Thursday, 27 Aug 2026 | 11:16 AM

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Supreme Court Seeks Report on Airline Ticket Prices

Supreme Court Seeks Report on Airline Ticket Prices

नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 2 हफ्तों में हवाई किराया तय करने के नियम ‘सीलबंद लिफाफे’ में सौंपने को कहा है। त्योहारों के समय एयरलाइंस कंपनियों की ओर से मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने को लेकर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान जब केंद्र ने बताया कि हवाई किराया कंट्रोल करने के नियम तैयार हैं और इन्हें 30 दिन में संसद में पेश किया जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि, नियम संसद में पेश हों या नहीं, लेकिन सरकार को अगले दो हफ्तों के भीतर इसकी एक कॉपी सुप्रीम कोर्ट में जमा करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त को होगी। दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों इससे पहले सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन ने एयरलाइंस कंपनियों की ओर से टिकटों के दामों में उतार-चढ़ाव और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई थी, जिसकी सुनवाई 15 मई को हुई थी। उनकी मांग थी कि, देश में मजबूत और स्वतंत्र रेगुलेटर बनाया जाए, जो एयरलाइनों के किराए और एक्स्ट्रा चार्जेस पर निगरानी रखे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बेंच से कहा- हवाई किराया 300% तक बढ़ जाता है। इस पर बेंच ने मजाक में कहा- वकीलों की फीस भी कई बार 400% तक बढ़ जाती है, अब क्या किया जाए। एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च है जेट फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। 30 अप्रैल की सुनवाई में सरकार को फटकार लगाई थी इससे पहले 30 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एक पिटीशन पर एफिडेविट फाइल न करने के लिए केंद्र की खिंचाई की थी, जिसमें भारत में प्राइवेट एयरलाइन्स के हवाई किराए और सहायक चार्ज में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने के लिए रेगुलेटरी गाइडलाइंस की मांग की गई थी। कोर्ट ने केंद्र से एक एफिडेविट के साथ एक एप्लिकेशन फाइल करने को कहा था, जिसमें यह बताने के निर्देश दिए गए थे कि एफिडेविट फाइल क्यों नहीं किया गया है। इसके लिए और समय क्यों मांगा गया है। हवाई किराए पर पहले भी फटकार लगा चुका सुप्रीम कोर्ट 23 फरवरी 2026: त्योहारों में हवाई किराया बढ़ाने पर जवाब मांगा था- सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में त्योहारों और इमरजेंसी हालातों में प्राइवेट एयरलाइंस के हवाई किराए बढ़ाने को लेकर चिंता जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि यह एक बहुत गंभीर चिंता का विषय है। वरना, हम 32 पिटीशन पर विचार नहीं करते। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री इस मुद्दे पर विचार कर रही है। पढ़ें पूरी खबर… 17 नवंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, DGCA और AERA से हवाई किराए की मनमानी पर जवाब मांगा- सुप्रीम कोर्ट ने देश में हवाई जहाज के किराए और एक्स्ट्रा टैक्स में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन की जनहित याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार, DGCA और एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा। पढ़ें पूरी खबर… ……………………………… ये खबर भी पढ़ें… एयर टिकट बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो फुल-रिफंड: फ्लाइट से 7 दिन पहले बुकिंग जरूरी, DGCA के नए नियम; जानें बदलाव नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गुरुवार को हवाई यात्रा के टिकट रिफंड और कैंसिल करने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल या बदलाव करने पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, यानी टिकट का पूरा अमाउंट रिफंड किया जाएगा। यह फैसला यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई दिक्कतों के बाद लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Supreme Court Seeks Report on Airline Ticket Prices

Supreme Court Seeks Report on Airline Ticket Prices

नई दिल्ली3 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को 2 हफ्तों में हवाई किराया तय करने के नियम सौंपने को कहा है। त्योहारों के समय एयरलाइंस कंपनियों की ओर से मनमाने तरीके से किराया बढ़ाने को लेकर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई हुई। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इस दौरान जब केंद्र ने बताया कि हवाई किराया कंट्रोल करने के नियम तैयार हैं और इन्हें 30 दिन में संसद में पेश किया जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, नियम संसद में पेश हों या न हो, लेकिन सरकार को अगले दो हफ्तों के भीतर इसकी एक कॉपी ‘सीलबंद लिफाफे’ में कोर्ट में जमा करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त को होगी। दो एयरलाइन का किराया अलग-अलग क्यों इससे पहले सोशल एक्टिविस्ट एस लक्ष्मीनारायणन ने एयरलाइंस कंपनियों की ओर से टिकटों के दामों में उतार-चढ़ाव और यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका लगाई थी, जिसकी सुनवाई 15 मई को हुई थी। उनकी मांग थी कि, देश में मजबूत और स्वतंत्र रेगुलेटर बनाया जाए, जो एयरलाइनों के किराए और एक्स्ट्रा चार्जेस पर निगरानी रखे। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने बेंच से कहा- हवाई किराया 300% तक बढ़ जाता है। इस पर बेंच ने मजाक में कहा- वकीलों की फीस भी कई बार 400% तक बढ़ जाती है, अब क्या किया जाए। 30 अप्रैल की सुनवाई में सरकार को फटकार लगाई थी इससे पहले 30 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने एक पिटीशन पर एफिडेविट फाइल न करने के लिए केंद्र की खिंचाई की थी, जिसमें भारत में प्राइवेट एयरलाइन्स के हवाई किराए और सहायक चार्ज में अप्रत्याशित उतार-चढ़ाव को कंट्रोल करने के लिए रेगुलेटरी गाइडलाइंस की मांग की गई थी। कोर्ट ने केंद्र से एक एफिडेविट के साथ एक एप्लिकेशन फाइल करने को कहा था, जिसमें यह बताने के निर्देश दिए गए थे कि एफिडेविट फाइल क्यों नहीं किया गया है। इसके लिए और समय क्यों मांगा गया है। हवाई किराए पर पहले भी फटकार लगा चुका सुप्रीम कोर्ट 23 फरवरी 2026: त्योहारों में हवाई किराया बढ़ाने पर जवाब मांगा था- सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में त्योहारों और इमरजेंसी हालातों में प्राइवेट एयरलाइंस के हवाई किराए बढ़ाने को लेकर चिंता जताई थी। कोर्ट ने कहा था कि यह एक बहुत गंभीर चिंता का विषय है। वरना, हम 32 पिटीशन पर विचार नहीं करते। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि सिविल एविएशन मिनिस्ट्री इस मुद्दे पर विचार कर रही है। पढ़ें पूरी खबर… 17 नवंबर 2025: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र, DGCA और AERA से हवाई किराए की मनमानी पर जवाब मांगा- सुप्रीम कोर्ट ने देश में हवाई जहाज के किराए और एक्स्ट्रा टैक्स में होने वाले अचानक उतार-चढ़ाव पर नियंत्रण की मांग वाली याचिका पर सुनवाई की। सामाजिक कार्यकर्ता एस. लक्ष्मीनारायणन की जनहित याचिका पर कोर्ट ने केंद्र सरकार, DGCA और एयरपोर्ट इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA) को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में जवाब मांगा। पढ़ें पूरी खबर… एयरलाइंस के लिए सबसे बड़ा खर्च है जेट फ्यूल जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने के चलते दुनियाभर की एयरलाइंस ने न सिर्फ टिकट के दाम बढ़ा दिए हैं, बल्कि अपने भविष्य के वित्तीय अनुमानों यानी फाइनेंशियल आउटलुक को भी वापस लिया है। एयरलाइंस के लिए जेट फ्यूल सबसे बड़ा खर्च होता है। कुल ऑपरेटिंग खर्च में इसकी हिस्सेदारी 30% से 40% होती है। ……………………………… ये खबर भी पढ़ें… एयर टिकट बुकिंग 48 घंटे में कैंसिल की तो फुल-रिफंड: फ्लाइट से 7 दिन पहले बुकिंग जरूरी, DGCA के नए नियम; जानें बदलाव नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने गुरुवार को हवाई यात्रा के टिकट रिफंड और कैंसिल करने से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए नियमों के मुताबिक, अब टिकट बुक करने के 48 घंटे के भीतर कैंसिल या बदलाव करने पर एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लगेगा, यानी टिकट का पूरा अमाउंट रिफंड किया जाएगा। यह फैसला यात्रियों की बढ़ती शिकायतों और हाल ही में इंडिगो की उड़ानों में हुई दिक्कतों के बाद लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Jamun ke Fayde: 2 महीने तक लगातार जामुन की खोज, शुगर होगा कंट्रोल, लिवर होगा मजबूत; कई विकार कोसोन भागेंगे दूर

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शुगर होगा नियंत्रण: जापानी व्यापारियों के लिए किसी भी तरह की सजावट से कम नहीं है। लगातार 2 महीने तक इसे खाने से ब्लड शुगर तेजी से नियंत्रित होता है। छवि: फ्रीपिक लीवर को बिश्नोई कर्मचारी: खराब गुणवत्ता से लिवरपूल फ़्लोरिडा हो जाता है। जामिन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर की सूजन को कम करते हैं और उसके अंदर से मजबूत और स्वस्थ्य बनाते हैं। छवि: फ्रीपिक पाचन तंत्र का विश्लेषण: अगर आपको कब्ज या एसिडिटी की शिकायत है तो जमिन जरूर बताएं। यह पेट को ठंडक प्रदान करता है और पाचन तंत्र को सटीक माप देता है। छवि: फ्रीपिक कोसोन दूर भागेगी रोग: जामिन विटामिन सी और आयरन से समानता होती है। इससे आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत बढ़ जाती है जिससे आपके अंदर विकार और संक्रमण दूर रहते हैं। छवि: फ्रीपिक हीमोग्लोबिन में खंड: जिन लोगों में खून की कमी पाई जाती है, उनके लिए जैमिन बेहद खतरनाक है। यह शरीर में हीमोग्लोबिन का स्तर हर तरह की कमजोरी को दूर करता है। छवि: फ्रीपिक बेदाग और चमकदार त्वचा: जामिन ख़ून को साफ़ करने का काम भी करता है। दो महीने तक इसके सेवन से कील-मुंहासे खत्म हो जाते हैं और चेहरे पर एक कील-मुंहासे की चमक दिखाई देती है। छवि: एआई रोजाना दिन में एक कटोरी यानि लगभग 100 ग्राम का समुद्री भोजन। स्वाद और फायदे के लिए काला नमक छिड़कें। ध्यान रहे, इसे खाली पेट बिल्कुल न स्थिर। छवि: फ्रीपिक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।

लौकी बनाम टिंडा: तापती गर्मी में खुद को रखा जाता है तैयार, तो लोकी और टिंडे में से कौन सी सब्जी है सबसे ज्यादा स्वादिष्ट?

लौकी बनाम टिंडा: तापती गर्मी में खुद को रखा जाता है तैयार, तो लोकी और टिंडे में से कौन सी सब्जी है सबसे ज्यादा स्वादिष्ट?

13 जुलाई 2026 को 19:20 IST पर अपडेट किया गया लौकी बनाम टिंडा: तापती गर्मी में अगर टिंडे और लोकी में से एक सब्जी की खासियत है, तो आइए आपको बताते हैं कि दोनों में से आपकी सेहत के लिए कौन सी सब्जी है?

लौकी गलौटी कबाब रेसिपी: घर में ऐसे बनाए होटल जैसे लौकी के गलौटी कबाब, पकी ही बात! नोट करें सबसे आसान तरीका

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लौकी के ग्लौटी कबाब बनाने की सामग्री के लिए: 1 लोकी, 2 कटे हुए आलू, 1/2 कप बेसन, बेडक्रंब्स, 1 छोटा अदरक-लहसुन का पेस्ट, 2 हरी मिर्च, 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर। छवि: मेटा एआई 1/2 छोटा धनिया पाउडर, हरा धनिया, नमक, तेल। छवि: एआई बनाने की विधि: सबसे पहले लौकी को कद्दूकस करके आधा सा हिस्सा लें या मसाले में पका लें। इसके बाद इसे अच्छी तरह से लेबल लें ताकि अतिरिक्त पानी निकल जाए। अब एक बड़े प्लास्टिक में आलू को मैश करें। छवि: इंस्टाग्राम इसमें तैयार की गई लौकी, अन्य बेसन, बेडक्रंब्स, अदरक-लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च, लाल मिर्च, जीरा पाउडर, धनिया पाउडर, गर्म मसाला, नमक और हरा धनिया धनिया अच्छी तरह से मिला लें। छवि: एआई यदि मिश्रण में ज्यादा मात्रा में नमक मिला हुआ है तो थोड़ा और बेसन या बेडक्रम्ब्स मिलाया जा सकता है। एक नॉन-स्टिक तवा गरम करें और उस पर थोड़ा सा तेल का पाउडर लगाएं। छवि: एआई तैयार कबाबों को मध्यम आंच पर दोनों तरफ से सुनहरा और लम्बाई में कुरकुरा होने तक सेक लें। जब कबाब अच्छी तरह से पक जाए, तो क्विन प्लेट में निकाल लें। छवि: एआई लौकी के चटनी कबाब को हरी धनिया की चटनी, पुदीना की चटनी, इमली की चटनी या टमाटर की चटनी के साथ गर्मागर्म दुकानें। फल तो ऊपर से थोड़ा सा चाट मसाला और नींबू का रस, मसाला, स्वाद और भी बढ़ाया जा सकता है। छवि: एआई लौकी का पानी अच्छी तरह से स्पष्ट नहीं, इससे कबाब टूटेंगे नहीं। इसके अलावा बेसन कबाब को बेहतरीन स्वाद और बढ़िया बैंडिंग देता है। कबाब को हमेशा मध्यम स्पर्श पर ही सेंकें ताकि वे अंदर तक अच्छी तरह से पैक हो जाएं। छवि: एआई फ़्लोरिडा तो इसमें डायमंड काजू या चीज़ भी पूरे स्वाद के साथ और भरपूर बनाया जा सकता है। यह एक बार घर पर निश्चित रूप से निश्चित है, विश्वास मानिये हर कोई इसका मूल्यवान बिना नहीं रहेगा। छवि: एआई अगर आप सेहत और स्वाद दोनों का मजा एक साथ लेना चाहते हैं, तो यह लोकी के ग्लौटी कबाब की रेसिपी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। छवि: फ्रीपिक

Kangana Ranaut Supports UP Governor Anandiben Patel Cooking Statement

Kangana Ranaut Supports UP Governor Anandiben Patel Cooking Statement

15 मिनट पहले कॉपी लिंक अभिनेत्री और सांसद कंगना रनोट ने उत्तर प्रदेश की गवर्नर आनंदीबेन पटेल के उस बयान का समर्थन किया है, जिसमें उन्होंने महिलाओं को कुकिंग सीखने की सलाह दी थी। आनंदीबेन ने कहा था की महिलाएं चाहे टीचर बनें या आईएएस ऑफिसर, उन्हें अपने परिवार के लिए खाना बनाना आना चाहिए। इस पर कंगना ने अपने बचपन का उदाहरण देते हुए कहा कि खाना खिलाना और देखभाल करना महिलाओं का असली स्वभाव है। गवर्नर के इस बयान का समर्थन करने के बाद कंगना रनोट को सोशल मीडिया पर आलोचना का सामना भी करना पड़ रहा है। बचपन में चूल्हा बनाकर खेलती थी कंगना कंगना रनोट ने एक्स पर अपनी पुरानी यादें शेयर की हैं। उन्होंने लिखा कि जब हम छोटे थे, तो मेरा भाई फुटबॉल और क्रिकेट खेलता था। लेकिन मैं बहुत ध्यान से गुड़ियों के घर बनाती थी, उनके कपड़े सिलती थी और उनके लिए खाना बनाती थी। इसे देखकर घर के सभी लोग खुश होते थे। मैंने छोटे-छोटे मिट्टी के चूल्हे भी बनाए थे और एक मां की तरह गुड़ियों की देखभाल करती थी। कंगना ने कहा कि यह कोई ऐसी चीज नहीं है जिसे हमें अलग से सीखने की जरूरत पड़े। भगवान ने हमें इंसानियत को पालने की जिम्मेदारी दी है, यही हमारा असली स्वभाव है। महिलाओं को बताया शक्ति और अन्नपूर्णा अपने पोस्ट में कंगना ने आगे लिखा कि महिलाओं के इसी स्वभाव के कारण उन्हें समाज में देवी, शक्ति, अन्नपूर्णा और माता जैसे नाम दिए गए हैं। किसी को प्यार करना, खाना खिलाना और उसका पालन-पोषण करना एक सुखद अनुभव है। कंगना ने इसके साथ ही यूपी की गवर्नर आनंदीबेन पटेल के कानपुर में दिए भाषण का एक वीडियो क्लिप भी शेयर किया। इस वीडियो में आनंदीबेन पटेल एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महिलाओं को कुकिंग और मातृत्व की सीख देती नजर आ रही हैं। आनंदीबेन ने कहा की महिलाएं चाहे टीचर बनें या आईएएस ऑफिसर, उन्हें अपने परिवार के लिए खाना बनाना आना चाहिए। गवर्नर आनंदीबेन पटेल ने भाषण में क्या कहा कानपुर के कार्यक्रम में गवर्नर आनंदीबेन पटेल ने कहा था कि आज की महिलाओं को अपने परिवार के लिए खाना बनाना सीखना चाहिए। आप चाहे टीचर बनें या आईएएस ऑफिसर, आपको सबसे पहले एक कुशल मां बनना चाहिए। उन्होंने मां के कर्तव्यों पर बात करते हुए कहा कि एक मां का काम अपनी बेटी को हर तरह से तैयार करना है, ताकि उसे ससुराल में किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। अगर कोई समस्या आती भी है, तो वह अपने दम पर उससे निपट सके। हमें अपनी बेटियों को यह मजबूती देनी होगी। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताया विरोध कंगना रनोट का यह पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बड़े वर्ग ने इसका विरोध किया है। यूजर्स ने कंगना पर पुरानी सोच को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। एक यूजर ने लिखा कि महिलाएं स्वभाव से इसमें अच्छी होती हैं, लेकिन अब समय आ गया है कि पुरुषों को भी खाना बनाने के लिए बढ़ावा दिया जाए। दूसरे यूजर ने लिखा कि दोनों ही जेंडर को भूख लगती है, इसलिए दोनों को कमाना और खाना बनाना आना चाहिए। समय बदल गया है लेकिन कुछ लोग अभी भी पुरानी सोच में जी रहे हैं। क्वीन 2 की शूटिंग पूरी, कानूनी विवाद में फंसी फिल्म वर्क फ्रंट की बात करें तो कंगना रनोट ने हाल ही में अपनी आने वाली फिल्म ‘क्वीन 2’ की शूटिंग पूरी की है। हालांकि, यह फिल्म रिलीज से पहले ही कानूनी विवादों में घिर गई है। फैंटम स्टूडियोज ने फिल्म के मेकर्स पर बौद्धिक संपदा (इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी) के अवैध इस्तेमाल का आरोप लगाते हुए 250 करोड़ रुपए का केस दर्ज कराया है। ये खबर भी पढ़ें बिना इजाजत क्वीन-2 बनाने के आरोप पर प्रोडक्शन की सफाई:कहा- ये सीक्वल-प्रीक्वल नहीं, टाइटल पर किसी का अधिकार नहीं, 250 करोड़ का मुकदमा दायर हुआ है कंगना रनोट की अपकमिंग फिल्म विवादों से घिर गई है। फैंटम स्टूडियो ने दावा किया है कि ये उनकी फिल्म क्वीन का सीक्वल है, जिसे गैरकानूनी तरीके से जियो स्टार (स्टार स्टूडियो 18) बिना उनकी इजाजत के बना रहा है। फैंटम स्टूडियो ने जियो स्टार के खिलाफ 250 करोड़ का मुकदमा भी दायर किया है, हालांकि अब मामले में प्रोडक्शन ने सभी दावों को बेबुनियाद बताया है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Mahesh Manjrekars Wife Medha Reveals Cancer Battle

Mahesh Manjrekars Wife Medha Reveals Cancer Battle

9 मिनट पहले कॉपी लिंक मराठी सिनेमा की एक्ट्रेस और फिल्ममेकर महेश मांजरेकर की पत्नी मेधा मांजरेकर ने अपनी कैंसर की बीमारी का खुलासा किया है। 58 साल की मेधा ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा और इमोशनल नोट शेयर कर बताया कि उनका कैंसर का इलाज चल रहा है। इस मुश्किल सफर के दौरान उनके पति महेश मांजरेकर, परिवार और दोस्तों ने उनका पूरा साथ दिया। मेधा ने अस्पताल की कुछ तस्वीरें शेयर करते हुए इलाज के दौरान हुए शारीरिक और मानसिक बदलावों के बारे में खुलकर बात की है। इलाज के दौरान भूख खत्म हो गई थी मेधा मांजरेकर ने बताया कि इलाज की वजह से एक समय ऐसा आया जब उनकी भूख पूरी तरह खत्म हो गई थी। ऐसे समय में उनकी बहन, भाभी और दोस्तों ने उनका पूरा ध्यान रखा। वे उनकी पसंद का खाना जैसे ढोकला, इडली, गुलपापड़ी और पानी-पूरी लेकर आते थे। मेधा ने लिखा कि एक दोस्त की सलाह पर उन्होंने क्रैनबेरी जूस को शैंपेन के ग्लास में पीना शुरू किया। परोसने के तरीके में इस छोटे से बदलाव ने उनके देखने का नजरिया बदल दिया और उनमें सकारात्मकता आई। दोस्तों ने मुश्किल दिनों में उन्हें कभी अकेला नहीं रहने दिया। महेश मांजरेकर और उनकी पत्नी मेधा मांजरेकर। पति महेश मांजरेकर और करीबियों को कहा शुक्रिया अपनी पोस्ट में मेधा ने पति महेश मांजरेकर के लिए लिखा कि बस साथ रहने के लिए शुक्रिया, कुछ सफर अकेले तय नहीं किए जा सकते। उन्होंने बताया कि उनकी बीमारी का पता चलने के बाद उनके करीबी दोस्त दूसरे महाद्वीपों (कॉन्टिनेंट्स) से भी उनसे मिलने और समय बिताने के लिए भारत आए। उनके साथ रहकर दोस्तों ने प्रार्थना की और उनका ध्यान बीमारी से भटकाने में मदद की। मेधा की इस पोस्ट पर स्वप्निल जोशी और नीना कुलकर्णी जैसी मराठी फिल्मी हस्तियों ने कमेंट करके उनका हौसला बढ़ाया है और उनके जल्द ठीक होने की दुआ की है। 2021 में महेश मांजरेकर को भी हुआ था कैंसर मांजरेकर परिवार के लिए कैंसर की यह दूसरी बड़ी लड़ाई है। इससे पहले साल 2021 में खुद महेश मांजरेकर को हाई-ग्रेड यूरिनरी ब्लैडर कैंसर हुआ था। उस समय मुंबई के एक अस्पताल में उनकी बड़ी सर्जरी हुई थी, जिसके बाद वे पूरी तरह ठीक हो गए थे। महेश के इलाज के समय मेधा ने पूरे परिवार को भावनात्मक रूप से संभाला था और मजबूती दी थी। अब जब मेधा खुद इस बीमारी से जूझ रही हैं, तो महेश और पूरा परिवार उनके साथ मजबूती से खड़ा है। दबंग 3 में सलमान के साथ मेधा और महेश की बेटी सई मांजरेकर। दबंग 3 से बेटी सई ने किया था बॉलीवुड डेब्यू मेधा और महेश मांजरेकर की शादी साल 1995 में हुई थी। साल 2001 में उनकी बेटी सई मांजरेकर का जन्म हुआ। माता-पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए सई ने साल 2019 में सलमान खान की फिल्म ‘दबंग 3’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इस फिल्म में मेधा मांजरेकर ने भी जानकी का किरदार निभाया था। मेधा को ‘नटसम्राट’ (2016), ‘काकस्पर्श’ (2012) और ‘दे धक्का’ (2008) जैसी शानदार मराठी फिल्मों के लिए जाना जाता है। उन्हें आखिरी बार मराठी फिल्म ‘एक राधा एक मीरा’ में देखा गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

CBSE Launches 19 Free Online Courses for Students

CBSE Launches 19 Free Online Courses for Students

Hindi News Career CBSE Launches 19 Free Online Courses For Students | AI & Tech Skills 9 मिनट पहले कॉपी लिंक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों के बढ़ते दौर में छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने नई पहल की है। अब कक्षा 8वीं से 12वीं तक के स्टूडेंट्स बिना किसी फीस के आधुनिक तकनीकी विषयों की पढ़ाई कर सकेंगे। बोर्ड ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (NIELIT) की डिजिटल यूनिवर्सिटी (NDU) के साथ मिलकर 19 ऑनलाइन कोर्स शुरू किए हैं। इन कोर्सों के जरिए छात्र स्कूल की पढ़ाई के साथ-साथ AI, कोडिंग, साइबर सिक्योरिटी और अन्य नई तकनीकों की जानकारी भी आसानी से हासिल कर सकेंगे। अपनी सुविधा के अनुसार करें पढ़ाई इन ऑनलाइन कोर्सों की खास बात यह है कि छात्र इन्हें अपने समय के अनुसार पूरा कर सकते हैं। कुछ कोर्स करीब डेढ़ घंटे में पूरे हो जाते हैं, जबकि कुछ विस्तृत कोर्स 20 घंटे या उससे अधिक समय के हैं। अपनी पसंद का कोर्स चुनें इच्छुक विद्यार्थी NIELIT डिजिटल यूनिवर्सिटी (NDU) के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर अपनी पसंद का कोर्स चुनकर आसानी से रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं । पूरी खबर यहां पढ़ें हफ्ते की टॉप जॉब्स:पुलिस विभाग में 7437 पदों पर भर्ती, असिस्टेंट प्रोफेसर की 3687 वैकेंसी; इस हफ्ते निकलीं 13,737 नौकरियां इस हफ्ते निकली हैं पुलिस विभाग और रेलवे सहित कई विभागों में 13,737 पदों पर नौकरियां। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 6 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 6 ग्राफिक्स के जरिए जानिए। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Inflation Hits 4.38% in June

India Inflation Hits 4.38% in June

नई दिल्लीकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक रिटेल महंगाई जून में बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है, जो मई में 3.93% पर थी। ये रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मीडियम टर्म टारगेट 4% के पार निकल गई है। आज 12 जुलाई को ये आंकड़े जारी किए गए हैं। 2026 की शुरुआत में महंगाई दर काफी कम थी। जनवरी में यह 2.74% के स्तर पर थी, जो जून तक बढ़ते हुए 4.38% पर पहुंच गई है। पिछले महीने यानी अप्रैल के मुकाबले मई में खुदरा महंगाई में 0.45% की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई है। मई में यह आंकड़ा 4.38% पर था। आलू और अदरक महंगे हुए, सोने-चांदी के गहने सस्ते सामान मई में महंगाई दर जून में महंगाई दर आलू -23.71 -20.34 टमाटर 48.43 31.92 अदरक 32.50 50.41 जीरा -4.59 -3.75 सोना/हीरा/प्लैटिनम के गहने 40.91 36.82 चांदी के गहने 155.25 133.21 इस साल रिटेल महंगाई का हाल महीना महंगाई दर जनवरी 2.74% फरवरी 3.21% मार्च 3.40% अप्रैल 3.48% मई 3.93% जून 4.38% महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 4.38% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि जून 2026 में महंगाई 4.38% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना जून 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.38% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे। किसी चीज के दाम घटे भी होंगे। जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 4.38% बढ़ गया। 2. ₹100 की चीज अब ₹104.38 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर जून 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मई 2026 में ₹104.38 का हो गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

India Inflation Hits 4.38% in June

India Inflation Hits 4.38% in June

नई दिल्ली4 मिनट पहले कॉपी लिंक रिटेल महंगाई जून में बढ़कर 4.38% पर पहुंच गई है। जनवरी 2025 के बाद यह पहला मौका है जब महंगाई रिजर्व बैंकके 4% के मिडपॉइंट टारगेट के पार निकल गई है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने आज 13 जुलाई को ये आंकड़े जारी किए। महंगाई बढ़ने की बड़ी वजह खाने-पीने की चीजों के दामों का बढ़ना है। फूड इन्फ्लेशन जून में बढ़कर 5.32% पर पहुंच गई है। मई में यह आंकड़ा 4.38% पर था। आलू और अदरक महंगे हुए, सोने-चांदी के गहने सस्ते सामान मई में महंगाई दर जून में महंगाई दर आलू -23.71 -20.34 टमाटर 48.43 31.92 अदरक 32.50 50.41 जीरा -4.59 -3.75 सोना/हीरा/प्लैटिनम के गहने 40.91 36.82 चांदी के गहने 155.25 133.21 इस साल रिटेल महंगाई का हाल महीना महंगाई दर जनवरी 2.74% फरवरी 3.21% मार्च 3.40% अप्रैल 3.48% मई 3.93% जून 4.38% महंगाई बढ़ने से ब्याज दरें बढ़ने की आशंका भले ही मौजूदा महंगाई अभी भी RBI के 2% से 6% के टॉलरेंस बैंड के भीतर है, लेकिन कीमतों में आगे और बढ़ोतरी केंद्रीय बैंक को ब्याज दरें बढ़ाने के लिए मजबूर कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो आने वाली तिमाहियों में देश की आर्थिक ग्रोथ पर असर पड़ सकता है। जून में ही RBI ने अल नीनो परिस्थितियों के कारण कम मानसून की आशंका और बढ़ती एनर्जी कीमतों के दोहरे रिस्क को देखते हुए अपने महंगाई के अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया था। नए इंडेक्स की वजह से पिछले साल से तुलना नहीं महंगाई के डेटा की तुलना पिछले साल की समान अवधि से नहीं की जा सकती, क्योंकि इसी साल जनवरी में इस इंडेक्स को रीसेट किया गया था। साल 2024 को बेस ईयर बनाकर नई सीरीज की शुरुआत की गई थी, जिसमें जनवरी में संशोधित रिटेल महंगाई 2.74% दर्ज हुई थी। इसके बाद कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई। फरवरी में यह 3.21%, मार्च में 3.4%, अप्रैल में 3.48% और मई में 3.93% दर्ज की गई थी। पुरानी CPI सीरीज जिसका बेस ईयर 2012 था के तहत महंगाई दर दिसंबर में 1.33% और नवंबर में 0.71% रही थी। नए महंगाई इंडेक्स में खर्च के पैटर्न को बदला गया नया इन्फ्लेशन इंडेक्स साल 2023-24 के हाउसहोल्ड कंजम्पशन एक्सपेंडिचर सर्वे में सामने आए खर्च के तौर-तरीकों पर आधारित है। इंडेक्स के घटकों के नए वेटेज की वजह से महंगाई के आंकड़ों में मामूली बढ़ोतरी दिख रही है। इसमें मुख्य चीजों की हिस्सेदारी करीब 10% बढ़ा दी गई है, जबकि उतार-चढ़ाव वाले खाद्य पदार्थों की भूमिका को कम किया गया है। महंगाई कैसे बढ़ती-घटती है? महंगाई का बढ़ना-घटना प्रोडक्ट की डिमांड-सप्लाई पर निर्भर करता है। अगर लोगों के पास पैसे ज्यादा होंगे तो वे ज्यादा चीजें खरीदेंगे। इससे चीजों की डिमांड बढ़ेगी और सप्लाई नहीं होने पर इनकी कीमत बढ़ेगी। वहीं अगर डिमांड कम होगी और सप्लाई ज्यादा तो महंगाई कम होगी। 4.38% महंगाई दर का क्या मतलब है? 1. तुलना पिछले साल से होती है (साल-दर-साल) जब हम कहते हैं कि जून 2026 में महंगाई 4.38% है, तो इसका मतलब है कि हम इसकी तुलना जून 2025 से कर रहे हैं। यह पूरे एक साल का बदलाव है। 4.38% एक औसत नंबर है जिसे ‘कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स’ कहते हैं। इसमें आपके जीवन की सैकड़ों चीजें शामिल हैं: किसी चीज के दाम बहुत ज्यादा बढ़े होंगे। किसी चीज के दाम घटे भी होंगे। जब इन सबको एक साथ मिलाया गया, तो औसतन खर्च 4.38% बढ़ गया। 2. ₹100 की चीज अब ₹104.38 की हो गई इसका गणित बहुत सीधा है। अगर जून 2025 में आपने कोई सामान जैसे राशन ₹100 में खरीदा था, तो वही सामान मई 2026 में ₹104.38 का हो गया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…