Black Buck Producer Shreds Salman Khans Legal Notice

56 मिनट पहले कॉपी लिंक फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर जारी विवाद के बीच फिल्म के प्रोड्यूसर अमित जानी ने सलमान खान की ओर से मिले लीगल नोटिस को फाड़ दिया। अमित जानी ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया। वीडियो में उन्होंने कहा, हर कोई मुझसे पूछ रहा है, मीडिया, दोस्त, कि सलमान खान के नोटिस पर आपको क्या कहना है? इस नोटिस पर मैं क्या कहूं? पिछले 36 घंटों से उनकी डोंगरी, धारावी, जोगेश्वरी के मुस्लिम लड़कों की फैन फॉलोइंग, उनके टूलकिट ने मुझे जान से मारने, मुंबई आने और सिर कलम करने के हजारों मैसेज भेजे हैं और उनके टूलकिट के जरिए एक मैसेज, चाहे वह असली हो या नकली, मुझे नहीं पता, डी-कंपनी के नाम से भेजा गया है। डी-कंपनी छोड़ेगी नहीं। जानी ने आगे कहा कि तो मैं किसका जवाब दूं? क्या मैं सलमान खान की टूलकिट द्वारा हजारों गालियां दिलवाई गईं और धमकियां दिलवाई गईं, उनका जवाब दूं? क्या मैं इस नोटिस का जवाब दूं? इसके बाद जानी नोटिस फाड़ते हुए बोले कि यही आपके नोटिस का जवाब है। उन्होंने आगे कहा, अब रहीं आपकी धमकियां। आपकी जो धमकी देने वाली टूलकिट है, जो गैंग हैं, आपके जो बदतमीज फैन हैं, और धारावी में पले तथाकथित गुंडे हैं, या आपके वे तथाकथित फैन जो जोगेश्वरी और डोंगरी में रहते हैं, और डी-कंपनी की तरफ से जिस तरह के मैसेज आ रहे हैं कि परिवार को खत्म कर देंगे नोटिस, मैंने आपको आपका जवाब दे दिया है। अब हम डी-कंपनी को देखेंगे। भेजो, जिसे भेजना है। वहीं, इससे पहले ऑफिशियल फेसबुक अकाउंट में पोस्ट किए वीडियो में अमित जानी ने कहा था कि हमारी पूरी फिल्म सलमान खान की बायोपिक नहीं है। हमारी पूरी फिल्म सलमान खान के नजरिए से नहीं है। अमित जानी इससे पहले फिल्म ‘उदयपुर फाइल्स’ (2025) बना चुके हैं। वहीं ABP न्यूज के साथ बातचीत में जानी ने कहा था कि ‘काला हिरण’ बिश्नोई समाज के संघर्ष, उनकी विरासत और वन्यजीवों के प्रति उनके समर्पण को दिखाती है। सलमान खान फिल्म का सिर्फ एक पार्ट हैं। ‘काला हिरण’ को लेकर सलमान ने लीगल नोटिस भेजा ‘काला हिरण’ को लेकर सलमान की ओर से लीगल नोटिस भेजा गया था। न्यूज18 की रिपोर्ट में बताया गया था कि सलमान की ओर से लॉ फर्म DSK लीगल ने कास्टिंग डायरेक्टर अक्षय पांडे को एक लीगल नोटिस भेजा है। इस नोटिस में ‘काला हिरण’ नाम की प्रस्तावित फिल्म के प्रोडक्शन और प्रमोशन को तुरंत रोकने की मांग की गई है। 20 जून को टीजर आना है सलमान से जुड़े काला हिरण शिकार मामले पर आधारित फिल्म ‘काला हिरण’ का पोस्टर पिछले शुक्रवार को जारी किया गया था। वहीं कहा गया था कि फिल्म का फर्स्ट लुक और टीजर 20 जून को जारी किया जाएगा। फिल्म में सलमान और गैंगस्टर लॉरेंस के बीच के विवाद को दिखाया जाएगा। हालांकि, यह जानकारी सामने नहीं आई थी कि इसमें कौन लीड रोल में है। वहीं, इसके पोस्टर में जो एक्टर दिखा है, वह जाना-पहचाना नहीं है। फिल्म ‘काला हिरण’ के पोस्टर के अनुसार, इसके डायरेक्टर भारत एस. श्रीनेत हैं। 1998 में काला हिरण शिकार मामला सामने आया सलमान खान से जुड़ा काला हिरण शिकार मामला साल 1998 में सामने आया था, जब वो जोधपुर में फिल्म ‘हम साथ-साथ हैं’ की शूटिंग कर रहे थे। सलमान के खिलाफ कुल चार केस दर्ज किए गए थे। इनमें दो चिंकारा शिकार मामले, एक कांकाणी काला हिरण शिकार मामला और एक आर्म्स एक्ट का मामला शामिल था। काला हिरण शिकार मामले में बिश्नोई समुदाय की शिकायत पर सलमान के साथ सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया था। अप्रैल 2006 में चिंकारा शिकार मामलों में सलमान को सजा सुनाई गई। जनवरी 2017 में उन्हें आर्म्स एक्ट मामले में बरी कर दिया गया। वहीं, 5 अप्रैल 2018 को काला हिरण शिकार मामले में उन्हें 5 साल की जेल और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा मिली। इसी मामले में बाकी कलाकारों को बरी कर दिया गया था। बाद में सलमान को जमानत मिल गई। फिलहाल यह मामला राजस्थान हाई कोर्ट में लंबित है। अगली सुनवाई 13 जुलाई 2026 के लिए तय की है। सलमान खान फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
कनाडा में स्विमिंग पूल में डूबने से युवक की मौत:कुरुक्षेत्र से 2 साल पहले गया, ₹14 लाख में डेडबॉडी इंडिया पहुंची; दिसंबर में होनी थी शादी

हरियाणा के कुरुक्षेत्र के युवक की कनाडा में स्वीमिंग पूल में डूबने से मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ, जब युवक नहाने के लिए स्वीमिंग में उतरा, लेकिन पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। जब तक उसे बाहर निकाला जाता, वह बेसुध हो चुका था। साथियों ने उसे तुरंत ही हॉस्पिटल में एडमिट कराया, जहां वह करीब तीन दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करता रहा, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। इसकी सूचना मिलते ही परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। मृतक युवक की पहचान मंदीप सिंह (21) निवासी लाडवा के रूप में हुई। मंदीप सिंह करीब दो साल पहले स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। वह ब्रैम्पटन शहर में रहकर बच्चों की हेल्थ केयर से जुड़े फील्ड में काम कर रहा था। परिवार ने कनाडा से बॉडी पहुंचने के बाद आज उसका दाह संस्कार कर दिया। परिवार के मुताबिक, मंदीप को इसी साल दिसंबर में आना था। उसकी सगाई हो चुकी थी, दिसंबर में परिवार ने उसकी शादी करने के लिए तैयारी कर रखी थी। मगर, इससे पहले ही वह हादसे का शिकार हो गया। कनाडा में युवक के साथ कैसे हुआ हादसा… मंदीप सिंह के बारे में परिवार ने बताईं ये बातें… परिवार में माता-पिता और बड़ा भाई : मंदीप अपने पीछे माता-पिता, बड़े भाई और उसके परिवार को छोड़ गया है। उसके चाचा राम कुमार श्री सनातन धर्म महाबीर दल लाड़वा के उपप्रधान हैं। उन्होंने बताया कि पूरे परिवार को इस घटना से गहरा सदमा लगा है। रिश्तेदारों और परिचितों का परिवार को सांत्वना देने के लिए लगातार घर पहुंचना जारी है। दिसंबर में हुआ था 21 साल का : मंदीप सिंह ने पिछले साल 3 दिसंबर को अपना 21वां जन्मदिन मनाया था। वह पढ़ाई पूरी करने के बाद बेहतर करियर की उम्मीद लेकर कनाडा गया था। परिवार को उम्मीद थी कि वह अपने भविष्य को संवारकर घर लौटेगा, लेकिन उसकी असमय मौत ने सभी सपने अधूरे छोड़ दिए। 14 लाख रुपए में डेडबॉडी इंडिया पहुंची चाचा राम कुमार ने बताया कि मंदीप अपने कुछ दोस्तों के साथ हेमिल्टन शहर में घूमने आया था। मंदीप को तैरना नहीं आता था। यहां अचानक पैर फिसलने से गहरे पानी में चला गया। करीब 14 लाख रुपए में मंदीप की बॉडी वापस भारत पहुंची। मंदीप का बड़ा भाई नरेश प्राइवेट सेक्टर में जॉब करता है। सगाई हो चुकी, दिसंबर में शादी होनी थी चाचा राम कुमार ने आगे बताया कि मंदीप के पिता खेती-बाड़ी का काम करते हैं। मंदीप की जाने से पहले से पास के गांव के हलालपुर की लड़की के साथ सगाई हो चुकी थी। अब मंदीप को दिसंबर को वापस आना था। उसी महीने में उसकी शादी तय हो रखी थी।
स्पोर्ट्स अपडेट्स- बांग्लादेश के गेंदबाजी कोच शॉन टैट का इस्तीफा:फैमिली कारणों का हवाला दिया; राशिद के टेस्ट खेलने पर सस्पेंस बरकरार

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज शॉन टैट ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी कोच का पद छोड़ दिया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक, टैट ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए आपसी सहमति से इस्तीफा दिया। टैट का कॉन्ट्रैक्ट 2027 वर्ल्ड कप तक का था, जिसे उन्होंने बीच में ही छोड़ दिया है। बांग्लादेश को यह झटका 9 जून से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही घरेलू सीरीज से ठीक पहले लगा है। इस दौरे पर 3 वनडे और 3 टी-20 मैच खेले जाएंगे। टैट के जाने के बाद बांग्लादेश के पूर्व तेज गेंदबाज तल्हा जुबैर को टीम का नया कोच बनाया जा सकता है। राशिद के टेस्ट खेलने पर अफगान कप्तान बोले- यह सेलेक्टर्स और उनके बीच का मामला अफगान कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने कहा कि स्टार स्पिनर राशिद खान दोबारा टेस्ट खेलेंगे या नहीं, यह फैसला उनके और सेलेक्टर्स के बीच का है। भारत के खिलाफ इकलौता टेस्ट मैच 6 जून से शुरु हो रहा है। मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाहीदी ने साफ किया कि उन्होंने इस बारे में राशिद से कोई निजी बातचीत नहीं की है। राशिद की सेलेक्टर्स से चर्चा हुई है और वे इस पर ज्यादा बात नहीं करना चाहते। राशिद ने अब तक खेले 6 टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 45 विकेट चटकाए हैं।
स्पोर्ट्स अपडेट्स- बांग्लादेश के गेंदबाजी कोच शॉन टैट का इस्तीफा:फैमिली कारणों का हवाला दिया; राशिद के टेस्ट खेलने पर सस्पेंस बरकरार

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज शॉन टैट ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाजी कोच का पद छोड़ दिया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड के मुताबिक, टैट ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए आपसी सहमति से इस्तीफा दिया। टैट का कॉन्ट्रैक्ट 2027 वर्ल्ड कप तक का था, जिसे उन्होंने बीच में ही छोड़ दिया है। बांग्लादेश को यह झटका 9 जून से ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ शुरू हो रही घरेलू सीरीज से ठीक पहले लगा है। इस दौरे पर 3 वनडे और 3 टी-20 मैच खेले जाएंगे। टैट के जाने के बाद बांग्लादेश के पूर्व तेज गेंदबाज तल्हा जुबैर को टीम का नया कोच बनाया जा सकता है। राशिद के टेस्ट खेलने पर अफगान कप्तान बोले- यह सेलेक्टर्स और उनके बीच का मामला अफगान कप्तान हशमतुल्लाह शाहिदी ने कहा कि स्टार स्पिनर राशिद खान दोबारा टेस्ट खेलेंगे या नहीं, यह फैसला उनके और सेलेक्टर्स के बीच का है। भारत के खिलाफ इकलौता टेस्ट मैच 6 जून से शुरु हो रहा है। मैच से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में शाहीदी ने साफ किया कि उन्होंने इस बारे में राशिद से कोई निजी बातचीत नहीं की है। राशिद की सेलेक्टर्स से चर्चा हुई है और वे इस पर ज्यादा बात नहीं करना चाहते। राशिद ने अब तक खेले 6 टेस्ट मैचों में शानदार प्रदर्शन करते हुए 45 विकेट चटकाए हैं। इंग्लैंड-न्यूजीलैंड पहला टेस्ट बारिश की वजह से रुका, इंग्लैंड का स्कोर 24/1 लॉर्ड्स में इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच शुरू हुए पहले टेस्ट मैच के पहले दिन का खेल बारिश की वजह रुक गया है। न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का फैसला किया। खेल रुकने तक इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 10 ओवर में 1 विकेट खोकर 24 रन बना लिए हैं। क्रीज पर सलामी बल्लेबाज बेन डकेट 12 रन और जैकब बेथेल 4 रन बनाकर खेल रहे हैं। इससे पहले डेब्यू कर रहे सलामी बल्लेबाज एमिलियो गे सिर्फ 8 रन बनाकर काइल जैमिसन का शिकार बने।
जामुन कांजी रेसिपी: जामुन की कांजी, नोट करें रेसिपी

जामिन में मौजूद एंटी-डायबिटिक तत्व ब्लड ग्लूकोज लेवल को स्थिर किया जाता है, जबकि कांजी के फर्मेंटेशन में लाखों अच्छे प्रोबायोटिक्स स्टेरॉयड पैदा होते हैं जो सीधे पेट के स्वास्थ्य में सुधार करते हैं। छवि: मेटा एआई – ताजा जामिन, काली मिर्च पाउडर, काला नमक, भुना जीरा पाउडर, एक चुटकी हींग और आधा मोटा लाल मिर्च पाउडर छवि: मेटा एआई जैमिन को बहते पानी में अच्छी तरह धो लें। जामिन का सारा गूदा और बीज अलग रख। पलप को प्लास्टिक जार में नोबेल स्मूथ प्यूरी तैयार कर लें। छवि: मेटा एआई तैयार प्यूरी को कांच के साफ जार में डालें और ऊपर से 1 लीटर पानी डालें। इसके बाद राई का पाउडर, काला नमक, इसके अलावा जीरा और हींग प्लास्टर लकड़ी के मिश्रण से अच्छे से मिलाये जाते हैं। छवि: मेटा एआई जार के मुंह को कपड़े से बांधें। इसे 2 से 3 दिन तक धूप में रखें। रोज़ एक बार टोक्यो से हिलाएं ताकि फर्मेंटेशन बेहतर हो सके। छवि: मेटा एआई जामिन में लो-गैलेक्टेमिक स्टाक होता है, जो वैल्युएस्ट वैल्युएंस को ज़ार्ज स्पाइक्स को शामिल करता है। छवि: मेटा एआई फार्मास्युटिकल के माध्यम से बने गुड फूड से पेट फूलना, एसिडिटी, कब्ज और अपच को पूरी तरह से जड़ से खत्म किया जाता है। छवि: मेटा एआई यह एंटी-ऑक्सीडेंट ड्रिंक ब्लड को साफ करता है, जिससे चेहरे पर प्राकृतिक निखार आता है और त्वचा स्वस्थ होती है। छवि: मेटा एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)जामुन कांजी रेसिपी सामग्री(टी)जामुन कूलर(टी)ग्रीष्मकालीन पेय(टी)जामुन शिकंजी इंस्टेंट(टी)जामुन शरबत रेसिपी(टी)जामुन कांजी रेसिपी(टी)मधुमेह रोगी के लिए जामुन कांजी रेसिपी(टी)पाचन के लिए जामुन कांजी रेसिपी
Maruti WagonR Flex Fuel Car Launched in India

नई दिल्ली11 मिनट पहले कॉपी लिंक मारुति सुजुकी ने आज (4 जून) भारत में पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार वैगन-आर फ्लेक्स-फ्यूल को पेश कर दी है। नई वैगन-आर पूरी तरह से E85 फ्यूल (85% तक एथेनॉल मिक्स पेट्रोल) से चलने में सक्षम है। फिलहाल गाड़ी सिर्फ फ्लीट ऑपरेटर्स और ओला और उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स के लिए ही अवेलेबल होगी। इसी कारण मारुति ने वैगन-आर फ्लेक्स-फ्यूल की कीमतों का खुलासा नहीं किया है। कार के डिजाइन में कोई बदलाव नहीं है, लेकिन E85 फ्यूल के अनुकूल बनाने के लिए इसमें कई मैकेनिकल अपडेट्स किए गए हैं, जिससे उम्मीद है कि इसकी कीमत पेट्रोल और CNG वर्जन से ज्यादा हो सकती है। 2027 के तक 5000 एथेनॉल पंप लगाने का टारगेट केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी कार को लॉन्च के मौके पर कहा कि, सरकार का लक्ष्य साल 2027 के अंत तक देश में 5000 तक E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन लगाने का है। पुरी ने कहा, “शुरुआत में हमारे पास दिल्ली-NCR और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में लगभग 50 से 100 डिस्पेंसिंग स्टेशन होंगे। इस साल दिसंबर तक इसका विस्तार 500 स्टेशनों तक किया जाएगा।” इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने यह भी भरोसा दिया कि E85 फ्यूल की कीमत मौजूदा E20 पेट्रोल के मुकाबले काफी कम रखी जाएगी। पहली बार सामने आया प्रोडक्शन-स्पेक मॉडल वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल इससे पहले भी कई मौकों पर दिखाई दे चुकी है। यह सबसे पहले साल 2022 में और उसके बाद साल 2024 के भारत मोबिलिटी शो में नजर आई थी। हालांकि, पिछले सभी वर्जन केवल प्रोटोटाइप (टेस्टिंग मॉडल) थे, जबकि आज जिसे पेश किया गया है, वह इसका प्रोडक्शन-स्पेक (उत्पादन के लिए तैयार) मॉडल है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Maruti WagonR Flex Fuel Car Launched in India

नई दिल्ली47 मिनट पहले कॉपी लिंक मारुति सुजुकी ने आज (4 जून) भारत में पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार वैगन-आर फ्लेक्स-फ्यूल को पेश कर दी है। नई वैगन-आर पूरी तरह से E85 फ्यूल (85% तक एथेनॉल मिक्स पेट्रोल) से चलने में सक्षम है। फिलहाल गाड़ी सिर्फ फ्लीट ऑपरेटर्स और ओला और उबर जैसे कैब एग्रीगेटर्स के लिए ही अवेलेबल होगी। इसी कारण मारुति ने वैगन-आर फ्लेक्स-फ्यूल की कीमतों का खुलासा नहीं किया है। कार के डिजाइन में कोई बदलाव नहीं है, लेकिन E85 फ्यूल के अनुकूल बनाने के लिए इसमें कई मैकेनिकल अपडेट्स किए गए हैं, जिससे उम्मीद है कि इसकी कीमत पेट्रोल और CNG वर्जन से ज्यादा हो सकती है। 2027 के तक 5000 एथेनॉल पंप लगाने का टारगेट केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी कार को लॉन्च के मौके पर कहा कि, सरकार का लक्ष्य साल 2027 के अंत तक देश में 5000 तक E85 फ्यूल डिस्पेंसिंग स्टेशन लगाने का है। पुरी ने कहा, “शुरुआत में हमारे पास दिल्ली-NCR और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में लगभग 50 से 100 डिस्पेंसिंग स्टेशन होंगे। इस साल दिसंबर तक इसका विस्तार 500 स्टेशनों तक किया जाएगा।” इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने यह भी भरोसा दिया कि E85 फ्यूल की कीमत मौजूदा E20 पेट्रोल के मुकाबले काफी कम रखी जाएगी। पहली बार सामने आया प्रोडक्शन-स्पेक मॉडल वैगनआर फ्लेक्स-फ्यूल इससे पहले भी कई मौकों पर दिखाई दे चुकी है। यह सबसे पहले साल 2022 में और उसके बाद साल 2024 के भारत मोबिलिटी शो में नजर आई थी। हालांकि, पिछले सभी वर्जन केवल प्रोटोटाइप (टेस्टिंग मॉडल) थे, जबकि आज जिसे पेश किया गया है, वह इसका प्रोडक्शन-स्पेक (उत्पादन के लिए तैयार) मॉडल है। एक्सटीरियर: रेगुलर मॉडल जैसा ही बॉक्सी लुक, ‘फ्लेक्स फ्यूल’ की बैजिंग नई वैगन-आर फ्लेक्स फ्यूल का ओवरऑल डिजाइन स्टैंडर्ड मॉडल जैसा ही है, लेकिन इसे एक अलग पहचान देने के लिए कुछ कॉस्मेटिक बदलाव किए गए हैं। फ्रंट प्रोफाइल: सामने बड़े साइज में चौकोर हैलोजन हेडलैंप्स और एक चौड़ा बोनट दिया गया है। हेडलैंप्स के बीच में हॉरिजोंटल ग्रिल है, जिसमें सिंगल क्रोम स्लेट और हनीकॉम्ब डिटेलिंग दी गई है, जो इसे पहले से ज्यादा मॉडर्न लुक देती है। फ्रंट बंपर पर बड़ा एयर डैम है और काले घेरे के बीच फॉग लैंप्स को फिट किया गया है। साइड प्रोफाइल: साइड से कार का पारंपरिक ‘बॉक्सी और टॉल-बॉय’ शेप नजर आता है। कार में बड़े साइज की खिड़कियां हैं, जिससे केबिन अंदर से काफी खुला-खुला और हवादार महसूस होता है। स्मूद राइडिंग के लिए इसमें 14-इंच के अलॉय व्हील्स हैं। इसके अलावा, कार के सी-पिलर पर ब्लैक इंसर्ट का इस्तेमाल किया गया है जो इसे ‘फ्लोटिंग रूफ’ जैसा ट्रेंडी इफेक्ट देता है। रियर प्रोफाइल: कार का पिछला हिस्सा काफी फ्लैट और सिंपल है। यहां सिग्नेचर स्टाइल वाले बड़े वर्टिकल (खड़े) टेललैंप्स दिए गए हैं। टेलगेट (डिक्की के दरवाजे) पर नंबर प्लेट लगाने के लिए एक खांचा (कास्टिंग) बना है, जिसके ठीक ऊपर प्रीमियम लुक देने के लिए क्रोम गार्निश की पट्टी दी गई है। साथ ही रियर बंपर में भी एक ब्लैक इंसर्ट मिलता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Rajesh Mehta SEBI Ban | Rajesh Exports Revenue Fraud Allegations

मुंबई3 मिनट पहले कॉपी लिंक सेबी ने गोल्ड रिफाइनिंग कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स के फाउंडर राजेश मेहता पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग पर रोक लगा दी है। बाजार नियमाक ने शुरुआती जांच में पाया कि कंपनी ने अपने कुल रेवेन्यू का करीब 97% हिस्सा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया है। इस खबर के बाद कंपनी का शेयर 5% टूट गया। सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं पूरा मामला…. सवाल 1: सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर राजेश मेहता पर क्या कार्रवाई की है? जवाब: सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स के प्रमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने से अंतरिम रोक लगा दी है। सेबी को कंपनी के वित्तीय कामकाज में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। सवाल 2: सेबी को जांच में क्या गड़बड़ी मिली है, जिसे रेगुलेटर ने चौंकाने वाला कहा है? जवाब: सेबी ने 109 पन्नों का एक अंतरिम आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि शुरुआती जांच के मुताबिक, राजेश एक्सपोर्ट्स ने अपनी कुल रिपोर्ट की गई बिक्री को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। सेबी के मुताबिक कंपनी का लगभग 97% से 99% रेवेन्यू केवल कागजों पर हो सकता है। आदेश में कहा गया है कि इतनी बड़ी मात्रा में रेवेन्यू बढ़ाना चौंकाने वाला है। सवाल 3: सेबी के आरोपों पर राजेश एक्सपोर्ट्स ने क्या आधिकारिक सफाई दी है? जवाब: कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि उन्हें 3 जून 2026 को सेबी का अंतरिम आदेश मिला है। कंपनी के मुताबिक, यह सिर्फ एक अंतरिम आदेश है और सेबी ने अभी तक किसी भी पहलू पर कोई अंतिम या प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला है। रेवेन्यू को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोप पर कंपनी ने कहा कि कंपनी का घोषित किया गया रेवेन्यू पूरी तरह सही है और इसमें कोई बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना नहीं है। ऐसा लगता है कि सेबी और कंपनी के बीच किसी तरह का ‘कम्युनिकेशन गैप’ और भ्रम पैदा हुआ है। सवाल 4: सेबी के ऑर्डर के बाद आज कंपनी के शेयरों का बाजार में क्या हाल रहा? जवाब: वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के बाद गुरुवार के पूरे ट्रेडिंग सेशन के दौरान राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में बिकवाली रही। कंपनी का शेयर लगातार 5% के लोअर सर्किट पर लॉक रहा। यानी कि बाजार में सिर्फ सेलर मौजूद थे और कोई खरीदार नहीं था। सवाल 5: राजेश मेहता कौन हैं और उन्होंने इस कंपनी की शुरुआत कैसे की थी? जवाब: 60 साल के राजेश जे. मेहता बेंगलुरु के रहने वाले हैं और वे राजेश एक्सपोर्ट्स के फाउंडर और चेयरमैन हैं। उन्होंने कॉलेज छोड़ने के बाद बहुत कम उम्र में कीमती धातुओं के बिजनेस में कदम रखा था। शुरुआती दिनों में वे चांदी का व्यापार करते थे, जिसके बाद वे ज्वेलरी बिजनेस में आए। उन्होंने साल 1989 में राजेश एक्सपोर्ट्स की स्थापना की और इसे दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड रिफाइनिंग और एक्सपोर्ट कंपनियों में से एक बना दिया। सवाल 6: राजेश एक्सपोर्ट्स का बिजनेस मॉडल क्या है और कंपनी कितनी बड़ी है? जवाब: राजेश एक्सपोर्ट्स का बिजनेस कच्चे सोने को खरीदने से शुरू होता है। कंपनी इसे रिफाइन करके शुद्ध सोना बनाती है, फिर इससे ज्वेलरी तैयार करती है और सोने के प्रोडक्ट्स बेचती है। कंपनी का सालाना रेवेन्यू लगभग 39.2 बिलियन डॉलर (करीब 3.75 लाख करोड़ रुपए) है। सवाल 7: कंपनी के इतिहास में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट या मील का पत्थर क्या रहा है? जवाब: कंपनी के बिजनेस में सबसे बड़ा बदलाव साल 2015 में आया था। तब राजेश एक्सपोर्ट्स ने स्विट्जरलैंड की मशहूर गोल्ड रिफाइनरी ‘वैलकैम्बी’ का अधिग्रहण किया था। वैलकैम्बी को दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड रिफाइनिंग फैसिलिटीज में से एक माना जाता है। इस डील के बाद राजेश मेहता की कंपनी ग्लोबल लेवल पर एक बड़ी ताकत बनकर उभरी थी। सवाल 8: रेवेन्यू में गड़बड़ी का कुल आंकड़ा कितना आंका जा रहा है? जवाब: निवेशकों और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर सेबी के दावे को आधार माना जाए तो रेवेन्यू में गड़बड़ी का यह आंकड़ा करीब 15.15 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि इसे कॉरपोरेट जगत के सबसे बड़े संदिग्ध रेवेन्यू मामलों में से एक माना जा रहा है। सवाल 9: इस कार्रवाई का देश की सबसे बड़ी सरकारी बीमा कंपनी LIC पर क्या असर पड़ा है? जवाब: राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी के इस एक्शन का सीधा असर लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) पर पड़ा है। LIC के पास राजेश एक्सपोर्ट्स की कुल 10.8% हिस्सेदारी है। सेबी का ऑर्डर आने के बाद LIC के शेयरों में भी करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई है। सवाल 10: आम निवेशकों और LIC को इस मामले से क्या नुकसान हो सकता है? जवाब: बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर रेवेन्यू के फर्जी होने के आरोपों से राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में भारी गिरावट आ सकती है। शेयर की कीमतें गिरने से कंपनी में LIC के किए गए निवेश की वैल्यू कम हो जाएगी। इसके अलावा, जिन रिटेल निवेशकों ने इस कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं, उनकी पूंजी भी डूबने का खतरा बढ़ गया है। सवाल 11: इस अंतरिम आदेश के बाद आगे क्या प्रक्रिया होगी? जवाब: सेबी का यह आदेश अभी अंतरिम है, जिसका मतलब है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। सेबी अपनी विस्तृत जांच जारी रखेगा। इस दौरान राजेश मेहता और कंपनी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। यदि आरोप अंतिम जांच में भी सही साबित होते हैं, तो सेबी कंपनी पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ प्रमोटर्स को लंबे समय के लिए बाजार से प्रतिबंधित कर सकता है और मामला आपराधिक जांच एजेंसियों को भी भेजा जा सकता है। नॉलेज पार्ट: जानें क्या होता है ‘रेवेन्यू इन्फ्लेशन’ ? जब कोई कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत दिखाने, बैंक लोन हासिल करने या शेयर बाजार में अपने शेयर की कीमतें बढ़ाने के लिए असल बिक्री से ज्यादा कमाई कागजों पर दिखाती है, तो उसे ‘रेवेन्यू इन्फ्लेशन’ या रेवेन्यू बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना कहते हैं। इसमें अक्सर बिना किसी वास्तविक माल की डिलीवरी के केवल बिल बना दिए जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Rajesh Mehta SEBI Ban | Rajesh Exports Revenue Fraud Allegations

मुंबई58 मिनट पहले कॉपी लिंक सेबी ने गोल्ड रिफाइनिंग कंपनी राजेश एक्सपोर्ट्स के फाउंडर राजेश मेहता पर शेयर बाजार में ट्रेडिंग पर रोक लगा दी है। बाजार नियमाक ने शुरुआती जांच में पाया कि कंपनी ने अपने रेवेन्यू का करीब 97% हिस्सा बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया है। इस खबर से कंपनी का शेयर 5% टूट गया। सवाल-जवाब के जरिए समझते हैं पूरा मामला…. सवाल 1: सेबी ने राजेश एक्सपोर्ट्स और उसके प्रमोटर राजेश मेहता पर क्या कार्रवाई की है? जवाब: सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने राजेश एक्सपोर्ट्स के प्रमोटर और चेयरमैन राजेश मेहता पर ट्रेडिंग करने से अंतरिम रोक लगा दी है। सेबी को कंपनी के वित्तीय कामकाज में गंभीर अनियमितताएं मिली हैं, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है। सवाल 2: सेबी को जांच में क्या गड़बड़ी मिली है, जिसे रेगुलेटर ने चौंकाने वाला कहा है? जवाब: सेबी ने 109 पन्नों का एक अंतरिम आदेश जारी किया है। इसमें कहा गया है कि शुरुआती जांच के मुताबिक, राजेश एक्सपोर्ट्स ने अपनी कुल रिपोर्ट की गई बिक्री को बहुत ज्यादा बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया है। कंपनी का लगभग 99% रेवेन्यू केवल कागजों पर हो सकता है। आदेश में कहा गया है कि इतनी बड़ी मात्रा में रेवेन्यू बढ़ाना चौंकाने वाला है। सवाल 3: सेबी के आरोपों पर राजेश एक्सपोर्ट्स ने क्या आधिकारिक सफाई दी है? जवाब: कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि उन्हें 3 जून 2026 को सेबी का अंतरिम आदेश मिला है। कंपनी के मुताबिक, यह सिर्फ एक अंतरिम आदेश है और सेबी ने अभी तक किसी भी पहलू पर कोई अंतिम या प्रतिकूल निष्कर्ष नहीं निकाला है। रेवेन्यू को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाने के आरोप पर कंपनी ने कहा कि कंपनी का घोषित किया गया रेवेन्यू पूरी तरह सही है और इसमें कोई बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना नहीं है। ऐसा लगता है कि सेबी और कंपनी के बीच किसी तरह का ‘कम्युनिकेशन गैप’ और भ्रम पैदा हुआ है। सवाल 4: सेबी के ऑर्डर के बाद आज कंपनी के शेयरों का बाजार में क्या हाल रहा? जवाब: वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों के बाद गुरुवार के पूरे ट्रेडिंग सेशन के दौरान राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में बिकवाली रही। कंपनी का शेयर लगातार 5% के लोअर सर्किट पर लॉक रहा। यानी कि बाजार में सिर्फ सेलर मौजूद थे और कोई खरीदार नहीं था। सवाल 5: राजेश मेहता कौन हैं और उन्होंने इस कंपनी की शुरुआत कैसे की थी? जवाब: 60 साल के राजेश जे. मेहता बेंगलुरु के रहने वाले हैं और वे राजेश एक्सपोर्ट्स के फाउंडर और चेयरमैन हैं। उन्होंने कॉलेज छोड़ने के बाद बहुत कम उम्र में कीमती धातुओं के बिजनेस में कदम रखा था। शुरुआती दिनों में वे चांदी का व्यापार करते थे। इसके बाद वे ज्वेलरी बिजनेस में आए। उन्होंने साल 1989 में राजेश एक्सपोर्ट्स की स्थापना की और इसे दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड रिफाइनिंग और एक्सपोर्ट कंपनियों में से एक बना दिया। सवाल 6: राजेश एक्सपोर्ट्स का बिजनेस मॉडल क्या है और कंपनी कितनी बड़ी है? जवाब: राजेश एक्सपोर्ट्स का बिजनेस कच्चे सोने को खरीदने से शुरू होता है। कंपनी इसे रिफाइन करके शुद्ध सोना बनाती है, फिर इससे ज्वेलरी तैयार करती है और बेचती है। कंपनी का सालाना रेवेन्यू लगभग 39.2 बिलियन डॉलर (करीब 3.75 लाख करोड़ रुपए) है। सवाल 7: कंपनी के इतिहास में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट या मील का पत्थर क्या रहा है? जवाब: कंपनी के बिजनेस में सबसे बड़ा बदलाव साल 2015 में आया था। तब राजेश एक्सपोर्ट्स ने स्विट्जरलैंड की मशहूर गोल्ड रिफाइनरी ‘वैलकैम्बी’ का अधिग्रहण किया था। वैलकैम्बी को दुनिया की सबसे बड़ी गोल्ड रिफाइनिंग फैसिलिटीज में से एक माना जाता है। इस डील के बाद राजेश मेहता की कंपनी ग्लोबल लेवल पर एक बड़ी ताकत बनकर उभरी थी। सवाल 8: रेवेन्यू में गड़बड़ी का कुल आंकड़ा कितना आंका जा रहा है? जवाब: निवेशकों और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अगर सेबी के दावे को आधार माना जाए तो रेवेन्यू में गड़बड़ी का यह आंकड़ा करीब 15.15 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि इसे कॉरपोरेट जगत के सबसे बड़े संदिग्ध रेवेन्यू मामलों में से एक माना जा रहा है। सवाल 9: इस कार्रवाई का सरकारी बीमा कंपनी LIC पर क्या असर पड़ा है? जवाब: राजेश एक्सपोर्ट्स पर सेबी के इस एक्शन का सीधा असर लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) पर पड़ा है। LIC के पास राजेश एक्सपोर्ट्स की कुल 10.8% हिस्सेदारी है। सेबी का ऑर्डर आने के बाद LIC के शेयरों में भी करीब 1% की गिरावट दर्ज की गई है। सवाल 10: आम निवेशकों और LIC को इस मामले से क्या नुकसान हो सकता है? जवाब: बाजार विश्लेषकों का कहना है कि इतने बड़े पैमाने पर रेवेन्यू के फर्जी होने के आरोपों से राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में भारी गिरावट आ सकती है। शेयर की कीमतें गिरने से कंपनी में LIC के किए गए निवेश की वैल्यू कम हो जाएगी। इसके अलावा, जिन रिटेल निवेशकों ने इस कंपनी के शेयर खरीद रखे हैं, उनकी पूंजी भी डूबने का खतरा बढ़ गया है। सवाल 11: इस अंतरिम आदेश के बाद आगे क्या प्रक्रिया होगी? जवाब: सेबी का यह आदेश अभी अंतरिम है, जिसका मतलब है कि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। सेबी अपनी विस्तृत जांच जारी रखेगा। इस दौरान राजेश मेहता और कंपनी को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा। यदि आरोप अंतिम जांच में भी सही साबित होते हैं, तो सेबी कंपनी पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ प्रमोटर्स को लंबे समय के लिए बाजार से प्रतिबंधित कर सकता है और मामला आपराधिक जांच एजेंसियों को भी भेजा जा सकता है। नॉलेज पार्ट: जानें क्या होता है ‘रेवेन्यू इन्फ्लेशन’ ? जब कोई कंपनी अपनी वित्तीय स्थिति को मजबूत दिखाने, बैंक लोन हासिल करने या शेयर बाजार में अपने शेयर की कीमतें बढ़ाने के लिए असल बिक्री से ज्यादा कमाई कागजों पर दिखाती है, तो उसे ‘रेवेन्यू इन्फ्लेशन’ या रेवेन्यू बढ़ा-चढ़ाकर दिखाना कहते हैं। इसमें अक्सर बिना किसी वास्तविक माल की डिलीवरी के केवल बिल बना दिए जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मूवी रिव्यू – ‘मां बहन’:माधुरी दीक्षित-तृप्ति डिमरी भी नहीं बचा पाईं यह बिखरी हुई डार्क कॉमेडी, हंसी से ज्यादा सिर पकड़ने पर मजबूर करती है

डार्क कॉमेडी बनाना आसान नहीं होता। इसमें अपराध भी चाहिए, हास्य भी चाहिए और किरदारों का पागलपन भी। नेटफ्लिक्स की नई फिल्म मां बहन इन तीनों चीजों को एक साथ परोसने की कोशिश तो करती है, लेकिन आखिर तक आते आते यह तय नहीं कर पाती कि इसे कॉमेडी बनना है, थ्रिलर बनना है या पारिवारिक ड्रामा। नतीजा एक ऐसी फिल्म के रूप में सामने आता है जिसमें शोर बहुत है, लेकिन असर बेहद कम। फिल्म की कहानी कहानी रेखा और उसकी दो बेटियों के इर्द गिर्द घूमती है। एक दिन उनके घर की रसोई में एक लाश मिल जाती है और यहीं से शुरू होता है झूठ, छिपाने और बचने का सिलसिला। पड़ोसियों की ताकझांक, परिवार के भीतर की खींचतान और लगातार बढ़ती मुसीबतों के बीच तीनों महिलाएं इस राज को छिपाने की कोशिश करती हैं। सुनने में यह सेटअप दिलचस्प लगता है, लेकिन समस्या यह है कि फिल्म पहले आधे घंटे में जितना वादा करती है, उसके बाद उतना निभा नहीं पाती। फिल्म में एक्टिंग माधुरी दीक्षित पूरी फिल्म में सबसे ज्यादा ईमानदार नजर आती हैं। वह अपने अनुभव से कई कमजोर दृश्यों को संभालने की कोशिश करती हैं, लेकिन कमजोर लेखन उनके हाथ बांध देता है। तृप्ति डिमरी के हिस्से कुछ अच्छे पल आते हैं, मगर उनका किरदार लगातार एक जैसा बना रहता है। रवि किशन अपनी मौजूदगी दर्ज कराते हैं, लेकिन उन्हें भी ऐसा कोई दृश्य नहीं मिलता जो लंबे समय तक याद रह सके। सबसे बड़ी दिक्कत यह है कि कलाकार मेहनत करते दिखते हैं, लेकिन किरदार कागज पर अधूरे लिखे गए हैं। दर्शक उनसे जुड़ने से पहले ही कहानी अगले मोड़ पर भागने लगती है। फिल्म का निर्देशन सुरेश त्रिवेणी ने पहले तुम्हारी सुलु जैसी संवेदनशील फिल्म दी थी, इसलिए उम्मीदें ज्यादा थीं। यहां उनका निर्देशन कई जगह असमंजस का शिकार लगता है। फिल्म डार्क कॉमेडी बनना चाहती है, लेकिन कई दृश्य इतने बनावटी लगते हैं कि न हंसी आती है और न तनाव महसूस होता है। सबसे बड़ी कमी स्क्रीनप्ले है। कई घटनाएं सिर्फ इसलिए होती हैं क्योंकि कहानी को आगे बढ़ाना है। किरदारों के फैसले स्वाभाविक नहीं लगते। फिल्म में रहस्य का तत्व भी है, लेकिन उसके खुलासे उतने प्रभावशाली नहीं हैं जितने होने चाहिए थे। तकनीकी तौर पर फिल्म ठीक ठाक है। कैमरा वर्क और प्रोडक्शन डिजाइन कहानी के छोटे शहर वाले माहौल को पकड़ते हैं, लेकिन एडिटिंग बार बार लय तोड़ती है। कई दृश्य जरूरत से ज्यादा लंबे और कई महत्वपूर्ण पल अधूरे महसूस होते हैं। फिल्म में संगीत फिल्म का संगीत ऐसा नहीं है जो थिएटर या ओटीटी से बाहर निकलने के बाद याद रह जाए। बैकग्राउंड स्कोर कुछ जगह माहौल बनाने की कोशिश करता है, लेकिन कहानी की कमजोर पकड़ के कारण उसका असर भी सीमित रह जाता है। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट मां बहन एक शानदार विचार पर बनी औसत फिल्म है। लाश, झूठ और अजीबोगरीब परिवार वाला इसका सेटअप दिलचस्प था, लेकिन कमजोर लेखन, अस्थिर टोन और अधूरी कॉमेडी इसे खास बनने से रोक देती है। माधुरी दीक्षित और तृप्ति डिमरी अपनी तरफ से पूरी कोशिश करती हैं, लेकिन जब कहानी ही बार बार पटरी से उतरती रहे तो कलाकार भी ज्यादा कुछ नहीं कर सकते। अगर आप सिर्फ स्टार कास्ट के लिए देखना चाहते हैं तो एक बार मौका दे सकते हैं, लेकिन मजबूत डार्क कॉमेडी की उम्मीद लेकर बैठेंगे तो निराशा हाथ लगेगी।







