Saturday, 30 May 2026 | 08:29 PM

Trending :

EXCLUSIVE

Ram Charan Success Story Facts; RRR Star Hit Flop Movies List

Ram Charan Success Story Facts; RRR Star Hit Flop Movies List

8 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी/वीरेंद्र मिश्र

  • कॉपी लिंक

राम चरण ने पिता चिरंजीवी की फिल्मों को एक स्टूडेंट की तरह देखना शुरू किया था।

मेगास्टार पिता चिरंजीवी की विरासत के बीच अपनी अलग पहचान बनाना राम चरण के लिए आसान नहीं था। करियर की शुरुआती ब्लॉकबस्टर सफलता ने उन्हें स्टार बनाया, लेकिन फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें गहरे अवसाद और आत्म-संदेह में धकेल दिया। एक समय वह खुद को कमरे में बंद कर लेते थे और फैंस से माफी तक मांगनी पड़ी।

बॉलीवुड डेब्यू की नाकामी और कोविड के दौरान मानसिक संघर्ष ने उनकी राह और कठिन बना दी। हालांकि, हर झटके से उबरते हुए राम चरण ने वापसी की और ‘आरआरआर’ के साथ ग्लोबल स्टार बन गए। अब उनकी फिल्म ‘पेद्दी’ रिलीज होने वाली है।

आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं राम चरण के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें…

सुपरस्टार परिवार में जन्म, लेकिन सामान्य माहौल में हुई परवरिश

राम चरण का जन्म 27 मार्च 1985 को चेन्नई (तब मद्रास) में हुआ था। वह तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी और सुरेखा के बेटे हैं। उनका परिवार आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले से जुड़ा है। उनकी दो बहनें सुष्मिता और श्रीजा हैं।

राम चरण का जन्म भले ही फिल्मी परिवार में हुआ, लेकिन बचपन में उन्हें कभी यह एहसास नहीं होने दिया गया कि उनके पिता देश के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं। सैम फ्रैगोसो के टॉक ईजी पॉडकास्ट में राम चरण ने बताया था कि चिरंजीवी घर में कभी स्टारडम की चमक नहीं लाते थे।

राम चरण ने कहा था कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि बच्चे यह सोचें कि जिंदगी में उन्हें सब कुछ आसानी से मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि एक मशहूर पेंटर ने चिरंजीवी की बड़ी पेंटिंग बनाई थी, लेकिन उन्होंने उसे घर में लगाने से मना कर दिया था, ताकि बच्चों पर स्टार इमेज का असर न पड़े।

राम चरण के मुताबिक, घर में फिल्मों और स्टारडम की चर्चा कम होती थी। इसी वजह से वह और उनके भाई-बहन सामान्य माहौल में बड़े हुए।

स्कूल में छुपानी पड़ती थी पहचान

राम चरण ने कई बातचीत में बताया है कि स्कूल के दिनों में वह ज्यादा ध्यान आकर्षित नहीं करना चाहते थे। जब लोग उन्हें चिरंजीवी का बेटा कहकर पहचान लेते थे, तो उन्हें असहज महसूस होता था। वह बाकी बच्चों की तरह सामान्य जिंदगी जीना चाहते थे।

उन्होंने कहा था कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें जमीन से जुड़े संस्कार दिए और मेहनत की अहमियत समझाई। यही वजह थी कि स्टार किड होने के बावजूद वह खुद को साबित करने का दबाव महसूस करते थे।

पढ़ाई, बिजनेस में दिलचस्पी और एक्टिंग की तरफ झुकाव

राम चरण ने चेन्नई के पद्म शेषाद्रि बाला भवन स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने ऊटी के लॉरेंस स्कूल, हैदराबाद पब्लिक स्कूल और सेंट मैरी कॉलेज, हैदराबाद में पढ़ाई की।

शुरुआत में उनका फिल्मों में आने का कोई तय सपना नहीं था। उन्हें बिजनेस, स्पोर्ट्स और ऑटोमोबाइल्स में ज्यादा दिलचस्पी थी। कारों और स्पोर्ट्स के प्रति उनका लगाव पुराना है।

मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने बताया था कि घर में कभी फिल्मों में आने का दबाव नहीं था। कॉलेज के दिनों में धीरे-धीरे उनका झुकाव अभिनय की तरफ बढ़ा। इसके बाद उन्होंने मुंबई के किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग लेने का फैसला किया।

राम चरण ने बताया था कि एक्टिंग सीखने के दौरान उन्होंने अपने पिता की फिल्मों को एक स्टूडेंट की तरह देखना शुरू किया। वह चिरंजीवी की डांसिंग, स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी को बारीकी से समझते थे। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि अभिनय सिर्फ स्टारडम नहीं, बल्कि एक कला भी है।

अप्रैल 2024 में उन्हें चेन्नई की वेल्स यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली।

पहली फिल्म कैसे मिली?

राम चरण को पहली फिल्म ‘चिरुथा’ (2007) पिता चिरंजीवी की वजह से मिली, लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ी तैयारी और स्क्रीन टेस्ट से गुजरना पड़ा था। निर्देशक पुरी जगन्नाथ ने उन्हें लॉन्च किया। फिल्म को निर्माता सी अश्विनी दत्त ने प्रोड्यूस किया था।

ABN तेलुगु के शो ‘ओपन हार्ट विद आरके’ में राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के दौरान वह बेहद नर्वस रहते थे। कैमरे के सामने सहज महसूस नहीं करते थे और अभिनय, डांस तथा कैमरा फेसिंग पर लगातार मेहनत करनी पड़ती थी।

फिल्म रिलीज से पहले ही राम चरण को लेकर जबरदस्त चर्चा शुरू हो चुकी थी, क्योंकि वह चिरंजीवी के बेटे थे। फिल्म के पोस्टर्स और गानों ने रिलीज से पहले माहौल बना दिया था। बाद में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई और राम चरण को बेस्ट मेल डेब्यू – साउथ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

चिरंजीवी ने राम चरण को सलाह दी- “तुम्हें अपनी पहचान खुद बनानी पड़ेगी।”

चिरंजीवी ने राम चरण को सलाह दी- “तुम्हें अपनी पहचान खुद बनानी पड़ेगी।”

पिता से मिली सबसे बड़ी सीख

राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के बाद जब वह सलाह लेने अपने पिता चिरंजीवी के पास पहुंचे, तब उन्होंने साफ कहा- “तुम्हें अपनी अलग पहचान खुद बनानी होगी।” राम चरण मानते हैं कि उनकी सफलता में पिता की परवरिश, अनुशासन और सिखाए गए मूल्यों का बड़ा योगदान है।

‘मगधीरा’ ने रातोंरात बनाया सुपरस्टार

2009 में रिलीज हुई ‘मगधीरा’ राम चरण के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। फिल्म का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था।

फिल्म में राम चरण के डबल रोल, एक्शन और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने जबरदस्त प्यार दिया। यह उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्मों में शामिल हुई और राम चरण रातोंरात सुपरस्टार बन गए।

घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली

‘मगधीरा’ के लिए उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली थी। फिल्म के कई स्टंट उन्होंने खुद किए। शूटिंग के दौरान वह कई बार घायल हुए, लेकिन शूटिंग नहीं रोकी।

राम चरण कई बार कह चुके हैं कि राजामौली ने उनके करियर को नई दिशा दी। उनके मुताबिक, राजामौली ने उन्हें सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि अनुशासन और डिटेलिंग भी सिखाई।

सफलता के बाद आया मुश्किल दौर

‘मगधीरा’ के बाद राम चरण ने ‘ऑरेंज’, ‘राचा’, ‘नायक’, ‘येवडू’ और ‘गोविंदुडू अंदरीवाडेले’ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें कुछ फिल्में सफल रहीं, लेकिन कुछ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं।

‘जंजीर’ से बॉलीवुड में डेब्यू

2013 में उन्होंने ‘जंजीर’ से बॉलीवुड डेब्यू किया। यह अमिताभ बच्चन की 1973 में आई सुपरहिट फिल्म ‘जंजीर’ का रीमेक थी। अपूर्व लखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राम चरण ने ‘एसीपी विजय खन्ना’ का किरदार निभाया था, जो मूल फिल्म में अमिताभ बच्चन का रोल था।

इसमें प्रियंका चोपड़ा फीमेल लीड में थीं। वहीं, संजय दत्त भी फिल्म का हिस्सा थे और विलेन का रोल प्रकाश राज ने निभाया था।

60 करोड़ रुपए के बजट में बनी फिल्म ने सिर्फ 22 करोड़ रुपए की कमाई की थी। ‘जंजीर’ के फ्लॉप होने के बाद राम चरण ने दोबारा हिंदी फिल्मों में काम नहीं किया। हालांकि, वह सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में कैमियो करते नजर आए थे।

फिल्मों के फ्लॉप होने पर वह डिप्रेशन में चले जाते थे

इंटरटेनमेंट पोर्टल M9 न्यूज के मुताबिक, 2018 की एक बातचीत में राम चरण ने स्वीकार किया था कि फिल्मों के फ्लॉप होने पर वह डिप्रेशन में चले जाते थे। उन्होंने बताया था कि कई बार वह खुद को कमरे में बंद कर लेते थे और किसी से मिलना पसंद नहीं करते थे। उस दौरान उनकी मां सुरेखा कमरे में खाना लेकर जाती थीं।

राम चरण ने कहा था कि असफलता उन्हें आत्ममंथन करने पर मजबूर करती थी और उसी ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनना सिखाया।

‘ध्रुव’ और ‘रंगस्थलम’ से बदली इमेज

2016 में आई ‘ध्रुव’ में राम चरण ने एक ईमानदार आईपीएस अफसर का किरदार निभाया। फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस को सराहा गया।

इसके बाद 2018 में रिलीज हुई ‘रंगस्थलम’ उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हो गई। फिल्म में उन्होंने ‘चिट्टी बाबू’ नाम के ग्रामीण युवक का किरदार निभाया था।

इस रोल के लिए राम चरण ने आंध्र प्रदेश के गांवों में जाकर लोगों की बॉडी लैंग्वेज, बोलने का तरीका और देहाती लहजा समझा। उन्होंने किरदार पर इतनी मेहनत की कि कई समीक्षकों ने इसे उनके करियर का बेहतरीन परफॉर्मेंस बताया।

फ्लॉप फिल्म के बाद फैंस से मांगी माफी

2019 में रिलीज हुई ‘विनय विधेय रामा’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। फिल्म को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद राम चरण ने सार्वजनिक तौर पर फैंस से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि वह आगे बेहतर फिल्मों का चुनाव करेंगे।

स्टार्स का इस तरह खुलकर अपनी गलती स्वीकार करना कम देखने को मिलता है।

कोविड में मानसिक रूप से टूट गए थे

फिल्म ‘पेद्दी’ के प्रमोशन के दौरान राम चरण ने बताया कि कोविड-19 लॉकडाउन का उन पर गहरा मानसिक असर पड़ा था।

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से फिल्म की शूटिंग रुक गई थी और वह लंबे समय तक घर में अकेले रहे। उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी उस दौरान अस्पताल और मरीजों से जुड़े कामों में व्यस्त थीं, जबकि वह घर में अलग-थलग महसूस कर रहे थे।

राम चरण ने कहा कि वह इतने “मेंटली लो” हो गए थे कि शूटिंग दोबारा शुरू होने पर भी खुद को मोटिवेट नहीं कर पा रहे थे। तब उन्होंने एस.एस. राजामौली को फोन कर अपनी हालत बताई।

राम चरण के मुताबिक, राजामौली ने उन्हें सलाह दी कि मोटिवेशन हमेशा किसी बड़ी चीज से नहीं आता। छोटे-छोटे लक्ष्य तय करके भी खुद को संभाला जा सकता है।

राजामौली ने उदाहरण देते हुए बताया था कि लॉकडाउन के दौरान वह अपने कमरे को सबसे साफ रखने जैसे छोटे लक्ष्य तय करते थे। यही सलाह धीरे-धीरे राम चरण को मानसिक रूप से संभालने में मददगार साबित हुई।

राम चरण और उपासना कमिनेनी की मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी और तभी से दोनों साथ हैं।

राम चरण और उपासना कमिनेनी की मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी और तभी से दोनों साथ हैं।

कौन हैं राम चरण की पत्नी उपासना कामिनेनी?

राम चरण की पत्नी उपासना कामिनेनी बिजनेसवुमन, हेल्थकेयर एंटरप्रेन्योर और फिलैंथ्रोपिस्ट हैं। वह अपोलो हॉस्पिटल्स समूह से जुड़ी हैं और अपोलो फाउंडेशन की उपाध्यक्ष के तौर पर काम करती हैं।

वह हेल्थ और वेलनेस प्लेटफॉर्म यूआर.लाइफ की संस्थापक भी हैं। कोविड के दौरान उन्होंने हेल्थ सर्विसेज और जरूरतमंदों की मदद से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उपासना, प्रथाप सी. रेड्डी की पोती हैं, जिन्होंने अपोलो हॉस्पिटल्स की स्थापना की थी। उनकी मां शोभना कामिनेनी अपोलो हॉस्पिटल्स की एक्जिक्यूटिव उपाध्यक्ष रह चुकी हैं।

राम चरण और उपासना की शादी 14 जून 2012 को हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। क्लीन कारा कोनिडेला बड़ी बेटी हैं। शिव राम कोनिडेला बेटे और अनवीरा देवी कोनिडेला बेटी हैं। शिव राम और अनवीरा जुड़वां बच्चे हैं।

एस.एस. राजामौली को मानते हैं लकी डायरेक्टर

राम चरण के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों ‘मगधीरा’ और ‘आरआरआर’ का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था। राम चरण कई बार कह चुके हैं कि राजामौली ने उनके करियर को नई दिशा दी और उनसे उन्होंने बहुत कुछ सीखा। उनको वह लकी डायरेक्टर मानते हैं।

‘आरआरआर’ से मिली इंटरनेशनल पहचान

2022 में रिलीज हुई ‘आरआरआर’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर्स में शामिल हो गई। फिल्म में राम चरण ने स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू का किरदार निभाया।

फिल्म ने दुनियाभर में रिकॉर्ड कमाई की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इसके बाद राम चरण की पहचान ग्लोबल स्टार के रूप में मजबूत हो गई।

‘आरआरआर’ की सक्सेस के बाद एक हफ्ते तक घर से बाहर नहीं निकले

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने बताया था कि ‘आरआरआर’ की सफलता के बाद भी वह एक हफ्ते तक घर से बाहर नहीं निकले थे, क्योंकि वह इतनी बड़ी सफलता को समझने और संभालने की कोशिश कर रहे थे।

‘आरआरआर’ की सक्सेस के बाद राम चरण की फिल्म ‘आचार्य’ और ‘गेम चेंजर’ बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। फिल्म ‘आचार्य’ में राम चरण ने ‘सिद्ध’ का अहम किरदार निभाया था। वह एक नक्सली युवा की भूमिका में थे, जो वनवासियों और धर्मस्थली की रक्षा के लिए लड़ता है।

इस फिल्म में उनके पिता और मेगास्टार चिरंजीवी ने मुख्य ‘आचार्य’ की भूमिका निभाई थी। ‘गेम चेंजर’ में राम चरण ने एक युवा और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी का किरदार निभाया था, जो पहले आईपीएस और बाद में आईएएस बनता है।

सफलता और असफलता पर क्या सोचते हैं?

दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने सफलता और असफलता को लेकर संतुलित सोच जाहिर की थी। उन्होंने कहा- “अगर कोई फिल्म फ्लॉप हो, तो बुरा नहीं फील करना और हिट हो तो जरूरत से ज्यादा खुश नहीं होना। हमें एक जैसा रहना चाहिए।”

राम चरण ने कहा कि वह सक्सेस पार्टी नहीं करते। खाली समय में वह परिवार और पालतू जानवरों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं।

बिजनेसमैन और प्रोड्यूसर भी हैं

अभिनेता के अलावा राम चरण सफल निर्माता और बिजनेसमैन भी हैं। उन्होंने 2016 में कोनिडेला प्रोडक्शन कंपनी की शुरुआत की। इस प्रोडक्शन हाउस के तहत ‘कैदी नंबर 150’ (2017) और ‘सई रा नरसिम्हा रेड्डी’ जैसी फिल्में बनाई गईं।

राम चरण ‘ट्रूजेट’ एयरलाइन के मालिक हैं, जिसे टर्बो मेघा एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्रीय एयरलाइन मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच उड़ानें संचालित करती है।

जानवरों और पोलो से खास लगाव

राम चरण को घोड़ों और पालतू जानवरों से खास लगाव है। उनके पास कई पालतू डॉग्स हैं और वह अक्सर सोशल मीडिया पर उनके साथ तस्वीरें शेयर करते हैं। पोलो स्पोर्ट्स में भी उनकी खास दिलचस्पी रही है। वह हैदराबाद पोलो एंड राइडिंग क्लब से जुड़े रहे हैं।

‘पेद्दी’ में आएंगे नजर

वर्कफ्रंट की बात करें तो राम चरण की फिल्म ‘पेद्दी’ 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। यह एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। इसमें राम चरण के अपोजिट जान्हवी कपूर नजर आएंगी

_________________________________________

पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए…

थलापति विजय एक फिल्म का ₹275 करोड़ लेते थे:कभी लुक्स-आवाज पर उड़ता था मजाक, एक्टिंग छोड़ने वाले थे, राजनीति में उतरे, अब CM हैं

साउथ सुपरस्टार थलापति विजय की कहानी फिल्मों की सफलता के साथ संघर्ष, आलोचना, पारिवारिक विवाद और राजनीति तक पहुंचने की भी रही है। करियर की शुरुआत में उनके लुक्स, आवाज और एक्टिंग का मजाक उड़ाया गया। लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद वह एक्टिंग छोड़ने का सोचने लगे थे।पूरी खबर पढ़ें..

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
इंदौर में खड़ी कार में आग: बोनट से उठीं लपटें:लोगों ने समय रहते काबू पाया, टायर और पूजन सामग्री दुकान में भी आगजनी की घटना

April 23, 2026/
10:22 pm

इंदौर के लसूड़िया इलाके में एक गार्डन के पास खड़ी कार में गुरुवार रात अचानक आग लग गई। बताया जा...

authorimg

April 25, 2026/
11:57 am

Last Updated:April 25, 2026, 11:57 IST फरीदाबाद में अप्रैल में ही तापमान 40 डिग्री के करीब पहुंच गया है. ऐसे...

पीएम मोदी इटली दौरे पर पहुंचे:आज पीएम जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे, ट्रेड और इन्वेस्टेंट डील पर फोकस

May 20, 2026/
12:22 am

पीएम मोदी आज इटली पहुंच गए हैं। यहां वे इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात करेंगे। दोनों नेता व्यापार,...

सुनील गावस्कर को नहीं मिले धुरंधर 2 के टिकट:राकेश बेदी से क्रिकेटर बोले- कहीं से अरेंज हो सके तो कीजिए

March 24, 2026/
10:47 am

फिल्म ‘धुरंधर 2’ बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन कर रही है और भारत समेत दुनियाभर में हाउसफुल चल रही है।...

धुरंधर की सफलता के बाद रणवीर सिंह का पहला बयान:बोले- खिलजी से ज्यादा मुश्किल था हमजा का रोल निभाना; मुझे अपना 300% देना पड़ा

April 27, 2026/
8:23 pm

‘धुरंधर’ फ्रेंचाइजी की जबरदस्त कामयाबी के बाद फिल्म के लीड एक्टर रणवीर सिंह का पहला बयान सामने आया है। रणवीर...

यश घनघोरिया का मोदी सरकार पर हमला, ट्रेड डील को:इसे अडानी-ट्रम्प से जुड़ा समझौता बताया, 13 अप्रैल को जबलपुर में आंदोलन

April 5, 2026/
9:14 pm

उमरिया में मध्य प्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष यश घनघोरिया के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तीखा...

GT vs KKR Live Score, IPL 2026, Playing 11 Today Match Updates: Follow live action here.(Creimas Photo)

April 17, 2026/
6:51 pm

आखरी अपडेट:17 अप्रैल, 2026, 18:51 IST पीएम मोदी ने विरोध में काले कपड़े पहनने के लिए डीएमके सदस्यों पर कटाक्ष...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Ram Charan Success Story Facts; RRR Star Hit Flop Movies List

Ram Charan Success Story Facts; RRR Star Hit Flop Movies List

8 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी/वीरेंद्र मिश्र

  • कॉपी लिंक

राम चरण ने पिता चिरंजीवी की फिल्मों को एक स्टूडेंट की तरह देखना शुरू किया था।

मेगास्टार पिता चिरंजीवी की विरासत के बीच अपनी अलग पहचान बनाना राम चरण के लिए आसान नहीं था। करियर की शुरुआती ब्लॉकबस्टर सफलता ने उन्हें स्टार बनाया, लेकिन फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें गहरे अवसाद और आत्म-संदेह में धकेल दिया। एक समय वह खुद को कमरे में बंद कर लेते थे और फैंस से माफी तक मांगनी पड़ी।

बॉलीवुड डेब्यू की नाकामी और कोविड के दौरान मानसिक संघर्ष ने उनकी राह और कठिन बना दी। हालांकि, हर झटके से उबरते हुए राम चरण ने वापसी की और ‘आरआरआर’ के साथ ग्लोबल स्टार बन गए। अब उनकी फिल्म ‘पेद्दी’ रिलीज होने वाली है।

आज की सक्सेस स्टोरी में जानते हैं राम चरण के करियर और निजी जीवन से जुड़ी बातें…

सुपरस्टार परिवार में जन्म, लेकिन सामान्य माहौल में हुई परवरिश

राम चरण का जन्म 27 मार्च 1985 को चेन्नई (तब मद्रास) में हुआ था। वह तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी और सुरेखा के बेटे हैं। उनका परिवार आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले से जुड़ा है। उनकी दो बहनें सुष्मिता और श्रीजा हैं।

राम चरण का जन्म भले ही फिल्मी परिवार में हुआ, लेकिन बचपन में उन्हें कभी यह एहसास नहीं होने दिया गया कि उनके पिता देश के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं। सैम फ्रैगोसो के टॉक ईजी पॉडकास्ट में राम चरण ने बताया था कि चिरंजीवी घर में कभी स्टारडम की चमक नहीं लाते थे।

राम चरण ने कहा था कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि बच्चे यह सोचें कि जिंदगी में उन्हें सब कुछ आसानी से मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि एक मशहूर पेंटर ने चिरंजीवी की बड़ी पेंटिंग बनाई थी, लेकिन उन्होंने उसे घर में लगाने से मना कर दिया था, ताकि बच्चों पर स्टार इमेज का असर न पड़े।

राम चरण के मुताबिक, घर में फिल्मों और स्टारडम की चर्चा कम होती थी। इसी वजह से वह और उनके भाई-बहन सामान्य माहौल में बड़े हुए।

स्कूल में छुपानी पड़ती थी पहचान

राम चरण ने कई बातचीत में बताया है कि स्कूल के दिनों में वह ज्यादा ध्यान आकर्षित नहीं करना चाहते थे। जब लोग उन्हें चिरंजीवी का बेटा कहकर पहचान लेते थे, तो उन्हें असहज महसूस होता था। वह बाकी बच्चों की तरह सामान्य जिंदगी जीना चाहते थे।

उन्होंने कहा था कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें जमीन से जुड़े संस्कार दिए और मेहनत की अहमियत समझाई। यही वजह थी कि स्टार किड होने के बावजूद वह खुद को साबित करने का दबाव महसूस करते थे।

पढ़ाई, बिजनेस में दिलचस्पी और एक्टिंग की तरफ झुकाव

राम चरण ने चेन्नई के पद्म शेषाद्रि बाला भवन स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने ऊटी के लॉरेंस स्कूल, हैदराबाद पब्लिक स्कूल और सेंट मैरी कॉलेज, हैदराबाद में पढ़ाई की।

शुरुआत में उनका फिल्मों में आने का कोई तय सपना नहीं था। उन्हें बिजनेस, स्पोर्ट्स और ऑटोमोबाइल्स में ज्यादा दिलचस्पी थी। कारों और स्पोर्ट्स के प्रति उनका लगाव पुराना है।

मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने बताया था कि घर में कभी फिल्मों में आने का दबाव नहीं था। कॉलेज के दिनों में धीरे-धीरे उनका झुकाव अभिनय की तरफ बढ़ा। इसके बाद उन्होंने मुंबई के किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग लेने का फैसला किया।

राम चरण ने बताया था कि एक्टिंग सीखने के दौरान उन्होंने अपने पिता की फिल्मों को एक स्टूडेंट की तरह देखना शुरू किया। वह चिरंजीवी की डांसिंग, स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी को बारीकी से समझते थे। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि अभिनय सिर्फ स्टारडम नहीं, बल्कि एक कला भी है।

अप्रैल 2024 में उन्हें चेन्नई की वेल्स यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली।

पहली फिल्म कैसे मिली?

राम चरण को पहली फिल्म ‘चिरुथा’ (2007) पिता चिरंजीवी की वजह से मिली, लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ी तैयारी और स्क्रीन टेस्ट से गुजरना पड़ा था। निर्देशक पुरी जगन्नाथ ने उन्हें लॉन्च किया। फिल्म को निर्माता सी अश्विनी दत्त ने प्रोड्यूस किया था।

ABN तेलुगु के शो ‘ओपन हार्ट विद आरके’ में राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के दौरान वह बेहद नर्वस रहते थे। कैमरे के सामने सहज महसूस नहीं करते थे और अभिनय, डांस तथा कैमरा फेसिंग पर लगातार मेहनत करनी पड़ती थी।

फिल्म रिलीज से पहले ही राम चरण को लेकर जबरदस्त चर्चा शुरू हो चुकी थी, क्योंकि वह चिरंजीवी के बेटे थे। फिल्म के पोस्टर्स और गानों ने रिलीज से पहले माहौल बना दिया था। बाद में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई और राम चरण को बेस्ट मेल डेब्यू – साउथ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

चिरंजीवी ने राम चरण को सलाह दी- “तुम्हें अपनी पहचान खुद बनानी पड़ेगी।”

चिरंजीवी ने राम चरण को सलाह दी- “तुम्हें अपनी पहचान खुद बनानी पड़ेगी।”

पिता से मिली सबसे बड़ी सीख

राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के बाद जब वह सलाह लेने अपने पिता चिरंजीवी के पास पहुंचे, तब उन्होंने साफ कहा- “तुम्हें अपनी अलग पहचान खुद बनानी होगी।” राम चरण मानते हैं कि उनकी सफलता में पिता की परवरिश, अनुशासन और सिखाए गए मूल्यों का बड़ा योगदान है।

‘मगधीरा’ ने रातोंरात बनाया सुपरस्टार

2009 में रिलीज हुई ‘मगधीरा’ राम चरण के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। फिल्म का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था।

फिल्म में राम चरण के डबल रोल, एक्शन और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने जबरदस्त प्यार दिया। यह उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्मों में शामिल हुई और राम चरण रातोंरात सुपरस्टार बन गए।

घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली

‘मगधीरा’ के लिए उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली थी। फिल्म के कई स्टंट उन्होंने खुद किए। शूटिंग के दौरान वह कई बार घायल हुए, लेकिन शूटिंग नहीं रोकी।

राम चरण कई बार कह चुके हैं कि राजामौली ने उनके करियर को नई दिशा दी। उनके मुताबिक, राजामौली ने उन्हें सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि अनुशासन और डिटेलिंग भी सिखाई।

सफलता के बाद आया मुश्किल दौर

‘मगधीरा’ के बाद राम चरण ने ‘ऑरेंज’, ‘राचा’, ‘नायक’, ‘येवडू’ और ‘गोविंदुडू अंदरीवाडेले’ जैसी फिल्मों में काम किया। इनमें कुछ फिल्में सफल रहीं, लेकिन कुछ उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकीं।

‘जंजीर’ से बॉलीवुड में डेब्यू

2013 में उन्होंने ‘जंजीर’ से बॉलीवुड डेब्यू किया। यह अमिताभ बच्चन की 1973 में आई सुपरहिट फिल्म ‘जंजीर’ का रीमेक थी। अपूर्व लखिया के निर्देशन में बनी इस फिल्म में राम चरण ने ‘एसीपी विजय खन्ना’ का किरदार निभाया था, जो मूल फिल्म में अमिताभ बच्चन का रोल था।

इसमें प्रियंका चोपड़ा फीमेल लीड में थीं। वहीं, संजय दत्त भी फिल्म का हिस्सा थे और विलेन का रोल प्रकाश राज ने निभाया था।

60 करोड़ रुपए के बजट में बनी फिल्म ने सिर्फ 22 करोड़ रुपए की कमाई की थी। ‘जंजीर’ के फ्लॉप होने के बाद राम चरण ने दोबारा हिंदी फिल्मों में काम नहीं किया। हालांकि, वह सलमान खान की फिल्म ‘किसी का भाई किसी की जान’ में कैमियो करते नजर आए थे।

फिल्मों के फ्लॉप होने पर वह डिप्रेशन में चले जाते थे

इंटरटेनमेंट पोर्टल M9 न्यूज के मुताबिक, 2018 की एक बातचीत में राम चरण ने स्वीकार किया था कि फिल्मों के फ्लॉप होने पर वह डिप्रेशन में चले जाते थे। उन्होंने बताया था कि कई बार वह खुद को कमरे में बंद कर लेते थे और किसी से मिलना पसंद नहीं करते थे। उस दौरान उनकी मां सुरेखा कमरे में खाना लेकर जाती थीं।

राम चरण ने कहा था कि असफलता उन्हें आत्ममंथन करने पर मजबूर करती थी और उसी ने उन्हें मानसिक रूप से मजबूत बनना सिखाया।

‘ध्रुव’ और ‘रंगस्थलम’ से बदली इमेज

2016 में आई ‘ध्रुव’ में राम चरण ने एक ईमानदार आईपीएस अफसर का किरदार निभाया। फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस को सराहा गया।

इसके बाद 2018 में रिलीज हुई ‘रंगस्थलम’ उनके करियर की सबसे बड़ी फिल्मों में शामिल हो गई। फिल्म में उन्होंने ‘चिट्टी बाबू’ नाम के ग्रामीण युवक का किरदार निभाया था।

इस रोल के लिए राम चरण ने आंध्र प्रदेश के गांवों में जाकर लोगों की बॉडी लैंग्वेज, बोलने का तरीका और देहाती लहजा समझा। उन्होंने किरदार पर इतनी मेहनत की कि कई समीक्षकों ने इसे उनके करियर का बेहतरीन परफॉर्मेंस बताया।

फ्लॉप फिल्म के बाद फैंस से मांगी माफी

2019 में रिलीज हुई ‘विनय विधेय रामा’ बॉक्स ऑफिस पर बुरी तरह फ्लॉप रही। फिल्म को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद राम चरण ने सार्वजनिक तौर पर फैंस से माफी मांगी थी। उन्होंने कहा था कि वह आगे बेहतर फिल्मों का चुनाव करेंगे।

स्टार्स का इस तरह खुलकर अपनी गलती स्वीकार करना कम देखने को मिलता है।

कोविड में मानसिक रूप से टूट गए थे

फिल्म ‘पेद्दी’ के प्रमोशन के दौरान राम चरण ने बताया कि कोविड-19 लॉकडाउन का उन पर गहरा मानसिक असर पड़ा था।

उन्होंने बताया कि लॉकडाउन की वजह से फिल्म की शूटिंग रुक गई थी और वह लंबे समय तक घर में अकेले रहे। उनकी पत्नी उपासना कामिनेनी उस दौरान अस्पताल और मरीजों से जुड़े कामों में व्यस्त थीं, जबकि वह घर में अलग-थलग महसूस कर रहे थे।

राम चरण ने कहा कि वह इतने “मेंटली लो” हो गए थे कि शूटिंग दोबारा शुरू होने पर भी खुद को मोटिवेट नहीं कर पा रहे थे। तब उन्होंने एस.एस. राजामौली को फोन कर अपनी हालत बताई।

राम चरण के मुताबिक, राजामौली ने उन्हें सलाह दी कि मोटिवेशन हमेशा किसी बड़ी चीज से नहीं आता। छोटे-छोटे लक्ष्य तय करके भी खुद को संभाला जा सकता है।

राजामौली ने उदाहरण देते हुए बताया था कि लॉकडाउन के दौरान वह अपने कमरे को सबसे साफ रखने जैसे छोटे लक्ष्य तय करते थे। यही सलाह धीरे-धीरे राम चरण को मानसिक रूप से संभालने में मददगार साबित हुई।

राम चरण और उपासना कमिनेनी की मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी और तभी से दोनों साथ हैं।

राम चरण और उपासना कमिनेनी की मुलाकात स्कूल के दिनों में हुई थी और तभी से दोनों साथ हैं।

कौन हैं राम चरण की पत्नी उपासना कामिनेनी?

राम चरण की पत्नी उपासना कामिनेनी बिजनेसवुमन, हेल्थकेयर एंटरप्रेन्योर और फिलैंथ्रोपिस्ट हैं। वह अपोलो हॉस्पिटल्स समूह से जुड़ी हैं और अपोलो फाउंडेशन की उपाध्यक्ष के तौर पर काम करती हैं।

वह हेल्थ और वेलनेस प्लेटफॉर्म यूआर.लाइफ की संस्थापक भी हैं। कोविड के दौरान उन्होंने हेल्थ सर्विसेज और जरूरतमंदों की मदद से जुड़े कई प्रोजेक्ट्स पर काम किया। उपासना, प्रथाप सी. रेड्डी की पोती हैं, जिन्होंने अपोलो हॉस्पिटल्स की स्थापना की थी। उनकी मां शोभना कामिनेनी अपोलो हॉस्पिटल्स की एक्जिक्यूटिव उपाध्यक्ष रह चुकी हैं।

राम चरण और उपासना की शादी 14 जून 2012 को हुई थी। दोनों के तीन बच्चे हैं। क्लीन कारा कोनिडेला बड़ी बेटी हैं। शिव राम कोनिडेला बेटे और अनवीरा देवी कोनिडेला बेटी हैं। शिव राम और अनवीरा जुड़वां बच्चे हैं।

एस.एस. राजामौली को मानते हैं लकी डायरेक्टर

राम चरण के करियर की सबसे बड़ी हिट फिल्मों ‘मगधीरा’ और ‘आरआरआर’ का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था। राम चरण कई बार कह चुके हैं कि राजामौली ने उनके करियर को नई दिशा दी और उनसे उन्होंने बहुत कुछ सीखा। उनको वह लकी डायरेक्टर मानते हैं।

‘आरआरआर’ से मिली इंटरनेशनल पहचान

2022 में रिलीज हुई ‘आरआरआर’ भारतीय सिनेमा की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर्स में शामिल हो गई। फिल्म में राम चरण ने स्वतंत्रता सेनानी अल्लूरी सीताराम राजू का किरदार निभाया।

फिल्म ने दुनियाभर में रिकॉर्ड कमाई की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। इसके बाद राम चरण की पहचान ग्लोबल स्टार के रूप में मजबूत हो गई।

‘आरआरआर’ की सक्सेस के बाद एक हफ्ते तक घर से बाहर नहीं निकले

टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने बताया था कि ‘आरआरआर’ की सफलता के बाद भी वह एक हफ्ते तक घर से बाहर नहीं निकले थे, क्योंकि वह इतनी बड़ी सफलता को समझने और संभालने की कोशिश कर रहे थे।

‘आरआरआर’ की सक्सेस के बाद राम चरण की फिल्म ‘आचार्य’ और ‘गेम चेंजर’ बॉक्स ऑफिस पर असफल रहीं। फिल्म ‘आचार्य’ में राम चरण ने ‘सिद्ध’ का अहम किरदार निभाया था। वह एक नक्सली युवा की भूमिका में थे, जो वनवासियों और धर्मस्थली की रक्षा के लिए लड़ता है।

इस फिल्म में उनके पिता और मेगास्टार चिरंजीवी ने मुख्य ‘आचार्य’ की भूमिका निभाई थी। ‘गेम चेंजर’ में राम चरण ने एक युवा और ईमानदार प्रशासनिक अधिकारी का किरदार निभाया था, जो पहले आईपीएस और बाद में आईएएस बनता है।

सफलता और असफलता पर क्या सोचते हैं?

दैनिक भास्कर को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने सफलता और असफलता को लेकर संतुलित सोच जाहिर की थी। उन्होंने कहा- “अगर कोई फिल्म फ्लॉप हो, तो बुरा नहीं फील करना और हिट हो तो जरूरत से ज्यादा खुश नहीं होना। हमें एक जैसा रहना चाहिए।”

राम चरण ने कहा कि वह सक्सेस पार्टी नहीं करते। खाली समय में वह परिवार और पालतू जानवरों के साथ समय बिताना पसंद करते हैं।

बिजनेसमैन और प्रोड्यूसर भी हैं

अभिनेता के अलावा राम चरण सफल निर्माता और बिजनेसमैन भी हैं। उन्होंने 2016 में कोनिडेला प्रोडक्शन कंपनी की शुरुआत की। इस प्रोडक्शन हाउस के तहत ‘कैदी नंबर 150’ (2017) और ‘सई रा नरसिम्हा रेड्डी’ जैसी फिल्में बनाई गईं।

राम चरण ‘ट्रूजेट’ एयरलाइन के मालिक हैं, जिसे टर्बो मेघा एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से भी जाना जाता है। यह क्षेत्रीय एयरलाइन मुख्य रूप से टियर-2 और टियर-3 शहरों के बीच उड़ानें संचालित करती है।

जानवरों और पोलो से खास लगाव

राम चरण को घोड़ों और पालतू जानवरों से खास लगाव है। उनके पास कई पालतू डॉग्स हैं और वह अक्सर सोशल मीडिया पर उनके साथ तस्वीरें शेयर करते हैं। पोलो स्पोर्ट्स में भी उनकी खास दिलचस्पी रही है। वह हैदराबाद पोलो एंड राइडिंग क्लब से जुड़े रहे हैं।

‘पेद्दी’ में आएंगे नजर

वर्कफ्रंट की बात करें तो राम चरण की फिल्म ‘पेद्दी’ 4 जून को सिनेमाघरों में रिलीज हो रही है। यह एक पैन इंडिया फिल्म है। बुच्ची बाबू के निर्देशन में बनी इस फिल्म को एआर रहमान ने म्यूजिक दिया है। इसमें राम चरण के अपोजिट जान्हवी कपूर नजर आएंगी

_________________________________________

पिछले हफ्ते की सक्सेस स्टोरी पढ़िए…

थलापति विजय एक फिल्म का ₹275 करोड़ लेते थे:कभी लुक्स-आवाज पर उड़ता था मजाक, एक्टिंग छोड़ने वाले थे, राजनीति में उतरे, अब CM हैं

साउथ सुपरस्टार थलापति विजय की कहानी फिल्मों की सफलता के साथ संघर्ष, आलोचना, पारिवारिक विवाद और राजनीति तक पहुंचने की भी रही है। करियर की शुरुआत में उनके लुक्स, आवाज और एक्टिंग का मजाक उड़ाया गया। लगातार फ्लॉप फिल्मों के बाद वह एक्टिंग छोड़ने का सोचने लगे थे।पूरी खबर पढ़ें..

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.