ओटीटी के दौर में बड़े परदे पर लौट रहे दर्शक:मल्टीप्लेक्स कारोबार छह महीने में 21% बढ़ा, दर्शक 12% तक बढ़े

देश में फिल्मों के लिए बड़े पर्दे का आकर्षण फिर बढ़ रहा है। मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जनवरी-जून 2026 के दौरान देश के मल्टीप्लेक्स बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में पिछले साल की तुलना में 21% की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं उद्योग से जुड़ी रिपोर्ट्स के मुताबिक कुल बॉक्स ऑफिस कारोबार में भी करीब 16-17% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि सिनेमाघरों में आने वाले दर्शकों (फुटफॉल) में 10-12% का इजाफा हुआ। इसकी सबसे बड़ी वजह फिल्मों का मजबूत लाइनअप रहा। हिंदी में ‘धुरंधर 2’ और ‘बॉर्डर 2’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस को नई जान दी, वहीं तमिल, तेलुगु और मलयालम फिल्मों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। इससे साफ संकेत मिला कि दर्शक अब भाषा नहीं, अच्छी कहानी और सिनेमाई अनुभव को प्राथमिकता दे रहे हैं। सीक्वल और फ्रेंचाइजी बने नया फॉर्मूला 2026 की सबसे बड़ी सीख यह रही कि दर्शक परिचित किरदारों और स्थापित फ्रेंचाइजी को बड़े पर्दे पर देखना चाहते हैं। ‘धुरंधर 2’, ‘बॉर्डर 2’, ‘दृश्यम 3’, ‘वाझा 2’ और अन्य सीक्वल फिल्मों ने शानदार कारोबार किया। हालांकि, केवल बड़े बजट की फिल्में ही नहीं, बल्कि 100-200 करोड़ रुपए कमाने वाली मिड-बजट फिल्मों की संख्या भी बढ़ी, जो उद्योग के लिए सकारात्मक संकेत है। रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद मल्टीप्लेक्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट कमल ज्ञानचंदानी का कहना है कि ब्लॉकबस्टर फ्रेंचाइजी, मौलिक कहानियां, क्षेत्रीय सिनेमा और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों के संतुलित मिश्रण ने दर्शकों का भरोसा लौटाया है। वहीं सिनेपोलिस इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर देवांग संपत का मानना है कि यदि साल की दूसरी छमाही में भी मजबूत रिलीज कैलेंडर बना रहा तो थिएटर उद्योग में कमाई का नया रिकॉर्ड बन सकता है। 2026 में भारतीय बॉक्स ऑफिस कलेक्शन जनवरी – 1,327 फरवरी – 427 मार्च – 1,690 अप्रैल – 787 मई – 1,138 (*करोड़ रु. में) स्रोत- ऑरमैक्स मीडिया ट्रेड विश्लेषकों के अनुसार, 2026 की पहली छमाही में 30 हिंदी फिल्मों की रिलीज से 2,352 करोड़ रुपए का बॉक्स ऑफिस कारोबार हुआ। ये बीते साल से करीब 15% की बढ़ोतरी है।
वर्ल्ड अपडेट्स:वेनेजुएला में चमत्कार: मलबे में 8 दिन से फंसा कुत्ता जिंदा मिला, रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित निकाला

वेनेजुएला में मलबे के नीचे लगातार आठ दिन तक फंसे रहने के बाद एक कुत्ते को जीवित बाहर निकाल लिया गया। लंबे समय तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद उसके सुरक्षित मिलने की घटना को लोग किसी चमत्कार से कम नहीं मान रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुत्ता किसी आपदा के बाद मलबे में दब गया था। समय बीतने के साथ उसके जीवित मिलने की उम्मीद बेहद कम होती गई, लेकिन बचाव दल ने तलाश अभियान बंद नहीं किया। आखिरकार लगातार प्रयासों के बाद रेस्क्यू टीम उसे सुरक्षित बाहर निकालने में सफल रही। कुत्ते के जीवित मिलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। इस घटना ने एक बार फिर साबित किया कि आपदा के बाद शुरुआती दिनों के बाद भी राहत और बचाव अभियान जारी रखना कितना महत्वपूर्ण होता है। रेस्क्यू के बाद कुत्ते की स्वास्थ्य जांच की गई और उसे आवश्यक देखभाल के लिए सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया। आठ दिन बाद उसके जीवित मिलने की यह घटना पूरे अभियान की सबसे भावुक और प्रेरक तस्वीर बनकर सामने आई है।
1.85 Lakh Teachers, Exam Leave for Teachers

14 मिनट पहले कॉपी लिंक उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग 2 से 4 जुलाई तक उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 का आयोजन कर रहा है। यूपी सरकार ने इस एग्जाम को लेकर सेवारत शिक्षकों के लिए दो बड़े फैसले लिए हैं। पहला अब कार्यरत शिक्षकों के लिए भी TET आयोजित की जाएगी। दूसरा UPTET में शामिल होने वाले सेवारत शिक्षकों को परीक्षा देने के लिए स्कूल से छुट्टी भी मिलेगी। यह परीक्षा साल में 2 बार कराई जाएगी। विभाग ने परीक्षा पास करने के लिए 2 साल का समय तय किया है। इसके बाद भी परीक्षा पास न कर पाने पर नौकरी जाएगी। फिर चाहे टीचर्स की उम्र 40-45 साल ही क्यों न हो। 1.85 लाख टीचर्स नौकरी बचाने के लिए दे रहे UPTET 1 सितंबर, 2025 को सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस मनमोहन की पीठ ने फैसला दिया कि बगैर TET पास किए प्राइमरी शिक्षक बने उम्मीदवारों को भी अब TET पास करना अनिवार्य होगा। ऐसा न करने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। ऐसे में 1.85 लाख कैंडिडेट्स ऐसे हैं जो अपनी नौकरी बचाने के लिए परीक्षा दे रहे हैं। हालांकि, शिक्षकों ने इस फैसले का जमकर विरोध किया। इस संबंध में प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजे गए और संसद में भी इस कानून में संशोधन की मांग उठी। लेकिन ये सारी कोशिशें सुप्रीम कोर्ट के परीक्षा अनिवार्य करने के फैसले के सामने बेकार ही रहीं। तनाव में हुई 2 शिक्षकों की मौत कई ऐसे शिक्षक भी हैं, जो 20 – 25 साल से पढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी नौकरी के बाद फिर से परीक्षा लेना कहां तक तर्कसंगत है? शिक्षक संघों का दावा है कि इसी तनाव में 2 शिक्षकों की मौत भी हो चुकी है। 1 लाख 85 हजार टीचर देंगे यूपी टीईटी यूपी टीईटी 2026 में 1 लाख 85 हजार 791 उम्मीदवार ऐसे हैं जो कि पहले से बेसिक स्कूलों में शिक्षक के रूप में कार्यरत हैं और अब टीईटी परीक्षा पास करना चाहते हैं। वहीं 18 लाख 08 हजार 870 नये उम्मीदवार टीईटी परीक्षा में शामिल होंगे। इस साल यह परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में 955 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जा रही है। इसमें कुल 19 लाख 94 हजार 661 उम्मीदवार शामिल होंगे। प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश: TET परीक्षा के दौरान शहर में भारी ट्रैफिक जाम लग गया, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई। परीक्षार्थी और उनके माता-पिता एक घंटे से ज़्यादा समय तक फंसे रहे और उन्हें परीक्षा केंद्रों तक समय पर पहुँचने में मुश्किल हुई। CO सिटी आशुतोष मिश्रा और ट्रैफिक पुलिस ने… pic.twitter.com/DPC0coad3h— IANS Hindi (@IANSKhabar) July 2, 2026 सबसे ज्यादा सेंटर वाराणसी में यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग के उपसचिव संजय सिंह के मुताबिक, वाराणसी में सबसे ज्यादा 68 एग्जाम सेंटर बनाए गए हैं। इन सेंटर पर 1 लाख 27 हजार 239 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। जबकि प्रयागराज में बनाए गए 53 एग्जाम सेंटर पर 76 हजार 634 और राजधानी लखनऊ में बनाए गए 45 सेंटर पर 76 हजार 720 उम्मीदवार परीक्षा दे रहे हैं। ये ले एक और नोटिस UPTET 🚨🙊🙊UP TET NOTICE FOR NIOS 👇👇केवल वे अभ्यर्थी जिनके पास 18 माह का D.El.Ed. (ODL) कोर्स है तथा जो 31.03.2015 अथवा उससे पूर्व सेवा में थे, उन्हें UPTET 2026 में औपबन्धिक रूप से सम्मिलित होने की अनुमति दी जायेगी तथा यह अनुमति मा० उच्च न्यायालय में… pic.twitter.com/VV49qyZh2W— Raj Academy Prayagraj (@rajacademypra) July 1, 2026 बायोमेट्रिक सिस्टम और सीसीटीवी से निगरानी यूपी टीईटी परीक्षा निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए हर जिले में आब्जर्वर भेजे गए हैं। आयोग के सदस्य, रिटायर्ड आईएएस और आईपीएस अधिकारियों को आब्जर्वर बनाकर भेजा गया है। परीक्षा केंद्रों पर मल्टी-लेयर सुरक्षा और बायोमेट्रिक आइरिस स्कैन लागू किया गया है। इसके साथ ही पूरी परीक्षा की सीसीटीवी लाइव फीड के जरिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से मॉनिटरिंग भी की जाएगी। नकल माफिया पर लगाम लगाने के लिए एसटीएफ की तैनाती रहेगी। साढ़े चार साल बाद हो रहा यूपी टीईटी यूपी टीईटी परीक्षा साढ़े चार साल के लंबे अंतराल बाद हो रही है। इसके पहले यूपी टीईटी परीक्षा 2022 में हुई थी। साल 2021 में पेपर लीक हो गया था, जिसके बाद परीक्षा 2022 में हो सकी थी। —————– ये खबर भी पढ़ें… 50 साल पुराना कोएड स्कूल बॉयज स्कूल निकला:प्रशासन ने बिना बताए किया बदलाव, 120 लड़कियों का एडमिशन कैंसिल हुआ पश्चिम बंगाल में पूर्वी बर्दवान के कलना नंबर 2 ब्लॉक स्थित बैद्यपुर विद्यापीठ पिछले 50 सालों से को-एड (गर्ल्स और बॉयज) स्कूल के तौर पर संचालित हो रहा है, लेकिन बीते दिनों जब 11वीं में पढ़ने वाली गर्ल्स स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन के लिए एजुकेशन पोर्टल पर आवेदन किया तो पता चला कि बैद्यपुर विद्यापीठ बॉयज स्कूल में बदल दिया गया है। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
EPF Contribution Rule Change: ₹1,800 Limit Set

Hindi News Business EPF Contribution Rule Change: ₹1,800 Limit Set | Employee Company Can Continue 12% Contribution नई दिल्ली7 मिनट पहले कॉपी लिंक अगर आप एक वेतनभोगी कर्मचारी हैं, तो ये खबर आपके लिए है। अभी तक ईपीएफओ (कर्मचारी भविष्य निधि संगठन) के करीब 8 करोड़ कर्मचारियों को अपनी बेसिक सैलरी का 12% अंशदान करना पड़ता था और कंपनी के लिए भी इतना ही योगदान करना अनिवार्य था। मगर, केंद्र ने 29 जून को नई कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 2026 को अधिसूचित कर दिया। इसने पुरानी ईपीएफ योजना, 1952 की जगह ले ली है। इसके तहत, अनिवार्य कर्मचारी योगदान को स्पष्ट रूप से 15 हजार रुपए की वैधानिक वेतन सीमा से जोड़ दिया गया है। यानी अब कंपनियों के लिए सिर्फ 15 हजार रुपए का 12% यानी 1,800 रुपए ही ईपीएफ अंशदान लेना जरूरी है। 1,800 रुपए से अधिक का योगदान तभी जारी रह सकता है, जब कर्मचारी स्वेच्छा से ऐसा करना चाहे। अगर आप अपने रिटायरमेंट फंड के लिए ज्यादा बचत करना चाहते हैं, तो ईपीएफ में 1,800 रुपए से ज्यादा का अंशदान जारी रख सकते हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि कंपनियों के लिए इस अतिरिक्त स्वैच्छिक योगदान के बराबर योगदान देना अनिवार्य नहीं है, जब तक कि वे किसी रोजगार अनुबंध या कंपनी की नीति के तहत ऐसा करने के लिए सहमत न हों। मतलब ये कि ईपीएफ में कर्मचारी का योगदान कुछ भी हो, लेकिन कंपनियां अपनी ओर से ईपीएफ में केवल 1,800 रुपए देने के लिए ही कानूनी रूप से बाध्य होंगी। इसके अलावा, पीएफ निकासी, पेंशन या बीमा का दावा 20 दिन के भीतर निपटाना होगा। बिना किसी ठोस वजह के देरी होने पर कमिश्नर पर कार्रवाई होगी और 12% सालाना दंडात्मक ब्याज देना होगा, जो अधिकारी की सैलरी से कटेगा। फायदा ये कि इन-हैंड सैलरी बढ़ सकती है, पर नुकसान ये कि ‘बचत’ घट जाएगी 1. कर्मचारियों पर सीधा क्या असर पड़ेगा? क्या ज्यादा कटने वाला पैसा अब सैलरी में मिलेगा? अभी ज्यादातर कंपनियां बेसिक सैलरी का 12% पीएफ में काटती थीं। मान लीजिए बेसिक सैलरी 30,000 रुपए है, तो अभी 3,600 रुपए कटते थे। नए नियम के बाद इसमें से सिर्फ 1,800 रुपए कटना जरूरी है। बाकी 1,800 रुपए अब ‘मर्जी’ की बात है यानी अगर कर्मचारी और कंपनी दोनों राजी हों तो यह रकम पीएफ की बजाय हाथ में मिलने वाली सैलरी में जोड़ी जा सकती है। पर यह अपने आप नहीं होगा, इसके लिए कंपनी की नीति और आपसी सहमति जरूरी है। 2. क्या कंपनियां 12% वाला योगदान देना बंद कर देंगी? क्या वो पैसा अब सैलरी में जुड़ जाएगा? कंपनी पर भी अब सिर्फ 1,800 रुपए देने की कानूनी बाध्यता है। इससे ज्यादा देना कंपनी और कर्मचारी की मर्जी पर है, कोई कानून उसे मजबूर नहीं करता। लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सभी कंपनियां तुरंत ज्यादा योगदान देना बंद कर देंगी। कई कंपनियां कर्मचारियों को बांधे रखने के लिए पुरानी व्यवस्था जारी भी रख सकती हैं। फैसला हर कंपनी अपने हिसाब से लेगी। 3. सरकार को इस बदलाव से क्या फायदा होगा? सरकार का मकसद पैसा कमाना नहीं, बल्कि पुराने और उलझे हुए पीएफ कानून (जो 1952 से चला आ रहा था) को नए श्रम कानूनों के हिसाब से साफ-सुथरा बनाना है। इससे नियम स्पष्ट होंगे, कागजी काम कम होगा और पीएफ से जुड़े विवाद घटने की उम्मीद है। 4. इससे कंपनियों को फायदा होगा या नुकसान? ज्यादातर कंपनियों के लिए यह फायदे की बात है। जो कंपनियां ज्यादा सैलरी वाले कर्मचारियों पर भी पूरे 12% के हिसाब से पीएफ काट रही थीं, अब वे चाहें तो 1,800 रु. तक सीमित रह सकती हैं। उन पर कानूनी बोझ कम होगा। सैलरी का ढांचा बनाने में ज्यादा आजादी मिलेगी। इसमें नुकसान जैसी कोई बात नहीं दिख रही है। 5. ईपीएफ में 1,800 रुपए के अंशदान से कर्मचारियों की भविष्य की बचत पर क्या असर पड़ेगा? अगर कोई कर्मचारी सिर्फ 1,800 रुपए महीना ही पीएफ में डालेगा, तो रिटायरमेंट तक जमा होने वाली रकम पहले से बहुत कम होगी। पीएफ पर अच्छा ब्याज मिलता है (करीब 8.25%), और यह ब्याज जितनी बड़ी रकम पर लगे, उतना फायदा होता है। हां, जो कर्मचारी चाहें, वे पहले जितना ही पैसा जमा करना जारी रख सकते हैं। असली खतरा उन्हें है, जो जानकारी के अभाव में या ज्यादा इन-हैंड सैलरी के लालच में कम पीएफ अंशदान का विकल्प चुनेंगे। उन्हें रिटायरमेंट के समय बहुत कम राशि मिलेगी। 6. सैलरी स्ट्रक्चर में क्या बदलाव दिख सकते हैं? खासकर उन कंपनियों में बदलाव दिख सकता है जो सैलरी का पूरा पैकेज (सीटीसी) तय करके देती हैं। हो सकता है कि कंपनी और कर्मचारी मिलकर तय करें कि ज्यादा पीएफ काटने की बजाय वह पैसा इन-हैंड मिलने वाली सैलरी या दूसरे भत्तों में जोड़ दिया जाए। इससे महीने की सैलरी थोड़ी बढ़ सकती है, लेकिन रिटायरमेंट के लिए जमा होने वाला पैसा कम हो सकता है। यह बदलाव सभी जगह एक साथ नहीं, बल्कि धीरे-धीरे और अलग-अलग कंपनियों में अलग-अलग तरीके से होगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
विंबलडन के तीसरे दौर में आर्थर फेरी पहुंचे:अकेले ब्रिटिश खिलाड़ी बचे; डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक और एलीना रायबाकिना की जीत, बुल्टार-वाटसन डबल्स से बाहर

ब्रिटिश खिलाड़ी वर्ल्ड नंबर 114 आर्थर फेरी मेंस सिंगल्स के तीसरे दौर में पहुंचने वाले इकलौते ब्रिटिश खिलाड़ी बन गए हैं। वहीं, विमेंस सिंगल्स में डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक और पूर्व चैंपियन एलीना रायबाकिना ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर तीसरे दौर में जगह बना ली है। जबकि डबल्स में केटी बुल्टार और हीथर वाटसन समेत सभी 6 ब्रिटिश जोड़ियां पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गईं। वहीं, टूर्नामेंट के अन्य बड़े मुकाबलों में बुल्गारिया के अनुभवी खिलाड़ी ग्रिगोर दिमित्रोव ने चेक रिपब्लिक के जाकुब मेन्सिक को चार सेटों के कड़े मुकाबले में हराकर तीसरे दौर में प्रवेश किया, जहां उनका सामना इटली के माटेओ बेरेटिनी से होगा। आर्थर फेरी ब्रिटेन की आखिरी उम्मीद 23 साल के आर्थर फेरी का जन्म पेरिस में फ्रांसीसी माता-पिता के घर हुआ था,लेकिन जब वे बहुत छोटे थे, तभी उनका परिवार विंबलडन में आकर बस गया था। फेरी ने बचपन में करीब 10 साल की उम्र तक फ्रांस का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन इसके बाद वे ब्रिटेन के टेनिस सिस्टम (LTA) में शामिल हो गए। कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइंस और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने वाले फेरी अब पूरी तरह ब्रिटिश बन चुके हैं। फेरी ने अपनी इस कामयाबी पर कहा,’मैं इसी विंबलडन टूर्नामेंट को देखते हुए बड़ा हुआ हूं। बचपन में खिलाड़ियों की नकल करता था और आज यहां मैच जीत रहा हूं, यह अहसास अद्भुत है। अब मैं खुद को दिल से पूरी तरह ब्रिटिश महसूस करता हूं।’ फेरी की मां ओलिविया खुद फ्रांस की पूर्व फेड कप खिलाड़ी रही हैं और पिता लोइक फ्रांस के फुटबॉल क्लब लोरिएंट के मालिक हैं। इगा स्वियातेक ने प्लिस्कोवा को 69 मिनट में हराया विमेंस सिंगल्स के दूसरे दौर में पोलैंड की स्टार खिलाड़ी और वर्ल्ड नंबर तीन इगा स्वियातेक ने पूर्व फाइनलिस्ट कैरोलिना प्लिस्कोवा को सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हरा दिया। उन्होंने सिर्फ 69 मिनट में मैच अपने नाम कर लिया। मैच के बाद स्वियातेक ने कहा, ‘आज मैं काफी स्थिर महसूस कर रही थी। पहला दौर बहुत इमोशनल था, लेकिन आज ऐसा लगा जैसे यह ऑफिस का कोई आम दिन हो, जहां मुझे सही फैसले लेने थे। मैं अपने इस प्रदर्शन और फोकस से बेहद खुश हूं।’ एलीना रायबाकिना ने कैटी मैकनेली को सिर्फ 71 मिनट में हराया कजाकिस्तान की 2022 विंबलडन चैंपियन एलीना रायबाकिना ने भी सेंटर कोर्ट पर अपना जलवा बिखेरा। वर्ल्ड नंबर दो रायबाकिना ने अमेरिका की कैटी मैकनेली को महज 71 मिनट में 6-1, 6-2 से शिकस्त दी। रयबाकिना को अपने पहले दौर के मैच में फ्रांस की लोइस बोइसन के खिलाफ तीसरे सेट तक जूझना पड़ा था, लेकिन दूसरे दौर में उन्होंने कोई गलती नहीं की। अब तीसरे दौर में उनका सामना बेल्जियम की एलिस मर्टेंस से होगा। ग्रिगोर दिमित्रोव ने जाकुब मेन्सिक को हराकर अगले दौर में जगह बनाई 35 साल के ग्रिगोर दिमित्रोव ने 15वीं वरीयता प्राप्त जाकुब मेन्सिक को 7-6, 4-6, 7-5, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बना ली। मैच के दौरान बारिश की वजह से कोर्ट की छत बंद करनी पड़ी। इस दौरान दिमित्रोव को पिछले साल की याद आ गई, जब वह सेंटर कोर्ट पर जैनिक सिनर के खिलाफ मुकाबले में चोटिल होकर बाहर हो गए थे। जीत के बाद दिमित्रोव ने कहा,’मैंने चार-पांच बार ऊपर छत की ओर देखा। मुझे लगा कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है, लेकिन अब वह सब पीछे छूट चुका है। विंबलडन में मुझे जो प्यार मिलता है, वही इसे मेरे लिए खास बनाता है। ब्रिटिश डबल्स जोड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन जहां सिंगल्स में आर्थर फेरी ने ब्रिटेन की उम्मीदों को जिंदा रखा, वहीं डबल्स कोर्ट से घरेलू फैंस के लिए मायूसी हाथ लगी। केटी बुल्टार और हीथर वाटसन की जोड़ी ने दूसरे सेट के टाई-ब्रेकर में 4 मैच पॉइंट बचाए, लेकिन आखिरकार वे पोलैंड की कतारजाइना पीटर और चेक रिपब्लिक की अन्ना सिस्कोवा से 6-4, 6-7, 6-3 से हार गईं। इसके अलावा ओलिविया निकोल्स, जोडी बरेज और हैरियट डार्ट समेत सभी छह ब्रिटिश महिला डबल्स जोड़ियां पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गईं। हालांकि मेन्स डबल्स में हेनरी पैटन और नील स्कुप्सकी जैसे शीर्ष खिलाड़ियों ने दूसरे दौर में जगह बना ली है।
डिफेंडिंग चैंपियन स्वियातेक और रायबाकिना विंबलडन के तीसरे दौर में:आर्थर फेरी अकेले ब्रिटिश खिलाड़ी बचे, दिमित्रोव भी जीते

डिफेंडिंग चैंपियन इगा स्वियातेक और वर्ल्ड नंबर-2 एलीना रायबाकिना ने लंदन में खेली जा रही विंबलडन टेनिस चैंपियनशिप के तीसरे दौर में जगह बना ली है। लेडीज सिंगल्स कैटेगरी में पोलैंड की स्टार इगा ने कैरोलिना प्लिस्कोवा को 69 मिनट में सीधे सेटों में 6-1, 6-3 से हराया। जबकि, कजाकिस्तान की रायबाकिना ने अमेरिका की कैटी मैकनेली को महज 71 मिनट में 6-1, 6-2 से शिकस्त दी। मेंस सिंगल्स कैटेगरी में आर्थर फेरी ने फिनलैंड के ओटो विर्तानेन को 5-7, 7-6, 6-3, 6-3 से हराया। वे राउंड-3 में ब्रिटिश के इकलौते खिलाड़ी हैं। शेष शुरुआती राउंड से ही बाहर हो गए हैं। इस कैटेगरी के अन्य मुकाबलों में बुल्गारिया के ग्रिगोर दिमित्रोव ने चेक रिपब्लिक के जाकुब मेन्सिक को 4 सेटों के कड़े मुकाबले में मात दी। जहां उनका सामना इटली के माटेओ बेरेटिनी से होगा। स्वियातेक ने कहा- मैं अपने प्रदर्शन से खुश हूं मैच के बाद स्वियातेक ने कहा, ‘आज मैं काफी स्थिर महसूस कर रही थी। पहला दौर बहुत इमोशनल था, लेकिन आज ऐसा लगा जैसे यह ऑफिस का कोई आम दिन हो, जहां मुझे सही फैसले लेने थे। मैं अपने इस प्रदर्शन और फोकस से बेहद खुश हूं।’ रायबाकिना का मैच मर्टेंस से होगा कजाकिस्तान की 2022 विंबलडन चैंपियन एलीना रायबाकिना ने सेंटर कोर्ट पर अमेरिका की कैटी मैकनेली को महज 71 मिनट में शिकस्त दी। उन्हें पहले राउंड के मैच में फ्रांस की लोइस बोइसन के खिलाफ 3 सेट संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन उन्होंने दूसरे दौर में कोई गलती नहीं की। अब तीसरे दौर में उनका सामना बेल्जियम की एलिस मर्टेंस से होगा। आर्थर फेरी ब्रिटेन की आखिरी उम्मीद 23 साल के आर्थर इस चैंपियनशिप में ब्रिटेन की आखिरी उम्मीद हैं। उनका जन्म पेरिस में फ्रांसीसी माता-पिता के घर हुआ था, लेकिन जब वे बहुत छोटे थे, तभी उनका परिवार विंबलडन में आकर बस गया था। फेरी ने बचपन में करीब 10 साल की उम्र तक फ्रांस का प्रतिनिधित्व किया था, लेकिन इसके बाद वे ब्रिटेन के टेनिस सिस्टम (LTA) में शामिल हो गए। कैलिफोर्निया की स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से साइंस और टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करने वाले फेरी अब पूरी तरह ब्रिटिश बन चुके हैं। फेरी ने अपनी इस कामयाबी पर कहा- ‘मैं इसी विंबलडन टूर्नामेंट को देखते हुए बड़ा हुआ हूं। बचपन में खिलाड़ियों की नकल करता था और आज यहां मैच जीत रहा हूं, यह अहसास अद्भुत है। अब मैं खुद को दिल से पूरी तरह ब्रिटिश महसूस करता हूं।’ फेरी की मां ओलिविया खुद फ्रांस की पूर्व फेड कप खिलाड़ी रही हैं और पिता लोइक फ्रांस के फुटबॉल क्लब लोरिएंट के मालिक हैं। ग्रिगोर दिमित्रोव ने जाकुब मेन्सिक को हराकर अगले दौर में जगह बनाई 35 साल के ग्रिगोर दिमित्रोव ने 15वीं वरीयता प्राप्त जाकुब मेन्सिक को 7-6, 4-6, 7-5, 6-3 से हराकर अगले दौर में जगह बना ली। मैच के दौरान बारिश की वजह से कोर्ट की छत बंद करनी पड़ी। इस दौरान दिमित्रोव को पिछले साल की याद आ गई, जब वह सेंटर कोर्ट पर जैनिक सिनर के खिलाफ मुकाबले में चोटिल होकर बाहर हो गए थे। जीत के बाद दिमित्रोव ने कहा,’मैंने चार-पांच बार ऊपर छत की ओर देखा। मुझे लगा कि इतिहास खुद को दोहरा सकता है, लेकिन अब वह सब पीछे छूट चुका है। विंबलडन में मुझे जो प्यार मिलता है, वही इसे मेरे लिए खास बनाता है। ब्रिटिश डबल्स जोड़ियों का निराशाजनक प्रदर्शन जहां सिंगल्स में आर्थर फेरी ने ब्रिटेन की उम्मीदों को जिंदा रखा, वहीं डबल्स कोर्ट से घरेलू फैंस के लिए मायूसी हाथ लगी। केटी बुल्टार और हीथर वाटसन की जोड़ी ने दूसरे सेट के टाई-ब्रेकर में 4 मैच पॉइंट बचाए, लेकिन आखिरकार वे पोलैंड की कतारजाइना पीटर और चेक रिपब्लिक की अन्ना सिस्कोवा से 6-4, 6-7, 6-3 से हार गईं। इसके अलावा ओलिविया निकोल्स, जोडी बरेज और हैरियट डार्ट समेत सभी छह ब्रिटिश महिला डबल्स जोड़ियां पहले ही दौर में हारकर बाहर हो गईं। हालांकि मेन्स डबल्स में हेनरी पैटन और नील स्कुप्सकी जैसे शीर्ष खिलाड़ियों ने दूसरे दौर में जगह बना ली है। ———————————————
Anmol Bishnoi Surrender Plea | Salman Khan Firing Case, Mumbai Court

6 मिनट पहले कॉपी लिंक अनमोल बिश्नोई ने 2024 के सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग मामले में मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी दाखिल की है। उसने कहा है कि वह निष्पक्ष ट्रायल और कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अपनी मर्जी से सरेंडर करना चाहता है। अनमोल, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है। उसे पिछले साल नवंबर में अमेरिका से डिपोर्ट किया गया था, जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग समेत कई मामलों में उसकी तलाश थी। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, स्पेशल MCOCA कोर्ट में दाखिल अर्जी में अनमोल ने कहा कि वह पहले से ही एक दूसरे केस में कानूनी कस्टडी में है। इसलिए अदालत के आदेश के बिना पेश नहीं हो सकता। उसने अदालत से तिहाड़ जेल के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करने की मांग की है, ताकि उसे कोर्ट में पेश किया जा सके और इस केस में रिमांड की प्रक्रिया पूरी की जा सके। अनमोल ने अपनी पिटीशन में कहा कि कोर्ट में उसके पेश होने से प्रॉसिक्यूशन को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि इससे ट्रायल और लीगल प्रोसेस में तेजी आएगी और लीगल प्रोसेस का गलत इस्तेमाल रुकेगा। अर्जी में कहा गया है कि इस मामले में ट्रायल शुरू हो चुका है और उसकी अनुपस्थिति में तीन गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। 14 अप्रैल 2024 की सुबह सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग की थी। जांच के दौरान उनकी पहचान विक्की गुप्ता और सागर पाल के रूप में हुई। इस केस में विक्की गुप्ता, सागर पाल, सोनू कुमार बिश्नोई, मोहम्मद रफीक चौधरी और हरपाल सिंह ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी अनुजकुमार थापन ने पुलिस कस्टडी में सुसाइड कर लिया था। लॉरेंस बिश्नोई भी इस केस में वॉन्टेड है। 14 अप्रैल 2024 की फायरिंग के बाद सलमान के अपार्टमेंट की बालकनी को बुलेटप्रूफ कर दिया गया था। सलमान को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा, 24 घंटे 11 जवान साथ 2023 में लॉरेंस गैंग से धमकी मिलने के बाद ही सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। उन्हें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से Y+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। 11 जवान हर समय साथ रहते हैं, इसमें एक या दो कमांडो और 2 PSO भी शामिल होते हैं। सलमान की गाड़ी के आगे और पीछे एस्कॉर्ट करने के लिए दो गाड़ियां हमेशा रहती हैं। इसके साथ-साथ सलमान की गाड़ी भी पूरी तरह बुलेटप्रूफ है। गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुई फायरिंग के बाद जनवरी में सलमान के अपार्टमेंट की बालकनी बुलेटप्रूफ कर दी गई है। साथ ही हाई रेजोल्यूशन कैमरे भी चारों तरफ लगाए गए हैं। …………….. सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सलमान के कंधे पर शख्स ने अचानक हाथ रख दिया:सिक्योरिटी हो गई अलर्ट, तुरंत हटाया; एक्टर ने शांत रहने का इशारा किया सलमान खान का जामनगर एयरपोर्ट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जैसे ही एक शख्स ने उनके कंधे पर हाथ रखने की कोशिश की, उनकी सिक्योरिटी टीम तुरंत अलर्ट हो गई। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Salman Khan House Firing Case Update; Lawrence Bishnoi Brother Anmol

25 मिनट पहले कॉपी लिंक अनमोल बिश्नोई ने 2024 के सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग मामले में मुंबई की एक स्पेशल कोर्ट में सरेंडर करने की अर्जी दाखिल की है। उसने कहा है कि वह निष्पक्ष ट्रायल और कानूनी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए अपनी मर्जी से सरेंडर करना चाहता है। अनमोल, गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है। उसे पिछले साल नवंबर में अमेरिका से डिपोर्ट किया गया था, जिसके बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने उसे गिरफ्तार किया। फिलहाल वह दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर हुई फायरिंग समेत कई मामलों में उसकी तलाश थी। न्यूज एजेंसी PTI के अनुसार, स्पेशल MCOCA कोर्ट में दाखिल अर्जी में अनमोल ने कहा कि वह पहले से ही एक दूसरे केस में कानूनी कस्टडी में है। इसलिए अदालत के आदेश के बिना पेश नहीं हो सकता। उसने अदालत से तिहाड़ जेल के लिए प्रोडक्शन वारंट जारी करने की मांग की है, ताकि उसे कोर्ट में पेश किया जा सके और इस केस में रिमांड की प्रक्रिया पूरी की जा सके। अनमोल ने अपनी पिटीशन में कहा कि कोर्ट में उसके पेश होने से प्रॉसिक्यूशन को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि इससे ट्रायल और लीगल प्रोसेस में तेजी आएगी और लीगल प्रोसेस का गलत इस्तेमाल रुकेगा। अर्जी में कहा गया है कि इस मामले में ट्रायल शुरू हो चुका है और उसकी अनुपस्थिति में तीन गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। अनमोल सरेंडर क्यों करना चाहता है, जबकि पहले से जेल में है? अनमोल अभी दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है। वह NIA के एक अलग मामले में गिरफ्तार हुआ था। सलमान के घर के बाहर हुई फायरिंग का केस मुंबई पुलिस का एक अलग मामला है, जिसमें वह अब तक केवल वॉन्टेड है। जब तक कोई आरोपी किसी विशिष्ट केस में कोर्ट के सामने पेश नहीं होता, तब तक उस केस में उसकी औपचारिक गिरफ्तारी (Formal Arrest) दर्ज नहीं होती। प्रोडक्शन वारंट क्या है? चूंकि अनमोल तिहाड़ जेल में है, इसलिए वह खुद चलकर मुंबई कोर्ट नहीं जा सकता। इसके लिए कोर्ट प्रोडक्शन वारंट जारी करता है। यह एक जेल से दूसरी जेल या कोर्ट को भेजा जाने वाला आदेश होता है। इसका मतलब है, ‘इस कैदी को इस तारीख पर हमारे सामने पेश किया जाए।’ सलमान के घर के बाहर 2024 में हुई थी फायरिंग 14 अप्रैल 2024 की सुबह सलमान खान के बांद्रा स्थित गैलेक्सी अपार्टमेंट के बाहर बाइक सवार हमलावरों ने फायरिंग की थी। जांच के दौरान उनकी पहचान विक्की गुप्ता और सागर पाल के रूप में हुई। इस केस में विक्की गुप्ता, सागर पाल, सोनू कुमार बिश्नोई, मोहम्मद रफीक चौधरी और हरपाल सिंह ज्यूडिशियल कस्टडी में हैं। वहीं, एक अन्य आरोपी अनुजकुमार थापन ने पुलिस कस्टडी में सुसाइड कर लिया था। लॉरेंस बिश्नोई भी इस केस में वॉन्टेड है। 14 अप्रैल 2024 की फायरिंग के बाद सलमान के अपार्टमेंट की बालकनी को बुलेटप्रूफ कर दिया गया था। सलमान को Y+ कैटेगरी की सुरक्षा, 24 घंटे 11 जवान साथ 2023 में लॉरेंस गैंग से धमकी मिलने के बाद ही सलमान की सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। उन्हें महाराष्ट्र सरकार की तरफ से Y+ कैटेगरी की सुरक्षा मिली हुई है। 11 जवान हर समय साथ रहते हैं, इसमें एक या दो कमांडो और 2 PSO भी शामिल होते हैं। सलमान की गाड़ी के आगे और पीछे एस्कॉर्ट करने के लिए दो गाड़ियां हमेशा रहती हैं। इसके साथ-साथ सलमान की गाड़ी भी पूरी तरह बुलेटप्रूफ है। गैलेक्सी अपार्टमेंट पर हुई फायरिंग के बाद जनवरी में सलमान के अपार्टमेंट की बालकनी बुलेटप्रूफ कर दी गई है। साथ ही हाई रेजोल्यूशन कैमरे भी चारों तरफ लगाए गए हैं। …………….. सलमान खान से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… सलमान के कंधे पर शख्स ने अचानक हाथ रख दिया:सिक्योरिटी हो गई अलर्ट, तुरंत हटाया; एक्टर ने शांत रहने का इशारा किया सलमान खान का जामनगर एयरपोर्ट से एक वीडियो सामने आया है, जिसमें जैसे ही एक शख्स ने उनके कंधे पर हाथ रखने की कोशिश की, उनकी सिक्योरिटी टीम तुरंत अलर्ट हो गई। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मूवी रिव्यू – 'नागबंधम':सनातन के रहस्य, ट्रेजर हंट और बाहुबली-कांतारा 2 वाला एहसास… लेकिन क्या कमजोर स्क्रीनप्ले पड़ेगा भारी? जानिए कैसी है मूवी

पिछले कुछ सालों में भारतीय पौराणिक कथाओं और सनातन पर आधारित फिल्मों को दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। फिल्म नागबंधम भी इसी कड़ी में एक ऐसा ट्रेजर हंट एडवेंचर है, जो सनातन की विरासत, इतिहास और इंसानी लालच को एक साथ जोड़ने की कोशिश करता है। फिल्म का विचार और विजुअल स्केल इम्प्रेस करते हैं, लेकिन कमजोर स्क्रीनप्ले और ज्यादा लंबी अवधि इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाते हैं। फिल्म की कहानी कहानी साल 1962 में हिमालय से शुरू होती है, जहां आर्कियोलॉजिस्ट जुल्फिकार अली (ऋषभ साहनी) और टेस्ला (जेसन शाह) रहस्यमयी नागबंधम की तलाश में एक गुफा तक पहुंचते हैं। वहां पेड़ में कैद एक बैरागी जुल्फिकार को उसकी सबसे बड़ी सच्चाई बताता है कि वह अपने पिछले जन्म में अहमद शाह अब्दाली था। बैरागी उसे पुष्पकमल और नागबंधम हासिल कर पूरी दुनिया पर राज करने का लालच देता है। दूसरी तरफ जुल्फिकार, रुद्र (विराट कर्ण) और उसके परिवार पर हमला कर देता है, क्योंकि उसे विश्वास है कि पुष्पकमल का रहस्य उसी के पास है। इस हमले में रुद्र अपना पूरा परिवार खो देता है। वहीं पार्वती (नभा नटेश), जिस पर रुद्र सबसे ज्यादा भरोसा करता है, उससे जुड़ा एक बड़ा रहस्य कहानी को नया मोड़ देता है। रुद्र बदले और सच की तलाश में निकलता है। इसी दौरान कहानी 1756 में पहुंचती है, जहां दिखाया जाता है कि कैसे अहमद शाह अब्दाली ने हिंदू मंदिरों पर हमला कर दिव्य पुष्पकमल को हासिल करने की कोशिश की थी। अब क्या रुद्र नागबंधम और पुष्पकमल की रक्षा कर पाएगा और क्या वह जुल्फिकार से बदला ले सकेगा, इसी पर फिल्म का क्लाइमैक्स टिका है। फिल्म में एक्टिंग रुद्र के किरदार में विराट कर्ण ने पूरी मेहनत की है। एक्शन सीन्स में वह प्रभाव छोड़ते हैं, लेकिन इमोशनल और सीरियस सीन्स में कई जगह उनकी परफॉर्मेंस जरूरत से ज्यादा लाउड और ओवरड्रामेटिक महसूस होती है। बतौर लीड एक्टर उनमें संभावनाएं हैं, लेकिन अभी उन्हें एक्टिंग पर और काम करने की जरूरत है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत नभा नटेश हैं। डबल रोल में उन्होंने अच्छी एक्टिंग की है और उनका किरदार कहानी में सबसे बड़ा सरप्राइज लेकर आता है। जुल्फिकार और अहमद शाह अब्दाली के रोल में ऋषभ साहनी का लुक प्रभावशाली है और वह डर पैदा करने की कोशिश करते हैं, लेकिन कई जगह उनकी परफॉर्मेंस भी जरूरत से ज्यादा लाउड नजर आती है। वहीं जगपति बाबू, मुरली शर्मा, महेश मांजरेकर और ऐश्वर्या मेनन अपने-अपने किरदारों के साथ न्याय करते हैं। फिल्म में डायरेक्शन और टेक्निकल पक्ष कहानी, स्क्रीनप्ले और डायरेक्शन की जिम्मेदारी अभिषेक नामा ने संभाली है। फिल्म का बेस काफी मजबूत है। शुरुआत शानदार है और सेट डिजाइन, सिनेमैटोग्राफी तथा वीएफएक्स बड़े पर्दे का एहसास कराते हैं। शुरुआती आधे घंटे तक फिल्म बांधे रखती है। लेकिन इसके बाद ढीले स्क्रीनप्ले की वजह से कहानी बार-बार भटकती है और गति खो देती है। इंटरवल पर एक बड़ा सरप्राइज आता है, जो बाहुबली और कांतारा जैसी फिल्मों की याद दिलाता है। इसके बाद कुछ समय तक फिल्म फिर से पटरी पर लौटती है, लेकिन दूसरे हाफ में कहानी एक बार फिर बिखर जाती है। फिल्म की जरूरत से ज्यादा लंबी अवधि, लगातार लाउड बैकग्राउंड म्यूजिक, कई जगह ओवर द टॉप एक्टिंग और कमजोर एडिटिंग दर्शकों के धैर्य की परीक्षा लेते हैं। अगर एडिटिंग थोड़ी और कसी हुई होती और स्क्रीनप्ले पर ज्यादा काम किया जाता, तो यही कहानी कहीं ज्यादा असरदार बन सकती थी। फिल्म में म्यूजिक फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर जरूरत से ज्यादा तेज महसूस होता है। कई सीन्स में यह भावनाओं को उभारने के बजाय उन पर हावी हो जाता है। गाने भी ऐसे नहीं हैं, जो फिल्म खत्म होने के बाद याद रह जाएं। फिल्म को फाइनल वर्डिक्ट नागबंधम का आइडिया नया नहीं है, लेकिन इसे भारतीय इतिहास, सनातन की विरासत और पौराणिक रहस्यों के साथ जोड़ने की कोशिश दिलचस्प है। शानदार विजुअल्स, भव्य सेट और कुछ अच्छे सरप्राइज इस फिल्म को देखने लायक बनाते हैं। हालांकि कमजोर स्क्रीनप्ले, लंबी अवधि और लाउड ट्रीटमेंट इसकी रफ्तार को बार-बार रोकते हैं। अगर आपको पौराणिक रहस्य, ट्रेजर हंट और बड़े विजुअल स्केल वाली फिल्में पसंद हैं, तो नागबंधम एक बार देखी जा सकती है।
सेंसेक्स 650 अंक चढ़कर 78,150 पर खुला:निफ्टी में भी 200 अंकों की तेजी; IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी

शेयर बाजार में आज यानी 3 जुलाई को तेजी देखने को मिल रही है। सेंसेक्स 650 अंक की तेजी के साथ 78,150 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में 200 अंक की बढ़त है। ये 24,350 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। IT और मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा खरीदारी देखने को मिल रही है। एशियाई बाजारों में तेजी अमेरिकी बाजार में कल तेजी रही थी विदेशी निवेशकों ने 7 दिन में 14,588 करोड़ के शेयर बेचे नोट: FIIs और DIIs की नेट खरीदारी/बिकवाली के आंकड़े करोड़ रुपए में हैं। कल सेंसेक्स में 579 अंक की तेजी रही थी शेयर बाजार में आज यानी 2 जुलाई को बढ़त रही। सेंसेक्स 579 अंक की तेजी के साथ 77,502 पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी में 170 अंक की बढ़त रही। ये 24,176 पर बंद हुआ है। आज IT, ऑटो और रियल्टी शेयर्स में ज्यादा खरीदारी रही।







