लैथम -कॉन्वे के शतक से न्यूजीलैंड तीसरे टेस्ट में मजबूत:पहले दिन न्यूजीलैंड के 361 रन; आखिरी सेशन में इंग्लैंड की वापसी

इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले जा रहे तीसरे टेस्ट के पहले दिन न्यूजीलैंड ने मजबूत शुरुआत की। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए टीम ने दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट पर 361 रन बनाए। ओपनर डेवोन कॉन्वे (157) और कप्तान टॉम लैथम (151) ने पहले विकेट के लिए 317 रन जोड़कर टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। दोनों ने इसी साल माउंट माउंगानुई में वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले विकेट के लिए 323 रन की साझेदारी भी की थी, जो उनकी सर्वश्रेष्ठ ओपनिंग साझेदारी है। हालांकि, आखिरी सेशन में इंग्लैंड ने मैच में वापसी करते हुए 44 रन के भीतर 4 विकेट झटक दिए। स्टंप्स के समय क्रीज पर हेनरी निकोल्स और नाइटवॉचर विल ओ’रूर्के मौजूद थे। लैथम ने मार्टिन क्रो की बराबरी की लाथम का यह टेस्ट करियर का 17वां शतक है। इसके साथ ही उन्होंने न्यूजीलैंड के बल्लेबाज मार्टिन क्रो के टेस्ट शतकों की बराबरी कर ली। दूसरी ओर, कॉन्वे ने अपने टेस्ट करियर का आठवां शतक पूरा किया। चोटों से परेशान न्यूजीलैंड को टॉस जीतने से मिली बड़ी राहत मैच से ठीक पहले न्यूजीलैंड की टीम को दो बड़े झटके लगे थे। पिछले हफ्ते द ओवल टेस्ट में 11 विकेट लेकर प्लेयर ऑफ द मैच रहे तेज गेंदबाज मैट हेनरी (पैर की चोट) और पहली पारी में शतक लगाने वाले ग्लेन फिलिप्स (साइड स्ट्रेन) चोट के कारण मैच से बाहर हो गए। उनकी जगह मिचेल सैंटनर और बेन सियर्स को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया गया। ऐसे में कप्तान टॉम लाथम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का सही फैसला किया, जिससे टीम को इस झटके से उबरने और सपाट पिच पर बड़ा स्कोर बनाने का मौका मिल गया।, कॉन्वे और लैथम को मिले जीवनदान न्यूजीलैंड की बड़ी साझेदारी के दौरान इंग्लैंड ने कई मौके गंवाए। पारी के शुरुआती ओवरों में ही जोफ्रा आर्चर की गेंद पर स्लिप कॉर्डन में बदलाव के तुरंत बाद टॉम लाथम का कैच उसी खाली जगह से निकल गया। इसके बाद स्पिनर शोएब बशीर की गेंद पर 71 रन के स्कोर पर डेवोन कॉन्वे एलबीडब्ल्यू थे, लेकिन इंग्लैंड ने डीआरएस नहीं लिया। रिप्ले में गेंद सीधे स्टंप्स पर लगती दिखी। वहीं, 129 रन पर गस एटकिंसन की गेंद पर विकेटकीपर जेमी स्मिथ ने लाथम का लेग साइड पर आसान कैच छोड़ दिया। इन दोनों जीवनदानों का न्यूजीलैंड ने पूरा फायदा उठाया और कॉन्वे-लाथम ने पहले विकेट के लिए 317 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर डाली। आखिरी सेशन में इंग्लैंड की वापसी न्यूजीलैंड एक समय बिना किसी नुकसान के 317 रन बनाकर पूरी तरह हावी नजर आ रही थी, लेकिन दिन के अंतिम सेशन में इंग्लैंड ने शानदार वापसी की। कप्तान बेन स्टोक्स ने अपने 13वें ओवर में टॉम लाथम को आउट कर 317 रन की रिकॉर्ड ओपनिंग साझेदारी तोड़ी। इसके सिर्फ सात गेंद बाद जो रूट ने डेवोन कॉन्वे को लॉन्ग-ऑन पर कैच कराकर न्यूजीलैंड को दूसरा झटका दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने दबाव बनाए रखा। दिन का खेल समाप्त होने से कुछ मिनट पहले गस एटकिंसन ने रचिन रवींद्र को पवेलियन भेजा, जबकि आखिरी ओवर में जोफ्रा आर्चर ने हेनरी निकोल्स (14) को विकेटकीपर के हाथों कैच कराकर न्यूजीलैंड का चौथा विकेट गिराया। इस तरह इंग्लैंड ने 44 रन के भीतर चार विकेट लेकर मुकाबले में दमदार वापसी की। हालांकि, मेजबान टीम के लिए चिंता की बात यह रही कि तेज गेंदबाज जोश टंग हैमस्ट्रिंग में परेशानी के कारण तीसरे सेशन में सिर्फ एक ओवर ही फेंक सके।
Venezuela Earthquake Relief Camps | City Ruins Photos Videos

कराकस, वेनेजुएला17 मिनट पहले कॉपी लिंक वेनेजुएला में गुरुवार को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों से तबाही मच गई। लोग, 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। 40 सेकंड के अंदर राजधानी कराकास की ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं। कई परिवारों ने अपनों को खो दिया, सैकड़ों लोग घायल हुए और सड़कों पर रेस्क्यू कैंप्स में लोगों का इलाज चल रहा है। लोग अपनों को ढूंढ रहे हैं, मलबा हटाने की कोशिश की जा रही है और रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी जारी है। 10 PHOTO-VIDEO में देखें, वेनेजुएला में रेस्क्यू , इलाज, तबाही और राहत का मंजर… मलबे से लोगों का रेस्क्यू, 4 तस्वीरें कराकास में भूकंप के झटकों के बाद इमारत ढहने से एक महिला मलबे में फंस गई। रेस्क्यू टीम ने उसे मलबे से निकाला। मलबे में बदल चुकी एक बिल्डिंग में से रेस्क्यू टीम ने एक व्यक्ति को उसके पेट (pet – पालतू जानवर) के साथ बाहर निकाला। कराकास में एक व्यक्ति इमारत के मलबे में फंसा हुआ था। रेस्क्यू टीम ने उसे मलबे से निकाला। रेस्क्यू टीम्स कराकस में मलबे में दबे हुए लोगों को ढूंढने की कोशिश कर रही है। सड़कों पर लगे रिलीफ कैंप्स, 4 तस्वीरें भूकंप के झटकों से अस्पताल तबाह होने के बाद कराकास में बीच सड़क पर रिलीफ कैंप्स लगे हैं। यहां लोगों का इलाज चल रहा है। कराबालेदा शहर में बने एक रिलीफ कैंप में भी घायल बच्चों का इलाज जारी है। कराकास में बीच सड़क पर रिलीफ कैंप लगा हुआ है, जहां लोगों का इलाज जारी है। वेनेजुएला के कातिया ला मार शहर में, भूकंप से क्षतिग्रस्त होने के बाद खाली कराए गए एक अस्पताल के बाहर मरीज जमीन पर लेटे हुए। मलबे में बदला शहर, 4 तस्वीरें कराकास में आम लोग रेस्क्यू टीम के साथ मिलकर मलबे को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। भूकंप के बाद राजधानी कराकास की बड़ी इमारतें ढह गईं। पूरा शहर मलबे में बदल चुका है। मलबे में अपनों को खोजने की तलाश जारी है। एक शख्स ढेर के ऊपर थककर बैठ गया। रेस्क्यू टीम के लोग मलबे को हटाने की कोशिश कर रहे हैं। कराकास की सड़कों पर मलबा फैला है। अपनों से मिलते लोग, 3 तस्वीरें कराकास में एक रिलीफ कैंप में एक पिता अपने बच्चों से मिलने के बाद उन्हें गले लगाकर रोने लगा। भूकंप के झटकों के बाद कराकास में एक मां अपने बेटे को गोद में उठाकर मलबे के पास खड़ी है। कराकस में भूकंप के दोनों झटके शांत होने के बाद लोग एक-दूसरे को गले लगाते दिखे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Venezuela Earthquake Videos; Caracas Damage Tragedy Relief Camps Photos Update

कराकस, वेनेजुएला47 मिनट पहले कॉपी लिंक वेनेजुएला में गुरुवार को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों से तबाही मच गई। 39 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। कई लोगों के अभी भी मलबे में दबे होने की आशंका है। 40 सेकेंड के अंदर राजधानी कराकास की ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं। कई परिवारों ने अपनों को खो दिया। हजारों लोग घायल हैं। सड़कों पर रेस्क्यू कैंप्स में लोगों का इलाज चल रहा है। लोग अपने लोगों को ढूंढ रहे हैं। मलबा हटाने की कोशिशें की जा रही है और रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। 24 PHOTO-VIDEO में देखें, वेनेजुएला में रेस्क्यू , इलाज, तबाही और राहत का मंजर… मलबे से लोगों का रेस्क्यू, 5 तस्वीरें कराकास में भूकंप के बाद इमारत ढहने से एक महिला मलबे में फंस गई। रेस्क्यू टीम ने उसे निकाला। धराशायी हो चुकी एक बिल्डिंग में से रेस्क्यू टीम ने एक व्यक्ति को उसके पालतू जानवर के साथ बाहर निकाला। राजधानी कराकस में मलबे में फंसे शख्स को निकालती रेस्क्यू टीम। ला गुएरा में बचाव दल ने एक ढही हुई इमारत के मलबे से एक व्यक्ति को बाहर निकाला। रेस्क्यू टीमें कराकस में मलबे में दबे हुए लोगों को ढूंढने की कोशिश कर रही है। सड़कों पर लगे राहत शिविरों में रह रहे लोग, 5 तस्वीरें भूकंप से अस्पताल तबाह होने के बाद कराकस में सड़क पर रिलीफ कैंप्स लगे हैं। यहां लोगों का इलाज चल रहा है। कराबालेदा शहर में बने एक राहत शिविर में घायल बच्चों का इलाज जारी है। कराकास में बीच सड़क पर रिलीफ कैंप लगा हुआ है, जहां लोगों का इलाज जारी है। वेनेजुएला के कातिया ला मार शहर में भूकंप से क्षतिग्रस्त होने के बाद खाली कराए गए एक अस्पताल के बाहर बेड पर लेटे मरीज। कराकस में भूकंप की तबाही के बाद कई बड़ी आवासीय इमारतें ढह गई हैं और लोग सड़कों पर बने राहत शिविरों में सोने को मजबूर हैं। मलबे में बदला शहर, 4 तस्वीरें कराकास में भी काफी तबाही हुई है। रेस्क्यू टीम के साथ मिलकर आम लोग भी मलबे को हटाने में जुटे हैं। भूकंप के बाद राजधानी कराकास की बड़ी इमारतें ढह गईं। पूरा शहर मलबे में बदल चुका है। मलबे में अपनों को खोजने की तलाश जारी है। एक शख्स ढेर के ऊपर थककर बैठ गया। कराकस में मशीनें और रेस्क्यू टीम मलबा हटाने में जुटी हैं। तबाही के पहले और बाद का मंजर; 4 तस्वीरें लॉस पालोस ग्रांडेस जिले में एक ऑफिस की बिल्डिंग ढह गई। रेस्क्यू टीम मलबा हटाने में जुटी है। ला गुएरा में भूकंप से एक रेसिडेंशियल अपार्टमेंट ढह गया। मलबे में कई लोग फंसे हो सकते हैं। भूकंप के दो झटकों के बाद वेनेजुएला के ला गुएरा में एक होटल मलबे में बदल गया। उत्तरी लॉस पालोस ग्रांडेस जिले के पेटुनिया में रेसिडेंशियल बिल्डिंग मलबे में तब्दील हो गई। अपनों से मिलने की खुशी, 4 तस्वीरें कराकास में रिलीफ कैंप में एक पिता अपने बच्चों से मिलने के बाद उन्हें गले लगाकर रोने लगा। कराकास में मलबे के पास अपने बेटे को गोद में उठाकर खड़ी एक मां। भूकंप के बाद चारों तरफ तबाही का मंजर है। ऐसे में लोग एक दूसरे को ढांढस बताते दिखे। ला गुएरा में रिलीफ कैंप के अंदर अपने बच्चों को गले लगाकर सोता हुआ एक व्यक्ति। दूसरे देशों से आ रही रेस्क्यू टीम्स, 2 तस्वीरें पूरी दुनिया से रेस्क्यू टीम्स वेनेजुएला के लिए रवाना हो गई हैं। स्विट्जरलैंड, चिली, अल साल्वाडोर, मैक्सिको, स्पेन, फ्रांस और पुर्तगाल शामिल वेनेजुएला में विशेषज्ञ और बचाव दल भेज रहे हैं। अल साल्वाडोर से एक विशेष बचाव दल गुरुवार को वेनेजुएला के लिए रवाना हो गया है। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… भूकंप से बची तो बेटी को गले लगाकर रोई महिला:गिरती इमारतों से पालतू जानवरों को निकालकर लाए लोग; 35 PHOTOS-VIDEOS वेनेजुएला में 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो भूकंपों से तबाही मच गई। 39 सेकेंड के अंदर राजधानी कराकस की ऊंची इमारतें मलबे के ढेर में बदल गईं। भूकंप ने कुछ ही सेकेंड में हजारों लोगों की जिंदगी बदल दी। कई परिवारों ने अपनों को खो दिया, सैकड़ों लोग घायल हुए और बड़ी संख्या में लोगों को घर छोड़ना पड़ा। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
इक्वाडोर ने 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को हराया:20 साल बाद नॉकआउट में पहुंचा, जर्मनी लगातार 11 जीत के बाद हारी

24वीं रैंक की टीम इक्वाडोर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में शुक्रवार को 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 2-1 से हरा दिया है। इस जीत से टीम ने राउंड ऑफ-32 में जगह बना ली। इक्वाडोर 2006 के बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंची है। ग्रुप-ई में तीसरे स्थान पर रहते हुए चार अंक हासिल करने वाला इक्वाडोर अब अगले राउंड में मैक्सिको से भिड़ सकता है। वहीं, पहले ही नॉकआउट में पहुंच चुकी जर्मनी की लगातार 11 मैचों की जीत का सिलसिला भी इस हार के साथ टूट गया है। मेटलाइफ स्टेडियम में इस मैच के दौरान 80,663 फैंस मौजूद रहे। फीफा के अनुसार इस वर्ल्ड कप के 56वें मैच तक कुल दर्शकों की संख्या 35,87,539 पहुंच गई, जो 1994 वर्ल्ड कप के पूरे टूर्नामेंट के रिकॉर्ड से अधिक है। शुरुआती बढ़त के बावजूद हारा जर्मनी जर्मनी ने मुकाबले की तेज शुरुआत करते हुए दूसरे ही मिनट में लेरॉय साने के गोल से बढ़त बना ली। फ्लोरियन विर्ट्ज के पास पर साने ने गोल दागा। हालांकि, इक्वाडोर ने 9वें मिनट में बराबरी हासिल कर ली। मिडफील्ड में गेंद छीनने के बाद पेड्रो वीटे ने निल्सन अंगुलो को पास दिया, जिन्होंने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। यह टूर्नामेंट में इक्वाडोर का पहला गोल भी था। प्लाटा ने निर्णायक गोल दागा दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए। 77वें मिनट में पेड्रो वीटे के कॉर्नर पर केविन रोड्रिगेज ने हेडर लगाया, जिसे गोलकीपर मैनुएल नोयर पकड़ने ही वाले थे कि गोंजालो प्लाटा ने पैर बढ़ाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल ने इक्वाडोर को 2-1 की बढ़त दिलाई, जिसे उसने अंत तक कायम रखा। मैच 55: कुराकाओ Vs आइवरी कोस्ट, स्कोरलाइन 0-2 पेपे के डबल गोल से जीता आइवरी कोस्ट, पहली बार नॉकआउट में निकोलस पेपे के डबल गोल से आइवरी कोस्ट ने ग्रुप-ई मैच में कुराकाओ को 2-0 से हराकर पहली बार नॉकआउट में जगह बना ली। अब आइवरी कोस्ट 30 जून को राउंड ऑफ-32 में ग्रुप आई की उपविजेता टीम (फ्रांस या नॉर्वे) से भिड़ेगा। फिलाडेल्फिया स्टेडियम में आइवरी कोस्ट ने 7वें मिनट में बढ़त बना ली। 19 साल यान डियोमांडे ने कुराकाओ के डिफेंस की गलती का फायदा उठाते हुए गेंद निकोलस पेपे को पास की, जिन्होंने आसान गोल के साथ टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। फिर 64वें मिनट में पेपे ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा और टीम का दूसरा गोल दागा। इसके बाद टीम ने कुराकाओ को वापसी का मौका नहीं दिया। —————————————
इक्वाडोर ने 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को हराया:20 साल बाद नॉकआउट में पहुंचा, जर्मनी लगातार 11 जीत के बाद हारी

24वीं रैंक की टीम इक्वाडोर ने फुटबॉल वर्ल्ड कप में शुक्रवार को 4 बार की वर्ल्ड चैंपियन जर्मनी को 2-1 से हरा दिया है। इस जीत से टीम ने राउंड ऑफ-32 में जगह बना ली। इक्वाडोर 2006 के बाद पहली बार नॉकआउट में पहुंची है। ग्रुप-ई में तीसरे स्थान पर रहते हुए चार अंक हासिल करने वाला इक्वाडोर अब अगले राउंड में मैक्सिको से भिड़ सकता है। वहीं, पहले ही नॉकआउट में पहुंच चुकी जर्मनी की लगातार 11 मैचों की जीत का सिलसिला भी इस हार के साथ टूट गया है। मेटलाइफ स्टेडियम में इस मैच के दौरान 80,663 फैंस मौजूद रहे। फीफा के अनुसार इस वर्ल्ड कप के 56वें मैच तक कुल दर्शकों की संख्या 35,87,539 पहुंच गई, जो 1994 वर्ल्ड कप के पूरे टूर्नामेंट के रिकॉर्ड से अधिक है। शुरुआती बढ़त के बावजूद हारा जर्मनी जर्मनी ने मुकाबले की तेज शुरुआत करते हुए दूसरे ही मिनट में लेरॉय साने के गोल से बढ़त बना ली। फ्लोरियन विर्ट्ज के पास पर साने ने गोल दागा। हालांकि, इक्वाडोर ने 9वें मिनट में बराबरी हासिल कर ली। मिडफील्ड में गेंद छीनने के बाद पेड्रो वीटे ने निल्सन अंगुलो को पास दिया, जिन्होंने बॉक्स के बाहर से शानदार शॉट लगाकर स्कोर 1-1 कर दिया। यह टूर्नामेंट में इक्वाडोर का पहला गोल भी था। प्लाटा ने निर्णायक गोल दागा दूसरे हाफ में दोनों टीमों ने कई मौके बनाए। 77वें मिनट में पेड्रो वीटे के कॉर्नर पर केविन रोड्रिगेज ने हेडर लगाया, जिसे गोलकीपर मैनुएल नोयर पकड़ने ही वाले थे कि गोंजालो प्लाटा ने पैर बढ़ाकर गेंद को गोल में पहुंचा दिया। इस गोल ने इक्वाडोर को 2-1 की बढ़त दिलाई, जिसे उसने अंत तक कायम रखा। मैच 55: कुराकाओ Vs आइवरी कोस्ट, स्कोरलाइन 0-2 पेपे के डबल गोल से जीता आइवरी कोस्ट, पहली बार नॉकआउट में निकोलस पेपे के डबल गोल से आइवरी कोस्ट ने ग्रुप-ई मैच में कुराकाओ को 2-0 से हराकर पहली बार नॉकआउट में जगह बना ली। अब आइवरी कोस्ट 30 जून को राउंड ऑफ-32 में ग्रुप आई की उपविजेता टीम (फ्रांस या नॉर्वे) से भिड़ेगा। फिलाडेल्फिया स्टेडियम में आइवरी कोस्ट ने 7वें मिनट में बढ़त बना ली। 19 साल यान डियोमांडे ने कुराकाओ के डिफेंस की गलती का फायदा उठाते हुए गेंद निकोलस पेपे को पास की, जिन्होंने आसान गोल के साथ टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। फिर 64वें मिनट में पेपे ने बाएं पैर से शानदार शॉट लगाकर अपना दूसरा और टीम का दूसरा गोल दागा। इसके बाद टीम ने कुराकाओ को वापसी का मौका नहीं दिया। मैच 57: जापान Vs स्वीडन, स्कोरलाइन 1-1 जापान और स्वीडन ने ड्रॉ खेला, दोनों नॉकआउट में जापान और स्वीडन ने ग्रुप-एफ से नॉकआउट में प्रवेश कर लिया है। दोनों के बीच का मैच 1-1 से ड्रॉ रहा। जापान ग्रुप में दूसरे और स्वीडन पहले स्थान पर रहते हुए अगले दौर में पहुंचा। जापान ने तीसरी और स्वीडन ने चौथी बार नॉकआउट में प्रवेश किया है। डलास स्टेडियम में पहला हाफ गोल रहित रहने के बाद 56वें मिनट में रित्सु दोआन के पास पर दाइजेन माएदा ने गोल करके जापान को 1-0 की बढ़त दिलाई। हालांकि, यह बढ़त ज्यादा देर नहीं टिकी और 62वें मिनट में एंथनी एलांगा ने बॉक्स के बाहर से शानदार बाएं पैर का शॉट लगाकर स्वीडन को 1-1 की बराबरी दिला दी। उन्होंने इस टूर्नामेंट में दूसरा गोल दागा। एलांगा के गोल के साथ जापान ने एक एडिशन में सबसे ज्यादा गोल करने का रिकॉर्ड बनाया। टीम इस वर्ल्ड कप में 7 गोल कर चुकी है। उसने 2018 वर्ल्ड कप में छह गोल किए थे। —————————————
सचिन तेंदुलकर का एक रिकॉर्ड तोड़ सकते वैभव सूर्यवंशी:भारत-आयरलैंड टी-20 सीरीज: 3 नंबर जर्सी में उतरेंगे सूर्यवंशी, इंटरनेशनल डेब्यू का मिल सकता मौका

वैभव सूर्यवंशी आज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। उन्हें आज भारत-आयरलैंड टी-20 सीरीज में इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिल सकता है। 15 साल के सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टीम में जगह दी गई है। आज वैभव के सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू की उम्मीद है। अगर आज उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो वैभव सचिन को पीछे छोड़कर भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। आयरलैंड में आज शाम 7 बजे मैच खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को अलग चेंजिंग रूम मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम मिलेगा। उनकी फैमिली भी टीम होटल में उनके साथ ही रहेगी। हालांकि, वैभव मैचों के दौरान टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ रह सकेंगे। वे टीम मीटिंग्स में हिस्सा भी लेंगे। यह फैसला ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के कारण लिया है, जिसे ICC ने इसे 2019 में लागू किया था। वैभव को लेकर यूरोप में टिकटों की भारी डिमांड वैभव सूर्यवंशी के आयरलैंड के खिलाफ संभावित इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर यूरोप में जबरदस्त उत्साह है। पूर्व भारतीय और आयरिश क्रिकेटर एमवी नरसिम्हा राव (बॉबजी) ने बताया कि बेलफास्ट के 7,000 क्षमता वाले स्टॉर्मोंट ग्राउंड के लिए टिकटों की भारी मांग है और यूरोप के कई देशों से फैंस मैच देखने पहुंच सकते हैं। वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली BCCI की ओर से वैभव को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी दी गई है। सूर्यवंशी को जर्सी भारतीय टीम में थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट रघु ने सौंपी थी। सूर्यवंशी ने सबसे पहले रघु के पैर छूए और उन्हें प्रणाम किया, फिर जर्सी ली। उन्होंने कहा कि ‘इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जिस दिन पहली बार बल्ला थामकर मैदान पर कदम रखा था, आज वह सपना पूरा हो गया है। यह मेरे अब तक के करियर का सबसे बड़ा कदम है और इस अहसास को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है।’ वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय बन सकते हैं वैभव शेफाली ने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेल लिया था। वहीं, सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था। वैभव को अगर इंग्लैंड-आयरलैंड टूर या एशियन गेम्स में एक भी मैच खेलने का मौका मिल जाता है तो वे शेफाली और सचिन दोनों को पीछे छोड़कर भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया हाल ही में उन्होंने भारत ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई सीरीज के फाइनल में वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया था। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 में वैभव ने 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा और उन्होंने एक शतक भी लगाया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली।
सचिन तेंदुलकर का एक रिकॉर्ड तोड़ सकते वैभव सूर्यवंशी:भारत-आयरलैंड टी-20 सीरीज: 3 नंबर जर्सी में उतरेंगे सूर्यवंशी, इंटरनेशनल डेब्यू का मिल सकता मौका

वैभव सूर्यवंशी आज सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड तोड़ सकते हैं। उन्हें आज भारत-आयरलैंड टी-20 सीरीज में इंटरनेशनल डेब्यू का मौका मिल सकता है। 15 साल के सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय टीम में जगह दी गई है। आज वैभव के सीनियर इंटरनेशनल डेब्यू की उम्मीद है। अगर आज उन्हें खेलने का मौका मिलता है तो वैभव सचिन को पीछे छोड़कर भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। आयरलैंड में आज शाम 7 बजे मैच खेला जाएगा। वैभव सूर्यवंशी को अलग चेंजिंग रूम मिलेगा वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड और आयरलैंड दौरे पर अलग चेंजिंग रूम मिलेगा। उनकी फैमिली भी टीम होटल में उनके साथ ही रहेगी। हालांकि, वैभव मैचों के दौरान टीम के अन्य खिलाड़ियों के साथ रह सकेंगे। वे टीम मीटिंग्स में हिस्सा भी लेंगे। यह फैसला ICC (इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल) की चाइल्ड सेफगार्डिंग पॉलिसी के कारण लिया है, जिसे ICC ने इसे 2019 में लागू किया था। वैभव को लेकर यूरोप में टिकटों की भारी डिमांड वैभव सूर्यवंशी के आयरलैंड के खिलाफ संभावित इंटरनेशनल डेब्यू को लेकर यूरोप में जबरदस्त उत्साह है। पूर्व भारतीय और आयरिश क्रिकेटर एमवी नरसिम्हा राव (बॉबजी) ने बताया कि बेलफास्ट के 7,000 क्षमता वाले स्टॉर्मोंट ग्राउंड के लिए टिकटों की भारी मांग है और यूरोप के कई देशों से फैंस मैच देखने पहुंच सकते हैं। वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी मिली BCCI की ओर से वैभव को टीम इंडिया की 3 नंबर जर्सी दी गई है। सूर्यवंशी को जर्सी भारतीय टीम में थ्रो डाउन स्पेशलिस्ट रघु ने सौंपी थी। सूर्यवंशी ने सबसे पहले रघु के पैर छूए और उन्हें प्रणाम किया, फिर जर्सी ली। उन्होंने कहा कि ‘इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। जिस दिन पहली बार बल्ला थामकर मैदान पर कदम रखा था, आज वह सपना पूरा हो गया है। यह मेरे अब तक के करियर का सबसे बड़ा कदम है और इस अहसास को शब्दों में बयां करना नामुमकिन है।’ वैभव सबसे कम उम्र में टीम इंडिया में चुने गए वैभव 15 साल 71 दिन की उम्र में टीम इंडिया के लिए चुने जाने वाले सबसे युवा क्रिकेटर हैं। उन्होंने इस मामले में शेफाली वर्मा और सचिन तेंदुलकर का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। शेफाली पहली बार 15 साल 220 दिन की उम्र में भारतीय टीम में चुनी गई थीं, जबकि सचिन को 16 साल 194 दिन की उम्र में राष्ट्रीय टीम में मौका मिला था। सबसे कम उम्र में डेब्यू करने वाले भारतीय बन सकते हैं वैभव शेफाली ने 15 साल 239 दिन की उम्र में भारत के लिए पहला मैच खेल लिया था। वहीं, सचिन ने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था। वैभव को अगर इंग्लैंड-आयरलैंड टूर या एशियन गेम्स में एक भी मैच खेलने का मौका मिल जाता है तो वे शेफाली और सचिन दोनों को पीछे छोड़कर भारत के लिए खेलने वाले सबसे युवा क्रिकेटर बन जाएंगे। 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया हाल ही में उन्होंने भारत ए और श्रीलंका ए के बीच ट्राई सीरीज के फाइनल में वैभव ने सिर्फ 11 गेंदों में लिस्ट-ए क्रिकेट का सबसे तेज अर्धशतक लगाया था। इससे पहले राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 में वैभव ने 776 रन बनाए। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 रहा और उन्होंने एक शतक भी लगाया। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टी20 टीम में जगह मिली।
ईरान बोला-NATO देशों ने जंग में अमेरिका का साथ दिया:इन्हें जवाबदेह ठहराया जाए; होर्मुज में जहाज पर हमला, पुल को नुकसान

ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हुए हमले में साथ देने वाले NATO मेंबर देशों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने सोशल मीडिया पर कहा कि NATO चीफ मार्क रुट ने खुद माना है कि इटली और रोमानिया ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का साथ दिया था। बघेई ने कहा कि इन्हें अपने नागरिकों और पूरी दुनिया को बताना चाहिए कि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ इस कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। होर्मुज स्ट्रेट में एक कॉमर्शियल जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल (हमलावर हथियार) से हमला हुआ। ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) ने इसकी जानकारी दी है। जहाज ओमान के तट के पास था, तभी प्रोजेक्टाइल जहाज के दाहिने हिस्से से टकराया। इस हमले में जहाज के ब्रिज (जहां से जहाज को कंट्रोल किया जाता है) को नुकसान पहुंचा। जहाज के कप्तान ने बताया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान ने होर्मुज में नए रूट पर आपत्ति जताई : ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नए समुद्री रास्ते (इवैक्यूएशन लेन) बनाने की बात कही गई थी। 2. होर्मुज को लेकर ईरान-अमेरिका आमने-सामने: ईरान ने कहा कि बिना नियम माने गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई होगी। अमेरिका ने साफ किया कि होर्मुज पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं करेगा। 3. ट्रम्प ने युद्ध खर्च के लिए ₹8.3 लाख करोड़ मांगे: ट्रम्प सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर (₹8.322 लाख करोड़) की अतिरिक्त फंडिंग मांगी। यह रकम युद्ध खर्च, सेना की तैयारी और हथियारों के भंडार के लिए इस्तेमाल होगी। 4. लेबनान में इजराइली हमले जारी: नाबातियेह के पास कार पर हमले में 3 लोगों की मौत और 1 व्यक्ति घायल हुआ। इजराइली सेना ने हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। 5. ईरान ने अमेरिका विरोधी नारों पर रोक की खबर खारिज की: ईरान ने कहा कि ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे या अमेरिकी झंडा जलाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को गलत बताया। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
ईरान बोला-NATO देशों ने जंग में अमेरिका का साथ दिया:इन्हें जवाबदेह ठहराया जाए; होर्मुज में जहाज पर हमला, पुल को नुकसान

ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हुए हमले में साथ देने वाले NATO मेंबर देशों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने सोशल मीडिया पर कहा कि NATO चीफ मार्क रूट ने खुद माना है कि इटली और रोमानिया ने ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई में अमेरिका का साथ दिया था। बघेई ने कहा कि इन्हें अपने नागरिकों और पूरी दुनिया को बताना चाहिए कि उन्होंने अमेरिका और इजराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ इस कार्रवाई का समर्थन क्यों किया। होर्मुज स्ट्रेट में एक कॉमर्शियल जहाज पर किसी अज्ञात प्रोजेक्टाइल, यानी हमलावर हथियार से अटैक हुआ। ब्रिटेन की यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस, यानी UKMTO ने इसकी जानकारी दी है। जहाज ओमान के तट के पास था, तभी प्रोजेक्टाइल जहाज के दाहिने हिस्से से टकराया। इस हमले में जहाज के ब्रिज, जहां से जहाज को कंट्रोल किया जाता है को नुकसान पहुंचा। जहाज के कप्तान ने बताया कि इस घटना में कोई भी व्यक्ति घायल नहीं हुआ। पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट्स… 1. ईरान ने होर्मुज में नए रूट पर आपत्ति जताई : ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया है, जिसमें होर्मुज से जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नए समुद्री रास्ते, यानी इवैक्यूएशन लेन बनाने की बात कही गई थी। 2. होर्मुज को लेकर ईरान-अमेरिका आमने-सामने: ईरान ने कहा कि बिना नियम माने गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई होगी। अमेरिका ने साफ किया कि होर्मुज पर किसी एक देश का नियंत्रण स्वीकार नहीं करेगा। 3. ट्रम्प ने युद्ध खर्च के लिए ₹8.3 लाख करोड़ मांगे: ट्रम्प सरकार ने अमेरिकी संसद से 87.6 अरब डॉलर, यानी करीब ₹8.322 लाख करोड़ की अतिरिक्त फंडिंग मांगी। यह रकम युद्ध खर्च, सेना की तैयारी और हथियारों के भंडार के लिए इस्तेमाल होगी। 4. लेबनान में इजराइली हमले जारी: नाबातियेह के पास कार पर हमले में 3 लोगों की मौत हुई और 1 व्यक्ति घायल हुआ। इजराइली सेना ने हमले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया। 5. ईरान ने अमेरिका विरोधी नारों पर रोक की खबर खारिज की: ईरान ने कहा कि ‘अमेरिका मुर्दाबाद’ के नारे या अमेरिकी झंडा जलाने पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। सरकार ने सोशल मीडिया पर चल रही खबरों को गलत बताया। ईरान पीस डील से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए….
आफताब बोले- शूटिंग से ज्यादा खाने का इंतजार रहता था:डायरेक्टर ने कहा- ऐसा लग रहा था जैसे हम फिल्म नहीं, यादें बना रहे हों

‘वेलकम टू द जंगल’ की चर्चा अब तक इसकी बड़ी स्टारकास्ट और स्केल को लेकर होती रही है, लेकिन फिल्म से जुड़े लोगों के लिए इसकी सबसे खास बात कुछ और थी। डायरेक्टर अहमद खान और अभिनेता आफताब शिवदासानी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि लंबे शूटिंग शेड्यूल के दौरान फिल्म का सेट सिर्फ काम की जगह नहीं रहा, बल्कि ऐसा स्पेस बन गया जहां कलाकारों ने साथ समय बिताया, पुरानी केमिस्ट्री दोबारा जी और कई नई यादें बनाई। दोनों ने बताया कि कई बार शूट खत्म होने के बाद भी लोग सेट पर रुके रहते थे, क्योंकि वहां का माहौल किसी फिल्म से ज्यादा एक बड़े गैदरिंग जैसा लगने लगा था। सवाल: इस फिल्म के सेट को बाकी फिल्मों से अलग क्या बनाता था? जवाब/अहमद खान:आमतौर पर लोग फिल्म पर आते हैं, अपना काम करते हैं और चले जाते हैं। यहां वैसा नहीं था। यहां लोगों को सेट पर रहने में मजा आ रहा था। कई बार जिन कलाकारों का शूट नहीं होता था, वो भी मौजूद रहते थे क्योंकि उन्हें लगता था कि कहीं कुछ मजेदार मिस न हो जाए। धीरे-धीरे ऐसा माहौल बन गया जहां काम के साथ दोस्ती और अपनापन भी जुड़ गया। सवाल: इतने सारे कलाकारों के बीच माहौल कैसे बना रहा? जवाब/अहमद खान:जब इतने लोग साथ काम करते हैं तो हर किसी की अपनी एनर्जी होती है। कोई बहुत तैयारी करके आता है, कोई मौके पर चीजें बदल देता है। मुझे लगा कि अगर सबको थोड़ा खुलने दिया जाए तो बेहतर चीजें निकलकर आएंगी। मेरा काम सिर्फ उस एनर्जी को सही दिशा देना था। सवाल: क्या कभी लगा कि लोग शूट से ज्यादा एक-दूसरे के लिए आ रहे हैं? जवाब/अहमद खान:हां, कई बार। लेकिन मुझे लगता है वही इस फिल्म की सबसे अच्छी बात थी। लोग काम करके जा नहीं रहे थे, वो वक्त भी साथ बिता रहे थे। कई लोगों ने कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे कॉलेज वाले दिन वापस आ गए हों। सवाल: कॉमेडी में इम्प्रोवाइजेशन कितना काम आया? जवाब/अहमद खान:बहुत ज्यादा। कई बार सीन स्क्रिप्ट से शुरू होता था लेकिन कलाकारों की वजह से उसका रूप बदल जाता था। कॉमेडी में यही मजा होता है कि आप थोड़ा स्पेस दो तो कई अच्छी चीजें सामने आती हैं। सवाल: आफताब, इतने साल बाद इस टीम के साथ लौटना कैसा रहा? जवाब/आफताब शिवदासानी:बहुत सहज लगा। ऐसा नहीं लगा कि इतने साल निकल गए हैं। कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जहां दोबारा शुरुआत नहीं करनी पड़ती। बस वहीं से बात शुरू हो जाती है जहां छोड़ी थी। सवाल: शूटिंग के दौरान सबसे यादगार चीज क्या रही? जवाब/आफताब शिवदासानी:मैं मजाक में कहता था कि मुझे शूट से ज्यादा लंच का इंतजार रहता था। लेकिन उसमें सच्चाई भी थी। लंच टाइम वो वक्त होता था जब सब लोग साथ बैठते थे, बातें करते थे, हंसते थे। कई यादें वहीं बनीं। सवाल: अगर इस पूरे सफर को एक लाइन में बताना हो तो क्या कहेंगे? जवाब/अहमद खान:कई बार ऐसा लगता था कि हम फिल्म नहीं बना रहे, यादें बना रहे हैं। इतने लंबे समय तक साथ रहने के बाद सबके बीच एक अलग जुड़ाव बन गया था। सवाल: इस फिल्म की सबसे बड़ी याद क्या रहेगी? जवाब/आफताब शिवदासानी:मेरे लिए यही कि इतने साल बाद भी लोगों के बीच वही अपनापन बना रहा। फिल्में खत्म हो जाती हैं, लेकिन कुछ लोग और कुछ पल साथ रह जाते हैं। यही चीज सबसे ज्यादा याद आएगी। _________________________________________ यह इंटरव्यू भी पढ़ें.. दिशा बोलीं- बड़े कलाकारों से बहुत कुछ सीखा:अरशद वारसी ने कहा- शूटिंग कभी काम नहीं, दोस्तों के साथ बिताया वक्त लगा ‘वेलकम टू द जंगल’ में बड़ी स्टारकास्ट के बीच काम करने का अनुभव कलाकारों के लिए सिर्फ शूटिंग तक सीमित नहीं रहा। दिशा पाटनी ने इसे सीखने और समझने का मौका बताया, जबकि अरशद वारसी के मुताबिक सेट का माहौल इतना सहज था कि काम का दबाव महसूस ही नहीं हुआ। दैनिक भास्कर से बातचीत में दोनों कलाकारों ने बताया कि इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत कलाकारों के बीच बना तालमेल और साथ बिताया समय रहा।पूरा इंटरव्यू पढ़ें.. अक्षय कुमार बोले- हिट-फ्लॉप बाद की बात:ढाई साल साथ काम कर बना खास रिश्ता; सुनील शेट्टी बोले- ऐसी स्टारकास्ट फिर शायद न मिले फिल्म ‘वेलकम टू द जंगल’ सिर्फ मल्टीस्टारर फिल्म नहीं, बल्कि कलाकारों के लिए यादों और रिश्तों का सफर भी रही। दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय कुमार और सुनील शेट्टी ने फिल्म से जुड़े किस्से साझा किए। अक्षय ने बताया कि बड़े स्टारकास्ट के साथ काम करना पिकनिक जैसा अनुभव था, जहां शूटिंग के साथ मस्ती भी हुई।पूरा इंटरव्यू पढ़ें..








