Tuesday, 21 Jul 2026 | 03:30 PM

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BCCI Apex Council meeting today discusses retired players foreign league policy & aid to Maldives, Fiji. Follow Latest Updates.

BCCI Apex Council meeting today discusses retired players foreign league policy & aid to Maldives, Fiji. Follow Latest Updates.

Hindi News Sports BCCI Apex Council Meeting Today Discusses Retired Players Foreign League Policy & Aid To Maldives, Fiji. Follow Latest Updates. स्पोर्ट्स डेस्क5 मिनट पहले कॉपी लिंक BCCI विदेशी टी-20 लीगों में खेलने के लिए इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों को रोकने के लिए एक नई रिटायरमेंट नीति तैयार करने जा रहा है। आज होने वाली एपेक्स काउंसिल की ऑनलाइन बैठक में इस नीति के साथ-साथ मालदीव और फिजी क्रिकेट बोर्ड की मदद पर चर्चा होगी। इस बैठक के एजेंडे में भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी का मुद्दा शामिल नहीं है। विजय शंकर के संन्यास के बाद BCCI सख्त भारतीय क्रिकेटर्स में विदेशी टी-20 लीगों में खेलने के लिए समय से पहले इंटरनेशनल या डोमेस्टिक क्रिकेट से संन्यास लेने का चलन लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में ऑलराउंडर विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा की थी। संन्यास लेने के तुरंत बाद उन्होंने खुद को लंका प्रीमियर लीग (LPL) के लिए उपलब्ध कराया, जहां उन्हें कैंडी रॉयल्स ने साल 2026 सीजन के लिए साइन कर लिया है। इसी घटना के बाद BCCI इस मामले को लेकर गंभीर हुआ है। हाल ही में ऑलराउंडर विजय शंकर ने संन्यास लेने के तुरंत बाद लंका प्रीमियर लीग (LPL) खेलने की घोषणा की। इन 5 खिलाड़ियों ने भी अपनाया है यही रास्ता विजय शंकर से पहले भी कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीगों में हिस्सा लेने के लिए भारतीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक, युवराज सिंह, उन्मुक्त चंद, प्रविण तांबे और इरफान पठान शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने विदेशी लीगों में खेलने के योग्य होने के लिए भारतीय क्रिकेट से संन्यास का रास्ता चुना था। क्या है BCCI की वर्तमान पॉलिसी? BCCI की मौजूदा नीति के अनुसार, कोई भी एक्टिव भारतीय क्रिकेटर किसी भी विदेशी लीग में हिस्सा नहीं ले सकता है। इस नियम के दायरे में इंटरनेशनल खिलाड़ी, डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी और IPL के खिलाड़ी शामिल हैं। मालदीव और फिजी क्रिकेट बोर्ड की मदद पर विचार खिलाड़ियों के संन्यास के मुद्दे के अलावा, BCCI इस बैठक में दो इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड्स की मदद पर भी विचार करेगा। बोर्ड के अधिकारी क्रिकेट बोर्ड ऑफ मालदीव और क्रिकेट फिजी की ओर से आए सहायता के अनुरोधों पर चर्चा करेंगे। बैठक में इस बात की चर्चा की जाएगी कि इन दोनों बोर्डों को किस तरह का सहयोग दिया जा सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

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Hindi News Sports BCCI Apex Council Meeting Today Discusses Retired Players Foreign League Policy & Aid To Maldives, Fiji. Follow Latest Updates. स्पोर्ट्स डेस्क56 मिनट पहले कॉपी लिंक BCCI विदेशी टी-20 लीगों में खेलने के लिए इंटरनेशनल और घरेलू क्रिकेट से संन्यास लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों को रोकने के लिए एक नई रिटायरमेंट नीति तैयार करने जा रहा है। आज होने वाली एपेक्स काउंसिल की ऑनलाइन बैठक में इस नीति के साथ-साथ मालदीव और फिजी क्रिकेट बोर्ड की मदद पर चर्चा होगी। इस बैठक के एजेंडे में भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी का मुद्दा शामिल नहीं है। विजय शंकर के संन्यास के बाद BCCI सख्त भारतीय क्रिकेटर्स में विदेशी टी-20 लीगों में खेलने के लिए समय से पहले इंटरनेशनल या डोमेस्टिक क्रिकेट से संन्यास लेने का चलन लगातार बढ़ रहा है। हाल ही में ऑलराउंडर विजय शंकर ने भारतीय क्रिकेट से अपने संन्यास की घोषणा की थी। संन्यास लेने के तुरंत बाद उन्होंने खुद को लंका प्रीमियर लीग (LPL) के लिए उपलब्ध कराया, जहां उन्हें कैंडी रॉयल्स ने साल 2026 सीजन के लिए साइन कर लिया है। इसी घटना के बाद BCCI इस मामले को लेकर गंभीर हुआ है। हाल ही में ऑलराउंडर विजय शंकर ने संन्यास लेने के तुरंत बाद लंका प्रीमियर लीग (LPL) खेलने की घोषणा की। इन 5 खिलाड़ियों ने भी अपनाया है यही रास्ता विजय शंकर से पहले भी कई भारतीय खिलाड़ी विदेशी लीगों में हिस्सा लेने के लिए भारतीय क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। इस लिस्ट में दिनेश कार्तिक, युवराज सिंह, उन्मुक्त चंद, प्रविण तांबे और इरफान पठान शामिल हैं। इन सभी खिलाड़ियों ने विदेशी लीगों में खेलने के योग्य होने के लिए भारतीय क्रिकेट से संन्यास का रास्ता चुना था। क्या है BCCI की वर्तमान पॉलिसी? BCCI की मौजूदा नीति के अनुसार, कोई भी एक्टिव भारतीय क्रिकेटर किसी भी विदेशी लीग में हिस्सा नहीं ले सकता है। इस नियम के दायरे में इंटरनेशनल खिलाड़ी, डोमेस्टिक क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ी और IPL के खिलाड़ी शामिल हैं। मालदीव और फिजी क्रिकेट बोर्ड की मदद पर विचार खिलाड़ियों के संन्यास के मुद्दे के अलावा, BCCI इस बैठक में दो इंटरनेशनल क्रिकेट बोर्ड्स की मदद पर भी विचार करेगा। बोर्ड के अधिकारी क्रिकेट बोर्ड ऑफ मालदीव और क्रिकेट फिजी की ओर से आए सहायता के अनुरोधों पर चर्चा करेंगे। बैठक में इस बात की चर्चा की जाएगी कि इन दोनों बोर्डों को किस तरह का सहयोग दिया जा सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

टिप्स और ट्रिक्स: बारिश शुरू हो गई है ही घर की दीवारों में शुरू हो गई है सीलन? अपनाएं ये 5 अपार्टमेंट और स्मार्ट तरीके; चमक उठेगा घर

युक्तियाँ और चालें

4 जून 2026 को 20:39 IST पर अपडेट किया गया टिप्स और ट्रिक्स: बहस की पहली फुहार जहां गर्मी से राहत लाती है, वहीं घर की दीवारों पर झील और सीलन का सिरदर्द भी साथ लाती है। सीलन सिर्फ घर की सुंदरता को कम करती है, बल्कि दीवारों की सजावट और आपकी सेहत को भी नुकसान पहुंचाती है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो ये 5 स्मार्टफोन और स्मार्ट तरीके अपनाएं। अनुसरण करना : डिफॉल्ट की शुरुआत से पहले ही दीवारों पर अच्छी क्वालिटी की वॉटर ड्रूइंग कोटिंग या पेंट करवाएं। यह सुरक्षा की एक मजबूत परत तैयार करती है। छवि: मेटा एआई दर्शन के नायन में एक कटोरी सेंधा नमक भर कर रखें। यह हवा की अतिरिक्त लाइब्रेरी को तुरंत खींच लेता है। छवि: मेटा एआई वॉर्डरोब और फ़्लोरिडा की शैली में सिलिका जेल के टुकड़े रखें ताकि पियानो से पोशाक खराब न हो। छवि: फ्रीपिक बारिश थमते ही और धूप में ही तुरंत घर की सभी चीजें खुलती हैं। प्राकृतिक हवा और धूप का प्रवाह सीलन की गंध और ज्वालामुखी से समाप्त होने में बहुत प्रभावशाली है। छवि: फ्रीपिक दरवाज़ा, वन्यजीवों के खेल और बाहरी दीवारों पर बन रही माहीन अंधेरे को पहचानें। डिफॉल्ट आने से पहले ही उन्हें डेडिकेटेड या सिलिकॉन सीलेंट की मदद से पूरी तरह से बंद कर दें। छवि: फ्रीपिक दीवारों पर जमा काली पट्टियों को हटाने के लिए सफेद सिरके को सीधे प्रभावित हिस्सों पर मारा जाए। इसे 15 मिनट के लिए छोड़ दें। फिर से होटल सोडा और पानी के नासा से राँगा करके साफ करें। छवि: फ्रीपिक द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 4 जून 2026 को 20:39 IST पर

RPSC Grievance Portal | Rajasthan Commission Officials Fast Resolution

RPSC Grievance Portal | Rajasthan Commission Officials Fast Resolution

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वेबसाइट पर ग्रीवेंस पोर्टल पर दर्ज शिकायतें सीधे सम्बन्धित अफसर तक पहुंचती है और इनका समय पर निस्तारण हो जाता है। . आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने सभी कैंडिडेट्स से अपील की है कि वे अपनी शिकायत ई-मेल या अन्य माध्यम के बजाय ग्रीवेंस पोर्टल के माध्यम से करें, ताकि उनका त्वरित निस्तारण हो सके। अन्य माध्यम से होती है देरी वर्तमान में कई अभ्यर्थी अपनी शिकायतें और परिवेदनाएं आयोग की फीडबैक ईमेल आईडी (feedback.rpsc@rajasthan.gov.in) पर भी भेज रहे हैं। इसके अतिरिक्त, आयोग के विभिन्न प्रशासनिक अनुभागों की ईमेल आईडी पर भी अभ्यर्थियों द्वारा शिकायतें प्रेषित की जा रही हैं। इन ईमेल एड्रेस पर अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत शिकायतें और प्रकरण प्राप्त होने के कारण, आयोग को प्राप्त शिकायतों का प्रकार तय करने और उनका अनुभागवार वर्गीकरण करने में अत्यधिक समय लग जाता है और मूल शिकायतों के निस्तारण में देरी होती है। निर्धारित ग्रीवेंस पोर्टल के अलावा किसी भी अन्य माध्यम, प्रार्थना पत्र या ईमेल से प्राप्त होने वाले प्रकरण स्ट्रक्चर्ड मैनर से प्राप्त नहीं होने के कारण उनके निस्तारण में अत्यधिक समय लगता है, वहीं ग्रीवेंस पोर्टल पूर्णतया स्ट्रक्चर्ड पोर्टल होने के कारण शिकायतें सीधी संबंधित डीलिंग अधिकारी के खाते में पंहुचती हैं। इसी कारण समयबद्ध समाधान के लिए केवल और केवल कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल का ही प्रयोग करें। आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-ग्रीवेंस पोर्टल ही सबसे अच्छा माध्यम। त्वरित निवारण हेतु कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल अपडेट आयोग के जाइंट डायरेक्टर-आईटी योगेश कुमार ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा अभ्यर्थियों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अपने ऑनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम (कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल ) को अपडेट कर दिया गया है। यदि अभ्यर्थियों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन या आरपीएससी की किसी भी भर्ती परीक्षा, आवेदन प्रक्रिया या कोई तकनीकी समस्या आ रही है, तो इसके समाधान हेतु अपनी शिकायत केवल आयोग के कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर ही निर्धारित प्रक्रिया अनुसार दर्ज करनी होगी। दो तरीको से दर्ज कराई जा सकती है शिकायत इस पोर्टल पर दो तरीकों से परिवेदना/शिकायत दर्ज की जा सकती है। पोर्टल पर लॉग-इन करने के लिए उम्मीदवारों को दो विकल्प दिए गए हैं। ओटीआर आधारित – अगर समस्या किसी परीक्षा से जुड़ी नहीं है, बल्कि वन टाइम रजिस्ट्रेशन के तकनीकी कारणों या प्रोफाइल संशोधन से संबंधित है, तो इस विकल्प को चुनें। एप्लिकेशन नंबर आधारित- अगर समस्या किसी विशेष परीक्षा, एडमिट कार्ड या परीक्षा फॉर्म से जुड़ी है, तो आपको इस विकल्प का चयन करना होगा। शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया… स्टेप 1ः- कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर जाएं स्टेप 2- वेरिफिकेशन और ओटीपी – पोर्टल पर समस्या के प्रकार अनुसार ओटीआर या एप्लीकेशन आइडी के विकल्प को सिलेक्ट करें। अपना संबंधित नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद वैलिडेट एंड सैंड ओटीपी पर क्लिक करें। मोबाइल पर आए ओटीपी और स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड को भरकर सबमिट करें। स्टेप 3- शिकायत की केटेगरी चुनें – सफलतापूर्वक लॉग-इन होने के बाद यहां आपको अपनी समस्या के अनुसार ग्रीवेंस केटेगरी और ग्रीवेंस सब केटेगरी का चुनाव करना होगा। उदाहरण के लिएः- तकनीकी समस्याः- ऑनलाइन फॉर्म, ऑनलाइन फीस या पोर्टल से जुड़ी दिक्कतें। परीक्षा संबंधीः- एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र, परीक्षा तिथि या सिलेबस संबंधी शिकायत। परिणाम/उत्तर कुंजी/ आंसर-की पर आपत्ति, ओएमआर शीट या मार्क्स से जुड़े मामले। स्टेप 4- विवरण लिखें और फाइनल सबमिट करें इसके बाद ग्रीवेंस डिटेल वाले बॉक्स में कम से कम 30 अक्षरों में अपनी समस्या को साफ-साफ लिखें। यदि आपके पास शिकायत से जुड़ा कोई दस्तावेज है, तो उसे पीडीएफ फॉर्मेट (अधिकतम 2 एमबी) में अपलोड करें। अंत में सब्मिट ग्रीवेंस पर क्लिक करें। स्क्रीन पर सफल रजिस्ट्रेशन का पॉप-अप आएगा और आपको एक ग्रीवेंस नंबर मिल जाएगा, जिसे भविष्य में संदर्भ लिए नोट कर लें। ग्रीवेंस दर्ज होने संबंधी जानकारी एवं ग्रीवेंस नंबर पंजीकृत मोबाइल पर एसएमस के माध्यम से भी प्राप्त होगा। कैसे चेक करें अपनी शिकायत का स्टेटस? शिकायत दर्ज करने के बाद अभ्यर्थी कभी भी पोर्टल के होम पेज पर जाकर ऊपर दाईं ओर दिए गए व्यू एग्जिस्टिंग ग्रीवेंस स्टेट्स बटन पर क्लिक अपना ग्रीवेंस नंबर, मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालकर सबमिट करने पर शिकायत की वर्तमान स्थिति या आयोग का प्रत्युत्तर देख सकते हैं। अभ्यर्थी ध्यान दें सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन इस पोर्टल पर स्वीकार नहीं होंगे, उसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें। इन्टरनल काम के लिए ई-मेल आईडी आयोग के विभिन्न अनुभागों की ईमेल आईडी केवल आंतरिक कार्यालयी कामकाज, विभागीय समन्वय और आधिकारिक पत्र-व्यवहार के लिए निर्धारित हैं। गोपनीय रूप से दें संवेदनशील सूचना यदि कोई व्यक्ति परीक्षा की गोपनीयता या शुचिता संबंधित अथवा परीक्षा प्रक्रिया को बाधित या प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के बारे में कोई जानकारी देना चाहता है, तो वह आयोग कार्यालय में पूरी तरह गोपनीय तरीके से जरिये पोस्टल डाक सूचित कर सकता है।

भाजपा ने राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव, ओडिशा विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की | भारत समाचार

Follow Pakistan vs Australia live. (AFP Photo)

आखरी अपडेट:04 जून, 2026, 19:30 IST पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, मणिपुर और राजस्थान में राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए उम्मीदवारों को मंजूरी दे दी। बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (छवि: पीटीआई) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को पांच राज्यों में 2026 के राज्यसभा द्विवार्षिक चुनावों के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा की और ओडिशा विधानसभा उपचुनाव के लिए भी अपने उम्मीदवार का नाम घोषित किया। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा जारी एक बयान में, भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, मध्य प्रदेश, मणिपुर और राजस्थान में राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों को मंजूरी दे दी। अरुणाचल प्रदेश के लिए पार्टी ने ताई तगाक को अपना उम्मीदवार बनाया है। गुजरात में बीजेपी ने राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार और जीतेंद्र मेघजीभाई कंजारिया को मैदान में उतारा. मध्य प्रदेश के लिए पार्टी ने बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ और रजनीश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाया है. भाजपा ने मणिपुर से ए.शारदा देवी और राजस्थान से डॉ. अलका गुर्जर और डॉ. सतीश पूनिया को भी मैदान में उतारा है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 2026 में होने वाले ओडिशा विधानसभा उपचुनाव के लिए देबाशीष सामंतराय की उम्मीदवारी को भी मंजूरी दे दी। यह सूची भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव और मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह ने जारी की। बीजेपी ने घोषित किये उम्मीदवार अरुणाचल प्रदेश ताई तगाक गुजरात राजूभाई शुक्ला, मुकेशभाई राठवा, मानसिंह परमार, जीतेन्द्र मेघजीभाई कंजारिया मध्य प्रदेश तरूण चुघ, रजनीश अग्रवाल मणिपुर ए.शारदा देवी राजस्थान डॉ अलका गुर्जर डॉ सतीश पूनिया ओडिशा विधानसभा उपचुनाव देबाशीष सामंतराय पंजाब पर नज़र रखने वाली सूची? नरेंद्र मोदी सरकार में दो केंद्रीय मंत्रियों – रवनीत सिंह बिट्टू और जॉर्ज कुरियन को पार्टी की राज्यसभा सूची से हटा दिया गया है। सूत्रों ने संकेत दिया कि बिट्टू की अनुपस्थिति को पार्टी के भीतर एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है कि भाजपा उन्हें अगले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में एक बड़ी भूमिका के लिए तैयार कर रही है। बिट्टू ने हाल ही में पंजाब की राजनीति में वापसी का संकेत दिया था, सूत्रों ने उनकी टिप्पणी की ओर इशारा करते हुए कहा था कि राज्य के लिए उनका “बैग पैक” किया गया है। पार्टी ने मध्य प्रदेश से बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ को उम्मीदवार बनाया है. सूत्रों ने कहा कि नामांकन को उनके संगठनात्मक कार्यों और पार्टी के विस्तार प्रयासों में योगदान के पुरस्कार के रूप में देखा जा रहा है। राजस्थान में, भाजपा ने पूर्व राज्य इकाई प्रमुख सतीश पूनिया को मैदान में उतारा, सूत्रों ने कहा कि यह कदम राज्य में प्रभावशाली जाट समुदाय तक पार्टी की पहुंच को मजबूत करता है। एक और उल्लेखनीय समावेश बीजू जनता दल (बीजेडी) के पूर्व नेता देबाशीष सामंतराय का है, जिन्होंने हाल ही में पार्टी से इस्तीफा दे दिया और भाजपा में शामिल हो गए। सूत्रों ने कहा कि भाजपा ने उन्हें ओडिशा विधानसभा उपचुनाव के लिए नामांकित किया है, जिससे उन्हें पहले खाली की गई सीट के माध्यम से विधायिका में लौटने में मदद मिलेगी। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना लेखक के बारे में शंख्यानील सरकार शंख्यानील सरकार News18 में वरिष्ठ उपसंपादक हैं। वह अंतरराष्ट्रीय मामलों को कवर करते हैं, जहां वह ब्रेकिंग न्यूज से लेकर गहन विश्लेषण तक पर ध्यान केंद्रित करते हैं। उनके पास पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव है जिसके दौरान उन्होंने …और पढ़ें न्यूज़ इंडिया भाजपा ने राज्यसभा द्विवार्षिक चुनाव, ओडिशा विधानसभा उपचुनाव के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बीजेपी के राज्यसभा उम्मीदवार 2026(टी)बीजेपी उम्मीदवारों की सूची(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)बीजेपी के राज्यसभा उम्मीदवार(टी)ओडिशा विधानसभा उपचुनाव(टी)ताई तगाक अरुणाचल(टी)तरुण चुघ मध्य प्रदेश(टी)सतीश पूनिया राजस्थान

DMK ने भारत ब्लॉक बैठक का बहिष्कार किया: कांग्रेस के खिलाफ DMK के ‘विश्वासघात’ के दावे पर विपक्षी एकता में दरार

DMK ने भारत ब्लॉक बैठक का बहिष्कार किया: कांग्रेस के खिलाफ DMK के 'विश्वासघात' के दावे पर विपक्षी एकता में दरार

तमिलनाडु चुनावों के बाद कांग्रेस द्वारा “विश्वासघात” का हवाला देते हुए द्रमुक द्वारा एक प्रमुख विपक्षी बैठक से हटने का निर्णय लेने के बाद भारतीय गुट को अपनी एकता पर नए सिरे से सवालों का सामना करना पड़ रहा है। यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सहित अन्य गठबंधन सहयोगियों के भीतर कथित आंतरिक तनाव के बीच आया है, जिससे विपक्षी मोर्चे के भीतर एकजुटता को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का सुझाव है कि ये बढ़ती दरारें राष्ट्रीय राजनीति को नया रूप दे सकती हैं और संभावित रूप से आगामी संसदीय और विधायी लड़ाई में एनडीए को फायदा दे सकती हैं। n18oc_politicsn18oc_plain-speakn18oc_indiaNews18 मोबाइल ऐप – https://onelink.to/desc-youtube

RCB वाले वीडियो पर नुसरत भरूचा ने दी सफाई:यूजर्स पर भड़कते हुए कहा- कुछ लोगों ने तो हद ही कर दी है

RCB वाले वीडियो पर नुसरत भरूचा ने दी सफाई:यूजर्स पर भड़कते हुए कहा- कुछ लोगों ने तो हद ही कर दी है

बॉलीवुड एक्ट्रेस नुसरत भरूचा हाल ही में आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की जीत के बाद सोशल मीडिया पर एक विवाद को लेकर चर्चा में आ गईं। RCB की खिताबी जीत के बाद नुसरत ने जश्न मनाते हुए अपने टीवी स्क्रीन का एक वीडियो इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया था। वीडियो के बैकग्राउंड में कुछ आवाजें सुनाई दीं, जिन्हें कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने गलत तरीके से समझ लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलने लगीं। कुछ ही मिनटों बाद नुसरत ने वह इंस्टाग्राम स्टोरी डिलीट कर दी। नुसरत ने बताया आवाजों की वजह ट्रोलिंग के बाद नुसरत भरूचा ने सोशल मीडिया पर इस मामले पर सफाई दी। उन्होंने बताया कि वह अपने एक दोस्त के घर पर मैच देख रही थीं और वीडियो में सुनाई दे रही आवाजें उनके दोस्त के छोटे पपी की थीं। नुसरत के मुताबिक, बाहर हो रही तेज आतिशबाजी के कारण पपी डर गया था और रो रहा था। उन्होंने उस रात के कुछ अन्य वीडियो भी शेयर किए, जिनमें पपी नजर आ रहा है और वैसी ही आवाजें सुनाई दे रही हैं। नुसरत ने ट्रोलिंग को लेकर लिखा, “कुछ लोगों ने तो हद ही कर दी है। एक पपी के रोने की आवाज पर इतना बवाल मचा दिया। अपने दिमाग के फितूर को शांत रखें और बिना सोचे-समझे किसी बात को न फैलाएं।” नुसरत भरूचा ‘प्यार का पंचनामा’ और ‘सोनू के टीटू की स्वीटी’ जैसी फिल्मों के लिए जानी जाती हैं। वह आखिरी बार फिल्म ‘उफ्फ ये सियापा’ में नजर आई थीं। फिल्म का निर्देशन जी. अशोक ने किया था। वहीं, इसे लव रंजन और अंकुर गर्ग की लव फिल्म्स ने प्रोड्यूस किया था। फिल्म का म्यूजिक ए.आर. रहमान ने दिया था। नुसरत के अलावा फिल्म में सोहम शाह, नोरा फतेही, ओंकार कपूर और शारिब हाशमी भी में थे। यह फिल्म 5 सितंबर 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। हालांकि, रिलीज के बाद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कोई खास कमाल नहीं दिखा सकी और फ्लॉप साबित हुई। फिल्म भारतीय बॉक्स ऑफिस पर अपने पूरे रन में सिर्फ 5 लाख रुपये की कमाई कर सकी थी।

गाय बनाम भैंस घी: घर पर घी बनाने का रहस्य… जानिए गाय और भैंस में से किस दूध से निकलेगा डबल घी

गाय बनाम भैंस का घी

4 जून 2026 को 19:01 IST पर अपडेट किया गया गाय बनाम भैंस का घी: मलाई से चिप्सदार और दानेदार घी बनाना एक कला है, लेकिन अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि गाय और भैंस के घर से किस दूध से ज्यादा घी निकलता है। आइए जानते हैं। अनुसरण करना : अगर आप घर पर अधिक मात्रा में घी बनाना चाहते हैं, तो बफ़ेलो का दूध सबसे बेहतरीन विकल्प है। भैंस के दूध में फैट की मात्रा लगभग 7% से 8% होती है, जो कि गाय के दूध में (3% से 4%) की मात्रा लगभग होती है। छवि: मेटा एआई गाय के दूध का घी पतले पीले रंग का होता है। इसमें प्रचुर मात्रा में विटामिन ए, के2, और बीटा-कैरोटीन पाया जाता है। यह एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत है। छवि: मेटा एआई यह घी बेहद प्रभावकारी और आसानी से पचने योग्य होता है। गाय के घी में मौजूद शॉर्ट-चेन साइबेरियाई एसिड्स आपके मेटाबॉलिज्म को तेज करते हैं। यह हृदय रोग और वजन कम करने वालों के लिए बेहतर है। छवि: मेटा एआई दूध को हमेशा के लिए लंबे समय तक स्टॉक में रखा गया। बाद में दूध को पूरी तरह से ठंडा होने दें और फिर 8-10 घंटे के लिए फ़िरोज़ में रख दें। इससे दूध के ऊपर एक बेहद मोटा और मलाईदार परत जम जाएगा छवि: मेटा एआई मलाई से मक्खन के तेल का उपयोग हमेशा ठंडा पानी या बर्फ के मिश्रण के रूप में करें। यह मलाई में मौजूद फैट को तेजी से बांधता है, जिससे तुरंत मक्खन अलग हो जाता है और मट्ठा नीचे रह जाता है। छवि: मेटा एआई मक्खन को हमेशा भारी चॉकलेट के पोर में ही टुकड़े टुकड़े कर दिया जाता है। तेज़ आँकड़े पर कुकिंग से नीचे मलाई जल दिया जाता है और घी की मात्रा कम हो जाती है। छवि: मेटा एआई मक्खन को हमेशा भारी चॉकलेट के पोर में ही टुकड़े टुकड़े कर दिया जाता है। तेज़ आँकड़े पर कुकिंग से नीचे मलाई जल दिया जाता है और घी की मात्रा कम हो जाती है। छवि: मेटा एआई द्वारा प्रकाशित: आर्या पांडे प्रकाशित 4 जून 2026 19:01 IST पर

लौकी आलू का स्टू रेसिपी: घर पर ऐसे खास यूपी-बिहार का स्पेशल लोकी आलू का स्टुड, बच्चे-बजे सब लाजवाब; विधि नोट करें

तस्वीर का विवरण

सामग्री: 1 छोटी लौकी, 2 आलू, 1 टमाटर, 1 हरी मिर्च, 1 छोटा जीरा, 1/2 छोटा हल्दी पाउडर, 1/2 छोटा लौकी पाउडर, नमक का स्वाद, 1 बड़ा मसाला हल्दी का तेल, 2 कप पानी, हरा धनियां छवि: फ्रीपिक बनाने की विधि: सबसे पहले कुकर या पेस्टिल पोएट्री में तेल गर्म करें। इसमें जीरा और चटकने का जिक्र किया गया है। फिर हरी मिर्ची मठ कुछ सेकंड भून लें। अब कटे हुए आलू और लौकी डालें। छवि: मेटा एआई 2-3 मिनट तक प्रभाव ताकि स्वाद और बढ़ जाए। हल्दी, धनिया पाउडर और नमक संरचना अच्छी तरह मिला लें। इसके बाद कटे हुए टमाटर और एक-दो मिनट का नाश्ता दिया। छवि: इंस्टाग्राम अब इसमें पानी और कुकर का अपार्टमेंट बंद कर दिया गया है। 2-3 शहर आने तक। यदि पोथियो में बनाये जा रहे हैं तो प्रमाणित प्राकृतिक होने तक। कुकर की खेप के बाद मियामी में। छवि: एआई ऊपर से हरा धनिया और रखा गर्मागर्म नौकरियाँ। देसी स्वाद के लिए घरेलू तेल का उपयोग करें। फ्लाइट तो इसमें शामिल सी इंटरेक्शन भी डाल सकते हैं। छवि: ऐ स्टुट को अधिकतर सोलोवेट या सोलो अपनी पसंद के अनुसार बनाया जा सकता है। इसे रोटी, पराठे या विदेशी चावल के साथ बनायें। लौकी और आलू का यह प्रभाव पोषण के साथ-साथ संतृप्त होता है। छवि: सोशल मीडिया गर्मियों में यह पेट को ठंडक देने का काम करता है और आसानी से पच भी जाता है। कम क्वालिटी में बनने वाली यह पारंपरिक रेसिपी, स्वाद और स्वास्थ्य दोनों का सबसे अच्छा मेल है। छवि: फ्रीपिक अगर आप घर पर कुछ सरल, स्वादिष्ट और स्वादिष्ट बनाना चाहते हैं, तो यूपी-बिहार का यह स्पेशल लोकी आलू का स्टाक जरूर देखें। एक बार के खाने के बाद घर के सभी लोग इसकी महिमा के बिना नहीं रहेंगे। छवि: फ्रीपिक

Black Buck Producer Shreds Salman Khans Legal Notice

Black Buck Producer Shreds Salman Khans Legal Notice

2 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर जारी विवाद के बीच फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की ओर से मिले लीगल नोटिस को फाड़ दिया। अमित जानी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में उन्होंने कहा, हर कोई मुझसे पूछ रहा है, मीडिया, दोस्त, कि सलमान खान के नोटिस पर आपको क्या कहना है? इस नोटिस पर मैं क्या कहूं? पिछले 36 घंटों से उनकी डोंगरी, धारावी, जोगेश्वरी के मुस्लिम लड़कों की फैन फॉलोइंग, उनके टूलकिट ने मुझे जान से मारने, मुंबई आने और सिर कलम करने के हजारों मैसेज भेजे हैं और उनके टूलकिट के जरिए एक मैसेज, चाहे वह असली हो या नकली, मुझे नहीं पता, डी-कंपनी के नाम से भेजा गया है। डी-कंपनी छोड़ेगी नहीं। जानी ने आगे कहा कि तो मैं किसका जवाब दूं? क्या मैं सलमान खान की टूलकिट द्वारा हजारों गालियां दिलवाई गईं और धमकियां दिलवाई गईं, उनका जवाब दूं? क्या मैं इस नोटिस का जवाब दूं? इसके बाद जानी नोटिस फाड़ते हुए बोले कि यही आपके नोटिस का जवाब है। उन्होंने आगे कहा, अब रहीं आपकी धमकियां। आपकी जो धमकी देने वाली टूलकिट है, जो गैंग हैं, आपके जो बदतमीज फैन हैं, और धारावी में पले तथाकथित गुंडे हैं, या आपके वे तथाकथित फैन जो जोगेश्वरी और डोंगरी में रहते हैं, और डी-कंपनी की तरफ से जिस तरह के मैसेज आ रहे हैं कि परिवार को खत्म कर देंगे नोटिस, मैंने आपको आपका जवाब दे दिया है। अब हम डी-कंपनी को देखेंगे। भेजो, जिसे भेजना है। वहीं, इससे पहले ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट में पोस्ट किए वीडियो में अमित जानी ने कहा था कि हमारी पूरी फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। हमारी पूरी फिल्म सलमान खान के नजरिए से नहीं है। अमित जानी इससे पहले फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ (2025) बना चुके हैं। वहीं ABP न्यूज के साथ बातचीत में जानी ने कहा था कि ‘काला हिरण’ बिश्नोई समाज के संघर्ष, उनकी विरासत और वन्यजीवों के प्रति उनके समर्पण को दिखाती है। सलमान खान फिल्म का सिर्फ एक पार्ट हैं। ‘काला हिरण’ को लेकर सलमान ने लीगल नोटिस भेजा ‘काला हिरण’ को लेकर सलमान की ओर से लीगल नोटिस भेजा गया था। न्यूज18 की रिपोर्ट में बताया गया था कि सलमान की ओर से लॉ फर्म DSK लीगल ने कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे को एक लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में ‘काला हिरण’ नाम की प्रस्तावित फिल्म के प्रोडक्शन और प्रमोशन को तुरंत रोकने की मांग की गई है। 20 जून को टीजर आना है सलमान से जुड़े काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म ‘काला हिरण’ का पोस्टर पिछले शुक्रवार को जारी किया गया था। वहीं कहा गया था कि फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान और गैंगस्टर लॉरेंस के बीच के विवाद को दिखाया जाएगा। हालांकि, यह जानकारी सामने नहीं आई थी कि इसमें कौन लीड रोल में है। वहीं, इसके पोस्टर में जो एक्टर दिखा है, वह जाना-पहचाना नहीं है। फिल्म ‘काला हिरण’ के पोस्टर के अनुसार, इसके डायरेक्टर भारत एस. श्रीनेत हैं। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 में सामने आया था, जब वो जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग कर रहे थे। सलमान के खिलाफ कुल चार केस दर्ज किए गए थे। इनमें दो चिंकारा शिकार मामले, एक कांकाणी काला हिरण शिकार मामला और एक आर्म्स एक्ट का मामला शामिल था। काला हिरण शिकार मामले में बिश्नोई समुदाय की शिकायत पर सलमान के साथ सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। अप्रैल 2006 में चिंकारा शिकार मामलों में सलमान को सजा सुनाई गई। जनवरी 2017 में उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में बरी कर दिया गया। वहीं, 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण शिकार मामले में उन्हें 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। इसी मामले में बाकी कलाकारों को बरी कर दिया गया था। बाद में सलमान को जमानत मिल गई। फिलहाल यह मामला राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 के लिए तय की है। सलमान खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…