ऑस्ट्रेलिया ने बांग्लादेश को 7 रन से हराया:टी-20 सीरीज में 2-0 की बढ़त ली; रैनशॉ की फिफ्टी, प्लेयर ऑफ द मैच भी बने

ऑस्ट्रेलिया ने चटगांव में खेले गए दूसरे टी-20 मुकाबले में बांग्लादेश को 7 रन से हरा दिया। इसी के साथ टीम ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली। यह बांग्लादेश की धरती पर ऑस्ट्रेलिया की पहली टी-20 सीरीज जीत भी है। 2021 में उसे 4-1 से हार का सामना करना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया की जीत के हीरो मैट रेनशॉ रहे। उन्होंने 89 रन की नाबाद पारी खेली। रैनशॉ ने चौथे विकेट के लिए टिम डेविड (45 रन, 26 गेंद) के साथ 50 गेंदों में 97 रन की साझेदारी की। शुरुआती छह ओवरों में तीन विकेट गंवाने के बाद इस साझेदारी ने ऑस्ट्रेलिया को 196/5 के स्कोर तक पहुंचाया। जवाब में एक बांग्लादेश का स्कोर 13वें ओवर में 130/2 था। अंतिम ओवरों में लगातार डॉट गेंदों और विकेटों ने मैच का रुख बदल दिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए आरोन हार्डी ने सबसे ज्यादा 2 विकेट लिए। तंजीद ने बांग्लादेश को तेज शुरुआत दिलाई 198 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश को तंजीद हसन ने तेज शुरुआत दिलाई। उन्होंने पहले ही ओवर से आरोन हार्डी और स्पेंसर जॉनसन पर शॉट लगाए। जॉनसन के दूसरे ओवर में 22 रन बने, जो उनके टी-20 करियर का सबसे महंगा ओवर साबित हुआ। तंजीद का कैच चौथे ओवर में मैट रेनशॉ ने खुद की बॉलिंग में लपका। इसके बाद सौम्य सरकार ने भी तेजी से रन बनाए और पावरप्ले के बाद बांग्लादेश का स्कोर 72/1 पहुंच गया। हालांकि सातवें ओवर में एडम जम्पा ने उन्हें आउट कर ऑस्ट्रेलिया को राहत दिलाई। सैफ-एमोन ने उम्मीद जगाई, लेकिन टीम नहीं जीत सकी सौम्य के आउट होने के बाद परवेज हुसैन एमोन और सैफ हसन ने पारी संभाली। एमोन ने जैम्पा, जोएल डेविस और हार्डी पर लगातार बड़े शॉट लगाए, जबकि सैफ ने भी खुलकर बल्लेबाजी की। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 53 रन जोड़े और टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। हालांकि यह साझेदारी ज्यादा देर नहीं टिक सकी। हार्डी ने एमोन (36 रन, 22 गेंद) को आउट कराया, जबकि सैफ (42 रन) भी जल्द ही जोएल डेविस का शिकार बन गए। इसके बाद शमीम हुसैन भी नाथन एलिस की गेंद पर आउट हो गए। अंतिम ओवरों में जम्पा, एलिस और हार्डी ने कसी हुई गेंदबाजी की और बांग्लादेश को बाउंड्री लगाने का मौका नहीं दिया। नतीजतन मेजबान टीम 20 ओवर में 189/6 तक ही पहुंच सकी। सैफ ने बेहतरीन कैच लपका पहले बल्लेबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत भी अच्छी नहीं रही। जोश इंग्लिस ने पहले ओवर में नसुम अहमद पर चौका और छक्का लगाया, लेकिन अगले ही ओवर में उसी गेंदबाज पर आउट हो गए। इसके बाद नाहिद राणा ने कूपर कोनोली को आउट किया, जहां स्लिप में सैफ हसन ने डाइव लगाकर बेहतरीन कैच पकड़ा। मुस्तफिजुर रहमान ने मिचेल मार्श (20 रन) को भी आउट किया। इस बार भी सैफ ने पीछे भागते हुए बेहतरीन कैच लपका। पावरप्ले के बाद ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 44/3 था और बांग्लादेश मैच पर मजबूत पकड़ बनाए हुए था। रेनशॉ और डेविड ने बदला मैच मुश्किल स्थिति में बल्लेबाजी करने उतरे मैट रेनशॉ और टिम डेविड ने सिर्फ सात गेंदों में लय पकड़ ली। डेविड ने नाहिद राना और अब्दुल गफ्फार सकलैन पर लगातार बड़े शॉट लगाए। दसवें ओवर में उन्होंने सकलैन के खिलाफ 19 रन बटोरे। दूसरी ओर रेनशॉ ने लेग स्पिनर रिशाद हुसैन को निशाना बनाया। 13वें ओवर में उन्होंने लगातार तीन छक्के जड़कर सिर्फ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया। 55 रन के स्कोर पर उन्हें जीवनदान भी मिला, जब नाहिद उनका कैच नहीं पकड़ सके। डेविड ने भी छक्का लगाकर ऑस्ट्रेलिया को 200 के करीब पहुंचा दिया, लेकिन सकलैन ने उन्हें डीप पॉइंट पर कैच कराकर पवेलियन भेज दिया। इसके बावजूद रेनशॉ अंत तक डटे रहे। अंतिम ओवर में उन्होंने और जोएल डेविस ने मुस्तफिजुर के खिलाफ छक्के लगाकर टीम को 197/5 तक पहुंचाया, जो अंत में जीत के लिए पर्याप्त साबित हुआ।
Oil Reserve 36-Year Low; Trump Claims 4 Weeks Supply Gone

वॉशिंगटन डीसी3 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका समझौते के बाद इस हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल गया है। हालांकि दुनिया अभी भी तेल संकट से पूरी तरह बाहर नहीं निकली है। एनालिटिक्स फर्म केपलर की रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के करीब चार महीनों में वैश्विक बाजार से 115 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई गायब हो चुकी है। इसका असर आने वाले महीनों तक बना रह सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के दौरान मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई लगभग बंद रही। इस वजह से दुनिया के स्ट्रेटजिक और कॉमर्शियल ऑयल रिजर्व तेजी से घटे हैं। पिछले कुछ महीनों में 19 करोड़ बैरल तेल स्टॉक से निकल चुका है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के स्ट्रेटजिक रिजर्व 1990 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं, जबकि अमेरिका का इमरजेंसी रिजर्व 43 साल के निचले स्तर पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को वर्साय में G7 बैठक के दौरान कहा कि अगर जंग खत्म नहीं करते तो हमारे रिजर्व करीब चार हफ्तों में खत्म हो जाते। ट्रम्प ने 18 जून को ईरान से समझौते पर साइन किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज नहीं खुलता तो दुनिया आर्थिक तबाही का सामना कर सकती थी। सीजफायर के बाद तेल सस्ता हुआ अमेरिका-ईरान समझौते की खबर से तेल बाजार ने राहत की सांस ली। युद्ध के दौरान 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा ब्रेंट क्रूड अब 80 डॉलर से नीचे आ गया है। लेकिन कीमतों में यह गिरावट पूरी कहानी नहीं बताती। रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट खुलने के बाद भी तेल की सप्लाई तुरंत सामान्य नहीं होगी। पहले समुद्री रास्तों से बारूदी सुरंगें हटानी होंगी। इसके बाद खाली टैंकरों की वापसी, तेल उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई चेन को पटरी पर लाने में वक्त लगेगा। तेल उद्योग से जुड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि पूरी व्यवस्था को सामान्य होने में कई महीने लग सकते हैं। तब तक दुनिया को मौजूदा तेल भंडार के सहारे ही काम चलाना होगा। RBC कैपिटल मार्केट्स की हेलिमा क्रॉफ्ट ने कहा कि बाजार जरूरत से ज्यादा उत्साहित है। उनके मुताबिक, संकट खत्म मान लेना जल्दबाजी होगी, क्योंकि तेल की सप्लाई को सामान्य स्तर पर लाने में अभी बड़ी चुनौतियां बाकी हैं। कई एक्सपर्ट्स को अभी भी राहत की उम्मीद इंफ्रास्ट्रक्चर केपिटल एडवाइजर्स के CEO जे हैटफील्ड का मानना है कि नकदी संकट से जूझ रहे OPEC सदस्य देश उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार हैं। इससे बाजार में अतिरिक्त सप्लाई आएगी और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। मैक्वेरी ग्रुप के ग्लोबल ऑयल एंड गैस स्ट्रैटेजिस्ट विकास द्विवेदी ने कहा कि जंग शुरू होने से पहले दुनिया के पास तेल का अच्छा-खासा स्टॉक था। इसी वजह से इतनी बड़ी सप्लाई रुकने के बावजूद बाजार पूरी तरह नहीं हिला। उन्होंने कहा कि अमेरिका में डीजल और पेट्रोल का भंडार जरूर कम हुआ है, लेकिन हालात अभी काबू में हैं। संकट के दौरान रिफाइनरियों को तेल खरीदने के लिए कई जगह फोन करने पड़ रहे थे, लेकिन आने वाले हफ्तों में तस्वीर बदल सकती है। तब तेल बेचने वाले खुद खरीदारों के पास पहुंचेंगे। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि युद्ध के दौरान गायब हुए 115 करोड़ बैरल तेल की भरपाई आसान नहीं होगी। अगर दुनिया रोजाना मांग से 50 लाख बैरल ज्यादा तेल भी पैदा करे, तब भी इस कमी को पूरा करने में करीब एक साल लग जाएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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वॉशिंगटन डीसी5 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान-अमेरिका समझौते के बाद इस हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल गया है। हालांकि दुनिया अभी भी तेल संकट से पूरी तरह बाहर नहीं निकली है। एनालिटिक्स फर्म केपलर की रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के करीब चार महीनों में वैश्विक बाजार से 115 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई गायब हो चुकी है। इसका असर आने वाले महीनों तक बना रह सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के दौरान मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई लगभग बंद रही। इस वजह से दुनिया के स्ट्रेटजिक और कॉमर्शियल ऑयल रिजर्व तेजी से घटे हैं। पिछले कुछ महीनों में 19 करोड़ बैरल तेल स्टॉक से निकल चुका है। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के स्ट्रेटजिक रिजर्व 1990 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं, जबकि अमेरिका का इमरजेंसी रिजर्व 43 साल के निचले स्तर पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बुधवार को वर्साय में G7 बैठक के दौरान कहा कि अगर जंग खत्म नहीं करते तो हमारे रिजर्व करीब चार हफ्तों में खत्म हो जाते। ट्रम्प ने 18 जून को ईरान से समझौते पर साइन किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि अगर होर्मुज नहीं खुलता तो दुनिया आर्थिक तबाही का सामना कर सकती थी। सीजफायर के बाद तेल सस्ता हुआ अमेरिका-ईरान समझौते की खबर से तेल बाजार ने राहत की सांस ली। युद्ध के दौरान 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचा ब्रेंट क्रूड अब 80 डॉलर से नीचे आ गया है। लेकिन कीमतों में यह गिरावट पूरी कहानी नहीं बताती। रिपोर्ट के मुताबिक होर्मुज स्ट्रेट खुलने के बाद भी तेल की सप्लाई तुरंत सामान्य नहीं होगी। पहले समुद्री रास्तों से बारूदी सुरंगें हटानी होंगी। इसके बाद खाली टैंकरों की वापसी, तेल उत्पादन बढ़ाने और सप्लाई चेन को पटरी पर लाने में वक्त लगेगा। तेल उद्योग से जुड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि पूरी व्यवस्था को सामान्य होने में कई महीने लग सकते हैं। तब तक दुनिया को मौजूदा तेल भंडार के सहारे ही काम चलाना होगा। RBC कैपिटल मार्केट्स की हेलिमा क्रॉफ्ट ने कहा कि बाजार जरूरत से ज्यादा उत्साहित है। उनके मुताबिक, संकट खत्म मान लेना जल्दबाजी होगी, क्योंकि तेल की सप्लाई को सामान्य स्तर पर लाने में अभी बड़ी चुनौतियां बाकी हैं। कई एक्सपर्ट्स को अभी भी राहत की उम्मीद इंफ्रास्ट्रक्चर केपिटल एडवाइजर्स के CEO जे हैटफील्ड का मानना है कि नकदी संकट से जूझ रहे OPEC सदस्य देश उत्पादन बढ़ाने के लिए तैयार हैं। इससे बाजार में अतिरिक्त सप्लाई आएगी और कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। मैक्वेरी ग्रुप के ग्लोबल ऑयल एंड गैस स्ट्रैटेजिस्ट विकास द्विवेदी ने कहा कि जंग शुरू होने से पहले दुनिया के पास तेल का अच्छा-खासा स्टॉक था। इसी वजह से इतनी बड़ी सप्लाई रुकने के बावजूद बाजार पूरी तरह नहीं हिला। उन्होंने कहा कि अमेरिका में डीजल और पेट्रोल का भंडार जरूर कम हुआ है, लेकिन हालात अभी काबू में हैं। संकट के दौरान रिफाइनरियों को तेल खरीदने के लिए कई जगह फोन करने पड़ रहे थे, लेकिन आने वाले हफ्तों में तस्वीर बदल सकती है। तब तेल बेचने वाले खुद खरीदारों के पास पहुंचेंगे। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि युद्ध के दौरान गायब हुए 115 करोड़ बैरल तेल की भरपाई आसान नहीं होगी। अगर दुनिया रोजाना मांग से 50 लाख बैरल ज्यादा तेल भी पैदा करे, तब भी इस कमी को पूरा करने में करीब एक साल लग जाएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
UP Yogi Adityanath Announces 50% Bus Fare Discount & Free Accommodation for NEET Students

Hindi News Career UP Yogi Adityanath Announces 50% Bus Fare Discount & Free Accommodation For NEET Students 13 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने नीट उम्मीदवारों के लिए बड़ा ऐलान किया है। नीट परीक्षा से पहले सीएम योगी के स्तर पर समीक्षा की गई। सीएम योगी ने पुलिस और प्रशासन को पुख्ता तैयारियों के निर्देश दिए। नीट पेपर लीक के बाद 21 जून को दोबारा परीक्षा का आयोजन होने वाला है। बस किराए में 50% छूट देने की घोषणा सीएम योगी आदित्यनाथ ने 21 जून को आयोजित होने वाली नीट परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में एडमिट कार्ड दिखाने पर किराए में 50% छूट देने की घोषणा की है। यूपी में 3.5 लाख उम्मीदवार देंगे एग्जाम इसके अलावा दूसरे जिलों में परीक्षा देने जाने वाले उम्मीदवारों के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए गए हैं। उत्तर प्रदेश से लगभग 3.5 लाख उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में एडमिट कार्ड दिखाने पर किराए में 50% की छूट दी जाए। साथ ही, अन्य जिलों में परीक्षा देने जाने वाले उम्मीदवारों के वहां रुकने की व्यवस्था न होने पर सीएम योगी ने उनके लिए अस्थायी आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। पेपर ले जाने के लिए एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल अधिकारियों के अनुसार एग्जाम से संबंधित सभी काम जैसे प्रश्नों की सेटिंग, ट्रांसलेशन, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज से लेकर ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रिब्यूशन की कड़ी निगरानी रखी जा रही है। सरकार द्वारा क्वेश्चन पेपर से संबंधित सभी सामान ले जाने के लिए इंडियन एयरफोर्स एयरक्राफ्ट का इस्तेमाल किया जाएगा। डिजिटल क्षेत्र में अधिकारी 24 घंटे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग पर नजर जमाए हुए हैं ताकि फेक क्वेश्चन पेपर, गलत सूचनाओं और संदिग्ध गतिविधियों को एग्जाम से दूर रखा जा सके। सीसीटीवी से लाइव निगरानी री नीट 2026 में पेपर लीक को रोकने के लिए एग्जाम सेंटर पर फेशियल रिकग्निशन, बॉयोमेट्रिक जांच और CCTV से लाइव निगरानी रखी जाएगी। परीक्षा का आयोजन 21 जून को होगा। 12 मई को रद्द हुई थी नीट एग्जाम 2026 नीट यूजी एग्जाम 2026 देश भर के 551 शहरों और विदेशों में 14 शहरों में हुई थी। इस एग्जाम में 22 लाख छात्र शामिल हुए। NEET UG 2026 में पेपर लीक के चलते एग्जाम कैंसिल किया गया है। इस धांधली के खिलाफ देशभर में प्रदर्शन हुए थे। NTA के अनुसार 7 मई की शाम परीक्षा में गड़बड़ी की सूचना मिली थी। इसके बाद मामला केंद्रीय एजेंसियों को सौंपा गया। 12 मई को परीक्षा रद्द की गई और री-एग्जाम का फैसला लिया गया। ये खबर भी पढ़ें UPSC प्रीलिम्स में 13,343 कैंडिडेट्स क्वालीफाई:मेन्स देने वाले 19 जून से भर सकेंगे DAF-I फॉर्म, 21 अगस्त को होगी परीक्षा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने प्रीलिम्स परीक्षा 2026 का रिजल्ट 15 जून को देर रात जारी किया। कुल 13,343 कैंडिडेट्स ने ये परीक्षा क्वालीफाई की है। अब 13,343 कैंडिडेट्स मेन्स परीक्षा में शामिल होंगे, ये परीक्षा 933 पदों के लिए हुई है। इस साल 2025 के मुकाबले कम कैंडिडेट्स क्वालीफाई हुए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
युवराज दिल्ली के कोचिंग स्टाफ में शामिल हो सकते हैं:कुलदीप लखनऊ में जा सकते हैं; पंत की दिल्ली में वापसी के संकेत

युवराज सिंह IPL 2027 में कोचिंग करते दिख सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व भारतीय ऑलराउंडर दिल्ली कैपिटल्स के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं। वहीं स्पिनर कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जाएंट्स के लिए खेलते नजर आ सकते हैं। दूसरी ओर लखनऊ के लिए दो सीजन खेलने वाले ऋषभ पंत की दिल्ली में वापसी की संभावना भी जताई जा रही है। पंत ने IPL 2026 में खराब प्रदर्शन के बाद लखनऊ की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। वे दिल्ली से 2016 से 2024 तक खेल चुके हैं। युवराज पहली बार कोचिंग ग्रुप में दिख सकते हैं अगर युवराज दिल्ली की कोचिंग संभालते हैं तो यह उनका पहला कोचिंग टर्म होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रेंचाइजी में सौरव गांगुली की भूमिका बढ़ने के साथ युवराज को भी टीम मैनेजमेंट का हिस्सा बनाया जा सकता है। युवा खिलाड़ियों के मेंटर के रूप में बनाई पहचान 44 साल के युवराज कई युवा खिलाड़ियों के साथ काम कर चुके हैं। अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह, अब्दुल समद, संजू सैमसन, ऋषभ पंत और प्रियांश आर्या के साथ उन्होंने काम किया है। युवराज ने सभी प्लेयर्स की तकनीक पर सलाह दी। इसका नतीजा सभी प्लेयर्स को उनकी परफॉरमेंस में भी देखने को मिला। संजू सैमसन ने टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थे। वहीं अभिषेक शर्मा की तेज बल्लेबाजी का क्रेडिट भी युवराज को दिया जाता है। युवराज 6 IPL टीम से खेले, 2 की कप्तानी की युवराज IPL करियर में कुल 6 टीमों से खेले। किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स), पुणे वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स), सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के लिए वे मैदान पर उतरे। युवराज ने दो टीमों की कप्तानी भी की। उन्होंने IPL के शुरुआती दो सीजन (2008 और 2009) में किंग्स इलेवन पंजाब की कप्तानी संभाली, जबकि 2011 में पुणे वॉरियर्स इंडिया के कप्तान रहे। कुलदीप नई टीम से खेल सकते हैं इसी बीच IPL 2027 में कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बन सकते हैं। अगर कुलदीप लखनऊ से जुड़ते हैं, तो यह उनके IPL करियर का तीसरा फ्रेंचाइजी बदलाव होगा। कुलदीप 2012 से 2014 तक मुंबई इंडियंस (MI) के स्क्वॉड में थे, लेकिन उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2014 से 2021 तक कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले। 2022 के मेगा ऑक्शन से अब तक वे दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए खेल रहे थे। पंत की दिल्ली वापसी की चर्चा तेज दिल्ली कैपिटल्स के पूर्व कप्तान ऋषभ पंत की टीम में वापसी की संभावना भी बताई जा रही है। पंत ने हाल ही में लखनऊ की कप्तानी छोड़ी है। उन्होंने दो सीजन टीम की कप्तानी की। खराब फॉर्म के चलते लखनऊ IPL 2026 में 10वें और 2025 में 7वें स्थान पर रही। उनकी कप्तानी में लखनऊ 28 मैचों में केवल 10 में जीत ही हासिल कर सकी। लखनऊ ने पंत को 27 करोड़ में खरीदा था लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था। वे IPL के सबसे महंगे प्लेयर हैं। 2026 में वे 312 रन ही बना सके थे।
युवराज दिल्ली के कोचिंग स्टाफ में शामिल हो सकते हैं:कुलदीप लखनऊ में जा सकते हैं; पंत की दिल्ली में वापसी के संकेत

युवराज सिंह IPL 2027 में कोचिंग करते दिख सकते हैं। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक पूर्व भारतीय ऑलराउंडर दिल्ली कैपिटल्स के सपोर्ट स्टाफ का हिस्सा बन सकते हैं। वहीं स्पिनर कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जाएंट्स के लिए खेलते नजर आ सकते हैं। दूसरी ओर लखनऊ के लिए दो सीजन खेलने वाले ऋषभ पंत की दिल्ली में वापसी की संभावना भी जताई जा रही है। पंत ने IPL 2026 में खराब प्रदर्शन के बाद लखनऊ की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया था। वे दिल्ली से 2016 से 2024 तक खेल चुके हैं। युवराज पहली बार कोचिंग ग्रुप में दिख सकते हैं अगर युवराज दिल्ली की कोचिंग संभालते हैं तो यह उनका पहला कोचिंग टर्म होगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक फ्रेंचाइजी में सौरव गांगुली की भूमिका बढ़ने के साथ युवराज को भी टीम मैनेजमेंट का हिस्सा बनाया जा सकता है। युवा खिलाड़ियों के मेंटर के रूप में बनाई पहचान 44 साल के युवराज कई युवा खिलाड़ियों के साथ काम कर चुके हैं। अभिषेक शर्मा, प्रभसिमरन सिंह, अब्दुल समद, संजू सैमसन, ऋषभ पंत और प्रियांश आर्या के साथ उन्होंने काम किया है। युवराज ने सभी प्लेयर्स की तकनीक पर सलाह दी। इसका नतीजा सभी प्लेयर्स को उनकी परफॉरमेंस में भी देखने को मिला। संजू सैमसन ने टी-20 वर्ल्ड कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट थे। वहीं अभिषेक शर्मा की तेज बल्लेबाजी का क्रेडिट भी युवराज को दिया जाता है। युवराज 6 IPL टीम से खेले, 2 की कप्तानी की युवराज IPL करियर में कुल 6 टीमों से खेले। किंग्स इलेवन पंजाब (अब पंजाब किंग्स), पुणे वॉरियर्स इंडिया, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स), सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के लिए वे मैदान पर उतरे। युवराज ने दो टीमों की कप्तानी भी की। उन्होंने IPL के शुरुआती दो सीजन (2008 और 2009) में किंग्स इलेवन पंजाब की कप्तानी संभाली, जबकि 2011 में पुणे वॉरियर्स इंडिया के कप्तान रहे। कुलदीप नई टीम से खेल सकते हैं इसी बीच IPL 2027 में कुलदीप यादव लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा बन सकते हैं। अगर कुलदीप लखनऊ से जुड़ते हैं, तो यह उनके IPL करियर का तीसरा फ्रेंचाइजी बदलाव होगा। कुलदीप 2012 से 2014 तक मुंबई इंडियंस (MI) के स्क्वॉड में थे, लेकिन उन्हें डेब्यू का मौका नहीं मिला। इसके बाद 2014 से 2021 तक कोलकाता नाइट राइडर्स के लिए खेले। 2022 के मेगा ऑक्शन से अब तक वे दिल्ली कैपिटल्स (DC) के लिए खेल रहे थे। पंत की दिल्ली वापसी की चर्चा तेज दिल्ली कैपिटल्स के पूर्व कप्तान ऋषभ पंत की टीम में वापसी की संभावना भी बताई जा रही है। पंत ने हाल ही में लखनऊ की कप्तानी छोड़ी है। उन्होंने दो सीजन टीम की कप्तानी की। खराब फॉर्म के चलते लखनऊ IPL 2026 में 10वें और 2025 में 7वें स्थान पर रही। उनकी कप्तानी में लखनऊ 28 मैचों में केवल 10 में जीत ही हासिल कर सकी। लखनऊ ने पंत को 27 करोड़ में खरीदा था लखनऊ सुपर जायंट्स ने पंत को 27 करोड़ रुपए में खरीदा था। वे IPL के सबसे महंगे प्लेयर हैं। 2026 में वे 312 रन ही बना सके थे।
ओटीटी का नया फॉर्मूला:पुराने स्टार्स के साथ बन रहीं नई कहानियां; 35+ दर्शकों के भरोसे करोड़ों का दांव

इंडियन एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में इन दिनों एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। जहां सिनेमाघरों के लिए नई पीढ़ी के सितारों और फ्रेंचाइज फिल्मों का दबदबा बढ़ रहा है, वहीं ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर 90 के दशक और शुरुआती 2000 के दशक के सितारों की दूसरी पारी मजबूत होती जा रही है। सनी देओल, बॉबी देओल, माधुरी दीक्षित, जूही चावला, काजोल, रवीना टंडन, करिश्मा कपूर, अक्षय खन्ना और राजीव खंडेलवाल जैसे नाम दर्शकों के बीच चर्चा में हैं। हाल ही में घोषित ‘इक्का’ में सनी और अक्षय की जोड़ी हो, आर्यन खान के प्रोजेक्ट में बॉबी की मौजूदगी हो या ‘द रेलवे मेन’ में के.के. मेनन और आर. माधवन जैसे कलाकार हों। सभी प्रोजेक्ट चर्चा में हैं। इसके पीछे ओटीटी कंपनियों की पुराने चेहरों पर नई कहानियों के साथ करोड़ों के दांव की एक साफ रणनीति दिखाई दे रही है। आखिर क्यों पुराने सितारों पर भरोसा जता रहे हैं बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म्स लंबे समय तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में उम्र और स्टार इमेज के आधार पर कलाकारों की भूमिकाएं तय होती थीं। एक समय ऐसा था जब किसी एक्ट्रेस का मां के किरदार को निभाना उसके करियर के लिए जोखिम माना जाता था। ओटीटी प्लेटफॉर्म्स ने इसी सोच को काफी हद तक बदल दिया है। अब कहानी और किरदार दोनों को प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए कलाकार अपनी वास्तविक उम्र और अनुभव के अनुरूप भूमिकाएं निभा पा रहे हैं। वहीं दर्शकों ने भी इस बदलाव को स्वीकार किया है। आज के दर्शक केवल स्टारडम नहीं, मजबूत किरदारों की तलाश में हैं – पराग मेहता कास्टिंग डायरेक्टर पराग के अनुसार, इस ट्रेंड की शुरुआत भले नॉस्टैल्जिया से हुई हो लेकिन इसकी सफलता सिर्फ पुरानी यादों पर नहीं टिकी है। दर्शकों का इन कलाकारों से इमोशनल कनेक्ट आज भी बना हुआ है। लंबे समय तक प्रासंगिक बने रहने के लिए मजबूत किरदार जरूरी हैं। आज की कहानियां कलाकारों की उम्र, अनुभव और व्यक्तित्व के मुताबिक लिखी जा रही हैं। यही वजह है कि दर्शक अब माधुरी को सिर्फ ग्लैमरस या रोमांटिक भूमिकाओं में नहीं, बल्कि जटिल और भावनात्मक किरदारों में भी स्वीकार कर रहे हैं। इसी तरह बॉबी, अक्षय और रवीना भी अपनी पुरानी छवि से अलग भूमिकाएं निभा रहे हैं। आज का दर्शक केवल स्टारडम नहीं, बल्कि असरदार अभिनय और विश्वसनीय किरदार चाहता है। इसी वजह से अनुभवी कलाकारों को अवसर मिल रहे हैं।’ दूसरी पारी में 80-90 के दशक के ये सितारे कैसे बदल रहे गेम – सनी देओल बड़े डिजिटल/सीरीज स्पेस की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। – बॉबी देओल ग्रे और इंटेंस किरदारों से मजबूत पोजिशन बना चुके हैं। – माधुरी दीक्षित रोमांटिक इमेज से हटकर ग्रे शेड और निगेटिव रोल चूज कर रहीं। – काजोल लगातार ओटीटी का हिस्सा बन रहीं, साउथ में भी काफी एक्टिव हैं। – करिश्मा कपूर चुनिंदा लेकिन प्रीमियम कंटेंट, सोलो एक्शन बेस्ट रोल की तरफ झुकाव। क्यों बदल रहा है स्टार सिस्टम स्ट्रीमिंग इंडस्ट्री से जुड़े अनुमानों की तस्वीर भी दिलचस्प है। भारतीय ओटीटी दर्शकों में करीब 47% दर्शक 35 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। यही वह वर्ग है जिसने 90 और 2000 के दशक में इन सितारों को उनके शिखर पर देखा था। दूसरी तरफ 18-34 आयु वर्ग भी लगभग 53% हिस्सेदारी रखता है। ऐसे में प्लेटफॉर्म्स के सामने चुनौती सिर्फ पुराने दर्शकों को लौटाना नहीं, बल्कि एक ही चेहरे से दो पीढ़ियों को जोड़ना है। यही वजह है कि आज अनुभवी सितारों को सिर्फ स्टार पावर नहीं, बल्कि लोअर मार्केटिंग कॉस्ट और हाई रिकॉल वैल्यू के रूप में देखा जा रहा है। ओटीटी ने बदले हैं कास्टिंग के नियम ओटीटी ने कास्टिंग के पारंपरिक नियम भी बदल दिए हैं। अब प्लेटफॉर्म उन कलाकारों पर भी बड़ा दांव लगा रहे हैं, जिन्हें कभी बीते दौर के सितारों के तौर पर देखा जाने लगा था। इसके पीछे सिर्फ नॉस्टैल्जिया नहीं, बल्कि बदलती ऑडियंस और उनके कंटेंट देखने की नई आदतों का बड़ा असर है। इसी वजह से अनुभवी कलाकारों को नए और प्रयोगधर्मी किरदार मिल रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, माधुरी का ‘मां बहन’ में ग्रे शेड और मां वाला किरदार।
शिमला रिज पर अमेरिकी टूरिस्ट की अश्लील हरकतें:वायरल वीडियो पर हिरासत में लिया; सार्वजनिक स्थान पर उपद्रव और गाली-गलोच की

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के रिज पर आज (शुक्रवार) सुबह एक विदेशी टूरिस्ट द्वारा कथित तौर पर अशोभनीय हरकतें और गाली-गलोज करने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिमला पुलिस ने कार्रवाई करते हुए अमेरिकी नागरिक जोशुआ क्रिश्चियन को हिरासत में लिया। जानकारी के अनुसार, रिज पर सुबह के समय बड़ी संख्या में टूरिस्ट और लोकल लोग मौजूद थे। इस दौरान एक जोशुआ क्रिश्चियन ने वहां लोगों के सामने अभद्र व्यवहार किया और अश्लील इशारे किए। बताया जा रहा है कि टूरिस्ट ने गाली-गलोच भी की। विदेशी पर्यटक की हरकतों को देखकर मौके पर लोग एकत्रित हो गए और किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। टूरिस्ट से भरे रिज पर हंगामा रिज, शिमला का प्रमुख पर्यटन स्थल है, जहां दिनभर हजारों की संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग पहुंचते हैं। ऐसे सार्वजनिक स्थान पर विदेशी पर्यटक द्वारा किए गए इस तरह के व्यवहार को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। पुलिस ने वायरल वीडियो पर लिया संज्ञान सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में विदेशी नागरिक रिज पर लोगों के प्रति अभद्र व्यवहार करता और अशोभनीय इशारे करता दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिमला पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और संबंधित व्यक्ति की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। सार्वजनिक स्थल पर उपद्रव मचाने का आरोप शिमला पुलिस के अनुसार, आरोपी विदेशी नागरिक को हिमाचल प्रदेश पुलिस अधिनियम की धारा 114 के तहत सार्वजनिक उपद्रव और अशोभनीय व्यवहार करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने सभी नागरिकों और पर्यटकों से अपील की है कि सार्वजनिक स्थानों पर मर्यादित और जिम्मेदार व्यवहार करें। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने या सार्वजनिक स्थानों पर अनुचित गतिविधियां करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
डायरेक्टर ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए राघवेंद्र राव; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं। तेलेगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर हैं राघवेंद्र के. राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के एक सीनियर फिल्म डायरेक्टर, स्क्रीनराइटर और प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने पांच दशकों से अधिक लंबे करियर में 100 से भी ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने एनटी रामा राव, चिरंजीवी और श्रीदेवी जैसे भारतीय सिनेमा के महान कलाकारों के साथ कई यादगार फिल्में दी हैं। इसके अलावा, उन्हें महेश बाबू, वेंकटेश और अल्लू अर्जुन जैसे आज के दौर के बड़े सुपरस्टार्स को फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च करने का श्रेय भी जाता है। उनकी मुख्य फिल्मों में ‘अग्नि पुत्रुडु’ (1987) और ‘आखिरी पोराट्टम’ (1988) शामिल हैं, जिन्हें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के मुख्यधारा सेक्शन में प्रदर्शित किया जा चुका है।
डायरेक्टर राघवेंद्र ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। वहीं कुछ यूजर्स ने राघवेंद्र राव का बचाव भी किया। उनका कहना था कि वे केवल उद्घाटन शॉट डायरेक्ट कर रहे थे और सीनियर होने के नाते कलाकारों को उनकी सही जगह समझा रहे थे, इसमें कुछ गलत इरादा नहीं था। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं।







