HDFC Bank Top Gainer; Reliance, Airtel Market Cap Rise

मुंबई28 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय शेयर बाजार में पिछले हफ्ते उतार-चढ़ाव के बीच देश की टॉप-10 सबसे मूल्यवान कंपनियों में से चार के मार्केट कैपिटलाइजेशन यानी मार्केट कैप में कुल 92,995.48 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस तेजी में प्राइवेट सेक्टर के दिग्गज HDFC बैंक और टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल सबसे आगे रहे। दूसरी ओर, बाकी छह कंपनियों को बाजार की सुस्ती के कारण नुकसान उठाना पड़ा और उनकी वैल्यूएशन में सामूहिक रूप से 49,294.13 करोड़ रुपए की गिरावट आई। चार हफ्तों की तेजी पर लगा ब्रेक पिछले कारोबारी हफ्ते में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए, जिससे पिछले चार हफ्तों से चली आ रही लगातार तेजी का सिलसिला टूट गया। पूरे हफ्ते के कारोबार के दौरान सेंसेक्स 194.52 अंक या 0.25% गिरकर बंद हुआ। वहीं निफ्टी भी 63.95 अंक या 0.26% की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ। HDFC बैंक और भारती एयरटेल सहित 4 कंपनियों को फायदा टॉप-10 कंपनियों की लिस्ट में जिन चार कंपनियों ने अपने निवेशकों को फायदा पहुंचाया, उनमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, भारती एयरटेल और लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) शामिल हैं। वैल्यूएशन के मामले में HDFC बैंक को सबसे ज्यादा फायदा हुआ। बैंक का मार्केट कैप 35,808.09 करोड़ रुपए बढ़कर 12,69,454.42 करोड़ रुपए पर पहुंच गया। शुक्रवार को मार्केट में रही थी तेजी शुक्रवार यानी 10 जुलाई को शेयर बाजार में बढ़त रही थी। सेंसेक्स 828 अंक (1.08%) की तेजी के साथ 77,569 पर बंद हुआ था। निफ्टी में भी 244 अंकों (1.02%) की तेजी रही, ये 24,206 पर पहुंच गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
रोहित चंदेल की गिरफ्तारी पर को-स्टार ने किया रिएक्ट:एक्ट्रेस मदिराक्षी मुंडले बोलीं- दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी; अभी सिर्फ एक पक्ष सामने आया

टीवी एक्टर रोहित चंदेल के मामले पर टीवी शो ‘सैराब’ की उनकी को-स्टार मदिराक्षी मुंडले ने रिएक्शन दिया है। एक्ट्रेस ने कहा है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में मामले पर रिएक्शन देते हुए उनकी को-स्टार मदिराक्षी मुंडले ने कहा, ‘मुझे इस बारे में अभी-अभी पता चला है। फिलहाल शो में मेरी फैमिली ट्रैक की शूटिंग चल रही है, इसलिए अभी शूटिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मैं इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती। बस उम्मीद है कि सब जल्द ठीक हो जाएगा।’ उन्होंने आगे कहा कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी है। अभी सिर्फ एक पक्ष सामने आया है, इसलिए पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार करना चाहिए। किशोरी शहाणे ने भी रिएक्शन दिया था वहीं, इससे पहले ‘सैराब’ की एक और को-स्टार किशोरी शहाणे ने रोहित के अरेस्ट पर रिएक्शन दिया था। टेलीचक्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यह खबर पढ़ी, तो पहले लगा कि यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है, क्योंकि सीरियल में भी ऐसा ही ट्रैक चल रहा है। लेकिन बाद में पता चला कि मामला सच है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शो की शूटिंग नॉर्मल तरीके से चल रही है और उन्हें इस मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है। रोहित चंदेल पॉक्सो केस में गिरफ्तार दरअसल, रोहित चंदेल को नाबालिग से छेड़छाड़ करने और उसका पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा उन पर मारपीट करने के आरोप भी लगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रोहित के खिलाफ 10 जुलाई को पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) के तहत शिकायत दर्ज हुई थी। 10 जुलाई को ही उन्हें दहिसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया था। शुक्रवार को मुंबई के पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग की शिकायत मिलने पर पंत नगर पुलिस स्टेशन ने एक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 (पीछा करना) और 115(2) (चोट पहुंचाने का इरादा) भी लगाई हैं। एक्टर पर आरोप हैं कि वह नाबालिग लड़की को अपने नंबर से कॉल कर बार-बार परेशान कर रहे थे। नाबालिग ने उनका फोन उठाना बंद किया, तो एक्टर दूसरे नंबर से बार-बार कॉल कर परेशान करने लगे। शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को रोहित ने लड़की को उसके घर के पास जबरदस्ती रोकने की कोशिश की और बाद में उसका पीछा भी किया। जब नाबालिग ने विरोध किया, तो एक्टर ने बहस करते हुए उसे गालियां दीं और मारपीट की। कौन हैं रोहित चंदेल? रोहित चंदेल ने स्टार प्लस के फेमस शो ‘पांड्या स्टोर’ में धवल मकवाना और जी टीवी के ऐतिहासिक शो ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ में बाजीराव की भूमिका निभाई थी। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के शाहदा के रहने वाले रोहित एक्टिंग में आने से पहले प्रोफेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के लिए क्रिकेट खेला और मार्शल आर्ट्स में भी अपने जिले को रिप्रेजेंट किया। साल 2015 में रोहित एक्टिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई पहुंचे। शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। करीब 90 ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद उन्हें पहला कमर्शियल विज्ञापन मिला। इसके बाद उन्होंने शो ‘हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल’ से टीवी डेब्यू किया। आगे चलकर वे ‘चंद्रगुप्त मौर्य’, ‘तमन्ना’ और ‘ये उन दिनों की बात है’ जैसे कई धारावाहिकों में नजर आए। साल 2022 में उन्होंने डिज्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज ‘एस्केप लाइव’ में राजकुमार का किरदार निभाया। ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ और ‘पांड्या स्टोर’ ने उन्हें घर-घर में फेमस बनाया। वर्तमान में वे टीवी शो ‘सैराब’ में नजर आ रहे हैं।
रोहित चंदेल की गिरफ्तारी पर को-स्टार ने किया रिएक्ट:एक्ट्रेस मदिराक्षी मुंडले बोलीं- दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी; अभी सिर्फ एक पक्ष सामने आया

टीवी एक्टर रोहित चंदेल के मामले पर टीवी शो ‘सैराब’ की उनकी को-स्टार मदिराक्षी मुंडले ने रिएक्शन दिया है। एक्ट्रेस ने कहा है कि किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी है। टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में मामले पर रिएक्शन देते हुए उनकी को-स्टार मदिराक्षी मुंडले ने कहा, ‘मुझे इस बारे में अभी-अभी पता चला है। फिलहाल शो में मेरी फैमिली ट्रैक की शूटिंग चल रही है, इसलिए अभी शूटिंग पर कोई असर नहीं पड़ेगा। मैं इस मामले पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहती। बस उम्मीद है कि सब जल्द ठीक हो जाएगा।’ उन्होंने आगे कहा कि किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले दोनों पक्षों की बात सुनना जरूरी है। अभी सिर्फ एक पक्ष सामने आया है, इसलिए पूरी सच्चाई सामने आने का इंतजार करना चाहिए। किशोरी शहाणे ने भी रिएक्शन दिया था वहीं, इससे पहले ‘सैराब’ की एक और को-स्टार किशोरी शहाणे ने रोहित के अरेस्ट पर रिएक्शन दिया था। टेलीचक्कर से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब उन्होंने यह खबर पढ़ी, तो पहले लगा कि यह शो के प्रमोशन का हिस्सा है, क्योंकि सीरियल में भी ऐसा ही ट्रैक चल रहा है। लेकिन बाद में पता चला कि मामला सच है। उन्होंने कहा कि फिलहाल शो की शूटिंग नॉर्मल तरीके से चल रही है और उन्हें इस मामले की ज्यादा जानकारी नहीं है। रोहित चंदेल पॉक्सो केस में गिरफ्तार दरअसल, रोहित चंदेल को नाबालिग से छेड़छाड़ करने और उसका पीछा करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा उन पर मारपीट करने के आरोप भी लगे। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, रोहित के खिलाफ 10 जुलाई को पॉक्सो एक्ट (प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज) के तहत शिकायत दर्ज हुई थी। 10 जुलाई को ही उन्हें दहिसर स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया था। शुक्रवार को मुंबई के पूर्वी उपनगर की रहने वाली नाबालिग की शिकायत मिलने पर पंत नगर पुलिस स्टेशन ने एक्टर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 78 (पीछा करना) और 115(2) (चोट पहुंचाने का इरादा) भी लगाई हैं। एक्टर पर आरोप हैं कि वह नाबालिग लड़की को अपने नंबर से कॉल कर बार-बार परेशान कर रहे थे। नाबालिग ने उनका फोन उठाना बंद किया, तो एक्टर दूसरे नंबर से बार-बार कॉल कर परेशान करने लगे। शिकायत के अनुसार, 5 जुलाई को रोहित ने लड़की को उसके घर के पास जबरदस्ती रोकने की कोशिश की और बाद में उसका पीछा भी किया। जब नाबालिग ने विरोध किया, तो एक्टर ने बहस करते हुए उसे गालियां दीं और मारपीट की। कौन हैं रोहित चंदेल? रोहित चंदेल ने स्टार प्लस के फेमस शो ‘पांड्या स्टोर’ में धवल मकवाना और जी टीवी के ऐतिहासिक शो ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ में बाजीराव की भूमिका निभाई थी। महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले के शाहदा के रहने वाले रोहित एक्टिंग में आने से पहले प्रोफेशनल क्रिकेट खेल चुके हैं। उन्होंने महाराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन के लिए क्रिकेट खेला और मार्शल आर्ट्स में भी अपने जिले को रिप्रेजेंट किया। साल 2015 में रोहित एक्टिंग में करियर बनाने के लिए मुंबई पहुंचे। शुरुआती दौर में उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। करीब 90 ऑडिशन में रिजेक्ट होने के बाद उन्हें पहला कमर्शियल विज्ञापन मिला। इसके बाद उन्होंने शो ‘हर मुश्किल का हल अकबर बीरबल’ से टीवी डेब्यू किया। आगे चलकर वे ‘चंद्रगुप्त मौर्य’, ‘तमन्ना’ और ‘ये उन दिनों की बात है’ जैसे कई धारावाहिकों में नजर आए। साल 2022 में उन्होंने डिज्नी+ हॉटस्टार की वेब सीरीज ‘एस्केप लाइव’ में राजकुमार का किरदार निभाया। ‘काशीबाई बाजीराव बल्लाल’ और ‘पांड्या स्टोर’ ने उन्हें घर-घर में फेमस बनाया। वर्तमान में वे टीवी शो ‘सैराब’ में नजर आ रहे हैं।
आमिर की ‘ललकार’:ये फिल्म सिर्फ एक स्पोर्ट्स ड्रामा नहीं, बंटवारे में बिछड़े क्रिकेटर्स का दर्द भी दिखाएगी

बॉलीवुड में इन दिनों आमिर खान और आशुतोष गोवारिकर की फिल्म ‘ललकार’ की चर्चा तेज हैं। कहा जा रहा है कि ‘लगान’ के करीब 25 साल बाद दोनों एक बार फिर बड़े परदे पर साथ आने वाले हैं। हालांकि फिल्म की आधिकारिक घोषणा अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इंडस्ट्री से जुड़े कई सूत्र इसे एक बड़े स्पोर्ट्स-पीरियड ड्रामा के रूप में देख रहे हैं। इस फिल्म की कहानी भारतीय क्रिकेट इतिहास के बेहद महत्वपूर्ण दौर से जुड़ी है। यही वजह है कि यह प्रोजेक्ट सिर्फ फिल्मी गलियारों में ही नहीं, बल्कि क्रिकेट और इतिहास में रुचि रखने वाले लोगों के बीच भी चर्चा का विषय बना हुआ है। जल्द ही इस पर आधिकारिक ऐलान हो सकता है। कहानी का फोकस होगा लाला अमरनाथ और क्रिकेट को मिलती नई पहचान रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म का सबसे अहम किरदार लाला अमरनाथ का है। वे भारत के पहले टेस्ट शतकवीर थे और स्वतंत्र भारत के शुरुआती दौर में राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी कर चुके थे। क्रिकेट इतिहास में उनका नाम उन खिलाड़ियों में लिया जाता है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट की शुरुआती पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। लाला ऑलराउंडर थे। वे राइट हैंड बल्लेबाज और राइट-आर्म मीडियम पेस गेंदबाज थे। फिल्म केवल उनके क्रिकेट रिकॉर्ड्स तक सीमित नहीं रहेगी। इसके जरिए उस दौर के भारत को भी दिखाने की कोशिश होगी, जब देश स्वतंत्रता के बाद नई राष्ट्रीय पहचान गढ़ रहा था और खेल धीरे-धीरे उस पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा था। 1952 की भारत-पाक ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज के इर्द-गिर्द होगी कहानी आमिर स्टारर इस फिल्म की कहानी का एक बड़ा हिस्सा 1952 में भारत और पाकिस्तान के बीच खेली गई ऐतिहासिक टेस्ट सीरीज के इर्द-गिर्द विकसित होने की चर्चा है। यह वह दौर था जब विभाजन की यादें ताजा ही थीं और दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों की शुरुआत हो रही थी। फिल्म में दिखाया जा सकता है कि बंटवारे के बाद कई खिलाड़ी और खेल प्रशासक अलग-अलग देशों में बंट गए। ऐसे में 1952 की टेस्ट सीरीज सिर्फ क्रिकेट मुकाबला नहीं, बल्कि इतिहास, यादों और बिछड़े रिश्तों की पीड़ा का भी सामना थी। फिल्म में वैसा ही भावनात्मक स्पर्श हो सकता है, जैसा ‘सैम बहादुर’ में दो जिगरी अफसरों के अलग देशों का प्रतिनिधित्व करने के दौरान दिखा था। इसे ट्रेडिशनल स्पोर्ट्स बायोपिक से अलग माना जा रहा है। ‘लगान’ के बाद यह दोबारा आमिर और आशुतोष की फिल्मी साझेदारी होगी ‘लगान’ के बाद यह पहला मौका होगा जब आमिर और आशुतोष गोवारिकर किसी फीचर फिल्म में साथ काम करेंगे। बता दें कि दोनों की पीडियड ड्रामा ‘लगान’ भारतीय सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही थी और ऑस्कर तक पहुंची थी, इसलिए एक बार फिर से दोनों की नई साझेदारी को लेकर इंडस्ट्री में काफी एक्साइटमेंट बनी हुई है। मुमकिन है कि फिल्म में ‘लगान’ वाली स्टारकास्ट से भी कुछ कलाकार शामिल हो सकते हैं। आमिर का मानना है कि वह टीम उनके लिए लकी मैस्कॉट है। ‘ललकार’ सिर्फ एक क्रिकेट फिल्म नहीं होगी। इसमें खेल, इतिहास, राजनीति और मानवीय रिश्तों का ऐसा तालमेल देखने को मिल सकता है जो इसे ग्लोबल ऑडियंस तक पहुंचाएगा। पाकिस्तानी क्रिकेटर के रोल में दिख सकते हैं फरहान सूत्रों कहते हैं…‘ललकार’ का उद्देश्य केवल मैचों को री-क्रिएट करना नहीं होगा। इसमें स्वतंत्रता के बाद का भारत, विभाजन का असर, बदलते राजनीतिक हालात और खेल के माध्यम से उभरती नई राष्ट्रीय चेतना जैसे पहलू भी शामिल किए जाने की योजना है। इसी वजह से फरहान अख्तर के भी इस प्रोजेक्ट से जुड़ने की बात कही जा रही है। वे किसी पाकिस्तानी क्रिकेटर की भूमिका निभा सकते हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, फजल महमूद का नाम लाला के करीबी दोस्तों में आता है। दोनों सभी टेस्ट मैच में आमने-सामने थे।
आलिया भट्ट की दोस्त आकांक्षा रंजन ने शादी की:उसी तारीख पर रचाई शादी जब डेटिंग शुरू की थी; संगीत में आलिया ने किया डांस

अभिनेत्री आकांक्षा रंजन और फिल्म डायरेक्टर शरण शर्मा शनिवार को शादी के बंधन में बंध गए हैं। मुंबई में उनके घर के गार्डन में यह शादी हुई, जिसमें परिवार के लोग और करीबी दोस्त शामिल हुए। दोनों ने ठीक चार साल पहले इसी तारीख को एक-दूसरे को डेट करना शुरू किया था। सोशल मीडिया पर आकांक्षा ने शादी की तस्वीरें शेयर की हैं। इस शादी से जुड़ी संगीत सेरेमनी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आकांक्षा की करीबी दोस्त और अभिनेत्री आलिया भट्ट फिल्म ‘कल हो ना हो’ के गाने ‘माही वे’ पर डांस करती दिख रही हैं। देखें शादी की तस्वीरें… उसी तारीख को शादी जब डेटिंग शुरू की थी आकांक्षा और शरण की शादी का यह फंक्शन मुंबई में उनके घर पर शाम को सनसेट के समय हुआ। दोनों ने अपनी शादी के लिए वही तारीख चुनी, जिस दिन चार साल पहले उनका रिलेशनशिप शुरू हुआ था। शादी के लिए आकांक्षा ने गोल्डन बॉर्डर वाली ऑरेंज कलर की साड़ी और गोल्डन ब्लाउज पहना था। वहीं, शरण शर्मा ऑफ-व्हाइट कलर के बंदगला सूट में नजर आए। इंस्टाग्राम पर तस्वीरें शेयर करते हुए आकांक्षा ने लिखा कि तू ना हो तो घर घर नहीं लगता, तू है तो डर नहीं लगता। संगीत सेरेमनी में आलिया भट्ट का डांस शादी से पहले शुक्रवार को कपल की संगीत सेरेमनी का आयोजन किया गया था। इस सेरेमनी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में एक्ट्रेस आलिया भट्ट स्टेज पर शाह रुख खान की फिल्म ‘कल हो ना हो’ के गाने ‘माही वे’ पर डांस करती नजर आ रही हैं। आलिया ने इस फंक्शन के लिए पर्पल कलर की सिल्क साड़ी और मैचिंग कोरसेट-स्टाइल ब्लाउज पहना था। उनके साथ परफॉर्मेंस में आकांक्षा की बड़ी बहन अनुष्का रंजन और उनके पति आदित्य सील भी शामिल हुए। ये सेलेब्स हुए आकांक्षा की संगीत सेरेमनी में शामिल- फिल्मी सितारों ने दी कपल को बधाई शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद फिल्म इंडस्ट्री के कलाकारों ने कपल को शुभकामनाएं दी हैं। आलिया भट्ट ने कमेंट सेक्शन में सन इमोजी पोस्ट किए। वहीं एक्ट्रेस अनन्या पांडे ने कमेंट करते हुए लिखा कि ‘क्यूटीज, लव यू ऑल’। अभिनेता अंगद बेदी ने शरण शर्मा को टैग करते हुए मजाकिया अंदाज में लिखा कि नए शादीशुदा जोड़े को भगवान आशीर्वाद दे, शारी अब कोई टार्टन नहीं। उन्होंने आकांक्षा को बधाई देते हुए एक लंबी और अच्छी क्रिकेट जैसी पारी की शुभकामनाएं दीं। कौन हैं आकांक्षा रंजन और शरण शर्मा उन्होंने फिल्म ‘गिल्टी’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद वे नेटफ्लिक्स की फिल्म ‘मोनिका ओ माई डार्लिंग’ में भी नजर आई थीं, जिसमें उनके साथ राजकुमार राव, राधिका आप्टे और हुमा कुरैशी मुख्य भूमिकाओं में थे। वहीं शरण शर्मा बॉलीवुड के जाने-माने डायरेक्टर हैं। उन्होंने जाह्नवी कपूर स्टारर फिल्म ‘गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल’ से बतौर डायरेक्टर अपना बॉलीवुड डेब्यू किया था।
Rohit Sharaf & Prajakta Koli in Jaipur for Mismatched 4 Shooting

पिंकसिटी में नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘मिसमैच्ड’ (Mismatched) के चौथे और अंतिम सीजन की शूटिंग शुरू होगी। रविवार को शो के मुख्य कलाकार रोहित सराफ और प्राजक्ता कोली जयपुर पहुंचे। दोनों कलाकार यहां तय शेड्यूल के अनुसार शहर की आधुनिक और खूबसूरत लोकेशन्स प . जयपुर में होने वाले इस शूटिंग शेड्यूल के दौरान शहर की अलग-अलग जगहों पर शूटिंग की जाएगी। यह पहली बार नहीं है जब ‘मिसमैच्ड’ की टीम यहां आई है, इससे पहले भी इस सीरीज के एक सीजन की शूटिंग जयपुर में हो चुकी है। वैसे भी, बॉलीवुड और ओटीटी (OTT) प्रोजेक्ट्स के लिए जयपुर हमेशा से फिल्मकारों की पसंदीदा लोकेशन्स में से एक रहा है। हाल ही में नेटफ्लिक्स ने सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम) पर एक वीडियो साझा कर शो के चौथे सीजन की शूटिंग शुरू होने की आधिकारिक घोषणा की थी। यह सीजन इस लोकप्रिय सीरीज का अंतिम अध्याय होगा, जिसमें डिंपल और ऋषि की प्यारी सी प्रेम कहानी अपने अंतिम मुकाम तक पहुंचेगी। जयपुर एयरपोर्ट से बाहर निकलते दिखे रोहित सराफ और प्राजक्ता कोली। दर्शक देखें कि हमने इस बार क्या खास तैयार किया है शो की मुख्य अभिनेत्री प्राजक्ता कोली ने कहा- डिंपल मेरे सफर का बहुत बड़ा हिस्सा रही है। उसकी कहानी के आखिरी अध्याय को दर्शकों तक पहुंचाने का मौका मिलना मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा। मैं बेसब्री से इंतजार कर रही हूं कि दर्शक देखें कि हमने इस बार क्या खास तैयार किया है।” वहीं, अभिनेता रोहित सराफ ने कहा- मिसमैच्ड’ ने मुझे जिंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दी हैं। इस टीम के साथ फिर से काम करना और एक बार फिर ऋषि के किरदार में लौटना मेरे लिए बेहद खास और जादुई अनुभव है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह अंतिम सीजन दर्शकों को बेहद पसंद आएगा। संध्या मेनन के चर्चित उपन्यास ‘व्हेन डिंपल मेट ऋषि’ पर आधारित इस सीरीज का पहला सीजन वर्ष 2020 में रिलीज हुआ था, जबकि दूसरा सीजन 2022 में आया था। इसके बाद तीसरा सीजन भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। आकर्ष खुराना और निपुण धर्माधिकारी के निर्देशन में बनी इस रोमांटिक ड्रामा सीरीज ने अपनी बेहतरीन कहानी और शानदार किरदारों के दम पर खासकर युवाओं के बीच एक बेहद मजबूत और अलग पहचान बनाई है। अंतिम सीजन में दिखेगी बड़ी स्टारकास्ट इस चौथे और अंतिम सीजन में रोहित सराफ और प्राजक्ता कोली के मुख्य किरदारों के अलावा रणविजय सिंह, विद्या मालवड़े, विहान समत, देवयानी शोरे, प्रिया बनर्जी, तारुक रैना, मुस्कान जाफरी, एहसास चन्ना और आकर्ष खुराना भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। मेकर्स का कहना है कि यह अंतिम सीजन दर्शकों के लिए कई भावनात्मक पल, नई यादें और कई बड़े सरप्राइज लेकर आएगा, जो इस सफर के अंत को हमेशा के लिए यादगार बना देंगे।
Rohit Sharaf & Prajakta Koli in Jaipur for Mismatched 4 Shooting

जयपुर24 मिनट पहले कॉपी लिंक पिंकसिटी में नेटफ्लिक्स की वेब सीरीज ‘मिसमैच्ड’ (Mismatched) के चौथे और अंतिम सीजन की शूटिंग शुरू होगी। रविवार को शो के मुख्य कलाकार रोहित सराफ और प्राजक्ता कोली जयपुर पहुंचे। दोनों कलाकार यहां तय शेड्यूल के अनुसार शहर की आधुनिक और खूबसूरत लोकेशन्स पर शूटिंग करेंगे। जयपुर में होने वाले इस शूटिंग शेड्यूल के दौरान शहर की अलग-अलग जगहों पर शूटिंग की जाएगी। यह पहली बार नहीं है जब ‘मिसमैच्ड’ की टीम यहां आई है, इससे पहले भी इस सीरीज के एक सीजन की शूटिंग जयपुर में हो चुकी है। वैसे भी, बॉलीवुड और ओटीटी (OTT) प्रोजेक्ट्स के लिए जयपुर हमेशा से फिल्मकारों की पसंदीदा लोकेशन्स में से एक रहा है। हाल ही में नेटफ्लिक्स ने सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम) पर एक वीडियो साझा कर शो के चौथे सीजन की शूटिंग शुरू होने की आधिकारिक घोषणा की थी। यह सीजन इस लोकप्रिय सीरीज का अंतिम अध्याय होगा, जिसमें डिंपल और ऋषि की प्यारी सी प्रेम कहानी अपने अंतिम मुकाम तक पहुंचेगी। जयपुर एयरपोर्ट से बाहर निकलते दिखे रोहित सराफ और प्राजक्ता कोली। दर्शक देखें कि हमने इस बार क्या खास तैयार किया है शो की मुख्य अभिनेत्री प्राजक्ता कोली ने कहा- डिंपल मेरे सफर का बहुत बड़ा हिस्सा रही है। उसकी कहानी के आखिरी अध्याय को दर्शकों तक पहुंचाने का मौका मिलना मेरे लिए हमेशा यादगार रहेगा। मैं बेसब्री से इंतजार कर रही हूं कि दर्शक देखें कि हमने इस बार क्या खास तैयार किया है।” वहीं, अभिनेता रोहित सराफ ने कहा- मिसमैच्ड’ ने मुझे जिंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दी हैं। इस टीम के साथ फिर से काम करना और एक बार फिर ऋषि के किरदार में लौटना मेरे लिए बेहद खास और जादुई अनुभव है। मुझे पूरा विश्वास है कि यह अंतिम सीजन दर्शकों को बेहद पसंद आएगा। संध्या मेनन के चर्चित उपन्यास ‘व्हेन डिंपल मेट ऋषि’ पर आधारित इस सीरीज का पहला सीजन वर्ष 2020 में रिलीज हुआ था, जबकि दूसरा सीजन 2022 में आया था। इसके बाद तीसरा सीजन भी दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा। आकर्ष खुराना और निपुण धर्माधिकारी के निर्देशन में बनी इस रोमांटिक ड्रामा सीरीज ने अपनी बेहतरीन कहानी और शानदार किरदारों के दम पर खासकर युवाओं के बीच एक बेहद मजबूत और अलग पहचान बनाई है। अंतिम सीजन में दिखेगी बड़ी स्टारकास्ट इस चौथे और अंतिम सीजन में रोहित सराफ और प्राजक्ता कोली के मुख्य किरदारों के अलावा रणविजय सिंह, विद्या मालवड़े, विहान समत, देवयानी शोरे, प्रिया बनर्जी, तारुक रैना, मुस्कान जाफरी, एहसास चन्ना और आकर्ष खुराना भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। मेकर्स का कहना है कि यह अंतिम सीजन दर्शकों के लिए कई भावनात्मक पल, नई यादें और कई बड़े सरप्राइज लेकर आएगा, जो इस सफर के अंत को हमेशा के लिए यादगार बना देंगे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
A strong woman means… one who makes her own decisions

जावेद अख्तर- मशहूर गीतकार और लेखक16 मिनट पहले कॉपी लिंक जावेद कहते हैं- मां की इज्जत होनी चाहिए। बिल्कुल होनी चाहिए। तो फिर सवाल यह है कि मेरे बच्चों की मां की भी उतनी ही इज्जत होनी चाहिए या नहीं? जब अखबार में पढ़ता हूं कि एक घर में लड़की पर अत्याचार हुआ, जला दी गई तो मुझे उसके मां-बाप से नफरत हो जाती है। लगता है कि इस लड़की को उसके ससुर-सास और ननद ने नहीं जलाया, बल्कि उसके मां-बाप ने जलाया है। आपने ये कैसी लड़की पाली थी कि वो जल गई? समाज वर्षों से महिलाओं पर होने वाली हिंसा पर वैसी सामूहिक प्रतिक्रिया नहीं दिखाता, जैसा कि किसी पुरुष की हत्या में किसी औरत का नाम आने पर चौंक जाता है। महिलाएं तो मर्दों से ज्यादा धर्म मानती हैं फिर भी दुनिया के हर धर्म में कुछ न कुछ ‘एंटी-वुमन’ है। समाज औरतों को सेकेंडरी समझता है। इसलिए हमारे सिलेबस में शुरू से लेकर बारहवीं क्लास तक ऐसा सबक होना चाहिए जहां बच्चों को मालूम हो कि जेंडर इक्वैलिटी क्या चीज होती है। औरतों का महिमामंडन मत कीजिए, उन्हें इंसान ही मानिए। हर रिलीजन में पत्नी को एक सहयोगी की भूमिका में लिया गया है। आप यही सब बच्चों को सिखा रही हैं और फिर कहती हैं कि हमें समानता चाहिए। क्या इससे अगली जनरेशन को समानता मिलेगी? जबकि औरतों ने जो मुकाम हासिल किया है, वह रिलीजन की वजह से नहीं, बल्कि उसके बावजूद हासिल किया है। मेरी समझ में सशक्त औरत वह भी नहीं है, जो सिर्फ बगावत करती हुई दिखाई दे, बल्कि वह है जो अपनी ज़िंदगी के फैसले खुद ले सके, आत्मसम्मान के साथ जी सके। जिस समाज में एक आम बच्चा 20-22 साल की उम्र तक सिर्फ अपनी मां और बहन से बात करता हो, किसी दूसरी लड़की को उसने गहराई से समझा न हो, उसके लिए तो लड़की इंसान नहीं, बल्कि कुछ अजीब ही होगी, जिसे वो दूर से देखता रहता है। हमें इसे छोड़कर एक सेहतमंद समाज बनाना होगा। यह शिक्षा से ही बन सकता है। जहां पर औरत और मर्द, बच्चा और बच्ची, लड़का और लड़की बराबर माने जाएं। उनकी पूजा न हो, बल्कि उनसे दोस्ती हो। मैं मानता हूं कि मर्द हो या औरत उनके कपड़े सम्मानजनक होने चाहिए। अगर कोई मर्द शॉर्ट्स, स्लीवलेस टीशर्ट पहनकर ऑफिस या कॉलेज में आए तो अच्छी बात नहीं है। उसे सलीकेदार पहनावे में होना चाहिए। औरत को भी ऐसा ही होना चाहिए, लेकिन उसे अपना चेहरा ढकने की क्या जरूरत है? उसके चेहरे में ऐसा क्या अशोभनीय, अभद्र और गरिमाहीन है? ये पीयर प्रेशर है। अगर वो ऐसा कहती है कि मैं मर्जी से कर रही हूं तो वह ब्रेनवाश्ड है क्योंकि उसे भरोसा है कि कोई है, जो उसके इस फैसले की सराहना करेगा। अगर आप उसे मुक्त छोड़ देंगे तो वह अपना चेहरा कवर क्यों करेगी! उसे अपने चेहरे से नफरत है क्या? चीन में जैसे ही अंडे से चूजा निकलता है, उसे एक लकड़ी के केस में बैठा दिया जाता है। उसे मेवा खिलाते हैं। वो मोटा होने लगता है और एक दिन उस केस में फंसने लगता है। फिर वो चूजे को निकालकर बड़े केस में रख देते हैं। चूजा ज़िंदगी में कभी मूव नहीं कर पाता। वो एक केस से निकल कर उससे बड़े केस में बढ़ता जाता है। जब उसे पकाया जाता है तो उसमें हड्डी नहीं होती। अपनी बेटियों को हम ऐसे ही पाल रहे हैं। बेटियों की हड्डियां ही नहीं बनने देते। वो जलेंगी नहीं तो क्या होगा। आप कहते हैं- बेटी, अब तो तुम पराये घर जा रही हो। अब तुम पराई हो गई। पर मैं तो अपनी बेटी को यही सिखाऊंगा कि जरा-सी गड़बड़ हो तो फौरन आ जाना। औरत का सम्मान सिर्फ इसलिए मत कीजिए कि वह आपकी मां है; उसका सम्मान इसलिए कीजिए कि वह एक इंसान है। समाज में मां के मुकाम को लेकर मैं एक दिलचस्प नतीजे पर पहुंचा हूं और वह शायद आम धारणा के बिल्कुल उलट है। दरअसल, जिस समाज में मां को लेकर बहुत ज्यादा महिमामंडन होता है, मुझे लगता है कि वहां मर्दों के रवैये में कहीं न कहीं गंभीर समस्या है। कहा जाता है- मां की पूजा होनी चाहिए, मां के पैरों के नीचे जन्नत है, मां देवी है, पूजनीय है। लेकिन जरा सोचिए, वह कौन-सी औरत है जो पूजनीय नहीं है? जिसके पैरों के नीचे जन्नत बताई जाती है, वह औरत कौन है? वही, जो संयोग से मेरी मां है। लेकिन जो औरत मेरी मां नहीं है, बल्कि किसी और की मां है, या मेरी पत्नी है, उसके बारे में क्या? कहते हैं, मां की इज्जत होनी चाहिए। बिल्कुल होनी चाहिए। तो फिर सवाल है कि फिर मेरे बच्चों की मां की भी उतनी ही इज्जत होनी चाहिए या नहीं? जरा सोचिए, मेरी मां तो मेरी पैदाइश से पहले भी वही इंसान थीं। मैं 17 जनवरी को पैदा हुआ। क्या 16 जनवरी तक वह सम्मान के योग्य नहीं थीं? और 17 जनवरी को सिर्फ इसलिए कि मैं पैदा हो गया, अचानक आदरणीय हो गईं? क्या उनका सम्मान मेरी वजह से है? औरत का सम्मान इसलिए मत कीजिए कि वह आपकी मां है; उसका सम्मान इसलिए कीजिए कि वह एक इंसान है। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई) दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
यूरोप की सिलिकॉन वैली बना विलनियस:शहर की आबादी 29 लाख, 6 यूनिकॉर्न काम कर रहीं; स्टार्टअप के मामले में दुनिया में 13वें नंबर पर

सुबह के करीब दस बजे हैं। लिथुआनिया की राजधानी विलनियस की साइबर सिटी में कांच की ऊंची इमारतों के बीच तेज कदमों से युवा प्रोफेशनल्स गुजर रहे हैं। एक तरफ नॉर्ड सिक्योरिटी जैसे दुनियाभर में मशहूर यूनिकॉर्न का दफ्तर है, तो कुछ ही कदम पर हॉस्टिंगर का। हॉस्टिंगर यानी एक ऐसा स्टार्टअप जिसके यूजर 150 से ज्यादा देशों में हैं। यहां फ्यूचर, एआई और स्टार्टअप जैसे शब्द हर बातचीत में सुनाई देते हैं। विलनियस को अब यूरोप की ‘सिलिकॉन वैली’ भी कहा जाने लगा है। यूरोप के इस छोटे से देश लिथुआनिया की आबादी मात्र 29 लाख के करीब है, लेकिन यहां हजारों स्टार्टअप काम कर रहे हैं। आकार और आबादी में भले ही यह देश छोटा है, लेकिन सोच बड़ी और ग्लोबल है। यूनिकॉर्न लिथुआनिया की सीईओ गिन्तारे वेरबिकाइते बताती हैं कि आज विलनियस यूरोप की सबसे तेजी से बढ़ती स्टार्टअप सिटी है। इस मामले में दुनिया में भी ये 13वें नंबर पर है। यहां कारोबार स्थानीय नहीं, वैश्विक सोच के साथ शुरू होता है। यहां के लोग कहते हैं कि जब हम कोई स्टार्टअप शुरू करते हैं तो उसे दुनिया की समस्याओं और जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाते हैं, क्योंकि हम सिर्फ लिथुआनिया तक सीमित रहना नहीं चाहते हैं। आबादी यानी प्रति व्यक्ति के हिसाब से लिथुआनिया दुनिया के सबसे अधिक यूनिकॉर्न स्टार्टअप वाले देशों में है। यहां विंटेड, नॉर्ड सिक्योरिटी, बीसीजी, फ्लो, कास्ट एआई और ऑक्सीलैब्स, छह यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। विंटेड ने यूनिकॉर्न बिल्ड करने का एक अलग मॉडल पेश किया है। उसने पुराने कपड़े खरीदने और बेचने का ऑनलाइन मॉडल शुरू किया और वो यहां की पहली यूनिकॉर्न बनी। इन्वेस्ट लिथुआनिया की स्ट्रैटजिस्ट डायना गिरडेनाइट कहती हैं कि बढ़ती स्किल्ड वर्कफोर्स, फाइनेंशियल इन्सेंटिव और सरकार की नीतियां जैसे प्रमुख कारण हैं, जिनके कारण लिथुआनिया स्टार्टअप पावरहाउस बन रहा है। सीखने-सिखाने का कल्चर, भारत इनका बड़ा बाजार चार कारण… लिथुआनिया कैसे बन रहा स्टार्टअप पावरहाउस 1. तेजी से बढ़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम देश में 300 से ज्यादा फिनटेक कंपनियां काम कर रही हैं। 2020 से 2025 के बीच स्टार्टअप इकोसिस्टम का मूल्य 5.9 गुना बढ़कर करीब 1.56 लाख करोड़ रु. हो गया। 2025 में स्टार्टअप्स ने करीब 2400 करोड़ रु. की वेंचर कैपिटल जुटाई। 2. वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ा एक्सेल, जनरल कैटलिस्ट, इनसाइट पार्टनर जैसी विश्व की प्रमुख निवेशक कंपनियां, जिन्होंने फेसबुक, स्पाॅटिफाई, एयर बीएनबी जैसी कंपनियों में निवेश किया है, वे भी लिथुआनिया के स्टार्टअप्स में निवेश कर रही हैं। सार्वजनिक वाई-फाई स्पीड में लिथुआनिया पहले स्थान पर व साइबर सुरक्षा सूचकांक में छठे स्थान पर है। 3. एआई प्रतिभा से बनी मजबूत नींव देश में 77,600 से अधिक आईसीटी (सूचना और संचार तकनीक) विशेषज्ञ कार्यरत हैं। सरकार ने एआई विकास के लिए करीब 457 करोड़ रु. से अधिक का निवेश किया और 2018 में ही राष्ट्रीय एआई रणनीति लागू कर दी। 13 हजार छात्र आईसीटी की पढ़ाई कर रहे हैं। बड़े पैमाने पर रीस्किलिंग कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। 4. कंपनी शुरू करना आसान यहां नई कंपनी का रजिस्ट्रेशन कुछ ही दिनों में हो जाता है। सरकारी प्रक्रियाएं सरल और ऑनलाइन होने से उद्यमियों का समय और लागत दोनों बचते हैं। कॉर्पोरेट प्रॉफिट टैक्स 0-16% के बीच, फ्री इकोनॉमिक जोन में पहले 10 वर्षों तक 0% टैक्स, RD प्रोत्साहन, पेटेंट बॉक्स, तेज लाइसेंसिंग प्रक्रिया, विश्वस्तरीय डिजिटल नेटवर्क और 2030 तक 100% रिन्यूएबल बिजली का लक्ष्य- ये तमाम ऐसे कारण हैं जिनके कारण निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
जेरोधा के फाउंडर ने साझा किया उम्मीद का फॉर्मूला:उम्मीद यानी परिणाम चाहे जो भी हो, आप कभी अगला कदम उठाना बंद न करें

मेरे लिए उम्मीद का मतलब सिर्फ यह सोच लेना नहीं है कि सब ठीक हो जाएगा। उम्मीद तब ताकत बनती है, जब उसके साथ किसी समस्या को हल करने का स्पष्ट उद्देश्य जुड़ा हो। अगर आप उस उद्देश्य पर टिके रहते हैं और जल्दी हार नहीं मानते, तो सही समय आने पर किस्मत भी आपका साथ देती है। अगर कोई उद्यमी कहता है कि उसे कभी डर नहीं लगा, तो या तो उसने बहुत कठिन काम नहीं किया या फिर वह सच नहीं बोल रहा। जेरोधा के शुरुआती वर्षों में हमारे पास न ज्यादा पैसा था, न कोई बड़ा नाम। हर दिन अनिश्चितता थी। मैंने एक बात सीखी कि जिंदगी और बिजनेस में कई बार सबसे बड़ा फायदा उसी को मिलता है, जो सबसे लंबे समय तक टिके रहने की क्षमता रखता है। सही समय और सही जगह पर होना जरूरी है, लेकिन उसके लिए पहले आपको खेल में बने रहना पड़ता है। इसलिए मैंने हमेशा कोशिश की कि खर्च कम रहे, अपनी पहचान न खोऊं और दूसरों की दौड़ देखकर अपनी दिशा न बदलूं। मेरे लिए उम्मीद का मतलब यह नहीं है कि सब कुछ अपने आप ठीक हो जाएगा। उम्मीद का मतलब है कि परिणाम चाहे जो भी हो, आप कभी भी अगला कदम उठाना बंद न करें। यही आपको सफल बनाएगा। भारत के भविष्य से मुझे उम्मीद है मुझे सबसे ज्यादा उम्मीद उन संस्थापकों से मिलती है, जिनसे मैं रैनमैटर के जरिए मिलता हूं। वे जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, बचत, निवेश और डीप-टेक जैसी वास्तविक समस्याओं पर काम कर रहे हैं। लेकिन मेरी बड़ी चिंता भारत का रोजगार है। हमारे पास सबसे बड़ी युवा आबादी है। अगर उनके लिए पर्याप्त और सार्थक रोजगार नहीं बना पाए, तो अवसर चुनौती बन सकता है। उद्यमिता सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। यह छोटे शहरों और गांवों तक पहुंचनी चाहिए। मैं युवाओं से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि अपनी तुलना किसी और की टाइमलाइन से मत कीजिए। एआई को लेकर चिंता वास्तविक है, लेकिन सोशल मीडिया इस डर को कई गुना बढ़ा देता है। एआई नौकरियों का स्वरूप बदलेगा, लेकिन भारत की सबसे बड़ी चुनौती आज भी पर्याप्त रोजगार पैदा करना है। इसलिए मैं अपनी ऊर्जा चिंता करने में नहीं, बल्कि रोज कुछ नया सीखने में लगाऊंगा। लगातार अपस्किलिंग, जिज्ञासा और सीखते रहने की आदत ही भविष्य में सबसे ज्यादा काम आएगी। उम्मीद के पोर्टफोलियो में ये 5 चीजें जरूरी हैं… मैं सलाह देने से हमेशा बचता हूं, क्योंकि बिजनेस में मेरी सफलता में किस्मत की भी भूमिका रही है, लेकिन उम्मीद के पोर्टफोलियो में ये पांच चीजें जरूर होनी चाहिए। 1. भरोसा। भारत पर भरोसा, क्योंकि मुझे लगता है कि अगले कुछ दशकों में दुनिया के सबसे बड़े अवसर यहीं बनने वाले हैं। 2. स्किल। जिससे आप हर दिन एक फीसदी बेहतर बन सकें। 3. स्वास्थ्य। अगर स्वास्थ्य अच्छा नहीं है, तो उपलब्धियों का महत्व बहुत कम रह जाता है। 4. रिश्ते। जो लोग दिल से आपकी सफलता चाहते हैं, वे आपकी सबसे मूल्यवान लेकिन अक्सर अनदेखी संपत्ति हैं। रिश्तों को संभालकर रखना जरूरी है। 5. धैर्य। बाजार हो, बिजनेस हो या जिंदगी, सबसे ज्यादा इनाम आखिरकार धैर्य रखने वालों को मिलता है। स्ट्रोक जिंदगी का सबसे बड़ा सबक था 2024 में स्ट्रोक आने के बाद मैंने बहुत करीब से समझा कि जिंदगी में वास्तव में क्या मायने रखता है। बिजनेस चलता रहता है। टीम अपना काम संभाल लेती है। आखिर में आपके पास आपका स्वास्थ्य, आपका परिवार और आपका अपना जीवन ही बचता है। अच्छी कंपनियां भरोसे, धैर्य और समस्याओं को हल करने से बनती हैं हमने रैनमैटर फाउंडेशन शुरू किया है। इसके जरिए नए स्टार्टअप्स में निवेश करते हैं। जब मैं रैनमैटर के जरिए स्टार्टअप्स में निवेश करता हूं तो सबसे पहले यह नहीं देखता कि कंपनी कितनी तेजी से बढ़ सकती है या उसकी वैल्यूएशन क्या होगी। मैं यह देखता हूं कि संस्थापक जिस समस्या पर काम कर रहा है, क्या वह सच में उसके प्रति जुनूनी है या नहीं। मेरे अनुभव में वही संस्थापक लंबे समय तक टिकते हैं जो स्टार्टअप बनाने के लिए नहीं, बल्कि किसी असली समस्या का समाधान खोजने के लिए काम करते हैं। आगे वही बढ़ता है जिसे अपने काम से प्यार हो। मैंने यह भी देखा है कि सबसे मजबूत कंपनियां अक्सर सबसे शांत संस्थापकों ने बनाई हैं। वे कम बोलते हैं और ज्यादा काम करते हैं। रैनमैटर में हमने पिछले कुछ वर्षों में जलवायु, स्वास्थ्य, निवेश और डीप-टेक जैसे क्षेत्रों में 160 से ज्यादा स्टार्टअप्स का साथ दिया है। हमारे सीटीओ और सह-संस्थापक कैलाश लंबे समय से जलवायु परिवर्तन पर काम कर रहे हैं। उनके साथ काम करते हुए मुझे महसूस हुआ कि खेती, पानी और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में सही लोगों को धैर्य के साथ पूंजी मिले तो वे बड़ा बदलाव ला सकते हैं। विदेशी बाजार जादुई समाधान नहीं है जेरोधा के जरिए हमने गिफ्ट सिटी के माध्यम से भारतीय निवेशकों के लिए अमेरिकी शेयरों में निवेश का रास्ता खोला है। आने वाले समय में युवा अलग-अलग देशों और अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश के बारे में सोचेंगे। हालांकि विदेशी बाजार कोई जादुई समाधान नहीं है। वहां भी जोखिम हैं। करेंसी का उतार-चढ़ाव, टैक्स और बाजार की वैल्यूएशन जैसी बातें समझना जरूरी है। एआई निवेश को भी बदलने वाला है हमारे साथी कैलाश का भी मानना है कि भविष्य में निवेशक अपनी पसंद के किसी भी एआई इंटरफेस से ऑर्डर दे सकेंगे और ब्रोकर की सबसे बड़ी जिम्मेदारी मजबूत बैकएंड इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराना होगी। एआई आपके लिए डेटा का विश्लेषण कर सकता है, लेकिन यह तय नहीं कर सकता कि आपकी जोखिम उठाने की क्षमता क्या है, आपके जीवन के लक्ष्य क्या हैं और आपको कितना निवेश करना चाहिए। यह फैसला हमेशा इंसान को ही लेना होगा। आखिरकार, मैंने हमेशा यही सीखा है कि अच्छी कंपनियां सिर्फ टेक्नोलॉजी से नहीं बनतीं। वे भरोसे, धैर्य और लगातार सही समस्याओं को हल करने की कोशिश से बनती हैं। वही सिद्धांत स्टार्टअप पर भी लागू होता है और निवेश पर भी।






