर डॉ. बशीर बद्र का निधन हो गया। वे 91 साल के थे। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद बशीर बद्र उत्तर प्रदेश के मशहूर मेरठ कॉलेज में उर्दू विभाग के अध्यक्ष बने। आधुनिक गजल को आम बोलचाल की भाषा में लोकप्रिय बनाने के लिए बशीर बद्र को 1999 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। 1999 में बशीर बद्र को उनके गजल संग्रह ‘आस’ के लिए साहित्य अकादमी मिला था। किया गया था। उनकी कई नज्में और गजल गायक जगजीत सिंह ने अपने एल्बम में शामिल की हैं। इनमें ‘रात आंखों में ढली पलकों पे जुगनू आए’, ‘लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में’ महशूर गजलें हैं। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. पीएम मोदी अगले महीने फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर जाएंगे 28 मई को मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम मोदी अगले महीने यानी, जून में फ्रांस और स्लोवाकिया के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान मोदी फ्रांस में होने वाले G7 समिट में हिस्सा लेंगे। वे फ्रांस और स्लोवाकिया, दोनों देशों के नेताओं के साथ अहम बैठकें करेंगे। फ्रांस के एवियां-ले-बैंस शहर में 15 से 17 जून तक 52वीं G7 समिट होगी। भारत 2019 से लगातार G7 बैठकों में हिस्सा लेता रहा है। पीएम मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के आमंत्रण पर फ्रांस जाएंगे। पीएम मोदी इस यात्रा के दौरान G7 समिट में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मिनरल्स सप्लाई बिजनेस, क्लाइमेट चेंज और एनर्जी सिक्योरिटी जैसे मुद्दों पर बात करेंगे। पीएम मोदी फ्रांस दौरे के बाद स्लोवाकिया भी जाएंगे। ये किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। भारत और स्लोवाकिया के बीच 1993 में राजनयिक संबंध स्थापित हुए थे। फरवरी 2026 में स्लोवाकिया के राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी भारत आए थे और उन्होंने इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में हिस्सा लिया था। भारत और स्लोवाकिया के बीच हाल ही में व्यापार 1.3 अरब यूरो से ज्यादा पहुंच गया है। स्पोर्ट्स (SPORTS) 5. आर. प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस 2026 में मैग्नस कार्लसन को हराया 28 मई को आर प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस 2026 में दुनिया के नंबर-1 चेस प्लेयर मैग्नस कार्लसन को हराया। प्रज्ञानंद नॉर्वे चेस (Norway Chess) 2026 के तीसरे राउंड में जीते हैं। ये टूर्नामेंट नॉर्वे के स्टेवेंजर में आयोजित किया जा रहा था, प्रज्ञानंद ने क्लासिकल शतरंज में कार्लसन को मात दी है। प्रज्ञानंद भारत के सबसे कम उम्र के सफल ग्रैंडमास्टर्स में से एक हैं। इससे पहले प्रज्ञानंद ने नॉर्वे चेस 2024 में भी जीते थे। प्रज्ञानंद ने सबसे पहले 2013 में अंडर-8 में वर्ल्ड यूथ चेस चैंपियनशिप जीती थी। प्रज्ञानंद 2016 में 10 साल की उम्र में सबसे कम उम्र के इंटरनेशनल मास्टर (IAM) बने। प्रज्ञानंद 2018 में, 12 साल की उम्र में दुनिया के दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंडमास्टर बने। 2019 में प्रज्ञानंद ने वर्ल्ड यूथ अंडर-18 चैंपियनशिप जीती। प्रज्ञानंद ने 2022 में 44वें चेस ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व किया और कांस्य जीता। 2022 टूर्नामेंट के दौरान प्रज्ञानंद ने रैपिड फॉर्मेट में वर्ल्ड चैंपियन मैग्नस कार्लसन को भी हराया था। प्रज्ञानंद को 2022 में भारत का दूसरा सबसे बड़ा खेल सम्मान अर्जुन अवार्ड से सम्मानित किया गया। प्रज्ञानंद ने FIDE सर्किट 2025 जीता और कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 2026 के लिए क्वालीफाई किया। वे इस रूट से क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बने। प्रज्ञानंद को 2025 में भारत के टॉप रेटेड चेस प्लेयर में शामिल किया गया था। 6. पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ा 27 मई को पैरा जैवलिन थ्रोअर सुमित अंतिल ने अपना ही वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर बेंगलुरु में 74.82 मीटर का भाला फेंककर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। सुमित

क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी:गुजरात की गेंदबाजी सबसे मजबूत, रॉयल्स-टाइटंस में क्वालिफायर-2 मैच आज

क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी:गुजरात की गेंदबाजी सबसे मजबूत, रॉयल्स-टाइटंस में क्वालिफायर-2 मैच आज

IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होगीं। इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजर होगी। क्योंकि, उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 97 रनों की पारी में 12 छक्के लगाए थे। दूसरी ओर सीजन की सबसे मजबूत गुजरात की गेंदबाजी उन्हें रोकने का प्रयास करेगी। इसमें कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, जेसन होल्डर, प्रसिद्ध कृष्णा और राशिद खान जैसे गेंदबाज शामिल हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी? जवाब 4 फैक्टर्स से समझिए… पिछली भिड़ंत : 9 मई को जयपुर में गुजरात और राजस्थान के बीच पिछला मैच खेला गया था। इसमें मोहम्मद सिराज ने शॉर्ट बॉल पर सूर्यवंशी का विकेट लिया था। जबकि रबाडा उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का शिकार बने थे। वैभव ने 16 बॉल पर 3 छक्के सहित 36 रन बनाए थे। पुराना रिकॉर्ड: वैभव ने गुजरात के खिलाफ 3 मैच खेले हैं और एक शतक के सहारे 233.33 की स्ट्राइक रेट से 168 रन बनाए हैं। उनके बल्ले से 15 चौके और 15 छक्के आ चुके हैं। उन्हें मोहम्मद सिराज, राशिद खान और प्रसिद्ध कृष्णा ने एक-एक बार आउट किया है। हालिया फॉर्म : वैभव की हालिया फॉर्म कमाल की है। वे पिछली 5 पारियों में सिर्फ एक बार सिंगल डिटिट पर आउट हुए हैं। बाकी कि चार पारियों में वैभव ने दो अर्धशतक लगाए हैं। वे 250.9 के स्ट्राइक रेट से 276 रन बना चुके हैं। दूसरी ओर गुजरात के 5 गेंदबाज सीजन में कम से कम 15 विकेट ले चुके हैं। पिच कंडीशन: महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम की पिच बैटर्स के लिए मददगार होती है। लेकिन, 2 दिन पहले 27 मई को यहां पेसर्स को मदद मिली थी। मैच में गिरे 18 में से 12 विकेट पेसर्स को मिले। जबकि, दो बैटर्स रनआउट हुए। जोफ्रा आर्चर ने लेंथ और स्पीड के दम पर हैदराबाद के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया था। हालांकि, वैभव के सामने पैट कमिंस की अगुवाई वाला पेस अटैक बेअसर रहा था। हेड टु हेड गुजरात 7-3 से आगे, 2022 में फाइनल हराया था हेड टु हेड रिकॉर्ड में गुजरात का पलड़ा भारी है। दोनों के बीच अब तक 10 मैच खेले जा चुके हैं, इनमें से 7 मुकाबले गुजरात ने जीते हैं। जबकि, 3 मैच राजस्थान के नाम रहे हैं। इस सीजन में दोनों टीमें बराबरी पर रही है। पिछले मैच को गुजरात ने 77 रन से जीता। उससे पहले राजस्थान ने 6 विकेट की जीत हासिल की थी। टॉप प्लेयर्स राजस्थान सूर्यवंशी और आर्चर पर निर्भर राजस्थान रॉयल्स इस समय काफी हद तक वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर पर निर्भर है। दोनों खिलाड़ियों ने एलिमिनेटर में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। वैभव 680 रन के साथ मौजूदा सीजन के टॉप स्कोरर हैं। जबकि, जोफ्रा आर्चर 24 विकेट के साथ टीम के टॉप विकेट टेकर्स हैं। यशस्वी जायसवाल इस सीजन सूर्यवंशी की चमक के आगे फीके नजर आए हैं, जबकि ध्रुव जुरेल ने नंबर-3 पर उपयोगी पारियां खेली हैं। कप्तान रियान पराग ने माना कि सनराइजर्स के खिलाफ टीम 260 रन तक पहुंच सकती थी, लेकिन डेथ ओवरों में बल्लेबाजी बिखर गई। टीम इस कमजोरी को सुधारना चाहेगी। साई सुदर्शन के पास ऑरेंज कैप लेने का मौका गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी हद तक साई सुदर्शन (652 रन), शुभमन गिल (618 रन) और जोस बटलर (498 रन) पर निर्भर है। पिछले मैच में बेंगलुरु के खिलाफ टॉप-3 बैटर्स के जल्दी आउट होने के बाद टीम 162 रन पर ऑलआउट हो गई थी। क्वालिफायर-1 में बेंगलुरु के बैटर्स ने गुजरात के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। ऐसे में गुजरात अपने गेंदबाजी और फील्डिंग प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगा। कगिसो रबाडा 26 विकेट लेकर टीम सीजन के टॉप विकेट टेकर्स में दूसरे स्थान पर है। पिच एंड वेदर रिपोर्ट मुल्लांपुर में हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद मुल्लांपुर के महाराजा यादविंदर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में एक और हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। यहां पिछले चारों मैच में 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। इनमें दो बार लक्ष्य चेज हुआ, जबकि दो बार स्कोर डिफेंड किया गया। पिछले मुकाबले में राजस्थान ने 243 रन बनाए थे। जवाब में हैदराबाद 196 रन पर ऑलआउट हो गई। मैच के दिन न्यू चंडीगढ़ का तापमान 23°C से 37°C तक रह सकता है। ऐसे में प्लेयर्स को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 राजस्थान: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, यश राज पुंजा, बृजेश शर्मा और सुशांत मिश्रा। गुजरात: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और राहुल तेवतिया।

हिंदू लड़की से शादी के बाद ट्रोल हुए थे मुदस्सर:कोरियोग्राफर बोले- मुझे अक्सर कमेंट्स में जिहादी कहा जाता है

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कोरियोग्राफर मुदस्सर खान ने हाल ही में इंटरफेथ मैरिज और ट्रोलिंग को लेकर बात की। उन्होंने बताया कि हिंदू लड़की रिया किशनचंदानी से शादी के बाद उन्हें और उनकी पत्नी को सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया। हालांकि, उन्होंने साफ कहा कि ऐसे लोगों को वह ज्यादा महत्व नहीं देते। फिल्मीज्ञान को दिए इंटरव्यू में मुदस्सर खान ने कहा, ‘अगर कोई गाली देता है या खराब बातें करता है, तो मैं उसे सीधे ब्लॉक कर देता हूं। ऐसे लोगों को भाव देने का कोई मतलब नहीं है।’ उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर कई लोग सिर्फ दूसरों को परेशान करने के लिए आते हैं। उनके मुताबिक, ऐसे लोग फेक अकाउंट बनाकर गालियां देते हैं और दूसरों का मूड खराब करने की कोशिश करते हैं। रिया को ट्रोल्स को नजरअंदाज करना सिखाया मुदस्सर ने बताया कि शुरुआत में उनकी पत्नी रिया भी इन कमेंट्स से परेशान हो जाती थीं, लेकिन बाद में उन्होंने उन्हें समझाया कि ऐसे लोगों को नजरअंदाज करना ही सबसे सही तरीका है। इसके बाद दोनों ने सोशल मीडिया पर लोगों को फिल्टर करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा, ‘जब शादी हो जाती है, तो धीरे-धीरे लोगों की बातें अपने आप कम होने लगती हैं। पहले लोग लगातार कमेंट करते हैं, लेकिन बाद में खुद ही शांत हो जाते हैं।’ ‘मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं’- मुदस्सर कोरियोग्राफर ने कहा, ‘मुझे अक्सर जिहादी वाले कमेंट मिलते हैं। हमेशा, अगर मैं पोस्ट कर रहा हूं तो मुझे भी आमतौर पर मिलते हैं, तो मुझे लगता है कि ये लोग वो हैं, जो छोटी बिल्डिंगों में, चार माले की बिल्डिंगों में दीवार के कोने में पान थूकते हैं, वो लाल हो जाता है न, तो ये वो लोग हैं जिनकी कोई वैल्यू नहीं है। एक दिन साफ होने वाले हैं। मुदस्सर ने यह भी कहा कि वह इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते। उन्होंने कहा, ‘मैं ऐसे लोगों को बिल्कुल महत्व नहीं देता। मेरी जिंदगी में इससे कहीं ज्यादा बड़े काम हैं। मैं अपने परिवार, दोस्तों और देश के लिए अच्छा काम करना चाहता हूं। मैं जिंदगी में कुछ बड़ा बनाना और क्रिएट करना चाहता हूं। इसलिए छोटी-छोटी बातों पर ध्यान नहीं देता।’ साल 2023 में मुदस्सर की शादी हुई थी मुदस्सर खान और रिया किशनचंदानी ने साल 2023 में शादी की थी। उनकी शादी में सलमान खान भी शामिल हुए थे। मुदस्सर लंबे समय से सलमान के साथ काम कर रहे हैं और उन्होंने ‘दबंग’, ‘बॉडीगार्ड’ और ‘रेडी’ जैसी सलमान की कई फिल्मों के गानों को कोरियोग्राफ किया है।

क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी:गुजरात की गेंदबाजी सबसे मजबूत, रॉयल्स-टाइटंस में क्वालिफायर-2 मैच आज

क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी:गुजरात की गेंदबाजी सबसे मजबूत, रॉयल्स-टाइटंस में क्वालिफायर-2 मैच आज

IPL 2026 के क्वालिफायर-2 में आज गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स की टीमें आमने-सामने होगीं। इस मैच को जीतने वाली टीम फाइनल में पहुंच जाएगी, जबकि हारने वाली टीम बाहर हो जाएगी। 15 साल के वैभव सूर्यवंशी पर सबकी नजर होगी। क्योंकि, उन्होंने एलिमिनेटर में हैदराबाद के खिलाफ 97 रनों की पारी में 12 छक्के लगाए थे। दूसरी ओर सीजन की सबसे मजबूत गुजरात की गेंदबाजी उन्हें रोकने का प्रयास करेगी। इसमें कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, जेसन होल्डर, प्रसिद्ध कृष्णा और राशिद खान जैसे गेंदबाज शामिल हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या राजस्थान को IPL फाइनल का टिकट दिला पाएंगे सूर्यवंशी? जवाब 4 फैक्टर्स से समझिए… पिछली भिड़ंत : 9 मई को जयपुर में गुजरात और राजस्थान के बीच पिछला मैच खेला गया था। इसमें मोहम्मद सिराज ने शॉर्ट बॉल पर सूर्यवंशी का विकेट लिया था। जबकि रबाडा उनकी आक्रामक बल्लेबाजी का शिकार बने थे। वैभव ने 16 बॉल पर 3 छक्के सहित 36 रन बनाए थे। पुराना रिकॉर्ड: वैभव ने गुजरात के खिलाफ 3 मैच खेले हैं और एक शतक के सहारे 233.33 की स्ट्राइक रेट से 168 रन बनाए हैं। उनके बल्ले से 15 चौके और 15 छक्के आ चुके हैं। उन्हें मोहम्मद सिराज, राशिद खान और प्रसिद्ध कृष्णा ने एक-एक बार आउट किया है। हालिया फॉर्म : वैभव की हालिया फॉर्म कमाल की है। वे पिछली 5 पारियों में सिर्फ एक बार सिंगल डिटिट पर आउट हुए हैं। बाकी कि चार पारियों में वैभव ने दो अर्धशतक लगाए हैं। वे 250.9 के स्ट्राइक रेट से 276 रन बना चुके हैं। दूसरी ओर गुजरात के 5 गेंदबाज सीजन में कम से कम 15 विकेट ले चुके हैं। पिच कंडीशन: महाराजा यादविंद्र सिंह स्टेडियम की पिच बैटर्स के लिए मददगार होती है। लेकिन, 2 दिन पहले 27 मई को यहां पेसर्स को मदद मिली थी। मैच में गिरे 18 में से 12 विकेट पेसर्स को मिले। जबकि, दो बैटर्स रनआउट हुए। जोफ्रा आर्चर ने लेंथ और स्पीड के दम पर हैदराबाद के टॉप ऑर्डर को ध्वस्त कर दिया था। हालांकि, वैभव के सामने पैट कमिंस की अगुवाई वाला पेस अटैक बेअसर रहा था। हेड टु हेड गुजरात 7-3 से आगे, 2022 में फाइनल हराया था हेड टु हेड रिकॉर्ड में गुजरात का पलड़ा भारी है। दोनों के बीच अब तक 10 मैच खेले जा चुके हैं, इनमें से 7 मुकाबले गुजरात ने जीते हैं। जबकि, 3 मैच राजस्थान के नाम रहे हैं। इस सीजन में दोनों टीमें बराबरी पर रही है। पिछले मैच को गुजरात ने 77 रन से जीता। उससे पहले राजस्थान ने 6 विकेट की जीत हासिल की थी। टॉप प्लेयर्स राजस्थान सूर्यवंशी और आर्चर पर निर्भर राजस्थान रॉयल्स इस समय काफी हद तक वैभव सूर्यवंशी और जोफ्रा आर्चर पर निर्भर है। दोनों खिलाड़ियों ने एलिमिनेटर में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। वैभव 680 रन के साथ मौजूदा सीजन के टॉप स्कोरर हैं। जबकि, जोफ्रा आर्चर 24 विकेट के साथ टीम के टॉप विकेट टेकर्स हैं। यशस्वी जायसवाल इस सीजन सूर्यवंशी की चमक के आगे फीके नजर आए हैं, जबकि ध्रुव जुरेल ने नंबर-3 पर उपयोगी पारियां खेली हैं। कप्तान रियान पराग ने माना कि सनराइजर्स के खिलाफ टीम 260 रन तक पहुंच सकती थी, लेकिन डेथ ओवरों में बल्लेबाजी बिखर गई। टीम इस कमजोरी को सुधारना चाहेगी। साई सुदर्शन के पास ऑरेंज कैप लेने का मौका गुजरात टाइटंस की बल्लेबाजी हद तक साई सुदर्शन (652 रन), शुभमन गिल (618 रन) और जोस बटलर (498 रन) पर निर्भर है। पिछले मैच में बेंगलुरु के खिलाफ टॉप-3 बैटर्स के जल्दी आउट होने के बाद टीम 162 रन पर ऑलआउट हो गई थी। क्वालिफायर-1 में बेंगलुरु के बैटर्स ने गुजरात के गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी। ऐसे में गुजरात अपने गेंदबाजी और फील्डिंग प्रदर्शन में सुधार करना चाहेगा। कगिसो रबाडा 26 विकेट लेकर टीम सीजन के टॉप विकेट टेकर्स में दूसरे स्थान पर है। पिच एंड वेदर रिपोर्ट मुल्लांपुर में हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद मुल्लांपुर के महाराजा यादविंदर सिंह क्रिकेट स्टेडियम में एक और हाई स्कोरिंग मैच की उम्मीद है। यहां पिछले चारों मैच में 200 रन से ज्यादा का स्कोर बना है। इनमें दो बार लक्ष्य चेज हुआ, जबकि दो बार स्कोर डिफेंड किया गया। पिछले मुकाबले में राजस्थान ने 243 रन बनाए थे। जवाब में हैदराबाद 196 रन पर ऑलआउट हो गई। मैच के दिन न्यू चंडीगढ़ का तापमान 23°C से 37°C तक रह सकता है। ऐसे में प्लेयर्स को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-12 राजस्थान: यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (विकेटकीपर), रियान पराग (कप्तान), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नांद्रे बर्गर, यश राज पुंजा, बृजेश शर्मा और सुशांत मिश्रा। गुजरात: शुभमन गिल (कप्तान), साई सुदर्शन, जोस बटलर (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, निशांत सिंधु, जेसन होल्डर, राशिद खान, कुलवंत खेजरोलिया, कगिसो रबाडा, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और राहुल तेवतिया।

IPL 2026 में देसी Vs विदेशी खिलाड़ी:भारतीय बल्लेबाज स्ट्राइक रेट में आगे निकले, गेंदबाजी में अब भी विदेशी ज्यादा असरदार

IPL 2026 में देसी Vs विदेशी खिलाड़ी:भारतीय बल्लेबाज स्ट्राइक रेट में आगे निकले, गेंदबाजी में अब भी विदेशी ज्यादा असरदार

एक समय IPL की पहचान विदेशी पावर-हिटर्स से होती थी। क्रिस गेल, एबी डिविलियर्स, पोलार्ड और वॉर्नर जैसे खिलाड़ी लीग का टेम्पो तय करते थे। लेकिन IPL 2026 ने तस्वीर बदल दी। अब मैच का रुख भारतीय बल्लेबाज तय कर रहे हैं। इस सीजन भारतीय बल्लेबाजों ने विदेशियों से ज्यादा आक्रामक स्ट्राइक रेट से रन बनाए। हालांकि गेंदबाजी में कहानी उलट गई। जहां भारतीय गेंदबाज पूरे सीजन दबाव में दिखे, वहीं विदेशी गेंदबाज कम संख्या में होने के बावजूद ज्यादा असरदार साबित हुए। स्टोरी में आगे पढ़िए 2026 में भारतीय और विदेशी खिलाड़ियों का प्रदर्शन पिछले सीजन की तुलना में कैसा रहा है। 1. भारतीयों बल्लेबाजों का स्ट्राइक विदेशी बल्लेबाजों से ज्यादा पहले भारतीय बल्लेबाज एंकर रोल में दिखते थे और तेज बल्लेबाजी का जिम्मा विदेशी खिलाड़ियों पर रहता था। अब भारतीय खिलाड़ी शुरुआत से ही अटैकिंग क्रिकेट खेल रहे हैं और मैच का टेम्पो कंट्रोल कर रहे हैं। IPL 2026 में भारतीय बल्लेबाजों का औसत स्ट्राइक रेट 157.01 रहा। पिछले सीजन यह आंकड़ा 152 का ही था। वहीं, विदेशी बल्लेबाजों ने 155.37 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। पिछले सीजन विदेशी बल्लेबाजों ने करीब 153 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। 2. भारतीय गेंदबाज ज्यादा दबाव में दिखे इस सीजन भारतीय गेंदबाजों ने 2025 के 533 विकेट के मुकाबले 506 विकेट लिए। उनकी इकोनॉमी 9.42 से बढ़कर 9.79 हो गई। विदेशी गेंदबाज भी पिछले सीजन की तुलना में इस बार ज्यादा महंगे साबित हुए, फिर भी वे भारतीय गेंदबाजों की तुलना में ज्यादा किफायती रहे हैं। 3. प्लेयर ऑफ द मैच में भारतीयों के नंबर घटे इस सीजन 53 खिलाड़ियों को प्लेयर ऑफ द मैच दिया गया। इनमें 31 भारतीय और 22 विदेशी खिलाड़ी शामिल रहे। वैभव सूर्यवंशी, ईशान किशन और संजू सैमसन को भारतीयों में सबसे ज्यादा 3-3 बार यह अवॉर्ड मिला। पिछले सीजन भी 53 खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। इनमें 35 भारतीय और 18 विदेशी खिलाड़ियों को यह अवॉर्ड मिला था। भारतीयों में श्रेयस अय्यर और क्रुणाल पंड्या सबसे ज्यादा 3-3 बार प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए थे। इस सीजन बल्लेबाजों का स्ट्राइक रेट और एवरेज दोनों बढ़ा क्रिकेट में अक्सर कहा जाता है कि बल्लेबाजी की एवरेज बढ़ानी है तो स्ट्राइक रेट की कुर्बानी देनी होगी और अगर स्ट्राइक रेट में इजाफा करना है तो एवरेज से समझौता करना होगा। इस बार यह कहावत फेल होती दिखाई दे रही है। इस सीजन में ओवरलऑल बैटिंग एवरेज और स्ट्राइकरेट दोनों में पिछले सीजन की तुलना में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। चौके, छक्के, शतक और अर्धशतक के नंबर भी 2025 की तुलना में बढ़े हैं। गेंदबाज और महंगे साबित हुए 2025 में जहां कुल 829 विकेट गिरे थे, वहीं 2026 में यह संख्या घटकर 813 रह गई। गेंदबाजों का औसत 31.42 से बढ़कर 32.45 पहुंच गया। यानी एक विकेट लेने में पहले से ज्यादा रन खर्च हुए। इकोनॉमी रेट भी IPL इतिहास में सबसे महंगा रहा। 2025 की तुलना में इकोनॉमी 9.50 से बढ़कर 9.76 हो गई।

सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार फिर दिल्ली पहुंचे: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन में आगे क्या है? | भारत समाचार

India Women vs England Women 1st T20I Live: Follow scorecard and match updates from Chelmsford. (Picture Credit: X/@BCCIWomen)

आखरी अपडेट:29 मई, 2026, 01:25 IST जबकि शिवकुमार का अगला सीएम बनना लगभग तय है, सिद्धारमैया ने कहा कि अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान का होगा। सिद्धारमैया ने गुरुवार दोपहर बेंगलुरु के लोकभवन में अपना इस्तीफा सौंप दिया. (फोटो: पीटीआई) मुख्यमंत्री सिद्धारमैया द्वारा अपना इस्तीफा सौंपने के कुछ ही घंटों बाद कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इस सप्ताह दूसरी बार गुरुवार को नई दिल्ली पहुंचे, जिससे राज्य कांग्रेस इकाई में एक बड़े नेतृत्व परिवर्तन के लिए मंच तैयार हुआ। भारी बारिश के कारण उनकी फ्लाइट को जयपुर डायवर्ट किए जाने के बाद सिद्धारमैया भी देर रात राजधानी पहुंचे। जबकि अगले मुख्यमंत्री के रूप में शिवकुमार का उत्थान लगभग तय माना जा रहा है, सिद्धारमैया ने कहा कि अंतिम निर्णय कांग्रेस आलाकमान का होगा। बेंगलुरु में सत्ता परिवर्तन की घोषणा से पहले, दोनों नेताओं को इस सप्ताह की शुरुआत में राष्ट्रीय राजधानी में बुलाया गया था, जहां कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी, एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला के साथ कई बैठकें हुईं। कर्नाटक में आगे क्या होगा? पार्टी सूत्रों के मुताबिक, सिद्धारमैया और शिवकुमार के कर्नाटक में नई सरकार के गठन को लेकर कांग्रेस नेतृत्व के साथ आगे की चर्चा करने की उम्मीद है. जिन प्रमुख मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है उनमें नए कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) के नेता का चुनाव, नए मंत्रिमंडल की संरचना और राज्य इकाई के भीतर संगठनात्मक पुनर्गठन शामिल है, जिसमें वर्तमान में शिवकुमार के पास मौजूद कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख का पद भी शामिल है। उम्मीद है कि कांग्रेस विधायक दल औपचारिक रूप से अपने नेता का चुनाव करेगा, जो राज्यपाल थावरचंद गहलोत के समक्ष सरकार बनाने का दावा पेश करेगा। पार्टी के अंदरूनी सूत्रों ने संकेत दिया कि अगले कुछ दिनों में परिवर्तन प्रक्रिया पर स्पष्टता सामने आ सकती है। यह भी पढ़ें | सिद्धारमैया का ‘बिदाई शॉट’: क्यों जाति सर्वेक्षण डेटा कर्नाटक की राजनीति को फिर से परिभाषित कर सकता है, शिवकुमार के नेतृत्व का परीक्षण करें सिद्धारमैया ने 3 साल बाद दिया इस्तीफा सिद्धारमैया ने गुरुवार दोपहर बेंगलुरु के लोकभवन में अपना इस्तीफा सौंप दिया. राज्यपाल गहलोत की अनुपस्थिति में विशेष सचिव प्रभु शंकर ने इस्तीफा प्राप्त किया। इससे पहले दिन में, सिद्धारमैया ने अपने आवास पर आयोजित नाश्ते की बैठक के दौरान कैबिनेट सहयोगियों को अपने फैसले के बारे में सूचित किया। बैठक में मौजूद मंत्रियों ने कथित तौर पर कहा कि उन्होंने संकेत दिया कि कांग्रेस नेतृत्व के निर्देशों के अनुसार शिवकुमार उनकी जगह लेंगे। हालांकि, बाद में पत्रकारों को संबोधित करते हुए सिद्धारमैया ने सीधे तौर पर शिवकुमार का समर्थन करने से परहेज किया। उन्होंने कहा, ”विधायक दल और आलाकमान जो भी तय करेगा वही राज्य का मुख्यमंत्री होगा।” शिवकुमार की संभावित पदोन्नति के बारे में पूछे जाने पर उनके भाई और पूर्व कांग्रेस सांसद डीके सुरेश ने कहा, ”हमें पार्टी के फैसले का इंतजार करना चाहिए।” सिद्धारमैया के लिए आगे क्या है? सूत्रों ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें राज्यसभा सीट के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी संगठनात्मक भूमिका की पेशकश की थी, हालांकि सिद्धारमैया ने कथित तौर पर अभी तक इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया है। सिद्धारमैया ने कहा है कि वह आखिरी सांस तक कर्नाटक की राजनीति में रहेंगे। उन्होंने कहा, “पार्टी आलाकमान के सुझाव के बाद मैंने अपना इस्तीफा दे दिया है। मैंने पार्टी आलाकमान को बता दिया है कि मैं राज्यसभा नहीं जाना चाहता। मैं आखिरी सांस तक कर्नाटक की राजनीति में रहूंगा।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना न्यूज़ इंडिया सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार फिर दिल्ली पहुंचे: कर्नाटक में सत्ता परिवर्तन में आगे क्या है? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक कांग्रेस नेतृत्व परिवर्तन(टी)डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री(टी)सिद्धारमैया का इस्तीफा(टी)कर्नाटक सरकार का गठन(टी)कांग्रेस विधायक दल कर्नाटक(टी)कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल(टी)कांग्रेस आलाकमान का फैसला(टी)कर्नाटक राजनीति परिवर्तन