Tuesday, 21 Jul 2026 | 08:43 PM

Trending :

EXCLUSIVE

RPSC Grievance Portal | Rajasthan Commission Officials Fast Resolution

RPSC Grievance Portal | Rajasthan Commission Officials Fast Resolution

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वेबसाइट पर ग्रीवेंस पोर्टल पर दर्ज शिकायतें सीधे सम्बन्धित अफसर तक पहुंचती है और इनका समय पर निस्तारण हो जाता है।

.

आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने सभी कैंडिडेट्स से अपील की है कि वे अपनी शिकायत ई-मेल या अन्य माध्यम के बजाय ग्रीवेंस पोर्टल के माध्यम से करें, ताकि उनका त्वरित निस्तारण हो सके।

अन्य माध्यम से होती है देरी

वर्तमान में कई अभ्यर्थी अपनी शिकायतें और परिवेदनाएं आयोग की फीडबैक ईमेल आईडी (feedback.rpsc@rajasthan.gov.in) पर भी भेज रहे हैं। इसके अतिरिक्त, आयोग के विभिन्न प्रशासनिक अनुभागों की ईमेल आईडी पर भी अभ्यर्थियों द्वारा शिकायतें प्रेषित की जा रही हैं। इन ईमेल एड्रेस पर अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत शिकायतें और प्रकरण प्राप्त होने के कारण, आयोग को प्राप्त शिकायतों का प्रकार तय करने और उनका अनुभागवार वर्गीकरण करने में अत्यधिक समय लग जाता है और मूल शिकायतों के निस्तारण में देरी होती है।

निर्धारित ग्रीवेंस पोर्टल के अलावा किसी भी अन्य माध्यम, प्रार्थना पत्र या ईमेल से प्राप्त होने वाले प्रकरण स्ट्रक्चर्ड मैनर से प्राप्त नहीं होने के कारण उनके निस्तारण में अत्यधिक समय लगता है, वहीं ग्रीवेंस पोर्टल पूर्णतया स्ट्रक्चर्ड पोर्टल होने के कारण शिकायतें सीधी संबंधित डीलिंग अधिकारी के खाते में पंहुचती हैं। इसी कारण समयबद्ध समाधान के लिए केवल और केवल कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल का ही प्रयोग करें।

आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-ग्रीवेंस पोर्टल ही सबसे अच्छा माध्यम।

त्वरित निवारण हेतु कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल अपडेट

आयोग के जाइंट डायरेक्टर-आईटी योगेश कुमार ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा अभ्यर्थियों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अपने ऑनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम (कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल ) को अपडेट कर दिया गया है। यदि अभ्यर्थियों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन या आरपीएससी की किसी भी भर्ती परीक्षा, आवेदन प्रक्रिया या कोई तकनीकी समस्या आ रही है, तो इसके समाधान हेतु अपनी शिकायत केवल आयोग के कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर ही निर्धारित प्रक्रिया अनुसार दर्ज करनी होगी।

दो तरीको से दर्ज कराई जा सकती है शिकायत

इस पोर्टल पर दो तरीकों से परिवेदना/शिकायत दर्ज की जा सकती है। पोर्टल पर लॉग-इन करने के लिए उम्मीदवारों को दो विकल्प दिए गए हैं।

  • ओटीआर आधारित – अगर समस्या किसी परीक्षा से जुड़ी नहीं है, बल्कि वन टाइम रजिस्ट्रेशन के तकनीकी कारणों या प्रोफाइल संशोधन से संबंधित है, तो इस विकल्प को चुनें।
  • एप्लिकेशन नंबर आधारित- अगर समस्या किसी विशेष परीक्षा, एडमिट कार्ड या परीक्षा फॉर्म से जुड़ी है, तो आपको इस विकल्प का चयन करना होगा।

शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया…

  • स्टेप 1ः- कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर जाएं
  • स्टेप 2- वेरिफिकेशन और ओटीपी – पोर्टल पर समस्या के प्रकार अनुसार ओटीआर या एप्लीकेशन आइडी के विकल्प को सिलेक्ट करें। अपना संबंधित नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद वैलिडेट एंड सैंड ओटीपी पर क्लिक करें। मोबाइल पर आए ओटीपी और स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड को भरकर सबमिट करें।
  • स्टेप 3- शिकायत की केटेगरी चुनें – सफलतापूर्वक लॉग-इन होने के बाद यहां आपको अपनी समस्या के अनुसार ग्रीवेंस केटेगरी और ग्रीवेंस सब केटेगरी का चुनाव करना होगा। उदाहरण के लिएः- तकनीकी समस्याः- ऑनलाइन फॉर्म, ऑनलाइन फीस या पोर्टल से जुड़ी दिक्कतें। परीक्षा संबंधीः- एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र, परीक्षा तिथि या सिलेबस संबंधी शिकायत। परिणाम/उत्तर कुंजी/ आंसर-की पर आपत्ति, ओएमआर शीट या मार्क्स से जुड़े मामले।
  • स्टेप 4- विवरण लिखें और फाइनल सबमिट करें इसके बाद ग्रीवेंस डिटेल वाले बॉक्स में कम से कम 30 अक्षरों में अपनी समस्या को साफ-साफ लिखें। यदि आपके पास शिकायत से जुड़ा कोई दस्तावेज है, तो उसे पीडीएफ फॉर्मेट (अधिकतम 2 एमबी) में अपलोड करें। अंत में सब्मिट ग्रीवेंस पर क्लिक करें। स्क्रीन पर सफल रजिस्ट्रेशन का पॉप-अप आएगा और आपको एक ग्रीवेंस नंबर मिल जाएगा, जिसे भविष्य में संदर्भ लिए नोट कर लें। ग्रीवेंस दर्ज होने संबंधी जानकारी एवं ग्रीवेंस नंबर पंजीकृत मोबाइल पर एसएमस के माध्यम से भी प्राप्त होगा।

कैसे चेक करें अपनी शिकायत का स्टेटस?

शिकायत दर्ज करने के बाद अभ्यर्थी कभी भी पोर्टल के होम पेज पर जाकर ऊपर दाईं ओर दिए गए व्यू एग्जिस्टिंग ग्रीवेंस स्टेट्स बटन पर क्लिक अपना ग्रीवेंस नंबर, मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालकर सबमिट करने पर शिकायत की वर्तमान स्थिति या आयोग का प्रत्युत्तर देख सकते हैं।

अभ्यर्थी ध्यान दें

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन इस पोर्टल पर स्वीकार नहीं होंगे, उसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें।

इन्टरनल काम के लिए ई-मेल आईडी

आयोग के विभिन्न अनुभागों की ईमेल आईडी केवल आंतरिक कार्यालयी कामकाज, विभागीय समन्वय और आधिकारिक पत्र-व्यवहार के लिए निर्धारित हैं।

गोपनीय रूप से दें संवेदनशील सूचना

यदि कोई व्यक्ति परीक्षा की गोपनीयता या शुचिता संबंधित अथवा परीक्षा प्रक्रिया को बाधित या प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के बारे में कोई जानकारी देना चाहता है, तो वह आयोग कार्यालय में पूरी तरह गोपनीय तरीके से जरिये पोस्टल डाक सूचित कर सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
भोपाल में पारा 43.6°C, 10 साल में दूसरा सबसे ज्यादा:खजुराहो MP का सबसे गर्म; ग्वालियर समेत 15 जिलों में आज लू चलेगी

April 29, 2026/
5:05 am

मध्य प्रदेश का टूरिस्ट स्पॉट खजुराहो सबसे ‘हॉट’ बना हुआ है। मंगलवार को यहां तापमान 44.8 डिग्री सेल्सियस रहा। भोपाल...

टीवीके नेता अधव अर्जुन ने स्कूल्सके को सार ढांचे पर कहा- स्टालिन ने अपनी बहन कनिमोजी करुणानिधि को किनारे कर दिया

April 6, 2026/
8:37 am

तमिलगा वेत्र्री कजगम (टीवीके) के चुनाव अभियान के प्रमुख अधव अर्जुन ने रविवार को तमिल के मुख्यमंत्री एम.के. स्टाल पर...

आइसक्रीम से वैश्विक कंपनियों का मोहभंग:नेस्ले ने भी समेटा कारोबार, शुरू किया ऑपरेशन क्लीनअप; फोकस- मुनाफे वाले मुख्य सेगमेंट पर

February 24, 2026/
3:31 pm

दुनिया की सबसे बड़ी खाद्य और पेय कंपनी नेस्ले आइसक्रीम के कारोबार को ‘ठंडे बस्ते’ में डालने जा रही है।...

राजनीति

RPSC Grievance Portal | Rajasthan Commission Officials Fast Resolution

RPSC Grievance Portal | Rajasthan Commission Officials Fast Resolution

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की वेबसाइट पर ग्रीवेंस पोर्टल पर दर्ज शिकायतें सीधे सम्बन्धित अफसर तक पहुंचती है और इनका समय पर निस्तारण हो जाता है।

.

आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने सभी कैंडिडेट्स से अपील की है कि वे अपनी शिकायत ई-मेल या अन्य माध्यम के बजाय ग्रीवेंस पोर्टल के माध्यम से करें, ताकि उनका त्वरित निस्तारण हो सके।

अन्य माध्यम से होती है देरी

वर्तमान में कई अभ्यर्थी अपनी शिकायतें और परिवेदनाएं आयोग की फीडबैक ईमेल आईडी (feedback.rpsc@rajasthan.gov.in) पर भी भेज रहे हैं। इसके अतिरिक्त, आयोग के विभिन्न प्रशासनिक अनुभागों की ईमेल आईडी पर भी अभ्यर्थियों द्वारा शिकायतें प्रेषित की जा रही हैं। इन ईमेल एड्रेस पर अभ्यर्थियों की व्यक्तिगत शिकायतें और प्रकरण प्राप्त होने के कारण, आयोग को प्राप्त शिकायतों का प्रकार तय करने और उनका अनुभागवार वर्गीकरण करने में अत्यधिक समय लग जाता है और मूल शिकायतों के निस्तारण में देरी होती है।

निर्धारित ग्रीवेंस पोर्टल के अलावा किसी भी अन्य माध्यम, प्रार्थना पत्र या ईमेल से प्राप्त होने वाले प्रकरण स्ट्रक्चर्ड मैनर से प्राप्त नहीं होने के कारण उनके निस्तारण में अत्यधिक समय लगता है, वहीं ग्रीवेंस पोर्टल पूर्णतया स्ट्रक्चर्ड पोर्टल होने के कारण शिकायतें सीधी संबंधित डीलिंग अधिकारी के खाते में पंहुचती हैं। इसी कारण समयबद्ध समाधान के लिए केवल और केवल कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल का ही प्रयोग करें।

आयोग के सचिव रामनिवास मेहता ने बताया-ग्रीवेंस पोर्टल ही सबसे अच्छा माध्यम।

त्वरित निवारण हेतु कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल अपडेट

आयोग के जाइंट डायरेक्टर-आईटी योगेश कुमार ने बताया कि राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा अभ्यर्थियों की समस्याओं और शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए अपने ऑनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम (कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल ) को अपडेट कर दिया गया है। यदि अभ्यर्थियों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन या आरपीएससी की किसी भी भर्ती परीक्षा, आवेदन प्रक्रिया या कोई तकनीकी समस्या आ रही है, तो इसके समाधान हेतु अपनी शिकायत केवल आयोग के कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर ही निर्धारित प्रक्रिया अनुसार दर्ज करनी होगी।

दो तरीको से दर्ज कराई जा सकती है शिकायत

इस पोर्टल पर दो तरीकों से परिवेदना/शिकायत दर्ज की जा सकती है। पोर्टल पर लॉग-इन करने के लिए उम्मीदवारों को दो विकल्प दिए गए हैं।

  • ओटीआर आधारित – अगर समस्या किसी परीक्षा से जुड़ी नहीं है, बल्कि वन टाइम रजिस्ट्रेशन के तकनीकी कारणों या प्रोफाइल संशोधन से संबंधित है, तो इस विकल्प को चुनें।
  • एप्लिकेशन नंबर आधारित- अगर समस्या किसी विशेष परीक्षा, एडमिट कार्ड या परीक्षा फॉर्म से जुड़ी है, तो आपको इस विकल्प का चयन करना होगा।

शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया…

  • स्टेप 1ः- कैंडिडेट ग्रीवेंस पोर्टल पर जाएं
  • स्टेप 2- वेरिफिकेशन और ओटीपी – पोर्टल पर समस्या के प्रकार अनुसार ओटीआर या एप्लीकेशन आइडी के विकल्प को सिलेक्ट करें। अपना संबंधित नंबर और मोबाइल नंबर दर्ज करने के बाद वैलिडेट एंड सैंड ओटीपी पर क्लिक करें। मोबाइल पर आए ओटीपी और स्क्रीन पर दिख रहे कैप्चा कोड को भरकर सबमिट करें।
  • स्टेप 3- शिकायत की केटेगरी चुनें – सफलतापूर्वक लॉग-इन होने के बाद यहां आपको अपनी समस्या के अनुसार ग्रीवेंस केटेगरी और ग्रीवेंस सब केटेगरी का चुनाव करना होगा। उदाहरण के लिएः- तकनीकी समस्याः- ऑनलाइन फॉर्म, ऑनलाइन फीस या पोर्टल से जुड़ी दिक्कतें। परीक्षा संबंधीः- एडमिट कार्ड, परीक्षा केंद्र, परीक्षा तिथि या सिलेबस संबंधी शिकायत। परिणाम/उत्तर कुंजी/ आंसर-की पर आपत्ति, ओएमआर शीट या मार्क्स से जुड़े मामले।
  • स्टेप 4- विवरण लिखें और फाइनल सबमिट करें इसके बाद ग्रीवेंस डिटेल वाले बॉक्स में कम से कम 30 अक्षरों में अपनी समस्या को साफ-साफ लिखें। यदि आपके पास शिकायत से जुड़ा कोई दस्तावेज है, तो उसे पीडीएफ फॉर्मेट (अधिकतम 2 एमबी) में अपलोड करें। अंत में सब्मिट ग्रीवेंस पर क्लिक करें। स्क्रीन पर सफल रजिस्ट्रेशन का पॉप-अप आएगा और आपको एक ग्रीवेंस नंबर मिल जाएगा, जिसे भविष्य में संदर्भ लिए नोट कर लें। ग्रीवेंस दर्ज होने संबंधी जानकारी एवं ग्रीवेंस नंबर पंजीकृत मोबाइल पर एसएमस के माध्यम से भी प्राप्त होगा।

कैसे चेक करें अपनी शिकायत का स्टेटस?

शिकायत दर्ज करने के बाद अभ्यर्थी कभी भी पोर्टल के होम पेज पर जाकर ऊपर दाईं ओर दिए गए व्यू एग्जिस्टिंग ग्रीवेंस स्टेट्स बटन पर क्लिक अपना ग्रीवेंस नंबर, मोबाइल नंबर और कैप्चा कोड डालकर सबमिट करने पर शिकायत की वर्तमान स्थिति या आयोग का प्रत्युत्तर देख सकते हैं।

अभ्यर्थी ध्यान दें

सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत आवेदन इस पोर्टल पर स्वीकार नहीं होंगे, उसके लिए निर्धारित प्रक्रिया का ही पालन करें।

इन्टरनल काम के लिए ई-मेल आईडी

आयोग के विभिन्न अनुभागों की ईमेल आईडी केवल आंतरिक कार्यालयी कामकाज, विभागीय समन्वय और आधिकारिक पत्र-व्यवहार के लिए निर्धारित हैं।

गोपनीय रूप से दें संवेदनशील सूचना

यदि कोई व्यक्ति परीक्षा की गोपनीयता या शुचिता संबंधित अथवा परीक्षा प्रक्रिया को बाधित या प्रभावित करने वाले असामाजिक तत्वों के बारे में कोई जानकारी देना चाहता है, तो वह आयोग कार्यालय में पूरी तरह गोपनीय तरीके से जरिये पोस्टल डाक सूचित कर सकता है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.