रिपोर्ट-UAE ने नेतन्याहू को हमास हमले की चेतावनी दी थी:10 दिन पहले ही जानकारी शेयर की; इजराइल PM ऑफिस ने इसे झूठ बताया

UAE के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद ने 7 अक्टूबर 2023 के हमले से 10 दिन पहले इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को हमास के बड़े हमले की योजना के बारे में चेतावनी दी थी। नेतन्याहू के कार्यालय ने इस दावे को पूरी तरह झूठ बताया है। इजराइली अखबार हारेत्ज की रिपोर्ट के मुताबिक, बिन जायद ने कहा था कि हमले से बड़ी संख्या में लोगों की जान जा सकती है, क्षेत्र अस्थिर हो सकता है। नेतन्याहू के कार्यालय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने उस वक्त बिन जायद से बात नहीं की थी और UAE राष्ट्रपति से उन्हें कोई चेतावनी नहीं मिली थी। इस दावे पर UAE के विदेश मंत्रालय ने कोई टिप्पणी नहीं की है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
IIT Mandi Bhagavad Gita Poster; Shudra Remark Controversy

Hindi News Career IIT Mandi Bhagavad Gita Poster; Shudra Remark Controversy | Laxmidhar Behera 18 मिनट पहले कॉपी लिंक IIT मंडी के कैंपस में लगे एक भगवद्गीता-थीम वाले पोस्टर ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पोस्टर में शूद्रों का काम ‘ऊंची जातियों की सेवा करना’ बताया गया था। मामला तूल पकड़ता देख संस्थान के निदेशक लक्ष्मीधर बेहरा ने जांच के आदेश दे दिए हैं। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की अपनी व्याख्या थी, संस्थान का इससे कोई लेना-देना नहीं। दिलचस्प बात यह है कि बेहरा खुद लंबे समय से भगवद्गीता पढ़ाते आए हैं और इस्कॉन (ISKCON) से भी उनका पुराना नाता है। वे IIT मंडी में गीता पर एक पूरा कोर्स पढ़ाते हैं और प्रस्तावित भक्तिवेदांत यूनिवर्सिटी के संस्थापक भी हैं, जिसे इस्कॉन की ही एक पहल बताया जाता है। निदेशक ने बताया छात्रों की गलती रविवार को पीटीआई से बात करते हुए बेहरा ने कहा- ‘कुछ छात्रों ने गीता की अपने तरीके से व्याख्या कर दी। मैंने जांच समिति बना दी है। यह एक स्टूडेंट इवेंट था।’ साथ ही उन्होंने साफ किया कि वे और उनका संस्थान, दोनों जातिगत भेदभाव के सख्त खिलाफ हैं। वायरल पोस्टर, जिसमें शूद्रों को अगड़ी जातियों का सेवक बताया गया है। कैंपस को भेजा माफीनामा जैसा ईमेल रविवार को ही बेहरा ने पूरे कैंपस को एक ईमेल भेजा, जिसका टाइटल है- कैंपस में हाल ही में लगाए गए पोस्टर की खुली निंदा।’ इसमें उन्होंने लिखा कि 4 सितंबर को जन्माष्टमी के दौरान यह पोस्टर लगा, और इसकी जानकारी मिलते ही उन्हें ‘झटका’ लगा। उन्होंने साफ किया कि संस्थान ने इसे किसी भी तरह से समर्थन नहीं दिया। ईमेल में बेहरा ने लिखा- ‘मैंने हर मंच पर निजी तौर पर जातिगत भेदभाव के हर रूप के खिलाफ लड़ाई लड़ी है। मैंने जांच समिति बना दी है, ताकि कैंपस का इस्तेमाल आगे कभी ऐसी किसी हरकत के लिए न हो। जो लोग इससे आहत हुए हैं, मैं उनकी भावनाएं समझता हूं।’ बेहरा- मैंने पोस्टर नहीं देखा उन्होंने आगे लिखा कि संस्थान संविधान में दर्ज समानता, सामाजिक न्याय और वैज्ञानिक सोच जैसे मूल्यों को बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, और कैंपस से हर तरह के भेदभाव के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने की अपील की। बेहरा के मुताबिक, यह पोस्टर एक छात्र के नेतृत्व में तैयार हुआ था। मामले की जांच के लिए अब फैकल्टी सदस्यों के साथ-साथ SC और OBC समेत अलग-अलग सामाजिक वर्गों के प्रतिनिधियों वाली एक समिति बना दी गई है। बेहरा ने बताया कि इस दौरान वे कैंपस से बाहर थे और शनिवार को ही लौटे। विवाद की जानकारी उन्हें रविवार सुबह मिली। उन्होंने कहा- ‘मैंने पोस्टर देखा तक नहीं है। मैं किसी का पक्ष नहीं लेना चाहता, फैसला समिति पर छोड़ता हूं।’ निदेशक कई बार विवादों में आ चुके हैं बेहरा की IIT मंडी प्रोफाइल के मुताबिक, वे पिछले 27 सालों से युवाओं को ‘गीता के जरिए शांति के सार्वभौमिक सिद्धांत’ सिखा रहे हैं। ‘एचजी लीला पुरुषोत्तम दास’ नाम से भी जाने जाने वाले बेहरा, प्रस्तावित भक्तिवेदांत यूनिवर्सिटी के संस्थापक हैं। उन्होंने दावा किया- ‘इस्कॉन ही अकेला संगठन है जो जाति-आधारित भेदभाव के खिलाफ सबसे सख्ती से बोलता है। वहां शूद्र समुदाय के लोग भी पुजारी हैं, मुस्लिम भी पुजारी हैं। हम हर तरह के जातिवाद के खिलाफ हैं- सारे काम गुण और कर्म से तय होते हैं, जाति से नहीं।’ उन्होंने यह भी बताया कि जब वे संस्थान में आए थे, तब OBC, SC और ST वर्गों से कोई फैकल्टी सदस्य नहीं था, अब यह संख्या काफी बढ़ चुकी है। मांस न खाने की कसम दिलवा चुके हैं बेहरा रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पढ़ाने वाले इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग प्रोफेसर बेहरा पहले भी विवादों में रह चुके हैं। 2023 में उन्होंने छात्रों से मांस न खाने की कसम दिलवाई थी, यह कहते हुए कि हिमाचल में हो रहे भूस्खलन और बादल फटने की घटनाएं जानवरों पर हो रही क्रूरता की वजह से हैं। इससे एक साल पहले, निदेशक बनने के तुरंत बाद, एक वीडियो सामने आया था जिसमें उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने मंत्र जपकर एक दोस्त के परिवार को ‘बुरी आत्माओं’ से छुटकारा दिलाया। जून में भी IIT मंडी के इंडियन नॉलेज सिस्टम एंड मेंटल हेल्थ सेंटर ने गीता, आयुर्वेद और पुनर्जन्म पर एक सम्मेलन कराया था, जिसमें बेहरा जनरल चेयर की भूमिका में थे और ‘पुनर्जन्म व मृत्यु के बाद संवाद’ नाम के एक सेशन के सह-आयोजक भी रहे। ————————- ये खबर भी पढ़ें… हॉस्टल में खराब खाने, बदहाली के खिलाफ छात्राओं का प्रदर्शन:छात्राओं ने रामधुन गाकर किया विरोध, खाने में प्लास्टिक, सिगरेट के टुकड़े मिले सूरत के सरकारी समरस गर्ल्स हॉस्टल की छात्राओं ने 1 सितंबर की रात को विरोध प्रदर्शन किया। उनका ये प्रदर्शन खाने की खराब क्वालिटी, पानी की सप्लाई और रहने की खराब व्यवस्थाओं को लेकर था। छात्राओं ने “रामधुन” गाया और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं, तब तक विरोध जारी रहेगा। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
तृषा के सपोर्ट में आईं कंगना रनोट:बोलीं- रिश्ते दोनों पक्षों के होते हैं, फिर भी चरित्र हनन के लिए महिला को निशाना बनाया जाता है

एक्टर और BJP सांसद कंगना रनोट ने तमिल एक्ट्रेस तृषा कृष्णन का समर्थन करते हुए कहा कि रिश्ते दोनों पक्षों के बीच हों, फिर भी गाली और चरित्र पर सवाल हमेशा महिला पर उठाए जाते हैं। हालांकि, कंगना ने तृषा का नाम नहीं लिया। कंगना ने यह बात तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय से जुड़ी लिंक-अप अफवाहों और तृषा पर की गई टिप्पणियों के विवाद के बीच कही। कुछ दिन पहले विजय ने महिलाओं पर डबल मीनिंग वाले कमेंट्स करने वालों को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी। कंगना ने कुल्लू में पत्रकारों से बात करते हुए कहा, “आपने तमिलनाडु में जो हुआ, वह देखा है। वहां एक बहुत सम्मानित कलाकार और एक्ट्रेस और जो भी उनके संबंध हैं, जिस तरह भी वो दोनों ही पक्ष के होते हैं। लेकिन गाली-गलौज के लिए और चरित्र हनन के लिए हमेशा महिला को ही टारगेट किया जाता है। निशाना बनाया जाता है।” महिलाओं की कैरेक्टर लिंचिंग कब रुकेगी? उन्होंने आगे कहा कि कामकाजी और सफल महिलाओं को बदनाम करने का यह तरीका सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है। कंगना के मुताबिक, दुनियाभर में कामकाजी महिलाओं, सफल महिलाओं, एक्ट्रेस, राजनेताओं और सत्ता व अधिकार वाले पदों पर बैठी महिलाओं के चरित्र को निशाना बनाकर उन्हें नीचे गिराने की कोशिश की जाती है। उदयनिधि स्टालिन के बयान से भी जुड़ा विवाद कंगना का यह बयान उस विवाद के कुछ हफ्ते बाद आया है, जिसमें उदयनिधि स्टालिन की टिप्पणियों को लेकर मामला गरमाया था। उन्होंने तंजावुर में एक राजनीतिक सभा के दौरान यह टिप्पणी की थी। दरअसल, उदयनिधि स्टालिन ने यह कथित डबल-मीनिंग टिप्पणी 3 अगस्त को तंजावुर में कावेरी जल विवाद को लेकर आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान की थी। इसी दौरान भीड़ में “तृषा, तृषा” के नारे लगे। आरोप है कि इस पर उदयनिधि ने कहा था, “पानी कहीं और पहुंचे या न पहुंचे, वहां जरूर पहुंचना चाहिए।” बाद में सफाई दी कि उनका इशारा कावेरी के पानी की ओर था। इसके बाद 4 अगस्त को उदयनिधि से पुलिस ने 8 घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें रिहा कर दिया गया। बाहर आकर उन्होंने कहा कि विजय की पुलिस ने मेरे साथ आतंकवादी जैसा सुलूक किया। मैंने किसी महिला का अपमान करने की कोशिश नहीं की। वहीं, तमिलनाडु के सीएम विजय ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा उनकी सरकार की प्राथमिकता है। महिलाओं के खिलाफ किसी भी तरह की अभद्र भाषा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विजय का यह बयान नेता प्रतिपक्ष उदयनिधि स्टालिन की एक्ट्रेस तृषा को लेकर की गई डबल मीनिंग टिप्पणी के विवाद के बीच आया है। पुलिस ने 4 अगस्त को उदयनिधि स्टालिन को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। मद्रास हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया गया था। विजय ने कहा- कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी विजय ने कहा कि विकास के लिए कानून-व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है। पुलिस का काम सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि राज्य के विकास की नींव मजबूत करना भी है। उन्होंने आगे कहा कि जो लोग कानून का पालन करते हैं, उनके लिए पुलिस दोस्त है और जो कानून नहीं मानते, उनके लिए पुलिस दुश्मन है। राजनीतिक नेताओं और अधिकारियों को पुलिस के काम में दखल नहीं देना चाहिए। विजय और तृषा ने साथ-साथ 5 फिल्में कीं 4 मई को तमिलनाडु विधानसभा के रिजल्ट आए थे। TVK ने 234 में से 108 सीटें जीती थीं। उस दिन तृषा का बर्थडे था। रिजल्ट आने से पहले वो तिरुमाला मंदिर पहुंचीं, दर्शन किए और फिर विजय के घर पहुंचीं। विजय और तृषा की केमिस्ट्री काफी चर्चा में रही है। दोनों करीब 5 फिल्मों में साथ नजर आए हैं, जिनमें से 2023 में रिलीज सुपरहिट फिल्म लियो भी शामिल है। यह वही वक्त था जब विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम तलाक के लिए कोर्ट में लड़ाई लड़ रही थीं। हालांकि, उन्होंने केस वापस ले लिया है।
Maharashtra Drug Inspector Exam Paper Leak Case

Hindi News Career Maharashtra Drug Inspector Exam Paper Leak Case | MPSC Exam Scam 13 मिनट पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र ड्रग इंस्पेक्टर, ग्रुप-B परीक्षा की टॉप-10 रैंकर ऋतुजा पाटिल की चैट सामने आई है। बता दें कि ऋतुजा की ड्रग इंस्पेक्टर में 7वीं रैंक आई थी। CBI ने ड्रग इंस्पेक्टर पेपर लीक केस से जुड़े डिजिटल सबूत ढूंढे हैं। ये वही परीक्षा थी जिसे MPSC यानी, महाराष्ट्र पब्लिक सर्विस कमीशन ने 25 अगस्त को पेपर लीक के चलते रद्द कर दिया था। 270 पेज की व्हाट्सअप चैट से खुला राज CBI के मुताबिक, ऋतुजा पाटिल की 270 पेज की चेट सामने आई है, जिसमें उसने आरोपी गौरव पाटिल से पेपर खरीदने की बात कही है। साथ ही इस चैट में ये भी सामने आया है कि ऋतुजा ने 90 सवाल मिले थे, जिसमें से उसने सिर्फ 78 सवालों के जवाब दिए ताकि शक न हो। चैट में मोबाइल पानी में फेंकने की बात भी सामने आई CBI के मुताबिक आरोपी ऋतुजा ने पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल एग्जाम के बाद ही उल्हास नदी में बहा दिया था। ये बात भी चैट में सामने आई है। ये पूरा मामला आरोपी गौरव के फोन का बैकअप और चैट हिस्ट्री रिकवर होने के बाद सामने आई है। ऋतुजा के बॉयफ्रेंड ने आयोग को पेपर लीक की जानकारी दी पेपर रद्द होने के बाद CBI ने खुलासा किया था कि गिरफ्तार किये गए आरोपियों में गौरव पाटिल भी शामिल है। ऋतुजा पाटिल का गौरव के साथ अफेयर्स था और ब्रेकअप के बाद गुस्से में उसने आयोग को पेपर लीक की जानकारी दे दी। आयोग ने गौरव की दी हुई जानकारी के आधार पर हि मुंबई पुलिस से संपर्क किया था और मामले की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपी थी। 22 मार्च को हुई थी परीक्षा बता दें कि ये परीक्षा 22 मार्च 2026 को हुई थी और जुलाई में इसका रिजल्ट जारी होने के बाद इंटरव्यू हुए थे। पेपर लीक होने की जानकारी सामने आने के बाद ये परीक्षा रद्द कर दी गई थी। MPSC की धांधलियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) में धांधलियों को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है। उम्मीदवारों महाराष्ट्र की सरकारी भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं, परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी और पारदर्शिता की कमी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। 5 सितंबर से उग्र हुए आंदोलन जांच में कथित पेपर लीक का मामला सामने आने के बाद परीक्षा रद्द किए जाने की खबरों ने उम्मीदवारों में नाराजगी बढ़ा दी। छात्रों का कहना था कि मामला सिर्फ एक परीक्षा का नहीं, बल्कि पूरी भर्ती और परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता का है। 5 सितंबर 2026 को आंदोलन ने जोर पकड़ना शुरू किया। अमरावती में MPSC उम्मीदवार सड़कों पर उतरे। हजारों छात्रों ने जिला प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस आंदोलन के तहत छात्रों ने MPSC अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन बड़े पैमाने पर किया जाएगा। MPSC परीक्षा की कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र और प्रतियोगी परीक्षा से जुड़े टीचर सक्रिय हुए। NCP(SP) विधायक रोहित पवार के पास शिक्षकों ने परीक्षा में कथित अनियमितताओं की शिकायतें रखीं। ———————– ये खबर भी पढ़ें.. यूनिफॉर्म में स्कूल का छज्जा साफ कर रहे बच्चे:कहीं रेत उठाते, तो कहीं टॉयलेट साफ करते दिखे छात्र; क्या कहता है राइट टू एजुकेशन मप्र के शहडोल जिले के गोरतरा गांव का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में स्कूल के बच्चे छत और छज्जे की सफाई करते दिख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी:सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा

सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और दूसरे बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है। दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले राजनीतिक नेता और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना कमाई में करीब 1 ₹10 करोड़) का इजाफा होगा। वोंग की मौजूदा सालाना सैलरी करीब 22 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹16 करोड़) है। बढ़ोतरी के बाद उनका सालाना पे पैकेज करीब 36 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹27 करोड़) हो जाएगा। यानी उनकी कमाई में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। यह भारत के प्रधानमंत्री मोदी की सालाना सैलरी से 135 गुना ज्यादा है। बढ़ी रकम 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे PM वोंग प्रधानमंत्री वोंग ने कहा है कि वह सैलरी में हुई इस बढ़ोतरी की रकम अगले 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे। सबसे ज्यादा कमाने वाले दुनिया के नेताओं में उनके बाद हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली हैं, जिन्हें सालाना करीब 7.19 लाख डॉलर मिलते हैं। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की सालाना कमाई करीब 6.06 लाख डॉलर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सालाना 4 लाख डॉलर, जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को करीब 2.30 लाख डॉलर मिलते हैं। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
दुनिया के सबसे ज्यादा कमाने वाले नेता की सैलरी बढ़ी:सिंगापुर के प्रधानमंत्री को हर साल ₹27 करोड़ मिलेंगे; यह PM मोदी से 135 गुना ज्यादा

सिंगापुर सरकार ने प्रधानमंत्री, मंत्रियों और दूसरे बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों की सैलरी बढ़ाने का फैसला किया है। दुनिया के सबसे ज्यादा सैलरी पाने वाले राजनीतिक नेता और सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग की सालाना कमाई में करीब ₹11 करोड़ का इजाफा होगा। वोंग की मौजूदा सालाना सैलरी करीब 22 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹16 करोड़) है। बढ़ोतरी के बाद उनका सालाना पे पैकेज करीब 36 लाख सिंगापुर डॉलर (लगभग ₹27 करोड़) हो जाएगा। यानी उनकी कमाई में 60% से ज्यादा की बढ़ोतरी होगी। यह भारत के प्रधानमंत्री मोदी की सालाना सैलरी से 135 गुना ज्यादा है। अमेरिकी राष्ट्रपति 3 करोड़ और ब्रिटेन के PM 2 करोड़ कमाते हैं प्रधानमंत्री वोंग ने कहा है कि वह सैलरी में हुई इस बढ़ोतरी की रकम अगले 5 साल तक चैरिटी में दान करेंगे। सबसे ज्यादा कमाने वाले दुनिया के नेताओं में उनके बाद हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली हैं, जिन्हें सालाना करीब 7.19 लाख डॉलर (₹6.79 करोड़) मिलते हैं। स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति गाइ पार्मेलिन की सालाना कमाई करीब 6.06 लाख डॉलर (₹5.72 करोड़) है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को सालाना 4 लाख डॉलर (₹3.77 करोड़), जबकि ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नहम को करीब 2.30 लाख डॉलर (₹2.17 करोड़) मिलते हैं। मंत्रियों की सैलरी भी बढ़ेगी फिलहाल सिंगापुर के मंत्रियों का बेस पे पैकेज करीब 11 लाख सिंगापुर डॉलर (₹8.20 करोड़) है। नए वेतन सिस्टम के तहत यह बढ़कर करीब 12 लाख (₹8.95 करोड़) सिंगापुर डॉलर हो जाएगा। वोंग के मुताबिक, मौजूदा सरकार का कार्यकाल खत्म होने तक ज्यादातर मंत्रियों की कमाई करीब 13.5 लाख सिंगापुर डॉलर (₹10 करोड़) तक पहुंच सकती है। उनकी सैलरी का कुछ हिस्सा उनके प्रदर्शन के आधार पर बढ़ेगा। मंत्रियों की कमाई का एक हिस्सा देश के बेरोजगारी, लोगों की आय और GDP ग्रोथ जैसे लक्ष्यों को हासिल करने से जुड़ा है। सरकार का तर्क- ज्यादा सैलरी से भ्रष्टाचार कम होगा सिंगापुर सरकार लंबे समय से मंत्रियों को ज्यादा सैलरी देने का बचाव करती रही है। सरकार का कहना है कि ऊंची सैलरी से मंत्रियों के रिश्वत लेने या भ्रष्टाचार करने का लालच कम होता है। सिंगापुर दुनिया के कम भ्रष्ट देशों में शामिल है। ट्रांसपेरेंसी इंटरनेशनल के करप्शन परसेप्शन इंडेक्स में भी वह लगातार ऊंची रैंकिंग पर रहता है। सरकार इसे अपनी वेतन व्यवस्था के सही होने के सबूत के तौर पर पेश करती है। आम लोगों में नाराजगी, नौकरी और महंगाई को लेकर चिंता सिंगापुर में मंत्रियों की इतनी ज्यादा सैलरी लंबे समय से विवाद का मुद्दा रही है। आम लोगों की कमाई इसके मुकाबले काफी कम है। देश में अवरेज सालाना इनकम 5775 सिंगापुर डॉलर यानी करीब 4 लाख 30 हजार रुपए है। इस बार भी सैलरी बढ़ाने के फैसले की आलोचना हुई। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर इसे लोगों की मौजूदा परेशानियों को नजरअंदाज करने वाला फैसला बताया। लोगों की चिंता नौकरी जाने, नए ग्रेजुएट्स को नौकरी मिलने और बढ़ती महंगाई को लेकर है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, सिंगापुर में पिछली तिमाही में नौकरी जाने यानी रिट्रेंचमेंट का आंकड़ा 5 साल से ज्यादा समय में सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। हालांकि, कुछ लोगों ने सरकार के फैसले का समर्थन भी किया। उनका कहना था कि देश चलाने के लिए ‘सबसे अच्छे लोगों’ को जिम्मेदारी देना जरूरी है। खबर लगातार अपडेट हो रही है…
एक्टर राजेश शर्मा ने बताई तबीयत बिगड़ने की वजह:फिल्म के सेट पर कीड़े ने नहीं काटा था, इंफेक्शन-हाई ब्लड शुगर से सीरियस हुए थे

एक्टर राजेश शर्मा ने अस्पताल में भर्ती होने की वजह को लेकर चल रही अफवाहों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर उन्हें किसी कीड़े ने नहीं काटा था। उनकी तबीयत दाएं पैर के इंफेक्शन और हाई ब्लड शुगर की वजह से बिगड़ी। राजेश शर्मा ने NDTV के साथ बातचीत में कहा कि उनकी मेडिकल इमरजेंसी के लिए न तो प्रभास जिम्मेदार हैं और न ही फिल्म की टीम। उन्होंने बताया कि हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ था। तबीयत कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद ज्यादा बिगड़ी। उन्होंने कहा कि इलाज पूरा हो चुका है और अब रिकवरी चल रही है। राजेश के मुताबिक, वह एक हफ्ते में फिर से काम शुरू कर सकते हैं। एक्टर ने बताया कि उनके दाएं पैर की स्किन पर काफी समय से परेशानी थी। इसी वजह से पैर में इंफेक्शन हो गया। इस दौरान उनका डायबिटीज लेवल भी बहुत बढ़ गया, जिससे हालत सीरियस हो गई थी। पैर की स्किन पर लंबे समय से परेशानी थी राजेश शर्मा ने कहा, “यह झूठी खबर है। प्रभास की फिल्म के सेट पर कुछ नहीं हुआ। प्रभास और यूनिट किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं हैं। वे अच्छे लोग हैं। हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ।” उन्होंने कहा, “हैदराबाद से कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद हालत गंभीर हो गई। मेरी डायबिटीज बहुत बढ़ गई थी और शुरुआत में मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।” इंफेक्शन की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, “मेरे दाएं पैर की त्वचा पर लंबे समय से परेशानी थी। वहीं से इंफेक्शन हो गया।” राजेश शर्मा ने कहा, “मेरा इलाज पूरा हो गया है। रिकवरी चल रही है। उम्मीद है कि मैं एक हफ्ते में काम शुरू कर दूंगा।” कीड़े के काटने की खबर कैसे फैली राजेश शर्मा की तबीयत को लेकर अटकलें तब शुरू हुईं, जब उनकी दोस्त सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें दावा किया गया था कि प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान रामोजी फिल्म सिटी में राजेश को किसी कीड़े ने काट लिया था। बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई। राजेश शर्मा ने कहा कि सुदीपा ने चिंता की वजह से पोस्ट की थी, लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा, “वह अच्छी दोस्त हैं। चिंता की वजह से उन्होंने पोस्ट की। लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी।” सुदीपा के अब डिलीट हो चुके इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, “एक्टर राजेश शर्मा को कथित तौर पर रामोजी फिल्म सिटी में मशहूर एक्टर प्रभास के साथ फिल्म की शूटिंग के दौरान किसी कीड़े ने काट लिया। यह कीड़ा कोई बग या जहरीली मकड़ी हो सकती है। पैक-अप के बाद राजेश घने पेड़-पौधों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों से बात कर रहे थे, तभी उन्हें कीड़े के काटने का अहसास हुआ। उस समय यह गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत इलाज नहीं कराया।” पोस्ट में आगे दावा किया गया था, “हालत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने कोलकाता की फ्लाइट ली। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आया, बेचैनी बढ़ती गई और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अगले दिन उन्हें पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा समय बीत चुका था, लेकिन उन्हें तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी और दाएं पैर में बढ़ता हुआ इंफेक्शन था।” राजेश शर्मा को पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनकी हालत गंभीर बताई गई थी और उन्हें निगरानी में रखा गया था। उनके परिवार ने भी तबीयत को लेकर अपडेट जारी किया था। परिवार के मुताबिक, राजेश को तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी के साथ दाएं पैर में तेजी से फैलता इंफेक्शन था। कहा गया था कि इंफेक्शन पैर की उंगलियों से घुटने की ओर बढ़ गया था और प्रभावित हिस्से पर बड़े छाले हो गए थे। फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई थी साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, राजेश शर्मा की हेल्थ को लेकर ‘फौजी’ की टीम ने कहा था कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम ने कहा था कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ की थी वहीं, राजेश शर्मा की सेहत को लेकर यह खबर सामने आई कि उन्हें कीड़े ने काट लिया है। तब इस पर एक्टर अक्षय कुमार ने चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।
एक्टर राजेश शर्मा ने बताई तबीयत बिगड़ने की वजह:फिल्म के सेट पर कीड़े ने नहीं काटा था, इंफेक्शन-हाई ब्लड शुगर से सीरियस हुए थे

एक्टर राजेश शर्मा ने अस्पताल में भर्ती होने की वजह को लेकर चल रही अफवाहों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा कि प्रभास की फिल्म ‘फौजी’ के सेट पर उन्हें किसी कीड़े ने नहीं काटा था। उनकी तबीयत दाएं पैर के इंफेक्शन और हाई ब्लड शुगर की वजह से बिगड़ी। राजेश शर्मा ने NDTV के साथ बातचीत में कहा कि उनकी मेडिकल इमरजेंसी के लिए न तो प्रभास जिम्मेदार हैं और न ही फिल्म की टीम। उन्होंने बताया कि हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ था। तबीयत कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद ज्यादा बिगड़ी। उन्होंने कहा कि इलाज पूरा हो चुका है और अब रिकवरी चल रही है। राजेश के मुताबिक, वह एक हफ्ते में फिर से काम शुरू कर सकते हैं। एक्टर ने बताया कि उनके दाएं पैर की स्किन पर काफी समय से परेशानी थी। इसी वजह से पैर में इंफेक्शन हो गया। इस दौरान उनका डायबिटीज लेवल भी बहुत बढ़ गया, जिससे हालत सीरियस हो गई थी। पैर की स्किन पर लंबे समय से परेशानी थी राजेश शर्मा ने कहा, “यह झूठी खबर है। प्रभास की फिल्म के सेट पर कुछ नहीं हुआ। प्रभास और यूनिट किसी भी तरह जिम्मेदार नहीं हैं। वे अच्छे लोग हैं। हैदराबाद में शूटिंग के दौरान कुछ नहीं हुआ।” उन्होंने कहा, “हैदराबाद से कोलकाता लौटने के एक-दो दिन बाद हालत गंभीर हो गई। मेरी डायबिटीज बहुत बढ़ गई थी और शुरुआत में मैंने इसे गंभीरता से नहीं लिया।” इंफेक्शन की वजह बताते हुए उन्होंने कहा, “मेरे दाएं पैर की त्वचा पर लंबे समय से परेशानी थी। वहीं से इंफेक्शन हो गया।” राजेश शर्मा ने कहा, “मेरा इलाज पूरा हो गया है। रिकवरी चल रही है। उम्मीद है कि मैं एक हफ्ते में काम शुरू कर दूंगा।” कीड़े के काटने की खबर कैसे फैली राजेश शर्मा की तबीयत को लेकर अटकलें तब शुरू हुईं, जब उनकी दोस्त सुदीपा चटर्जी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की थी। इसमें दावा किया गया था कि प्रभास की फिल्म की शूटिंग के दौरान रामोजी फिल्म सिटी में राजेश को किसी कीड़े ने काट लिया था। बाद में यह पोस्ट डिलीट कर दी गई। राजेश शर्मा ने कहा कि सुदीपा ने चिंता की वजह से पोस्ट की थी, लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी। उन्होंने कहा, “वह अच्छी दोस्त हैं। चिंता की वजह से उन्होंने पोस्ट की। लेकिन उन्हें गलत जानकारी दी गई थी।” सुदीपा के अब डिलीट हो चुके इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा था, “एक्टर राजेश शर्मा को कथित तौर पर रामोजी फिल्म सिटी में मशहूर एक्टर प्रभास के साथ फिल्म की शूटिंग के दौरान किसी कीड़े ने काट लिया। यह कीड़ा कोई बग या जहरीली मकड़ी हो सकती है। पैक-अप के बाद राजेश घने पेड़-पौधों वाले इलाके में स्थानीय तकनीशियनों से बात कर रहे थे, तभी उन्हें कीड़े के काटने का अहसास हुआ। उस समय यह गंभीर नहीं लगा, इसलिए उन्होंने तुरंत इलाज नहीं कराया।” पोस्ट में आगे दावा किया गया था, “हालत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने कोलकाता की फ्लाइट ली। सफर के दौरान उन्हें तेज बुखार आया, बेचैनी बढ़ती गई और तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अगले दिन उन्हें पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित मणिपाल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में भर्ती हुए एक दिन से ज्यादा समय बीत चुका था, लेकिन उन्हें तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी और दाएं पैर में बढ़ता हुआ इंफेक्शन था।” राजेश शर्मा को पश्चिम बंगाल के धाकुरिया स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उस समय उनकी हालत गंभीर बताई गई थी और उन्हें निगरानी में रखा गया था। उनके परिवार ने भी तबीयत को लेकर अपडेट जारी किया था। परिवार के मुताबिक, राजेश को तेज बुखार और सांस लेने में परेशानी के साथ दाएं पैर में तेजी से फैलता इंफेक्शन था। कहा गया था कि इंफेक्शन पैर की उंगलियों से घुटने की ओर बढ़ गया था और प्रभावित हिस्से पर बड़े छाले हो गए थे। फिल्म ‘फौजी’ की टीम ने खबरों पर दी सफाई थी साउथ फिल्मों से जुड़े पोर्टल गुलटी के अनुसार, राजेश शर्मा की हेल्थ को लेकर ‘फौजी’ की टीम ने कहा था कि उन्हें सेट पर ऐसी किसी घटना की जानकारी नहीं है। टीम ने कहा था कि राजेश शर्मा इन खबरों के सामने आने से करीब एक सप्ताह पहले अपना शूट पूरा कर घर लौट चुके थे। उस दौरान प्रोडक्शन टीम को किसी मेडिकल इमरजेंसी की औपचारिक जानकारी नहीं मिली थी। अक्षय ने की जल्द ठीक होने की दुआ की थी वहीं, राजेश शर्मा की सेहत को लेकर यह खबर सामने आई कि उन्हें कीड़े ने काट लिया है। तब इस पर एक्टर अक्षय कुमार ने चिंता जताई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘मेरे प्रिय दोस्त राजेश की तबीयत के बारे में सुनकर बहुत चिंता हुई। शूटिंग के दौरान उन्हें किसी कीड़े ने काट लिया था। भगवान महादेव उन्हें जल्द और पूरी तरह स्वस्थ करें। यार, जल्दी ठीक हो जाओ। अभी साथ बैठकर बहुत हंसना-बोलना बाकी है।’ बता दें कि राजेश शर्मा ने करियर की शुरुआत थिएटर से की और 1996 में फिल्म ‘माचिस’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। इसके बाद उन्होंने ‘परिणीता’, ‘खोसला का घोसला’, ‘इश्किया’, ‘स्पेशल 26’, ‘बजरंगी भाईजान’, ‘एम.एस. धोनी: द अनटोल्ड स्टोरी’, ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’ और ‘तनु वेड्स मनु रिटर्न्स’ जैसी कई चर्चित फिल्मों में दमदार अभिनय किया।
Pakistan Terrorist Vs India; Hafiz Talha Saeed Jihadist Speech Explained

‘भूल गए दिल्ली किसकी थी। हिंद में 500 साल मुसलमान हुक्मरान रहे।’ . ये बयान है आतंकी हाफिज सईद के बेटे तल्हा सईद का। उसने पाकिस्तान के शेखपुरा में सरेआम भारत के खिलाफ जिहाद जारी रखने की बात कही। इसी भाषण में उसने पाकिस्तानी आर्मी चीफ आसिम मुनीर को ‘ईमान और तकवा’ वाला जनरल बताया। आखिर कौन है तल्हा सईद, आसिम मुनीर की इतनी तारीफ क्यों कर रहा और इस वक्त ऐसे बड़बोलेपन के पीछे की पूरी कहानी, आज के एक्सप्लेनर में… सवाल-1: तल्हा सईद ने ऐसा क्या बोला, जो सुर्खियों में है? जवाबः सोशल मीडिया पर तल्हा सईद का 2 मिनट 5 सेकेंड का एक वीडियो वायरल है। उसमें कही 3 बातें चर्चा में हैं… दिल्ली में 500 साल मुसलमानों का राजः तल्हा ने कहा, ‘जिस हिंद में मुसलमान 500 साल हुक्मरान रहे। आज वहां किस बुनियाद पर दिल्ली में बैठकर पाकिस्तान के दुश्मन बात करते हैं? क्या वो तारीख भूल गए कि दिल्ली किसका था? ये सारे हिंद के इलाके किसके थे?’ जिहाद करते रहेंगेः तल्हा ने कहा, ‘जब तक हम जिंदा हैं, जब तक दम और खम है। हम ये जिहाद करते रहेंगे। हम ये कुर्बानियां पेश करते रहेंगे।’ आसिम मुनीर की तारीफः तल्हा ने कहा, ‘मैं अल्लाह का शुक्र भी अदा करता हूं कि पाकिस्तान को ऐसा आर्मी चीफ दिया। ऐसा फील्ड मार्शल दिया, जो कुरान के हाफिज हैं और जिहाद को फिर से सजाया। वो जब भी मीटिंग करते हैं, लफ्जो की आग ‘ईमान, तकवा, जिहाद फी सबीलिल्लाह’ (ईमान, धर्मपरायणता और अल्लाह के रास्ते में जिहाद) की याद दिलाते हैं।’ तल्हा सईद पाकिस्तान में सभाएं करके लोगों को लश्कर-ए-तैयबा के मकसद से जोड़ता है। तल्हा की ये तस्वीर भड़काऊ भाषण के वायरल वीडियो से ली गई है। इससे पहले सिंधु जल संधि पर रोक लगाने की वजह से पीएम मोदी को धमकी देते हुए तल्हा ने कहा था, ‘अगर तू पानी बंद करेगा, तो हम तेरी सांस बंद कर देंगे।’ सवाल-2: तल्हा सईद है कौन? जवाबः 26/11 मुंबई आंतकी हमले के मास्टरमाइंड हाफिज सईद का बेटा है तल्हा सईद। फिलहाल लाहौर में रहता है। हाफिज के बाद उसे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की कमान मिल सकती है। फिलहाल वो नंबर-2 माना जाता है। 12 साल की उम्र में लश्कर से जुड़ाः तल्हा की पैदाइश 25 अक्टूबर, 1975 की है। 1987 में लश्कर-ए-तैयबा की शुरुआत के साथ आतंकी अब्दुर रहमान मक्की की देखरेख में तल्हा की ट्रेनिंग शुरू हो गई। 2000 के दशक में हाफिज सईद खुद को समाजसेवा और राजनीतिक नरैटिव बनाने लगे, तब लश्कर में तल्हा की जिम्मेदारी बढ़ी। मुंबई आतंकी हमले में भी नामः 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद, हाफिज सईद ने पाकिस्तान की आवाम के सामने दिखाया कि हमले की साजिश उसकी नहीं थी। तब तल्हा ने ही मीडिया में लश्कर का पूरा प्रोपेगैंडा कैंपेन चलाया था। वह सोशल मीडिया का भी एक्सपर्ट है। तल्हा सईद अप्रैल 2026 में पाक पीएम शहबाज शरीफ के राजनीतिक सलाहकार राणा सनाउल्लाह से मिला था। भारत-अमेरिका में आतंकी घोषितः भारतीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, PoK से भारत के खिलाफ आतंकी साजिशें करना, आतंकियों की भर्ती, फंड जमा करना, हमलों की प्लानिंग, भारत और अफगानिस्तान में आतंकी गतिविधियां, यह सब तल्हा संभालता है। भारत सरकार ने 2022 में उसे आतंकी घोषित किया था। अमेरिका ने भी उसे टेररिस्ट घोषित किया है। हालांकि चीन के वीटो की वजह से UN में ग्लोबल टेररिस्ट घोषित नहीं हो सका। पाकिस्तान की घरेलू राजनीति में भी सक्रियः 2019 में हाफिज सईद के कैद में जाने के बाद तल्हा लाइमलाइट में आया। इसी साल बम ब्लास्ट उसकी जान बची। 2024 में पाकिस्तान चुनाव के दौरान हाफिज सईद ने ‘पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग’ (PMML) बनाई थी। तब तल्हा लाहौर की NA-127 सीट से उतरा लेकिन पाकिस्तान मुस्लिग लीग- नावज (PML-N) के कैंडिडेट से हार गया। चुनाव में तल्हा को सिर्फ 2024 वोट मिले थे। चुनाव जीतने वाले लतीख खोसा को 1 लाख से ज्यादा वोट मिले थे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पढ़े-लिखे लड़ाकों की भर्ती शुरू की: रिपोर्ट्स के मुताबिक, तल्हा ने लश्कर में पढ़े-लिखे और कम उम्र के लड़ाकों की भर्ती का हुक्म दिया है। वो पाकिस्तान के मस्जिदों, मदरसों, सभाओं और सोशल मीडिया के जरिए जिहादी प्रोपेगैंडा फैलाता है। ऑनलाइन क्लासेस लेता है और आतंक के साथ-साथ राजनीति के लिए भी लड़के तैयार करता है। जून 2026 में तल्हा PoK के प्रधानमंत्री सरदार अतीक अहमद खान से भी मिला था। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस दौरान कश्मीर के मुद्दे पर ही बात हुई थी। सवाल-3: आसिम मुनीर की इतनी तारीफ क्यों कर रहा है तल्हा सईद? जवाबः इसकी 3 बड़ी वजहें हैं… मुनीर की ‘मौलाना जनरल’ वाली इमेज आसिम मुनीर की तालीम किसी मौलाना की तरह हुई है। 7वीं तक मदरसे में पढ़े और कुरान याद की। आर्मी जॉइन करने के बाद भी कुरान दोहराई। भाषणों में वे बार-बार कुरान की आयतों का जिक्र करते हैं। पहलगाम हमले से पहले 16 अप्रैल 2025 को दिए भाषण में उन्होंने मजहबी तौर पर भारत-पाकिस्तान की तुलना की थी, ‘हम हिंदुओं से हर मायने में अलग हैं, चाहे वह मजहब हो या मकसद हो।’ पाकिस्तान में भारत के राजदूत रहे अजय बिसारिया के मुताबिक, ‘मुनीर की लीडरशिप में पाक आर्मी सिर्फ सीमाओं की नहीं, मजहबी सोच की भी हिफाजत कर रही है। वे धार्मिक राष्ट्रवाद को दोहराते हैं। उन्हें मौलानाओं का सपोर्ट है।’ भारत विरोधी और कश्मीर पर कट्टर रुख जब 2019 का पुलवामा आतंकी हमला हुआ, आसिम मुनीर पाकिस्तानी इंटेलिजेंस एजेंसी ISI के चीफ थे। अप्रैल 2025 के भाषण में भी मुनीर ने कहा था, ‘कश्मीर हमारी जुगुलर वेन यानी गले की नस था, है और रहेगा।’ इसके 6 दिन बाद ही पहलगाम हमला हुआ। मुनीर कश्मीर की आजादी, जंग और भारत को मुंह तोड़ जवाब देने की बात कहते हैं। भारत के साथ सुलह करने के सवाल पर मुनीर कहते हैं, ‘जब भारत पाकिस्तान के कॉन्सेप्ट को ही नहीं मानता, तो हम उनके साथ सुलह कैसे कर सकते हैं।’ 2025 में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के हमलों में 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए थे। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर मसूद इल्यास कश्मिरी ने सितंबर 2025 में बताया था कि आसिम मुनीर ने पाक आर्मी के जनरलों से कहा था
Madhya Pradesh, J&K, Uttarakhand Stipend Protest

Hindi News Career Medical Interns Strike: Madhya Pradesh, J&K, Uttarakhand Stipend Protest 14 मिनट पहले कॉपी लिंक मध्य प्रदेश में MBBS इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर भोपाल में आज भी प्रदर्शन जारी है। इससे पहले 7 सितंबर को बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टर हमीदिया अस्पताल से मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने निकले। पुलिस ने अस्पताल के बाहर बैरिकेडिंग कर उन्हें रोकने की कोशिश की। प्रदर्शन करने वाले छात्र बैरिकेड पार करके आगे बढ़ने लगे। उन्होंने सड़क पर धरना दिया। इससे VIP रोड और आसपास के इलाकों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया। स्थिति नियंत्रित करने और डॉक्टरों को CM हाउस की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इस मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वाटर कैनन मामले में जांच के निर्देश दिए हैं। भोपाल के अलावा इंदौर, रतलाम समेत कई सरकारी अस्पतालों में भी इंटर्न और जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं। डॉक्टर मौजूदा 14,337 रुपए स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने कही आंदोलन जारी रखने की बात स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल की अध्यक्षता में डॉक्टर्स के प्रतिनिधियों से बैठक हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री के लौटने पर स्टाइपेंड पर फिर चर्चा की बात कही। इंटर्न डॉक्टर्स ने कहा- स्टाइपेंड बढ़ाने का लिखित आदेश और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। इंदौर में डॉक्टरों के समर्थन में रैली का आयोजन इंदौर के एमवाय अस्पताल परिसर में इंटर्न डॉक्टरों ने विरोध जताने के लिए रैली निकाली। भोपाल में प्रदर्शन के दौरान इंटर्न डॉक्टरों पर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में डॉक्टरों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। रैली में इंटर्न और रेजिडेंट डॉक्टर शामिल हुए। जम्मू कश्मीर में 48 घंटे की भूख हड़ताल पर इंटर्न जम्मू-कश्मीर में MBBS और BDS इंटर्न 31 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं। जम्मू-कश्मीर के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों और दो डेंटल कॉलेजों के मेडिकल इंटर्न ने बढ़े हुए स्टाइपेंड की मांग को लेकर 7 सितंबर से 48 घंटे की भूख हड़ताल शुरू की है। प्रदर्शनकारी इंटर्न का कहना है कि उनका आंदोलन तब तक खत्म नहीं होगा, जब तक स्टाइपेंड को लेकर सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया जाता। उनका दावा है कि इस मुद्दे पर वे सरकार को काफी समय दे चुके हैं। इस संबंध में छात्रों द्वारा 2023 में भी सिफारिश की गई थी। फिलहाल मेडिकल इंटर्न की नजर सरकार की ओर से आधिकारिक आदेश जारी होने पर है। इंटर्न का कहना है कि केवल बातचीत अब पर्याप्त नहीं हैं। उत्तराखंड में करीब 600 इंटर्न भूख हड़ताल पर उत्तराखंड में मेडिकल इंटर्न अपना स्टाइपेंड 17,000 से बढ़ाकर 30,000 किए जाने की मांग कर रहे हैं। इस आंदोलन में करीब 600 MBBS इंटर्न आंदोलन में शामिल हैं। इंटर्न ने OPD और वार्ड ड्यूटी का बहिष्कार किया है। हालांकि इमरजेंसी ड्यूटी वाले इंटर्न मरीजों का इलाज कर रहे हैं। इस आंदोलन का नेतृत्व वॉइस ऑफ इंटर्नस – उत्तराखंड के बैनर तले हो रहा है। पीजी रेजिडेंट डॉक्टर काली पट्टी बांधकर कर रहे विरोध इंटर्न डॉक्टरों का दावा है कि कई दूसरे राज्यों में MBBS इंटर्न को उत्तराखंड से अधिक स्टाइपेंड मिलता है। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि स्टाइपेंड संशोधन का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेजों से रिपोर्ट भी मांगी गई है। इस हड़ताल में गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी, वीसीएसजी मेडिकल कॉलेज/इंस्टीट्यूट, श्रीनगर, गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज, देहरादून और सोबन सिंह जीना मेडिकल साइंसेज संस्थान, अल्मोड़ा के स्टूडेंट्स शामिल हैं। इसके अलावा उत्तराखंड के करीब 600 पीजी रेजिडेंट डॉक्टर भी स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर काली पट्टी बांधकर विरोध कर रहे हैं। मेडिकल इंटर्न के स्टाइपेंड को लेकर भारत का कानून भारत में MBBS मेडिकल इंटर्न को स्टाइपेंड देना सिर्फ कॉलेज की मर्जी पर डिपेंड नहीं करता है। NMC के कंप्लसरी रोटेटिंग मेडिकल इंटर्नशिप रेग्यूलेशन्स 2021 में स्टाइपेंड का प्रावधान है। इसके अलावा सभी मेडिकल इंटर्न को स्टाइपेंड देने का नियम भी तय है। इसके तहत CRMI रेग्यूलेशन्स 2021 के शेड्यूल-IV, क्लॉज 3(a) के अनुसार सभी इंटर्न को संबंधित संस्थान, यूनिवर्सिटी या राज्य की सक्षम प्राधिकरण द्वारा तय स्टाइपेंड दिया जाना जरूरी है। ———————————————————————— ये खबर भी पढ़ें RRB NTPC ने 5165 पदों पर निकाली भर्ती:12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट्स को मौका, एज लिमिट 33 साल रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने NTPC में 5165 पदों पर भर्ती निकाली है। उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट rrbapply.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







