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French Open Upset: Fonseca Beats Djokovic

French Open Upset: Fonseca Beats Djokovic

Hindi News Sports French Open Upset: Fonseca Beats Djokovic | 19 Year Old Stuns Star पेरिस54 मिनट पहले कॉपी लिंक हार के बाद युवा प्रतिद्वंद्वी जोआओ फोन्सेका को गले लगाते जोकोविच। 24 बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन नोवाक जोकोविच फ्रेंच ओपन के तीसरे दौर में उलटफेर का शिकार हो गए। उन्हें शुक्रवार रात को 19 साल के ब्राजीली खिलाड़ी जोआओ फोन्सेका ने लगभग पांच घंटे चले मैच में दो सेट से पिछड़ने के बाद 4-6, 4-6, 6-3, 7-5, 7-5 से हराया। 39 साल के जोकोविच मैच के दौरान शारीरिक रूप से संघर्ष करते नजर आए। भीषण गर्मी में उन्हें कई बार आइस पैक का इस्तेमाल करना पड़ा। एक मौके पर वे टेलीविजन कैमरा क्रू पर भी नाराज हो गए और कैमरा पीछे हटाने को कहा। तीसरे सेट में निराश होकर बैठे नोवाक जोकोविच। जोकोविच गर्मी से परेशान दिखे। गर्मी से बचने चेहरे पर आइस पैक लगाते जोकोविच। जोकोविच 2 सेट जीतने के बाद हारे जोकोविच शुरुआती दो सेट जीतने के बावजूद बढ़त कायम नहीं रख सके। फोन्सेका ने चौथे सेट में हार के करीब पहुंचने के बाद शानदार वापसी की और निर्णायक सेट में भी पीछे रहने के बावजूद मुकाबला पलट दिया। 19 वर्षीय खिलाड़ी ने मैच का अंत लगातार तीन ऐस लगाकर किया और अपने करियर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। फोन्सेका बोले- यह करियर का सबसे खास पल इस जीत के साथ फोन्सेका ग्रैंड स्लैम में जोकोविच को हराने वाले पहले किशोर खिलाड़ी बन गए हैं। साथ ही वे रोलैंड गैरोस में दो सेट से पिछड़ने के बाद जोकोविच को हराने वाले इतिहास के केवल दूसरे खिलाड़ी हैं। मैच के बाद फोन्सेका ने जोकोविच को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि उनके खिलाफ खेलना और जीत हासिल करना उनके करियर का सबसे खास पल है। जोकोविच के 24 ग्रैंड स्लैम टाइटल… ———————————– फ्रेंच ओपन से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… 500 प्रजाति पौधों के बीच फ्रेंच ओपन का अनोखा कोर्ट, ग्रैंड स्लैम का सबसे नया कोर्ट फ्रेंच ओपन के शोर, भीड़ और टेनिस के रोमांच से कुछ कदम दूर एक ऐसी जगह है, जहां पहुंचते ही माहौल बदल जाता है। फ्रेंच ओपन की मेजबानी करने वाले रोलां गैरो स्टेडियम के बीचों-बीच बना ऑटेय बॉटनिकल गार्डन मानो किसी दूसरी दुनिया का हिस्सा लगता है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

NZ Wins Test vs Ireland

NZ Wins Test vs Ireland

7 मिनट पहले कॉपी लिंक न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट टेस्ट में आयरलैंड को पारी और 79 रन से हरा दिया। शुक्रवार को फॉलोऑन खेलने उतरी आयरलैंड की टीम दूसरी पारी में 232 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार 5 विकेट लिए। कीवियों ने तीसरे दिन की शुरुआत 65/2 से की और 232 रन पर ऑलआउट हो गई। पहली पारी में उसने 179 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 490 रन का स्कोर खड़ा किया। टॉम ब्लेंडल और रचिन रवींद्र ने शतकीय पारियां खेलीं। ब्लेंडल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। टिकनर के बाउंसरों के आगे आयरलैंड ने सरेंडर किया मैच के तीसरे दिन आयरलैंड 246 रन पीछे थी। पहली पारी में 6 विकेट लेने वाले नाथन स्मिथ ने सुबह के पहले 5 ओवर में नाइटवॉचर थॉमस मेस को स्लिप में कैच आउट कराकर आयरलैंड को पहला झटका दिया। ब्लेयर टिकनर की तेज बाउंसर हैरी टेक्टर के बल्ले के हैंडल पर लगी और वे स्लिप में कैच दे बैठे। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कर्टिस कैंपर टिकनर की उठती गेंद को संभाल नहीं पाए और गेंद उनके बाएं हाथ पर लगी। कैंपर दर्द से कराह उठे और 4 रन पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद सलामी बल्लेबाज स्टीफन डोहेनी टिकनर की शॉर्ट डिलीवरी पर गल्ली में कैच दे बैठे। आउट होने से पहले डोहेनी ने 51 रन बनाए। लंच तक आयरलैंड ने 131 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। लॉर्कन टकर की फिफ्टी, अडायर की पारी भी काम नहीं आई लंच के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज लॉर्कन टकर ने काउंटर अटैक शुरू किया और 69 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, फिफ्टी पूरी करते ही वे अगली गेंद पर टिकनर का शिकार बन गए। टकर ने बाउंसर पर पुल शॉट खेलने की कोशिश में विकेटकीपर के ऊपर हवा में शॉट खेला, जिसे स्लिप से भागकर आए डेरिल मिचेल ने लपक लिया। टकर 51 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद नंबर 9 पर आए मार्क एडेयर ने कीवी गेंदबाजों के बाउंसरों का जवाब आक्रामक बल्लेबाजी से दिया। वे लेग स्टंप की तरफ हटकर लगातार क्रॉस-बैट शॉट्स खेलते रहे। एडेयर ने 47 गेंदों में नाबाद 44 रन की तेज पारी खेली, जिसमें उन्होंने मिडविकेट बाउंड्री के ऊपर से बड़े शॉट्स लगाए। टिकनर का पहला फाइव-विकेट हॉल आयरलैंड की पारी का अंत तब हुआ जब रूबेन विल्सन बाहर जाती गेंद पर बल्ला अड़ा बैठे और विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल को कैच दे बैठे। विल्सन का विकेट गिरते ही ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट करियर में पहली बार 5 विकेट पूरे किए। कैंपर के चोटिल होने के कारण आयरलैंड एक बल्लेबाज कम के साथ 232 रन पर ऑलआउट हो गई। न्यूजीलैंड टीम लंदन के लिए रवाना, अब इंग्लैंड से भिड़ेगी इस जीत के बाद न्यूजीलैंड की टीम लंदन रवाना होगी, जहां उसे इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। दूसरी तरफ, आयरलैंड की टीम जून के आखिरी हफ्ते में भारत के खिलाफ होने वाली टी20 इंटरनेशनल सीरीज की तैयारियों में जुटेगी। —————————————- बेलफास्ट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट में चल रहे इकलौते टेस्ट में आयरलैंड पर शिकंजा कस लिया। उसने गुरुवार को पहली पारी 490/8 के स्कोर पर घोषित की। इतना ही नहीं, आयरिश टीम को पहली पारी में 179 पर ऑलआउट करके फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

NZ Wins Test vs Ireland

NZ Wins Test vs Ireland

23 मिनट पहले कॉपी लिंक न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट टेस्ट में आयरलैंड को पारी और 79 रन से हरा दिया। शुक्रवार को फॉलोऑन खेलने उतरी आयरलैंड की टीम दूसरी पारी में 232 रन पर सिमट गई। तेज गेंदबाज ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट क्रिकेट में पहली बार 5 विकेट लिए। कीवियों ने तीसरे दिन की शुरुआत 65/2 से की और 232 रन पर ऑलआउट हो गई। पहली पारी में उसने 179 रन बनाए थे। न्यूजीलैंड ने पहली पारी में 490 रन का स्कोर खड़ा किया। टॉम ब्लेंडल और रचिन रवींद्र ने शतकीय पारियां खेलीं। ब्लेंडल को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। टिकनर के बाउंसरों के आगे आयरलैंड ने सरेंडर किया मैच के तीसरे दिन आयरलैंड 246 रन पीछे थी। पहली पारी में 6 विकेट लेने वाले नाथन स्मिथ ने सुबह के पहले 5 ओवर में नाइटवॉचर थॉमस मेस को स्लिप में कैच आउट कराकर आयरलैंड को पहला झटका दिया। ब्लेयर टिकनर की तेज बाउंसर हैरी टेक्टर के बल्ले के हैंडल पर लगी और वे स्लिप में कैच दे बैठे। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए कर्टिस कैंपर टिकनर की उठती गेंद को संभाल नहीं पाए और गेंद उनके बाएं हाथ पर लगी। कैंपर दर्द से कराह उठे और 4 रन पर रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत स्कैन के लिए अस्पताल ले जाया गया। इसके बाद सलामी बल्लेबाज स्टीफन डोहेनी टिकनर की शॉर्ट डिलीवरी पर गल्ली में कैच दे बैठे। आउट होने से पहले डोहेनी ने 51 रन बनाए। लंच तक आयरलैंड ने 131 रन पर 5 विकेट गंवा दिए थे। लॉर्कन टकर की फिफ्टी, अडायर की पारी भी काम नहीं आई लंच के बाद विकेटकीपर बल्लेबाज लॉर्कन टकर ने काउंटर अटैक शुरू किया और 69 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया। हालांकि, फिफ्टी पूरी करते ही वे अगली गेंद पर टिकनर का शिकार बन गए। टकर ने बाउंसर पर पुल शॉट खेलने की कोशिश में विकेटकीपर के ऊपर हवा में शॉट खेला, जिसे स्लिप से भागकर आए डेरिल मिचेल ने लपक लिया। टकर 51 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद नंबर 9 पर आए मार्क एडेयर ने कीवी गेंदबाजों के बाउंसरों का जवाब आक्रामक बल्लेबाजी से दिया। वे लेग स्टंप की तरफ हटकर लगातार क्रॉस-बैट शॉट्स खेलते रहे। एडेयर ने 47 गेंदों में नाबाद 44 रन की तेज पारी खेली, जिसमें उन्होंने मिडविकेट बाउंड्री के ऊपर से बड़े शॉट्स लगाए। टिकनर का पहला फाइव-विकेट हॉल आयरलैंड की पारी का अंत तब हुआ जब रूबेन विल्सन बाहर जाती गेंद पर बल्ला अड़ा बैठे और विकेटकीपर टॉम ब्लंडेल को कैच दे बैठे। विल्सन का विकेट गिरते ही ब्लेयर टिकनर ने टेस्ट करियर में पहली बार 5 विकेट पूरे किए। कैंपर के चोटिल होने के कारण आयरलैंड एक बल्लेबाज कम के साथ 232 रन पर ऑलआउट हो गई। न्यूजीलैंड टीम लंदन के लिए रवाना, अब इंग्लैंड से भिड़ेगी इस जीत के बाद न्यूजीलैंड की टीम लंदन रवाना होगी, जहां उसे इंग्लैंड के खिलाफ 3 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। दूसरी तरफ, आयरलैंड की टीम जून के आखिरी हफ्ते में भारत के खिलाफ होने वाली टी20 इंटरनेशनल सीरीज की तैयारियों में जुटेगी। —————————————- बेलफास्ट टेस्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… न्यूजीलैंड ने बेलफास्ट में चल रहे इकलौते टेस्ट में आयरलैंड पर शिकंजा कस लिया। उसने गुरुवार को पहली पारी 490/8 के स्कोर पर घोषित की। इतना ही नहीं, आयरिश टीम को पहली पारी में 179 पर ऑलआउट करके फॉलोऑन खेलने पर मजबूर किया। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

मुंबई में 15 दिन में दूसरी बार महंगी हुई CNG:₹2 की बढ़ोतरी के साथ दाम ₹86 हुए; ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने की किराया बढ़ाने की मांग

मुंबई में 15 दिन में दूसरी बार महंगी हुई CNG:₹2 की बढ़ोतरी के साथ दाम ₹86 हुए; ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने की किराया बढ़ाने की मांग

महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG ₹2 प्रति किलो महंगी कर दी है। इसके साथ ही घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम भी 50 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) बढ़ा दिए गए हैं। नई दरें 29-30 मई की आधी रात से लागू हो गई हैं। 15 दिनों में ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 13-14 मई को भी गैस की कीमतों में ₹2 बढ़ोतरी की गई थी। CNG ₹86 प्रति किलो और PNG ₹52 प्रति SCM हुई मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में CNG की कीमत ₹84 प्रति किलो से बढ़कर ₹86 प्रति किलो हो गई है। वहीं, घरेलू PNG की कीमत अब ₹52 प्रति SCM हो गई है। घरेलू गैस की कमी और कमजोर रुपए से बढ़े दाम कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस के आवंटन में कमी आई है। इस वजह से कंपनी को अधिक लागत वाले बाहरी स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में आई गिरावट ने भी कुल लागत को काफी बढ़ा दिया है। बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल-डीजल से सस्ती है CNG MGL का दावा है कि नेचुरल गैस अभी भी बाजार में उपलब्ध सबसे किफायती ईंधनों में से एक है। कंपनी के मुताबिक, मुंबई में मौजूदा ईंधन दरों की तुलना में CNG के इस्तेमाल से पेट्रोल के मुकाबले लगभग 45% और डीजल के मुकाबले करीब 12% की बचत होती है। CNG महंगी होने के बाद ₹2 से ₹3 किराया बढ़ाने की मांग इस बढ़ोतरी के बाद ऑटो-रिक्शा और टैक्सी यूनियनों ने ₹2 से ₹3 किराया बढ़ाने की मांग शुरू की है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में सीएनजी ईकोसिस्टम (नोट: पिछले एक साल में करीब 2 लाख नई गाड़ियां जुड़ने के बाद अब इस क्षेत्र में सीएनजी पर निर्भर वाहनों की कुल संख्या 12 लाख को पार कर गई है।) दिल्ली में CNG 2 हफ्ते में 4 बार महंगी ईरान जंग के बीच दिल्ली में भी CNG के दाम पिछले दो हफ्तों के भीतर चार बार बढ़ चुके हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने मंगलवार 26 मई को CNG ₹2 प्रति किलोग्राम महंगी कर दी थी। नॉलेज पार्ट : क्या होता है SCM?

मुंबई में 15 दिन में दूसरी बार महंगी हुई CNG:₹2 की बढ़ोतरी के साथ दाम ₹86 हुए; ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने की किराया बढ़ाने की मांग

मुंबई में 15 दिन में दूसरी बार महंगी हुई CNG:₹2 की बढ़ोतरी के साथ दाम ₹86 हुए; ऑटो-टैक्सी यूनियनों ने की किराया बढ़ाने की मांग

महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में CNG ₹2 प्रति किलो महंगी कर दी है। इसके साथ ही घरेलू पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के दाम भी 50 पैसे प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर (SCM) बढ़ा दिए गए हैं। नई दरें 29-30 मई की आधी रात से लागू हो गई हैं। यहां CNG की कीमत ₹84 प्रति किलो से बढ़कर ₹86 प्रति किलो हो गई है। वहीं, घरेलू PNG की कीमत अब ₹52 प्रति SCM हो गई है। 15 दिनों में ईंधन के दामों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। इससे पहले 13-14 मई को भी गैस की कीमतों में ₹2 बढ़ोतरी की गई थी। घरेलू गैस की कमी और कमजोर रुपए से बढ़े दाम कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि घरेलू गैस के आवंटन में कमी आई है। इस वजह से कंपनी को अधिक लागत वाले बाहरी स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। इसके साथ ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपए में आई गिरावट ने भी कुल लागत को काफी बढ़ा दिया है। बढ़ोतरी के बावजूद पेट्रोल-डीजल से सस्ती है CNG MGL का दावा है कि नेचुरल गैस अभी भी बाजार में उपलब्ध सबसे किफायती ईंधनों में से एक है। कंपनी के मुताबिक, मुंबई में मौजूदा ईंधन दरों की तुलना में CNG के इस्तेमाल से पेट्रोल के मुकाबले लगभग 45% और डीजल के मुकाबले करीब 12% की बचत होती है। CNG महंगी होने के बाद ₹2 से ₹3 किराया बढ़ाने की मांग इस बढ़ोतरी के बाद ऑटो-रिक्शा और टैक्सी यूनियनों ने ₹2 से ₹3 किराया बढ़ाने की मांग शुरू की है। ऐसा इसलिए क्योंकि उनकी ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ गई है। मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में सीएनजी ईकोसिस्टम (नोट: पिछले एक साल में करीब 2 लाख नई गाड़ियां जुड़ने के बाद अब इस क्षेत्र में सीएनजी पर निर्भर वाहनों की कुल संख्या 12 लाख को पार कर गई है।) दिल्ली में CNG 2 हफ्ते में 4 बार महंगी ईरान जंग के बीच दिल्ली में भी CNG के दाम पिछले दो हफ्तों के भीतर चार बार बढ़ चुके हैं। इंद्रप्रस्थ गैस लिमिटेड (IGL) ने मंगलवार 26 मई को CNG ₹2 प्रति किलोग्राम महंगी कर दी थी। नॉलेज पार्ट : क्या होता है SCM?

कांग्रेस का कर्नाटक रीसेट: शिवकुमार 10 मंत्रियों के साथ सीएम पद की शपथ लेंगे; वाईएस शर्मिला राज्यसभा की दौड़ में | भारत समाचार

US President Donald Trump.  (AFP/File)

आखरी अपडेट:30 मई, 2026, 07:56 IST मुख्यमंत्री के रूप में शिवकुमार के शपथ ग्रहण समारोह से पहले शनिवार शाम 4 बजे बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की औपचारिक बैठक निर्धारित की गई है। डीके शिवकुमार 3 जून को 8-10 मंत्रियों के साथ शपथ ले सकते हैं; राज्यसभा चुनाव के बाद पूर्ण मंत्रिमंडल। कांग्रेस आलाकमान कर्नाटक में नेतृत्व परिवर्तन के अंतिम विवरण पर काम कर रहा है, उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के 3 जून को अगले मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने की संभावना है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार के साथ करीब आठ से 10 मंत्रियों के शपथ लेने की उम्मीद है. शेष कैबिनेट विस्तार राज्यसभा चुनाव प्रक्रिया के समापन के बाद 18 जून के बाद होने की संभावना है। इस बीच, सूत्रों ने यह भी संकेत दिया कि वाईएस शर्मिला को कर्नाटक से राज्यसभा सदस्य बनाने पर विचार किया जा रहा है, हालांकि इस पर अंतिम फैसला होना बाकी है। यह परिवर्तन मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के इस्तीफे के बाद हुआ है और यह तब आया है जब पार्टी राज्य में शासन के अगले चरण से पहले सत्ता का सुचारू हस्तांतरण सुनिश्चित करना चाहती है। दिल्ली बैठकें सिद्धारमैया और शिवकुमार शुक्रवार को नई दिल्ली में थे, जहां उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। 10 जनपथ स्थित राहुल गांधी के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक हुई, जहां समझा जाता है कि सिद्धारमैया ने उन्हें सूचित किया कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने की अपनी प्रतिबद्धता पूरी कर ली है, जिससे संक्रमण का रास्ता साफ हो गया है। सूत्रों ने कहा कि सिद्धारमैया केवल राहुल गांधी से मिले, क्योंकि चर्चा के दौरान सोनिया गांधी मौजूद नहीं थीं। समझा जाता है कि उन्होंने नई सरकार में अपने बेटे और वफादारों के लिए कैबिनेट पदों की भी मांग की है, जिसमें उपमुख्यमंत्री का पद भी शामिल है। सीएलपी की बैठक आज शनिवार शाम 4 बजे बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की औपचारिक बैठक तय की गई है. केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला सहित वरिष्ठ एआईसीसी पर्यवेक्षक कार्यवाही की निगरानी करेंगे। उम्मीद है कि विधायक औपचारिक रूप से नए विधायक दल के नेता का चुनाव करेंगे, जिसके बाद शपथ ग्रहण समारोह की तारीख की आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। कैबिनेट में 50 फीसदी नए चेहरे हो सकते हैं कांग्रेस नेतृत्व भी कैबिनेट में बड़े फेरबदल की योजना बना रहा है. मुख्य सचेतक सलीम अहमद और पूर्व मंत्री एम वीरप्पा मोइली सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सुझाव दिया है कि लगभग आधे मंत्री पद नए चेहरों को दिए जाने चाहिए। अहमद ने कहा कि पार्टी 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के तहत नए नेतृत्व को पेश करने का इरादा रखती है। ‘कामराज योजना’ कांग्रेस नेता “कामराज योजना” के संशोधित संस्करण पर भी चर्चा कर रहे हैं। प्रस्ताव के तहत, तीन साल का कार्यकाल पूरा करने वाले मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया जा सकता है और पार्टी के भीतर संगठनात्मक जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं। अहमद ने कहा कि अनुभवी मंत्रियों को जमीनी स्तर पर पार्टी ढांचे को मजबूत करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। 4 डिप्टी सीएम संभव कांग्रेस सूत्रों ने कहा कि क्षेत्रीय, सामाजिक और जातीय संतुलन बनाए रखने के लिए आलाकमान शिवकुमार के नेतृत्व में चार उपमुख्यमंत्री नियुक्त करने पर विचार कर रहा है। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : कर्नाटक, भारत, भारत न्यूज़ इंडिया कांग्रेस का कर्नाटक रीसेट: शिवकुमार 10 मंत्रियों के साथ सीएम पद की शपथ लेंगे; वाईएस शर्मिला राज्यसभा की दौड़ में अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कर्नाटक(टी)कर्नाटक राजनीति(टी)कर्नाटक समाचार(टी)कर्नाटक सीएलपी बैठक(टी)कांग्रेस सीएलपी बैठक(टी)शिवकुमार(टी)डीकेएस(टी)डीके(टी)सिद्धारमैया(टी)सीएम शिवकुमार(टी)कर्नाटक नेतृत्व परिवर्तन(टी)डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री(टी)कांग्रेस आलाकमान(टी)कर्नाटक कैबिनेट फेरबदल(टी)सिद्धारमैया का इस्तीफा(टी)राज्यसभा चुनाव कर्नाटक(टी)कामराज योजना कांग्रेस(टी)उपमुख्यमंत्री कर्नाटक

Rajasthan Lecturer Coach Exam 2025: 5.5 Lakh Candidates Appear

Rajasthan Lecturer Coach Exam 2025: 5.5 Lakh Candidates Appear

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) ने माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन कल से शुरू होगा। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे। . कुल 3944 पदों पर होने वाली भर्ती की परीक्षाएं 31 मई से 11 जून 2026 तक ली जाएंगी। विभिन्न विषयों की परीक्षाओं को चार ग्रुप (ए, बी, सी एवं डी) में बांटा गया है। एडमिट कार्ड पहले ही अपलोड कर दिए है। 31 मई से 5 जून तक 15 जिला मुख्यालयों पर एग्जाम होगा और 6 जून से 11 जून तक केवल जयपुर जिला मुख्यालय पर एग्जाम होगा। इसके लिए कुल 368 सेंटर बनाए गए है। इसमें अजमेर में 70 सेंटर है। एक घंटे पहले मिलेगी एन्ट्री परीक्षा केन्द्र पर किसी भी परीक्षार्थी को प्रत्येक परीक्षा के प्रारंभ होने के 60 मिनट पूर्व तक ही प्रवेश दिया जाएगा। इसके पश्चात् किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र पर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। अतः अभ्यर्थी परीक्षा के दिन प्रत्येक परीक्षा के प्रारंभ होने के लिए नियत समय से पर्याप्त समय पूर्व परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक रूप से उपस्थित हो जाएं ताकि सुरक्षा जांच एवं पहचान का कार्य समय पर पूर्ण हो सके। देरी से आने पर तलाशी में समय लगने के कारण परीक्षा में शामिल होने से वंचित हो सकते हैं। फोटो युक्त पहचान पत्र जरूरी अभ्यर्थियों को पहचान के लिए परीक्षा केंद्र पर मूल आधार कार्ड (रंगीन प्रिंट) लेकर उपस्थित होना होगा। यदि मूल आधार कार्ड पर फोटो पुरानी अथवा अस्पष्ट है तो अन्य मूल फोटो युक्त पहचान-पत्र यथा मतदाता पहचान-पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस जिसमें रंगीन एवं नवीनतम स्पष्ट फोटो हो, लेकर परीक्षा केंद्र पर उपस्थित होवें। इसके साथ ही अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र पर भी नवीनतम रंगीन फोटो ही चस्पा करना सुनिश्चित करें। अभ्यर्थी प्रवेश-पत्र के साथ जारी आवश्यक अनुदेशों का अवलोकन अवश्य कर लेवें। किसी के बहकावें में नहीं आए आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थी किसी दलाल, मीडिएटर, समाजकंटक या अपराधी के बहकावे में न आएं। यदि कोई परीक्षा में पास कराने के नाम पर रिश्वत की मांग या अन्य कोई प्रलोभन व झांसा देता है तो प्रमाण सहित इस संबंध में जांच एजेंसी एवं आयोग कंट्रोल रूम नंबर 0145-2635200, 2635212 एवं 2635255 पर सूचित करें। परीक्षा में अनुचित साधन अपनाये जाने एवं अनुचित कृत्यों में संलिप्त होने पर राजस्थान सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम के अध्युपाय) अधिनियम, 2022 के तहत आजीवन कारावास, 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने से दण्डित एवं चल अचल संपत्ति कुर्क कर जब्त की जा सकती है। जानिए-कब कौनसा एग्जाम होगा और कब निकाली गई वैकेंसी… ग्रुप-C कोच और फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-C के तहत विभिन्न कोच पदों (एथलेटिक्स, बास्केटबॉल, हैंडबॉल, कबड्डी, टेबल टेनिस और वॉलीबॉल) के लिए एग्जाम होगा। 10 जून को पहला पेपर जनरल स्टडीज का सुबह 10 से 11.30 बजे तक, जबकि दूसरा पेपर दोपहर 2.30 से शाम 5.30 बजे तक होगा। ग्रुप-D फिजिकल एजुकेशन ग्रुप-D का एग्जाम 11 जून को होगा। पहला पेपर सुबह 10 से दोपहर 12 बजे तक, दूसरा पेपर देपहर 2.30 से शाम 4.30 बजे तक फिजिकल एजुकेशन में जनरल स्टडीज सब्जेक्ट्स का होगा 3944 पदों पर भर्ती RPSC की ओर से माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर (प्राध्यापक) एवं कोच (स्कूल शिक्षा) भर्ती परीक्षा-2025 का विज्ञापन 17 जुलाई 2025 को निकाला गया था। इसमें 27 विषयों के कुल 3225 पदों पर भर्ती होनी थी। बाद में पॉलिटिकल साइंस (क्रम संख्या 08) के पदों में 219 पद बढ़ाए गए थे। इसी प्रकार 28 अगस्त 2025 को आयोग ने 500 पदों पर एग्रीचकल्चर लेक्चरर की भर्ती निकाली थी। ऐसे में ये भर्ती 3944 पदों की हो गई। …. पढें ये खबर भी…. RAS रिजल्ट एनालिसिस: इंटरव्यू में गांवों के अभ्यर्थी ज्यादा पहुंचे:सबसे अधिक जयपुर फिर जोधपुर और बाड़मेर के कैंडिडेट; 14 डॉक्टर- 238 इंजीनियर हुए थे शामिल RPSC ने RAS- 2024 एग्जाम के रिजल्ट का एनालिसिस जारी किया है। 1096 पदों के लिए आयोजित हुई इस भर्ती में इंटरव्यू तक 2397 अभ्यर्थियों पहुंचे थे। खास बात ये रही कि प्री-मेंस क्लीयर कर इंटरव्यू तक पहुंचने वालों में सबसे ज्यादा जयपुर के 247 अभ्यर्थी थे। जोधपुर दूसरे और बाड़मेर तीसरे नंबर पर रहा है। इंटरव्यू में आधे से ज्यादा कैंडिडेट ग्रामीण क्षेत्रों के थे। 2397 में से 1343 अभ्यर्थी सरकारी या निजी क्षेत्रों में जॉब करते हुए इंटरव्यू तक पहुंचे थे। पूरी खबर पढें

अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, ट्रम्प ने शर्तें गिनाईं:होर्मुज खुलेगा, माइंस हटेंगी; परमाणु कार्यक्रम पर भी सहमति का दावा

अमेरिका-ईरान समझौते के करीब, ट्रम्प ने शर्तें गिनाईं:होर्मुज खुलेगा, माइंस हटेंगी; परमाणु कार्यक्रम पर भी सहमति का दावा

अमेरिका और ईरान के बीच जल्द ही समझौता हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने यह दावा किया है। उन्होंने संभावित समझौते की कई शर्तों का खुलासा करते हुए दावा किया कि दोनों पक्ष होर्मुज स्ट्रेट, परमाणु कार्यक्रम और समुद्री सुरक्षा जैसे मुद्दों पर सहमति के करीब पहुंच गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि ईरान को यह मानना होगा कि वह कभी परमाणु हथियार नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत पूरी तरह खोला जाएगा और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर किसी तरह का टोल नहीं लगाया जाएगा। दोनों दिशाओं में जहाजों की आवाजाही बिना रोक-टोक जारी रहेगी। ट्रम्प के मुताबिक होर्मुज में बिछाई गई सभी समुद्री माइंस हटाई जाएंगी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका पहले ही कई माइंस को नष्ट कर चुका है, जबकि बाकी माइंस ईरान हटाएगा या नष्ट करेगा। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के एनरिच्ड यूरेनियम भंडार को अमेरिका, ईरान और अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के समन्वय से बाहर निकालकर नष्ट किया जाएगा। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…

Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot in Operation Sindoor

Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot in Operation Sindoor

Hindi News Business Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot In Operation Sindoor | Solar Industries छत्रपति संभाजीनगर12 मिनट पहलेलेखक: रवींद्र भजनी कॉपी लिंक सत्यनारायण नुवाल, स्वदेशी ड्रोन ‘नागास्त्र’ बनाने वाली कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड के फॉउंडर और चेयरमैन हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस स्वदेशी वेपनाइज्ड ड्रोन ‘नागास्त्र’ ने दुश्मन की साजिश को नाकाम किया, उसे सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड ने बनाया है। अब यह कंपनी वेपनाइज्ड डॉग रोबोट और इंसानों जैसा दिखने वाला ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ भी बना रही है। कंपनी के फॉउंडर और चेयरमैन पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि देश की सुरक्षा के लिए इन रोबोट्स को माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी तैनात किया जा सकेगा। कंपनी माइक्रो मिसाइल पर आधारित एंटी-ड्रोन सिस्टम ‘भार्गवास्त्र’ जैसे स्वदेशी प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: ऑपरेशन सिंदूर में आपके नागास्त्र और लॉइटरिंग म्यूनिशन का इस्तेमाल हुआ, इस बारे में कुछ बताएंगे? जवाब: 2020 में अजरबैजान और आर्मेनिया युद्ध में ड्रोन के इस्तेमाल ने पारंपरिक युद्ध का स्वरूप ही बदल दिया। दुनिया के सामने हथियारों का बिल्कुल नया रूप आया। हमने भी 2020 के बाद अनमैन्ड एरियल सिस्टम बनाने का फैसला किया। तीन साल की मेहनत के बाद हमने देश का पहला वेपनाइज्ड ड्रोन ‘नागास्त्र-1’ बनाया, जिसकी आपूर्ति हमारी सेना को की गई। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इसका सटीक इस्तेमाल होना मैं केवल दैवीय कृपा मानता हूं। नागास्त्र-1 की रेंज 15 किलोमीटर है। इसके बाद हमने नागास्त्र-1A, नागास्त्र-1B और नागास्त्र-2 सहित अन्य वेरिएंट्स तैयार किए हैं। इन्हें ‘कामिकेज ड्रोन’ या ‘सुसाइड ड्रोन’ भी कहा जाता है। यह लक्ष्य के ऊपर काफी देर तक मंडरा सकता है, दुश्मनों का पता लगा सकता है और सटीक संकेत मिलते ही विस्फोटक वॉरहेड के साथ सीधे उससे टकराकर हमला कर सकता है। हमने सेना को इसकी सप्लाई भी शुरू कर दी है। इनकी रेंज 25 से 50 किलोमीटर है और इनमें 1 से 5 किलोग्राम तक का विस्फोटक लगाया जा सकता है। सवाल: क्या इन ड्रोन्स में स्वार्म टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है? जवाब: स्वार्म ड्रोन अभी अंडर-डेवलपमेंट है। ऑपरेशन सिंदूर के समय उधर से आए छोटे-छोटे ड्रोन्स का जवाब देने के लिए हमारे बड़े ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद हमने काउंटर ड्रोन सिस्टम के रूप में माइक्रो मिसाइल पर आधारित ‘भार्गवास्त्र’ डेवलप किया है। यह 10 किलोमीटर तक देख सकता है और 2.5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसी भी बाहरी ड्रोन या यूएवी को मार गिराने की क्षमता रखता है। अलग-अलग रेंज में इसका ट्रायल टेस्टिंग हो चुका है। स्वार्म ड्रोन छोटे और ऑटोनोमस (स्वायत्त) ड्रोन्स का नेटवर्क होता है, जो एआई और एडवांस सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम की मदद से एक साथ मिलकर काम करते हैं। झुंड में होने के कारण, ये एक ही समय में सैकड़ों की संख्या में दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम, राडार या ठिकानों को निशाना बनाते हैं। इस झुंड के अलग-अलग ड्रोन्स को अलग-अलग काम सौंपे जा सकते हैं; जैसे कि कुछ जासूसी करते हैं, कुछ इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग करते हैं, तो कुछ सीधे हमला करते हैं। सवाल: क्या आप अब ‘ब्रह्मोस’ भी देश में ही बना रहे, इसमें क्या डेवलपमेंट हुआ है? जवाब: एक साल पहले तक ब्रह्मोस का बूस्टर और रॉकेट सिस्टम रूस से इम्पोर्ट किया जा रहा था। हमने डीआरडीओ के सहयोग से इसे अपने यहां डेवलप किया है। रूस के वैज्ञानिक भी यहाँ आए थे। उन्हें पांच दिन यहां रहकर व्यवस्था देखनी थी। लेकिन, पहले ही दिन शाम को उन्होंने हमारे सिस्टम को मंजूरी दी है। अब हमने 100 रॉकेट्स तैयार किए हैं; इसके अलावा इसका वॉरहेड भी बनाया है। फिलहाल उनकी टेस्टिंग चल रही है। सवाल: दुनिया भर में एआई और रोबोटिक्स का इस्तेमाल बढ़ा, क्या हम तैयार हैं? जवाब: अजरबैजान और आर्मेनिया के 2020 के युद्ध के बाद रूस-यूक्रेन और ईरान-इजरायल युद्ध में अनमैन्ड एरियल सिस्टम और लॉन्ग रेंज मिसाइलों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ है। आने वाले समय में एआई और रोबोट्स का महत्व और बढ़ेगा। इसमें एक्युरेसी और किफायती कीमत सबसे महत्वपूर्ण है। रक्षा खरीद नीति 2026 में इस दिशा में काफी कदम उठाए गए हैं। मैं इतना ही कह सकता हूं कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सवाल: एआई और रोबोट्स को लेकर आपके यहां क्या काम हो रहा है? जवाब: हमने काफी कुछ काम किया है और कर भी रहे हैं। नागपुर के मिहान सेज में हमें पजेशन लेटर मिल गया है। हमें कुछ मंजूरियों का इंतजार है, जो दो-तीन महीनों में मिल जाएंगी। तीन-चार महीनों में हम अपना काम शुरू कर देंगे। आज हमारे जवानों को माइनस 40 डिग्री सेल्सियस (−40∘C) तापमान में तैनात रहना पड़ता है। सर्विलांस और सिक्योरिटी को और बेहतर बनाने के लिए हम एक साल के भीतर देश का पहला वेपनाइज्ड रोबोट बनाएंगे। हम डॉग रोबोट का प्रोटोटाइप बना रहे हैं। इसके बाद दो-तीन महीनों में हम ह्यूमनॉइड (इंसानों जैसा दिखने वाला रोबोट) तैयार कर लेंगे। सवाल: क्या आप पिनाका के अलावा भी रॉकेट टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं? जवाब: यह बताना संभव नहीं है। हमारे पास जो पिनाका रॉकेट बन रहा है, वह फिलहाल 75 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकता है। हमने सेना को इसकी रेंज बढ़ाकर 300 किलोमीटर करने का एक प्रस्ताव दिया है। हमें पूरा विश्वास है कि हम जल्द ही इसमें भी सफलता हासिल करेंगे। हमारी भारतीय सेना और केंद्र सरकार से बातचीत चल रही है। सवाल: गोला-बारूद के मामले में हमारी आत्मनिर्भरता का स्तर अभी क्या है? जवाब: हाई एनर्जी मटेरियल और प्रोपेलेंट के मामले में हम ग्लोबल लेवल के बराबर हैं। जो मटेरियल पहले हमारे यहाँ 100% इम्पोर्ट होता था, आज हम उसका 70% से ज्यादा मटेरियल यूएस, इजरायल, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों को एक्सपोर्ट कर रहे हैं। सवाल: महाराष्ट्र में अहिल्यानगर-संभाजीनगर डिफेंस कॉरिडोर पर तेजी से काम हो रहा, इस पर आपकी क्या राय है? जवाब: डिफेंस कॉरिडोर को लेकर अगर कोई सबसे ज्यादा प्रैक्टिकल और एग्रेसिव है, तो वह महाराष्ट्र सरकार ही है। जिस तरह से सिस्टेमैटिक ढंग से डिफेंस कॉरिडोर का काम चल रहा है, उससे मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि यहां का डिफेंस कॉरिडोर सबसे ज्यादा सफल होगा। महाराष्ट्र को अपनी भौगोलिक स्थिति का फायदा मिलता है, जो डिफेंस सेक्टर के लिए सबसे

Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot in Operation Sindoor

Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot in Operation Sindoor

Hindi News Business Nagastra Drone Thwarts Enemy Plot In Operation Sindoor | Solar Industries छत्रपति संभाजीनगर1 घंटे पहलेलेखक: रवींद्र भजनी कॉपी लिंक सत्यनारायण नुवाल, स्वदेशी ड्रोन ‘नागास्त्र’ बनाने वाली कंपनी सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड के फॉउंडर और चेयरमैन हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस स्वदेशी वेपनाइज्ड ड्रोन ‘नागास्त्र’ ने दुश्मन की साजिश को नाकाम किया, उसे सोलर इंडस्ट्रीज इंडिया लिमिटेड ने बनाया है। अब यह कंपनी वेपनाइज्ड डॉग रोबोट और इंसानों जैसा दिखने वाला ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ भी बना रही है। कंपनी के फॉउंडर और चेयरमैन पद्मश्री सत्यनारायण नुवाल ने ‘दैनिक भास्कर’ को बताया कि देश की सुरक्षा के लिए इन रोबोट्स को माइनस 40 डिग्री सेल्सियस तापमान में भी तैनात किया जा सकेगा। कंपनी माइक्रो मिसाइल पर आधारित एंटी-ड्रोन सिस्टम ‘भार्गवास्त्र’ जैसे स्वदेशी प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: ऑपरेशन सिंदूर में आपके नागास्त्र और लॉइटरिंग म्यूनिशन का इस्तेमाल हुआ, इस बारे में कुछ बताएंगे? जवाब: 2020 में अजरबैजान और आर्मेनिया युद्ध में ड्रोन के इस्तेमाल ने पारंपरिक युद्ध का स्वरूप ही बदल दिया। दुनिया के सामने हथियारों का बिल्कुल नया रूप आया। हमने भी 2020 के बाद अनमैन्ड एरियल सिस्टम बनाने का फैसला किया। तीन साल की मेहनत के बाद हमने देश का पहला वेपनाइज्ड ड्रोन ‘नागास्त्र-1’ बनाया, जिसकी आपूर्ति हमारी सेना को की गई। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में इसका सटीक इस्तेमाल होना मैं केवल दैवीय कृपा मानता हूं। नागास्त्र-1 की रेंज 15 किलोमीटर है। इसके बाद हमने नागास्त्र-1A, नागास्त्र-1B और नागास्त्र-2 सहित अन्य वेरिएंट्स तैयार किए हैं। इन्हें ‘कामिकेज ड्रोन’ या ‘सुसाइड ड्रोन’ भी कहा जाता है। यह लक्ष्य के ऊपर काफी देर तक मंडरा सकता है, दुश्मनों का पता लगा सकता है और सटीक संकेत मिलते ही विस्फोटक वॉरहेड के साथ सीधे उससे टकराकर हमला कर सकता है। हमने सेना को इसकी सप्लाई भी शुरू कर दी है। इनकी रेंज 25 से 50 किलोमीटर है और इनमें 1 से 5 किलोग्राम तक का विस्फोटक लगाया जा सकता है। सवाल: क्या इन ड्रोन्स में स्वार्म टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है? जवाब: स्वार्म ड्रोन अभी अंडर-डेवलपमेंट है। ऑपरेशन सिंदूर के समय उधर से आए छोटे-छोटे ड्रोन्स का जवाब देने के लिए हमारे बड़े ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। इसके बाद हमने काउंटर ड्रोन सिस्टम के रूप में माइक्रो मिसाइल पर आधारित ‘भार्गवास्त्र’ डेवलप किया है। यह 10 किलोमीटर तक देख सकता है और 2.5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले किसी भी बाहरी ड्रोन या यूएवी को मार गिराने की क्षमता रखता है। अलग-अलग रेंज में इसका ट्रायल टेस्टिंग हो चुका है। स्वार्म ड्रोन छोटे और ऑटोनोमस (स्वायत्त) ड्रोन्स का नेटवर्क होता है, जो एआई और एडवांस सॉफ्टवेयर एल्गोरिदम की मदद से एक साथ मिलकर काम करते हैं। झुंड में होने के कारण, ये एक ही समय में सैकड़ों की संख्या में दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम, राडार या ठिकानों को निशाना बनाते हैं। इस झुंड के अलग-अलग ड्रोन्स को अलग-अलग काम सौंपे जा सकते हैं; जैसे कि कुछ जासूसी करते हैं, कुछ इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग करते हैं, तो कुछ सीधे हमला करते हैं। सवाल: क्या आप अब ‘ब्रह्मोस’ भी देश में ही बना रहे, इसमें क्या डेवलपमेंट हुआ है? जवाब: एक साल पहले तक ब्रह्मोस का बूस्टर और रॉकेट सिस्टम रूस से इम्पोर्ट किया जा रहा था। हमने डीआरडीओ के सहयोग से इसे अपने यहां डेवलप किया है। रूस के वैज्ञानिक भी यहाँ आए थे। उन्हें पांच दिन यहां रहकर व्यवस्था देखनी थी। लेकिन, पहले ही दिन शाम को उन्होंने हमारे सिस्टम को मंजूरी दी है। अब हमने 100 रॉकेट्स तैयार किए हैं; इसके अलावा इसका वॉरहेड भी बनाया है। फिलहाल उनकी टेस्टिंग चल रही है। सवाल: दुनिया भर में एआई और रोबोटिक्स का इस्तेमाल बढ़ा, क्या हम तैयार हैं? जवाब: अजरबैजान और आर्मेनिया के 2020 के युद्ध के बाद रूस-यूक्रेन और ईरान-इजरायल युद्ध में अनमैन्ड एरियल सिस्टम और लॉन्ग रेंज मिसाइलों का सबसे ज्यादा इस्तेमाल हुआ है। आने वाले समय में एआई और रोबोट्स का महत्व और बढ़ेगा। इसमें एक्युरेसी और किफायती कीमत सबसे महत्वपूर्ण है। रक्षा खरीद नीति 2026 में इस दिशा में काफी कदम उठाए गए हैं। मैं इतना ही कह सकता हूं कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सवाल: एआई और रोबोट्स को लेकर आपके यहां क्या काम हो रहा है? जवाब: हमने काफी कुछ काम किया है और कर भी रहे हैं। नागपुर के मिहान सेज में हमें पजेशन लेटर मिल गया है। हमें कुछ मंजूरियों का इंतजार है, जो दो-तीन महीनों में मिल जाएंगी। तीन-चार महीनों में हम अपना काम शुरू कर देंगे। आज हमारे जवानों को माइनस 40 डिग्री सेल्सियस (−40∘C) तापमान में तैनात रहना पड़ता है। सर्विलांस और सिक्योरिटी को और बेहतर बनाने के लिए हम एक साल के भीतर देश का पहला वेपनाइज्ड रोबोट बनाएंगे। हम डॉग रोबोट का प्रोटोटाइप बना रहे हैं। इसके बाद दो-तीन महीनों में हम ह्यूमनॉइड (इंसानों जैसा दिखने वाला रोबोट) तैयार कर लेंगे। सवाल: क्या आप पिनाका के अलावा भी रॉकेट टेक्नोलॉजी पर काम कर रहे हैं? जवाब: यह बताना संभव नहीं है। हमारे पास जो पिनाका रॉकेट बन रहा है, वह फिलहाल 75 किलोमीटर की दूरी तक मार कर सकता है। हमने सेना को इसकी रेंज बढ़ाकर 300 किलोमीटर करने का एक प्रस्ताव दिया है। हमें पूरा विश्वास है कि हम जल्द ही इसमें भी सफलता हासिल करेंगे। हमारी भारतीय सेना और केंद्र सरकार से बातचीत चल रही है। सवाल: गोला-बारूद के मामले में हमारी आत्मनिर्भरता का स्तर अभी क्या है? जवाब: हाई एनर्जी मटेरियल और प्रोपेलेंट के मामले में हम ग्लोबल लेवल के बराबर हैं। जो मटेरियल पहले हमारे यहाँ 100% इम्पोर्ट होता था, आज हम उसका 70% से ज्यादा मटेरियल यूएस, इजरायल, जर्मनी और फ्रांस जैसे देशों को एक्सपोर्ट कर रहे हैं। सवाल: महाराष्ट्र में अहिल्यानगर-संभाजीनगर डिफेंस कॉरिडोर पर तेजी से काम हो रहा, इस पर आपकी क्या राय है? जवाब: डिफेंस कॉरिडोर को लेकर अगर कोई सबसे ज्यादा प्रैक्टिकल और एग्रेसिव है, तो वह महाराष्ट्र सरकार ही है। जिस तरह से सिस्टेमैटिक ढंग से डिफेंस कॉरिडोर का काम चल रहा है, उससे मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि यहां का डिफेंस कॉरिडोर सबसे ज्यादा सफल होगा। महाराष्ट्र को अपनी भौगोलिक स्थिति का फायदा मिलता है, जो डिफेंस सेक्टर के लिए सबसे