Tuesday, 14 Jul 2026 | 11:05 PM

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बॉबी देओल ने वैभव सूर्यवंशी को दी सलाह:बोले- जब कोई अच्छा खेलता है, जलन भी होने लगती है; लोगों पर ध्यान न दें

बॉबी देओल ने वैभव सूर्यवंशी को दी सलाह:बोले- जब कोई अच्छा खेलता है, जलन भी होने लगती है; लोगों पर ध्यान न दें

बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। बॉबी देओल ने कहा कि वैभव एक असाधारण प्रतिभा हैं और भगवान उन्हें बुरी नजर से बचाए। न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में जब उनसे वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘वह एक फिनॉमेनन हैं। जब कोई इतना अच्छा खेलता है तो हर कोई उसे देखने लगता है। जलन भी होती है। कभी-कभी अपनों की नजर लग जाती है।’ वैभव को सलाह देते हुए बॉबी ने कहा, ‘मैं यही चाहता हूं कि वह जिस तरह खेल रहा है, वैसे ही खेलता रहे। ज्यादा न सोचे कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं।’ बॉबी ने कहा कि उन्हें वैभव के 97 रन पर आउट होने का दुख हुआ था। उन्होंने बताया कि वह मैच अपने फोन पर देख रहे थे। एक्टर ने यह भी कहा कि वह IPL के पहले सीजन से ही राजस्थान रॉयल्स के सपोर्टर रहे हैं, क्योंकि वह शेन वॉर्न के बहुत बड़े फैन थे। अमिताभ बच्चन भी वैभव सूर्यवंशी के फैन हो गए हैं। उन्होंने X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन में पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होंने साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।

बॉबी देओल ने वैभव सूर्यवंशी को दी सलाह:बोले- जब कोई अच्छा खेलता है, जलन भी होने लगती है; लोगों पर ध्यान न दें

बॉबी देओल ने वैभव सूर्यवंशी को दी सलाह:बोले- जब कोई अच्छा खेलता है, जलन भी होने लगती है; लोगों पर ध्यान न दें

बॉलीवुड एक्टर बॉबी देओल ने युवा क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी की जमकर तारीफ की है। बॉबी देओल ने कहा कि वैभव एक असाधारण प्रतिभा हैं और भगवान उन्हें बुरी नजर से बचाए। न्यूज18 को दिए इंटरव्यू में जब उनसे वैभव सूर्यवंशी की शानदार बल्लेबाजी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, ‘वह एक फिनॉमेनन हैं। जब कोई इतना अच्छा खेलता है तो हर कोई उसे देखने लगता है। जलन भी होती है। कभी-कभी अपनों की नजर लग जाती है।’ वैभव को सलाह देते हुए बॉबी ने कहा, ‘मैं यही चाहता हूं कि वह जिस तरह खेल रहा है, वैसे ही खेलता रहे। ज्यादा न सोचे कि लोग मेरे बारे में क्या कहते हैं।’ बॉबी ने कहा कि उन्हें वैभव के 97 रन पर आउट होने का दुख हुआ था। उन्होंने बताया कि वह मैच अपने फोन पर देख रहे थे। एक्टर ने यह भी कहा कि वह IPL के पहले सीजन से ही राजस्थान रॉयल्स के सपोर्टर रहे हैं, क्योंकि वह शेन वॉर्न के बहुत बड़े फैन थे। अमिताभ बच्चन भी वैभव सूर्यवंशी के फैन हो गए हैं। उन्होंने X पर वैभव की तारीफ करते हुए लिखा- ‘15 साल की उम्र का अद्भुत सूर्या। इस उम्र में तो हम बंटों और गुल्ली-डंडा भी ठीक से नहीं खेल पा रहे थे।’ वैभव IPL में सबसे कम गेंद पर हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बने सूर्यवंशी ने शुक्रवार को 440 गेंद में अपने 1000 IPL रन पूरे किए। वे IPL में सबसे कम गेंद में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ी बन गए हैं। उन्होंने आंद्रे रसेल का रिकॉर्ड ध्वस्त किया, जिन्होंने हजार रन बनाने के लिए 545 गेंद खेली थी। सूर्यवंशी एक सीजन में पावरप्ले में 500+ रन बनाने वाले पहले खिलाड़ी सूर्यवंशी ने गुजरात के खिलाफ पावरप्ले में 31 रन बनाए। इसके साथ ही वह एक IPL सीजन के पावरप्ले में 500 रन पूरे करने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने इस सीजन में पावरप्ले में 233.63 के स्ट्राइक रेट से 521 रन बनाए हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड सनराइजर्स हैदराबाद के डेविड वॉर्नर के नाम था, जिन्होंने 2016 में पावरप्ले में 467 रन बनाए थे। सूर्यवंशी IPL में सबसे कम पारियों में 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने सूर्यवंशी ने न्यू चंडीगढ़ में IPL में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए। वे अपनी 23वीं पारी में इस आंकड़े तक पहुंचे। वे IPL में सबसे तेज 1000 रन बनाने वाले भारतीय बने। उन्होंने साईं सुदर्शन को पीछे छोड़ा, जिन्होंने इसके लिए 25 पारी खेली थी। ओवरऑल IPL में सबसे कम पारी में हजार रन बनाने वाले खिलाड़ियों में वे शॉन मार्श (21 पारी) और लेंडल सिमंस (23 पारी) के बाद तीसरे नंबर पर हैं। IPL के एक सीजन के प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले बल्लेबाज सूर्यवंशी ने क्वालीफायर-2 के मुकाबले में 7 छक्के लगाए। इसके साथ ही वे IPL के एक सीजन में प्लेऑफ में सबसे ज्यादा सिक्स लगाने वाले खिलाड़ी बन गए।

‘Chacha Cricket’ will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.

'Chacha Cricket' will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.

Hindi News Sports ‘Chacha Cricket’ Will Not Be Seen Holding The Pakistan Flag In His Hands. लाहौर15 मिनट पहले कॉपी लिंक अब्दुल जलील(चाचा क्रिकेट) को 1996 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया था। – फाइल फोटो लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में अगले हफ्ते जब पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा वनडे खेला जाएगा, तब मैदान में एक चेहरा ऐसा भी होगा जिसे देखकर करोड़ों पाकिस्तानी भावुक हो जाएंगे। हरे रंग का कुर्ता, टोपी, हाथ में पाकिस्तान का झंडा और चेहरे पर वही मुस्कान। यह होंगे ‘चाचा क्रिकेट’। 77 साल के अब्दुल जलील, जिन्हें पूरी दुनिया चाचा क्रिकेट के नाम से जानती है, इस मैच के बाद पाकिस्तान में मैचों में चीयर करना छोड़ देंगे। करीब पांच दशक तक टीम के साथ हर जीत-हार में खड़े रहने वाले चाचा अब रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं। 1968-69 में लाहौर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट देखकर उन्हें क्रिकेट से ऐसा प्यार हुआ कि जिंदगी ही बदल गई। बाद में नौकरी के लिए यूएई गए, लेकिन पाकिस्तान का मैच देखने के लिए अबु धाबी से शारजाह तक तीन-तीन बसें बदलकर पहुंचते थे। धीरे-धीरे उनका हरा पहनावा और जोश भरा अंदाज पाकिस्तान क्रिकेट की पहचान बन गया। 1996 में उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया। साल 1998 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी जिंदगी पाकिस्तान क्रिकेट को समर्पित कर दी। 1999 वर्ल्ड कप में वे इंग्लैंड तक पहुंचे। इसके बाद दुनिया के लगभग हर बड़े क्रिकेट मैदान में पाकिस्तान का झंडा लहराते दिखे। चाचा कहते हैं कि उन्होंने 500 मैचों में टीम को चीयर करने का सपना देखा था, जो पूरा हो चुका है। अब उनका सपना सियालकोट में एक रेस्टोरेंट और क्रिकेट म्यूजियम खोलने का है, जहां वह जुटाए गए अपने यादगार सामान को रखेंगे। हालांकि, टीम के हालिया खराब फॉर्म के कारण वे श्रीलंका में 2026 टी20 वर्ल्ड कप में टीम का समर्थन करने नहीं गए। भले ही हालिया प्रदर्शन खराब हो, लेकिन चाचा क्रिकेट ने पाक के दबदबे का सुनहरा दौर भी करीब से देखा है। उन्हें आज भी 1986 में जावेद मियांदाद का आखिरी गेंद पर छक्का याद है। वहीं, 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल (मोहाली) और 2024 टी20 वर्ल्ड कप (न्यूयॉर्क) में भारत से हार उनके दिल में दर्द छोड़ गई। लेकिन चाचा क्रिकेट अब भी वही बात दोहराते हैं- ‘कभी खुशी, कभी गम… कभी तुम, कभी हम। खेल में ऐसा होता है।’ शायद यही वजह है कि चाचा क्रिकेट सिर्फ एक फैन नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट की चलती-फिरती याद बन चुके हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘Chacha Cricket’ will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.

'Chacha Cricket' will not be seen holding the Pakistan flag in his hands.

Hindi News Sports ‘Chacha Cricket’ Will Not Be Seen Holding The Pakistan Flag In His Hands. लाहौर47 मिनट पहले कॉपी लिंक अब्दुल जलील(चाचा क्रिकेट) को 1996 में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया था। – फाइल फोटो लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में अगले हफ्ते जब पाकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीसरा वनडे खेला जाएगा, तब मैदान में एक चेहरा ऐसा भी होगा जिसे देखकर करोड़ों पाकिस्तानी भावुक हो जाएंगे। हरे रंग का कुर्ता, टोपी, हाथ में पाकिस्तान का झंडा और चेहरे पर वही मुस्कान। यह होंगे ‘चाचा क्रिकेट’। 77 साल के अब्दुल जलील, जिन्हें पूरी दुनिया चाचा क्रिकेट के नाम से जानती है, इस मैच के बाद पाकिस्तान में मैचों में चीयर करना छोड़ देंगे। करीब पांच दशक तक टीम के साथ हर जीत-हार में खड़े रहने वाले चाचा अब रिटायरमेंट की तैयारी कर रहे हैं। 1968-69 में लाहौर में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट देखकर उन्हें क्रिकेट से ऐसा प्यार हुआ कि जिंदगी ही बदल गई। बाद में नौकरी के लिए यूएई गए, लेकिन पाकिस्तान का मैच देखने के लिए अबु धाबी से शारजाह तक तीन-तीन बसें बदलकर पहुंचते थे। धीरे-धीरे उनका हरा पहनावा और जोश भरा अंदाज पाकिस्तान क्रिकेट की पहचान बन गया। 1996 में उन्हें पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने शुभंकर घोषित किया। साल 1998 में उन्होंने नौकरी छोड़ दी और पूरी जिंदगी पाकिस्तान क्रिकेट को समर्पित कर दी। 1999 वर्ल्ड कप में वे इंग्लैंड तक पहुंचे। इसके बाद दुनिया के लगभग हर बड़े क्रिकेट मैदान में पाकिस्तान का झंडा लहराते दिखे। चाचा कहते हैं कि उन्होंने 500 मैचों में टीम को चीयर करने का सपना देखा था, जो पूरा हो चुका है। अब उनका सपना सियालकोट में एक रेस्टोरेंट और क्रिकेट म्यूजियम खोलने का है, जहां वह जुटाए गए अपने यादगार सामान को रखेंगे। हालांकि, टीम के हालिया खराब फॉर्म के कारण वे श्रीलंका में 2026 टी20 वर्ल्ड कप में टीम का समर्थन करने नहीं गए। भले ही हालिया प्रदर्शन खराब हो, लेकिन चाचा क्रिकेट ने पाक के दबदबे का सुनहरा दौर भी करीब से देखा है। उन्हें आज भी 1986 में जावेद मियांदाद का आखिरी गेंद पर छक्का याद है। वहीं, 2011 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल (मोहाली) और 2024 टी20 वर्ल्ड कप (न्यूयॉर्क) में भारत से हार उनके दिल में दर्द छोड़ गई। लेकिन चाचा क्रिकेट अब भी वही बात दोहराते हैं- ‘कभी खुशी, कभी गम… कभी तुम, कभी हम। खेल में ऐसा होता है।’ शायद यही वजह है कि चाचा क्रिकेट सिर्फ एक फैन नहीं, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट की चलती-फिरती याद बन चुके हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

The fatigue of 7,000 extra minutes could shatter Arsenal’s title dreams; PSG stars are refreshed.

The fatigue of 7,000 extra minutes could shatter Arsenal's title dreams; PSG stars are refreshed.

Hindi News Sports The Fatigue Of 7,000 Extra Minutes Could Shatter Arsenal’s Title Dreams; PSG Stars Are Refreshed. बुडापेस्ट9 मिनट पहले कॉपी लिंक पीएसजी 14 साल में 12 बार फ्रांस का लीग खिताब जीत चुका है। दूसरी ओर, आर्सनल ने इस बार 22 साल बाद इंग्लैंड की लीग जीती है।- फाइल फोटो बुडापेस्ट में शनिवार को जब आर्सनल और पीएसजी आमने-सामने होंगे, तब मुकाबला सिर्फ यूरोप के सबसे बड़े क्लब खिताब का नहीं होगा। यह लड़ाई दो अलग फुटबॉल संस्कृतियों और दो अलग रास्तों की भी होगी। एक तरफ इंग्लिश क्लब आर्सनल है, जिसने पूरे सीजन संघर्ष करते हुए यहां तक सफर तय किया। दूसरी तरफ डिफेंडिंग चैम्पियन पीएसजी है, जिसके पास इतना बड़ा और मजबूत स्क्वॉड है कि कोच लुइस एनरिक अपने स्टार खिलाड़ियों को आराम देने का जोखिम उठा सकते हैं। दोनों टीमों के बीच सबसे बड़ा फर्क एक आंकड़ा दिखाता है। आर्सनल के खिलाड़ियों ने लीग मैचों में फ्रेंच क्लब पीएसजी के खिलाड़ियों से लगभग 7000 मिनट ज्यादा फुटबॉल खेला है। यानी आर्सनल के खिलाड़ी कहीं ज्यादा थके हुए शरीर के साथ फाइनल में उतरेंगे। टीम ने कुल 63 मैच खेले और अप्रैल तक चार ट्रॉफियों की दौड़ में बनी रही। डेविड राया ने आखिरी लीग मैच तक पूरे सीजन का हर मिनट खेला। डेकलान राइस, विलियम सलीबा, गैब्रियल जैसे खिलाड़ी लगातार मैदान में उतरे। इसके उलट पीएसजी ने खिलाड़ियों को बेहद सोच-समझकर इस्तेमाल किया। कप्तान मार्किन्योस ने चैम्पियंस लीग के 14 मैच खेले, लेकिन घरेलू लीग में सिर्फ 14 बार मैदान पर उतरे। फरवरी से अप्रैल के बीच वे सात घरेलू लीग मैचों में बेंच पर बैठे रहे, ताकि यूरोप के मैचों के लिए फिट रहें। डेम्बेले ने 22 लीग मैच खेले, लेकिन सिर्फ एक बार पूरे 90 मिनट मैदान पर रहे। यही वजह है कि पीएसजी के खिलाड़ी ज्यादा तरोताजा हैं। फाइनल से पहले आराम का अंतर भी बड़ा है। पीएसजी को फाइनल से पहले 13 दिन का आराम मिला। इसके उलट आर्सनल को सिर्फ छह दिन मिले। लेकिन कहानी सिर्फ थकान और आराम की नहीं है। यह खिताबी भूख की भी है। पीएसजी 14 साल में 12 बार फ्रांस का लीग खिताब जीत चुका है। दूसरी ओर, आर्सनल ने इस बार 22 साल बाद इंग्लैंड की लीग जीती है। पिछले साल पीएसजी ने चैम्पियंस लीग के सेमीफाइनल में आर्सनल को हराया था। अब आर्सनल के पास बदला लेने का मौका है। रात 9 बजे से फुटबॉल सिर्फ रणनीति का खेल नहीं होगी। यह सवाल भी होगा कि फाइनल में ज्यादा असर किसका पड़ता है- पीएसजी की ताजगी का या आर्सनल की थकान के बावजूद जीतने की जिद का। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

ट्रम्प की मेडिकल रिपोर्ट, 80 की उम्र में सेहतमंद:कॉलेस्ट्रॉल-हार्ट की दवाएं ले रहे, डॉक्टर बोले- प्रेसिडेंट पद के लिए बिल्कुल फिट

ट्रम्प की मेडिकल रिपोर्ट, 80 की उम्र में सेहतमंद:कॉलेस्ट्रॉल-हार्ट की दवाएं ले रहे, डॉक्टर बोले- प्रेसिडेंट पद के लिए बिल्कुल फिट

व्हाइट हाउस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नई मेडिकल रिपोर्ट शुक्रवार को जारी की है। 14 दिनों में 80 साल के होने वाले ट्रम्प की सेहत बेहतरीन हैं। मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प इस समय कॉलेस्ट्रॉल और हार्ट के लिए कुल तीन दवाएं ले रहे हैं। इनमें दो दवाएं, ‘रोसुवास्टैटिन’ और ‘एजेटिमिब’ कॉलेस्ट्रॉल कंट्रोल के लिए हैं। वहीं एक लो-डोज ‘एस्पिरिन’ हार्ट संबंधी बीमारियों से बचाव के लिए दी जा रही है। व्हाइट हाउस के डॉक्टर शॉन पी. बारबाबेला ने बताया कि ट्रम्प की सेहत शानदार है और वे राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारियां निभाने के लिए पूरी तरह फिट हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि उनकी कार्डियक, फेफड़ों और न्यूरोलॉजिकल हेल्थ मजबूत है। 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने ट्रम्प की जांच की ट्रम्प का यह मेडिकल चेकअप मंगलवार को वॉल्टर रीड नेशनल मिलिट्री मेडिकल सेंटर में हुआ था। व्हाइट हाउस के मुताबिक, इस दौरान 22 विशेषज्ञ डॉक्टरों ने उनकी जांच की। इसमें CT स्कैन, हार्ट इमेजिंग, कैंसर स्क्रीनिंग और कई प्रिवेंटिव टेस्ट शामिल थे। रिपोर्ट में कहा गया कि ट्रम्प का कॉग्निटिव और फिजिकल परफॉर्मेंस एक्सीलेंट है। डॉक्टर ने यह भी लिखा कि ट्रम्प की व्यस्त शेड्यूल, लगातार मीटिंग्स, पब्लिक इवेंट्स और शारीरिक गतिविधियां उनके ओवरऑल हेल्थ को सपोर्ट करती हैं। डॉक्टर ने वजन कम करने की सलाह दी मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प का वजन अब 238 पाउंड यानी करीब 108 किलो है। अप्रैल 2025 की पिछली मेडिकल जांच में उनका वजन 224 पाउंड यानी करीब 101.6 किलो था। ट्रम्प की लंबाई 6 फीट 3 इंच बताई गई है। डॉक्टर बारबाबेला ने ट्रम्प को वजन कम करने, हेल्दी डाइट अपनाने और ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी करने की सलाह दी है। रिपोर्ट में कहा गया कि उन्हें कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ और वेट लॉस को लेकर प्रिवेंटिव काउंसलिंग भी दी गई। बार-बार लोगों से हाथ मिलाने की वजह से हाथों पर पड़े निशान ट्रम्प के हाथों पर दिख रहे निशानों को लेकर पिछले कई महीनों से सवाल उठ रहे हैं। मेडिकल रिपोर्ट में इसे लेकर भी सफाई दी गई है। डॉक्टर बारबाबेला के मुताबिक, बार-बार लोगों से हाथ मिलाने और एस्पिरिन लेने की वजह से उनके हाथों पर हल्के निशान पड़ रहे हैं। हालांकि, कुछ स्वतंत्र डॉक्टर पहले इस दावे पर सवाल उठा चुके हैं। उनका कहना था कि निशान ट्रम्प के बाएं हाथ पर ज्यादा दिखे, जबकि वे दाएं हाथ से काम करते हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि ट्रम्प के पैरों के निचले हिस्से में हल्की सूजन थी, जो पिछले साल की तुलना में बेहतर हुई है। हालांकि, इसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं दी गई। ट्रम्प राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज नेताओं में शामिल डोनाल्ड ट्रम्प 14 जून को 80 साल के हो जाएंगे। वह अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपति पद संभालने वाले सबसे उम्रदराज नेताओं में शामिल हैं। पिछले एक साल में उनके पैरों में सूजन, कुछ कार्यक्रमों में नींद में दिखने और गर्दन पर दिखे रैश को लेकर लगातार चर्चा होती रही है। व्हाइट हाउस पहले बता चुका है कि ट्रम्प को ‘क्रॉनिक वेनस इंसफिशिएंसी’ की समस्या है। यह उम्र से जुड़ी एक सामान्य बीमारी है, जिसमें पैरों में ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होता है। मार्च में उनकी गर्दन पर दिखे रैश को लेकर भी कहा गया था कि वह स्किन ट्रीटमेंट की वजह से था। इसी बीच, ट्रम्प और उनके सहयोगी लगातार यह दावा करते रहे हैं कि उन्हें कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं है। ट्रम्प ने हमेशा अपनी स्टैमिना और मानसिक क्षमता को अपनी सार्वजनिक छवि का अहम हिस्सा बताया है। मेडिकल रिपोर्ट में ‘कार्डियक एज’ का भी जिक्र व्हाइट हाउस की मेडिकल रिपोर्ट में एक और असामान्य बात शामिल की गई। डॉक्टर बारबाबेला ने दावा किया कि इलेक्ट्रोकार्डियोग्राम के आधार पर ट्रम्प की ‘कार्डियक एज’ (यानी दिल की वास्तविक उम्र) उनकी असली उम्र से 14 साल कम है। कुछ स्वतंत्र डॉक्टरों ने इसे मेडिकल रिपोर्ट में शामिल किए जाने को असामान्य बताया। वहीं, ट्रम्प ने मंगलवार को चेकअप के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था, “वॉल्टर रीड मिलिट्री मेडिकल सेंटर में मेरा 6 महीने का फिजिकल पूरा हुआ। सबकुछ बिल्कुल परफेक्ट निकला।” हालांकि, कई डॉक्टरों ने 6 महीने के फिजिकल वाले दावे पर सवाल उठाए। हार्वर्ड मेडिकल स्कूल की प्रोफेसर और डॉक्टर इशानी गांगुली ने कहा कि आमतौर पर फुल फिजिकल टेस्ट साल में एक बार होता है। छह महीने के फॉलोअप को आमतौर पर फिजिकल नहीं कहा जाता।

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,654 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 23 मई को 1.58 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.66 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.63 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 2,650 रुपए कम हुई। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.63 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

इस हफ्ते सोने-चांदी में गिरावट रही:चांदी की कीमत ₹2650 कम होकर ₹2.66 लाख किलो हुई, सोना ₹1654 सस्ता हुआ

सोने-चांदी के दाम में इस हफ्ते गिरावट रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का दाम 1,654 रुपए गिरकर 1.56 लाख रुपए हो गया है। इससे पहले ये बीते हफ्ते यानी 23 मई को 1.58 लाख रुपए पर था। वहीं, चांदी 2.66 लाख रुपए किलो से गिरकर 2.63 लाख रुपए पर आ गई है। यानी इसकी कीमत 2,650 रुपए कम हुई। सोने की कीमतों का सफर: ₹1.76 लाख से ₹1.56 लाख तक सोने में इस साल की शुरुआत में तेजी दिखी थी, लेकिन पिछले कुछ हफ्तों में मुनाफावसूली और वैश्विक कारणों से इसमें गिरावट आई है। चांदी की कीमतों में क्रैश: ₹3.86 लाख से ₹2.63 लाख तक चांदी में सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। यह अपने ऑलटाइम हाई से काफी नीचे आई है। गिरावट के मुख्य कारण: मेटल छोड़कर ‘कैश’ पर भरोसा आमतौर पर जंग के माहौल में सोने-चांदी के दाम बढ़ते हैं, लेकिन इस बार स्थिति थोड़ी अलग है: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें।

CUET-UG Exam Delayed | Technical Glitch Halts Nationwide Exams

CUET-UG Exam Delayed | Technical Glitch Halts Nationwide Exams

जयपुर13 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET-UG 2026) की शनिवार सुबह आयोजित परीक्षा तकनीकी खामी के कारण निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। सुबह 9 बजे शुरू होने वाली परीक्षा 11: 23 बजे शुरू हुई।कई परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को घंटों इंतजार करना पड़ा, जिससे छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिली। परीक्षा केंद्रों पर सुबह 8 बजे ही एंट्री बंद कर दी गई थी। बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स समय से पहले केंद्रों पर पहुंच गए थे। हालांकि परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले तकनीकी समस्या आने के कारण एग्जाम प्रक्रिया प्रभावित हो गई। लंबे इंतजार के चलते कई केंद्रों पर छात्रों में असमंजस की स्थिति बनी रही। एग्जाम सेंटर्स पर मौजूद अभ्यर्थियों को काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। वहीं जोधपुर के बालाजी नगर स्थित टेलनेट सेंटर के बाहर पेरेंट्स परेशान होते रहे। यहां पर पैरेंट के साथ अधिकारियों द्वारा मिसबिहेव भी किया गया। अभ्यर्थी लगातार परीक्षा अधिकारियों से जानकारी लेने का प्रयास करते रहे, लेकिन तकनीकी समस्या दूर होने तक उन्हें इंतजार करने को कहा गया। कई छात्रों ने कहा कि वे सुबह से परीक्षा केंद्र पर मौजूद हैं और लंबे इंतजार के कारण मानसिक दबाव महसूस कर रहे हैं। अभिभावकों ने भी परीक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए। उनका कहना है कि विद्यार्थियों को समय पर पहुंचने और निर्धारित नियमों का पालन करने के निर्देश दिए जाते हैं, लेकिन तकनीकी तैयारियों में कमी का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ता है। देरी के चलते NTA ने सेंटर्स के बाहर ऐसे नोटिस चिपकाए। ऑनलाइन परीक्षाओं की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्थाओं पर सवाल तकनीकी बाधा के कारण परीक्षा में हुई देरी ने एक बार फिर देशभर में आयोजित होने वाली बड़ी ऑनलाइन परीक्षाओं की तैयारियों और तकनीकी व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बताया कि मेसर्स टीसीएस की तकनीकी खराबी के कारण 30 मई को आयोजित होने वाली CUET (UG)-2026 परीक्षा निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सकी। तकनीकी समस्या के चलते देशभर के एग्जाम सेंटर्स पर परीक्षा के संचालन में देरी हुई। एग्जाम से 1 घंटे पहले ही एंट्री बंद हो गई थी। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी 8 बजे से पहले ही सेंटर पर पहुंच गए थे। NTA के अनुसार टीसीएस की तकनीकी टीम समस्या के समाधान और परीक्षा के सुरक्षित संचालन के लिए लगातार काम कर रही है। एजेंसी ने अभ्यर्थियों से परीक्षा कक्षों में बने रहने और केंद्र स्टाफ का सहयोग करने की अपील की है। साथ ही आश्वासन दिया है कि देरी के कारण किसी भी छात्र को नुकसान नहीं होने दिया जाएगा और आवश्यक अतिरिक्त समय उपलब्ध कराया जाएगा। जयपुर के दादी का फाटक स्थित श्री बालाजी इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के अधिकारियों ने बताया कि तकनीकी खराबी की वजह से पेपर तय समय पर शुरू नहीं हो पाया था, क्योंकि पेपर ही अपलोड नहीं हुआ था। एग्जाम करीब 2.23 घंटे की देरी से शुरू हुआ, जिससे अभ्यर्थी लंबे समय तक इंतजार करते रहे। उन्हें एंट्री देने के बाद बाहर भी नहीं निकलने दिया। ऐसा सिर्फ हमारे सेंटर पर ही नहीं बल्कि देशभर में हुआ था। लेकिन फिलहाल इस समस्या का समाधान हो गया है। लगभग 11:23 बजे पेपर शुरू हो गया है। ऐसे में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी द्वारा अभ्यर्थियों को अतिरिक्त समय देने की भी बात कही गई है। जिसे हम पालन करेंगे अभ्यर्थियों को पूरा वक्त दिया जाएगा। बता दें कि CUET-UG देश की सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षाओं में से एक है, जिसके जरिए केंद्रीय विश्वविद्यालयों समेत कई उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक (ग्रेजुएशन) पाठ्यक्रमों में प्रवेश दिया जाता है। इस परीक्षा का आयोजन नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा किया जाता है। परीक्षा में देशभर से लाखों विद्यार्थी शामिल होते हैं। — ये खबर भी पढ़ें… RPSC लेक्चरर और कोच-2025 एग्जाम कल से:3944 पदों के लिए 5.50 लाख कैंडिडेट देंगे परीक्षा,11 जून तक चलेगा एग्जाम; जानिए जरूरी नियम राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन कल से शुरू होगा। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। कुल 3944 पदों पर होने वाली भर्ती परीक्षाएं 31 मई से 11 जून 2026 तक ली जाएंगी। विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में बांटा गया है। (पूरी खबर पढ़ें) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Salman Khan-Lawrence Bishnoi Case Film Kala Hiran Poster Launch

Salman Khan-Lawrence Bishnoi Case Film Kala Hiran Poster Launch

4 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान के काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म का पोस्टर। बॉलीवुड एक्टर सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामले पर आधारित अपकमिंग फिल्म काला हिरण का पोस्टर शुक्रवार को जारी किया गया। फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान खान और गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के बीच के विवाद को दिखाया जाएगा। फिल्म को लेकर अमित जानी का ट्वीट। सलमान-लॉरेंस विवाद को दिखाएगी कहानी फिल्म को लेकर IANS से बात करते हुए फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने कहा, ‘1998 में जोधपुर के कांकाणी गांव में सलमान खान पर काला हिरण के शिकार का आरोप लगा था। उस मामले से जुड़े कोर्टरूम ड्रामा, क्राइम, थ्रिलर और लॉरेंस बिश्नोई व सलमान खान के बीच की दुश्मनी को फिल्मी रूप में पेश किया गया है। फिल्म की शूटिंग संभल, मुरादाबाद और उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों में हुई है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘जोधपुर में शूटिंग के दौरान मौजूद बॉलीवुड एक्टर्स में सैफ अली खान, सलमान खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे, सतीश शाह और दूसरे लोग शामिल थे। उस समय हुए कथित काला हिरण शिकार, सलमान खान की गिरफ्तारी और सजा से जुड़े घटनाक्रम को फिल्म में दिखाया गया है। इस फिल्म के पोस्टर का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। लोग सलमान खान, लॉरेंस बिश्नोई और काला हिरण शिकार मामले पर आधारित एक सिनेमाई कहानी का इंतजार कर रहे थे। 20 जून को हम फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर जारी करेंगे।’ अमित जानी इससे पहले फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ (2025) बना चुके हैं। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 का है, जब जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग के दौरान उन पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत लुप्तप्राय काले हिरणों के शिकार का आरोप लगा था। 5 अप्रैल 2018 को जोधपुर की एक निचली अदालत ने सलमान खान को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई थी। इस फैसले के बाद सलमान को जोधपुर सेंट्रल जेल जाना पड़ा था, लेकिन बाद में उन्हें जमानत मिल गई। वर्तमान में राजस्थान हाई कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई चल रही है। मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 को तय की गई है। लॉरेंस ने सलमान पर नाराजगी जाहिर की थी गौरतलब है कि लॉरेंस बिश्नोई सार्वजनिक रूप से यह कह चुका है कि वह काला हिरण शिकार मामले को लेकर सलमान खान से नाराज है। 2023 में जेल से दिए गए एबीपी न्यूज को इंटरव्यू में उसने कहा था कि सलमान खान को मारना मेरी जिंदगी का मकसद है। हालांकि, उसने यह भी कहा था कि अगर सलमान बिश्नोई समाज के मुक्ति धाम मुकाम मंदिर में आकर माफी मांग लें, तो विवाद खत्म हो सकता है। वहीं, साल 2024 में सलमान के घर (गैलेक्सी अपार्टमेंट) के बाहर फायरिंग हुई थी, जिसकी जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई के विदेश में बैठे भाई अनमोल बिश्नोई ने ली थी। ………. सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सलमान के घर फायरिंग केस;बॉडीगार्ड बोले-एक्टर को मारना चाहते थे:2024 में बाइक सवार आरोपियों ने गैलेक्सी अपार्टमेंट पर गोलियां चलाई थीं सलमान खान के पर्सनल बॉडीगार्ड ने 2 मई को स्पेशल कोर्ट में बताया कि अप्रैल 2024 में उनके घर के बाहर हुई फायरिंग एक्टर की हत्या की कोशिश थी। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…