Imran Khan Mumbai FRRO Notice Controversy

7 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई में CJP प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया है। अमेरिकी नागरिकता और OCI कार्डधारक इमरान खान इस आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। उनके वकीलों का कहना है कि वे प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे, बल्कि रास्ते से गुजर रहे थे। इस कार्रवाई पर फिल्म इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट गई है। किरण राव और सबा आजाद ने पुलिस एक्शन पर सवाल उठाए हैं, वहीं गजेंद्र चौहान और रजा मुराद ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है। किरण राव और सबा आजाद ने जताया विरोध एफआरआरओ के नोटिस की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड सेलेब्स की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। फिल्ममेकर और आमिर खान की पूर्व पत्नी किरण राव ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, “वाह, अब यह मुंबई पुलिस कर रही है?” वहीं एक्ट्रेस सबा आजाद ने भी पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “क्या!? यह पूरी तरह से गलत है।” बता दें कि 10 अक्टूबर को अगस्त क्रांति मैदान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इमरान खान, उनकी पार्टनर लेखा वाशिंगटन और कजिन जैन मैरी खान समेत 400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था और बाद में छोड़ दिया था। गजेंद्र चौहान और रजा मुराद ने किया कार्रवाई का समर्थन इस मामले में अभिनेता गजेंद्र चौहान ने एफआरआरओ और सरकार के कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं, ऐसे में उनका प्रदर्शन में शामिल होना कानून का उल्लंघन है। चौहान ने कहा, “मुझे बेहद खुशी है कि देश में छिपे देशद्रोहियों को बाहर जाने के लिए कहा गया है। इमरान खान को 28 अक्टूबर के बजाय 24 घंटे के अंदर देश से बाहर करने का सख्त आदेश मिलना चाहिए।” वहीं वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने भी कहा कि किसी भी विदेशी नागरिक को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें 15 दिन का समय देकर पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत काम किया है। अभिनेता गजेंद्र चौहान और रजा मुराद। हाई कोर्ट में आदेश को चुनौती देंगे इमरान NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की लीगल टीम अगले हफ्ते बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगी। उनके एडवोकेट जुल्फीकार मेमन ने बताया कि 10 अक्टूबर को इमरान खान नाना चौक से गुजर रहे थे, तभी रास्ता बंद होने और मीडियाकर्मियों के सवाल पूछने पर उन्होंने बयान दिया था। लीगल टीम ने पुलिस से इलाके के सीसीटीवी फुटेज निकालने की मांग की है ताकि साफ हो सके कि इमरान प्रदर्शनकारी के रूप में शामिल नहीं थे। हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले इमरान ने कहा था कि वे एक शहरवासी की हैसियत से वहां पाबंदियों और लोगों की दबती आवाज को देखने आए थे। इमरान ने पुलिस वैन से हिरासत की तस्वीर भी शेयर की थी। किरीट सोमैया की शिकायत से शुरू हुआ पूरा विवाद इस पूरे मामले की शुरुआत बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद हुई थी। सोमैया ने मुंबई पुलिस और एफआरआरओ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक होने के नाते इमरान खान का राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होना OCI नियमों और वीजा शर्तों का सीधा उल्लंघन है। नागरिकता कानून के मुताबिक, ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भारत में रहने और आने-जाने की सुविधा मिलती है, लेकिन उन्हें भारत में कोई राजनीतिक अधिकार या आंदोलन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण ही यह पूरी कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। ये खबर भी पढ़ें इमरान खान को छोड़ना होगा भारत:अक्षय कुमार, अदनान सामी की नागरिकता पर भी हुआ विवाद, आलिया-कटरीना इंडियन नहीं, जानिए क्या हैं नियम और विवाद एक्टर इमरान खान के खिलाफ भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद प्रोटेस्ट में शामिल होने पर शिकायत दर्ज हुई है। मुंबई पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Imran Khan Mumbai FRRO Notice Controversy

55 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई में CJP प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस जारी किया है। अमेरिकी नागरिकता और OCI कार्डधारक इमरान खान इस आदेश के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट जाने की तैयारी में हैं। उनके वकीलों का कहना है कि वे प्रदर्शन का हिस्सा नहीं थे, बल्कि रास्ते से गुजर रहे थे। इस कार्रवाई पर फिल्म इंडस्ट्री दो हिस्सों में बंट गई है। किरण राव और सबा आजाद ने पुलिस एक्शन पर सवाल उठाए हैं, वहीं गजेंद्र चौहान और रजा मुराद ने सरकार के फैसले का समर्थन किया है। किरण राव और सबा आजाद ने जताया विरोध एफआरआरओ के नोटिस की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड सेलेब्स की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। फिल्ममेकर और आमिर खान की पूर्व पत्नी किरण राव ने अपने इंस्टाग्राम स्टोरी पर इस खबर को शेयर करते हुए लिखा, “वाह, अब यह मुंबई पुलिस कर रही है?” वहीं एक्ट्रेस सबा आजाद ने भी पुलिस की इस कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, “क्या!? यह पूरी तरह से गलत है।” बता दें कि 10 अक्टूबर को अगस्त क्रांति मैदान में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने इमरान खान, उनकी पार्टनर लेखा वाशिंगटन और कजिन जैन मैरी खान समेत 400 से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया था और बाद में छोड़ दिया था। गजेंद्र चौहान और रजा मुराद ने किया कार्रवाई का समर्थन इस मामले में अभिनेता गजेंद्र चौहान ने एफआरआरओ और सरकार के कदम की सराहना की। उन्होंने कहा कि इमरान खान भारतीय नागरिक नहीं हैं, ऐसे में उनका प्रदर्शन में शामिल होना कानून का उल्लंघन है। चौहान ने कहा, “मुझे बेहद खुशी है कि देश में छिपे देशद्रोहियों को बाहर जाने के लिए कहा गया है। इमरान खान को 28 अक्टूबर के बजाय 24 घंटे के अंदर देश से बाहर करने का सख्त आदेश मिलना चाहिए।” वहीं वरिष्ठ अभिनेता रजा मुराद ने भी कहा कि किसी भी विदेशी नागरिक को भारत के आंतरिक मामलों में दखल देने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने उन्हें 15 दिन का समय देकर पूरी तरह कानूनी प्रक्रिया के तहत काम किया है। अभिनेता गजेंद्र चौहान और रजा मुराद। हाई कोर्ट में आदेश को चुनौती देंगे इमरान NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, इमरान खान की लीगल टीम अगले हफ्ते बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर करेगी। उनके एडवोकेट जुल्फीकार मेमन ने बताया कि 10 अक्टूबर को इमरान खान नाना चौक से गुजर रहे थे, तभी रास्ता बंद होने और मीडियाकर्मियों के सवाल पूछने पर उन्होंने बयान दिया था। लीगल टीम ने पुलिस से इलाके के सीसीटीवी फुटेज निकालने की मांग की है ताकि साफ हो सके कि इमरान प्रदर्शनकारी के रूप में शामिल नहीं थे। हिरासत में लिए जाने से ठीक पहले इमरान ने कहा था कि वे एक शहरवासी की हैसियत से वहां पाबंदियों और लोगों की दबती आवाज को देखने आए थे। इमरान ने पुलिस वैन से हिरासत की तस्वीर भी शेयर की थी। किरीट सोमैया की शिकायत से शुरू हुआ पूरा विवाद इस पूरे मामले की शुरुआत बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया की शिकायत के बाद हुई थी। सोमैया ने मुंबई पुलिस और एफआरआरओ को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि अमेरिकी नागरिक होने के नाते इमरान खान का राजनीतिक प्रदर्शन में शामिल होना OCI नियमों और वीजा शर्तों का सीधा उल्लंघन है। नागरिकता कानून के मुताबिक, ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों को भारत में रहने और आने-जाने की सुविधा मिलती है, लेकिन उन्हें भारत में कोई राजनीतिक अधिकार या आंदोलन में हिस्सा लेने की अनुमति नहीं होती। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए सीजेपी के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण ही यह पूरी कानूनी कार्रवाई शुरू हुई है। ये खबर भी पढ़ें इमरान खान को छोड़ना होगा भारत:अक्षय कुमार, अदनान सामी की नागरिकता पर भी हुआ विवाद, आलिया-कटरीना इंडियन नहीं, जानिए क्या हैं नियम और विवाद एक्टर इमरान खान के खिलाफ भारतीय नागरिकता न होने के बावजूद प्रोटेस्ट में शामिल होने पर शिकायत दर्ज हुई है। मुंबई पुलिस ने उन पर कार्रवाई करते हुए 28 अक्टूबर तक देश छोड़ने का आदेश दिया है। ये इस तरह का इकलौता मामला नहीं है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Railway Bonus Approval & IDBI Bank Stake Sale

Hindi News Career Railway Bonus Approval & IDBI Bank Stake Sale | National News Update 3 मिनट पहले कॉपी लिंक आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं नेशनल (NATIONAL) 1. केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा रेलवे कर्मचारियों के लिए 2,000 करोड़ का बोनस 14 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे कर्मचारियों के लिए 2,009.61 करोड़ के प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (PLB) को मंजूरी दी है। इसका लाभ लगभग 11 लाख से ज्यादा नॉन गैजेटेड रेलवे कर्मचारियों को मिलेगा। यह 78 दिनों की सैलरी के बराबर है। हर रेलवे कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपए तक की राशि बोनस के तौर पर दी जाएगी। हर साल दुर्गा पूजा/दशहरा की छुट्टियों से पहले रेलवे कर्मचारियों को बोनस मिलता है। यह राशि रेलवे के अलग-अलग कैटेगरी के कर्मचारियों को दी जाती है। इन कर्मचारियों में ट्रैक मेंटेनर, लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर (गार्ड), स्टेशन मास्टर, सुपरवाइजर, टेक्नीशियन, टेक्नीशियन हेल्पर, पॉइंट्समैन, मंत्रालय के कर्मचारी और ग्रुप ‘सी’ के अन्य कर्मचारी शामिल हैं। साल 2025-26 में रेलवे का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। रेलवे ने 167 करोड़ टन का रिकॉर्ड कार्गो लोड किया। लगभग 7.41 अरब यात्रियों को सफर कराया है। 2. पीएम मोदी ने लद्दाख में 3,350 की परियोजनाओं का उद्घाटन किया 15 अक्टूबर को पीएम मोदी ने लद्दाख में करीब 3,350 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इनमें लेह एयरपोर्ट का नया पैसेंजर टर्मिनल, 298 किलोमीटर लंबी निम्मू-पदुम-दरचा सड़क, 9 मेगावाट का हानू हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट, बिजली ट्रांसमिशन लाइन, देश का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क और 40 गांवों में बनाए गए जलाशय शामिल हैं। इन प्रोजेक्ट्स से लद्दाख में हवाई और सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होगी। बिजली की उपलब्धता, जल संरक्षण और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री लेह स्थित कुशोक बकुला रिम्पोची हवाई अड्डे पर 640 करोड़ रुपये की लागत से बने नए यात्री टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसे प्रति वर्ष 35 लाख यात्रियों को संभालने के लिए डिजाइन किया गया है। मोदी नौ मेगावाट की हनु लघु जलविद्युत परियोजना और 66 किलोवाट की डबल-सर्किट दाह-हनु-खालत्सी ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन करेंगे। इन परियोजनाओं से बिजली आपूर्ति का बुनियादी ढांचा मजबूत होगा। साथ ही लद्दाख के विद्युत नेटवर्क की विश्वसनीयता में सुधार आयेगा। प्रधानमंत्री ने लेह के सिंधु घाट में भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क और हिम सरोवर परियोजना के तहत 40 गांवों में विकसित 40 जल निकायों का भी उद्घाटन किया। 3. नीति आयोग ने लॉन्च किया ‘डेटा सेंटर इवैल्यूएशन फ्रेमवर्क’ 2026 14 अक्टूबर को नीति आयोग के फ्रंटियर टेक हब ने डाटा सेंटर इवैल्यूएशन फ्रैमवर्क टू हेल्प स्टेट्स प्लान फॉर सस्टेनेबल ग्रोथ जारी किया। इसकी लॉन्चिंग दिल्ली में की गई। इसे इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी और ऊर्जा मंत्रालय के परामर्श से तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य राज्यों को डेटा सेंटर स्थापित करने से पहले बिजली, पानी, भूमि, पर्यावरण और आर्थिक लाभों का आकलन करने में मदद करना है। इससे भारत में AI क्षेत्र को मजबूती और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। यह बुनियादी ढांचे की कठिनाईयों को समय पर पहचानने और डेटा सेंटरों के सतत विकास की योजना बनाने में मदद करेगा। यह फ्रेमवर्क राज्य सरकारों को निवेश प्रस्तावों का व्यवस्थित रूप से आकलन करने में मदद करेगा। बिजनेस : 4. केंद्रीय कैबिनेट ने IDBI बैंक के नए खरीदार के नाम पर मंजूरी दी 14 अक्टूबर को केंद्रीय कैबिनेट ने IDBI बैंक के नए खरीदार के नाम पर मुहर लगा दी है। इस फैसले के तहत केंद्र सरकार और LIC मिलकर बैंक में अपनी 60.72% हिस्सेदारी कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स की कंपनी ‘फेयरफैक्स’ को बेचेंगे। यह पूरी डील 52,878 करोड़ (लगभग ₹52,877.07 करोड़) में तय हुई है। केंद्र सरकार अपनी 30.48% हिस्सेदारी बेचेगी और बाद में 15% हिस्सेदारी अपने पास रखेगी। भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेचेगी और बाद में 19% हिस्सेदारी अपने पास रखेगी। सरकार और LIC की मिलाकर कुल 34% हिस्सेदारी बैंक में बनी रहेगी। सरकार के अनुसार, यह भारत के वित्तीय सेवा क्षेत्र के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) सौदा है। इसकी शुरुआत सबसे पहले 7 अक्टूबर 2022 को हुई थी। जब सरकार ने बैंक को खरीदने के लिए खरीदारों से आवेदन मंगाए थे। शुरुआत में 5 बड़ी कंपनियों ने दिलचस्पी दिखाई। सरकार ने जब सभी के दस्तावेजों और नियमों की जांच की, तो इनमें से 4 कंपनियां ही योग्य पाई गईं। इसके बाद आखिरी दौर में दो कंपनियों ने अपने तकनीकी कागजात और बोली जमा की। सबसे बेहतर बोली लगाकर कनाडाई कंपनी ने यह डील अपने नाम कर ली। बैंक के रोजमर्रा के कामकाज, FD, लोन, पासबुक और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं पर ग्राहकों के लिए कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा। फेयरफैक्स फाइनेंशियल यह कनाडा बेस्ड फाइनेंशियल होल्डिंग कंपनी है। इसके प्रमुख भारतीय मूल के कनाडाई अरबपति प्रेम वत्स हैं। इन्हें ‘कनाडा का वॉरेन बफेट’ भी कहा जाता है। कंपनी का नया मालिक आने से बैंक में ज्यादा पैसा लगेगा, जिससे आने वाले समय में ग्राहकों को नई तकनीक और बेहतर बैंकिंग सुविधाएं मिलेंगी। मिसलिनयस (Miscellaneous) 5. नागालैंड युवा संसाधन विभाग को ‘स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड 14 अक्टूबर को नागालैंड सरकार के युवा संसाधन एवं खेल विभाग को स्कॉच सिल्वर अवार्ड से सम्मानित किया गया। नागालैंड सरकार के युवा संसाधन एवं खेल विभाग को उसके ग्रासरूट फुटबाल फेस्टिवल (बेबी लीग) कार्यक्रम के लिए यह सम्मान मिला। राज्य में जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने और बच्चों की खेलों में भागीदारी बढ़ाने के प्रयासों के लिए यह सम्मान दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने जून 2026 में मन की बात कार्यक्रम में नागालैंड में जमीनी स्तर पर फुटबॉल को बढ़ावा देने के प्रयासों को बताया था जिससे इस पहल को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली। उसका उद्देश्य राज्य में जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देना और छोटे बच्चों (5 से 12 वर्ष की आयु) में फुटबॉल एवं खेल के प्रति रुचि बढ़ाना है। स्कॉच सिल्वर अवॉर्ड (SKOCH Silver Award) यह स्कॉच ग्रुप द्वारा भारत में विभिन्न क्षेत्रों (जैसे सुशासन, डिजिटल बदलाव, ग्रामीण विकास, पर्यटन, और खेल) में बेहतरीन और जमीनी स्तर पर किए गए बेहतरीन कामों के लिए दिया जाने वाला एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है। यह पुरस्कार वर्ष 2003
'जेलर 2' ने पहले दिन ₹125 करोड़ कमाए:वर्ल्डवाइड ओपनिंग में 'एनिमल' का रिकॉर्ड तोड़ा; विदेशों में 'धुरंधर 2' को पछाड़ा

साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘जेलर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग शुरुआत की है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने 15 अक्टूबर को रिलीज के पहले दिन भारत में 59.70 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने देश भर में 16,599 शो से 70.25 करोड़ रुपए का डोमेस्टिक ग्रॉस और 55 करोड़ रुपए का ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन किया है। इसके साथ ही फिल्म का पहले दिन का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 125.25 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ‘धुरंधर 2’ और ‘एनिमल’ को पीछे छोड़ा विदेशों में कमाई के मामले में ‘जेलर 2’ ने इस साल जनवरी में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर 2’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ‘धुरंधर 2’ ने पहले दिन ओवरसीज में 52 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया था, जबकि ‘जेलर 2’ ने 55 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। वहीं, 125.25 करोड़ रुपए के कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन के साथ इसने रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ (116 करोड़ रुपए वर्ल्डवाइड ओपनिंग) का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है। फिल्म को पहले दिन सिनेमाघरों में करीब 37.46 लाख (3,746,734) दर्शक मिले। तमिल से मिले 43 करोड़, हिंदी में कमाए 3.50 करोड़ फिल्म के चार भाषाओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो तमिल वर्जन का दबदबा सबसे ज्यादा रहा। तमिल में फिल्म ने 9,326 शो से 43.35 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया, जहां कुल ऑक्यूपेंसी 70.8% दर्ज की गई। तेलुगु वर्जन ने 2,792 शो से 12.50 करोड़ रुपए बटोरे। वहीं, हिंदी वर्जन से 4,371 शो में 3.50 करोड़ रुपए और कन्नड़ वर्जन से 110 शो में 35 लाख रुपए का नेट कलेक्शन हुआ। इन चारों भाषाओं को मिलाकर भारत में कुल नेट कमाई 59.70 करोड़ रुपए रही। रिटायर्ड जेलर ‘टाइगर मुथुवेल पांडियन’ की कहानी नेल्सन दिलीपकुमार के डायरेक्शन में बनी ‘जेलर 2’ में रजनीकांत एक बार फिर रिटायर्ड जेलर टाइगर मुथुवेल पांडियन के किरदार में नजर आ रहे हैं। कहानी में अंडरवर्ल्ड से नई चुनौती सामने आने के बाद उन्हें अपने परिवार और विरासत की रक्षा के लिए पुराना हिंसक रास्ता अपनाना पड़ता है। इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में रजनीकांत के साथ मोहनलाल और विद्या बालन ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं।
Jailer 2 Box Office Record

1 घंटे पहले कॉपी लिंक साउथ सुपरस्टार रजनीकांत की एक्शन-ड्रामा फिल्म ‘जेलर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड ब्रेकिंग शुरुआत की है। नेल्सन दिलीपकुमार के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने 15 अक्टूबर को रिलीज के पहले दिन भारत में 59.70 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया है। ट्रेड वेबसाइट सैकनिल्क के मुताबिक, फिल्म ने देश भर में 16,599 शो से 70.25 करोड़ रुपए का डोमेस्टिक ग्रॉस और 55 करोड़ रुपए का ओवरसीज ग्रॉस कलेक्शन किया है। इसके साथ ही फिल्म का पहले दिन का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 125.25 करोड़ रुपए पहुंच गया है। ‘जेलर 2’ सुपरस्टार रजनीकांत की साल 2023 की ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जेलर’ का सीक्वल है। ‘धुरंधर 2’ और ‘एनिमल’ को पीछे छोड़ा विदेशों में कमाई के मामले में ‘जेलर 2’ ने इस साल जनवरी में रिलीज हुई फिल्म ‘धुरंधर 2’ का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। ‘धुरंधर 2’ ने पहले दिन ओवरसीज में 52 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन किया था, जबकि ‘जेलर 2’ ने 55 करोड़ रुपए का ग्रॉस कलेक्शन कर लिया है। वहीं, 125.25 करोड़ रुपए के कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन के साथ इसने रणबीर कपूर की फिल्म ‘एनिमल’ (116 करोड़ रुपए वर्ल्डवाइड ओपनिंग) का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया है। फिल्म को पहले दिन सिनेमाघरों में करीब 37.46 लाख (3,746,734) दर्शक मिले। तमिल से मिले 43 करोड़, हिंदी में कमाए 3.50 करोड़ फिल्म के चार भाषाओं के आंकड़ों पर नजर डालें तो तमिल वर्जन का दबदबा सबसे ज्यादा रहा। तमिल में फिल्म ने 9,326 शो से 43.35 करोड़ रुपए का नेट कलेक्शन किया, जहां कुल ऑक्यूपेंसी 70.8% दर्ज की गई। तेलुगु वर्जन ने 2,792 शो से 12.50 करोड़ रुपए बटोरे। वहीं, हिंदी वर्जन से 4,371 शो में 3.50 करोड़ रुपए और कन्नड़ वर्जन से 110 शो में 35 लाख रुपए का नेट कलेक्शन हुआ। इन चारों भाषाओं को मिलाकर भारत में कुल नेट कमाई 59.70 करोड़ रुपए रही। रिटायर्ड जेलर ‘टाइगर मुथुवेल पांडियन’ की कहानी नेल्सन दिलीपकुमार के डायरेक्शन में बनी ‘जेलर 2’ में रजनीकांत एक बार फिर रिटायर्ड जेलर टाइगर मुथुवेल पांडियन के किरदार में नजर आ रहे हैं। कहानी में अंडरवर्ल्ड से नई चुनौती सामने आने के बाद उन्हें अपने परिवार और विरासत की रक्षा के लिए पुराना हिंसक रास्ता अपनाना पड़ता है। इस एक्शन थ्रिलर फिल्म में रजनीकांत के साथ मोहनलाल और विद्या बालन ने अहम भूमिकाएं निभाई हैं। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू- ‘जेलर 2’:रजनीकांत का स्वैग बरकरार; एक्शन और सेलेब्स का मेला, कमजोर कहानी और ढीली स्क्रीनप्ले ने मजा किया किरकिरा रजनीकांत स्क्रीन पर आएं और दुश्मनों की हवा टाइट न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! उनका चश्मा लगाने का अंदाज हो, चलने का स्टाइल हो या फिर विलेन को बिना ज्यादा कुछ बोले सबक सिखाने वाला स्वैग, थलाइवा के फैंस के लिए ये सब किसी ट्रीट से कम नहीं है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Prahar Movie Review | Rajkummar Rao Ujjwal Nikam Mumbai Legal Drama

11 मिनट पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक 26/11 के हमले ने मुंबई को दहला दिया था, गोलियां थमीं, लेकिन इंसाफ की जंग जारी रही। आतंक के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई अदालत में लड़ी गई। ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ इसी कानूनी संघर्ष की कहानी है, जहां हथियारों की जगह दलीलें हैं और हर सबूत की अहमियत। राजकुमार राव और ललित प्रभाकर का दमदार अभिनय फिल्म को खास बनाता है। अदालत में इंसाफ की लड़ाई के साथ यह कहानी एक वकील की निजी जिंदगी में झांकती है, जहां देश की जिम्मेदारी और परिवार के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं। अविनाश अरुण के निर्देशन में बनी 2 घंटे 20 मिनट की इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 4 स्टार रेटिंग दी है। कहानी: अदालत में मुकदमा, घर में रिश्तों का इम्तिहान फिल्म में उज्ज्वल निकम (राजकुमार राव) की कहानी दिखाई गई है, जो देश के जाने-माने सरकारी वकील हैं और 26/11 हमले के आरोपी अजमल कसाब को सजा दिलाने की कानूनी लड़ाई लड़ते हैं। कसाब (ललित प्रभाकर) के मुकदमे के साथ फिल्म उज्ज्वल की पत्नी ज्योति निकम (वामिका गब्बी) और बेटे अनिकेत के साथ उनके रिश्तों को भी दिखाती है। दूसरों को इंसाफ दिलाने की जिद में वह अपनी निजी जिंदगी को कितना वक्त दे पाते हैं, कहानी का भावनात्मक पहलू यही है। एक्टिंग: राजकुमार का ठहराव, ललित का दमदार अंदाज राजकुमार राव ने उज्ज्वल निकम के किरदार को गंभीरता और सहजता से निभाया है। उनके चेहरे के भाव और संवादों का ठहराव किरदार को विश्वसनीय बनाते हैं। वहीं, ललित प्रभाकर ने अजमल कसाब के किरदार में बेचैनी और असहजता पैदा की है। खासकर अंतिम हिस्से में उनका अभिनय ध्यान खींचता है। जयदीप अहलावत, सिकंदर खेर और आशीष विद्यार्थी अपने किरदारों को मजबूती देते हैं, जबकि वामिका गब्बी कहानी में भावनात्मक जुड़ाव लाती हैं। डायरेक्शन और सिनेमैटोग्राफी: गंभीर कहानी, कहीं धीमी रफ्तार अविनाश अरुण का निर्देशन कहानी को बेवजह के फिल्मी ड्रामे से दूर रखता है। अदालत की कार्यवाही और उज्ज्वल की निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश अच्छी है। सिनेमैटोग्राफी भी फिल्म के गंभीर माहौल के अनुकूल है। हालांकि, कुछ हिस्सों में स्क्रीनप्ले धीमा पड़ता है। चर्चित घटनाओं से परिचित दर्शकों के लिए कुछ दृश्यों में और रोमांच पैदा किया जा सकता था। म्यूजिक: ‘मेरे रहते’ छोड़ता है असर फिल्म में एक ही गाना ‘मेरे रहते’ है, जो अंत में आता है और फिल्म खत्म होने के बाद भी भावनात्मक असर छोड़ता है। बैकग्राउंड स्कोर अदालत के तनाव को बढ़ाता है और कहानी की गंभीरता के साथ चलता है। फाइनल वर्डिक्ट ‘प्रहार’ की सबसे बड़ी ताकत राजकुमार राव और ललित प्रभाकर का अभिनय है। कुछ जगह धीमी रफ्तार के बावजूद फिल्म कोर्टरूम ड्रामा और वास्तविक घटनाओं पर आधारित कहानियां पसंद करने वालों को बांधे रखती है। यह याद दिलाती है कि गोलियां थमने के बाद भी इंसाफ की लड़ाई खत्म नहीं होती। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू- ‘जेलर 2’:रजनीकांत का स्वैग बरकरार; एक्शन और सेलेब्स का मेला, कमजोर कहानी और ढीली स्क्रीनप्ले ने मजा किया किरकिरा रजनीकांत स्क्रीन पर आएं और दुश्मनों की हवा टाइट न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! उनका चश्मा लगाने का अंदाज हो, चलने का स्टाइल हो या फिर विलेन को बिना ज्यादा कुछ बोले सबक सिखाने वाला स्वैग, थलाइवा के फैंस के लिए ये सब किसी ट्रीट से कम नहीं है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Hema Malini Birthday Interesting Facts; Dream Girl Pakistani Fan

27 मिनट पहले कॉपी लिंक 16 अक्टूबर 1948 आज से 78 साल पहले तमिलनाडु के अम्मानकुड़ी में जया लक्ष्मी प्रसव के आखिरी चरण में थीं। दो बेटे पहले से थे, तो तीसरे बच्चे के जन्म से पहले ही उन्होंने पति वी.एस.आर.चक्रवर्ती से कहा- ‘देखना, बेटी ही होगी। मैं उसका नाम हेमा मालिनी रखूंगी, जो बड़ी होकर क्लासिकल डांसर बनेगी।’ कमरे में दुर्गा, सरस्वती के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए। जया लक्ष्मी की कही बात सच साबित हुई, अस्पताल में किलकारी गूंजी, बेटी हुई थी। नाम रखा गया हेमा मालिनी, जिसे आज पूरा देश ड्रीम गर्ल के नाम से भी जानता है। मां के फैसले के अनुसार, हेमा मालिनी पहले क्लासिकल डांसर बनीं और फिर हीरोइन, लेकिन यही स्टारडम वजह रहा कि उन्होंने अपने पिता को खो दिया। वजह रही एक पाकिस्तानी फैन का घर में घुसना और फिर किचन नाइफ से दहशत फैलाना। आज हेमा मालिनी के बर्थडे के खास मौके पर जानिए उनकी जिंदगी की रोचक कहानी- हेमा मालिनी ने होश संभाला ही था कि मां ने उनका दाखिला क्लासिकल डांसिंग में करवा दिया। खेल-कूद की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। स्कूल से लौटते ही हेमा कभी डांस क्लास, तो कभी सिंगिंग क्लास जातीं। कोई टीचर सिखाने में कोताही बरतता, तो मां तुरंत क्लासेस बदल देतीं। हेमा मालिनी के बचपन की तस्वीर। कुछ सालों बाद परिवार दिल्ली आकर बसा। क्लासिकल डांस की ट्रेनिंग यहां भी जारी रही। हर आम बच्चे की तरह हेमा भी दिनभर खेलना चाहती थीं, लेकिन मां ने कुछ अलग सोच रखा था। वो हेमा के बालों में तेल डालकर चोटी बनातीं, बालों में फूल लगातीं, आंखों में काजल। टिपिकल मद्रासी लड़की की तरह घाघरा चोली पहनातीं। मां उन्हें सही ढंग से कपड़े पहनना और हाव-भाव की सीख देतीं। जब इस तरह वो कभी दिल्ली की सड़कों पर निकलतीं, तो आसपास से गुजरने वाले लोग उनका मजाक उड़ाते। हेमा इससे नाराज होतीं, तो मां कहतीं- ‘वह तुम्हें साउथ इंडियन कहते हैं, तो इसमें हर्ज क्या है, तुम साउथ इंडियन ही हो।’ कुछ साल बीते ही थे कि क्लासिकल डांस ट्रेनिंग सही ढंग से न मिल पाने के डर से जया लक्ष्मी ने पति से साफ कह दिया कि वह अपना ट्रांसफर मद्रास करवा लें। परिवार मद्रास आ गया। जल्द ही हेमा स्टेज शोज करने लगीं। एक ऐसे ही स्टेज शो में 13 साल की हेमा पर तमिल डायरेक्टर सीवी श्रीधर की नजर पड़ी। उन्होंने झट से हेमा को अगली फिल्म में कास्ट कर लिया। शूटिंग शुरू हुई। हेमा बड़े उत्साह के साथ 2 दिनों तक शूटिंग के सेट पर गईं। डायरेक्टर उनके नाम से नाखुश थे। सुझाव मिला कि नाम हेमा मालिनी की जगह सुजाता रख लिया जाए। फिर तीसरे दिन उन्हें ये कहकर फिल्म से निकाल दिया गया कि तुम बहुत दुबली-पतली हो, कभी हीरोइन नहीं बन पाओगी। 13 साल की बच्ची के लिए ये रिजेक्शन काफी भावुक रहा। मां ने तब मनोबल बढ़ाते हुए कहा- ये बस एक चैलेंज है, जिसे स्वीकार करना ही पड़ेगा। हेमा फिर मंच पर लौट गईं। कुछ समय बाद 1963 की फिल्म इंदु साथियम में हेमा मालिनी को एक गाने में डांस करने का मौका मिला। इसके बाद उन्हें कई तमिल फिल्मों में छोटे रोल दिए जाने लगे। साउथ फिल्ममेकर, प्रोड्यूसर बी. अनंत स्वामी ने हेमा के लिए नए रास्ते बनाए। वो उन्हें फिल्ममेकर्स से मिलवाते और उन्हें रोल दिलवाते। बी.अनंत स्वामी हिंदी फिल्में भी प्रोड्यूस करते थे। 60 के दशक के आखिर में उन्होंने राज कपूर को लेकर फिल्म शुरू की, नाम था सपनों का सौदागर, डायरेक्टर थे महेश कौल और हीरो थे राज कपूर। अनंत स्वामी ने इस फिल्म के लिए महेश कौल को हेमा मालिनी का नाम सुझाया। वह हेमा को स्क्रीनटेस्ट दिलाने के लिए राज कपूर के स्टूडियो लेकर गए। राज कपूर ने गांव की लड़की के गेटअप में टेस्ट लेना शुरू ही किया था कि हेमा झट से बोल पड़ीं- मुझे एक्टिंग की कोई जानकारी नहीं है। टेस्ट शुरू हुआ, हेमा ने चंद लाइनें कहीं। राज कपूर ने पहले कैमरे की स्क्रीन देखी और फिर सामने खड़ीं हेमा को और फिर पास खड़े डायरेक्टर महेश कौल से कहा- ‘इस लड़की को देखिए, ये एक दिन बहुत आगे जाएगी।’ राज कपूर के कहने पर हेमा को हिंदी फिल्म सपनों के सौदागर (1968) में कास्ट किया गया। फिल्म में हेमा मालिनी ने बंजारन का किरदार निभाया। फिल्म रिलीज होने को आई। हेमा को तब कोई नहीं जानता था। तभी अनंत स्वामी ने हेमा के परिचय का एक नया आइडिया खोज निकाला। एक टैग लाइन। अखबारों में हेमा मालिनी की तस्वीरें छपवाई गईं, नीचे लिखा गया- ‘राज कपूर की ड्रीम गर्ल।’ इस टैगलाइन और प्रमोशनल स्टंट का खास फायदा नहीं मिला। फिल्म एवरेज रही, लेकिन हेमा को हर कोई ड्रीम गर्ल कहने लगा। शुरुआती फिल्म से हेमा ज्यादा सफल नहीं रहीं, लेकिन जब उन्हें कामयाबी मिली, तो हर किसी ने उन्हें ड्रीम गर्ल बुलाना शुरू कर दिया। 1977 की फिल्म ड्रीम गर्ल का टाइटल, हेमा मालिनी पर ही रखा गया था। जब हेमा हिंदी सिनेमा में आईं, तब धर्मेंद्र स्टार बन चुके थे। वो हिंदी सिनेमा के सबसे हैंडसम एक्टर माने जाते थे। 1968 में फिल्मों में आने से पहले हेमा मालिनी, ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म आसमान महल के प्रीमियर में पहुंचीं। नजर उठाई तो सामने धर्मेंद्र खड़े थे। स्वभाव से कोमल और कई चाहने वालों से घिरे हुए। हेमा ने देखा, तो देखती ही रह गईं। मन में एक आवाज आई- ‘इतना हैंडसम इंसान मैंने कभी नहीं देखा। उस दिन हेमा ने सोच लिया कि शादी करूंगी, तो ऐसे ही इंसान से करूंगी।’ एक ही इंडस्ट्री में होने के नाते दोनों का कई बार आमना-सामना हुआ। जल्द ही दोनों को फिल्म तुम हसीन मैं जवां में साथ साइन किया। साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। धर्मेंद्र-हेमा मालिनी की पहली साथ की गई फिल्म का पोस्टर। हेमा की उम्र 20 साल थी और धर्मेंद्र 34 साल के। बतौर लीड हीरोइन हेमा के करियर की यह तीसरी फिल्म थी। धर्मेंद्र 50 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके थे। तुम हसीन मैं जवां फिल्म के टाइटल सॉन्ग की झलक। 24 जुलाई 1970 को फिल्म सिनेमा हॉल में रिलीज हुई, लेकिन तब तक फिल्म
Prahar Movie Review | Rajkummar Rao Ujjwal Nikam Mumbai Legal Drama

2 घंटे पहलेलेखक: आशीष तिवारी कॉपी लिंक 26/11 के हमले ने मुंबई को दहला दिया था, गोलियां थमीं, लेकिन इंसाफ की जंग जारी रही। आतंक के खिलाफ एक बड़ी लड़ाई अदालत में लड़ी गई। ‘प्रहार: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ उज्ज्वल निकम’ इसी कानूनी संघर्ष की कहानी है, जहां हथियारों की जगह दलीलें हैं और हर सबूत की अहमियत। राजकुमार राव और ललित प्रभाकर का दमदार अभिनय फिल्म को खास बनाता है। अदालत में इंसाफ की लड़ाई के साथ यह कहानी एक वकील की निजी जिंदगी में झांकती है, जहां देश की जिम्मेदारी और परिवार के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं। अविनाश अरुण के निर्देशन में बनी 2 घंटे 20 मिनट की इस फिल्म को दैनिक भास्कर ने 4 स्टार रेटिंग दी है। कहानी: अदालत में मुकदमा, घर में रिश्तों का इम्तिहान फिल्म में उज्ज्वल निकम (राजकुमार राव) की कहानी दिखाई गई है, जो देश के जाने-माने सरकारी वकील हैं और 26/11 हमले के आरोपी अजमल कसाब को सजा दिलाने की कानूनी लड़ाई लड़ते हैं। कसाब (ललित प्रभाकर) के मुकदमे के साथ फिल्म उज्ज्वल की पत्नी ज्योति निकम (वामिका गब्बी) और बेटे अनिकेत के साथ उनके रिश्तों को भी दिखाती है। दूसरों को इंसाफ दिलाने की जिद में वह अपनी निजी जिंदगी को कितना वक्त दे पाते हैं, कहानी का भावनात्मक पहलू यही है। एक्टिंग: राजकुमार का ठहराव, ललित का दमदार अंदाज राजकुमार राव ने उज्ज्वल निकम के किरदार को गंभीरता और सहजता से निभाया है। उनके चेहरे के भाव और संवादों का ठहराव किरदार को विश्वसनीय बनाते हैं। वहीं, ललित प्रभाकर ने अजमल कसाब के किरदार में बेचैनी और असहजता पैदा की है। खासकर अंतिम हिस्से में उनका अभिनय ध्यान खींचता है। जयदीप अहलावत, सिकंदर खेर और आशीष विद्यार्थी अपने किरदारों को मजबूती देते हैं, जबकि वामिका गब्बी कहानी में भावनात्मक जुड़ाव लाती हैं। डायरेक्शन और सिनेमैटोग्राफी: गंभीर कहानी, कहीं धीमी रफ्तार अविनाश अरुण का निर्देशन कहानी को बेवजह के फिल्मी ड्रामे से दूर रखता है। अदालत की कार्यवाही और उज्ज्वल की निजी जिंदगी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश अच्छी है। सिनेमैटोग्राफी भी फिल्म के गंभीर माहौल के अनुकूल है। हालांकि, कुछ हिस्सों में स्क्रीनप्ले धीमा पड़ता है। चर्चित घटनाओं से परिचित दर्शकों के लिए कुछ दृश्यों में और रोमांच पैदा किया जा सकता था। म्यूजिक: ‘मेरे रहते’ छोड़ता है असर फिल्म में एक ही गाना ‘मेरे रहते’ है, जो अंत में आता है और फिल्म खत्म होने के बाद भी भावनात्मक असर छोड़ता है। बैकग्राउंड स्कोर अदालत के तनाव को बढ़ाता है और कहानी की गंभीरता के साथ चलता है। फाइनल वर्डिक्ट ‘प्रहार’ की सबसे बड़ी ताकत राजकुमार राव और ललित प्रभाकर का अभिनय है। कुछ जगह धीमी रफ्तार के बावजूद फिल्म कोर्टरूम ड्रामा और वास्तविक घटनाओं पर आधारित कहानियां पसंद करने वालों को बांधे रखती है। यह याद दिलाती है कि गोलियां थमने के बाद भी इंसाफ की लड़ाई खत्म नहीं होती। ये खबर भी पढ़ें मूवी रिव्यू- ‘जेलर 2’:रजनीकांत का स्वैग बरकरार; एक्शन और सेलेब्स का मेला, कमजोर कहानी और ढीली स्क्रीनप्ले ने मजा किया किरकिरा रजनीकांत स्क्रीन पर आएं और दुश्मनों की हवा टाइट न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है! उनका चश्मा लगाने का अंदाज हो, चलने का स्टाइल हो या फिर विलेन को बिना ज्यादा कुछ बोले सबक सिखाने वाला स्वैग, थलाइवा के फैंस के लिए ये सब किसी ट्रीट से कम नहीं है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Hema Malini Birthday Interesting Facts; Dream Girl Pakistani Fan

50 मिनट पहले कॉपी लिंक 16 अक्टूबर 1948 आज से 78 साल पहले तमिलनाडु के अम्मानकुड़ी में जया लक्ष्मी प्रसव के आखिरी चरण में थीं। दो बेटे पहले से थे, तो तीसरे बच्चे के जन्म से पहले ही उन्होंने पति वी.एस.आर.चक्रवर्ती से कहा- ‘देखना, बेटी ही होगी। मैं उसका नाम हेमा मालिनी रखूंगी, जो बड़ी होकर क्लासिकल डांसर बनेगी।’ कमरे में दुर्गा, सरस्वती के बड़े-बड़े पोस्टर लगाए गए। जया लक्ष्मी की कही बात सच साबित हुई, अस्पताल में किलकारी गूंजी, बेटी हुई थी। नाम रखा गया हेमा मालिनी, जिसे आज पूरा देश ड्रीम गर्ल के नाम से भी जानता है। मां के फैसले के अनुसार, हेमा मालिनी पहले क्लासिकल डांसर बनीं और फिर हीरोइन, लेकिन यही स्टारडम वजह रहा कि उन्होंने अपने पिता को खो दिया। वजह रही एक पाकिस्तानी फैन का घर में घुसना और फिर किचन नाइफ से दहशत फैलाना। आज हेमा मालिनी के बर्थडे के खास मौके पर जानिए उनकी जिंदगी की रोचक कहानी- हेमा मालिनी ने होश संभाला ही था कि मां ने उनका दाखिला क्लासिकल डांसिंग में करवा दिया। खेल-कूद की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। स्कूल से लौटते ही हेमा कभी डांस क्लास, तो कभी सिंगिंग क्लास जातीं। कोई टीचर सिखाने में कोताही बरतता, तो मां तुरंत क्लासेस बदल देतीं। हेमा मालिनी के बचपन की तस्वीर। कुछ सालों बाद परिवार दिल्ली आकर बसा। क्लासिकल डांस की ट्रेनिंग यहां भी जारी रही। हर आम बच्चे की तरह हेमा भी दिनभर खेलना चाहती थीं, लेकिन मां ने कुछ अलग सोच रखा था। वो हेमा के बालों में तेल डालकर चोटी बनातीं, बालों में फूल लगातीं, आंखों में काजल। टिपिकल मद्रासी लड़की की तरह घाघरा चोली पहनातीं। मां उन्हें सही ढंग से कपड़े पहनना और हाव-भाव की सीख देतीं। जब इस तरह वो कभी दिल्ली की सड़कों पर निकलतीं, तो आसपास से गुजरने वाले लोग उनका मजाक उड़ाते। हेमा इससे नाराज होतीं, तो मां कहतीं- ‘वह तुम्हें साउथ इंडियन कहते हैं, तो इसमें हर्ज क्या है, तुम साउथ इंडियन ही हो।’ कुछ साल बीते ही थे कि क्लासिकल डांस ट्रेनिंग सही ढंग से न मिल पाने के डर से जया लक्ष्मी ने पति से साफ कह दिया कि वह अपना ट्रांसफर मद्रास करवा लें। परिवार मद्रास आ गया। जल्द ही हेमा स्टेज शोज करने लगीं। एक ऐसे ही स्टेज शो में 13 साल की हेमा पर तमिल डायरेक्टर सीवी श्रीधर की नजर पड़ी। उन्होंने झट से हेमा को अगली फिल्म में कास्ट कर लिया। शूटिंग शुरू हुई। हेमा बड़े उत्साह के साथ 2 दिनों तक शूटिंग के सेट पर गईं। डायरेक्टर उनके नाम से नाखुश थे। सुझाव मिला कि नाम हेमा मालिनी की जगह सुजाता रख लिया जाए। फिर तीसरे दिन उन्हें ये कहकर फिल्म से निकाल दिया गया कि तुम बहुत दुबली-पतली हो, कभी हीरोइन नहीं बन पाओगी। 13 साल की बच्ची के लिए ये रिजेक्शन काफी भावुक रहा। मां ने तब मनोबल बढ़ाते हुए कहा- ये बस एक चैलेंज है, जिसे स्वीकार करना ही पड़ेगा। हेमा फिर मंच पर लौट गईं। कुछ समय बाद 1963 की फिल्म इंदु साथियम में हेमा मालिनी को एक गाने में डांस करने का मौका मिला। इसके बाद उन्हें कई तमिल फिल्मों में छोटे रोल दिए जाने लगे। साउथ फिल्ममेकर, प्रोड्यूसर बी. अनंत स्वामी ने हेमा के लिए नए रास्ते बनाए। वो उन्हें फिल्ममेकर्स से मिलवाते और उन्हें रोल दिलवाते। बी.अनंत स्वामी हिंदी फिल्में भी प्रोड्यूस करते थे। 60 के दशक के आखिर में उन्होंने राज कपूर को लेकर फिल्म शुरू की, नाम था सपनों का सौदागर, डायरेक्टर थे महेश कौल और हीरो थे राज कपूर। अनंत स्वामी ने इस फिल्म के लिए महेश कौल को हेमा मालिनी का नाम सुझाया। वह हेमा को स्क्रीनटेस्ट दिलाने के लिए राज कपूर के स्टूडियो लेकर गए। राज कपूर ने गांव की लड़की के गेटअप में टेस्ट लेना शुरू ही किया था कि हेमा झट से बोल पड़ीं- मुझे एक्टिंग की कोई जानकारी नहीं है। टेस्ट शुरू हुआ, हेमा ने चंद लाइनें कहीं। राज कपूर ने पहले कैमरे की स्क्रीन देखी और फिर सामने खड़ीं हेमा को और फिर पास खड़े डायरेक्टर महेश कौल से कहा- ‘इस लड़की को देखिए, ये एक दिन बहुत आगे जाएगी।’ राज कपूर के कहने पर हेमा को हिंदी फिल्म सपनों के सौदागर (1968) में कास्ट किया गया। फिल्म में हेमा मालिनी ने बंजारन का किरदार निभाया। फिल्म रिलीज होने को आई। हेमा को तब कोई नहीं जानता था। तभी अनंत स्वामी ने हेमा के परिचय का एक नया आइडिया खोज निकाला। एक टैग लाइन। अखबारों में हेमा मालिनी की तस्वीरें छपवाई गईं, नीचे लिखा गया- ‘राज कपूर की ड्रीम गर्ल।’ इस टैगलाइन और प्रमोशनल स्टंट का खास फायदा नहीं मिला। फिल्म एवरेज रही, लेकिन हेमा को हर कोई ड्रीम गर्ल कहने लगा। शुरुआती फिल्म से हेमा ज्यादा सफल नहीं रहीं, लेकिन जब उन्हें कामयाबी मिली, तो हर किसी ने उन्हें ड्रीम गर्ल बुलाना शुरू कर दिया। 1977 की फिल्म ड्रीम गर्ल का टाइटल, हेमा मालिनी पर ही रखा गया था। जब हेमा हिंदी सिनेमा में आईं, तब धर्मेंद्र स्टार बन चुके थे। वो हिंदी सिनेमा के सबसे हैंडसम एक्टर माने जाते थे। 1968 में फिल्मों में आने से पहले हेमा मालिनी, ख्वाजा अहमद अब्बास की फिल्म आसमान महल के प्रीमियर में पहुंचीं। नजर उठाई तो सामने धर्मेंद्र खड़े थे। स्वभाव से कोमल और कई चाहने वालों से घिरे हुए। हेमा ने देखा, तो देखती ही रह गईं। मन में एक आवाज आई- ‘इतना हैंडसम इंसान मैंने कभी नहीं देखा। उस दिन हेमा ने सोच लिया कि शादी करूंगी, तो ऐसे ही इंसान से करूंगी।’ एक ही इंडस्ट्री में होने के नाते दोनों का कई बार आमना-सामना हुआ। जल्द ही दोनों को फिल्म तुम हसीन मैं जवां में साथ साइन किया। साथ काम करते हुए दोनों एक-दूसरे को पसंद करने लगे। धर्मेंद्र-हेमा मालिनी की पहली साथ की गई फिल्म का पोस्टर। हेमा की उम्र 20 साल थी और धर्मेंद्र 34 साल के। बतौर लीड हीरोइन हेमा के करियर की यह तीसरी फिल्म थी। धर्मेंद्र 50 से ज्यादा फिल्मों में काम कर चुके थे। तुम हसीन मैं जवां फिल्म के टाइटल सॉन्ग की झलक। 24 जुलाई 1970 को फिल्म सिनेमा हॉल में रिलीज हुई, लेकिन तब तक फिल्म
Rajpal Yadav Statement on Supreme Court Case & Tihar Jail

झांसी पहुंचे बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव। बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव ने चेक बाउंस केस को लेकर कहा- सुप्रीम कोर्ट अपना है, देश अपना है और हम देश के हैं। जो भी फैसला होगा, वह सबके हित में होगा। जब तिहाड़ जेल में था, तब भी खुद पर हंसा और दूसरों को हंसाया। तनाव तो बचपन से नहीं रहा। . राजपाल यादव गुरुवार रात करीब 8 बजे झांसी के सिविल लाइंस स्थित एक नए ज्वैलरी शोरूम के उद्घाटन के लिए पहुंचे थे। उनके आने की जानकारी मिलते ही फैन्स की भीड़ जुट गई। लोगों में उनके साथ सेल्फी लेने की होड़ लगी रही। पहले 2 तस्वीरें देखिए… पुलिसकर्मी भी मोबाइल निकालकर राजपाल यादव के साथ तस्वीरें लेते नजर आए। झांसी सदर विधायक रवि शर्मा और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने राजपाल यादव को शॉल ओढ़ाकर स्वागत किया। केस पर बोले- तनाव तो बचपन से ही कम है चेक बाउंस केस को लेकर तनाव के सवाल पर राजपाल यादव ने अपने चिर-परिचित मजाकिया अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा- तनाव तो बचपन से ही कम है। तिहाड़ जेल में बिताए समय के अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि वहां मैं खुद को हंसाता था। लोगों को खूब हंसाता था। आगे कहा यह न्यायालय से जुड़ा मामला है। फिलहाल इस पर ज्यादा बोलना ठीक नहीं रहेगा। कोर्ट का जो भी फैसला आएगा, वह आप लोगों के सामने होगा। बस अपना प्यार यूं ही बनाए रखिए। झांसी से अपने जुड़ाव के बारे में राजपाल यादव ने कहा- यह शहर मेरे लिए हमेशा से खास रहा है। पिछले 26 साल से झांसी के पास ओरछा रामराजा दरबार और दतिया में पीतांबरा माई के दर्शन करने आता रहा हूं। मेरे कई मित्र और गुरुभाई झांसी से जुड़े हुए हैं। राजपाल बोले- तिहाड़ में खुद को खुश रखता था। बोले- हर दूसरे महीने फिल्मों में दिखेंगे। अपनी आगामी फिल्मों को लेकर राजपाल यादव ने बताया- दर्शक अब हर दूसरे महीने मेरी एक फिल्म देख सकेंगे। अभी करीब 12 फिल्में पाइपलाइन में हैं। ऐसे में आने वाले समय में वह लगातार बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। मीडिया से बातचीत के अंत में राजपाल यादव ने अपनी एक फिल्म के डायलॉग का जिक्र करते हुए कहा, “जो भी लाना, दो लाना।” उनके इस मजाकिया अंदाज ने वहां मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए लिया था लोन चेक बाउंस का यह मामला साल 2010 का है। राजपाल यादव ने अपनी पहली निर्देशित फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए एक प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई, जिसके बाद राजपाल यादव कर्ज की रकम समय पर नहीं लौटा पाए। रकम न चुकाने के कारण यह पूरा मामला कानूनी लड़ाई में बदल गया। राजपाल यादव यूपी में शाहजहांपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए पैसा उधार लिया था। साल 2018 में मिली थी छह महीने की सजा अप्रैल 2018 में एक मजिस्ट्रेट कोर्ट ने चेक बाउंस मामले में राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा को दोषी ठहराया था। राजपाल को छह महीने जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद साल 2019 की शुरुआत में सेशंस कोर्ट ने भी इस फैसले को सही ठहराया था। जून 2024 में हाईकोर्ट ने राजपाल यादव की सजा पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी थी। कोर्ट ने उन्हें करीब 9 करोड़ रुपए का बकाया चुकाने को कहा था। हालांकि, वे तय रकम चुकाने में नाकाम रहे। इस साल 2 फरवरी को कोर्ट ने उन्हें सरेंडर करने का आदेश दिया था। राजपाल ने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद 5 फरवरी, 2026 को तिहाड़ जेल में सरेंडर किया था। 12 दिन जेल में बिताने के बाद 17 फरवरी को उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई थी। 12 दिनों तक तिहाड़ जेल में रहने के बाद 17 फरवरी को रिहा हुए थे राजपाल। केस में उनकी पत्नी राधा यादव भी आरोपी हैं। ———————– ये खबर भी पढ़िए- मुस्कान-साहिल को सजा-ए-मौत लिख जज ने पेन फेंका: लिखा- फांसी पर तब तक लटकाओ, जब तक मौत न हो; महाभारत का श्लोक पढ़ा “दोषी (मुस्कान-साहिल) की गर्दन में फांसी लगाकर तब तक लटकाया जाए, जब तक मौत न हो जाए।” मेरठ जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा ने बुधवार शाम 4.22 बजे यह फैसला सुनाया। फैसला सुनते ही कोर्ट रूम में कुर्सी पर बैठी सौरभ की मां और भाई रोने लगे। सौरभ की मां ने हाथ जोड़ते हुए कोर्ट को शुक्रिया किया। वो साड़ी के पल्लू से अपने आंसू पोंछने लगीं। पढ़ें पूरी खबर…









